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  • जब एक गाना बना इतिहास: 105 बार री-राइट कर बना हिंदी सिनेमा का सबसे महंगा ट्रैक

    जब एक गाना बना इतिहास: 105 बार री-राइट कर बना हिंदी सिनेमा का सबसे महंगा ट्रैक


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा में कई ऐसे गाने बने हैं जिन्होंने समय को पीछे छोड़ दिया, लेकिन फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ का गाना ‘प्यार किया तो डरना क्या’ आज भी अपनी भव्यता और परफेक्शन के लिए याद किया जाता है। इस गाने को सिर्फ एक गीत नहीं बल्कि एक आर्टवर्क की तरह तैयार किया गया था, जिसमें हर शब्द, हर दृश्य और हर धुन पर बारीकी से काम किया गया।

     105 बार री-राइट: परफेक्शन की ह
    इस गाने की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिरिक्स को 105 बार दोबारा लिखा गया।
    मकसद सिर्फ एक था हर शब्द को इतना परफेक्ट बनाना कि उसमें कोई कमी न रह जाए।
    इस गाने को मशहूर शायर शकील बदायूंनी ने लिखा था और इसे स्वर दिया था स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने, जिससे इसकी भावनात्मक गहराई और भी बढ़ गई।

    उस दौर का सबसे महंगा गाना
    जब हिंदी फिल्मों का बजट लाखों में होता था, तब इस एक गाने पर लगभग 15 लाख रुपये खर्च किए गए थे।
    आज के हिसाब से यह रकम करोड़ों में मानी जाती है। इस भारी-भरकम खर्च की वजह थी भव्य सेट, बारीक डिजाइन और परफेक्शन के लिए किया गया अत्यधिक प्रोडक्शन वर्क।

    शीश महल जैसा भव्य से
    इस गाने को फिल्माने के लिए मुंबई के मोहन स्टूडियो में एक शानदार सेट तैयार किया गया था।
    सेट को इस तरह डिजाइन किया गया कि वह असली शीश महल जैसा दिखे।
    बेल्जियम के असली शीशों का इस्तेमाल
    फिरोजाबाद के कारीगरों की महीन कारीगरी
    महीनों तक चली सेट डिजाइनिंग
    इस भव्यता ने गाने को ऐतिहासिक दृश्य बना दिया।

    ‘मुगल-ए-आजम’: एक ड्रीम प्रोजेक्
    साल 1960 में रिलीज हुई फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ उस समय की सबसे महंगी और आइकॉनिक फिल्मों में से एक थी।
    निर्देशक: के. आसिफ
    कुल बजट: लगभग 1.5 करोड़ रुपये (उस समय के अनुसार विशाल राशि)
    IMDb रेटिंग: 8.1
    उपलब्धता: ZEE5 पर
    फिल्म के हर हिस्से में भव्यता और परफेक्शन की झलक मिलती है, लेकिन यह गाना उसका सबसे चमकदार हिस्सा माना जाता है।

    ‘प्यार किया तो डरना क्या’ सिर्फ एक गाना नहीं बल्कि हिंदी सिनेमा की क्रिएटिविटी, लगन और परफेक्शन का प्रतीक है। 105 बार लिखे गए लिरिक्स, भव्य सेट और लता मंगेशकर की आवाज ने इसे अमर बना दिया। यही वजह है कि आज भी इसे हिंदी सिनेमा का सबसे महंगा और सबसे आइकॉनिक गाना माना जाता है।

  • SC की बड़ी टिप्पणी, कहा- आज्ञाकारी पत्नी बनने के लिए महिलाएं क्यों दे अपने करियर की बलि?

    SC की बड़ी टिप्पणी, कहा- आज्ञाकारी पत्नी बनने के लिए महिलाएं क्यों दे अपने करियर की बलि?


    नई दिल्ली।
    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई के दौरान शादी के बाद महिलाओं (Women) के अधिकारों को लेकर कुछ अहम टिप्पणियां की हैं। SC ने इस बात पर जोर दिया है कि एक पढ़ी-लिखी और कामकाजी महिला (Working Woman) से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह शादी (Marriage) के बाद अपनी पहचान और करियर की बलि दे दे। उच्चतम न्यायालय ने यह भी कहा कि अगर कोई महिला अपने करियर के लिए पति से अलग रह रही है, तो उसे क्रूरता नहीं माना जा सकता।

    SC में एक डेंटिस्ट पत्नी और एक आर्मी ऑफिसर के बीच चल रहे विवाद पर सुनवाई चल रही थी। इस दौरान जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने सिर्फ महिला से त्याग माने जाने की सोच को दकियानूसी बताया। पीठ ने कहा, “यह उम्मीद करना कि महिला हमेशा अपने करियर का त्याग करे और एक ‘आज्ञाकारी पत्नी’ की पारंपरिक छवि में सिमट कर रहे, यह एक पुरानी और दकियानूसी सोच है।” पीठ ने कहा कि महिला अपने पति के घर का महज एक हिस्सा नहीं है। उसकी अपनी बौद्धिक और पेशेवर आकांक्षाएं हैं, जिनका सम्मान होना चाहिए।

    क्या है पूरा मामला?
    बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस जोड़े की शादी 2009 में हुई थी। पति सेना में अधिकारी था। वहीं पत्नी ने अहमदाबाद में अपना डेंटल क्लिनिक शुरू किया था। शादी के बाद पति और ससुराल वालों ने आरोप लगाए कि महिला ने अपने परिवार के बजाय करियर को चुना और पति के साथ रहने से इनकार कर दिया। अर्जी के बाद फैमिली कोर्ट ने पत्नी के इस फैसले को ‘क्रूरता’ माना था।

    कोर्ट ने कहा था कि पत्नी ने पति को बिना बताए अपना क्लिनिक शुरू किया और अहमदाबाद में रहने के दौरान ससुराल के बजाय अपने मायके में रुकना पसंद किया, जो सही नहीं है। वहीं गुजरात हाईकोर्ट ने भी 2024 में फैमिली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था।

    तलाक को दे दी मंजूरी
    सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालतों के नजरिए को रूढ़िवादी बताया। SC ने तीखे शब्दों में कहा, “आज की दुनिया में जहां महिलाएं लंबी छलांगे लगा रही हैं। सिर्फ इसलिए कि पति एक आर्मी ऑफिसर है, यह उम्मीद करना कि पत्नी अपने करियर के बारे में सोच भी नहीं सकती, एक सामंती मानसिकता को दर्शाता है।” फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने महिला के खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को रिकॉर्ड से हटा दिया। हालांकि, पति ने दूसरी शादी कर ली है और दोनों के बीच रिश्ते सुधरने की गुंजाइश नहीं थी, इसलिए कोर्ट ने तलाक को मंजूरी दे दी।

  • IEA की चेतावनी…. वैश्विक तेल भंडार में रिकॉर्ड गिरावट, कीमतों में आ सकता है भारी उछाल

    IEA की चेतावनी…. वैश्विक तेल भंडार में रिकॉर्ड गिरावट, कीमतों में आ सकता है भारी उछाल


    वाशिंगटन।
    मिडिल ईस्ट (Middle East) में जारी तनाव और होर्मुज संकट (Hormuz Crisis.) के बीच अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (International Energy Agency.- IEA) ने बुधवार को गंभीर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि प्रमुख समुद्री मार्गों में एक होर्मुज के 10 सप्ताह से अधिक समय से प्रभावी रूप से अवरुद्ध रहने के कारण वैश्विक तेल भंडार में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की जा रही है।

    एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि 2026 तक वैश्विक तेल आपूर्ति में 39 लाख बैरल प्रतिदिन की भारी कमी आ सकती है। आईईए ने कहा कि रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट के लंबे समय तक बंद रहने से विश्व के तेल भंडार ‘अभूतपूर्व’ और ‘रिकॉर्ड’ गति से समाप्त हो रहे हैं। खाड़ी क्षेत्र से कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति ठप्प होने के कारण वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में बड़ा बदलाव आ रहा है, जो भविष्य में तेल कीमतों में भारी उछाल और जेट ईंधन की कमी का कारण बन सकता है।

    एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, लगातार अस्थिरता के चलते 2026 तक वैश्विक तेल आपूर्ति में 3.9 मिलियन बैरल प्रतिदिन (BPD) की कमी आने की आशंका है। हालांकि आर्थिक मंदी के कारण मांग में कुछ कमी आने की उम्मीद है, लेकिन आईईए ने स्पष्ट किया कि मांग में गिरावट आपूर्ति की भारी कमी को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं होगी। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण उत्पन्न इस आपूर्ति संकट से निपटने के लिए विभिन्न देशों ने अपने वाणिज्यिक और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारों का आक्रामक दोहन शुरू कर दिया है। रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। आकंड़ों के अनुसार, मार्च में 129 मिलियन बैरल की कमी के बाद अप्रैल में अकेले 117 मिलियन बैरल का रिकॉर्ड नुकसान हुआ है।

    वहीं, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आईईए के सदस्य देशों ने आपातकालीन भंडार से 400 मिलियन बैरल तेल जारी करने की योजना बनाई है, जिसमें से लगभग 164 मिलियन बैरल पहले ही बाजार में पहुंच चुका है। हालांकि एजेंसी ने माना कि स्थिति अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है। उच्च कीमतें, बिगड़ता आर्थिक माहौल और मांग घटाने के उपाय वैश्विक तेल खपत पर अतिरिक्त दबाव डाल रहे हैं।

    गौरतलब है कि होर्मुज मार्ग के बंद रहने से वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र एक संकट के मोड़ पर पहुंच गया है, ठीक उसी समय जब गर्मियों का पीक ट्रैवल सीजन शुरू हो रहा है। एयरलाइंस पहले ही जेट ईंधन की संभावित कमी को लेकर चिंतित हैं। आईईए ने चेतावनी दी है कि यह संकट जितना लंबा चलेगा, वैश्विक ऊर्जा और वित्तीय बाजारों में उतनी ही अधिक अस्थिरता फैलेगी।

  • ‘नो एंट्री’ से एक और बड़ा नाम आउट: वरुण धवन की जगह अब नए चेहरे होंगे शामिल

    ‘नो एंट्री’ से एक और बड़ा नाम आउट: वरुण धवन की जगह अब नए चेहरे होंगे शामिल


    नई दिल्ली। साल 2005 की सुपरहिट कॉमेडी फिल्म ‘नो एंट्री’ के सीक्वल ‘नो एंट्री में एंट्री’ को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही थीं। शुरुआत में इस फिल्म के लिए वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अर्जुन कपूर की तिकड़ी को फाइनल माना जा रहा था, लेकिन अब लगातार बदलावों ने फैंस को चौंका दिया है।

    पहले दिलजीत दोसांझ हुए बाहर
    सबसे पहले इस प्रोजेक्ट से दिलजीत दोसांझ के बाहर होने की खबर सामने आई थी।
    प्रोड्यूसर बोनी कपूर ने भी इस बात की पुष्टि की थी कि दिलजीत अब फिल्म का हिस्सा नहीं हैं। इसके बाद से ही फिल्म की कास्टिंग को लेकर असमंजस बढ़ गया था।

     अब वरुण धवन भी नहीं होंगे हिस्सा
    ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक अब वरुण धवन भी इस फिल्म से बाहर हो गए हैं।
    सूत्रों के अनुसार, वरुण का फिल्म से जुड़ना फिलहाल संभव नहीं है क्योंकि वह अपने दूसरे प्रोजेक्ट्स और प्रमोशन में व्यस्त हैं।

    बोनी कपूर की प्लानिंग में बदलाव
    निर्माता बोनी कपूर पहले ही संकेत दे चुके थे कि वह इस सीक्वल को एक फ्रेश और यंग कास्ट के साथ बनाना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि पुरानी स्टारकास्ट की झलक किसी न किसी रूप में शामिल की जा सकती है।

    नई कास्ट पर टिकी नजरें
    अब जबकि दो बड़े नाम फिल्म से बाहर हो चुके हैं, ‘नो एंट्री 2’ की नई कास्टिंग पर सभी की नजरें टिकी हैं।
    फैंस यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर इस कॉमेडी फ्रेंचाइजी को कौन नया चेहरा मिलेगा।

    वरुण धवन के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स
    फिल्म से बाहर होने के बावजूद वरुण धवन के पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं।
    वे जल्द ही ‘है जवानी तो इश्क होना है’ और ‘भेड़िया 2’ जैसी फिल्मों में नजर आएंगे।

    ‘नो एंट्री 2’ की कास्टिंग में लगातार हो रहे बदलावों ने फिल्म को चर्चा में बनाए रखा है। हालांकि फाइनल स्टारकास्ट को लेकर अभी भी सस्पेंस बरकरार है, लेकिन इतना तय है कि फिल्म में एक नई और फ्रेश टीम देखने को मिलेगी।

  • कंगाली से जूझ रहे पाकिस्तान ने फिर लिया कर्जा …, IMF ने दी 1.32 अरब डॉलर की नई किस्त को मंजूरी

    कंगाली से जूझ रहे पाकिस्तान ने फिर लिया कर्जा …, IMF ने दी 1.32 अरब डॉलर की नई किस्त को मंजूरी


    इस्लामाबाद।
    आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान (Pakistan) की हालत दिन-पर-दिन खराब होती जा रही है। उसकी भीख मांगने की आदत अब भी नहीं गई है। अब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund.- IMF) ने पाकिस्तान को बड़ा कर्ज दिया है। IMF बोर्ड ने मौजूदा कर्ज कार्यक्रमों के तहत करीब 1.32 अरब डॉलर की नई किस्त को मंजूरी दे दी। इसमें एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी (Extended Fund Facility.- EFF) के तहत लगभग 1.1 अरब डॉलर और जलवायु संबंधी रेजिलियंस एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी के तहत करीब 22 करोड़ डॉलर शामिल हैं।

    IMF का कहना है कि पाकिस्तान ने आर्थिक सुधारों की दिशा में कुछ प्रगति दिखाई है और कठिन वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद अपनी अर्थव्यवस्था को संभालने की कोशिश की है। हालांकि यह मदद ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान पहले से ही गंभीर आर्थिक संकट, महंगाई और विदेशी मुद्रा की भारी कमी से जूझ रहा है।

    मध्य पूर्व में जारी तनाव और तेल की बढ़ती कीमतों ने पाकिस्तान की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में उछाल का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है, जिसके चलते केंद्रीय बैंक को अचानक ब्याज दरें बढ़ाने जैसा कदम उठाना पड़ा। विदेशी मुद्रा भंडार लगातार दबाव में हैं और आयात बिल बढ़ने से हालात और खराब हुए हैं। पाकिस्तान को अस्थायी राहत तब मिली जब सऊदी ने 3 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता का भरोसा दिया। वहीं यूएई ने अपने पुराने कर्ज की वापसी का दबाव भी बढ़ा दिया, जिससे इस राहत का बड़ा हिस्सा संतुलन बनाने में ही खर्च होने की आशंका है।

    IMF ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि उसे इस संस्था की ‘एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी’ (EFF) के तहत लगभग $1.1 बिलियन और जलवायु पर केंद्रित ‘रेजिलियंस एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी’ के तहत लगभग $220 मिलियन मिलने की उम्मीद है। IMF ने अपने बयान में आगे कहा, “EFF व्यवस्था के तहत पाकिस्तान के नीतिगत प्रयासों से अर्थव्यवस्था को स्थिर करने और एक चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल, जिसमें मध्य पूर्व में चल रहा युद्ध भी शामिल है, के बीच भरोसा फिर से कायम करने में काफी प्रगति हुई है।” तेल की कीमतों में भारी उछाल के कारण पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है, जिसके चलते केंद्रीय बैंक को कीमतों पर बढ़ते दबाव से निपटने के लिए एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए ब्याज दरें बढ़ानी पड़ीं।


    मित्र देशों के सामने हाथ फैलाता रहता है PAK

    पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान बार-बार आईएमएफ, सऊदी अरब, चीन और अन्य मित्र देशों के सामने आर्थिक मदद के लिए हाथ फैलाता रहा है। आलोचकों का कहना है कि वहां की सरकारें स्थायी आर्थिक सुधारों की बजाय कर्ज लेकर संकट टालने की नीति अपनाती रही हैं। कमजोर टैक्स व्यवस्था, राजनीतिक अस्थिरता, बढ़ता रक्षा खर्च और निर्यात में अपेक्षित बढ़ोतरी न होना पाकिस्तान की सबसे बड़ी आर्थिक चुनौतियां बनी हुई हैं। यही कारण है कि हर कुछ वर्षों में देश भुगतान संकट में फंस जाता है और उसे बाहरी मदद की जरूरत पड़ती है।


    इससे नहीं खत्म होंगी आर्थिक समस्याएं

    एक्सपर्ट्स का मानना है कि IMF की यह नई किस्त पाकिस्तान को कुछ समय के लिए राहत जरूर दे सकती है, लेकिन इससे उसकी मूल आर्थिक समस्याएं खत्म नहीं होंगी। यदि पाकिस्तान ने उद्योग, निर्यात, कर संग्रह और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े सुधार नहीं किए तो वह भविष्य में भी विदेशी कर्ज और बेलआउट पैकेज पर निर्भर रहेगा। फिलहाल हालात ऐसे हैं कि पाकिस्तान अपनी अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए फिर अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और मित्र देशों की मदद पर टिका हुआ नजर आ रहा है।

  • Makeup Tips: गलत मेकअप से बिगड़ सकता है चेहरा, जानें सही करने का तरीका

    Makeup Tips: गलत मेकअप से बिगड़ सकता है चेहरा, जानें सही करने का तरीका


    नई दिल्ली। आज के समय में मेकअप सिर्फ एक जरूरत ही नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल का अहम हिस्सा बन चुका है। शादी, पार्टी या रोजमर्रा की जिंदगी में लोग अक्सर मेकअप का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अगर मेकअप सही तरीके से न किया जाए, तो यह आपकी स्किन को नुकसान भी पहुंचा सकता है और प्राकृतिक निखार धीरे-धीरे कम हो सकता है।
    विशेषज्ञों के अनुसार, मेकअप से जुड़ी सबसे बड़ी गलती उसे बिना हटाए सो जाना है। दिनभर की थकान के बाद अगर मेकअप चेहरे पर ही छोड़ दिया जाए, तो यह स्किन के पोर्स को बंद कर देता है। रात के समय त्वचा खुद को रिपेयर करती है, लेकिन मेकअप की परत के कारण यह प्रक्रिया रुक जाती है, जिससे पिंपल्स, ब्लैकहेड्स और डल स्किन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
    एक और आम गलती जल्दबाजी में सीधे फाउंडेशन या बेस लगाना है। ऐसा करने से केमिकल्स सीधे त्वचा पर असर डालते हैं। स्किन एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि मेकअप से पहले हमेशा मॉइस्चराइजर और प्राइमर का इस्तेमाल करें। इससे त्वचा और मेकअप के बीच एक प्रोटेक्टिव लेयर बनती है और स्किन को नुकसान कम होता है।
    इसके अलावा, मेकअप ब्रश और ब्यूटी ब्लेंडर की सफाई न करना भी एक बड़ी गलती मानी जाती है। गंदे ब्रश में बैक्टीरिया और डेड स्किन सेल्स जमा हो जाते हैं, जो चेहरे पर इस्तेमाल करने से पिंपल्स और स्किन इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं। इसलिए इनकी नियमित सफाई बेहद जरूरी है।
    मेकअप हटाने के लिए सिर्फ फेस वॉश पर निर्भर रहना भी सही नहीं है। पहले किसी अच्छे मेकअप रिमूवर, क्लींजिंग बाम या नारियल तेल जैसे प्राकृतिक विकल्प से मेकअप को अच्छी तरह साफ करना चाहिए। इसके बाद ही स्किन टाइप के अनुसार फेस वॉश का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि चेहरा पूरी तरह साफ हो सके। अगर इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए, तो मेकअप आपकी खूबसूरती बढ़ाने का काम करेगा, न कि स्किन को नुकसान पहुंचाने का।

  • कैबिनेट में विस्तार की अटकलें तेज… PM मोदी तैयार करा रहे हैं मंत्रियों के कामकाज का ब्योरा!

    कैबिनेट में विस्तार की अटकलें तेज… PM मोदी तैयार करा रहे हैं मंत्रियों के कामकाज का ब्योरा!


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के नेतृत्व वाली सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो साल अगले महीने पूरे होने जा रहे हैं। इसके बाद संभावित मंत्रिपरिषद विस्तार (Council of Ministers expansion) को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। इसकी एक वजह भाजपा (BJP) के नए संगठन की टीम का गठन होना भी शामिल है। कुछ नेताओं की संगठन और सरकार में अदला-बदली भी हो सकती है। इस बीच, मंत्रियों के कामकाज को लेकर भी ब्योरा तैयार किया जा रहा है और उनके संसदीय क्षेत्र एवं राज्य से उनके बारे में जानकारी ली जा रही है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में अभी तक कोई विस्तार नहीं हुआ है। पिछले कार्यकाल में भी सरकार बनने के लगभग दो साल बाद ही पहला विस्तार हुआ था। ऐसे में, अब विस्तार को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, भाजपा संगठन केंद्र सरकार में शामिल अपने मंत्रियों के कामकाज को लेकर विभिन्न स्तरों से फीडबैक ले रहा है। प्रदेश संगठन एवं संसदीय क्षेत्र से भी आंकड़े जुटाए जा रहे हैं।

    मंत्रियों के क्षेत्र में दौरे, केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन, संसदीय क्षेत्र में प्रवास, संगठन की बैठकों में हिस्सेदारी, कार्यकर्ताओं से संपर्क आदि की जानकारी ली जा रही है। सूत्रों का कहना है, इस कवायद के पीछे संभावित विस्तार है। माना जा रहा है कि संभावित विस्तार में कई बड़े बदलाव हो सकते हैं। पार्टी इस समय नया,युवा संगठन को तरजीह दे रही है।


    अनुभवी नेताओं को संगठन में लाने की संभावना

    संगठन की टीम और मंत्रिमंडल विस्तार दोनों के कई पहलू एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। नए व युवा अध्यक्ष के सहयोग के लिए कुछ अनुभवी नेताओं को संगठन में लाए जाने की भी संभावना है। पश्चिम बंगाल में जीत के बाद सरकार में अब इस राज्य का प्रतिनिधित्व भी बढ़ेगा और आने वाले चुनावों के मद्देनजर संबंधित राज्यों को भी जगह मिल सकती है। सबसे ज्यादा संभावना चेहरों को बदलने की है। मोदी सरकार में अभी 72 मंत्री हैं और यह संख्या 81 तक बढ़ाई जा सकती है।

  • LPG संकट के बीच भारत को मिली बड़ी कामयाबी…. होर्मुज से न‍िकली 34 लाख स‍िलेंडर की खेप

    LPG संकट के बीच भारत को मिली बड़ी कामयाबी…. होर्मुज से न‍िकली 34 लाख स‍िलेंडर की खेप


    नई दिल्ली।
    दुन‍ियाभर में चल रहे एलपीजी संकट (LPG Crisis) के बीच गैस को लेकर एक नहीं दो खुशखबरी आ रही हैं. मिडल ईस्ट (Middle East.) में जारी तनाव और जंग के बीच भारत ने अपनी एनर्जी जरूरतों को लेकर बड़ी कामयाबी हासिल की है. पहली खुशखबरी एलपीजी टैंकर (LPG tanker) के होर्मुज स्‍ट्रेट (Strait of Hormuz) पार करने को लेकर है. एजेंसी के अनुसार भारत आ रहे एलपीजी टैंकर ‘एमवी सनशाइन’ (MV Sunshine) ने इस समय सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ते, होर्मुज स्‍ट्रेट (Strait of Hormuz) को सफलतापूर्वक पार कर ल‍िया है. मीड‍िया र‍िपोर्ट के अनुसार इस जहाज के जर‍िये 48,456 टन एलपीजी भारत आ रही है, ज‍िसके 18 मई तक पहुंचने की उम्‍मीद है. दूसरी खुशखबरी गैस स‍िलेंडर की कीमत को लेकर है।

    सूत्रों का कहना है ‘एमवी सनशाइन’ को ऐसे जहाजों की ल‍िस्‍ट में शाम‍िल क‍िया गया था, ज‍िसे मौजूदा तनाव के चलते विशेष सुरक्षा घेरे में रखा गया था. इसके अलावा तेल कंपन‍ियों ने स‍िलेंडर के रेट में क‍िसी तरह का इजाफा नहीं क‍िया है. कुछ मीड‍िया र‍िपोर्ट में कहा जा रहा था क‍ि 14 क‍िलो वाले घरेलू गैस स‍िलेंडर का रेट बढ़ सकता है. फारस की खाड़ी में बढ़ती संवेदनशीलता को देखते हुए भारत ने अपने एनर्जी जहाजों को निकालने के लिए खास स्‍ट्रेटजी तैयार की है. यह सफलता इसलिए खास हो जाती है क्योंकि ‘एमवी सनशाइन’ गैस का 15वां ऐसा जहाज है, जिसे इस खतरनाक इलाके से सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया है।


    जहाज के 18 मई को भारतीय सीमा में पहुंचने की उम्‍मीद

    अध‍िकार‍ियों की तरफ से पुष्टि की गई क‍ि टैंकर अपने तय रूट पर बढ़ रहा है और उसे भारत तक पहुंचाने के लि‍ए हर संभव तकनीकी और सुरक्षा सहायता दी जा रही है. इस जहाज के 18 मई को भारतीय सीमा में पहुंचने की उम्‍मीद है. ईरान और इजरायल के बीच बढ़ रहे तनाव के बीच यह आशंका जताई जा रही थी क‍ि होर्मुज स्‍ट्रेट से होने वाली एलपीजी सप्लाई रुक सकती है. क्‍योंक‍ि जंग के बीच भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा इसी रास्‍ते से इम्‍पोर्ट कर रहा है. सरकार और तेल कंपनियों ने वैकल्पिक इंतजाम और कूटनीतिक लेवल पर बातचीत के जरिये यह तय क‍िया है क‍ि सप्‍लाई चेन बाध‍ित नहीं होगी.


    भारतीय बाजार में सस्‍ती है कीमत

    फिलहाल सप्लाई को लेकर बड़ा खतरा नहीं है, ज‍िससे देश में गैस की किल्लत नहीं होगी. तेल कंपनियों की तरफ से 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर का रेट प‍िछले दाम पर ही चल रहा है. यह स‍िलेंडर द‍िल्‍ली में 3071 रुपये में म‍िल रहा है. घरेलू सिलेंडर (14.2 किलो) की कीमत को लेकर भी यही उम्‍मीद है क‍ि इंटरनेशल मार्केट में क्रूड ऑयल और गैस की कीमत में स्थिरता रहने पर आने वाले समय में आम जनता को राहत मिल सकती है. दुनियाभर में एलपीजी का एवरेज प्राइस 86.19 रुपये प्रति लीटर है. वहीं, भारतीय बाजार में औसत रेट 66.73 रुपये प्रत‍ि लीटर का है. ये आंकड़े ग्लोबल पेट्रोल प्राइसेज की तरफ से जारी क‍िये गए हैं।

  • इंडस्ट्री के असली ‘मूवी मशीन’: जानिए किन कलाकारों ने की सबसे ज्यादा फिल्में

    इंडस्ट्री के असली ‘मूवी मशीन’: जानिए किन कलाकारों ने की सबसे ज्यादा फिल्में


    नई दिल्ली। भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में प्रतिभा की कोई कमी नहीं रही है, लेकिन कुछ कलाकारों ने अपने लंबे और निरंतर करियर से ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जो आज भी लोगों को हैरान कर देता है। इन्हीं में सबसे ऊपर नाम आता है दक्षिण भारतीय सिनेमा की दिग्गज एक्ट्रेस सुकुमारी का, जिन्होंने करीब 2500 फिल्मों में काम कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की।

    सुकुमारी ने 1956 में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी और लगभग पांच दशकों तक लगातार फिल्मों में सक्रिय रहीं। मलयालम, तमिल, तेलुगू, कन्नड़, हिंदी, बंगाली और अंग्रेजी जैसी कई भाषाओं की फिल्मों में उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनकी आखिरी फिल्म वर्ष 2019 में बताई जाती है, जिससे यह साफ होता है कि उनका फिल्मी सफर कितना लंबा और प्रभावशाली रहा है।

     कॉमेडी और अभिनय का बादशाह: ब्रह्मानंदम
    साउथ सिनेमा के सुपरहिट कॉमेडियन ब्रह्मानंदम ने भी अपने करियर में 1000 से अधिक फिल्मों में काम कर एक अलग ही पहचान बनाई है। उनकी कॉमिक टाइमिंग और एक्सप्रेशन ने उन्हें दर्शकों का चहेता बना दिया।

    बॉलीवुड और साउथ के दिग्गज कलाकारों की लंबी फिल्मी जर्नी
    भारतीय सिनेमा में कई ऐसे कलाकार भी रहे जिन्होंने सैकड़ों फिल्मों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और हर किरदार को यादगार बना दिया।

    शक्ति कपूर
    700 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय करने वाले शक्ति कपूर ने ज्यादातर विलेन और कॉमिक निगेटिव किरदारों से पहचान बनाई।

     ललिता पवार
    700 से अधिक फिल्मों में काम कर चुकी ललिता पवार अपने सख्त और प्रभावशाली किरदारों के लिए जानी जाती हैं।

    अनुपम खेर
    540 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके अनुपम खेर ने हर तरह के किरदार निभाकर अपनी versatility साबित की है।

    अरुणा ईरानी
    500 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाली अरुणा ईरानी ने वैम्प और सपोर्टिंग रोल्स में खास पहचान बनाई।

    निगेटिव रोल्स के मशहूर चेहरे

     गुलशन ग्रोवर
    400 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके गुलशन ग्रोवर बॉलीवुड के फेमस “बैडमैन” माने जाते हैं।

    सिनेमा के अन्य महान कलाकार

    मिथुन चक्रवर्ती
    350 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके मिथुन चक्रवर्ती को “डिस्को किंग” के नाम से जाना जाता है।

    अमरीश पुरी
    350 से ज्यादा फिल्मों में अपने दमदार विलेन और पिता के किरदारों से अमरीश पुरी ने अमिट छाप छोड़ी।

    ओम पुरी
    350 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय करने वाले ओम पुरी अपने गंभीर और रियलिस्टिक किरदारों के लिए मशहूर रहे।

    भारतीय सिनेमा की यह यात्रा साबित करती है कि यहां कलाकारों ने सिर्फ फिल्मों की संख्या नहीं बढ़ाई, बल्कि हर किरदार को जीवंत बनाया। खासकर सुकुमारी का 2500 फिल्मों का रिकॉर्ड आज भी एक ऐसी उपलब्धि है, जिसे पार करना बेहद मुश्किल माना जाता है। यह सूची इस बात का प्रमाण है कि मेहनत, निरंतरता और प्रतिभा मिलकर किसी कलाकार को इतिहास में अमर बना सकते हैं।

  • पेपर लीक बवाल के बीच तमिलनाडु के CM विजय बोले- 'NEET बंद हो… 12वीं के नंबर पर मिले एडमिशन

    पेपर लीक बवाल के बीच तमिलनाडु के CM विजय बोले- 'NEET बंद हो… 12वीं के नंबर पर मिले एडमिशन


    नई दिल्ली।
    नीट (NEET-UG 2026) परीक्षा को लेकर देशभर में बवाल मचा है. पेपर लीक (Paper Leak) के आरोपों ने सबको परेशान कर दिया है. इसी बीच तमिलनाडु (Tamil Nadu) के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (Chief Minister C. Joseph Vijay) ने बुधवार को अपनी बात मजबूती से रखी है. विजय ने साफ कहा है कि ‘मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए नीट परीक्षा बंद होनी चाहिए’. उनका कहना है कि ‘छात्रों को 12वीं के नंबरों के आधार पर ही मेडिकल में एडमिशन मिले’. इससे हर बच्चे को आगे बढ़ने का बराबर मौका मिलेगा।

    मुख्यमंत्री विजय ने सोशल मीडिया (X) पर परीक्षा के पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि पेपर लीक की खबरों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. विजय ने याद दिलाया कि साल 2024 में भी पेपर लीक हुआ था और 6 राज्यों में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसकी जांच बाद में सीबीआई को सौंपी गई. उन्होंने आगे कहा कि इसरो के पूर्व चेयरमैन डॉ. के. राधाकृष्णन की कमेटी ने सुधार के लिए 95 सुझाव भी दिए थे, लेकिन हैरानी की बात है कि महज दो साल के भीतर ही फिर से पेपर लीक हो गया और परीक्षा रद्द करनी पड़ी. ऐसे में सीएम विजय का मानना है कि इस तरह की घटनाएं उन लाखों बच्चों का भरोसा तोड़ देती हैं, जो डॉक्टर बनने का सपना लिए दिन-रात मेहनत में जुटे रहते हैं।

    तमिलनाडु काफी समय से नीट का विरोध कर रहा है. मुख्यमंत्री का कहना है कि जब इतने सुधारों के बाद भी सिस्टम सुरक्षित नहीं हो पा रहा, तो राज्यों को यह छूट मिलनी चाहिए कि वे 12वीं की मेरिट के आधार पर अपने यहां की सीटें भर सकें. साफ है कि अगर परीक्षा का सिस्टम ही सुरक्षित नहीं होगा, तो छात्रों का भविष्य खतरे में बना रहेगा।


    पेपर लीक मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई?

    नीट परीक्षा को लेकर विवाद तब और बढ़ गया जब धांधली की खबरों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द कर दी. अब इस पूरे मामले की जांच CBI कर रही है. सीबीआई और राजस्थान पुलिस ने मिलकर कई राज्यों में छापेमारी की है. इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जांच में पता चला है कि परीक्षा से पहले ही एक ‘गेस पेपर’ सोशल मीडिया और कोचिंग सेंटरों के जरिए छात्रों तक पहुंच गया था.

    जांच एजेंसियों ने जयपुर, गुरुग्राम और नासिक जैसे शहरों में एक्शन लेते हुए आरोपियों को पकड़ा है.आरोपियों को पकड़ने के साथ ही पुलिस ने उनके ठिकानों से कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस भी अपने कब्जे में लिए हैं. कोशिश यह है कि इस पूरे नेटवर्क और पेपर लीक की जड़ तक पहुंचा जा सके. जांच टीम अब इन डिवाइसों की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पेपर लीक का यह खेल कहां से शुरू हुआ और इसके तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं. मकसद सिर्फ आरोपियों को पकड़ना नहीं, बल्कि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है, ताकि आगे चलकर किसी भी परीक्षा में ऐसी धांधली न हो और बच्चों का भरोसा बना रहे.

    इस पूरे घोटाले को लेकर देशभर के छात्रों में भारी गुस्सा है. कई शहरों में छात्र संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी मांग है कि परीक्षा के इस सिस्टम को सुधारा जाए. छात्रों का कहना है कि ऐसी धांधली से मेहनत करने वाले बच्चों का करियर बर्बाद होता है. फिलहाल 22 लाख से ज्यादा मेडिकल छात्र इस विवाद की वजह से परेशान हैं. वे बस इस इंतजार में हैं कि आगे क्या होगा और उन्हें इंसाफ कब मिलेगा।