चंडीगढ़ नगर निगम में पार्षदों की क्या है संख्या?
नगर निगम में बहुमत के लिए कितने वोट चाहिए?

चंडीगढ़ नगर निगम में पार्षदों की क्या है संख्या?

1) TVF की पंचायत सीजन 4
एक बार फिर भारतीय ओटीटी का दिल फुलेरा में धड़का।पंचायत सीजन 4 ने अपने सादे ह्यूमर, इमोशनल गहराई और जुड़ाव भरी कहानी के साथ दर्शकों का दिल जीत लिया। सोशल मीडिया, मीम्स और फैन चर्चाओं पर इस शो का साफ़ दबदबा रहा, जिसने हर उम्र और हर इलाके के दर्शकों से TVF के खास रिश्ते को फिर साबित किया।
4) द रॉयल्स
चमक-दमक और हाई ड्रामा से भरी इस सीरीज ने बहुत जल्दी अपना दर्शक वर्ग बना लिया। बड़े पैमाने, दमदार परफॉर्मेंस और बिंज-वॉच करने लायक कहानी के चलते द रॉयल्स उन लोगों की पसंद बनी, जो एंटरटेनमेंट के साथ हल्का-फुल्का कंटेंट चाहते थे।
5) ब्लैक वारंट
एक सख्त और दमदार क्राइम ड्रामा, ब्लैक वारंट ने अपनी रॉ और सच्ची कहानी और मजबूत अभिनय से दर्शकों को प्रभावित किया। धीरे-धीरे इसकी चर्चा बढ़ी और यह साल के सबसे ज्यादा बात किए जाने वाले नए शोज में शामिल हो गया।

उस्मान हादी का जिक्र कर क्या कहा

तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा पर जेडीयू का शक
नीरज कुमार ने कहा कि इस मामले में न तो तेजस्वी यादव और न ही आरजेडी की ओर से कोई स्पष्ट सफाई दी गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जानकारी मिली है कि 28 आपराधिक मामलों के आरोपी देवा गुप्ता जो मोतिहारी से आरजेडी का उम्मीदवार रह चुका हैउसके भी विदेश यात्रा में शामिल होने की संभावना है। जेडीयू नेता ने कहा कि जब रमीज नेमत खान के विदेश जाने की आशंका जताई जा रही हैतो देवा गुप्ता के जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इसी वजह से डीजीपी से अनुरोध किया गया है कि देवा गुप्ता की गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाए।
नीरज कुमार का सवालआरजेडी ने अब तक कदम क्यों नहीं उठाया?
नीरज कुमार ने आरजेडी की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदि देवा गुप्ता फरार है और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित हैतो पार्टी ने उसके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर गंभीर आपराधिक आरोप हैंउन पर आरजेडी की ओर से कोई सख्ती नहीं दिखाई दे रही है। इसी वजह से यह आशंका गहराती है कि दोनों व्यक्ति तेजस्वी यादव के संपर्क में हो सकते हैं। नीरज कुमार ने आगे कहा कि यदि यह साबित होता है कि ये दोनों लोग तेजस्वी यादव के साथ हैंतो फिर कानून अपना काम करेगा और उस स्थिति में तेजस्वी यादव पर भी कार्रवाई की जाएगी।
जेडीयू के आरोपों पर आरजेडी का जवाब

राहुल गांधी ने गैंगरेप पीड़िता को समर्थन देते हुए पूछा क्या एक गैंगरेप पीड़िता के साथ ऐसा व्यवहार उचित है? क्या उसकी गलती ये है कि वो न्याय के लिए अपनी आवाज उठाने की हिम्मत कर रही है? उसके अपराधी पूर्व BJP MLA को जमानत मिलना बेहद निराशाजनक और शर्मनाक है. खासकर तब जब पीड़िता को बार-बार प्रताड़ित किया जा रहा हो और वो डर के साए में जी रही हो. बलात्कारियों को जमानत और पीड़िताओं के साथ अपराधियों सा व्यवहार ये कैसा न्याय है? हम सिर्फ एक मृत अर्थव्यवस्था नहीं ऐसी अमानवीय घटनाओं के साथ हम एक मृत समाज भी बनते जा रहे हैं. लोकतंत्र में असहमति की आवाज उठाना अधिकार है और उसे दबाना अपराध. पीड़िता को सम्मान सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए न कि बेबसी भय और अन्याय.
इंडिया गेट पर 2017 के उन्नाव गैंगरेप केस पीड़िता ने आरोप लगाया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को देखते हुए सेंगर को जमानत दी गई है. 2017 के इस मामले ने तब विवाद पकड़ा था जब बिना नंबर प्लेट वाले एक ट्रक उस कार से टकरा गया था जिसमें पीड़िता जा रही थी.
इस घटना में पीड़िता और उसका वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे. जबकि उसकी दो मौसियों की मौत हो गई थी. इस मामले में सेंगर पर अलग से एक मामला दर्ज है. इस मामले में भी 2021 को दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें आरोप मुक्त करते हुए दुर्घटना को सबूतों के आभाव में साजिश मानने से इनकार कर दिया था.

वसीयत को लेकर आरोप-प्रत्यारोपबच्चों ने मांगी संपत्ति पर रोक
संजय कपूर की मौजूदा पत्नी और उनकी विधवा प्रिया सचदेव कपूर इस विवाद के केंद्र में हैं। करिश्मा कपूर से संजय के दो बच्चे समायरा कपूर और कियान राज कपूर ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख करते हुए आरोप लगाया था कि प्रिया सचदेव ने संजय कपूर की वसीयत में कथित तौर पर जालसाजी की है। बच्चों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने अदालत से मांग की कि जब तक वसीयत की वैधता पर अंतिम फैसला नहीं हो जातातब तक प्रिया को संजय कपूर की निजी संपत्ति से किसी भी तरह का लेन-देन करने से रोका जाए। दूसरी ओरप्रिया सचदेव की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नायर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि न तो किसी तरह की संपत्ति विदेश भेजी गई और न ही कोई जानकारी छिपाई गई। उन्होंने यह भी चुनौती दी कि संजय कपूर की सालाना आय 60 करोड़ रुपये होने का दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है।
संजय कपूर की मां ने उठाए सवाल
इस मामले में एक और अहम पक्ष संजय कपूर की मां रानी कपूर का है। उनकी ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता वैभव गग्गर ने अदालत में तर्क दिया कि प्रिया सचदेव द्वारा बताई गई बैंक बैलेंस की राशि महज 1.7 करोड़ रुपये होना संदेह पैदा करता हैजबकि संजय कपूर की बताई गई आमदनी कहीं अधिक थी। उन्होंने यह भी कहा कि यह मानना मुश्किल है कि संजय कपूर अपनी पूरी निजी संपत्ति सिर्फ प्रिया सचदेव के नाम कर दें और अपने बच्चों या परिवार के अन्य सदस्यों को कुछ भी न दें। इन दलीलों के साथ रानी कपूर ने भी वसीयत की प्रामाणिकता पर सवाल खड़े किए।
संपत्ति विवाद पर टिकी निगाहें
दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा अंतरिम रोक की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखे जाने के बाद अब सबकी निगाहें अदालत के आदेश पर टिकी हैं। यह फैसला तय करेगा कि संजय कपूर की संपत्ति को लेकर आगे की कानूनी लड़ाई किस दिशा में जाएगी। गौरतलब है कि संजय कपूर देश की प्रमुख ऑटो पार्ट्स निर्माता कंपनी सोना कॉमस्टार के चेयरमैन थे। जून महीने में लंदन में पोलो खेलते वक्त उनका निधन हो गया था। संजय कपूर की शादी करिश्मा कपूर से वर्ष 2003 में हुई थीजो 2016 में तलाक के साथ खत्म हुई। इसके बाद उन्होंने 2017 में प्रिया सचदेव से विवाह किया। अब उनकी मौत के बाद संपत्ति को लेकर परिवार के भीतर शुरू हुआ यह विवाद अदालत के फैसले का इंतजार कर रहा है।

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एक रात निकोलस उस व्यक्ति के घर पहुंचे और चिमनी के जरिए सोने के सिक्कों की तीन थैलियां नीचे फेंकी. उस समय परिवार के सदस्यों ने अपने मोजे धोकर सूखने के लिए चिमनी के पास ही टांग रखे थे. ऊपर से गिराए गए सोने के सिक्के सीधे उन मोजों के अंदर जा गिरे. अगली सुबह जब बेटियों ने अपने मोजे देखे तो वे सोने के सिक्कों से भरे थे. उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा और उन पैसों से तीनों की शादी धूमधाम से हो गई.

शराब के लिए रची खौफनाक साजिश मामला गरहिया बाजार थाना क्षेत्र के गरहिया गांव का है। आरोपी की पहचान मंगरु सहनी के रूप में हुई है, जो शराब का आदी बताया जा रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शराब खरीदने के लिए पैसे न होने पर मंगरु ने एक कुत्ते को मारा और उसके मांस को टुकड़ों में काटकर गांव में बेचने निकला। कड़ाके की ठंड के बीच उसने ग्रामीणों को झांसा दिया कि यह खरगोश का मांस है और इसे 1000 रुपये प्रति किलो की दर से बेच दिया।
अगली सुबह खुद ही किया खुलासा घटना का खुलासा तब हुआ जब मांस खाने के कुछ घंटों बाद ग्रामीणों को उल्टी, दस्त और पेट में तेज दर्द की शिकायत होने लगी। इनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल थीं। हद तो तब हो गई जब अगली सुबह आरोपी मंगरु ने नशे की हालत में खुद ही गांव में घूम-घूमकर यह ऐलान करना शुरू कर दिया कि उसने सबको खरगोश नहीं बल्कि कुत्ते का मांस खिलाया है।
पुलिस की कार्रवाई और फरार आरोपी आरोपी की बात सुनकर गांव में हड़कंप मच गया। जब ग्रामीणों ने पास के एक बाग की तलाशी ली, तो वहां कुत्ते का कटा हुआ सिर और पैर बरामद हुए, जिससे सच्चाई की पुष्टि हो गई। ग्रामीणों के विरोध करने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गया।
पीड़ित परिवारों ने स्थानीय थाने में लिखित आवेदन देकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। गरहिया थानाध्यक्ष आदित्य कुमार ने बताया कि मामला अत्यंत गंभीर और संदिग्ध है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को भी इसकी सूचना दी गई है ताकि बीमार ग्रामीणों का उचित उपचार हो सके।