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  • जॉर्डन मिसाइल हमले के बाद अमेरिका का पलटवार, ईरान पर फिर शुरू हुई एयरस्ट्राइक

    जॉर्डन मिसाइल हमले के बाद अमेरिका का पलटवार, ईरान पर फिर शुरू हुई एयरस्ट्राइक


    नई दिल्ली। जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाने की कथित कोशिश के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक बार फिर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गुरुवार रात ईरान के भीतर कई सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की गई, जिससे कुछ समय के लिए रुका सैन्य अभियान दोबारा शुरू हो गया।

    रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की कि ईरान के भीतर कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। इससे पहले इस सप्ताह ईरान की ओर से जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने का दावा किया गया था।

    मिसाइल हमले के जवाब में सैन्य कार्रवाई
    अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ईरान से दागी गई सभी मिसाइलों को बीच रास्ते में ही निष्क्रिय कर दिया गया और किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। अमेरिकी सेना ने इसे मध्य-पूर्व में तैनात अपने सैनिकों पर हमला करने की कोशिश बताया। CENTCOM ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि गुरुवार रात (अमेरिकी समयानुसार) ईरान के खिलाफ जवाबी हवाई अभियान शुरू किया गया। सेना का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिकी ठिकानों पर कथित मिसाइल हमले के जवाब में की गई है।

    ट्रंप ने दी थी कड़ी चेतावनी
    एयरस्ट्राइक शुरू होने से कुछ घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया था कि अमेरिकी सैनिकों पर किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा था कि यदि अमेरिकी हितों को निशाना बनाया गया तो जिम्मेदार पक्ष को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

    इराक में भी संयुक्त अभियान
    इस बीच अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के खिलाफ संयुक्त हवाई अभियान भी चलाया। पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 20 लोगों की मौत हुई है।

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि कार्रवाई के दौरान पूर्वी इराक में मिलिशिया के हथियार भंडार और लॉजिस्टिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिका का आरोप है कि पिछले तीन दिनों में उसके सैन्य ठिकानों और सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर 30 से अधिक ड्रोन हमलों के पीछे ईरान समर्थित इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का हाथ है।

    कूटनीतिक प्रयासों के बीच बढ़ा तनाव
    हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थों के जरिए अप्रत्यक्ष बातचीत की खबरें भी सामने आई थीं। इसी वजह से अमेरिका ने पिछले सप्ताह अपने हवाई अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया था, ताकि कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं का आकलन किया जा सके। हालांकि, जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर कथित मिसाइल हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया और अमेरिका ने दोबारा सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी।

    नेतन्याहू से मुलाकात के बाद तेज हुई रणनीति
    अमेरिका की ताजा कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में व्हाइट हाउस में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं के बीच ईरान को लेकर व्यापक चर्चा हुई थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बैठक में कूटनीति, आर्थिक प्रतिबंध और सैन्य विकल्पों सहित कई संभावित रणनीतियों पर विचार किया गया।

  • राहु 2 अगस्त को बदलेंगे नक्षत्र, मंगल के प्रभाव से मेष समेत इन 4 राशियों की चमकेगी किस्‍मत

    राहु 2 अगस्त को बदलेंगे नक्षत्र, मंगल के प्रभाव से मेष समेत इन 4 राशियों की चमकेगी किस्‍मत


    नई दिल्ली। सावन माह की शुरुआत के साथ ही ग्रह-नक्षत्रों में भी महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहे हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार, 2 अगस्त 2026 को राहु अपने स्वामित्व वाले शतभिषा नक्षत्र से निकलकर मंगल के स्वामित्व वाले धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष शास्त्र में राहु को अप्रत्याशित परिणाम देने वाला ग्रह माना जाता है। ऐसे में यह नक्षत्र परिवर्तन कुछ राशियों के लिए करियर, धन और सफलता के नए अवसर लेकर आ सकता है।

    धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल हैं, जो साहस, ऊर्जा और भूमि से जुड़े कार्यों के कारक माने जाते हैं। इसलिए राहु का यह गोचर कई लोगों के लिए उन्नति और आर्थिक लाभ के संकेत दे रहा है।

    मेष राशि
    मेष राशि के स्वामी मंगल होने से राहु का यह नक्षत्र परिवर्तन शुभ परिणाम देने वाला माना जा रहा है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने लगेंगे। नया कारोबार या नया प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है।

    मिथुन राशि
    मिथुन राशि के जातकों के लिए यह गोचर भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। विदेश यात्रा, विदेशी व्यापार या दूरस्थ क्षेत्रों से जुड़े कार्यों में लाभ मिलने के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या वेतन वृद्धि के अवसर मिल सकते हैं। समाज में सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ने की भी संभावना है।

    तुला राशि
    तुला राशि वालों के लिए यह समय संपत्ति और निवेश के लिहाज से लाभकारी माना जा रहा है। जमीन, मकान या वाहन खरीदने की योजना साकार हो सकती है। पुराने निवेश से अच्छा लाभ मिलने के योग हैं। प्रतियोगी परिस्थितियों में सफलता मिलने और विरोधियों पर बढ़त बनाने के संकेत भी हैं।

    कुंभ राशि
    धनिष्ठा नक्षत्र का संबंध कुंभ राशि से भी माना जाता है। ऐसे में राहु का यह परिवर्तन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। करियर में नई उपलब्धियां मिल सकती हैं। टेक्नोलॉजी, रिसर्च और मीडिया से जुड़े लोगों के लिए समय विशेष रूप से अनुकूल रह सकता है। लंबे समय से अटका धन मिलने की संभावना भी बन सकती है।

    राहु के शुभ प्रभाव के लिए करें ये उपाय
    – शनिवार के दिन पक्षियों को बाजरा या सप्तधान्य खिलाएं।
    – नियमित रूप से ‘ॐ रां राहवे नमः’ मंत्र की एक माला का जाप करें।
    – भगवान शिव का जलाभिषेक करें और शिवलिंग पर काले तिल अर्पित करें।

  • भगवान विष्णु का गुरुवार व्रत कैसे रखें जानिए संपूर्ण व्रत विधि पूजा के नियम और सुख समृद्धि पाने के अचूक उपाय

    भगवान विष्णु का गुरुवार व्रत कैसे रखें जानिए संपूर्ण व्रत विधि पूजा के नियम और सुख समृद्धि पाने के अचूक उपाय


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में भगवान विष्णु को सृष्टि के पालनहार और जगत के रक्षक के रूप में पूजा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है। इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत तथा पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में सुख समृद्धि धन वैभव और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ऐसी मान्यता है कि श्रीहरि की कृपा से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं परिवार में खुशहाली आती है और करियर तथा व्यापार में सफलता के नए मार्ग खुलते हैं। जिन लोगों की कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर होता है उनके लिए भी यह व्रत अत्यंत लाभकारी माना गया है।

    व्रत की शुरुआत प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने से करनी चाहिए। स्नान के बाद स्वच्छ और संभव हो तो पीले रंग के वस्त्र धारण करें। घर के पूजा स्थल की साफ सफाई कर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। इसके बाद जल गंगाजल अक्षत हल्दी चंदन पीले पुष्प तुलसी दल और पीले फल अर्पित करें। भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय मानी जाती है इसलिए पूजा में तुलसी दल अवश्य चढ़ाएं। घी का दीपक जलाकर धूप अर्पित करें और श्रद्धा के साथ विष्णु सहस्रनाम विष्णु चालीसा या ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। पूजा के अंत में आरती कर परिवार की सुख समृद्धि और मंगल की कामना करें।

    व्रत के दौरान सात्विक आहार का विशेष महत्व होता है। कई श्रद्धालु पूरे दिन निर्जल या फलाहार व्रत रखते हैं जबकि कुछ लोग केवल एक समय सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। भोजन में चने की दाल बेसन से बने व्यंजन पीले चावल केला केसर युक्त खीर या अन्य सात्विक पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं। इस दिन मांस मदिरा लहसुन प्याज और तामसिक भोजन का सेवन पूरी तरह वर्जित माना गया है। साथ ही क्रोध झूठ और कटु वचन से भी बचने की सलाह दी जाती है क्योंकि भगवान विष्णु शांत और सरल स्वभाव के प्रतीक माने जाते हैं।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार के दिन दान का भी विशेष महत्व है। इस दिन पीले वस्त्र हल्दी चने की दाल केला केसर या पीली मिठाई का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना और गौ सेवा करना भी पुण्यदायी माना गया है। कहा जाता है कि दान और सेवा से भगवान विष्णु शीघ्र प्रसन्न होते हैं और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होने लगती हैं।

    व्रत के दौरान कुछ नियमों का पालन करना भी आवश्यक माना गया है। इस दिन बाल कटवाने नाखून काटने और अनावश्यक विवाद से बचना चाहिए। घर में सकारात्मक वातावरण बनाए रखें और किसी का अपमान न करें। यदि संभव हो तो धार्मिक ग्रंथों का पाठ करें और अधिक से अधिक समय भगवान के स्मरण में बिताएं। विवाहित दंपति यदि श्रद्धापूर्वक यह व्रत करते हैं तो दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ती है और परिवार में सुख शांति बनी रहती है।

    मान्यता है कि जो श्रद्धालु लगातार श्रद्धा विश्वास और नियमों के साथ भगवान विष्णु का गुरुवार व्रत करते हैं उन्हें श्रीहरि की विशेष कृपा प्राप्त होती है। उनके जीवन से आर्थिक संकट दूर होते हैं मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और घर में सुख समृद्धि तथा वैभव का स्थायी वास होता है। इसलिए यदि आप अपने जीवन में सफलता शांति और समृद्धि चाहते हैं तो भगवान विष्णु के व्रत को पूरी श्रद्धा और विधि विधान के साथ अवश्य करें।

  • सावन के पावन गुरुवार पर अपनाएं यह विशेष पूजा विधि विष्णु कृपा से चमकेगा भाग्य और घर में आएगी खुशहाली

    सावन के पावन गुरुवार पर अपनाएं यह विशेष पूजा विधि विष्णु कृपा से चमकेगा भाग्य और घर में आएगी खुशहाली


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवताओं के गुरु बृहस्पति देव की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। यह दिन ज्ञान धर्म समृद्धि वैवाहिक सुख संतान सुख और आर्थिक उन्नति का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि जो श्रद्धालु इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक भगवान विष्णु की पूजा करते हैं उन पर श्रीहरि की विशेष कृपा बनी रहती है और जीवन की अनेक परेशानियां धीरे धीरे समाप्त होने लगती हैं। वहीं जिन लोगों की कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर होता है उन्हें भी गुरुवार का व्रत और पूजा विशेष लाभ पहुंचाती है।

    गुरुवार की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ पीले या हल्के रंग के वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के मंदिर की अच्छी तरह सफाई कर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। पूजा के दौरान भगवान को पीले फूल हल्दी चंदन केसर पीले फल केले और बेसन या चने की दाल से बने प्रसाद का भोग अर्पित करें। इसके बाद घी का दीपक जलाकर धूप अर्पित करें और विष्णु सहस्रनाम विष्णु चालीसा या ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें। यदि संभव हो तो देवगुरु बृहस्पति के मंत्रों का भी जाप करें जिससे गुरु ग्रह मजबूत होता है और शुभ फल प्राप्त होते हैं।

    गुरुवार के दिन व्रत रखने का भी विशेष महत्व बताया गया है। व्रत रखने वाले श्रद्धालु दिनभर सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं और कई लोग केवल एक समय पीले रंग का भोजन करते हैं। भोजन में चने की दाल बेसन की रोटी केसर युक्त खीर या पीले चावल का सेवन शुभ माना जाता है। इस दिन तामसिक भोजन मांस मदिरा और लहसुन प्याज का सेवन नहीं करना चाहिए।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार को पीली वस्तुओं का दान करने से भी विशेष पुण्य मिलता है। गरीब और जरूरतमंद लोगों को चने की दाल हल्दी पीले वस्त्र केला या केसर का दान करना शुभ माना जाता है। साथ ही किसी योग्य ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और घर में सुख समृद्धि का वास होता है।

    गुरुवार के दिन कुछ विशेष नियमों का पालन भी करना चाहिए। इस दिन बाल कटवाने नाखून काटने और अनावश्यक क्रोध करने से बचना चाहिए। महिलाओं को इस दिन बाल धोने से भी परहेज करने की सलाह दी जाती है हालांकि इस विषय में अलग अलग परंपराएं प्रचलित हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पूरे दिन सकारात्मक विचार रखें और किसी का अपमान या अनादर न करें।

    मान्यता है कि जो व्यक्ति लगातार श्रद्धा और विश्वास के साथ गुरुवार की पूजा और व्रत करता है उसके जीवन में धन धान्य सुख शांति और वैभव का आगमन होता है। भगवान विष्णु की कृपा से परिवार में प्रेम बना रहता है कार्यों में सफलता मिलती है और जीवन की बाधाएं धीरे धीरे समाप्त होने लगती हैं। इसलिए यदि आप भी अपने जीवन में सुख समृद्धि और सकारात्मक बदलाव चाहते हैं तो गुरुवार के दिन पूरे विधि विधान से भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा अवश्य करें।

  • रोज-रोज की रोटी से बच्चे हो गए बोर? बची हुई रोटियों से तैयार करें ये 7 टेस्टी और पौष्टिक रेसिपीज

    रोज-रोज की रोटी से बच्चे हो गए बोर? बची हुई रोटियों से तैयार करें ये 7 टेस्टी और पौष्टिक रेसिपीज


    नई दिल्ली। घर में अक्सर रात की बनी कुछ रोटियां बच जाती हैं, लेकिन अगले दिन वही रोटियां बच्चों को परोसना आसान नहीं होता। कई बच्चे बासी रोटी खाने से मना कर देते हैं, जिससे खाना बर्बाद होने की नौबत आ जाती है। ऐसे में थोड़ी सी रचनात्मकता और कुछ सामान्य सामग्री की मदद से बची हुई रोटियों को स्वादिष्ट और पौष्टिक डिश में बदला जा सकता है। ये रेसिपीज न केवल बच्चों को पसंद आएंगी, बल्कि लंच बॉक्स और शाम के नाश्ते के लिए भी बेहतरीन विकल्प बन सकती हैं।

    सबसे आसान विकल्प टोफू रोटी रोल है। टोफू के छोटे-छोटे टुकड़ों को प्याज और हल्के मसालों के साथ भूनकर तैयार करें। रोटी पर हरी चटनी या टोमैटो सॉस लगाकर इसमें टोफू की स्टफिंग भरें और रोल बनाकर हल्का सेंक लें। यह प्रोटीन से भरपूर और स्वादिष्ट स्नैक बन जाता है।

    चना रोटी रोल भी बच्चों के लिए हेल्दी विकल्प है। उबले हुए चनों को हल्का मैश करके उसमें प्याज, टमाटर, धनिया और मसाले मिलाएं। इस मिश्रण को रोटी पर फैलाकर रोल तैयार करें और तवे पर हल्का सेंक लें। चटनी या दही के साथ इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।

    अगर घर में राजमा बचा हुआ है तो उससे भी शानदार रोल बनाया जा सकता है। राजमा को मैश कर उसमें प्याज, टमाटर और मसाले मिलाएं। तैयार मिश्रण को रोटी में भरकर रोल बना लें। ऊपर से थोड़ा नींबू का रस डालने से इसका स्वाद और ताजगी बढ़ जाती है।

    दाल रोटी चीला भी बची हुई रोटियों का बेहतरीन उपयोग है। भीगी हुई मूंग दाल का गाढ़ा घोल तैयार करें और उसमें नमक व मसाले मिलाएं। इस घोल को रोटी पर फैलाकर दोनों तरफ से तवे पर सेंक लें। कुरकुरा बनने के बाद इसे हरी चटनी या दही के साथ परोसा जा सकता है।

    पनीर भुर्जी रोटी रोल बच्चों का पसंदीदा विकल्प बन सकता है। पनीर को प्याज, टमाटर और हल्के मसालों के साथ भूनकर भुर्जी तैयार करें। इसे रोटी में भरकर रोल बना लें। यह टिफिन के लिए भी सुविधाजनक और पौष्टिक विकल्प माना जाता है।

    सोया रोटी रोल भी प्रोटीन से भरपूर रेसिपी है। भीगे हुए सोया ग्रेन्यूल्स को प्याज और मसालों के साथ पकाकर तैयार करें। इसे रोटी में भरकर हल्का सेंक लें। यह लंबे समय तक पेट भरा रखने वाला और स्वादिष्ट स्नैक साबित हो सकता है।

    हरी मूंग रोटी रोल भी कम समय में तैयार होने वाली हेल्दी डिश है। उबली हुई हरी मूंग को मैश कर उसमें प्याज, टमाटर, काली मिर्च और नमक मिलाएं। रोटी पर हरी चटनी लगाकर यह मिश्रण भरें और रोल बना लें। यह बच्चों के साथ-साथ बड़ों के लिए भी पौष्टिक नाश्ता बन सकता है।

    बची हुई रोटियों को फेंकने के बजाय इस तरह नए स्वाद में बदलकर न केवल भोजन की बर्बादी रोकी जा सकती है, बल्कि बच्चों को पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन भी परोसा जा सकता है। थोड़ी सी तैयारी के साथ ये सभी रेसिपीज कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाती हैं और पूरे परिवार को पसंद आ सकती हैं।

  • एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 3 मजबूत सिस्टम एक्टिव, 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 3 मजबूत सिस्टम एक्टिव, 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून फिर से पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रदेश के ऊपर मानसून ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और शियर जोन जैसे तीन मजबूत मौसम सिस्टम सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से अगले चार दिनों तक विशेष रूप से मालवा-निमाड़ क्षेत्र सहित कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है।

    मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए उज्जैन और सागर संभाग समेत 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे अधिक वर्षा होने की संभावना जताई गई है।

    5 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी
    आईएमडी भोपाल के अनुसार धार, देवास, बुरहानपुर, हरदा और नर्मदापुरम जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां अति भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, रायसेन, सागर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और सिवनी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है।

    2 अगस्त तक बना रहेगा असर
    मौसम विभाग का कहना है कि वर्तमान मानसूनी सिस्टम 2 अगस्त तक सक्रिय रहेंगे। इस दौरान कई जिलों में लगातार तेज बारिश और कुछ स्थानों पर अति भारी वर्षा हो सकती है। बुधवार को रतलाम, बालाघाट, पचमढ़ी और भोपाल समेत कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।

    अब भी सामान्य से 16% कम बारिश
    बारिश का दौर तेज होने के बावजूद प्रदेश में अब तक सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य प्रदेश में अब तक औसतन 14.1 इंच (359.3 मिमी) बारिश हुई है, जबकि इस समय तक 16.9 इंच (428.9 मिमी) वर्षा होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में फिलहाल करीब 16 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, अगले कुछ दिनों तक जारी रहने वाले तेज बारिश के दौर से इस कमी में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • सावन व्रत में रोज-रोज साबूदाना खिचड़ी से हो गए हैं बोर? इस बार बनाएं साबूदाने की 5 स्वादिष्ट और आसान रेसिपी

    सावन व्रत में रोज-रोज साबूदाना खिचड़ी से हो गए हैं बोर? इस बार बनाएं साबूदाने की 5 स्वादिष्ट और आसान रेसिपी

    नई दिल्ली । सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही देशभर के शिव भक्त भगवान भोलेनाथ की आराधना के साथ व्रत और पूजा-पाठ में जुट जाते हैं। इस दौरान अधिकतर घरों में व्रत के भोजन के रूप में साबूदाना सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, कई दिनों तक लगातार साबूदाना खिचड़ी खाने से लोग एक जैसा स्वाद महसूस करने लगते हैं। ऐसे में यदि आप व्रत के दौरान अपने भोजन में कुछ नया और स्वादिष्ट शामिल करना चाहते हैं, तो साबूदाने से कई आसान और लाजवाब व्यंजन तैयार किए जा सकते हैं। ये रेसिपी स्वाद बढ़ाने के साथ व्रत के भोजन में विविधता भी लाती हैं।

    साबूदाना वड़ा व्रत के दौरान सबसे लोकप्रिय विकल्पों में से एक माना जाता है। इसे बनाने के लिए भीगे हुए साबूदाने में उबले आलू, भुनी मूंगफली का चूरा, सेंधा नमक और हरी मिर्च मिलाकर छोटे-छोटे वड़े तैयार किए जाते हैं। इन्हें हल्का तलकर या कम तेल में सेंककर दही अथवा व्रत वाली चटनी के साथ परोसा जा सकता है। यह बाहर से कुरकुरा और अंदर से मुलायम होता है।

    अगर व्रत में मीठा खाने की इच्छा हो तो साबूदाना खीर एक बेहतरीन विकल्प है। दूध में साबूदाना अच्छी तरह पकाकर उसमें चीनी या स्वादानुसार मिठास, इलायची और कटे हुए मेवे मिलाए जाते हैं। यह रेसिपी स्वादिष्ट होने के साथ ऊर्जा भी प्रदान करती है और परिवार के सभी सदस्यों को पसंद आती है।

    कुरकुरे स्नैक पसंद करने वालों के लिए साबूदाना पापड़ भी अच्छा विकल्प है। इसे पहले से तैयार करके सुरक्षित रखा जा सकता है। जरूरत पड़ने पर इसे हल्का सेंककर या तलकर तुरंत परोसा जा सकता है। यह चाय या व्रत के हल्के नाश्ते के साथ भी अच्छा लगता है।

    साबूदाना थालीपीठ भी व्रत के भोजन में स्वाद बढ़ाने वाला व्यंजन है। इसमें साबूदाने के साथ उबले आलू, मूंगफली और सेंधा नमक मिलाकर आटे जैसा मिश्रण तैयार किया जाता है। इसके बाद इसे तवे पर हल्के तेल या घी के साथ दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंका जाता है। दही के साथ इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।

    हल्का और जल्दी बनने वाला विकल्प चाहने वालों के लिए साबूदाना चिवड़ा भी अच्छा चुनाव हो सकता है। इसमें साबूदाने को भूनकर मूंगफली और सेंधा नमक मिलाया जाता है। यह कम समय में तैयार हो जाता है और हल्की भूख मिटाने के लिए उपयुक्त माना जाता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार साबूदाने में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इसका संतुलित मात्रा में सेवन करना चाहिए। व्रत के दौरान केवल साबूदाने पर निर्भर रहने के बजाय फल, दूध, दही और मेवों को भी भोजन में शामिल करना बेहतर माना जाता है। यदि किसी व्यक्ति को मधुमेह या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो व्रत का भोजन तय करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना उचित रहेगा। सही संतुलन और विविधता के साथ तैयार किए गए ये व्यंजन सावन के व्रत को स्वादिष्ट, पौष्टिक और यादगार बना सकते हैं।

  • Aaj Ka Rashifal 30 July 2026: सावन के पहले दिन बने आयुष्मान और गजकेसरी योग, जानें किस राशि की चमकेगी किस्मत

    Aaj Ka Rashifal 30 July 2026: सावन के पहले दिन बने आयुष्मान और गजकेसरी योग, जानें किस राशि की चमकेगी किस्मत


    नई दिल्ली । 30 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है। इस दिन से भगवान शिव को समर्पित पवित्र सावन मास की शुरुआत हो रही है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार श्रावण कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा और द्वितीया तिथि का संयोग रहेगा। चंद्रमा पूरे दिन मकर राशि में गोचर करेंगे। साथ ही आयुष्मान योग, गजकेसरी योग, वाशि योग, सुनफा योग और आनंदादि योग जैसे कई शुभ संयोग बन रहे हैं। इन योगों का प्रभाव विभिन्न राशियों पर अलग-अलग रूप में देखने को मिलेगा। कई जातकों को करियर, व्यापार और आर्थिक मामलों में सफलता मिलेगी, जबकि कुछ लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    मेष राशि के लिए नौकरी और करियर में उन्नति के योग बन रहे हैं। व्यापार विस्तार की योजनाएं सफल हो सकती हैं। कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है। यात्रा लाभदायक रहेगी और वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ेगी।

    वृषभ राशि वालों के लिए भाग्य का साथ मिलेगा। पारिवारिक व्यापार में नए अवसर प्राप्त होंगे। समाज में सम्मान बढ़ेगा और लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। हालांकि कार्यस्थल पर किसी पर आंख बंद करके भरोसा करने से बचें।

    मिथुन राशि के लिए दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। व्यापार में उतार-चढ़ाव रहेगा और निवेश सोच-समझकर करना होगा। सरकारी कार्यों में विशेष सतर्कता रखें तथा पारिवारिक मामलों में धैर्य बनाए रखें।

    कर्क राशि वालों के लिए यह दिन बेहद शुभ रहने वाला है। व्यापार में नए ऑर्डर मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और पुराने कर्ज से राहत मिल सकती है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है।

    सिंह राशि के लिए आय में वृद्धि और करियर में सकारात्मक बदलाव के संकेत हैं। सरकारी मामलों में राहत मिल सकती है। बैंक लोन से जुड़े कार्य पूरे होंगे और व्यापार में लाभ के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे।

    कन्या राशि वालों को नई योजनाओं में सफलता मिलेगी। व्यापार में नई तकनीक अपनाने से लाभ होगा। नौकरी में आत्मविश्वास के साथ किए गए कार्य सफल रहेंगे, हालांकि स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा।

    तुला राशि के जातकों को संपत्ति और पारिवारिक मामलों में विवाद से बचने की सलाह है। व्यापार में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। कार्यस्थल पर दस्तावेजों और महत्वपूर्ण निर्णयों में सावधानी बरतें।

    वृश्चिक राशि वालों के लिए रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। व्यापारिक बैठकों में सफलता मिलेगी और नौकरी बदलने की इच्छा रखने वालों को नए अवसर मिल सकते हैं।

    धनु राशि के लिए आर्थिक दृष्टि से दिन बेहद लाभकारी रहेगा। व्यापार में बड़ा लाभ मिलने के योग हैं। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों का समाधान निकल सकता है। परिवार का सहयोग भी मिलेगा।

    मकर राशि वालों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। नए व्यापारिक अवसर प्राप्त होंगे और लाभ में वृद्धि होगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी तथा नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा।

    कुंभ राशि के जातकों को खर्चों पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। कार्यस्थल पर वाणी पर संयम रखें। अनावश्यक विवाद और आर्थिक जोखिम से बचना बेहतर रहेगा।

    मीन राशि वालों के लिए आय बढ़ाने के प्रयास सफल होंगे। नौकरी बदलने की योजना सफल हो सकती है। व्यापारिक यात्राएं लाभदायक रहेंगी और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

    30 जुलाई 2026 का शुभ मुहूर्त
    शुभ चौघड़िया (प्रातः): सुबह 7:00 बजे से 8:00 बजे तक
    शुभ चौघड़िया (सायं): शाम 5:00 बजे से 6:00 बजे तक
    राहुकाल: दोपहर 1:30 बजे से 3:00 बजे तक
    यात्रा के लिए शुभ दिशा: दक्षिण

    सावन के पहले दिन भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जाप और दान-पुण्य करना विशेष फलदायी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई पूजा जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

  • मप्र सरकार के 60 फीसदी उपज खरीदने के फैसले के बाद किसानों का आंदोलन खत्म

    मप्र सरकार के 60 फीसदी उपज खरीदने के फैसले के बाद किसानों का आंदोलन खत्म


    – मप्र सरकार प्रत्येक पात्र किसान से करेगी मूंग का 60 प्रतिशत उपार्जन, स्लॉट बुकिंग की अवधि भी 10 दिन बढ़ाई

    भोपाल। मध्य प्रदेश में चल रहे किसान आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने प्रत्येक पात्र किसान से 60 फीसदी तक मूंग खरीदी करने का ऐलान किया है। नर्मदापुरम, सीहोर और हरदा जैसे जिलों में लगभग तीन क्विंटल प्रति एकड़ खरीदी की जाएगी। साथ ही स्लॉट बुकिंग की अवधि 10 अगस्त तक बढ़ा दी है और मूंग खरीदी की अंतिम तारीख 20 अगस्त कर दी गई है।

    बुधवार की रात सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच मंत्रालय में हुई बैठक के बाद किसानों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया है। सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच सहमति बनने के बाद किसान अपने-अपने घरों के लिए रवाना हो गए। प्रशासन ने बसों के जरिए किसानों को उनके वाहनों तक पहुंचाया। देर रात तक आंदोलन पूरी तरह समाप्त हो गया।

    एडिशनल सीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि किसानों ने सहमति जता दी है। इसके बाद प्रशासन ने रोशनपुरा चौराहे से किसानों को बसों के जरिए उनकी गाड़ियों तक पहुंचाकर रवाना किया। बाद में रोशनपुरा चौराहा लगभग खाली हो गया। बाणगंगा की ओर जाने वाले मार्ग को छोड़कर बाकी रास्ते यातायात के लिए खोल दिए गए।

    कृषि मंत्री एंदल सिंह कंषाना ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर बुधवार को किसानों के साथ चर्चा के लिए गठित मंत्री समूह की किसान प्रतिनिधियों के साथ चर्चा हुई। किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि अब प्रत्येक पात्र किसान से उसकी मूंग उपज का 25 प्रतिशत नहीं, बल्कि 60 प्रतिशत उपार्जन किया जाएगा, जो नर्मदापुरम, सीहोर एवं हरदा जैसे जिलों में लगभग 3 क्विंटल प्रति एकड़ आता है। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा और प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिले।

    उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने स्लॉट बुकिंग की अवधि भी 10 दिन बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब किसान 30 जुलाई के स्थान पर 10 अगस्त तक स्लॉट बुकिंग कर सकेंगे। इसी प्रकार उपार्जन की अंतिम तिथि भी 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त की जा रही है।

    कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार सदैव किसानों के हित में कार्य करती आई है। अन्नदाता प्रदेश की अर्थव्यवस्था और समृद्धि का आधार हैं और उनके परिश्रम से उत्पादित उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है ।

    उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा इस वर्ष ग्रीष्मकालीन मूंग के उपार्जन के लिए मध्य प्रदेश को 4.52 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। भारत सरकार की योजना के अंतर्गत राज्य के कुल उत्पादन का अधिकतम 25 प्रतिशत उपार्जन किए जाने का प्रावधान है। भारत सरकार के इसी नियम के अंतर्गत निर्णय लिया गया था कि प्रदेश के मूंग उत्पादक किसानों से उनकी उपज का 25 प्रतिशत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर उपार्जित किया जाएगा।

    उन्होने किसान भाइयों-बहनों को आश्वस्त किया कि मध्य प्रदेश सरकार सदैव किसानों के हित में खड़ी है। जहाँ तक खाद वितरण के लिए लागू की गई ई-टोकन व्यवस्था से संबंधित शिकायतों और व्यावहारिक समस्याओं का प्रश्न है, यह व्यवस्था राज्य शासन का एक महत्वपूर्ण सुधार है और आने वाले समय में इससे किसानों को काफी सुविधा एवं लाभ मिलेगा।

    ई-टोकन व्यवस्था में सुधार के लिये समिति गठित होगी

    कृषि मंत्री ने बताया कि चूँकि यह एक नई व्यवस्था है, इसलिए प्रारंभिक स्तर पर सामने आ रही समस्याओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है। यह समिति ई-टोकन व्यवस्था से जुड़ी सभी समस्याओं का परीक्षण कर राज्य सरकार को अपनी अनुशंसाएँ प्रस्तुत करेगी। समिति की अनुशंसाओं के आधार पर आवश्यक सुधार तत्काल किए जाएंगे। सुझाव प्राप्त होकर सुधार होने तक ई-टोकन से खाद वितरण की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से स्थगित की जा रही है।

  • अद्वितीय है महर्षि सांदीपनि आश्रम, भगवान श्रीकृष्ण ने 5100 वर्ष पूर्व इसी पावन स्थल पर ग्रहण की थी विद्या

    अद्वितीय है महर्षि सांदीपनि आश्रम, भगवान श्रीकृष्ण ने 5100 वर्ष पूर्व इसी पावन स्थल पर ग्रहण की थी विद्या


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन स्थित सांदीपनि आश्रम अत्यंत गौरवशाली और अद्वितीय है। लगभग 5100 वर्ष पूर्व स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने इसी पावन स्थल पर महर्षि सांदीपनि से विद्या ग्रहण की थी। भगवान श्रीकृष्ण से शिक्षा प्राप्त कर जगद्गुरु की उपाधि से विभूषित हुए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार देर शाम उज्जैन स्थित ऐतिहासिक महर्षि सांदीपनि आश्रम में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर उज्जैन के प्रमुख देवस्थानों के विकास कार्यों का शुभारंभ हो रहा है, जिसमें शहर को गीता भवन की बड़ी सौगात भी मिल रही है। उन्होंने कहा कि आज गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर हम सभी गुरुओं का सम्मान कर अपने जीवन को धन्य करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उज्जैन स्थित ऐतिहासिक महर्षि सांदीपनि आश्रम पहुंचे और यहां पूजन-अर्चन और आरती की। पूजा-अर्चना पं. कीर्ति रूपम व्यास एवं राहुल व्यास के द्वारा संपन्न कराई गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपनी स्वरचित पुस्तक ‘महर्षि सांदीपनि: भारतीय गुरुकुल परंपरा के शिल्पी’ की प्रति महर्षि सांदीपनि की प्रतिमा के समक्ष अर्पित की।

    मुख्यमंत्री ने आश्रम परिसर में स्थित अति प्राचीन श्री कुंडेश्वर महादेव और श्री सर्वेश्वर महादेव मंदिर में भी दर्शन-पूजन किया। आश्रम के मुख्य पुजारी परिवार द्वारा मुख्यमंत्री का अंगवस्त्रम् ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत-सम्मान किया गया।

    आश्रम में हुआ पंचामृत अभिषेक और स्लेट पूजन

    महर्षि सांदीपनि व्यास के वंशज एवं मंदिर के मुख्य पुजारी पं. कीर्ति रुपम व्यास ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पर आश्रम में प्रतिवर्षानुसार विशेष अनुष्ठान आयोजित किए गए। प्रात:काल भगवान श्रीकृष्ण, भगवान श्री बलराम और गुरु सांदीपनि का पंचामृत अभिषेक एवं विशेष पूजन किया गया। परंपरा अनुसार, प्रथम बार शिक्षा प्रारंभ करने वाले छोटे बच्चों द्वारा ‘स्लेट पूजन’ का आयोजन भी हुआ।

    गुरु गादी परिसर को भव्य और दिव्य स्वरूप प्रदान किया जाएगा

    गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन स्थित वृंदावन पूरा में संत शिरोमणि रविदास महाराज की चरण पादुका और गुरु गादी स्थल पहुंचकर श्रद्धापूर्वक नमन किया एवं श्रद्धापूर्वक चादर चढ़ाई। राज्य के सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि संत रविदास जी महाराज के इस चरण पादुका एवं गुरु गादी परिसर को भव्य और दिव्य स्वरूप प्रदान किया जाएगा, जिसके लिए जल्द ही आवश्यक विकास कार्य शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा शिरोमणि रविदास महाराज के आदर्श, उपदेश और विचार आज भी समाज में समानता, सद्भाव और मानवता की भावना का संचार करते हैं। उनका जीवन पूरी मानव जाति के लिए एक मार्गदर्शक है।

    इस गरिमामय आयोजन में जन प्रतिनिधियों और रविदास समाज के प्रमुख लोगों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल, महापौर मुकेश टटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी और उपाध्यक्ष मुकेश यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जटिया सहित रविदास समाज के संभागीय अध्यक्ष मनोहर सुरेश कुसुमारिया, विजेंद्र चौहान, कमल हनोतिया, कमलकांत राजोरिया, विक्रम परमार, रितेश जटिया, अंबाराम चौहान, प्रशासनिक अधिकारी एवं भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।