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  • बसंत पंचमी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी देशवासियों को शुभकामनाएँ, माँ सरस्वती से किया आशीर्वाद की कामना

    बसंत पंचमी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी देशवासियों को शुभकामनाएँ, माँ सरस्वती से किया आशीर्वाद की कामना


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बसंत पंचमी के पावन और उल्लासपूर्ण अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने इस पर्व को प्रकृति की सुंदरता, दिव्यता और नवचेतना से जुड़ा हुआ बताते हुए इसके आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने ज्ञान, विद्या और कला की देवी माँ सरस्वती से समस्त नागरिकों पर अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बसंत पंचमी का पर्व जीवन में सकारात्मक ऊर्जा नवीन आरंभ और बौद्धिक चेतना का प्रतीक है। यह दिन विद्या विवेक और सृजनशीलता के महत्व को स्मरण कराने वाला होता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि माँ सरस्वती के आशीर्वाद से प्रत्येक नागरिक का जीवन ज्ञान के प्रकाश से आलोकित हो और समाज में विवेक, सद्भाव तथा रचनात्मकता का विस्तार हो।

    प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में यह भी कहा कि बसंत पंचमी न केवल ऋतु परिवर्तन का संकेत देती है, बल्कि यह मन, विचार और कर्म में नई ऊर्जा का संचार करती है। यह पर्व हमें शिक्षा, कला और संस्कृति के प्रति सम्मान का भाव विकसित करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कामना की कि देवी सरस्वती की कृपा से देश निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े और युवा पीढ़ी ज्ञान व बुद्धि के बल पर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी बसंत पंचमी के अवसर पर अपनी भावनाएँ व्यक्त कीं। अपने पोस्ट में उन्होंने कहा आप सभी को प्रकृति की सुंदरता और दिव्यता को समर्पित पावन पर्व बसंत पंचमी की अनेकानेक शुभकामनाएं। ज्ञान और कला की देवी मां सरस्वती का आशीर्वाद हर किसी को प्राप्त हो। उनकी कृपा से सबका जीवन विद्या, विवेक और बुद्धि से सदैव आलोकित रहे, यही कामना है।

    प्रधानमंत्री के इस संदेश को देशभर में लोगों ने सराहा और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भी एक-दूसरे को बसंत पंचमी की शुभकामनाएँ दीं। शैक्षणिक संस्थानों सांस्कृतिक संगठनों और धार्मिक स्थलों पर माँ सरस्वती की आराधना की गई और ज्ञान कला व संस्कृति के महत्व को स्मरण किया गया। प्रधानमंत्री का यह संदेश बसंत पंचमी के अवसर पर जनमानस में उत्साह, आस्था और सकारात्मकता का संचार करता नजर आया।

  • लोकतंत्र की मजबूती का संकल्प: मुख्य सचिव अनुराग जैन ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर दिलाई शपथ

    लोकतंत्र की मजबूती का संकल्प: मुख्य सचिव अनुराग जैन ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर दिलाई शपथ


    मध्य प्रदेश । 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर प्रदेश में लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश देते हुए मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में अधिकारी-कर्मचारियों को मतदाता शपथ दिलाई। इस अवसर पर मंत्रालय वल्लभ भवन सहित सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के अधिकारी-कर्मचारियों ने पूरे उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर शासकीय सेवकों के बीच मतदान के महत्व और निष्पक्ष चुनाव की अनिवार्यता को रेखांकित करना रहा।

    मुख्य सचिव अनुराग जैन ने शपथ दिलाते हुए कहा कि भारत का लोकतंत्र विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है और इसकी मजबूती प्रत्येक नागरिक की जागरूक भागीदारी पर निर्भर करती है। उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारी-कर्मचारियों को शपथ दिलाई कि वे देश की लोकतांत्रिक परंपराओं की मर्यादा बनाए रखेंगे तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्ण रखने के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। शपथ में यह भी दोहराया गया कि अधिकारी-कर्मचारी निर्भीक होकर, धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा किसी भी प्रकार के प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

    मुख्य सचिव जैन ने कहा कि मतदान केवल अधिकार ही नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण नागरिक कर्तव्य भी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शासकीय सेवकों की भूमिका समाज के लिए उदाहरण प्रस्तुत करने की होती है। यदि अधिकारी-कर्मचारी स्वयं लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सजग और प्रतिबद्ध रहेंगे, तो आम नागरिकों में भी मतदान के प्रति विश्वास और जागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने राष्ट्रीय मतदाता दिवस की सभी को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि यह दिवस लोकतंत्र के प्रति हमारी निष्ठा को और अधिक मजबूत करेगा। कार्यक्रम के दौरान परिसर में सकारात्मक और प्रेरणादायी वातावरण देखने को मिला। अधिकारी-कर्मचारियों ने एक स्वर में शपथ लेकर लोकतंत्र के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। आयोजन ने यह संदेश दिया कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासनिक तंत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, के.सी. गुप्ता, शिवशेखर शुक्ला सहित मंत्रालय वल्लभ भवन, सतपुड़ा-विंध्याचल भवन के अधिकारी-कर्मचारी एवं पुलिस अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस को लोकतंत्र के उत्सव के रूप में मनाते हुए यह संकल्प लिया कि वे अपने आचरण और कार्य से लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाएंगे। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट किया कि मजबूत लोकतंत्र की नींव जागरूक मतदाता और जिम्मेदार प्रशासन से ही रखी जा सकती है।

  • कॉन्ट्रोवर्सी क्वीन रिया सेन: करियर हुआ बर्बाद, 42 साल में सोशल मीडिया पर फिर भी बनी चर्चा

    कॉन्ट्रोवर्सी क्वीन रिया सेन: करियर हुआ बर्बाद, 42 साल में सोशल मीडिया पर फिर भी बनी चर्चा



    नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस रिया सेन आज 24 जनवरी को अपना 42वां जन्मदिन मना रही हैं। 24 जनवरी 1981 को कोलकाता, पश्चिम बंगाल में जन्मीं रिया का फिल्मी परिवार बेहद चर्चित रहा है। उनके पिता भारत देव वर्मा त्रिपुरा के शाही परिवार से हैं, जबकि उनकी मां मुनमुन सेन और दादी सुचित्रा सेन हिंदी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्रियां रही हैं।
    रिया ने अभिनय की दुनिया में कदम पांच साल की उम्र में रखा और 1991 में फिल्म ‘विषकन्या’ में चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में अपनी मां के साथ स्क्रीन शेयर किया।

    फिल्म इंडस्ट्री में रिया का करियर अपेक्षित सफलता नहीं पाकर कहीं न कहीं विवादों के साये में ही रह गया। उन्होंने ‘स्टाइल’, ‘झंकार बीट्स’, मलयालम हॉरर फिल्म ‘अनंताभाद्रम’, ‘नौका डूबी’ जैसी फिल्मों में काम किया, लेकिन इन फिल्मों से उन्हें कोई खास पहचान नहीं मिली। रिया ने हिंदी के अलावा बंगाली, अंग्रेजी, तमिल और तेलुगू फिल्मों में भी काम किया, फिर भी वह अपने अभिनय से ज्यादा विवादों के कारण सुर्खियों में रहीं। रिया सेन को बॉलीवुड की ‘कॉन्ट्रोवर्सी क्वीन’ भी कहा जाता है, क्योंकि उनकी चर्चा अक्सर फिल्मों की बजाय विवादों के कारण होती रही।

    उनके करियर को सबसे बड़ा झटका अफेयर और एमएमएस लीक की घटना ने दिया। रिया और अभिनेता अश्मित पटेल के अफेयर की खबरें लंबे समय तक सुर्खियों में रहीं और एमएमएस लीक होने के बाद उनका करियर काफी प्रभावित हुआ। इसके अलावा ‘रागिनी MMS रिटर्न’ के सेट पर उनके को-एक्टर निशांत मलिकानी ने आरोप लगाया कि इंटिमेट सीन के दौरान रिया ने कैमरे के सामने उनकी पैंट उतार दी। 2016 में एक पार्टी के दौरान किसी लड़की को किस करने वाली घटना ने भी उनके विवादों को बढ़ाया।

    फिल्मों से दूरी बनाने के बाद रिया ने वेब सीरीज की ओर रुख किया और ‘पॉइजन’, ‘मिसमैच 2’, ‘पति, पत्नी और वो’ जैसी वेब शोज़ में नजर आईं। अगस्त 2017 में उन्होंने निजी बंगाली हिंदू समारोह में अपने प्रेमी शिवम तिवारी से शादी की, जिसके बाद वह इंडस्ट्री में कम सक्रिय रहीं। हालांकि सोशल मीडिया पर रिया आज भी पूरी तरह सक्रिय हैं और इंस्टाग्राम पर अपनी ग्लैमरस फोटो-वीडियो शेयर कर चर्चा में बनी रहती हैं। 42 साल की उम्र में उनकी फिटनेस और स्टाइल की प्रशंसा होती है, और वह फिल्मों से दूर होकर भी अपने अंदाज से फैंस के बीच बने हुए हैं।

  • 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन, आंध्र प्रदेश में प्रस्ताव पर चर्चा..

    16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन, आंध्र प्रदेश में प्रस्ताव पर चर्चा..


    नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाने की योजना पर गंभीरता से विचार कर रही है। राज्य के आईटी मंत्री नारा लोकेश ने स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान बताया कि बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास पर सोशल मीडिया का नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा एक निश्चित उम्र से कम के बच्चों को इन प्लेटफॉर्म्स पर नहीं होना चाहिए। वे यह नहीं समझ पाते कि किस तरह का कंटेंट उनके संपर्क में आ रहा है। ऐसे में मजबूत कानूनी ढांचे की जरूरत है।

    सरकार का यह कदम ऑस्ट्रेलिया के अंडर-16 सोशल मीडिया कानून से प्रेरित है। ऑस्ट्रेलिया ने पिछले महीने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए TikTok X (ट्विटर) फेसबुक इंस्टाग्राम यूट्यूब और स्नैपचैट जैसी प्रमुख सोशल मीडिया साइट्स पर प्रतिबंध लगाया था। इस कानून के तहत न तो बच्चे नए अकाउंट बना सकते हैं और न ही पुराने अकाउंट चालू रख सकते हैं। आंध्र प्रदेश सरकार इसी मॉडल का अध्ययन कर रही है। यदि यह लागू होता है तो यह भारत का पहला राज्य होगा जो बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर कानूनी पाबंदी लगाएगा।

    तेलुगु देशम पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपक रेड्डी ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि पिछली सरकार के दौरान सोशल मीडिया का दुरुपयोग हुआ था और विशेषकर महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक और अपमानजनक हमले किए गए। उन्होंने कहा कम उम्र के बच्चे भावनात्मक रूप से इतने परिपक्व नहीं होते कि वे ऑनलाइन नकारात्मक और नुकसानदायक कंटेंट को समझ सकें। इसलिए सरकार दुनिया के बेहतरीन उदाहरणों का अध्ययन कर रही है।दीपक रेड्डी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस कदम को सेंसरशिप के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनका कहना था कि इसका उद्देश्य केवल बच्चों को जहरीले कंटेंट ऑनलाइन नफरत और मानसिक नुकसान से बचाना है।

    आंध्र प्रदेश सरकार फिलहाल इस प्रस्ताव पर विचार और अध्ययन के चरण में है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल युग में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम ऐतिहासिक साबित हो सकता है। अगर इसे लागू किया गया तो राज्य के छोटे बच्चों के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल पूरी तरह नियंत्रित होगा और उन्हें मानसिक एवं भावनात्मक रूप से सुरक्षित रखा जा सकेगा।विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बच्चों को डिजिटल दुनिया के खतरे से बचाने और उनके स्वस्थ मानसिक विकास के लिए बेहद जरूरी है। सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम बच्चों की सुरक्षा के लिए डिजिटल युग में एक नया मील का पत्थर साबित हो सकता है।

  • Peace या Piece? एलन मस्क ने ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' का उड़ाया मजाक

    Peace या Piece? एलन मस्क ने ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' का उड़ाया मजाक


    नई दिल्ली: दावोस में विश्व आर्थिक मंच के मंच पर एलन मस्क ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए बोर्ड ऑफ पीस पर मजेदार तंज कसा। ब्लैक रॉक के सीईओ लैरी फिंक के साथ पैनल में शामिल मस्क ने कहा कि बोर्ड का नाम Peace शांति के बजाय Piece टुकड़ा होना चाहिए। मस्क ने हंसी मजाक में कहा कि जब उन्होंने पीस समिट के गठन के बारे में सुना तो सोचा क्या यह P-I-E-C-E है? ग्रीनलैंड एक छोटा टुकड़ा या वेनेजुएला का एक छोटा टुकड़ा? आखिर हम सब तो बस एक पीस ही चाहते हैं।

    मस्क का यह तंज ट्रंप के उन पुराने बयानों पर आधारित था जिनमें उन्होंने ग्रीनलैंड खरीदने या वेनेजुएला पर दावा करने जैसी बातें की थीं। यह बयान ट्रंप द्वारा दावोस में ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का चार्टर साइन करने के कुछ घंटे बाद आया जिसे गाजा युद्धविराम और पुनर्निर्माण की निगरानी के लिए शुरू किया गया है। अब तक इसमें 21 से ज्यादा देश शामिल हो चुके हैं और इसे वैश्विक शांति मध्यस्थ के रूप में पेश किया जा रहा है।

    दरअसल ट्रंप की अध्यक्षता में गठित बोर्ड की शुरुआती अवधारणा केवल गाजा में युद्धविराम योजना की निगरानी करने वाले विश्व नेताओं के छोटे समूह के रूप में थी। लेकिन ट्रंप प्रशासन की महत्वाकांक्षाएं बढ़ गई हैं। उन्होंने दर्जनों देशों को बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है और इसे भविष्य में संघर्ष मध्यस्थता की भूमिका निभाने वाला बनाया है।

    मस्क की टिप्पणियां ऐसे वक्त में आई हैं जब उनके और ट्रंप के संबंध पिछले साल सार्वजनिक विवाद के बाद धीरे-धीरे सुधार की ओर हैं। मस्क की उपस्थिति WEF में खासतौर पर ध्यान खींच रही थी क्योंकि उन्होंने इस वार्षिक सम्मेलन की सार्वजनिक आलोचना की है और इसे अभिजात वर्ग का गैर-जिम्मेदार और आम लोगों से कटा हुआ बताया है। मस्क ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बार-बार दावोस का मजाक उड़ाया और इसे उबाऊ बताया।पैनल चर्चा में मस्क ने भविष्यवाणी की कि रोबोट समाज को पूरी तरह बदल देंगे। उन्होंने कहा कि मानव श्रम की जरूरत कम हो जाएगी और मानवता को मदद मिलेगी। मस्क ने बताया कि एक दिन रोबोट खुद और अधिक रोबोट बनाएंगे जिससे वस्तुओं और सेवाओं की इतनी अधिकता होगी कि इंसानों से ज्यादा रोबोट होंगे।

    उन्होंने यह भी कहा कि हर कोई धरती पर अपने बुजुर्ग माता-पिता और बच्चों की देखभाल के लिए रोबोट चाहेगा। मस्क ने बताया कि टेस्ला अगले साल के अंत तक आम लोगों को रोबोट बेचना शुरू करेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उनकी कंपनी xAI द्वारा विकसित AI ‘ग्रोक’ को यौन रूप से स्पष्ट सामग्री बनाने को लेकर विवादों का सामना करना पड़ रहा है।एलन मस्क का यह मजाकिया और भविष्यसूचक अंदाज एक बार फिर दर्शाता है कि वह वैश्विक मंचों पर अपनी अलग और चुनौतीपूर्ण सोच रखने में पीछे नहीं हटते।

  • चन्नी के बयान पर कांग्रेस हाईकमान सख्त, राहुल गांधी ने दी क्लास, पंजाब में कोई बदलाव नहीं

    चन्नी के बयान पर कांग्रेस हाईकमान सख्त, राहुल गांधी ने दी क्लास, पंजाब में कोई बदलाव नहीं


    नई दिल्ली: पंजाब में पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के बयान को लेकर मचा हंगामा आज नई दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान की बैठक के बाद कुछ हद तक शांत हुआ। बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में हुई जिसमें राहुल गांधी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

    सूत्रों के मुताबिक चन्नी के उस बयान के बाद ही पंजाब कांग्रेस के कई नेताओं को दिल्ली तलब किया गया था। बैठक में राहुल गांधी ने नेताओं को अनुशासन और जिम्मेदारी के पाठ पढ़ाते हुए साफ कर दिया कि कांग्रेस में किसी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चन्नी के बयान पर नाराजगी जताई और स्पष्ट किया कि पंजाब कांग्रेस के प्रमुख पदों पर कोई बदलाव नहीं होगा। राज्य अध्यक्ष महासचिव नेता प्रतिपक्ष और महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैसे पद ज्यों के त्यों बने रहेंगे।बैठक में शामिल नेताओं में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी महासचिव केसी वेणुगोपाल पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब प्रभारी भूपेश सिंह बघेल सुखजिंदर सिंह रंधावा पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी और अन्य नेता शामिल थे।

    चन्नी ने हाल ही में एक वीडियो में कहा था कि पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष महासचिव नेता प्रतिपक्ष और महिला विंग की अध्यक्ष सभी अपर कास्ट से हैं। उनका सवाल था कि बड़े पदों पर दलितों का प्रतिनिधित्व क्यों नहीं है जबकि पंजाब में दलित आबादी लगभग 38 प्रतिशत है। उनके इस बयान ने पार्टी में विभिन्न प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया। कुछ नेताओं ने इसे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया तो कुछ ने इसे जातीय राजनीति से जोड़ने की कोशिश करार दिया।विवाद बढ़ने पर चन्नी ने सफाई देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी के खिलाफ बात करना नहीं था। उन्होंने बताया कि उनके शब्दों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया और उन्हें जातीय राजनीति से जोड़ने की कोशिश की गई। चन्नी ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने हमेशा उन्हें सम्मान और जिम्मेदारी दी जिन्हें उन्होंने ईमानदारी से निभाया।

    पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और चन्नी के बयान ने पार्टी के भीतर नेतृत्व और जातीय संतुलन के सवाल को फिर से ताजा कर दिया। हाईकमान ने स्थिति को संभालते हुए साफ किया कि पार्टी का ढांचा स्थिर रहेगा और किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा।इस बैठक के बाद कांग्रेस ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि संगठन में अनुशासन सर्वोपरि है और सभी नेताओं से उम्मीद की जाती है कि वे पार्टी के हित में काम करें।

  • धुरंधर 2 को लेकर सस्पेंस खत्म? आदित्य धर ने साफ किया बॉर्डर 2 से कनेक्शन का सच

    धुरंधर 2 को लेकर सस्पेंस खत्म? आदित्य धर ने साफ किया बॉर्डर 2 से कनेक्शन का सच

    नई दिल्ली। रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना स्टारर बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘धुरंधर 2’ के टीजर को लेकर फैंस का इंतजार और लंबा हो गया है। सोशल मीडिया पर खबरें थीं कि इसका टीजर सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ के साथ थिएटर्स में दिखाया जाएगा। 23 जनवरी को जैसे ही बॉर्डर 2 रिलीज हुई, दर्शक टीजर की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

    आदित्य धर ने खुद किया कन्फर्म

    टीजर को लेकर चल रही अटकलों पर खुद निर्देशक आदित्य धर ने विराम लगा दिया है। दरअसल, एक फैन ने सोशल मीडिया पर मजेदार रील शेयर करते हुए लिखा—
    “@adityadhar मज़ाक नहीं, टीजर जल्दी!”
    आदित्य धर ने इस रील को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर करते हुए जवाब दिया,
    “Teaser will be out in a few days! ”
    इस अपडेट के बाद साफ हो गया कि ‘धुरंधर 2’ का टीजर बॉर्डर 2 के साथ रिलीज नहीं हुआ है और अब दर्शकों को कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा।

    रिलीज डेट को लेकर कोई बदलाव नहीं

    हाल ही में सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया जा रहा था कि ‘धुरंधर 2’ की रिलीज डेट 19 मार्च से टलकर 26 मार्च कर दी गई है, ताकि यश की फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ से टकराव न हो।
    हालांकि आदित्य धर के ताजा बयान के बाद इन अफवाहों पर भी विराम लग गया है। निर्देशक ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि ‘धुरंधर 2’ 19 मार्च को ही सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

    दमदार स्टारकास्ट और OTT अपडेट

    ‘धुरंधर 2’ में रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना के साथ अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, आर. माधवन और सारा अर्जुन अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। वहीं, पहली फिल्म ‘धुरंधर’ अपने शानदार थिएट्रिकल रन के बाद अब OTT पर दस्तक देने जा रही है। यह फिल्म 30 जनवरी को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी।

  • हिमंत सरमा का खुलासा: “राहुल और प्रियंका गांधी की आपसी लड़ाई का शिकार रहा”

    हिमंत सरमा का खुलासा: “राहुल और प्रियंका गांधी की आपसी लड़ाई का शिकार रहा”


    नई दिल्ली। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेतृत्व, खासकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर तीखा हमला बोला है। दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दौरान मीडिया से बातचीत में सरमा ने दावा किया कि भाजपा में शामिल होने से पहले वे राहुल और प्रियंका की अंदरूनी लड़ाई के शिकार रहे।

    सरमा ने कहा, “गांधी परिवार के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। हाल के राजनीतिक फैसलों से यह साफ दिखता है कि राहुल गांधी नहीं चाहते कि प्रियंका गांधी केरल में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करें।

    उन्हें असम में भेजा गया, इसका यही मतलब है।”

    उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस में राहुल गांधी अपने करीबी नेताओं और गुट के जरिए सत्ता बनाए रखना चाहते हैं, जबकि प्रियंका उस गुट का हिस्सा नहीं हैं। सरमा ने बताया, “मैं 22 साल तक कांग्रेस में रहा हूं, मुझे अंदर की पूरी जानकारी है। यही वजह है कि प्रियंका को केरल की बजाय असम में जिम्मेदारी दी गई।”

    हिमंत सरमा बीजेपी में शामिल होने के बाद से लगातार कांग्रेस और गांधी परिवार पर हमलावर रहे हैं। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। सियासी जानकार अब इस सवाल पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या वाकई राहुल और प्रियंका के बीच अंदरूनी मतभेद हैं, या यह विपक्ष की रणनीति का हिस्सा है। फिलहाल कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

  • IPL 2026 में बदल सकता है विराट कोहली की RCB का मालिक, अदर पूनावाला के पोस्ट से बढ़ीं अटकलें

    IPL 2026 में बदल सकता है विराट कोहली की RCB का मालिक, अदर पूनावाला के पोस्ट से बढ़ीं अटकलें


    नई दिल्ली। IPL 2026 में बदल सकता है विराट कोहली की RCB का मालिक, अदर पूनावाला के पोस्ट से बढ़ीं अटकलें
    बेंगलुरु। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के स्वामित्व में बदलाव की खबरों ने क्रिकेट प्रेमियों में हलचल मचा दी है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदर पूनावाला ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया पोस्ट में संकेत दिए कि वह RCB के लिए “मजबूत और प्रतिस्पर्धी” बोली लगाने जा रहे हैं।

    पूनावाला ने अपने पोस्ट में लिखा: “आने वाले कुछ महीनों में मैं आईपीएल की सबसे बेहतरीन टीमों में से एक RCB के लिए एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बोली पेश करूंगा।” हालांकि उन्होंने बोली की समय-सीमा या संभावित राशि का जिक्र नहीं किया।

    आईपीएल 2026 की शुरुआत 26 मार्च से प्रस्तावित है, इसलिए यह प्रक्रिया जल्द पूरी करनी होगी।

    RCB की बिक्री की पृष्ठभूमि:
    ‘फोर्ब्स इंडिया’ के अनुसार, RCB का मूल्य लगभग 105 मिलियन डॉलर है। मौजूदा मालिक यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (यूएसएल) है, जो डियाजियो की भारतीय इकाई है। टीम के चार जून 2025 को हुए जीत समारोह में हुई भगदड़ में 11 प्रशंसकों की मौत के बाद बिक्री प्रक्रिया को तेज किया गया था। बता दें कि यूनाइटेड स्पिरिट्स ने 2016 में विजय माल्या के कारोबार के पतन के बाद RCB को अधिग्रहित किया था। 

    https://twitter.com/adarpoonawalla/status/2014318866147742087

    घरेलू मुकाबलों का स्थान भी सवालों में:
    पूनावाला के बयान के साथ ही अटकलें लगाई जा रही हैं कि आईपीएल 2026 में RCB अपने घरेलू मुकाबले बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर खेल सकती है। पुणे, मुंबई और रायपुर ने टीम से अपने शहर में मैचों की मेजबानी के लिए संपर्क किया है।
    कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KCSA) ने RCB से बेंगलुरु में ही मैच आयोजित करने का आग्रह किया है।

    RCB ने कहा, “अभी कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन पर और विचार करने की जरूरत है। हम सभी सुझावों और पहलुओं पर गौर कर रहे हैं, ताकि टीम और प्रशंसकों के हित में जिम्मेदार निर्णय लिया जा सके।”

    अन्य संभावित दावेदार:
    पूनावाला के अलावा, विजय किरागंदूर की होम्बले फिल्म्स कंपनी भी RCB के स्वामित्व की दौड़ में मानी जा रही है। होम्बले फिल्म्स ‘केजीएफ’ और ‘कांतारा’ जैसी सुपरहिट फिल्मों की निर्माता है।

  • खरगे का मोदी पर हमला, कहा- "चायवाला सिर्फ नाटक, मनरेगा खत्म करना गरीबों पर वार"

    खरगे का मोदी पर हमला, कहा- "चायवाला सिर्फ नाटक, मनरेगा खत्म करना गरीबों पर वार"


    नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे वोट पाने के लिए खुद को “चाय वाला” बताते हैं, लेकिन वास्तविकता में यह सिर्फ राजनीति का नाटक है। उन्होंने केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ और मनरेगा (MGNAREGA) के संभावित बदलावों पर भी चिंता जताई।

    खरगे ने कांग्रेस के ‘रचनात्मक कांग्रेस’ प्रकोष्ठ के कार्यक्रम ‘मनरेगा बचाओ मोर्चा’ को संबोधित करते हुए कहा, “वोट पाने के लिए कहते हैं, मैं चायवाला हूँ। क्या उन्होंने कभी चाय बनाई? क्या उन्होंने कभी केतली उठाकर रेल के डिब्बों में लोगों को चाय पिलाई? यह सब सिर्फ नाटक है। गरीबों को सताना उनकी आदत बन चुकी है।”

    उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पार्टी चुनाव प्रचार में व्यस्त है और असल काम के मामले में पिछड़ रही है। खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी की उपलब्धियों की तुलना पंडित नेहरू के बड़े प्रोजेक्ट्स से करते हुए कहा, “देश को बताओ, मोदी जी ने ऐसा कौन सा काम किया जो इतिहास में याद रखा जाएगा?”

    कांग्रेस ने उनके भाषण के वीडियो और उद्धरण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए। पोस्ट में लिखा गया है कि मोदी और अमित शाह देश के लिए काम नहीं करते, सिर्फ चुनाव प्रचार में लगे रहते हैं। मनरेगा और मजदूरों के हितों के मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

    भाजपा का पलटवार:
    खरगे के बयान पर भाजपा नेता टॉम वडक्कन ने जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक साधारण परिवार से आते हैं और इसे नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके नेता शाही परिवारों से हैं, और वे इस विशेषाधिकार को नकार नहीं सकते।

    बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले मोदी अक्सर कहते थे कि उनके पिता वडनगर स्टेशन पर चाय की दुकान चलाते थे और बचपन में उन्होंने पिता की मदद की। कांग्रेस नेताओं ने इस पर कई बार राजनीतिक विवाद खड़े किए हैं, जबकि भाजपा कांग्रेस को “वंशवादी” कहकर पलटवार करती रही है।

    खरगे ने चेतावनी दी कि कांग्रेस पूरे देश में मनरेगा बचाने के लिए आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा, “मनरेगा को खत्म करना सिर्फ कमजोर तबकों पर हमला नहीं है, बल्कि महात्मा गांधी की जन-स्मृति और ग्राम स्वराज की सोच पर हमला है। कोई दल इसका नाम बदलने की हिमाकत करे, देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।”