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  • क्या सेक्सुअली एक्टिव लोगों के लिए HPV Vaccine सुरक्षित है? जानें हर महिला के लिए जरूरी बातें

    क्या सेक्सुअली एक्टिव लोगों के लिए HPV Vaccine सुरक्षित है? जानें हर महिला के लिए जरूरी बातें


    नई दिल्ली । HPV ह्यूमन पैपिलोमावायरस एक वायरस है, जो बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर में छुपकर रहता है और बाद में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। यह वायरस दुनियाभर में आम है, और लगभग सभी सेक्शुअली एक्टिव लोग जीवन में कभी न कभी इस वायरस के संपर्क में आते हैं। हालांकि, सही जानकारी और समय पर HPV वैक्सीनेशन से इस वायरस से बचाव किया जा सकता है।

    HPV क्या है और यह कितना आम है

    HPV 200 से अधिक वायरसों का समूह है, जिसमें कुछ वायरस सामान्य होते हैं, जबकि कुछ हाई रिस्क खतरनाक होते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, लगभग हर सेक्शुअली एक्टिव व्यक्ति जीवन में कभी न कभी HPV से संक्रमित हो सकता है।

    HPV कैसे फैलता है और यह क्यों खतरनाक है

    HPV मुख्य रूप से स्किन-टू-स्किन सेक्शुअल कॉन्टैक्ट से फैलता है। इसमें वेजाइनल, एनल और ओरल सेक्स शामिल होते हैं। यह वायरस अक्सर बिना लक्षण के शरीर में रहता है और कैंसर जैसे गंभीर रोगों का कारण बन सकता है। विशेष रूप से हाई-रिस्क HPV सर्वाइकल, एनल, गले ओरोफैरिंजियल और पेनाइल कैंसर जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है। HPV से कौन-कौन सी बीमारियां होती हैं HPV का संबंध कई प्रकार के कैंसर से है, जैसे:

    सर्वाइकल गर्भाशय के गले का कैंसरएनल कैंसर

    गले का कैंसर ओरोफैरिंजियल कैंसर, पेनाइल लिंग का कैंसर, वल्वर महिलाओं के प्रजनन अंग का कैंसर, वेजाइनल कैंस इसके अलावा, HPV जेनिटल वॉर्ट्स यौनांगों पर मस्से और कुछ दुर्लभ श्वसन संबंधी बीमारियों का कारण भी बन सकता है।

    HPV वैक्सीन लगवाने की सही उम्र क्या है

    विशेषज्ञों के अनुसार, HPV वैक्सीनेशन की सही उम्र 9 से 12 साल के बीच है, क्योंकि इस उम्र में टीका वायरस के संपर्क में आने से पहले लगाया जाता है और सबसे प्रभावी होता है। HPV वैक्सीनेशन के लिए कितनी डोज जरूरी हैं 9 से 14 साल की उम्र में दो डोज काफी होती हैं। 15 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों को तीन डोज की सलाह दी जाती है।

    क्या सेक्शुअली एक्टिव वयस्कों को भी वैक्सीनेशन से फायदा होता है

    हां, सेक्शुअली एक्टिव वयस्कों को भी HPV वैक्सीन से फायदा हो सकता है। हालांकि, यह वैक्सीन पहले से मौजूद संक्रमण का इलाज नहीं करती, लेकिन यह भविष्य में होने वाले संक्रमणों से सुरक्षा प्रदान करती है। ऐसे वयस्क जिन्हें HPV के सभी खतरनाक प्रकारों से संपर्क नहीं हुआ, उनके लिए यह वैक्सीनेशन बेहद फायदेमंद हो सकती है।

    क्या HPV वैक्सीन सुरक्षित है

    विशेषज्ञों के अनुसार, HPV वैक्सीनेशन पूरी तरह सुरक्षित है। इसके साइड इफेक्ट्स आमतौर पर हल्के होते हैं, जैसे कि इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द या हल्का बुखार। गंभीर एलर्जी प्रतिक्रियाएं बहुत कम होती हैं, लेकिन यदि आप गर्भवती हैं या किसी अन्य गंभीर स्वास्थ्य स्थिति से गुजर रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

    क्या सिर्फ अच्छी हाइजीन से HPV से बचा जा सकता है

    नहीं, HPV मुख्य रूप से स्किन-टू-स्किन सेक्शुअल कॉन्टैक्ट से फैलता है, और इसे केवल अच्छी हाइजीन से नहीं रोका जा सकता। हालांकि, कंडोम के इस्तेमाल से जोखिम कम हो सकता है, लेकिन यह 100% सुरक्षा नहीं प्रदान करता।

    अगर बचपन में वैक्सीन नहीं लगवाई हो तो क्या करें

    अगर किसी ने बचपन में HPV वैक्सीन नहीं लगवाई है, तो 26 साल तक कैच-अप वैक्सीनेशन की सलाह दी जाती है। कुछ मामलों में डॉक्टर के परामर्श से 45 साल तक भी वैक्सीनेशन कराया जा सकता है। क्या HPV वैक्सीन से फर्टिलिटी पर असर पड़ता है HPV वैक्सीन का फर्टिलिटी या हार्मोनल स्तर पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। इसके विपरीत, यह वैक्सीनेशन कैंसर और प्रजनन स्वास्थ्य को सुरक्षित रखती है, जिससे भविष्य में प्रजनन क्षमता पर सकारात्मक असर पड़ता है। HPV वैक्सीन HPV वायरस से सुरक्षा का सबसे प्रभावी तरीका है। समय पर टीकाकरण और जागरूकता, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव की सबसे मजबूत कड़ी है। यदि आपने पहले वैक्सीनेशन नहीं कराया है, तो डॉक्टर से संपर्क कर इसे प्राप्त करें, क्योंकि यह भविष्य में आपकी सेहत और जीवन को सुरक्षित रखने में मदद करेगा।

  • ठंड में खांसी से राहत पाने के लिए घर पर बनाएं देसी कफ सिरप शॉट, मिनटों में मिलेगा आराम

    ठंड में खांसी से राहत पाने के लिए घर पर बनाएं देसी कफ सिरप शॉट, मिनटों में मिलेगा आराम


    नई दिल्ली । सर्दियों का मौसम आते ही खांसी, बलगम और गले की खराश जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। बदलते मौसम के साथ शरीर में होने वाले संक्रमण और ठंड की हवा इन समस्याओं को बढ़ा देती है, जिससे न सिर्फ दिन की सक्रियता पर असर पड़ता है, बल्कि रात की नींद भी खराब हो जाती है। अक्सर लोग बाजार में मिलने वाले सिरप और दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन कई बार इनका असर धीरे-धीरे होता है। इसके अलावा, लंबे समय तक इन दवाइयों का सेवन भी सेहत के लिए ठीक नहीं होता। ऐसे में एक प्राकृतिक और घरेलू उपाय सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है।

    देसी कफ सिरप शॉट: राहत का खजाना

    देसी कफ सिरप शॉट पूरी तरह से नेचुरल होता है और इसमें मौजूद अदरक, शहद, हल्दी, काली मिर्च और तुलसी जैसे तत्व आपके गले को राहत देने में मदद करते हैं। ये सभी चीजें मिलकर न केवल खांसी को दूर करती हैं, बल्कि आपकी इम्यूनिटी को भी मजबूत बनाती हैं।

    इन तत्वों के फायदे

    अदरक: अदरक का तीखापन गले की जलन को शांत करता है और बलगम को बाहर निकालने में मदद करता है। शहद: शहद गले की सूजन कम करता है और इसके एंटी-बैक्टीरियल गुण संक्रमण से बचाते हैं। हल्दी: हल्दी में मौजूद करक्यूमिन सूजन को कम करता है और सांस की नलियों को राहत देता है। काली मिर्च: काली मिर्च बलगम को ढीला करके बाहर निकालने में मदद करती है। तुलसी: तुलसी में मौजूद वायरस-लड़ने वाले गुण इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं।

    देसी कफ सिरप शॉट बनाने की विधि:

    सबसे पहले अदरक को हल्की आंच पर थोड़ा भून लें। अब अदरक और तुलसी की पत्तियों को एक साथ पीस लें। इस मिश्रण का रस छानकर निकाल लें। फिर इस रस में सितोपलादि पाउडर, काली मिर्च पाउडर, हल्दी और शहद डालकर अच्छे से मिला लें।
       

    आपका देसी कफ सिरप शॉट तैयार है। ,सेवन का तरीका
    इस सिरप शॉट को दिन में 2 से 3 बार लिया जा सकता है। यदि आपको ज्यादा मात्रा में चाहिए तो इसे फ्रिज में स्टोर कर सकते हैं। नियमित सेवन से खांसी, बलगम और गले की खराश में तुरंत आराम मिल सकता है।यह देसी कफ सिरप शॉट न केवल खांसी से राहत दिलाता है, बल्कि यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है। सर्दियों में इस प्राकृतिक उपचार का सेवन करने से आप बिना किसी दवा के खांसी और गले की समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं। तो अगली बार जब सर्दियों में खांसी परेशान करे, तो इस घर पर बने देसी कफ सिरप शॉट का इस्तेमाल करें और तुरंत आराम पाएं।

  • ओडिशा में बड़ा विमान हादसा टला: राउरकेला के पास इंडिया वन एयरलाइंस की क्रैश लैंडिंग, मौत के मुँह से बाहर आए 6 लोग

    ओडिशा में बड़ा विमान हादसा टला: राउरकेला के पास इंडिया वन एयरलाइंस की क्रैश लैंडिंग, मौत के मुँह से बाहर आए 6 लोग




    राउरकेला।
    ओडिशा के राउरकेला के पास शनिवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब इंडिया वन एयर (India One Air) का एक निजी विमान तकनीकी खराबी के चलते क्रैश लैंडिंग का शिकार हो गया। भुवनेश्वर से राउरकेला जा रहा यह विमान जाल्दा इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हुआ, लेकिन राहत की बात यह रही कि पायलट की समझदारी और त्वरित फैसले के चलते विमान में सवार सभी 6 लोग मौत के मुंह से बाहर निकल आए।

    जानकारी के मुताबिक, यह विमान Cessna 208 Grand Caravan था, जो एक सिंगल-इंजन टर्बोप्रॉप विमान है और क्षेत्रीय हवाई सेवाओं में व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। उड़ान के दौरान जब विमान राउरकेला एयरपोर्ट से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर था, तभी उसमें अचानक तकनीकी खराबी आ गई।

    विमान असंतुलित होने लगा, जिसके बाद पायलट ने स्थिति को भांपते हुए आपातकालीन लैंडिंग का फैसला लिया। हालांकि रनवे तक पहुंच पाना संभव नहीं हो सका और जाल्दा के पास विमान की क्रैश लैंडिंग हो गई।

    जमीन से टकराने पर विमान को भारी नुकसान पहुंचा, लेकिन सौभाग्य से उसमें आग नहीं लगी। यही वजह रही कि एक बड़ा विस्फोट और जान-माल की भारी क्षति टल गई। विमान में कुल 4 यात्री और 2 क्रू मेंबर सवार थे। हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीण सबसे पहले मौके पर पहुंचे और यात्रियों को मलबे से बाहर निकालने में मदद की। प्रशासन और राहत टीमें भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

    घटना की पुष्टि करते हुए भुवनेश्वर स्थित बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि यह एक गंभीर तकनीकी आपात स्थिति थी, लेकिन पायलट की सूझबूझ ने बड़ा हादसा होने से रोक लिया। वहीं, ओडिशा सरकार भी तुरंत हरकत में आई।

    राज्य के वाणिज्य और परिवहन मंत्री ने कहा कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं है कि इस हादसे में कोई जान नहीं गई। सभी यात्रियों को हर संभव मदद दी जा रही है।

    इस घटना की सूचना नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को दे दी गई है। DGCA और राज्य परिवहन विभाग की संयुक्त टीम मामले की जांच करेगी। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि तकनीकी खराबी की असली वजह क्या थी, क्या विमान की मेंटेनेंस प्रक्रिया में कोई चूक हुई थी, और क्या उड़ान से पहले सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।

    इंडिया वन एयर ओडिशा के कई शहरों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण निजी विमान सेवा है। ऐसे में यह हादसा क्षेत्रीय हवाई सेवाओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं यह याद दिलाती हैं कि छोटे विमानों की नियमित और सख्त तकनीकी जांच कितनी जरूरी है।

    फिलहाल, दुर्घटनाग्रस्त विमान को घटनास्थल से हटाने की तैयारी की जा रही है और आसपास के इलाके को सुरक्षित कर दिया गया है। DGCA की रिपोर्ट के बाद ही साफ हो पाएगा कि आसमान में ऐसा क्या हुआ, जिसने इस विमान को इमरजेंसी लैंडिंग के लिए मजबूर कर दिया। लेकिन इतना तय है कि इस हादसे में 6 जिंदगियों का बच जाना पायलट की बहादुरी और किस्मत दोनों का ही नतीजा है।बकौल मंत्री, राज्य सरकार ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को स्थिति से तुरंत अवगत कराया है। उन्होंने बताया कि भुवनेश्वर एयरपोर्ट के डायरेक्टर भी जल्द ही दुर्घटनास्थल का दौरा करेंगे। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार यह फ्लाइट इंडिया वन एयर द्वारा राउरकेला और भुवनेश्वर के बीच नियमित रूप से चलाई जाने वाली प्राइवेट सेवा थी।
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुनी अनामिका बैगा की 'रोती' गुहार, डॉक्टर बनने का सपना हुआ पूरा

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुनी अनामिका बैगा की 'रोती' गुहार, डॉक्टर बनने का सपना हुआ पूरा


    भोपाल । मध्य प्रदेश के सीधी जिले की अनामिका बैगा, जो गरीब बैगा आदिवासी परिवार से आती हैं, ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से अपने डॉक्टर बनने के सपने को साकार करने के लिए मदद की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे NEET की तैयारी, कोचिंग और छात्रावास के लिए सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।

    मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक बहादुर बेटी ने अपने सपनों को सच करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मदद की गुहार लगाई। सीधी जिले की अनामिका बैगा, जो बैगा आदिवासी समुदाय से हैं, का सपना है कि वह डॉक्टर बनें, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उनकी पढ़ाई में रुकावट आ रही थी। वह कई बार विधायक, सांसद और कलेक्टर से मदद की उम्मीद कर चुकी थीं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अंत में, मुख्यमंत्री से मिली उम्मीद ने उनके जीवन को नया मोड़ दिया।

    सीधी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री से मिलने पर अनामिका ने अपने दिल की बात रोते हुए साझा की। उन्होंने कहा, मैं बैगा आदिवासी हूं, मुझे डॉक्टर बनना है, लेकिन मेरे पापा के पास इतने पैसे नहीं हैं कि मैं NEET की तैयारी और कोचिंग ले सकूं। अनामिका की यह गुहार सीधा मुख्यमंत्री तक पहुंची, और उन्होंने तुरंत कार्रवाई करने का फैसला किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्हें अनामिका के बारे में जानकारी मिली है, और उन्होंने उसे पूरी मदद देने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा अनामिका NEET की तैयारी कर रही हैं और उन्हें कोचिंग और छात्रावास की आवश्यकता है। इसके लिए उचित व्यवस्था की जाएगी। मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिलने पर राज्य सरकार हर संभव सहायता करेगी। मुझे पूरा विश्वास है कि वह एक दिन एक विख्यात चिकित्सक बनकर मध्य प्रदेश का नाम रोशन करेंगी। मुख्यमंत्री के इस संवेदनशील कदम से न केवल अनामिका का भविष्य उज्जवल हो रहा है बल्कि यह भी संदेश जा रहा है कि मध्य प्रदेश में कोई भी सपना आर्थिक तंगी के कारण अधूरा नहीं रहेगा।

    यह पहल आदिवासी समुदाय की एक युवा लड़की के लिए उम्मीद की किरण साबित हुई है। अनामिका के लिए यह अवसर न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को बदलने वाला होगा, बल्कि यह राज्य सरकार की नीतियों का भी एक सशक्त उदाहरण है, जो निर्धनता और सामाजिक स्थिति के बावजूद किसी भी युवा को उनका सपना पूरा करने का अवसर प्रदान करती है। मुख्यमंत्री के इस कदम से यह स्पष्ट हो जाता है कि राज्य सरकार अपनी योजनाओं के तहत हर उस व्यक्ति तक मदद पहुंचाने का प्रयास कर रही है, जो अपनी मेहनत और संघर्ष से कुछ बड़ा करना चाहता है।अब, अनामिका बैगा के पास डॉक्टर बनने की राह पहले से कहीं अधिक आसान हो गई है, और मध्य प्रदेश के आदिवासी समुदाय के लिए यह एक प्रेरणास्त्रोत बन गया है।

  • शादी के बाद पहला अवतार! समान्था रूथ प्रभु ने सफेद साड़ी में लुभाया फैन्स को

    शादी के बाद पहला अवतार! समान्था रूथ प्रभु ने सफेद साड़ी में लुभाया फैन्स को

    नई दिल्ली। समान्था रूथ प्रभु और राज निडिमोरु ने शादी के बाद हैदराबाद में पहली बार सार्वजनिक रूप से एक इवेंट में भाग लिया। इस मौके पर दोनों बेहद खुश और आत्मविश्वासी नजर आए। कैमरों के सामने दोनों की मुस्कान और सहजता ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।

    समान्था ने इस इवेंट में सफेद साड़ी पहनकर अपने ग्लैमर और नेचुरल ब्यूटी को बखूबी पेश किया। उनका हल्का मेकअप और हाफ-टाई बाल उनके लुक को और शानदार बना रहे थे। वहीं, राज निडिमोरु, जो “गो गोवा गोने” और “द फैमिली मैन” जैसी फिल्मों और वेब सीरीज के लिए जाने जाते हैं, ब्लैक टी-शर्ट, पैंट और ब्राउन जैकेट में सहज और स्टाइलिश दिखाई दिए। दोनों की आउटफिट को-ऑर्डिनेशन ने उन्हें एक पावर कपल का लुक दिया।

    समान्था और राज की शादी

    समान्था और राज ने 1 दिसंबर 2025 को ईशा योगा सेंटर, कोयंबटूर में प्राइवेट भूत शुद्धि विवाह समारोह में शादी की। यह शादी सिर्फ परिवार और करीबी दोस्तों के बीच संपन्न हुई। दोनों की शादी से पहले उनकी रिलेशनशिप को लेकर महीनों तक चर्चा रही, जो उनकी साझा परियोजनाओं और सार्वजनिक अपीयरेंस से और बढ़ गई थी।

    समान्था ने इंस्टाग्राम पर अपने फैंस को भी इस जर्नी के झलकियां साझा की थीं, जिससे शादी की खुशखबरी और उत्साह और बढ़ गया। आगामी प्रोजेक्ट – Maa Inti Bangaaram समान्था और राज का अगला प्रोजेक्ट “Maa Inti Bangaaram” है, जिसे बी. वी. नंदिनी रेड्डी डायरेक्ट कर रही हैं और राज निडिमोरु प्रोड्यूस कर रहे हैं। इस फिल्म का टीज़र पहले ही रिलीज़ हो चुका है, जो एक थ्रिलिंग और एक्शन-पैक्ड फैमिली एंटरटेनर का अहसास देता है।

    फिल्म में गुलशन देवैया भी अहम भूमिका में नजर आएंगे। यह प्रोजेक्ट समान्था और नंदिनी रेड्डी की पिछली सफलता “ओह! बेबी” के बाद फिर से दर्शकों को एक नया सिनेमाई अनुभव देने का वादा करता है।

    समान्था और राज की पहली पब्लिक अपीयरेंस ने फैंस के बीच उत्साह और खुशी बढ़ा दी। शादी और नए प्रोजेक्ट के साथ दोनों की जिंदगी में नए अध्याय की शुरुआत हो चुकी है, और उनके फैंस को आने वाले समय में इनकी जोड़ी और काम देखने का बेसब्री से इंतजार है।

  • छत से धक्का देकर छात्रा की हत्या, आरोपी अस्पताल छोड़कर फरार

    छत से धक्का देकर छात्रा की हत्या, आरोपी अस्पताल छोड़कर फरार




    भोपाल।
    भोपाल के चूनाभट्टी इलाके में हुई एक दर्दनाक घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया है। एक छात्रा की इमारत की दूसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई, और पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह हादसा दुर्घटना नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई हत्या थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक तुषार (कपिल) ने छात्रा को विवाद के दौरान छत से धक्का देकर नीचे गिरा दिया। वारदात के बाद आरोपी ने ऐसा भ्रामक प्रयास किया कि किसी को उस पर शक न हो, और वह खुद मृतक छात्रा को अस्पताल लेकर गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है।

    पुलिस के मुताबिक, घटना के दिन बीते बुधवार सुबह प्रिया कॉलेज जाने के बजाय अपने दोस्त तुषार के घर चली गई थी। तुषार चूना भट्टी इलाके की पारिका सोसाइटी में बने स्टे होम में केयर टेकर का काम करता है। दोपहर 12 बजे छात्रा की छत से गिरने की घटना हुई, और तुषार उसे अस्पताल छोड़कर भाग गया।

    परिजनों का आरोप है कि यह मामला सिर्फ विवाद तक सीमित नहीं था, बल्कि एक साल से चले आ रहे प्रेम संबंध और उत्पीड़न का परिणाम है। पहले तुषार ईश्वर नगर में रहता था और प्रिया से उसकी दोस्ती थी, लेकिन अब मामला गंभीर रूप ले चुका है। पुलिस आरोपी की तलाश में पूरी तरह सक्रिय है, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और अंतिम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

    यह मामला भोपाल में छात्रों और युवाओं के बीच सुरक्षा की संवेदनशीलता पर सवाल उठाता है, और स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सक्रिय जांच के लिए प्रेरित करता है।

  • दिल्ली की भागदौड़ भूल जाइए! ये 5 पिकनिक स्पॉट्स देंगे असली सुकून, नेचर लवर्स का है स्वर्ग

    दिल्ली की भागदौड़ भूल जाइए! ये 5 पिकनिक स्पॉट्स देंगे असली सुकून, नेचर लवर्स का है स्वर्ग

    नई दिल्ली। भागदौड़ भरी जिंदगी और ट्रैफिक के शोर के बीच दिल्ली में रहने वालों को जब सुकून के कुछ पल चाहिए होता है, तो पिकनिक एक बेहतर विकल्प बन जाता है. सबसे अच्छी बात यह है कि दिल्ली में सिर्फ वही मशहूर जगहें ही नहीं, बल्कि कई ऐसे अलग-अलग और कम भीड़ वाले पिकनिक स्पॉट्स भी हैं. जहां परिवार और दोस्तों के साथ क्वालिटी टाइम बिताया जा सकता है. अगर आप भी वीकेंड को खास बनाना चाहते हैं, तो इन जगहों पर एक दिन जरूर बिताइए. आइए जानते हैं
    दिल्ली के कुछ बेहतरीन और थोड़े अलग पिकनिक स्पॉट्स के बारे में.
    साउथ दिल्ली में स्थित संजय वन उन लोगों के लिए परफेक्ट है जो शहर की भागदौड़ से दूर प्राकृतिक माहौल में समय बिताना चाहते हैं। यहां ऊंचे पेड़, कच्चे रास्ते और खुली हवा का आनंद लिया जा सकता है। सुबह-सुबह या दोपहर के समय चटाई बिछाकर हल्का-फुल्का खाना और शांति के साथ वक्त बिताना सुकून देता है। नेचर लवर्स के लिए यह जगह किसी तोहफे से कम नहीं है।

    2. सुंदर नर्सरी – साफ-सुथरे लॉन और तालाब

    हुमायूं के मकबरे के पास स्थित सुंदर नर्सरी दिल्ली के सबसे खूबसूरत पिकनिक स्पॉट्स में गिना जाता है। यहां साफ-सुथरे लॉन, छोटे-छोटे तालाब और पैदल घूमने के लिए रास्ते हैं। परिवार के साथ शांति और प्राकृतिक वातावरण में समय बिताने के लिए यह जगह बेहद पसंद की जाती है।

    3. तुगलकाबाद बायोडायवर्सिटी पार्क – भीड़ से दूर, नेचर के करीब

    अगर आप भीड़-भाड़ से दूर कुछ अलग अनुभव करना चाहते हैं, तो तुगलकाबाद बायोडायवर्सिटी पार्क बेहतरीन विकल्प है। यहां प्राकृतिक पौधे, छोटी पहाड़ियां और खुला वातावरण मिलता है। बच्चों को प्रकृति के बारे में सिखाने और परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताने के लिए यह जगह बहुत उपयुक्त है।

    4. यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क – उत्तर दिल्ली का शांत कोना

    उत्तर दिल्ली में स्थित यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क भी पिकनिक के लिए एक शांत और साफ जगह है। यमुना के आसपास की प्राकृतिक वनस्पतियां देखने को मिलती हैं और कम भीड़ होने के कारण यह पार्क सुकून पसंद लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

    5. मेजर ध्यानचंद स्टेडियम और नीला हौज पार्क – शांति और खुला माहौल

    मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम के आसपास का एरिया आम पिकनिक लिस्ट में नहीं आता, लेकिन यहां शांत लॉन और खुला माहौल मिलता है। शाम के समय हल्की ठंडी हवा पिकनिक का मज़ा दोगुना कर देती है।
    इसके अलावा नीला हौज बायोडायवर्सिटी पार्क, महरौली में स्थित, भीड़-भाड़ से दूर नेचर का अनुभव कराने के लिए खास है। यह जगह अभी भी कई दिल्लीवालों के लिए अनजानी है, लेकिन पिकनिक के लिहाज से यह किसी खजाने से कम नहीं है।

    अगर आप दिल्ली की भागदौड़ और ट्रैफिक से दूर शांत और नेचर से भरपूर पिकनिक मनाना चाहते हैं, तो ये पांच जगहें आपके लिए बिल्कुल सही हैं। यहां खुला वातावरण, हरियाली और साफ-सुथरी सुविधाएं आपको सुकून और आनंद दोनों देंगी।
  • दूषित पानी मामला: अपर मुख्य सचिव ने इंदौर पहुंचकर स्थिति का लिया जायजा, सरकार की नजर जारी

    दूषित पानी मामला: अपर मुख्य सचिव ने इंदौर पहुंचकर स्थिति का लिया जायजा, सरकार की नजर जारी


    इंदौर । शहर के भागीरथपुरा में दूषित पानी की समस्या के बाद स्थिति अब बेहतर होती जा रही है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई और अनुपम राजन ने इंदौर का दौरा किया और अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की, ताकि समस्या का समाधान शीघ्रता से किया जा सके।

    स्थिति में सुधार

    बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने शनिवार को इंदौर कलेक्टर और निगमायुक्त के साथ भागीरथपुरा क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली और पाया कि हालात पहले की तुलना में बेहतर हो रहे हैं। उन्होंने बताया, “अब स्थिति काफी बेहतर है। नर्मदा की मुख्य जल लाइन डाली जा रही है, और जल्द ही पानी की सप्लाई कुछ इलाकों में शुरू कर दी जाएगी। जिन स्थानों पर गंदा पानी मिल रहा था, वहां सुधार किया जा चुका है।

    स्वास्थ्य स्थिति में सुधार

    अपर मुख्य सचिव ने यह भी बताया कि गंदे पानी से होने वाली बीमारियों के मामले में काफी कमी आई है। अब क्लीनिकों पर पहले जैसे सामान्य मरीज ही आ रहे हैं और स्थिति पर सरकार की पूरी नजर बनी हुई है।

    बैठक में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति

    भागीरथपुरा में दूषित पानी की समस्या को लेकर एक और बैठक आयोजित की गई, जिसमें अपर मुख्य सचिव, संभाग आयुक्त, कलेक्टर, निगम कमिश्नर, केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री तुलसी सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव समेत सभी विधायक शामिल हुए। इस बैठक में आगामी सुधार योजनाओं पर चर्चा की गई और सुनिश्चित किया गया कि भविष्य में ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

  • भोपाल में कॉलेज छात्रा प्रिया की संदिग्ध मौत: शार्ट पीएम रिपोर्ट में हेमरेज और चोटों का खुलासा, प्रेम प्रसंग का एंगल!

    भोपाल में कॉलेज छात्रा प्रिया की संदिग्ध मौत: शार्ट पीएम रिपोर्ट में हेमरेज और चोटों का खुलासा, प्रेम प्रसंग का एंगल!


    भोपाल । राजधानी भोपाल में 22 वर्षीय कॉलेज छात्रा प्रिया मेहरा की संदिग्ध परिस्थितियों में छत से गिरकर मौत हो गई है। यह घटना राजधानी के चूना भट्टी इलाके की पारिका सोसाइटी में बुधवार सुबह हुई, जहां प्रिया का शव पाया गया। प्रिया नूतन कॉलेज सरोजिनी नायडू गवर्नमेंट गर्ल्स पीजी कॉलेज में बीए फाइनल ईयर की छात्रा थीं और ईश्वर नगर, शाहपुर की निवासी थीं।

    हेमरेज और चोटों का खुलासा

    शार्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह पाया गया कि प्रिया के शरीर पर चोटों के निशान थे और हेमरेज भी हुआ था। रिपोर्ट ने इस मौत को संदेहास्पद बना दिया है, जिससे पुलिस की जांच के कई पहलू सामने आ रहे हैं। प्रिया के पिता ने दावा किया है कि उनकी बेटी का अपहरण कर हत्या की गई है। उनका आरोप है कि पुलिस ने 24 घंटे बाद भी आरोपी के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं जुटाई है।

    प्रेम प्रसंग का मामला

    जानकारी के अनुसार, बुधवार को प्रिया घर से कॉलेज जाने के लिए निकली थीं, लेकिन कॉलेज जाने के बजाय वह अपने दोस्त के घर चली गईं। युवक तुषार जिसे कपिल के नाम से भी जाना जाता है ने खुद डायल 112 पर कॉल करके बताया कि प्रिया छत से गिर गई हैं। तुषार और उसके तीन अन्य दोस्त प्रिया को मोटरसाइकिल पर हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद तुषार और उसके साथी पुलिस के आने से पहले ही मौके से फरार हो गए।पुलिस जांच में प्रेम संबंधों की बात सामने आई है। परिजनों का आरोप है कि तुषार कपिल पिछले एक साल से प्रिया को परेशान कर रहा था और उसे लगातार स्टॉक कर रहा था। तुषार और प्रिया पहले ईश्वर नगर में रहते थे, और दोनों की दोस्ती हो गई थी।

    पुलिस की जांच

    एडिशनल डीसीपी मलकीत सिंह जोन-4 के अनुसार, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और तुषार और उसके साथियों की तलाश शुरू कर दी है। एक पुलिस टीम खंडवा में भी तलाश कर रही है। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं और अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

    परिजनों का आरोप

    प्रिया के परिजनों ने यह दावा किया है कि यह घटना महज एक हादसा नहीं हो सकती, बल्कि यह एक सुनियोजित हत्या हो सकती है। वे न्याय की मांग कर रहे हैं और यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह आत्महत्या, हादसा, या फिर प्रेम प्रसंग में मारपीट के बाद हत्या है।पुलिस की जांच अब भी जारी है, और मामले का हर पहलू बारीकी से खंगाला जा रहा है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

  • 10 जनवरी महाकाल आरती: कण-कण में महादेव, मस्तक पर चंद्र अर्पित कर बाबा का भव्य श्रृंगार

    10 जनवरी महाकाल आरती: कण-कण में महादेव, मस्तक पर चंद्र अर्पित कर बाबा का भव्य श्रृंगार


    उज्जैन । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में 10 जनवरी को माघ माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर भव्य भस्म आरती का आयोजन हुआ। तड़के 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए और विशेष श्रृंगार के साथ भगवान महाकाल की भस्म आरती संपन्न हुई। इस अवसर पर महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया जिसे देखने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।मंदिर के पट खुलने के बाद, पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन किया और भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके बाद पंचामृत से अभिषेक पूजन किया गया जिसमें दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस का उपयोग किया गया। विशेष ध्यान बाबा महाकाल के मस्तक पर चंद्र अर्पित करने पर दिया गया, जो इस दिव्य श्रृंगार का अहम हिस्सा था।

    भस्म आरती की विशेषताएँ

    भस्म अर्पण से पहले प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का ध्यान किया गया। इसके बाद कपूर आरती की गई और ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्म रमाई गई। फिर शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। भगवान महाकाल को आभूषणों से सजाया गया और सुगंधित पुष्पों से उनका अलंकरण किया गया।

    श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
    इस भव्य आरती का दृश्य अत्यधिक श्रद्धा और भक्तिभाव से परिपूर्ण था। भस्म आरती के दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। कई श्रद्धालु नंदी महाराज के पास गए और उनके कान के पास जाकर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मांगा। मंदिर में बाबा महाकाल की जयकारे गूंज रहे थे, जिससे पूरा परिसर महाकाल की भक्ति से भरा हुआ था। इस दिन के आयोजन में श्रद्धालुओं ने अपने पूरे मन से बाबा महाकाल को नमन किया और उन्हें खुशहाल जीवन की कामना की। महाकाल मंदिर का वातावरण भव्यता और आस्था से ओत-प्रोत था, जो श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया।