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  • 31 दिसंबर को पुत्रदा एकादशी का विशेष व्रत; अर्धरात्रि के बाद द्वादशी का आगमन, वृषभ राशि में चंद्रमा देंगे शुभ फल

    31 दिसंबर को पुत्रदा एकादशी का विशेष व्रत; अर्धरात्रि के बाद द्वादशी का आगमन, वृषभ राशि में चंद्रमा देंगे शुभ फल


    नई दिल्ली/काशी: वर्ष 2025 का समापन एक अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक संयोग के साथ हो रहा है। आज, बुधवार 31 दिसंबर 2025 को पौष मास के शुक्ल पक्ष की पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जा रहा है। हिंदू धर्म में इस एकादशी का विशेष महत्व है, क्योंकि इसे संतान प्राप्ति, संतान की उन्नति और पारिवारिक सुख-समृद्धि के लिए अमोघ माना जाता है। वैष्णव परंपरा के अनुयायी आज पूरी निष्ठा के साथ भगवान विष्णु की आराधना कर रहे हैं।

    तिथि और नक्षत्रों की अनूठी गणना

    पंचांग के अनुसार, इस वर्ष की अंतिम एकादशी कई मायनों में खास है। आज एकादशी तिथि का क्षय हो रहा है, जिसके परिणामस्वरूप अर्धरात्रि के बाद द्वादशी तिथि का आरंभ हो जाएगा। ज्योतिषविदों के अनुसार, तिथि का यह परिवर्तन आध्यात्मिक ऊर्जा में वृद्धि करने वाला होता है।तिथि विवरण: एकादशी तिथि आज दिन भर व्याप्त रहेगी। रात 1 बजकर 48 मिनट पर द्वादशी तिथि का आगमन होगा, जो अगले दिन तक प्रभावी रहेगी।नक्षत्र और योग: आज रात 1 बजकर 30 मिनट तक कृतिका नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद चंद्रमा के प्रिय रोहिणी नक्षत्र का आरंभ होगा। वहीं, योग की बात करें तो रात 9 बजकर 13 मिनट तक साध्य योग रहेगा, जो शुभ कार्यों की सिद्धि के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। इसके उपरांत शुभ योग प्रारंभ होगा।

    चंद्रमा का गोचर: वृषभ राशि में उच्च के होंगे चंद्र

    आज ज्योतिषीय दृष्टि से एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। सुबह 9 बजकर 23 मिनट तक चंद्रमा मेष राशि में रहेंगे, लेकिन इसके तुरंत बाद वे अपनी उच्च राशि वृषभ में प्रवेश कर जाएंगे। चंद्रमा का अपनी उच्च राशि में होना मन की एकाग्रता, मानसिक शांति और भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि का कारक बनता है। व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह स्थिति संकल्प शक्ति को मजबूत करने वाली होगी।

    आज के शुभ और अशुभ मुहूर्त Time Table

    किसी भी धार्मिक अनुष्ठान या नए कार्य की शुरुआत के लिए सही समय का चयन करना अनिवार्य है।
    शुभ मुहूर्त Auspicious Timings:ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:24 से 6:19 तक ईश्वर चिंतन के लिए सर्वश्रेष्ठ
    विजय मुहूर्त: दोपहर 2:08 से 2:49 तक किसी भी कार्य में सफलता हेतु निशिथ काल: रात 11:57 से 12:52 तक तांत्रिक पूजा और विशेष जप हेतु  गोधूलि बेला: शाम 5:32 से 6:00 तक आरती और दीपदान हेतु  अशुभ मुहूर्त Inauspicious Timings: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल जैसे समय में महत्वपूर्ण निर्णय लेने या नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए:राहुकाल: दोपहर 12:00 से 1:30 तक  गुलिक काल: सुबह 10:30 से 12:00 तक  यमगंड: सुबह 7:30 से 9:00 तक

    पुत्रदा एकादशी का महत्व और उपाय

    पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत विशेष रूप से उन दंपत्तियों के लिए फलदायी माना गया है जो संतान सुख की कामना रखते हैं। भगवान विष्णु के ‘नारायण’ स्वरूप की पूजा आज के दिन की जाती है।विशेष उपाय: आज बुधवार का दिन है इसलिए भगवान विष्णु के साथ-साथ भगवान गणेश की पूजा का भी विधान है। आज ‘श्री गणेश अथर्वशीर्ष’ का पाठ करना अत्यंत लाभकारी रहेगा। यह उपाय न केवल विघ्नों को दूर करता है बल्कि साल के अंतिम दिन भविष्य के लिए मानसिक स्पष्टता और कार्यों में सफलता सुनिश्चित करता है।सावधानी: पंचांग की गणना स्थान के अनुसार कुछ मिनटों के अंतर पर आधारित हो सकती है।अतः किसी भी बड़े अनुष्ठान से पूर्व अपने स्थानीय पंडित या पंचांग का परामर्श अवश्य लें।
  • भोपाल में हादसा बाइक सवार युवक की अज्ञात वाहन से टक्कर में मौत, पुलिस जांच में जुटी

    भोपाल में हादसा बाइक सवार युवक की अज्ञात वाहन से टक्कर में मौत, पुलिस जांच में जुटी


    भोपाल। बैरसिया थाना इलाके में मंगलवार देर रात एक भयानक सड़क हादसे में 21 वर्षीय सुन्दर सिंह की मौत हो गई। सुन्दर, जो नवजीवन कॉलोनी मंडी गेट में किराए पर रहता था और मूल रूप से ललरिया थाना क्षेत्र का निवासी था, घर परिवार से मिलने के बाद लौट रहा था।

    सूत्रों के अनुसार, इस दौरान एक अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे सुन्दर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई।

    पुलिस ने मर्ग कायम कर गहन जांच शुरू कर दी है।

    टक्कर मारने वाले वाहन चालक की पहचान और उसे पकड़ने के प्रयास जारी हैं। स्थानीय पुलिस ने कहा कि सभी सीसीटीवी फुटेज और आसपास के गवाहों से जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि अपराधी को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।भोपाल पुलिस ने जनता से अपील की है कि जो भी व्यक्ति इस हादसे का सीधा साक्षी हो, वह तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
  • यूपी-एमपी के बाद बिहार में सिरप माफिया का नेटवर्क नेपाल से जुड़ा, सीतामढ़ी में 1500 बोतल प्रतिबंधित सिरप जब्त

    यूपी-एमपी के बाद बिहार में सिरप माफिया का नेटवर्क नेपाल से जुड़ा, सीतामढ़ी में 1500 बोतल प्रतिबंधित सिरप जब्त




    नई दिल्ली।
    यूपी और एमपी के बाद अब बिहार में प्रतिबंधित कोरेक्स सिरप का अवैध नेटवर्क तेजी से पैर पसार रहा है। सोमवार को सीतामढ़ी जिले में एक ही दिन में 1500 बोतल सिरप बरामद की गई, जिसमें सोनबरसा से 700 और चकमहिला से 800 बोतल जब्त हुई। इस कार्रवाई ने प्रशासन और समाज दोनों को चौंका दिया है।

    पुलिस ने दो छोटे धंधेबाजों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य सरगना अभी फरार है। पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क नेपाल से संचालित हो रहा है और शराबबंदी के बाद युवा वर्ग सिरप, टैबलेट और इंजेक्शन के जरिए नशे की ओर बढ़ रहा है।

    एसएसबी और एसटीएफ की सूचना पर छापेमारी में 8800 रुपये नकद, मोबाइल, बड़ी मात्रा में टैबलेट, इंजेक्शन और सैकड़ों बोतल सिरप बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें हर महीने 15 हजार रुपये वेतन मिलता था और यह नेटवर्क लंबे समय से चल रहा है।

    स्थानीय लोगों और पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, नगर थाना क्षेत्र में यह अवैध कारोबार कई दिनों से संचालित था, लेकिन पुलिस की निगरानी कमजोर रही। एक ही दिन में 1500 बोतल की बरामदगी ने पुलिस की सतर्कता और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    शराबबंदी के बाद नशे के इस नए रूप से युवा पीढ़ी बर्बादी की ओर बढ़ रही है, जबकि असली सरगना कानून की पकड़ से दूर है। फिलहाल पुलिस छोटे धंधेबाजों पर कार्रवाई कर रही है, लेकिन मुख्य सरगना फरार होने के कारण नेटवर्क सक्रिय बना हुआ है।

    एसएसबी और एसटीएफ की छापेमारी में 8800 रुपये नकद, मोबाइल फोन, टैबलेट, इंजेक्शन और सैकड़ों बोतल प्रतिबंधित सिरप बरामद किए गए। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने स्वीकार किया कि वह दवाओं की बिक्री करता था और हर महीने उसे 15 हजार रुपये वेतन मिलता था।

  • भोपाल का ईरानी डेरा: संगठित अपराध का गढ़, सरदार राजू के नेतृत्व में फैली ठगी और लूट की साज़िश

    भोपाल का ईरानी डेरा: संगठित अपराध का गढ़, सरदार राजू के नेतृत्व में फैली ठगी और लूट की साज़िश


    भोपाल।  भोपाल की अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरा संगठित अपराध का केंद्र बन चुका है। पुलिस के अनुसार, यहां रहने वाले करीब 70 से अधिक परिवारों के लगभग हर घर का कोई न कोई सदस्य अपराध में शामिल रहा है। चोरी, लूट, ठगी और फर्जीवाड़े के मामलों में इनका नाम मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और कर्नाटक समेत कई राज्यों की एफआईआर में दर्ज है।

    पुलिस ने हाल ही में ईरानी डेरे में बड़ी दबिश दी, जिसमें 32 लोग गिरफ्तार किए गए, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं। इस कार्रवाई में 21 बिना नंबर की स्पोर्ट्स बाइक, नकली नोट और अवैध हथियार बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, गिरोह कबीलाई ढांचे में संचालित होता है, जिसमें अपराध से मिली रकम पहले सरदार को दी जाती है, और फिर कबीला तय करता है कि किसे कितना हिस्सा मिलेगा।

    डेरे का प्रमुख सरदार राजू ईरानी है, जिसकी उम्र करीब 47 साल है। वह भोपाल में रहता है, लेकिन देश के अलग-अलग राज्यों में संगीन वारदातों को अंजाम देता है। राजू कभी खुद को CBI अधिकारी, पुलिस अफसर या पत्रकार बताकर ठगी करता है। उसका भाई जाकिर ईरानी भी गिरोह का संचालन करता है और प्रॉपर्टी कब्जा, मारपीट, अडीबाजी और ठगी जैसे संगीन अपराधों में शामिल है।
    गिरोह की रणनीति में फर्जी पहचान और रिश्तों का नेटवर्क शामिल है। आरोपी अक्सर ‘सफर’ पर रहते हैं, जहां कुछ सीधे अपराध में शामिल होते हैं, कुछ चोरी का माल वापस लाते हैं और कुछ अपराध से मिली रकम कबीले तक पहुंचाते हैं।

    2014 में अमन कॉलोनी में हुई हिंसा और आगजनी की घटना के बाद ईरानी डेरा लगातार पुलिस निगरानी में रहा। इसी साल दिल्ली पुलिस ने डेरे से जुड़े मुर्तुजा अली और शिराज अली को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था।

    पुलिस ने अब तक सलमान खान उर्फ गाय, अली तन्नु, सकीना, नवबहार अली, अजीज सैयद, समेत कई अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि शेष की तलाश जारी है।

  • ‘मराठी मुंबई’ बचाने की चुनौती, किरीट सोमैया ने शिवसेना और विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप

    ‘मराठी मुंबई’ बचाने की चुनौती, किरीट सोमैया ने शिवसेना और विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप


    मुंबई। मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों से पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता किरीट सोमैया ने शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट), कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और AIMIM पर ‘मराठी मुंबई’ को ‘मुस्लिम मुंबई’ बनाने की साजिश का आरोप लगाया। सोमैया ने दावा किया कि 1947 में मुंबई की मुस्लिम आबादी 8.8% थी, जो 2011 तक बढ़कर 20.58% हो गई और वर्तमान में लगभग 25% तक पहुँच चुकी है। उन्होंने टाटा इंस्टीट्यूट के अनुमान का हवाला देते हुए कहा कि 2050 तक मुस्लिम आबादी 30% और हिंदू आबादी 50% हो जाएगी।

    किरीट सोमैया ने शिवसेना और उद्धव ठाकरे गुट पर कोविड काल के दौरान कफन और बॉडी बैग घोटाले का भी आरोप लगाया।

    उन्होंने बताया कि पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर ने 1,500 रुपए में उपलब्ध बॉडी बैग की जगह 6,719 रुपए प्रति बैग की दर से ठेका कंपनी को दिया, जिससे 2,000 करोड़ रुपए का कथित घोटाला हुआ। सोमैया ने कहा कि किशोरी पेडनेकर इस मामले में जमानत पर हैं, बावजूद इसके उद्धव ठाकरे ने उन्हें चुनावी टिकट दिया।

    उन्होंने जोर देकर कहा, हम मुंबई को मुस्लिम नहीं होने देंगे। सोमैया ने जनसंख्या आंकड़ों, मेयर पद और चुनावी साजिशों को लेकर राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है।

  • ‘उंगली नीचे करो’ TMC सांसदों ने चुनाव आयोग से की तीखी बहस SIR और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप

    ‘उंगली नीचे करो’ TMC सांसदों ने चुनाव आयोग से की तीखी बहस SIR और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप




    नई दिल्ली।
    तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग (ECI) के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से SIR (सर्विलांस इन्टरव्यू रिकॉर्ड) और वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों को लेकर करीब ढाई घंटे तक बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनसे उंगली उठाकर बात करने की कोशिश की, जिस पर बनर्जी ने कहा, “उंगली नीचे करके बात करें।
    आप मनोनीत हैं, हम निर्वाचित हैं। हम किसी के दास नहीं हैं।”

    अभिषेक बनर्जी ने कहा कि देश में अब ईवीएम से वोट चोरी नहीं हो रही, बल्कि सॉफ्टवेयर और एल्गोरिदम के जरिए वोटर लिस्ट में हेरफेर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC के 10 सांसदों और पश्चिम बंगाल सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने आयोग से सवाल किए, लेकिन आयोग ने कोई ठोस जवाब नहीं दिया।

    साथ ही उन्होंने आयोग पर 28 नवंबर को पूछे गए सवालों का जवाब न देने और चयनित मीडिया को जानकारी देने का भी आरोप लगाया।

    TMC नेता ने दावा किया कि SIR के तहत 1.36 करोड़ मामलों में लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी बताई जा रही है, लेकिन आयोग ने अभी तक सूची सार्वजनिक नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि ECI ऐप में गड़बड़ी है, दस्तावेज जमा होने के बावजूद नोटिस जारी नहीं हो रहे और नाम सॉफ्टवेयर के जरिए हटाए जा रहे हैं।

    उन्होंने यह भी कहा कि 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों, दिव्यांग और गंभीर बीमार लोगों को घंटों वेरिफिकेशन के लिए बैठाना अमानवीय है।

    अभिषेक बनर्जी ने बंगाल को बदनाम करने की कोशिश पर सवाल उठाया और कहा, रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम पर झूठा प्रचार किया जा रहा है। अगर अवैध प्रवासी हैं तो उन्हें बाहर करने का हम समर्थन करेंगे, लेकिन झूठा प्रचार बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि अन्य 11 राज्यों में SIR चल रहा है, लेकिन बंगाल में सबसे कम डिलीशन होने के बावजूद सबसे ज्यादा सख्ती की जा रही है।

    अभिषेक बनर्जी ने विपक्षी दलों को चेताया कि वोट चोरी ईवीएम से नहीं, वोटर लिस्ट और सॉफ्टवेयर के जरिए हो रही है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी इसी तरीके से महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली और बिहार में जीत हासिल कर रही है। अंत में उन्होंने कहा, “पहले मतदाता तय करते थे कि सरकार कौन बनाएगा, अब सरकार तय कर रही है कि वोट डालने कौन जाएगा। लेकिन संविधान हमेशा रहेगा और 2026 में बंगाल की जनता फिर बीजेपी को हराएगी।

  • भारत की इन कंपनियों का नहीं है कोई भी मालिक, सिर्फ ट्रस्ट के भरोसे करती हैं कारोबार

    भारत की इन कंपनियों का नहीं है कोई भी मालिक, सिर्फ ट्रस्ट के भरोसे करती हैं कारोबार

    नई दिल्ली।भारत में ज्यादातर बड़े बिजनेस फैमिली कंट्रोल में होते हैं यानी कंपनी के मालिक और उसके बोर्ड के प्रमुख अक्सर एक ही परिवार से होते हैं. लेकिन इसके बावजूद कई बड़ी कंपनियों में ऐसा होता है कि परिवार के किसी सदस्य के पास कंपनी का कंट्रोल नहीं होता हैं जब परिवार में कोई वारिस नहीं होता या बच्चों को व्यापार में कोई इंटरेस्ट नहीं होती, तो कंपनियों को संभालने के लिए पेशेवर मैनेजर्स या ट्रस्ट जिम्मेदार बन जाते हैं. इस तरह बिजनेस को चलाए रखने में मदद करती है, बल्कि निवेशकों और समाज के भरोसे को भी बनाए रखती है.

    भारत में कुछ बड़ी कंपनियां ऐसी हैं जिनका कोई व्यक्तिगत मालिक नहीं है और ये ट्रस्ट या फाउंडेशन के भरोसे चलती हैं. इसका मतलब है कि कंपनी का नियंत्रण किसी एक व्यक्ति के पास नहीं होता, बल्कि ट्रस्ट या बोर्ड तय करता है कि मुनाफा और संचालन कैसे होंगे, इन कंपनियों का उद्देश्य सिर्फ पैसा कमाना नहीं, बल्कि समाज की भलाई और विकास के लिए काम करना होता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि भारत की किन कंपनियों का कोई भी मालिक नहीं है सिर्फ ट्रस्ट के भरोसे कारोबार करती हैं.

    भारत की किन कंपनियों का कोई भी मालिक नहीं है

    -टाटा ग्रुप में रतन टाटा के कोई प्रत्यक्ष वारिस नहीं थे, इसलिए साइरस मिस्त्री जैसे पेशेवरों को नेतृत्व दिया गया. बाद में मिस्त्री के जाने के बाद एन. चंद्रशेखरन टाटा ग्रुप के प्रमुख बने. लेकिन टाटा ग्रुप की ज्यादा हिस्सेदारी अब भी परिवार या व्यक्तिगत मालिकों के बजाय टाटा ट्रस्ट्स के पास है. ये ट्रस्ट्स कंपनी के मुनाफे को शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे सामाजिक कार्यों में निवेश करते हैं. -. महिंद्रा ग्रुप में भी ऐसा ही मामला है. आनंद महिंद्रा की बेटियों ने व्यापार संभालने में कोई सक्रिय भूमिका नहीं ली, उनके दोस्तों या पेशेवरों ने ग्रुप को प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली, भारत में अब पारिवारिक मालिकाना होना जरूरी नहीं है, बल्कि पेशेवर प्रबंधन और ट्रस्ट आधारित नियंत्रण भी कंपनियों को मजबूत बनाए रखता है.

    – भारत की तीसरी बड़ी दवा कंपनी सिप्ला भी इसी स्थिति में है. इसके चेयरमैन युसूफ हमीद के वारिस कारोबार में दिलचस्पी नहीं रखते हैं. इसलिए वे अब अपनी कंपनी बेचने की तैयारी कर रहे हैं. इसी तरह बिसलेरी और बायोकॉन जैसे बड़े ब्रांडों में भी वारिस की अनुपस्थिति के कारण व्यवसाय को पेशेवर हाथों में सौंपा गया या ट्रस्ट आधारित प्रबंधन अपनाया गया.

    ये कंपनियां सिर्फ ट्रस्ट के भरोसे करती हैं कारोबार

    -टाटा ट्रस्ट्स – टाटा ग्रुप की ज्यादातर कंपनियों की हिस्सेदारी इन ट्रस्टों के पास है. इसका फायदा शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे सामाजिक कार्यों में निवेश किया जाता है. -. इंफोसिस फाउंडेशन – इंफोसिस कंपनी के मुनाफे का यूज शिक्षा और ग्रामीण विकास में कियाजाता है. – अजीम प्रेमजी फाउंडेशन – यह शिक्षा सुधार पर केंद्रित है और विप्रो के मुनाफे का समाज में योगदान सुनिश्चित करता है. इन कंपनियों में कोई व्यक्तिगत मालिक नहीं होता है. इसके बजाय बोर्ड और ट्रस्ट कंपनियों के संचालन और दिशा-निर्देश तय करते हैं.

    कैसे काम करता है ट्रस्ट मॉडल?

    ट्रस्ट आधारित कंपनियों में कोई भी एक व्यक्ति कंपनी का मालिक नहीं होता है. इसका फायदा भी व्यक्तिगत फायदे के बजाय सामाजिक कार्यों में लगाया जाता है. इसके अलावा पेशेवर मैनेजर्स और बोर्ड कंपनी का संचालन करते हैं. साथ ही लंबे समय तक सस्टेनेबिलिटी और ट्रांसपेरेंसी रहती है.

  • माघ मेला 2026 के लिए रोडवेज की स्पेशल बसें, 1 जनवरी से प्रयागराज पहुंचना होगा और आसान

    माघ मेला 2026 के लिए रोडवेज की स्पेशल बसें, 1 जनवरी से प्रयागराज पहुंचना होगा और आसान




    प्रयागराज।
    प्रयागराज में 1 जनवरी से शुरू हो रहे माघ मेला 2026 को लेकर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। संगम स्नान के लिए देश-प्रदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और सस्ती परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष रोडवेज बस सेवाएं शुरू की जा रही हैं। इससे माघ मेले के दौरान प्रयागराज पहुंचना और वहां से संगम घाट तक जाना बेहद आसान हो जाएगा।

    परिवहन निगम के अनुसार, गाजीपुर डिपो से प्रयागराज के लिए कुल 15 बसों का नियमित संचालन किया जाएगा।

    इनमें से 1 जनवरी से 13 जनवरी तक गाजीपुर डिपो की 10 बसें सीधे प्रयागराज के लिए चलाई जाएंगी, जबकि जनपद की पांच बसें वाराणसी मार्ग होते हुए झूसी तक संचालित होंगी। झूसी पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं को संगम घाट तक पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

    श्रद्धालुओं की भीड़ और पैदल चलने की परेशानी को देखते हुए झूसी से संगम घाट तक चार बसों की शटल सेवा चलाई जाएगी। ये बसें लगातार फेरे लगाती रहेंगी, ताकि श्रद्धालुओं को जाम और भीड़ से राहत मिल सके।

    यह विशेष परिवहन व्यवस्था 1 जनवरी से 17 फरवरी तक, यानी पूरे माघ मेला काल में जारी रहेगी।

    माघ मेले के दौरान संगम स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए परिवहन निगम ने बसों की संख्या में इजाफा किया है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में गाजीपुर डिपो से 94 बसों का संचालन किया जा रहा है और माघ मेले के दौरान ग्रामीण रूटों पर भी अतिरिक्त बसें लगाई जाएंगी, ताकि दूर-दराज के गांवों से आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिल सके।

    इसके अलावा, प्रमुख बस अड्डों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती, टिकट काउंटरों की संख्या बढ़ाने, समय-सारिणी में लचीलापन और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त फेरे लगाने की व्यवस्था की गई है।

    विशेष स्नान पर्वों के दौरान यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी को देखते हुए परिवहन निगम ने सतर्कता बढ़ाने और बसों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    माघ मेले की प्रमुख स्नान तिथियों पर विशेष भीड़ रहने की संभावना है। इनमें पौष पूर्णिमा (13 जनवरी), मकर संक्रांति (14 जनवरी), मौनी अमावस्या (29 जनवरी), बसंत पंचमी (3 फरवरी) और माघी पूर्णिमा (12 फरवरी) शामिल हैं। इन तिथियों पर अतिरिक्त बसें और शटल सेवाएं चलाई जाएंगी।

    परिवहन निगम का कहना है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। माघ मेला 2026 के दौरान यह विशेष बस सेवा श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित होगी।

  • Zomato-Swiggy ने किया बड़ा ऐलान… गिग वर्कर्स को मिलेगा ज्यादा पेमेंट, जानिए कितना

    Zomato-Swiggy ने किया बड़ा ऐलान… गिग वर्कर्स को मिलेगा ज्यादा पेमेंट, जानिए कितना


    नई दिल्ली।नए साल 2026 की पूर्व संख्‍या यानी बुधवार 31 दिसंबर 2025 को ऑनलाइन फूड और ग्रॉसरी ऑर्डर पहुंचाने के काम करने वाले गिग और डिलीवरी वर्कर्स ने देशभर में हड़ताल का आह्वान क्या किया इस सेक्टर की बड़ी कंपनियों के होश उड़ गए. रिपोर्ट के मुताबिक New Year Eve पर डिलीवरी में रुकावट आने की आशंका के बीच ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियों जोमैटो और स्विगी ने आनन-फानन में बड़ा ऐलान कर दिया. जी हां दोनों ही कंपनियों ने अब गिग वर्कस को ज्यादा पेमेंट देने का ऑफर दिया है.रिपोर्ट की मानें तो ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफ़ॉर्म ज़ोमैटो और स्विगी अपने डिलीवरी पार्टनर्स को अब ज्यादा इंसेंटिव देंगे. ये त्योहारों के समय में उनका एक स्टैंडर्ड तरीका है ताकि गिग वर्कर्स यूनियनों की हड़ताल के आह्वान के बीच न्यू ईयर ईव पर ऑर्डर डिीवरी सर्विस में कम से कम रुकावट आए.

    कंपनियों के सताने लगी ये चिंता 

    गौरतलब है कि तेलंगाना गिग एंड प्लेटफ़ॉर्म वर्कर्स यूनियन TGPWU और इंडियन फ़ेडरेशन ऑफ़ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स IFAT ने दावा किया था कि लाखों वर्कर्स बेहतर पेमेंट और काम करने के बेहतर हालात की मांग को लेकर देश भर में हड़ताल में शामिल होने वाले हैं. इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के मुताबिक इस हड़ताल से New Year Eve पर ज़ोमैटो स्विगी ब्लिंकिट इंस्टामार्ट और ज़ेप्टो जैसी फ़ूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स फर्मों के कामकाज पर असर पड़ सकता है. ये कंपनियों के लिए इसलिए भी बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि इस मौक पर डिमांड सबसे ज्यादा हाई लेवल पर होती है.
    Zomato ने दिया ये ऑफर
    ज़ोमैटो ने न्यू ईयर ईव पर शाम 6 बजे से रात 12 बजे के बीच पीक आवर्स में डिलीवरी पार्टनर्स को हर ऑर्डर पर 120 से 150 रुपये का पेमेंट देने का ऑफ़र दिया है. अचानक लिए गए इस फैसे की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि प्लेटफॉर्म ने दिन भर में 3000 रुपये तक की कमाई का भी वादा किया है जो ऑर्डर की संख्या और वर्कर की उपलब्धता पर निर्भर करेगा.इसके सा ही जोमैटो ने ऑर्डर रिजेक्ट करने और कैंसल करने पर लगने वाली पेनल्टी को कुछ समय के लिए माफ भी कर दिया है. PTI की रिपोर्ट में जोमैटो की पैरेंट कंपनी इटरनल के प्रवक्ता ने बताया कि यह ज्यादा डिमांड वाले त्योहारों और साल के आखिर के समय में फॉलो किया जाने वाला एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल है.

    स्विगी ने बढ़ाया इंसेंटिव

    Zomato की तरह ही Swiggy ने भी साल के आखिरी समय में इंसेंटिव बढ़ा दिए हैं और इस डेवलपमेंट से जुड़े लोगों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि 31 दिसंबर और 1 जनवरी के बीच डिलीवरी वर्कर्स को 10000 रुपये तक की कमाई का ऑफर दिया है. उन्होंने कहा कि नए साल की शाम को प्लेटफॉर्म शाम 6 बजे से रात 12 बजे के बीच छह घंटे के समय के लिए 2000 रुपये तक की पीक-आवर कमाई का ऐड कर रहा है ताकि साल के सबसे बिजी ऑर्डरिंग टाइम में से एक के दौरान काफी राइडर मौजूद रह सकें.

  • 2026 में 18 मैचों में मैदान पर दिखेंगे रोहित शर्मा और विराट कोहली, नोट कर लीजिए डेट!

    2026 में 18 मैचों में मैदान पर दिखेंगे रोहित शर्मा और विराट कोहली, नोट कर लीजिए डेट!

    नई दिल्ली। भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा ने टेस्ट और टी-20 क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। अब ये स्टार प्लेयर सिर्फ वनडे क्रिकेट में नजर आते हैं। विराट कोहली और रोहित शर्मा को देखने के लिए दर्शकों में काफी उत्साह रहता है। ऐसे में साल 2026 में भारत कितने वनडे मैच खेलेगा और कितने मैचों में विराट कोहली और रोहित शर्मा खेलते हुए नजर आएंगे यह जानने की दिलचस्पी ज्यादातर क्रिकेट प्रशंसकों में होगी। साल 2026 कैलेंडर के लिए भारतीय टीम का शेड्यूल जारी हो चुका है। टीम इंडिया इस साल भी बहुत व्यस्त रहने वाली है। अभी तक निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक भारत को 2026 में 18 वनडे मैच खेलने हैं। इस दौरान अगर दोनों दिग्गजों को किसी मैच में आाराम नहीं दिया गया या चोटिल नहीं हुए तो सभी में एक्शन में दिखेंगे।

    2026 में निर्धारित 18 वनडेODI मैच:

    न्यूजीलैंड का भारत दौराजनवरी 2026:

    – 11 जनवरी: पहला वनडेवडोदरा।

    – 14 जनवरी: दूसरा वनडेराजकोट।

    – 18 जनवरी: तीसरा वनडेइन्दौर।

    अफगानिस्तान का भारत दौराजून 2026:

    इस दौरान 3 वनडे मैच खेले जाएंगेतारीखें अभी तय नहीं हैं

    भारत का इंग्लैंड दौराजुलाई 2026:

    – 14 जुलाई: पहला वनडेबर्मिंघम।

    – 16 जुलाई: दूसरा वनडेकार्डिफ।

    – 19 जुलाई: तीसरा वनडेलंदन।

    वेस्टइंडीज का भारत दौरासितंबर 2026:

    – इस श्रृंखला में 3 वनडे मैच खेले जाने हैं।

    भारत का न्यूजीलैंड दौराअक्टूबर-नवंबर 2026:

    – इस दौरे पर 3 वनडे मैच निर्धारित हैं।

    श्रीलंका का भारत दौरादिसंबर 2026:

    – साल के अंत में 3 वनडे मैच खेले जाएंगे।

    विराट कोहली और रोहित शर्मा 11 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं। रो-को ने विजय हजारे ट्रॉफी में भी शिरकत की है। दोनों इस समय शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। एक तरफ जहां विराट कोहली ने अपनी पिछली 6 पारियों में 3 शतक और 3 अर्धशतक लगाए हैं, वहीं रोहित शर्मा ने भी ऑस्ट्रेलिया में शतक, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अर्धशतकीय पारी और विजय हजारे ट्रॉफी में सेंचुरी लगातार शानदार फॉर्म में हैं।