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  • शनि साढ़ेसाती 2026-27: जिम्मेदारी और अनुशासन सिखाने वाला समय मेष कुंभ और मीन राशि के जातकों के लिए

    शनि साढ़ेसाती 2026-27: जिम्मेदारी और अनुशासन सिखाने वाला समय मेष कुंभ और मीन राशि के जातकों के लिए


    नई दिल्ली।वर्ष 2026-27 में शनि की साढ़ेसाती मेष कुंभ और मीन राशि पर अपना प्रभाव जारी रखेगी। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार यह समय इन राशियों के जातकों के लिए परीक्षा और परिपक्वता का दौर साबित हो सकता है। शनि की साढ़ेसाती जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में दबाव विलंब और अतिरिक्त परिश्रम की मांग करती है।

    साढ़ेसाती तब होती है जब शनि जन्म राशि से 12वें उसी और दूसरे भाव में गोचर करता है। वर्तमान में शनि की स्थिति मेष कुंभ और मीन राशि वालों पर प्रभाव डाल रही है और यह स्थिति वर्ष 2027 तक जारी रहने की संभावना है।

    मेष राशि वालों के लिए यह समय धैर्य की परीक्षा लेने वाला है। कार्यक्षेत्र में निर्णय लेने से पहले अनुभवी लोगों की सलाह लेना जरूरी है। अनियोजित खर्च और जल्दबाजी आर्थिक असंतुलन पैदा कर सकती है। पारिवारिक और व्यक्तिगत रिश्तों में खटास देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि शॉर्टकट से बचें और नियमित मेहनत पर भरोसा रखें।

    कुंभ राशि के जातकों को स्वास्थ्य संबंधी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। विदेश यात्रा निवेश और व्यापार से जुड़े फैसलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। पारिवारिक गलतफहमियां और प्रेम संबंधों में बाधाएं मानसिक दबाव बढ़ा सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जल्दबाजी से बचें और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ें।

    मीन राशि वालों के लिए यह दौर चुनौतियों भरा रह सकता है। नए लोगों पर भरोसा करने से पहले सावधानी बरतने की जरूरत है। आर्थिक तंगी वाहन या संपत्ति से जुड़े फैसलों में देरी और सरकारी कार्यों में रुकावटें सामने आ सकती हैं। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में भी मानसिक तनाव बढ़ने की आशंका जताई गई है।

    ज्योतिषियों के अनुसार साढ़ेसाती केवल कष्ट का काल नहीं बल्कि आत्ममंथन अनुशासन और जिम्मेदारी सिखाने का समय है। यह दौर व्यक्ति को जिम्मेदार बनाता है और लंबे समय में स्थायी परिणाम देता है। प्रभाव को संतुलित करने के लिए नियमित पूजा दान और संयमित जीवनशैली अपनाने की सलाह दी जाती है। शनिवार के दिन शनि से जुड़े उपाय मानसिक संतुलन और नकारात्मक प्रभाव को कम करने में सहायक हो सकते हैं।

  • मंगल और शनि की शत्रुता से इन तीन राशियों में बढ़ सकती है झड़प और विवाद वृषभ वृश्चिक और कुंभ राशि के जातक रहें सतर्क

    मंगल और शनि की शत्रुता से इन तीन राशियों में बढ़ सकती है झड़प और विवाद वृषभ वृश्चिक और कुंभ राशि के जातक रहें सतर्क


    नई दिल्ली। फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में होने वाला मंगल गोचर ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार कई राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। 23 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजकर 33 मिनट पर मंगल ग्रह कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। कुंभ राशि शनि की मानी जाती है और मंगल और शनि के बीच शत्रुता का भाव होने के कारण यह गोचर वृषभ वृश्चिक और कुंभ राशि के जातकों के लिए सावधानी का संकेत दे रहा है।

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल साहस ऊर्जा पराक्रम और क्रोध का कारक ग्रह है जबकि शनि कर्म अनुशासन और धैर्य का प्रतिनिधित्व करता है। जब मंगल शनि की राशि में प्रवेश करता है तो स्वभाव में उग्रता और परिस्थितियों में टकराव की संभावना बढ़ जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार यह गोचर व्यक्तिगत पेशेवर और पारिवारिक जीवन में असंतुलन ला सकता है।

    वृषभ राशि के जातकों के लिए पेशेवर मोर्चे पर दबाव बढ़ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों से मतभेद का सामना करना पड़ सकता है। जल्दबाजी में लिए गए निर्णय नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। संयम और धैर्य से काम लेना जरूरी है नहीं तो गुस्से पर नियंत्रण न रखने से बनाए हुए कार्य बिगड़ सकते हैं।

    वृश्चिक राशि के जातकों के लिए पारिवारिक और निजी रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है। मानसिक बेचैनी और चिड़चिड़ापन निर्णय क्षमता को प्रभावित कर सकता है। संपत्ति वाहन और साझेदारी से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। जीवनसाथी या व्यापारिक साझेदार के साथ मतभेद बढ़ने की संभावना है। छोटी बातों को तूल देने से रिश्तों में दूरी पैदा हो सकती है।

    कुंभ राशि में मंगल के गोचर से जातकों में ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ेगा लेकिन अत्यधिक आत्मविश्वास और जल्दबाजी टकराव और नुकसान का कारण बन सकती है। बिना सोच-समझे फैसले लेने से विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है इस समय शांत रहना और संवाद में संयम बरतना आवश्यक है।

    ज्योतिषियों के अनुसार यह गोचर अस्थायी है लेकिन प्रभाव को कम करने के लिए सोच-समझकर निर्णय लेना क्रोध पर नियंत्रण रखना और जोखिम भरे कदमों से बचना जरूरी है। इससे पेशेवर पारिवारिक और व्यक्तिगत जीवन में असंतुलन को रोका जा सकता है।

  • 3 फरवरी से खुला राष्ट्रपति भवन का गार्डन, ‘अमृत उद्यान’ घूमने के लिए जान लें कहीं टिकट फ्री तो नहीं?

    3 फरवरी से खुला राष्ट्रपति भवन का गार्डन, ‘अमृत उद्यान’ घूमने के लिए जान लें कहीं टिकट फ्री तो नहीं?


    नई दिल्ली । दिल्ली घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए अमृत उद्यान एक खास आकर्षण है। पहले मुगल गार्डन कहलाने वाला यह उद्यान राष्ट्रपति भवन में स्थित है और हर साल सर्दियों में आम जनता के लिए खोला जाता है। यहां प्रवेश बिल्कुल मुफ्त है, बस ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी है। रंग-बिरंगे फूल, हरियाली और शांत माहौल इसे घूमने लायक बनाते हैं।
    देश की राजधानी दिल्ली में घूमने के लिए सिर्फ भारत के अलग-अलग राज्यों से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। कुतुब मीनार, लाल किला जैसी ऐतिहासिक जगहों के साथ-साथ हर साल सर्दियों में खुलने वाला मुगल गार्डन भी लोगों को काफी पसंद आता है। अब मुगल गार्डन का नाम बदलकर अमृत उद्यान कर दिया गया है, जो राष्ट्रपति भवन के अंदर स्थित है।

    इस साल भी अमृत उद्यान को आम जनता के लिए खोल दिया गया है। यहां आप तय तारीखों के बीच सुबह से शाम तक घूम सकते हैं। अच्छी बात यह है कि अमृत उद्यान में प्रवेश बिल्कुल मुफ्त है। टिकट लेने के लिए आपको पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होता है, इसके बाद तय समय पर एंट्री मिलती है। खूबसूरत फूल, हरियाली और शांत माहौल के लिए अमृत उद्यान एक बेहतरीन जगह है। अगली स्लाइड्स में आप इसके बारे में और जानकारी जान सकते हैं।

    कब से कब तक खुलने वाला है अमृत उद्यान?
    आम जनता के लिए अमृत उद्यान 3 फरवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक खुला रहेगा।यह बगीचा हफ्ते में 6 दिन खुलेगा, जबकि सोमवार को बंद रहेगा।घूमने का समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा।आखिरी एंट्री शाम 5:15 बजे तक ही मिलेगी, उसके बाद प्रवेश नहीं होगा।

    अमृत उद्यान में क्या-क्या देख सकेंगे?
    यहां आपको अलग-अलग प्रजाति के खूबसूरत फूल देखने को मिलते हैं। बगीचे में 145 से ज्यादा किस्मों के गुलाब लगे हुए हैं।इसके अलावा 85 तरह के अन्य फूलों के पौधे भी हैं। रंग-बिरंगे ट्यूलिप लोगों को खासा आकर्षित करते हैं।साथ ही झरनों जैसी बहती पानी की धाराएं, छोटी नहरें और शांत माहौल वाला बरगद का बगीचा भी देखने लायक है।

    कितने का है टिकट और कहां से बुक करें?
    यहां एंट्री बिल्कुल मुफ्त है। लेकिन पहले से ऑनलाइन बुकिंग जरूरी है। आप आधिकारिक वेबसाइट visit.rashtrapatibhavan.gov.in से टिकट बुक कर सकते हैं। अमृत उद्यान पहुंचकर टिकट नहीं मिलता, इसलिए घर से ही बुकिंग करें।

    इन जरूरी बातों को भी जान लें
    यहां प्रवेश राष्ट्रपति भवन के गेट नंबर 35 से होगा।होली के दिन अमृत उद्यान बंद रहेगा।एंट्री बिल्कुल मुफ्त है, लेकिन ऑनलाइन बुकिंग जरूरी है।अमृत उद्यान में लगे क्यूआर कोड स्कैन करके फूलों और पौधों की जानकारी ले सकते हैं।

    कैसे पहुंच सकते हैं यहां?
    अमृत उद्यान पहुंचने के लिए सबसे आसान तरीका मेट्रो है। आप सेंट्रल सेक्रेटेरिएट या उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन पर उतर सकते हैं। यहां से ऑटो, ई-रिक्शा या टैक्सी लेकर राष्ट्रपति भवन गेट नंबर 35 तक पहुंचा जा सकता है। बस से आने वालों के लिए भी आसपास कई रूट उपलब्ध हैं। अगर आप अपनी गाड़ी से आ रहे हैं तो पार्किंग की जानकारी पहले ऑनलाइन जांच लें। सुरक्षा जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाता है, इसलिए समय से पहुंचना बेहतर रहता है।

  • ग्वालियर में कार हायर कर गिरवी रखने का खेल, फर्जी अटैचमेंट एग्रीमेंट से 1.5 करोड़ की ठगी

    ग्वालियर में कार हायर कर गिरवी रखने का खेल, फर्जी अटैचमेंट एग्रीमेंट से 1.5 करोड़ की ठगी


    ग्वालियर । ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने सरकारी विभागों में लग्जरी वाहनों के अटैचमेंट के नाम पर फर्जीवाड़ा कर कारें हड़पने वाले 23 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी बीए पास है और दो साल पहले तक टिफिन सेंटर चलाता था। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 1.5 करोड़ रुपए कीमत की 17 कारें बरामद की हैं।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी अभय भदौरिया खुद को अवंटेक्स इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड में मैनेजर बताता था। इसी पहचान के जरिए वह ट्रेवल एजेंसियों और वाहन मालिकों पर भरोसा बनाता था। बाद में वह फर्जी दस्तावेज तैयार कर कंपनियों और विभागों के नाम पर लग्जरी कारें किराए पर लेता और उन्हें दो से पांच लाख रुपए में अन्य लोगों के पास गिरवी रख देता था।

    आरोपी फर्जी मालिक बनकर दस्तावेज तैयार करता था और 7 सीटर कार के लिए 85 हजार रुपए तक किराया देने का लालच देता था। इस तरीके से उसने अब तक 50 से अधिक कारें ठगने की कोशिश की। पुलिस ने फिलहाल 17 वाहन जब्त किए हैं।

    किराया नहीं मिला तो खुला राज

    शहर के शताब्दीपुरम फेस-1 निवासी भास्कर शर्मा ने सोमवार को क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी। भास्कर श्री मधुवन जी ट्रेवल्स के नाम से ट्रेवल एजेंसी चलाते हैं। उन्होंने बताया कि अभय भदौरिया ने खुद को अवंटेक्स इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड का मैनेजर बताकर उनसे 7 सीटर कार के बदले 85 हजार और 5 सीटर कार के बदले 50 हजार रुपए प्रतिमाह देने की बात कही थी।

    भास्कर ने आरोपी को 19 कारें किराए पर दीं, लेकिन न तो कारें किसी सर्विस में लगीं और न ही किराया मिला। शक होने पर जब उन्होंने कंपनी में जाकर जानकारी ली तो पता चला कि वहां अभय भदौरिया नाम का कोई व्यक्ति काम ही नहीं करता। बाद में यह भी सामने आया कि आरोपी ने फर्जी कागजात बनाकर कारें अन्य लोगों के पास गिरवी रख दी थीं। दबाव बनाने पर कुछ कारें वापस मिलीं। इसी तरह रघुवीर रजक ने भी 20 कारें ठगे जाने की शिकायत की।

    24 घंटे में गिरफ्तारी, 17 वाहन जब्त

    शिकायत दर्ज होते ही क्राइम ब्रांच ने मोबाइल और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को पुलिस ने मामले का खुलासा किया। पूछताछ में पहले आरोपी अपनी कहानी पर टिका रहा, लेकिन ट्रेवल एजेंसी संचालक को आमने-सामने लाने पर वह चुप हो गया। पुलिस ने GPS ट्रैकिंग की मदद से 17 कारें बरामद की हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपए आंकी गई है। आरोपी ने 39 कारों की ठगी की बात स्वीकार की है, जबकि पुलिस को आशंका है कि यह संख्या 50 से ज्यादा हो सकती है। जिनमें मारूति अर्टिगा, टाटा अल्ट्रोज, मारूति सियाज, टोयोटा अर्बन क्रूजर, महिंद्रा बोलेरो, मारूति स्विफ्ट, महिंद्रा स्कॉर्पियो, रेनॉल्ट ट्रायवर, शामिल हैं।

    गिरवी रखने वालों पर भी कार्रवाई संभव
    एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने बताया कि जिन लोगों ने कारें गिरवी रखीं, वे भी ठगी के शिकार हैं। हालांकि कुछ लोगों ने खुद को कार का मालिक बताकर दस्तावेज पेश किए हैं। ऐसे मामलों में दस्तावेजों की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

  • Google पर कैसे बनते हैं ट्रेंडिंग टॉपिक्स? समझिए इसके पीछे काम करने वाली टेक्नोलॉजी

    Google पर कैसे बनते हैं ट्रेंडिंग टॉपिक्स? समझिए इसके पीछे काम करने वाली टेक्नोलॉजी


    नई दिल्ली । डिजिटल दौर में अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि कोई खबर, फिल्म, खिलाड़ी या घटना अचानक Google पर ट्रेंड करने लगती है। कभी यह ब्रेकिंग न्यूज होती है, तो कभी किसी सेलिब्रिटी से जुड़ी चर्चा। ऐसे में सवाल उठता है कि Google आखिर कैसे तय करता है कि कौन-सा विषय ट्रेंड कर रहा है? इसके पीछे एडवांस टेक्नोलॉजी और मजबूत डेटा एनालिसिस सिस्टम काम करता है, जो अलग-अलग स्रोतों से आने वाली जानकारी का तुरंत विश्लेषण करता है।

    क्या होता है ट्रेंडिंग टॉपिक?

    सरल शब्दों में कहें तो जब किसी विषय को लेकर बहुत कम समय में अचानक बड़ी संख्या में सर्च होने लगती हैं, तो Google उसे ट्रेंडिंग टॉपिक के रूप में पहचानता है। यह सामान्य सर्च पैटर्न से अलग होता है। यानी कोई विषय, जिसे पहले कम लोग खोज रहे थे, अचानक हजारों या लाखों लोगों की दिलचस्पी का केंद्र बन जाता है।

    Google कैसे पकड़ता है ट्रेंड?

    Google के पास हर सेकंड दुनियाभर से करोड़ों सर्च क्वेरी आती हैं। इसके एल्गोरिदम इन रियल-टाइम सर्चेस की तुलना पुराने डेटा से करते हैं। अगर किसी कीवर्ड या टॉपिक में अचानक असामान्य तेजी दिखाई देती है, तो सिस्टम उसे संभावित ट्रेंड मान लेता है और ट्रेंडिंग लिस्ट में शामिल कर देता है।

    ट्रेंड के पीछे AI और डेटा एनालिसिस

    Google सिर्फ सर्च की संख्या नहीं देखता, बल्कि यह भी समझने की कोशिश करता है कि लोग किसी विषय को क्यों खोज रहे हैं। इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया जाता है। ये तकनीकें न्यूज वेबसाइट्स, सोशल मीडिया, वीडियो प्लेटफॉर्म और ब्लॉग्स से डेटा जुटाकर उसका विश्लेषण करती हैं, ताकि यह तय किया जा सके कि कोई विषय वास्तव में महत्वपूर्ण है या सिर्फ थोड़े समय की हलचल है।

    जगह और समय की अहम भूमिका

    हर ट्रेंड हर जगह एक जैसा नहीं होता। कई बार कोई विषय सिर्फ किसी खास देश, राज्य या शहर तक सीमित रहता है। Google यूजर की लोकेशन और समय के आधार पर ट्रेंडिंग टॉपिक्स दिखाता है। जैसे चुनाव, मौसम या स्थानीय घटनाएं अक्सर क्षेत्रीय स्तर पर ही ट्रेंड करती हैं।

    क्या है Google Trends?

    Google Trends दरअसल Google की ट्रेंडिंग तकनीक का सार्वजनिक रूप है। इस टूल के जरिए यह देखा जा सकता है कि कोई टॉपिक कब, कहां और कितनी तेजी से खोजा गया। ग्राफ और तुलना के जरिए यह टूल सर्च ट्रेंड्स को समझना आसान बना देता है।

  • सदन में बोलने से रोका गया, यह लोकतांत्रिक मूल्यों पर आघात, राहुल गांधी का स्पीकर को पत्र

    सदन में बोलने से रोका गया, यह लोकतांत्रिक मूल्यों पर आघात, राहुल गांधी का स्पीकर को पत्र


    नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार 3 फरवरी को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें सरकार के इशारे पर सदन में बोलने से रोका गया, जो लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक है। उन्होंने लिखा कि नेता प्रतिपक्ष सहित हर सांसद को अपनी बात रखने का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है, लेकिन इन अधिकारों की अनदेखी से संसद में एक असाधारण स्थिति पैदा हो गई है।

    संसद में जारी गतिरोध के बीच राहुल गांधी ने सोमवार की तरह मंगलवार को भी पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण पर आधारित एक लेख का हवाला देते हुए चीन से जुड़े मुद्दे को उठाने की कोशिश की। हालांकि, उन्हें आसन की ओर से इसकी अनुमति नहीं दी गई। राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने उस लेख को सत्यापित कर सदन के पटल पर रखा था।

    पत्र में क्या लिखा राहुल गांधी ने

    राहुल गांधी ने पत्र में लिखा कि सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान उनसे जिस लेख का उल्लेख करना था, उसे सत्यापित करने को कहा गया था। मंगलवार को जब उन्होंने अपना भाषण आगे बढ़ाया, तो उन्होंने निर्देश के अनुसार संबंधित दस्तावेज को सत्यापित कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि संसदीय परंपरा और पूर्व अध्यक्षों के फैसलों के अनुसार, किसी भी सदस्य को दस्तावेज का उल्लेख करने से पहले उसे सत्यापित करना होता है और उसकी जिम्मेदारी लेनी होती है।

    संसदीय परंपरा का उल्लंघन
    राहुल गांधी ने कहा कि एक बार दस्तावेज सत्यापित हो जाने के बाद अध्यक्ष की भूमिका समाप्त हो जाती है और सरकार को उसका जवाब देना होता है। इसके बावजूद उन्हें बोलने से रोकना न केवल संसदीय परंपराओं का उल्लंघन है, बल्कि इससे यह आशंका भी पैदा होती है कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे अहम विषयों पर नेता प्रतिपक्ष को जानबूझकर चुप कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा राष्ट्रपति के अभिभाषण का अहम हिस्सा है और उस पर संसद में चर्चा जरूरी है।

    लोकतंत्र पर काला धब्बा
    राहुल गांधी ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी है कि वे सदन के निष्पक्ष संरक्षक के रूप में हर सदस्य, खासकर विपक्ष के अधिकारों की रक्षा करें। उन्होंने लिखा कि नेता प्रतिपक्ष और प्रत्येक सांसद का बोलने का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि संसदीय इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब सरकार के दबाव में अध्यक्ष को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर नेता प्रतिपक्ष को बोलने से रोकना पड़ा। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर काला धब्बा बताते हुए अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।

  • कोटद्वार में विवाद: मुस्लिम दुकानदार के पक्ष में खड़े दीपक पर दर्ज हुई FIR

    कोटद्वार में विवाद: मुस्लिम दुकानदार के पक्ष में खड़े दीपक पर दर्ज हुई FIR


    कोटद्वार । उत्तराखंड के कोटद्वार में मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद के समर्थन में सामने आए जिम संचालक दीपक कुमार के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। दीपक के साथ उनके सहयोगी विजय रावत को भी इस FIR में शामिल किया गया है। यह कार्रवाई बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद की गई। दीपक कुमार का कहना है कि वे किसी भी हाल में नफरत के दबाव में नहीं आएंगे।

    पूरा मामला 26 जनवरी का है, जब बजरंग दल से जुड़े कुछ युवकों ने वकील अहमद की बाबा स्कूल ड्रेस नाम की दुकान पर आपत्ति जताई थी और नाम बदलने को लेकर दबाव बनाया गया। इस दौरान दीपक कुमार और कुछ स्थानीय लोगों ने दुकानदार का समर्थन किया। बाद में 31 जनवरी को देहरादून से आए कुछ लोगों ने इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज की।

    सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दीपक कुमार यह कहते दिखाई दिए कि दुकान पिछले 30 वर्षों से इसी नाम से चल रही है और इसे बदला नहीं जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी और दीपक को संविधान व इंसानियत के लिए खड़ा होने वाला व्यक्ति बताया।

    दीपक कुमार ने प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विरोध के चलते उनका जिम बंद पड़ा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है और अब भी उन्हें धमकियां मिल रही हैं। वहीं, कई स्थानीय लोग दीपक के समर्थन में सामने आए हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में शांति बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च भी किया है। हाल के महीनों में उत्तराखंड में इस तरह की सांप्रदायिक घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है।

  • ड्रीमलाइनर फ्यूल स्विच पर DGCA की जांच से राहत, तकनीकी रूप से पूरी तरह सुरक्षित पाया गया विमान

    ड्रीमलाइनर फ्यूल स्विच पर DGCA की जांच से राहत, तकनीकी रूप से पूरी तरह सुरक्षित पाया गया विमान


    नई दिल्ली। एयर इंडिया के ग्राउंड किए गए बोइंग 787 ड्रीमलाइनर को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मंगलवार को राहत देने वाली जानकारी साझा की। मंत्रालय के मुताबिक विमान के दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच पूरी तरह सही स्थिति में पाए गए हैं। इससे पहले पायलट ने इंजन स्टार्ट के दौरान एक स्विच के ‘RUN’ पोजिशन में ठीक से लॉक न होने की शिकायत की थी। यह तकनीकी जांच विमान निर्माता बोइंग की सिफारिश पर की गई, जिसे एयर इंडिया की इंजीनियरिंग टीम ने DGCA अधिकारियों की मौजूदगी में पूरा किया।

    जांच में क्या सामने आया

    मंत्रालय ने बताया कि बाएं और दाएं दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच की विस्तार से जांच की गई। जांच के दौरान किसी भी तरह की तकनीकी खराबी नहीं पाई गई और दोनों स्विच सुरक्षित व संचालन योग्य पाए गए। DGCA ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि फ्यूल स्विच को सही तरीके से हैंडल न किया जाए, तो वह ‘RUN’ और ‘CUTOFF’ के बीच खिसक सकता है। उल्लेखनीय है कि एक फरवरी को लंदन में एयर इंडिया के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर (VT-ANX) में इंजन स्टार्ट के समय इसी तरह की समस्या सामने आई थी।

    क्यों गंभीर माना गया मामला

    यह मामला इसलिए संवेदनशील हो गया क्योंकि जून 2025 में अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया ड्रीमलाइनर हादसे में 260 लोगों की जान गई थी। उस दुर्घटना की शुरुआती जांच में पता चला था कि टेकऑफ के तुरंत बाद इंजन के फ्यूल स्विच ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ पोजिशन में चले गए थे, जिससे इंजन को ईंधन मिलना बंद हो गया। इसी पृष्ठभूमि में हालिया घटना को बेहद गंभीरता से लिया गया और विमान को तुरंत ग्राउंड कर दिया गया।

    मंत्रालय का रुख

    नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने दोहराया कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पायलट की शिकायत मिलते ही विमान की उड़ान रोक दी गई और गहन तकनीकी जांच कराई गई। हालांकि फ्यूल स्विच सही पाए गए हैं, लेकिन विमान को सेवा में वापस लाने से पहले सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा। DGCA और एयर इंडिया दोनों पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।राहत भरी जांच रिपोर्ट के बावजूद, पिछली दुर्घटना की वजह से ड्रीमलाइनर विमानों की तकनीकी निगरानी और सख्त कर दी गई है। यह घटना दिखाती है कि विमानन क्षेत्र में किसी भी छोटी तकनीकी आशंका को भी नजरअंदाज नहीं किया जाता।

  • गाजियाबाद में रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला, सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर की आत्‍महत्‍या

    गाजियाबाद में रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला, सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर की आत्‍महत्‍या


    गाजियाबाद । उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ ‘भारत सिटी’ सोसाइटी की 9वीं मंजिल से कूदकर तीन सगी बहनों ने सामूहिक आत्महत्या कर ली। टीला मोड थाना क्षेत्र में हुई इस घटना ने न केवल पुलिस महकमे को हिला दिया है, बल्कि ऑनलाइन गेमिंग के खतरनाक प्रभाव पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    देर रात मची चीख-पुकार
    घटना रात करीब 2 बजे की है, जब बी-1 टावर के फ्लैट नंबर 907 से गिरने की तेज आवाज सुनकर लोग सहम गए। मौके पर पहुँची पुलिस ने 16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय पाखी के शव बरामद किए। तीनों नाबालिग बहनों ने एक साथ मौत की छलांग लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।

    सुसाइड या ‘गेम ओवर’? पुलिस को शक
    शुरुआती जांच में इस सामूहिक सुसाइड के तार ऑनलाइन गेमिंग की लत से जुड़ते दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि तीनों बहनें मोबाइल पर किसी ‘कोरियन लवर’ नामक टास्क-बेस्ड गेम की आदी थीं। आशंका है कि इसी गेम के किसी आखिरी और घातक टास्क को पूरा करने के जुनून में उन्होंने यह कदम उठाया।

    पिता का छलका दर्द: ‘कोरोना काल से शुरू हुई थी लत

    मृतकाओं के पिता चेतन कुमार के अनुसार, लॉकडाउन और कोरोना काल के दौरान बच्चों के हाथ में मोबाइल आया और धीरे-धीरे उन्हें टारगेट-बेस्ड गेम्स का चस्का लग गया। पिता ने बताया कि तीनों बहनें हमेशा एक साथ रहती थीं चाहे पढ़ाई हो, खाना हो या सोना। उनकी यह एकजुटता अंत में इस भयानक हादसे का सबब बनेगी, इसका अंदाजा किसी को नहीं था। पुलिस तीनों बहनों के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच करा रही है। जांच में सामने आया है कि गेमिंग की लत के कारण वे नियमित स्कूल भी नहीं जा रही थीं। सोसाइटी के कैमरों को खंगाला जा रहा है ताकि घटना के समय की गतिविधियों का पता चल सके।

  • संपत्ति और मुआवजा विवाद पर शहडोल के परिवार में सड़क से थाने तक हाथापाई और गाली-गलौज

    संपत्ति और मुआवजा विवाद पर शहडोल के परिवार में सड़क से थाने तक हाथापाई और गाली-गलौज

    शहडोल / मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में पारिवारिक संपत्ति विवाद अचानक हाईवोल्टेज ड्रामा में बदल गया। बुढ़ार और धनपुरी थाना क्षेत्र के माली मोहल्ला निवासी परिवार के सदस्य सड़क पर आमने-सामने आ गए और थाने तक अपना विवाद लेकर पहुंचे। हाथापाई, झूमा-झपटी और गाली-गलौज के इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    मामले की शुरुआत बुढ़ार थाना क्षेत्र के जैन झरोखा के सामने सड़क पर हुई। माली मोहल्ला के अजय माली की कुछ साल पहले करंट लगने से मौत हो गई थी। उनकी पत्नी सोनम बाद में पुणे चली गई थी। अब सोनम के धनपुरी लौटने पर पति की मृत्यु के बाद मिली मुआवजा राशि और संपत्ति को लेकर देवर विजय और देवरानी के बीच विवाद शुरू हुआ।

    विवाद सड़क तक सीमित नहीं रहा और दोनों पक्ष थाने में पहुंचे। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी संघर्षरत पक्षों को शांत करने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन हालात काबू में करना उनके लिए आसान नहीं रहा। पुलिस दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने में जुटी हुई है।

    यह विवाद और उसका वायरल वीडियो जिले की कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है। परिवारिक संपत्ति और मुआवजा को लेकर शुरू हुआ मामूली झगड़ा हिंसक रूप लेने के बाद थाने तक पहुंच गया।