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  • 7 साल तक रिजेक्ट रहा रफी साहब का गाना, शम्मी कपूर की फिल्म में बन गया ऑल-टाइम सुपरहिट

    7 साल तक रिजेक्ट रहा रफी साहब का गाना, शम्मी कपूर की फिल्म में बन गया ऑल-टाइम सुपरहिट



    नई दिल्ली। मोहम्मद रफी, जिनकी आवाज को भारतीय संगीत की सबसे महान आवाजों में गिना जाता है, उन्होंने अपने करियर में एक से बढ़कर एक अमर गीत दिए। लेकिन उनके करियर में एक ऐसा भी गाना रहा, जिसे बार-बार रिजेक्ट किया गया और करीब 7 साल तक वह रिलीज नहीं हो सका। बाद में वही गाना संगीत इतिहास का सुपरहिट गाना बन गया।

    “आज कल तेरे मेरे प्यार के चर्चे” की शुरुआत
    इस गाने की कहानी शुरू होती है 1961 में आई फिल्म “जब प्यार किसी से होता है” से। इस फिल्म का निर्देशन नासिर हुसैन ने किया था। फिल्म में देव आनंद, आशा पारेख और प्राण जैसे बड़े कलाकार थे। संगीत शंकर-जयकिशन ने दिया था और गीत हसरत जयपुरी और शैलेंद्र ने लिखे थे।

    इसी फिल्म के लिए एक गाना रिकॉर्ड किया गया था
    “आज कल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हैं जुबान पर”
    जिसे मोहम्मद रफी और सुमन कल्याणपुर ने गाया था।

    देव आनंद ने किया सबसे पहला रिजेक्शन
    फिल्म के लिए जब यह गाना तैयार हुआ तो संगीतकारों को इससे काफी उम्मीद थी, लेकिन जब देव आनंद ने इसे सुना तो उन्होंने इसे रिजेक्ट कर दिया।
    उनका मानना था कि यह गाना उनके किरदार की गंभीरता से मेल नहीं खाता और यह स्क्रीन पर जरूरत से ज्यादा “लाउड” लगेगा।

    इस वजह से गाना फिल्म से बाहर कर दिया गया।
    5 साल बाद भी नहीं मिली जगह
    करीब 5 साल बाद, 1966 में जब शंकर-जयकिशन फिल्म “सूरज” का संगीत बना रहे थे, तो उन्होंने इस पुरानी धुन को फिर से इस्तेमाल करने की कोशिश की।
    इस बार फिल्म के हीरो राजेंद्र कुमार थे।लेकिन एक बार फिर गाने को रिजेक्ट कर दिया गया। राजेंद्र कुमार को भी लगा कि यह गाना उनके स्क्रीन इमेज से मेल नहीं खाता।

    शम्मी कपूर ने बदली किस्मत
    संगीतकार शंकर-जयकिशन इस गाने को लेकर निराश हो चुके थे, लेकिन 1968 में जब फिल्म “ब्रह्मचारी” बनी, तो कहानी बदल गई।जब शम्मी कपूर को यह धुन सुनाई गई तो उन्हें यह बेहद पसंद आई। उन्होंने तुरंत कहा कि यह गाना उनकी फिल्म में शामिल किया जाएगा।

    रिलीज होते ही बना ब्लॉकबस्टर
    फिल्म “ब्रह्मचारी” रिलीज हुई और यह गाना—
    “आज कल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हैं जुबान पर”
    सीधा सुपरहिट बन गया।शम्मी कपूर और मुमताज की जोड़ी पर फिल्माया गया यह गाना इतना लोकप्रिय हुआ कि आज भी यह सदाबहार हिट माना जाता है। लोग इसे आज भी रीमिक्स और स्टेज परफॉर्मेंस में उतने ही उत्साह से सुनते हैं।

    रफी साहब की अमर आवाज
    मोहम्मद रफी की खासियत यह थी कि हर बड़ा अभिनेता उनकी आवाज चाहता था। शम्मी कपूर के साथ उनकी जोड़ी ने कई हिट गाने दिए। उनकी आवाज ने इस गाने को अमर बना दिया।

    करियर की शुरुआत और उपलब्धियां
    मोहम्मद रफी ने अपने करियर की शुरुआत पंजाबी फिल्म “गुल बलोच” से की थी। उनका पहला हिंदी गाना 1945 की फिल्म “गांव की गोरी” में आया था।अपने शानदार करियर में उन्हें6 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स1965 में पद्म श्री1977 में नेशनल अवॉर्डसे सम्मानित किया गया।
    7 साल तक रिजेक्ट होने के बाद भी यह गाना भारतीय संगीत का इतिहास बन गया। यह कहानी बताती है कि असली कला समय के साथ पहचान बनाती है और सही मौका मिलने पर अमर हो जाती है।

  • Tara Sutaria का रेड कार्पेट अवतार: 53 कैरेट डायमंड नेकलेस से पूरा किया लुक

    Tara Sutaria का रेड कार्पेट अवतार: 53 कैरेट डायमंड नेकलेस से पूरा किया लुक

    नई दिल्ली। Cannes Film Festival 2026 में एक बार फिर भारतीय अभिनेत्री तारा सुतारिया ने अपने शानदार लुक से सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। अपने थर्ड रेड कार्पेट लुक में उन्होंने आइवरी रंग का विविएन वेस्टवुड कॉर्सेट गाउन पहना, जो उनकी ग्रेस और एलिगेंस को और भी निखारता नजर आया। इस गाउन के साथ उन्होंने मैचिंग स्टोल कैरी किया, जिससे उनका पूरा लुक बेहद रॉयल और क्लासिक दिखाई दिया।

     53 कैरेट डायमंड नेकलेस बना शोस्टॉपर
    तारा सुतारिया के इस लुक की सबसे बड़ी खासियत उनका ज्वेलरी सेलेक्शन रहा। उन्होंने:
    53 कैरेट का डायमंड नेकलेस
    16 कैरेट के डायमंड इयररिंग्स
    पहनकर अपने लुक को पूरा किया। इन ज्वेलरी पीस में ग्रीन सन्नन स्कार्ण (Green Sannan Skarn) स्टोन भी शामिल था, जिसने उनके आउटफिट को और भी यूनिक बना दिया।

     मेकअप और हेयरस्टाइल में सादगी और शालीनत
    तारा ने अपने लुक को बहुत ही बैलेंस्ड रखा।
    बालों को उन्होंने सिंपल बन (जूड़ा) स्टाइल में बांधा
    मेकअप में स्मोकी आईज़ और न्यूड लिपस्टिक का चुनाव किया
    यह कॉम्बिनेशन उनके रॉयल आउटफिट को परफेक्ट फिनिश दे रहा था।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ लुक
    15 मई को तारा सुतारिया ने अपने इस लुक की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर कीं। इन तस्वीरों में उन्होंने बताया कि वह रेड सी फिल्म फाउंडेशन के “Women in Cinema” गाला डिनर का हिस्सा बनी थीं। तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ होने लगी। फैंस ने उनके लुक को “परफेक्शन” और “ग्लोबल लेवल एलिगेंस” बताया।

    अपकमिंग प्रोजेक्ट्स
    वर्कफ्रंट की बात करें तो तारा सुतारिया जल्द ही सुपरस्टार यश के साथ फिल्म
    “Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups” में नजर आएंगी।

  • शिवसेना चुनाव चिन्ह विवाद पर बयानबाजी से भड़का SC…. नेताओं को लगाई फटकार

    शिवसेना चुनाव चिन्ह विवाद पर बयानबाजी से भड़का SC…. नेताओं को लगाई फटकार


    नई दिल्ली।
    शिवसेना (Shiv Sena) के चुनाव चिह्न (Election Symbol Dispute) को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बहुत सख्त रुख अपनाया है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने नेताओं द्वारा कोर्ट के खिलाफ की जा रही बयानबाजी पर गहरी नाराजगी जताई। शुक्रवार को इस अहम मामले की सुनवाई करते हुए जजों ने साफ कहा कि नेता मीडिया में अदालत के खिलाफ कोई भी गैरजिम्मेदार बातें न कहें। अदालत ने सख्त चेतावनी दी है कि इस तरह का व्यवहार बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    असल में, शिवसेना के दोनों गुटों (उद्धव और शिंदे) के बीच चुनाव चिह्न को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केस चल रहा है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। अदालत इस बात से बहुत नाराज थी कि नेता अदालत के अंदर तो खुद सुनवाई टालने के लिए नई तारीखें मांगते हैं, लेकिन बाहर जाकर मीडिया में यह गलत बात फैलाते हैं कि सुप्रीम कोर्ट कोई फैसला नहीं कर रहा है। अदालत ने नेताओं के इस काम को बहुत ही गलत आचरण माना है।


    सुप्रीम कोर्ट ने उद्धव ठाकरे गुट के वकील को क्या चेतावनी दी?

    सुनवाई के दौरान अदालत ने सीधे तौर पर उद्धव ठाकरे गुट के वकील को कड़े निर्देश दिए। पीठ ने कहा कि सबसे पहले अपने लोगों को मीडिया में ऐसे गैरजिम्मेदार बयान देने से रोकें। जज ने सख्त लहजे में कहा कि आप लोग अदालत के अंदर हमसे तारीख मांगते हैं और बाहर जाकर कहते हैं कि अदालत सुनवाई नहीं कर रही है। अदालत ने साफ किया कि अगर किसी को लगता है कि जज यहां खाली बैठे हैं, तो यह बात बिल्कुल भी स्वीकार नहीं की जाएगी।


    मुख्य न्यायाधीश और शिंदे गुट के वकील ने क्या कहा?

    मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कड़े शब्दों में कहा कि हम यहां शाम चार बजे तक बैठकर काम करते हैं, इसलिए नेताओं को अपने शब्दों का इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर करना चाहिए। वहीं, एकनाथ शिंदे गुट की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने भी अदालत की बात का पूरा समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अदालत के खिलाफ इस तरह की बयानबाजी नहीं होनी चाहिए क्योंकि अदालत ने हमेशा सभी पक्षों की बातों को बहुत ही शांति और धैर्य के साथ सुना है।


    मामले की अगली सुनवाई कब होगी और ठाकरे गुट के वकील ने क्या सफाई दी?

    अदालत की इस कड़ी फटकार के बाद उद्धव ठाकरे गुट के वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत ने अपनी सफाई पेश की। उन्होंने अदालत को बताया कि वकील ऐसे किसी भी बयान का बिल्कुल समर्थन नहीं करते हैं और वे अदालत की सुविधा के अनुसार किसी भी समय बहस करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। इन सभी दलीलों को सुनने के बाद, अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 जुलाई की तारीख तय की गई है।

  • Middle East Crisis में भारत के प्लान-बी का कमाल….. ग्लोबल संकट के बीच Import-Export में वृद्धि

    Middle East Crisis में भारत के प्लान-बी का कमाल….. ग्लोबल संकट के बीच Import-Export में वृद्धि


    नई दिल्ली।
    अमेरिका-ईरान तनाव (US-Iran Tensions), होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) बंद और इससे क्रूड की कीमतों (Crude Prices) में लगी आग के चलते ग्लोबल टेंशन चरम पर है. दुनिया के तमाम देशों में इससे उपजे तेल-गैस संकट (Oil and Gas Crisis) से हाहाकार मचा है और महंगाई की मार आम आदमी पर पड़ रही है. भारत भी इससे अछूता नहीं है, शुक्रवार को ही देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई. हालांकि, ये अन्य देशों के मुकाबले काफी कम है और करीब चार साल बाद इसमें इजाफा हुआ है।

    लेकिन बड़े ग्लोबल संकटों के बावजूद भारत सही ट्रैक पर आगे बढ़ रहा है. इसका एक ताजा उदाहरण देश के निर्यात के आंकड़े हैं. तमाम चुनौतियों के बाद भी भारतीय सामानों का एक्सपोर्ट अप्रैल महीने में बढ़कर 43.56 अरब डॉलर रहा है, जबकि आयात में भी तेज उछाल देखने को मिला है. कुल निर्यात की बात करें, तो ये 80.80 अरब डॉलर रहा है।

    इन चीजों का खूब हुआ निर्यात
    कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने शुक्रवार ये आंकड़े जारी करते हुए कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद देश का निर्यात बढ़ रहा है. अप्रैल में ये 13.78 फीसदी की उछाल के साथ बढ़कर 43.56 अरब डॉलर हो गया. इसके अलावा अप्रैल में भारतीय आयात भी सालाना आधार पर 10 फीसदी बढ़कर 71.94 अरब डॉलर हो गया।

    इस दौरान कई क्षेत्रों में निर्यात में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई. अनाजों के निर्यात में सबसे अधिक 210.19% का उछाल आया, इसके बाद मीट, डेयरी और पोल्ट्री उत्पादों में 48.03% और इलेक्ट्रॉनिक सामानों में 40.31% की तेजी आई. पेट्रोलियम प्रोडक्ट, हस्तशिल्प, मरीन प्रोडक्ट, इंजीनियरिंग सामान, दवाएं और कॉफी में भी ग्रोथ देखने को मिली है.


    होर्मुज संकट का यहां पड़ा असर

    अप्रैल महीने में भारत का व्यापार घाटा 28.38 अरब डॉलर रहा. होर्मुज संकट के असर की बात करें, तो राजेश अग्रवाल ने बताया कि पिछले महीने पश्चिम एशिया को भारत का निर्यात 28% घटकर 4.16 अरब डॉलर रह गया, जबकि अप्रैल 2025 में यह 5.78 अरब डॉलर था. इस क्षेत्र से आयात अप्रैल में 31.64% घटा और 10.47 अरब डॉलर रह गया।


    दुनिया में हाय-तौबा, भारत ने ऐसा संभाला

    आयात-निर्यात के इन ताजा आंकड़ों को देखकर साफ हो जाता है कि ट्रंप का टैरिफ अटैक हो या फिर अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध से पैदा हुआ तेल-गैस संकट. मोदी सरकार का प्लान-बी (Modi Govt Plan-B) काम कर रहा है और इसका असर भी देखने को मिल रहा है।

    अमेरिका-ईरान युद्ध से मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच पाकिस्तान से लेकर साउथ कोरिया तक में हायतौबा मची नजर आई. लेकिन देश के आयात-निर्यात को सुचारू रखने के लिए सरकार कई बड़े कदम उठाए, इनमें आयात डेस्टिनेशंस की संख्या बढ़ाने के साथ ही ग्लोबल टेंशन के बीच भारतीय निर्यात के लिए नए बाजारों तक पहुंच शामिल है. बीते कुछ समय में भारत ने न्यूजीलैंड, यूरोपीय यूनियन समेत कई देशों से बड़े FTA साइन किए हैं।

  • रतिंद्र बोस ने रचा इतिहास…. पहली बार उत्तर बंगाल से कोई MLA बना विधानसभा अध्यक्ष

    रतिंद्र बोस ने रचा इतिहास…. पहली बार उत्तर बंगाल से कोई MLA बना विधानसभा अध्यक्ष


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal.) की नवगठित 18वीं विधानसभा ने शुक्रवार को एक नया इतिहास रच दिया। भारतीय जनता पार्टी के विधायक (Bharatiya Janata Party MLA) रतिंद्र बोस (Ratindra Bose.) को निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष (Speaker Assembly ) चुना गया। आजादी के बाद यह पहली बार है जब उत्तर बंगाल के किसी विधायक को विधानसभा अध्यक्ष जैसे अहम और प्रतिष्ठित पद की जिम्मेदारी मिली है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Chief Minister Suvendu Adhikari) ने रतिंद्र बोसे के नाम का प्रस्ताव रखा। इसके बाद प्रोटेम स्पीकर तापस रॉय ने ध्वनि मत के माध्यम से प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। सदन में मौजूद सभी 207 भाजपा विधायकों ने एकमत होकर बोस के पक्ष में समर्थन दिया।

    विपक्ष की भूमिका में बैठी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस पद के लिए अपना कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा था, जिससे बोस के निर्वाचन का मार्ग पूरी तरह साफ हो गया और वे निर्विरोध चुन लिए गए।

    विधानसभा में पत्रकारों से बात करते हुए रतिंद्र बोस ने कहा कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे वे पूरी ईमानदारी से निभाएंगे और जरूरत पड़ने पर अनुभवी विधायकों से मार्गदर्शन लेंगे। स्पीकर की कुर्सी संभालने से पहले उन्होंने कहा, “अगर मैं चुना जाता हूं तो मैं ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ अपनी जिम्मेदारियों को निभाऊंगा।”

    294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा में हालिया चुनावों में मिली भारी जीत के बाद भाजपा के पास 207 विधायकों का प्रचंड बहुमत है। ऐसे में रतिंद्र बोस का चयन महज एक औपचारिकता माना जा रहा था। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को ही कूचबिहार दक्षिण से विधायक बोस के नाम की घोषणा पार्टी के उम्मीदवार के रूप में कर दी थी।

    उत्तर बंगाल को बड़ा राजनीतिक संदेश
    रतिंद्र बोस का अध्यक्ष चुना जाना केवल एक प्रशासनिक नियुक्ति नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। वह उत्तर बंगाल के पहले ऐसे विधायक हैं जो विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी संभालेंगे। पिछले एक दशक में उत्तर बंगाल भाजपा के सबसे मजबूत गढ़ के रूप में उभरा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस नियुक्ति के जरिए भाजपा सरकार ने इस क्षेत्र के मतदाताओं और नेतृत्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का एक रणनीतिक संदेश दिया है।

  • डेटा चोरी होने का डर… चीन से मिले गिफ्ट और सभी सामान नष्ट कर डस्टबिन में फेंक गए ट्रंप

    डेटा चोरी होने का डर… चीन से मिले गिफ्ट और सभी सामान नष्ट कर डस्टबिन में फेंक गए ट्रंप


    बीजिंग।
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) की तीन दिवसीय चीन यात्रा (China Trip) भले ही खत्म हो गई है, लेकिन उनकी वापसी से जुड़ी एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जासूसी और डेटा चोरी के डर से ट्रंप के डेलिगेशन ने ‘एयर फोर्स वन’ विमान में सवार होने से पहले, चीनी अधिकारियों द्वारा दिए गए सभी गिफ्ट्स और सामानों को नष्ट कर दिया या फिर वहीं छोड़ दिया।


    डस्टबिन में फेंके गए फोन और गिफ्ट्स

    ऑन-द-ग्राउंड रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी डेलिगेशन ने वापसी से पहले उन सभी चीजों को इकट्ठा किया जो उन्हें उनके चीनी मेजबानों ने दी थीं। इनमें वाइट हाउस के कर्मचारियों को जारी किए गए बर्नर फोन, डेलिगेशन पिन, क्रेडेंशियल्स (पहचान पत्र) और अन्य चीजें शामिल थीं। एयर फोर्स वन में चढ़ने से पहले इन सभी चीजों को वहीं डस्टबिन में फेंक दिया गया या नष्ट कर दिया गया।


    ‘विमान में चीन का कुछ भी अलाउड नहीं’

    अमेरिकी प्रेस पूल के साथ यात्रा कर रहीं ‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ की संवाददाता एमिली गुडिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इस बात की पुष्टि की। उन्होंने लिखा, “विमान में चीन से जुड़ा कुछ भी ले जाने की अनुमति नहीं है। हम जल्द ही अमेरिका के लिए उड़ान भर रहे हैं।” वाशिंगटन लौट रहे ट्रंप प्रशासन या खुद वाइट हाउस की तरफ से सामानों को नष्ट किए जाने की इन रिपोर्ट्स पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।


    सुरक्षा और जासूसी रोकने का है कड़ा प्रोटोकॉल

    माना जा रहा है कि यह कदम अमेरिका की ‘हाई-लेवल काउंटर-इंटेलिजेंस’ और सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है। दरअसल, जब भी अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल किसी विरोधी देश का दौरा करते हैं, तो संभावित जासूसी या डेटा चोरी के खतरे से बचने के लिए अधिकारी मानक प्रोटोकॉल के तहत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और संवेदनशील सामग्रियों को नष्ट कर देते हैं।


    9 साल बाद चीन पहुंचे थे ट्रंप, जिनपिंग से हुई मुलाकात

    यह करीब 9 साल में डोनाल्ड ट्रंप का पहला चीन दौरा था। इस दौरान उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से सातवीं बार आमने-सामने मुलाकात की। यह सख्त सुरक्षा कदम ‘झोंगनानहाई लीडरशिप कंपाउंड’ में ट्रंप और जिनपिंग की आखिरी दौर की बैठकों के बाद उठाया गया। बता दें कि दोनों नेताओं ने अपनी बातचीत के बाद इस ऐतिहासिक परिसर में एक छोटी सी सैर भी की थी, जो अपने सदियों पुराने पेड़ों, चीनी गुलाबों और पारंपरिक वास्तुकला के लिए जाना जाता है।


    किन अहम मुद्दों पर हुई चर्चा?

    भले ही सार्वजनिक रूप से यह दौरा काफी सौहार्दपूर्ण दिखा हो, लेकिन अमेरिका और चीन के बीच अब भी कई बड़े मुद्दों पर गहरी असहमति और तनाव बरकरार है। ट्रंप के इस दौरे पर मुख्य रूप से इन 4 अहम मुद्दों पर चर्चा हुई:
    – व्यापार असंतुलन
    – तकनीकी प्रतिस्पर्धा
    – ताइवान का मुद्दा
    – ईरान में चल रहा युद्ध

    इस दौरे की कूटनीतिक भव्यता के बावजूद, वापसी के समय अपनाए गए इस सख्त सिक्योरिटी प्रोटोकॉल से साफ जाहिर होता है कि अमेरिका और चीन के रिश्तों में अभी भी अविश्वास और गहरे स्तर की सावधानी कायम है।

  • Akshay Kumar की भारी फीस ने चौंकाया, अजय देवगन से ज्यादा मिलने की खबर

    Akshay Kumar की भारी फीस ने चौंकाया, अजय देवगन से ज्यादा मिलने की खबर


    नई दिल्ली। कॉमेडी और एंटरटेनमेंट से भरपूर गोलमाल फ्रेंचाइजी अब अपने पांचवें पार्ट के साथ लौट रही है। इस बार फिल्म में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, क्योंकि अजय देवगन और पुरानी स्टारकास्ट के साथ अब अक्षय कुमार भी नजर आने वाले हैं। फिल्म की घोषणा के बाद से ही दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है, लेकिन अब सबसे ज्यादा चर्चा अक्षय कुमार की फीस को लेकर हो रही है।

    अक्षय कुमार को मिली इतनी फीस
    रिपोर्ट्स के अनुसार, अक्षय कुमार ने गोलमाल 5 के लिए लगभग 18 से 22 दिनों की शूटिंग की है। इसके बदले उन्हें करीब 35 से 40 करोड़ रुपये फीस दी गई है। कहा जा रहा है कि यह रकम फिल्म के लीड स्टार Ajay Devgn की फीस से भी ज्यादा है। हालांकि खबरों के मुताबिक अजय देवगन फिल्म से प्रॉफिट शेयरिंग मॉडल पर जुड़े हुए हैं, इसलिए उनकी कमाई बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर भी निर्भर करेगी।

     फिल्म में दिखेगा अक्षय का नया अवतार
    Akshay Kumar इस फिल्म में एक बिल्कुल अलग लुक में दिखाई देंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह गंजे अवतार में नजर आएंगे और उनका किरदार काफी दमदार और सीरियस होगा। इससे पहले फिल्म हाउसफुल 4 में भी उनका गंजा लुक देखने को मिला था, लेकिन वह कॉमिक अंदाज में था।

     20 साल पुरानी है गोलमाल फ्रेंचाइजी
    गोलमाल फ्रेंचाइजी की शुरुआत साल 2006 में हुई थी। इसके बाद गोलमाल रिटर्न्स, गोलमाल 3 और गोलमाल अगेन ने भी बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की। निर्देशक Rohit Shetty ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि यह फ्रेंचाइजी उनके करियर का सबसे अहम हिस्सा रही है।

    अक्षय बोले- अजय ही फिल्म के असली हीरो
    अक्षय कुमार ने एक इंटरव्यू में साफ कहा कि फिल्म के मुख्य हीरो अजय देवगन ही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी तरह की असुरक्षा नहीं है और उनके लिए कहानी ज्यादा मायने रखती है।

    अक्षय की आने वाली बड़ी फिल्में
    गोलमाल 5 के अलावा अक्षय कुमार जल्द ही कई बड़ी फिल्मों में नजर आने वाले हैं, जिनमें:
    Welcome to the Jungle
    Hera Pheri 3
    Haiwaan
    जैसी फिल्में शामिल हैं।

  • चुनावी हार के बाद ममता का बड़ा संदेश, बोलीं- जिसे जाना है जाए, TMC को फिर से खड़ा करेंगे

    चुनावी हार के बाद ममता का बड़ा संदेश, बोलीं- जिसे जाना है जाए, TMC को फिर से खड़ा करेंगे



    कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार झेलने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी अब पार्टी को नए सिरे से मजबूत करने में जुट गई हैं। चुनाव नतीजों के बाद उन्होंने कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने आवास पर पार्टी उम्मीदवारों के साथ अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहे।

    पार्टी में बढ़ती अंदरूनी हलचल और नेताओं के पाला बदलने की अटकलों के बीच ममता बनर्जी ने साफ संदेश दिया कि जो नेता पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे ऐसा कर सकते हैं।

    ‘जिसे जाना है जाए, मैं नहीं रोकूंगी’
    बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने दो टूक कहा कि वे किसी को भी जबरदस्ती पार्टी में बनाए रखने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा, “जो लोग दूसरी पार्टियों में जाना चाहते हैं, वे जा सकते हैं। मैं पार्टी को फिर से खड़ा करूंगी।”

    उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि जिन पार्टी कार्यालयों को नुकसान पहुंचा है, उन्हें दोबारा तैयार किया जाए। ममता ने कहा कि दफ्तरों की मरम्मत कर उन्हें फिर से सक्रिय बनाया जाए। उन्होंने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ी तो वह खुद भी पार्टी कार्यालयों को पेंट करेंगी। ममता ने भरोसा जताया कि तृणमूल कांग्रेस मुश्किल हालात के बावजूद झुकेगी नहीं और एक बार फिर मजबूती से वापसी करेगी।

    सोशल मीडिया पर दिखी एकजुटता
    बैठक के बाद टीएमसी के आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट से नेताओं की तस्वीरें साझा की गईं। पोस्ट में कहा गया कि पार्टी के उम्मीदवारों ने दबाव और धमकियों के बावजूद साहस के साथ चुनाव लड़ा। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि तृणमूल कांग्रेस एक परिवार की तरह एकजुट है और जनता के जनादेश की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

    चुनाव में TMC को बड़ा झटका
    हालिया विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। 294 सीटों वाली विधानसभा में पार्टी सिर्फ 80 सीटों पर सिमट गई। टीएमसी ने 291 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 211 उम्मीदवार हार गए। हारने वालों में कई बड़े नेता और मंत्री भी शामिल रहे। सबसे बड़ा झटका खुद ममता बनर्जी को लगा, जो अपने गढ़ माने जाने वाले भवानीपुर सीट से चुनाव हार गईं।

    ‘जनादेश लूटा गया’
    चुनावी हार की समीक्षा के दौरान ममता बनर्जी ने नतीजों पर सवाल भी उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के जनादेश को “लूटा” और “चुराया” गया है। टीएमसी नेतृत्व का कहना है कि पार्टी इस हार के बाद संगठन को नए सिरे से मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को फिर से सक्रिय करने की दिशा में काम करेगी।

  • Post Office Investment: सुरक्षित निवेश से पाएं फिक्स और मजबूत रिटर्न

    Post Office Investment: सुरक्षित निवेश से पाएं फिक्स और मजबूत रिटर्न

    नई दिल्ली । आज के समय में जहां शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है, वहीं पोस्ट ऑफिस की सेविंग स्कीम्स निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और स्थिर रिटर्न वाला विकल्प मानी जाती हैं। सरकार की गारंटी के कारण इन योजनाओं पर बाजार के उतार-चढ़ाव, मंदी या वैश्विक संकट का सीधा असर नहीं पड़ता।
    सुरक्षित और गारंटीड रिटर्
    पोस्ट ऑफिस की योजनाओं की सबसे बड़ी खासियत है पूरी सुरक्षा और तय रिटर्न।
    यह स्कीम खासकर उन लोगों के लिए बेहतर है जो जोखिम नहीं लेना चाहते।
    इसमें निवेश पर सरकार की गारंटी होती है
    तय अवधि पर निश्चित ब्याज मिलता है
    बच्चों की पढ़ाई से लेकर रिटायरमेंट प्लान तक उपयोगी

     पोस्ट ऑफिस FD पर कितना मिलता है ब्याज
    पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (FD) में अवधि के अनुसार ब्याज मिलता है:

    1 साल की FD: लगभग 6.9% सालाना
    2 साल की FD: लगभग 7% सालाना
    3 साल की FD: लगभग 7.1% सालाना
    5 साल की FD: लगभग 7.5% सालाना

    कितनी राशि से शुरू कर सकते हैं निवेश?
    न्यूनतम निवेश: ₹1000 से शुरू
    अधिकतम निवेश: कोई ऊपरी सीमा नहीं (स्कीम के अनुसार)
    जॉइंट अकाउंट की सुविधा भी उपलब्ध (3 लोगों तक)

    कौन खोल सकता है खाता?
    कोई भी भारतीय नागरिक
    10 साल से ऊपर के बच्चे भी खाता खोल सकते हैं (अभिभावक के साथ)
    जॉइंट अकाउंट की सुविधा उपलब्ध

     क्यों खास है पोस्ट ऑफिस स्कीम?
    100% सरकारी सुरक्षा
    बाजार के उतार-चढ़ाव से कोई असर नहीं
    मंदी या युद्ध जैसी स्थिति में भी सुरक्षित निवेश
    स्थिर और भरोसेमंद रिटर्न
    यही वजह है कि इसे “लो-रिस्क इन्वेस्टमेंट” का सबसे मजबूत विकल्प माना जाता है।

    अगर आप ऐसे निवेश की तलाश में हैं जहां जोखिम कम और भरोसा ज्यादा हो, तो पोस्ट ऑफिस की एफडी स्कीम एक अच्छा विकल्प हो सकती है। यह उन लोगों के लिए खास है जो धीरे-धीरे लेकिन सुरक्षित तरीके से अपने पैसे को बढ़ाना चाहते हैं।

  • एमपी में गर्मी ने किया हाल बेहाल, भोपाल में पिघला सड़क का डामर, 12 शहरों का पारा 43 डिग्री के पार

    एमपी में गर्मी ने किया हाल बेहाल, भोपाल में पिघला सड़क का डामर, 12 शहरों का पारा 43 डिग्री के पार



    भोपाल। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। शुक्रवार को प्रदेश के 12 शहरों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा तापमान खंडवा में 45.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। राजधानी भोपाल में तेज गर्मी के चलते सड़क का डामर तक पिघल गया।

    मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 37 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। वहीं इंदौर, उज्जैन और मंडला में वॉर्म नाइट की स्थिति रहेगी, यानी रात के समय भी तापमान सामान्य से अधिक बना रहेगा। IMD के मुताबिक इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार और देवास में तीव्र लू को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, छतरपुर, सागर, दमोह और मंडला समेत कई जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है। हालांकि जबलपुर, रीवा, सतना, सीधी, कटनी, उमरिया, शहडोल, सिवनी, बालाघाट और बैतूल जैसे जिलों में तेज गर्मी पड़ेगी, लेकिन वहां फिलहाल लू का अलर्ट नहीं है।

     सागर, दमोह, जबलपुर, छिंदवाड़ा, शिवपुरी, रायसेन और पन्ना समेत कई जिलों में भी मौसम बदला रहा।

    तापमान की बात करें तो शाजापुर में 44.6 डिग्री, खरगोन में 44.2 डिग्री और रतलाम-नौगांव में 44 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों में भोपाल का तापमान 42.8 डिग्री, इंदौर और जबलपुर में 41.8 डिग्री, उज्जैन में 42.5 डिग्री और ग्वालियर में 40.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

    मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 से 3 बजे के बीच विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। कहा है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी का असर बना रहेगा। विभाग ने लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप में ज्यादा देर तक नहीं रहने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।