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  • पीएम मोदी की अपील का असर, लग्जरी कार छोड़ साइकिल से दफ्तर पहुंचने लगे जीएसटी अधिकारी

    पीएम मोदी की अपील का असर, लग्जरी कार छोड़ साइकिल से दफ्तर पहुंचने लगे जीएसटी अधिकारी

    नई दिल्ली । देशभर में ईंधन बचत को लेकर जागरूकता बढ़ाने की कोशिशों के बीच अब इसका असर सरकारी अधिकारियों के व्यवहार में भी दिखाई देने लगा है। राजधानी में तैनात एक वरिष्ठ जीएसटी अधिकारी ने पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के उद्देश्य से अपनी लग्जरी कार का इस्तेमाल बंद कर दिया है और अब वह रोजाना साइकिल से दफ्तर पहुंच रहे हैं। उनकी यह पहल चर्चा का विषय बन गई है और लोग इसे एक सकारात्मक संदेश के रूप में देख रहे हैं।

    जीएसटी विभाग में डिप्टी कमिश्नर के पद पर कार्यरत
    Narendra Yadav का मानना है कि मौजूदा समय में दुनिया कई आर्थिक और ऊर्जा संबंधी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने स्तर पर ऐसे कदम उठाए जिससे देश को लाभ पहुंच सके। उन्होंने कहा कि ईंधन की बचत केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए भी बेहद जरूरी है।

    उनके अनुसार, अगर लोग धीरे-धीरे छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाना शुरू करें तो इसका असर बड़े स्तर पर दिखाई दे सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि साइकिल का इस्तेमाल केवल ईंधन बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को भी बढ़ावा देता है। नियमित रूप से साइकिल चलाने से शरीर सक्रिय रहता है और स्वास्थ्य बेहतर होता है।

    उन्होंने लोगों से अपील की कि छोटी दूरी तय करने के लिए निजी वाहनों की बजाय साइकिल या सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग किया जाए। बाजार जाने, आसपास के काम निपटाने या छोटी यात्राओं के लिए साइकिल एक बेहतर विकल्प हो सकती है। इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या भी कम हो सकती है।

    फिटनेस अभियानों से जुड़े होने के कारण वह लंबे समय से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते रहे हैं। उनका कहना है कि आज का युवा देश का भविष्य है और वही विकसित भारत के सपने को साकार करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा। यदि युवा पीढ़ी फिटनेस और पर्यावरण दोनों के प्रति जागरूक बनेगी, तो इसका असर पूरे समाज पर दिखाई देगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने के कारण कई देशों में ऊर्जा संकट जैसी स्थिति देखने को मिल रही है। ऐसे माहौल में हर व्यक्ति को यह सोचना चाहिए कि वह अपने स्तर पर क्या योगदान दे सकता है। उनके अनुसार बड़े बदलाव हमेशा छोटी शुरुआत से ही आते हैं और व्यक्तिगत प्रयास मिलकर एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकते हैं।

    उनकी यह पहल अब लोगों के बीच प्रेरणा का विषय बन रही है। सोशल मीडिया से लेकर आम चर्चा तक, लोग इसे एक जिम्मेदार नागरिक के उदाहरण के रूप में देख रहे हैं। यह संदेश भी सामने आ रहा है कि यदि आम लोग और सरकारी अधिकारी मिलकर छोटे-छोटे बदलाव अपनाएं, तो ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा असर पैदा किया जा सकता है।

  • संजय बांगड़ बोले- गुजरात टाइटंस की गेंदबाजी सफलता के पीछे आशीष नेहरा की अहम भूमिका

    संजय बांगड़ बोले- गुजरात टाइटंस की गेंदबाजी सफलता के पीछे आशीष नेहरा की अहम भूमिका


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में Gujarat Titans की शानदार गेंदबाजी चर्चा का विषय बनी हुई है। अब भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर और कोच Sanjay Bangar ने भी टीम की सफलता का बड़ा श्रेय हेड कोच Ashish Nehra को दिया है। उनका कहना है कि गुजरात टाइटंस के गेंदबाजों पर नेहरा का गहरा प्रभाव साफ दिखाई देता है।

    ईएसपीएनक्रिकइंफो से बातचीत में Sanjay Bangar ने कहा कि आशीष नेहरा गेंदबाजों को सही दिशा देने और उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकलवाने में माहिर हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि Mohammed Siraj जब अपने शुरुआती दौर में थे, तब वे आज जैसे घातक गेंदबाज नहीं थे, लेकिन नेहरा के मार्गदर्शन में उनका खेल लगातार बेहतर हुआ।

    बांगड़ ने दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज Kagiso Rabada के प्रदर्शन में आए सुधार का श्रेय भी नेहरा को दिया। उन्होंने कहा कि 2019 और 2020 के बाद रबाडा का फॉर्म गिरा था, लेकिन गुजरात टाइटंस से जुड़ने के बाद वे फिर लय में लौटे हैं।

    उन्होंने कहा कि नेहरा हमेशा “टेस्ट मैच लेंथ” पर गेंदबाजी करने पर जोर देते हैं। यही रणनीति टी20 क्रिकेट में भी गुजरात के गेंदबाजों को लगातार सफलता दिला रही है। बांगड़ के मुताबिक, नेहरा का प्रभाव अक्सर उतना चर्चा में नहीं आता, जितना आना चाहिए।

    Mohit Sharma, Mohammed Shami और Jason Holder जैसे गेंदबाजों का उदाहरण देते हुए बांगड़ ने कहा कि इन खिलाड़ियों ने भी नेहरा के मार्गदर्शन में बेहतरीन प्रदर्शन किया।

    आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस की गेंदबाजी यूनिट सबसे मजबूत मानी जा रही है। टीम के कई गेंदबाज टॉप विकेट लेने वालों की सूची में शामिल हैं। Kagiso Rabada ने 12 मैचों में 21 विकेट, Rashid Khan ने 16 विकेट, Prasidh Krishna ने 14 विकेट, Jason Holder ने 13 विकेट और Mohammed Siraj ने भी 13 विकेट हासिल किए हैं। इन्हीं शानदार प्रदर्शनों के दम पर Gujarat Titans 16 अंकों के साथ अंकतालिका में शीर्ष स्थान पर बनी हुई है।

  • ‘दुनिया का दबाव भी भारत को झुका नहीं सका’, पीएम मोदी ने पोखरण परमाणु परीक्षण की याद दिलाकर दिया बड़ा संदेश

    ‘दुनिया का दबाव भी भारत को झुका नहीं सका’, पीएम मोदी ने पोखरण परमाणु परीक्षण की याद दिलाकर दिया बड़ा संदेश

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हाल ही में पोखरण परमाणु परीक्षण का जिक्र करते हुए भारत की ताकत और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि 1998 में जब भारत ने परमाणु परीक्षण किए थे, तब पूरी दुनिया की नजरें देश पर थीं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी दबाव बनाया गया था, लेकिन इसके बावजूद भारत अपने फैसले पर अडिग रहा। प्रधानमंत्री ने यह संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि कोई भी ताकत भारत को झुका नहीं सकती।

    प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में उस ऐतिहासिक पल को याद किया जब राजस्थान के पोखरण में भारत ने सफल परमाणु परीक्षण कर दुनिया को अपनी वैज्ञानिक और रणनीतिक क्षमता का एहसास कराया था। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक परीक्षण नहीं था, बल्कि भारत की मजबूत इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक था। उस समय वैश्विक दबाव और आलोचनाओं के बावजूद भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दी और दुनिया को यह दिखा दिया कि देश अपने फैसले खुद लेने की क्षमता रखता है।

    उन्होंने अपने संदेश में शक्ति और सामर्थ्य को लेकर एक संस्कृत श्लोक का भी उल्लेख किया और बताया कि केवल क्षमता होना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उसे सही दिशा और ऊर्जा के साथ उपयोग करना भी जरूरी है। उनके अनुसार शक्ति और सामर्थ्य का संतुलन ही किसी राष्ट्र को मजबूत बनाता है और यही भारत की सबसे बड़ी पहचान है।

    13 मई की तारीख भारत के इतिहास में विशेष महत्व रखती है क्योंकि इसी दिन पोखरण में परमाणु परीक्षणों की श्रृंखला को आगे बढ़ाया गया था। इससे पहले 11 मई 1998 को भारत ने पहली बार सफल परीक्षण कर दुनिया को चौंका दिया था। इसके बाद दो और परीक्षण किए गए, जिन्हें देश की वैज्ञानिक उपलब्धि और सुरक्षा नीति के लिहाज से बेहद अहम माना गया।

    इन परीक्षणों का उद्देश्य भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत करना और भविष्य की तकनीकी जरूरतों के लिए जरूरी आंकड़े जुटाना था। परीक्षण पूरी तरह नियंत्रित और भूमिगत तरीके से किए गए थे, जिससे किसी प्रकार का बाहरी खतरा पैदा नहीं हुआ। इस सफलता के बाद भारत को वैश्विक स्तर पर एक परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र के रूप में नई पहचान मिली।

    उस दौर में देश के नेतृत्व और वैज्ञानिकों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रही थी। राजनीतिक इच्छाशक्ति और वैज्ञानिक कौशल के मेल ने भारत को दुनिया के उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल कर दिया, जिनके पास परमाणु क्षमता मौजूद है। यही वजह है कि आज भी पोखरण परीक्षण को भारत के आत्मसम्मान और रणनीतिक मजबूती के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है।

    प्रधानमंत्री के इस बयान को केवल एक ऐतिहासिक घटना की याद के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे वर्तमान समय में भारत की वैश्विक स्थिति और आत्मविश्वास के संदेश के तौर पर भी समझा जा रहा है।

  • पेट्रोल कार को CNG में कन्वर्ट कराना सही या गलत? खर्च से लेकर माइलेज तक पूरी जानकारी

    पेट्रोल कार को CNG में कन्वर्ट कराना सही या गलत? खर्च से लेकर माइलेज तक पूरी जानकारी


    नई दिल्ली। देश में लगातार बढ़ती पेट्रोल कीमतों के कारण अब बड़ी संख्या में लोग अपनी पेट्रोल कार को CNG में कन्वर्ट करवाने पर विचार कर रहे हैं। CNG कारें कम खर्च में ज्यादा माइलेज देती हैं, इसलिए रोजाना लंबी दूरी तय करने वालों के लिए यह किफायती विकल्प माना जा रहा है। हालांकि, पेट्रोल कार में CNG किट लगवाने से पहले खर्च, सरकारी नियम, फायदे और नुकसान को समझना बेहद जरूरी है।
     हर कार में नहीं लग सकती CNG किट
    सरकारी नियमों के अनुसार, केवल 3.5 टन से कम वजन वाले वाहनों में ही CNG किट लगाई जा सकती है। आमतौर पर हैचबैक, सेडान और कई SUV मॉडल में CNG किट आसानी से फिट हो जाती है। लेकिन यदि कार का इंजन बहुत पुराना या खराब स्थिति में है, तो CNG लगवाना नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए पहले वाहन की तकनीकी जांच कराना जरूरी माना जाता है।
    कितना आता है खर्च?
    पेट्रोल कार में CNG किट लगवाने का खर्च आमतौर पर 35 हजार रुपए से 80 हजार रुपए तक हो सकता है। यह कीमत कार के मॉडल, इंजन क्षमता और किट की क्वालिटी पर निर्भर करती है।
    अच्छी और ब्रांडेड किट महंगी जरूर होती है, लेकिन सुरक्षा और बेहतर परफॉर्मेंस के लिहाज से ज्यादा भरोसेमंद मानी जाती है। लोकल और सस्ती किट लगवाने से बाद में इंजन और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में दिक्कतें आ सकती हैं।
    CNG के बड़े फायद
    रनिंग कॉस्ट काफी कम हो जाती है
    1 किलो CNG में बेहतर माइलेज मिलता है
    पेट्रोल के मुकाबले प्रदूषण कम होता है
    रोजाना ज्यादा चलने वाली कारों में बचत तेजी से होती है
    विशेषज्ञों के अनुसार, CNG कार चलाने का खर्च लगभग 2 से 3 रुपए प्रति किलोमीटर तक आता है, जो पेट्रोल कार की तुलना में काफी कम है।
     ये नुकसान भी जानिए
    हालांकि CNG के कुछ नुकसान भी हैं।
    कार की डिक्की में सिलेंडर लगने से बूट स्पेस कम हो जाता है
    कुछ वाहनों में पिकअप और पावर थोड़ी कम महसूस होती है
    गलत तरीके से किट फिट होने पर इंजन और ECU में खराबी आ सकती है
    कई कंपनियां आफ्टरमार्केट CNG किट लगवाने पर वारंटी खत्म कर देती हैं

    अधिकृत सेंटर से ही लगवाएं किट
    विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि CNG किट हमेशा सरकार से प्रमाणित और अधिकृत डीलर से ही लगवानी चाहिए। किट फिट होने के बाद उसका प्रमाणपत्र और बिल लेना जरूरी होता है। इसके बाद वाहन की RC में फ्यूल टाइप अपडेट करवाना पड़ता है। साथ ही इंश्योरेंस कंपनी को भी इसकी जानकारी देना जरूरी होता है, ताकि भविष्य में क्लेम से जुड़ी कोई परेशानी न आए।

     फैक्ट्री फिटेड CNG ज्यादा सुरक्षित
    आजकल कई ऑटो कंपनियां फैक्ट्री फिटेड CNG मॉडल लॉन्च कर रही हैं। इन्हें आफ्टरमार्केट किट की तुलना में ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद माना जाता है। नई कार खरीदने वाले लोग अब सीधे CNG मॉडल को प्राथमिकता दे रहे हैं।

  • वरुण धवन और समय रैना का मजेदार वीडियो वायरल, गाने के प्रमोशन पर हुई हंसी-ठिठोली

    वरुण धवन और समय रैना का मजेदार वीडियो वायरल, गाने के प्रमोशन पर हुई हंसी-ठिठोली


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म के प्रमोशन में व्यस्त हैं, और इसी दौरान उनका एक मजेदार वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। इस वीडियो में वह कॉमेडियन समय रैना के साथ नजर आ रहे हैं, जहां दोनों के बीच हल्की-फुल्की बातचीत और मजाकिया अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आ रहा है।

    वीडियो में वरुण धवन अपने नए गाने की कुछ लाइनें गुनगुनाते हुए दिखाई देते हैं और उत्साह में समय रैना से भी साथ देने की उम्मीद करते हैं। लेकिन समय रैना अपने खास ह्यूमर अंदाज में तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए माहौल को हल्का-फुल्का बना देते हैं।

    जैसे ही वरुण गाना शुरू करते हैं, समय मुस्कुराते हुए कहते हैं कि इस तरह से प्रमोशन काम नहीं करेगा। उनका यह जवाब सुनकर वरुण कुछ पल के लिए हैरान हो जाते हैं, लेकिन तुरंत माहौल को हंसी में बदल देते हैं।

    इसके बाद बातचीत और भी मजेदार हो जाती है, जब समय रैना यह कहते हैं कि अगर कोई गाना वाकई अच्छा होगा तो वह अपने आप ही लोगों तक पहुंच जाएगा। इस बात पर वरुण धवन भी हंस पड़ते हैं और मजाकिया अंदाज में अपनी प्रतिक्रिया देते हैं, जिससे पूरा माहौल और हल्का हो जाता है।

    दोनों की यह नोकझोंक न केवल मनोरंजक है, बल्कि यह भी दिखाती है कि प्रमोशन के आधुनिक तरीकों को लेकर कलाकारों के बीच भी अलग-अलग सोच हो सकती है। वीडियो में जिम का माहौल, दोनों की सहज बातचीत और बिना किसी औपचारिकता के किया गया संवाद दर्शकों को काफी वास्तविक और मजेदार लगा।

    फैंस ने इस वीडियो को काफी पसंद किया है और सोशल मीडिया पर इसे तेजी से शेयर किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि वरुण और समय की यह केमिस्ट्री बेहद स्वाभाविक और मनोरंजक है, जो बिना किसी स्क्रिप्ट के भी दर्शकों को जोड़ने में सक्षम है।

    वरुण धवन इन दिनों अपनी आगामी फिल्म के गानों और प्रमोशन में लगातार सक्रिय हैं। फिल्म एक रोमांटिक और कॉमेडी से भरपूर प्रोजेक्ट बताई जा रही है, जिसमें उनके साथ कई लोकप्रिय कलाकार भी नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन उनके पिता कर रहे हैं, जिससे इस प्रोजेक्ट को लेकर दर्शकों में पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है।

    इसी बीच समय रैना के साथ उनका यह हल्का-फुल्का वीडियो प्रमोशन का एक नया और दिलचस्प अंदाज पेश करता है, जिसने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

  • बिहार सरकार का बड़ा फैसला: 9 लाख कर्मचारियों-पेंशनर्स का DA बढ़ाकर 60% किया

    बिहार सरकार का बड़ा फैसला: 9 लाख कर्मचारियों-पेंशनर्स का DA बढ़ाकर 60% किया


    नई दिल्ली। पटना Samrat Choudhary सरकार ने बिहार के करीब 9 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाने का फैसला किया है। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में डीए को 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने को मंजूरी दे दी गई। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
    वित्त विभाग के अनुसार, इस फैसले से राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की मासिक आय में बढ़ोतरी होगी। महंगाई और बढ़ती जरूरतों के बीच इसे कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
    कैबिनेट बैठक में पांचवें वेतनमान के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भी फायदा दिया गया है। उनका महंगाई भत्ता 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इस कदम से पुरानी वेतन संरचना वाले कर्मचारियों को भी आर्थिक राहत मिलेगी।
    हाल ही में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आयोजित यह पहली कैबिनेट बैठक थी, जिसमें कुल 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें प्रशासनिक, शिक्षा, पुलिस व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई फैसले शामिल हैं।
    गृह विभाग के प्रस्ताव पर सरकार ने पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सीवान जिलों में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (SP) के पांच नए पद सृजित करने का निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।
    इसके अलावा वैशाली जिले में 100 एकड़ भूमि पर राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) स्थापित करने के लिए भूमि अधिग्रहण को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना से शिक्षा, रिसर्च और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
    शिक्षा विभाग से जुड़े एक मामले में सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए भोजपुर, आरा के तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मो. इरशाद अंसारी को गबन और अनियमितताओं के आरोप सिद्ध होने पर बर्खास्त कर दिया है।
    कैबिनेट ने बिहार इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति 2026 को भी मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि नई नीति से राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी। सरकार के इन फैसलों को प्रशासनिक सुधार और कर्मचारियों को राहत देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

  • दुखद खबर: Akhilesh Yadav के भाई प्रतीक यादव का निधन, डॉक्टरों ने कही बड़ी बात

    दुखद खबर: Akhilesh Yadav के भाई प्रतीक यादव का निधन, डॉक्टरों ने कही बड़ी बात


    नई दिल्ली। लखनऊ  समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav के छोटे भाई Prateek Yadav का बुधवार सुबह निधन हो गया। 38 वर्षीय प्रतीक को सुबह करीब 6 बजे गंभीर हालत में लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर फैल गई।

    सिविल अस्पताल के चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. डीसी पांडेय के अनुसार, जब प्रतीक यादव को अस्पताल लाया गया, तब तक उनकी धड़कन पूरी तरह बंद हो चुकी थी और पल्स भी डाउन थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए लखनऊ मेडिकल कॉलेज भेजा गया। प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम में शरीर पर किसी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। हालांकि मौत के कारण स्पष्ट नहीं होने की वजह से डॉक्टरों ने बिसरा सुरक्षित रख लिया है, ताकि आगे की जांच की जा सके।

    घटना के समय उनकी पत्नी और भाजपा नेता Aparna Yadav असम में थीं। वे मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गुवाहाटी गई थीं। पति के निधन की सूचना मिलते ही वे तुरंत लखनऊ पहुंचीं और सीधे घर रवाना हुईं।

    इस दौरान Dimple Yadav, Shivpal Singh Yadav समेत कई बड़े नेता और परिवारजन प्रतीक यादव के आवास पहुंचे। Akhilesh Yadav भी पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे और परिवार के सदस्यों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि यह परिवार के लिए बेहद दुखद क्षण है और आगे जो भी निर्णय परिवार लेगा, वही मान्य होगा।

    जानकारी के अनुसार, प्रतीक यादव पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। उन्हें 30 अप्रैल को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक वे पल्मोनरी एम्बोलिज्म जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे, जिसमें फेफड़ों की नसों में खून का थक्का जम जाता है और ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है।

    Prateek Yadav राजनीति से दूर रहते थे और रियल एस्टेट व फिटनेस बिजनेस से जुड़े थे। उन्होंने करीब 14 साल पहले Aparna Yadav से लव मैरिज की थी। दोनों की दो बेटियां हैं।

    फिलहाल उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों का पहुंचना जारी है। प्रशासन और पुलिस भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

  • बिजली उत्पादन को झटका: बॉयलर लीकेज के चलते 500 मेगावाट यूनिट ठप, 72 घंटे बाद शुरू होने की उम्मीद

    बिजली उत्पादन को झटका: बॉयलर लीकेज के चलते 500 मेगावाट यूनिट ठप, 72 घंटे बाद शुरू होने की उम्मीद


    नई दिल्ली। उमरिया (बिरसिंहपुर) उमरिया जिले के बिरसिंहपुर स्थित संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र की 500 मेगावाट क्षमता वाली एक यूनिट तकनीकी खराबी के कारण बंद कर दी गई है। बॉयलर ट्यूब में लीकेज सामने आने के बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यूनिट का संचालन रोक दिया गया, जिससे बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है।
    ताप विद्युत केंद्र के मुख्य अभियंता एच.के. त्रिपाठी ने बताया कि नियमित निरीक्षण के दौरान बॉयलर ट्यूब में लीकेज की समस्या पाई गई। तकनीकी टीम ने स्थिति का आकलन करने के बाद तत्काल यूनिट को शटडाउन करने का निर्णय लिया, ताकि किसी बड़े तकनीकी हादसे से बचा जा सके।
    यूनिट बंद होने के बाद मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम लगातार सुधार कार्य में जुटी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी खराबी को पूरी तरह दूर कर यूनिट को दोबारा शुरू करने में लगभग 70 से 72 घंटे का समय लग सकता है।
    भीषण गर्मी के मौसम में बिजली की मांग पहले से ही काफी बढ़ी हुई है। ऐसे समय में 500 मेगावाट यूनिट बंद होने से बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि बिजली विभाग वैकल्पिक स्रोतों से सप्लाई संतुलित रखने की कोशिश कर रहा है।
    ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी उत्पादन क्षमता वाली यूनिट बंद होने से ग्रिड प्रबंधन और सप्लाई सिस्टम पर असर पड़ सकता है, खासकर पीक आवर्स में बिजली कटौती की स्थिति भी बन सकती है।
    फिलहाल बिजली उत्पादन को जल्द बहाल करने के लिए तकनीकी टीम लगातार निगरानी और मरम्मत कार्य में लगी हुई है।

  • ‘इशिता’ की तारीफ में बोलीं रुहानिका धवन: दिव्यांका त्रिपाठी हैं असली आयरन वुमन..

    ‘इशिता’ की तारीफ में बोलीं रुहानिका धवन: दिव्यांका त्रिपाठी हैं असली आयरन वुमन..


    नई दिल्ली । लोकप्रिय टीवी शो ‘ये है मोहब्बतें’ में मां-बेटी की भावनात्मक कहानी से दर्शकों का दिल जीतने वाली जोड़ी आज भी लोगों की यादों में ताजा है। इसी बीच शो में ‘रूही भल्ला’ का किरदार निभाने वाली रुहानिका धवन ने अपनी ऑन-स्क्रीन मां ‘इशिता भल्ला’ यानी दिव्यांका त्रिपाठी को लेकर दिल से निकली हुई तारीफ साझा की है।

    रुहानिका ने दिव्यांका को ‘आयरन वुमन’ बताते हुए कहा कि उनके अंदर एक ऐसी मजबूती है, जो हर चुनौती का सामना सहजता से कर सकती हैं। उनके अनुसार दिव्यांका न केवल एक बेहतरीन कलाकार हैं, बल्कि एक ऐसे व्यक्तित्व की मालकिन भी हैं जो मुश्किल परिस्थितियों में भी धैर्य और आत्मविश्वास बनाए रखना सिखाती हैं।

    उन्होंने यह भी बताया कि शूटिंग के दौरान दिव्यांका उनके लिए सिर्फ एक सह-कलाकार नहीं थीं, बल्कि एक मार्गदर्शक और मां जैसी थीं। छोटे-छोटे सीन से लेकर भावनात्मक दृश्यों तक, हर जगह दिव्यांका ने उन्हें समझाया और सिखाया कि कैसे बिना घबराए खुद को संभालते हुए परफॉर्म करना चाहिए। इस अनुभव ने उनके आत्मविश्वास को काफी मजबूत किया।

    रुहानिका के अनुसार शो के दौरान दोनों के बीच एक ऐसा रिश्ता बन गया था, जो कैमरे से परे भी कायम रहा। आज भी वह दिव्यांका का उतना ही सम्मान करती हैं और उनके प्रति वही अपनापन महसूस करती हैं, जैसा शूटिंग के दिनों में था।

    गौरतलब है कि रुहानिका ने बेहद कम उम्र में इस शो से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी, जबकि दिव्यांका ने ‘इशिता अय्यर भल्ला’ के किरदार से घर-घर में पहचान बनाई। यह शो लंबे समय तक दर्शकों के बीच लोकप्रिय रहा और इसकी कहानी और किरदारों ने गहरी छाप छोड़ी।

    अब बड़ी हो चुकी रुहानिका ने यह भी बताया है कि वह जल्द ही एक रियलिटी शो में नजर आने वाली हैं, जिसमें वह सबसे कम उम्र की प्रतिभागियों में से एक होंगी। उनके इस नए सफर को लेकर भी दर्शकों में उत्साह देखने को मिल रहा है।

  • झुरही जंगल में भीषण आग से हड़कंप, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

    झुरही जंगल में भीषण आग से हड़कंप, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल


    नई दिल्ली। सिंगरौली जिले के झुरही क्षेत्र स्थित सजहर जंगल में बुधवार को भीषण आग लगने से वन क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आग इतनी भयावह थी कि घंटों तक जंगल धधकता रहा और कई इमारती व हरे-भरे पेड़ जलकर राख हो गए। घटना का वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
    स्थानीय लोगों के अनुसार, जंगल में सुबह से ही आग लगी हुई थी, लेकिन शुरुआती समय में उस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं पाया जा सका। दोपहर बाद तेज हवाओं के चलते आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। दूर-दूर तक उठती आग की लपटें और काले धुएं का गुबार साफ दिखाई दे रहा था।
    घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें जंगल के कई पेड़ों को जलते हुए देखा जा सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम किए जाते तो इतना बड़ा नुकसान टाला जा सकता था।
    यह जंगल बरगवां, जियावन और सरई वन क्षेत्रों के बीच स्थित है, जहां बड़ी संख्या में वन संपदा और वन्य जीव मौजूद हैं। आग के कारण पेड़ों के साथ-साथ वन्य जीवों और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
    स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए वन विभाग की लापरवाही पर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जंगलों में आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन रोकथाम के लिए प्रभावी इंतजाम नजर नहीं आते।
    उधर, उपवन मंडल अधिकारी ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई थी और आग पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास किए गए। विभाग की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है और आग लगने के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। अधिकारी ने कहा कि जांच में यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।