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  • उज्जैन में महाकाल मंदिर में फूलों की बड़ी माला पर 1 जनवरी से रोकभक्तों से की गई अपील

    उज्जैन में महाकाल मंदिर में फूलों की बड़ी माला पर 1 जनवरी से रोकभक्तों से की गई अपील


    उज्जैन ।उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में भगवान महाकाल को फूलों की बड़ी और भारी माला पहनाने पर 1 जनवरी से रोक लगा दी गई है। इस फैसले के बाद भक्तों को मंदिर प्रशासन की ओर से यह निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अब महाकाल के लिए अजगर माला जैसी भारी माला न खरीदें। यह कदम मंदिर के संरक्षण और उसके दीर्घकालिक रखरखाव को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

    महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन ने भक्तों को सूचित करने के लिए मंदिर के उद्घोषणा कक्ष से लगातार उद्घोषण करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंदिर समिति ने भक्तों से अपील की है कि वे अब केवल फूलों की छोटी माला और सीमित मात्रा में फूल अर्पित करें। यह निर्णय मंदिर के संरक्षात्मक प्रयासों का हिस्सा हैजो मंदिर परिसर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को सुरक्षित रखने के लिए लिए गए हैं।

    नए नियमों का उद्देश्य और कारण

    यह कदम मंदिर के संरक्षकों और विशेषज्ञों की सलाह पर उठाया गया है। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के क्षरण को रोकने के लिए कुछ वर्षों पहले ही सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थीजिसमें मंदिर की संरक्षा और उसे सुरक्षित रखने के उपायों की मांग की गई थी। इस याचिका के बादसुप्रीम कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआइ) के विशेषज्ञों की एक टीम गठित की थीजिन्होंने मंदिर के संरक्षण पर गहन अध्ययन किया और कई सुझाव दिए।

    विशेषज्ञों ने वर्ष 2019 से महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के संरक्षात्मक पहलुओं की जांच शुरू कीजिसमें यह पाया गया कि भारी फूलों की माला पहनाने से मंदिर की संरचना और विशेष रूप से ज्योतिर्लिंग का क्षरण हो सकता है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि केवल छोटी माला और सीमित मात्रा में फूल अर्पित किए जाएंताकि मंदिर का संरचनात्मक नुकसान रोका जा सके और उसका ऐतिहासिक महत्व बरकरार रहे।

    महाकालेश्वर मंदिर का ऐतिहासिक महत्व

    महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का भारत के धार्मिक मानचित्र पर अत्यधिक महत्व है। यह मंदिर हिंदू धर्म के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और इसे विशेष रूप से शिव पूजा के लिए अत्यधिक पवित्र स्थान माना जाता है। यहाँ हर दिन लाखों श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने आते हैंऔर भगवान महाकाल की उपासना में लीन रहते हैं। इस मंदिर का महत्व न केवल धार्मिक दृष्टि से हैबल्कि यह ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर भी है।

    मंदिर प्रशासन का यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए इस तरह के उपायों की आवश्यकता समय-समय पर महसूस की जाती रही है। खासकर जब बड़े पैमाने पर श्रद्धालु आते हैंतो छोटे-छोटे उपाय भी मंदिर की संरचना और मूर्तियों के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

    भविष्य में और क्या बदलाव हो सकते हैं

    महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन द्वारा यह कदम केवल फूलों की माला पर रोक लगाने तक सीमित नहीं रहेगा। इसके अलावामंदिर प्रशासन द्वारा अन्य संरक्षात्मक उपायों पर भी विचार किया जा रहा है। मंदिर में होने वाली पूजा-पाठ की विधियोंश्रद्धालुओं के आने-जाने के तरीकोंऔर अन्य वस्तुओं के अर्पण की प्रक्रिया पर भी सुधार किए जा सकते हैंताकि मंदिर का संरचनात्मक क्षरण और धार्मिक महत्व दोनों की सुरक्षा की जा सके।

    मंदिर समिति का कहना है कि भविष्य में अन्य उपायों पर भी काम किया जाएगाताकि महाकालेश्वर मंदिर की भव्यता और शुद्धता बनी रहे। इस निर्णय के माध्यम से न केवल धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए जागरूकता बढ़ेगीबल्कि यह समाज में पर्यावरण और संरक्षा के प्रति एक सकारात्मक संदेश भी देगा। अंतत यह कदम महाकालेश्वर मंदिर के संरक्षण और सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास हैजो धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों को बचाने के लिए आवश्यक है।

  • जबलपुर में बाबरी मस्जिद के खिलाफ प्रदर्शन: शौचालय के बाहर बाबर के नाम के लगाए गए पोस्टर

    जबलपुर में बाबरी मस्जिद के खिलाफ प्रदर्शन: शौचालय के बाहर बाबर के नाम के लगाए गए पोस्टर


    जबलपुर । जबलपुर में हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को भंवरताल कल्चलर स्ट्रीट पर एक प्रदर्शन आयोजित किया। इस प्रदर्शन में संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण के विरोध में नारेबाजी की और कुछ विवादास्पद पोस्टर भी लगाए। ये पोस्टर सुलभ शौचालय के बाहर लगाए गए थेजिनमें बाबर के नाम की तस्वीरें और आपत्तिजनक संदेश लिखे गए थे।

    सूचना मिलते ही ओमती थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों के अनुसारइस तरह के प्रदर्शन और पोस्टर का उद्देश्य धार्मिक भावनाओं को भड़काना और सामाजिक सौहार्द्र को बिगाड़ना हो सकता है। हालांकिपुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और संबंधित कार्यकर्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात भी कही है।

    हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारी विकास खरे ने इस प्रदर्शन को बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण के खिलाफ एक विरोध के रूप में प्रस्तुत किया। खरे ने कहा कि “पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद का निर्माण किया जा रहा हैजो निंदनीय है। यह हमारे देश की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर के खिलाफ हैऔर हम इसका विरोध करते हैं।” उनके मुताबिकइस प्रदर्शन के माध्यम से उन्होंने देशभर में बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण के खिलाफ लोगों को जागरूक करने की कोशिश की है।

    इसके अलावाप्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर बाबरी मस्जिद के निर्माण को लेकर गलत संदेश फैला रहे हैं और इससे देश के हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत किया जा रहा है। उनका कहना था कि बाबरी मस्जिद का निर्माण भारत की धार्मिक एकता को कमजोर करेगाऔर इस पर बडे़ पैमाने पर विरोध होना चाहिए।

    वहींइस प्रदर्शन के बाद कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने इसका विरोध किया है। उनका मानना है कि इस प्रकार के विरोध प्रदर्शन समाज में तनाव पैदा करते हैं और धार्मिक घृणा को बढ़ावा देते हैं। कुछ लोगों ने इसे संवेदनशील मुद्दा बताया और कहा कि इस तरह के प्रदर्शन से केवल सामाजिक सौहार्द्र को नुकसान पहुंचता है।

    किसी भी प्रकार के धार्मिक या सांप्रदायिक विवाद को बढ़ावा देने वाली गतिविधियां भारत के संवेदनशील समाज के लिए खतरे का संकेत हो सकती हैं। भारत में धार्मिक और सांप्रदायिक एकता को बनाए रखने के लिए सभी समुदायों को एक दूसरे के विश्वास और भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।

    पुलिस प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और ऐसे प्रदर्शनों को रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के विवादास्पद प्रदर्शन और पोस्टर लगाने से किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत किया जा सकता हैजो कि कानूनन गलत है।

    अंततःयह घटनाएं यह दर्शाती हैं कि आज भी हमारे समाज में सांप्रदायिक मुद्दे अत्यधिक संवेदनशील हैंऔर इन्हें समझदारी और संयम से हल किया जाना चाहिए। हमें यह समझना होगा कि हमारी एकता और अखंडता ही हमें मजबूत बनाती हैऔर हर किसी को अपने विश्वास और विचारों का सम्मान करते हुए एक साथ जीने की कोशिश करनी चाहिए।

  • यशस्वी जायसवाल का बड़ा खुलासा: कोहली नहीं, शुभमन गिल को बताया टीम का सबसे मेहनती खिलाड़ी

    यशस्वी जायसवाल का बड़ा खुलासा: कोहली नहीं, शुभमन गिल को बताया टीम का सबसे मेहनती खिलाड़ी


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने विराट कोहली की तारीफ के बावजूद टीम का सबसे मेहनती खिलाड़ी कोई और बताया। यशस्वी ने इंटरव्यू में कहा कि शुभमन गिल अपनी फिटनेस, डाइट और स्किल्स पर लगातार मेहनत करते हैं और उनकी कंसिस्टेंसी और अनुशासन कमाल का है।

    जायसवाल ने लिया गिल का नाम

    यशस्वी ने बताया, “शुभमन गिल को मैंने बहुत करीब से देखा है। हर ट्रेनिंग सेशन और मैच में वे पूरी मेहनत लगाते हैं। उनका अनुशासन और टीम के लिए समर्पण प्रेरणादायक है। इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में उनका बल्लेबाजी प्रदर्शन शानदार और जिम्मेदाराना था। हमें पूरा भरोसा था कि वे हर परिस्थिति में रन बनाएंगे।”

    टी20 से बाहर, लेकिन वनडे में चमके यशस्वी

    हालांकि यशस्वी फिलहाल टी20 टीम से बाहर हैं, उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ निर्णायक वनडे में नाबाद 116 रन बनाकर भारत को 9 विकेट की आसान जीत दिलाई। पहले दो मैचों में उनके 18 और 22 रन के स्कोर के बाद यह शतक उनके लिए बड़ा आत्मविश्वास साबित हुआ।

    गिल की मेहनत, टीम के लिए प्रेरणा

    विराट कोहली की मेहनत भारतीय क्रिकेट के लिए बेंचमार्क रही है, लेकिन यशस्वी के अनुसार मौजूदा समय में शुभमन गिल की तैयारी और समर्पण उन्हें टीम का सबसे हार्डवर्किंग खिलाड़ी बनाता है।

    टीम इंडिया के युवा खिलाड़ियों में मेहनत और अनुशासन की नई मिसाल कायम करते हुए गिल और जायसवाल ने अपने प्रदर्शन से दिखा दिया कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य उज्जवल है।

  • तिजोरी खोल लो! चांदी ने लगाया रिकॉर्ड ‘आग’, सोना भी महंगा – जानें आज के भाव

    तिजोरी खोल लो! चांदी ने लगाया रिकॉर्ड ‘आग’, सोना भी महंगा – जानें आज के भाव


    नई दिल्ली। घरेलू और वैश्विक बाजारों में सोना और चांदी ने निवेशकों को खुश कर दिया। खासकर चांदी ने नया ऑल-टाइम हाई 1,93,452 प्रति किलो छूकर इतिहास रच दिया। सोने की कीमत भी बढ़कर 1,30,320 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई।

    MCX पर जोरदार उछाल

    फरवरी कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना 0.40% बढ़कर 1,30,320 रुपये प्रति 10 ग्राम हुआ।

    मार्च कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी 1.81% की छलांग लगाकर 1,92,148 रुपये प्रति किलो पर पहुंची।

    दिन के कारोबार में चांदी ने 1,93,452 रुपये प्रति किलो का नया ऑल-टाइम हाई भी बनाया।

    वैश्विक बाजार की चमक

    अमेरिकी सोने का फरवरी कॉन्ट्रैक्ट 1% से अधिक बढ़कर 4,271.30 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा। चांदी भी लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। यह तेजी फेडरल रिजर्व द्वारा तीसरी बार ब्याज दर में कटौती के बाद देखने को मिली।

    देश के प्रमुख शहरों में सोने का भाव

    दिल्ली: 1,30,350 प्रति 10 ग्राम

    मुंबई, कोलकाता: 1,30,200

    चेन्नई: 1,31,460

    अहमदाबाद, वडोदरा: 1,30,250

    बेंगलुरु, हैदराबाद, केरल, पुणे: 1,30,200

    निवेशकों के लिए संभावनाएं

    विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता और फेड की दर कटौती के चलते सोना और चांदी में तेजी और जारी रह सकती है। निवेशकों के लिए यह समय कीमती धातुओं में निवेश करने के लिहाज से बेहद लाभकारी माना जा रहा है।

    निष्कर्ष: चांदी ने इतिहास रचकर निवेशकों को आकर्षित किया और सोने ने भी मजबूती दिखाई। फेड की ब्याज दर में कटौती ने बाजार को नई ऊर्जा दी है, जिससे घरेलू और वैश्विक स्तर पर तेजी की संभावना बरकरार है।

  • पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मु ने प्रणब मुखर्जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की

    पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मु ने प्रणब मुखर्जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की


    नई दिल्‍ली ।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रणब मुखर्जी को आज उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने मुखर्जी को एक महान राजनेता और असाधारण विद्वत्तापूर्ण व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि उन्होंने दशकों के सार्वजनिक जीवन में अटूट समर्पण के साथ देश की सेवा की।

    पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा “प्रणब मुखर्जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। वह एक महान राजनेता और असाधारण विद्वत्तापूर्ण व्यक्तित्व के धनी थे और उन्होंने दशकों के सार्वजनिक जीवन में अटूट समर्पण के साथ भारत की सेवा की। प्रणब बाबू की बुद्धिमत्ता और स्पष्ट विचार ने हर कदम पर हमारे लोकतंत्र को समृद्ध किया। यह मेरा सौभाग्य है कि इतने वर्षों तक उनके साथ संवाद करने के दौरान मुझे उनसे बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला।”

    https://twitter.com/narendramodi/status/1998967658382024940?s=20

    राष्ट्रपति ने प्रणब मुखर्जी की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की
    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन में भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।

  • दिल्ली में ईवी क्रांति! सरकार ने तैयार की EV पॉलिसी 2.0, चार्जिंग और बैटरी रीसाइक्लिंग में बड़े बदलाव

    दिल्ली में ईवी क्रांति! सरकार ने तैयार की EV पॉलिसी 2.0, चार्जिंग और बैटरी रीसाइक्लिंग में बड़े बदलाव


    नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने EV पॉलिसी 2.0 का मसौदा तैयार कर लिया है। नई पॉलिसी का फोकस चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बैटरी रीसाइक्लिंग, और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर होगा।

    बैटरी रीसाइक्लिंग: पहली बार पूरी व्यवस्था

    नई पॉलिसी के तहत ईवी बैटरी की रीसाइक्लिंग पर खास जोर दिया गया है। ईवी बैटरी आमतौर पर 8 साल तक चलती है और उसके बाद सुरक्षित निपटान चुनौती बन जाता है। दिल्ली सरकार ने राजधानी में पहली बार बैटरी जमा करने और रीसाइक्लिंग की पूरी व्यवस्था बनाने की योजना बनाई है।

    चार्जिंग स्टेशन: हर कोने में सुविधा

    सरकार ने 2030 तक 5,000 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन लगाने का लक्ष्य रखा है। हर स्टेशन पर 4-5 चार्जिंग पॉइंट होंगे। स्टेशन शॉपिंग मार्केट, मल्टी लेवल पार्किंग, RWAs, सरकारी ऑफिस और मुख्य मार्गों के किनारे लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य दिल्ली के हर कोने में भरोसेमंद और आसान चार्जिंग नेटवर्क तैयार करना है।

    नई छोटी ईवी वैन: लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के लिए

    संकरी गलियों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में चलाने के लिए नई छोटी ईवी वैन की योजना है, जो 7 यात्रियों और 1 ड्राइवर के साथ चलेगी। इसके साथ ही ई-रिक्शा संचालन के लिए तय रूट बनाए जाएंगे।

    पॉलिसी लागू होने के बाद बदलाव

    राजधानी में प्रदूषण में कमी

    सार्वजनिक परिवहन की सुविधा में सुधार

    ईवी सेक्टर में निवेश और रोजगार में वृद्धि

    चार्जिंग और बैटरी रीसाइक्लिंग नेटवर्क का विस्तार

    नई ईवी वैन से रोजमर्रा की यात्रा आसान और साफ-सुथरी

    नई पॉलिसी 31 दिसंबर के बाद लागू की जाएगी। पहली ईवी पॉलिसी 2020 में लागू हुई थी, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के कारण अब इसे अधिक व्यापक और प्रभावशाली बनाया गया है।

  • हुमायूं कबीर का ‘धमाका’: CM ममता पर सीधा हमला, बंगाल की राजनीति में भूचाल

    हुमायूं कबीर का ‘धमाका’: CM ममता पर सीधा हमला, बंगाल की राजनीति में भूचाल


    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ खुला मोर्चा खोलते हुए घोषणा की कि वह 2026 विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी के सामने सीधी चुनौती पेश करेंगे।

    कबीर ने दावा किया कि न तो टीएमसी और न ही बीजेपी बहुमत पा पाएंगी। उन्होंने कहा कि उनकी नई पार्टी 135 सीटों पर चुनाव लड़कर किंगमेकर बनेगी और सत्ता की चाबी उनके हाथ में होगी। “अगला मुख्यमंत्री हमारी पार्टी के समर्थन के बिना शपथ नहीं ले पाएगा,” कबीर ने कहा।

    22 दिसंबर को नई पार्टी की घोषणा

    कबीर ने बताया कि 22 दिसंबर को वह अपनी नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च करेंगे। उनका लक्ष्य चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाना और बंगाल की सियासत में नई शक्ति के रूप में उभरना है।

    टीएमसी का पलटवार

    टीएमसी ने कबीर के दावों को निराधार बताया। प्रदेश महासचिव अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि कबीर की बातें केवल राजनीतिक हताशा का संकेत हैं और उनके पास कोई वास्तविक जनाधार नहीं है। टीएमसी का कहना है कि जनता अपने निर्णय में समर्थ है और किसी भी दावे को सत्ता में बदलने की संभावना कम है।

    राजनीति में नया ताप

    हुमायूं कबीर के दावे और नई पार्टी की घोषणा ने बंगाल की राजनीति में नया ताप ला दिया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कबीर क्या वास्तव में बंगाल की राजनीति में नई शक्ति के रूप में उभर पाएंगे या टीएमसी का अनुमान सही साबित होगा।

  • रणवीर की ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस हिट, ऋतिक रोशन ने राजनीतिक पहलुओं पर उठाए सवाल

    रणवीर की ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस हिट, ऋतिक रोशन ने राजनीतिक पहलुओं पर उठाए सवाल


    नई दिल्ली। रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर’ ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया है। फिल्म की कहानी और सिनेमैटिक प्रस्तुति की सुपरस्टार ऋतिक रोशन ने खुले दिल से तारीफ़ की, लेकिन इसके राजनीतिक संदेश पर उन्होंने असहमति जताई।

    ऋतिक ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि उन्हें फिल्म की कहानी और स्क्रीन प्रेजेंटेशन शानदार लगी, लेकिन राजनीति से जुड़े पहलुओं पर वे सहमत नहीं हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।

    फिल्म को पहले ही अक्षय कुमार और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी सराहा। अक्षय ने इसे “बेहतरीन कहानी और शानदार प्रस्तुति” बताया, जबकि स्मृति ने इसे देश की सुरक्षा में लगे लोगों की भावनाओं को दिखाने वाली फिल्म करार दिया।

    ‘धुरंधर’ की कहानी पाकिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ भारतीय ऑपरेशनों पर आधारित है। रणवीर सिंह ने भारतीय अंडरकवर एजेंट की भूमिका निभाई है, जबकि आर. माधवन, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, अक्षय खन्ना और अन्य दिग्गज कलाकार फिल्म को और प्रभावी बनाते हैं।

    फिल्म की सफलता को देखते हुए मेकर्स ने ‘धुरंधर 2’ की तैयारी भी शुरू कर दी है, जो अगले साल 19 मार्च को रिलीज़ होगी।

    हालांकि, फिल्म केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रही। इसके राजनीतिक पहलुओं को लेकर सोशल मीडिया और फिल्म जगत में बहस तेज है। ऋतिक रोशन की संतुलित प्रतिक्रिया ने इस बहस में नया आयाम जोड़ दिया है।

  • रतलाम कलेक्ट्रेट में हाई वोल्टेज ड्रामा: कोर्ट ने प्रेमिका को नारी निकेतन भेजा, प्रेमी अस्पताल में भर्ती

    रतलाम कलेक्ट्रेट में हाई वोल्टेज ड्रामा: कोर्ट ने प्रेमिका को नारी निकेतन भेजा, प्रेमी अस्पताल में भर्ती


    रतलाम । रतलाम कलेक्ट्रेट (Ratlam Collectorate)में मंगलवार को प्रेमी-प्रेमिका(boyfriend girlfriend) का ऐसा हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ कि पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई. मामला तब शुरू हुआ जब स्टेशन रोड थाना पुलिस एक 19 साल के युवक और उसकी 19 वर्षीय प्रेमिका को अपर कलेक्टर(Additional Collector) कोर्ट में लेकर पहुंची. युवती के परिवार ने उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई थी, जिसके बाद पुलिस दोनों को ढूंढकर कलेक्ट्रेट लाई.

    कोर्ट में पता चला कि युवक सिर्फ 19 साल का है. प्रेमी-प्रेमिका दोनों ने 2 दिसंबर को लव मैरिज की थी, लेकिन उम्र के कारण कोर्ट ने शादी की वैधता पर सवाल उठाए. युवती की इच्छा जानने के बाद एडीएम शालिनी श्रीवास्तव ने उसे उज्जैन नारी निकेतन भेजने का आदेश दे दिया.

    प्रेमी-प्रेमिका का हाई वोल्टेज ड्रामा
    फैसला सुनते ही युवक और उसके परिजन विरोध में खड़े हो गए. जब नारी निकेतन की गाड़ी युवती को लेने पहुंची, तब भी युवक ने कोर्ट परिसर में जमकर हंगामा किया. वह बार-बार अपनी पत्नी को अपने साथ भेजने की मांग करता रहा. एक घंटे तक समझाइश का दौर चलता रहा, मगर युवक शांत नहीं हुआ.

    लगातार रोने-चिल्लाने और तनाव के चलते अचानक युवक की तबीयत बिगड़ गई. वह बेहोश होकर गिर पड़ा, जिसके बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उसे जिला अस्पताल भिजवाया. फिलहाल युवक का इलाज रतलाम के सरकारी अस्पताल में चल रहा है.

    कोर्ट ने प्रेमिका को नारी निकेतन भेजा
    युवक के परिजनों का कहना है कि दोनों ने अपनी मर्जी से शादी की है और प्रशासन को युवती को नारी निकेतन भेजने की जरूरत नहीं थी. वे चाहते हैं कि उनकी बहू जल्द से जल्द वापस घर आए. अपर कलेक्टर शालिनी श्रीवास्तव ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की गई है और युवती की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे नारी निकेतन भेजा गया है.

  • इस साल चांदी 2 लाख के पार? रिटर्न में सोने को भी पीछे छोड़ रही है सिल्वर

    इस साल चांदी 2 लाख के पार? रिटर्न में सोने को भी पीछे छोड़ रही है सिल्वर


    नई दिल्ली। इस साल चांदी(Silver) ने निवेशकों को चौंकाते हुए सोने(gold) से भी ज्यादा रिटर्न दिया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल चांदी की कीमतों में 114% से अधिक की भारी बढ़ोतरी हुई है, जबकि सोने में 68% का उछाल देखने को मिला है। एक तरफ सोना 1 लाख 30 हजार प्रति 10 ग्राम के पार निकल गया है। वहीं, चांदी ने बुधवार को 1,92,000 प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। उम्मीद जताई जा रही है कि साल 2025 के खत्म होने से पहले चांदी दो लाख रुपये प्रति किलो के आंकड़े को पार कर सकती है।
    जानकारों ने कहा, बुधवार को सोने में मामूली बढ़त हुई, जिसे अमेरिकी डॉलर के नरम होने और फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में कटौती की पक्की उम्मीदों से सहारा मिला। बाजार के सतर्क रुख के साथ ही वैश्विक अनिश्चितताओं ने भी कीमती धातुओं को और बढ़ावा दिया।

    वायदा बाजार में चांदी 1.53 प्रतिशत बढ़कर 61.60 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड पर पहुंच गई। मंगलवार को, यह धातु 2.66 डॉलर बढ़कर 60.82 डॉलर प्रति औंस के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थी। पिछले दो कारोबारी सत्रों में इसमें 5.91 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

    मांग अधिक उत्पादन कम
    एक साल में चांदी के दाम दोगुने हो गए हैं। चांदी की मांग अधिक है, लेकिन उत्पादन कम। इसके साथ ही उद्योग क्षेत्रों में चांदी की मांग पिछले कुछ सालो में बढ़ी है। बदलती तकनीकी ने चांदी की खपत को बढ़ाया है। सोलर, इलेक्ट्रिक गाड़ियों में अब चांदी का उपयोग बढ़ने लगा है जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक कारों की मांग बढ़ेगी, वैसे-वैसे उपयोग और चांदी की मांग बढ़ेगी।

    किस वजह से लगातार कीमतें बढ़ रहीं
    दरअसल, दुनिया भर में बढ़ते तनाव, संघर्ष और अनिश्चितता ने सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश के तौर पर और आकर्षक बना दिया है। निवेशक शेयर मार्केट की बजाय इनमें निवेश कर रहे हैं। इसके साथ ही अमेरिकी टैरिफ के आर्थिक प्रभावों को लेकर पैदा हुई चिंताओं ने भी कीमतों को सहारा दिया है। इसके अलावा, दुनिया भर के सेंट्रल बैंक की तरफ से सोने-चांदी की लगातार खरीदारी से बाजार में इन धातुओं की मांग बनी हुई है। वहीं, ईटीएफ में भी भारी मात्रा में पैसा आ रहा है, जिससे कीमतों में तेजी आ रही है।
    क्या दो लाख के आंकड़े को पार कर पाएगी चांदी?

    बाजार के जानकारों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस साल चांदी दो लाख रुपये के आंकड़े को पार कर पाएगी? विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल के आखिर तक पर चांदी दो लाख रुपये के भाव को पार कर सकती है। इतना ही नहीं यह 20026 में 2.10 से 2.25 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक भी पहुंच सकती है।

    एक झटके में चांदी के दाम 11,500 रुपये उछले
    अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों से बढ़ी मजबूत घरेलू मांग के बीच बुधवार को दिल्ली में चांदी की कीमतों में लगभग दो महीनों में एक दिन की सबसे बड़ी तेजी आई। चांदी के दाम 11,500 रुपये बढ़कर 1,92,000 रुपये प्रति किलोग्राम के नए शिखर पर पहुंच गई। वहीं, सोने की कीमत 800 रुपये बढ़कर 1,32,400 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई।

    इससे पहले, चांदी की कीमत में इतनी बड़ी एक दिन की बढ़ोतरी इस वर्ष 10 अक्टूबर को दर्ज की गई थी, जब चांदी के दाम 8,500 रुपये बढ़े थे। इसके बाद दाम 1,71,500 रुपये प्रति किलोग्राम हो गए थे।

    ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, इस साल अब तक चांदी की कीमतों में 31 दिसंबर, 2024 को 89,700 रुपये प्रति किलोग्राम से 1,02,300 रुपये या 114.04 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। मंगलवार को पहली बार 60 डॉलर प्रति औंस से ऊपर जाने के बाद चांदी एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई और बढ़त को और बढ़ाया।

    कारोबारी अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती, मांग में तेजी, आपूर्ति में लगातार कमी और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड में बढ़ते निवेश पर दांव लगा रहे हैं ताकि चांदी की रैली को बढ़ावा मिल सके।