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  • इंदौर में रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी यातायात व्यवस्था में बदलाव फूटी कोठी से महूनाका तक रहेगा बंद

    इंदौर में रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी यातायात व्यवस्था में बदलाव फूटी कोठी से महूनाका तक रहेगा बंद


    इंदौर । इंदौर में भगवान रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी शुक्रवार 15 दिसंबर को अल सुबह तड़के तीन बजे से शुरू होगी। इस दौरान शहर के पश्चिमी क्षेत्र में भक्तों की एक बड़ी संख्या यात्रा में भाग लेगी। यह प्रभातफेरी रणजीत हनुमान मंदिर से शुरू होकर द्रविड़ नगर रणजीत हनुमान रोड महूनाका चौराहा अन्नपूर्णा रोड महावर नगर उषा नगर चौराहा दशहरा मैदान के पास स्थित गंगेश्वर महादेव मंदिर नरेंद्र तिवारी मार्ग आदित्य नर्सिंग होम होते हुए पुनः रणजीत हनुमान मंदिर पर समाप्त होगी। यात्रा के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों से यातायात प्रभावित रहेगा जिससे प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए हैं।

    यातायात बंद रहेगा परिवर्तित मार्गों का उपयोग करें

    प्रभातफेरी के दौरान शहर में यातायात को सुचारू बनाने के लिए पुलिस ने महूनाका चौराहा और फूटी कोठी के बीच के मार्ग को तड़के तीन बजे से बंद करने का निर्णय लिया है। ऐसे में जो वाहन चालक फूटी कोठी चौराहा से रणजीत हनुमान मंदिर होते हुए महूनाका चौराहा आना-जाना करना चाहते हैं उन्हें इस समय के दौरान ये मार्ग बंद होने के कारण यात्रा मार्गों को परिवर्तित करना होगा। वाहन चालक फूटी कोठी चौराहा से चंदन नगर चौराहा और गंगवाल चौराहा होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंच सकते हैं।

    इसी तरह यदि किसी को जूनी इंदौर भंवरकुआं की ओर जाना है तो वे गोपुर चौराहा और चाणक्यपुरी चौराहा से अपने मार्ग पर आगे बढ़ सकते हैं। यात्रा के दौरान जब प्रभातफेरी अन्नपूर्णा रोड पर पहुंचेगी तो अन्नपूर्णा रोड और महूनाका चौराहा के बीच भी यातायात बंद रहेगा। ऐसे में यात्री लालबाग से केसरबाग रोड का उपयोग करके अपनी यात्रा जारी रख सकते हैं।

    पार्किंग व्यवस्था
    पार्किंग की विशेष व्यवस्था भी की गई है ताकि यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालु अपने वाहन सुरक्षित स्थानों पर पार्क कर सकें। कलेक्ट्रेट चौराहा से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन लालबाग परिसर में पार्क कर यात्रा में शामिल हो सकते हैं। गंगवाल की ओर से आने वाले वाहन चालक सराफा स्कूल एमओजी लाइन और शासकीय स्कूल एमओजी लाइन परिसर में अपने वाहन खड़े कर सकते हैं। अन्नपूर्णा से आने वाले यात्री दशहरा मैदान में पार्किंग कर यात्रा में शामिल हो सकते हैं।

    प्रशासन की अपील

    प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे दिए गए परिवर्तित मार्गों का पालन करें और निर्धारित पार्किंग स्थानों पर ही अपने वाहन खड़े करें। इससे यातायात व्यवस्था में सुगमता रहेगी और यात्रा में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सकेगा। प्रशासन ने यह भी कहा है कि यात्रियों को यात्रा के मार्गों में कोई परेशानी न हो इसके लिए आवश्यक व्यवस्था की गई है और प्रशासन का प्रयास है कि सभी श्रद्धालु अपनी यात्रा आराम से पूरी कर सकें।

    रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी हर साल श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाई जाती है। यह एक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम है जो इंदौर शहर की धार्मिक आस्था का प्रतीक है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु शहर भर में फैले मार्गों पर प्रभातफेरी में शामिल होते हैं। प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाएं यह सुनिश्चित करने के लिए हैं कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े और आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

    यात्रा की सफलता के लिए सहयोग की अपील

    प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यातायात व्यवस्था में सहयोग करें ताकि इस महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जा सके।

  • हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी को दी चुनौती, 2026 विधानसभा चुनाव में नई पार्टी से लड़ेंगे

    हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी को दी चुनौती, 2026 विधानसभा चुनाव में नई पार्टी से लड़ेंगे


    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल (West Bengal)में बाबरी मस्जिद (Babri Masjid)की नींव रख चुके विधायक हुमायूं कबीर(Humayun Kabir) ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी(Mamata Banerjee) को चुनौती दी है। उन्होंने बुधवार को कहा है कि वह अगले विधानसभा चुनाव में सीएम बनर्जी की पार्टी के खिलाफ उम्मीदवार उतारने जा रहे हैं। राज्य में 2026 में चुनाव होने हैं। इससे पहले वह दावा कर चुके हैं कि बनर्जी 2026 में सीएम नहीं बन पाएंगी। तृणमूल कांग्रेस ने कबीर को निलंबित कर दिया है।

    मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘मैं 22 दिसंबर को एक नई पार्टी का ऐलान करूंगा। मैं ममता बनर्जी की पार्टी के खिलाफ उम्मीदवारों को उतारूंगा। जो भी मुख्यमंत्री बनेगा, उसे ऐसा करने के लिए हुमायूं कबीर का समर्थन लेना पड़ेगा।’ उन्होंने पहले भी कहा था कि वह अगले चुनाव में पश्चिम बंगाल में किंगमेकर बनकर सामने आएंगे।

    सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को कबीर ने दावा किया कि 2026 में न तो सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और न ही भारतीय जनता पार्टी अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा छू पाएगी। कबीर ने कहा कि उनका अनुमान है कि 294 सदस्यीय विधानसभा में कोई भी पार्टी 148 सीटों का आंकड़ा पार नहीं कर पाएगी।

    उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘चुनाव के बाद मैं किंगमेकर बनूंगा। मेरे समर्थन के बिना कोई भी सरकार नहीं बना सकता।’ कबीर ने कहा, ‘मैंने कहा है कि मैं 135 सीटों पर चुनाव लड़ूंगा। आप देखेंगे कि मैं जो पार्टी बनाऊंगा, वह इतनी सीटें जीतेगी कि जो भी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेगा, उसे मेरी पार्टी के विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी।’

    TMC ने उड़ाया मजाक
    टीएमसी ने कबीर के इस दावे का मजाक उड़ाया था। सीएम बनर्जी की अगुवाई वाली पार्टी के प्रदेश महासचिव अरूप चक्रवर्ती ने कहा, ‘हुमायूं कबीर दिवास्वप्न देख रहे हैं। सरकार बनाने की बात करने से पहले उन्हें अपनी जमानत बचाने की कोशिश करनी चाहिए। ऐसे निराधार दावे उनकी राजनीतिक हताशा को ही उजागर करते हैं।’

  • कनाडा में भारतीय मूल का युवक गिरफ्तार, महिला डॉक्टरों के सामने अश्लील हरकतों के आरोप में हुई कार्रवाई

    कनाडा में भारतीय मूल का युवक गिरफ्तार, महिला डॉक्टरों के सामने अश्लील हरकतों के आरोप में हुई कार्रवाई


    नई दिल्ली । कनाडा (Canada)के मिसिसॉगा शहर(Mississauga City) में एक 25 वर्षीय भारतीय मूल के युवक को गिरफ्तार किया गया है। उस पर कई मेडिकल क्लीनिकों (Medical clinics)में महिला स्टाफ, विशेषकर महिला डॉक्टरों के सामने खुद को अश्लील रूप से प्रदर्शित करने के आरोप लगे हैं। इस मामले की पुष्टि पील रीजनल पुलिस (PRP) ने की है।

    पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान वैभव के रूप में हुई है। जांचकर्ताओं का कहना है कि वैभव बीते कई महीनों से मिसिसॉगा के अलग-अलग मेडिकल सेंटर और क्लीनिकों में बार-बार पहुंचता था। वह नकली मेडिकल समस्याएं बताकर महिला डॉक्टरों से अनुचित शारीरिक संपर्क करवाने की कोशिश करता था।

    PRP ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि 12 डिवीजन क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशंस ब्यूरो (CIB) ने इंडीसेंट एक्ट जांच के सिलसिले में ब्रैम्पटन निवासी एक व्यक्ति को गिरफ्तार और चार्ज किया है।

    झूठी पहचान भी करता था इस्तेमाल
    पुलिस ने आरोप लगाया है कि वैभव ने कई बार महिला मेडिकल स्टाफ के सामने खुद को नंगा कर दिया और कई मौकों पर नकली पहचान भी अपनाई। जांच में सामने आया है कि वह कभी-कभी आकाशदीप सिंह नाम का इस्तेमाल करता था, ताकि डॉक्टरों को धोखे में रख सके।

    PRP के अनुसार- आरोपी ने कई बार मेडिकल कंडीशन का नाटक किया ताकि महिला डॉक्टर उसकी शरीर की अनुचित तरीके से जांच करें। कुछ मामलों में उसने झूठी पहचान का भी इस्तेमाल किया। वैभव को 4 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया और वह फिलहाल हिरासत में है। उसकी बेल (जमानत) हियरिंग अभी पेंडिंग है।

    कई गंभीर आरोप दर्ज
    सार्वजनिक स्थान पर अशोभनीय हरकत
    किसी लाभ के उद्देश्य से पहचान धोखाधड़ी
    पहचान दस्तावेज का अवैध कब्जा
    पहचान चोरी

    पुलिस को अन्य पीड़ितों की तलाश
    जांचकर्ताओं का मानना है कि ऐसी और भी महिलाएं हो सकती हैं जो इस आरोपी की हरकतों का शिकार हुई हों, लेकिन अब तक आगे नहीं आईं। पुलिस ने कहा- जो भी व्यक्ति इस मामले से जुड़ी कोई भी जानकारी रखता है, वह 12 डिवीजन CIB से 905-453-2121, एक्सटेंशन 1233 पर संपर्क करे। पील रीजनल पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि इस तरह की घटनाओं की रिपोर्ट करने में हिचकिचाएं नहीं, ताकि जांच आगे बढ़ सके और पीड़ितों को न्याय मिल सके।

  • लोकसभा में राहुल गांधी और अमित शाह के बीच तीखी तकरार, गृह मंत्री बोले- इस तरह से नहीं चलेगी संसद

    लोकसभा में राहुल गांधी और अमित शाह के बीच तीखी तकरार, गृह मंत्री बोले- इस तरह से नहीं चलेगी संसद


    नई दिल्ली । लोकसभा(Lok Sabha) में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह(Home Minister Amit Shah) ने बुधवार को विपक्ष पर देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर झूठ फैलाने का आरोप लगाया। इसके साथ ही, उन्होंने नेता विपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi)द्वारा अतीत में हरियाणा विधानसभा चुनाव के संदर्भ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके वोट चोरी के लगाए गए आरोपों पर भी जवाब दिया। इस पर राहुल गांधी और अमित शाह के बीच तीखी तकरार देखने को मिली। राहुल गांधी ने सदन में खड़े होकर अमित शाह को प्रेस कॉन्फ्रेंस पर डिबेट करने का चैलेंज दे दिया। इसके बाद अमित शाह भी भड़क गए और कहा कि संसद इस तरह से नहीं चलेगी। मेरे बोलने का क्रम मैं तय करूंगा।

    अमित शाह के भाषण के दौरान राहुल गांधी को जवाब देने का मौका दिया गया। उन्होंने कहा, ”मेरा कल एक सवाल था कि मुख्य चुनाव आयुक्त को फुल इम्युनिटी दी जाएगी। इसके पीछे की जो सोच थी, वह हमें बताएं। हरियाणा की जो बात थी, इन्होंने एक उदाहरण लिया, वहां पर अनेक उदाहरण हैं। 19 लाख वहां के फेक वोटर्स हैं। एक्चुअली, मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर डिबेट करते हैं। अमित शाह जी, मैं आपको चैलेंज करता हूं कि मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर डिबेट करें।”

    ‘इस तरह से संसद नहीं चलेगी’
    इस पर अमित शाह ने नाराजगी जताते हुए कहा, ”पहली बात मैं साफ करना चाहता हूं कि 30 साल से विधानसभा और संसद में चुनकर आया हूं। मुझे लंबा अनुभव है संसदीय प्रणाली का। विपक्ष के नेता कहते हैं, पहले मेरी बात का जवाब दीजिए, मैं सुनना चाहता हूं।” अमित शाह ने नाराजगी जताते हुए कहा, ‘’मेरे बोलने का क्रम मैं तय करूंगा। इस तरह से संसद नहीं चलेगी। उनकी हर बात का जवाब दूंगा, लेकिन मेरे भाषण का क्रम वो तय नहीं कर सकते, मैं करूंगा, क्योंकि मैं बोल रहा हूं।” इस पर राहुल गांधी ने खड़े होकर कहा कि यह डिफेंसिव जवाब है, यह घबराया हुआ जवाब है और डरा हुआ है। सच्चा जवाब नहीं है।

    ‘मैं उकसावे में नहीं आऊंगा, बल्कि…’
    इस पर अमित शाह ने जवाब दिया कि मैं उनके उकसावे पर नहीं आऊंगा, बल्कि अपने विषय पर बोलूंगा। मैंने इतना ही कहा कि मैं अपने भाषण का क्रम मैं ही तय करूंगा और यह हर वक्ता का अधिकार है। उनका भी है, मेरा भी है। अमित शाह ने चुनाव सुधारों पर चर्चा पर जवाब देते हुए यह भी कहा कि संविधान का अनुच्छेद 327 निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची बनाने का पूर्ण अधिकार देता है। गृह मंत्री ने कहा, ‘‘मैं सदन और देश की जनता को कहना चाहता हूं कि क्या घुसपैठिए तय करेंगे कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री कौन होगा।’’ शाह ने कहा कि यह एसआईआर मतदाता सूची के शुद्धिकरण की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि विदेशी नागरिकों को भारत में मतदान करने का अधिकार नहीं दिया जा सकता।

  • दिल्ली हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत, 4 मिमी कम हाइट वाले उम्मीदवार भी बन सकते हैं CAPF कमांडर

    दिल्ली हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत, 4 मिमी कम हाइट वाले उम्मीदवार भी बन सकते हैं CAPF कमांडर


    नई दिल्ली । दिल्ली हाईकोर्ट(Delhi High Court) ने केंद्रीय सशस्त्र(Central Armed Forces) पुलिस बल (सीएपीएफ) भर्ती से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में उम्मीदवार को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि महज 0.4 सेंटीमीटर कम लंबाई होने के आधार पर किसी योग्य उम्मीदवार को चयन प्रक्रिया से बाहर करना अनुचित और अवैध है।

    हाईकोर्ट ने कहा कि 164.6 सेंटीमीटर लंबाई को 165 सेंटीमीटर माना जाना चाहिए। जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की बेंच ने कहा कि भर्ती नियमों के मुताबिक, 0.5 सेंटीमीटर से कम का अंतर नजरअंदाज किया जाना चाहिए। वहीं, 0.5 सेंटीमीटर या उससे अधिक होने पर लंबाई को एक मान लिया जाता है। इसलिए उम्मीदवार की 164.6 सेंटीमीटर की लंबाई को सीधे 165 सेंटीमीटर माना जाना चाहिए था।

    बेंच ने अपने आदेश में कहा कि सीएपीएफ भर्ती के लिए मेडिकल जांच टेस्ट को लेकर जारी दिशानिर्देश में भी कहा गया है कि 0.5 सेंटीमीटर से कम लंबाई के अंतर को नजरअंदाज किया जाएगा। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया था कि सीएपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट पद के लिए आवेदन के दौरान उसकी लंबाई 164.6 सेंटीमीटर नापी गई, जिसके कारण उसे अयोग्य घोषित कर दिया गया।

    हाईकोर्ट ने इसे प्रथम दृष्टया गलत मानते हुए उम्मीदवार को आगे की चयन प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति दे दी है। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि भर्ती के अन्य चरणों को उम्मीदवार को स्वयं पास करना होगा, तभी अंतिम नियुक्ति पर निर्णय लिया जाएगा।

    हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया
    इस मामले में याचिका को प्रथम दृष्टया उम्मीदवार के पक्ष में पाते हुए हाईकोर्ट की बेंच ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। यह आदेश सीएपीएफ भर्ती प्रक्रिया में मेडिकल मानकों के लागू होने के तरीके पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। भविष्य में कई और अभ्यर्थियों को ऐसे मामलों में बड़ी राहत मिल सकती है।

  • मनमाड़-इंदौर रेल परियोजना 943 किसानों की जमीन अधिग्रहण लेकिन धार जिले में काम बाकी

    मनमाड़-इंदौर रेल परियोजना 943 किसानों की जमीन अधिग्रहण लेकिन धार जिले में काम बाकी



    इंदौर ।
    मध्य प्रदेश में मनमाड़-इंदौर रेल परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है। इस परियोजना के तहत इंदौर जिले के महू तहसील में 18 गांवों के कुल 943 किसानों की जमीन अधिग्रहीत की जा चुकी है। यह रेल मार्ग महाराष्ट्र से सीधे आंबेडकर नगर स्टेशन को जोड़ेगा जो क्षेत्रीय परिवहन और विकास को एक नई दिशा देने की उम्मीदें जगाता है। परियोजना के तहत खेड़ी इस्तमुरार गांव से भूमि अधिग्रहण की औपचारिक शुरुआत भी हो चुकी है जो इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम है।

    मनमाड़-इंदौर रेल परियोजना को लेकर अब तक इंदौर जिले में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में कोई बड़ी अड़चन नहीं आई है लेकिन धार जिले में यह कार्य अभी अधूरा है जिससे परियोजना की प्रगति प्रभावित हो रही है। धार जिले में भूमि अधिग्रहण की गति धीमी होने के कारण इस परियोजना की समय-सीमा पर असर पड़ सकता है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार बड़वानी जिले के सेंधवा क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। सेंधवा की भूमि अधिग्रहण संबंधी फाइल कसरावद प्रशासन को ड्राफ्ट तैयार करने के लिए भेज दी गई है और ड्राफ्ट के अनुमोदन के बाद सेंधवा की अंतिम अधिग्रहण सूची जारी कर दी जाएगी।

    मनोज मराठे जो रेलवे संघर्ष समिति के प्रमुख हैं ने धार जिले में चल रही देरी को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने इंदौर में रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य नागेश नामजोशी के साथ बैठक की और विभागीय स्तर पर ठोस कदम उठाने की मांग की। मराठे ने कहा कि यदि धार जिले में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में कोई और देरी हुई तो इससे परियोजना की शुरुआत में अनावश्यक विलंब हो सकता है जो जनहित में नुकसानदायक हो सकता है।

    मराठे का कहना है कि समिति का प्रयास है कि सभी प्रभावित जिलों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के शीघ्र पूरी हो ताकि मनमाड़-इंदौर रेल परियोजना समय पर धरातल पर उतर सके और व्यापक जनहित को लाभ पहुंचा सके।

    मनमाड़-इंदौर रेल परियोजना का महत्व

    यह रेल परियोजना न केवल महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करेगी बल्कि यह क्षेत्रीय विकास और रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आंबेडकर नगर स्टेशन से रेल मार्ग जुड़ने से न केवल परिवहन की गति बढ़ेगी बल्कि आसपास के क्षेत्रों के आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। परियोजना की सफलता इस क्षेत्र के लिए एक बड़ी उम्मीद बन सकती है और यह भारतीय रेल नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।

    हालांकि इस परियोजना की प्रगति में कुछ चुनौतियां भी आ रही हैं विशेषकर धार जिले में भूमि अधिग्रहण को लेकर लेकिन उम्मीद की जाती है कि जल्द ही प्रशासन और रेलवे विभाग के प्रयासों से ये समस्याएं हल हो जाएंगी और परियोजना समय पर पूरी होगी। इस तरह मनमाड़-इंदौर रेल परियोजना ना केवल क्षेत्रीय परिवहन को एक नया आयाम देगी बल्कि प्रदेश के विकास में भी अहम योगदान करेगी।

  • अमेरिका ने पाकिस्तान के F-16 विमानों के अपग्रेड के लिए 686 मिलियन डॉलर के पैकेज को दी मंजूरी

    अमेरिका ने पाकिस्तान के F-16 विमानों के अपग्रेड के लिए 686 मिलियन डॉलर के पैकेज को दी मंजूरी


    नई दिल्ली । अमेरिकी(American) विदेश विभाग ने पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमान बेड़े को आधुनिक बनाने के लिए 686 मिलियन डॉलर (68.6 करोड़ डॉलर) के पैकेज को मंजूरी दे दी है। यह पैकेज पाकिस्तान वायु सेना (Pakistan Air Force)की क्षमताओं को बढ़ाने, अंतरसंचालन(Interoperability) को मजबूत करने और विमानों की सर्विस लाइफ को 2040 तक विस्तारित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। ट्रंप प्रशासन(Trump administration) ने इस प्रस्ताव को संसद के पास भेज दिया है, जहां इसे 30 दिनों की समीक्षा प्रक्रिया से गुजरना होगा।

    इस सौदे में लिंक-16 डेटा लिंक सिस्टम, क्रिप्टोग्राफिक उपकरण, एवियोनिक्स अपग्रेड, प्रशिक्षण मॉड्यूल और व्यापक रखरखाव समर्थन शामिल हैं। अमेरिकी रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (डीएससीए) के अनुसार, यह अपग्रेड पाकिस्तान के एफ-16 बेड़े की विश्वसनीयता और रखरखाव क्षमता को बढ़ाएगा, साथ ही अमेरिकी और पाकिस्तानी वायु सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगा। डीएससीए ने एक बयान में कहा- यह प्रस्तावित बिक्री अमेरिकी विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों का समर्थन करती है। पाकिस्तान एक प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी देश है।

    पाकिस्तान के पास वर्तमान में लगभग 75 एफ-16 विमान हैं, जो 1980 के दशक से उसकी वायु सेना का मुख्य आधार हैं। यह अपग्रेड विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि पाकिस्तान के एफ-16 बेड़े को आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए अपग्रेडेड कम्युनिकेशन और सेंसर सिस्टम की आवश्यकता है।

    अमेरिका और पाकिस्तान के बीच सैन्य सहयोग का इतिहास लंबा रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में यह उतार-चढ़ाव से गुजरा है। 2018 में ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान को सैन्य सहायता निलंबित कर दी थी, लेकिन अब इस अपग्रेड पैकेज से संबंधों में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस मंजूरी का स्वागत किया है, इसे अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के रूप में देखते हुए। दूसरी ओर, अमेरिकी कांग्रेस में कुछ सदस्यों ने पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी प्रतिबद्धताओं पर सवाल उठाए हैं, लेकिन डीएससीए ने स्पष्ट किया कि यह पैकेज केवल मौजूदा बेड़े के रखरखाव और अपग्रेड के लिए है, न कि नए विमानों की बिक्री के लिए।

    यह विकास ऐसे समय में आया है जब दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। पाकिस्तान ने हाल ही में अपनी वायु सेना को आधुनिक बनाने के लिए चीन से जे-10सी विमान भी प्राप्त किए हैं, लेकिन एफ-16 अमेरिकी तकनीक पर निर्भर उसकी मुख्य ताकत बनी हुई है। यदि कांग्रेस इस सौदे को मंजूरी देती है, तो यह पाकिस्तान की सैन्य आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।

  • जनसभा में भड़कीं ‘लेडी सिंघम’ IPS ईशा सिंह, करूर कांड पर TVK नेता को लगाई जोरदार फटकार

    जनसभा में भड़कीं ‘लेडी सिंघम’ IPS ईशा सिंह, करूर कांड पर TVK नेता को लगाई जोरदार फटकार


    नई दिल्ली । TVK यानी तमिलगा वेत्री (tamilga vetri)कषगम प्रमुख विजय ने मंगलवार को पुडुचेरी (Puducherry)में अपनी पहली जनसभा की। इस दौरान उनकी पार्टी के नेताओं और एक महिला आईपीएस(IPS) के बीच बहस का वीडियो सामने आया है। वीडियो में नजर आ रहा है कि अधिकारी करूर रैली(Karur Rally) में हुई मौतों का जिक्र कर नेताओं पर निशाना साध रही हैं। मामले का वीडियो वायरल हो रहा है।

    क्या था मामला
    मामला टीवीके की उप्पालम पोर्ट ग्राउंड में हुई जनसभा का है। एक वायरल वीडियो में पुडुचेरी पुलिस अधीक्षक ईशा सिंह को नाराज होते हुए देखा जा सकता है। वह कह रही हैं, ‘तुम पर इतने लोगों का खून है। तुम मुझे पूछ रहे हो कि मैं क्या कर रही हूं। तुम क्या कर रहे हो। 40 लोग मर गए थे। तुम क्या कर रहे।’ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें टीवीके महासचिव बस्सी आनंद के हाथों से माइक छीनते हुए भी देखा गया।

    खबर है कि एसपी ईशा सिंह ने अपने विजय के रोड शो को अनुमति देने के पहले ही अपने सीनियर्स को चेताया था। इसके बाद उन्हें रैली की देखरेख का काम सौंपा गया। खास बात है कि करूर में हुए कांड के बाद विजय की यह पहली बड़ी रैली थी। उस रैली में 41 लोगों की मौत हो गई थी।

    कौन हैं आईपीएस ईशा सिंह
    साल 1998 में मुंबई में जन्मीं ईशा सिंह के पिता योगेश प्रताप सिंह भी 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं। कहा जाता है कि भ्रष्टाचार उजागर करने के चलते बार-बार सजा के तौर पर मिल रही पोस्टिंग के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। सिंह की मां आभा सिंह भारतीय डाक सेवा में कार्यरत थीं, लेकिन बाद में उन्होंने कानून का रास्ता चुना और वकालत की और जनहित के मामलों में रहीं। इनमें सलमान खान हिट एंड रन केस भी शामिल है।

    इंडिया टुडे के अनुसार, ईशा सिंह भी पुलिस अधिकारी बनने से पहले वकालत में समय गुजार चुकी हैं। उन्होंने नेशनल लॉ स्कूल से शिक्षा हासिल की थी। साल 2010 में उन्होंने सैप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जान गंवाने वाले कर्मियों की विधवाओं को 10 लाख रुपये मुआवजा दिलवाया था।

  • जगदीशपुर किला गोंड काल से मुगल दौर तक की ऐतिहासिक यात्रा और जीर्णोद्धार की नई शुरुआत

    जगदीशपुर किला गोंड काल से मुगल दौर तक की ऐतिहासिक यात्रा और जीर्णोद्धार की नई शुरुआत


    भोपाल ।
    मध्य प्रदेश का जगदीशपुर किला एक ऐतिहासिक धरोहर है जिसकी कहानी कई सदियों पुरानी है। 15वीं शताब्दी में गोंड साम्राज्य के 52 किलों में से एक महत्वपूर्ण किला आज भी अपने ऐतिहासिक महत्व को संजोए हुए है। गोंड साम्राज्य के दौरान यह किला विशेष स्थान रखता था और उसकी स्थापत्य कला की अनूठी शैली को यहां देखा जा सकता है। समय के साथ किले का रूप और नाम बदलते रहे लेकिन इसके ऐतिहासिक महत्व में कोई कमी नहीं आई।

    किले की कहानी गोंड साम्राज्य से शुरू होती है जब यहां के वन क्षेत्रों में गोंड शासकों ने स्थानीय सत्ता संभाली थी। संग्रामशाह ने कई किलों का निर्माण कराया था जिनमें से यह किला भी शामिल था। रानी दुर्गावती की पराजय के बाद किला अकबर के अधीन आ गया था। मुगल काल में यह किला देवड़ा राजपूतों का ठिकाना बना और इसे ‘जगदीशपुर’ नाम मिला। बाद में 18वीं शताब्दी में दोस्त मोहम्मद खान ने इसका नाम बदलकर ‘इस्लामनगर’ कर दिया लेकिन आज यह किला जगदीशपुर के नाम से ही प्रसिद्ध है।

    किले की संरचना और स्थापत्य की खासियत

    जगदीशपुर किले की संरचना और सुरक्षा प्राचीर आज भी अपनी भव्यता बनाए हुए हैं। किले के चारों ओर मजबूत बुर्ज बनाए गए हैं जिनका अलंकरण गोंड स्थापत्य कला को दर्शाता है। बुर्जों से दुश्मनों पर सटीक निशाना साधने की व्यवस्था थी। किले के परिसर में तीन मुख्य प्रवेश द्वार हैं जबकि चौथा द्वार शाही परिसर का हिस्सा बन चुका है। किले में गोंड महल और शाही परिसर दो महत्वपूर्ण निर्माण हैं जिन्हें आंतरिक प्राचीर से सुरक्षित किया गया था।

    गोंड महल – 15वीं शताब्दी का प्रतीक

    गोंड महल किले का सबसे पुराना महल है जो 15वीं से 16वीं शताब्दी के बीच बना था। यह महल उस समय की शाही भव्यता का प्रतीक था। महल में तीन मंजिलें हैं जिनमें विशाल आंगन मेहराबदार दालान आवासीय कक्ष दीवाने-आम फव्वारा स्नानगृह अश्वशाला और बाग हैं। लताबल्लरी युक्त मेहराबें और नक्काशीदार झरोखे महल की भव्यता को आज भी जीवंत रखते हैं।

    रानी महल – गोंड और मुगल स्थापत्य का संगम

    रानी महल किले की एक और प्रमुख संरचना है। इसकी मूल संरचना 16वीं शताब्दी की गोंड शैली में बनी है जबकि 17वीं शताब्दी में इसमें मुगल शैली की बहुकोणीय मेहराबें जोड़ी गईं। यह महल कभी देवड़ा राजपूत जमींदारों और बाद में दोस्त मोहम्मद खान का निवास भी रहा। रानी महल की मरम्मत तो हुई है लेकिन इसकी मूल संरचना को पूरी तरह से बरकरार रखा गया है।

    चमन महल – शाही परिसर का एक अनमोल रत्न

    रानी महल के उत्तर में स्थित चमन महल शाही परिसर की शोभा है। यह महल राजपूत-मुगल शैली का बेहतरीन उदाहरण है जिसमें सुंदर उद्यान गुंबद नुकीली आमेर शैली की अर्ध-मेहराबें और मुगल शैली का हमाम विशेष आकर्षण हैं। यहां स्थित चारबाग शैली का उद्यान और फव्वारे कश्मीर के मुगल बागों की याद दिलाते हैं।

    जीर्णोद्धार की प्रक्रिया

    1977 में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किले को अधिगृहीत किया गया था और तब से इसे संरक्षित करने के प्रयास जारी हैं। हाल ही में पुरातत्व विभाग ने रानी महल और चमन महल का जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण पूरा किया है। डॉ. मनीषा शर्मा के अनुसार इस वर्ष जून में रानी महल और चमन महल का पुनरुद्धार पूरा हुआ है। अगले चरण में किले के मुख्य प्रवेश द्वार परकोटा दीवार और बुर्जों को उनके मूल स्वरूप में लाने का कार्य शुरू होगा।

    हृदय दृश्यम संगीत समारोह

    किले के जीर्णोद्धार के बाद 6 दिसंबर को किले में पहली बार भव्य हृदय दृश्यम संगीत समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह समारोह किले की ऐतिहासिक धरोहर को और भी खास बनाएगा। इसके साथ ही हस्तशिल्प और व्यंजन मेले का आयोजन भी किया जाएगा जो पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण होगा। जगदीशपुर किला न केवल गोंड साम्राज्य की शान है बल्कि मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक सांस्कृतिक और स्थापत्य धरोहर का अहम हिस्सा भी है। इसके संरक्षण और जीर्णोद्धार के प्रयास किले की भव्यता को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में मदद करेंगे।

  • Ukraine War: धमाकों से दहला रूसी शहर सेंट पीटर्सबर्ग, सबसे बड़ा बाजार जलकर तबाह

    Ukraine War: धमाकों से दहला रूसी शहर सेंट पीटर्सबर्ग, सबसे बड़ा बाजार जलकर तबाह


    मास्को।
    रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध (Russia Ukraine War) में दोनों ही देश एक-दूसरे के ऊपर लगातार हमले कर रहे हैं। बुधवार रात को रूसी शहर सेंट पीटर्सबर्ग (Russian city Saint Petersburg) के सबसे बड़े बाजार में भी एक के बाद एक कई धमाके सुनाई दिए। यह धमाके इतने भयानक थे कि कई किलोमीटर दूर तक इनकी आवाज सुनाई दी। इन धमाकों और उसके बाद फैली आग में कई लोग घायल हो गए हैं, जबकि एक व्यक्ति की मौत हो गई है।

    रूसी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक एक धमाके से पूरा शॉपिंग कॉम्पलेक्स जलकर तबाह हो गया। हालांकि, इस आग और धमाकों के पीछे क्या वजह थी। इसकी जानकारी अभी तक सामने नहीं आ पाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, एक महिला को कार्बन मोनो ऑक्साइड की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ा है, वहीं एक व्यक्ति आग से बचने के लिए दूसरी मंजिल से कूद गया, जिसकी वजह से उसे गंभीर चोट आई है। सोशल मीडिया पर इस घटना की कुछ वीडियो भी सामने आई हैं, जिनमें भयानक धुआं उठता हुआ नजर आ रहा है।

    मॉस्को की तरफ जा रहे ड्रोन्स इंटरसेप्ट
    सेंट पीटर्सबर्ग में हुई इस घटना के बाद मॉस्को के मेयर ने भी जानकारी देते हुए बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम ने बुधवार रात को मॉस्को की तरफ आ रहे ड्रोन्स को मार गिराया है। सर्गेई सोब्यानिन ने अपने टेलीग्राम चैनल पर लिखा कि लगभग साढ़े तीन घंटों के समय में इन 31 ड्रोन्स को मार गिराया गया है। इसके अलावा दोपहर में भी एक ड्रोन गिराया गया था।

    इन ड्रोन्स को नेस्तनाबूद करने के बाद इमरजेंसी टीम को इनका मलबा एकत्र करने के लिए भेजा गया। इन ड्रोन्स की वजह से आसपास के क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि की जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, इस हमले के बाद रूस के एविएशन मिनिस्ट्री ने मॉस्को में सभी एयरपोर्ट्स पर आवागमन रद्द कर दिया है। इन हवाई जहाजों का डायवर्ट कर सेंट पीटर्सबर्ग के पुलकोवो एयरपोर्ट की तरह भेज दिया गया है।

    गौरतलब है कि यह हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब रूस की राजधानी मॉस्को में नाजी जर्मनी पर जीत की 80 वी सालगिरह के उपलक्ष्य में एक परेड का आयोजन किया जा रहा है। मॉस्को के मेयर इस परेड में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे।