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  • MP: बिजली कर्मियों का अजीब कारनामा… रात ढाई बजे कनेक्शन काटने पहुंचे, महिला ने चोर समझ मारे पत्थर

    MP: बिजली कर्मियों का अजीब कारनामा… रात ढाई बजे कनेक्शन काटने पहुंचे, महिला ने चोर समझ मारे पत्थर


    भिण्ड।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के भिंड जिले (Bhind district) के लहार में बिजली विभाग के कुछ कर्मचारियों का एक अनूठा कारनामा (Unique feat) सामने आया है। ये कर्मचारी गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात करीब ढाई बजे (Around 2:30 AM) एक महिला के घर कनेक्शन काटने पहुंच गए। रात के सन्नाटे में अचानक गेट खटकाने से महिला घबरा गई। जब उसने दरवाजा नहीं खोला तो कर्मचारी दीवार फांदकर छत पर चढ़ने की कोशिश करने लगे। ऐसे में बदमाशों का हमला समझकर महिला ने बचाव में ईंट-पत्थर फेंक दिए, जिससे सरकारी वाहन का कांच टूट गया। इसके बाद बिजली कर्मचारी मौके से भाग खड़े हुए। उधर कर्मचारियों के इतनी रात को महिला के घर पहुंचने के पीछे जो वजह सामने आई है, वह और भी हैरान करने वाली है। दरअसल ये कर्मचारी उस अजीबोगरीब फरमान के बाद इतनी रात को वहां पहुंचे थे, जिसके अनुसार टारगेट पूरा करने का दबाव बनाते हुए उन्हें रात 12 बजे से सुबह 8 बजे तक कनेक्शन काटने के आदेश दिए गए हैं।


    बच्चों के साथ रहने वाली महिला डरी

    प्राप्त जानकारी के अनुसार बिजली घर इलाके की निवासी पूनम बघेल अपने घर में 16 वर्षीय बेटी और एक बेटे के साथ अकेली रहती हैं। उनके पति गुजरात के अहमदाबाद में निजी नौकरी करते हैं। 15 जनवरी की रात करीब ढाई बजे गली के बाहर एक वाहन आकर रुका। वाहन से चार-पांच युवक उतरे और सीधे पूनम बघेल के घर की कुंडी खटकाने लगे। तेज आवाज से महिला की नींद खुल गई, युवकों ने खुद को बिजली विभाग का बताते हुए दरवाजा खोलने को कहा। महिला ने इतनी रात में दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया और कहा कि वह उन्हें नहीं जानती। इस पर कर्मचारियों ने कहा सीढ़ी लाओ छत पर चढ़ते हैं। यह सुनकर महिला और अधिक डर गई। आशंका में महिला छत पर चढ़ गई और बचाव में ईंट-पत्थर फेंकने लगी। छत से पथराव होता देख बिजली कर्मचारी जान बचाकर भाग खड़े हुए। इस दौरान कुछ ईंट-पत्थर सरकारी वाहन पर लगे जिससे उसका कांच टूट गया।

    कर्मचारियों ने की मामले को दबाने की कोशिश
    रात की घटना के बाद कर्मचारियों ने जेई नवीन शुक्ला के कहने पर मामले को दबा लिया और किसी को जानकारी नहीं दी। जब वाहन सरकारी कार्यालय पहुंचा और टूटा कांच दिखाई दिया, तब कर्मचारियों से सवाल किए गए। इसके बाद रात की घटना सामने आई। घटना की जानकारी मिलते ही उप महाप्रबंधक लक्ष्मी सोनवानी भड़क गईं और महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।


    रिपोर्ट लिखाने पहुंचे तो उल्टा पुलिस ने दागे सवाल

    शुक्रवार दोपहर में पुलिस थाने में शिकायत दी गई। जब मामला लहार थाना टीआई शिवसिंह यादव के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने सवाल किया कि रात ढाई बजे बकायादार के घर कौन जाता है। पुलिस के सवालों पर बिजली कर्मचारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद पुलिस ने महिला को भी थाने बुलाया। महिला ने पुलिस को बताया कि वह घर में अकेली रहती है। रात में कुछ लोग नशे जैसी हालत में उसके घर की कुंडी खटका रहे थे और जबरन छत पर चढ़ने का प्रयास कर रहे थे। डर के कारण उसने आत्मरक्षा में ईंट-पत्थर फेंके। महिला ने इस पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत भी पुलिस को दी है।


    कर्मचारियों पर टारगेट पूरा करने का दबाव

    इसी बीच सूत्रों के अनुसार उप महाप्रबंधक लक्ष्मी सोनवानी ने मार्च क्लोजिंग के नाम पर बिजली कर्मचारियों पर टारगेट पूरा करने का दबाव बना रखा है। इसके तहत रात 12 बजे से सुबह 8 बजे तक कनेक्शन काटने के आदेश दिए गए हैं। कर्मचारियों के अनुसार, रात की टीम का नेतृत्व जेई करते हैं और कई बार कर्मचारी नशे की हालत में ड्यूटी पर रहते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि आदेश न मानने पर कार्रवाई की धमकी दी जाती है, जिससे वे भयभीत हैं।

    जिले के महाप्रबंधक अमरेश शुक्ला ने बताया कि रात में टीम पर हमला हुआ और वाहन क्षतिग्रस्त हुआ है। आवेदन थाने में दिया गया है और पूरे मामले की जानकारी भिण्ड एसपी को देकर निष्पक्ष जांच का आग्रह किया गया है। लहार थाना टीआई शिवसिंह यादव का कहना है कि दोनों पक्षों से आवेदन मिले हैं। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • MP: छिंदवाड़ा में खौफनाक वारदात… मां ने पिता के लिए रो रही बच्ची का गला घोंटा

    MP: छिंदवाड़ा में खौफनाक वारदात… मां ने पिता के लिए रो रही बच्ची का गला घोंटा


    छिंदवाड़ा।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छिंदवाड़ा जिले (Chhindwara district) के चांद थाना क्षेत्र के परसगांव में रिश्तों को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मां ने गुस्से में आकर अपनी ढाई साल की मासूम बेटी (Innocent Daughter) की गला घोंटकर हत्या कर दी। मिली जानकारी के अनुसार मृत बच्ची के पिता रामदास चौरिया ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी ढाई साल की बेटी की अज्ञात कारणों से मौत हो गई है। पिता ने बताया कि करीब 3 बजकर 25 मिनिट पर जब वह घर लौटे तो बेटी को अचेत अवस्था में मिली। उन्होंने तुरंत पड़ोसियों को बुलाया और बच्ची को स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    बेटी की मौत पर संदेह जताते हुए पिता थाने पहुंचे। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ कि बच्ची की मौत गला घोंटने से हुई है। इसके बाद पुलिस का शक बच्ची की मां संगीता चौरिया पर गया।पुलिस ने सख्ती से संगीता चौरिया से पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी मां को किसी प्रकार की मानसिक बीमारी या अन्य परेशानी नहीं थी।

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मां ने बतया की बच्ची पूरी तरह सामान्य थी और खाना खाकर घर पर मौजूद थी। इसी दौरान पिता ट्रैक्टर में हवा भरवाने के लिए बच्ची को साथ ले गए। हवा भरवाने के बाद वह बच्ची को घर छोड़कर अपने काम पर निकल गए। पिता के जाते ही बच्ची रोने लगी। बच्ची को शांत कराने की कोशिश की लेकिन लगातार पिता के लिए रोने से वह गुस्से में आ गई। इसी दौरान उसने कान में बांधने वाले रूमाल से बच्ची का गला घोंट दिया और बाद में हाथ से भी गला दबाया, जिससे मासूम की मौत हो गई।

    चांद थाना प्रभारी प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक ललित बैरागी ने बताया कि घटना दोपहर 3 बजे से 3:25 बजे के बीच की है। जांच में सामने आया कि घटना के समय घर में मां के अलावा कोई और मौजूद नहीं था। उस दौरान किसी के आने-जाने के सबूत भी नहीं मिले। पुलिस ने 13 जनवरी 2026 को आरोपी मां संगीता चौरिया के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जिला जेल छिंदवाड़ा भेज दिया गया है।

  • हे राम! गौमांस कांड पर सन्नाटा: न पुलिस के पास जवाब, न नगर निगम को खबर, स्लॉटर हाउस ट्रक से मिले मांस

    हे राम! गौमांस कांड पर सन्नाटा: न पुलिस के पास जवाब, न नगर निगम को खबर, स्लॉटर हाउस ट्रक से मिले मांस


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सामने आए गौमांस कांड ने प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि स्लॉटर हाउस के ट्रक में मिला गौमांस आखिर कहां से आया और जिन गायों का वध किया गया वे कहां से लाई गई थीं। न तो नगर निगम के पास इसका कोई ठोस जवाब है और न ही पुलिस इस दिशा में कोई ठोस प्रगति दिखा पा रही है। मामला 17-18 दिसंबर की दरमियानी रात का है जब भोपाल के स्लॉटर हाउस से जुड़े एक ट्रक में गौमांस मिलने की पुष्टि हुई थी। इस खुलासे के बाद शहर में हड़कंप मच गया था और हिंदू संगठनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। पुलिस ने मामले में 24 दिसंबर को स्लॉटर हाउस संचालक असलम कुरैशी को गिरफ्तार जरूर किया लेकिन जांच की रफ्तार शुरुआत से ही सवालों के घेरे में है।

    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस ने असलम कुरैशी का रिमांड तक नहीं मांगा। न्यायालय में पेशी के दौरान पुलिस ने पूछताछ के लिए रिमांड की मांग नहीं की जिसके चलते कोर्ट ने असलम को सीधे जेल भेज दिया। जानकारों का मानना है कि रिमांड न लेने से कई अहम जानकारियां सामने आने का मौका गंवा दिया गया जिससे पूरे मामले की तह तक पहुंचना अब और मुश्किल हो गया है। मध्यप्रदेश में गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 के तहत गौहत्या या गौमांस के परिवहन जैसे मामलों में सात साल तक की सजा का प्रावधान है। ऐसे में जांच में हो रही ढिलाई सीधे तौर पर आरोपी को लाभ पहुंचा सकती है। अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि गायें किस जिले या किस राज्य से लाई गई थीं उनके परिवहन की अनुमति थी या नहीं और क्या इसमें किसी संगठित गिरोह की भूमिका है।

    नगर निगम की भूमिका भी इस पूरे मामले में संदेह के घेरे में आ गई है। स्लॉटर हाउस नगर निगम के अधीन आता है इसके बावजूद निगम की ओर से अब तक असलम कुरैशी के खिलाफ स्लॉटर हाउस के दुरुपयोग को लेकर कोई अलग से एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या निगम प्रशासन जानबूझकर मामले को हल्का रखने की कोशिश कर रहा है या फिर आंतरिक लापरवाही इसके पीछे कारण है। राजनीतिक गलियारों में भी यह मुद्दा गरमाता जा रहा है। विपक्ष सरकार और प्रशासन पर आरोप लगा रहा है कि जानबूझकर जांच को कमजोर किया जा रहा है जबकि सत्तापक्ष इसे कानून के तहत कार्रवाई का मामला बता रहा है। फिलहाल भोपाल में गौमांस कहां से आया कौन जिम्मेदार है और इसके पीछे कौन-सी बड़ी साजिश छिपी है इन सभी सवालों के जवाब अभी अधर में लटके हुए हैं।

  • MP: इंदौर में ड्रग्स स्मगलिंग नेटवर्क का सरगना निकला स्कूल प्रिंसिपल… 2 युवतियों के साथ गिरफ्तार

    MP: इंदौर में ड्रग्स स्मगलिंग नेटवर्क का सरगना निकला स्कूल प्रिंसिपल… 2 युवतियों के साथ गिरफ्तार


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में इंटरस्टेट ड्रग्स स्मगलिंग नेटवर्क (Interstate Drug Smuggling Network) का पर्दाफाश हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि भोपाल (Bhopal) के एक स्कूल का प्रिंसिपल इस नेटवर्क का सरगना निकला। लग्जरी लाइफ का शौकीन यह प्रिंसिपल थार गाड़ी से ड्रग्स की तस्करी करता था। उसे दो लड़कियों के साथ इंदौर में गिरफ्तार किया गया है।

    इंदौर में शिक्षा की गरिमा को शर्मसार करने वाला सनसनीखेज खुलासा तब हुआ जब भोपाल के एक स्कूल के प्रिंसिपल अबान शकील को कनाड़िया पुलिस ने एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया। लग्जरी लाइफ स्टाइल का शौकीन अबान शकील दरअसल नशे के इंटरस्टेट नेटवर्क का अहम किरदार निकला, जो थार गाड़ी से ड्रग्स की तस्करी करता था। पुलिस ने उसकी कार जब्त कर ली है और पूछताछ में कई अन्य तस्करों के नाम सामने आए हैं। इससे पूरे नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।


    इवेंट कंपनी की आड़ में पार्टियों का आयोजन

    कनाड़िया पुलिस ने नेटवर्क के सरगना वैभव उर्फ अरुण उर्फ बाबा शर्मा को दो युवतियों के साथ धर दबोचा। डीपीएस स्कूल बायपास के पास संदिग्ध इको स्पोर्ट कार से पकड़े गए इस गिरोह के पास से एमडी ड्रग्स बरामद हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह इवेंट कंपनी की आड़ में हाई-प्रोफाइल पार्टियों का आयोजन कर, वहीं से युवाओं को महंगे दामों में एमडी ड्रग्स सप्लाई करता था। पुलिस चेकिंग से बचने के लिए गिरोह में युवतियों को आगे किया जाता था, ताकि शक की सुई उन पर न जाए।


    पब, बार और क्लबों में ड्रग्स की सप्लाई

    पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी गोवा सहित कई राज्यों के पब, बार और क्लबों में ड्रग्स की सप्लाई करते थे। गिरफ्तार युवतियों ने कबूल किया कि वे बड़े क्लबों और पार्टियों में जाकर युवाओं को एमडी ड्रग्स की पुड़िया महंगी कीमत पर बेचती थीं। प्रारंभिक जांच में गिरोह के तार इंदौर के कई क्लबों और ठिकानों से जुड़े पाए गए हैं, जिससे शहर के नाइट लाइफ नेटवर्क पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


    32 लाख रुपए की सामग्री जब्त

    पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर 15.95 ग्राम एमडी ड्रग्स, दो लग्जरी वाहन, थार और इको स्पोर्ट सहित करीब 32 लाख रुपए की सामग्री जब्त की है। पुलिस रिमांड में आरोपियों से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ड्रग्स कहां से लाई जाती थी और किन-किन बार व क्लब संचालकों की इसमें भूमिका है।


    थार गाड़ी से तस्करी करता था प्रिंसिपल

    पुलिस ने सबसे पहले भोपाल निवासी अबान शकील को गिरफ्तार किया। आरोपी एक स्कूल का प्रिंसिपल है और लग्जरी लाइफस्टाइल का शौकीन बताया गया है। जांच में सामने आया कि वह थार गाड़ी से एमडी ड्रग्स की तस्करी करता था। आरोपी के पास से 5.15 ग्राम एमडी ड्रग बरामद की गई।अबान शकील से पूछताछ के दौरान पुलिस को वैभव उर्फ अरुण उर्फ बाबा शर्मा नामक तस्कर के बारे में अहम जानकारी मिली। इसके बाद थाना कनाड़िया पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वैभव शर्मा को दो लड़कियों के साथ एमडी ड्रग्स सहित गिरफ्तार किया।


    बिना नंबर की इको स्पोर्ट्स कार से हो रही थी सप्लाई

    पुलिस को डीपीएस स्कूल बायपास के पास बिना नंबर की फोर्ड इको स्पोर्ट्स कार संदिग्ध हालत में खड़ी मिली। कार की जांच करने पर चालक भागने लगा, जिसे घेराबंदी कर पकड़ा गया। तलाशी में उसके पास से एमडी ड्रग्स मिली। पुलिस जांच में कार में बैठी दो लड़कियों नेहा उर्फ रिशु झा (मुंबई निवासी) और अलीशा मसीह उर्फ जैनी (रतलाम निवासी) के पास से भी एमडी ड्रग्स बरामद की गई। दोनों ने कबूल किया कि वे क्लब और बार पार्टियों में महंगे दामों पर ड्रग्स सप्लाई करती थीं।

    गोवा और अन्य राज्यों तक फैला नेटवर्क
    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी इवेंट कंपनी के नाम पर बड़ी पार्टियों का आयोजन करते थे और इन्हीं पार्टियों में ड्रग्स की सप्लाई की जाती थी। पुलिस चेकिंग से बचने के लिए गिरोह में युवतियों को आगे रखा जाता था। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरोह के तार गोवा सहित कई अन्य राज्यों से जुड़े हुए हैं। आरोपी वहां के पब, बार और क्लबों में एमडी ड्रग्स की सप्लाई करते थे। इंदौर के कई क्लब संचालकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।


    इंदौर पुलिस की लोगों से अपील

    चारों आरोपियों के खिलाफ थाना कनाड़िया में धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस रिमांड लेकर यह पता लगाया जाएगा कि ड्रग्स कहां से लाई जाती थीं और किन-किन क्लबों में सप्लाई होती थी। इंदौर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी किसी भी सूचना को तुरंत पुलिस को दें। नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

  • मेरठ केस अपडेट: सोनू कश्यप की मौत कैसे हुई? मंत्री नरेंद्र कश्यप ने अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट

    मेरठ केस अपडेट: सोनू कश्यप की मौत कैसे हुई? मंत्री नरेंद्र कश्यप ने अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट

    नई दिल्ली।  उत्तर प्रदेश के मेरठ में सरधना के सोनू कश्यप हत्याकांड की जांच को सुलझाने के लिए भाजपा सरकार ने स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप को जिम्मेदारी सौंपी है. मंत्री नरेंद्र कश्यप ने हाल ही में सोनू कश्यप के परिजनों से मुलाकात कर उनका दर्द सुना था. इसके बाद शुक्रवार को उन्होंने मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे मामले की जानकारी ली और परिजनों का पक्ष अधिकारियों के सामने रखा.

    इस हत्याकांड में अब भी सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि सोनू कश्यप की मौत आखिर कैसे हुई? पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी नाबालिग थ्री-व्हीलर टेंपो चालक ने पहले सोनू कश्यप की पिटाई की, फिर उसकी हत्या कर शव को मोबिल ऑयल डालकर जला दिया.

    परिजनों का आरोप पीएम रिपोर्ट नहीं सौंपी
    मृतक के परिजनों का आरोप है कि सोनू कश्यप को जिंदा जलाया गया, और इस वारदात में नाबालिग आरोपी के अलावा अन्य लोग भी शामिल हैं. परिजनों का कहना है कि घटना के इतने दिन बीत जाने के बावजूद उन्हें अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं सौंपी गई, जिसके चलते सोनू कश्यप की मौत के असली कारण पर अभी भी रहस्य बना हुआ है.

    मंत्री का दावा दोषियों पर होगी कार्रवाई
    मंत्री नरेंद्र कश्यप ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाए. उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि जांच में इस हत्याकांड में किसी अन्य आरोपी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट के माध्यम से मौत के वास्तविक कारणों को स्पष्ट किया जाएगा. मंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.

    उधर इस मामले में विपक्षी दलों ने प्रदेश सरकार पर लीपापोती का आरोप लगाया है. यही नहीं पीड़ित परिवार से मिलने को लेकर स्थानीय पुलिस-प्रशासन और विपक्ष के नेताओं में नोंक झोंक भी हुई.

  • Rahu Ketu का बॉक्स ऑफिस स्लो स्टार्ट,Day 1 में 1 करोड़ की कमाई, “Happy Patel” ने की आगे बढ़त

    Rahu Ketu का बॉक्स ऑफिस स्लो स्टार्ट,Day 1 में 1 करोड़ की कमाई, “Happy Patel” ने की आगे बढ़त


    नई दिल्ली। कॉमेडी के फैंस के लिए यह सप्ताह पुलकित सम्राट और वरुण शर्मा की जोड़ी के नाम रहा, जो ‘फुकरे’ के बाद फिर से बड़े पर्दे पर लौटे हैं। उनकी नई फिल्म ‘राहु केतु’ शुक्रवार को रिलीज़ हुई और ट्रेलर ने दर्शकों को एक फुल-ऑन फैंटेसी कॉमेडी का वादा किया था। फिल्म की कहानी एक जादुई नोटबुक के इर्द-गिर्द घूमती है, जो दो बदकिस्मत किरदारों को असल दुनिया में ले आती है। इन दोनों की किस्मत में उलझन तब और बढ़ जाती है जब मीनू टैक्सी नाम की रहस्यमयी लड़की नोटबुक चोरी कर लेती है और उनके लिए नोटबुक वापस लेना ज़िंदगी-मौत का मामला बन जाता है।
     ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘राहु केतु’ ने अपने पहले दिन (Day 1) लगभग 1 करोड़ रुपये की कमाई की। यह आंकड़ा सैकनिल्क की शुरुआती रिपोर्ट पर आधारित है और बाद में बदल भी सकता है।
    फिल्म की कुल हिंदी स्क्रीन पर ऑक्यूपेंसी 6.90% रही, जिसमें सबसे ज्यादा दर्शक शाम और रात के शो में नजर आए। इसका मतलब यह है कि शुरुआत में दर्शकों का उत्साह अपेक्षित स्तर से कम रहा, लेकिन शाम के समय कुछ हलचल जरूर देखी गई।

    इस बीच, उसी दिन रिलीज़ हुई वीर दास की कॉमेडी ‘हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस’ ने बेहतर शुरुआत की और 1.25 करोड़ रुपये के साथ ‘राहु केतु’ से आगे निकल गई। बॉक्स ऑफिस पर पहले से चल रही फिल्मों जैसे ‘धुरंधर’, ‘28 इयर्स लेटर: द बोन टेंपल’, ‘द राजा साब’ आदि के साथ प्रतिस्पर्धा के बीच ‘राहु केतु’ के लिए यह सप्ताह चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।

    फिर भी, ‘राहु केतु’ के पास एक मजबूत USP है

    फैंटेसी, कॉमेडी और थ्रिल का अनोखा मिश्रण। अगर कहानी और प्रदर्शन दर्शकों को बांध पाए, तो फिल्म समय के साथ टर्नअराउंड कर सकती है। अब यह देखना बाकी है कि क्या ‘राहु केतु’ अगले दिनों में अपनी रफ्तार पकड़ पाती है और क्या यह ‘हैप्पी पटेल’ जैसी नई कॉमेडी फिल्मों के बीच अपनी अलग पहचान बना पाती है।

    (नोट: बॉक्स ऑफिस आंकड़े शुरुआती रिपोर्ट्स पर आधारित हैं और आधिकारिक रिलीज के बाद बदल सकते हैं।)

  • युद्ध के बाद गाजा के पुनर्निर्माण के लिए US ने की 'बोर्ड ऑफ पीस' की घोषणा, इन्हें मिली बड़ी जिम्मेदारी

    युद्ध के बाद गाजा के पुनर्निर्माण के लिए US ने की 'बोर्ड ऑफ पीस' की घोषणा, इन्हें मिली बड़ी जिम्मेदारी


    वाशिंगटन।
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने गाजा पट्टी (Gaza Strip) में युद्ध के बाद पुनर्निर्माण, शासन और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एक नया अंतरराष्ट्रीय निकाय ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (शांति बोर्ड) (New International Body, ‘Board of Peace’) की स्थापना की घोषणा की है। ट्रंप खुद इस बोर्ड के अध्यक्ष होंगे। वाइट हाउस ने शुक्रवार को इस बोर्ड के संस्थापक कार्यकारी सदस्यों की सूची जारी की, जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनेर और अन्य प्रमुख हस्तियां शामिल हैं।

    यह बोर्ड ट्रंप की 20-सूत्रीय व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य इजरायल-हमास संघर्ष को समाप्त करना, गाजा में स्थायी शांति स्थापित करना, पुनर्निर्माण करना और समृद्धि लाना है। योजना के दूसरे चरण में प्रवेश हो चुका है, जिसमें हमास द्वारा शासन छोड़ने, पूर्ण हथियार डालने और एक तकनीकी फिलिस्तीनी प्रशासन की स्थापना शामिल है।

    यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिकी निगरानी में गाजा को शासित करने वाली फिलिस्तीनी तकनीकी समिति की पहली बैठक शुक्रवार को मिस्र की राजधानी काहिरा में आयोजित की गई। इस समिति के प्रमुख अली शाथ हैं जो गाजा से ताल्लुक रखने वाले इंजीनियर और पूर्व फिलिस्तीनी अथॉरिटी अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि समिति जल्द से जल्द काम शुरू करेगी। उन्होंने माना कि गाजा के पुनर्निर्माण और पुनर्बहाली में लगभग तीन साल का समय लग सकता है। फिलहाल उनकी प्राथमिकता तत्काल जरूरतों पर रहेगी, जिनमें लोगों के लिए अस्थायी और स्थायी आश्रय की व्यवस्था शामिल है। मिस्र के सरकारी चैनल Al-Qahera News को दिए इंटरव्यू में अली शाथ ने कहा- फिलिस्तीनी लोग इस समिति के गठन और कामकाज की लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे थे, ताकि उन्हें इस तबाही से उबारा जा सके।

    अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप गाजा में शासन व्यवस्था संभालने के लिए इस तकनीकी समिति के प्रयासों का समर्थन कर रहे हैं। 10 अक्टूबर को संघर्षविराम लागू होने के बाद इजरायली सेना गाजा के कुछ हिस्सों से पीछे हटी, जिसके चलते हजारों विस्थापित फिलिस्तीनी अपने तबाह हो चुके घरों की ओर लौटे। हालांकि आगे की राह आसान नहीं मानी जा रही है। सबसे बड़ी चुनौतियों में संघर्षविराम की निगरानी के लिए अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल की तैनाती और हमास को निरस्त्र करने जैसी संवेदनशील प्रक्रिया शामिल है।

    ट्रंप की योजना के तहत, गाजा में रोजमर्रा के प्रशासन का काम अली शाथ की तकनीकी समिति करेगी, जबकि उसकी निगरानी ट्रंप के नेतृत्व में बनने वाला एक उच्चस्तरीय ‘बोर्ड ऑफ पीस’ करेगा। फिलहाल इस बोर्ड के सभी सदस्यों की घोषणा नहीं की गई है।


    वाइट हाउस ने घोषित किए बोर्ड के सदस्य

    व्हाइट हाउस के बयान के अनुसार, बोर्ड ऑफ पीस के संस्थापक कार्यकारी बोर्ड में सात सदस्य शामिल हैं:
    अध्यक्ष: डोनाल्ड ट्रंप (अमेरिकी राष्ट्रपति)
    मार्को रुबियो (अमेरिकी विदेश मंत्री)
    जेरेड कुशनेर (ट्रंप के दामाद और पूर्व सलाहकार)
    स्टीव विटकॉफ (मध्य पूर्व के लिए अमेरिकी विशेष दूत)
    सर टोनी ब्लेयर (पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री)
    अजय बंगा (विश्व बैंक के अध्यक्ष)
    मार्क रोवन (अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट के सीईओ)
    रॉबर्ट गेब्रियल (अमेरिकी उप-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार)

    ट्रंप ने इसे कभी भी, कहीं भी गठित सबसे प्रतिष्ठित बोर्ड करार दिया है। बोर्ड के प्रत्येक सदस्य को गाजा की स्थिरता और दीर्घकालिक सफलता के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र सौंपे जाएंगे, जैसे शासन क्षमता निर्माण, क्षेत्रीय संबंध, पुनर्निर्माण, निवेश आकर्षण, बड़े पैमाने पर फंडिंग और पूंजी जुटाना।


    अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियां

    निकोलाय म्लादेनोव (बुल्गारियाई राजनेता और पूर्व यूएन मध्य पूर्व दूत) को गाजा के लिए हाई रिप्रेजेंटेटिव नियुक्त किया गया है, जो बोर्ड की ओर से जमीन पर काम करेंगे। अमेरिकी मेजर जनरल जास्पर जेफर्स को इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स (ISF) का कमांडर बनाया गया है, जो सुरक्षा स्थापित करने, शांति बनाए रखने और आतंक-मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होगा। गाजा में दैनिक प्रशासन के लिए नेशनल कमिटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा (NCAG) गठित की गई है, जिसके प्रमुख फिलिस्तीनी इंजीनियर और पूर्व मंत्री अली शाथ हैं। यह तकनीकी और गैर-राजनीतिक समिति हमास के स्थान पर सार्वजनिक सेवाएं संचालित करेगी।

    ट्रंप की यह योजना पिछले साल अक्टूबर में शुरू हुई थी, जिसके तहत बचे हुए बंधकों की रिहाई और युद्धविराम हुआ। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने नवंबर 2025 में प्रस्ताव 2803 पारित कर इस योजना और बोर्ड को समर्थन दिया। हालांकि, टोनी ब्लेयर की नियुक्ति विवादास्पद है, क्योंकि इराक युद्ध (2003) में उनकी भूमिका के कारण मध्य पूर्व में वे विभाजनकारी व्यक्तित्व माने जाते हैं। ट्रंप ने पिछले साल अक्टूबर में कहा था कि वे ब्लेयर को पसंद करते हैं, लेकिन उनकी स्वीकार्यता जांचेंगे।

    कई विशेषज्ञों और अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस बोर्ड को औपनिवेशिक संरचना जैसा बताया है, क्योंकि एक विदेशी नेता (ट्रंप) किसी अन्य क्षेत्र के शासन की निगरानी कर रहा है। फिलिस्तीनी गुटों और हमास की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन योजना के तहत हमास ने शासन छोड़ने पर सहमति जताई है, हालांकि निरस्त्रीकरण पर असहमति बनी हुई है।

  • पोपटलाल की लाइफ में होगा 180 डिग्री बदलाव, TMKOC में शादी का बड़ा ट्विस्ट

    पोपटलाल की लाइफ में होगा 180 डिग्री बदलाव, TMKOC में शादी का बड़ा ट्विस्ट


    नई दिल्ली। तारक मेहता का उल्टा चश्मा (TMKOC) के दर्शक लंबे समय से पोपटलाल की जिंदगी में कोई बड़ा बदलाव देखने की उम्मीद कर रहे थे और अब ऐसा लग रहा है कि शो में एक बड़ा ट्विस्ट आने वाला है। खबरों की मानें तो पोपटलाल की जिंदगी में शादी का नया मोड़ आने वाला है और उन्हें दूल्हन मिलने वाली है। इस खबर ने फैंस के बीच उत्साह और चर्चा को बढ़ा दिया है, क्योंकि पोपटलाल की नटखट, शर्मीली और अपने तरीके से बड़ी-बड़ी बातों को हल्के-फुल्के अंदाज़ में पेश करने वाली छवि को देखते हुए यह ट्विस्ट काफी मनोरंजक साबित हो सकता है।

    पोपटलाल की शादी का आइडिया शो में नई कॉमिक स्थिति पैदा करेगा।

    शो में पोपटलाल हमेशा अपने विवाह और शादी को लेकर हिचकते रहे हैं, लेकिन अब अगर उन्हें सच में दूल्हन मिलती है तो उनकी जिंदगी में एक नई लय आ सकती है। इससे न केवल पोपटलाल की कहानी आगे बढ़ेगी, बल्कि अन्य किरदारों के साथ उनके रिश्तों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। दर्शक यह भी जानना चाहेंगे कि पोपटलाल की दूल्हन कौन होगी और क्या वह गोकुलधाम सोसाइटी में आकर उनकी दुनिया को बदल देगी या फिर पोपटलाल की पुरानी आदतें वही रहेंगी।

    इस नए ट्विस्ट से शो में ड्रामा, रोमांच और कॉमेडी का एक नया मिश्रण देखने को मिलेगा।

    पोपटलाल के किरदार में अक्सर नाटकीयता और मज़ाकिया संवाद होते हैं, जो शो को सबसे अलग बनाते हैं। अगर पोपटलाल की शादी की कहानी को सही तरीके से आगे बढ़ाया गया तो यह TMKOC के लिए एक नया पेज बन सकता है। इसके साथ ही यह ट्विस्ट दर्शकों को नए सस्पेंस और नई परिस्थितियों से जोड़ने का काम करेगा।

    हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पोपटलाल की शादी का फैसला किस वजह से लिया गया है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि शो में यह मोड़ सामाजिक और राजनीतिक संदर्भ के साथ भी दिखाया जा सकता है। TMKOC की कहानी अक्सर समाज में चल रहे मुद्दों को हल्के-फुल्के तरीके से पेश करती है और यही वजह है कि यह शो सालों से दर्शकों का पसंदीदा बना हुआ है।

    पोपटलाल की शादी के पीछे कोई बड़ा संदेश या सामाजिक कारण भी हो सकता है, जिससे कहानी में गहराई आएगी और दर्शक इसे सिर्फ कॉमेडी के रूप में नहीं बल्कि एक संदेश के रूप में भी देखेंगे।

    पोपटलाल की शादी का ट्विस्ट फैंस के लिए एक नया सरप्राइज है, लेकिन साथ ही यह सवाल भी उठता है कि क्या पोपटलाल अपनी नई जिम्मेदारियों को संभाल पाएंगे? क्या उनका अजीब-सा व्यवहार और मजाकिया अंदाज शादी के बाद भी जारी रहेगा? या फिर वे अपनी नई पत्नी के साथ एक अलग ही किरदार में नजर आएंगे? इन सभी सवालों का जवाब जल्द ही आने वाले एपिसोड में देखने को मिलेगा, जो TMKOC को फिर से चर्चा में ला देगा।
    TMKOC में पोपटलाल की शादी का ट्विस्ट शो में नया उत्साह और मनोरंजन लेकर आएगा, और दर्शकों के लिए यह एक बार फिर हंसी और मस्ती का पावर-पैक पैकेज साबित होगा।

  • 2016 में आई इस बॉलीवुड फिल्म में थे 23 किसिंग सीन्स, दीपिका थीं डायरेक्टर की पहली पसंद

    2016 में आई इस बॉलीवुड फिल्म में थे 23 किसिंग सीन्स, दीपिका थीं डायरेक्टर की पहली पसंद

    नई दिल्ली।  रणवीर सिंह ने बॉलीवुड में तमाम फिल्में की हैं। आज हम आपको धुरंधर स्टार रणवीर सिंह की वो फिल्म बता रहे हैं जिसमें करीब 23 किसिंग सीन्स थे। यह फिल्म साल 2016 में रिलीज हुई थी। अब आप फिल्म का नाम पहचान गए होंगे। अगर नहीं, तो चलिए हम आपको बताते हैं। इस फिल्म का नाम है बेफिक्रे। फिल्म में रणवीर सिंह के साथ वाणी कपूर नजर आई थीं।

    आदित्य चोपड़ा ने डायरेक्ट की थी फिल्म
    बेफिक्रे यश राज फिल्म्स के बैनर तले बनी फिल्म थी। फिल्म को आदित्य चोपड़ा ने डायरेक्ट किया था। बेफिक्रे आदित्य चोपड़ा की पहली ऐसी फिल्म थी जिसे उन्होंने खुद प्रोड्यूस भी किया था। वहीं, ये चौथी फिल्म थी जिसे आदित्य चोपड़ा ने डायरेक्ट किया था।

    दीपिका थीं आदित्य की पहली पसंद
    आईएमडीबी के मुताबिक, इस फिल्म के लिए आदित्य चोपड़ा की पहली पसंद दीपिका पादुकोण थीं। हालांकि, बाद में आदित्य चोपड़ा ने दीपिका की जगह वाणी कपूर को कास्ट किया क्योंकि वो अपनी फिल्म के लिए एक फ्रेश जोड़ी चाहते थे। कथिततौर पर इस फिल्म में 23 किसिंग सीन्स थे।

    उस वक्त एक दूसरे को डेट कर रहे थे रणवीर और दीपिका
    रणवीर इस फिल्म की शूटिंग के वक्त दीपिका पादुकोण को डेट कर रहे थे। जब दीपिका और रणवीर ने अपना रिलेशनशिप ऑफिसियल किया था तब दीपिका से किसी इवेंट में फिल्म में रणवीर सिंह के किसिंग सीन्स को लेकर सवाल हुआ था। उस वक्त दीपिका ने कहा था कि उन्हें फिल्म का पोस्टर काफी पसंद आया था। उन्होंने फिल्म की भी तारीफ की थी।

    कैसी थी फिल्म की बॉक्स ऑफिस परफॉर्मेंस?
    रणवीर सिंह और वाणी कपूर की इस फिल्म का बजट करीब 64 करोड़ था। boxofficeindia.com की मानें तो यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाल नहीं कर पाई थी। फिल्म एवरेज से कम थी। फिल्म ने भारत में 83.40 करोड़ (ग्रॉस कलेक्शन) की कमाई की थी।

  • म्यूजिक इंडस्ट्री में दहशत: सिंगर बी प्राक को लॉरेंस गैंग की धमकी, फिरौती को लेकर सनसनी

    म्यूजिक इंडस्ट्री में दहशत: सिंगर बी प्राक को लॉरेंस गैंग की धमकी, फिरौती को लेकर सनसनी

    नई दिल्ली।  बी प्राक को धमकी देने वाले कॉलर ने अपना नाम आरजू बिश्नोई बताया. आरजू बिश्नोई जो लॉरेन्स बिश्नोई गैंग का है और विदेश में छिप कर बैठा है. उसने फोन पर धमकी देते हुए कहा कि हेलो आरजू बिश्नोई बोल रहा हूं, उसको बी प्राक को मैसेज कर देना कि 10 करोड़ रुपये चाहिए.
    सिंगर बी प्राक को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. लॉरेंस गैंग ने सिंगर बी प्राक को धमकी दी है और दस करोड़ की मांग की है. ऑडियो रिकॉर्डिंग पंजाबी सिंगर दिलनूर को 6 जनवरी की दोपहर भेजी गई. इसके पहले दिलनूर को 5 जनवरी को दो बार कॉल किया गया था. लेकिन दिलनूर ने कॉल नहीं उठाया, 6 जनवरी को भी विदेशी नम्बर से कॉल किया गया.

    दिलनूर कि शिकायत के मुताबिक उसने कॉल उठाई, लेकिन जब बात अजीब लगने लगी, तो उसने कॉल काट दिया. जिसके बाद सिंगर को वॉयस मैसेज भेजा गया, उन्होंने मामले को लेकर मोहाली में शिकायत दर्ज कराई है.

    सिंगर बी प्राक को मिली धमकी
    बी प्राक को धमकी देने वाले कॉलर ने अपना नाम आरजू बिश्नोई बताया. आरजू बिश्नोई जो लॉरेन्स बिश्नोई गैंग का है और विदेश में छिप कर बैठा है. उसने फोन पर धमकी देते हुए कहा कि हेलो आरजू बिश्नोई बोल रहा हूं, उसको बी प्राक को मैसेज कर देना कि 10 करोड़ रुपये चाहिए. तेरे पास एक हफ्ते का टाइम है. जिस मर्जी देश में चला जा. आसपास इसके साथ वाला कोई भी मिल गया ना तो नुकसान कर देंगे. और इसको फेक कॉल मत समझना. मिल के चलेगा तो ठीक नहीं तो उसको बोल मिट्टी में मिला देंगे.

    हिट हुए बी प्राक के गाने
    बी प्राक बॉलीवुड का एक बड़ा नाम हैं, उनका असली नाम प्रतीक बच्चन है. वो अपनी भावनात्मक और दिल छू लेने वाली आवाज के लिए मशहूर हैं. म्यूजिक की दुनिया में उन्होंने संगीत निर्माता के तौर पर शुरूआत की. फिर ‘मन भरया’ से गायक बने और ‘केसरी’, ‘गुड न्यूज’, ‘शेरशाह’ जैसी फिल्मों में गाने दिए.

    बी प्राक उन सिंगर्स में से हैं, जो अपनी आवाज से महफिल सजा देते हैं. पर्सनल लाइफ की बात करें, तो पिछले साल 1 दिसंबर 2025 को उनकी पत्नी मीरा ने बेटे को जन्म दिया. उन्होंने अपने बेटे का नाम द्विज बच्चन रखा है. वो आध्यत्म से भी जुड़े हुए हैं. उन्हें अकसर वृंदावन में प्रेमानंद महाराज जी के आश्रम में देखा जाता है.