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  • 'बलि का बकरा' बनाए जाते हैं सेलेब्स, अर्जुन कपूर के बचाव में बोलीं जाह्नवी, कहा- करीब से देखा है कैसे..

    'बलि का बकरा' बनाए जाते हैं सेलेब्स, अर्जुन कपूर के बचाव में बोलीं जाह्नवी, कहा- करीब से देखा है कैसे..

    मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने सोशल मीडिया पर आए दिन होने वाली सेलेब्रिटीज की ट्रोलिंग और अपने भाई अर्जुन कपूर के खिलाफ फैलाई जा रही नफरत पर खुलकर बात की है। जाह्नवी ने साफ कहा है कि इंटरनेट पर लोगों द्वारा दी लिखी जाने वाली राय उनके लिए खास मायने नहीं रखती, लेकिन जब बात सोशल मीडिया पर बुली या हैरास किए जाने की आती है, तो इसके लिए कोई बहाना नहीं हो सकता। जाह्नवी कपूर ने साफ कहा कि कंटेंट क्रिएटर्स सेलेब्रिटीज को बलि के बकरे की तरह इस्तेमाल करते हैं, और उनका मकसद किसी भी तरह वायरल होना या फिर ज्यादा से ज्यादा व्यूज पाना होता है।
    बलि के बकरे की तरह इस्तेमाल होते हैं सेलेब

    ग्रेजिया मैगजीन के साथ बातचीत में सोशल मीडिया कल्चर पर अपनी राय रखते हुए जाह्नवी ने कहा कि आज हर कोई वायरल होना और ज्यादा व्यूज पाना चाहता है।

    जाह्नवी ने कहा कि कंटेंट क्रिएटर्स सेलेब्रिटीज को बलि के बकरे की तरह इस्तेमाल करते हैं। जाह्नवी ने कहा, ‘वो सिर्फ क्लिकबेट और एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए आपके नाम का इस्तेमाल करते हैं। जब आप इसे इस नजरिए से देखते हैं, तो आपको समझ आता है कि उनकी बातों का आपसे कोई लेना-देना नहीं है। तब आप इन चीजों को दिल से लगाना कम कर देते हैं।’
    ‘मैंने कई बार अपने भाई के साथ ये होते देखा’

    इसी बातचीत के दौरान जाह्नवी ने अपने सौतेले भाई अर्जुन कपूर के साथ पिछले दिनों हुई सोशल मीडिया बुलीइंग और एक्टर पर उसके असर का भी जिक्र किया। अपने भाई का बचाव करते हुए जाह्नवी ने कहा कि उन्होंने करीब से देखा है कैसे अर्जुन को बुली किया जाता है। जाह्नवी कपूर ने कहा, ‘हर कोई वह कर रहा है जो उन्हें करना है, सब घर चलाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन जब यह हैरासमेंट में बदल जाता है, जैसा कि मैंने कई बार अपने भाई के साथ होते देखा है, तो इस तरह के बर्ताव का कोई बहाना नहीं हो सकता। नफरत सिर्फ नफरत को बढ़ावा देती है, और आपको बस इससे खुद को दूर कर लेना चाहिए।’
    जब अर्जुन कपूर ने बयां किया था अपना हाल

    बता दें कि पिछले कुछ महीनों में अर्जुन कपूर को उनकी एक्टिंग और पर्सनल लाइफ को लेकर काफी ट्रोल किया गया है। पिछले महीने अपनी दिवंगत मां मोना शौरी कपूर की जयंती पर अर्जुन ने एक इमोशनल नोट लिखा था। जिसमें उन्होंने स्वीकार किया था कि पिछले कुछ समय से जिंदगी उनके लिए बहुत बेरहम रही है, लेकिन वह ठीक हो जाएंगे। अर्जुन कपूर ने इसी पोस्ट में कई ऐसी बातें लिखी थीं जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों में उनके लिए फिक्र तो बढ़ी ही, साथ ही लोगों को यह भी समझ में आया कि उन दिनों अर्जुन किस तरह की मानसिक स्थिति से गुजर रहे थे। उनकी इस पोस्ट के बाद कई फैंस ने उनके सपोर्ट में कमेंट किए थे।

  • ओम बिरला ने विशेषाधिकार समिति के 15 सदस्य किए मनोनीत, रविशंकर प्रसाद होंगे अध्यक्ष

    ओम बिरला ने विशेषाधिकार समिति के 15 सदस्य किए मनोनीत, रविशंकर प्रसाद होंगे अध्यक्ष

    नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद की विशेषाधिकार समिति के पुनर्गठन की घोषणा करते हुए मंगलवार को 15 सदस्यों को मनोनीत किया। वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
    लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक, समिति में विभिन्न दलों के सांसदों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।

    समिति में शामिल सदस्य
    भारतीय जनता पार्टी से:
    बृजमोहन अग्रवाल
    रामवीर सिंह बिधूड़ी
    संगीता कुमारी सिंह देव
    जगदंबिका पाल
    त्रिवेंद्र सिंह रावत
    जगदीश शेट्टर

    कांग्रेस से:
    तारिक अनवर
    मनीष तिवारी
    मणिकम टैगोर

    अन्य दलों से:
    समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव
    द्रमुक (DMK) के टी.आर. बालू
    तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी
    शिवसेना के श्रीरंग अप्पा बार्ने
    शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के अरविंद सावंत
    क्या है विशेषाधिकार समिति की भूमिका?

    विशेषाधिकार समिति संसद की एक स्थायी समिति होती है, जो सदन या उसके सदस्यों के विशेषाधिकार हनन और अवमानना से जुड़े मामलों की जांच करती है।

    समिति उन मामलों की पड़ताल करती है जिन्हें लोकसभा अध्यक्ष द्वारा संदर्भित किया जाता है।

    जांच के बाद यह समिति अपनी सिफारिशें सदन को सौंपती है।

    संरचना के अनुसार, लोकसभा में अध्यक्ष द्वारा 15 सदस्यों को नामित किया जाता है, जबकि राज्यसभा में सभापति द्वारा 10 सदस्य मनोनीत किए जाते हैं।

    बहुदलीय प्रतिनिधित्व
    आधिकारिक सूचना के अनुसार, समिति में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना, समाजवादी पार्टी और द्रमुक सहित कई दलों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि विशेषाधिकार से जुड़े मामलों की जांच बहुदलीय सहभागिता के साथ की जाए।

    इस नियुक्ति के साथ ही नई समिति औपचारिक रूप से अपने कार्यों का निर्वहन शुरू करेगी।

  • धुरंधर स्टार आयशा खान बोलीं, 'मेरे साथ रेप की कोशिश हुई…

    धुरंधर स्टार आयशा खान बोलीं, 'मेरे साथ रेप की कोशिश हुई…

    नई दिल्ली. बिग बॉस 17 फेम और धुरंधर फिल्म की स्टार आयशा खान ने हाल ही में महिलाओं की सार्वजनिक जीवन में आने वाली चुनौतियों पर खुलकर बात की. मोजो स्टोरी के एक हालिया समिट में बोलते हुए, आयशा ने ऑनलाइन सेक्शुअलाइजेशन, यौन हिंसा की धमकियों और अपनी जिंदगी में रेप की कोशिश जैसे दर्दनाक अनुभवों को साझा किया. उन्होंने बताया कि शरारत गाने की शूटिंग के दौरान पीरियड्स में होने की अपनी ईमानदार कबूलनामी के बाद उन्हें बड़े पैमाने पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा. उन्होंने न सिर्फ रोजाना मिलने वाली रेप की धमकियों का खुलासा किया, बल्कि यह भी बताया कि कैसे एक समय उनके साथ रेप की कोशिश की गई थी.
    अपने करियर की शुरुआत से ही आयशा सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का शिकार रही हैं.
    उन्होंने बताया कि जब उन्होंने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उन्होंने पीरियड्स के दौरान ‘धुरंधर’ फिल्म का ‘शरारत’ गाना शूट किया था, तो उन्हें जमकर ट्रोल किया गया. उन्होंने कहा कि यह घटना तो महज एक उदाहरण है, असल दर्द इससे कहीं गहरा है.
    आयशा ने कहा कि इंस्टाग्राम पर लगभग रोजाना उनके शरीर को लेकर अश्लील कमेंट्स किए जाते हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं सामान्य टॉप पहनूं तो लोगों को प्रॉब्लम है, स्कर्ट पहनूं तो भी प्रॉब्लम है. मुझे यह सोचना पड़ता है कि पोस्ट करने से पहले क्या पहनूं.’
    उन्होंने स्वीकार किया कि इस तरह के माहौल में रहना मानसिक रूप से बेहद दुखद है. ‘अगर मैं कुछ पहनने या पोस्ट करने से पहले यह सोचूं कि कहीं कोई मुझे गलत न समझ ले तो यह कितनी दुखद मानसिकता है
    जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें ऑनलाइन रेप की धमकियां मिलती हैं, तो उनका जवाब चौंकाने वाला था. उन्होंने कहा, ‘हां, हर रोज. मैं अभी अपना फोन खोलकर आपको दिखा सकती हूं’. उन्होंने कहा कि पब्लिक फिगर होने के नाते यह समस्या सदियों से चली आ रही है और इंडस्ट्री की हर महिला कभी न कभी इससे गुजरती है.
    उन्होंने कहा कि कमेंट्स में लोग लिखते हैं कि अगर उनमें ताकत होती तो वे उसके साथ सब कुछ कर गुजरते, जो उन्हें डराता है क्योंकि ये असली इंसान हैं जो हमारे आसपास ही रहते हैं. इस दौरान आयशा ने अपनी जिंदगी के सबसे दर्दनाक पल को भी साझा किया.
    भावुक होते हुए उन्होंने बताया, ‘मेरे साथ रेप की कोशिश हुई थी. मैं इस बारे में ज्यादा बात नहीं करना चाहती, लेकिन कभी-कभी यह जख्म हरा हो जाता है.’ उन्होंने कहा कि ऑनलाइन मिलने वाली धमकियां उस पुराने घाव को कुरेद देती हैं. उन्हें डर होता है कि कहीं वह हादसा दोबारा न हो जाए, खासकर तब जब वह सेट पर होती हैं या कहीं ट्रैवल कर रही होती हैं
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    अपने असल जिंदगी के एक और डरावने अनुभव को शेयर करते हुए आयशा ने बताया कि एक बार वह फिल्म की शूटिंग कर रही थीं और उनके पिता भी वहां मौजूद थे. अचानक उन्होंने इंस्टाग्राम चेक किया तो देखा कि लंबे समय से एक शख्स उन्हें लगातार वॉयस नोट्स भेज रहा था.
    पड़ताल करने पर पता चला कि वह शख्स उनके सेट पर ही एक स्पॉटबॉय था. आयशा ने तुरंत इसकी शिकायत अपने पिता और प्रोडक्शन टीम से की, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई हुई. हालांकि, इस घटना ने उन्हें यह एहसास करा दिया कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दुनिया के बीच की दूरी बहुत कम है.
  • MP: उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास हेरिटेज होटल में नॉनवेज बनते CCTV फुटेज से हड़कंप… जानें क्या बोले मैनेजर?

    MP: उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास हेरिटेज होटल में नॉनवेज बनते CCTV फुटेज से हड़कंप… जानें क्या बोले मैनेजर?


    उज्जैन।
    महाकाल मंदिर (Mahakal Temple) के पास मध्य प्रदेश पर्यटन निगम (Madhya Pradesh Tourism Corporation- MPT) के ‘सम्राट विक्रमादित्य द हेरिटेज होटल’ (Samrat Vikramaditya The Heritage Hotel) विवादों के घेरे में है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दावा किया जा रहा है कि इस शुद्ध शाकाहारी होटल के किचन में छिपाकर नॉनवेज (मांस-मछली) पकाया जा रहा है।

    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा है कि महाकाल मंदिर के पास पर्यटन विभाग की होटल में नॉनवेज पकाया जाता है और पूरा स्टफ उसे खाता है. इतना ही नहीं ये भी दावा किया गया है कि ये गतिविधि होटल प्रबंधक की निगरानी में की जाती है।

    वीडियो में कथित तौर पर कर्मचारी यह कहते सुने जा रहे हैं कि “मुर्गा-मछली के हाथ लगे हैं, अच्छे से हाथ धो लेना.” यह भी आरोप है कि नॉनवेज पकाते समय सीसीटीवी कैमरों का एंगल जानबूझकर बदल दिया जाता है।


    ‘नॉनवेज नहीं, दही के शोले थे’

    होटल के मैनेजर सतीश पाठक ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने महाकाल थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि यह वीडियो होटल के उन पूर्व कर्मचारियों ने वायरल किया है जो 3-4 महीने पहले काम छोड़ चुके हैं और अब होटल की छवि खराब करना चाहते हैं।

    मैनेजर का दावा है कि जिस सामग्री को वीडियो में नॉनवेज बताया जा रहा है, वह दरअसल होटल की एक प्रसिद्ध वेज डिश ‘दही के शोले’ है. इसमें पनीर, वेजिटेबल्स और दही का उपयोग होता है, जिसे भ्रामक तरीके से पेश किया गया. महाकाल मंदिर के आसपास नॉनवेज पूरी तरह प्रतिबंधित है और होटल प्रशासन इसकी गरिमा का पूरा ख्याल रखता है।


    पुलिस कार्रवाई और आस्था का सवाल

    चूंकि यह होटल महाकाल मंदिर के बिल्कुल नजदीक है, इसलिए देशभर से आने वाले श्रद्धालु इसे ‘शुद्ध शाकाहारी’ मानकर यहां ठहरते हैं. ऐसे में इन आरोपों ने भक्तों की आस्था को झकझोर दिया है। होटल मैनेजर ने बताया कि उन्होंने इस दुष्प्रचार के खिलाफ महाकाल थाने में FIR दर्ज करा दी है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

  • J&K: खामेनेई की मौत के बाद जारी प्रदर्शनों के बीच घाटी में तनावपूर्ण शांति, स्कूल-कॉलेज 7 मार्च तक बंद

    J&K: खामेनेई की मौत के बाद जारी प्रदर्शनों के बीच घाटी में तनावपूर्ण शांति, स्कूल-कॉलेज 7 मार्च तक बंद


    जम्मू।
    ईरान के सर्वोच्च नेता (Iran’s Supreme Leader) अयातुल्ला अली खामनेई (Ayatollah Ali Khamenei) की हमले में मौत के विरोध में कश्मीर (Kashmir) में जारी प्रदर्शनों के बीच मंगलवार को तनावपूर्ण शांति रही। पाबंदियां लागू रहीं तो शिक्षण संस्थान बंद रहे। घाटी में स्कूल-कॉलेज की दो दिन की बंदी को एहतियात के तौर पर बढ़ाकर सात मार्च तक कर दिया गया है। राजोरी और पुंछ में बंद शांतिपूर्ण रहा। लद्दाख के कारगिल के बाजार भी बंद रहे।

    मंगलवार को श्रीनगर के सिविल लाइन इलाके में कुछ दुकानें खुली दिखीं और सड़कों पर वाहन चलते नजर आए। डाउनटाउन और शिया बहुल इलाकों में प्रदर्शन हुए। लाल चौक पर घंटा घर को अभी सील ही रखा गया है। इसके चारों ओर बैरिकेड लगे हुए हैं। शहर में बड़ी संख्या में पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात हैं। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक बुधवार को भी प्रतिबंध जारी रहेंगे। इंटरनेट सेवाएं भी बाधित रहेंगी। पुलिस ने लोगों से हिंसा और उकसावे से बचने की अपील की है।

    राजोरी शहर व आसपास के इलाकों में मुस्लिम संगठनों ने दुकानें बंद रखीं। पहाड़ी इलाकों में भी मुस्लिम समुदाय की ही दुकानें बंद रहीं। पुलिस की हर गतिविधि पर कड़ी नजर रही। कहीं भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। पुंछ पूरी तरह से बंद रहा। इस दौरान हिंदू-सिख के धार्मिक, सामाजिक और व्यावसायिक संगठनों ने भी बंद को अपना समर्थन दिया।

    शांति बनाए रखना और समाज की तरक्की को बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। अफसर हाई अलर्ट पर रहें। शांति बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाए। -मनोज सिन्हा, उपराज्यपाल

    कुछ लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के लोगों से गुजारिश है कि वे संयम रखें। गुस्सा-नाराजगी, दुख-दर्द का इजहार करें लेकिन कानून हाथ में न लें। -उमर अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री

  • Iran war: पश्चिम एशिया में फंसे लोगो की वापसी की तैयारी में जुटी सरकार.. आज 58 फ्लाइट्स भरेंगी उड़ान

    Iran war: पश्चिम एशिया में फंसे लोगो की वापसी की तैयारी में जुटी सरकार.. आज 58 फ्लाइट्स भरेंगी उड़ान

    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (West Asia) में चल रहे तनाव के कारण हवाई सेवाओं पर बड़ा असर पड़ा है। इस बीच केंद्र सरकार (Central Government) ने मंगलवार को जानकारी दी कि एयरलाइनों ने अपनी उड़ानों के शेड्यूल में सावधानीपूर्वक बदलाव किए हैं और 4 मार्च को कुल 58 उड़ानें संचालित करने की योजना बनाई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) ने बताया कि फंसे हुए यात्रियों की मदद के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर एयरलाइंस अतिरिक्त उड़ानें चला रही हैं और विदेशी विमानन प्राधिकरणों तथा भारतीय दूतावासों के साथ मिलकर काम कर रही हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षित और व्यवस्थित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।

    मंत्रालय के अनुसार, आज भारतीय एयरलाइनों की तरफ से 24 उड़ानें संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा पिछले 24 घंटों में खाड़ी देशों से एमिरेट्स और एतिहाद एयरवेज ने 9 उड़ानें संचालित की हैं। सरकार ने कहा कि वह लगातार एयरलाइनों के संपर्क में है और हवाई किरायों पर नजर रख रही है, ताकि इस संकट के समय टिकट की कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी न हो। मंत्रालय ने बताया कि भारतीय एयरलाइनों ने लंबी दूरी और अति लंबी दूरी की उड़ानों को वैकल्पिक मार्गों से धीरे-धीरे फिर से शुरू करना शुरू कर दिया है।


    क्या है चार मार्च की योजना?

    ये उड़ानें उन हवाई क्षेत्रों से बचकर चलाई जा रही हैं, जो फिलहाल बंद या प्रतिबंधित हैं। बता दें कि 4 मार्च को कुल 58 उड़ानों की योजना बनाई गई है। इनमें 30 उड़ानें इंडिगो की तरफ से और 23 उड़ानें एअर इंडिया तथा एयर इंडिया एक्सप्रेस द्वारा संचालित की जाएंगी। भारत और खाड़ी क्षेत्र के बीच विदेशी एयरलाइंस भी सीमित संख्या में उड़ानें चला रही हैं, जो संचालन और हवाई क्षेत्र की स्थिति पर निर्भर हैं। पश्चिम एशिया में अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कई देशों ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा है।


    डीजीसीए ने दी जानकारी

    मंत्रालय के अनुसार, अब तक भारतीय एयरलाइनों की 1,221 उड़ानें और विदेशी एयरलाइनों की 388 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। केवल मंगलवार को ही भारतीय एयरलाइनों ने 104 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कीं। 28 फरवरी से अब तक तीन दिनों में कुल 1,117 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हुई हैं। सरकार ने सभी एयरलाइनों को निर्देश दिया है कि वे यात्रियों को स्पष्ट और समय पर जानकारी दें तथा रिफंड, री-शेड्यूलिंग और अन्य सहायता से जुड़े नियमों का पालन करें।


    एअर इंडिया ने क्या जानकारी दी?

    इस बीच एअर इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि पश्चिम एशिया की स्थिति को देखते हुए उसने संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, इस्राइल और कतर के लिए अपनी अधिकांश उड़ानों को 4 मार्च 2026 की रात 11:59 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया है। एयरलाइन ने कहा है कि वह क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आगे की स्थिति के अनुसार निर्णय लेगी। इसके साथ ही सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वह एयरलाइनों, एयरपोर्ट ऑपरेटरों, नियामक संस्थाओं और विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और सेवाओं को धीरे-धीरे सामान्य किया जा सके।

  • T20 WC 2026 : आज SA और NZ के बीच पहला सेमीफाइनल कोलकाता में…

    T20 WC 2026 : आज SA और NZ के बीच पहला सेमीफाइनल कोलकाता में…


    कोलकाता।
    दक्षिण अफ्रीका (South Africa) और न्यूजीलैंड (New Zealand) के बीच बुधवार को कोलकाता के ईडेन गार्डेंस (Eden Gardens, Kolkata) पर टी20 विश्व कप (T20 World Cup) के पहले सेमीफाइनल मैच खेला जाएगा। यह रोमांचक मुकाबला होने की संभावना है जिसमें दोनों टीम के कप्तानों की भूमिका अहम होगी। दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एडेन मार्करम और न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर इस समय शानदार फॉर्म में हैं। अमूमन ऐसा नहीं होता कि दोनों टीमों के कप्तान ही सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी हों। ऐसे में मार्करम और सैंटनर के बीच मुकाबला दिलचस्प होगा जो ईडन गार्डंस में हजारों दर्शकों को रोमांच से भर देगा।

    मार्करम बनाम सैंटनर
    इस मुकाबले के केंद्र में दो ऐसे कप्तान हैं, जिनकी अक्सर उतनी प्रशंसा या चर्चा नहीं होती जितनी होनी चाहिए थी क्योंकि वह रणनीतिक और तकनीकी रूप से उन कप्तानों से कहीं बेहतर हैं जिनकी कहीं अधिक प्रशंसा की जाती है। मार्करम ने अभी तक इस टूर्नामेंट में 175 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 268 रन बनाए हैं। उन्होंने पावरप्ले में गेंदबाजों को अच्छी तरह से निशाना बनाया है। दूसरी तरफ सैंटनर ने 6.35 की इकॉनमी रेट के साथ बल्लेबाजों को बांधे रखा है। उन्होंने बल्लेबाजी में भी कमाल दिखाया है। कुल मिलाकर कई ऐसे कारक हैं जिससे पहला सेमीफाइनल रोमांचक होने की संभावना है।


    टी20 में भारी है दक्षिण अफ्रीकी का पलड़ा

    न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 में दक्षिण अफ्रीका का पलड़ा भारी है। दोनों टीमों के बीच अब तक टी20 में कुल 19 मुकाबले खेले गए हैं जिसमें से दक्षिण अफ्रीका ने 12 मुकाबले जीते हैं, जबकि सात मैच न्यूजीलैंड के नाम रहे हैं। मौजूदा टूर्नामेंट में दक्षिण अफ्रीका की टीम अबतक अजेय बनी हुई है और उसने एक भी मैच नहीं गंवाया है। वहीं, न्यूजीलैंड को पिछले ही मैच में इंग्लैंड से हार का सामना करना पड़ा था।

    टी20 विश्व कप के प्रसारण अधिकार स्टार स्पोर्ट्स के पास है और दर्शक इसके मुकाबले स्टार स्पोर्ट्स के चैनलों पर देख सकेंगे। इसके अलावा मैच की लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार एप पर होगी।

  • Assam Elections: कांग्रेस ने जारी की पहली लिस्ट, गौरव गोगोई समेत 42 उम्मीदवारों के नाम शामिल

    Assam Elections: कांग्रेस ने जारी की पहली लिस्ट, गौरव गोगोई समेत 42 उम्मीदवारों के नाम शामिल


    नई दिल्ली।
    कांग्रेस (Congress) ने आगामी असम विधानसभा चुनाव (Assam Assembly Elections) के लिए पहली लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें कुल 42 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। इस सूची के अनुसार, असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई (Gaurav Gogoi) जोरहाट विधानसभा क्षेत्र (Jorhat Assembly Constituency) से चुनाव लड़ेंगे। यह कदम चुनाव की आधिकारिक घोषणा से पहले उम्मीदवारों के नाम सामने लाकर कांग्रेस की रणनीतिक तैयारी को दर्शाता है। असम में 2016 से सत्ता से बाहर रही कांग्रेस राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए सक्रिय प्रयास कर रही है। पार्टी ने विभिन्न क्षेत्रों से प्रभावशाली और स्थानीय स्तर पर मजबूत नेता चुने हैं, ताकि मतदाताओं के बीच अच्छी पैठ बनाई जा सके।

    सूची में कांग्रेस विधायक दल के नेता देबब्रत सैकिया को नजीरा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रिपुन बोरा को बरचल्ला सीट से टिकट मिला है। इसके अलावा अब्दुस सोबहान अली सरकार गौरीपुर, मार्कलाइन मराक गोलपारा वेस्ट (अनुसूचित जनजाति आरक्षित), गिरीश बरुआ बोंगाईगांव और महानंद सरकार बरपेटा (अनुसूचित जाति आरक्षित) से चुनाव लड़ेंगे। रामेन सिंह राभा बोको-चायगांव (ST), नंदिता दास हाजो-सुआलकुची (SC) और सत्यब्रत कलिता कमलपुर सीट से मैदान में होंगे। इन नामों के चयन में पार्टी ने जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर खास ध्यान दिया है।


    किसे कहां से मिला टिकट

    प्रमुख उम्मीदवारों में मीरा बोरठाकुर गोस्वामी को डिस्पुर, दिगंत बर्मन को बरखेत्री और अशोक कुमार शर्मा को नलबाड़ी से टिकट दिया गया है। कांग्रेस ने आरक्षित सीटों पर भी मजबूत प्रत्याशी उतारे हैं, जो अनुसूचित जाति और जनजाति समुदायों के बीच पार्टी की पकड़ बढ़ाने में सहायक साबित हो सकते हैं। यह सूची पार्टी की संगठनात्मक ताकत और चुनावी तैयारियों को दिखाती है। कांग्रेस ने उम्मीदवारों की घोषणा में तेजी दिखाकर सत्ताधारी दल को संकेत दिया है कि वह इस बार असम में कड़ी चुनौती पेश करेगी।


    रणनीतिक बढ़त बनाने की कोशिश

    असम विधानसभा की 126 सीटों के लिए चुनाव अप्रैल महीने में होने की संभावना है। पिछले कई वर्षों से भारतीय जनता पार्टी के शासन वाले इस राज्य में कांग्रेस वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। पहले उम्मीदवारों की सूची जारी करके पार्टी ने रणनीतिक बढ़त बनाने की कोशिश की है। विश्लेषकों का मानना है कि आगे आने वाली सूचियां और संगठनात्मक प्रयास मिलकर कांग्रेस की स्थिति को मजबूत कर सकते हैं। यह चुनाव असम की राजनीति में अहम मोड़ साबित हो सकता है, जहां कांग्रेस पुरानी ताकत वापस हासिल करने की कोशिश में जुटी है।

  • MP: चंद्रगहण के दौरान दतिया के इस प्रसिद्ध मंदिर के पट नहीं हुए बंद, जानिए इसकी वजह?

    MP: चंद्रगहण के दौरान दतिया के इस प्रसिद्ध मंदिर के पट नहीं हुए बंद, जानिए इसकी वजह?


    दतिया।
    सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) या चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) के दौरान एक तरफ जहां देशभर के अधिकांश मंदिरों के पट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाते हैं वहीं मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के दतिया स्थित श्री पीताम्बरा मंदिर (Shri Pitambara Temple) में परंपरा अलग है। यहां ग्रहणकाल में भी मंदिर के पट बंद नहीं होते और मां बगुलामुखी स्वरूपा पीताम्बरा माई (Mother Bagulamukhi Swarupa Pitambara Mai) अपने भक्तों को प्रतिदिन की तरह दर्शन देती हैं।

    आमतौर पर ग्रहण को शास्त्रों में विशेष काल माना गया है। इस दौरान मंदिरों में पूजा-पाठ रोक दिया जाता है और ग्रहण समाप्ति के बाद शुद्धिकरण की प्रक्रिया के उपरांत ही दर्शन शुरू होते हैं। लेकिन दतिया की पीताम्बरा पीठ में वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार ग्रहणकाल को साधना और मंत्र-जाप के लिए अत्यंत सिद्ध समय माना जाता है। मंदिर से जुड़े संतों और श्रद्धालुओं के अनुसार यह परंपरा श्री स्वामीजी महाराज के समय से चली आ रही है। उसी कालखंड से ग्रहण के दौरान मंदिर में अनवरत जाप और साधना की परंपरा स्थापित हुई जो आज भी निरंतर जारी है।


    चंद्रगहण पर क्यों बंद नहीं होता पीतांबरा पीठ में दर्शन

    ग्रहण शुरू होते ही मंदिर परिसर में विशेष मंत्रोच्चार प्रारंभ हो जाता है और ग्रहण समाप्ति तक बिना रुके जाप चलता रहता है मां बगुलामुखी, जिन्हें दशमहाविद्याओं में से एक माना जाता है तंत्र-साधना की अधिष्ठात्री देवी मानी जाती हैं। ऐसी मान्यता है कि ग्रहणकाल में किया गया जाप और साधना कई गुना अधिक फलदायी होता है। यही कारण है कि देशभर से साधक और भक्त ग्रहण के समय विशेष रूप से दतिया पहुंचते हैं और मां के दरबार में साधना करते हैं। ग्रहण के दौरान मंदिर में अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए जाते हैं। श्रद्धालु शांतिपूर्वक मां के दर्शन करते हैं और साधना में लीन रहते हैं। जैसे ही ग्रहण समाप्त होता है वैदिक विधि विधान के साथ विशेष पूजा-अर्चना संपन्न की जाती है।


    खंडवा में दादाजी धूनीवाले मंदिर के कपाट भी बंद नहीं

    चंद्रगहण के दौरान खंडवा स्थित दादाजी धूनीवाले का मंदिर भी श्रद्धालुओं के लिए खुला रहा। सूर्यग्रहण हो या चंद्रग्रहण यहां मंदिर बंद करने की परंपरा कभी नहीं रही। मंदिर की ट्रस्टी मदन ठाकरे के अनुसार, यह स्थल अवधूत संत दादाजी धूनीवाले की पावन समाधि है। मान्यता है कि इस समाधि स्थल पर किसी भी ग्रह और नक्षत्र का प्रभाव नहीं पड़ता। यही कारण है कि मंदिर के पट दिन-रात खुले रहते हैं। आधी रात को भी श्रद्धालु यहां पहुंचकर दर्शन कर सकते हैं। ग्रहण काल में भी मंदिर में नियमित आरती, पूजन और समाधि सेवा का क्रम जारी रहा।