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  • ग्रैप की चार ही स्टेज क्योंइससे ज्यादा प्रदूषण बढ़ने पर क्या हैं नियम

    ग्रैप की चार ही स्टेज क्योंइससे ज्यादा प्रदूषण बढ़ने पर क्या हैं नियम


    नई दिल्ली । केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार बुधवार सुबह दिल्ली और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है. कई इलाकों में एक्यूआई 349 दर्ज किया है. वहीं धुंध में भी मामूली कमी देखी गई है. हालांकि राष्ट्रीय राजधानी के कुछ निगरानी केंद्रों पर एक्यूआई गंभीर श्रेणी के करीब पहुंच गया है. मंगलवार यानी 23 दिसंबर को दिल्ली भारत का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर थाजबकि नोएडा इस लिस्ट में सबसे ऊपर था. दोनों शहरों में वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंच गई और विशेष रूप से सुबह के समय में शहरों में धुंध छाई रही।
    दिल्ली की एयर क्वालिटी में कुछ सुधार के बाद कई लोगों का मानना है कि ग्रैप-4 के सख्त कदमों से दिल्ली और एनसीआर की एयर क्वालिटी में सुधार देखने को मिला रहा है. क्योंकि प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को सील किया गया हैवाहनों की जांच तेज की गई और सफाई अभियान को बढ़ावा दिया जा रहा है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि ग्रैप की चार ही स्टेज क्यों हैं और इससे ज्यादा पॉल्यूशन होने पर क्या नियम है.

    क्या है ग्रैप और क्यों बनाई गई इसकी चार स्टेज

    ग्रैप यानी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान एक लिस्टेड योजना है. जिसे प्रदूषण के स्तर के अनुसार लागू किया जाता है. इसका उद्देश्य यह है कि जैसे-जैसे एक्यूआई बढ़ें वैसे-वैसे सख्त कदम उठाए जाए. ताकि प्रदूषण को कंट्रोल किया जा सके. ग्रैप को चार स्टेज में बांटा गया है. जो स्टेज-1स्टेज-2स्टेज-3 और स्टेज-4 है. वहीं हर एक स्टेज एक तय एक्यूआई सीमा से जुड़ा होता है और उसी के अनुसार प्रतिबंध लागू होते हैं. सबसे गंभीर स्थिति में स्टेज-4 लागू किया जाता है. जब एक्यूआई 450 के पार चला जाता है.

    ग्रैप 4 ही क्यों माना जाता है सबसे सख्त

    स्टेज-4 को इमरजेंसी कंडीशन के लिए रखा गया है. यह पहले से लागू स्टेज 12 और 3 के सभी प्रतिबंधों के अलावा होता है. इस स्तर पर प्रदूषण को हेल्थ के लिए बहुत खतरनाक माना जाता है. इसलिए स्टेज-4 लागू होने पर सरकार और प्रशासन तुरंत कड़े फैसले लेते हैं. वहीं ग्रैप-4 के तहत दिल्ली और आसपास के एनसीआर इलाकों में पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर लोग रोक लगाई जाती है. इसके अलावा BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार पहिया गाड़ियों पर प्रतिबंध होता है. दिल्ली में बाहर से आने वाले नॉन BS-IV वाहनों की एंट्री भी बंद कर दी जाती है. वहीं पुराने डीजल मीडियम और हैवी गुड्स वाहनों को भी जरूरी सेवाओं को छोड़कर अनुमति नहीं मिलती. हालांकि BS-IV इलेक्ट्रिक सीएनजी और एलएनजी से चलने वाले वाहन पब्लिक ट्रांसपोर्ट और आपात सेवाओं को छूट दी जाती है.

    ज्यादा प्रदूषण बढ़ने पर क्या हैं नियम

    ग्रैप की चार स्टेज इसलिए बनाई गई हैक्योंकि स्टेज-4 को सबसे आखिरी और आपात कदम माना जाता है. इसके बाद स्थिति संभालने के लिए सरकार अतिरिक्त फैसले लेती है. जैसे ज्यादा गतिविधियों पर रोकट्रैफिक सीमित करना या हेल्थ इमरजेंसी जारी करना. यानी ग्रैप-4 के बाहर कोई अलग स्टेज नहीं होतीबल्कि स्टेज-4 के अंदर ही हालात के अनुसार फैसले लिए जाते हैं.

  • आईएमडीबी सूची साल की 7 सबसे दमदार कॉमेडी फिल्में पेट पकड़कर हंसने को हो जाएंगे मजबूर

    आईएमडीबी सूची साल की 7 सबसे दमदार कॉमेडी फिल्में पेट पकड़कर हंसने को हो जाएंगे मजबूर


    नई दिल्ली । साल की सबसे दमदार कॉमेडी फिल्में कॉमेडी फिल्मों की अपनी फैन फॉलोइंग है। जिंदगी की इस हॉचपॉच में ये फिल्में आपके दिमाग को सुकून देती हैं और कुछ पल खुशी के बिताकर आप हल्का महसूस करते हैं। इस साल ढेरों कॉमेडी फिल्मों थिएटर्स और ओटीटी पर रिलीज हुई हैं चलिए जानते हैं उन कुछ फिल्मों के बारे में जिनकी आईएमडीबी रेटिंग सबसे ज्यादा रही।
    घिचपिच
    अगस्त 2025 में रिलीज हुई फिल्म घिचपिचभारतीय मिडिल क्लास पिताओं और उनके बच्चों के साथ उनकी ट्यूनिंग के बारे में कहानी सुनाती है। इस फिल्म कीआईएमडीबी रेटिंग 8.5 रही थी।
    टूरिस्ट फैमिली
    अप्रैल 2025 में आई फिल्म टूरिस्ट फैमिलीकम बजट में बनी एक ऐसी फिल्म थी जिसने कलेक्शन के मामले में कमाल कर दिया था। कहानी श्रीलंका में कोविड के बाद रोजगार के लिए भारत आए एक परिवार की है। फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग 8.2 रही थी।
    दे दे प्यार दे 2
    अजय देवगन और आर माधवन की फिल्म दे दे प्यार दे 2को सिनेमाघरों में खूब प्यार मिला। पिछले दिनों ही रिलीज हुई इस फिल्म कीआईएमडीबी रेटिंग 8.5 रही थी।
    जॉली एलएलबी 3
    फिल्म जॉली एलएलबी 3भी इस साल रिलीज हुई सबसे हाईआईएमडीबी रेटिंग वाली फिल्मों में गिनी जाती है। दो वकीलों की मजेदार टक्कर वाली इस फिल्म कीआईएमडीबी रेटिंग 6.8 रही थी।
    थामा
    आयुष्मान खुराना और आर माधवन की फिल्म थामाका नाम भी लिस्ट में शामिल है। इसकी आईएमडीबी पर रेटिंग 6.4 है। फिल्म में कॉमेडी के साथ-साथ ढेर सारा हॉरर भी शामिल किया गया है।

    धूम धाम
    ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर फिल्म धूम धामने भी कमाल कर दिया। एक नवविवाहित दूल्हा-दुल्हन की इस मजेदार कॉमेडी में हंसी भी है और रोमांच भी फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग 6.4 रही थी।
    सितारे जमीन पर
    आमिर खान की लंबे वक्त बाद कोई सुपरहिट फिल्म आई। सीक्वल फिल्म सितारे जमीन पर कोआईएमडीबी पर 6.9 रेटिंग मिली।

  • पुत्रदा एकादशी 2025 साल की आखिरी एकादशी पर जरूर करें ये काम जीवन में बनी रहेगी सुख-समृद्धि

    पुत्रदा एकादशी 2025 साल की आखिरी एकादशी पर जरूर करें ये काम जीवन में बनी रहेगी सुख-समृद्धि


    नई दिल्ली । पुत्रदा एकादशी 2025 प्रत्येक महीने की शुक्ल और कृष्ण पक्ष को एकादशी का व्रत रखा जाता है। हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि एकादशी का व्रत करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती। इस व्रत करने से व्यक्ति के घर में सदैव मां लक्ष्मी का वास रहता है और उनके घर में सदैव धन समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। साल 2025 की आखिरी एकादशी का व्रत 30 दिसंबर को रखा जाएगा। तो आइए जानते हैं कि साल की आखिरी एकादशी के दिन क्या-क्या करना चाहिए। साथ ही जानेंगे कि इस दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।
    पुत्रदा एकादशी 2025
    पुत्रदा एकादशी का व्रत साल में दो बार रखा जाता है एक सावन मास में दूसरा पौष माह में। पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत 30 दिसंबर 2025 को रखा जाएगा। पुत्रदा एकादशी का व्रत करने से संतान को लंबी तरक्की और अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है। वहीं जिन दंपतियों की कोई संतान नहीं है उन्हें पुत्रदा एकादशी का व्रत जरूर करना चाहिए। इस व्रत के प्रभाव से उनके घर जल्द ही किलकारी की गूंज सुनाई देगी।

    पुत्रदा एकादशी 2025 शुभ मुहूर्त

    पौत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 30 दिसंबर को सुबह 7 बजकर 50 मिनट पर होगा। एकादशी तिथि का समापन 31 दिसंबर को सुबह 5 बजे होगा। पुत्रदा एकादशी का पारण का 31 दिसंबर को किया जाएगा। पारण के लिए शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 26 मिनट से दोपहर 3 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।

    साल की अंतिम एकादशी के दिन करें ये काम

    एकादशी के दिन पीपल पेड़ के नीचे तेल का दीया जलाएं और ऊँ नमो नारायणाय नमः मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से जीवन में समृद्धि और खुशहाली आती है।  एकादशी के दिन भगवान विष्णु को केले का भोग लगाएं और घी वाली रोटी पर गुड़ रखकर गाय को खिला दें। एकादशी के दिन ऐसा करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है। एकादशी के दिन भगवान विष्णु का पंचामृत से अभिषेक करें। इस उपाय को करने से तरक्की और व्यापार में मुनाफा मिलता है। साथ ही हर तरह की बाधाएं भी दूर हो जाती हैंएकादशी के दिन शाम के समय तुलसी के पास दीपक जलाएं। ऐसा करने से आपके धन-संपत्ति में बरकत होती है।

  • एमपी सरकार ने 1 रुपये में 25 एकड़ जमीन दी अब खुलेंगे चार मेडिकल कॉलेज 2027 से एमबीबीएस प्रवेश

    एमपी सरकार ने 1 रुपये में 25 एकड़ जमीन दी अब खुलेंगे चार मेडिकल कॉलेज 2027 से एमबीबीएस प्रवेश


    भोपाल । मध्यप्रदेश में अब देश में पहली बार सार्वजनिक-निजी भागीदारी पीपीपी मॉडल पर चार नए मेडिकल कॉलेज खुलने जा रहे हैं। इन कॉलेजों में 2027-28 से एमबीबीएस कोर्स में प्रवेश शुरू होगा। यह योजना राज्य में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लेकर आएगी क्योंकि इन कॉलेजों के जरिए 2035 तक डॉक्टरों की बड़ी संख्या तैयार हो सकेगी।इन मेडिकल कॉलेजों में हर कॉलेज में कम से कम 100 सीटें होंगी हालांकि सरकार ने प्रवेश 150 सीटों से शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। भविष्य में कॉलेजों की सीटों की संख्या बढ़कर 250 तक हो सकती है। इस प्रकार इन कॉलेजों से हर साल बड़ी संख्या में डॉक्टर निकलकर चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में योगदान देंगे।

    सरकार की शर्त

    इस योजना में सरकार ने खास शर्त रखी थी कि निवेशक को खुद कॉलेज बनाना होगा। हालांकि पीपीपी मॉडल को लेकर पहले कई बार निविदाएं आमंत्रित की गईं लेकिन पहले चार फिर दस और बाद में बारह जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए कोई निवेशक सामने नहीं आया। यह परियोजना सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण थी लेकिन अंततः सरकार ने फैसला किया कि वह निवेशकों को 1 रुपये में 25 एकड़ ज़मीन देगी। इस निर्णय के बाद ही निवेशक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए सामने आए। इस निर्णय के बाद राज्य सरकार ने चार मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए निवेशकों से प्रस्ताव स्वीकार किए और इस परियोजना की शुरुआत की। इन कॉलेजों के खुलने से मध्यप्रदेश में चिकित्सा शिक्षा का स्तर बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं को चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने का एक नया अवसर मिलेगा।

    राज्य में चिकित्सा शिक्षा का सुधार

    पीपीपी मॉडल के तहत इन कॉलेजों के खुलने से न केवल स्वास्थ्यसेवाओं में सुधार होगा बल्कि राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में भी एक नया मोड़ आएगा। यह कदम राज्य में डॉक्टरों की कमी को दूर करने और भविष्य में अधिक चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा इन कॉलेजों में स्नातक एमबीबीएस के अलावा पोस्ट ग्रेजुएट और सुपर स्पेशलिटी कोर्स भी शुरू किए जा सकते हैं।

  • नए साल में एमपी के 15 लाख कर्मचारियों को आयुष्मान जैसी योजना 10 लाख तक कैशलेस इलाज मिलेगा

    नए साल में एमपी के 15 लाख कर्मचारियों को आयुष्मान जैसी योजना 10 लाख तक कैशलेस इलाज मिलेगा


    भोपाल । मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के 15 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों के लिए एक नई स्वास्थ्य बीमा योजना तैयार की है जो नए साल 2026 से लागू होगी। इस योजना को मुख्यमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना के नाम से प्रस्तावित किया गया है और इसमें कर्मचारियों को आयुष्मान भारत की तरह कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।इस योजना में कर्मचारियों को हरियाणा और राजस्थान की तरह कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जाएगी।
    इसमें सामान्य इलाज के लिए ₹5 लाख तक और गंभीर बीमारियों के लिए ₹10 लाख तक निशुल्क इलाज मिलेगा। इसके तहत कर्मचारी सेवानिवृत्त कर्मी और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।कर्मचारी संगठनों के सुझाव पर तैयार की गई इस योजना में सरकार का योगदान भी महत्वपूर्ण होगा। कर्मचारियों के वेतन से एक निश्चित राशि का अंशदान लिया जाएगा जबकि शेष राशि राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी। इस तरह से कर्मचारियों को आर्थिक बोझ से मुक्त कर उनके स्वास्थ्य संबंधी खर्चों को कवर किया जाएगा।

    राज्य सरकार का यह कदम कर्मचारियों के लंबे समय से चल रहे स्वास्थ्य बीमा के मुद्दे पर सकारात्मक उत्तर है। कर्मचारी संगठन लंबे समय से ऐसे लाभ की मांग कर रहे थे और इस योजना से उनकी उम्मीदें पूरी होती दिख रही हैं।राज्य सरकार का उद्देश्य इस योजना के जरिए न केवल कर्मचारियों के स्वास्थ्य की देखभाल करना है बल्कि कर्मचारियों और उनके परिवारों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना भी है। इसके लिए प्रदेश के सरकारी और निजी अस्पतालों से अनुबंध किया जाएगा ताकि कर्मचारियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।

    इस योजना का लाभ केवल वर्तमान कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों को भी इस योजना का पूरा फायदा मिलेगा। यह कदम मध्यप्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारियों के कल्याण के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण पहलू साबित हो सकता है।
    यह स्वास्थ्य योजना कर्मचारियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और स्वास्थ्य संकटों में उन्हें राहत देने के लिए बनाई गई है। योजना के लागू होने से कर्मचारियों को अस्पतालों में भर्ती इलाज और ऑपेडी जैसी सभी सेवाओं में बड़ी राहत मिलेगी।

  • कर्नाटक में भीषण हादसा… ट्रक से टक्कर के बाद स्लीपर कोच बस में लगी आग… 10 लोगों की मौत

    कर्नाटक में भीषण हादसा… ट्रक से टक्कर के बाद स्लीपर कोच बस में लगी आग… 10 लोगों की मौत


    चित्रदुर्ग ।
    कर्नाटक (Karnataka) में शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसे (Road Accident ) में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले (Chitradurga district) में एक ट्रक से टक्कर (Collision with a truck) के बाद निजी स्लीपर कोच बस (Sleeper coach bus) में आग लगने से कम से कम 10 लोगों की जलकर मौत हो गई।

    पुलिस ने बताया कि बेंगलुरु से गोकर्ण जा रही निजी स्लीपर कोच बस को एक ट्रक ने सामने से टक्कर मार दी और उसमें तुरंत आग लग गई। पुलिस ने बताया कि चित्रदुर्ग जिले के हिरियूर तालुक में गोरलाथु क्रॉस के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर यह सड़क दुर्घटना हुई।


    डिवाइडर पार कर बस से टकराया ट्रक

    पुलिस ने बताया कि हिरियूर से बेंगलुरु की ओर जा रहा एक ट्रक डिवाइडर को पार कर गया और बेंगलुरु से शिवमोगा जा रही एक बस से टकरा गया। पुलिस का कहना है कि हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। वहीं, हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका पास के ही अस्पताल में इलाज जारी है।


    शुरुआती जांच में सामने आई ट्रक चालक की लापरवाही

    पुलिस की शुरुआती जांच में ट्रक चालक की लापरवाही की बात सामने आई है। ट्रक से हुई भीषण टक्कर के चलते बस में तुरंत ही आग लग गई थी और वह पूरी तरह जलकर खाक हो गई। इसकी वजह से पुलिस को बचाव कार्य करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए इस हादसे में स्लीपर कोच में आग लग गई, जिससे कई यात्री अंदर फंस गए थे।


    पीएम मोदी ने हादसे पर जताया दुख

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक में हुए सड़क हादसे पर दुख जताया है। पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट में कहा, ‘कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में हुई दुर्घटना में हुई जानमाल की हानि से गहरा दुःख हुआ है। अपनों को खोने वालों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रत्येक मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।’

    एक रिपोर्ट के मुताबिक चित्रदुर्ग के पुलिस अधीक्षक रंजीत ने घटनास्थल का दौरा किया और जांच की निगरानी कर रहे हैं। हिरियूर ग्रामीण पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। पुलिस ने शक जताया है कि ट्रक चालक गाड़ी चलाते समय सो गया होगा।

  • UP: शाहजहांपुर में रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट आया परिवार, 5 लोगों की मौत

    UP: शाहजहांपुर में रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट आया परिवार, 5 लोगों की मौत


    शाहजहांपुर।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के शाहजहांपुर (Shahjahanpur) में दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है. यहां रोजा रेलवे स्टेशन (Roza Railway Station) के आउटर इलाके में रेलवे ट्रैक पार करते समय गरीब रथ ट्रेन (Garib Rath Train) की चपेट में आने से पांच लोगों की मौत हो गई. इस हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्य और उनका एक रिश्तेदार शामिल है. घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. हादसे के बारे में पता चलते ही स्टेशन पर मौजूद लोग सन्न रह गए।

    हादसा उस समय हुआ, जब हरिओम नाम का युवक अपने रिश्तेदार सेठपाल, उसकी पत्नी पूजा और उनके दो बच्चों को रेलवे स्टेशन छोड़ने आया था. दोनों परिवार एक ही बाइक पर सवार होकर रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे. यह रास्ता आमतौर पर रेलवे कर्मचारियों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन ट्रैक पार करते समय बाइक सवार ट्रेन की दिशा का सही अंदाजा नहीं लगा सके. इसी दौरान तेज रफ्तार में गरीब रथ ट्रेन आ गई और पांचों लोग चपेट में आ गए.

    हादसा इतना भीषण था कि दो पुरुष, एक महिला और दो बच्चों की मौके पर ही ट्रेन से कटकर मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई. आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी. कुछ ही देर में जीआरपी पुलिस और रेलवे अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। जीआरपी ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है. मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    मृतकों के परिजन लालाराम ने कहा कि हमारा लड़का हरिओम अपनी मां को छोड़ने शहर आया था. उसके बाद वह अपने साढू के परिवार के साथ लौट रहा था. रास्ते में हादसा हो गया. वहीं जीआरपी एसओ मदनपाल ने कहा कि यहां एक रास्ता है, जिस पर रेलवे कर्मचारी निकलते हैं, वहां से यह परिवार बाइक से निकल रहा था. यह जज नहीं कर पाया कि किधर से ट्रेन आ रही है, तभी यह हादसा हो गया।

    एसपी राजेश द्विवेदी ने कहा कि शाहजहांपुर के रोजा स्टेशन के आउटर पर एक बाइक से पति-पत्नी उनके दो बच्चे और उनका एक साढू रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे, हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. जीआरपी आगे की कार्रवाई कर रही है।

  • केन्द्र ने अरावली पहाड़ियों में नए खनन पट्टे देने पर लगाई रोक, राज्यों को दिया निर्देश

    केन्द्र ने अरावली पहाड़ियों में नए खनन पट्टे देने पर लगाई रोक, राज्यों को दिया निर्देश


    नई दिल्ली।
    अरावली पहाड़ियों (Aravalli Hills) को लेकर केंद्र सरकार (Central government) ने बुधवार को बड़ा फैसला (Big Decision) लिया। केंद्र ने राज्यों को अरावली में नए खनन पट्टे (New Mining Leases) देने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है। सरकार का कहना है कि वह अरावली की पहाड़ियों के संरक्षण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। जैव विविधता के संरक्षण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता देती है। अरावली रेंज दिल्ली से गुजरात तक फैली हुई है, जिसको लेकर पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा था। सोशल मीडिया पर भी लोग अरावली को लेकर सरकार का विरोध कर रहे थे। अब अवैध खनन से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने राज्यों को अरावली में किसी भी तरह की नई माइनिंग पर पूरी तरह से रोक लगाने के आदेश दिए।

    पर्यावरण मंत्रालय ने कहा, ”यह रोक पूरी अरावली रेंज पर समान रूप से लागू होगी और इसका मकसद इस रेंज की अखंडता को बनाए रखना है। इन निर्देशों का मकसद अरावली को गुजरात से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक फैली एक लगातार भूवैज्ञानिक पहाड़ी के रूप में सुरक्षित रखना और सभी अनियमित माइनिंग गतिविधियों को रोकना है।” इसके अलावा, मंत्रालय ने इंडियन काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन (ICFRE) को पूरे अरावली क्षेत्र में ऐसे और इलाकों/जोन की पहचान करने का निर्देश दिया है, जहां खनन पर रोक लगाई जानी चाहिए। ये इलाके केंद्र द्वारा पहले से प्रतिबंधित खनन क्षेत्रों के अलावा होंगे, और इनकी पहचान पारिस्थितिक, भूवैज्ञानिक और लैंडस्केप-स्तर के विचारों के आधार पर की जाएगी।

    सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि जो खदानें पहले से चल रही हैं, उनके लिए संबंधित राज्य सरकारें सभी पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार काम करें। पर्यावरण की सुरक्षा और टिकाऊ खनन तरीकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए, चल रही खनन गतिविधियों को अतिरिक्त प्रतिबंधों के साथ सख्ती से रेगुलेट किया जाएगा।

    नवंबर 2025 में, शीर्ष अदालत ने पर्यावरण मंत्रालय के नेतृत्व वाली एक समिति की सिफारिश पर अरावली पहाड़ियों और अरावली रेंज की एक समान कानूनी परिभाषा को स्वीकार कर लिया। इस परिभाषा के तहत, ‘अरावली पहाड़ी’ अपने आसपास के इलाके से कम से कम 100 मीटर की ऊंचाई वाली एक भू-आकृति है और ‘अरावली रेंज’ एक दूसरे के 500 मीटर के भीतर दो या दो से अधिक ऐसी पहाड़ियों का समूह है। इसके बाद सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना शुरू हो गई थी।

    वहीं, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav) ने कांग्रेस पर अरावली की नई परिभाषा के मुद्दे पर ‘गलत सूचना’ और ‘झूठ’ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि पर्वत श्रृंखला के केवल 0.19 प्रतिशत हिस्से में ही कानूनी रूप से खनन किया जा सकता है। यादव ने प्रेसवार्ता में कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार अरावली की सुरक्षा और पुनर्स्थापन के लिए ‘पूरी तरह से प्रतिबद्ध’ है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘कांग्रेस ने अपने शासनकाल में राजस्थान में बड़े पैमाने पर अवैध खनन की अनुमति दी, लेकिन वह अब इस मुद्दे पर भ्रम, गलत सूचना और झूठ फैला रही है।’’ उन्होंने कहा कि पर्यावरण मंत्रालय की सिफारिश पर उच्चतम न्यायालय द्वारा अनुमोदित नई परिभाषा का उद्देश्य ‘अवैध खनन पर अंकुश लगाना’ और ‘कानूनी रूप से टिकाऊ खनन’ की अनुमति देना है तथा वह भी तब होगा जब भारतीय वानिकी अनुसंधान और शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) संपोषणीय खनन के लिए प्रबंधन योजना (एमपीएसएम) तैयार कर लेती है।

  • PM मोदी आज लखनऊ में करेंगे राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण… म्यूजियम का उद्घाटन भी होगा

    PM मोदी आज लखनऊ में करेंगे राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण… म्यूजियम का उद्घाटन भी होगा

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लखनऊ (Lucknow) में बसंतकुंज योजना (Basant Kunj Scheme) में बने राष्ट्र प्रेरणा स्थल (National Inspiration Site) का लोकार्पण आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) करेंगे। कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो गई हैं। पीएम यहां पर लगी तीन विभूतियों अटल बिहारी वापजेयी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पं. दीन दयाल उपाध्याय की भव्य प्रतिमाओं का अनावरण भी करेंगे। इन विभूतियों के संस्मरणों को संजोने के लिए बने म्यूजियम का लोकार्पण भी होगा।

    इस आयोजन में डेढ़ लाख से अधिक लोगों के शामिल होने का अनुमान है। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी प्रमुख रूप से मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री करीब दो बजे आयोजन स्थल पर हेलीकाॅप्टर से पहुंचेंगे। लोकार्पण के लिए आयोजन स्थल के साथ पूरे शहर को सजाया व संवारा गया है। आयोजन स्थल को भव्य बनाने के लिए कई प्रदेशों से बेहतरीन फूल वाले पौधे मंगाए गए हैं।

    पूरे शहर में डिवाइडरों को साफ कर रंगा गया है। प्रमुख चौराहों और मार्गों पर स्ट्रीट लाइट के पोल पर रंगीन लाइट वाली झालरें लगाई गई हैं। दीवारों पर आकर्षक चित्रकारी कराई गई है। सुरक्षा को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आयोजन में आसपास के कई जिलों से करीब 2000 बसें आ रही हैं। इनकी पार्किंग के खास इंतजाम किए गए हैं। कुल 13 पार्किंग बनाई गई हैं। इनमें 2600 बसें और 2000 कारें खड़ी हो सकेंगी। व्यवस्था बनी रहे इसके लिए अफसरों और कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है।


    आकर्षित करती हैं भव्य प्रतिमाएं

    – प्रेरणा स्थल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की 65 फीट ऊंची भव्य कांस्य प्रतिमाएं लगी हैं।
    – राष्ट्र प्रेरणा स्थल 65 एकड़ में फैला है और इसके निर्माण पर 232 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसका निर्माण दिसंबर 2022 में शुरू हुआ था।
    – पंडित दीन दयाल उपाध्याय की प्रतिमा का निर्माण प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार ने किया है जिन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण किया था।
    – डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का निर्माण मूर्तिकार माटू राम ने पूरा किया है।
    – तीनों विभूतियों की प्रतिमाओं के निर्माण पर 21 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।


    पहले प्रतिमाओं को होगा अनावरण

    बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री सबसे पहले राष्ट्र नायकों की प्रतिमाओं का अनावरण कर श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। इस अवसर पर राष्ट्रीयता की भावना के संचार के लिए तिरंगा गुब्बारे छोड़े जाएंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्र नायकों को समर्पित म्यूजियम को लोकार्पण करेंगे। वह श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीन दयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित गैलरियों को देखेंगे। पहली गैलरी में डिजिटल सिस्टम के जरिये राष्ट्र नायकों का संक्षिप्त जीवन परिचय दिखाया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री म्यूजियम परिसर में ही बनाए गए भारत माता, जनसंघ के प्रतीक चिह्न दीपक और सुदर्शन चक्र गैलरी में जाएंगे। राष्ट्र नायकों जुड़ी हुई वस्तुओं को देखने के लिए प्रथम तल पर बनी गैलरी में भी जाएंगे। म्यूजियम से बाहर निकल कर प्रधानमंत्री प्रेरणा स्थल पर बने मंच से कार्यक्रम में आए लोगों को संबोधित करेंगे।


    बदला रहेगा शहर का यातायात

    25 दिसंबर को प्रधानमंत्री राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण करने राजधानी आ रहे हैं। कार्यक्रम के मद्देनजर ट्रैफिक पुलिस ने डायवर्जन जारी किया है। 24 दिसंबर की रात 12 बजे से बृहस्पतिवार को कार्यक्रम की समाप्ति तक यातायात बदला रहेगा। इमरजेंसी की स्थिति में प्रतिबंधित मार्ग पर एंबुलेंस, फायर सर्विस, स्कूली वाहन, शव वाहन को रास्ता दिया जाएगा। इसके लिए ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 पर संपर्क किया जा सकता है।


    आंतरिक डायवर्जन

    – मलीहाबाद चौराहे से बाजनगर किसान पथ, छंदोईया की ओर भारी या अन्य वाहन नहीं जा सकेंगे। इन्हें जीरो पॉइंट मोहान रोड होकर जाना होगा।
    – मुंजासा तिराहे से बाजनगर किसान पथ, छंदोईया की ओर वाहन नहीं जाएंगे। ये वाहन जीरो पॉइंट मोहान रोड होकर जा सकेंगे।
    – बाजनगर किसान पथ अंडरपास से छंदोईया बाईपास तिराहे की ओर वाहन नहीं जा सकेंगे। ये वाहन बाजनगर किसान पथ अंडरपास से किसान पथ होकर जाएंगे।
    – कसमंडी (हमसफर लॉन) अंडरपास से अंधे की चौकी तिराहे की ओर वाहन नहीं जाएंगे। इन्हें किसानपथ होकर जाना होगा।
    – छंदोईया बाईपास तिराहे से कार्यक्रम स्थल, भिठौली तिराहे की तरफ वाहन नहीं जा सकेंगे। ये वाहन अंधे की चौकी तिराहे, बाजनगर किसान पथ अंडरपास से किसान पथ या दुबग्गा तिराहे होकर जाएंगे।
    – तिकोनिया तिराहे से दुबग्गा तिराहे, छंदोईया बाईपास तिराहे की तरफ भारी वाहन नहीं जाएंगे। ये वाहन नहर तिराहे मोहान रोड, खुशहालगंज बाजार होते हुए खुशहालगंज किसान पथ अंडरपास से किसानपथ होकर जाएंगे।
    – भिठौली तिराहे से कार्यक्रम स्थल, छंदोईया बाईपास तिराहे की तरफ वाहन नहीं जाएंगे। इन्हें सैरपुर तिराहे, अस्ति क्राॅसिंग, बख्शी का तालाब होकर इंदौराबाग अंडरपास से किसान पथ या इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे से होकर जाना होगा।
    – नया पक्कापुल तिराहे, कुड़ियाघाट तिराहे से कार्यक्रम स्थल, घैला तिराहे की ओर वाहन नहीं जाएंगे। इन्हें रूमी गेट, कोनेश्वर चौराहे, बालागंज चौराहे, दुबग्गा तिराहे से होकर जाना होगा।
    – दुबग्गा तिराहे से वाहन छंदोईया या सीतापुर बाईपास की तरफ नहीं जाएंगे। इन्हें तिकोनिया तिराहे से होकर जाना होगा।
    – नहरपुल तिराहे से वाहन बुद्धेश्वर की तरफ नहीं जाएंगे। इन्हें जीरो पॉइंट या किसान पथ के ऊपर से होकर जाना होगा।


    कुछ ऐसा रहेगा बाहर से आने वाले वाहनों का डायवर्जन

    – कानपुर की तरफ से आने वाले भारी वाहन अंबेडकरनगर, बस्ती, संत कबीरनगर, गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर, बलिया, गाजीपुर, आजमगढ़ समेत अन्य जिलों की ओर जाने के लिए कानपुर, फतेहपुर, लालगंज, बछरांवा, हैदरगढ़, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होकर जाएंगे।
    – उन्नाव की तरफ से आने वाले भारी वाहन उन्नाव के दही चौकी से पुरवा, मौरावां, बछरावां, हैदरगढ़, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होकर जा सकेंगे। इसके अलावा उन्नाव (ललऊखेड़ा) से बीघापुर लालगंज, गुरुबक्शगंज, बछरावां से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होकर भी जा सकेंगे।
    – सीतापुर की तरफ से आने वाले भारी वाहन चाहलारी होते हुए बहराईच से गोंडा व बलरामपुर होकर जा सकेंगे।
    – हरदोई की तरफ से आने वाले भारी वाहन बघौली, बांगरमऊ, उन्नाव (ललऊखेड़ा), बीघापुर लालगंज, गुरुबक्शगंज, बछरांवा से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होकर जा सकेंगे।
    – सुल्तानुपर रोड / हैदरगढ़ (जनपद बाराबंकी) की तरफ से आने वाले भारी वाहन हैदरगढ़ से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होकर जाएंगे।
    – रायबरेली रोड की तरफ से आने वाले भारी वाहन बछरावां से हैदरगढ़ होकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जाएंगे।
    – बाराबंकी रोड की तरफ से आने वाले भारी वाहन हैदरगढ, बछरावां, लालगंज, फतेहपुर, चौडगरा होकर जा सकेंगे। इसके अलावा बाराबंकी रोड से बहराईच के चहलारी घाट से सीतापुर होकर भी जा सकते हैं।


    चप्पे-चप्पे पर रहेगी की पुलिस की नजर

    प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। जेसीपी एलओ बबलू कुमार ने बताया कि कार्यक्रम स्थल व उसके आसपास के पूरे इलाके पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है। हर जगह चेकिंग की जा रही है। सुरक्षा के लिए 18 पुलिस उपायुक्त, 26 अपर पुलिस उपायुक्त, 80 सहायक पुलिस आयुक्त, 189 इंस्पेक्टर, 1367 दरोगा, 214 महिला दरोगा, 4312 सिपाही, 997 महिला सिपाही, 18 कंपनी पीएसी, 4 कंपनी आरएएफ, 8 बम निरोधक दस्ता, एनएसजी की दो टीमें, एटीएस की एक टीम, एंटी ड्रोन की दो टीमें, एक एंटी माइन टीम, 14 एंटी सबोटाज टीम तैनात की गई है। 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी भी की जा रही है। क्विक रिस्पांस टीम का भी गठन किया गया है। पुलिस की चार टीमों को रिजर्व में रखा गया है।


    अलर्ट पर लखनऊ के सरकारी अस्पताल

    शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से केजीएमयू, पीजीआई और लोकबंधु अस्पताल को सेफ हाउस बनाया गया है। लोकबंधु की टीम एयरपोर्ट पर मुस्तैद रहेगी। इसके अलावा एंबुलेंस, प्रधानमंत्री के ब्लड ग्रुप के लाइव डोनर की भी पुख्ता व्यवस्था कर रखी गई है।

    सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए पीजीआई, केजीएमयू को सेफ हाउस बनाया गया है। वहां अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बेड आरक्षित किए गए हैं। डॉक्टर और स्टाफ की ड्यूटी लगाई है। ऐसे ही लोकबंधु अस्पताल के डॉक्टर, स्टाफ की ड्यूटी तीसरे सेफ हाउस के तौर पर एयरपोर्ट पर रहेगी।

    प्रधानमंत्री के शहर में आगमन से लेकर जाने तक 20 बीएलएस (बेसिक लाइफ सपोर्ट) और चार एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) एंबुलेंस अलर्ट रहेंगी। प्रधानमंत्री के ब्लड ग्रुप के दो लाइव डोनर उनकी फ्लीट में रहेंगे। सभी ब्लड बैंकों में प्रधानमंत्री के ब्लड ग्रुप वाले रक्त को सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल की पार्किंग में डॉक्टर व स्टॉफ की 20 टीमें रहेंगी। पीएम की फ्लीट के साथ चार टीमें रहेंगी।

  • Natural Skin Care Habits: अगर महंगी क्रीम और स्किन केयर प्रोडक्ट्स भी आपके चेहरे पर असर नहीं दिखा पा रहे हैं,

    Natural Skin Care Habits: अगर महंगी क्रीम और स्किन केयर प्रोडक्ट्स भी आपके चेहरे पर असर नहीं दिखा पा रहे हैं,


    नई दिल्‍ली । कई बार ऐसा होता है कि हम महंगी से महंगी क्रीम, सीरम और फेस पैक इस्तेमाल करते हैं, फिर भी चेहरे पर वो निखार नहीं आता जिसकी उम्मीद होती है। तब मन में सवाल उठता है कि आखिर कमी कहां रह गई। असल में स्किन की सेहत सिर्फ बाहर से लगाए गए प्रोडक्ट्स पर नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की आदतों पर टिकी होती है। सही दिनचर्या अपनाकर, बिना ज्यादा खर्च किए भी चेहरे पर नैचुरल पिंक ग्लो लाया जा सकता है।अगर नींद पूरी नहीं होती, तो उसका असर सबसे पहले चेहरे पर दिखता है। डलनेस, डार्क सर्कल और पिंपल्स की बड़ी वजह खराब स्लीप साइकल मानी जाती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक रोज 7-8 घंटे की गहरी नींद स्किन सेल्स को रिपेयर करने में मदद करती है। अच्छी नींद से चेहरा फ्रेश दिखता है और नेचुरल ग्लो अपने आप नजर आने लगता है।

    पानी की कमी छीन लेती है चेहरे की चमक

    दिनभर कम पानी पीने से शरीर ही नहीं, स्किन भी डिहाइड्रेट हो जाती है। जब स्किन में नमी की कमी होती है, तो चेहरा बेजान और रूखा लगने लगता है। रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और स्किन अंदर से हाइड्रेट रहती है। यही आदत चेहरे पर पिंक और हेल्दी ग्लो लाने में मदद करती है।
    संतुलित डाइट है नेचुरल ब्यूटी का राज
    स्किन की सेहत का सीधा कनेक्शन हमारे खाने से होता है। ज्यादा तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड स्किन प्रॉब्लम्स बढ़ा सकता है। वहीं फल, सब्जियां, नट्स और प्रोटीन से भरपूर डाइट स्किन को जरूरी पोषण देती है। विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर खाना स्किन को अंदर से मजबूत बनाता है।

    चेहरे की सही सफाई भी है जरूरी

    दिनभर धूल-मिट्टी और पॉल्यूशन चेहरे पर जम जाता है। अगर स्किन को ठीक से साफ न किया जाए, तो पोर्स बंद हो सकते हैं और पिंपल्स की समस्या बढ़ सकती है। दिन में दो बार हल्के क्लींजर से फेस वॉश करना स्किन को साफ रखता है और नेचुरल ग्लो बनाए रखने में मदद करता है।

    धूप से बचाव भी है स्किन के लिए जरूरी

    बिना धूप से बचाव के बाहर निकलना स्किन को नुकसान पहुंचा सकता है। सूरज की तेज किरणें स्किन एजिंग और पिगमेंटेशन बढ़ा सकती हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि बाहर जाते समय सन प्रोटेक्शन अपनाना स्किन को लंबे समय तक हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखता है।

    तनाव कम करेंगे तो चेहरा खुद बोलेगा
    ज्यादा तनाव सिर्फ दिमाग ही नहीं, स्किन को भी प्रभावित करता है। स्ट्रेस हार्मोनल बदलाव लाकर स्किन प्रॉब्लम्स बढ़ा सकता है। रोज थोड़ा वक्त खुद के लिए निकालना, रिलैक्स करना और पॉजिटिव रहना चेहरे पर साफ नजर आता है।