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  • यूपी में मानसून का कहर: लखनऊ में दिन में छाया अंधेरा, आगरा में इमारत ढही, नोएडा जलमग्न

    यूपी में मानसून का कहर: लखनऊ में दिन में छाया अंधेरा, आगरा में इमारत ढही, नोएडा जलमग्न


    लखनऊ । यूपी में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और बुधवार को राज्य के कई जिलों में तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। राजधानी लखनऊ में दोपहर के समय ही आसमान पर घने बादल छा गए और दिन में अंधेरा जैसा माहौल बन गया। इसके बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई, जिससे शहर की सड़कों पर पानी भर गया और यातायात प्रभावित हो गया।

    राज्य के कई अन्य शहरों में भी बारिश का व्यापक असर देखने को मिला। नोएडा, गाजियाबाद, मथुरा, हाथरस, उन्नाव, औरैया और चित्रकूट सहित करीब 40 शहरों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा। नोएडा में कई इलाकों में सड़कों पर करीब दो फीट तक पानी भर गया, जिससे दोपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    आगरा में लगातार बारिश के कारण बड़ा हादसा हो गया। यहां एक दो मंजिला दुकान अचानक भरभराकर गिर गई। मलबे में एक महिला समेत पांच लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई है। राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटा रहा।

    हाथरस में हालात और भी चुनौतीपूर्ण रहे। सदर कोतवाली परिसर तक में पानी भर गया, जबकि कई सड़कों पर पानी का बहाव इतना तेज था कि कारें और मोटरसाइकिलें बहने लगीं। मथुरा में भी जलभराव की स्थिति बनी रही और कई इलाकों में नाले उफान पर आ गए। मंगलवार को एक डिलीवरी बॉय बाइक समेत नाले के तेज बहाव में फंस गया था, जिसे स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाला।

    भारतीय मौसम विभाग ने प्रदेश के 68 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 12 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से बना सक्रिय मानसूनी सिस्टम अब मध्य प्रदेश के आसपास पहुंच चुका है, जिसका व्यापक असर उत्तर प्रदेश में दिखाई दे रहा है। अगले पांच दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

    आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक 31 मिलीमीटर बारिश सोनभद्र जिले में दर्ज की गई, जो सामान्य से लगभग 195 प्रतिशत अधिक है। हालांकि 1 जून से अब तक प्रदेश में कुल वर्षा सामान्य से करीब 45 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले दिनों में लगातार होने वाली बारिश से इस कमी की भरपाई हो सकती है।

    प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले इलाकों, उफनते नालों और कमजोर इमारतों से दूर रहें। साथ ही मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें।

  • शबरी एक्सप्रेस में पत्नी के सामने पति और कथित प्रेमिका ने खाया जहरीला पदार्थ, सिकंदराबाद पहुंचते ही दोनों अस्पताल में भर्ती

    शबरी एक्सप्रेस में पत्नी के सामने पति और कथित प्रेमिका ने खाया जहरीला पदार्थ, सिकंदराबाद पहुंचते ही दोनों अस्पताल में भर्ती

    नई दिल्ली । शबरी एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान एक व्यक्ति और उसकी कथित प्रेमिका द्वारा जहरीला पदार्थ खाए जाने की घटना से यात्रियों में अफरातफरी मच गई। घटना तेलंगाना के सिकंदराबाद के बाहरी क्षेत्र में चेर्लापल्ली रेलवे स्टेशन के पास सामने आई। सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस और संबंधित अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस पारिवारिक विवाद और व्यक्तिगत संबंधों से जुड़े तनाव को घटना का संभावित कारण मानकर सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    पुलिस के अनुसार, घायल व्यक्ति की पहचान आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के छपरा गांव निवासी सिरिश के रूप में हुई है। जांच के दौरान सामने आया कि उसका उसी गांव की एक विवाहित महिला नीलावेनी के साथ कथित तौर पर विवाहेतर संबंध था। बताया जा रहा है कि सिरिश अपनी पत्नी सुलोचना को छोड़कर नीलावेनी के साथ कोयंबटूर में रह रहा था। बाद में पत्नी को उनके ठिकाने की जानकारी मिलने पर वह कोयंबटूर पहुंची और दोनों को वापस गांव चलने के लिए राजी किया।

    इसके बाद तीनों शबरी एक्सप्रेस से श्रीकाकुलम लौट रहे थे। यात्रा के दौरान जब ट्रेन सिकंदराबाद की ओर बढ़ रही थी, तभी सिरिश और नीलावेनी ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। कुछ ही देर में दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी और वे कोच के भीतर बेहोश होकर गिर पड़े। यह देखकर अन्य यात्रियों ने तुरंत रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों को सूचना दी, जिसके बाद तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई।

    सूचना मिलने पर रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को प्राथमिक सहायता देने के बाद हैदराबाद स्थित गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार दोनों का इलाज जारी है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अस्पताल प्रशासन आवश्यक चिकित्सा प्रक्रिया के तहत दोनों की निगरानी कर रहा है, जबकि पुलिस मेडिकल रिपोर्ट का भी इंतजार कर रही है।

    घटना के बाद सिकंदराबाद जीआरपी ने मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी दोनों के परिजनों, प्रत्यक्षदर्शियों और ट्रेन में मौजूद यात्रियों से जानकारी जुटा रहे हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि जहरीला पदार्थ ट्रेन में कैसे लाया गया और उसे किन परिस्थितियों में सेवन किया गया। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों और बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।

    अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी। रेलवे पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दोनों घायलों का उपचार जारी है और पुलिस अस्पताल प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है।

  • आईसीसी टी20 रैंकिंग जारी, ईशान किशन शीर्ष पर, आदिल रशीद और जैकब बेथेल को बड़ा फायदा

    आईसीसी टी20 रैंकिंग जारी, ईशान किशन शीर्ष पर, आदिल रशीद और जैकब बेथेल को बड़ा फायदा


    नई दिल्ली ।  अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की नई रैंकिंग जारी कर दी है। बल्लेबाजों की सूची में भारतीय टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने अपना नंबर-1 स्थान बरकरार रखा है, जबकि युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। भारतीय बल्लेबाजों का यह दबदबा एक बार फिर टी20 क्रिकेट में उनकी निरंतरता को दर्शाता है।

    ताजा रैंकिंग में पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान तीसरे स्थान पर हैं, जबकि इंग्लैंड के विस्फोटक ओपनर फिल साल्ट चौथे नंबर पर कायम हैं। श्रीलंका के पाथुम निसांका पांचवें स्थान पर हैं। भारत के तिलक वर्मा छठे और इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जोस बटलर सातवें स्थान पर हैं।

    इस सप्ताह की रैंकिंग में सबसे बड़ी छलांग इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल ने लगाई है। भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में नाबाद 76 रन की शानदार पारी खेलने का उन्हें बड़ा फायदा मिला। बेथेल सात स्थान ऊपर चढ़कर सीधे आठवें स्थान पर पहुंच गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के मिशेल मार्श नौवें और दक्षिण अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस दसवें स्थान पर हैं।

    गेंदबाजों की रैंकिंग में अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान पहले स्थान पर बने हुए हैं। पाकिस्तान के अबरार अहमद दूसरे नंबर पर हैं। इंग्लैंड के अनुभवी लेग स्पिनर आदिल रशीद ने एक स्थान की बढ़त के साथ तीसरा स्थान हासिल कर लिया है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के एडम जांपा भी एक स्थान ऊपर चढ़कर चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं।

    भारतीय स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को दो स्थान का नुकसान हुआ है और अब वह पांचवें स्थान पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के नाथन एलिस और दक्षिण अफ्रीका के कॉर्बिन बोश ने एक-एक स्थान की बढ़त के साथ क्रमशः छठा और सातवां स्थान हासिल किया है। भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह दो स्थान फिसलकर आठवें नंबर पर पहुंच गए हैं। श्रीलंका के वानिंदु हसरंगा नौवें और अफगानिस्तान के मुजीब उर रहमान दसवें स्थान पर काबिज हैं।

    भारत और इंग्लैंड के बीच जारी पांच मैचों की टी20 सीरीज में अभी दो मुकाबले और बाकी हैं। ऐसे में दोनों टीमों के खिलाड़ियों के पास अपने प्रदर्शन के दम पर अगली आईसीसी रैंकिंग में और सुधार करने का अच्छा मौका रहेगा। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब आगामी मुकाबलों पर होगी, जहां कई खिलाड़ी अपनी रैंकिंग बेहतर करने के इरादे से मैदान में उतरेंगे।

  • मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने गहराई वैश्विक चिंता, विशेषज्ञ बोले- हालात एक और व्यापक युद्ध की ओर बढ़ने का दे रहे संकेत

    मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने गहराई वैश्विक चिंता, विशेषज्ञ बोले- हालात एक और व्यापक युद्ध की ओर बढ़ने का दे रहे संकेत

    नई दिल्ली । मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। हालिया घटनाक्रम के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के प्रभावी प्रयास नहीं किए गए, तो आने वाले महीनों में स्थिति और अधिक जटिल हो सकती है। उनका कहना है कि मौजूदा घटनाएं इस ओर संकेत करती हैं कि क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

    विदेश मामलों के जानकार डॉ. वाएल अव्वाद ने कहा कि हाल के घटनाक्रम ने पहले से मौजूद तनाव को और गहरा कर दिया है। उनके अनुसार, यदि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप जारी रखते हैं और सैन्य गतिविधियां बढ़ती हैं, तो इसका असर केवल संबंधित देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

    उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते में कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल बताए गए हैं, जिनका उद्देश्य क्षेत्र में तनाव कम करना और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखना था। उनका मानना है कि यदि समझौते के प्रावधानों का पूरी तरह पालन नहीं होता, तो आपसी अविश्वास बढ़ सकता है और स्थिति अधिक संवेदनशील बन सकती है।

    विशेषज्ञ के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य का रणनीतिक महत्व इस पूरे विवाद का सबसे अहम पहलू है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार का सैन्य तनाव या नौवहन में बाधा अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव डाल सकती है।

    डॉ. अव्वाद ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था में कई देशों की भूमिका महत्वपूर्ण होती जा रही है। उनका मानना है कि यदि तनाव लगातार बढ़ता है, तो विभिन्न अंतरराष्ट्रीय गठबंधन और सहयोगी देश भी इस घटनाक्रम से प्रभावित हो सकते हैं। इससे कूटनीतिक प्रयासों के साथ-साथ सुरक्षा संबंधी रणनीतियों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दो से तीन महीने इस पूरे क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। इस अवधि में यदि संवाद और कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता नहीं दी गई, तो तनाव और गहरा सकता है। उनका मानना है कि सभी पक्षों को संयम बरतते हुए बातचीत के माध्यम से समाधान तलाशने का प्रयास करना चाहिए।

    विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य पूर्व में किसी भी प्रकार का सैन्य टकराव केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहता। इसका सीधा प्रभाव अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार, समुद्री व्यापार, निवेश, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और वित्तीय बाजारों पर भी पड़ता है। यही कारण है कि दुनिया के कई देश इस घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और स्थिति के शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।

    हाल के घटनाक्रम के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्राथमिकता क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना और संघर्ष की संभावनाओं को कम करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि कूटनीतिक वार्ता, आपसी विश्वास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग ही ऐसे तनावपूर्ण माहौल में स्थायी समाधान का आधार बन सकते हैं। यदि संवाद की प्रक्रिया मजबूत होती है तो क्षेत्र में शांति बनाए रखने की संभावना बढ़ेगी, जबकि लगातार बढ़ता तनाव व्यापक क्षेत्रीय संकट का कारण बन सकता है।

  • शोपियां में सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी, लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर जाकिर गनी मारा गया, चार दिन बाद मिला शव

    शोपियां में सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी, लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर जाकिर गनी मारा गया, चार दिन बाद मिला शव


    नई दिल्ली
    । जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षा बलों को आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त अभियान में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर जाकिर गनी को मार गिराया गया। मुठभेड़ के कुछ दिनों बाद चलाए गए व्यापक तलाशी अभियान के दौरान उसका शव बरामद किया गया। सुरक्षा बलों ने घटनास्थल से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए हैं। इस कार्रवाई को दक्षिण कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

    जानकारी के अनुसार, शोपियां के सैदपोरा क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों को आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस, राष्ट्रीय राइफल्स और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। घने बागानों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच आधुनिक निगरानी उपकरणों की सहायता से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई।

    अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने दो आतंकवादियों की मौजूदगी का पता लगाया। इसके बाद पूरे क्षेत्र को घेरकर तलाशी और सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया। इसी दौरान गोलीबारी हुई, जिसका सुरक्षा बलों ने जवाब दिया। बाद में इलाके की विस्तृत तलाशी के दौरान एक शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जाकिर गनी के रूप में की गई। घटनास्थल से हथियार और अन्य सैन्य सामग्री भी बरामद होने की पुष्टि हुई।

    सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, जाकिर गनी लंबे समय से दक्षिण कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा हुआ था और वह कई आतंकी अभियानों में शामिल माना जाता था। उसकी मौजूदगी को लेकर सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही थीं। संयुक्त अभियान के जरिए उसे निष्क्रिय करना आतंकवाद विरोधी प्रयासों की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

    शोपियां जिला लंबे समय से आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों के कारण संवेदनशील क्षेत्र रहा है। दक्षिण कश्मीर का यह इलाका अपने घने बागानों, जंगलों और दुर्गम भूभाग के कारण आतंकवादियों के लिए छिपने और एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का मार्ग माना जाता रहा है। यही वजह है कि सुरक्षा बल यहां लगातार तलाशी अभियान और निगरानी अभियान चलाते रहते हैं।

    पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों को सीमित करने के लिए सुरक्षा बलों ने कई बड़े अभियान चलाए हैं। इन अभियानों के दौरान अनेक वांछित आतंकवादी मारे गए या गिरफ्तार किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि लगातार दबाव बनाए रखने से स्थानीय आतंकी नेटवर्क कमजोर हुआ है और उनकी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है।

    अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में अभी भी तलाशी अभियान जारी है ताकि किसी भी संभावित खतरे को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। सुरक्षा बल आसपास के इलाकों में भी सतर्कता बनाए हुए हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की गई है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंच सके।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अभियान आतंकवादी संगठनों की नेतृत्व क्षमता और परिचालन ढांचे को कमजोर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लगातार खुफिया समन्वय, आधुनिक तकनीक और संयुक्त सुरक्षा अभियानों के जरिए जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि क्षेत्र में शांति और सामान्य स्थिति बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

  • टी20 में टीम इंडिया का बुरा हाल, 76 रन पर ऑलआउट, इंग्लैंड ने दर्ज की 125 रन की बड़ी जीत

    टी20 में टीम इंडिया का बुरा हाल, 76 रन पर ऑलआउट, इंग्लैंड ने दर्ज की 125 रन की बड़ी जीत


    नई दिल्ली । नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम को इंग्लैंड के हाथों 125 रन की करारी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही भारत पांच मैचों की टी20 सीरीज में 0-2 से पिछड़ गया है। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 201 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया, लेकिन जवाब में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और पूरी टीम महज 76 रन पर ऑलआउट हो गई।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी रही। फिल साल्ट और जोस बटलर ने पहले विकेट के लिए 43 रन जोड़कर टीम को मजबूत आधार दिया। बटलर ने 36 रन बनाए, जबकि फिल साल्ट ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 44 गेंदों में 70 रन की बेहतरीन पारी खेली। इस दौरान उन्होंने सात चौके और तीन छक्के लगाए। कप्तान हैरी ब्रूक ने 16 रन का योगदान दिया, जबकि जैकब बेथेल ने 13 रन बनाए। अंतिम ओवरों में सैम करन ने 24 गेंदों पर नाबाद 41 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर इंग्लैंड का स्कोर 200 के पार पहुंचा दिया।

    भारत की ओर से गेंदबाजी में हर्षित राणा और प्रिंस यादव ने दो-दो विकेट हासिल किए, जबकि अक्षर पटेल को एक सफलता मिली। हालांकि भारतीय गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाने में सफल नहीं हो सके।

    202 रन के कठिन लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत तेज जरूर रही। अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी ने पहले दो ओवर से पहले ही 23 रन जोड़ दिए, लेकिन इसके बाद बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह ढह गया। अभिषेक शर्मा 10 रन बनाकर आउट हुए, जबकि वैभव सूर्यवंशी 13 रन की छोटी लेकिन तेज पारी खेलकर पवेलियन लौट गए।

    इसके बाद कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिक नहीं सका। ईशान किशन ने 13 रन और अक्षर पटेल ने 10 रन बनाए। इनके अलावा कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर पाया। पूरी भारतीय टीम सिर्फ 11.4 ओवर में 76 रन पर सिमट गई, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के सबसे निराशाजनक प्रदर्शनों में से एक रहा।

    इंग्लैंड की ओर से जोश टंग ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 28 रन देकर चार विकेट झटके। जोफ्रा आर्चर ने तीन विकेट हासिल किए, जबकि अनुभवी स्पिनर आदिल रशीद ने दो विकेट अपने नाम किए। विल जैक्स को भी एक सफलता मिली।

    सीरीज का पहला मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था, जबकि दूसरा मैच इंग्लैंड ने चार विकेट से जीता था। अब तीसरे मैच में मिली बड़ी जीत के बाद मेजबान टीम ने सीरीज में 2-0 की मजबूत बढ़त बना ली है। शेष दो मुकाबले 9 और 11 जुलाई को क्रमशः ब्रिस्टल और साउथैम्प्टन में खेले जाएंगे, जहां भारत के सामने सीरीज बचाने की बड़ी चुनौती होगी।

  • पति के दबाव में मायके की संपत्ति मांगना भी माना जाएगा दहेज की मांग, कलकत्ता हाईकोर्ट ने स्पष्ट की कानून की अहम व्याख्या

    पति के दबाव में मायके की संपत्ति मांगना भी माना जाएगा दहेज की मांग, कलकत्ता हाईकोर्ट ने स्पष्ट की कानून की अहम व्याख्या

    नई दिल्ली । दहेज से जुड़े मामलों की कानूनी व्याख्या को और स्पष्ट करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा है कि किसी महिला का अपनी पैतृक संपत्ति में हिस्सा मांगना उसका वैधानिक अधिकार है, लेकिन यदि यह मांग पति या ससुराल पक्ष के दबाव, उत्पीड़न या मजबूरी के कारण की जाती है तो इसे दहेज की मांग माना जाएगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में भारतीय दंड संहिता की दहेज हत्या से संबंधित प्रावधान लागू हो सकते हैं।

    यह फैसला वर्ष 2014 में हुई एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी की मौत से जुड़े मामले में सुनाया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करते हुए पाया कि महिला अपने वैवाहिक जीवन के दौरान लगातार मानसिक दबाव और आर्थिक उत्पीड़न का सामना कर रही थी। जांच और गवाहों के आधार पर यह भी सामने आया कि महिला पर मायके से धन और पैतृक संपत्ति में हिस्से की राशि लाने का लगातार दबाव बनाया जा रहा था।

    अदालत ने कहा कि महिला को अपने पैतृक अधिकार का दावा करने से कोई नहीं रोक सकता, क्योंकि यह उसका कानूनी अधिकार है। हालांकि यदि पति इस अधिकार का इस्तेमाल अपने आर्थिक लाभ के लिए करवाने का दबाव बनाता है और महिला को मजबूर करता है कि वह मायके से संपत्ति या धन लेकर आए, तो ऐसी स्थिति सामान्य संपत्ति विवाद नहीं रह जाती, बल्कि दहेज की मांग की श्रेणी में आती है। अदालत ने माना कि कानून की व्यापक भावना भी इसी सिद्धांत का समर्थन करती है।

    सुनवाई के दौरान पति ने तर्क दिया कि उसकी पत्नी केवल अपने वैधानिक हिस्से की मांग कर रही थी, इसलिए इसे दहेज की मांग नहीं कहा जा सकता। अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों से यह स्पष्ट हुआ कि महिला के भाई ने पहले ही पैतृक संपत्ति का एक हिस्सा बेचकर उसे धनराशि दी थी, लेकिन इसके बावजूद पति लगातार शेष संपत्ति से भी पैसा लाने के लिए दबाव बना रहा था। अदालत ने माना कि यही दबाव महिला की मानसिक स्थिति पर गंभीर प्रभाव डालने वाला महत्वपूर्ण कारण बना।

    मामले में प्राथमिकी दर्ज होने में हुई देरी को लेकर भी पति की ओर से सवाल उठाए गए। अदालत ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि किसी परिवार में अचानक हुई दुखद मृत्यु के बाद परिजन स्वाभाविक रूप से मानसिक आघात की स्थिति में होते हैं। ऐसे समय कानूनी सलाह लेकर शिकायत दर्ज कराना असामान्य नहीं माना जा सकता। केवल देरी के आधार पर शिकायत की विश्वसनीयता पर संदेह नहीं किया जा सकता।

    साक्ष्यों की समीक्षा के बाद अदालत ने पाया कि सास-ससुर के विरुद्ध पर्याप्त और ठोस प्रमाण उपलब्ध नहीं थे। गवाहों के बयानों में भी उनकी प्रत्यक्ष भूमिका सिद्ध नहीं हो सकी। इसी आधार पर उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया गया। वहीं पति के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए उसकी दोषसिद्धि को बरकरार रखा गया।

    हालांकि अदालत ने सजा के प्रश्न पर विचार करते हुए आजीवन कारावास को संशोधित कर दस वर्ष के कठोर कारावास में बदल दिया। अदालत ने कहा कि दहेज हत्या के मामलों में आजीवन कारावास का प्रावधान अत्यंत गंभीर और दुर्लभ परिस्थितियों में लागू किया जाना चाहिए। इस निर्णय के साथ अदालत ने यह भी स्पष्ट संदेश दिया कि महिलाओं के पैतृक संपत्ति संबंधी अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन यदि उन अधिकारों का उपयोग ससुराल पक्ष आर्थिक लाभ प्राप्त करने के लिए दबाव बनाकर कराता है, तो कानून उसे दहेज की मांग के रूप में देखेगा और उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

  • विश्व चैंपियन की दमदार वापसी, अर्जेंटीना ने मिस्र को हराकर क्वार्टर फाइनल का टिकट कटाया

    विश्व चैंपियन की दमदार वापसी, अर्जेंटीना ने मिस्र को हराकर क्वार्टर फाइनल का टिकट कटाया


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने अपने जुझारू खेल का शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। अटलांटा में खेले गए राउंड ऑफ-16 मुकाबले में अर्जेंटीना ने मिस्र के खिलाफ 0-2 से पिछड़ने के बाद जबरदस्त वापसी करते हुए 3-2 से रोमांचक जीत दर्ज की। इस यादगार मुकाबले में कप्तान लियोनेल मेसी ने एक गोल करने के साथ एक गोल में असिस्ट भी किया, जबकि एंजो फर्नांडीज ने स्टॉपेज टाइम में विजयी गोल दागकर टीम की जीत सुनिश्चित की।

    मुकाबले की शुरुआत मिस्र के लिए शानदार रही। 15वें मिनट में यासर इब्राहिम ने शानदार हेडर के जरिए गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिला दी। अर्जेंटीना ने बराबरी की कई कोशिशें कीं, लेकिन मिस्र के गोलकीपर मुस्तफा शोबीर ने बेहतरीन बचाव करते हुए मेसी की पेनाल्टी समेत कई खतरनाक प्रयास नाकाम कर दिए। पहले हाफ में अर्जेंटीना गोल नहीं कर सकी और दबाव लगातार बढ़ता गया।

    दूसरे हाफ में मिस्र ने 62वें मिनट में मुस्तफा जिको के गोल की बदौलत बढ़त को 2-0 कर दिया। उस समय ऐसा लग रहा था कि मौजूदा विश्व चैंपियन टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा। हालांकि अर्जेंटीना ने हार नहीं मानी और लगातार आक्रामक खेल जारी रखा।

    79वें मिनट में लियोनेल मेसी ने शानदार मूव बनाते हुए क्रिस्टियन रोमेरो के गोल में अहम भूमिका निभाई, जिससे स्कोर 2-1 हो गया। इसके बाद 83वें मिनट में मेसी ने खुद शानदार फिनिश करते हुए बराबरी का गोल दाग दिया। लुटारो मार्टिनेज की लंबी गेंद पर मेसी ने बेहतरीन नियंत्रण दिखाया और गेंद को गोल में पहुंचाकर अर्जेंटीना को मुकाबले में वापस ला खड़ा किया।

    जब मुकाबला अतिरिक्त समय की ओर बढ़ता नजर आ रहा था, तभी स्टॉपेज टाइम के तीसरे मिनट में एंजो फर्नांडीज ने शानदार गोल कर अर्जेंटीना को 3-2 की बढ़त दिला दी। यह गोल अंततः निर्णायक साबित हुआ और अर्जेंटीना ने रोमांचक जीत के साथ क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।

    इस मुकाबले में अर्जेंटीना ने शानदार मानसिक मजबूती और संघर्ष का परिचय दिया। दो गोल से पिछड़ने के बावजूद टीम ने धैर्य बनाए रखा और लगातार हमले करते हुए मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। कप्तान मेसी ने एक बार फिर बड़े मुकाबले में अपनी अहमियत साबित की, जबकि एंजो फर्नांडीज ने निर्णायक गोल कर टीम को यादगार जीत दिलाई।

    अब अर्जेंटीना की नजर क्वार्टर फाइनल में जीत की लय बरकरार रखते हुए लगातार दूसरी बार विश्व कप खिताब की ओर कदम बढ़ाने पर होगी।

  • ताश के पत्तों की तरह बिखरी टीम इंडिया, टी20 इतिहास की सबसे बड़ी हार से दहला भारतीय क्रिकेट

    ताश के पत्तों की तरह बिखरी टीम इंडिया, टी20 इतिहास की सबसे बड़ी हार से दहला भारतीय क्रिकेट


    नई दिल्ली । नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर भारतीय क्रिकेट टीम को टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड ने तीसरे टी20 मुकाबले में हर विभाग में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 125 रन से शिकस्त दी। 202 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम सिर्फ 76 रन पर ऑलआउट हो गई। यह रनों के अंतर से भारत की टी20 इंटरनेशनल में अब तक की सबसे बड़ी हार है।

    इससे पहले भारत को वर्ष 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 80 रन से हार मिली थी, लेकिन नॉटिंघम में मिली 125 रन की हार ने वह रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। इतना ही नहीं, 76 रन का स्कोर भारत का टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दूसरा सबसे कम टीम स्कोर भी रहा। इससे पहले 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय टीम 74 रन पर सिमट गई थी।

    लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत बेहद खराब रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा केवल 10 रन बनाकर जोश टंग का शिकार बने। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने कुछ आकर्षक शॉट जरूर लगाए, लेकिन वह भी सिर्फ 13 रन बनाकर जोफ्रा आर्चर की गेंद पर आउट हो गए। इसके बाद विकेटों का सिलसिला लगातार जारी रहा और कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सका।

    ईशान किशन 13 रन, कप्तान श्रेयस अय्यर बिना प्रभाव छोड़े पवेलियन लौट गए। अक्षर पटेल 10 रन, तिलक वर्मा 3 रन, हर्षित राणा 2 रन और शिवम दुबे भी केवल 2 रन बनाकर आउट हो गए। पूरी भारतीय बल्लेबाजी इंग्लैंड के तेज और स्पिन आक्रमण के सामने पूरी तरह बेबस नजर आई।

    इंग्लैंड की ओर से जोश टंग ने सबसे सफल गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 28 रन देकर चार विकेट झटके। जोफ्रा आर्चर ने तीन विकेट हासिल किए, जबकि अनुभवी स्पिनर आदिल रशीद ने दो विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

    इससे पहले इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में सात विकेट पर 201 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। फिल साल्ट ने 44 गेंदों में 70 रन की विस्फोटक पारी खेली। कप्तान जोस बटलर ने 36 रन बनाए, जबकि सैम करन ने अंतिम ओवरों में नाबाद 41 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर टीम को 200 के पार पहुंचाया।

    इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की महत्वपूर्ण बढ़त बना ली है। वहीं भारतीय टीम के लिए यह हार कई सवाल छोड़ गई है। बल्लेबाजी क्रम का पूरी तरह फ्लॉप होना और बड़े लक्ष्य के सामने संघर्ष किए बिना ढह जाना टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बन गया है। अब सीरीज में वापसी के लिए भारत को अगले मुकाबले में हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

  • आदिल रशीद ने रचा इतिहास, टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज बने

    आदिल रशीद ने रचा इतिहास, टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज बने


    नई दिल्ली । टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में इंग्लैंड के अनुभवी लेग स्पिनर आदिल रशीद ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। भारत के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में शानदार गेंदबाजी करते हुए उन्होंने दो विकेट झटके और इसी के साथ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए। रशीद के नाम अब 166 विकेट दर्ज हो चुके हैं और उन्होंने न्यूजीलैंड के स्पिनर ईश सोढ़ी के 165 विकेट के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इस सूची में अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान 193 विकेट के साथ शीर्ष स्थान पर कायम हैं, जबकि न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज टिम साउदी 164 विकेट के साथ तीसरे और श्रीलंका के वानिंदु हसरंगा 161 विकेट के साथ चौथे स्थान पर हैं।

    यह उपलब्धि ऐसे मुकाबले में आई जिसमें इंग्लैंड ने हर विभाग में भारत पर दबदबा बनाया। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट के नुकसान पर 201 रन बनाए। टीम के लिए फिल साल्ट ने 44 गेंदों में 70 रन की आक्रामक पारी खेली, जबकि कप्तान जोस बटलर ने 21 गेंदों में 36 रन बनाए। अंतिम ओवरों में सैम करन ने 24 गेंदों में 41 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

    202 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने लगातार अंतराल पर विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह बिखेर दिया। पूरी भारतीय टीम महज 11.4 ओवर में 76 रन पर सिमट गई। सात बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके, जिससे भारत को टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा।

    गेंदबाजी में जोश टंग ने चार विकेट लेकर भारत की कमर तोड़ दी, जबकि जोफ्रा आर्चर ने तीन विकेट अपने नाम किए। आदिल रशीद ने भी कसी हुई गेंदबाजी करते हुए दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए और अपने करियर में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ ली।

    इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। वहीं आदिल रशीद का यह रिकॉर्ड उनके लंबे और सफल टी20 करियर की एक और बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इंग्लैंड को उम्मीद होगी कि उनका अनुभवी स्पिनर आगे भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन कर टीम को सीरीज में निर्णायक बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।