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  • महिलाओं की छेड़छाड़ पर रणवीर सिंह ने हंसते हुए कहा, ‘फ्लर्ट मत करो’, वायरल वीडियो बना चर्चा का विषय

    महिलाओं की छेड़छाड़ पर रणवीर सिंह ने हंसते हुए कहा, ‘फ्लर्ट मत करो’, वायरल वीडियो बना चर्चा का विषय

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह एक बार फिर अपने बेबाक और मजाकिया अंदाज को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। इस बार किसी फिल्म या प्रमोशनल इवेंट की वजह से नहीं, बल्कि एक ब्रांड शूट के दौरान रिकॉर्ड हुई हल्की-फुल्की बातचीत ने लोगों का ध्यान खींचा है। शूटिंग सेट से सामने आए एक वीडियो में अभिनेता का सहज और हास्यपूर्ण अंदाज देखने को मिल रहा है, जिसे सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है। वीडियो पर फैंस लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और रणवीर के ह्यूमर की सराहना कर रहे हैं।

    वायरल वीडियो मॉडल दीक्षा नारंग ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया। उन्होंने बताया कि यह वीडियो अप्रैल 2026 में एक ब्रांड कैंपेन की शूटिंग के दौरान रिकॉर्ड किया गया था। शूटिंग के बीच कॉफी मशीन में तकनीकी खराबी आने के कारण कुछ समय के लिए काम रोकना पड़ा। इसी दौरान सेट पर मौजूद लोगों के बीच सामान्य बातचीत शुरू हुई और माहौल को सहज बनाने के लिए दीक्षा ने रणवीर सिंह से बातचीत की।

    वीडियो में देखा जा सकता है कि बातचीत के दौरान माहौल पूरी तरह हल्का और मजाकिया बना हुआ था। इसी बीच रणवीर सिंह मुस्कुराते हुए कहते हैं, “इतना फ्लर्ट कर रही हो… मैं दो बच्चों का बाप बनने वाला हूं यार।” अभिनेता की यह बात सुनते ही सेट पर मौजूद सभी लोग हंसने लगते हैं। उनका यह सहज और चुटीला जवाब कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

    वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट यूजर्स ने रणवीर सिंह के स्वाभाविक व्यवहार और हाजिरजवाबी की जमकर तारीफ की। कई लोगों ने लिखा कि अभिनेता का यही सरल और सकारात्मक स्वभाव उन्हें दूसरों से अलग बनाता है। वहीं कुछ प्रशंसकों ने इसे मनोरंजक और परिवार के प्रति उनके लगाव को दर्शाने वाला बयान बताया। सोशल मीडिया पर वीडियो के अलग-अलग हिस्से तेजी से साझा किए जा रहे हैं और इस पर लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

    रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण इन दिनों अपने निजी जीवन को लेकर भी चर्चा में हैं। दोनों जल्द ही दूसरी बार माता-पिता बनने वाले हैं। इससे पहले सितंबर 2024 में उन्होंने अपनी बेटी दुआ का स्वागत किया था। अब उनके परिवार में एक और नए सदस्य के आने का इंतजार किया जा रहा है। ऐसे में रणवीर का वीडियो में दिया गया मजाकिया बयान भी उनके पारिवारिक जीवन से जुड़कर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

    पेशेवर मोर्चे पर भी रणवीर सिंह लगातार सक्रिय हैं। उनकी हालिया फिल्मों ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर: द रिवेंज’ को बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रतिसाद मिला। इन फिल्मों के बाद अभिनेता अब अपनी अगली परियोजना ‘प्रलय’ की शूटिंग में व्यस्त हैं। यह फिल्म ज़ॉम्बी-थीम पर आधारित बताई जा रही है और इसका निर्देशन जय मेहता कर रहे हैं। दर्शकों के बीच इस फिल्म को लेकर भी उत्सुकता बनी हुई है।

    रणवीर सिंह अपने अभिनय के साथ-साथ अपने ऊर्जा से भरपूर व्यक्तित्व और हास्यपूर्ण अंदाज के लिए भी जाने जाते हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों, इंटरव्यू और शूटिंग सेट पर उनका सहज व्यवहार अक्सर लोगों का ध्यान आकर्षित करता है। यही वजह है कि इस बार भी एक सामान्य बातचीत का छोटा-सा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। फिलहाल अभिनेता का यह मजाकिया अंदाज प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे मनोरंजक तथा स्वाभाविक प्रतिक्रिया के रूप में देख रहे हैं।

  • आरक्षण पर वायरल बयान को शिल्पा शेट्टी ने बताया पूरी तरह फर्जी, लोगों से अफवाहों से बचने की अपील

    आरक्षण पर वायरल बयान को शिल्पा शेट्टी ने बताया पूरी तरह फर्जी, लोगों से अफवाहों से बचने की अपील

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने सोशल मीडिया पर उनके नाम से वायरल हो रहे आरक्षण संबंधी कथित बयान का स्पष्ट रूप से खंडन किया है। अभिनेत्री ने कहा कि उनके नाम से प्रसारित किया जा रहा संदेश पूरी तरह मनगढ़ंत और भ्रामक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना सत्यापन के ऐसी किसी भी पोस्ट पर विश्वास न करें और अफवाहों को आगे बढ़ाने से बचें।

    हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से साझा की जा रही थी, जिसमें दावा किया गया कि शिल्पा शेट्टी ने देश की आरक्षण व्यवस्था को लेकर विवादित टिप्पणी की है। पोस्ट में उनके नाम से ऐसे कथन प्रसारित किए गए, जिनमें जाति आधारित आरक्षण को समाप्त करने का समर्थन करने का दावा किया गया। यह पोस्ट वायरल होने के बाद कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चर्चा का विषय बन गई।

    मामले ने तूल पकड़ने के बाद शिल्पा शेट्टी ने स्वयं सामने आकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आरक्षण से जुड़े फर्जी बयानों को उनके नाम से जोड़कर प्रसारित किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इस पूरे दावे को पूरी तरह झूठा, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए कहा कि इसका उनकी वास्तविक सोच या किसी भी आधिकारिक बयान से कोई संबंध नहीं है।

    अभिनेत्री ने अपने संदेश में लोगों से विशेष रूप से आग्रह किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपुष्ट और भ्रामक जानकारियों के झांसे में न आएं। उन्होंने कहा कि किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति के नाम से साझा किए जा रहे बयान को सच मानने से पहले उसकी पुष्टि करना जरूरी है। उनका कहना था कि गलत जानकारी न केवल भ्रम पैदा करती है, बल्कि संबंधित व्यक्ति की छवि को भी प्रभावित कर सकती है।

    वायरल पोस्ट में यह दावा किया गया था कि शिल्पा शेट्टी ने आरक्षण व्यवस्था को लेकर अपनी राय व्यक्त करते हुए उसे समाप्त किए जाने का समर्थन किया है। हालांकि अभिनेत्री ने साफ शब्दों में कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बयान कभी नहीं दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा संदेश पूरी तरह फर्जी है और उसे जानबूझकर उनके नाम से जोड़ा गया है।

    सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्ट और गलत जानकारी फैलाने की घटनाएं पिछले कुछ समय में लगातार बढ़ी हैं। कई बार सार्वजनिक हस्तियों के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल कर ऐसे संदेश प्रसारित किए जाते हैं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं होता। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति को सामने आकर सफाई देनी पड़ती है ताकि गलत जानकारी को रोका जा सके और लोगों के बीच सही तथ्य पहुंच सकें।

    शिल्पा शेट्टी के इस स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि उनके नाम से प्रसारित किया गया कथित आरक्षण संबंधी बयान वास्तविक नहीं है। उन्होंने लोगों से जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया का उपयोग करने और किसी भी विवादित दावे को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करने की अपील की है। उनका यह संदेश डिजिटल माध्यमों पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो शिल्पा शेट्टी हाल ही में कन्नड़ फिल्म ‘केडी: द डेविल’ में नजर आई थीं। इसके अलावा उन्होंने हाल ही में एक कुकिंग रियलिटी शो की मेजबानी भी की, जिसका प्रसारण समाप्त हो चुका है। अभिनय और टेलीविजन के साथ-साथ वह सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहती हैं और समय-समय पर अपने प्रशंसकों से सीधे संवाद करती हैं।

  • 'परिवार होते हुए भी खुद को अनाथ महसूस किया', Lock Upp 2 में शिल्पा शिंदे ने सुनाई निजी संघर्ष की कहानी

    'परिवार होते हुए भी खुद को अनाथ महसूस किया', Lock Upp 2 में शिल्पा शिंदे ने सुनाई निजी संघर्ष की कहानी

    नई दिल्ली । रियलिटी शो Lock Upp 2 के एक हालिया एपिसोड में टीवी अभिनेत्री शिल्पा शिंदे ने अपनी निजी जिंदगी से जुड़े ऐसे अनुभव साझा किए, जिन्होंने शो के अन्य प्रतिभागियों और दर्शकों को भावुक कर दिया। अपने बेबाक अंदाज के लिए पहचानी जाने वाली अभिनेत्री ने बताया कि जीवन में एक समय ऐसा भी आया जब परिवार होने के बावजूद वह खुद को पूरी तरह अकेला और असहाय महसूस करने लगी थीं। उन्होंने कहा कि कई रिश्ते केवल नाम के रह जाते हैं और व्यक्ति भावनात्मक रूप से खुद को बिल्कुल अलग-थलग महसूस करने लगता है।

    शिल्पा शिंदे ने बताया कि उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव उस समय आया जब कंधे की सर्जरी के बाद परिस्थितियां तेजी से बदल गईं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी कठिन दौर के बाद घर का माहौल भी उनके लिए पहले जैसा नहीं रहा। हालात ऐसे बन गए कि उन्हें आत्मसम्मान को प्राथमिकता देते हुए अपना घर छोड़ने का कठिन निर्णय लेना पड़ा। उनके अनुसार यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन उस समय उन्हें लगा कि अपनी गरिमा और स्वाभिमान से समझौता करना उनके लिए संभव नहीं है।

    अभिनेत्री ने भावुक होते हुए कहा कि जिस परिवार के लिए उन्होंने हमेशा अपना पूरा योगदान दिया, वहीं एक समय उन्हें यह महसूस होने लगा कि उनकी भावनाओं और मौजूदगी की कोई अहमियत नहीं रह गई है। उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि उन्हें ऐसा लगता था मानो वह अपने ही घर में केवल जिम्मेदारियां निभाने तक सीमित होकर रह गई थीं। इसी एहसास ने उन्हें मानसिक रूप से काफी प्रभावित किया और अंततः उन्होंने घर छोड़ने का निर्णय लिया।

    शिल्पा ने अपने परिवार के साथ वर्तमान रिश्तों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि समय के साथ उनके और परिवार के सदस्यों के बीच दूरियां बढ़ती चली गईं। उन्होंने स्वीकार किया कि लंबे समय से उनकी मां से मुलाकात नहीं हुई है और इस स्थिति ने उन्हें भीतर तक प्रभावित किया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अब उन्होंने अपनी जिंदगी को नए नजरिए से आगे बढ़ाने का फैसला किया है और वह भविष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहती हैं।

    उन्होंने यह भी साझा किया कि उनकी सबसे बड़ी इच्छा एक ऐसा शेल्टर होम तैयार करने की है, जहां जरूरतमंद और बेसहारा लोगों को सुरक्षित आश्रय मिल सके। उनके अनुसार इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए उन्होंने इस शो में हिस्सा लेने का निर्णय लिया। उनका मानना है कि यदि वह इस मंच के माध्यम से अपने लक्ष्य के करीब पहुंच सकें तो यह उनके जीवन का सबसे बड़ा संतोष होगा।

    शिल्पा शिंदे ने स्पष्ट किया कि वह अपनी निजी कहानी किसी की सहानुभूति हासिल करने के लिए नहीं सुना रहीं, बल्कि यह उनके जीवन की सच्चाई है, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि जीवन में कई बार लोगों ने उन्हें गलत समझा और उनके व्यवहार को लेकर अलग-अलग धारणाएं बनाई, लेकिन अब वह इन बातों से प्रभावित नहीं होतीं। उनका कहना था कि हर व्यक्ति का संघर्ष अलग होता है और उसे समझने के लिए केवल बाहरी परिस्थितियों को नहीं, बल्कि उसके अनुभवों को भी जानना जरूरी होता है।

    अभिनेत्री ने कहा कि कठिन परिस्थितियों ने उन्हें पहले से अधिक मजबूत बनाया है। उनका मानना है कि जीवन में आने वाली चुनौतियां व्यक्ति को टूटने के बजाय आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दे सकती हैं। Lock Upp 2 में साझा की गई उनकी यह कहानी दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है और कई लोग इसे आत्मसम्मान, संघर्ष और आत्मनिर्भरता की मिसाल के रूप में देख रहे हैं।

  • दुबई की निजी पार्टी में प्रस्तुति का अनुभव साझा कर भावुक हुए कुमार सानू, बोले- उस दौर का माहौल बेहद चुनौतीपूर्ण था

    दुबई की निजी पार्टी में प्रस्तुति का अनुभव साझा कर भावुक हुए कुमार सानू, बोले- उस दौर का माहौल बेहद चुनौतीपूर्ण था


    नई दिल्ली ।
    हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध पार्श्व गायक कुमार सानू ने अपने लंबे संगीत करियर से जुड़ा एक ऐसा अनुभव साझा किया है, जिसने एक बार फिर 1990 के दशक के फिल्म उद्योग के माहौल को चर्चा में ला दिया है। उन्होंने बताया कि अपने करियर के दौरान उन्हें दुबई में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए बुलाया गया था, जहां कथित तौर पर अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोग मौजूद थे। गायक ने स्वीकार किया कि उस समय इस तरह की परिस्थितियां उनके लिए बेहद असहज और डर पैदा करने वाली थीं।

    हाल ही में एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान कुमार सानू ने उस दौर की कई यादों को साझा किया। उन्होंने कहा कि आज की तुलना में उस समय फिल्म उद्योग का वातावरण काफी अलग था। उनके अनुसार, कई बार कलाकारों को ऐसे हालात का सामना करना पड़ता था, जहां व्यक्तिगत इच्छा से अधिक परिस्थितियां निर्णय लेने के लिए मजबूर कर देती थीं। उन्होंने बताया कि जिस कार्यक्रम में उन्हें बुलाया गया था, वहां जाने को लेकर उनके मन में स्वाभाविक रूप से भय और असमंजस था।

    गायक ने कहा कि उस समय किसी ऐसे निमंत्रण को ठुकराना आसान नहीं माना जाता था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उस दौर में कलाकार अपने काम के साथ-साथ सुरक्षा और अन्य व्यावहारिक चुनौतियों को भी ध्यान में रखकर फैसले लेते थे। उनके मुताबिक, कई बार परिस्थितियां ऐसी होती थीं कि किसी टकराव से बचना ही सबसे सुरक्षित विकल्प समझा जाता था।

    बातचीत के दौरान कुमार सानू ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने करियर में फिल्म उद्योग के बदलते दौर को बहुत करीब से देखा है। उनके अनुसार, उस समय कई कलाकार अनावश्यक विवादों या जोखिम से दूर रहने की कोशिश करते थे। यही वजह थी कि कई फैसले व्यक्तिगत पसंद के बजाय उस समय की परिस्थितियों को देखते हुए लिए जाते थे। उन्होंने माना कि उस दौर का माहौल आज की तुलना में कहीं अधिक संवेदनशील था।

    कुमार सानू ने यह भी बताया कि समय बीतने के साथ अंडरवर्ल्ड से जुड़े कुछ लोगों की ओर से उन्हें सुरक्षा देने जैसी बातें भी कही गई थीं। हालांकि उन्होंने हमेशा ऐसे किसी भी प्रस्ताव से दूरी बनाए रखी। उनका कहना था कि उन्होंने स्पष्ट रूप से यह रुख अपनाया कि वे अपनी सुरक्षा और अपने निजी मामलों को स्वयं संभालना पसंद करेंगे तथा किसी भी बाहरी सहयोग पर निर्भर नहीं रहना चाहते।

    गायक की इस बातचीत ने एक बार फिर उस दौर की फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी पुरानी चर्चाओं को सामने ला दिया है। हालांकि उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए किसी नए आरोप या कानूनी दावे की बजाय केवल अपने व्यक्तिगत अनुभव और उस समय के माहौल का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि समय के साथ फिल्म उद्योग में काफी बदलाव आया है और आज काम करने का वातावरण पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित माना जाता है।

    कुमार सानू हिंदी फिल्म संगीत के सबसे लोकप्रिय पार्श्व गायकों में गिने जाते हैं। 1990 के दशक में उनकी आवाज ने कई फिल्मों को यादगार बनाया और उन्होंने अनेक सुपरहिट गीतों को अपनी आवाज दी। दशकों बाद भी उनके गीत संगीत प्रेमियों के बीच उतने ही लोकप्रिय हैं और नई पीढ़ी भी उनके सदाबहार गीतों को पसंद करती है। उनके हालिया खुलासे ने एक बार फिर उनके लंबे करियर और उस दौर के फिल्म उद्योग के अनुभवों को चर्चा का विषय बना दिया है।

  • लॉक अप 2 में राम कपूर का भावुक खुलासा, पिता की आखिरी इच्छा पूरी करने के फैसले ने बदल दिए पारिवारिक रिश्ते

    लॉक अप 2 में राम कपूर का भावुक खुलासा, पिता की आखिरी इच्छा पूरी करने के फैसले ने बदल दिए पारिवारिक रिश्ते

    नई दिल्ली । अभिनेता राम कपूर ने रियलिटी शो ‘लॉक अप 2’ में अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा एक बेहद भावुक और संवेदनशील अनुभव साझा किया, जिसने शो के अन्य प्रतिभागियों के साथ दर्शकों को भी भावुक कर दिया। उन्होंने अपने पिता के अंतिम दिनों को याद करते हुए बताया कि जीवन के सबसे कठिन फैसलों में से एक में उन्होंने अपने पिता का साथ दिया। इस अनुभव ने न केवल उन्हें भावनात्मक रूप से प्रभावित किया, बल्कि परिवार के कुछ रिश्तों पर भी गहरा असर डाला।

    शो के दौरान एक विशेष टास्क में प्रतिभागियों को अपने जीवन से जुड़ा ऐसा राज साझा करना था, जिसे अब तक बहुत कम लोग जानते थे। इसी दौरान राम कपूर ने बताया कि उन्होंने अपने पिता की आखिरी इच्छा को पूरा करने में उनकी मदद की थी। उनका यह बयान सुनकर वहां मौजूद सभी लोग कुछ देर के लिए भावुक हो गए और पूरे माहौल में गंभीरता छा गई।

    राम कपूर ने बताया कि उनके पिता को 63 वर्ष की उम्र में पैंक्रियाटिक कैंसर का पता चला था। उस समय डॉक्टरों ने बीमारी को गंभीर बताया था और शल्य चिकित्सा की संभावना भी बहुत कम थी। इसके बाद उन्होंने इलाज और कीमोथेरेपी के कई चरण पूरे किए, जिससे उनकी सेहत में कुछ समय के लिए सुधार भी आया। परिवार को लगा कि स्थिति पहले से बेहतर हो रही है और उन्होंने कई साल सामान्य जीवन भी बिताया।

    हालांकि कुछ समय बाद बीमारी फिर से लौट आई। राम कपूर के अनुसार, यह दौर पूरे परिवार के लिए बेहद कठिन था। उस समय उनके पिता विदेश में रह रहे थे और लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति से मानसिक रूप से भी परेशान थे। इसी दौरान उन्होंने अपने बेटे से अपनी भावनाएं साझा कीं और जीवन के अंतिम चरण को लेकर अपनी इच्छा बताई।

    अभिनेता ने बताया कि पिता नहीं चाहते थे कि वे अपने अंतिम समय में अकेले रहें। उन्होंने अपने बेटे से साथ रहने की इच्छा जताई थी। राम कपूर ने कहा कि उनके लिए यह फैसला बेहद भावनात्मक और कठिन था, लेकिन उन्होंने अपने पिता का साथ निभाने का निर्णय लिया। उन्होंने आखिरी समय तक उनके साथ रहकर उनकी इच्छाओं का सम्मान किया और उन्हें भावनात्मक सहारा दिया।

    राम कपूर ने यह भी बताया कि उनके पिता ने अपनी विदाई को लेकर कुछ व्यक्तिगत इच्छाएं व्यक्त की थीं। उनका मानना था कि परिवार को उनके जाने के बाद लंबे समय तक दुख में नहीं डूबना चाहिए। अभिनेता ने कहा कि उन्होंने परिस्थितियों को समझते हुए वही किया, जो उन्हें उस समय अपने पिता के लिए सही और मानवीय लगा।

    इस पूरे घटनाक्रम का असर उनके पारिवारिक रिश्तों पर भी पड़ा। राम कपूर ने खुलासा किया कि इस निर्णय के बाद उनकी मां और बहन के साथ संबंधों में दूरी आ गई। उन्होंने बताया कि पिछले कई वर्षों से दोनों के बीच बातचीत नहीं हुई है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपने फैसले को लेकर कभी पछतावा महसूस नहीं किया, क्योंकि उस समय उनका उद्देश्य केवल अपने पिता की इच्छा और सम्मान को प्राथमिकता देना था।

    राम कपूर का यह भावुक अनुभव दर्शाता है कि गंभीर बीमारी और जीवन के अंतिम दौर से जुड़े निर्णय अक्सर पूरे परिवार के लिए बेहद कठिन होते हैं। ऐसे समय में भावनाएं, रिश्ते और व्यक्तिगत विश्वास एक साथ सामने आते हैं। अभिनेता ने अपने अनुभव के माध्यम से यह बताया कि कई बार जीवन में ऐसे फैसले लेने पड़ते हैं, जिनका प्रभाव लंबे समय तक रिश्तों पर बना रहता है, लेकिन परिस्थितियों के अनुसार लिया गया निर्णय व्यक्ति के लिए सही भी हो सकता है।

  • झांसी-मानिकपुर रूट पर 6 ट्रेनें रद्द, 2 एक्सप्रेस बदले रूट से चलेंगी

    झांसी-मानिकपुर रूट पर 6 ट्रेनें रद्द, 2 एक्सप्रेस बदले रूट से चलेंगी


    झांसी। मऊरानीपुर-रोरा रेलखंड पर दोहरीकरण कार्य के तहत होने वाले नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य की तिथि में बदलाव किया गया है। अब रेल संरक्षा आयुक्त का निरीक्षण 28 जुलाई की बजाय 29 जुलाई को होगा। इसके चलते झांसी मंडल से गुजरने वाली कई ट्रेनों के संचालन में संशोधन किया गया है।

    मंडल जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि झांसी-बांदा, झांसी-मानिकपुर और ग्वालियर-प्रयागराज रेलखंड पर चलने वाली छह ट्रेनें अलग-अलग तारीखों में निरस्त रहेंगी। वहीं, खजुराहो-उदयपुर सिटी एक्सप्रेस और उदयपुर सिटी-खजुराहो एक्सप्रेस को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। इसके अलावा हावड़ा-आगरा कैंट एक्सप्रेस को भी निर्धारित अवधि के लिए नियंत्रित किया जाएगा।

    इन ट्रेनों का संचालन रहेगा प्रभावित
    11801 ग्वालियर-प्रयागराज एक्सप्रेस – 28 और 29 जुलाई को रद्द।
    11802 प्रयागराज-ग्वालियर एक्सप्रेस – 29 और 30 जुलाई को रद्द।
    64613 झांसी-बांदा मेमू – 28 और 29 जुलाई को रद्द।
    64614 बांदा-झांसी मेमू – 28 और 29 जुलाई को रद्द।
    64611 झांसी-मानिकपुर मेमू – 29 जुलाई को रद्द।
    64612 मानिकपुर-झांसी मेमू – 30 जुलाई को रद्द।

    दो एक्सप्रेस ट्रेनों का बदला जाएगा मार्ग
    19666 उदयपुर सिटी-खजुराहो एक्सप्रेस 28 जुलाई को अपने सामान्य झांसी–महोबा–खजुराहो मार्ग की बजाय झांसी–दैलवारा–बिरारी–खजुराहो रूट से संचालित होगी। इसी तरह 19665 खजुराहो-उदयपुर सिटी एक्सप्रेस 29 जुलाई को खजुराहो–महोबा–झांसी के स्थान पर खजुराहो–बिरारी–दैलवारा–झांसी मार्ग से चलेगी।

    हावड़ा-आगरा कैंट एक्सप्रेस होगी लेट
    20975 हावड़ा-आगरा कैंट एक्सप्रेस को 28 जुलाई को एक फेरे के दौरान प्रयागराज मंडल में 150 मिनट और झांसी मंडल में 60 मिनट, यानी कुल 210 मिनट तक नियंत्रित किया जाएगा।

    रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की ताजा स्थिति NTES, रेल कनेक्ट ऐप या रेलवे हेल्पलाइन 139 के माध्यम से अवश्य जांच लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।

  • यात्रियों को राहत: रेलवे ने शुरू कीं 3 स्पेशल ट्रेनें, झांसी स्टेशन पर मिलेगा ठहराव

    यात्रियों को राहत: रेलवे ने शुरू कीं 3 स्पेशल ट्रेनें, झांसी स्टेशन पर मिलेगा ठहराव


    झांसी। यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने तीन विशेष ट्रेनों के संचालन का फैसला किया है। ये सभी स्पेशल ट्रेनें वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन पर निर्धारित ठहराव के साथ अपने गंतव्य तक जाएंगी।

    मुंबई सेंट्रल-कटिहार स्पेशल (09189) का संचालन प्रत्येक शनिवार 29 अगस्त तक किया जाएगा। यह ट्रेन झांसी स्टेशन पर सुबह 8:09 बजे पहुंचेगी। वापसी में कटिहार-मुंबई सेंट्रल स्पेशल (09190) 28 जुलाई से प्रत्येक मंगलवार 1 सितंबर तक चलेगी और झांसी स्टेशन पर रात 10:40 बजे (22:40 बजे) रुकेगी। दोनों दिशाओं में यह ट्रेन कुल पांच-पांच फेरे लगाएगी।

    इसके अलावा सूरत-छपरा स्पेशल (09065) का संचालन 28 जुलाई से प्रत्येक मंगलवार 29 सितंबर तक किया जाएगा। यह ट्रेन झांसी स्टेशन पर रात 1:30 बजे पहुंचेगी। वापसी में छपरा-सूरत स्पेशल (09066) 29 जुलाई से प्रत्येक बुधवार 30 सितंबर तक चलेगी और झांसी स्टेशन पर शाम 5:25 बजे (17:25 बजे) ठहरेगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में नौ-नौ फेरे लगाएगी।

    वहीं अहमदाबाद-दरभंगा स्पेशल (09465) 31 जुलाई से प्रत्येक शुक्रवार 11 सितंबर तक संचालित होगी। यह ट्रेन झांसी स्टेशन पर दोपहर 12:30 बजे पहुंचेगी। वापसी में दरभंगा-अहमदाबाद स्पेशल (09466) 3 अगस्त से प्रत्येक सोमवार 14 सितंबर तक चलेगी और झांसी स्टेशन पर रात 12:05 बजे (00:05 बजे) ठहराव करेगी। इस स्पेशल ट्रेन के भी दोनों दिशाओं में छह-छह फेरे निर्धारित किए गए हैं।

    रेलवे का कहना है कि इन विशेष ट्रेनों के संचालन से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी और त्योहार व अवकाश के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

  • कांवड़ यात्रा: कल रात से NH-58 पर ट्रैफिक डायवर्जन होगा लागू, दिल्ली-देहरादून और गंगा एक्सप्रेसवे से गुजरेंगे वाहन

    कांवड़ यात्रा: कल रात से NH-58 पर ट्रैफिक डायवर्जन होगा लागू, दिल्ली-देहरादून और गंगा एक्सप्रेसवे से गुजरेंगे वाहन


    मेरठ। कांवड़ यात्रा को लेकर मेरठ पुलिस ने विस्तृत ट्रैफिक डायवर्जन प्लान जारी कर दिया है। इसके तहत 29 जुलाई की रात 12 बजे से एनएच-58 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। वहीं, 4 अगस्त की आधी रात से हल्के और मध्यम वाहनों पर भी डायवर्जन लागू कर दिया जाएगा। यह व्यवस्था 12 अगस्त तक प्रभावी रहेगी।

    इस दौरान केवल पासधारक वाहनों को तय समय में कांवड़ मार्गों को छोड़कर आवाजाही की अनुमति मिलेगी। हालांकि, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे पर सामान्य यातायात पूर्ववत जारी रहेगा। एसपी ट्रैफिक राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि डायवर्जन प्लान पड़ोसी जिलों और अन्य राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय के बाद तैयार किया गया है। जरूरत पड़ने पर यातायात व्यवस्था में बदलाव भी किया जा सकता है।

    शहर में शुरू होंगी तैयारियां
    नगर निगम मंगलवार से कांवड़ यात्रा मार्गों पर बल्लियां लगाने और स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था शुरू करेगा। नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने अधिकारियों को इसी सप्ताह सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मुख्य मार्गों के गड्ढे भरने और नालियों की सफाई का कार्य भी तेज कर दिया गया है।

    दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर ये रहेगा प्लान
    4 अगस्त से दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा की ओर से आने वाले हल्के और मध्यम वाहनों का भी डायवर्जन लागू होगा। भारी वाहनों को डासना से मोड़ दिया जाएगा, जबकि अन्य वाहनों को भोजपुर चौराहे से निवाड़ी और हापुड़ की ओर भेजा जाएगा। एनएच-58 की बाईं लेन पर दोनों दिशाओं का ट्रैफिक चलेगा, जबकि दाईं लेन हरिद्वार से लौटने वाले कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगी।

    NH-58 पर भारी वाहनों की एंट्री बंद
    29 जुलाई से जलाभिषेक तक राधाना से पूरा महादेव और चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग (गंग नहर पटरी) पर सभी प्रकार के भारी, हल्के और मध्यम वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। गाजियाबाद से आने वाले भारी वाहनों को दुहाई मोड़ से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर डायवर्ट किया जाएगा। अन्य वाहनों को मोदीनगर से डीएमई होते हुए भोजपुर और पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की ओर भेजा जाएगा।

    दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे रहेगा विकल्प
    दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और राजस्थान से उत्तराखंड व सहारनपुर जाने वाले वाहनों को एनएच-09 से डासना, फिर पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और खेकड़ा इंटरचेंज के जरिए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर भेजा जाएगा। हरिद्वार, रुड़की और मुजफ्फरनगर से आने वाले वाहनों को भी संबंधित जिलों से ही एक्सप्रेसवे की ओर डायवर्ट किया जाएगा।

    गंगा एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों के लिए व्यवस्था
    गंगा एक्सप्रेसवे से दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, हरियाणा, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, हरिद्वार और देहरादून जाने वाले वाहनों को सिंभावली कट से उतारकर एनएच-09, डासना और पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर भेजा जाएगा।

    मेरठ, मुजफ्फरनगर और बिजनौर की ओर जाने वाले वाहनों को सिंभावली कट से एनएच-09, ततारपुर, हापुड़ बाईपास, टियाला अंडरपास, किठौर, परीक्षितगढ़, मवाना, बहसूमा, रामराज, मीरापुर और जानसठ मार्ग से भेजा जाएगा। बिजौली कट से उतरने वाले वाहनों के लिए भी अलग रूट निर्धारित किया गया है।

    प्रमुख वैकल्पिक मार्ग
    दिल्ली से देहरादून/हरिद्वार: गाजीपुर बॉर्डर–यूपी गेट–एनएच-09–डासना–पिलखुवा–हापुड़ बाईपास–टियाला–किठौर–परीक्षितगढ़–बहसूमा–रामराज–मीरापुर–देवबंद–आशारोड़ी।
    गाजियाबाद से बिजनौर: डासना–पिलखुवा–टियाला–किठौर–परीक्षितगढ़–बहसूमा–रामराज–मीरापुर–गंगा बैराज।
    बुलंदशहर से हरिद्वार/देहरादून: जोखाबाद–ईस्टर्न पेरिफेरल–डासना–पिलखुवा–किठौर–देवबंद–छुटमलपुर–मोहंड–आशारोड़ी।
    मेरठ से शामली: नानू नहर पुल–भूनी चौराहा–फुगाना मार्ग।

    हेल्पलाइन नंबर
    केंद्रीय कमांड एवं कंट्रोल सेंटर: 0121-2667080
    सिटी कंट्रोल रूम: 9454401587
    ग्रामीण कंट्रोल रूम: 9454417431
    यातायात कंट्रोल रूम: 9454404000

  • जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई पर रोक, मायावती बोलीं- ध्वस्तीकरण नहीं, नियमों के तहत निकले समाधान

    जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई पर रोक, मायावती बोलीं- ध्वस्तीकरण नहीं, नियमों के तहत निकले समाधान


    लखनऊ। रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को गिराने की प्रस्तावित कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगने के बाद बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे मामलों में तोड़फोड़ की कार्रवाई के बजाय संस्थानों को नियमानुसार नियमित करने और व्यावहारिक समाधान तलाशने पर जोर देना चाहिए।

    मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी अपने संदेश में मायावती ने कहा कि रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण का हवाला देकर भवनों को गिराने की प्रक्रिया पर रोक लगाना उचित कदम है। उनका कहना था कि ऐसे मामलों में जनहित और शिक्षा दोनों को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जाना चाहिए।

    छात्रों के भविष्य का भी रखें ध्यान
    बसपा सुप्रीमो ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी मोहम्मद अली जौहर के नाम पर स्थापित इस विश्वविद्यालय का मामला केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां अध्ययन कर रहे छात्रों के भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए सरकार को पहले नियमों के अनुरूप समाधान निकालने का प्रयास करना चाहिए।

    उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रदेश के अन्य शिक्षण संस्थानों में भी निर्माण संबंधी नियमों का पालन नहीं हुआ है, तो उन्हें ध्वस्त करने के बजाय आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर नियमित करने की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए। मायावती ने उम्मीद जताई कि सरकार जनहित को प्राथमिकता देते हुए इस सुझाव पर सकारात्मक विचार करेगी।

    अंतरिम राहत के बाद अंतिम सुनवाई बाकी
    उल्लेखनीय है कि मुरादाबाद मंडलायुक्त की अदालत ने सोमवार को मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को अंतरिम राहत देते हुए 38 भवनों को गिराने की कार्रवाई पर अंतिम निर्णय तक रोक लगा दी थी। मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह के अनुसार, यूनिवर्सिटी की ओर से दायर याचिका पर यह अंतरिम आदेश दिया गया है। मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड की जांच के बाद अंतिम फैसला सुनाया जाएगा।

  • यूपी पुलिस में 15 वरिष्ठ IPS अधिकारियों के तबादले, तरुण गाबा बने लखनऊ के नए पुलिस कमिश्नर

    यूपी पुलिस में 15 वरिष्ठ IPS अधिकारियों के तबादले, तरुण गाबा बने लखनऊ के नए पुलिस कमिश्नर


    लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 15 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस बदलाव में तरुण गाबा को लखनऊ का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है, जबकि अशोक मुथा को पुलिस महानिदेशक (डीजी) अग्निशमन एवं आपात सेवाएं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार का कहना है कि यह बदलाव पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और सुचारु बनाने के उद्देश्य से किया गया है।

    तबादला सूची के अनुसार, मधुर अशोक जैन को पुलिस महानिदेशक मुख्यालय से स्थानांतरित कर पुलिस महानिदेशक अग्निशमन एवं आपात सेवाएं बनाया गया है। वहीं, लखनऊ के पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर को पुलिस महानिरीक्षक (अभिसूचना) मुख्यालय भेजा गया है।

    राम कुमार को लखनऊ रेंज से गोरखपुर जोन का अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) नियुक्त किया गया है। नवीन अरोरा को तकनीकी सेवाओं से हटाकर वाराणसी जोन की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि पीयूष मोर्डिया को वाराणसी जोन से प्रयागराज का पुलिस आयुक्त बनाया गया है।

    इसी क्रम में संजय गुप्ता को पुलिस मुख्यालय से एडीजी कानून-व्यवस्था, धर्मेंद्र सिंह को प्रयागराज रेंज का पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) नियुक्त किया गया है। इसके अलावा मोहित गुप्ता, विनीत कुमार सिंह, राजेंद्र कुमार, आनंद प्रकाश तिवारी, अरुण कुमार सिंह और आनंद कुमार समेत अन्य अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

    सरकार ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को जल्द से जल्द नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। इस फेरबदल को प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।