इन जिलों में भी बरसे बादल
27 फरवरी से नया सिस्टम सक्रिय
फरवरी में चौथी बार बदला मौसम
तापमान का हाल

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आरोप है कि वर्ष 2004 में 45 प्लॉट की स्वीकृति के बावजूद नियमों के विपरीत अतिरिक्त सदस्य जोड़कर भूखंडों की बिक्री की गई। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने जांच के बाद 17 नामजद पदाधिकारियों सहित अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन और आपराधिक साजिश के तहत FIR दर्ज की। प्रारंभिक आकलन के अनुसार बाजार मूल्य पर कुल हानि 40 करोड़ रुपये तक पहुंचती है।
जांच में यह भी सामने आया कि 30 जनवरी 2023 को नक्शे में संशोधन कर कई रिहायशी भूखंडों को व्यावसायिक दर्शाया गया। 28 रजिस्ट्रियों में वास्तविक मूल्य से कम राशि दिखाने के कारण संस्था को लगभग 8.84 करोड़ रुपये और शासन को करीब 4.5 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ। कई मूल सदस्यों को आवंटित भूखंड गैर-पात्र व्यक्तियों को बेच दिए गए।
सदस्यता प्रक्रिया में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। संस्था में 100 सदस्यों की सीमा तय थी, लेकिन 2005-06 से 2007-08 के बीच दर्जनों नए सदस्य कथित रूप से अवैध तरीके से जोड़े गए। विवादित रजिस्ट्रियों में सदस्यता क्रमांक 231 से 264 तक के गैर-पात्र व्यक्तियों को प्लॉट आवंटित किए गए।
जांच के दौरान मीटिंग मिनट्स, लेखा अभिलेख और अन्य प्रशासनिक दस्तावेज अनुपलब्ध पाए गए। न्यायालय और सहकारिता विभाग में लंबित प्रकरणों की जानकारी छिपाकर रजिस्ट्रियां कराए जाने का भी आरोप है। अधिग्रहण मुआवजा राशि के वितरण का स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिलने के कारण जांच का दायरा और बढ़ गया है।
जिन व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनमें संस्था के पूर्व पदाधिकारी और संबंधित पक्ष शामिल हैं। जांच एजेंसी ने संकेत दिया है कि सहकारिता विभाग की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इतने वर्षों तक अनियमितताओं के दौरान निगरानी व्यवस्था क्यों विफल रही।
इस मामले से उजागर हुआ है कि सहकारी संस्थाओं में लंबी अवधि से चल रही वित्तीय अनियमितताएं और पारदर्शिता की कमी कितनी बड़ी हानि का कारण बन सकती हैं और प्रशासनिक सुधार की आवश्यकता कितनी जरूरी है।

मैच में पाकिस्तान की ओर से साहिबजादा फरहान ने 63 रनों की अहम पारी खेली और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। हालांकि कप्तान सलमान आगा ने माना कि टीम वैसा फिनिश नहीं कर पाई जैसी जरूरत थी। उन्होंने मैच के बाद कहा हमारी शुरुआत अच्छी रही लेकिन हम अंत में वैसा प्रदर्शन नहीं कर पाए जैसा चाहते थे। कभी-कभी आपको विपक्ष को भी क्रेडिट देना पड़ता है। हैरी ब्रूक ने शानदार बल्लेबाज़ी की और उन्होंने पूरी तरह से हमसे मैच छीन लिया।
हैरी ब्रूक ने इस मुकाबले में शतक जड़कर इतिहास रच दिया और टी20 वर्ल्ड कप में शतक लगाने वाले पहले कप्तान बन गए। सलमान आगा ने स्वीकार किया कि ब्रूक की 360 डिग्री बल्लेबाज़ी के सामने गेंदबाज़ों के लिए फील्ड सेट करना और रणनीति लागू करना बेहद मुश्किल हो गया था। उन्होंने कहा जब वह उस फॉर्म में होते हैं तो उन्हें गेंदबाज़ी करना बहुत कठिन हो जाता है। वह मैदान के हर हिस्से में शॉट खेलते हैं।
कप्तान ने यह भी कहा कि अब टीम को अन्य मैचों के परिणामों का इंतजार करना होगा। हमें देखना होगा कि दूसरे नतीजे कैसे आते हैं। अगर वे हमारे पक्ष में जाते हैं तो हमें श्रीलंका के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी उन्होंने कहा।
सलमान आगा ने साहिबजादा फरहान की तारीफ करते हुए कहा कि वह पिछले छह-सात महीनों से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और इस वर्ल्ड कप में हर मैच में टीम के लिए अहम रन बना रहे हैं। हालांकि उन्होंने माना कि अन्य बल्लेबाज़ उम्मीद के मुताबिक योगदान नहीं दे सके।
गेंदबाज़ी पर बात करते हुए कप्तान ने शाहीन अफरीदी की सराहना की और कहा कि उन्होंने नई गेंद से बेहतरीन प्रदर्शन किया और स्ट्राइक दिलाई। साथ ही तारिक की भी तारीफ की जिन्होंने महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट लेकर टीम को उम्मीद दी।
मैच के आखिरी ओवरों में पाकिस्तान की वापसी की उम्मीद जगी थी खासकर जब मोहम्मद नवाज ने पेनल्टिमेट ओवर डाला। सलमान ने कहा उस वक्त लगा कि शायद कुछ हो सकता है। क्रिकेट एक मजेदार खेल है कुछ भी संभव है। हम अंत तक विश्वास बनाए रखते हैं। हालांकि हार ने पाकिस्तान के अभियान को झटका दिया है लेकिन कप्तान ने साफ किया कि टीम अब भी उम्मीद नहीं छोड़ेगी और अगले मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी।

मार्च 2026 में 3 प्रदोष व्रत और उनके शुभ मुहूर्त
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यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान सरकारी नीतियां कर्मचारियों के हितों पर प्रतिकूल असर डाल रही हैं और सरकार को श्रमिक हितों को ध्यान में रखते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाना चाहिए। यूनियन की प्रमुख मांगों में सामान्य भर्ती प्रक्रिया शुरू करना, निजीकरण और निगमीकरण की नीति वापस लेना तथा कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करना शामिल है।
बीएमएस पदाधिकारियों ने आठवें वेतन आयोग के अनुरूप पीएल-बी भुगतान की मांग रखी। उन्होंने ठेका प्रथा बंद कर कर्मचारियों का नियमितीकरण करने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, लेबर लॉ की कमियों को दूर कर इसे सभी क्षेत्रों के कर्मचारियों पर बिना किसी छूट के लागू करने की मांग भी की गई। यूनियन ने भुगतान बोनस अधिनियम, 1965 के तहत बोनस पात्रता सीमा बढ़ाने और रक्षा मंत्रालय के अधीन औद्योगिक प्रतिष्ठानों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने की भी मांग रखी।
ज्ञापन में केंद्र सरकार के विभागों और संस्थानों में कार्यरत संविदा व अस्थायी श्रमिकों के नियमितीकरण, जेसीएम की प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्तरीय परिषद की बैठकों को त्रैमासिक अंतराल पर आयोजित करने, यूपीएस और एनपीएस को समाप्त कर सभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए CCS Pension Rules, 2021 बहाल करने जैसी मांगें शामिल थीं।
इस अवसर पर भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के जेसीएम सदस्य अमित बाजपेई, यूनियन अध्यक्ष कुलदीप चौधरी, कार्यकारी अध्यक्ष नरेंद्र मेघवाल, महामंत्री कृष्णा शर्मा, राजेश रोशन, योगेश पटेल और अतुल सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन ने आयुध निर्माणी में कर्मचारियों के अधिकारों और श्रम कानून सुधार की अहमियत को उजागर किया और प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया। कर्मचारी नियमितीकरण, वेतन, बोनस और स्वास्थ्य सुविधाओं में स्थायी सुधार की मांग को लेकर दृढ़ हैं और आने वाले दिनों में आंदोलन जारी रहने की संभावना है

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम
राज्यपाल का शहडोल दौरा
तालाबों पर अतिक्रमण हटाने के लिए टास्क फोर्स
साहित्य और संगीत का संगम

पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपियों के मोबाइल फोन से कई WhatsApp ग्रुप मिले हैं, जिनमें कथित तौर पर लड़कियों की सप्लाई और ग्राहकों से संपर्क से जुड़े चैट्स पाए गए हैं। डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि अमरीन और उसकी बहन आफरीन तलाकशुदा हैं।
जांच में यह दावा भी किया गया है कि अमरीन, चंदन यादव के साथ लिव-इन में रह रही थी और दोनों मिलकर नेटवर्क चला रहे थे। आरोप है कि भोपाल से लड़कियों को अहमदाबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों तक भेजा जाता था। फरार आरोपियों बिलाल, चानू और यासिर की तलाश में पुलिस की एक टीम अहमदाबाद रवाना हुई है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड डिजिटल चैट और जब्त मोबाइल की गहन जांच की जा रही है।
मामले में यह भी सामने आया है कि भोपाल की दो सगी बहनों पर काम दिलाने के बहाने धर्मांतरण कराने और सेक्स रैकेट से जोड़ने का आरोप है। पूछताछ में कथित तौर पर यह बात सामने आई कि कुछ युवतियों का धर्म परिवर्तन कर उन्हें कथित रूप से संपन्न ग्राहकों तक पहुंचाया जाता था। मुंबई और गुजरात जैसे शहरों में भी सप्लाई की बात जांच के दायरे में है।
इस पूरे प्रकरण में छत्तीसगढ़ की एक ब्यूटीशियन और भोपाल की एक युवती ने बागसेवनिया थाना में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ रेप और एक महिला के खिलाफ धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने की FIR दर्ज की गई है। पीड़िताओं ने पुलिस को कुछ दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी सौंपे हैं, जिनमें कई अन्य युवतियों के कथित धर्मांतरण के संकेत होने का दावा किया गया है।
पुलिस ने मुख्य आरोपी अमरीन, उसकी बहन आफरीन और चंदन यादव को गिरफ्तार कर लिया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। साथ ही आरोपियों द्वारा बड़े लोगों से संबंध होने के दावों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह कौरव ने बताया कि प्रदर्शन 2 फरवरी से शुरू हुआ था। विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण बीते दो दिन कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। आज वे संचालनालय स्वास्थ्य सेवाओं से न्याय यात्रा निकालकर अपनी मांगों को राजधानी में प्रत्यक्ष रूप से मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे।
पुलिस ने जेपी अस्पताल परिसर में बैरिकेडिंग कर कर्मचारियों को रोकने की तैयारी की है, जबकि कर्मचारियों का दावा है कि उन्हें न्याय यात्रा निकालने की अनुमति दी गई है।
संघ के अनुसार प्रदेशभर के जिला अस्पताल, सिविल हॉस्पिटल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी स्वास्थ्य केंद्र, संजीवनी क्लिनिक और पोषण पुनर्वास केंद्रों में लगभग 30 हजार आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं। ये कर्मचारी रिपोर्टिंग, सफाई, सुरक्षा, कुपोषित बच्चों की देखभाल और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हड़ताल होने की स्थिति में अस्पतालों की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सेवाएं दे चुके आउटसोर्स कर्मचारियों को बिना शर्त रिक्त तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर समायोजित किया जाए और नियमित किया जाए। साथ ही उत्तर प्रदेश और हरियाणा की तर्ज पर नीति बनाकर स्थायी समाधान और न्यूनतम 21 हजार रुपये वेतन निर्धारित करने की मांग भी शामिल है।
संघ की 9 सूत्रीय मांगों में वेतन वृद्धि का 11 माह का एरियर भुगतान, निजी आउटसोर्स एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करना, सीधे खाते में वेतन भुगतान, शासकीय अवकाश, नियमित भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण, स्वास्थ्य बीमा और ग्रेच्युटी लाभ शामिल हैं। संघ का आरोप है कि दोहरी और दमनकारी नीति के कारण वर्षों से कर्मचारी शोषित हो रहे हैं, जबकि वे 12-14 घंटे तक लगातार कार्य कर स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 25 फरवरी 2026 से प्रदेशभर के कर्मचारी सामूहिक हड़ताल पर चले जाएंगे। कर्मचारियों का कहना है कि अब न्याय यात्रा के जरिए सीधे मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की जाएगी और बिना उनके भविष्य की सुरक्षा के स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती संभव नहीं है।