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  • स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर-सूरत को टक्कर देने मैदान में उतरा भोपाल, 106 नोडल अफसरों ने संभाला मोर्चा

    स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर-सूरत को टक्कर देने मैदान में उतरा भोपाल, 106 नोडल अफसरों ने संभाला मोर्चा


    नई दिल्ली। स्वच्छ सर्वेक्षण में देश के सबसे साफ शहरों की रेस अब और दिलचस्प हो गई है। इंदौर, सूरत और नवी मुंबई जैसे शहरों को चुनौती देने के लिए भोपाल नगर निगम ने इस बार पूरी ताकत झोंक दी है। राजधानी भोपाल ने सुपर स्वच्छ लीग में एंट्री के बाद अपनी रणनीति को पूरी तरह बदल दिया है और शहर को चमकाने के लिए 106 नोडल अधिकारियों को मैदान में उतार दिया गया है।

    नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन खुद इस अभियान की निगरानी कर रही हैं। उनके निर्देशन में शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को युद्ध स्तर पर सुधारने का काम जारी है। खासतौर पर उन इलाकों पर फोकस किया जा रहा है, जहां पहले गंदगी और अव्यवस्था की शिकायतें सबसे ज्यादा आती थीं।

    भोपाल की तंग गलियों, सरकारी क्वार्टर्स के पीछे के हिस्सों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुबह-सुबह सफाई कर्मचारी सड़कों से धूल हटाने, कचरा साफ करने, गड्ढे भरने और दीवारों की पुताई करने में जुटे नजर आ रहे हैं। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि स्वच्छता अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हाल ही में गंदगी मिलने पर दो अधिकारियों को सस्पेंड भी किया गया है, जबकि कई अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं।

    निगम का कहना है कि संसाधन सीमित होने के बावजूद टीम पूरी मेहनत से काम कर रही है। अशोका गार्डन, गिन्नोरी, नारायण नगर और बिजली नगर जैसे इलाकों में अब साफ-सफाई का असर दिखाई देने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों पर कचरा कम हुआ है और दीवारों पर की गई पेंटिंग व सजावट से मोहल्लों की तस्वीर बदल रही है।

    इस बार उत्कृष्ट काम करने वाले सफाई कर्मचारियों और फील्ड वर्कर्स को विशेष सम्मान देने की भी तैयारी है। नगर निगम का लक्ष्य सिर्फ रैंकिंग सुधारना नहीं, बल्कि भोपाल को देश के सबसे स्वच्छ और सुंदर शहरों की सूची में मजबूत पहचान दिलाना है।

  • शेयर बाजार में भारी गिरावट: सेंसेक्स 75,000 के नीचे फिसला, वैश्विक संकेतों का असर

    शेयर बाजार में भारी गिरावट: सेंसेक्स 75,000 के नीचे फिसला, वैश्विक संकेतों का असर

    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार में सोमवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई, जहां वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों का सीधा असर देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक तेज गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार करते नजर आए, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई।

    सुबह के सत्र में सेंसेक्स में करीब 850 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई और यह 75,000 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। वहीं निफ्टी भी लगभग 250 अंकों की कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखा। बाजार में यह गिरावट चौतरफा बिकवाली के कारण देखने को मिली, जिसमें लगभग सभी प्रमुख सेक्टर दबाव में रहे।

    निफ्टी के सेक्टोरल इंडेक्स में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी सबसे ज्यादा नुकसान में रहे, जबकि मीडिया, ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, पीएसयू बैंक, ऊर्जा और कंजप्शन जैसे सेक्टर भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे। बाजार में बड़ी कंपनियों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे व्यापक स्तर पर दबाव स्पष्ट नजर आया।

    सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में आईटी सेक्टर की कुछ कंपनियां जैसे इन्फोसिस और टीसीएस हल्की मजबूती में रहीं, लेकिन ज्यादातर बड़ी कंपनियां नुकसान में रहीं। पावर ग्रिड, टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, एचडीएफसी बैंक, टाइटन, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी और अन्य प्रमुख शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया। इससे बाजार में गिरावट और गहरी हो गई।

    वैश्विक बाजारों में भी इसी तरह का नकारात्मक रुख देखने को मिला। एशियाई बाजारों में टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक, हांगकांग और जकार्ता जैसे प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि केवल सोल का बाजार हरे निशान में रहा। इससे यह संकेत मिला कि वैश्विक निवेशक जोखिम से बचने की रणनीति अपना रहे हैं।

    अमेरिकी बाजारों में भी पिछले सत्र में गिरावट दर्ज की गई थी, जहां प्रमुख सूचकांक डाओ जोन्स और नैस्डैक में एक प्रतिशत से अधिक की कमजोरी देखने को मिली। इसका असर एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी पड़ा।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा गिरावट के पीछे मुख्य कारण भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने की आशंका के चलते कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई और आर्थिक दबाव की चिंता बढ़ गई है।

    इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में वृद्धि भी निवेशकों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है, जिससे इक्विटी बाजारों से पूंजी निकलने का दबाव बन रहा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली ने भी बाजार पर अतिरिक्त दबाव डाला है, जबकि घरेलू निवेशकों की गतिविधियां भी सीमित रहीं।

    कुल मिलाकर, कमजोर वैश्विक संकेतों, भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारतीय शेयर बाजार पर मिलकर दबाव बनाया है, जिससे निवेशकों में सतर्कता का माहौल बना हुआ है और बाजार में अस्थिरता बनी रहने की संभावना जताई जा रही है।

  • CISF बाउंड्री वॉल पर पैर फिसलने से किशोर के गले और जबड़े के आर-पार हुआ नुकीला सरिया, गंभीर हालत में इंदौर रेफर

    CISF बाउंड्री वॉल पर पैर फिसलने से किशोर के गले और जबड़े के आर-पार हुआ नुकीला सरिया, गंभीर हालत में इंदौर रेफर

    बड़वाह (खरगोन)। मध्यप्रदेश के खरगोन जिला अंतर्गत आने वाले बड़वाह नगर में एक ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा सामने आया है, जिसने पूरे इलाके के लोगों को स्तब्ध कर दिया है। यहां के जयंती माता रोड पर स्थित सुरक्षा बल की बाउंड्री वॉल पर खेल-खेल में चढ़ना एक मासूम किशोर के लिए काल के समान साबित हुआ। सड़क किनारे बनी इस बेहद ऊंची सुरक्षा दीवार के ऊपर सुरक्षा के लिहाज से नुकीले लोहे के सरिए लगाए गए थे, जो एक बच्चे के फिसलने के बाद उसकी जिंदगी के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गए। इस दर्दनाक घटना की खबर जैसे ही नगर में फैली, चारों तरफ हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

    घटनाक्रम के अनुसार, वार्ड क्रमांक दो के रहने वाले बलराम का 16 वर्षीय पुत्र टैटू अपने हमउम्र दोस्तों के साथ रोज की तरह जयंती माता मार्ग पर खेल रहा था। इसी दौरान खेल-खेल में एक बच्चे की चप्पल उछलकर सड़क किनारे बनी केंद्रीय सुरक्षा बल की ऊंची बाउंड्री वॉल के दूसरी तरफ चली गई। बच्चों की जिद और चप्पल वापस लाने के आग्रह पर टैटू दीवार लांघकर दूसरी तरफ उतर गया। उसने नीचे गिरी चप्पल को उठाकर वापस दीवार के इस पार सड़क पर फेंक दिया। इसके बाद जब वह खुद वापस आने के लिए उस ऊंची दीवार पर चढ़ने की कोशिश कर रहा था, तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और वह अपना संतुलन खो बैठा।

    संतुलन बिगड़ते ही वह सीधे दीवार के ऊपरी हिस्से पर लगे नुकीले सरियों पर जा गिरा। हादसा इतना भयावह था कि लोहे का एक नुकीला और मोटा सरिया उसके गले को पूरी तरह से चीरता हुआ जबड़े को फाड़कर मुंह के रास्ते बाहर निकल आया। बालक हवा में ही उस सरिए के सहारे लटक गया और असहनीय दर्द से तड़पने लगा। इस खौफनाक मंजर को देखकर वहां मौजूद अन्य बच्चों ने चीख-पुकार मचानी शुरू कर दी। बच्चों की आवाजें सुनकर आसपास के रहवासी तुरंत मौके की तरफ दौड़े। किशोर को इस तरह लहूलुहान और सरिए में फंसा देख एक बार तो लोगों के होश उड़ गए, लेकिन स्थानीय नागरिकों ने तुरंत हिम्मत दिखाई और बचाव कार्य में जुट गए।

    स्थानीय निवासियों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत बिजली से चलने वाली कटर मशीन का इंतजाम किया। इसके बाद बेहद सावधानी से करीब एक घंटे की भारी मशक्कत और सूझबूझ के साथ उस लोहे के सरिए को दीवार से काटकर अलग किया गया। इस दौरान किशोर जिंदगी और मौत के बीच झूलता रहा। सरिया काटने के तुरंत बाद मौके पर आपातकालीन पुलिस सेवा की गाड़ी पहुंची, जिसकी मदद से घायल अवस्था में बालक को लोहे के टुकड़े समेत तुरंत बड़वाह के सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां मौजूद डॉक्टरों की टीम ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार देकर रक्तस्राव रोकने की कोशिश की।

    अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, सरिया गले और मुंह के बेहद संवेदनशील हिस्से के आर-पार हो चुका था, जिसके कारण अंदरूनी नसें और अंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। बालक की नाजुक हालत और लगातार बहते खून को देखते हुए प्राथमिक डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए तत्काल इंदौर के बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है, वहीं स्थानीय नागरिकों में इस तरह के नुकीले और खतरनाक सरियों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। फिलहाल घायल किशोर का इंदौर में सघन उपचार जारी है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उसकी जान बचाने की हरसंभव कोशिश कर रही है।

  • नर्मदापुरम में चोरी का तांडव: शराब दुकान में धावा, तवा पुल से माल चोरी में पूर्व कर्मचारी पकड़ा गया

    नर्मदापुरम में चोरी का तांडव: शराब दुकान में धावा, तवा पुल से माल चोरी में पूर्व कर्मचारी पकड़ा गया

    मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में चोरी की दो अलग-अलग घटनाओं ने पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां सोहागपुर में स्थित शराब दुकान में चोरों ने टीन उखाड़कर अंदर घुसकर नकदी और शराब पर हाथ साफ किया, वहीं दूसरी ओर माखननगर क्षेत्र में निर्माणाधीन तवा पुल से सरिए चोरी के मामले में पुलिस ने एक पूर्व कर्मचारी और कबाड़ी को गिरफ्तार किया है।

    पहली घटना सोहागपुर शहर की है, जहां मुख्य मार्ग पर स्थित शराब दुकान को चोरों ने निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि चोरों ने दुकान की छत का टीन उखाड़कर अंदर प्रवेश किया और गल्ले में रखे लगभग 25 हजार रुपए नकद तथा शराब की कई बोतलें चुरा लीं। यह वारदात पूरी तरह से सुनियोजित लग रही है क्योंकि चोरों ने बिना किसी को भनक लगे बड़ी आसानी से घटना को अंजाम दिया। अगली सुबह जब सेल्समैन दुकान खोलने पहुंचे तो उन्हें ताला टूटा हुआ मिला, जिसके बाद पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेन रोड पर स्थित दुकान में हुई इस तरह की वारदात ने रात्रिकालीन पुलिस गश्त की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

    दूसरी घटना माखननगर थाना क्षेत्र की है, जहां निर्माणाधीन तवा पुल से सरिए चोरी का मामला सामने आया। इस मामले में निर्माण कंपनी के इंजीनियर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि लगातार सरिए गायब हो रहे हैं। जांच के दौरान शक की सुई एक पूर्व कर्मचारी बैनी प्रसाद उर्फ राजा कहार पर गई, जिसने पहले इसी निर्माण कार्य में मजदूरी की थी और कुछ समय पहले ही नौकरी छोड़ दी थी।

    पुलिस जांच में सामने आया कि बैनी प्रसाद ने अपने परिचित कबाड़ी अंशुल साहू के साथ मिलकर इस चोरी की योजना बनाई थी। जानकारी के अनुसार, 16 मई की रात दोनों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर ऑटो की मदद से सरिए लादे और उन्हें कबाड़ी को बेच दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चोरी किए गए सरिए बरामद कर लिए और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों मामलों में जांच जारी है और सोहागपुर की शराब दुकान में हुई चोरी के आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय मुखबिरों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

    इन घटनाओं ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण स्थलों की निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि इस तरह की वारदातों पर अंकुश लगाया जा सके और स्थानीय व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

  • एमपी में सड़क सुरक्षा पर सख्ती, सुप्रीम कोर्ट कमेटी ने 48 घंटे में गड्ढे भरने के दिए निर्देश

    एमपी में सड़क सुरक्षा पर सख्ती, सुप्रीम कोर्ट कमेटी ने 48 घंटे में गड्ढे भरने के दिए निर्देश




    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश सहित देशभर में सड़क सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। कमेटी ने कहा है कि सड़कों पर बने गड्ढों, खुले नालों और जलभराव वाले खतरनाक स्थानों को गंभीरता से लिया जाए और ऐसी जगहों पर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

    निर्देशों के अनुसार, किसी भी गड्ढे या सड़क खामी की सूचना मिलने के बाद 48 घंटे के भीतर उसकी मरम्मत करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही खुले मैनहोल, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में मजबूत बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टिव टेप और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करनी होगी, ताकि रात के समय दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

    कमेटी ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के मानकों के अनुसार ही किए जाएं। लापरवाही बरतने वाले राज्यों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। साथ ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से दो महीने के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।

    निर्देशों में यह भी कहा गया है कि जिला सड़क सुरक्षा समितियां नियमित ऑडिट करें और पिछले पांच वर्षों में गड्ढों और खराब सड़कों के कारण हुए हादसों का पूरा डेटा तैयार करें। इसमें मौतों और घायलों की जानकारी भी शामिल करने को कहा गया है।

    सुप्रीम कोर्ट कमेटी ने अपने पत्र में कहा है कि खराब सड़कें, बिना रोशनी वाले जलभराव क्षेत्र और खुले नाले लगातार जानलेवा हादसों का कारण बन रहे हैं, जिन्हें तुरंत सुधारा जाना जरूरी है। इससे पहले भी वर्ष 2018 में सड़क सुरक्षा सुधार को लेकर इसी तरह के निर्देश जारी किए गए थे।

  • हाईलिंक सिटी बायपास पर कहर: भीषण हादसे में दो बच्चों सहित मां की मौत, पिता गंभीर

    हाईलिंक सिटी बायपास पर कहर: भीषण हादसे में दो बच्चों सहित मां की मौत, पिता गंभीर

    मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। हाईलिंक सिटी बायपास पर हुए इस भीषण हादसे में एक परिवार की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं, जब तेज रफ्तार टैंकर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में मां और उनके दो मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पिता गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में उनका इलाज जारी है।

    जानकारी के अनुसार अशोक अपनी पत्नी अनीता और दो छोटे बच्चों के साथ बाइक से अपने गांव की ओर जा रहे थे। परिवार सामान्य यात्रा पर था और किसी को अंदेशा नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। जैसे ही वे हाईलिंक सिटी बायपास के पास पहुंचे, उसी समय एक तेज रफ्तार टैंकर ने अचानक उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार परिवार सड़क पर गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया।

    हादसे का दृश्य बेहद भयावह था। अनीता और उनके दो छोटे बच्चे—दो वर्षीय बेटी संतोषी और मात्र एक वर्ष के बेटे रोहन—ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग भी घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी और तीनों की जान नहीं बचाई जा सकी।

    दुर्घटना में परिवार के मुखिया अशोक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें गहन चिकित्सा निगरानी में रखा गया है। इस हादसे ने एक ही पल में पूरे परिवार को उजाड़ दिया है, जिससे स्थानीय लोग भी गहरे सदमे में हैं।

    घटना के बाद टैंकर चालक मौके पर वाहन छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही फरार चालक की तलाश भी तेज कर दी गई है।

    स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि हादसे के समय टैंकर की गति कितनी थी और क्या चालक की लापरवाही इस दुर्घटना का मुख्य कारण थी।

    इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। परिवार की एक छोटी सी यात्रा जिस तरह एक भयावह त्रासदी में बदल गई, उसने पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।

  • भोपाल में आज कला, संस्कृति और विज्ञान का संगम, बाल फिल्म समारोह से लेकर एस्ट्रो नाइट तक कई आयोजन

    भोपाल में आज कला, संस्कृति और विज्ञान का संगम, बाल फिल्म समारोह से लेकर एस्ट्रो नाइट तक कई आयोजन



    भोपाल । भोपाल में रविवार को संस्कृति, कला और विज्ञान से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें बाल फिल्म समारोह से लेकर एस्ट्रो नाइट तक शामिल हैं। शहर के अलग-अलग हिस्सों में सुबह से ही गतिविधियां शुरू हो गई हैं और लोगों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।

    भारत भवन में शाम 6:30 बजे बाल फिल्म समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बच्चों और परिवारों के लिए विशेष फिल्मों का प्रदर्शन होगा। आयोजकों के अनुसार शहर के कई स्कूलों के छात्र भी इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं, जिससे बच्चों को सिनेमा और सामाजिक संदेशों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

    वहीं मानव संग्रहालय की पहाड़ी पर शाम 6 बजे से एस्ट्रो नाइट का आयोजन किया जाएगा। यहां दूरबीनों की मदद से लोगों को आकाशीय घटनाओं, ग्रहों और तारों की जानकारी दी जाएगी। मौसम साफ रहने पर चंद्रमा और अन्य खगोलीय पिंडों के अवलोकन की भी व्यवस्था रहेगी, जिससे विज्ञान के प्रति लोगों की रुचि बढ़ेगी।

    इसी के साथ संग्रहालय परिसरों में भी दिनभर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। दुष्टांत संग्रहालय में “विभाजित विश्व को एक करते संग्रहालय” विषय पर विशेष सत्र दोपहर 12 बजे से शुरू हुआ, जबकि मानव संग्रहालय में ‘माह का प्रदर्श’ कार्यक्रम भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जनजातीय संग्रहालय की लिखन्दरा दीर्घा में 73 शलाका चित्रों की प्रदर्शनी भी कला प्रेमियों और छात्रों को आकर्षित कर रही है।

    उधर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दिन भी व्यस्त कार्यक्रमों से भरा रहेगा। सुबह 9:30 बजे वे समत्व भवन में मंत्रियों के साथ वन-टू-वन समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें विभागीय कार्यों और योजनाओं की प्रगति पर चर्चा होगी। इसके बाद वे अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं प्रशासन संस्थान में नव नियुक्त निगम-मंडल अध्यक्षों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होंगे।

    दोपहर बाद मुख्यमंत्री भोपाल से रायपुर और फिर जगदलपुर के लिए रवाना होंगे, जहां वे मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में भाग लेंगे। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे, जिसमें मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।

    भोपाल में मंत्रियों की लगातार चल रही समीक्षा बैठकों को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज है। सूत्रों के अनुसार सरकार और संगठन दोनों स्तर पर कामकाज का फीडबैक लिया जा रहा है और आने वाले समय में प्रशासनिक व राजनीतिक फैसलों में तेजी देखने को मिल सकती है।

  • इंजीनियरिंग छात्रों की शर्मनाक हरकत: पार्टी के बाद हॉस्टल में जमकर तोड़फोड़, प्रशासन सख्त

    इंजीनियरिंग छात्रों की शर्मनाक हरकत: पार्टी के बाद हॉस्टल में जमकर तोड़फोड़, प्रशासन सख्त

    मध्‍य प्रदेश/इंदौर स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में फाइनल ईयर छात्रों की कथित हरकतों ने पूरे शैक्षणिक माहौल को सवालों के घेरे में ला दिया है। कोर्स पूरा होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक पार्टी उस समय विवादों में आ गई जब कुछ छात्रों ने हॉस्टल परिसर में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ कर दी। इस घटना के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए छात्रों के रिजल्ट रोकने और प्लेसमेंट प्रक्रिया को होल्ड करने का निर्णय लिया है।

    जानकारी के अनुसार रामानुजन हॉस्टल में बीटेक फाइनल ईयर के छात्रों द्वारा पार्टी का आयोजन किया गया था। शुरुआत में यह आयोजन सामान्य जश्न के रूप में देखा गया, जिसमें संगीत, नृत्य और उत्सव का माहौल था। लेकिन देर रात तक चले इस कार्यक्रम ने धीरे-धीरे उग्र रूप ले लिया। आरोप है कि इस दौरान कुछ छात्रों ने नशे की हालत में हॉस्टल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया।

    प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो फुटेज के अनुसार, छात्रों ने हॉस्टल के फर्नीचर, खिड़कियों के शीशे और पानी के स्टोरेज टैंक तक को क्षतिग्रस्त कर दिया। कई जगहों पर कुर्सियां और टेबल टूटे हुए पाए गए, जबकि परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह उत्पात देर रात से लेकर तड़के लगभग चार बजे तक चलता रहा, जिससे हॉस्टल प्रशासन को स्थिति संभालने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

    घटना के बाद जब विश्वविद्यालय प्रशासन को इसकी जानकारी मिली तो तुरंत जांच के आदेश दिए गए। आईईटी निदेशक ने मौके पर पहुंचकर हॉस्टल का निरीक्षण किया, जहां व्यापक स्तर पर नुकसान के संकेत मिले। कई कमरों की खिड़कियां टूटी हुई पाई गईं और परिसर में पार्टी से जुड़ी सामग्री जैसे डीजे उपकरण और सजावट के सामान भी बिखरे हुए मिले।

    प्रशासन का कहना है कि यह घटना न केवल अनुशासनहीनता का गंभीर उदाहरण है बल्कि शैक्षणिक संस्थान की मर्यादा को भी ठेस पहुंचाने वाली है। इसी के चलते प्रारंभिक कार्रवाई के तहत छात्रों के रिजल्ट रोकने और प्लेसमेंट प्रक्रिया को अस्थायी रूप से होल्ड करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही शासकीय संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई के लिए जुर्माना लगाने की भी तैयारी की जा रही है।

    विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले की पूरी जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही छात्रों के अभिभावकों को भी इस घटना की जानकारी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि स्थिति की गंभीरता को समझा जा सके।

    इस घटना ने एक बार फिर कॉलेज परिसरों में अनुशासन, नशे के प्रभाव और जिम्मेदार व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर छात्र अपने शैक्षणिक जीवन के महत्वपूर्ण पड़ाव पर हैं, वहीं इस तरह की घटनाएं उनके भविष्य पर भी गहरा असर डाल सकती हैं। प्रशासन अब पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटा हुआ है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।

  • भोपाल में निगम-मंडल पदाधिकारियों की विशेष ट्रेनिंग, CM मोहन यादव देंगे जिम्मेदारियों का पाठ

    भोपाल में निगम-मंडल पदाधिकारियों की विशेष ट्रेनिंग, CM मोहन यादव देंगे जिम्मेदारियों का पाठ

    भोपाल। भोपाल में हाल ही में निगम, मंडल, बोर्ड और प्राधिकरणों में नियुक्त किए गए अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के लिए सोमवार को एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम राजधानी स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में सुबह 9 बजे शुरू होगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल होकर पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे।

    इस ट्रेनिंग में कुल 63 गैर-सरकारी पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं, जिन्हें मंत्री दर्जा प्राप्त है। कार्यक्रम दोपहर लगभग 2 बजे तक चलेगा, जिसमें विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी प्रशासनिक कामकाज, वित्तीय प्रबंधन, शासन व्यवस्था, अधिकार क्षेत्र और विभागीय समन्वय जैसे विषयों पर प्रस्तुति देंगे।

    सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस प्रशिक्षण का उद्देश्य नए पदाधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों और प्रशासनिक सीमाओं की स्पष्ट समझ देना है, ताकि भविष्य में किसी तरह का टकराव या भ्रम की स्थिति न बने। हाल के दिनों में कुछ निगम-मंडल पदाधिकारियों द्वारा शक्ति प्रदर्शन और रैलियों को लेकर संगठन स्तर पर नाराजगी भी सामने आई थी, जिसके बाद सरकार ने अनुशासन पर विशेष जोर देने का फैसला लिया है।

    इस ट्रेनिंग को केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रशासनिक अनुशासन और बेहतर समन्वय की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे शासन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

  • मध्यप्रदेश में सनसनीखेज वारदात: जमीन विवाद में एक दर्जन से अधिक लोगों ने चलाई गोलियां

    मध्यप्रदेश में सनसनीखेज वारदात: जमीन विवाद में एक दर्जन से अधिक लोगों ने चलाई गोलियां

    मध्यप्रदेश के डबरा क्षेत्र से एक गंभीर और सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और गांव में अचानक गोलियों की गूंज से दहशत फैल गई। पिछोर थाना क्षेत्र के ग्राम सहोना में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है, जहां एक पक्ष के एक दर्जन से अधिक लोगों ने गांव में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की।

    जानकारी के अनुसार यह विवाद लंबे समय से जमीन के स्वामित्व को लेकर चल रहा था, जो समय के साथ इतना बढ़ गया कि स्थिति पूरी तरह हिंसक हो गई। घटना वाले दिन आरोप है कि हथियारों से लैस कई लोग गांव में पहुंचे और बिना किसी चेतावनी के फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

    फायरिंग के दौरान कई घरों को भी निशाना बनाया गया, जिससे लगभग 10 से 15 मकानों की दीवारों पर गोलियों के निशान देखे गए हैं। इस हमले में कई लोगों को छर्रे लगे हैं, जबकि कुछ लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना में एक राजनीतिक रूप से सक्रिय व्यक्ति भी घायल हुआ है, जिससे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर पूरी तैयारी के साथ गांव में आए थे और उन्होंने सीधे तौर पर निशाना बनाकर गोलियां चलाईं। अचानक हुई इस घटना से गांव में भय का माहौल बन गया है और लोग अपने घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं। बच्चों और महिलाओं में विशेष रूप से दहशत का माहौल देखा जा रहा है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रण में लिया। पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में कुछ नाम सामने आए हैं, जिन पर फायरिंग करने का आरोप लगाया जा रहा है। पुलिस ने इनमें से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। जमीन विवाद से जुड़ी पुरानी रंजिशों को भी खंगाला जा रहा है ताकि घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सके। साथ ही गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति दोबारा न बने।

    इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में जमीन विवादों के बढ़ते तनाव और उसके हिंसक रूप लेने की समस्या को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और क्षेत्र में शांति बहाल हो सके।