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  • Multani Mitti: गर्मियों में स्किन को देगा नेचुरल ग्लो, जानिए इस्तेमाल के तरीके

    Multani Mitti: गर्मियों में स्किन को देगा नेचुरल ग्लो, जानिए इस्तेमाल के तरीके


    नई दिल्ली । गर्मी के मौसम में त्वचा पर तेल, पसीना और धूल जमने से चेहरा dull और चिपचिपा लगने लगता है। ऐसे में मुल्तानी मिट्टी एक पारंपरिक और असरदार स्किनकेयर उपाय माना जाता है, जो त्वचा को साफ, ठंडा और फ्रेश रखने में मदद कर सकती है।

     मुल्तानी मिट्टी के असली फायदे


    1. अतिरिक्त तेल को कम करती है
    मुल्तानी मिट्टी त्वचा से एक्स्ट्रा ऑयल (sebum) को सोख लेती है, जिससे चेहरा कम ऑयली और ज्यादा साफ दिखता है।

    2. गहरी सफाई (Deep cleansing)
    यह स्किन पोर्स से धूल, गंदगी और टॉक्सिन्स को हटाने में मदद करती है, जिससे ब्लैकहेड्स और पिंपल्स की समस्या कम हो सकती है।

    3. ठंडक का एहसास
    गर्मी में इसका कूलिंग इफेक्ट चेहरे को राहत देता है और जलन या रैशेज में भी आराम मिल सकता है।

    4. स्किन टोन को बेहतर बनाती है
    नियमित इस्तेमाल से स्किन ज्यादा फ्रेश और even-toned दिख सकती है।

    मुल्तानी मिट्टी इस्तेमाल करने के आसान तरीके
     1. ऑयली स्किन फेस पैक
    2 चम्मच मुल्तानी मिट्टी
    गुलाब जल
    1 चुटकी हल्दी

     2. ग्लो के लिए फेस पैक
    मुल्तानी मिट्टी
    शहद
    दूध या मलाई

     3. पिंपल कंट्रोल पैक
    मुल्तानी मिट्टी
    नींबू का रस (कुछ बूंदें)
    गुलाब जल

     4. गर्मी में कूलिंग फेस पैक
    मुल्तानी मिट्टी
    खीरे का रस

     जरूरी सावधानियां
    बहुत ड्राई स्किन वाले लोग इसे ज्यादा न लगाएं
    हफ्ते में 2–3 बार से ज्यादा इस्तेमाल न करें
    लगाने के बाद मॉइस्चराइज़र जरूर लगाएं
    अगर एलर्जी हो तो तुरंत बंद करें

    मुल्तानी मिट्टी एक नेचुरल, सस्ता और असरदार उपाय है जो गर्मियों में त्वचा को साफ, ठंडा और फ्रेश रखने में मदद करता है। लेकिन यह कोई “मैजिक स्किन ट्रीटमेंट” नहीं है—इसे सही तरीके और संतुलन के साथ इस्तेमाल करना ही बेहतर परिणाम देता है।

  • चेन्नई: IT कंपनी टेक महिंद्रा परिसर में एक वैयरहाउस में लगी भीषण आग… दूर से देखे गए धुएं के गुबार

    चेन्नई: IT कंपनी टेक महिंद्रा परिसर में एक वैयरहाउस में लगी भीषण आग… दूर से देखे गए धुएं के गुबार


    चेन्नई।
    चेन्नई (Chennai) के शोलिंगनल्लूर (Sholinganallur) के पास करपक्कम (Karapakkam) में एलकॉट सेज के अंदर टेक महिंद्रा परिसर (Tech Mahindra Campus) में शुक्रवार को आग लग गई। सूत्रों के मुताबिक, आईटी सेवा कंपनी कैंपस (IT Services Company Campus.) में स्थित वेयरहाउस में भयंकर आग लगी। हालांकि किसी को चोट नहीं आई है। घटना के वक्त सभी कर्मचारियों को सुरक्षित रूप से निकाल लिया गया। दुर्घटना के बाद, शोलिंगनल्लूर के पूरे क्षेत्र में कैंपस में घना धुआं उठता देखा गया। इसके बाद वहां पर सड़कें भी खाली कर दी गईं। एक टेक महिंद्रा प्रवक्ता ने चेन्नई वेयरहाउस सुविधा में आग की घटना की पुष्टि की है।


    कंपनी ने क्या कहा

    प्रवक्ता द्वारा जारी बयान में कहा गया कि हम आग अपने कैंपस में आग लगने की घटना की पुष्टि करते हैं। हालांकि स्थानीय प्रशासन और इमरजेंसी टीम की मदद से खतरा टाल दिया गया। बयान में कहा गया है कि घटना के दौरान वहां मौजूद सभी कर्मचारियों और अन्य लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया था। प्रवक्ता ने आगे बताया कि हालात फिलहाल पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। हम चीजों पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए हैं और जरूरत में मुताबिक मदद मुहैया कराई जा रही है।


    काफी ज्यादा दहशत

    घटना के बारे में मिली जानकारी के मुताबिक आग बहुत तेजी से फैली। कुछ ही देर के बाद वहां पर घना धुआं उठने लगा। धुआं इतना घना और तेज था कि दूर से ही नजर आ रहा था। इस भीषण हादसे के चलते आसपास के इलाके में काफी ज्यादा दशहत फैल गई। लोग काफी ज्यादा डर गए थे। सिक्योरिटी के लिहाज से वहां की तमाम सड़कों को बंद कर दिया गया। इससे राहत और बचाव कार्य में काफी आसानी हुई। हालांकि घटना के बारे में जानकारी होते ही फायर ब्रिगेड और बचाव की टीमें पहुंच गई थीं।

  • मुरैना में मीठी रिश्वत… चॉकलेट लेकर अफसर के पास पहुंचा 6वीं का छात्र, बोला- बिना लेन-देन काम नहीं होता… सिस्टम शर्मसार

    मुरैना में मीठी रिश्वत… चॉकलेट लेकर अफसर के पास पहुंचा 6वीं का छात्र, बोला- बिना लेन-देन काम नहीं होता… सिस्टम शर्मसार


    मुरैना।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना जिले (Morena district) की जनसुनवाई में उस वक्त सन्नाटा पसर गया, जब कक्षा 6 के एक छात्र ने भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों पर अपनी मासूमियत से प्रहार किया. संजय कॉलोनी के रहने वाले मानवेंद्र सिंह (Manvendra Singh) ने जिला पंचायत सीईओ (District Panchayat CEO) की मेज पर चार चॉकलेट रखीं और गुहार लगाई कि उसके घर के बाहर बह रहे गंदे सीवर को ठीक करा दिया जाए।

    दरअसल, छात्र मानवेंद्र सिंह पिछले कई दिनों से अपने घर के बाहर सीवर लीकेज की समस्या से जूझ रहा है. छात्र का कहना है कि सीवर के गंदे पानी की वजह से न तो वह बाहर खेल पा रहा है और न ही साइकिल चला पा रहा है. स्कूल आने-जाने में भी उसे काफी गंदगी का सामना करना पड़ता है. परिवार की ओर से 4 बार नगर निगम और संबंधित विभाग को शिकायत की गई, लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी.

    गुल्लक तोड़ी और खरीदी ‘चॉकलेट रिश्वत’
    जब शिकायतों का कोई असर नहीं हुआ, तो मासूम मानवेंद्र के मन में यह बात बैठ गई कि ‘बिना लेन-देन के सरकारी काम नहीं होते.’ मानवेंद्र ने अपनी गुल्लक से 20 रुपये निकाले. इन पैसों से उसने 4 चॉकलेट खरीदीं और सीधा जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव के पास पहुंच गया।

    प्रतिक्रिया और शर्मिंदगी
    एक छोटे बच्चे के मुंह से ‘बिना लेन-देन के काम नहीं होता’ जैसी बात सुनकर वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी दंग रह गए. सीईओ कमलेश भार्गव ने बच्चे की बात को गंभीरता से सुना और तत्काल संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर सीवर दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

    भ्रष्टाचार की सामाजिक छवि पर सवाल
    बहरहाल, मध्य प्रदेश की यह घटना सिर्फ एक बच्चे की शिकायत नहीं है, बल्कि उस कड़वी सच्चाई का आइना है जो हमारी भावी पीढ़ी के मन में घर कर रही है. एक 6वीं कक्षा के छात्र का यह सोचना कि उसे अपना हक पाने के लिए भी ‘लेन-देन’ करना पड़ेगा, व्यवस्था के लिए एक बड़ा अलार्म है।

    मानवेंद्र ने बड़े ही आत्मविश्वास के साथ CEO से कहा कि यदि चॉकलेट देने के बाद भी सीवर ठीक नहीं हुआ, तो वह अपनी चॉकलेट वापस ले जाएगा।

  • शराबबंदी को लेकर सड़क पर उतरी भाजपा, सीएम आवास के बाहर प्रदर्शन

    शराबबंदी को लेकर सड़क पर उतरी भाजपा, सीएम आवास के बाहर प्रदर्शन


    नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में शुक्रवार को उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के आवास के बाहर शराबबंदी की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और करीब 10 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।

    BJP का तीखा हमला, बयान ने बढ़ाया विवाद
    प्रदर्शन के दौरान बीजेपी नेताओं ने नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। पार्टी नेताओं ने कहा कि सरकार राजस्व (रेवेन्यू) के नाम पर शराब की बिक्री को बढ़ावा दे रही है, जो युवाओं के भविष्य के लिए नुकसानदायक है। बीजेपी महासचिव अनवर खान के एक बयान ने विवाद और बढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि “अगर सरकार को सिर्फ रेवेन्यू की चिंता है तो हम मस्जिदों के बाहर बैठकर भीख मांग लेंगे।” इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं और इसे लेकर बहस तेज हो गई है।

    शराबबंदी को लेकर BJP का अल्टीमेटम
    बीजेपी नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने शराबबंदी पर कोई कदम नहीं उठाया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पार्टी ने कहा कि यह विरोध काजीगुंड से लेकर करनाह (LoC क्षेत्र) तक फैलाया जाएगा। नेताओं का कहना है कि कश्मीर की पहचान सूफी और संत परंपरा से जुड़ी है, इसलिए यहां शराब की बिक्री का विरोध जरूरी है।

    सरकार और विपक्ष का जवाब
    इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पहले ही शराबबंदी की मांग को खारिज कर चुके हैं। उनका कहना है कि राजस्व और प्रशासनिक कारणों से इस तरह का फैसला आसान नहीं है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने भी संकेत दिया कि शराब पर प्रतिबंध लगाने से राज्य के राजस्व पर बड़ा असर पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बैन लगाने से अवैध तस्करी बढ़ सकती है।

    राजनीतिक टकराव तेज
    नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने पलटवार करते हुए कहा कि मौजूदा आबकारी नीति पहले की सरकारों के समय बनी थी, जिसमें BJP भी शामिल थी। पार्टी का कहना है कि आज जो मुद्दा उठाया जा रहा है, उसकी नींव पहले ही डाली जा चुकी थी।

  • NEET पेपर लीक कांड में CBI का बड़ा खुलासा, पुणे के लेक्चरर कुलकर्णी को बताया मास्टरमाइंड

    NEET पेपर लीक कांड में CBI का बड़ा खुलासा, पुणे के लेक्चरर कुलकर्णी को बताया मास्टरमाइंड


    नई दिल्ली।
    नीट यूजी पेपर लीक मामले (NEET-UG Paper leak case) ने परीक्षा सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच के बाद एक बड़े नाम का खुलासा हुआ है, जिसे इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। आरोपी पीवी कुलकर्णी (PV Kulkarni.) पुणे के एक कॉलेज में लेक्चरर के रूप में तैनात है। आरोप है कि उसने परीक्षा प्रक्रिया की गोपनीयता का दुरुपयोग करते हुए पेपर लीक और नकल से जुड़ा एक नेटवर्क तैयार किया।

    जांच एजेंसियों के अनुसार, पीवी कुलकर्णी की भूमिका केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं थी। उसने कुछ छात्रों के लिए विशेष कोचिंग कक्षाएं भी चलाईं। इन कक्षाओं में कथित तौर पर परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों और उनके संभावित उत्तरों पर फोकस किया जाता था। बताया जा रहा है कि ये कोचिंग क्लासेस पुणे स्थित उनके आवास पर ही चलाई जाती थीं, जहां सीमित और चयनित छात्रों को ही प्रवेश दिया जाता था। इस गतिविधि ने परीक्षा की पारदर्शिता पर गंभीर संदेह पैदा कर दिया है।

    शुरुआती जांच में क्या आया सामने
    CBI की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क अकेले एक व्यक्ति की ओर से नहीं चलाया जा रहा था, बल्कि इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह की तरह काम कर रहा था, जो परीक्षा से पहले ही छात्रों तक गोपनीय जानकारी पहुंचाने की कोशिश करता था। इसी वजह से NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है और प्रशासन पर भी सख्त कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।

    फिलहाल इस मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और CBI अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है। सरकार और जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रणाली में किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला न केवल परीक्षा घोटाले का है, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से भी जुड़ा गंभीर मुद्दा बन गया है।

  • देशभर में आज शनि जयंती की धूम… जानिए साढ़ेसाती-ढैय्या से मुक्ति के उपाय

    देशभर में आज शनि जयंती की धूम… जानिए साढ़ेसाती-ढैय्या से मुक्ति के उपाय


    नई दिल्ली।
    आज ज्येष्ठ मास (Jyeshtha month) की अमावस्या (Amavasya) है और आज के ही दिन शनि जयंती भी है। देशभर में आज शनि जयंती (Shani Jayanti 2026) धूमधाम से मनाई जा रही है। इस अवसर पर शनि मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। सुबह से ही मंदिर परिसर में यज्ञ अनुष्ठान का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां डालीं। भक्तों ने न्याय के देवता शनि देव को सरसों का तेल और काले तिल चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। इसी के साथ, बट सावित्री पर्व भी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जा रहा है।

    हिंदू धर्म में शनि देव (Shani Dev) को कर्मफल दाता और न्याय का देवता माना जाता है. मान्यता है कि आज ही के दिन सूर्य पुत्र शनि देव का जन्म हुआ था. आज शनिवार का दिन होने के कारण इस जयंती का महत्व अनंत गुना बढ़ गया है, क्योंकि शनिवार स्वयं शनि देव को समर्पित है.


    1. आज का शुभ मुहूर्त (Shani Jayanti 2026 Muhurat)

    आज 16 मई को पूजा के लिए कई शुभ संयोग बन रहे हैं. ज्योतिष गणना के अनुसार अमावस्या तिथि का विवरण इस प्रकार है:
    – अमावस्या तिथि का आरंभ: 15 मई 2026 को दोपहर से.
    – अमावस्या तिथि का समापन: आज 16 मई 2026 को शाम 05:40 बजे तक.
    – अमृत काल (पूजा के लिए श्रेष्ठ): सुबह 09:15 से 10:45 तक.
    – संध्या काल पूजा: शाम 06:30 से रात 08:30 तक (शनि देव की पूजा सूर्यास्त के बाद विशेष फलदायी होती है.


    2. शनि जयंती पूजा विधि

    आज के दिन शनि देव की कृपा पाने के लिए भक्त इन चरणों का पालन करें.
    – ब्रह्म मुहूर्त में स्नान: आज सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी या घर के पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें.
    – संकल्प: हाथ में जल लेकर शनि देव के व्रत या विशेष पूजा का संकल्प लें.
    – मंदिर दर्शन: पास के शनि मंदिर जाएं. यदि मंदिर जाना संभव न हो, तो घर के पश्चिम कोने में एक चौकी पर काला कपड़ा बिछाकर शनि देव की यंत्र या प्रतिमा स्थापित करें.
    – तैल अभिषेक: शनि देव की शिला या प्रतिमा पर सरसों का तेल अर्पित करें. ध्यान रहे कि तेल चढ़ाते समय उनकी आंखों में न देखें, बल्कि चरणों की ओर दृष्टि रखें.
    – नैवेद्य: उन्हें नीले फूल, काले तिल, अक्षत और भोग में इमरती या काली उड़द की खिचड़ी अर्पित करें.
    – मंत्र जाप: आज कम से कम 108 बार “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः” इस मंत्र का जाप करें.


    3. शनि दोष से मुक्ति के अचूक उपाय (Effective Remedies)

    अगर आपकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष है, तो आज 16 मई को ये उपाय जरूर करें.
    – पीपल के पेड़ की पूजा: आज शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाएं और सात बार परिक्रमा करें.
    – छाया दान: एक कटोरी में सरसों का तेल लें, उसमें अपना चेहरा देखें, फिर उस तेल को दान कर दें या मंदिर में रख आएं.
    – हनुमान जी की भक्ति: शनि देव ने हनुमान जी को वचन दिया था कि वह उनके भक्तों को परेशान नहीं करेंगे. इसलिए आज हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ अवश्य करें.


    4. क्या दान करें? (Donation Guide)

    आज के दिन दान का फल कई जन्मों तक मिलता है. इन वस्तुओं का दान करना शुभ है.
    – काले वस्त्र और छाता.
    – लोहे के बर्तन या जूते-चप्पल.
    – काली उड़द की दाल और काले तिल.
    – जरूरतमंदों और कुष्ठ रोगियों को भोजन कराना.


    5. राशि अनुसार विशेष लाभ (Zodiac Insights)

    आज का दिन विशेष रूप से कुंभ, मकर और मीन राशि (साढ़ेसाती के प्रभाव वाली), कर्क और वृश्चिक राशि (ढैय्या के प्रभाव वाली) के जातकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. इन राशियों के जातकों को आज सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए ताकि शनि देव के प्रतिकूल प्रभाव कम हो सकें.

  • देशभर में कल 5 घंटे हड़ताल पर रहेंगे गिग वर्कर्स…. पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से भड़के, दी चेतावनी

    देशभर में कल 5 घंटे हड़ताल पर रहेंगे गिग वर्कर्स…. पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से भड़के, दी चेतावनी


    नई दिल्ली।
    देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol and Diesel Prices) में लगभग 3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद ऑनलाइन डिलीवरी (Online delivery.) और ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं (App based Taxi services) से जुड़े गिग वर्कर्स (Gig Workers) के सामने एक नया आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पिछले करीब चार वर्षों में देशव्यापी स्तर पर ईंधन की कीमतों में यह पहली बड़ी बढ़ोतरी है। इसके विरोध में गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन रविवार दोपहर 12:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक ऐप-आधारित सेवाओं को पूरी तरह से बंद रखने का एलान किया है। यूनियन ने कंपनियों से प्रति किलोमीटर सर्विस रेट में तत्काल बढ़ोतरी करने की मांग की है।

    यूनियन ने चेतावनी दी है कि ईंधन के दामों में हुई इस वृद्धि से देश के लगभग 1.2 करोड़ गिग वर्कर्स बुरी तरह प्रभावित होंगे, जो अपनी दैनिक आजीविका के लिए पूरी तरह मोटरसाइकिल और स्कूटर पर निर्भर हैं। आपको बता दें कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मिडिल ईस्ट में जारीतनाव को इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह बताया जा रहा है।


    LPG संकट ने दोगुनी की मुसीबत

    ईंधन की मार के साथ-साथ चल रहे एलपीजी संकट ने गिग वर्कर्स की कमर तोड़ दी है। एलपीजी की किल्लत के कारण कई रेस्तरां और क्लाउड किचन ने या तो अपनी सेवाएं सीमित कर दी हैं या वे अस्थायी रूप से बंद हो गए हैं। भोजन की आपूर्ति ठप होने से फूड डिलीवरी के ऑर्डर वॉल्यूम में 50% से 70% तक की भारी गिरावट आई है। यह स्थिति उन डिलीवरी पार्टनर्स के लिए बेहद गंभीर है, जिनकी दैनिक कमाई पूरी तरह से ऑर्डरों की अधिक संख्या पर मिलने वाले इंसेंटिव पर टिकी होती है।


    20 प्रति किलोमीटर का न्यूनतम रेट तय हो

    GIPSWU की अध्यक्ष सीमा सिंह ने इस ईंधन बढ़ोतरी को महंगाई और भीषण गर्मी से जूझ रहे श्रमिकों पर सीधा प्रहार बताया है। उन्होंने कहा, “Swiggy, Zomato, Blinkit और अन्य कंपनियों के डिलीवरी वर्कर्स अब इस बढ़े हुए खर्च का बोझ उठाने की स्थिति में बिल्कुल नहीं हैं। हम सरकार और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से मांग करते हैं कि वर्कर्स के लिए कम से कम 20 प्रति किलोमीटर का न्यूनतम सर्विस रेट तय किया जाए।”

    यूनियन ने आगाह किया कि यदि ईंधन और वाहनों के रखरखाव के खर्च के अनुपात में कमाई नहीं बढ़ी, तो कई कर्मचारी इस सेक्टर को छोड़ने के लिए मजबूर हो जाएंगे। रिपोर्ट के अनुसार, इस संकट का सबसे बुरा असर महिला गिग वर्कर्स, डिलीवरी एजेंटों और ड्राइवरों पर पड़ रहा है, जिनमें से कई विपरीत मौसम और भारी ट्रैफिक के बीच रोजाना 10 से 14 घंटे काम करते हैं।

    कल होने वाले 5 घंटे के इस शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में कई प्रमुख प्लेटफॉर्म्स से जुड़े वर्कर्स के शामिल होने की उम्मीद है। Swiggy, Zomato, Blinkit, Zepto, Ola, Uber और Rapido सर्विस पर इसका असर दिखेगा। नीति आयोग के अनुमानों के मुताबिक, चुनौतियों के बावजूद इस सेक्टर का विस्तार तय है। 2020-21 में भारत में गिग वर्कर्स की संख्या 77 लाख थी। वर्ष 2029-30 तक इसके बढ़कर 2.3 करोड़ से अधिक होने का अनुमान है।

  • 7 साल तक रिजेक्ट रहा रफी साहब का गाना, शम्मी कपूर की फिल्म में बन गया ऑल-टाइम सुपरहिट

    7 साल तक रिजेक्ट रहा रफी साहब का गाना, शम्मी कपूर की फिल्म में बन गया ऑल-टाइम सुपरहिट



    नई दिल्ली। मोहम्मद रफी, जिनकी आवाज को भारतीय संगीत की सबसे महान आवाजों में गिना जाता है, उन्होंने अपने करियर में एक से बढ़कर एक अमर गीत दिए। लेकिन उनके करियर में एक ऐसा भी गाना रहा, जिसे बार-बार रिजेक्ट किया गया और करीब 7 साल तक वह रिलीज नहीं हो सका। बाद में वही गाना संगीत इतिहास का सुपरहिट गाना बन गया।

    “आज कल तेरे मेरे प्यार के चर्चे” की शुरुआत
    इस गाने की कहानी शुरू होती है 1961 में आई फिल्म “जब प्यार किसी से होता है” से। इस फिल्म का निर्देशन नासिर हुसैन ने किया था। फिल्म में देव आनंद, आशा पारेख और प्राण जैसे बड़े कलाकार थे। संगीत शंकर-जयकिशन ने दिया था और गीत हसरत जयपुरी और शैलेंद्र ने लिखे थे।

    इसी फिल्म के लिए एक गाना रिकॉर्ड किया गया था
    “आज कल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हैं जुबान पर”
    जिसे मोहम्मद रफी और सुमन कल्याणपुर ने गाया था।

    देव आनंद ने किया सबसे पहला रिजेक्शन
    फिल्म के लिए जब यह गाना तैयार हुआ तो संगीतकारों को इससे काफी उम्मीद थी, लेकिन जब देव आनंद ने इसे सुना तो उन्होंने इसे रिजेक्ट कर दिया।
    उनका मानना था कि यह गाना उनके किरदार की गंभीरता से मेल नहीं खाता और यह स्क्रीन पर जरूरत से ज्यादा “लाउड” लगेगा।

    इस वजह से गाना फिल्म से बाहर कर दिया गया।
    5 साल बाद भी नहीं मिली जगह
    करीब 5 साल बाद, 1966 में जब शंकर-जयकिशन फिल्म “सूरज” का संगीत बना रहे थे, तो उन्होंने इस पुरानी धुन को फिर से इस्तेमाल करने की कोशिश की।
    इस बार फिल्म के हीरो राजेंद्र कुमार थे।लेकिन एक बार फिर गाने को रिजेक्ट कर दिया गया। राजेंद्र कुमार को भी लगा कि यह गाना उनके स्क्रीन इमेज से मेल नहीं खाता।

    शम्मी कपूर ने बदली किस्मत
    संगीतकार शंकर-जयकिशन इस गाने को लेकर निराश हो चुके थे, लेकिन 1968 में जब फिल्म “ब्रह्मचारी” बनी, तो कहानी बदल गई।जब शम्मी कपूर को यह धुन सुनाई गई तो उन्हें यह बेहद पसंद आई। उन्होंने तुरंत कहा कि यह गाना उनकी फिल्म में शामिल किया जाएगा।

    रिलीज होते ही बना ब्लॉकबस्टर
    फिल्म “ब्रह्मचारी” रिलीज हुई और यह गाना—
    “आज कल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हैं जुबान पर”
    सीधा सुपरहिट बन गया।शम्मी कपूर और मुमताज की जोड़ी पर फिल्माया गया यह गाना इतना लोकप्रिय हुआ कि आज भी यह सदाबहार हिट माना जाता है। लोग इसे आज भी रीमिक्स और स्टेज परफॉर्मेंस में उतने ही उत्साह से सुनते हैं।

    रफी साहब की अमर आवाज
    मोहम्मद रफी की खासियत यह थी कि हर बड़ा अभिनेता उनकी आवाज चाहता था। शम्मी कपूर के साथ उनकी जोड़ी ने कई हिट गाने दिए। उनकी आवाज ने इस गाने को अमर बना दिया।

    करियर की शुरुआत और उपलब्धियां
    मोहम्मद रफी ने अपने करियर की शुरुआत पंजाबी फिल्म “गुल बलोच” से की थी। उनका पहला हिंदी गाना 1945 की फिल्म “गांव की गोरी” में आया था।अपने शानदार करियर में उन्हें6 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स1965 में पद्म श्री1977 में नेशनल अवॉर्डसे सम्मानित किया गया।
    7 साल तक रिजेक्ट होने के बाद भी यह गाना भारतीय संगीत का इतिहास बन गया। यह कहानी बताती है कि असली कला समय के साथ पहचान बनाती है और सही मौका मिलने पर अमर हो जाती है।

  • Tara Sutaria का रेड कार्पेट अवतार: 53 कैरेट डायमंड नेकलेस से पूरा किया लुक

    Tara Sutaria का रेड कार्पेट अवतार: 53 कैरेट डायमंड नेकलेस से पूरा किया लुक

    नई दिल्ली। Cannes Film Festival 2026 में एक बार फिर भारतीय अभिनेत्री तारा सुतारिया ने अपने शानदार लुक से सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। अपने थर्ड रेड कार्पेट लुक में उन्होंने आइवरी रंग का विविएन वेस्टवुड कॉर्सेट गाउन पहना, जो उनकी ग्रेस और एलिगेंस को और भी निखारता नजर आया। इस गाउन के साथ उन्होंने मैचिंग स्टोल कैरी किया, जिससे उनका पूरा लुक बेहद रॉयल और क्लासिक दिखाई दिया।

     53 कैरेट डायमंड नेकलेस बना शोस्टॉपर
    तारा सुतारिया के इस लुक की सबसे बड़ी खासियत उनका ज्वेलरी सेलेक्शन रहा। उन्होंने:
    53 कैरेट का डायमंड नेकलेस
    16 कैरेट के डायमंड इयररिंग्स
    पहनकर अपने लुक को पूरा किया। इन ज्वेलरी पीस में ग्रीन सन्नन स्कार्ण (Green Sannan Skarn) स्टोन भी शामिल था, जिसने उनके आउटफिट को और भी यूनिक बना दिया।

     मेकअप और हेयरस्टाइल में सादगी और शालीनत
    तारा ने अपने लुक को बहुत ही बैलेंस्ड रखा।
    बालों को उन्होंने सिंपल बन (जूड़ा) स्टाइल में बांधा
    मेकअप में स्मोकी आईज़ और न्यूड लिपस्टिक का चुनाव किया
    यह कॉम्बिनेशन उनके रॉयल आउटफिट को परफेक्ट फिनिश दे रहा था।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ लुक
    15 मई को तारा सुतारिया ने अपने इस लुक की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर कीं। इन तस्वीरों में उन्होंने बताया कि वह रेड सी फिल्म फाउंडेशन के “Women in Cinema” गाला डिनर का हिस्सा बनी थीं। तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ होने लगी। फैंस ने उनके लुक को “परफेक्शन” और “ग्लोबल लेवल एलिगेंस” बताया।

    अपकमिंग प्रोजेक्ट्स
    वर्कफ्रंट की बात करें तो तारा सुतारिया जल्द ही सुपरस्टार यश के साथ फिल्म
    “Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups” में नजर आएंगी।

  • शिवसेना चुनाव चिन्ह विवाद पर बयानबाजी से भड़का SC…. नेताओं को लगाई फटकार

    शिवसेना चुनाव चिन्ह विवाद पर बयानबाजी से भड़का SC…. नेताओं को लगाई फटकार


    नई दिल्ली।
    शिवसेना (Shiv Sena) के चुनाव चिह्न (Election Symbol Dispute) को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बहुत सख्त रुख अपनाया है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने नेताओं द्वारा कोर्ट के खिलाफ की जा रही बयानबाजी पर गहरी नाराजगी जताई। शुक्रवार को इस अहम मामले की सुनवाई करते हुए जजों ने साफ कहा कि नेता मीडिया में अदालत के खिलाफ कोई भी गैरजिम्मेदार बातें न कहें। अदालत ने सख्त चेतावनी दी है कि इस तरह का व्यवहार बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    असल में, शिवसेना के दोनों गुटों (उद्धव और शिंदे) के बीच चुनाव चिह्न को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केस चल रहा है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। अदालत इस बात से बहुत नाराज थी कि नेता अदालत के अंदर तो खुद सुनवाई टालने के लिए नई तारीखें मांगते हैं, लेकिन बाहर जाकर मीडिया में यह गलत बात फैलाते हैं कि सुप्रीम कोर्ट कोई फैसला नहीं कर रहा है। अदालत ने नेताओं के इस काम को बहुत ही गलत आचरण माना है।


    सुप्रीम कोर्ट ने उद्धव ठाकरे गुट के वकील को क्या चेतावनी दी?

    सुनवाई के दौरान अदालत ने सीधे तौर पर उद्धव ठाकरे गुट के वकील को कड़े निर्देश दिए। पीठ ने कहा कि सबसे पहले अपने लोगों को मीडिया में ऐसे गैरजिम्मेदार बयान देने से रोकें। जज ने सख्त लहजे में कहा कि आप लोग अदालत के अंदर हमसे तारीख मांगते हैं और बाहर जाकर कहते हैं कि अदालत सुनवाई नहीं कर रही है। अदालत ने साफ किया कि अगर किसी को लगता है कि जज यहां खाली बैठे हैं, तो यह बात बिल्कुल भी स्वीकार नहीं की जाएगी।


    मुख्य न्यायाधीश और शिंदे गुट के वकील ने क्या कहा?

    मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कड़े शब्दों में कहा कि हम यहां शाम चार बजे तक बैठकर काम करते हैं, इसलिए नेताओं को अपने शब्दों का इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर करना चाहिए। वहीं, एकनाथ शिंदे गुट की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने भी अदालत की बात का पूरा समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अदालत के खिलाफ इस तरह की बयानबाजी नहीं होनी चाहिए क्योंकि अदालत ने हमेशा सभी पक्षों की बातों को बहुत ही शांति और धैर्य के साथ सुना है।


    मामले की अगली सुनवाई कब होगी और ठाकरे गुट के वकील ने क्या सफाई दी?

    अदालत की इस कड़ी फटकार के बाद उद्धव ठाकरे गुट के वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत ने अपनी सफाई पेश की। उन्होंने अदालत को बताया कि वकील ऐसे किसी भी बयान का बिल्कुल समर्थन नहीं करते हैं और वे अदालत की सुविधा के अनुसार किसी भी समय बहस करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। इन सभी दलीलों को सुनने के बाद, अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 जुलाई की तारीख तय की गई है।