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  • मध्यस्थता के बीच बड़ा खुलासा: पाकिस्तान ने सऊदी अरब में तैनात किए 8000 सैनिक, जंग जैसी तैयारी पर सवाल

    मध्यस्थता के बीच बड़ा खुलासा: पाकिस्तान ने सऊदी अरब में तैनात किए 8000 सैनिक, जंग जैसी तैयारी पर सवाल



    नई दिल्ली(New Delhi)। 
    मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और शांति प्रयासों के बीच पाकिस्तान की सैन्य रणनीति को लेकर बड़े दावे सामने आए हैं। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौते के तहत लगभग 8000 सैनिकों की तैनाती की है, जिसमें लड़ाकू विमान, ड्रोन स्क्वाड्रन और वायु रक्षा प्रणाली शामिल हैं।

    सूत्रों के अनुसार इस तैनाती में चीन के सहयोग से विकसित JF-17 Thunder लड़ाकू विमान शामिल हैं, जिनकी संख्या लगभग 16 बताई जा रही है। इसके साथ ही दो ड्रोन स्क्वाड्रन और चीनी मूल की HQ-9 Air Defense System भी तैनात की गई है, जिसे पाकिस्तानी कर्मी संचालित कर रहे हैं।

    रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि यह पूरी तैनाती सऊदी अरब के खर्च पर की जा रही है और इसे “युद्ध-सक्षम समर्थन बल” के रूप में देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर और सैनिकों की तैनाती का भी प्रावधान है, जिससे यह संख्या आगे और बढ़ सकती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम उस समय उठाया गया है जब पाकिस्तान खुद को अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ के रूप में पेश कर रहा है और क्षेत्रीय शांति वार्ताओं में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। हालांकि अब तक पाकिस्तान और सऊदी अरब की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि यह तैनाती पश्चिम एशिया में बदलते सुरक्षा समीकरणों और संभावित संघर्ष की आशंकाओं से जुड़ी हो सकती है।

  • भारत में पड़ोसी देशों से सस्ता पेट्रोल, पाकिस्तान-श्रीलंका-नेपाल में कीमतें काफी ज्यादा

    भारत में पड़ोसी देशों से सस्ता पेट्रोल, पाकिस्तान-श्रीलंका-नेपाल में कीमतें काफी ज्यादा



    नई दिल्ली(New Delhi)। 
    भारत में हाल के दिनों में पेट्रोल-डीजल के दामों में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली है, लेकिन इसके बावजूद पड़ोसी देशों की तुलना में भारत में ईंधन अभी भी अपेक्षाकृत सस्ता बताया जा रहा है। मौजूदा रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में पेट्रोल की औसत कीमत लगभग 101 रुपये प्रति लीटर है।

    वहीं पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत करीब 142 रुपये प्रति लीटर है, जो भारत से लगभग 41 रुपये अधिक है। इसी तरह Sri Lanka में पेट्रोल लगभग 140 रुपये प्रति लीटर और Nepal में करीब 136 रुपये प्रति लीटर बताया जा रहा है, जो भारत की तुलना में क्रमशः 39 और 35 रुपये ज्यादा है।

    अन्य पड़ोसी और वैश्विक देशों की बात करें तो बांग्लादेश, म्यांमार और चीन में भी पेट्रोल भारत से महंगा बताया जा रहा है। वहीं अमेरिका और यूरोपीय देशों में ईंधन की कीमतें और अधिक हैं, जबकि हांगकांग को दुनिया में सबसे महंगा पेट्रोल बेचने वाला देश माना जाता है, जहां कीमतें 400 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच जाती हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक तनाव के कारण ईंधन दरों पर लगातार दबाव बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड के दाम बढ़ने से कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें प्रभावित हो रही हैं, जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है।

  • स्वच्छता की कला से सजा शहर: भोपाल में 40 जगहों पर बनीं आकर्षक पेंटिंग्स

    स्वच्छता की कला से सजा शहर: भोपाल में 40 जगहों पर बनीं आकर्षक पेंटिंग्स


    नई दिल्ली। भोपाल में स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 को लेकर तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। संभावना जताई जा रही है कि सर्वेक्षण टीम अगले दो दिनों में शहर का दौरा कर सकती है। इसी को देखते हुए नगर निगम ने शहर के विभिन्न इलाकों में सफाई और सौंदर्यीकरण के काम तेज कर दिए हैं।

    शहर के जोन-9 स्थित पंजाबी बाग सहित करीब 40 स्थानों पर आकर्षक वॉल पेंटिंग और म्यूरल आर्ट तैयार किए गए हैं। एक गली में समुद्र की आकृति उकेरकर स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया गया, जहां लोग बड़ी संख्या में इसे देखने पहुंचे। इन पेंटिंग्स का उद्देश्य केवल सौंदर्य बढ़ाना नहीं, बल्कि स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना भी है।

    नगर निगम का पूरा फोकस अब “विजिबल क्लीनलीनेस” यानी जमीन पर दिखने वाली सफाई पर है, क्योंकि इस बार सर्वेक्षण में इसी मानक को सबसे अधिक महत्व दिया गया है। इसके लिए शहर में सड़क सफाई, नालों की सफाई, बैक लेन की मरम्मत और सार्वजनिक शौचालयों के सुधार जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।

    न्यू मार्केट, 10 नंबर मार्केट, कोलार, बैरागढ़ और पुराने शहर के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। कचरा संग्रहण और उसके निपटान पर भी अतिरिक्त ध्यान दिया जा रहा है, ताकि सर्वे टीम के सामने शहर की साफ-सुथरी छवि प्रस्तुत की जा सके।

    हालांकि जमीन पर स्थिति पूरी तरह सुधरी नहीं है। कई स्थानों पर अब भी उखड़ी सड़कें, खुले नाले, टूटे डस्टबिन और गंदगी जैसी समस्याएं बनी हुई हैं, जो नगर निगम के लिए चुनौती साबित हो रही हैं। इसी कारण शहर को मिलने वाले 1500 विजिबल क्लीनलीनेस अंकों पर असर पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

    स्वच्छ सर्वेक्षण के नए नियमों के अनुसार, इस बार रैंकिंग का आधार केवल कागजी रिपोर्ट नहीं बल्कि ऑन-ग्राउंड क्लीनलीनेस, नागरिक फीडबैक, कचरा प्रबंधन और स्टार रेटिंग सिस्टम पर भी निर्भर करेगा। कुल मिलाकर 10 प्रमुख इंडिकेटर्स के आधार पर शहरों की रैंकिंग तय होगी।

    सबसे बड़ी चुनौती के रूप में आदमपुर कचरा खंती सामने है, जहां वर्षों से जमा लेगेसी वेस्ट और बार-बार लगने वाली आग ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। इसके अलावा कई स्थानों पर कचरा पॉइंट फिर से सक्रिय हो गए हैं, जिससे रैंकिंग पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

    नगर निगम ने दावा किया है कि बैक लेन सुधार, म्यूरल आर्ट और कचरा हटाने के अभियान अंतिम चरण में हैं और टीम के आने से पहले अधिकतम काम पूरा करने की कोशिश की जा रही है।

    कुल मिलाकर, भोपाल प्रशासन इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग पाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है, लेकिन जमीनी चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं।

  • धर्मांतरण और सरकारी लाभ पर HC की सख्ती, पूछा– कितने लोग ले रहे दोहरा फायदा?

    धर्मांतरण और सरकारी लाभ पर HC की सख्ती, पूछा– कितने लोग ले रहे दोहरा फायदा?


    नई दिल्ली(New Delhi)। 
    Uttarakhand High Court में धर्मांतरण के बाद सरकारी योजनाओं और आरक्षण के कथित “दोहरी सुविधा” को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। यह याचिका पिथौरागढ़ निवासी दर्शन लाल द्वारा दाखिल की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग धर्म परिवर्तन के बाद भी पहले से मिल रहे सरकारी लाभों का फायदा उठा रहे हैं।

    सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता से पूछा कि ऐसे कितने लोग हैं जिन्होंने धर्म परिवर्तन के बाद भी सरकारी योजनाओं और आरक्षण का लाभ लिया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वह ऐसे सभी मामलों को चिन्हित कर तीन सप्ताह के भीतर उन्हें पक्षकार बनाए और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करे।

    याचिका में दावा किया गया है कि इस कथित स्थिति के कारण वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। याचिकाकर्ता ने इस पर रोक लगाने की मांग भी अदालत से की है। मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद तय की गई है।

    इसी बीच प्रशासनिक स्तर पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। रुद्रपुर में जिला प्रशासन ने धर्मांतरण, अवैध नशा, अतिक्रमण और अन्य अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश जारी किए हैं।

  • गंगा दशहरा 2026 की सही तारीख और स्नान मुहूर्त को लेकर असमंजस खत्म

    गंगा दशहरा 2026 की सही तारीख और स्नान मुहूर्त को लेकर असमंजस खत्म


    नई दिल्ली(New Delhi)। 
    ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर मनाया जाने वाला पावन पर्व Ganga Dussehra इस वर्ष 2026 में 24 मई की शाम से शुरू होकर 25 मई की दोपहर तक रहेगा। इसी कारण इसकी सही तिथि को लेकर श्रद्धालुओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी कि पर्व 24 मई को मनाया जाए या 25 मई को।

    पंचांग गणना के अनुसार उदया तिथि को महत्व देते हुए इस बार गंगा दशहरा 25 मई 2026, सोमवार को मनाना ही शास्त्रसम्मत और शुभ माना जा रहा है। मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं और इसी कारण इस पर्व को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गंगा स्नान करने से दस प्रकार के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। इसी वजह से देशभर में प्रयागराज, वाराणसी और हरिद्वार जैसे तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।

    इस वर्ष गंगा स्नान के लिए दो प्रमुख शुभ मुहूर्त बताए गए हैं—ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:40 से 05:23 बजे तक और अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:17 से 01:10 बजे तक। इसके अलावा सूर्योदय के समय 06:06 बजे स्नान और सूर्य अर्घ्य देना भी अत्यंत फलदायी माना गया है।

    ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार हस्त नक्षत्र और रवि योग का संयोग भी बन रहा है, जिससे इस दिन किए गए स्नान, दान और पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। यही कारण है कि यह पर्व धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • पेट्रोल-डीजल फिर महंगा: 5 दिन में दूसरी बार बढ़े दाम, जनता पर बढ़ा बोझ

    पेट्रोल-डीजल फिर महंगा: 5 दिन में दूसरी बार बढ़े दाम, जनता पर बढ़ा बोझ


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में आम जनता को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। मंगलवार से राज्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह महज 5 दिनों में दूसरी बढ़ोतरी है, जिससे ईंधन के दामों में तेजी से इजाफा हो रहा है और आम लोगों के बजट पर सीधा असर पड़ रहा है।

    इससे पहले 15 मई को भी पेट्रोल-डीजल के दामों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी की गई थी। लगातार बढ़ते दामों के बाद अब भोपाल में पेट्रोल की कीमत 110.75 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.91 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। इंदौर और जबलपुर में भी कीमतें लगभग समान स्तर पर बनी हुई हैं, जबकि उज्जैन में पेट्रोल 111 रुपये के पार पहुंच चुका है।

    दूसरी ओर, छिंदवाड़ा जिले में ईंधन संकट और आपूर्ति दबाव को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। यहां पेट्रोल पंपों पर खरीद की सीमा तय कर दी गई है। दोपहिया वाहनों को अधिकतम 200 रुपये तक और छोटी कारों को 500 रुपये तक ही पेट्रोल दिया जा रहा है। वहीं बड़ी गाड़ियों के लिए भी फ्यूल लिमिट तय कर दी गई है। तेल कंपनियों की ऑनलाइन निगरानी के चलते तय सीमा से अधिक बिक्री पर मशीन लॉक होने की चेतावनी दी गई है।

    इसी बीच उज्जैन में एक अलग ही पहल देखने को मिली, जहां एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान कथावाचक ने श्रद्धालुओं को पेट्रोल-डीजल की बचत और पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने लोगों से सप्ताह में कम से कम एक दिन निजी वाहनों के बजाय साइकिल या ई-वाहन का उपयोग करने की अपील की।

    बढ़ते ईंधन दामों का असर केवल पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर परिवहन और रोजमर्रा की वस्तुओं पर भी पड़ने की आशंका है। ट्रक भाड़ा बढ़ने से सब्जियां, फल और अन्य जरूरी सामान महंगे हो सकते हैं। साथ ही किसानों की उत्पादन लागत और बस-ऑटो किराए में भी बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।

    जानकारों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में तेज उछाल इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह है। वैश्विक तनाव और सप्लाई बाधाओं के चलते क्रूड ऑयल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं, जिससे भारतीय तेल कंपनियों पर भारी दबाव बना हुआ है।

    सरकारी तेल कंपनियों को हर महीने हजारों करोड़ रुपये के घाटे का सामना करना पड़ रहा है, जिसे संतुलित करने के लिए कीमतों में संशोधन किया जा रहा है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में वैश्विक बाजार की हलचल का सीधा असर घरेलू कीमतों पर दिखाई देता है।

    कुल मिलाकर, ईंधन की बढ़ती कीमतें आने वाले दिनों में महंगाई की रफ्तार और तेज कर सकती हैं, जिससे आम जनता की जेब पर और दबाव बढ़ने की आशंका है।

  • तेज रफ्तार और लापरवाही बनी काल, पालघर सड़क हादसे में 100 लोगों से भरे ट्रक का दर्दनाक अंत

    तेज रफ्तार और लापरवाही बनी काल, पालघर सड़क हादसे में 100 लोगों से भरे ट्रक का दर्दनाक अंत


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के पालघर जिले में मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ भीषण सड़क हादसा कई परिवारों के लिए जीवनभर का दर्द छोड़ गया। सोमवार की रात यह हादसा उस समय हुआ जब एक ट्रक में सवार होकर 100 से अधिक लोग एक सगाई समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे। खुशियों से भरा यह सफर कुछ ही पलों में मौत और तबाही के मंजर में बदल गया, जब सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार कंटेनर ने ट्रक को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक टक्कर में 13 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भयानक था कि दोनों वाहन टक्कर के बाद सड़क पर बुरी तरह पलट गए और ट्रक में बैठे कई लोग नीचे दब गए। चीख-पुकार और अफरा-तफरी के बीच घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की। ट्रक में क्षमता से कहीं अधिक लोग सवार थे, जिसके कारण टक्कर का असर और भी भयावह हो गया। कई महिलाएं और बच्चे भी इस हादसे की चपेट में आ गए, जिनमें से कुछ की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है।

    हादसे के बाद पूरा हाईवे कुछ समय के लिए जाम में बदल गया। सड़क पर फैले मलबे और पलटे वाहनों के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से वाहनों को हटाने का काम शुरू किया गया। घंटों की मशक्कत के बाद ही यातायात सामान्य हो सका। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कई घायलों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

    प्रारंभिक जांच में इस भीषण दुर्घटना के पीछे तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और चालक की लापरवाही को मुख्य कारण माना जा रहा है। ट्रक में सवार लोगों की संख्या निर्धारित सीमा से काफी अधिक थी, जिससे दुर्घटना के समय नियंत्रण पूरी तरह बिगड़ गया। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की गंभीर आवश्यकता को उजागर करता है।

    इस घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। खुशियों के माहौल में निकला यह सफर अचानक चीखों और दर्द की कहानी बन गया। जिन परिवारों ने एक साथ सगाई समारोह में शामिल होने की योजना बनाई थी, उन्हें अब अपनों के खोने का असहनीय दुख झेलना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है, जबकि घायलों के इलाज की व्यवस्था युद्ध स्तर पर की जा रही है। यह हादसा लंबे समय तक लोगों के दिलों में एक कड़वी याद बनकर रहेगा।

  • बड़ा मंगल का शुभ योग, इन 5 राशियों के लिए खुलेंगे धन और सफलता के द्वार

    बड़ा मंगल का शुभ योग, इन 5 राशियों के लिए खुलेंगे धन और सफलता के द्वार



    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बड़ा मंगल का दिन इस बार बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि इस दिन Gajakesari Rajyog का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस योग का निर्माण तब होता है जब गुरु ग्रह और चंद्रमा एक ही राशि में आकर युति करते हैं। 19 मई 2026 को यह संयोग मिथुन राशि में बन रहा है, जिससे इसका प्रभाव और अधिक शक्तिशाली माना जा रहा है।

    ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यह योग व्यक्ति के जीवन में धन लाभ, सफलता, मान-सम्मान और रुके हुए कार्यों में प्रगति का संकेत देता है। विशेष रूप से कुछ राशियों पर इसका प्रभाव अधिक शुभ बताया जा रहा है। मेष राशि के जातकों के लिए कार्यस्थल पर सराहना और आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं, हालांकि उन्हें क्रोध और फिजूलखर्ची से बचने की सलाह दी गई है।

    वृषभ राशि वालों के लिए यह समय करियर में उन्नति और पारिवारिक सुख लेकर आ सकता है, वहीं मिथुन राशि के जातकों के लिए यह योग सबसे अधिक फलदायी माना जा रहा है क्योंकि यह युति उनकी ही राशि में बन रही है, जिससे जीवन में सकारात्मक बदलाव और आर्थिक मजबूती के संकेत हैं। सिंह राशि वालों के लिए अचानक धन लाभ और प्रमोशन के अवसर बन सकते हैं, जबकि मीन राशि के जातकों के लिए सुख-सुविधाओं में वृद्धि और रुका हुआ धन मिलने की संभावना बताई जा रही है।

    हालांकि यह ज्योतिषीय मान्यता पर आधारित भविष्यफल है और वास्तविक परिणाम व्यक्ति के कर्म और परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं।

  • सलमान खान की ‘अकेलेपन’ वाली पोस्ट पर मचा हंगामा, मां ने पूछा- क्या हुआ बेटा? अभिनेता ने दी सफाई

    सलमान खान की ‘अकेलेपन’ वाली पोस्ट पर मचा हंगामा, मां ने पूछा- क्या हुआ बेटा? अभिनेता ने दी सफाई

    मुंबई। बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान ख़ान की हालिया सोशल मीडिया पोस्ट ने फैंस के बीच हलचल पैदा कर दी। अभिनेता ने कुछ दिन पहले अपनी एक तस्वीर साझा करते हुए अकेलेपन और तन्हाई को लेकर एक संदेश लिखा था, जिसके बाद सोशल media पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। फैंस उनके भावनात्मक हालात को लेकर चिंता जताने लगे। अब सलमान ने खुद सामने आकर इस पूरे मामले पर सफाई दी है।

    सलमान खान ने देर रात इंस्टाग्राम पर नई पोस्ट साझा करते हुए कहा कि उनका संदेश उनके निजी जीवन से जुड़ा नहीं था। उन्होंने लिखा कि इतने बड़े परिवार, दोस्तों और चाहने वालों के बीच वह खुद को अकेला महसूस नहीं कर सकते। अभिनेता ने कहा, “जब मेरे पास परिवार, दोस्त और आप सभी का प्यार व दुआएं हैं, तो मैं अकेला कैसे हो सकता हूं? अगर ऐसा कहूं तो मैं सबसे बड़ा नाशुक्रा इंसान होऊंगा।”

    उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पोस्ट पढ़कर उनकी मां सलमा खान भी परेशान हो गई थीं। सलमान ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि इस बार बिना किसी फोटो के ही पोस्ट ‘ब्रेकिंग न्यूज’ बन गई और उनकी मां ने उनसे पूछा, “क्या हुआ बेटा?” अभिनेता ने आगे कहा कि कभी-कभी लोगों के बीच रहकर थकान महसूस होती है, इसलिए उन्हें थोड़ा अकेले समय की जरूरत पड़ती है।

    दरअसल, इससे पहले सलमान खान ने अपनी शर्टलेस तस्वीर के साथ एक क्रिप्टिक कैप्शन साझा किया था। पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि “अकेला होना और तन्हा होना दोनों अलग बातें हैं। अकेलापन अपनी पसंद से होता है, जबकि तन्हाई तब महसूस होती है जब कोई आपके साथ नहीं रहना चाहता।” इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर फैंस लगातार अलग-अलग अंदाजे लगा रहे थे।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो सलमान खान के पास इस समय कई बड़े प्रोजेक्ट हैं। उनकी आगामी फिल्म मातृभूमि पहले ‘बैटल ऑफ गलवां’ नाम से चर्चा में थी, लेकिन बाद में इसका टाइटल बदल दिया गया। इसके अलावा वह निर्देशक वामशी पेडिपल्ली की फिल्म ‘SVC63’ की शूटिंग में भी व्यस्त हैं, जिसमें उनके साथ नयनतारा नजर आएंगी। वहीं राज निदिमोरु और कृष्ण डी.के. के साथ भी उनके नए प्रोजेक्ट की चर्चाएं जारी हैं।

  • शरीर पर छिपकली गिरना शुभ या अशुभ? सामुद्रिक शास्त्र में जानें हर अंग का संकेत

    शरीर पर छिपकली गिरना शुभ या अशुभ? सामुद्रिक शास्त्र में जानें हर अंग का संकेत



    नई दिल्ली। प्राचीन मान्यताओं और ज्योतिषीय ग्रंथ Samudrik Shastra में शरीर पर छिपकली गिरने को केवल एक सामान्य घटना नहीं बल्कि एक संकेत के रूप में देखा जाता है। मान्यता है कि शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर छिपकली गिरने का अर्थ अलग-अलग फल देता है, जो व्यक्ति के जीवन में शुभ या अशुभ घटनाओं की ओर इशारा कर सकता है।

    सिर पर छिपकली गिरना अत्यंत शुभ माना जाता है और इसे धन, सम्मान या बड़े अवसर की प्राप्ति का संकेत बताया गया है। वहीं माथे पर गिरना किसी पुराने परिचित से मुलाकात या सामाजिक मान-सम्मान बढ़ने का संकेत देता है। नाक पर छिपकली गिरने को स्वास्थ्य से जोड़कर देखा जाता है, जिसमें रोग से राहत मिलने की संभावना बताई जाती है।

    कान पर छिपकली गिरना शुभ समाचार या लाभ का संकेत माना जाता है, जबकि आंख पर गिरना मानसिक तनाव से मुक्ति का प्रतीक बताया जाता है। होंठों पर इसके प्रभाव को आर्थिक स्थिति से जोड़ा गया है, जिसमें ऊपर के होंठ पर गिरना नुकसान और नीचे के होंठ पर गिरना लाभ का संकेत माना जाता है।

    हाथों पर छिपकली गिरने के भी अलग अर्थ बताए गए हैं—दाहिने हाथ पर गिरना सफलता और सम्मान का संकेत है, जबकि बाएं हाथ पर इसे सावधानी का संकेत माना गया है। पेट और नाभि क्षेत्र पर गिरना सुख-समृद्धि और संतान सुख से जुड़ा शुभ संकेत माना जाता है।

    पीठ पर छिपकली गिरना आमतौर पर अशुभ माना जाता है, जबकि पैर या जांघ पर इसका गिरना यात्रा, स्थान परिवर्तन या वाहन सुख से जुड़ा संकेत बताया जाता है।

    हालांकि यह सभी मान्यताएं पारंपरिक विश्वासों पर आधारित हैं और इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, फिर भी लोग इन्हें लोक आस्था और ज्योतिषीय संकेत के रूप में देखते हैं।