बताया जा रहा है कि परिवार की 19 वर्षीय नातिन अरुणा गुना के पीजी कॉलेज में पढ़ाई करती है और उसका इतिहास विषय का पेपर होने के कारण ही परिवार सुबह जल्दी लौट रहा था। इसी दौरान यह हादसा हो गया।
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शादी से लौटते वक्त हादसा, ड्राइवर को झपकी आने से कार पेड़ से भिड़ी
नई दिल्ली। गुना (बजरंगगढ़, सेमरी घाटी) मध्यप्रदेश के गुना जिले में बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सेमरी घाटी इलाके में एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सीधे पेड़ से जा टकराई। इस हादसे में शिवपुरी जिले के एक ही परिवार के 6 लोग घायल हो गए, जिनमें दो बच्चियां भी शामिल हैं। राहत की बात यह है कि सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।जानकारी के अनुसार, शिवपुरी जिले के लुकवासा निवासी श्रीकृष्ण रघुवंशी (73) अपने पूरे परिवार के साथ भोपाल में एक शादी समारोह में शामिल होकर वापस गुना लौट रहे थे। कार में परिवार के सभी सदस्य सवार थे। इसी दौरान सुबह के समय ड्राइवर को अचानक झपकी आ गई, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया और कार सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई।हादसे में श्रीकृष्ण रघुवंशी के साथ उनकी पत्नी रामवती (70), बेटे हरिओम (46) और हरिमोहन (40), तथा नातिन अरुणा (19) और मिल्की (9) घायल हो गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तुरंत रेस्क्यू कर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। सभी घायलों को ट्रामा वार्ड में भर्ती किया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।डॉक्टरों के अनुसार, समय पर उपचार मिलने के कारण सभी की हालत स्थिर है और किसी की स्थिति गंभीर नहीं है। हादसे के बाद परिवार में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई, लेकिन अब स्थिति नियंत्रण में है।
बताया जा रहा है कि परिवार की 19 वर्षीय नातिन अरुणा गुना के पीजी कॉलेज में पढ़ाई करती है और उसका इतिहास विषय का पेपर होने के कारण ही परिवार सुबह जल्दी लौट रहा था। इसी दौरान यह हादसा हो गया। -
कमलागंज सड़क हादसा: आइसक्रीम से भरी पिकअप मकान से टकराई, बड़ा नुकसान
नई दिल्ली। शिवपुरी (कमलागंज थीम रोड) शहर के कमलागंज थीम रोड इलाके में बुधवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जब आइसक्रीम से भरी एक बोलेरो पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने मकान से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मकान का छज्जा टूट गया और दीवार को भी नुकसान पहुंचा।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन तेज रफ्तार में था और अचानक चालक ने नियंत्रण खो दिया। इसके बाद बोलेरो सीधे मकान के छज्जे और दीवार से टकरा गई। जोरदार टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।हादसे में मकान का काफी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे मकान मालिक को नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि जिस समय यह घटना हुई, उस समय मकान के आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार वाहन चलते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। घटना के बाद लोगों में नाराजगी भी देखी गई और उन्होंने सड़क पर गति नियंत्रण के उपाय करने की मांग की। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और वाहन चालक की लापरवाही को लेकर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। -

‘नो एंट्री 2’ में बड़ा धमाका, वरुण-अर्जुन के साथ जुड़ सकते हैं शाहिद कपूर..
नई दिल्ली । बॉलीवुड की चर्चित कॉमेडी फ्रेंचाइज़ी की अगली कड़ी ‘नो एंट्री 2’ को लेकर इन दिनों लगातार नई चर्चाएं सामने आ रही हैं। फिल्म को लेकर जिस तरह से धीरे-धीरे कास्टिंग और कहानी से जुड़े अपडेट सामने आ रहे हैं, उसने दर्शकों के बीच उत्साह को काफी बढ़ा दिया है। खासकर अब जिस नए नाम को लेकर चर्चा तेज हुई है, उसने फिल्म को और भी ज्यादा चर्चित बना दिया है।No Entry 2
के लिए वरुण धवन और अर्जुन कपूर के नाम लगभग तय माने जा रहे हैं। दोनों कलाकारों की कॉमिक टाइमिंग को ध्यान में रखते हुए मेकर्स इस बार फिल्म को एक नए स्तर की कॉमेडी और कन्फ्यूजन से भरपूर बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं। इसी बीच अब तीसरे प्रमुख किरदार के लिए एक और बड़े अभिनेता का नाम सामने आ रहा है, जिससे फिल्म की स्टार पावर और भी मजबूत हो सकती है।खबरों के मुताबिक, शाहिद कपूर को फिल्म की स्क्रिप्ट सुनाई गई है और उन्हें कहानी का कॉमिक टोन काफी पसंद आया है। यदि सबकुछ योजना के अनुसार आगे बढ़ता है तो वह जल्द ही इस प्रोजेक्ट से जुड़ सकते हैं। उनकी एंट्री के बाद फिल्म में तीन अलग-अलग स्टाइल के कलाकारों की एक अनोखी तिकड़ी देखने को मिल सकती है, जो कॉमेडी के स्तर को और ऊपर ले जाएगी।
मेकर्स का मानना है कि इस बार फिल्म में सिर्फ हंसी-मजाक ही नहीं, बल्कि कन्फ्यूजन और परिस्थितिजन्य कॉमेडी का भी बड़ा डोज दिया जाएगा। ऐसे में अगर शाहिद कपूर, वरुण धवन और अर्जुन कपूर एक साथ स्क्रीन पर आते हैं, तो यह संयोजन दर्शकों के लिए एक बड़ा मनोरंजन पैकेज साबित हो सकता है।
बताया जा रहा है कि पहले इस प्रोजेक्ट में एक अन्य लोकप्रिय कलाकार को भी शामिल किया गया था, लेकिन बाद में उन्होंने किसी कारणवश फिल्म से दूरी बना ली। इसके बाद मेकर्स ने स्क्रिप्ट और कास्टिंग में कुछ बदलाव करते हुए नए विकल्पों पर विचार शुरू किया, जिससे वर्तमान लाइनअप तैयार हुआ।
इस फ्रेंचाइज़ी की पिछली फिल्म ने अपने समय में दर्शकों के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की थी। उस फिल्म में हास्य, भ्रम और रिश्तों की उलझनों को मजेदार तरीके से पेश किया गया था, जिसने इसे एक यादगार कॉमेडी फिल्म बना दिया था। अब मेकर्स उसी सफलता को नए कलाकारों और नए अंदाज के साथ दोहराने की कोशिश कर रहे हैं।
फिल्म की कहानी और कास्टिंग को लेकर अभी अंतिम आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन लगातार सामने आ रही खबरों ने दर्शकों की उम्मीदें जरूर बढ़ा दी हैं। अगर यह तिकड़ी एक साथ आती है तो यह फिल्म आने वाले समय की सबसे चर्चित कॉमेडी फिल्मों में से एक बन सकती है।
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पारिवारिक विवाद बना हिंसा, बेटे ने पिता पर किया हमला और दी जान से मारने की धमकी
नई दिल्ली। शिवपुरी (बैराड़ थाना क्षेत्र) मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। ग्राम गाजीगढ़ में जमीन के बंटवारे और केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) की एनओसी को लेकर हुए विवाद में एक बेटे ने अपने ही बुजुर्ग पिता के साथ मारपीट कर दी और जान से मारने की धमकी भी दी।घटना 12 मई की शाम की बताई जा रही है, जब 65 वर्षीय हरचरण धाकड़ अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान उनका बड़ा बेटा कमलकिशोर धाकड़ घर पहुंचा और जमीन के बंटवारे तथा केसीसी की एनओसी को लेकर विवाद करने लगा। देखते ही देखते बहस ने हिंसक रूप ले लिया और आरोपी बेटे ने गाली-गलौज करते हुए पिता को जमीन पर गिरा दिया।आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने बुजुर्ग पिता पर लात-घूंसों से हमला किया और डंडे से भी वार कर दिया, जिससे उनके माथे पर गंभीर चोट लग गई और खून निकल आया। घटना से घर में अफरा-तफरी मच गई।मौके पर छोटा बेटा रिंकू धाकड़ और गांव के प्रताप धाकड़ पहुंचे और बीच-बचाव कर किसी तरह स्थिति को शांत कराया। लेकिन जाते-जाते आरोपी बेटे ने पिता को जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे परिवार दहशत में आ गया।
घटना के बाद पीड़ित पिता ने बैराड़ थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी कमलकिशोर धाकड़ के खिलाफ मारपीट और धमकी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश के साथ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां संपत्ति विवाद ने पारिवारिक रिश्तों को दर्दनाक मोड़ दे दिया। -

सतना में अवैध शराब का भंडाफोड़, 126 लीटर शराब और बाइक के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली। सतना जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस और आबकारी विभाग ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में बड़ी सफलता हासिल की है। इन मामलों में कुल तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और करीब 126 लीटर अवैध शराब के साथ दो बाइक भी जब्त की गई हैं।पहली कार्रवाई कोलगवां थाना क्षेत्र की बाबूपुर चौकी पुलिस ने की, जहां गोरइया मोड़ के पास घेराबंदी कर दो सगे भाइयों को पकड़ा गया। आरोपी संदीप चौधरी (22) और संजय चौधरी (20), निवासी बराज, बाइक से अवैध शराब की तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने उनकी बाइक (MP 19 ZF 7595) को रोककर तलाशी ली, जिसमें प्लास्टिक की बोरियों में भरी 6 पेटी देशी शराब बरामद हुई।बरामद शराब की कुल मात्रा करीब 54 लीटर बताई गई है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 30 हजार रुपए आंकी गई है। वहीं आरोपियों की बाइक, जिसकी कीमत करीब 50 हजार रुपए बताई जा रही है, उसे भी जब्त कर लिया गया है। पूछताछ में दोनों भाइयों ने शराब की अवैध बिक्री के लिए सप्लाई की बात स्वीकार की है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया।दूसरी कार्रवाई आबकारी विभाग ने जिगनहट क्षेत्र के पास की, जहां एक आरोपी को बड़ी खेप के साथ पकड़ा गया। आरोपी संतू कोल (27), निवासी जवाहर नगर गली नंबर-7, बाइक (MP 19 ZQ 3518) पर अवैध शराब लेकर जा रहा था। जांच के दौरान उसके पास से तीन बड़े थैलों में भरी 72 लीटर शराब बरामद हुई।आबकारी विभाग के अनुसार, जब्त शराब और बाइक की कुल कीमत लगभग 1 लाख 30 हजार रुपए आंकी गई है। आरोपी के खिलाफ भी आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया गया है।पुलिस और आबकारी विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई से इलाके में अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अवैध नेटवर्क पर लगातार सख्त निगरानी रखी जा रही है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। -

कान्स रेड कार्पेट पर छाईं आलिया भट्ट, दुपट्टा लहराती रहीं लेकिन फोटोग्राफर्स का ध्यान नहीं खींच पाईं
नई दिल्ली ।कान्स फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर इस बार बॉलीवुड एक्ट्रेस Alia Bhatt अपने स्टाइलिश और ग्लैमरस अंदाज में नजर आईं। पीच कलर के खूबसूरत गाउन और साथ में दुपट्टा लहराते हुए उनका लुक काफी रॉयल और एलीगेंट दिखाई दे रहा था। जैसे ही उन्होंने रेड कार्पेट पर एंट्री की, उनका आत्मविश्वास और फैशन सेंस साफ तौर पर देखने को मिला।हालांकि इस बार माहौल थोड़ा अलग नजर आया। जहां आमतौर पर बड़े स्टार्स को रेड कार्पेट पर लगातार कैमरों और फोटोग्राफर्स का ध्यान मिलता है, वहीं इस मौके पर आलिया को वह खास फोकस नहीं मिला जिसकी उम्मीद की जाती है। वह कई पोज देती रहीं और अपने अंदाज से ध्यान खींचने की कोशिश करती नजर आईं, लेकिन कैमरा फ्लैश उतने सक्रिय नहीं दिखे।
इस पूरे दृश्य ने सोशल मीडिया पर भी चर्चा बढ़ा दी है। कुछ लोगों ने इसे सामान्य घटना बताया, तो कुछ ने इसे रेड कार्पेट के बदलते ट्रेंड से जोड़कर देखा। कई बार बड़े इवेंट्स में फोटोग्राफर्स का फोकस अलग-अलग सेलेब्रिटीज पर शिफ्ट हो जाता है, जिससे कुछ सितारे अपेक्षित ध्यान से चूक जाते हैं।
इसके बावजूद आलिया का लुक पूरी तरह से सुर्खियों में बना रहा। उनके आउटफिट की डिजाइनिंग, मेकअप और ओवरऑल प्रेजेंस को फैशन लवर्स ने काफी सराहा। दुपट्टे के साथ उनका वॉक और स्टाइलिश पोज देने का अंदाज एक बार फिर यह साबित करता है कि वह इंटरनेशनल इवेंट्स में भी अपनी मजबूत फैशन पहचान रखती हैं।
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राग शिवरंजनी का रहस्य: आखिर क्यों पुराने गानों की धुन सुनते ही रूह तक महसूस होता है मीठा दर्द?
नई दिल्ली । अक्सर हम किसी पुराने गाने को सुनते हैं और अचानक एक अजीब सी उदासी या मीठा दर्द दिल के किसी कोने में महसूस होने लगता है। संगीत प्रेमियों की यह हमेशा से शिकायत रही है कि आज के दौर के गानों में वह बात नहीं रही जो पुराने क्लासिक्स में हुआ करती थी। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि पहले के संगीतकार केवल धुन नहीं बनाते थे, बल्कि वे रागों के मनोविज्ञान को गहराई से समझते थे। उन्हें इस बात का सटीक ज्ञान था कि किस समय और किस भावना के लिए कौन सा राग इस्तेमाल करना है ताकि वह सीधे सुनने वाले की रूह तक पहुँच सके। यही कारण है कि दशकों बाद भी ‘मेरे नैना सावन भादों’ या ‘जाने कहां गए वो दिन’ जैसे गाने आज भी हमारे दिल के तारों को झंकृत कर देते हैं। इन गानों के पीछे का सबसे बड़ा रहस्य ‘राग शिवरंजनी’ है, जिसे बॉलीवुड का सबसे भावुक राग माना जाता है।राग शिवरंजनी की बनावट ही कुछ ऐसी है कि इसमें इस्तेमाल होने वाले सुर सीधे मानवीय संवेदनाओं से जुड़ते हैं। शास्त्रीय संगीत की दृष्टि से देखें तो इसमें केवल पांच सुरों— सा, रे, ग, प, ध— का प्रयोग होता है, जिसमें म और नी पूरी तरह वर्जित होते हैं। इस राग की सबसे बड़ी खासियत इसके कोमल ‘ग’ और कोमल ‘ध’ सुर हैं, जो सुनने वाले के भीतर एक मीठा विरह और करुण रस पैदा करते हैं। इस राग को गाने का सबसे उत्तम समय रात्रि का दूसरा पहर माना जाता है, जब चारों ओर सन्नाटा होता है और मन आध्यात्मिक शांति की तलाश में होता है। फिल्म संगीतकारों ने इस राग का उपयोग वहां किया है जहाँ उन्हें प्रेम की तड़प, जुदाई का गम या रूहानी सुकून दिखाना होता था।
अगर हम बॉलीवुड के 7 सबसे यादगार गानों की बात करें, तो आरडी बर्मन द्वारा संगीतबद्ध ‘मेरे नैना सावन भादों’ इस राग का सबसे सटीक उदाहरण है। किशोर कुमार की आवाज में जो तड़प महसूस होती है, वह इसी राग की देन है। इसी तरह राज कपूर पर फिल्माया गया ‘जाने कहां गए वो दिन’ आज भी पुराने दिनों की यादों को ताज़ा कर आंखों को नम कर देता है। शंकर-जयकिशन ने इस राग का बखूबी इस्तेमाल ‘आवाज देके हमें तुम बुलाओ’ और ‘दिल के झरोखे में तुझको बैठाकर’ जैसे गानों में किया, जहाँ विरह और प्रेम का एक अनोखा संगम देखने को मिलता है। यहाँ तक कि ‘बहारों फूल बरसाओ’ जैसा खुशी का गाना भी इसी राग पर आधारित है, लेकिन इसमें भी एक अनकही गहराई छिपी हुई है।
दिलचस्प बात यह है कि राग शिवरंजनी केवल दुख ही नहीं, बल्कि एक छिपा हुआ दर्द और भक्ति का भाव भी समेटे रहता है। लक्ष्मीकांत-प्यारे लाल का ‘तेरे मेरे बीच में कैसा है ये बंधन अंजाना’ या हेमंत कुमार का ‘कहीं दीप जले कहीं दिल’, ये सभी गाने सुनने वाले को एक अलग ही दुनिया में ले जाते हैं। संगीत के जानकारों का मानना है कि इन रागों का हमारे मूड पर सीधा असर होता है। यही वजह है कि जब हम किसी मानसिक तनाव या ब्रेकअप से गुजर रहे होते हैं, तो इन गानों को सुनने से हमें एक भावनात्मक सहारा मिलता है। आज के शोर-शराबे वाले संगीत के बीच, ये रागों पर आधारित मेलोडी हमें यह याद दिलाती हैं कि संगीत का असली मकसद कानों को नहीं, बल्कि आत्मा को छूना है। इन सात गानों को फिर से सुनना हमें उस सुनहरे दौर की याद दिलाता है जहाँ हर एक धुन के पीछे एक गहरा वैज्ञानिक और भावनात्मक आधार होता था।
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सतना में चोरी केस का पर्दाफाश, 6 मामलों के आरोपी की एक महीने बाद गिरफ्तारी
नई दिल्ली। सतना (सिविल लाइन थाना क्षेत्र) सतना पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक शातिर चोरी के आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी की पहचान बंटी उर्फ चट्टा के रूप में हुई है, जो न सिर्फ एक घर में हुई चोरी का मुख्य आरोपी है, बल्कि अन्य 6 चोरी के मामलों में भी पुलिस को उसकी तलाश थी।घटना 7 अप्रैल की है, जब वार्ड-1 अमौधा खुर्द निवासी 60 वर्षीय निशा सिंह अपने घर से बाहर थीं। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने सूने घर का फायदा उठाते हुए नकदी और सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए थे। घटना के बाद पीड़िता की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
करीब एक महीने तक चली जांच में पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल पा रहा था। इसी बीच मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दबिश देकर आरोपी बंटी उर्फ चट्टा (20), निवासी बसोर बस्ती-नारायण तालाब, थाना कोलगवां को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने निशा सिंह के घर में हुई चोरी की वारदात को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, अभी तक चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवर और नकदी की बरामदगी नहीं हो सकी है, जिससे पुलिस की जांच अभी जारी है।
टीआई योगेन्द्र सिंह परिहार के अनुसार, आरोपी एक शातिर अपराधी है और उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में दर्ज 5 अन्य चोरी के मामलों में भी तलाश की जा रही थी। उसकी गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी कामयाबी मान रही है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। अब पुलिस उससे जुड़े अन्य मामलों और फरार साथियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
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CBSE 12th Result 2026: क्या फेल हुआ डिजिटल सिस्टम? जानिए रिजल्ट लेट होने की असली वजह
नई दिल्ली। CBSE 12वीं रिजल्ट 2026 (CBSE 12th Result 2026) का इंतजार कर रहे लाखों छात्रों की बेचैनी लगातार बढ़ रही है। बोर्ड की ओर से अभी तक रिजल्ट जारी करने की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। इसी बीच ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम यानी OSM को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि कॉपियों के मूल्यांकन की डिजिटल प्रक्रिया में तकनीकी और संचालन संबंधी दिक्कतों की वजह से रिजल्ट में देरी हो रही है। हालांकि CBSE ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।क्या है ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम?
CBSE ने पिछले कुछ वर्षों में मूल्यांकन प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम लागू किया था। इस सिस्टम में उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर डिजिटल फॉर्म में परीक्षकों को भेजा जाता है। इसके बाद शिक्षक ऑनलाइन ही कॉपियां जांचते हैं। माना जाता है कि इससे रिजल्ट जल्दी तैयार होता है और मानवीय गलतियों की संभावना कम होती है। लेकिन इस बार कई शिक्षकों ने तकनीकी समस्याओं, सर्वर स्लो होने और लॉगिन दिक्कतों की शिकायत की है। इसी कारण रिजल्ट में देरी की चर्चा तेज हो गई है।कब जारी हो सकता है रिजल्ट?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक CBSE 12वीं का रिजल्ट मई के दूसरे या तीसरे सप्ताह में जारी किया जा सकता है। रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र CBSE की आधिकारिक वेबसाइट, DigiLocker और UMANG ऐप के जरिए अपना स्कोर चेक कर सकेंगे। बोर्ड की ओर से छात्रों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट पर जारी अपडेट पर भरोसा करें और अफवाहों से बचें। रिजल्ट जारी होने के बाद डिजिटल मार्कशीट भी उपलब्ध करा दी जाएगी। -

बॉक्स ऑफिस पर लुढ़की जुनैद-सई पल्लवी की केमिस्ट्री, आमिर खान बोले- फिल्म की हार को पर्सनली ले लेता हूँ
नई दिल्ली । बॉलीवुड के ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ कहे जाने वाले आमिर खान के बेटे जुनैद खान ने फिल्म ‘एक दिन’ के जरिए बड़े पर्दे पर अपनी शुरुआत तो की, लेकिन बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया है। सई पल्लवी जैसे बड़े नाम के साथ आई यह फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में नाकाम रही और अब बुरी तरह फ्लॉप होने की कगार पर है। एक मई को रिलीज हुई इस फिल्म ने पहले दिन महज 1.15 करोड़ रुपये की कमाई की थी, जिसके बाद इसकी रफ़्तार लगातार गिरती चली गई। फिल्म की इस करारी हार पर जुनैद खान ने पहली बार खुलकर बात की है और अपनी भावनाओं के साथ-साथ अपने पिता आमिर खान की मानसिक स्थिति का भी जिक्र किया है।जुनैद खान ने एक हालिया साक्षात्कार में बेहद परिपक्वता के साथ फिल्म की असफलता को स्वीकार किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि फिल्म उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई और लोगों को यह कहानी पसंद नहीं आई। जुनैद का मानना है कि कभी-कभी कड़ी मेहनत के बावजूद परिणाम आपके पक्ष में नहीं होते। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भले ही उन्हें इस प्रोजेक्ट पर काम करने में मजा आया और उन्होंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की, लेकिन अंततः दर्शकों का फैसला ही सर्वोपरि होता है। जुनैद ने अपनी बातचीत में यह भी संकेत दिया कि फिल्म की असफलता का उन्हें दुख तो है, लेकिन वह इसे अपने करियर के एक हिस्से के रूप में देख रहे हैं।
हालांकि, जुनैद से कहीं ज्यादा उनके पिता आमिर खान इस विफलता से प्रभावित नजर आ रहे हैं। जुनैद ने बताया कि आमिर खान इतने दशकों तक फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा रहने और अनगिनत उतार-चढ़ाव देखने के बावजूद, आज भी किसी फिल्म के फ्लॉप होने पर बहुत ज्यादा परेशान हो जाते हैं। जुनैद के अनुसार, आमिर खान किसी भी फिल्म की असफलता को बहुत गहराई से और व्यक्तिगत रूप से लेते हैं, खासकर तब जब उन्हें वह फिल्म खुद पसंद हो। आमिर अभी भी इस नतीजे से उदास हैं और खुद को व्यस्त रखकर इस गम से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। यह देखना दिलचस्प है कि एक मंझा हुआ कलाकार और निर्माता होने के बाद भी आमिर का सिनेमा के प्रति जुनून उन्हें आज भी विचलित कर देता है।
फिल्म ‘एक दिन’ के बजट और कमाई के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति काफी चिंताजनक दिखाई देती है। लगभग 18 से 25 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट में बनी यह फिल्म दुनियाभर में अब तक केवल 5.44 करोड़ रुपये ही कमा सकी है। आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी इस फिल्म से काफी उम्मीदें जुड़ी थीं, लेकिन यह लागत निकालने में भी पूरी तरह विफल रही। फिल्म की कहानी दिनेश (जुनैद) और मीरा (सई पल्लवी) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें जापान की यात्रा और एक दुर्लभ बीमारी के साथ भावनाओं का ताना-बाना बुना गया था। लेकिन कमजोर पटकथा या दर्शकों से जुड़ाव की कमी के चलते यह प्रेम कहानी बॉक्स ऑफिस पर अपनी जगह बनाने में नाकाम रही। सई पल्लवी के बयान कि उन्हें इस किरदार के लिए गलत कास्ट किया गया, ने भी फिल्म की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।