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  • हरमनप्रीत कौर का बड़ा बयान: इस साल टीम इंडिया ने जीतीं सभी ट्रॉफियां

    हरमनप्रीत कौर का बड़ा बयान: इस साल टीम इंडिया ने जीतीं सभी ट्रॉफियां


    नई दिल्ली। भारत को बतौर कप्तान वनडे वर्ल्ड कप 2025 का खिताब जिताने वाली कप्तान हरमनप्रीत कौर ने महिला क्रिकेट की पहचान और लोकप्रियता में आए बदलाव को जीना ‘एक शानदार एहसास’ बताया है। कप्तान और उनकी टीम को पता था कि देश में बदलाव तभी आएगा, जब उनके नाम कोई बड़ी ट्रॉफी होगी। इसके साथ ही उन्होंने टीम इंडिया की सफलता का श्रेय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को दिया है।

    भारत ने साल 2026 में हुए दोनों आईसीसी इवेंट्स अपने नाम किए हैं। कौर ने सभी फॉर्मेट में भारत के दबदबे का श्रेय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को देते हुए कहा, “इस साल, हमने अब तक सभी ट्रॉफियां जीती हैं। यह दिखाता है कि बीसीसीआई क्रिकेट के सभी फॉर्मेट को हर स्टेज पर बेहतर बनाने के लिए कितनी मेहनत कर रहा है। मुझे लगता है कि उनकी मेहनत रंग ला रही है। हमारी सभी टीमों ने अच्छा प्रदर्शन किया है और सभी टीमों ने आईसीसी टाइटल जीते हैं।”

    बुधवार को नई दिल्ली के द्वारका के ओमेक्स स्टेडियम में हरमनप्रीत कौर के सम्मान में स्टैंड का नामकरण हुआ। इस दौरान हरमनप्रीत ने ‘आईएएनएस’ से कहा, “जाहिर है, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। हम सभी जानते थे कि जब वर्ल्ड कप जीतेंगे, तो चीजें बदल जाएंगी। इसलिए, उस बदलाव को महसूस करना और उस बदलाव को जीने का मौका मिलना एक शानदार एहसास है।”

    ओमेक्स स्टेट स्टेडियम के नॉर्थ पवेलियन सेक्शन में 1,500 से ज्यादा सीटों वाले हिस्से का नाम ‘हरमनप्रीत कौर स्टैंड’ रखने का मकसद अधिक से अधिक महिला दर्शकों को मैच देखने के लिए प्रोत्साहित करना है। यह देश का पहला खास ‘पिंक स्टैंड’ भी होगा, जो 2027 के आखिर में स्टेडियम खुलने पर पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।

    भारतीय कप्तान ने कहा, “मुझे लगता है कि यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। दुनिया में इस तरह का विचार लाना भी अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है। आजकल हम लड़कियों के खेल-कूद में हिस्सा लेने के बारे में तो खूब बातें करते हैं, लेकिन हमने कभी यह नहीं सोचा कि जो लोग मैच देखने आते हैं, उनके लिए चीजें कैसी होनी चाहिए। इसलिए, उन्हें भी ध्यान में रखना और उन्हें भी उतनी ही अहमियत देना बहुत जरूरी है। मुझे लगता है कि लड़कियों को इस स्टैंड में आकर अपनी पसंदीदा टीम का हौसला बढ़ाते देखना बहुत शानदार होगा। यह एक बहुत अच्छी पहल है।”

    दाएं हाथ की बल्लेबाज ने महिला क्रिकेट के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के महत्व पर भी जोर दिया, जिसमें स्टेडियम, रेजिडेंशियल अकादमियां और ट्रेनिंग की सुविधाएं शामिल हैं, ताकि अगली पीढ़ी की महिला क्रिकेटर्स के लिए रास्ता आसान हो सके।

    उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह उनके लिए बहुत अच्छा होगा, क्योंकि उन्हें वे मुश्किल दिन नहीं देखने पड़ेंगे। हमसे पहले हमारे सीनियर्स ने वे दिन देखे थे और हमने भी थोड़े-बहुत देखे थे। तो, अब मुझे लगता है कि ओमेक्स जैसे लोग, वे सच में इस बात का ध्यान रख रहे हैं, ताकि बच्चों के लिए एक अच्छा स्टेडियम बन सके।

  • मीराबाई चानू का बयान: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से आदिवासी खिलाड़ियों को नई पहचान

    मीराबाई चानू का बयान: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से आदिवासी खिलाड़ियों को नई पहचान


    नई दिल्ली। ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (केआईटीजी) को आदिवासी खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन मंच बताया है। उनका मानना है कि अलग-अलग राज्यों के खिलाड़ियों के एक मंच पर आने से उन्हें काफी कुछ सीखने को मिलेगा।

    भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने ‘आईएएनएस’ से कहा, “पहली बार खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन हो रहा है। इससे मुझे बहुत खुशी है। आदिवासी समुदाय से आने वाले खिलाड़ियों के लिए यह बेहतरीन मंच होगा। मैं खुद भी एक खिलाड़ी हूं। मुझे पता है कि हम काफी मशक्कत के बाद यहां तक पहुंचते हैं। ये खिलाड़ी भी मशक्कत के बाद इस मंच तक पहुंचे हैं। इससे उन्हें काफी प्रेरणा मिलेगी।”

    उन्होंने कहा, “इंडिया ट्राइबल गेम्स में आदिवासी खिलाड़ियों को मौका मिलेगा, जो अलग-अलग खेल और राज्यों से होंगे। हमें कॉमनवेल्थ गेम्स में दूसरे खिलाड़ियों से सीखने को मिलता है। इंडिया ट्रायबल गेम्स में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को भी कुछ इसी तरह सीखने को मिलेगा।”

    चानू ने कहा, “जो भी इंडिया ट्रायबल गेम्स हिस्सा ले रहे खिलाड़ियों के लिए मेरा संदेश ये है कि आप भी जो इवेंट में हिस्सा लें, उसे दिल से खेलें। आपको अपने खेल से प्यार करना जरूरी है। मैं युवा खिलाड़ियों को यही कहना चाहूंगी कि वे मेहनत करें और अपने हुनर को दिखाएं।”

    साईखोम मीराबाई चानू ने 2020 टोक्यो ओलंपिक में महिलाओं के 49 किलोग्राम भारवर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रचा था। वह ओलंपिक में सिल्वर जीतने वाली पहली भारतीय महिला थीं। उन्होंने अपनी तैयारियों को लेकर कहा, “मेरी तैयारियां काफी अच्छी चल रही हैं। फिलहाल मेरा फोकस कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स पर है। मैंने अब तक एशियन गेम्स में मेडल नहीं जीता है। मैं उसके लिए ज्यादा फोकस कर रही हूं। आगामी ओलंपिक के लिए भी मेरी तैयारी जारी है।”

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन 25 मार्च से 3 अप्रैल तक होगा, जिसमें 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश 9 खेलों में हिस्सा ले रहे हैं। इन खेलों में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, भारोत्तोलन और कुश्ती में पदक दिए जाएंगे। प्रदर्शनी खेलों में मल्लखंभ और कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल शामिल होंगे।

  • अंडर-19 चैंपियन कप्तान उन्मुक्त चंद की कहानी: स्टारडम से संघर्ष तक

    अंडर-19 चैंपियन कप्तान उन्मुक्त चंद की कहानी: स्टारडम से संघर्ष तक


    नई दिल्ली।आईपीएल 2026 से पहले Mumbai Indians की कप्तानी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। Hardik Pandya के नेतृत्व पर सवाल उठ रहे हैं और Suryakumar Yadav को कप्तान बनाने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। हालांकि, इस बहस के बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर Mohammad Kaif ने अलग राय रखते हुए टीम मैनेजमेंट को जल्दबाजी से बचने की सलाह दी है। उनका मानना है कि बार-बार कप्तान बदलने से टीम में अस्थिरता बढ़ती है और इसका सीधा असर प्रदर्शन पर पड़ता है।

    ‘रोहित वाली गलती दोबारा न हो’

    कैफ ने साफ तौर पर कहा कि Rohit Sharma के साथ जो हुआ, वही व्यवहार हार्दिक के साथ नहीं दोहराया जाना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि रोहित को हटाकर हार्दिक को कप्तान बनाने के बाद टीम का प्रदर्शन प्रभावित हुआ था। ऐसे में अब फिर से बदलाव करना टीम के लिए नुकसानदायक हो सकता है। कैफ का कहना है कि हार्दिक धीरे-धीरे कप्तानी की भूमिका में ढल रहे हैं और पिछले सीजन में टीम को क्वालीफायर-2 तक ले जाना उनकी लीडरशिप की प्रगति को दिखाता है।

    सूर्या को कप्तान बनाने की मांग क्यों तेज?

    दरअसल, Suryakumar Yadav के शानदार टी20 प्रदर्शन, खासकर वर्ल्ड कप में उनके योगदान के बाद उन्हें कप्तानी का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। पूर्व खिलाड़ी Krishnamachari Srikkanth और Ravichandran Ashwin जैसे दिग्गज भी सूर्या को कप्तान बनाने के पक्ष में अपनी राय दे चुके हैं। उनका मानना है कि टीम को एक आक्रामक और फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी के हाथों में नेतृत्व देना बेहतर होगा।

    बार-बार बदलाव से बढ़ेगी अस्थिरता

    कैफ ने इस ट्रेंड पर चिंता जताते हुए कहा कि हर सीजन में नया चेहरा तलाशना सही रणनीति नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले हार्दिक चर्चा में थे, इसलिए उन्हें कप्तान बनाया गया, अब सूर्या चर्चा में हैं—लेकिन अगर अगले साल कोई और खिलाड़ी फॉर्म में आ जाए तो क्या फिर कप्तान बदल दिया जाएगा? इस तरह के फैसले टीम के माहौल को प्रभावित करते हैं और खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी डगमगा सकता है।

    मुंबई इंडियंस के लिए बड़ी चुनौती

    आईपीएल इतिहास की सबसे सफल टीमों में से एक Mumbai Indians के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती स्थिर नेतृत्व बनाए रखने की है। टीम 29 मार्च को Kolkata Knight Riders के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी, ऐसे में कप्तानी को लेकर चल रही बहस टीम के माहौल पर असर डाल सकती है।

    संतुलन और विश्वास की जरूरत

    कैफ का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी टीम की सफलता के लिए कप्तान पर भरोसा और स्थिरता बेहद जरूरी होती है। अगर फ्रेंचाइजी हर कुछ समय में नेतृत्व बदलती रही, तो इसका खामियाजा टीम को लंबे समय तक भुगतना पड़ सकता है।

  • Chaitra Purnima 2026: कब है चैत्र पूर्णिमा ? जानें व्रत, स्नान-दान और मुहूर्त की सही तिथि

    Chaitra Purnima 2026: कब है चैत्र पूर्णिमा ? जानें व्रत, स्नान-दान और मुहूर्त की सही तिथि


    नई दिल्ली। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को चैत्र पूर्णिमा कहा जाता है। इस दिन व्रत, स्नान और दान करने का विशेष महत्व होता है। इस साल चैत्र पूर्णिमा तिथि 1 और 2 अप्रैल दोनों दिन है, जिससे लोग भ्रमित हैं कि व्रत और स्नान-दान किस दिन करना चाहिए। पंचांग के अनुसार, स्नान और दान सूर्योदय के आधार पर, जबकि व्रत चंद्रोदय के आधार पर किया जाता है।

    चैत्र पूर्णिमा तिथि कब से कब तक
    पंचांग के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा तिथि 1 अप्रैल बुधवार को सुबह 7:06 बजे शुरू होकर 2 अप्रैल गुरुवार को सुबह 7:41 बजे समाप्त होगी।

    सूर्योदय और स्नान-दान का समय

    1 अप्रैल: सूर्योदय 06:11 AM
    2 अप्रैल: सूर्योदय 06:10 AM
    इस आधार पर, चैत्र पूर्णिमा का स्नान और दान 2 अप्रैल गुरुवार को करना शुभ माना गया है।

    चंद्रोदय और व्रत की तिथि

    1 अप्रैल: चंद्रोदय 06:11 PM
    2 अप्रैल: चंद्रोदय 07:07 PM (वैशाख प्रतिपदा)
    इसलिए, चैत्र पूर्णिमा व्रत 1 अप्रैल को रखना उचित है। इस व्रत में चंद्रमा की पूजा करके अर्घ्य दिया जाता है।

    चैत्र पूर्णिमा 2026 मुहूर्त

    ब्रह्म मुहूर्त (स्नान के लिए उत्तम): 2 अप्रैल, 04:38 AM – 05:24 AM
    अभिजीत मुहूर्त: 2 अप्रैल, 12:00 PM – 12:50 PM
    व्रत पूजा मुहूर्त: 1 अप्रैल, 06:11 AM – 09:18 AM
    प्रदोष काल: सूर्यास्त 06:39 PM के बाद माता लक्ष्मी की पूजा
    रात में चंद्रमा की पूजा और अर्घ्य

    4 शुभ योग में व्रत
    1 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा का व्रत चार शुभ योग में आता है:-
    रवि योग: सुबह 06:11 AM – 04:17 PM
    सर्वार्थ सिद्धि योग: 04:17 PM – 2 अप्रैल सुबह 06:10 AM
    वृद्धि योग: प्रात:काल – दोपहर 02:51 PM
    ध्रुव योग: उसके बाद

    चैत्र पूर्णिमा का महत्व

    – व्रत और पूजा से परिवार में सुख-शांति आती है।
    – माता लक्ष्मी की पूजा से दरिद्रता और धन संकट दूर होता है।
    – रात में चंद्रमा की पूजा और अर्घ्य से मनोबल बढ़ता है और चंद्र दोष मिटता है।
    – स्नान और दान करने से पाप नष्ट होते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।
    – स्नान के बाद पितरों के लिए तर्पण और दान करने से उनका आशीर्वाद मिलता है।

  • केकेआर को मिला नया तेज गेंदबाज, हर्षित राणा की जगह नवदीप सैनी शामिल

    केकेआर को मिला नया तेज गेंदबाज, हर्षित राणा की जगह नवदीप सैनी शामिल


    नई दिल्ली।इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होगी, जिससे पहले कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने हर्षित राणा की जगह तेज गेंदबाज नवदीप सैनी को टीम में शामिल किया है। सैनी 75 लाख रुपये में टीम में शामिल होंगे।

    हर्षित राणा चोटिल होने के कारण टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी नहीं खेल सके थे, जिसके बाद उन्हें आईपीएल से भी बाहर होना पड़ा। काफी सोच-विचार के बाद, केकेआर ने सैनी को अपनी टीम में शामिल किया है। इससे पहले केकेआर ने तेज गेंदबाज आकाश दीप की जगह सौरभ दुबे को टीम में शामिल किया था।

    नवदीप सैनी को अपना पहला आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट 2019 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के साथ मिला था। अपने पहले ही सीजन में सैनी ने 13 मुकाबले खेले, जिसमें 11 विकेट निकाले। आईपीएल 2022 के लिए राजस्थान रॉयल्स ने सैनी को अपने साथ जोड़ा, जिसके लिए सैनी 2 सीजन खेल चुके हैं। सैनी ने आईपीएल में अब तक कुल 5 सीजन में सैनी ने 32 मुकाबले खेले, जिसमें 42.34 की औसत के साथ 23 विकेट हासिल किए।

    सैनी ने भारत की ओर से 2 टेस्ट खेले, जिसमें 4 विकेट हासिल किए। वहीं, 8 वनडे मुकाबलों में उनके नाम 6 विकेट हैं। इसके अलावा, 11 टी20 मैचों में दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने 13 विकेट निकाले हैं। केकेआर की टीम 29 मार्च को वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच के साथ अपना अभियान शुरू करेगी।

    दूसरी ओर, गुजरात टाइटंस ने पृथ्वीराज यारा की जगह कुलवंत खेजरोलिया को टीम में स्थान दिया है। वह गुजरात टाइटंस से 30 लाख रुपये में जुड़ेंगे।

    खेजरोलिया ने साल 2018 में अपना आईपीएल डेब्यू आरसीबी की ओर से ही किया था। मध्य प्रदेश का यह बाएं हाथ का तेज गेंदबाज साल 2023 में केकेआर की ओर से खेला, जिसके अगले साल गुजरात टाइटंस की ओर से सिर्फ एक मैच खेला। कुलवंत ने आईपीएल करियर में कुल 8 मैच खेले हैं, जिसमें 6 विकेट निकाले।

    गुजरात टाइटंस का अभियान 31 मार्च से शुरू होगा। यह टीम मुल्लानपुर में पिछले साल की उपविजेता टीम पंजाब किंग्स का सामना करेगी।

  • आरसीबी बनाम एसआरएच : सर्वाधिक रन बनाने वाले 3 बल्लेबाज, टॉप पर विराट कोहली

    आरसीबी बनाम एसआरएच : सर्वाधिक रन बनाने वाले 3 बल्लेबाज, टॉप पर विराट कोहली


    नई दिल्ली।आईपीएल 2026 का पहला मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के बीच 28 मार्च को एम. चिन्नास्वामी क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। आरसीबी ने पिछले साल 18 साल का सूखा खत्म करते हुए पहली बार खिताब को अपने नाम किया था। आइए आपको उन तीन बल्लेबाजों के नाम बताते हैं जिन्होंने आरसीबी-हैदराबाद के बीच खेले गए मुकाबलों में सर्वाधिक रन बनाए हैं।

    विराट कोहली: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की तरफ से खेलते हुए सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम दर्ज है। कोहली ने एसआरएच के खिलाफ खेली 24 पारियों में 142 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 805 रन बनाए हैं। इस दौरान विराट ने एक शतक और 5 अर्धशतक लगाए हैं। यानी कोहली को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेलना काफी रास आता है। आईपीएल 2025 में एसआरएच के खिलाफ खेले गए मैच में कोहली ने 25 गेंदों में 43 रनों की दमदार पारी खेली थी। विराट इस लीग के इतिहास में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज भी हैं। विराट ने 267 मुकाबलों में अब तक 8,661 रन बनाए हैं।

    डेविड वॉर्नर: सनराइजर्स हैदराबाद और आरसीबी के बीच हुए मुकाबलों में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में डेविड वॉर्नर दूसरे नंबर पर काबिज हैं। वॉर्नर ने आरसीबी के गेंदबाजी अटैक का 13 मुकाबलों में सामना किया है। इस दौरान वॉर्नर ने 163 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 647 रन बनाए हैं। हालांकि, वॉर्नर इस सीजन टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं हैं। पूर्व कंगारू बल्लेबाज ने अपनी कप्तानी में सनराइजर्स हैदराबाद को साल 2016 में चैंपियन बनाया था। वॉर्नर ने 184 मुकाबलों के अपने आईपीएल करियर में 6,565 रन बनाए। वॉर्नर आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले विदेशी बल्लेबाज हैं।

    एबी डिविलियर्स: आरसीबी की जर्सी में खेलते हुए एबी डिविलियर्स का प्रदर्शन सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ लाजवाब रहा। एबी ने एसआरएच के गेंदबाजी अटैक का कुल 17 मुकाबलों में सामना किया और इस दौरान उन्होंने 155 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 540 रन बनाए। डिविलियर्स ने 5 अर्धशतक लगाए हैं। उल्लेखनीय है कि डिविलियर्स ने साल 2021 में आईपीएल से संन्यास ले लिया था।

  • 46 साल बाद खुला रहस्यमयी खजाना जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की गिनती ने रचा इतिहास

    46 साल बाद खुला रहस्यमयी खजाना जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की गिनती ने रचा इतिहास


    नई दिल्ली । पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर का रत्न भंडार एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है जहां 46 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद खजाने की आधिकारिक गिनती और मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है यह दिन मंदिर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है क्योंकि इससे पहले वर्ष 1978 में इस प्रकार की विस्तृत जांच की गई थी

    पहले दिन की कार्यवाही बेहद व्यवस्थित और सफल रही लगभग छह घंटे तक चली इस प्रक्रिया में चलती रत्न भंडार के करीब 80 प्रतिशत आभूषणों की गणना और सूची तैयार कर ली गई है यह वे आभूषण हैं जो भगवान के दैनिक अनुष्ठानों और विशेष अवसरों पर उपयोग में लाए जाते हैं प्रशासन के अनुसार यह केवल शुरुआत है और शेष वस्तुओं का मूल्यांकन आने वाले दिनों में जारी रहेगा

    इस बार की सबसे खास बात यह है कि पूरी प्रक्रिया को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है पारंपरिक तरीके से हटकर अब 3D मैपिंग के जरिए हर वस्तु का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि भविष्य के लिए एक सटीक और स्थायी दस्तावेज भी तैयार होगा इसके साथ ही हाई डेफिनिशन फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के जरिए हर आभूषण और कीमती वस्तु को रिकॉर्ड किया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या विवाद की संभावना समाप्त हो सके

    मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक डॉ अरविंद कुमार पाढी ने जानकारी दी कि पहले दिन का काम बिना किसी बाधा के पूरा हुआ और टीम ने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार तेजी से प्रगति की उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक खजाने में मौजूद सोने चांदी या रत्नों की कुल मात्रा या वजन का खुलासा नहीं किया गया है क्योंकि पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी

    रत्न भंडार को दो हिस्सों में बांटा जाता है जिसमें चलती रत्न भंडार और भीतर रत्न भंडार शामिल हैं फिलहाल पहले हिस्से पर काम चल रहा है जबकि भीतर रत्न भंडार की गणना और मूल्यांकन आगामी चरणों में किया जाएगा यही वह हिस्सा है जिसे लेकर लोगों में सबसे ज्यादा उत्सुकता बनी हुई है क्योंकि माना जाता है कि इसमें अत्यंत दुर्लभ और ऐतिहासिक आभूषण सुरक्षित हैं

    इस ऐतिहासिक प्रक्रिया के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया मंदिर में दर्शन व्यवस्था को पूरी तरह बंद नहीं किया गया बल्कि बाहर कथा के माध्यम से भक्तों को दर्शन की अनुमति दी गई जिससे धार्मिक गतिविधियां भी जारी रहीं और प्रशासनिक कार्य भी सुचारु रूप से चलते रहे

    कुल मिलाकर यह पहल न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि प्रशासनिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है आने वाले दिनों में जैसे जैसे रत्न भंडार के बाकी हिस्सों की गिनती पूरी होगी वैसे वैसे इस प्राचीन खजाने से जुड़े कई रहस्य सामने आने की उम्मीद है

  • राहुल गांधी का खुलासा: मां के कमरे में पूरी रात जागकर बिताया समय

    राहुल गांधी का खुलासा: मां के कमरे में पूरी रात जागकर बिताया समय


    नई दिल्ली।कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी मां सोनिया गांधी की तबीयत को लेकर भावुक बयान दिया है। सोनिया गांधी को अस्वस्थ होने के कारण सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां राहुल गांधी पूरी रात उनके साथ अस्पताल के कमरे में मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि वह अपनी मां के कमरे में एक छोटे से सोफे पर सोए और एक बेटे की तरह उनकी सेहत को लेकर बेहद चिंतित थे।

    केरल रैली छोड़ मां के पास रहे

    राहुल गांधी ने केरल में आयोजित एक रैली को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि वह वहां आना चाहते थे, लेकिन मां की तबीयत को देखते हुए उन्हें दिल्ली में ही रुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि एक बेटे के तौर पर उनका फर्ज था कि वह अपनी मां के साथ रहें। उन्होंने भरोसा जताया कि केरल के लोग उनकी स्थिति को समझेंगे।

    नर्स की सेवा से मिली तसल्ली

    राहुल गांधी ने अस्पताल में बिताई रात का जिक्र करते हुए एक खास अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि केरल की एक नर्स हर घंटे आकर सोनिया गांधी की जांच करती थी, उनका हाथ थामती थी और मुस्कुराकर उनका हौसला बढ़ाती थी। राहुल ने कहा कि पूरी रात उन्हें उसी नर्स की सेवा भावना से तसल्ली मिलती रही। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि ऐसी नर्सें न सिर्फ मरीजों की देखभाल करती हैं, बल्कि उनके परिवार को भी मानसिक सहारा देती हैं।

    नर्सों की सेवा भावना की सराहना

    राहुल गांधी ने कहा कि जब पूरी दुनिया सो रही होती है, तब केरल की नर्सें और स्वास्थ्यकर्मी पूरी रात जागकर लोगों की सेवा करते हैं। उन्होंने सुबह नर्स से पूछा कि क्या वह सोती है, तो उसने जवाब दिया कि वह पूरी रात काम करती है। राहुल ने इसे समर्पण और सेवा का बेहतरीन उदाहरण बताया और कहा कि ऐसे लोग समाज की असली ताकत हैं।

    भाजपा-एलडीएफ पर भी साधा निशाना

    अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने राजनीतिक मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने आरोप लगाया कि केरल में भाजपा और एलडीएफ के बीच मिलीभगत है। उनका कहना था कि राज्य में असल मुकाबला यूडीएफ और भाजपा-एलडीएफ गठजोड़ के बीच है। उन्होंने यह भी दावा किया कि दोनों दलों की नीतियों में ज्यादा अंतर नहीं है और वे जनता के प्रति जवाबदेह नहीं हैं।

  • राज्यसभा में तीखी नोकझोंक: जया बच्चन और स्पीकर के बीच गरमागरम बहस

    राज्यसभा में तीखी नोकझोंक: जया बच्चन और स्पीकर के बीच गरमागरम बहस


    नई दिल्ली।बुधवार को राज्यसभा में ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े एक विधेयक पर चर्चा के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन और डिप्टी कमिश्नर पैनल के सदस्य दिनेश शर्मा के बीच माहौल नोकझोंक देखने को मिली। बहस के दौरान जया बच्चन ने असंतोष जताते हुए यहां तक ​​कह दिया कि जितना समय देना है दे दीजिए, फांसी पर चढ़ा दीजिए, जिससे सदन में कुछ देर के लिए हलचल मच गई।

    बोलने के दौरान भटका ध्यान, बताते असंतोष

    दरअसल, जया बच्चन जब विधेयक पर अपनी बात रखने के लिए खड़ी हुईं, उसी दौरान तनावपूर्ण बेंच के कुछ सदस्य आपसी बातचीत करने लगे। इससे उनका ध्यान भटक गया और उन्होंने बीच में ही बोलना रोक दिया। उन्होंने असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि जब कोई बोल रहा हो तो बाकी लोगों को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई और बात करेगा तो ध्यान वहीं होगा और स्पीकर की बात अनसुनी रह जाएगी।

    स्पीकर से माहौल बहस, विवाद बढ़ाएँ

    स्थिति तब और माहौल हो गई जब जया बच्चन ने स्पीकर से कहा कि उन्हें टोकने के बजाय उन सदस्यों पर कार्रवाई की जाए जो बाधाएं पैदा कर रहे हैं। इस पर स्पीकर ने कहा कि सभी को अपनी बात रखने का मौका दिया जाता है। लेकिन जया बच्चन इससे कार्यकर्ता नहीं दिखीं और उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि समय आपके हाथ में है, जितना देना है दे दीजिए, फांसी पर चढ़ा दीजिए, कमजोर लोगों को तो वैसे भी आश्रित जा रहा है। इस दौरान दोनों के बीच कई बार तीखे संवाद हुए।

    विपक्ष ने विधेयक पर उठाए सवाल

    इस बहस के बीच विपक्षी दलों ने ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े इस विधेयक को अन्यायपूर्ण समझाए हुए इसे प्रवर समिति के पास भेजने की मांग की। जया बच्चन ने भी सवाल उठाया कि बजट सत्र के दौरान इस विधेयक को लाने की क्या जरूरत थी और कहा कि इस पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए। उनका कहना था कि यह समुदाय सामाजिक रूप से पहले ही कमजोर है और उसके साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए।

    सरकार पर लगे आरोप, पक्ष-विपक्ष आमने-सामने

    वहीं टीकाकरण कांग्रेस के नेता साकेत गोखले ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह दबाव में फैसला ले रही है और इस मुद्दे पर पूछताछ की जा रही है। दूसरी ओर सत्ता पक्ष ने विरोध पर पलटवार करते हुए कहा कि जब वे सत्ता में थे, तब उन्होंने इस समुदाय के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच टकराव बहस देखने को मिली।

  • जब सलमान खान के कोरियोग्राफर बने उनके ड्राइवर-कुक, बोनफायर पार्टी की देन था ये फनी डांस मूव

    जब सलमान खान के कोरियोग्राफर बने उनके ड्राइवर-कुक, बोनफायर पार्टी की देन था ये फनी डांस मूव


    नई दिल्ली। साल 2010 में आई सुपरस्टार सलमान खान की फिल्म ‘दबंग’ ने बॉक्स ऑफिस के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। फिल्म न केवल ब्लॉकबस्टर साबित हुई, बल्कि इसने सलमान खान को ‘चुलबुल पांडे’ के रूप में एक नई पहचान दी। इस फिल्म की सक्सेस में मलाइका अरोड़ा पर फिल्माए गए आइटम नंबर ‘मुन्नी बदनाम हुई’ का भी बड़ा हाथ था। यह गाना उन दिनों हर पार्टी और शादी में जरूर बजाया जाता था। गाने में सलमान खान का वो मस्तमौला अंदाज और फनी डांस स्टेप आज भी लोगों को याद है। लेकिन इस गाने के पीछे की कहानी बेहद दिलचस्प है।

    मेकर्स का सोलो प्लान और सलमान की एंट्री
    कम ही लोगों को पता है कि सलमान खान असल में ‘मुन्नी बदनाम हुई’ गाने का हिस्सा होने ही नहीं वाले थे। फिल्म के मेकर्स का शुरुआती प्लान कुछ और ही था। वो चाहते थे कि इस गाने में केवल मलाइका अरोड़ा का सोलो परफॉर्मेंस रहे। मेकर्स को लगा था कि मलाइका का डांस ही गाने में जान फूंकने के लिए काफी है, लेकिन जब सलमान खान ने यह गाना पहली बार सुना, तो उन्हें यह इतना पसंद आ गया कि वह खुद को इसमें शामिल होने से रोक नहीं पाए। उन्होंने मेकर्स के सामने अपनी इच्छा जाहिर की, कि वह भी इस गाने में परफॉर्म करना चाहते हैं।

    मजे-मजे में यूं निकला आइकॉनिक डांस मूव
    गाने में शामिल होने की बात तो तय हो गई, लेकिन अब कोरियोग्राफी तय होनी थी। इसका जवाब सलमान ने खुद ही तलाश लिया। एक दिन वह अपनी टीम के साथ अपने पनवेल वाले फार्म हाउस पहुंचे। वहां उनके साथ उनका ड्राइवर और कुक भी मौजूद थे। सलमान ने रात में बोनफायर जलाया और स्पीकर पर ‘मुन्नी बदनाम हुई’ गाना बजाना शुरू किया। इसके बाद जो हुआ, उसकी उम्मीद शायद खुद भाईजान को भी नहीं थी। सलमान के ड्राइवर्स और कुक ने कुछ स्टेप्स किए, जिन्हें देखकर सलमान खान काफी इंप्रेस हो गए। उन्हें ये स्टेप्स काफी फनी और दिलचस्प लगे। सलमान को वो डांस स्टेप इतने नेचुरल और फन से भरे लगे कि उन्हीं मूव्स को फाइनल कर लिया गया।

    231 करोड़ का बिजनेस और चुलबुल का जादू
    पनवेल के फार्म हाउस की उस बोनफायर पार्टी से निकला वह स्टेप न सिर्फ फिल्म देखने वालों के लिए सरप्राइज बना, बल्कि हमेशा के लिए सलमान खान का सिग्नेचर मूव बन गया। फिल्म के बजट और कमाई की बात करें तो करीब 100 करोड़ रुपये की लागत में बनी ‘दबंग’ ने उस वक्त बॉक्स ऑफिस पर कुल 231 करोड़ रुपये का बिजनेस किया था।