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  • शिवपुरी हाईवे पर बड़ा हादसा टला, अनियंत्रित बस मीडियन में उतरी, चालक फरार, यात्रियों ने लगाए लापरवाही के आरोप

    शिवपुरी हाईवे पर बड़ा हादसा टला, अनियंत्रित बस मीडियन में उतरी, चालक फरार, यात्रियों ने लगाए लापरवाही के आरोप


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में बुधवार तड़के राष्ट्रीय राजमार्ग 46 पर एक बड़ा सड़क हादसा होते होते टल गया। इंदौर से ग्वालियर जा रही कृष्णा ट्रेवल्स की स्लीपर कोच बस अचानक अनियंत्रित होकर हाईवे के मीडियन में उतर गई। राहत की बात यह रही कि मीडियन की गीली और नरम मिट्टी में बस फंस गई जिससे वह पलटने से बच गई और बस में सवार यात्रियों की जान सुरक्षित रही। यदि बस पलट जाती तो हादसा बेहद भयावह हो सकता था और बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता था।

    जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना बुधवार सुबह करीब साढ़े चार बजे बदरवास के सड़ बाईपास के पास हुई। बस इंदौर से ग्वालियर की ओर जा रही थी और उसमें कई यात्री सवार थे। अचानक संतुलन बिगड़ने के बाद बस सीधे हाईवे के मीडियन में उतर गई। तेज झटके के कारण बस में बैठे यात्रियों में अफरा तफरी मच गई। कई लोग घबरा गए और चीख पुकार शुरू हो गई लेकिन कुछ ही देर में सभी को यह एहसास हुआ कि बस पलटी नहीं है जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।

    घटना की सूचना मिलते ही बदरवास थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला और उनके गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक वाहन की व्यवस्था कराई। हादसे में बामौरकला निवासी मोनिका जाटव सहित कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आईं जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

    हादसे के बाद बस चालक और बस का अन्य स्टाफ मौके से फरार हो गया। इससे यात्रियों में नाराजगी देखी गई। यात्रियों का आरोप है कि चालक शुरुआत से ही तेज रफ्तार में बस चला रहा था और कई बार यात्रियों ने उसे सावधानी से वाहन चलाने की सलाह भी दी थी लेकिन उसने किसी की बात पर ध्यान नहीं दिया। यात्रियों का कहना है कि यदि चालक समय रहते गति नियंत्रित कर लेता तो यह हादसा नहीं होता।

    स्थानीय लोगों का भी मानना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना लगातार हादसों का कारण बन रहा है। परिवहन विभाग और संबंधित एजेंसियों को ऐसे मामलों में सख्ती बरतने की जरूरत है ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी दूरी की बसों के चालकों की नियमित निगरानी और समय समय पर फिटनेस जांच भी जरूरी है।

    फिलहाल बदरवास थाना पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है और बस चालक की तलाश भी की जा रही है। पुलिस यात्रियों के बयान दर्ज कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा तेज रफ्तार की वजह से हुआ या इसके पीछे कोई तकनीकी खराबी भी जिम्मेदार थी। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • शिवपुरी में धार्मिक स्थल पर आपत्तिजनक हरकत: गांव में तनाव, पुलिस ने संदिग्ध को हिरासत में लिया

    शिवपुरी में धार्मिक स्थल पर आपत्तिजनक हरकत: गांव में तनाव, पुलिस ने संदिग्ध को हिरासत में लिया


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के छितिपुर गांव स्थित एक मंदिर में बुधवार सुबह आपत्तिजनक स्थिति मिलने के बाद पूरे गांव में आक्रोश फैल गया। मंदिर परिसर में इंसानी मल-मूत्र फैला होने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

    मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश ने बताया कि वह रात में मंदिर परिसर में बने कमरे में सो रहे थे। बुधवार सुबह करीब साढ़े चार बजे उन्होंने गांव के सतीश जाटव नामक युवक को मंदिर की ओर से तेजी से जाते हुए देखा। इसके बाद जब वह मंदिर के भीतर पहुंचे तो माता मंदिर, भगवान शंकर के स्थान और परिसर के अन्य हिस्सों में गंदगी फैली हुई मिली।

    घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मंदिर परिसर में एकत्र हो गए। लोगों ने इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। सूचना पर दिनारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

    शिकायत के आधार पर पुलिस ने सतीश जाटव नामक युवक को हिरासत में लिया। जब पुलिस उसे पूछताछ के लिए थाने ले जा रही थी, तब उसके परिजनों ने वाहन रोकने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस युवक को अपने साथ ले गई।

    दिनारा थाना प्रभारी रविन्द्र सिंह कुशवाह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। युवक के परिजनों का कहना है कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। पुलिस इस दावे की पुष्टि के लिए मेडिकल दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य है, लेकिन घटना के बाद लोगों में नाराजगी का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी कर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

  • पीएम मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो संग प्रम्बानन मंदिर में किए दर्शन, संरक्षण परियोजना का भी हुआ शुभारंभ

    पीएम मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो संग प्रम्बानन मंदिर में किए दर्शन, संरक्षण परियोजना का भी हुआ शुभारंभ


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इंडोनेशिया दौरे के दौरान भारत और इंडोनेशिया के सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया। उन्होंने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता स्थित विश्व प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर का दर्शन किया। यह मंदिर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है और दक्षिण-पूर्व एशिया में हिंदू स्थापत्य कला का एक प्रमुख प्रतीक माना जाता है। दोनों नेताओं की यह संयुक्त यात्रा केवल एक धार्मिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि साझा विरासत और द्विपक्षीय सहयोग के नए अध्याय का भी प्रतीक बनी।

    प्रधानमंत्री मोदी तीन देशों की विदेश यात्रा के पहले चरण में इंडोनेशिया पहुंचे थे। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें सांस्कृतिक सहयोग, विरासत संरक्षण और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसी क्रम में प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण और पुनरुद्धार से जुड़ी परियोजना का औपचारिक शुभारंभ भी किया गया, जिसमें भारत तकनीकी और विशेषज्ञ सहयोग प्रदान करेगा।

    प्रम्बानन मंदिर इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर माना जाता है। यह योग्याकार्ता शहर से लगभग 17 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है और इसका निर्माण दसवीं शताब्दी में हुआ था। मंदिर मुख्य रूप से भगवान शिव को समर्पित है, जबकि परिसर में भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा के भी भव्य मंदिर मौजूद हैं। मंदिर की दीवारों पर रामायण महाकाव्य के प्रसंगों को दर्शाने वाली उत्कृष्ट नक्काशी इसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है।

    प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति सुबियांतो ने मंदिर परिसर का अवलोकन करते हुए इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विशेषताओं की जानकारी ली। दोनों नेताओं ने इस विरासत को संरक्षित रखने और आने वाली पीढ़ियों तक इसकी पहचान सुरक्षित पहुंचाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। भारत और इंडोनेशिया के बीच मंदिर संरक्षण परियोजना इसी साझा दृष्टिकोण का परिणाम मानी जा रही है।

    यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर भी प्रम्बानन मंदिर की तस्वीरें साझा करते हुए इसे भव्य और ऐतिहासिक धरोहर बताया। उन्होंने राष्ट्रपति सुबियांतो के साथ मंदिर की यात्रा को दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों का महत्वपूर्ण क्षण बताया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच आत्मीयता भी देखने को मिली, जिसने द्विपक्षीय रिश्तों की मजबूती का संदेश दिया।

    भारत और इंडोनेशिया के संबंध केवल रणनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच हजारों वर्षों पुराने सांस्कृतिक और धार्मिक संपर्क भी मौजूद हैं। इंडोनेशिया में आज भी रामायण और महाभारत से जुड़ी परंपराएं, कला और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियां व्यापक रूप से दिखाई देती हैं। ऐसे में प्रम्बानन मंदिर संरक्षण परियोजना दोनों देशों की साझा विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की सांस्कृतिक साझेदारी न केवल ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण में सहायक होगी, बल्कि पर्यटन, शोध, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों के बीच आपसी जुड़ाव को भी नई गति देगी। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को मजबूत करने और इंडोनेशिया के साथ दीर्घकालिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।

  • परिवारिक कलह के बीच उठाया खौफनाक कदम, जहर खाने वाले युवक ने तोड़ा दम

    परिवारिक कलह के बीच उठाया खौफनाक कदम, जहर खाने वाले युवक ने तोड़ा दम


    मध्यप्रदेश । श्योपुर जिले के विजयपुर तहसील अंतर्गत मगरधा गांव में घरेलू विवाद से परेशान एक 35 वर्षीय युवक की जहरीला पदार्थ खाने के बाद मौत हो गई। युवक की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे उपचार के लिए शिवपुरी मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    मृतक की पहचान अशोक धाकड़ पुत्र सरवन धाकड़ निवासी मगरधा गांव के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार मंगलवार शाम घरेलू विवाद और लंबे समय से चल रहे गृह क्लेश के चलते अशोक ने जहरीला पदार्थ खा लिया। कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिवार के लोग उसे तत्काल इलाज के लिए शिवपुरी मेडिकल कॉलेज ले गए।

    मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने युवक का उपचार शुरू किया, लेकिन उसकी हालत लगातार गंभीर बनी रही। बुधवार तड़के करीब 2:30 बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की।

    पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में घरेलू कलह को युवक द्वारा यह कदम उठाने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा परिजनों के बपुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में घरेलू कलह को युवक द्वारा यह कदम उठाने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी

  • अमेरिका-ईरान तनाव और गहराया, ट्रंप बोले- समझौते का दौर खत्म; मध्य पूर्व में बढ़ी नई टकराव की आशंका

    अमेरिका-ईरान तनाव और गहराया, ट्रंप बोले- समझौते का दौर खत्म; मध्य पूर्व में बढ़ी नई टकराव की आशंका

    नई दिल्ली । अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह ईरान के साथ किसी भी नए समझौते के पक्ष में नहीं हैं और उनके अनुसार दोनों देशों के बीच समझौते की संभावना अब समाप्त हो चुकी है। ट्रंप के इस बयान ने पहले से तनावपूर्ण हालात के बीच नई कूटनीतिक चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

    मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व और उसकी नीतियों की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में किसी नए समझौते की कोई आवश्यकता नहीं है और अमेरिका अपने राष्ट्रीय हितों तथा क्षेत्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देता रहेगा। उनके बयान को हाल के सैन्य घटनाक्रम और दोनों देशों के बीच बढ़ते टकराव के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि हाल की घटनाओं के बाद उन्हें नहीं लगता कि संघर्ष विराम से जुड़े प्रयास प्रभावी रूप से लागू हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात यह दर्शाते हैं कि दोनों देशों के बीच विश्वास का स्तर काफी कमजोर हो चुका है। ऐसे में किसी नए समझौते की संभावना फिलहाल बेहद सीमित दिखाई देती है।

    हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य गतिविधियों में भी तेजी देखने को मिली है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि उसने क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों और समुद्री मार्गों की रक्षा के उद्देश्य से आवश्यक कार्रवाई की है। वहीं दूसरी ओर ईरान भी लगातार अपने रुख पर कायम है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और अधिक बढ़ गया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रम इस पूरे विवाद का सबसे संवेदनशील पहलू बने हुए हैं। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां किसी भी प्रकार का सैन्य टकराव अंतरराष्ट्रीय व्यापार, तेल आपूर्ति और वैश्विक बाजारों पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।

    ट्रंप ने अपनी टिप्पणी के दौरान नाटो और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ सुरक्षा और रणनीतिक हितों पर लगातार विचार कर रहा है। उनके अनुसार अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई विषयों पर नए सिरे से रणनीति तैयार करने की आवश्यकता है।

    मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक वित्तीय बाजारों और ऊर्जा क्षेत्र पर भी दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, निवेशकों की बढ़ती सतर्कता और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता ने अंतरराष्ट्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी प्रभावित किया है। कई देशों ने स्थिति पर करीबी नजर बनाए रखते हुए संयम और कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले घटनाक्रम पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण होंगे। यदि तनाव कम करने के लिए प्रभावी कूटनीतिक प्रयास नहीं किए गए, तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। ऐसे में दुनिया की निगाहें दोनों देशों के अगले कदम और संभावित कूटनीतिक पहल पर टिकी हुई हैं।

  • पानी भरने जा रही महिलाओं ने देखा शव: शिवपुरी में युवक की संदिग्ध मौत, जांच शुरू

    पानी भरने जा रही महिलाओं ने देखा शव: शिवपुरी में युवक की संदिग्ध मौत, जांच शुरू


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र के जाखनौद गांव में बुधवार सुबह एक 25 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में गांव के खरंजे पर मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। युवक मंगलवार रात अपनी बुआ के घर आया था, लेकिन सुबह उसका शव घर के बाहर पड़े मिलने से परिजन और ग्रामीण हैरान रह गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    मृतक की पहचान देहदेह गांव निवासी 25 वर्षीय नेतराम आदिवासी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार नेतराम मंगलवार को अपनी मां से बुआ के घर जाखनौद जाने की बात कहकर निकला था और रात में अपनी बुआ कारी आदिवासी के घर पहुंचा था। परिवार को किसी अनहोनी की आशंका नहीं थी।

    बुधवार सुबह गांव की महिलाएं रोज की तरह पानी भरने जा रही थीं। इसी दौरान उन्होंने गांव के खरंजे पर एक युवक को बेसुध अवस्था में पड़ा देखा। पास जाकर देखने पर युवक में कोई हलचल नहीं थी। महिलाओं ने तत्काल इसकी सूचना नेतराम की बुआ कारी आदिवासी को दी।

    सूचना मिलते ही कारी आदिवासी अपने दामाद के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने युवक की पहचान अपने भतीजे नेतराम के रूप में की। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और पुलिस को सूचना दी गई।

    पोहरी थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    प्रारंभिक जांच में मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

  • इंडोनेशिया दौरे का भव्य समापन, प्रधानमंत्री मोदी को पांच फाइटर जेट्स की विशेष एस्कॉर्ट के साथ दी गई राजकीय विदाई

    इंडोनेशिया दौरे का भव्य समापन, प्रधानमंत्री मोदी को पांच फाइटर जेट्स की विशेष एस्कॉर्ट के साथ दी गई राजकीय विदाई

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया की अपनी आधिकारिक यात्रा सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए प्रस्थान किया। यात्रा के समापन पर उन्हें विशेष राजकीय सम्मान प्रदान किया गया। इंडोनेशियाई वायुसेना के पांच लड़ाकू विमानों ने उनके विमान को एस्कॉर्ट करते हुए विदाई दी, जिसे दोनों देशों के बीच मजबूत होते रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।

    प्रधानमंत्री की यात्रा की शुरुआत भी विशेष सम्मान के साथ हुई थी। इंडोनेशिया पहुंचने से पहले वहां की वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने उनके विमान को एस्कॉर्ट किया था। जकार्ता पहुंचने पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने स्वयं हवाई अड्डे पर मौजूद रहकर उनका स्वागत किया। यह स्वागत दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी और आपसी विश्वास का संकेत माना गया।

    यात्रा के समापन के अवसर पर भी राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो स्वयं प्रधानमंत्री मोदी को विदा करने पहुंचे। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी के साथ मुलाकात की और भविष्य में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस सम्मानजनक विदाई ने भारत और इंडोनेशिया के बीच गहरे होते संबंधों को एक बार फिर रेखांकित किया।

    प्रधानमंत्री मोदी ने यात्रा के बाद संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति और वहां की जनता का आत्मीय स्वागत और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि इस यात्रा ने दोनों देशों की साझेदारी को नई दिशा देने का काम किया है।

    यात्रा के दौरान रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के महत्व पर सहमति व्यक्त की। इसके साथ ही आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल नवाचार और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को विस्तार देने पर भी सकारात्मक चर्चा हुई।

    भारत और इंडोनेशिया लंबे समय से समुद्री सहयोग, व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक संबंधों के महत्वपूर्ण साझेदार रहे हैं। हाल के वर्षों में दोनों देशों ने रक्षा, डिजिटल तकनीक, आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने जैसे विषयों पर भी सहयोग को नई गति दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा इन संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

    प्रधानमंत्री की इस यात्रा को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की सक्रिय कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। भारत लगातार क्षेत्रीय सहयोग, मुक्त एवं सुरक्षित समुद्री मार्ग, आर्थिक साझेदारी और तकनीकी सहयोग को प्राथमिकता देता रहा है। ऐसे में इंडोनेशिया के साथ बढ़ता सहयोग दोनों देशों के साझा हितों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    इंडोनेशिया दौरे के समापन के बाद प्रधानमंत्री मोदी अपने अगले कार्यक्रम के तहत ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हो गए। उनकी आगामी बैठकों में भी क्षेत्रीय सहयोग, आर्थिक भागीदारी, सुरक्षा, तकनीक और बहुपक्षीय संबंधों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरी यात्रा से भारत की इंडो-पैसिफिक नीति और क्षेत्रीय साझेदारियों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

  • आगरा में रिश्तों का खूनी अंत: पंचायत के बाद पति ने पत्नी को चाकुओं से गोद डाला

    आगरा में रिश्तों का खूनी अंत: पंचायत के बाद पति ने पत्नी को चाकुओं से गोद डाला


    आगरा आगरा के ताजगंज क्षेत्र में घरेलू विवाद सुलझाने के लिए बुलाई गई पंचायत उस समय खौफनाक घटना में बदल गई जब पत्नी द्वारा सार्वजनिक रूप से थप्पड़ मारे जाने से नाराज पति ने कुछ ही देर बाद लौटकर उसकी चाकू से हत्या कर दी। आरोपी ने महिला के पेट पर लगातार छह वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    मृतका कुंती पिछले आठ महीने से अपने मायके में रह रही थी। पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था और महिला ने गुजारा भत्ता के लिए अदालत में याचिका भी दायर कर रखी थी। दोनों के बीच समझौते की कोशिश के लिए मंगलवार को परिवार और रिश्तेदारों की मौजूदगी में पंचायत बुलाई गई थी।

    पंचायत के दौरान पति रणवीर अपनी पत्नी को जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश करने लगा। कुंती ने इसका विरोध किया और गुस्से में सबके सामने उसे दो थप्पड़ मार दिए। इसके बाद रणवीर अपने पिता के साथ वहां से चला गया, लेकिन उसके मन में बदले की भावना बनी रही।

    पुलिस के अनुसार आरोपी रास्ते में बाजार पहुंचा और करीब 40 रुपये में एक धारदार चाकू खरीदा। इसके बाद वह दोबारा ससुराल पहुंचा। उस समय कुंती घर के कमरे में मौजूद थी। रणवीर उसे घसीटकर बरामदे में ले आया और देखते ही देखते उसके पेट पर ताबड़तोड़ चाकू से वार कर दिए।

    महिला की चीख-पुकार सुनकर परिजन दौड़कर मौके पर पहुंचे और आरोपी को पकड़ लिया। गंभीर रूप से घायल कुंती को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    मृतका के परिजनों ने बताया कि घटना से एक दिन पहले रणवीर ने मोबाइल पर पत्नी की हत्या से जुड़े वीडियो भेजे थे। इनमें एक वीडियो में पति द्वारा पत्नी की हत्या और दूसरे में एक महिला की हत्या के बाद शव छिपाने का दृश्य दिखाया गया था। परिजनों का आरोप है कि इससे स्पष्ट है कि आरोपी पहले से ही वारदात की योजना बना चुका था।

    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हत्या के पीछे की परिस्थितियों तथा आरोपी की पूर्व योजना के पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में उपलब्ध सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • देश में पहली पहल: यूपी के 12 लाख शिक्षाकर्मियों को ₹1 करोड़ दुर्घटना कवर, मुफ्त कैशलेस इलाज भी

    देश में पहली पहल: यूपी के 12 लाख शिक्षाकर्मियों को ₹1 करोड़ दुर्घटना कवर, मुफ्त कैशलेस इलाज भी


    उत्तरप्रदेश । उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा विभाग से जुड़े लाखों कर्मचारियों को बड़ी सामाजिक सुरक्षा देते हुए देश की पहली ऐसी व्यापक बीमा और स्वास्थ्य योजना शुरू की है, जिसके तहत पात्र शिक्षाकर्मियों को एक करोड़ रुपये तक का दुर्घटना बीमा और पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना का लाभ शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों और छात्रावासों में कार्यरत वार्डेन सहित करीब 12 लाख शिक्षाकर्मियों को मिलेगा। इसके लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ समझौता किया गया है। सरकार का उद्देश्य शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में उनके परिवार को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

    योजना के तहत स्थायी शिक्षकों और कर्मचारियों को 10 लाख रुपये का ग्रुप टर्म इंश्योरेंस, एक करोड़ रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, एक करोड़ रुपये का स्थायी दिव्यांगता बीमा तथा 1.60 करोड़ रुपये तक का हवाई दुर्घटना बीमा कवर मिलेगा। यदि किसी कर्मचारी के साथ दुर्घटना होती है तो उसके बच्चों की पढ़ाई और बेटियों के विवाह के लिए भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    संविदा कर्मचारियों के लिए भी अलग प्रावधान किए गए हैं। दस हजार रुपये से अधिक मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को 30 लाख से 80 लाख रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा मिलेगा। स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 30 लाख रुपये और आंशिक दिव्यांगता पर 15 लाख रुपये तक का बीमा कवर दिया जाएगा। वहीं दस हजार रुपये से कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों को दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने शिक्षाकर्मियों के लिए पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की भी शुरुआत की। उन्होंने कहा कि इस योजना पर राज्य सरकार हर वर्ष लगभग 450 करोड़ रुपये खर्च करेगी और इसका पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। इसके बदले सरकार शिक्षकों से केवल इतना चाहती है कि वे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दें, विद्यालयों को स्वच्छ और अनुशासित बनाए रखें तथा भविष्य की पीढ़ी के निर्माण में पूरी निष्ठा से योगदान दें।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और बच्चों से संवाद किया। एक छात्रा द्वारा तैयार दूरबीन के मॉडल को देखकर उन्होंने मुस्कुराते हुए पूछा कि क्या इससे वाराणसी से लखनऊ के मंत्री भी दिखाई देंगे। कार्यक्रम की शुरुआत 51 बटुकों के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई।

    इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि बोर्ड परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने अन्य सरकारी विभागों और निजी क्षेत्र से भी अपील की कि वे अपने कर्मचारियों के लिए ऐसी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं लागू करें ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में कोई परिवार असहाय न रह जाए।

  • बोरोबुदुर के बाद प्रम्बानन तक बढ़ा भारत का संरक्षण अभियान, इंडोनेशिया के साथ विरासत संरक्षण सहयोग हुआ और मजबूत

    बोरोबुदुर के बाद प्रम्बानन तक बढ़ा भारत का संरक्षण अभियान, इंडोनेशिया के साथ विरासत संरक्षण सहयोग हुआ और मजबूत

    नई दिल्ली । भारत और इंडोनेशिया के बीच सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को नई मजबूती देते हुए योग्याकार्ता स्थित विश्व प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने संयुक्त रूप से इस परियोजना का शुभारंभ किया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संचालित यह परियोजना दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को और गहरा करने के साथ-साथ साझा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगी।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी इंडोनेशिया यात्रा के दौरान योग्याकार्ता स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर प्रम्बानन मंदिर परिसर का दौरा किया। इस विशेष अवसर पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो स्वयं उनके साथ मंदिर परिसर पहुंचे। दोनों नेताओं ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की संरक्षण एवं पुनर्स्थापन परियोजना की प्रतीकात्मक पट्टिका का अनावरण कर इस सहयोग की औपचारिक शुरुआत की। इस मौके को भारत और इंडोनेशिया के बीच लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक संबंधों का महत्वपूर्ण पड़ाव माना गया।

    प्रम्बानन मंदिर परिसर का निर्माण नौवीं शताब्दी में हुआ था और इसे इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर माना जाता है। यह मंदिर भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और भगवान शिव को समर्पित है तथा हिंदू त्रिमूर्ति की सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण प्रतीक है। स्थापत्य कला, ऐतिहासिक महत्व और धार्मिक विरासत के कारण यह परिसर विश्वभर के शोधकर्ताओं, इतिहासकारों और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

    यह संरक्षण परियोजना वर्ष 2025 में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच बनी सहमति का परिणाम है। उस समय भारत द्वारा प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण और पुनर्स्थापन में तकनीकी सहयोग देने पर सहमति बनी थी। अब इस परियोजना की शुरुआत के साथ दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को व्यावहारिक रूप दिया गया है।

    भारत को ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण इससे पहले भी दक्षिण-पूर्व एशिया के कई महत्वपूर्ण विरासत स्थलों के संरक्षण कार्य में योगदान दे चुका है। इंडोनेशिया के प्रसिद्ध बोरोबुदुर मंदिर परिसर का विस्तृत दस्तावेजीकरण भी भारतीय विशेषज्ञों द्वारा किया गया था। इसी अनुभव के आधार पर अब प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण और पुनर्स्थापन में भी भारत अपनी विशेषज्ञता उपलब्ध कराएगा।

    यह पहल केवल एक संरक्षण परियोजना नहीं बल्कि दोनों देशों के बीच साझा सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक संबंधों और पारंपरिक मूल्यों के संरक्षण की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का भी प्रतीक मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे प्राचीन धरोहरों के संरक्षण के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान, पर्यटन और शोध के नए अवसर भी विकसित होंगे।

    भारत और इंडोनेशिया के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंध समुद्री व्यापार, धर्म, कला और स्थापत्य परंपराओं के माध्यम से विकसित हुए हैं। प्रम्बानन मंदिर संरक्षण परियोजना इन ऐतिहासिक रिश्तों को आधुनिक सहयोग के साथ जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है। इस पहल से दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक कूटनीति को नई गति मिलने और साझा विरासत के संरक्षण में दीर्घकालिक सहयोग को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।