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  • नाथन लियोन ने तोड़ा ग्लेन मैक्ग्रा का रिकॉर्ड टेस्ट क्रिकेट में अब तक चटकाए हैं 564 विकेट

    नाथन लियोन ने तोड़ा ग्लेन मैक्ग्रा का रिकॉर्ड टेस्ट क्रिकेट में अब तक चटकाए हैं 564 विकेट


    नई दिल्ली ।ऑस्ट्रेलिया के महान ऑफ स्पिनर नाथन लियोन ने टेस्ट क्रिकेट में 564 विकेट चटकाकर ग्लेन मैक्ग्रा का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस सफलता के साथ लियोन अब ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट में दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं। उनसे आगे केवल शेन वॉर्न हैं जिनके नाम 708 विकेट हैं।

    नाथन लियोन का ऐतिहासिक मील का पत्थर

    नाथन लियोन ने एडिलेड टेस्ट मैच में बेन डकेट को क्लीन बोल्ड करते हुए अपना 564वां विकेट लिया। इससे पहले ग्लेन मैक्ग्रा के पास यह रिकॉर्ड था जिन्होंने 563 विकेट हासिल किए थे। लियोन ने इंग्लैंड के खिलाफ जारी पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के तीसरे मुकाबले में पहले ओली पोप को आउट किया और फिर डकेट को बोल्ड करके इतिहास रच दिया। यह महत्वपूर्ण पल उस समय और भी खास हो गया जब ग्लेन मैक्ग्रा खुद स्टेडियम में मौजूद थे और कमेंट्री कर रहे थे। उनके रिऐक्शन ने दर्शकों को भी खुश कर दिया।

    ग्लेन मैक्ग्रा का मजाकिया रिऐक्शन

    जब नाथन लियोन ने रिकॉर्ड तोड़ा तो ग्लेन मैक्ग्रा ने मजाकिया अंदाज में अपनी कुर्सी उठाकर अपने साथी कमेंटेटर के पास मारने की कोशिश की। यह दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और फैंस ने इस मजाकिया पल का आनंद लिया। मैक्ग्रा का यह रिऐक्शन दर्शाता है कि उनके बीच कितना सम्मान और दोस्ती है।

    नाथन लियोन का सफर और आगे का रास्ता

    नाथन लियोन अब टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में छठे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं। उनसे आगे मुथैया मुरलीधरन 800 विकेट शेन वॉर्न 708 विकेट जेम्स एंडरसन 704 विकेट अनिल कुंबले 619 विकेट और स्टुअर्ट ब्रॉड 604 विकेट हैं। हालांकि लियोन को इन महान गेंदबाजों के रिकॉर्ड तक पहुंचने के लिए अब भी काफी विकेट और कुछ सालों तक खेलना पड़ेगा। लेकिन यदि वह फिट रहते हैं और आने वाली सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो वह कुंबले और ब्रॉड के रिकॉर्ड को तोड़ने की ओर बढ़ सकते हैं।

    नाथन लियोन का यह उपलब्धि न केवल उनके लिए बल्कि ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट के लिए भी गर्व का क्षण है। उन्होंने ग्लेन मैक्ग्रा के रिकॉर्ड को तोड़कर एक नई उपलब्धि हासिल की है और अब वह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अपनी जगह मजबूत कर रहे हैं। अगर उनका प्रदर्शन इस तरह जारी रहता है तो लियोन भविष्य में और बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम कर सकते हैं।

  • टीवी की संस्कारी बहू से बिग बॉस स्टार तक: अंकिता लोखंडे का सफर, जिसने उन्हें घर-घर मशहूर बनाया

    टीवी की संस्कारी बहू से बिग बॉस स्टार तक: अंकिता लोखंडे का सफर, जिसने उन्हें घर-घर मशहूर बनाया


    नई दिल्ली।
    मुंबई/टीवी इंडस्ट्री की कई अभिनेत्रियां ऐसी रही हैं जिन्होंने छोटे पर्दे से अपने करियर की शुरुआत कर घर-घर में खास पहचान बनाई। इन्हीं में से एक नाम है अंकिता लोखंडे। अपनी सादगी दमदार अभिनय और मजबूत स्क्रीन प्रेजेंस के दम पर अंकिता ने टीवी दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। 19 दिसंबर को अंकिता लोखंडे ने अपना 41वां जन्मदिन मनाया। इस खास मौके पर आइए नजर डालते हैं उनके करियर के उस सफर पर जिसने उन्हें टीवी की बहू से लेकर बिग बॉस की चर्चित स्टार बना दिया।

    टीवी से मिली असली पहचान

    अंकिता लोखंडे ने साल 2009 में टीवी सीरियल पवित्र रिश्ता से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। इस शो में उन्होंने अर्चना नाम की संस्कारी बहू का किरदार निभाया जो जल्द ही हर घर की चहेती बन गई। इस सीरियल में उनके साथ दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत लीड रोल में थे। दोनों की ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब पसंद किया और यह जोड़ी टीवी की सबसे सुपरहिट जोड़ियों में शामिल हो गई।पवित्र रिश्ता साल 2009 से 2014 तक चला और इस दौरान अंकिता लोखंडे टीवी की टॉप एक्ट्रेसेस में शुमार हो गईं। इस शो ने न सिर्फ उन्हें लोकप्रियता दिलाई बल्कि उन्हें एक मजबूत अभिनेत्री के रूप में भी स्थापित किया।

    फिल्मों में रखा कदम

    टीवी पर जबरदस्त सफलता के बाद अंकिता लोखंडे ने फिल्मों की ओर रुख किया। उन्होंने कंगना रनौत स्टारर फिल्म मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी से बॉलीवुड में डेब्यू किया। भले ही इस फिल्म में उनका किरदार छोटा था लेकिन उनकी एक्टिंग को सराहा गया।इसके बाद अंकिता बागी 3 और स्वतंत्र वीर सावरकर जैसी फिल्मों में नजर आईं। फिल्मों के जरिए उन्हें बॉलीवुड में पहचान तो मिली लेकिन वह सफलता हासिल नहीं कर सकीं जो उन्हें टीवी से मिली थी। इसके बावजूद अंकिता ने यह साबित किया कि वह अलग-अलग माध्यमों में खुद को आजमाने का साहस रखती हैं।

    बिग बॉस ने बदली इमेज

    अंकिता लोखंडे के करियर में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट तब आया जब उन्होंने रियलिटी शो बिग बॉस 17 में एंट्री ली। खास बात यह रही कि अंकिता इस शो में अकेली नहीं बल्कि अपने पति विक्की जैन के साथ नजर आईं। शो के दौरान दोनों के रिश्ते उनकी नोकझोंक और इमोशनल मोमेंट्स ने खूब सुर्खियां बटोरीं।बिग बॉस 17 के जरिए दर्शकों ने अंकिता को सिर्फ एक टीवी की संस्कारी बहू के रूप में नहीं बल्कि एक रियल इंसान के रूप में जाना। उनकी पर्सनल लाइफ सोच और भावनाओं से ऑडियंस जुड़ पाई। भले ही अंकिता और विक्की शो की ट्रॉफी नहीं जीत पाए लेकिन उन्होंने पूरे सीजन में जबरदस्त चर्चा बटोरी।

    एक नई पहचान

    टीवी सीरियल्स से स्टारडम फिल्मों में प्रयोग और फिर बिग बॉस के जरिए मिली नई छवि-अंकिता लोखंडे का सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने हर प्लेटफॉर्म पर खुद को साबित करने की कोशिश की। आज अंकिता न सिर्फ एक सफल टीवी अभिनेत्री हैं बल्कि एक ऐसी शख्सियत भी हैं जिन्हें लोग उनके असली रूप में जानना पसंद करते हैं।41 साल की उम्र में भी अंकिता लोखंडे इंडस्ट्री में एक्टिव हैं और लगातार नए प्रोजेक्ट्स की तलाश में हैं। उनका यह सफर कई कलाकारों के लिए प्रेरणा है कि मेहनत धैर्य और आत्मविश्वास के साथ हर मंच पर अपनी पहचान बनाई जा सकती है।

  • फिल्मों में हीरो हीरोइन के इंटीमेट और किस सीन कैसे शूट होते हैं जानें फिल्म इंडस्ट्री के ये राज़

    फिल्मों में हीरो हीरोइन के इंटीमेट और किस सीन कैसे शूट होते हैं जानें फिल्म इंडस्ट्री के ये राज़

    नई दिल्ली । फिल्मों में कई बार इंटीमेट या किसिंग सीन देखे जाते हैं जिन्हें शूट करना एक चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील प्रक्रिया होती है। ऐसे सीन को फिल्माने में कई विशेष तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है ताकि एक्टर्स को किसी प्रकार की असुविधा न हो और दर्शकों के लिए वह दृश्य यथासंभव सजीव और प्रभावी बने।

     मिरर का इस्तेमाल

    जब एक्टर या एक्ट्रेस किसी इंटीमेट सीन जैसे किसिंग सीन को लेकर कम्फर्टेबल नहीं होते हैं तो एक शीशा मिरर का इस्तेमाल किया जाता है। दोनों एक्टर्स के बीच शीशा रखा जाता है और वे मिरर को किस करते हैं। इसके बाद एडिटिंग में उस शीशे को हटा दिया जाता है और दर्शकों को ऐसा लगता है कि दोनों रियल में एक-दूसरे को किस कर रहे हैं। यह एक लोकप्रिय और सुरक्षित तरीका है जिससे दोनों एक्टर्स के बीच कोई असुविधा नहीं होती।

     सिलिकॉन पैड का उपयोग

    अगर एक्ट्रेस को किसी सीन में टॉपलेस होने की जरूरत होती है तो सिलिकॉन पैड का इस्तेमाल किया जाता है। ये पैड्स एक्ट्रेस के शरीर को ढकने के लिए होते हैं ताकि वे आरामदायक महसूस करें और फिल्म की शूटिंग पूरी तरह से पेशेवर तरीके से की जा सके। यह एक प्रकार का शारीरिक सुरक्षा उपाय होता है।

    क्रोमा शॉट्स का इस्तेमाल

    क्रोमा शॉट्स का भी अक्सर इस्तेमाल किया जाता है खासकर बोल्ड सीन के लिए। इस तकनीक में शूटिंग के दौरान एक्टर और एक्ट्रेस को ब्लू या ग्रीन स्क्रीन के सामने रखा जाता है। बाद में एडिटिंग के दौरान इन रंगों को हटा दिया जाता है और वास्तविक सीन को फिल्म में दिखाया जाता है। इससे कलाकारों को अतिरिक्त आराम मिलता है और सीन को रियलिस्टिक तरीके से शूट किया जा सकता है।

    इंटीमेसी कोऑर्डिनेटर की भूमिका

    आजकल फिल्मों में इंटीमेसी कोऑर्डिनेटर की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो गई है। ये प्रोफेशनल्स सेट पर एक्टर्स के साथ काम करते हैं ताकि वे इंटीमेट सीन को सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से शूट कर सकें। इंटीमेसी कोऑर्डिनेटर एक्टर्स को यह समझाते हैं कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं ताकि हर कोई सुरक्षित महसूस करे और शूटिंग का माहौल पॉजिटिव रहे। ये कोऑर्डिनेटर्स डायरेक्टर और कैमरापर्सन के साथ मिलकर सीन को शूट करने के दौरान पूरी प्रक्रिया का ध्यान रखते हैं।

    बॉडी डबल का उपयोग

    कभी-कभी इंटीमेट सीन के दौरान बॉडी डबल का भी इस्तेमाल किया जाता है। इसमें पहले एक्टर का क्लोज़-अप शॉट लिया जाता है और फिर उनका साइड या बैक सीन एक बॉडी डबल से शूट किया जाता है। यह एक सुरक्षा उपाय है खासकर उन सीन के लिए जहां पूरी नग्नता या कठिन इंटीमेटिटी की आवश्यकता होती है। इंटीमेट सीन को शूट करने के पीछे काफी मेहनत और सोच-समझ होती है। फिल्म इंडस्ट्री में अब ये सुनिश्चित किया जा रहा है कि एक्टर्स के लिए ऐसा माहौल हो जिसमें वे अपनी सीमाओं के भीतर रहकर सहजता से सीन कर सकें। मिरर का उपयोग सिलिकॉन पैड क्रोमा शॉट्स इंटीमेसी कोऑर्डिनेटर की मौजूदगी और बॉडी डबल का इस्तेमाल जैसे उपायों से फिल्म इंडस्ट्री इस प्रक्रिया को सुरक्षित और प्रोफेशनल बना रही है।

  • धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म 'इक्कीस' की रिलीज डेट पोस्टपोन अब जनवरी में होगी रिलीज

    धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म 'इक्कीस' की रिलीज डेट पोस्टपोन अब जनवरी में होगी रिलीज


    नई दिल्ली । धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ अब 1 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी जबकि पहले इसे 25 दिसंबर 2025 को रिलीज किया जाना था। मेकर्स ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए फिल्म की रिलीज को पोस्टपोन करने की जानकारी दी।

    रिलीज पोस्टपोन करने का कारण

    इस बदलाव का मुख्य कारण यह है कि फिल्म ‘धुरंधर’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रतिक्रिया प्राप्त की है और इसके चलते सिनेमाघरों में जबरदस्त भीड़ उमड़ रही है। मेकर्स नहीं चाहते थे कि धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ का बॉक्स ऑफिस पर ‘धुरंधर’ के साथ क्लैश हो जिससे दोनों फिल्मों को नुकसान हो सकता था। इसलिए उन्होंने यह फैसला लिया और फिल्म की रिलीज डेट को जनवरी 2026 तक बढ़ा दिया।

    मेकर्स का पोस्ट और ट्रिब्यूट

    मेकर्स ने एक विशेष पोस्ट में धर्मेंद्र के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा “आज भी जी करता है पिंड अपने नू जानवा। धरम जी मिट्टी के सच्चे बेटे थे और उनके शब्दों में उस मिट्टी का सार है। उनकी यह कविता एक तड़प है; एक लेजेंड से दूसरे लेजेंड को एक ट्रिब्यूट। हमें यह टाइमलेस वर्स गिफ्ट करने के लिए धन्यवाद। यह पोस्ट न केवल धर्मेंद्र के योगदान को सम्मानित करता है बल्कि दर्शकों से फिल्म को सिनेमाघरों में देखने की अपील भी करता है।

    अब कब होगी फिल्म रिलीज

    ‘इक्कीस’ अब 1 जनवरी 2026 को रिलीज होगी। फिल्म धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म होने के नाते फैंस के लिए खास महत्व रखती है और अब वे इस फिल्म का लंबे समय से इंतजार कर रहे है धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ का पोस्टपोन होना दर्शकों के लिए एक दिलचस्प अपडेट है। हालांकि बॉक्स ऑफिस पर क्लैश से बचने के लिए यह फैसला लिया गया लेकिन अब दर्शक जनवरी में इस फिल्म का इंतजार और अधिक उत्साह के साथ करेंगे।

  • रहमान डकैत की मौत असल जिंदगी में इस तरह हुई 'धुरंधर' फिल्म में दिखाए गए तथ्य से था अलग

    रहमान डकैत की मौत असल जिंदगी में इस तरह हुई 'धुरंधर' फिल्म में दिखाए गए तथ्य से था अलग


    नई दिल्ली । फिल्म धुरंधर में रहमान डकैत की मौत को एक अलग तरीके से दिखाया गया है लेकिन असल जिंदगी में उनका अंत काफी अलग था। फिल्म में यह दिखाया गया है कि रणवीर सिंह जो कि रहमान डकैत का किरदार निभा रहे हैं एसपी चौधरी असलम संजय दत्त के साथ मिलकर उन्हें धोखा देते हैं और इस साजिश में वह रहमान को मार डालते हैं। हालांकि असल में रहमान डकैत की मौत इस तरह नहीं हुई थी।

    रहमान डकैत की असल मौत की कहानी

    रहमान डकैत जिनका असली नाम सरदार अब्दुल रहमान बलोच था की मौत के पीछे एक अलग साजिश थी। एक पाकिस्तानी पुलिस अफसर शकीमुद्दीन ने एक पॉडकास्ट में रहमान की मौत का असली कारण बताया। उन्होंने कहा “रहमान डकैत की एक बार अपने चेहरे पर गंभीर चोट लग गई थी जिससे उसका चेहरा खराब हो गया। वह इलाज के लिए ईरान गया था। वहीं एक पीपल्स पार्टी के सीनियर नेता ने एसपी चौधरी असलम से कहा था कि ‘रहमान को मैनेज करो वह चुनाव लड़ने वाला है।

    पॉलिटिकल ट्रैप में फंसा रहमान डकैत

    शकीमुद्दीन ने आगे बताया “एसपी चौधरी असलम ने रहमान डकैत से ईरान में संपर्क किया और कहा कि अगर वह राजनीति में उतरना चाहता है तो वह उसे सूबाई असेंबली के टिकट के लिए बात कर सकते हैं। रहमान ने एसपी चौधरी से कहा ‘हां अगर आप कहें तो मैं चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं।’ एसपी चौधरी ने उसे कराची बुलाया और कहा कि ‘तुम्हें टिकट मिल जाएगा। यह एक पॉलिटिकल ट्रैप था।

    मौत की साजिश

    जब रहमान डकैत कराची पहुंचे तो एसपी चौधरी ने उन्हें सिंधी वडेरे के डेरे पर बुलाया। वहीं रहमान डकैत को मार डाला गया। यह पूरी साजिश एक राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा थी जिससे एसपी चौधरी ने उन्हें धोखा दिया और उनकी हत्या कर दी।

    फिल्म में बदलाव

    ‘धुरंधर’ फिल्म में इस कहानी को क्रिएटिव फ्रीडम के तहत थोड़ा बदला गया है। फिल्म में रणवीर सिंह का किरदार रहमान डकैत का भरोसा जीतता है और फिर एसपी चौधरी असलम के साथ मिलकर उसे धोखा दे देता है। लेकिन असल जिंदगी में मामला राजनीतिक था और धोखा देने के पीछे पॉलिटिकल मंशाएं थीं। फिल्म ‘धुरंधर’ ने रहमान डकैत की मौत को मनोरंजन के हिसाब से प्रस्तुत किया है लेकिन असल जीवन में उनका अंत काफी जटिल और राजनीतिक षड्यंत्र से जुड़ा हुआ था। यह कहानी दिखाती है कि कैसे सत्ता और राजनीति के खेल में लोगों की जान चली जाती है और यह भी कि फिल्मों और असल जिंदगी के बीच बहुत अंतर हो सकता है।

  • लाइफस्टाइल तय करती है दिमाग की उम्र, जन्मतिथि नहीं: वैज्ञानिकों का बड़ा खुलासा

    लाइफस्टाइल तय करती है दिमाग की उम्र, जन्मतिथि नहीं: वैज्ञानिकों का बड़ा खुलासा

    नई दिल्ली।अगर आप मानते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ दिमाग का कमजोर होना तय है, तो विज्ञान इस सोच को बदलने की तैयारी में है। यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा की एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि दिमाग की असली उम्र आपकी जन्मतिथि से नहीं, बल्कि आपकी रोजमर्रा की जीवनशैली से तय होती है। सही आदतें अपनाकर इंसान अपने दिमाग को 8 साल तक “युवा” बनाए रख सकता है।

    MRI और मशीन लर्निंग से मापी गई ब्रेन एज

    इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने अत्याधुनिक MRI स्कैन और मशीन लर्निंग तकनीक का इस्तेमाल किया। इन तकनीकों के जरिए प्रतिभागियों की ब्रेन एज यानी दिमाग की जैविक उम्र मापी गई। इसे व्यक्ति की वास्तविक उम्र से तुलना कर ब्रेन एज गैप निकाला गया, जो यह बताता है कि दिमाग कितना बूढ़ा या जवान दिखता है।

    128 लोगों पर दो साल तक चला अध्ययन

    इस रिसर्च में मध्यम और अधिक उम्र के 128 लोगों को शामिल किया गया। इनमें से कई लोग घुटनों के ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी क्रॉनिक मस्कुलोस्केलेटल पेन से जूझ रहे थे। आमतौर पर लंबे समय तक रहने वाला दर्द, तनाव, आर्थिक दबाव और सामाजिक समस्याएं दिमागी उम्र को तेज़ी से बढ़ाती हैं।शुरुआती दौर में इन नकारात्मक कारकों का असर जरूर देखा गया, लेकिन दो साल के फॉलो-अप में यह प्रभाव कम होता चला गया। इसकी जगह जीवनशैली से जुड़ी आदतें सबसे ज्यादा असरदार साबित हुईं।

    8 साल तक जवान दिखा दिमाग

    जिन प्रतिभागियों की जीवनशैली ज्यादा सकारात्मक थी, उनके दिमाग स्टडी की शुरुआत में ही औसतन 8 साल तक युवा पाए गए। इतना ही नहीं, समय के साथ उनके दिमाग की उम्र बढ़ने की गति भी धीमी रही। शोधकर्ताओं के मुताबिक अच्छी आदतें मिलकर दिमाग को उम्र से होने वाले नुकसान से बचाती हैं।

    ये आदतें रखती हैं दिमाग को जवान
    शोध में कुछ खास जीवनशैली आदतों को दिमागी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद बताया गया:
    गहरी और गुणवत्तापूर्ण नींद ,आशावादी सोच और मानसिक लचीलापन, तनाव पर नियंत्रण और मानसिक शांति ,मजबूत सामाजिक रिश्ते और सपोर्ट सिस्टम ,संतुलित वजन, जिससे सूजन कम होती है तंबाकू से दूरी, जिससे ब्रेन सेल्स सुरक्षित रहती हैं

    डिमेंशिया और अल्जाइमर से बचाव में मदद

    शोधकर्ताओं का कहना है कि आशावाद सीखा जा सकता है तनाव को नए नजरिए से संभाला जा सकता है और नींद से जुड़ी समस्याओं का इलाज संभव है। उम्र बढ़ने के साथ दिमाग डिमेंशिया और अल्जाइमर जैसी बीमारियों के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो जाता है, लेकिन यह स्टडी बताती है कि छोटे-छोटे जीवनशैली बदलाव लंबे समय तक दिमाग को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रख सकते हैं।
    यह रिसर्च साफ संकेत देती है कि दिमाग की उम्र आपके हाथ में है। अगर आप अपनी आदतों पर ध्यान दें, तो न सिर्फ शरीर बल्कि दिमाग भी उम्र को मात दे सकता है।

  • थिएटर में फिल्म देखने वालों के लिए बने ये नियम क्या आप जानते हैं

    थिएटर में फिल्म देखने वालों के लिए बने ये नियम क्या आप जानते हैं


    नई दिल्ली । थिएटर में फिल्म देखने के लिए कुछ खास नियम बनाए गए हैं जिनका उद्देश्य दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। अगर आप एक मूवी लवर हैं और अक्सर सिनेमाघरों में फिल्में देखने जाते हैं तो ये नियम आपके लिए जानना जरूरी हैं।

    बाहर का खाना और पानी

    आमतौर पर सिनेमाघरों में बाहर का खाना और पानी ले जाने की अनुमति नहीं होती है लेकिन कुछ विशेष स्थितियों में यह नियम लागू नहीं होता। जैसेअगर आपके साथ छोटा बच्चा हैतो आप बच्चे के लिए खाना और पानी लेकर जा सकते हैं। थिएटर आपको कोई रोक नहीं सकता है। स्वास्थ्य संबंधी कारणअगर किसी व्यक्ति को विशेष डाइट की जरूरत है जिसे डॉक्टर ने सलाह दी है तो वह थिएटर के मालिक को सूचित करके अपनी डाइट का खाना लेकर जा सकते हैं। थिएटर की सुरक्षा मालिक की जिम्मेदारी है कि वह दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। इस संदर्भ में कुछ प्रमुख नियम हैं

    EXIT साइनथिएटर हॉल में स्पष्ट रूप से EXIT साइन लगे होने चाहिए ताकि आपातकालीन स्थिति में दर्शक सही रास्ते से बाहर निकल सकें।
    लाइटिंगहॉल में लाइट्स का सही तरीके से काम करना चाहिए ताकि अंधेरे में किसी को कोई परेशानी न हो।हवा की सही व्यवस्थासिनेमाघरों में वेंटिलेशन की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए ताकि हवा की कोई कमी न हो और दर्शकों को शुद्ध हवा मिल सके।आग से बचावथिएटर में आग से बचाव के पूरे इंतजाम होने चाहिए। आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत सुरक्षा उपाय लागू हो सकें जैसे अग्निशामक यंत्र फायर एक्सटिंगuisher और अलार्म सिस्टम।

    मुफ्त पानी की सुविधा

    सिनेमाघरों में आपको मुफ्त पानी उपलब्ध कराया जाता है। यह एक नियम है जिससे दर्शक पानी के बिना परेशान न हों। अगर आपको पानी चाहिए तो आप थिएटर से बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के पानी ले सकते हैं।

    इमरजेंसी एग्जिट और सीढ़ियां

    सिनेमाघरों में इमरजेंसी एग्जिट और सीढ़ियों का ध्यान रखा जाता है। इनका इस्तेमाल केवल आपातकालीन स्थितियों में किया जाएगा जिससे हर किसी को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

     टिकट चेकिंग

    कई थिएटरों में एक नियम होता है कि अधिकारिक टिकट के बिना सिनेमाघर में प्रवेश नहीं किया जा सकता। यह नियम सुरक्षा और व्यवस्थापन के लिए जरूरी है।

     शांति बनाए रखें

    फिल्म देखने के दौरान थिएटर में शांति बनाए रखना भी एक आवश्यक नियम है। तेज आवाज़ में बात करना या फोन का इस्तेमाल शांति को भंग कर सकता है और आपके लिए भी परेशानी का कारण बन सकता है। इसलिए ध्यान रखें कि आप दूसरों की फिल्म देखने के अनुभव को खराब न करें। इन नियमों को जानने से आपको सिनेमाघर में एक अच्छा अनुभव मिलेगा। सुरक्षा स्वास्थ्य और आरामदायक माहौल सुनिश्चित करने के लिए ये नियम बनाए गए हैं। अगली बार जब आप सिनेमाघर जाएं तो इन नियमों का पालन जरूर करें और एक सुरक्षित और सुखद फिल्म अनुभव का आनंद लें।

  • वास्तु से बढ़ाएं धन और समृद्धि: घर में रखें ये 4 चीजें, लक्ष्मी का कृपालु वरदान मिलेगा

    वास्तु से बढ़ाएं धन और समृद्धि: घर में रखें ये 4 चीजें, लक्ष्मी का कृपालु वरदान मिलेगा

    भारत,। सभी गृहस्थ स्थान  में  जीवन में  धन-संपत्ति का घर में स्थायित्व बनाए रखना हर किसी की इच्छा होती है। लेकिन कभी-कभी जेब में पैसा टिकता नहीं और तिजोरी भी खाली रहती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में सकारात्मक ऊर्जा का संतुलन और सही दिशा में रखी गई विशेष वस्तुएं आपके जीवन में समृद्धि ला सकती हैं। कई सफल और धनवान लोगों के घरों में यही चीजें पाई जाती हैं, जो केवल सजावट नहीं बल्कि आर्थिक और मानसिक स्थिरता का प्रतीक भी हैं।आइए जानते हैं वास्तु शास्त्र के अनुसार वो 4 शक्तिशाली वस्तुएं, जो धन और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं।

    1. फेंगशुई मेंढक

    फेंगशुई मेंढक को धन, सौभाग्य और आर्थिक अवसर लाने वाला प्रतीक माना जाता है। इसे चीन का धन का मेंढक भी कहा जाता है। वास्तु के अनुसार, इसे घर के मुख्य द्वार की ओर मुख करके रखना चाहिए। हंसते हुए मेंढक की मुद्रा और उसकी मुद्रा में रखा सिक्का घर में धन का प्रवाह बढ़ाता है। यह उपाय घर में नई आर्थिक संभावनाओं और व्यापारिक अवसरों को आकर्षित करता है।

    2. मुस्कुराते हुए बुद्ध

    मुस्कुराते हुए बुद्ध की मूर्ति घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा लाती है। उनकी मुस्कान तनाव को दूर करती है और घर का वातावरण खुशहाल बनाती है। वास्तु में इसे मुख्य द्वार की ओर मुख करके रखने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य बढ़ता है और घर में सुख और सौभाग्य का प्रवेश होता है।

    3. मनी प्लांट

    मनी प्लांट वास्तु शास्त्र में अत्यंत पवित्र पौधा माना जाता है। इसके हरे-भरे पत्ते जीवन में प्रगति, सफलता और वित्तीय समृद्धि का प्रतीक हैं। इसे घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है। मनी प्लांट घर के अंदर या गलियों में उत्तर-पूर्व दिशा में रखने से धन हानि या बाधाएं आ सकती हैं। नियमित देखभाल और साफ-सुथरा पानी देने से इसका प्रभाव और अधिक मजबूत होता है।

    4. बहता पानी

    वास्तु में बहता पानी जीवन में धन और ऊर्जा के निरंतर प्रवाह का प्रतीक है। घर के मुख्य द्वार या उत्तर-उत्तरपूर्व दिशा में छोटा फव्वारा या पानी की व्यवस्था रखने से घर में सुख और सकारात्मकता बढ़ती है। पानी का बहाव जीवन में स्थिरता और तरक्की को बढ़ाता है। ध्यान रहे कि पानी साफ और लगातार बहता रहे, यह आर्थिक स्थिरता और सौभाग्य के लिए महत्वपूर्ण है।वास्तु शास्त्र कहता है कि इन चार वस्तुओं को सही दिशा में रखने से केवल घर में धन-संपत्ति बढ़ती ही नहीं, बल्कि मानसिक स्थिरता और सकारात्मक सोच भी आती है। ये उपाय घर के वातावरण को आनंदमय बनाते हैं और लक्ष्मी जी की कृपा बनाए रखते हैं।यदि आप भी चाहते हैं कि आपकी तिजोरी हमेशा भरी रहे और जीवन में धन का स्थायी प्रवाह बना रहे, तो आज ही इन उपायों को अपने घर में अपनाएं।

  • KBC पर कार्तिक आर्यन ने अमिताभ बच्चन से पूछा निजी सवाल बिग बी बोले पागल हो क्या

    KBC पर कार्तिक आर्यन ने अमिताभ बच्चन से पूछा निजी सवाल बिग बी बोले पागल हो क्या


    नई दिल्ली । कौन बनेगा करोड़पति KBC के हालिया एपिसोड में कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे ने एक ऐसा सवाल पूछा जिसे सुनकर अमिताभ बच्चन भी हंसी नहीं रोक पाए। इस एपिसोड में कार्तिक ने बिग बी से उनकी निजी जिंदगी से जुड़े कुछ मजेदार सवाल पूछ डाले जिसने शो का माहौल बिल्कुल बदल दिया।

    कार्तिक ने पूछे निजी सवाल

    कौन बनेगा करोड़पति के नए एपिसोड में कार्तिक और अनन्या अपनी फिल्म को प्रमोट करने के लिए आए थे। इस दौरान कार्तिक ने अमिताभ को कोरियन दिल हार्ट बनाना सिखाया और फिर उनके निजी जीवन से जुड़ा एक सवाल पूछ लिया जो सभी के लिए हंसी का कारण बन गया।
    कार्तिक ने अमिताभ से पूछा क्या आपने कभी जया बच्चन से छुपकर कुछ खाया है इस पर अमिताभ मुस्कुराते हुए थोड़ा चिढ़े। लेकिन कार्तिक ने रुकते हुए और एक सवाल पूछा “सर आपके फोन का पासवर्ड क्या जया बच्चन को पता है इस सवाल पर ऑडियंस और कार्तिक भी हंसी रोक नहीं पाए। अमिताभ अपनी हंसी दबाते हुए जवाब देते हैं “पागल हो क्या हम बता देंगे उनको” उनका जवाब इतना मजेदार था कि सभी हंस पड़े।

    अनन्या का सवाल भी था दिलचस्प

    इसके बाद अनन्या पांडे भी शो में शामिल हो गईं और उन्होंने अमिताभ से पूछा कि आजकल के जनरेशन के कुछ नए शब्दों के बारे में उनकी राय क्या है। अमिताभ जो पुराने जमाने के शब्दों के लिए जाने जाते हैं इन नए शब्दों को सुनकर थोड़ा चौंक गए और दर्शकों को उनके इस रिएक्शन पर भी खूब हंसी आई।

    कार्तिक और अनन्या का हंसी-मज़ाक

    कार्तिक और अनन्या के साथ शो का माहौल एकदम हल्का-फुल्का हो गया था। दर्शकों को हर पल हंसी और मस्ती में डूबते देखा गया। यह एपिसोड न केवल मनोरंजक था बल्कि अमिताभ और उनके मेहमानों के बीच की गर्मजोशी और हंसी ने इसे और भी खास बना दिया कौन बनेगा करोड़पति का यह एपिसोड इस साल के सबसे मजेदार एपिसोड्स में से एक बन गया। कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे के साथ बातचीत ने शो को और भी ज्यादा दिलचस्प और मनोरंजक बना दिया। अमिताभ बच्चन का हल्का-फुल्का अंदाज और उनकी रिएक्शन ने साबित कर दिया कि वह सिर्फ एक महान अभिनेता ही नहीं बल्कि एक बेहतरीन एंटरटेनर भी हैं।

  • हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की प्रेयर मीट में न जाकर लिया सही फैसला मनोज देसाई ने किया खुलासा

    हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की प्रेयर मीट में न जाकर लिया सही फैसला मनोज देसाई ने किया खुलासा


    नई दिल्ली । धर्मेंद्र के निधन के बाद उनके परिवार ने दो अलग-अलग प्रेयर मीट आयोजित की थीं। पहली प्रेयर मीट उनके बेटों सनी और बॉबी देओल द्वारा रखवाई गई थी जबकि दूसरी प्रेयर मीट हेमा मालिनी ने अपने घर में आयोजित की थी। अब इस मामले पर गैलेक्सी थिएटर के मालिक मनोज देसाई ने अपनी राय दी है जिसमें उन्होंने बताया कि हेमा मालिनी का यह कदम एक समझदारी भरा निर्णय था।

    मनोज देसाई ने क्यों कहा ‘हेमा ने सही फैसला लिया

    धर्मेंद्र के निधन से उनके परिवार और फैंस को गहरा सदमा लगा। दोनों प्रेयर मीट के दौरान भारी भीड़ जुटी थी और मनोज देसाई ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विकी लालवाणी से बात करते हुए कहा “हेमा जी ने जो फैसला लिया वह बिल्कुल सही था। किसी भी प्रकार की विवाद से बचने के लिए उन्होंने अलग से प्रेयर मीट रखवाई। अगर वह सनी और बॉबी की प्रेयर मीट में शामिल होतीं तो शायद कोई न कोई विवाद उत्पन्न हो जाता। इसलिए यह सही था कि उन्होंने अपने घर पर एक अलग प्रेयर मीट रखवाई। मनोज का यह बयान इस बात की पुष्टि करता है कि धर्मेंद्र और हेमा मालिनी के बीच के रिश्ते गहरे थे लेकिन इस तरह के संवेदनशील मौकों पर परिवार के भीतर किसी भी तरह की तकरार से बचने के लिए हेमा का कदम समझदारी से लिया गया था।

    प्रेयर मीट में उमड़ी भीड़

    मनोज ने यह भी बताया कि प्रेयर मीट में शामिल होने के लिए लोगों की लंबी कतारें लग गई थीं। उन्होंने बताया “मेरी कार 86वें नंबर पर थी और मुझे इंतजार करना पड़ा क्योंकि इतनी भीड़ थी। सनी देओल से मेरी मुलाकात हुई और मैंने कहा कि इतनी भीड़ है इसलिए मैं फ्रंट गेट से आ रहा हूं। उन्होंने मुझे धन्यवाद कहा। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि प्रेयर मीट के दौरान भजन भी गाए गए थे और यह एक बहुत ही भावुक अवसर था।

    धर्मेंद्र की प्रेयर मीटएक ऐतिहासिक घटना

    मनोज देसाई ने कहा “मैंने कई आर्टिस्ट की प्रेयर मीट में हिस्सा लिया है जैसे राजेश खन्ना और यश चोपड़ा की प्रेयर मीट में। लेकिन धर्मेंद्र जी जैसी प्रेयर मीट मैंने कभी नहीं देखी। ऐसा लगा जैसे पूरा देश वहां आ गया था। यह बयान इस बात को दर्शाता है कि धर्मेंद्र का प्रभाव इंडस्ट्री में कितना गहरा था और उनके निधन से जो खालीपन हुआ है वह केवल उनके परिवार के लिए नहीं बल्कि पूरे फिल्म इंडस्ट्री के लिए था।

    धर्मेंद्र के निधन के बाद उनके परिवार ने जो भी कदम उठाए वह उनके सम्मान और शांति को बनाए रखने के लिए थे। मनोज देसाई के बयान से यह साफ है कि हेमा मालिनी का अलग प्रेयर मीट रखना एक सही निर्णय था ताकि कोई भी विवाद न हो और धर्मेंद्र की यादों को शांति से श्रद्धांजलि दी जा सके। धर्मेंद्र का योगदान सिनेमा में हमेशा याद रखा जाएगा और उनके चाहने वालों के लिए यह एक अभूतपूर्व क्षण था।