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  • BMC चुनाव में BJP गठबंधन की बंपर बढ़त, निशिकांत दुबे का बड़ा सियासी हमला,‘अब मुंबई आकर मिलूंगा’, ठाकरे बंधुओं को सीधी चुनौती

    BMC चुनाव में BJP गठबंधन की बंपर बढ़त, निशिकांत दुबे का बड़ा सियासी हमला,‘अब मुंबई आकर मिलूंगा’, ठाकरे बंधुओं को सीधी चुनौती


    मुंबई। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव के रुझानों में भाजपा गठबंधन (महायुति) को स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ता देख महाराष्ट्र की राजनीति में जबरदस्त हलचल मच गई है। इसी बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक तीखा पोस्ट कर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे को खुली राजनीतिक चुनौती दे दी है। दुबे ने साफ तौर पर कहा है कि वे जल्द ही मुंबई आकर दोनों नेताओं से मुलाकात करेंगे।

    निशिकांत दुबे के इस बयान को केवल जीत की खुशी नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश और शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने अपने पोस्ट के जरिए संकेत दिया कि मुंबई की राजनीति में लंबे समय से चला आ रहा ‘ठाकरे वर्चस्व’ अब अंतिम दौर में है और बीएमसी में बदलाव तय है।

    भाषावाद और परिवारवाद पर सीधा प्रहार
    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दुबे का यह बयान सीधे तौर पर भाषावादी राजनीति और परिवार-केंद्रित सत्ता पर हमला है। उनका संदेश साफ है

    मुंबई अब किसी एक परिवार या भाषा की राजनीति तक सीमित नहीं रही। मतदाताओं ने भाजपा की ‘सबका साथ, सबका विकास’ की नीति पर भरोसा जताया है।

    राज–उद्धव की जोड़ी को बड़ा झटका
    चुनावी रुझानों के मुताबिक, भाजपा गठबंधन 115 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जो बहुमत के आंकड़े 114 से अधिक है। इसके मुकाबले उद्धव ठाकरे गुट और MNS की संयुक्त ताकत करीब 68 सीटों तक सिमटी नजर आ रही है, जबकि कांग्रेस लगभग 10 सीटों पर सिमटती दिख रही है।
    इसके अलावा नागपुर, ठाणे और पुणे जैसे बड़े शहरी निकायों में भी भाजपा गठबंधन मजबूत स्थिति में पहुंचता नजर आ रहा है।

    पुराने विवाद से जुड़ा नया सियासी मोड़
    यह सियासी टकराव उस पुराने विवाद से भी जुड़ा है, जब जुलाई में निशिकांत दुबे ने गैर-मराठी दुकानदारों के साथ हुई मारपीट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उस वक्त दिए गए उनके बयान“यूपी-बिहार आओगे तो पटक-पटक कर मारेंगे”ने महाराष्ट्र से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक विवाद खड़ा कर दिया था।

    अब बीएमसी चुनाव में भाजपा गठबंधन की बढ़त के बीच दुबे का मुंबई आने का ऐलान ठाकरे खेमे के लिए एक नई और बड़ी राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है। यह साफ हो गया है कि बीएमसी चुनाव सिर्फ स्थानीय सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय करने वाला मुकाबला बन चुका है।

  • शुक्रवार को करें महालक्ष्मी चालीसा का पाठ, घर-परिवार में आएंगी खुशियाँ और समृद्धि

    शुक्रवार को करें महालक्ष्मी चालीसा का पाठ, घर-परिवार में आएंगी खुशियाँ और समृद्धि


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में शुक्रवार को विशेष महत्व प्राप्त है। ज्योतिष और धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, यह दिन धन और वैभव की देवी मां लक्ष्मी और शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा को समर्पित माना गया है। इस दिन विशेष पूजन और मंत्रोच्चारण से परिवार में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है। आज, 16 जनवरी को माघ माह के शुक्रवार पर शिवरात्रि और प्रदोष व्रत का अनूठा संयोग बन रहा है, जिससे पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन महालक्ष्मी चालीसा का पाठ करना अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। यह चालीसा मां लक्ष्मी के गुणों और उनके भक्तों पर उनकी कृपा के प्रभाव को बताती है। जो साधक श्रद्धा और भक्ति भाव से इस चालीसा का पाठ करते हैं, उनके घर से दरिद्रता दूर होती है और वैभव, संपन्नता और मानसिक शांति आती है।

    विशेष रूप से माघ माह के शुक्रवार को इस चालीसा का पाठ करने से देवी लक्ष्मी की कृपा अधिक मात्रा में प्राप्त होती है। धार्मिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त पूजा करने से जीवन में समस्त प्रकार की बाधाएं और समस्याएं दूर होती हैं। साथ ही वैभव लक्ष्मी व्रत का पालन करने से धन और सुख की वृद्धि होती है। पूजन का विधान सरल है। सुबह स्नान और स्वच्छ वस्त्र धारण के बाद पूजा स्थल पर दीपक, अगरबत्ती, अक्षत और फल अर्पित करना चाहिए। इसके बाद भक्त मन, वचन और क्रिया से महालक्ष्मी चालीसा का पाठ करें। पाठ के दौरान पूरी श्रद्धा और भक्ति भाव बनाए रखना आवश्यक है। इस दिन विशेष रूप से 108 बार या कम से कम एक बार पाठ करने से देवी लक्ष्मी की कृपा अधिक प्राप्त होती है।

    ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से न केवल वित्तीय समस्याएं कम होती हैं, बल्कि पारिवारिक संबंधों में भी प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है। घर में सुख-शांति और मानसिक संतुलन आता है। साथ ही, जीवन में आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।संक्षेप में, शुक्रवार का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ है। माघ माह के शुक्रवार पर महालक्ष्मी चालीसा का पाठ करना, शिव-पार्वती की पूजा और वैभव लक्ष्मी व्रत का पालन करना साधकों के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है। यह न केवल जीवन में खुशहाली लाता है, बल्कि व्यक्ति के आत्मिक और भौतिक दोनों पक्षों में संतुलन बनाए रखता है।

  • भोपाल में फर्जी पुलिस बनकर लूट और किडनैपिंग की वारदात, चार गिरफ्तार

    भोपाल में फर्जी पुलिस बनकर लूट और किडनैपिंग की वारदात, चार गिरफ्तार


    भोपाल । भोपाल की अरेरा कॉलोनी में 11 जनवरी की शाम एक सनसनीखेज वारदात हुई, जब पांच-छह बदमाश खुद को पुलिसकर्मी बताकर मेघना अपार्टमेंट के एक फ्लैट में घुसे। घटना ई-7 सेक्टर, हबीबगंज थाना क्षेत्र में हुई। फ्लैट में राहुल गुप्ता, अनिमेष वर्मा, अनुराग और नरेंद्र परमार मौजूद थे। बदमाशों ने युवकों को धमकी दी कि उन्हें एनडीपीएस केस में फंसा दिया जाएगा और उनके साथ मारपीट की। डर के मारे युवकों ने विरोध नहीं किया। बदमाशों ने तुरंत लूट की वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने चारों से 79,800 रुपये नकद और तीन कीमती घड़ियां लूट लीं। इसके बाद बदमाशों ने चारों युवकों को उनकी ही कार में जबरन बैठा लिया और मिसरोद बाइपास टोल रोड की ओर ले गए, जहां उन्होंने और पैसे की मांग की।

    इस दौरान पीड़ित राहुल गुप्ता ने अपने परिचित आनंद रघुवंशी को फोन कर मदद मांगी। आनंद होशंगाबाद से एक लाख रुपये लेकर भोपाल पहुंचे। बदमाशों ने आनंद को पांच नंबर पेट्रोल पंप पर बुलाया। वहीं आनंद ने चतुराई दिखाते हुए बदमाशों का फोन छीन लिया और शोर मचाया कि वह असली पुलिस के साथ है। डर के मारे बदमाश मोबाइल छीनकर वहां से भाग निकले। घबराए हुए युवक तुरंत हबीबगंज थाने पहुंचे। हालांकि, पुलिस ने मामले को चार दिन तक दबाकर रखा, जिससे पीड़ितों में नाराजगी बनी रही। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज की और चार बदमाशों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।

    इस वारदात ने इलाके में सनसनी फैलाकर लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के रूप में पेश होकर अपराध करना और लोगों को धमकी देकर लूट करना एक गंभीर मामला है। अधिकारियों ने अब कहा कि सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और अन्य शामिल व्यक्तियों की तलाश की जा रही है। वारदात ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि नागरिकों को अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है और संदिग्ध पुलिसकर्मियों से सावधान रहना चाहिए। CCTV फुटेज और मोबाइल ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस ने घटना का खुलासा किया, जिससे इलाके में भय का माहौल तो बना, लेकिन अपराधियों की गिरफ्तारी से राहत भी मिली।

  • Nipah Virus Alert: बंगाल में हाई अलर्ट, 21 दिन का क्वारंटाइन अनिवार्य, सख्त गाइडलाइन जारी

    Nipah Virus Alert: बंगाल में हाई अलर्ट, 21 दिन का क्वारंटाइन अनिवार्य, सख्त गाइडलाइन जारी



    कोलकाता।
      निपाह वायरस के खतरे को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कड़े और स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं। यह गाइडलाइन विशेषज्ञ डॉक्टरों की पांच सदस्यीय टीम द्वारा तैयार की गई है, जिसमें मरीजों, संदिग्धों, उनके संपर्क में आए लोगों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए अलग-अलग प्रोटोकॉल तय किए गए हैं।

    दिशानिर्देशों के अनुसार, निपाह संक्रमित या संदिग्ध मरीज के रक्त, लार, शरीर के तरल पदार्थ या छींक-खांसी की बूंदों के संपर्क में आने वाले हर व्यक्ति को कम से कम 21 दिनों तक होम क्वारंटाइन में रहना अनिवार्य होगा।

    बंद या सीमित स्थान में संक्रमित व्यक्ति के साथ समय बिताने वालों को हाई-रिस्क कैटेगरी में रखा जाएगा और उनकी कड़ी निगरानी की जाएगी।

    होम क्वारंटाइन में सख्त निगरानी
    क्वारंटाइन में रह रहे लोगों को दिन में दो बार स्वास्थ्य जांच करानी होगी। यदि बुखार, सिरदर्द, उलझन, खांसी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। ऐसे मरीजों को सीधे आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा ताकि संक्रमण आगे न फैले।

    कपड़े और वस्तुएं भी बन सकती हैं खतरा
    स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि संक्रमित मरीज के कपड़ों या उपयोग में लाई गई वस्तुओं के संपर्क में आने पर भी व्यक्ति को 21 दिनों तक निगरानी में रखा जाएगा।

    मरीजों की देखभाल करने वाले लोगों और स्वास्थ्यकर्मियों को मास्क और पीपीई किट पहनकर ही काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

    दवा और जांच को लेकर अहम निर्देश
    निपाह वायरस की कोई पक्की दवा अभी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में बिना लक्षण वाले लोगों को एहतियातन एंटीवायरल दवा दी जाएगी, जबकि लक्षण दिखने पर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर दो वैकल्पिक एंटीवायरल दवाओं से इलाज किया जाएगा।

    निपाह संक्रमण की पुष्टि के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट अनिवार्य किया गया है और रिपोर्ट लगातार निगरानी में रखी जाएगी।

    स्वास्थ्यकर्मियों के लिए अलग नियम
    यदि कोई स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित मरीज के संपर्क में आता है लेकिन उसमें लक्षण नहीं हैं, तो वह पीपीई किट और मास्क पहनकर काम जारी रख सकता है। ऐसे स्वास्थ्यकर्मियों को क्वारंटाइन की जरूरत नहीं होगी, लेकिन उन्हें लगातार दो सप्ताह तक एंटीवायरल दवा लेने के निर्देश दिए गए हैं।

    राज्य सरकार ने आम लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन सावधानी और सतर्कता जरूर बरतें। निपाह वायरस को फैलने से रोकने के लिए जारी किए गए ये कदम समय रहते संक्रमण की चेन तोड़ने में अहम साबित हो सकते हैं।

  • मुरैना में तेज रफ्तार का कहर: घर के बाहर बैठी महिलाओं को कार ने रौंदा, CCTV में कैद खौफनाक हादसा

    मुरैना में तेज रफ्तार का कहर: घर के बाहर बैठी महिलाओं को कार ने रौंदा, CCTV में कैद खौफनाक हादसा


    मुरैना ।
    मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का एक खौफनाक मामला सामने आया है। स्टेशन रोड थाना क्षेत्र के रामनगर इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक अनियंत्रित कार सकरी गली में तेज गति से घुस आई और घर के बाहर बैठी महिलाओं को टक्कर मार दी। यह दिल दहला देने वाली घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सामने आया है।घटना रामनगर की एक संकरी गली की है, जहां रोज की तरह कुछ महिलाएं अपने घर के बाहर कुर्सियां डालकर बैठी थीं। इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार अचानक गली में दाखिल हुई।
    गली की चौड़ाई कम होने के बावजूद चालक ने न तो गति कम की और न ही वाहन पर नियंत्रण रखा। कुछ ही पलों में कार सीधे महिलाओं की ओर बढ़ गई और उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कुर्सी पर बैठी एक महिला उछलकर काफी दूर जा गिरी। आसपास बैठी अन्य महिलाएं भी कार की चपेट में आने से बाल-बाल बचीं। हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल महिला को संभाला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला को गंभीर चोटें आई हैं और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

    पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कार तेज रफ्तार में संकरी गली में प्रवेश करती है और सीधे महिलाओं को टक्कर मारती है। वीडियो में कार चालक की लापरवाही और तेज गति साफ नजर आ रही है। घटना के बाद कार कुछ दूरी पर जाकर रुकती दिखाई देती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रामनगर क्षेत्र की गलियां बेहद संकरी हैं और यहां अक्सर लोग घरों के बाहर बैठते हैं। इसके बावजूद कुछ वाहन चालक तेज रफ्तार में गाड़ी चलाते हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। लोगों ने प्रशासन और पुलिस से इस इलाके में गति नियंत्रण और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    घटना की सूचना मिलते ही स्टेशन रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि कार चालक की पहचान की जा रही है और लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया जाएगा। साथ ही घायल महिला के इलाज और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि रिहायशी इलाकों और संकरी गलियों में तेज रफ्तार से वाहन चलाने पर आखिर कब सख्ती होगी। सीसीटीवी में कैद यह दृश्य न सिर्फ डरावना है, बल्कि सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार ड्राइविंग की अनदेखी का गंभीर उदाहरण भी है।

  • सर्दियों में कैसे बढ़ाएं आईब्रो की ग्रोथ? आजमा लें ये 5 देसी नुस्खे, पतली Eyebrows हो जाएंगी मोटी और घनी

    सर्दियों में कैसे बढ़ाएं आईब्रो की ग्रोथ? आजमा लें ये 5 देसी नुस्खे, पतली Eyebrows हो जाएंगी मोटी और घनी


    नई दिल्ली सर्दियों का मौसम आते ही त्वचा और बालों से नमी कम होने लगती है। ठंडी हवाएं, ड्राई स्किन, गलत खानपान और तनाव का असर सिर्फ सिर के बालों पर ही नहीं, बल्कि आईब्रो पर भी पड़ता है। नतीजतन भौंहें झड़ने लगती हैं और धीरे-धीरे पतली दिखाई देने लगती हैं। जबकि हर महिला चाहती है कि उसकी आईब्रो घनी और शेप में हों, क्योंकि मोटी भौंहें पूरे लुक को निखार देती हैं। ऐसे में महंगे प्रोडक्ट्स के बजाय कुछ घरेलू उपाय ज्यादा कारगर साबित हो सकते हैं।

    अरंडी का तेल: जड़ों को करे मजबूत

    आईब्रो की ग्रोथ बढ़ाने के लिए अरंडी का तेल बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद ओमेगा-9 फैटी एसिड और प्रोटीन बालों की जड़ों को पोषण देते हैं। रात को सोने से पहले उंगलियों या साफ ब्रश की मदद से हल्के हाथों से अरंडी के तेल से आईब्रो की मालिश करें और सुबह धो लें। नियमित इस्तेमाल से भौंहें मोटी और मजबूत होने लगती हैं।

    नारियल तेल: पोषण और चमक दोनों

    नारियल तेल विटामिन ई और जरूरी फैटी एसिड्स से भरपूर होता है। यह आईब्रो को नमी देता है और बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देता है। रोज रात को रुई में थोड़ा सा नारियल तेल लेकर आईब्रो पर लगाएं। कुछ ही हफ्तों में फर्क नजर आने लगेगा और भौंहें शाइनी भी दिखेंगी।

    प्याज का रस: तेजी से बढ़ाए ग्रोथ

    प्याज का रस आईब्रो की ग्रोथ के लिए एक पुराना और असरदार नुस्खा है। इसमें मौजूद सल्फर बालों को मजबूत बनाता है और नई ग्रोथ में मदद करता है। ताजा प्याज का रस निकालकर आईब्रो पर लगाएं और 20–30 मिनट बाद चेहरा धो लें। हफ्ते में 2–3 बार इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

    विटामिन ई कैप्सूल: झड़ना करे कम

    विटामिन ई बालों को टूटने से रोकने में मदद करता है। कैप्सूल को काटकर उसका जेल निकाल लें और आईब्रो पर हल्के हाथों से 5 मिनट मसाज करें। रात को लगाने से ज्यादा फायदा मिलता है। कुछ दिनों में भौंहें घनी दिखने लगती हैं।

    एलोवेरा जेल: नेचुरल हाइड्रेशन

    एलोवेरा जेल बालों को नमी देने के साथ-साथ उन्हें मजबूत भी बनाता है। इसमें मौजूद एंजाइम्स और एंटीऑक्सीडेंट्स आईब्रो की ग्रोथ में सहायक होते हैं। फ्रेश एलोवेरा जेल आईब्रो पर लगाकर छोड़ दें। लगातार इस्तेमाल से अच्छे परिणाम मिलते हैं।

    नियमित देखभाल से मिलेगा बेहतर परिणाम

    अगर इन देसी नुस्खों को नियमित रूप से अपनाया जाए, तो सर्दियों में भी आईब्रो की ग्रोथ बेहतर हो सकती है। साथ ही संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और तनाव से दूरी भी जरूरी है। थोड़ी सी देखभाल से पतली आईब्रो फिर से मोटी, घनी और आकर्षक बन सकती हैं।

  • सीएम मोहन यादव ने किया आईपीएस सर्विस मीट का शुभारंभ, कहा- मध्य प्रदेश को आंतरिक सुरक्षा का आदर्श प्रदेश बनाएंगे

    सीएम मोहन यादव ने किया आईपीएस सर्विस मीट का शुभारंभ, कहा- मध्य प्रदेश को आंतरिक सुरक्षा का आदर्श प्रदेश बनाएंगे


    भोपाल।  मध्य प्रदेश में संगठित अपराध के लिए कोई स्थान नहीं होगा और प्रदेश को आंतरिक सुरक्षा का आदर्श प्रदेश बनाने का लक्ष्य सरकार का प्रमुख एजेंडा है। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित आईपीएस सर्विस मीट के शुभारंभ अवसर पर कही।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश पुलिस को जल्द ही पदोन्नति (प्रमोशन) की स्वीकृति का समाचार मिलेगा और पुलिस विभाग में पर्याप्त भर्तियां की जाएंगी। उन्होंने पुलिसकर्मियों की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस की ड्यूटी में अनेक चुनौतियां हैं, फिर भी वे अपनी जिम्मेदारियों को निष्ठापूर्वक निभाते हैं।

    सर्विस मीट का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री का पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना और भारतीय पुलिस सेवा संघ के अध्यक्ष चंचल शेखर ने पुष्प गुच्छ और पौधा भेंट कर स्वागत किया। डीजीपी कैलाश मकवाना ने स्वागत उद्बोधन भी दिया।

    डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश सरकार और पुलिस ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रदेश की पुलिस देश के लिए आदर्श उदाहरण बन चुकी है और नए कानूनों के क्रियान्वयन में सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि नशा विरोधी अभियान में प्रदेश पुलिस निरंतर सफल रही है और संगठित अपराधियों और गिरोहों पर अंकुश लगाया जा रहा है।

    उन्होंने नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया करने के लिए पुलिस अधिकारियों को बधाई दी और देशभक्ति व जन सेवा की भावना को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश पुलिस हर कदम पर सरकार के साथ खड़ी है और लोकतंत्र तथा कानून व्यवस्था की मजबूती में अहम भूमिका निभा रही है। उनका यह संदेश है कि मध्यप्रदेश को सुरक्षित और आदर्श प्रदेश बनाए रखना हर अधिकारी और पुलिसकर्मी की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

  • बीएमसी चुनाव परिणाम 2026: बीएमसी में कांटे की टक्कर, शुरुआती रुझानों में बीजेपी आगे, उद्धव गुट से सीधी लड़ाई

    बीएमसी चुनाव परिणाम 2026: बीएमसी में कांटे की टक्कर, शुरुआती रुझानों में बीजेपी आगे, उद्धव गुट से सीधी लड़ाई


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे बीएमसी समेत 29 महानगर पालिकाओं के चुनाव नतीजे सामने आने लगे हैं। सुबह 10 बजे से मतगणना शुरू होते ही शुरुआती रुझानों ने सियासी हलकों में हलचल तेज कर दी है। एशिया के सबसे अमीर नगर निगम बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प नजर आ रहा है। शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी  और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है।227 सीटों वाली बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा 114 है। ताजा रुझानों के मुताबिक बीजेपी 90 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना गठबंधन 71 सीटों पर आगे चल रही है। कांग्रेस फिलहाल 11 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि एनसीपी अजित पवार गुट का खाता अभी नहीं खुल पाया है। इन आंकड़ों से साफ है कि बीएमसी में सत्ता की राह अभी आसान नहीं है और अंतिम नतीजों तक समीकरण बदल सकते हैं।

    दक्षिण मुंबई के दो अहम वार्डों में बीजेपी की मजबूत स्थिति सामने आई है। वार्ड 214 से बीजेपी उम्मीदवार अजय पाटिल बढ़त बनाए हुए हैं, जहां उन्हें 2519 वोट मिले हैं, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वियों को काफी कम मत हासिल हुए हैं। वहीं वार्ड 215 से बीजेपी के संतोष ढाले आगे चल रहे हैं और उन्हें 2246 वोट मिले हैं। इन दोनों वार्डों में बीजेपी की बढ़त ने पार्टी के हौसले और मजबूत कर दिए हैं।बीएमसी जनरल इलेक्शन 2025-26 के तहत कुल 227 चुनावी वार्डों के लिए 23 इलेक्शन डिसीजन ऑफिसर नियुक्त किए गए हैं। मतगणना के लिए सभी स्ट्रॉन्ग रूम और काउंटिंग सेंटर्स को PWD और पुलिस विभाग से जरूरी मंजूरी मिल चुकी है, जिससे पूरी प्रक्रिया कड़ी निगरानी में चल रही है।

    मुंबई के अलावा राज्य की अन्य प्रमुख नगर निगमों में भी बीजेपी गठबंधन बढ़त बनाए हुए है। नागपुर में बीजेपी 20 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस 6 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। पुणे नगर निगम में 165 सीटों में से बीजेपी 52 सीटों पर आगे है। पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम में भी मुकाबला बेहद रोचक बना हुआ है, जहां पवार परिवार के गढ़ में बीजेपी और पवार गुट दोनों 12-12 सीटों पर आगे चल रहे हैं।कुल मिलाकर शुरुआती रुझान संकेत दे रहे हैं कि इस बार महाराष्ट्र की नगर निगम राजनीति में बीजेपी की स्थिति मजबूत है, लेकिन बीएमसी में अंतिम नतीजे आने से पहले सियासी समीकरण पूरी तरह स्पष्ट होना बाकी है।

  • दिल्ली की सेहत पर खतरा: 2024 में सांस की बीमारियों से 9,211 मौतें

    दिल्ली की सेहत पर खतरा: 2024 में सांस की बीमारियों से 9,211 मौतें


    नई दिल्ली । दिल्ली सरकार द्वारा जारी 2024 की ताजा हेल्थ रिपोर्ट राजधानी की सेहत को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में जहरीली हवा और बिगड़ते पर्यावरण का सीधा असर नागरिकों के फेफड़ों पर पड़ रहा है। साल 2024 में सांस संबंधी बीमारियों से होने वाली मौतों का आंकड़ा बढ़कर 9,211 तक पहुंच गया है, जो कि 2023 में 8,801 था। विशेषज्ञों ने इस वृद्धि को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक ‘रेड सिग्नल’ माना है और वायु गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ चिकित्सा सुविधाओं को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

    रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में मौतों का सबसे बड़ा कारण दिल और रक्त संचार से जुड़ी बीमारियां बनकर उभरी हैं। साल 2024 में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और धमनियों में रुकावट जैसी समस्याओं के कारण 21,262 लोगों ने अपनी जान गंवाई, जबकि पिछले साल यह संख्या 15,714 थी। एक ही साल में हृदय रोगों से होने वाली मौतों में आई यह भारी उछाल बदलती जीवनशैली और पर्यावरणीय तनाव की ओर इशारा करती है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि संक्रामक और परजीवी रोगों से होने वाली मौतों में कमी आई है। 2023 में जहां इन बीमारियों से 20,781 मौतें हुई थीं, वहीं 2024 में यह घटकर 16,060 रह गईं, जो सार्वजनिक स्वच्छता के क्षेत्र में किए गए सुधारों का परिणाम माना जा रहा है।

    शिशु स्वास्थ्य के मोर्चे पर दिल्ली ने मामूली लेकिन सकारात्मक प्रगति की है। राजधानी में शिशु मृत्यु दर 2023 के 23.61 से घटकर 2024 में 22.4 प्रति हजार रह गई है। यह गिरावट प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल और टीकाकरण की सफलता को दर्शाती है। इसके साथ ही, एक और उत्साहजनक आंकड़ा यह सामने आया कि दिल्ली में 5 वर्ष से कम उम्र के 99.1 प्रतिशत बच्चों के पास जन्म प्रमाण पत्र मौजूद है, जो नागरिक पंजीकरण प्रणाली की मजबूती का प्रतीक है।

    आबादी के मोर्चे पर रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली का विस्तार तेजी से हो रहा है और अनुमान है कि 2036 तक राजधानी की जनसंख्या 2.65 करोड़ तक पहुंच जाएगी। साल 2024 में कुल 3,06,459 जन्म दर्ज किए गए, जबकि कुल मौतों की संख्या 1,39,480 रही। मृत्यु दर में 6.16 से 6.37 की मामूली वृद्धि दर्ज की गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि बढ़ती आबादी और प्रदूषण के दोहरे दबाव के बीच दिल्ली को अपने हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना होगा।