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  • पीएम मोदी करेंगे इजरायल दौरा, एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल समेत कई हथियारों पर हो सकती है डील

    पीएम मोदी करेंगे इजरायल दौरा, एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल समेत कई हथियारों पर हो सकती है डील


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25-26 फरवरी को दो दिन के इजरायल दौरे पर जा रहे हैं। इस दौरे का उद्देश्य भारत और इजरायल के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करना है। दोनों देश मिलकर नई रक्षा तकनीक और सुरक्षा प्रणाली पर काम बढ़ाना चाहते हैं। दौरे में सुरक्षा सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) साइन होने की उम्मीद है। हालांकि, कोई बड़ा रक्षा सौदा इस दौरे में साइन नहीं होगा, क्योंकि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग पहले से ही जारी है। आने वाले वर्षों में यह सहयोग करीब 10 अरब डॉलर का माना जा रहा है।

    नई रक्षा तकनीक पर फोकस
    एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल भारत को नई रक्षा तकनीक देने के लिए तैयार है, जिसमें लेजर आधारित डिफेंस सिस्टम, लंबी दूरी की मिसाइलें और ड्रोन शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इस बार इजरायल ऐसी तकनीक भी साझा कर सकता है, जो उसने पहले नहीं दी थी। भारत और इजरायल मिलकर एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर काम कर सकते हैं। यह भारत के मिशन सुदर्शन का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश को दुश्मन की लंबी दूरी की मिसाइलों से बचाना है। इजराइल के पास एरो, डेविड स्लिंग और आयरन डोम जैसे मजबूत रक्षा सिस्टम हैं।

    लंबी दूरी के हथियारों की खरीद
    भारत लंबी दूरी की मिसाइलें और ऐसे ड्रोन खरीदने पर भी विचार कर रहा है, जो दुश्मन की सीमा के अंदर तक मार कर सकें। भारत पहले भी रैंपेज मिसाइल और अन्य हथियारों का उपयोग कर चुका है। नौसेना भी अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए बराक मिसाइल सिस्टम के नए वर्जन को खरीदने पर विचार कर रही है।

    अन्य क्षेत्रों में सहयोग
    रक्षा के अलावा दोनों देश विज्ञान, खेती, साफ पानी और नई तकनीक जैसे क्वांटम कंप्यूटिंग पर भी बातचीत करेंगे। पीएम मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच अच्छे संबंध माने जाते हैं। दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ एक जैसी सोच रखते हैं और इस दौरे से दोनों देशों के बीच व्यापक सहयोग को और मजबूत करने की उम्मीद है।

  • सितारों की चाल: इस हफ्ते शुक्र और गुरु बनाएंगे बिगड़े काम, जानें आपकी लव लाइफ के लिए क्या कहते हैं सितारे!

    सितारों की चाल: इस हफ्ते शुक्र और गुरु बनाएंगे बिगड़े काम, जानें आपकी लव लाइफ के लिए क्या कहते हैं सितारे!


    नई दिल्ली। मेषAries :इस सप्ताह आपके प्रेम जीवन में गजब का उत्साह रहेगा। अगर आप सिंगल हैं, तो किसी खास से बात शुरू हो सकती है, लेकिन भावनाओं में बहकर जल्दबाजी न करें। सप्ताह के मध्य में अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें, वरना छोटी सी गलतफहमी विवाद बन सकती है। वीकेंड डिनर या छोटी यात्रा के लिए बेहतरीन है।

    वृषTaurus
    आपके लिए यह सप्ताह स्थिरता और मधुरता लेकर आया है। रिश्तों में भरोसा मजबूत होगा और विवाह योग्य जातकों की बात आगे बढ़ सकती है। जिद से बचें, विशेषकर वैवाहिक जीवन में। सप्ताह के अंत में पार्टनर की ओर से कोई सुखद सरप्राइज मिल सकता है।

    मिथुनGemini
    संवादCommunication ही इस हफ्ते आपके रिश्ते की जान है। पार्टनर से खुलकर बात करें ताकि पुराने भ्रम दूर हों। सोशल मीडिया के जरिए सिंगल लोगों को नया साथी मिल सकता है। जल्दबाजी में वादे न करें, पारदर्शिता बनाए रखें।

    कर्कCancer
    भावनात्मक गहराई वाला सप्ताह है। पार्टनर की जरूरतों को समझने से रिश्ता और गहरा होगा। सिंगल लोगों को परिवार की ओर से कोई अच्छा रिश्ता मिल सकता है। पुरानी कड़वी यादों को वर्तमान पर हावी न होने दें। सप्ताहांत साथ बिताने के लिए शुभ है।

    सिंहLeo
    आपका आकर्षण इस हफ्ते चरम पर रहेगा। आप अपने व्यक्तित्व से पार्टनर का दिल जीत लेंगे। हालांकि, अपने ‘ईगो’ या प्रभुत्व जमाने की कोशिश से बचें, वरना टकराव हो सकता है। साथी की सराहना करना आपके रिश्ते में गर्माहट लाएगा।

    कन्याVirgo
    रिश्तों में व्यवहारिकता की परीक्षा होगी। छोटी-मोटी नोकझोंक संभव है, लेकिन समझदारी से मामला सुलझ जाएगा। कार्यस्थल पर कोई आपको आकर्षित कर सकता है। ज्यादा विश्लेषणOver-analysis करने से बचें और भावनाओं को संतुलित रखें।

    तुलाLibra
    प्रेम में संतुलन बनाए रखना इस हफ्ते की प्राथमिकता होनी चाहिए। अगर मन में कोई शिकायत है, तो शांति से चर्चा करें। सप्ताहांत काफी रोमांटिक रहने वाला है। अपेक्षाएं कम रखें तो ज्यादा सुखी रहेंगे। आपसी सहयोग से नई ऊर्जा आएगी।

    वृश्चिकScorpio
    भावनाओं की तीव्रता अधिक रहेगी। पार्टनर के साथ दिल की बात साझा करने का यह सही समय है। सिंगल लोगों को अचानक किसी के प्रति आकर्षण महसूस हो सकता है। शक करने की आदत से बचें, ईमानदारी और पारदर्शिता ही रिश्ते को बचाएगी।

    धनुSagittarius
    आप अपनी आजादी और प्रेम के बीच तालमेल बिठाने की कोशिश करेंगे। यात्रा के दौरान किसी दिलचस्प व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। समय की कमी पार्टनर की शिकायत का कारण बन सकती है। स्पष्ट संवाद और सकारात्मक सोच से रिश्ते में ताजगी रहेगी।

    मकरCapricorn
    यह सप्ताह गंभीर फैसलों का है। पार्टनर के साथ भविष्य या शादी की योजना बना सकते हैं। काम का बोझ प्रेम जीवन पर भारी पड़ सकता है, इसलिए साथी को महत्व देना न भूलें। सप्ताहांत में रिश्तों में स्थिरता आएगी।

    कुंभAquarius
    रिश्ते में कुछ नया और रचनात्मक करने की सोचेंगे। किसी पुराने दोस्त के प्रति प्रेम की भावना जाग सकती है। मध्य सप्ताह में थोड़ी भावनात्मक दूरी महसूस हो सकती है, जिसे खुले संवाद से दूर किया जा सकता है। विश्वास बनाए रखें।

    मीनPisces
    मीन राशि वालों के लिए यह सप्ताह सबसे ज्यादा रोमांटिक रहने वाला है। पुरानी दोस्ती प्यार में बदल सकती है। कल्पनाओं की दुनिया से बाहर निकलें और हकीकत में भावनाएं व्यक्त करें। सप्ताहांत में कोई बड़ा प्रस्ताव या सरप्राइज आपकी खुशी बढ़ा सकता है।

  • जेल की सलाखों के पीछे राजपाल यादव: छलका दर्द, बताया परिवार से दूरी और सुबह का वो अनुशासन था सबसे कठिन!

    जेल की सलाखों के पीछे राजपाल यादव: छलका दर्द, बताया परिवार से दूरी और सुबह का वो अनुशासन था सबसे कठिन!


    नई दिल्ली। / मशहूर बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव, जो अपनी बेमिसाल कॉमेडी के लिए जाने जाते हैं, पिछले कुछ समय से कानूनी मुश्किलों के दौर से गुजर रहे थे। 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में जेल की सजा काटने के बाद अब उन्हें बेल मिल गई है। जेल से बाहर आने के बाद राजपाल यादव सीधे अपनी पत्नी राधा यादव के साथ उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर पहुंचे, जहां वे अपनी भतीजी की शादी के जश्न में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने मीडिया से खुलकर बात की और जेल के उन दिनों को याद किया जो उनके जीवन का सबसे कठिन समय रहा। राजपाल ने बताया कि जेल की चाहरदीवारी के भीतर उनके लिए सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण क्या था और उन्होंने खुद को मानसिक रूप से कैसे संभाले रखा।

    राजपाल यादव ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जेल में उनके लिए सबसे मुश्किल घड़ी अपने परिवार से दूर रहना था। अपनों की कमी उन्हें हर पल खलती थी, लेकिन इस स्थिति से निपटने के लिए उन्होंने एक कड़ा अनुशासन अपनाया। उन्होंने बताया, “सबसे कठिन हिस्सा परिवार की दूरी थी। इसके अलावा, मैंने वहां के रूटीन को स्वीकार कर लिया था। मैं हर सुबह जल्दी उठ जाता था, ब्रीदिंग एक्सरसाइज करता था और अपना मानसिक संतुलन बनाए रखने की पूरी कोशिश करता था।” राजपाल का मानना है कि ऐसे वक्त में खुद को शांत रखना ही सबसे बड़ी जीत है।

    कानूनी लड़ाई पर बात करते हुए राजपाल ने स्पष्ट किया कि यह मामला पिछले कई वर्षों से चल रहा है और उन्होंने इसे हमेशा कानूनी तरीके से ही हल करना उचित समझा। उनकी पत्नी राधा यादव ने भी इस मुश्किल घड़ी में उनका पूरा साथ दिया। राधा ने कहा कि वे अभी हर स्थिति को ‘एक समय पर एक कदम’ के सिद्धांत के साथ डील कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि समाधान केवल हमारी इच्छाशक्ति पर नहीं, बल्कि समय पर भी निर्भर करता है। इस कठिन समय में राजपाल यादव को फिल्म इंडस्ट्री से जो प्यार और समर्थन मिला, उसके लिए वे बेहद शुक्रगुजार हैं। उन्होंने कहा कि लोगों का विश्वास और सम्मान उनके लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है, जिसने उन्हें टूटने नहीं दिया।

  • रोहित शर्मा का 'विराट' रिकॉर्ड ध्वस्त: मिचेल मार्श ने टी20 विश्व कप 2026 में मचाया कोहराम, पावरप्ले के बने नए सुल्तान!

    रोहित शर्मा का 'विराट' रिकॉर्ड ध्वस्त: मिचेल मार्श ने टी20 विश्व कप 2026 में मचाया कोहराम, पावरप्ले के बने नए सुल्तान!


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज के आखिरी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान मिचेल मार्श ने अपनी बल्लेबाजी से ऐसा गदर मचाया कि क्रिकेट की दुनिया दंग रह गई। ओमान के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में मार्श का बल्ला नहीं बल्कि आग बरस रही थी। उनकी इस तूफानी पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने न केवल ओमान को एकतरफा अंदाज में मात दी बल्कि मार्श ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और ‘हिटमैन’ के नाम से मशहूर रोहित शर्मा का एक बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड भी मटियामेट कर दिया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ओमान की टीम ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण खासकर एडम जैंपा की फिरकी के सामने ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। पूरी ओमानी टीम महज 16.2 ओवरों में 104 रनों के मामूली स्कोर पर सिमट गई।

    लक्ष्य छोटा था लेकिन मिचेल मार्श के इरादे बहुत बड़े थे। 105 रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। कप्तान मार्श ने मैदान के चारों ओर चौकों और छक्कों की झड़ी लगा दी। उन्होंने महज 33 गेंदों पर नाबाद 64 रनों की पारी खेली जिसमें 7 शानदार चौके और 4 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। ऑस्ट्रेलिया ने यह लक्ष्य मात्र 9.4 ओवरों में हासिल कर लिया जो उनके शानदार फॉर्म को दर्शाता है। लेकिन इस मैच की सबसे बड़ी हाईलाइट मार्श द्वारा पावरप्ले में की गई बल्लेबाजी रही।

    मिचेल मार्श ने अपनी 64 रनों की पारी के दौरान शुरुआती 6 ओवरों (पावरप्ले) में ही 53 रन कूट डाले थे। इसके साथ ही उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में पावरप्ले के दौरान किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड रोहित शर्मा के नाम था जिन्होंने 2024 के टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के ही खिलाफ पावरप्ले में 51 रन बनाए थे। मार्श ने रोहित को पछाड़कर इस सूची में दूसरे पायदान पर कब्जा जमा लिया है। हालांकि इस लिस्ट में अब भी नीदरलैंड के स्टीफन मायबर्ग 57 रनों के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं जिनका 12 साल पुराना रिकॉर्ड आज भी अटूट है।

    दिलचस्प बात यह है कि इस लिस्ट में भारतीय बल्लेबाजों का दबदबा रहा है। रोहित शर्मा के अलावा ईशान किशन और केएल राहुल भी पावरप्ले में अर्धशतक जड़ने वाले खिलाड़ियों की सूची में शामिल हैं। ईशान किशन ने तो इसी वर्ल्ड कप 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ पावरप्ले में 50 रन ठोककर अपनी ताकत का लोहा मनवाया था। मिचेल मार्श की इस ऐतिहासिक पारी ने न केवल ऑस्ट्रेलिया को ग्रुप स्टेज का अंत धमाकेदार अंदाज में करने में मदद की बल्कि विरोधियों को भी कड़ा संदेश दे दिया है कि ‘कंगारू’ अब रुकने वाले नहीं हैं।

  • US राजदूत बोले- जल्द होगी मोदी और ट्रंप की मीटिंग.. नहीं बताई निश्चित समय-सीमा

    US राजदूत बोले- जल्द होगी मोदी और ट्रंप की मीटिंग.. नहीं बताई निश्चित समय-सीमा


    नई दिल्ली।
    भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Indian Prime Minister Narendra Modi) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) की मुलाकात कब होगी? इस सवाल पर अमेरिकी राजदूत (US Ambassador) ने जवाब दिया है। उन्होंने कहाकि यह मुलाकात जल्द होगी, हालांकि उन्होंने कोई निश्चित समय-सीमा नहीं बताई है। इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 (India AI Impact Summit 2026) में बोलते हुए सर्जियो गोर ने यह बात कही। उन्होंने कहाकि नजर बनाए रखिए। मुझे पूरी उम्मीद है कि सही वक्त आने पर दोनों की मीटिंग होगी। गौरतलब है कि दोनों राष्ट्रप्रमुखों की मुलाकात को एक साल हो चुका है। दोनों अंतिम बार अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में मिले थे।

    पिछले कुछ वक्त से भारत और अमेरिका के बीच थोड़ा तनाव भी था। इसकी वजह, अमेरिका द्वारा भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाना था। हालांकि दोनों देशों के बीच ट्रेड डील के बाद यह टैरिफ 18 फीसदी हो गया है। इस बीच भारत अमेरिका के नेतृत्व वाले रणनीतिक गठजोड़ ‘पैक्स सिलिका’ में शामिल हो गया है। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए एक लचीली आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण करना है। इस दौरान वहां उपस्थित लोगों में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, आर्थिक मामलों के लिए अमेरिकी उप विदेश मंत्री जैकब हेलबर्ग और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर शामिल थे।

    इसको लेकर सर्जियो गोर ने अपनी टिप्पणी में कहाकि व्यापार समझौते से लेकर पैक्स सिलिका और रक्षा सहयोग तक, दोनों देशों की साथ काम करने की संभावनाएं वास्तव में असीमित हैं। अमेरिकी राजदूत ने कहा कि पैक्स सिलिका में भारत का प्रवेश केवल एक प्रतीकात्मक कदम नहीं है, बल्कि एक रणनीतिक कदम है जो द्विपक्षीय संबंधों की समग्र दिशा को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहाकि भारत ऐसा देश है जहां प्रतिभा का भंडार है, जो प्रतिद्वंद्वियों को चुनौती देने के लिए काफी है। भारत की इंजीनियरिंग क्षमता इस महत्वपूर्ण गठबंधन के लिए आवश्यक योग्यताएं प्रदान करती है। प्रतिभा के अलावा, भारत ने महत्वपूर्ण खनिज प्रसंस्करण क्षमता की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति की है और हम इसमें भी पूरी तरह से सहभागिता कर रहे हैं।

    गोर ने सुझाव दिया कि अमेरिका पैक्स सिलिका ढांचे के तहत भारत के साथ विश्वसनीय एआई प्रौद्योगिकियां साझा कर सकता है। अमेरिकी उप विदेश मंत्री हेलबर्ग ने गठबंधन में शामिल होने के भारत के फैसले की सराहना की और पैक्स सिलिका को आपूर्ति श्रृंखलाओं में दबाव की रणनीति और ब्लैकमेल के खिलाफ एक पहल बताया, जिसे चीन की ओर एक स्पष्ट इशारा माना जा रहा है। उन्होंने कहाकि हम देखते हैं कि हमारे मित्र और सहयोगी प्रतिदिन आर्थिक दबाव और ब्लैकमेल के खतरों का सामना कर रहे हैं। उन्हें अपनी संप्रभुता और अपनी समृद्धि के बीच चुनाव करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। हम खुद को एक ऐसी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जूझते हुए पाते हैं जो अत्यधिक केंद्रित है।

  • अमिताभ बच्चन के मंच से शुरू हुई तकरार? Rajpal Yadav लोन केस में वकील का बड़ा दावा

    अमिताभ बच्चन के मंच से शुरू हुई तकरार? Rajpal Yadav लोन केस में वकील का बड़ा दावा


    नई दिल्ली । कॉमेडियन-अभिनेता राजपाल यादव का लोन और चेक बाउंस मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। अंतरिम जमानत पर जेल से बाहर आए राजपाल का केस अभी अदालत में लंबित है लेकिन अब उनके वकील भास्कर उपाध्याय ने इस विवाद को लेकर नया पक्ष सामने रखा है। वकील का दावा है कि शिकायतकर्ता माधव गोपाल अग्रवाल की नाराजगी की असली वजह एक पुरानी मंचीय घटना थी जो महानायक अमिताभ बच्चन से जुड़ी बताई जा रही है।

    भास्कर उपाध्याय ने मीडिया को बताया कि सितंबर 2012 में एक फिल्म लॉन्च कार्यक्रम में अमिताभ बच्चन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। आरोप है कि माधव अग्रवाल उस कार्यक्रम में अमिताभ बच्चन के साथ मंच साझा करना चाहते थे लेकिन राजपाल की टीम ने इसकी अनुमति नहीं दी। वकील के अनुसार चूंकि अमिताभ बच्चन ने कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए कोई पारिश्रमिक नहीं लिया था इसलिए मंच प्रबंधन सीमित रखा गया। इसी बात से शिकायतकर्ता नाराज हो गए और इसके बाद कानूनी कार्रवाई तेज कर दी गई।

    वकील के मुताबिक सितंबर 2012 में मामला दिल्ली उच्च न्यायालय पहुंचा जहां बकाया भुगतान तक फिल्म पर रोक लगाने की मांग की गई। दिसंबर 2012 में 60,60,350 रुपये का पहला चेक जमा हुआ और बैंक से राशि रिलीज हुई। इसके बाद 2013 में दोनों पक्षों के बीच सहमति समझौता हुआ जिसमें पहले के सभी समझौतों को अमान्य माना जाना था।

    भास्कर का कहना है कि 2016 में एक नया समझौता तैयार हुआ जिसके तहत 10.40 करोड़ रुपये बकाया बताए गए। इसमें यह भी तय हुआ कि भुगतान होने पर पुराने एग्रीमेंट दोबारा लागू नहीं किए जाएंगे। वकील के अनुसार 2016 में वसूली याचिका दायर की गई और शिकायतकर्ता को 1.90 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया गया। शेष राशि के लिए एक अन्य गारंटर अनंत दत्ताराम सामने आए।

    बचाव पक्ष का दावा है कि राजपाल यादव ने 15 करोड़ रुपये की अपनी संपत्ति जमानत के रूप में रखने की पेशकश की और बाकी रकम चुकाने के लिए समय मांगा लेकिन शिकायतकर्ता ने यह प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया। मामला तब और उलझ गया जब वकील के मुताबिक तीसरे सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट के तहत दिए गए चेक दोबारा सक्रिय कर दिए गए जबकि सहमति समझौते के बाद उन्हें निरस्त माना गया था।

    मार्च 2018 में ट्रायल कोर्ट ने पुराने समझौते के आधार पर राजपाल यादव को दोषी ठहराते हुए 11.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। नवंबर 2018 में एक्जीक्यूशन कोर्ट ने उसी आधार पर तीन महीने की सजा सुनाई। बचाव पक्ष का तर्क है कि एक ही मामले में समानांतर कानूनी प्रक्रियाएं नहीं चलनी चाहिए थीं।

    2019 में राजपाल की टीम ने इस आदेश को रिवीजन कोर्ट में चुनौती दी। हालांकि वकील के अनुसार उस दौरान नए अधिवक्ता की ओर से अदालत में मध्यस्थता के जरिये भुगतान की बात स्वीकार किए जाने से मामला और पेचीदा हो गया। फिलहाल राजपाल यादव की ओर से अदालत से अनुरोध किया गया है कि उनकी दलीलों को विस्तार से सुना जाए और मामले का निपटारा मेरिट के आधार पर किया जाए। अंतिम फैसला आना अभी बाकी है।

  • RBI का बड़ा ऐलान… साइबर फ्रॉड के पीड़ितों को मिलेगा 25000 रुपये तक मुआवजा

    RBI का बड़ा ऐलान… साइबर फ्रॉड के पीड़ितों को मिलेगा 25000 रुपये तक मुआवजा


    नई दिल्ली।
    साइबर फ्रॉड (Cyber ​​fraud) के शिकार लोगों को भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) की ओर से थोड़ी राहत मिलने वाली है। बीते दिनों रिजर्व बैंक ने डिजिटल फ्रॉड में हो रही बढ़ोतरी के बीच ग्राहकों को धोखाधड़ी वाले ट्रांजैक्शन के लिए 25,000 रुपये तक की मुआवजा देने की घोषणा की। आइए जानते हैं कि ये मुआवजा किसे और कैसे मिलेगा।


    किस तरह के पीड़ित को मिलेगा मुआवजा?

    साइबर फ्रॉड के पीड़ितों को 25,000 रुपये का मुआवजा उन मामलों में भी दिया जाएगा जहां ग्राहक गलती से अपना वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) धोखेबाजों के साथ साझा कर देते हैं। मतलब ये कि अगर आपने गलती से स्कैमर को ओटीपी शेयर कर दिया है और आपके बैंक से पैसे कट गए हैं तो आप इस स्कीम का लाभ लेने के लिए योग्य हैं।

    सिर्फ एक बार ही लाभ
    रिजर्व बैंक के गवर्नर ने स्पष्ट किया था कि पीड़ित को जीवन में केवल एक बार ही मुआवजा मिलेगा। कहने का मतलब है कि अगर आपके साथ बार-बार साइबर फ्रॉड होता है तो इस योजना का फायदा नहीं मिलेगा। आरबीआई अधिकारियों के मुताबिक डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में दो-तिहाई मामले 50,000 रुपये से कम के हैं। धोखाधड़ी से प्रभावित लोगों में से ज्यादातर को इस सुविधा से लाभ होगा। कैल्कुलेशन पर गौर करें तो धोखाधड़ी की राशि में से 15 प्रतिशत का नुकसान ग्राहक को उठाना होगा और 15 प्रतिशत का नुकसान संबंधित बैंक उठाएगा। शेष 70 प्रतिशत राशि केंद्रीय रिजर्व बैंक देगा। हालांकि किसी भी स्थिति में ग्राहक को 25,000 रुपये से अधिक का हर्जाना नहीं मिलेगा। आरबीआई 70 प्रतिशत नुकसान की भरपाई के लिए अपनी सरप्लस आय का इस्तेमाल करेगा। गर्वनर के मुताबिक इसके लिए केंद्रीय बैंक के पास पर्याप्त पैसा है। हालांकि, इस योजना का फ्रेमवर्क अभी तैयार नहीं है।


    साइबर फ्रॉड से कैचे बचे

    साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए जरूरी है कि OTP, पासवर्ड, PIN, CVV कभी किसी को न बताएं। अनजान लिंक / QR कोड पर क्लिक / स्कैन न करें । मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड रखें और 2FA (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन) जरूर चालू करें। UPI और बैंकिंग में सावधानी पेमेंट से पहले हमेशा रिसीवर का नाम चेक करें। बैंक ऐप से ही ट्रांजेक्शन करें। अनजान नंबर से बैंक कॉल आए तो काट दें और खुद बैंक के ऑफिशियल नंबर पर कॉल करें। साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 (साइबर क्राइम हेल्पलाइन) पर कॉल करें। इसके अलावा, cybercrime.gov.in पर कंप्लेंट दर्ज करें। वहीं, बैंक को तुरंत बताएं और अकाउंट फ्रीज/ब्लॉक करवाएं। साइबर फ्रॉड के मामले में अपने नजदीकी साइबर थाना जाकर भी आपको शिकायत दर्ज करानी होती है।

  • US में पाकिस्तान की बेइज्जती… ट्रंप ने भरी सभा में शहबाज को खड़ा कराया और बांधे मोदी की तारीफ के पुल

    US में पाकिस्तान की बेइज्जती… ट्रंप ने भरी सभा में शहबाज को खड़ा कराया और बांधे मोदी की तारीफ के पुल


    वाशिंगटन।
    अमेरिका (America) के वाशिंगटन में आयोजित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (Board of Peace) के उद्घाटन सत्र में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसकी चर्चा अंतरराष्ट्रीय मीडिया में जोर-शोर से हो रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने अपने संबोधन के दौरान न केवल भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को अपना बेहतरीन दोस्त बताया, बल्कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Pakistan’s Prime Minister Shahbaz Sharif) को बीच भाषण में खड़ा कर भारत-पाक शांति का पूरा श्रेय खुद ले लिया।

    ट्रंप भारत-पाकिस्तान संघर्ष को रोकने के अपने दावे का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने शहबाज शरीफ की ओर देखते हुए उन्हें खड़ा होने के लिए कहा। जैसे ही पाकिस्तानी प्रधानमंत्री खड़े हुए, ट्रंप ने अपनी शैली में प्रधानमंत्री मोदी और भारत का गुणगान शुरू कर दिया। ट्रंप ने वहां उपस्थित दुनियाभर के कई नेताओं और मीडिया के सामने कहा, “भारत और पाकिस्तान… वह एक बहुत बड़ा मामला था। मैंने प्रधानमंत्री मोदी से बात की है। वह बहुत उत्साहित हैं और वास्तव में वह अभी इस कार्यक्रम को देख रहे हैं।”

    ट्रंप ने आगे कहा, “भारत और पाकिस्तान, आप दोनों का बहुत शुक्रिया। मोदी एक महान व्यक्ति हैं और मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं।” यह नजारा काफी दिलचस्प था क्योंकि जहां पाकिस्तान के प्रधानमंत्री प्रोटोकॉल के तहत खड़े होकर यह सब सुन रहे थे, वहीं भारत इस बैठक में केवल एक ‘पर्यवेक्षक’ के रूप में मौजूद था और पीएम मोदी स्वयं वहां उपस्थित नहीं थे।

    ट्रंप ने इस दौरान फिर से दोहराया कि उन्होंने पिछले साल भारत-पाक युद्ध को केवल एक फोन कॉल से रोक दिया था। उन्होंने कहा, “जब मुझे पता चला कि दोनों देश लड़ रहे हैं और विमान गिराए जा रहे हैं, तो मैंने फोन उठाया और कहा अगर युद्ध नहीं रुका, तो मैं दोनों देशों पर 200 प्रतिशत का व्यापारिक टैरिफ लगा दूंगा।”

    ट्रंप ने जिस तरह से सार्वजनिक मंच पर शहबाज शरीफ को खड़ा कर पीएम मोदी का जिक्र किया वह पाकिस्तान के लिए काफी असहज स्थिति थी। एक तरफ जहां पाकिस्तान खुद को ट्रंप का करीबी सहयोगी दिखाने की कोशिश कर रहा है, वहीं ट्रंप बार-बार अपनी बातचीत में भारत और मोदी को अधिक महत्व देते नजर आ रहे हैं।

  • पहले खुद देख लो कितने पानी में हो…’ ट्रोलर्स पर भड़के शाहिद कपूर, बोले– नेगेटिविटी इंसिक्योरिटी से आती है

    पहले खुद देख लो कितने पानी में हो…’ ट्रोलर्स पर भड़के शाहिद कपूर, बोले– नेगेटिविटी इंसिक्योरिटी से आती है


    नई दिल्ली । बॉलीवुड स्टार शाहिद कपूर इन दिनों अपनी फिल्म ओ रोमियो को लेकर लगातार चर्चा में हैं। विशाल भारद्वाज के निर्देशन में बनी यह फिल्म 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई और भले ही इसकी ओपनिंग धीमी रही लेकिन वीकडेज में फिल्म ने रफ्तार पकड़ ली है। फिल्म में शाहिद के साथ Triptii Dimri लीड रोल में नजर आ रही हैं। ट्रेलर रिलीज के बाद से ही फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा थी और अब शाहिद की परफॉर्मेंस को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। इसी बीच एक इंटरव्यू में ट्रोलिंग को लेकर दिए गए उनके बयान ने सुर्खियां बटोर ली हैं।

    हाल ही में शो द राइट एंगल में बातचीत के दौरान शाहिद ने ट्रोलिंग पर बेबाक राय रखी। जब उनसे पूछा गया कि वह सोशल मीडिया पर होने वाली आलोचना और ट्रोलिंग से कैसे निपटते हैं तो उन्होंने साफ कहा कि यह कहना गलत होगा कि इन बातों का कोई असर नहीं पड़ता। उनके मुताबिक जो लोग कहते हैं कि ट्रोलिंग से फर्क नहीं पड़ता वे खुद को गलतफहमी में रख रहे हैं। नेगेटिव बातें असर डालती हैं और इसे नकारना खुद को खतरनाक स्थिति में डालना है।

    शाहिद ने आगे कहा कि इंसान को सिर्फ बाहरी तारीफ या वैलिडेशन पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने समझाया कि यह जानना जरूरी है कि आप खुद अपने काम को लेकर कैसा महसूस करते हैं लेकिन साथ ही दर्शकों की भावना को समझना भी उतना ही अहम है। उनका मानना है कि कलाकार और ऑडियंस के बीच कनेक्शन बनाए रखने के लिए संतुलन जरूरी है।

    ट्रोलर्स को लेकर शाहिद ने कड़े शब्दों में कहा आपके बोलने की औकात होनी चाहिए तभी मुंह खोलना चाहिए। पहले खुद देख लो आप कितने पानी में हो फिर बात करो। उन्होंने बताया कि यह सीख उन्हें बचपन से मिली है। बड़े कलाकारों के बीच पले-बढ़े शाहिद ने कहा कि पहले लोग बिना वजह टिप्पणी करने से बचते थे लेकिन आज सोशल मीडिया के दौर में हर किसी को बिना सोचे-समझे बोलने की आदत हो गई है।

    उन्होंने नेगेटिविटी को इंसिक्योरिटी से जोड़ते हुए कहा कि जो लोग लगातार नकारात्मक बातें करते हैं वे अंदर से असुरक्षित डरे हुए या दुखी हो सकते हैं। अगर इतनी नेगेटिविटी बाहर आ रही है तो यह दिखाता है कि उनके अंदर की दुनिया कितनी परेशान है शाहिद ने कहा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जरूरी है कि इंसान खुद को पॉजिटिव रखे और गिरकर दोबारा खड़े होने की ताकत बनाए रखे। उनके शब्दों में एक अच्छा फाइटर वही है जो चोट लगने के बाद फिर उठ खड़ा हो।

    ओ रोमियो शाहिद और विशाल भारद्वाज की साथ में चौथी फिल्म है। इससे पहले दोनों कमीने हैदर और रंगून जैसी फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं। इस फिल्म में नाना पाटेकर फरीदा जलाल दिशा पटानी और तमन्ना भाटिया जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म को आईएमडीबी पर 6.4 की रेटिंग मिली है और दर्शकों की प्रतिक्रिया लगातार बेहतर होती दिख रही है।

  • देश का विदेशी मुद्रा भंडार उच्चतम स्तर पर पहुंचा… खजाने में पहली बार आए 725 अरब डॉलर

    देश का विदेशी मुद्रा भंडार उच्चतम स्तर पर पहुंचा… खजाने में पहली बार आए 725 अरब डॉलर


    नई दिल्ली।
    इकोनॉमी के मोर्चे पर एक अच्छी खबर है। दरअसल, देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Country’s Foreign Exchange Reserves) 13 फरवरी को समाप्त सप्ताह में 8.66 अरब डॉलर बढ़कर 725.72 अरब डॉलर के अपने उच्चतम स्तर (Highest Level) पर पहुंच गया। यह विदेशी मुद्रा भंडार का ऑल टाइम हाई है। इससे पहले का सर्वोच्च स्तर जनवरी में 723.774 अरब डॉलर का रहा था। छह फरवरी को समाप्त सप्ताह में कुल विदेशी मुद्रा भंडार 6.71 अरब डॉलर घटकर 717.06 अरब डॉलर रह गया था।

    क्या कहते हैं आंकड़े?
    भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) (Reserve Bank of India – RBI) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक 13 फरवरी को समाप्त सप्ताह में मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा माने जाने वाली विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 3.55 अरब डॉलर बढ़कर 573.60 अरब डॉलर हो गईं। डॉलर के रूप में व्यक्त की जाने वाली विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर अमेरिकी मुद्राओं के मूल्य में घट-बढ़ के प्रभाव शामिल होते हैं। रिजर्व बैंक ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान स्वर्ण भंडार यानी गोल्ड रिजर्व का मूल्य 4.99 अरब डॉलर बढ़कर 128.46 अरब डॉलर हो गया। केंद्रीय बैंक ने बताया कि विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 10.3 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.92 अरब डॉलर हो गया। आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास भारत का आरक्षित भंडार भी 1.9 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.734 अरब डॉलर हो गया।


    रुपया हुआ कमजोर

    विदेशी मुद्रा भंडार के ये आंकड़े ऐसे समय में आए हैं जब रुपया एक बार फिर कमजोर होता नजर आ रहा है। अमेरिका-ईरान के परस्पर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी मुद्रा के मजबूत होने और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की वजह से शुक्रवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 26 पैसे टूटकर 90.94 पर बंद हुआ। बाजार विश्लेषकों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार में तेजी का रुख भी रुपये को समर्थन देने में विफल रहा। इस पर अमेरिका और ईरान के बीच आने वाले दिनों में जंग छिड़ने की बनती स्थिति का विशेष प्रभाव रहा। बता दें कि बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया चार पैसे बढ़कर 90.68 पर बंद हुआ था। वहीं, गुरुवार को छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के कारण विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार बंद था। इस बीच, विश्व की छह प्रमुख प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.01 प्रतिशत बढ़कर 97.86 पर कारोबार कर रहा था।


    क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

    मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव और मजबूत डॉलर के कारण रुपये में गिरावट आई। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भी घरेलू मुद्रा पर दबाव डाला। हालांकि, घरेलू बाजारों की तेजी ने गिरावट को कम किया। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर के मजबूत होने के कारण रुपया थोड़े नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा।