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  • बांग्लादेश में हिंदू युवक की जघन्य हत्या, BNP नेता ने कार से कुचलकर कर उतारा मौत के घाट

    बांग्लादेश में हिंदू युवक की जघन्य हत्या, BNP नेता ने कार से कुचलकर कर उतारा मौत के घाट


    नई दिल्ली। बांग्लादेश के राजबाड़ी जिले में BNP नेता अबुल हाशेम सुजन ने पेट्रोल पंप कर्मचारी रिपन साहा को 5,000 टका का पेट्रोल बिना भुगतान करने पर अपनी जीप से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी और ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है।

    बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की दर्दनाक हत्या ने देश में सनसनी फैला दी है। राजबाड़ी जिले के पेट्रोल पंप पर काम करने वाले 30 वर्षीय रिपन साहा को कथित तौर पर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेता अबुल हाशेम सुजन ने अपनी ब्लैक लैंड क्रूजर जीप से कुचल दिया।

    घटना शुक्रवार की सुबह लगभग 4:30 बजे हुई।

    पुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार, सुजन ने अपने वाहन में करीब 5,000 टका का ऑक्टेन भरवाया, लेकिन भुगतान किए बिना भागने की कोशिश की। रिपन ने वाहन रोककर भुगतान की मांग की तो आरोपी और उनके ड्राइवर कमल हुसैन ने गुस्से में आकर अपशब्द कहे और गाड़ी तेज कर दी।

    सीसीटीवी में साफ दिखा क्रूर हमला
    पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि रिपन पेट्रोल पंप के पास खड़ा था, वहीं सुजन की गाड़ी आती है, रिपन भुगतान मांगता है और फिर अचानक गाड़ी तेज कर दी जाती है।रिपन को गाड़ी के नीचे कुचलते हुए देखा गया। सिर और चेहरे को बुरी तरह कुचला गया। घटनास्थल से शव ढाका-खुलना हाईवे पर पड़ा मिला।

     रिपन की सिर और चेहरे को बुरी तरह कुचला गया और वह मौके पर ही मृत हो गया। शव बाद में ढाका-खुलना हाईवे पर पड़ा मिला।

    BNP नेता समेत दो गिरफ्तार
    पुलिस ने वाहन जब्त कर लिया और अबुल हाशेम सुजन को उनके गांव बारो मुरारीपुर से गिरफ्तार किया। उनके ड्राइवर कमल हुसैन को भी हिरासत में लिया गया।

    राजबाड़ी सदर पुलिस स्टेशन के ओसी खोंडकर जियाउर रहमान ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान के आधार पर दोनों को हिरासत में लिया गया है।

    हिंदू समुदाय में भय का माहौल
    स्थानीय हिंदू समुदाय में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है। यह घटना बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा के पैटर्न से जुड़ी मानी जा रही है। कई रिपोर्टों में इसे सांप्रदायिक हिंसा के रूप में देखा जा रहा है, जबकि पुलिस इसे मुख्य रूप से भुगतान विवाद बता रही है।
    इस घटना ने स्थानीय हिंदू समुदाय में भय और आक्रोश बढ़ा दिया है। बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक के खिलाफ बढ़ती हिंसा के बीच यह घटना एक बार फिर सांप्रदायिक तनाव को बढ़ा सकती है। जबकि पुलिस इसे भुगतान विवाद बता रही है, कई लोगों का मानना है कि यह हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की एक कड़ी है। 

  • भारत का टैरिफ अपडेट: अमेरिकी दालों पर बढ़ी इंपोर्ट ड्यूटी, सीनेटर ने ट्रंप को लिखा लेटर

    भारत का टैरिफ अपडेट: अमेरिकी दालों पर बढ़ी इंपोर्ट ड्यूटी, सीनेटर ने ट्रंप को लिखा लेटर

    नई दिल्ली।  भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील लंबे समय से अटकी हुई है, और अब इसमें नया विवाद जुड़ सकता है। इसका कारण है अमेरिकी दालों पर भारत द्वारा लगाई गई इंपोर्ट ड्यूटी। अमेरिकी सीनेटरों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पत्र लिखकर भारत द्वारा लगाई गई 30% ड्यूटी को अनुचित बताया और इसे हटाने के लिए दबाव डालने का अनुरोध किया।

    विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की तरफ से यह ड्यूटी ट्रंप द्वारा अमेरिकी सामान पर लगाए गए 50% टैरिफ का जवाब माना जा रहा है। ऐसे में भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की बातचीत और जटिल हो सकती है।

    भारत ने अक्टूबर 2025 में लगाया दाल पर टैरिफ

    नॉर्थ डकोटा के सीनेटर केविन क्रेमर और मोंटाना के स्टीव डेन्स ने बताया कि भारत ने 30 अक्टूबर 2025 को अमेरिकी पीली मटर पर 30% टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जो 1 नवंबर से लागू हो गया। इस फैसले पर तब ज्यादा ध्यान नहीं गया और भारत सरकार ने इसे बड़े पैमाने पर प्रचारित भी नहीं किया। विशेषज्ञ इसे चुपके से किया गया पलटवार मान रहे हैं।

    16 जनवरी को लिखे गए पत्र में कहा गया कि इस अनुचित टैरिफ की वजह से अमेरिकी दाल उत्पादकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। यह मामला विशेष रूप से डकोटा और मोंटाना जैसे कृषि-प्रधान राज्यों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इन राज्यों में मटर और दाल का उत्पादन अधिक होता है।

    भारत दुनिया में सबसे बड़ा दाल कंज्यूमर

    पत्र में आगे कहा गया कि भारत में सबसे अधिक खाई जाने वाली दालें मसूर, चना, सूखी फलियां और मटर हैं, और अमेरिका की ये प्रोडक्शन वाली दालें भारत के बाजार में बड़ी मांग रखती हैं। भारत द्वारा लगाई गई टैरिफ से अमेरिकी उत्पादकों को बाजार हिस्सेदारी और आय में नुकसान हो रहा है।

    ट्रेड डील में कृषि और डेयरी ‘रेड लाइन’

    भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का पेंच मुख्य रूप से कृषि और डेयरी प्रोडक्ट्स को लेकर फंसा हुआ है। भारत के लिए यह क्षेत्र रेड लाइन है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कोई ट्रेड डील भारत से अपने घरेलू उत्पादकों की कीमत पर दाल बाजार खोलने की मांग करता है, तो यह डील संभव नहीं होगी।

    इस विवाद से यह साफ है कि भारत अपनी घरेलू फसलों और किसानों के हितों की सुरक्षा करना चाहता है, जबकि अमेरिका के कृषि-प्रधान राज्य अपने उत्पादकों की रक्षा के लिए दबाव बना रहे हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में ट्रेड डील की दिशा और बातचीत की जटिलता दोनों बढ़ने की संभावना है।

  • कश्मीरी गेट अब अकेला नहीं! दिल्ली मेट्रो में 3 नए ट्रिपल-इंटरचेंज हब बनेंगे, आजादपुर, नई दिल्ली और लाजपत नगर

    कश्मीरी गेट अब अकेला नहीं! दिल्ली मेट्रो में 3 नए ट्रिपल-इंटरचेंज हब बनेंगे, आजादपुर, नई दिल्ली और लाजपत नगर


    नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो की तस्वीर बदलने जा रही है। लंबे समय तक कश्मीरी गेट ही राजधानी का एकमात्र ट्रिपल-इंटरचेंज स्टेशन रहा, जहां तीन मेट्रो लाइनें मिलती हैं। लेकिन अब फेज-4 के तहत आजादपुर, नई दिल्ली और लाजपत नगर भी ट्रिपल-इंटरचेंज बनेंगे, जिससे दिल्ली में यात्रा और तेज, आसान और सुविधाजनक होगी।

    फेज-4 में तीन नए सुपर हब
    दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने कहा है कि फेज-4 के पूरा होने के बाद ये तीनों स्टेशन ऐसे हब बनेंगे जहां तीन-तीन लाइनें एक ही प्लेटफॉर्म/कनेक्शन पॉइंट पर मिलेंगी। इससे यात्रियों को बार-बार लाइन बदलने की परेशानी कम होगी और सफर का समय भी घटेगा।

    खासकर उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम दिल्ली की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

    कश्मीरी गेट की मौजूदा भूमिका
    वर्तमान में कश्मीरी गेट स्टेशन रेड, येलो और वायलेट लाइन को जोड़ता है और रोजाना भारी संख्या में यात्रियों का यह प्रमुख ट्रांजिट प्वाइंट है। यह स्टेशन उत्तर/उत्तर-पश्चिम दिल्ली को मध्य और दक्षिण दिल्ली से जोड़ने में अहम भूमिका निभाता रहा है।

    2026 तक 3 नए ट्रिपल-इंटरचेंज हब
    फेज-4 में सबसे पहले आजादपुर ट्रिपल-इंटरचेंज के रूप में काम करेगा, जहां येलो, पिंक और मैजेंटा लाइन मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार यह हब 2026 के अंत तक चालू हो जाएगा, जिससे उत्तर, पश्चिम और दक्षिण दिल्ली के बीच यात्रा आसान हो जाएगी।

    नई दिल्ली स्टेशन बनेगा एयरपोर्ट-हब
    नई दिल्ली स्टेशन भी जल्द ही येलो लाइन, एयरपोर्ट एक्सप्रेस और ग्रीन लाइन से जुड़कर ट्रिपल-इंटरचेंज बन जाएगा। इससे एयरपोर्ट, सेंट्रल दिल्ली और पश्चिमी दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। हालांकि, ग्रीन लाइन का विस्तार अभी शुरू नहीं हुआ है और इसे चालू होने में कुछ साल लग सकते हैं।
    लाजपत नगर होगा दक्षिण दिल्ली का नया हब
    लाजपत नगर स्टेशन वायलेट, पिंक और प्रस्तावित गोल्डन लाइन को जोड़कर दक्षिण दिल्ली में एक प्रमुख कनेक्टिविटी पॉइंट बन जाएगा। इससे दक्षिण दिल्ली में ईस्ट-वेस्ट और नॉर्थ-साउथ कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्रियों को रूट बदलने की जरूरत कम होगी।

    फेज-5 (ए) में सेंट्रल सेक्रेटेरिएट भी बनेगा हब
    फेज-5 (ए) में सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशन को भी ट्रिपल-इंटरचेंज बनाने की योजना है, जहां येलो, वायलेट और मैजेंटा लाइनें मिलेंगी। इससे सेंट्रल विस्टा और सरकारी इलाकों तक पहुंच और आसान होगी।

    DMRC का दावा
    DMRC अधिकारियों का कहना है कि ट्रिपल-इंटरचेंज स्टेशनों से यात्रियों का समय बचेगा, मेट्रो का उपयोग बढ़ेगा और सड़क ट्रैफिक व प्रदूषण कम होंगे।

  • नई ट्रेंडिंग स्टाइल: क्यों लोग बदल रहे हैं बालों का रंग और क्या है इसका असर?

    नई ट्रेंडिंग स्टाइल: क्यों लोग बदल रहे हैं बालों का रंग और क्या है इसका असर?

    नई दिल्ली।  आजकल बालों का रंग बदलना सिर्फ फैशन नहीं रहा, बल्कि यह खुद को व्यक्त करने और स्टाइल स्टेटमेंट बनाने का तरीका बन गया है। सलून और हेयर स्टाइलिस्ट्स का कहना है कि पिछले कुछ सालों में बाल रंगने की मांग में 40-50% बढ़ोतरी देखी गई है। खासकर युवाओं और सोशल मीडिया प्रभावित पीढ़ी में ब्राउन, ब्लॉन्ड, पेस्टल और हाईलाइटेड बालों का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है।

    बालों का रंग बदलने के पीछे सिर्फ स्टाइल का फैक्टर नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि लोग अपने स्वयं के व्यक्तित्व और मूड को दर्शाने के लिए यह कदम उठा रहे हैं। उदाहरण के लिए, गहरे रंग के बाल अधिक पारंपरिक और गंभीर, जबकि हल्के और पेस्टल टोन के बाल क्रिएटिव और फ्री स्पिरिटेड व्यक्तित्व को दिखाते हैं।

    बालों के रंग में नया तकनीकी इनोवेशन

    आजकल हेयर कलर में कई नए और सुरक्षित फॉर्मूले उपलब्ध हैं। प्राकृतिक हर्बल और ऑर्गेनिक हेयर डाई बाजार में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। ये न केवल बालों को सुरक्षित रखती हैं, बल्कि लंबे समय तक रंग को बनाए रखने में भी मदद करती हैं। कुछ ब्रांड्स में फेड-फ्री और UV प्रोटेक्टेड कलर भी उपलब्ध है, जिससे बाल चमकदार और स्वस्थ रहते हैं।

    सैलून प्रोफेशनल्स बताते हैं कि ग्रैजुएट, ऑफिस-गोइंग और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर युवाओं के बीच कलर ट्रेंड्स को काफी प्रभावित कर रहे हैं। अब लोग सिर्फ पार्टी या इवेंट्स के लिए नहीं, बल्कि डेली लुक के लिए भी रंग बदलते हैं।

    बाल रंगते समय ध्यान रखने वाली बातें

    हेयर एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि बालों को कलर करने से पहले हमेशा सैलून प्रोफेशनल से सलाह लें। घर पर खुद से डाई लगाने से बालों में डैमेज और ब्रेकेज हो सकता है। इसके अलावा, बालों को रंगने के बाद मास्क, कंडीशनर और सन्सक्रीन का इस्तेमाल करना जरूरी है ताकि रंग लंबे समय तक बना रहे और बाल स्वस्थ रहें।

    बालों का रंग बदलने से व्यक्तित्व में भी नया आत्मविश्वास आता है। कई लोग कहते हैं कि नया हेयर कलर उन्हें सक्रिय और ऊर्जा से भरा महसूस कराता है। इस वजह से बालों का रंग केवल फैशन नहीं, बल्कि एक प्रकार की मानसिक और सामाजिक अभिव्यक्ति बन गया है।

    सोशल मीडिया और सेलिब्रिटी का असर

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और बॉलीवुड-हॉलीवुड सितारे भी इस ट्रेंड को बढ़ावा दे रहे हैं। इंस्टाग्राम और टिकटॉक पर बालों के नए रंगों के वीडियो और टिप्स वायरल होते रहते हैं। युवा अपने हेयर कलर के लिए फोटोशूट और सोशल मीडिया पोस्ट के लिए भी प्रेरित हो रहे हैं।

  • प्राइवेट कर्मचारियों को कब और कैसे मिलती है पेंशन? 10 साल की सर्विस और 58 साल की उम्र का पूरा गणित समझिए

    प्राइवेट कर्मचारियों को कब और कैसे मिलती है पेंशन? 10 साल की सर्विस और 58 साल की उम्र का पूरा गणित समझिए


    नई दिल्ली । निजी क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट के बाद पेंशन एक बड़ा सहारा होती है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के तहत चलाई जा रही कर्मचारी पेंशन योजना इसी उद्देश्य से बनाई गई है लेकिन इसके नियम और गणित अक्सर लोगों को उलझा देते हैं। कई कर्मचारी यह नहीं समझ पाते कि पेंशन कब मिलेगी कितनी मिलेगी और इसके लिए कौनकौन सी शर्तें जरूरी हैं। अगर आप भी प्राइवेट नौकरी करते हैं तो ईपीएफ और ईपीएस के इस सिस्टम को समझना बेहद जरूरी है। सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि आपकी सैलरी से कटने वाला पीएफ दो हिस्सों में बंटता है। पहला है ईपीएफ जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान जमा होता है और इस पर ब्याज मिलता है।
    दूसरा है ईपीएस जिसमें केवल नियोक्ता के योगदान का 8.33 प्रतिशत हिस्सा जाता है। यही ईपीएस फंड आगे चलकर आपकी मासिक पेंशन का आधार बनता है। प्राइवेट कर्मचारियों को पेंशन पाने के लिए दो सबसे अहम शर्तें पूरी करनी होती हैं। पहली शर्त है कम से कम 10 साल की पेंशन योग्य सेवा। इसका मतलब यह है कि आपने कुल मिलाकर 10 साल तक ईपीएस में योगदान किया हो। अगर आप बीच-बीच में नौकरी बदलते हैं तो अपना पीएफ अकाउंट ट्रांसफर कराना बेहद जरूरी है ताकि आपकी सर्विस की अवधि जुड़ती रहे। दूसरी शर्त है उम्र। ईपीएस नियमों के अनुसार नियमित पेंशन 58 साल की उम्र पूरी होने के बाद ही शुरू होती है।

    हालांकि ईपीएफओ कुछ मामलों में समय से पहले पेंशन का विकल्प भी देता है। यदि आपकी उम्र 50 साल हो चुकी है और आपने 10 साल की पेंशन योग्य सेवा पूरी कर ली है तो आप अर्ली पेंशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। लेकिन इसमें एक नुकसान भी है आपकी पेंशन की राशि हर साल के लिए 4 प्रतिशत कम कर दी जाती है। यानी 58 साल से पहले जितने साल पेंशन लेंगे उतनी कटौती होगी। अगर कोई कर्मचारी 10 साल की सेवा पूरी करने से पहले नौकरी छोड़ देता है तो उसे मासिक पेंशन नहीं मिलती। ऐसे मामलों में वह ईपीएस का पैसा एकमुश्त निकाल सकता है। वहीं अगर 10 साल की सेवा पूरी हो चुकी है लेकिन उम्र 58 साल नहीं हुई है तो कर्मचारी स्कीम सर्टिफिकेट ले सकता है। यह सर्टिफिकेट भविष्य में पेंशन पाने का अधिकार सुरक्षित रखता है।

    पेंशन की गणना एक तय फॉर्मूले से होती है। इसका सामान्य फॉर्मूला है मासिक पेंशन = पेंशन योग्य वेतन × पेंशन योग्य सेवा ÷ 70 यहां पेंशन योग्य वेतन आमतौर पर अंतिम वर्षों का औसत वेतन माना जाता है जिस पर ईपीएस का योगदान हुआ हो। कुल मिलाकर प्राइवेट कर्मचारियों के लिए पेंशन का गणित 10 साल की सेवा और 58 साल की उम्र के इर्द-गिर्द घूमता है। अगर आप समय रहते नियम समझ लें और पीएफ ट्रांसफर जैसी प्रक्रियाएं सही से पूरी करें तो रिटायरमेंट के बाद एक सुनिश्चित मासिक आय का लाभ उठा सकते हैं।

  • माणिक्य भस्म: चेहरे पर निखार और हृदय स्वास्थ्य के लिए औषधि, जानें सेवन की सावधानियां

    माणिक्य भस्म: चेहरे पर निखार और हृदय स्वास्थ्य के लिए औषधि, जानें सेवन की सावधानियां

    नई दिल्ली।  प्राचीन आयुर्वेद में जड़ी-बूटियों के साथ-साथ रत्नों का भी इस्तेमाल होता आया है। हिमालय की पहाड़ियों पर मिलने वाली दुर्लभ जड़ी-बूटियों की तरह ही, रत्नों में भी संजीवनी शक्ति होती है। खासतौर पर माणिक्य भस्म का आयुर्वेद में लंबा इतिहास है, जो स्वास्थ्य सुधारने के साथ चेहरे के निखार और मानसिक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है।

    हृदय, पाचन और श्वसन के लिए फायदेमंद

    माणिक्य भस्म का प्रयोग हृदय संबंधी विकार, अल्पशुक्राणुता, पाचन दोष, सांस संबंधी रोग और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाता है। आयुर्वेद में इसे वात और कफ दोष को संतुलित करने वाला माना गया है। जब शरीर में इन दोषों की अधिकता होती है, तो सर्दी, जुकाम, बुखार, पेट में अल्सर और गर्मी जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। माणिक्य भस्म का सेवन इन सभी समस्याओं को कम करने में मदद करता है।

    त्वचा और चेहरे की सुंदरता में लाभकारी

    माणिक्य भस्म चेहरे की चमक वापस लाने में भी सहायक है। इसका सेवन और लेपन चेहरे के ओज को बढ़ाता है, त्वचा की खुजली, जलन, एलर्जी जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। समय से पहले झुर्रियों या बुजुर्ग दिखने की समस्या में यह संजीवनी साबित हो सकता है।

    माणिक्य भस्म का निर्माण और सेवन

    भस्म बनाने में शुद्ध माणिक्य, पारा, ऑर्पिमेंट और आर्सेनिक सल्फाइड का इस्तेमाल होता है। सामग्री को कई बार शोधन करके सुरक्षित बनाया जाता है। इसे चिकित्सक की सलाह और वजन के अनुसार ही लेना चाहिए। पीलिया, काला बुखार, बार-बार पेशाब आना या अन्य मूत्र संबंधी बीमारियों में माणिक्य भस्म औषधि की तरह काम करता है और कई दिनों में लाभ दिखाता है।

    संजीवनी गुणों की भरमार

    माणिक्य भस्म का नियमित और चिकित्सकीय सेवन रक्त शुद्ध करता है, पेट संबंधी विकार ठीक करता है, ऊर्जा और मानसिक क्षमता बढ़ाता है। आयुर्वेद में इसे संजीवनी के रूप में माना गया है, जो शरीर और मन दोनों को संतुलित रखता है।

  • ऑस्ट्रेलिया में सोशल मीडिया बैन को महीनेभर से ज्यादा समय बीता, कितना प्रभावी रहा ये फैसला?

    ऑस्ट्रेलिया में सोशल मीडिया बैन को महीनेभर से ज्यादा समय बीता, कितना प्रभावी रहा ये फैसला?

    नई दिल्ली।  ऑस्ट्रेलिया अब दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है, जहां 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया गया है। यह कानून 10 दिसंबर से लागू हुआ और अब लगभग एक महीने के बाद इसके शुरुआती असर सामने आए हैं।

    यूरो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इस महीने के भीतर सोशल मीडिया कंपनियों ने लगभग 50 लाख नाबालिग अकाउंट हटा दिए हैं। ऑस्ट्रेलिया के इंटरनेट रेगुलेटर ने बताया कि कानून के पालन के लिए 4.7 मिलियन अकाउंट्स हटाए गए हैं।

    ई-सेफ्टी कमिश्नर जूली इनमैन ग्रांट ने कहा कि यह शुरुआती संकेत हैं कि बड़े प्लेटफॉर्म 16 साल से कम उम्र के लोगों को अकाउंट रखने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “मैं इन शुरुआती नतीजों से बहुत खुश हूं। डिजिटल सुरक्षा की रेगुलेटरी गाइडेंस और प्लेटफॉर्म के साथ जुड़ाव पहले से ही अच्छे नतीजे दे रहा है।”

    इस कानून का उल्लंघन करने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को 4.95 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक का जुर्माना लग सकता है। इनमैन ग्रांट ने माना कि कुछ बच्चे सोशल मीडिया पर बने रहने के लिए क्रिएटिव तरीके निकाल सकते हैं, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि डिजिटल सुरक्षा नियमों का पालन समाज में सुरक्षा और सांस्कृतिक मानदंडों को दोबारा स्थापित करने के लिए जरूरी है।

    डेनमार्क जैसे नॉर्डिक देश भी ऐसे ही कानूनों पर नजर रख रहे हैं। नवंबर में उन्होंने घोषणा की कि 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया एक्सेस ब्लॉक किया जाएगा, जिसे 2026 के मध्य तक कानून का रूप दिया जा सकता है। नॉर्डिक देश उत्तरी यूरोप के पांच संप्रभु राष्ट्रों—डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, आइसलैंड—और उनके स्वायत्त क्षेत्रों का समूह है।

    इस तरह ऑस्ट्रेलिया और नॉर्डिक देशों के कदम यह दिखाते हैं कि डिजिटल दुनिया में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकारें अब कड़े नियम लागू कर रही हैं और तकनीकी प्लेटफॉर्म को जवाबदेह बना रही हैं।

  • आलिया भट्ट ; ने सोशल मीडिया पर साझा कीं ,10 साल पुरानी यादें शाहरुख खान और मां के साथ दिखीं खास झलकियां

    आलिया भट्ट ; ने सोशल मीडिया पर साझा कीं ,10 साल पुरानी यादें शाहरुख खान और मां के साथ दिखीं खास झलकियां


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की टैलेंटेड और चहेती एक्ट्रेस आलिया भट्ट इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म अल्फा को लेकर सुर्खियों में बनी हुई हैं। एक्टिंग के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी आलिया काफी एक्टिव रहती हैं और अक्सर अपनी जिंदगी से जुड़े खास पलों की झलक फैंस के साथ साझा करती रहती हैं। इसी कड़ी में हाल ही में आलिया भट्ट ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब 10 साल पुरानी कुछ यादगार तस्वीरें शेयर की हैं जो देखते ही देखते वायरल हो गईं।

    इन तस्वीरों में आलिया भट्ट के करियर और निजी जिंदगी के खूबसूरत लम्हे कैद नजर आते हैं। एक तस्वीर में आलिया कालीन पर बैठकर बेहद सादगी भरे अंदाज़ में पोज देती दिखाई दे रही हैं। वहीं दूसरी तस्वीर में वह बॉलीवुड के किंग खान शाहरुख खान के साथ नजर आ रही हैं जो उनके शुरुआती करियर के खास पलों की याद दिलाती है। इसके अलावा एक फोटो में आलिया अपनी मां सोनी राजदान के साथ दिखाई दे रही हैं जो फैंस को काफी भावुक कर रही है।

    इन तस्वीरों के साथ आलिया भट्ट ने एक लंबा और भावनात्मक कैप्शन भी लिखा है जिसमें उन्होंने साल 2016 की शुरुआत को याद किया है। उन्होंने लिखा कि 2016 की शुरुआत सामान्य रही लेकिन उसी दौरान उन्हें अपने पसंदीदा को-एक्टर के साथ शूटिंग के कुछ बेहद खूबसूरत पल मिले। आलिया ने फिल्म बद्रीनाथ की दुल्हनिया के सुपरहिट गाने तम्मा तम्मा की शूटिंग गोल्डन टेंपल की सुनहरी यादें एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मिली गॉसिप एले मैगजीन के 2016 कवर शूट और कोल्डप्ले बर्लिन 2016 कॉन्सर्ट का भी जिक्र किया।

    आलिया की यह पोस्ट उनके फैंस के लिए किसी टाइम कैप्सूल से कम नहीं है। फैंस कमेंट सेक्शन में उनके पुराने दिनों की तारीफ करते हुए उनकी जर्नी को प्रेरणादायक बता रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि कैसे आलिया ने एक दशक में खुद को एक बेहतरीन और परिपक्व अभिनेत्री के रूप में साबित किया है। वर्कफ्रंट की बात करें तो आलिया भट्ट जल्द ही फिल्म अल्फा में नजर आने वाली हैं जिसमें उनके साथ शरवरी अनिल कपूर और बॉबी देओल के नजर आने की संभावना है। इसके अलावा वह संजय लीला भंसाली की बहुप्रतीक्षित फिल्म लव एंड वॉर में भी अहम भूमिका निभाती दिखाई देंगी। लगातार दमदार फिल्मों के साथ आलिया भट्ट एक बार फिर दर्शकों का दिल जीतने के लिए तैयार हैं।

  • सोने की तेजी से भारतीय परिवारों की संपत्ति में 2025 में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, 117 लाख करोड़ रुपए का इजाफा

    सोने की तेजी से भारतीय परिवारों की संपत्ति में 2025 में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, 117 लाख करोड़ रुपए का इजाफा


    नई दिल्ली। साल 2025 में सोने की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी ने भारतीय परिवारों की संपत्ति को ऐतिहासिक स्तर तक बढ़ा दिया। एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ईयरबुक 2026 के आंकड़ों के मुताबिक 2025 में भारतीय घरों की कुल संपत्ति में करीब 117 लाख करोड़ रुपए या लगभग 1.3 ट्रिलियन डॉलर का इजाफा हुआ। यह पिछले 25 वर्षों में सोने की कीमतों में हुई सबसे बड़ी वृद्धि है।

    रिपोर्ट के अनुसारसाल 2025 में 15 दिसंबर तक सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम लगभग 57, 000 रुपए तक पहुंच गई। पिछले साल 2024 में भी सोने की कीमत में प्रति 10 ग्राम 14,000 रुपए की वृद्धि हुई थी। इस तेजी ने न केवल परिवारों की संपत्ति बढ़ाई बल्कि रिटेल लोन की मांग को भी बढ़ावा दिया क्योंकि सोने के बदले लिए जाने वाले लोन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली।जबकि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव रहा सोना सुरक्षित निवेश बनकर उभरा। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2025 भारतीय शेयर बाजार के लिए स्थिरता का साल रहा। वहीं वैश्विक स्तर पर सोना, उभरते बाजार, यूरोप और मैग्निफिसेंट 7 स्टॉक सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहे। दूसरी ओर ऑयल अमेरिकी डॉलर और बिटकॉइन जैसी संपत्तियों का प्रदर्शन कमजोर रहा।

    हालांकि भारत का प्रदर्शन वैश्विक बाजारों के मुकाबले कमजोर रहा। निफ्टी का प्रदर्शन वैश्विक और उभरते बाजारों के मुकाबले करीब 25 प्रतिशत कमजोर रहा जो पिछले लगभग 30 वर्षों का सबसे खराब प्रदर्शन माना जा रहा है। इस गिरावट के बावजूद भारतीय बाजार का वैल्यूएशन अब अपने लंबे समय के औसत स्तर के करीब आ गया है।रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2025 में स्मॉल-कैप और मिड-कैप शेयरों का प्रदर्शन लार्ज-कैप शेयरों के मुकाबले कमजोर रहा। करीब 30 प्रतिशत स्मॉल-कैप शेयर अपने 52 हफ्तों के उच्चतम स्तर से 30 प्रतिशत या उससे ज्यादा गिर चुके हैं। फिर भी लार्ज-कैप स्टॉक्स को निवेशकों के लिए अभी भी बेहतर विकल्प माना जा रहा है।

    निवेश को लेकर सलाह देते हुए एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने कहा कि नए निवेशकों को हाइब्रिड फंड्स पर विचार करना चाहिए। ऐसे फंड्स में इक्विटी डेट और सोने का मिश्रण होता है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव के समय निवेशकों को बेहतर संतुलन और सुरक्षा मिलती है।इस तरह 2025 में सोने की तेजी ने भारतीय परिवारों की संपत्ति को नया आयाम दिया है। निवेशकों के लिए यह साल चुनौती और अवसर दोनों लेकर आया, जहां सोना सुरक्षित निवेश का सबसे भरोसेमंद विकल्प साबित हुआ।

  • अक्षय कुमार; ने अनोखे अंदाज़ में ,Twinkle Khanna को शादी की सिल्वर जुबली ,की दी बधाई सास डिंपल कपाड़िया की कही बात आई याद

    अक्षय कुमार; ने अनोखे अंदाज़ में ,Twinkle Khanna को शादी की सिल्वर जुबली ,की दी बधाई सास डिंपल कपाड़िया की कही बात आई याद


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के सबसे चहेते और मजबूत रिश्तों में शुमार अक्षय कुमार और ट्विंकल खन्ना की शादी को आज 25 साल पूरे हो गए हैं। सिल्वर जुबली के इस खास मौके पर अक्षय कुमार ने अपने चिर-परिचित मज़ाकिया और दिल से जुड़े अंदाज़ में पत्नी ट्विंकल खन्ना को शादी की सालगिरह की बधाई दी। अभिनेता ने सोशल मीडिया पर एक मजेदार वीडियो साझा किया जिसमें उनके और ट्विंकल के रिश्ते की झलक दिखाई देती है। इस वीडियो के साथ अक्षय कुमार ने जो कैप्शन लिखा वह फैंस का दिल जीत रहा है।
    उन्होंने अपनी सास और दिग्गज अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया की शादी के समय कही एक बात को याद करते हुए लिखा कि जब 2001 में उनकी शादी हुई थी तब डिंपल कपाड़िया ने उनसे कहा था बेटा अजीबोगरीब हालात में भी हंसने के लिए तैयार रहना क्योंकि वो बिल्कुल वैसा ही करेगी। अक्षय ने आगे मजाकिया लहजे में लिखा कि 25 साल बीत जाने के बाद अब उन्हें पूरी तरह समझ आ गया है कि उनकी सास ने कभी झूठ नहीं बोला। उन्होंने लिखा कि ट्विंकल जिंदगी में सीधा चलने के बजाय नाचते-गाते जीना पसंद करती हैं। अक्षय ने अपनी पत्नी को सलाम करते हुए कहा कि ट्विंकल उन्हें लगातार हंसाती हैं सोचने पर मजबूर करती हैं और कभी-कभी हल्का-सा परेशान भी कर देती हैं। अंत में उन्होंने प्यार भरे शब्दों में लिखा हैप्पी 25वीं एनिवर्सरी टीना 25 साल की मस्ती जिसे हम दोनों दिल से प्यार करते हैं।

    अक्षय कुमार और ट्विंकल खन्ना की लव स्टोरी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही है। दोनों की पहली मुलाकात एक मैगजीन फोटोशूट के दौरान हुई थी। फिल्मों में साथ काम करते-करते दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और प्यार परवान चढ़ा। शादी से पहले ट्विंकल ने अक्षय के सामने एक अनोखी शर्त रखी थी अगर उनकी फिल्म मेला फ्लॉप हुई तो वे शादी कर लेंगे। संयोग से फिल्म फ्लॉप हो गई और 17 जनवरी 2001 को दोनों ने सात फेरे ले लिए। आज 25 साल बाद भी यह जोड़ी अपनी केमिस्ट्री दोस्ती और हल्के-फुल्के मज़ाक के लिए जानी जाती है। अक्षय कुमार जहां आज भी फिल्मों में लगातार सक्रिय हैं वहीं ट्विंकल खन्ना ने अभिनय को अलविदा कहकर लेखन की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी कई किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं जिन्हें पाठकों का भरपूर प्यार मिला है।