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  • MP में महंगा पेट्रोल-डीजल: यूपी से ₹14 तक ज्यादा रेट, एक्सपर्ट ने बताए कारण

    MP में महंगा पेट्रोल-डीजल: यूपी से ₹14 तक ज्यादा रेट, एक्सपर्ट ने बताए कारण

    भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों ने आम जनता की जेब पर सीधा असर डाला है। ऑयल कंपनियों द्वारा हाल ही में किए गए रेट संशोधन के बाद राज्य में ईंधन की कीमतों में 3 से 3.50 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 15 मई से लागू नई दरों के बाद कई शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम ऐतिहासिक स्तर के करीब पहुंच गए हैं।

    राज्य के पांढुर्णा और मंडला जैसे जिलों में पेट्रोल की कीमत 111.29 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जबकि मैहर, अलीराजपुर और अनूपपुर जैसे इलाकों में डीजल 96.50 रुपए प्रति लीटर तक बिक रहा है। इंदौर और भोपाल जैसे बड़े शहरों में भी पेट्रोल की कीमतें 109 रुपए प्रति लीटर के आसपास पहुंच चुकी हैं।

    पड़ोसी राज्यों से बड़ा अंतर, एमपी सबसे महंगा
    तुलनात्मक आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में ईंधन की कीमतें पड़ोसी राज्यों की तुलना में काफी अधिक हैं। उत्तर प्रदेश में पेट्रोल करीब ₹14 और डीजल ₹5 प्रति लीटर तक सस्ता मिल रहा है। गुजरात में पेट्रोल लगभग ₹13 और डीजल ₹3 तक कम है। राजस्थान में दोनों ईंधन करीब ₹2 तक सस्ते हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में पेट्रोल की कीमतें लगभग ₹8 तक कम दर्ज की गई हैं। महाराष्ट्र में भी पेट्रोल ₹4 से ₹5 प्रति लीटर तक सस्ता मिल रहा है। इस बड़े अंतर ने राज्य में टैक्स संरचना को लेकर बहस को फिर से तेज कर दिया है।

    टैक्स स्ट्रक्चर पर उठे सवाल, एक्सपर्ट्स ने बताया वजह
    विशेषज्ञों के अनुसार मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की ऊंची कीमतों की एक बड़ी वजह वैट (VAT) और राज्य करों का अधिक होना है। इसी वजह से ऑयल कंपनियों द्वारा समान बेस प्राइस होने के बावजूद यहां अंतिम कीमत अन्य राज्यों से अधिक हो जाती है।

    विश्लेषकों का मानना है कि अगर टैक्स ढांचे में राहत दी जाए, तो उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल सकती है। फिलहाल कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से परिवहन, कृषि और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की लागत भी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

    राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज
    पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जनता पर “महंगाई का बोझ” लगातार बढ़ाया जा रहा है। उनके अनुसार पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ CNG और गैस सिलेंडर के दाम भी बढ़े हैं, जिससे आम लोगों का बजट बिगड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि सरकार को एक्साइज ड्यूटी और वैट में कमी कर जनता को राहत देनी चाहिए।

    आम जनता पर असर
    पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर ट्रांसपोर्ट, खेती, छोटे व्यापार और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ रहा है। ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन जैसे शहरों में पेट्रोल पंपों पर वाहनों की कतारें और बढ़ी हुई लागत लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं।

    मध्य प्रदेश में ईंधन की कीमतें अब पड़ोसी राज्यों की तुलना में काफी अधिक हो गई हैं, जिससे न सिर्फ आम उपभोक्ता बल्कि पूरा आर्थिक ढांचा प्रभावित हो रहा है। टैक्स नीति और कीमतों के अंतर को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक और प्रशासनिक बहस और तेज होने की संभावना है।
  • पोस्ट ऑफिस RD स्कीम: छोटे निवेश से बड़ा फंड बनाने का आसान तरीका

    पोस्ट ऑफिस RD स्कीम: छोटे निवेश से बड़ा फंड बनाने का आसान तरीका


    नई दिल्ली । आज के समय में जहां शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में उतार-चढ़ाव का डर बना रहता है, वहीं पोस्ट ऑफिस की RD स्कीम निवेशकों को सुरक्षित और स्थिर रिटर्न का भरोसा देती है। यह स्कीम खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद मानी जाती है जो हर महीने छोटी-छोटी बचत से बड़ा फंड बनाना चाहते हैं। इस योजना में मौजूदा समय में करीब 6.7% सालाना ब्याज दर मिल रही है और निवेश अवधि 5 साल (60 महीने) होती है।

     ₹5,000 महीने निवेश करने पर कितना रिटर्न?
    अगर कोई निवेशक हर महीने ₹5,000 जमा करता है, तो:
    कुल निवेश: ₹3,00,000 (5 साल में)
    अनुमानित ब्याज: ₹56,830
    मैच्योरिटी राशि: लगभग ₹3,56,830
    यानी निवेशक को बिना किसी जोखिम के तय रिटर्न प्राप्त होता है।

     कैसे काम करती है यह स्कीम?
    पोस्ट ऑफिस RD में निवेशक हर महीने एक निश्चित राशि जमा करता है। यह राशि 5 साल तक लगातार जमा होती रहती है और उस पर कंपाउंडिंग के आधार पर ब्याज मिलता है। मैच्योरिटी पर पूरी राशि एक साथ वापस मिल जाती है।

    कौन कर सकता है निवेश?
    कोई भी भारतीय नागरिक
    10 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नाबालिग भी खाता खोल सकते हैं
    जॉइंट अकाउंट की सुविधा (3 लोगों तक) उपलब्ध

     क्यों है यह स्कीम खास?
    सरकार द्वारा गारंटीड सुरक्षा
    बाजार के उतार-चढ़ाव से कोई असर नहीं
    छोटे निवेश से बड़ा फंड बनाने का मौका
    मिडिल क्लास और सैलरीड लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प

    पोस्ट ऑफिस RD स्कीम उन निवेशकों के लिए मजबूत विकल्प है जो जोखिम से बचते हुए नियमित बचत करना चाहते हैं। ₹100 से शुरू होकर यह योजना धीरे-धीरे एक सुरक्षित भविष्य फंड तैयार करने में मदद करती है।

  • लखनऊ में आकाश सिंह का जलवा: धमाकेदार गेंदबाजी और वायरल सेलिब्रेशन

    लखनऊ में आकाश सिंह का जलवा: धमाकेदार गेंदबाजी और वायरल सेलिब्रेशन


     लखनऊ। आईपीएल 2026 के हाई-वोल्टेज मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के युवा तेज गेंदबाज आकाश सिंह ने अपने प्रदर्शन से पूरे क्रिकेट जगत का ध्यान खींच लिया। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में उन्होंने न सिर्फ 3 अहम विकेट चटकाए, बल्कि अपने अनोखे “नोट सेलिब्रेशन” से भी मैदान पर और सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी।

    मैच की शुरुआत से ही आकाश सिंह ने अपनी सटीक लाइन-लेंथ और तेज़ गेंदबाज़ी से CSK के बल्लेबाज़ों पर दबाव बना दिया। पावरप्ले के दौरान उन्होंने कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ सहित दो और अहम बल्लेबाज़ों को पवेलियन भेजकर चेन्नई की कमर तोड़ दी। उनकी गेंदबाज़ी का आंकड़ा 3/26 रहा, जिसने CSK की मजबूत शुरुआत को पूरी तरह बिखेर दिया।

    ‘नोट सेलिब्रेशन’ बना चर्चा का विषय
    आकाश सिंह की गेंदबाज़ी जितनी खतरनाक रही, उतनी ही चर्चित रही उनकी सेलिब्रेशन स्टाइल। हर विकेट के बाद उन्होंने जेब से एक नोट निकालकर उसे पढ़ने जैसा इशारा किया, जिसने मैदान में मौजूद दर्शकों और टीवी ऑडियंस को चौंका दिया।

    यह ‘नोट सेलिब्रेशन’ तेजी से वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर फैंस ने इसे “चैंपियन माइंडसेट” का प्रतीक बताया। बाद में सामने आया कि यह नोट उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है, जिसे वह हर मैच में खुद को याद दिलाने के लिए रखते हैं।

    मैच का रुख पलटा, LSG को मिला बड़ा फायदा
    आकाश सिंह की घातक गेंदबाज़ी के चलते CSK की पारी शुरुआती ओवरों में ही लड़खड़ा गई। हालांकि बाद में चेन्नई ने वापसी करने की कोशिश की, लेकिन शुरुआती नुकसान इतना भारी था कि टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में पूरी तरह सफल नहीं हो सकी। LSG ने इस प्रदर्शन की बदौलत मैच पर पकड़ मजबूत कर ली और मुकाबले में निर्णायक बढ़त हासिल की। इस जीत ने लखनऊ की प्लेऑफ रेस में स्थिति और मजबूत कर दी।

     सोशल मीडिया पर छाए आकाश सिंह
    आकाश सिंह की यह परफॉर्मेंस और उनका अनोखा सेलिब्रेशन लगातार ट्रेंड करता रहा। क्रिकेट विशेषज्ञों से लेकर फैंस तक, हर कोई उनकी गेंदबाज़ी और आत्मविश्वास की तारीफ करता नजर आया। टीम मैनेजमेंट ने भी उनके प्रदर्शन को “मैच टर्निंग स्पेल” बताया।

    LSG vs CSK मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं रहा, बल्कि यह आकाश सिंह के उभरते स्टारडम की कहानी बन गया। उनकी धारदार गेंदबाज़ी और आत्मविश्वास से भरा ‘नोट सेलिब्रेशन’ आने वाले मैचों के लिए एक बड़ा संकेत है कि IPL 2026 में एक नया मैच विनर तैयार हो चुका है।

  • ईरान युद्ध सवाल पर ट्रम्प पत्रकार पर भड़के, रिपोर्टिंग को बताया ‘देशद्रोह’, कहा- सच नहीं लिखते

    ईरान युद्ध सवाल पर ट्रम्प पत्रकार पर भड़के, रिपोर्टिंग को बताया ‘देशद्रोह’, कहा- सच नहीं लिखते


    नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान युद्ध से जुड़े एक सवाल पर उस समय भड़क उठे जब एक पत्रकार ने सैन्य अभियान और राजनीतिक लक्ष्यों को लेकर सवाल पूछा। ट्रम्प ने पत्रकार को झूठा बताते हुए उसकी रिपोर्टिंग को देशद्रोह जैसा करार दिया और कहा कि वह सच नहीं लिखते तथा उनके एडिटर जो कहते हैं, वही वह लिखते हैं।

    ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान में पूरी तरह सैन्य जीत हासिल कर ली है और यह बात सभी मानते हैं। उन्होंने पत्रकार से नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसे लोग देश के खिलाफ काम कर रहे हैं और उन्हें अपनी रिपोर्टिंग पर शर्म आनी चाहिए।

    दरअसल यह सवाल एक पत्रकार डेविड सेंगर ने पूछा था, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने सैन्य जीत हासिल कर ली है तो फिर राजनीतिक लक्ष्य पूरे क्यों नहीं हुए और संघर्ष अभी भी क्यों जारी है। इसी सवाल के बाद ट्रम्प ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

    इस बीच ईरान संघर्ष को लेकर वैश्विक स्तर पर भी कई बड़े अपडेट सामने आए हैं। ट्रम्प और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बातचीत में माना गया कि युद्ध को खत्म करने की जरूरत है और होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखा जाना चाहिए। हालांकि चीन की भूमिका को लेकर कोई ठोस संकेत नहीं मिले हैं।

    वहीं ब्रिक्स देशों की बैठक में भी ईरान मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी और सदस्य देशों के अलग-अलग रुख सामने आए। भारत में हुई बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि इस मुद्दे पर देशों की सोच अलग-अलग है।

    अमेरिकी ऊर्जा मंत्री ने दावा किया है कि चीन अमेरिका से तेल खरीद बढ़ा सकता है, जबकि चीन ने कहा है कि समाधान केवल बातचीत और कूटनीति से ही संभव है। जर्मनी ने भी ईरान से तुरंत बातचीत शुरू करने और परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने की मांग की है।

  • CIBIL Score खराब हो गया? क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए जरूरी गाइड

    CIBIL Score खराब हो गया? क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए जरूरी गाइड


    नई दिल्ली । क्रेडिट कार्ड की गलत आदतों से CIBIL स्कोर गिर सकता है, लेकिन सही वित्तीय अनुशासन अपनाकर इसे सिर्फ 3 महीनों में सुधारा जा सकता है। CIBIL स्कोर किसी भी व्यक्ति की क्रेडिट हिस्ट्री को दर्शाता है। क्रेडिट कार्ड का गलत इस्तेमाल इस स्कोर को तेजी से नीचे ला सकता है।

    मुख्य कारण:
    समय पर क्रेडिट कार्ड बिल न भरना
    कार्ड लिमिट का 30% से ज्यादा इस्तेमाल करना
    सिर्फ मिनिमम ड्यू पेमेंट करना
    बार-बार लोन या कार्ड के लिए आवेदन करना
    पुराने लोन/EMI में डिफॉल्ट करना

    CIBIL स्कोर सुधारने के 5 आसान तरीके-

     पूरा बिल समय पर चुकाएं
    हर महीने क्रेडिट कार्ड का पूरा बकाया समय पर चुकाना सबसे जरूरी है। सिर्फ मिनिमम ड्यू भरने से स्कोर सुधरता नहीं, बल्कि ब्याज बढ़ता है और स्कोर गिरता है।

    क्रेडिट लिमिट का कम उपयोग करें

    कोशिश करें कि कार्ड लिमिट का केवल 30% तक ही खर्च करें।
    उदाहरण: अगर लिमिट ₹50,000 है, तो खर्च ₹15,000 के भीतर रखें।

     पुराने कार्ड बंद न करें
    पुराने क्रेडिट कार्ड आपके क्रेडिट इतिहास को मजबूत बनाते हैं। इन्हें बंद करने से स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

     बार-बार लोन के लिए अप्लाई न करें
    कम समय में कई जगह लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने से आपका स्कोर गिर सकता है। जरूरत हो तभी अप्लाई करें।

     CIBIL रिपोर्ट चेक करे
    कई बार रिपोर्ट में तकनीकी गलती भी स्कोर खराब कर देती है। ऐसी गलतियों को तुरंत ठीक करवाना जरूरी है।
     कितने समय में सुधार दिखता है?
    अगर आप लगातार 2–3 महीने तक:
    समय पर भुगतान करते हैं
    लिमिट में खर्च रखते हैं
    तो CIBIL स्कोर में सुधार दिखने लगता है। हालांकि बड़ा सुधार आने में 6 महीने या उससे ज्यादा समय भी लग सकता है।

     क्यों जरूरी है अच्छा CIBIL स्कोर?
    अच्छा CIBIL स्कोर होने से:
    आसानी से लोन मिलता है
    कम ब्याज दर पर होम/कार लोन मिलता है
    क्रेडिट कार्ड पर ज्यादा लिमिट मिलती है
    बैंक का भरोसा बढ़ता है

    क्रेडिट कार्ड सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह फायदेमंद है, लेकिन लापरवाही से CIBIL स्कोर बिगड़ सकता है। थोड़ी सी अनुशासन वाली आदतें अपनाकर आप इसे कुछ ही महीनों में सुधार सकते हैं।

  • फिल्म ‘जन नायकन’ लीक मामले में बड़ा एक्शन, साइबर क्राइम जांच में तेज़ी

    फिल्म ‘जन नायकन’ लीक मामले में बड़ा एक्शन, साइबर क्राइम जांच में तेज़ी


    नई दिल्ली।
    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता विजय की बहुचर्चित फिल्म ‘जन नायकन’ लीक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर कानून के तहत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में असिस्टेंट एडिटर प्रशांत, सेल्वम और बालाकृष्णन शामिल हैं, जिन्हें इस अवैध लीक का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार फिल्म को 3 अप्रैल को अवैध तरीके से ऑनलाइन लीक किया गया था, जिसके बाद साइबर क्राइम यूनिट ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी और अब तक कुल 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

    सूत्रों के मुताबिक यह फिल्म विजय के करियर की आखिरी फिल्म मानी जा रही है, क्योंकि उन्होंने राजनीति में सक्रिय होने के लिए फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली है। ‘जन नायकन’ का निर्देशन एच. विनोथ ने किया है और इसकी शूटिंग पहले ही पूरी हो चुकी थी। फिल्म को पोंगल 2026 में रिलीज किया जाना था, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता और कुछ तकनीकी कारणों से इसकी रिलीज टाल दी गई। सेंसर बोर्ड की कमेटी अभी भी फिल्म का रिव्यू कर रही है और प्रमाणपत्र जारी होने का इंतजार किया जा रहा है।

    फिल्म में विजय के साथ बॉबी देओल, पूजा हेगड़े, प्रकाश राज और गौतम वासुदेव मेनन जैसे बड़े कलाकार नजर आने वाले हैं। प्रोड्यूसर के. वेंकट नारायण ने पहले ही स्पष्ट किया था कि जैसे ही सेंसर सर्टिफिकेट मिलेगा, फिल्म को रिलीज कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनके लिए एक नया अध्याय है और फिल्म को लेकर दर्शकों में भारी उत्साह है।

    इधर फिल्म लीक मामले ने इंडस्ट्री में सुरक्षा और डिजिटल पाइरेसी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़कर आगे की जांच में जुटी हुई है।

  • CM रेवंत रेड्डी का बड़ा दावा, राहुल गांधी होंगे अगले लोकसभा चुनाव में INDIA ब्लॉक के PM चेहरे

    CM रेवंत रेड्डी का बड़ा दावा, राहुल गांधी होंगे अगले लोकसभा चुनाव में INDIA ब्लॉक के PM चेहरे

    हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने राष्ट्रीय राजनीति को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा है कि अगले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस नेता राहुल गांधी INDIA ब्लॉक की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। हैदराबाद में आयोजित एक कॉन्क्लेव के दौरान उन्होंने यह बात कही और दावा किया कि जल्द ही कांग्रेस पार्टी इस संबंध में आधिकारिक घोषणा करेगी।

    राहुल गांधी को लेकर बड़ा दावा
    मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि राहुल गांधी का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस को सत्ता में वापस लाना है और वे खुद उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी की व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा प्रधानमंत्री बनने की नहीं है, लेकिन हाल ही में विकाराबाद में हुई एक बैठक के दौरान मैंने उन्हें इस जिम्मेदारी को स्वीकार करने के लिए तैयार किया है।” रेवंत रेड्डी के अनुसार, कांग्रेस जल्द ही राहुल गांधी के नाम को औपचारिक रूप से घोषित करेगी और इसके बाद INDIA ब्लॉक के सहयोगी दलों से भी समर्थन जुटाया जाएगा।

    INDIA ब्लॉक की रणनीति और नया विजन
    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विपक्षी गठबंधन की ओर से एक विस्तृत पॉलिसी डॉक्यूमेंट तैयार किया जाएगा, जिसके आधार पर जनता से जनादेश मांगा जाएगा। उन्होंने राजनीतिक शैली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आज के समय में जनता तेज और सीधे परिणाम चाहती है, जिसे उन्होंने “स्विगी स्टाइल पॉलिटिक्स” की संज्ञा दी।

    बंदी संजय मामले पर तीखा बयान
    इस दौरान रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार से जुड़े POCSO मामले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पुलिस कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बंदी संजय से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बेटे को पुलिस के सामने पेश करें और जांच में सहयोग करें। रेवंत रेड्डी ने कहा, “राजनीति करने के बजाय नैतिक जिम्मेदारी दिखानी चाहिए और कानून का सामना करना चाहिए।”

    अवैध निर्माण और विकास परियोजनाओं पर बयान
    मुख्यमंत्री ने झीलों, तालाबों और सरकारी जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि यह कदम जनता के भविष्य के लिए जरूरी है। उन्होंने एक जापानी कहावत का उल्लेख करते हुए कहा कि लोग कई बातें भूल सकते हैं, लेकिन जल स्रोतों को नुकसान पहुंचाने वालों को कभी नहीं भूलते। उन्होंने मूसी नदी पुनरुद्धार परियोजना का भी जिक्र किया और कहा कि प्रभावित लोगों को सरकार की ओर से डबल-बेडरूम मकान, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएंगी।

    ‘फ्यूचर सिटी’ और विकास का विजन
    रेवंत रेड्डी ने ‘तेलंगाना राइजिंग 2047’ और ‘भारत फ्यूचर सिटी’ का विजन साझा करते हुए बताया कि हैदराबाद के पास लगभग 30 हजार एकड़ में हाई-टेक फ्यूचर सिटी विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में आईटी कंपनियों, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) और कृषि आधारित उद्योगों को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट्स में से तीन हैदराबाद को मिले हैं और शमशाबाद में एक आधुनिक बुलेट ट्रेन हब भी विकसित किया जाएगा।

    पूर्व सरकार पर निशाना
    मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकार पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि पिछली सरकार ने केंद्र से अपेक्षित सहयोग नहीं लिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार केंद्र के साथ बेहतर समन्वय बनाकर राज्य के विकास और फंडिंग को आगे बढ़ा रही है।

  • भारत-नेपाल सीमा पर ₹100 के सामान पर टैक्स को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, सरकार के आदेश पर लगाई रोक

    भारत-नेपाल सीमा पर ₹100 के सामान पर टैक्स को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, सरकार के आदेश पर लगाई रोक

    काठमांडू। भारत-नेपाल सीमा पर रोजमर्रा के सामान की खरीदारी करने वाले आम नागरिकों और छोटे व्यापारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नेपाल की सर्वोच्च अदालत ने प्रधानमंत्री बालेन शाह सरकार के उस विवादित फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें भारत से नेपाल ले जाए जाने वाले 100 रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर कस्टम ड्यूटी वसूली जा रही थी।

    सीमा पर बढ़ी सख्ती से लोगों को हुई परेशानी
    सरकार के इस नियम के लागू होने के बाद भारत-नेपाल सीमा पर स्थित कस्टम चौकियों पर हालात काफी तनावपूर्ण हो गए थे। दैनिक उपयोग की वस्तुओं के साथ यात्रा करने वाले लोगों को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। चिप्स, बिस्कुट, केले और अन्य छोटे-मोटे सामानों पर भी कस्टम विभाग की सख्ती देखी जा रही थी। ₹100 की सीमा तय होने के कारण आम नागरिकों और सुरक्षा कर्मियों के बीच कई बार कहासुनी और विवाद की स्थिति भी बन गई थी।

    अधिवक्ताओं ने कोर्ट में दी थी चुनौती
    इस फैसले के खिलाफ अधिवक्ता अमितेश पंडित, आकाश महतो, सुयोग्य सिंह और बिक्रम शाह ने नेपाल की सर्वोच्च अदालत में रिट याचिका दायर की थी। इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को हुई, जिसमें न्यायाधीश हरि प्रसाद फुयाल और न्यायाधीश टेक प्रसाद ढुंगाना की संयुक्त पीठ ने महत्वपूर्ण आदेश पारित किया।

    सुप्रीम कोर्ट का अहम अंतरिम आदेश
    न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि अर्थ मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन द्वारा दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर इस तरह की सख्ती उचित नहीं है। कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए निर्देश दिया कि जब तक अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक बॉर्डर पर आम लोगों से दैनिक उपयोग के सामान पर कोई टैक्स नहीं वसूला जाएगा और स्थिति पूर्ववत सामान्य रखी जाएगी।

    व्यापारियों और यात्रियों को राहत
    इस फैसले के बाद सीमा क्षेत्र के छोटे व्यापारियों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। व्यापारियों का कहना है कि इस आदेश से अनावश्यक जांच-पड़ताल, विवाद और परेशानियों में कमी आएगी, जिससे सीमा पर व्यापार और आवाजाही पहले की तरह सुचारु हो सकेगी।

  • ब्रिक्स बैठक में पश्चिम एशिया पर फूटा मतभेद, संयुक्त बयान अटका; 63 बिंदुओं का अलग दस्तावेज जारी

    ब्रिक्स बैठक में पश्चिम एशिया पर फूटा मतभेद, संयुक्त बयान अटका; 63 बिंदुओं का अलग दस्तावेज जारी



    नई दिल्ली। भारत की अध्यक्षता में हुई ब्रिक्स (BRICS) विदेश मंत्रियों की बैठक में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर गंभीर मतभेद सामने आए, जिसके चलते इस बार कोई संयुक्त बयान जारी नहीं किया जा सका। बैठक में ईरान, इजरायल और अमेरिका से जुड़े मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच अलग-अलग राय देखने को मिली, जिससे साझा सहमति बनाना मुश्किल हो गया। इसके बाद अध्यक्ष की ओर से एक विस्तृत बयान जारी किया गया, जिसमें 63 बिंदुओं के जरिए सभी देशों के विचारों को शामिल किया गया।

    सूत्रों के अनुसार, बैठक में ईरान ने मांग रखी थी कि इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए हमलों की निंदा ब्रिक्स मंच से की जाए, लेकिन इस पर सभी सदस्य देश सहमत नहीं हो सके। कुछ देशों ने कहा कि किसी एक पक्ष को सीधे तौर पर निशाना बनाना कूटनीतिक संतुलन के खिलाफ होगा, जबकि अन्य देशों ने क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए सख्त रुख अपनाने की वकालत की।

    इसी असहमति के कारण संयुक्त बयान पर सहमति नहीं बन सकी। बाद में जारी अध्यक्षीय बयान में कहा गया कि पश्चिम एशिया की स्थिति पर सदस्य देशों के विचार अलग-अलग हैं, लेकिन सभी देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि संकट का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए ही संभव है। बयान में अंतरराष्ट्रीय कानून, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान पर भी जोर दिया गया।

    बयान में यह भी कहा गया कि ब्रिक्स देशों ने एकतरफा प्रतिबंधों और अंतरराष्ट्रीय कानून के विपरीत दंडात्मक उपायों की आलोचना की है। साथ ही मानवीय संकटों से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। बैठक में फलस्तीन के मुद्दे पर भी चर्चा हुई, जिसमें 1967 की सीमाओं के आधार पर स्वतंत्र फलस्तीन राज्य के समर्थन की बात दोहराई गई।

    इस तरह पश्चिम एशिया के संवेदनशील मुद्दों पर अलग-अलग दृष्टिकोण के कारण ब्रिक्स बैठक में एकजुटता की कमी दिखी, हालांकि संवाद और शांति की आवश्यकता पर सभी देशों ने सहमति व्यक्त की।

  • एड़ियों की दरारें बन सकती हैं दर्दनाक घाव, ऐसे करें समय रहते इलाज

    एड़ियों की दरारें बन सकती हैं दर्दनाक घाव, ऐसे करें समय रहते इलाज


    नई दिल्ली । एड़ियों में दरारें (Cracked Heels) एक आम समस्या है, लेकिन अगर इन्हें समय पर ठीक न किया जाए तो ये दर्दनाक घाव और संक्रमण का कारण बन सकती हैं। खासकर गर्मी और सर्दी में यह समस्या ज्यादा बढ़ जाती है।

    फटी एड़ियां क्यों होती हैं?
    त्वचा का ज्यादा सूखना (Dry skin)
    पैरों की सही सफाई न होना
    खुली चप्पल या सैंडल पहनना
    शरीर में पानी की कमी
    डेड स्किन का जमा होना

     एड़ियां ठीक करने के आसान घरेलू उपाय
     1. गुनगुने पानी में भिगोना
    गुनगुने पानी में थोड़ा नमक या शैम्पू डालें
    10–15 मिनट पैरों को भिगोएं
    इससे डेड स्किन नरम हो जाती है और साफ करना आसान होता है
     2. डेड स्किन हटाना (सावधानी से)
    हल्के हाथों से प्यूमिक स्टोन (पिसाई पत्थर) से सफाई करें
    जोर से स्क्रैच न करें वरना घाव बन सकता है
    3. मॉइस्चराइज़र लगाना जरूरी
    नहाने के बाद गाढ़ी क्रीम या वैसलीन लगाएं
    रात को सोने से पहले जरूर लगाएं
    फिर मोजे पहन लें ताकि नमी बनी रहे
    4. एलोवेरा और घरेलू नुस्खे
    एलोवेरा जेल लगाना फायदेमंद है
    शहद + ग्लिसरीन + गुलाब जल का मिश्रण भी असरदार है
    यह त्वचा को मुलायम और हीलिंग में मदद करता है
    5. अंदर से देखभाल (Diet & Hydration)
    खूब पानी पिएं
    विटामिन E और हेल्दी फैट वाला खाना लें
    हरी सब्जियां और फल शामिल करें

    क्या न करें
    फटी एड़ियों को हाथ से ज्यादा खुरचें नहीं
    बिना मॉइस्चराइज़र पैरों को सूखा न छोड़ें
    ज्यादा देर नंगे पैर न चलें

    फटी एड़ियां छोटी समस्या लग सकती हैं, लेकिन लापरवाही से यह दर्द और संक्रमण में बदल सकती हैं। सही सफाई, मॉइस्चराइजिंग और घरेलू देखभाल से इसे आसानी से ठीक किया जा सकता है।