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  • शिवपुरी में तेज आंधी-बारिश का कहर: चार मकानों की टीन शेड उड़ीं, जान बचाने घरों से बाहर भागे लोग

    शिवपुरी में तेज आंधी-बारिश का कहर: चार मकानों की टीन शेड उड़ीं, जान बचाने घरों से बाहर भागे लोग


    मध्‍यप्रदेश । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली और तेज आंधी के साथ हुई बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दीं। बदरवास थाना क्षेत्र के चितारा गांव में तेज हवाओं और बारिश के चलते चार मकानों की टीन शेड उड़ गईं। घटना के समय घरों में मौजूद लोगों को अपनी जान बचाने के लिए तुरंत बाहर निकलना पड़ा। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन प्रभावित परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।

    ग्रामीणों के अनुसार, दोपहर के समय अचानक मौसम बिगड़ गया। तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई और देखते ही देखते कई मकानों की टीन शेड हवा में उड़ गईं। चितारा गांव निवासी भरत जाटव के घर में उस समय उनका दिव्यांग भाई छोटू जाटव, पत्नी मायावती, मां श्रीयाबाई और चार बच्चे मौजूद थे। अचानक छत की टीन शेड उड़ने लगी तो परिवार में अफरा-तफरी मच गई। सभी लोग घबराकर घर से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थान पर शरण ली।

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि तेज हवा की रफ्तार इतनी अधिक थी कि लोगों को कुछ समझने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही मिनटों में कई मकानों को नुकसान पहुंच गया। भरत जाटव के अलावा विजय जाटव, लखन जाटव और इमरत जाटव के मकानों की टीन शेड भी तेज आंधी में उड़ गईं। बारिश के कारण घरों में रखा घरेलू सामान, कपड़े और अनाज भी भीगकर खराब हो गया।

    इस प्राकृतिक आपदा का असर केवल मकानों तक ही सीमित नहीं रहा। विजय जाटव की मोटरसाइकिल पर टीन शेड का हिस्सा गिर गया, जिससे वाहन को भी नुकसान पहुंचा। ग्रामीणों का कहना है कि अचानक हुए इस नुकसान ने प्रभावित परिवारों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि कई लोगों के लिए यह मकान और उसमें रखा सामान ही उनकी जीवनभर की पूंजी है।

    गांव के लोगों ने बताया कि आंधी और बारिश का असर इतना ज्यादा था कि कुछ समय के लिए पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। लोग अपने घरों से निकलकर खुले स्थानों की ओर भागने लगे। बच्चों और बुजुर्गों में डर का माहौल देखा गया। हालांकि मौसम सामान्य होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

    घटना के बाद प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराने और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन परिवारों की टीन शेड उड़ गई हैं, उन्हें तत्काल राहत की आवश्यकता है ताकि वे अपने घरों की मरम्मत कर सकें और सामान्य जीवन फिर से शुरू कर सकें।

  • होयसल राजवंश कालीन 1000 वर्ष पुराने मंदिर का रहस्य विज्ञान के लिए भी पहेली, दीपावली पर कपाट खुलने के बाद उमड़ती है लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़

    होयसल राजवंश कालीन 1000 वर्ष पुराने मंदिर का रहस्य विज्ञान के लिए भी पहेली, दीपावली पर कपाट खुलने के बाद उमड़ती है लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़

    नई दिल्ली । भारत के प्राचीन और ऐतिहासिक देवस्थलों में छिपे रहस्य अक्सर आधुनिक विज्ञान और पुरातत्वविदों को हैरत में डाल देते हैं। ऐसा ही एक अविश्वसनीय और बेहद रहस्यमयी मामला दक्षिण भारत के कर्नाटक राज्य से सामने आया है, जहां हासन शहर में स्थित करीब 1000 साल पुराना ‘हसनंबा मंदिर’ अपने अनोखे चमत्कारों के लिए पूरी दुनिया में कौतूहल का विषय बना हुआ है। यह मंदिर आम धार्मिक स्थलों की तरह प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए नहीं खुलता है, बल्कि इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे वर्ष में केवल एक बार, दीपावली के पावन त्योहार के दौरान मात्र 10 से 12 दिनों के लिए ही खोला जाता है। शेष पूरे वर्ष इस मंदिर के भारी कपाट पूरी तरह से बंद और सील रहते हैं।

    इस प्राचीन मंदिर का इतिहास बेहद गौरवशाली है और इसका सीधा संबंध ऐतिहासिक होयसल राजवंश से जुड़ता है। मशहूर ऐतिहासिक दस्तावेजों के साथ-साथ मैसूर गजेटियर जैसी प्रामाणिक सरकारी किताबों में इस मंदिर के महात्म्य और राजाओं की अगाध श्रद्धा का विस्तृत विवरण मिलता है। होयसल शासकों के काल में निर्मित इस मंदिर की अद्भुत वास्तुकला और स्थापत्य शैली को देखकर आज भी पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञ दांतों तले उंगली दबा लेते हैं। प्रामाणिक ऐतिहासिक कड़ियों और सरकारी गजेटियर में दर्ज होने के कारण इस मंदिर की साख और इसका ऐतिहासिक महत्व शोधकर्ताओं के बीच और अधिक बढ़ जाता है।

    मंदिर से जुड़ा सबसे बड़ा वैज्ञानिक सस्पेंस इसके गर्भगृह के भीतर घटित होने वाली वह घटना है, जो भौतिक विज्ञान के नियमों को सीधी चुनौती देती नजर आती है। दीपावली के उत्सव की समाप्ति के बाद जब इस मंदिर को आगामी एक वर्ष के लिए बंद किया जाता है, तब मुख्य पुजारी द्वारा गर्भगृह के भीतर एक विशेष अनुष्ठान संपन्न किया जाता है। मंदिर को अंतिम रूप से बंद करने से ठीक पहले माता हसनंबा की दिव्य मूर्ति के समक्ष घी का एक दीया प्रज्वलित करके रख दिया जाता है। इसके साथ ही देवी मां को ताजे पके हुए चावलों का नैवेद्य अर्पित किया जाता है और कुछ बेहद सुंदर ताजे फूल भी चरणों में चढ़ाए जाते हैं।

    इन सभी सामग्रियों को गर्भगृह के भीतर यथास्थान सजाकर मंदिर के मुख्य विशाल द्वारों को बंद कर दिया जाता है और प्रशासन व पुजारियों की मौजूदगी में उन्हें पूरी तरह सील कर दिया जाता है। इसके बाद ठीक एक साल बाद जब अगले वर्ष दीपावली के तय समय पर इस मंदिर को दोबारा खोला जाता है, तो भीतर का नजारा पुजारियों और वहां मौजूद अधिकारियों को स्तब्ध कर देता है। जब सील तोड़कर गर्भगृह का भारी दरवाजा खोला जाता है, तो वह दीया बिना किसी अतिरिक्त ईंधन या मानवीय सहायता के ठीक उसी प्रकार जलता हुआ प्राप्त होता है, जैसा उसे एक वर्ष पूर्व छोड़ कर जाया गया था।

    इस पूरी प्रक्रिया में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि मां को चढ़ाया गया पके हुए चावल का प्रसाद भीषण गर्मी और मौसम के बदलावों के बाद भी एक साल तक बिल्कुल ताजा बना रहता है। इस भोजन में से न तो किसी प्रकार की दुर्गंध आती है और न ही यह दूषित होता है। यही नहीं, माता के चरणों में अर्पित किए गए फूल भी एक वर्ष तक बिना पानी और हवा के वैसे ही खिले, महकते और ताजे दिखाई देते हैं। स्थानीय समाज और देश भर से आने वाले श्रद्धालु इसे हसनंबा देवी का साक्षात दिव्य चमत्कार मानते हैं। यही कारण है कि वर्ष के उन चुनिंदा 10-12 दिनों में इस अलौकिक दृश्य और माता के दर्शन के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ता है।

  • वर्ल्ड कप के बीच मेसी के पिता गंभीर रूप से बीमार, निधन की अफवाहों पर परिवार ने जारी किया कड़क बयान

    वर्ल्ड कप के बीच मेसी के पिता गंभीर रूप से बीमार, निधन की अफवाहों पर परिवार ने जारी किया कड़क बयान

    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल जगत के सबसे बड़े मंच फीफा वर्ल्ड कप के रोमांच के बीच अर्जेंटीना के महान कप्तान और दिग्गज स्ट्राइकर लियोनेल मेसी के परिवार पर दुखों का बड़ा पहाड़ टूट पड़ा है। टूर्नामेंट के व्यस्त और उच्च दबाव वाले शेड्यूल के दौरान मेसी के परिवार ने उनके पिता जॉर्ज मेसी की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण आधिकारिक बयान जारी किया है। परिवार ने पुष्टि की है कि 68 वर्षीय जॉर्ज मेसी इस समय एक बेहद गंभीर और चुनौतीपूर्ण बीमारी का सामना कर रहे हैं, जिसके चलते उन्हें कड़े मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। इस संवेदनशील खबर के सामने आने के बाद खेल प्रेमियों और मेसी के प्रशंसकों में गहरी चिंता की लहर दौड़ गई है।

    मेसी परिवार की ओर से जारी किए गए इस आधिकारिक पत्र में बताया गया है कि जॉर्ज मेसी इस समय एक बड़ी स्वास्थ्य संबंधी चुनौती से पूरी बहादुरी से लड़ रहे हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों के एक विशेष दल की सीधी निगरानी में उनका सघन उपचार किया जा रहा है। राहत की बात यह है कि चिकित्सीय प्रक्रिया के बीच उनकी सेहत में धीरे-धीरे सकारात्मक सुधार भी दर्ज किया जा रहा है। हालांकि, गोपनीयता बनाए रखने के उद्देश्य से परिवार ने वर्तमान में इस गंभीर बीमारी के सटीक स्वरूप या उसके नाम को लेकर किसी भी प्रकार की विस्तृत तकनीकी जानकारी को सार्वजनिक रूप से साझा नहीं करने का फैसला किया है।

    यह आधिकारिक वक्तव्य अर्जेंटीना और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में जॉर्ज मेसी के अचानक निधन की भ्रामक और अनियंत्रित अफवाहें तेजी से फैलने के तुरंत बाद सामने आया है। सोशल मीडिया और कुछ अनधिकृत पोर्टल्स पर प्रसारित की जा रही इन झूठी खबरों ने विश्व कप में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे कप्तान और उनके परिजनों को गहरी मानसिक पीड़ा पहुंचाई। स्थिति को बिगड़ते देख मेसी परिवार को स्वयं आगे आकर इन भ्रामक अटकलों का खंडन करना पड़ा। परिवार ने वैश्विक मीडिया और आम जनता से पुरजोर अपील करते हुए कहा है कि इस बेहद संवेदनशील समय में सभी को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी, परम संयम और बुनियादी इंसानियत का परिचय देना चाहिए।

    जारी बयान में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि किसी भी व्यक्ति के नाजुक स्वास्थ्य और उसके परिवार की आंतरिक मानसिक शांति को गैर-जिम्मेदाराना रिपोर्टिंग या सस्पेंस का जरिया नहीं बनाया जाना चाहिए। परिवार ने स्पष्ट चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि जॉर्ज मेसी के स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी वास्तविक और प्रामाणिक प्रगति केवल और केवल परिवार द्वारा जारी किए जाने वाले आधिकारिक बुलेटिन के माध्यम से ही साझा की जाएगी। इसलिए बाहरी स्रोतों या अपुष्ट दावों पर किसी को भी विश्वास नहीं करना चाहिए।

    इससे पहले चालू वर्ल्ड कप के अपने शुरुआती मुकाबले में अर्जेंटीना की टीम ने अल्जीरिया पर 3-0 की एकतरफा और शानदार जीत दर्ज की थी। उस ऐतिहासिक मैच की समाप्ति के बाद स्वयं कप्तान लियोनेल मेसी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात को स्वीकार किया था कि वह अपनी निजी जिंदगी में एक बेहद कठिन और दर्दनाक दौर से गुजर रहे हैं। उस समय उन्होंने अपनी इस गहरी व्यक्तिगत परेशानी के मुख्य कारण का खुलासा तो नहीं किया था, लेकिन अब इस आधिकारिक बयान के आने के बाद यह पूरी तरह साफ हो चुका है कि मेसी मैदान पर अपनी राष्ट्रीय टीम की कप्तानी करने के साथ-साथ बैकग्राउंड में अपने पिता की नाजुक सेहत को लेकर कितने गहरे मानसिक तनाव और चिंता से घिरे हुए हैं।

  • महिला टी20 विश्व कप 2026: हेली मैथ्यूज और एलेने की घातक गेंदबाजी, वेस्टइंडीज ने स्कॉटलैंड को 7 रन से हराया

    महिला टी20 विश्व कप 2026: हेली मैथ्यूज और एलेने की घातक गेंदबाजी, वेस्टइंडीज ने स्कॉटलैंड को 7 रन से हराया


    नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप 2026 में वेस्टइंडीज ने अपना शानदार अभियान जारी रखते हुए स्कॉटलैंड को रोमांचक मुकाबले में 7 रन से हराकर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। इंग्लैंड के लीड्स स्थित हेडिंग्ले क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए टूर्नामेंट के 12वें मुकाबले में कैरेबियाई टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 153 रन बनाए, जिसके जवाब में स्कॉटलैंड की पूरी टीम 146 रन पर सिमट गई।

    154 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी स्कॉटलैंड की शुरुआत बेहद सकारात्मक रही। डार्सी कार्टर और कैथरीन फ्रेजर ने पहले विकेट के लिए 51 रनों की मजबूत साझेदारी कर टीम को बेहतरीन शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर दबाव बनाते हुए रन गति को बनाए रखा। हालांकि, कप्तान हेली मैथ्यूज ने कैथरीन फ्रेजर को 20 रन के निजी स्कोर पर आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा और मैच का रुख बदल दिया।

    इसके बाद स्कॉटलैंड की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई। कप्तान कैथरीन ब्राइस बिना खाता खोले पवेलियन लौट गईं, जबकि सारा ब्राइस केवल 4 रन और मेगन मैककोल 1 रन बनाकर आउट हो गईं। एक समय मजबूत स्थिति में दिख रही स्कॉटिश टीम लगातार विकेट गंवाने लगी।

    दूसरे छोर पर डार्सी कार्टर ने संघर्ष जारी रखा और 62 गेंदों में 59 रनों की शानदार पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 8 आकर्षक चौके लगाए और टीम को जीत के करीब ले जाने की कोशिश की। अंतिम ओवरों में ऐल्सा लिस्टर ने भी 25 गेंदों में 33 रनों की तेजतर्रार पारी खेलकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया, लेकिन वह टीम को जीत नहीं दिला सकीं।

    स्कॉटलैंड की हार का सबसे बड़ा कारण अंतिम ओवरों में बल्लेबाजी का बिखर जाना रहा। 18 ओवर के बाद टीम 5 विकेट पर 132 रन बनाकर मजबूत स्थिति में थी और जीत की प्रबल दावेदार लग रही थी, लेकिन इसके बाद उसने सिर्फ 14 रन जोड़कर अपने शेष पांच विकेट गंवा दिए। वेस्टइंडीज की अनुशासित गेंदबाजी ने मैच को पूरी तरह पलट दिया।

    गेंदबाजी में कप्तान हेली मैथ्यूज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 19 रन देकर 3 विकेट झटके। वहीं आलिया एलेने ने बेहद किफायती गेंदबाजी करते हुए केवल 11 रन खर्च कर 3 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। दोनों गेंदबाजों की घातक स्पेल ने स्कॉटलैंड के बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर दिया।

    इससे पहले वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही थी। कियाना जोसेफ 13 रन और कप्तान हेली मैथ्यूज 14 रन बनाकर आउट हो गईं। डिएंड्रा डॉटिन ने 14 और जाहजारा क्लैक्सटन ने 16 रन बनाए। मध्यक्रम में शेमेन कैम्पबेल ने 36 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को संभाला।

    हालांकि मैच का सबसे बड़ा आकर्षण अनुभवी बल्लेबाज स्टेफनी टेलर की विस्फोटक बल्लेबाजी रही। टेलर ने महज 19 गेंदों में नाबाद 47 रन ठोककर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। उनकी पारी में 4 चौके और 3 शानदार छक्के शामिल रहे। टेलर की तेजतर्रार बल्लेबाजी और गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन ने वेस्टइंडीज को टूर्नामेंट की एक और महत्वपूर्ण जीत दिला दी।

  • फीफा विश्व कप 2026: स्विट्जरलैंड की दमदार जीत, बोस्निया-हर्जेगोविना को 4-1 से हराया

    फीफा विश्व कप 2026: स्विट्जरलैंड की दमदार जीत, बोस्निया-हर्जेगोविना को 4-1 से हराया


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में स्विट्जरलैंड ने अपने अभियान को मजबूती देते हुए ग्रुप बी के अहम मुकाबले में बोस्निया-हर्जेगोविना को 4-1 से हराकर नॉकआउट चरण की ओर मजबूत कदम बढ़ा दिए हैं। लॉस एंजिलिस स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में पहले हाफ तक दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन दूसरे हाफ में स्विट्जरलैंड ने अपने आक्रामक खेल से मैच का पूरा रुख बदल दिया।

    मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने संतुलित खेल दिखाया। स्विट्जरलैंड ने गेंद पर अधिक नियंत्रण रखते हुए लगातार हमले किए, लेकिन बोस्निया-हर्जेगोविना के डिफेंडरों ने मजबूती से मोर्चा संभाला। पहले 45 मिनट में दोनों टीमों को कुछ अच्छे मौके मिले, मगर कोई भी खिलाड़ी गोल करने में सफल नहीं हो सका। परिणामस्वरूप पहला हाफ बिना किसी गोल के समाप्त हुआ।

    दूसरे हाफ में स्विट्जरलैंड ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और लगातार दबाव बनाना शुरू किया। इसका फायदा टीम को 74वें मिनट में मिला, जब युवा स्टार जोहान मंजाम्बी ने शानदार गोल दागकर स्विट्जरलैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद मैच का पूरा नियंत्रण स्विस टीम के हाथों में आ गया।

    बोस्निया-हर्जेगोविना के लिए स्थिति तब और कठिन हो गई जब 80वें मिनट में डिफेंडर तारिक मुहरेमोविच को गंभीर फाउल के कारण सीधा रेड कार्ड दिखा दिया गया। एक खिलाड़ी कम होने के बाद टीम का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया और स्विट्जरलैंड ने इसका भरपूर फायदा उठाया।

    84वें मिनट में रूबेन वर्गस ने शानदार फिनिशिंग का प्रदर्शन करते हुए स्विट्जरलैंड के लिए दूसरा गोल किया और स्कोर 2-0 कर दिया। इसके बाद बोस्निया-हर्जेगोविना की वापसी की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं। मैच के अंतिम क्षणों में जोहान मंजाम्बी ने अपना दूसरा गोल दागते हुए स्विट्जरलैंड की बढ़त को 3-0 तक पहुंचा दिया। मंजाम्बी का यह प्रदर्शन टीम की जीत का सबसे बड़ा आधार साबित हुआ।

    हालांकि स्टॉपेज टाइम में बोस्निया-हर्जेगोविना के एरमि माहमिक ने एक गोल कर अपनी टीम की ओर से सांत्वना दिलाने की कोशिश की, लेकिन इसके तुरंत बाद स्विट्जरलैंड के कप्तान ग्रेनिट झाका ने शानदार गोल दागकर मुकाबले को 4-1 पर समाप्त कर दिया। झाका के गोल ने स्विट्जरलैंड की शानदार जीत पर अंतिम मुहर लगा दी।

    इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने ग्रुप बी में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। पहले मुकाबले में ड्रॉ खेलने वाली स्विस टीम अब नॉकआउट चरण में पहुंचने की प्रबल दावेदार बन गई है। दूसरी ओर, बोस्निया-हर्जेगोविना के लिए अब आगे का सफर कठिन हो गया है और उसे अगले मुकाबले में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी, तभी उसकी अगले दौर में पहुंचने की उम्मीदें जीवित रह सकेंगी।

  • फीफा विश्व कप 2026: कनाडा ने कतर को 6-0 से रौंदा, जोनाथन डेविड की हैट्रिक से रचा इतिहास

    फीफा विश्व कप 2026: कनाडा ने कतर को 6-0 से रौंदा, जोनाथन डेविड की हैट्रिक से रचा इतिहास


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में सह-मेजबान कनाडा ने अपने घरेलू मैदान पर ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए कतर को 6-0 से करारी शिकस्त दी। वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में कनाडाई खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और कतर को मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया। इस शानदार जीत के साथ कनाडा ने फीफा विश्व कप इतिहास में अपनी पहली जीत दर्ज कर एक नया अध्याय लिख दिया।

    कनाडा की जीत के सबसे बड़े नायक स्टार स्ट्राइकर जोनाथन डेविड रहे, जिन्होंने हैट्रिक लगाकर दर्शकों का दिल जीत लिया। मैच के शुरुआती मिनटों से ही कनाडा आक्रामक तेवर में नजर आया। 16वें मिनट में साइल लारिन ने शानदार गोल दागकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद 29वें मिनट में जोनाथन डेविड ने बेहतरीन फिनिशिंग का प्रदर्शन करते हुए दूसरा गोल किया और कनाडा की बढ़त दोगुनी कर दी।

    पहले हाफ में कतर की टीम पूरी तरह दबाव में दिखाई दी। कनाडा लगातार हमले करता रहा और हाफ टाइम से ठीक पहले जोनाथन डेविड ने अपना दूसरा गोल दागकर स्कोर 3-0 कर दिया। इस गोल ने कतर की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया और मैच लगभग एकतरफा हो गया।

    दूसरे हाफ में कनाडा को एक बड़ा झटका तब लगा जब मिडफील्डर इस्माइल कोन चोटिल होकर मैदान से बाहर हो गए। कतर के खिलाड़ी असिम मदीबो के टैकल के बाद कोन गंभीर दर्द में नजर आए और उन्हें स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाना पड़ा। वीडियो असिस्टेंट रेफरी (वीएआर) की समीक्षा के बाद मदीबो का येलो कार्ड रेड कार्ड में बदल दिया गया, जिससे कतर को शेष मैच 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा।

    एक खिलाड़ी कम होने का असर कतर के खेल पर साफ दिखाई दिया। इस्माइल कोन की जगह मैदान में आए नाथन सलीबा ने 64वें मिनट में शानदार गोल कर स्कोर 4-0 कर दिया। इसके बाद कनाडा के हमले और तेज हो गए। सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी जैकब शैफेलबर्ग के शॉट को रोकने के प्रयास में कतर के डिफेंडर मोहम्मद मनाई ने गेंद अपने ही गोल में पहुंचा दी, जिससे कनाडा की बढ़त 5-0 हो गई।

    मैच के स्टॉपेज टाइम में जोनाथन डेविड ने एक और शानदार गोल कर अपनी हैट्रिक पूरी की और कनाडा की जीत को 6-0 के विशाल अंतर तक पहुंचा दिया। पूरे मुकाबले में कतर की टीम कनाडा के मजबूत डिफेंस को भेदने में पूरी तरह असफल रही।

    इस जीत के साथ कनाडा के चार अंक हो गए हैं और टीम ग्रुप बी में शीर्ष स्थान की दौड़ में मजबूती से बनी हुई है। अब कनाडा को अगले मुकाबले में स्विट्जरलैंड के खिलाफ सिर्फ एक ड्रॉ की जरूरत होगी, जिससे वह नॉकआउट चरण में अपनी जगह लगभग पक्की कर सके।

  • महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारत को बड़ा झटका: चोट के कारण श्रेयंका पाटिल टूर्नामेंट से बाहर

    महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारत को बड़ा झटका: चोट के कारण श्रेयंका पाटिल टूर्नामेंट से बाहर


    नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप 2026 में शानदार शुरुआत करने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम की प्रमुख स्पिन गेंदबाज श्रेयंका पाटिल चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं। यह खबर भारतीय टीम और उसके प्रशंसकों के लिए चिंता बढ़ाने वाली है, क्योंकि श्रेयंका टीम के गेंदबाजी आक्रमण की महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती हैं।

    श्रेयंका को यह चोट नीदरलैंड्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले के दौरान लगी थी। मैच में पावरप्ले का अंतिम ओवर डालते समय उनका टखना अचानक मुड़ गया, जिससे वह दर्द से कराह उठीं। चोट इतनी गंभीर थी कि उन्हें स्ट्रेचर की मदद से मैदान से बाहर ले जाना पड़ा। इसके बाद वह मैच में दोबारा गेंदबाजी करने नहीं लौट सकीं।

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मेडिकल जांच में चोट गंभीर पाई गई, जिसके चलते उन्हें पूरे टूर्नामेंट से बाहर करने का फैसला लिया गया। भारतीय टीम प्रबंधन ने उनकी जगह 24 वर्षीय लेग स्पिनर प्रेमा रावत को टीम में शामिल किया है। प्रेमा घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करती रही हैं और उन्हें भविष्य की प्रतिभाशाली स्पिनरों में गिना जाता है।

    प्रेमा रावत महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से खेल चुकी हैं। पिछले दो सीजन में उन्होंने छह मुकाबलों में हिस्सा लिया और तीन विकेट हासिल किए। इसके अलावा घरेलू क्रिकेट में उत्तराखंड को सीनियर चैंपियनशिप जिताने में भी उनकी गेंदबाजी ने अहम भूमिका निभाई थी। चयनकर्ताओं को उम्मीद है कि वह श्रेयंका की कमी को काफी हद तक पूरा कर सकेंगी।

    हालांकि इस झटके के बावजूद भारतीय टीम का प्रदर्शन टूर्नामेंट में अब तक शानदार रहा है। भारत ने अपने पहले मुकाबले में पाकिस्तान को 64 रन से हराकर जीत का आगाज किया था। इसके बाद दूसरे मैच में नीदरलैंड्स को 95 रन से करारी शिकस्त देकर अपनी दावेदारी और मजबूत कर ली।

    नीदरलैंड्स के खिलाफ मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने दमदार प्रदर्शन किया था। टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 209 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने 47 गेंदों में 74 रन की शानदार पारी खेली, जबकि शेफाली वर्मा ने 38 गेंदों में 55 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

    गेंदबाजी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। श्री चरणी ने 19 रन देकर चार विकेट झटके, जबकि शेफाली वर्मा ने तीन विकेट हासिल कर ऑलराउंड प्रदर्शन का परिचय दिया। अब भारतीय टीम का अगला मुकाबला रविवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होगा, जहां टीम श्रेयंका की अनुपस्थिति में जीत की लय बरकरार रखने की कोशिश करेगी।

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026: साउथ कोरिया को हराकर नॉकआउट में पहुंचा मेक्सिको, इतिहास रचने वाली पहली टीम बनी

    फीफा वर्ल्ड कप 2026: साउथ कोरिया को हराकर नॉकआउट में पहुंचा मेक्सिको, इतिहास रचने वाली पहली टीम बनी


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मेक्सिको का शानदार अभियान जारी है। मेजबान टीम ने ग्रुप ए के अहम मुकाबले में साउथ कोरिया को 1-0 से हराकर न केवल महत्वपूर्ण जीत दर्ज की, बल्कि टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में पहुंचने वाली पहली टीम बनने का गौरव भी हासिल कर लिया। ग्वाडलाहारा के एक्रोन स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में मेक्सिको ने संतुलित खेल का प्रदर्शन करते हुए तीन महत्वपूर्ण अंक अपने नाम किए।

    मैच की शुरुआत से ही मेक्सिको ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और आक्रामक अंदाज में खेल दिखाया। हालांकि, साउथ कोरिया ने भी जवाबी हमलों के जरिए मुकाबले को चुनौतीपूर्ण बनाए रखा। पहले हाफ में दोनों टीमों ने कई अवसर बनाए, लेकिन मजबूत रक्षापंक्ति और गोलकीपिंग के कारण कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी। पहले 45 मिनट तक दोनों पक्षों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला।

    दूसरे हाफ की शुरुआत मेक्सिको के लिए बेहद शानदार रही। 50वें मिनट में मिडफील्डर लुईस रोमो ने मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल दागकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। गुटिएरेज द्वारा दिए गए सटीक थ्रू बॉल का शानदार फायदा उठाते हुए रोमो ने गेंद को सीधे गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के बाद स्टेडियम में मौजूद हजारों मेक्सिकन समर्थक खुशी से झूम उठे।

    गोल खाने के बाद साउथ कोरिया ने बराबरी हासिल करने के लिए लगातार आक्रमण किए। मैच के अंतिम चरण में कोरियाई खिलाड़ियों ने कई खतरनाक मौके बनाए, लेकिन मेक्सिको की रक्षापंक्ति और गोलकीपर रेंगल दीवार बनकर खड़े रहे। खासकर अंतिम मिनटों में रेंगल ने लगातार दो शानदार बचाव कर साउथ कोरिया की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उनके बेहतरीन प्रदर्शन ने मेक्सिको की जीत सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई।

    इस जीत के साथ मेक्सिको ने ग्रुप ए में शीर्ष स्थान भी मजबूत कर लिया है। टीम ने लगातार दो मुकाबले जीतने के साथ-साथ अब तक एक भी गोल नहीं खाया है। यह उपलब्धि मेक्सिको के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है। वह अपनी मेजबानी में खेले जा रहे विश्व कप में शुरुआती दो मैच बिना कोई गोल खाए जीतने वाली दुनिया की दूसरी टीम बन गई है।

    इससे पहले यह रिकॉर्ड 1998 विश्व कप में मेजबान फ्रांस ने बनाया था, जब उसने अपने पहले दो मुकाबले बिना कोई गोल खाए जीते थे। अब मेक्सिको की नजर ग्रुप चरण के अंतिम मुकाबले में भी जीत हासिल कर खिताब की दावेदारी और मजबूत करने पर होगी।

    फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि मेक्सिको का मौजूदा प्रदर्शन उसे इस विश्व कप के मजबूत दावेदारों में शामिल कर रहा है। टीम की संतुलित आक्रमण और मजबूत रक्षा पंक्ति उसे अन्य टीमों के मुकाबले अलग पहचान दिला रही है।

  • पूर्व प्रधानमंत्री आई.के. गुजराल के बेटे के साथ व्हाट्सएप पर हुआ देश का सबसे बड़ा साइबर फ्रॉड, शातिर ठगों ने डीपी बदलकर कंपनी के अधिकारियों से ऐंठे 7.8 करोड़ रुपये

    पूर्व प्रधानमंत्री आई.के. गुजराल के बेटे के साथ व्हाट्सएप पर हुआ देश का सबसे बड़ा साइबर फ्रॉड, शातिर ठगों ने डीपी बदलकर कंपनी के अधिकारियों से ऐंठे 7.8 करोड़ रुपये

    नई दिल्ली । देश की राजधानी में एक बेहद हैरान करने वाला और अब तक का सबसे बड़ा हाई-प्रोफाइल साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे और पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल के परिवार और उनकी कंपनी को निशाना बनाकर साइबर अपराधियों ने करीब 7.8 करोड़ रुपये का बड़ा वित्तीय चूना लगाया है। शातिर ठगों ने इस पूरे स्कैम को व्हाट्सएप मैसेंजर के जरिए बेहद चालाकी और लंबी प्लानिंग के तहत अंजाम दिया। इस सनसनीखेज मामले के उजागर होने के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर कॉर्पोरेट जगत और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।

    इस बेहद शातिर ठगी की शुरुआत नरेश गुजराल की कंपनी में कार्यरत एक बेहद वरिष्ठ अधिकारी के मोबाइल पर आए एक अज्ञात व्हाट्सएप मैसेज से हुई। ठगों ने चालाकी का परिचय देते हुए उस अनजान नंबर पर पूर्व सांसद नरेश गुजराल की ही प्रोफाइल फोटो यानी डीपी लगा रखी थी। वरिष्ठ अधिकारी ने जैसे ही मोबाइल स्क्रीन पर अपने बॉस की तस्वीर देखी, उन्हें रत्ती भर भी अंदेशा नहीं हुआ कि यह कोई जालसाज हो सकता है। ठग ने खुद को नरेश गुजराल के रूप में पेश करते हुए बेहद कड़क और पेशेवर अंदाज में अधिकारी से चैट शुरू की और कंपनी के काम का हवाला देते हुए एक अज्ञात बैंक खाते में तुरंत एक बड़ी रकम ट्रांसफर करने का सख्त निर्देश दे दिया।

    व्हाट्सएप पर मिले इस कथित निर्देश के बाद अधिकारी ने बिना कोई प्रामाणिक जांच किए तुरंत पहली किश्त के रूप में करीब 1.5 करोड़ रुपये आरटीजीएस के माध्यम से बताए गए बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिए। ठगों का हौसला यहीं नहीं रुका; उन्होंने अधिकारी के इसी अटूट भरोसे का फायदा उठाते हुए अगले चार दिनों तक लगातार सिलसिलेवार ढंग से अलग-अलग बहानों से और पैसों की मांग की। बॉस की डीपी और उनके बात करने के लहजे से पूरी तरह आश्वस्त अधिकारी लगातार ट्रांजैक्शन करता रहा, जिसके चलते महज 96 घंटों के भीतर कंपनी के खाते से कुल 7.8 करोड़ रुपये ठगों के हवाले कर दिए गए।

    इस अभूतपूर्व वित्तीय धोखाधड़ी के दौरान सुरक्षा के तमाम दावों के बीच बैंक और कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी यानी सीएफओ भी गच्चा खा गए। लगातार हो रहे करोड़ों रुपये के इस बड़े लेन-देन को देखकर बैंक प्रबंधन को कुछ संदेह अवश्य हुआ था, जिसके बाद उन्होंने तत्काल कंपनी के सीएफओ से इस संबंध में संपर्क भी साधा। हालांकि, सीएफओ ने भी आंतरिक रूप से बिना किसी क्रॉस-वेरिफिकेशन के यह मान लिया कि यह वित्तीय निर्देश स्वयं नरेश गुजराल की ओर से ही जारी किए गए हैं, जिसके कारण यह संदिग्ध ट्रांजैक्शन बिना किसी रुकावट के जारी रहा।

    इस पूरे काले खेल का पर्दाफाश तब हुआ जब 16 जून को लगातार पैसे भेजने से परेशान वरिष्ठ अधिकारी को कुछ गंभीर संदेह हुआ। उन्होंने सीधे नरेश गुजराल की बेटी दीक्षा गुजराल से संपर्क किया और उन्हें बताया कि उनके पिता लगातार बड़ी रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दे रहे हैं। यह सुनते ही दीक्षा के पैरों तले जमीन खिसक गई क्योंकि नरेश गुजराल ने ऐसा कोई भी संदेश नहीं भेजा था। परिवार को तुरंत साइबर फ्रॉड का अहसास हुआ और उन्होंने बिना समय गंवाए उसी दिन दिल्ली पुलिस में ई-एफआईआर दर्ज कराई। दिल्ली पुलिस की स्पेशल साइबर टीम आईएफएसओ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल तकनीकी जांच शुरू की और उस बैंक खाते को ट्रैक कर लिया, जिसमें पैसे भेजे गए थे। पुलिस की तत्परता के चलते ठगी गई कुल राशि में से करीब 4 करोड़ रुपये को उसी खाते में समय रहते फ्रीज कर दिया गया है, जबकि शेष राशि की रिकवरी और आरोपियों की धरपकड़ के लिए देशव्यापी छापेमारी जारी है।

  • अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे के लिए भारतीय टीम में हर्षित राणा की वापसी, चेन्नई में जुड़ेंगे स्क्वॉड से

    अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे के लिए भारतीय टीम में हर्षित राणा की वापसी, चेन्नई में जुड़ेंगे स्क्वॉड से


    नई दिल्ली । अफगानिस्तान के खिलाफ जारी तीन मैचों की वनडे सीरीज के अंतिम मुकाबले से पहले भारतीय क्रिकेट टीम को बड़ी मजबूती मिली है। युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा की टीम इंडिया में वापसी हो गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने पुष्टि की है कि हर्षित राणा ने अपना रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और अब वह पूरी तरह फिट हैं। इसी के चलते उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे मैच के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है।

    बीसीसीआई के अनुसार हर्षित राणा ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में अपनी फिटनेस और रिहैब प्रक्रिया पूरी की है। वह जल्द ही चेन्नई पहुंचकर भारतीय टीम से जुड़ेंगे। चयनकर्ताओं ने उनकी फिटनेस को देखते हुए आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के लिए भी उन पर भरोसा जताया है। हर्षित को आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे और एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टी-20 टीम में भी जगह दी गई है।

    इस बीच भारतीय टीम अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन कर रही है। टीम इंडिया पहले ही शुरुआती दो मुकाबले जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर चुकी है। अब उसका लक्ष्य तीसरा मुकाबला जीतकर सीरीज का क्लीन स्वीप करना होगा।

    लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे में भारतीय बल्लेबाजों ने धमाकेदार प्रदर्शन किया था। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 402 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से शुभमन गिल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 110 गेंदों में 154 रन बनाए, जबकि ईशान किशन ने 79 गेंदों में 125 रनों की विस्फोटक पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की शतकीय पारियों ने अफगानिस्तान के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।

    403 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 232 रन पर सिमट गई। गेंदबाजी में गुरनूर बरार और अर्शदीप सिंह ने तीन-तीन विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई। वहीं डेब्यू मैच खेल रहे प्रिंस यादव ने भी दो विकेट हासिल कर प्रभावित किया।

    अफगानिस्तान की ओर से रहमत शाह ने 79 रन और रहमानुल्लाह गुरबाज ने 41 रन बनाए, लेकिन उनकी पारियां टीम को हार से नहीं बचा सकीं। यह वनडे क्रिकेट में अफगानिस्तान की रनों के लिहाज से दूसरी सबसे बड़ी हार रही।

    अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला 20 जून को चेन्नई में खेला जाएगा। भारतीय टीम जहां क्लीन स्वीप के इरादे से मैदान में उतरेगी, वहीं अफगानिस्तान सम्मान बचाने के लिए जीत दर्ज करने की कोशिश करेगा।