ट्रैक्टरों से रोका यातायात
वाजिब दाम नहीं तो आंदोलन तेज होगा

ट्रैक्टरों से रोका यातायात

दुबई और खाड़ी के हवाई अड्डों पर सबसे बड़ा असर
भारत और एशिया पर असर
अनिश्चितता और विमानन उद्योग पर दबाव
वैश्विक प्रभाव

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में टीआई शुक्ला कथित बाइक चोर गिरोह के सरगनालवकुश शर्मा के कंधे पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। बताया गया कि यह वीडियो थाना परिसर में मनाए गए जन्मदिन समारोह का है, जहां केक काटा गया और ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे थे।
सीएम के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई
मामले की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कड़ी नाराजगी जताई और शासन को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके निर्देश के बाद मुरैना एसपी कार्यालय से निलंबन आदेश जारी किया गया। आदेश में उल्लेख है कि 28 फरवरी 2026 को थाना प्रभारी जौरा निरीक्षक दर्शन शुक्ला अपने जन्मदिन समारोह के दौरान आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्ति लवकुश शर्मा के साथ उपस्थित थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लवकुश शर्मा पर थाना कोतवाली क्षेत्र में मोटरसाइकिल चोरी और थाना जौरा क्षेत्र में शासकीय कार्य में बाधा डालने जैसे मामले दर्ज हैं। ऐसे व्यक्ति के साथ थाना परिसर में जश्न मनाना पुलिस आचरण संहिता के विपरीत माना गया।
पुलिस रेगुलेशन का उल्लंघन
आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यह आचरण मध्यप्रदेश पुलिस रेगुलेशन के पैरा 64(3)(11) का उल्लंघन है और इससे पुलिस की निष्पक्ष छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसी आधार पर निरीक्षक दर्शन शुक्ला को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय रक्षित केंद्र, मुरैना निर्धारित किया गया है। उन्हें बिना लिखित अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी और प्रत्येक गणना में उपस्थित रहना अनिवार्य रहेगा। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
कर्तव्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों द्वारा किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या आपराधिक तत्वों से निकटता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई पुलिस महकमे के लिए कड़ा संकेत मानी जा रही है कि शासन अपराधियों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी को स्वीकार नहीं करेगा।

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भारत में इजराइल के राजदूतरूवेन अजार ने इन सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पीएम मोदी को इस हमले की पूर्व जानकारी नहीं थी। उनके मुताबिक ऑपरेशन की मंजूरी 28 फरवरी की सुबह दी गई तब तक प्रधानमंत्री मोदी अपना दौरा पूरा कर भारत लौट चुके थे।
न्यूक्लियर खतरे को खत्म करना लक्ष्य
राजदूत अजार ने कहा कि इजराइल का मुख्य उद्देश्य ईरान के सैन्य परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना है। उनका आरोप है कि ईरान दशकों से मिलिट्री न्यूक्लियर प्रोग्राम विकसित करने की कोशिश कर रहा है और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को बढ़ा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान क्षेत्र में अपने प्रॉक्सी समूहों को फंडिंग हथियार और तकनीक मुहैया कराता है। इजराइल के अनुसार ईरान ने 2027 तक इजराइल को खत्म करने की धमकी दी थी। जून में भी इजराइल ने ईरान पर हमले किए थे और अब सहयोग से इनकार के बाद फिर ऑपरेशन शुरू किया गया।
भारत से हुई बातचीत
राजदूत ने बताया कि इजराइल के विदेश मंत्री ने भारत के विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर से फोन पर बात की थी। भारत ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए संवाद और स्थिरता का समर्थन किया।
भारत लगातार कूटनीतिक समाधान की वकालत करता रहा है। प्रधानमंत्री मोदी पहले ही कह चुके हैं कि मौजूदा संकट का हल केवल बातचीत और डिप्लोमेसी से ही संभव है।
नेतन्याहू की भूमिका
इस पूरे घटनाक्रम के बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की भूमिका भी चर्चा में है। इजराइल ने इन हमलों को प्रिएंपटिव स्ट्राइक बताया है। बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी इन हमलों में अमेरिका की भागीदारी की पुष्टि की।
इजराइल में माहौल
राजदूत अजार के मुताबिक इजराइल में सुरक्षा को लेकर गंभीर माहौल है। उनका कहना है कि देश लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर रहा है। ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को लेकर भी इजराइल में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
इस घटनाक्रम ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। भारत ने साफ किया है कि वह शांति और स्थिरता का पक्षधर है तथा भारतीय नागरिकों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि पश्चिम एशिया में हालात किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि भारत शांति और स्थिरता का पक्षधर है और विश्व में बढ़ते तनाव को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है। उन्होंने कहा जब दो लोकतंत्र एक साथ खड़े होते हैं तो शांति की आवाज और भी मजबूत हो जाती है। वर्तमान संकट का हल संवाद और कूटनीतिक प्रयासों से ही निकलेगा इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है।
पीएम मोदी ने दोहराया कि भारत सभी देशों के साथ मिलकर शांति बहाली के प्रयासों में सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि भारत का प्राथमिक उद्देश्य क्षेत्र में स्थिरता कायम रखना और वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
नेतन्याहू से फोन पर बातचीत
भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
जोशी ने चिंतित परिवारों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार पहले भी संकटग्रस्त देशों से भारतीयों को सुरक्षित निकाल चुकी है जैसे यूक्रेन संकट के दौरान किया गया था। उन्होंने कहा जहां भी भारतीय नागरिक हैं उनकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। घबराने की जरूरत नहीं है सरकार हर संभव कदम उठा रही है।
मिडिल ईस्ट में जारी इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच भारत का रुख स्पष्ट है संवाद कूटनीति और शांति का मार्ग। अब वैश्विक समुदाय की नजर इस बात पर टिकी है कि क्षेत्र में हालात कब सामान्य होते हैं और तनाव किस दिशा में आगे बढ़ता है।

इंटरनेट बंद, बाहरी दुनिया से कटा देश
तेहरान और सनंदाज में ताजा हमले
वहीं सरकारी एजेंसी Islamic Republic News Agency (आईआरएनए) ने बताया कि सनंदाज में तीन लोगों की मौत हुई है। राजधानी तेहरान में भी एक अस्पताल को नुकसान पहुंचने की खबर है। सरकारी ब्रॉडकास्टर Islamic Republic of Iran Broadcasting (आईआरआईबी) द्वारा जारी फुटेज में अस्पताल के बाहर मलबा और टूटी खिड़कियां देखी गईं।
चीन ने की नागरिक की मौत की पुष्टि
लगातार हो रहे हमलों और इंटरनेट बंदी के बीच ईरान के हालात पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह संघर्ष किस दिशा में जाएगा, इस पर वैश्विक चिंता बनी हुई है।

यूरेनियम सप्लाई समझौता
व्यापार और निवेश में बढ़ावा
रक्षा और सुरक्षा सहयोग
नवाचार और तकनीकी सहयोग
ऊर्जा और पर्यावरण

कॉलेज से शुरू हुआ खेलों का सफर
किरोड़ीमल कॉलेज में पढ़ाई के दौरान 2016 में उन्हें पैरा एथलेटिक्स के बारे में जानकारी मिली। प्रेरणा मिली और उन्होंने डिस्कस थ्रो को अपना लक्ष्य बना लिया। मेहनत रंग लाई और 2018 में बर्लिन में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में एफ36 कैटेगरी में 45.18 मीटर का थ्रो कर विश्व रिकॉर्ड बनाया।
पैरालंपिक में देश को दिलाया गौरव
टोक्यो में आयोजित 2020 Summer Paralympics में योगेश ने डिस्कस थ्रो एफ56 स्पर्धा में रजत पदक जीतकर भारत का मान बढ़ाया। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 2021 में तत्कालीन राष्ट्रपति Ram Nath Kovind द्वारा अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
चोट, बीमारी और फिर वापसी
2022 में उन्हें सर्वाइकल रेडिकुलोपैथी की समस्या का सामना करना पड़ा, जिससे रीढ़ की नसें प्रभावित होती हैं। छह महीने तक रिकवरी चली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
इसके बाद 2024 Summer Paralympics में फिर से रजत पदक जीतकर साबित कर दिया कि उनका जज्बा किसी भी मुश्किल से बड़ा है। 2025 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी उन्होंने एफ56 वर्ग में रजत पदक हासिल किया।
संघर्ष से सफलता तक
योगेश कथुनिया की कहानी सिर्फ पदकों की नहीं, बल्कि हिम्मत, परिवार के समर्थन और अडिग विश्वास की कहानी है। शारीरिक अक्षमता को उन्होंने अपनी पहचान नहीं बनने दिया, बल्कि उसे अपनी ताकत बना लिया।