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  • ईरान की राजधानी तेहरान के एक बाजार में लगी भीषण आग… मची अफरा-तफरी

    ईरान की राजधानी तेहरान के एक बाजार में लगी भीषण आग… मची अफरा-तफरी


    तेहरान।
    ईरान (Iran) की राजधानी तेहरान (Tehran) से एक बड़ी खबर सामने आई है। मंगलवार को तेहरान के पश्चिमी इलाके, जन्नत आबाद (Jannat Abaad) में स्थित एक बाजार में अचानक भीषण आग (Market Massive Fire) लग गई। आग के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है, लेकिन जैसे ही आग की सूचना मिली, बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिए गए। दमकल की कई टीमों को मौके पर भेजा गया है और आग बुझाने के प्रयास जारी हैं।


    आग की लपटें और काले धुएं ने मचाई दहशत

    तेहरान की आपातकालीन सेवाओं के अधिकारी मोहम्मद बेहनिया ने बताया कि अब तक इस घटना में किसी की मौत या घायल होने की कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि, आग इतनी भयंकर थी कि उसकी लपटें और काले धुएं के घने बादल शहर के कई हिस्सों से स्पष्ट रूप से देखे जा रहे थे। यह आग जन्नत आबाद इलाके के एक शॉपिंग सेंटर में लगी, जो सैकड़ों दुकानों और छोटे-छोटे स्टॉल से भरा हुआ था।


    सुबह के समय लगी आग, विक्रेताओं और ग्राहकों में अफरातफरी

    आग सुबह करीब 10 बजे जन्नत आबाद शोमाली इलाके के एक बड़े बाजार में लगी। इस दौरान बाजार में विक्रेता और ग्राहक दोनों मौजूद थे। जैसे ही आग फैलने लगी, वहां मौजूद लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे। दमकल विभाग को तुरंत सूचित किया गया और वे घटनास्थल पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास कर रहे हैं।


    दमकलकर्मियों ने त्वरित प्रतिक्रिया दी

    घटना के बाद, दमकलकर्मियों ने बताया कि आग बहुत तेज़ी से फैल रही थी और मौके पर पहुँचने के बाद वे तुरंत कई दिशाओं से आग को काबू करने का प्रयास करने लगे। सरकारी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दमकल टीमें घटनास्थल पर पहुंची और कई मोर्चों से अग्निशमन कार्य शुरू किया।


    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

    इस बीच, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में बाजार से उठता हुआ घना काला धुंआ और लपटों की ऊंची लहरें साफ देखी जा सकती हैं। आसपास के आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्रों में अफरातफरी का माहौल है। तेहरान के नागरिकों को यह दृश्य बेहद डरावना प्रतीत हो रहा है।


    राहत कार्य जारी, स्थिति नियंत्रण में

    हालांकि अब तक किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं है, राहत कार्य जारी है और दमकलकर्मी आग पर काबू पाने के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि अभी तक इस घटना में घायलों या संभावित मौतों की संख्या के बारे में सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है और अतिरिक्त जानकारी बाद में जारी की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि आग को आसपास की इमारतों और आवासीय क्षेत्रों में फैलने से रोकने पर मुख्य ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

  • होली पर ब्लड मून का साया: भद्रा और खग्रास चंद्र ग्रहण का दुर्लभ संयोग; जानें होलिका दहन का समय और सूतक काल के नियम

    होली पर ब्लड मून का साया: भद्रा और खग्रास चंद्र ग्रहण का दुर्लभ संयोग; जानें होलिका दहन का समय और सूतक काल के नियम

    उज्जैन/इंदौर। इस वर्ष होली के उल्लास के बीच भद्रा और चंद्र ग्रहण की स्थिति बन रही है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 2 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा लेकिन अगले ही दिन यानी 3 मार्चधुलेंडी को खग्रास चंद्र ग्रहण का प्रभाव रहेगा। इस दौरान आसमान में ब्लड मूनलाल चंद्रमा का अद्भुत नजारा भी दिखाई देगा। ग्रहण के कारण इस बार रंगपंचमी और धुलेंडी के उत्सव पर सूतक काल का असर देखने को मिलेगा।

    होलिका दहन और भद्रा का गणित

    ज्योतिषाचार्य पंडित अमर डिब्बेवाला के अनुसार 2 मार्च को शाम 5:55 बजे से भद्रा काल शुरू होगा जो 3 मार्च की सुबह 4:28 बजे तक चलेगा। चूंकि इस बार भद्रा भूलोकसिंह राशि में है इसलिए प्रदोष काल में होलिका पूजन और दहन करना ही शास्त्रसम्मत और श्रेष्ठ माना गया है। भद्रा काल के दौरान भी दान-पुण्य किया जा सकता है जो फलदायी रहता है।

    3 मार्च: चंद्र ग्रहण और ब्लड मून

    धुलेंडी के दिन यानी 3 मार्च को खग्रास चंद्र ग्रहण लगेगा। इसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:समय: दोपहर 3:19 बजे से शाम 6:47 बजे तक।पूर्ण खग्रास: लगभग 17 मिनट तक चंद्रमा पूरी तरह ग्रहण की चपेट में रहेगा।ब्लड मून: शाम 6:00 बजे के बाद चंद्रमा लाल रंग का दिखाई देगा जिसे खगोलीय भाषा में ब्लड मून कहा जाता है।सूतक काल: चंद्र ग्रहण का सूतक काल 3 मार्च को सुबह 9:30 बजे से शुरू हो जाएगा।

    सूतक काल में क्या करें और क्या न करें?

    सूतक काल शुरू होने के बाद मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं और शुभ कार्य वर्जित होते हैं। हालांकि आध्यात्मिक दृष्टि से यह समय बहुत महत्वपूर्ण है मंत्र सिद्धि: ग्रहण काल में इष्ट देव या गुरु मंत्र का जाप करने से मंत्र जल्दी सिद्ध होते हैं।भोजन: सूतक काल में भोजन बनाने और खाने से बचने की सलाह दी जाती हैबुजुर्गों और बीमारों को छोड़कर। दान: ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर सफेद वस्तुओंचावल चीनी दूध का दान करना शुभ माना जाता है।

  • महाशिवरात्रि 2026 पर ग्रहों का महासंयोग: कुंभ राशि में बनेगा चतुर्ग्रही योग, इन 4 राशियों की खुलेगी किस्मत!

    महाशिवरात्रि 2026 पर ग्रहों का महासंयोग: कुंभ राशि में बनेगा चतुर्ग्रही योग, इन 4 राशियों की खुलेगी किस्मत!


    नई दिल्ली । आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से साल 2026 की महाशिवरात्रि बेहद खास होने जा रही है। 15 फरवरी 2026 को जब पूरा देश महादेव की भक्ति में लीन होगा, तब अंतरिक्ष में ग्रहों की एक ऐसी हलचल होगी जो कई राशियों के भाग्य को सुनहरे अक्षरों में लिख देगी। इस दिन कुंभ राशि में चार बड़े ग्रहों राहु, बुध, शुक्र और सूर्य का दुर्लभ चतुर्ग्रही योग बनने जा रहा है। वर्तमान में कुंभ में राहु और बुध पहले से ही मौजूद हैं, लेकिन शिवरात्रि के शुभ अवसर तक शुक्र और सूर्य भी इस राशि में प्रवेश कर जाएंगे। ज्योतिषविदों का मानना है कि शनि की स्वामित्व वाली इस राशि में ग्रहों का यह जमावड़ा न केवल भगवान शिव की असीम कृपा दिलाएगा, बल्कि शनि देव के आशीर्वाद से जातकों के जीवन में सकारात्मकता का संचार भी करेगा।

    इस महासंयोग का सबसे शक्तिशाली प्रभाव मेष राशि के जातकों पर देखने को मिलेगा। मेष राशि वालों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है, जहाँ आर्थिक तंगी दूर होगी और धन की आवक के नए रास्ते खुलेंगे। निवेश की पुरानी योजनाएं अब फल देने लगेंगी और जो लोग लंबे समय से बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं, उनके लिए रोजगार के बेहतरीन अवसर पैदा होंगे। इसी तरह कन्या राशि के जातकों के लिए भी यह महाशिवरात्रि खुशियों की सौगात लेकर आएगी। पैतृक संपत्ति के अटके हुए मामले सुलझ सकते हैं और नया वाहन या मकान खरीदने का सपना सच हो सकता है। इस दौरान किसी प्रभावशाली व्यक्तित्व से आपकी मुलाकात करियर की दिशा और दशा दोनों बदल सकती है।

    मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए भी यह समय किसी बड़े टर्निंग पॉइंट की तरह होगा। मकर राशि वालों को कोर्ट-कचहरी के पुराने विवादों से मुक्ति मिलेगी और कर्ज का बोझ कम होने से मानसिक शांति का अनुभव होगा। वहीं, चूंकि यह चतुर्ग्रही योग स्वयं कुंभ राशि में ही बन रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए लाभ की संभावनाएं सबसे अधिक हैं। कुंभ राशि के जो जातक नौकरी छोड़कर स्वयं का स्टार्टअप या कारोबार शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए यह समय सबसे अनुकूल है। सोने-चांदी में निवेश और संतान पक्ष से मिलने वाली खुशखबरी उनके उत्साह को दोगुना कर देगी। कुल मिलाकर, 15 फरवरी 2026 की यह महाशिवरात्रि आर्थिक सामाजिक और व्यक्तिगत विकास की दृष्टि से इन चार राशियों के लिए एक ऐतिहासिक पड़ाव साबित होने वाली है।

  • निजी स्कूलों की मनमानी पर 'ब्रेक': 15 फरवरी तक पोर्टल पर ब्यौरा देना अनिवार्य; किताबें और यूनिफॉर्म को लेकर MP सरकार सख्त

    निजी स्कूलों की मनमानी पर 'ब्रेक': 15 फरवरी तक पोर्टल पर ब्यौरा देना अनिवार्य; किताबें और यूनिफॉर्म को लेकर MP सरकार सख्त


    भोपाल। मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी निजी स्कूलों को अंतिम अल्टीमेटम जारी किया है। मध्य प्रदेश निजी विद्यालय फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन अधिनियम-2020 के तहत, अब सभी प्राइवेट स्कूलों को अपनी फीस संरचना किताबों की सूची और यूनिफॉर्म का विवरण 15 फरवरी 2026 तक आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड करना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई स्कूल इस समय-सीमा का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ भारी जुर्माना और मान्यता रद्द करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

    शिक्षा विभाग के 5 बड़े नियम अभिभावकों के लिए राहत

    फीस में पारदर्शितास्कूलों को अपनी ट्यूशन फीस के साथ-साथ अन्य सभी चार्जेस पोर्टल पर सार्वजनिक करने होंगे, ताकि अभिभावक पहले से तुलना कर सकें।किताबों की ‘कमीशनखोरी’ पर रोकस्कूल प्रबंधन अब अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। किताबों की सूची सार्वजनिक करनी होगी ताकि वे खुले बाजार से खरीदी जा सकें।यूनिफॉर्म में बदलाव पर पाबंदीविभाग के नियम के अनुसार, कोई भी निजी स्कूल 3 साल से पहले अपनी स्कूल यूनिफॉर्म नहीं बदल सकेगा। दुकानदारों पर भी नजरयदि किसी विशेष दुकान पर ही स्कूल की सामग्री मिलती है, तो उस दुकानदार का लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है।फीस वृद्धि की सीमास्कूल बिना अनुमति के सालाना 10% से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकते। इससे ज्यादा वृद्धि के लिए जिला समिति की अनुमति अनिवार्य है।

    भोपाल के 150 स्कूलों पर लटकी तलवार

    अकेले भोपाल जिले में करीब 150 निजी स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने अब तक पोर्टल पर अपनी जानकारी अपडेट नहीं की है। जिला शिक्षा अधिकारी ने इन स्कूलों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी है। शिक्षा विभाग का यह कदम पारदर्शिता लाने और शिक्षा के व्यवसायीकरण को रोकने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।

  • मंडला में मासूम की नादानी बनी आफत: खेल-खेल में पानी में मिलाया कीटनाशक, एक ही परिवार के 10 लोग अस्पताल पहुँचे

    मंडला में मासूम की नादानी बनी आफत: खेल-खेल में पानी में मिलाया कीटनाशक, एक ही परिवार के 10 लोग अस्पताल पहुँचे


    मंडला। मध्य प्रदेश के मंडला जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहाँ एक 4 वर्षीय बच्ची की छोटी सी गलती ने पूरे परिवार को अस्पताल पहुँचा दिया। घर में रखे पानी में बच्ची ने अनजाने में कीटनाशक जहर मिला दिया जिसे पीने के बाद परिवार के 10 सदस्यों की तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में सभी को जिला अस्पताल भर्ती कराया गया।

    ऐसे हुआ कांड

    जानकारी के अनुसार बागली गांव के एक परिवार में बच्चे घर के भीतर खेल रहे थे। इसी दौरान 4 साल की बच्ची ने पास ही रखा कीटनाशक उठाया और पीने के पानी के बर्तन में मिला दिया। परिवार के सदस्यों को इस बात की भनक तक नहीं लगी और उन्होंने वही पानी पी लिया। पानी पीने के कुछ ही देर बाद एक-एक कर सभी को चक्कर आने लगे उल्टियां शुरू हो गई और कुछ लोग बेहोश होने लगे।

    मरीजों में 5 बच्चे और 3 महिलाएं शामिल

    जैसे ही स्थिति बिगड़ी पड़ोसियों की मदद से सभी को जिला अस्पताल ले जाया गया। बीमार होने वालों में परिवार के 5 बच्चे 3 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं। अस्पताल के डॉक्टरों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल इमरजेंसी इलाज शुरू किया।

    डॉक्टरों ने दी राहत की खबर

    जिला अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार सभी मरीजों का समय पर प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया गया था। राहत की बात यह है कि अब सभी 10 सदस्यों की हालत स्थिर और सामान्य बताई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि इलाज में थोड़ी भी देरी होती तो परिणाम घातक हो सकते थे।स घटना ने एक बार फिर घरों में रखे जहरीले रसायनों और कीटनाशकों को बच्चों की पहुँच से दूर रखने की जरूरत को रेखांकित किया है।

  • फिजिकल हेल्थ: शराब और सोडा से भी घातक हैं एनर्जी ड्रिंक्स! जानें कैसे ये आपकी किडनी को कर रहे हैं 'फेल', एक्सपर्ट्स की चेतावनी

    फिजिकल हेल्थ: शराब और सोडा से भी घातक हैं एनर्जी ड्रिंक्स! जानें कैसे ये आपकी किडनी को कर रहे हैं 'फेल', एक्सपर्ट्स की चेतावनी


    नई दिल्ली । आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में इंस्टेंट एनर्जी तुरंत ऊर्जा का चलन बढ़ गया है। थकान मिटाने के लिए लोग धड़ल्ले से एनर्जी ड्रिंक्स का सहारा ले रहे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये ड्रिंक्स आपकी किडनी के लिए शराब और सोडा से भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं? नारायणा हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. राजीव गोयल और नेफ्रोलॉजी डायरेक्टर डॉ. यासिर रिजवी ने आगाह किया है कि इन ड्रिंक्स में मौजूद हाई कैफीन और शुगर का जानलेवा कॉम्बिनेशन किडनी को हमेशा के लिए डैमेज कर सकता है।

    एनर्जी ड्रिंक्स: जहर का मीठा कॉम्बिनेशन

    एनर्जी ड्रिंक्स को खतरनाक बनाने के पीछे तीन मुख्य विलेन हैं: अत्यधिक कैफीन, सिंथेटिक शुगर और केमिकल प्रिजर्वेटिव्स। * शराब बनाम एनर्जी ड्रिंक: शराब किडनी को डिहाइड्रेट करती है और सोडा शुगर लोड बढ़ाता है, लेकिन एनर्जी ड्रिंक इन दोनों का घातक मिश्रण है। यह एक साथ शरीर को डिहाइड्रेट भी करता है और ब्लड शुगर को अचानक स्पाइक तेजी से बढ़ाना भी कर देता है।किडनी पर दबाव: साउथ डकोटा स्टेट यूनिवर्सिटी के एक रिव्यू 2008-2020 के अनुसार, ये ड्रिंक्स किडनी पर फिल्ट्रेशन का इतना दबाव डालते हैं कि किडनी की कोशिकाएं थक जाती हैं, जिससे इंफ्लेमेशन और डैमेज का खतरा बढ़ जाता है।

    क्या इनमें सचमुच ‘एनर्जी’ होती है?

    डॉक्टरों का कहना है कि यह ‘एनर्जी’ नहीं बल्कि स्टिम्यूलेशन उत्तेजना है। हाई कैफीन आपके नर्वस सिस्टम को उत्तेजित कर देता है, जिससे आपको कुछ देर के लिए ऊर्जा का एहसास होता है। लेकिन जैसे ही इसका असर खत्म होता है, शरीर पहले से ज्यादा थकान और सुस्ती महसूस करने लगता है।

    रोजाना सेवन के भयानक नुकसान:

    किडनी स्टोन: हाई शुगर और डिहाइड्रेशन के कारण पथरी का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।क्रॉनिक किडनी डिजीज लंबे समय तक सेवन से किडनी टॉक्सिन्स को फिल्टर करने की क्षमता खो देती है।हार्ट और लिवर पर असर: अत्यधिक कैफीन से दिल की धड़कन बढ़ना और लिवर में टॉक्सिसिटी का रिस्क बढ़ता है।ब्लड प्रेशर ये ड्रिंक्स अचानक बीपी बढ़ा देते हैं, जो किडनी की बारीक़ नसों को नुकसान पहुँचाता है।

  • मोहन कैबिनेट का ऐतिहासिक निर्णय: 25 हजार विस्थापित आदिवासियों के पट्टों की होगी फ्री रजिस्ट्री; सिंचाई और संबल जैसी योजनाओं को 2031 तक विस्तार

    मोहन कैबिनेट का ऐतिहासिक निर्णय: 25 हजार विस्थापित आदिवासियों के पट्टों की होगी फ्री रजिस्ट्री; सिंचाई और संबल जैसी योजनाओं को 2031 तक विस्तार


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के आदिवासी समाज और किसानों के लिए बड़ी सौगातों का पिटारा खोला गया है। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री चेतन कश्यप ने बताया कि सरकार ने सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित हजारों परिवारों के हक में एक बड़ा मानवीय फैसला लिया है।

    विस्थापितों को मुफ्त मालिकाना हक

    सरदार सरोवर परियोजना के कारण विस्थापित हुए 25,602 आदिवासी परिवारों को पूर्व में आवासीय पट्टे तो दिए गए थे, लेकिन उनकी रजिस्ट्री नहीं हो पाई थी। अब सरकार ने इन सभी पट्टों की निःशुल्क रजिस्ट्री कराने का निर्णय लिया है। इस फैसले से हजारों परिवारों को उनके घर का कानूनी स्वामित्व बिना किसी आर्थिक बोझ के मिल सकेगा।

     सिंचाई और बुनियादी ढांचे को मजबूती
    कैबिनेट ने प्रदेश की कृषि क्षमता बढ़ाने के लिए दो महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं को हरी झंडी दी है:धनवाही सिंचाई परियोजना और बरही सिंचाई परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।
    इन परियोजनाओं से हजारों हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी, जिससे स्थानीय किसानों की आय में वृद्धि होगी।

    योजनाओं का विस्तार 2026 से 2031 तक

    सरकार ने कई फ्लैगशिप योजनाओं को अगले 5 सालों के लिए निरंतर जारी रखने का फैसला किया है। वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रहने वाली प्रमुख योजनाएं हैं संबल योजना गरीबों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवच। महिला एवं शिशु कल्याण: महिला पीड़ित सहायता योजना और किशोर कल्याण निधि। आर्थिक विकास: उद्यम योजना और पशु विकास योजना। वित्तीय भार: इन योजनाओं की निरंतरता से सरकार पर 15,009 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा।

    प्रशासनिक सुधार और अन्य चर्चाएं

    राज्य समाज कल्याण बोर्ड: बोर्ड को भंग कर इसके कर्मचारियों का संविलियन महिला एवं बाल विकास विभाग में करने की स्वीकृति दी गई है। भावांतर योजना: कैबिनेट में बताया गया कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने भावांतर योजना को पूर्णतः लागू कर 2 माह के भीतर किसानों को भुगतान सुनिश्चित किया। धार्मिक और पर्यटन विकास: 29 जनवरी को मंदसौर में ‘पशुपतिनाथ लोक’ के लोकार्पण और भोपाल में हुए ‘पुष्प महोत्सव’ की सफलता पर भी चर्चा हुई।

  • माइकल वॉन की बड़ी भविष्यवाणी: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ये होंगे 4 सेमीफाइनलिस्ट, लिस्ट से एक 'दिग्गज' गायब!

    माइकल वॉन की बड़ी भविष्यवाणी: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ये होंगे 4 सेमीफाइनलिस्ट, लिस्ट से एक 'दिग्गज' गायब!


    नई दिल्ली । भारत और श्रीलंका की धरती पर 7 फरवरी से शुरू होने जा रहे आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच चरम पर है। जैसे-जैसे टूर्नामेंट की तारीख नजदीक आ रही है क्रिकेट पंडितों और पूर्व दिग्गजों के बीच भविष्यवाणियों का दौर भी तेज हो गया है। इसी क्रम में इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज कप्तान माइकल वॉन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने चार संभाव सेमीफाइनलिस्टों के नाम साझा कर सबको हैरान कर दिया है। वॉन के अनुसार इस दसवें संस्करण के अंतिम चार में भारत, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया अपनी जगह बनाएंगे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उन्होंने इस सूची से दक्षिण अफ्रीका को बाहर रखा है जो 2024 के फाइनल में भारत के खिलाफ मात्र सात रनों से हारकर उपविजेता रही थी।

    2026 का यह टूर्नामेंट 2024 के सफल फॉर्मेट पर ही आधारित होगा जिसमें कुल 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं। हालांकि इस बार सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश की अनुपस्थिति में स्कॉटलैंड को मुख्य ड्रॉ में शामिल किया गया है। भारत को ग्रुप-ए में पाकिस्तान, नीदरलैंड्स, नामीबिया और यूएसए के साथ रखा गया है। भारतीय टीम अपना पहला मुकाबला 7 फरवरी को यूएसए के खिलाफ खेलेगी। लेकिन टूर्नामेंट के सबसे हाई-वोल्टेज मैच यानी भारत बनाम पाकिस्तान को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। पाकिस्तान ने कोलंबो में 15 फरवरी को होने वाले इस मुकाबले का बॉयकॉट करने का फैसला किया है जिससे भारत को बिना खेले वॉकओवर के अंक मिल सकते हैं।

    ग्रुप चरण की अन्य जंगों पर नजर डालें तो इंग्लैंड की टीम ग्रुप-सी में नेपाल, वेस्टइंडीज और इटली जैसी टीमों के खिलाफ अपना दम दिखाएगी। वहीं ऑस्ट्रेलिया ग्रुप-बी में मेजबान श्रीलंका और आयरलैंड के साथ भिड़ेगी। न्यूजीलैंड की राह थोड़ी कठिन मानी जा रही है क्योंकि उनके ग्रुप-डी में अफगानिस्तान और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमें शामिल हैं। माइकल वॉन द्वारा दक्षिण अफ्रीका को सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर बताना क्रिकेट प्रशंसकों के गले नहीं उतर रहा है क्योंकि प्रोटियाज टीम हमेशा से इस फॉर्मेट की दावेदार रही है। वॉन का मानना है कि न्यूजीलैंड की निरंतरता और एशियाई परिस्थितियों में उनका अनुभव उन्हें दक्षिण अफ्रीका से आगे ले जा सकता है।

    डिफेंडिंग चैंपियन भारत के लिए यह वर्ल्ड कप अपनी बादशाहत बरकरार रखने की अग्निपरीक्षा होगा। जहाँ एक तरफ माइकल वॉन ने भारत को टॉप-4 में रखा है वहीं पाकिस्तान के बॉयकॉट वाले रवैये ने आईसीसी और क्रिकेट प्रशंसकों के बीच नई बहस छेड़ दी है। 8 मार्च को होने वाले फाइनल तक का सफर इस बार न केवल मैदान पर बल्कि मैदान के बाहर की रणनीतियों और भविष्यवाणियों के कारण भी बेहद दिलचस्प होने वाला है। वॉन की यह भविष्यवाणी कितनी सटीक बैठती है यह तो वक्त ही बताएगा लेकिन उन्होंने टूर्नामेंट से पहले माहौल को पूरी तरह से गरमा दिया है।

  • सलमान खान की 'तेरे नाम' से जुड़ा बड़ा खुलासा, फिल्म के सबसे इमोशनल सीन की शूटिंग लोकेशन जान रह जाएंगे दंग।

    सलमान खान की 'तेरे नाम' से जुड़ा बड़ा खुलासा, फिल्म के सबसे इमोशनल सीन की शूटिंग लोकेशन जान रह जाएंगे दंग।


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के इतिहास में जब भी सबसे यादगार और दर्दभरी रोमांटिक फिल्मों की बात होती है तो साल 2003 में आई ‘तेरे नाम’ का जिक्र जरूर होता है। सतीश कौशिक के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने न केवल सलमान खान के करियर को एक नई ऊंचाई दी बल्कि ‘राधे’ के किरदार को हमेशा के लिए अमर कर दिया। फिल्म का संगीत, सलमान और भूमिका चावला की केमिस्ट्री और फिल्म का वो दुखद अंत आज भी दर्शकों की आंखों में आंसू ला देता है। लेकिन इस फिल्म से जुड़ा एक ऐसा राज है जिसे सुनकर सिनेमा प्रेमी हैरान रह जाएंगे। फिल्म के दूसरे भाग में जिस ‘श्रीपुरधाम आश्रम’ यानी मानसिक अस्पताल ने दर्शकों का दिल दहला दिया था वह असल में कोई अस्पताल था ही नहीं।

    फिल्म के निर्माताओं ने राधे के मानसिक और भावनात्मक बिखराव को पर्दे पर उतारने के लिए हैदराबाद के मशहूर गोलकोंडा किले का चुनाव किया था। यह चुनाव फिल्म की कहानी को वह गहराई देने के लिए किया गया था जिसे कोई बनावटी सेट नहीं दे सकता था। गोलकोंडा किले के पुराने और वीरान हिस्सों, उसकी ऊंची पत्थर की दीवारों और भारी भरकम लोहे के दरवाजों ने फिल्म को वह यथार्थवादी माहौल दिया जो एक पुराने और सख्त मानसिक संस्थान के लिए जरूरी था। किले के भीतर की अंधेरी गलियों ने राधे के किरदार की तड़प और उसके अकेलेपन को और अधिक प्रभावशाली बना दिया। यही कारण है कि जब दर्शक पर्दे पर सलमान खान को जंजीरों में बंधा देखते हैं तो वह दृश्य सीधे दिल पर चोट करता है।

    गोलकोंडा किला सदियों से अपनी भव्यता के लिए जाना जाता रहा है लेकिन ‘तेरे नाम’ की टीम ने इसकी ऐतिहासिकता का उपयोग एक अलग ही संवेदना को दर्शाने के लिए किया। फिल्म की शूटिंग के दौरान किले के शांत और खाली कोनों को इस तरह सजाया गया कि वह एक ऐसा स्थान प्रतीत हो जहाँ समय ठहर गया हो। राधे के किरदार में सलमान खान की बेहतरीन अदाकारी को इन लोकेशन्स ने एक अलग ही स्तर पर पहुँचा दिया। फिल्म के समीक्षक भी मानते हैं कि लोकेशन और एक्टिंग के इसी तालमेल ने ‘तेरे नाम’ को एक क्लासिक का दर्जा दिलाया है।

    आज भी जब दर्शक इस फिल्म को दोबारा देखते हैं तो श्रीपुरधाम आश्रम के दृश्यों में गोलकोंडा किले की पुरानी वास्तुकला की झलक साफ देखी जा सकती है। यह फिल्म निर्माण की उस खूबसूरती को दर्शाता है जहाँ एक ऐतिहासिक धरोहर ने एक काल्पनिक कहानी को इतना वास्तविक बना दिया कि लोग उसे सच मान बैठे। यह जानकारी न केवल फिल्म निर्माण की तकनीक को समझने वालों के लिए दिलचस्प है बल्कि उन करोड़ों फैंस के लिए भी खास है जो आज भी ‘राधे’ के दर्द को अपना मानते हैं। गोलकोंडा किले की उन दीवारों ने राधे के जज्बातों को जिस तरह समेटा वह भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक अमिट अध्याय बन गया है।

  • Valentine Date Ideas: कम बजट में शानदार वैलेंटाइन डेट! दिल्ली की ये 7 जगहें प्यार बढ़ाने के लिए हैं परफेक्ट

    Valentine Date Ideas: कम बजट में शानदार वैलेंटाइन डेट! दिल्ली की ये 7 जगहें प्यार बढ़ाने के लिए हैं परफेक्ट


    नई दिल्ली । वैलेंटाइन डे आते ही हर किसी के मन में यही सवाल होता है कि अपने पार्टनर के साथ ऐसा क्या किया जाए जो दिन को खास बना दे, लेकिन जेब पर ज्यादा भारी भी न पड़े. महंगे होटल और फैंसी रेस्टोरेंट हर बार जरूरी नहीं होते, कई बार सादगी में ही सबसे ज्यादा प्यार छिपा होता है. अगर आप भी इस वैलेंटाइन अपने पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिताना चाहते हैं, वो भी कम खर्च में, तो दिल्ली-एनसीआर आपके लिए परफेक्ट जगह है.
    यहां सिर्फ मॉडर्न कैफे ही नहीं, बल्कि शांत पार्क, खूबसूरत झीलें, ऐतिहासिक जगहें और ओपन स्पेस भी हैं, जहां आप खुलकर बातें कर सकते हैं, टहल सकते हैं और साथ में अच्छे पल जी सकते हैं. खास बात यह है कि इन जगहों पर जाने के लिए आपको बड़ी प्लानिंग या ज्यादा बजट की जरूरत नहीं होती. बस थोड़ा सा टाइम और सही जगह का चुनाव काफी है. अगर आप इस वैलेंटाइन डे को यादगार बनाना चाहते हैं, तो नीचे दी गई इन 7 जगहों को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें.
    ओखला वाटरफ्रंट नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर स्थित ओखला वाटरफ्रंट सनसेट के लिए जाना जाता है. यहां का शांत माहौल कपल्स को काफी पसंद आता है. अगर आप और आपके पार्टनर को लंबी बातें करना और साथ टहलना अच्छा लगता है, तो यह जगह एकदम सही है. सूर्यास्त के समय यहां की हवा और नजारा किसी फिल्मी सीन से कम नहीं लगता.

    इंद्रप्रस्थ पार्क इंद्रप्रस्थ पार्क का जापानी स्टाइल गार्डन अभी भी कई लोगों के लिए अनजान है. यहां रंग-बिरंगे फूल, पत्थर और अलग ही तरह की वाइब देखने को मिलती है. नेचर लवर्स और फोटो के शौकीन कपल्स के लिए यह जगह परफेक्ट है. यहां की शांति आपके वैलेंटाइन डे को और भी खास बना सकती है.

    कनॉट प्लेस कनॉट प्लेस दिल्ली की सबसे पॉपुलर और हप्पेनिंग जगहों में से एक है. यहां आप कैफे डेट कर सकते हैं, स्ट्रीट फूड का मजा ले सकते हैं और चाहें तो शॉपिंग भी कर सकते हैं. हर बजट के ऑप्शन मिलने की वजह से यह कपल्स के लिए हमेशा से फेवरेट स्पॉट रहा है.
    संजय झील अगर आप भीड़ से दूर शांति चाहते हैं, तो संजय झील एक बेहतरीन ऑप्शन है. झील के किनारे वॉक करना, बोटिंग करना और नेचर के बीच समय बिताना कपल्स को काफी सुकून देता है. यहां का माहौल रिलैक्स करने के लिए बिल्कुल सही है.
    साइबर हब, गुरुग्राम मॉडर्न और स्टाइलिश डेट के लिए साइबर हब शानदार जगह है. यहां कई कैफे, रेस्टोरेंट और म्यूजिक स्पॉट्स हैं. अगर आप वैलेंटाइन डे पर नाइट आउट या पार्टी का प्लान बना रहे हैं, तो यह जगह आपको निराश नहीं करेगी.
    सुंदर नर्सरी लोधी रोड के पास स्थित सुंदर नर्सरी कपल्स के लिए एक शांत और खूबसूरत जगह है. हरियाली, ओपन स्पेस और साफ-सुथरा माहौल इसे खास बनाता है. यहां पिकनिक स्टाइल डेट भी प्लान की जा सकती है, जो कम खर्च में शानदार अनुभव देती है.
    लोधी गार्डन लोधी गार्डन हमेशा से कपल्स की पसंदीदा जगहों में शामिल रहा है. यहां घूमते हुए ऐतिहासिक ढांचे देखना और हरियाली के बीच समय बिताना बेहद अच्छा लगता है. सुबह या शाम, दोनों समय यह जगह वैलेंटाइन डेट के लिए परफेक्ट है.