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  • मजबूत नतीजों के बाद फूड डिलीवरी कंपनी के शेयर में तेजी की उम्मीद, ₹350 तक पहुंचने का अनुमान

    मजबूत नतीजों के बाद फूड डिलीवरी कंपनी के शेयर में तेजी की उम्मीद, ₹350 तक पहुंचने का अनुमान

    नई दिल्ली ।फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स सेक्टर में तेजी से बदलते ट्रेंड्स के बीच एक बड़ी कंपनी ने अपने मजबूत तिमाही नतीजों से बाजार का ध्यान खींचा है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी के प्रदर्शन ने निवेशकों और विश्लेषकों दोनों को सकारात्मक संकेत दिए हैं, जिसके बाद शेयर को लेकर तेजी की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं। बाजार में यह चर्चा तेज है कि आने वाले समय में शेयर में उल्लेखनीय बढ़त देखी जा सकती है।

    कंपनी के ताजा नतीजों में सबसे अहम बदलाव घाटे में कमी और राजस्व में तेज बढ़ोतरी के रूप में सामने आया है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार घाटा कम हुआ है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी अपने खर्चों और संचालन पर बेहतर नियंत्रण कर रही है। साथ ही, रेवेन्यू में लगभग 45 प्रतिशत की वृद्धि ने यह साफ कर दिया है कि प्लेटफॉर्म पर ऑर्डर और ग्राहक गतिविधि लगातार बढ़ रही है। यह वृद्धि केवल एक तिमाही तक सीमित नहीं है, बल्कि पिछले कुछ तिमाहियों से कंपनी की ग्रोथ लगातार मजबूत बनी हुई है।

    ब्रोकरेज रिपोर्ट्स में कंपनी को लेकर सकारात्मक रुख देखने को मिला है। विश्लेषकों का मानना है कि फूड डिलीवरी बिजनेस में लगातार मजबूत मांग बनी हुई है, जबकि क्विक कॉमर्स सेगमेंट भी तेजी से विस्तार कर रहा है। हालांकि इस सेक्टर में मुनाफे की चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं, लेकिन ग्रोथ की रफ्तार इन चुनौतियों को पीछे छोड़ती नजर आ रही है। इसी आधार पर शेयर पर खरीदारी की सलाह बरकरार रखी गई है और नए टारगेट दिए गए हैं।

    विशेषज्ञों का अनुमान है कि शेयर अपने मौजूदा स्तर से लगभग 35 से 40 प्रतिशत तक की तेजी दिखा सकता है। यह अनुमान कंपनी के मजबूत फंडामेंटल्स और बढ़ते यूजर बेस पर आधारित है। जैसे-जैसे डिजिटल फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स की मांग बढ़ रही है, वैसे-वैसे कंपनी का बाजार में प्रभाव भी मजबूत होता जा रहा है।

    कंपनी के तिमाही आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि कारोबार लगातार विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। रेवेन्यू में लगातार सुधार और ऑर्डर वैल्यू में बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि उपभोक्ताओं का भरोसा प्लेटफॉर्म पर बढ़ा है। इसके साथ ही, घाटे में कमी यह दिखाती है कि कंपनी अब लाभप्रदता की दिशा में धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है।

    भविष्य को लेकर कंपनी ने भी सकारात्मक संकेत दिए हैं। प्रबंधन का मानना है कि आने वाले समय में बिजनेस का आकार और तेजी से बढ़ सकता है और नेट ऑर्डर वैल्यू में बड़ा विस्तार देखने को मिल सकता है। कंपनी का लक्ष्य है कि वह ऑपरेशनल मार्जिन को बेहतर बनाकर स्थिर मुनाफे की दिशा में आगे बढ़े।

    शेयर बाजार में हाल के दिनों में भी इस स्टॉक में हल्की तेजी देखने को मिली है और पिछले कुछ समय में इसमें सकारात्मक रुझान बना हुआ है। बाजार पूंजीकरण और निवेशकों की दिलचस्पी यह दिखाती है कि यह स्टॉक अब भी ग्रोथ स्टोरी के रूप में देखा जा रहा है।

    कुल मिलाकर, मजबूत तिमाही नतीजों, घटते घाटे और बढ़ते राजस्व के बीच यह फूड डिलीवरी कंपनी निवेशकों के लिए एक बार फिर आकर्षण का केंद्र बन गई है, और आने वाले समय में इसके शेयर में और मजबूती देखने की संभावना जताई जा रही है।

  • एक मां का अद्भुत त्याग: 75 वर्षीय महिला ने किडनी देकर बेटी को दी नई जिंदगी

    एक मां का अद्भुत त्याग: 75 वर्षीय महिला ने किडनी देकर बेटी को दी नई जिंदगी


    नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश के सागर जिले के शाहगढ़ की एक ऐसी प्रेरक कहानी सामने आई है, जो मातृत्व की शक्ति को एक नई परिभाषा देती है। 40 वर्षीय कंचन असाटी, जो पिछले 10 वर्षों से गंभीर किडनी रोग से जूझ रही थीं, उन्हें उनकी 75 वर्षीय मां मनोरमा असाटी ने अपनी किडनी दान कर नया जीवन दिया। यह सफल ट्रांसप्लांट जून 2025 में भोपाल के बंसल अस्पताल में किया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उम्र के जोखिम के बावजूद यह जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की। आज मां और बेटी दोनों स्वस्थ हैं और सामान्य जीवन जी रही हैं।

    10 साल की बीमारी और लंबा संघर्ष

    करीब एक दशक पहले गर्भावस्था के दौरान कंचन को किडनी से जुड़ी गंभीर समस्या का पता चला था। समय के साथ उनकी स्थिति बिगड़ती गई और क्रिएटिनिन व यूरिया का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया। दिल्ली, इंदौर, हरियाणा और अहमदाबाद जैसे कई बड़े अस्पतालों में इलाज के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। अंत में डॉक्टरों ने स्पष्ट कर दिया कि किडनी ट्रांसप्लांट ही एकमात्र विकल्प है।

    10 रिश्तेदारों की किडनी नहीं हुई मैच

    परिवार ने बेटी की जान बचाने के लिए कई प्रयास किए। लगभग 10 रिश्तेदारों की जांच कराई गई, लेकिन किसी की भी किडनी मैच नहीं हुई। आखिर में मां मनोरमा असाटी का टेस्ट किया गया, जिसमें उनकी किडनी मैच कर गई। हालांकि, उम्र 75 वर्ष होने के कारण डॉक्टरों ने शुरुआत में ट्रांसप्लांट को अत्यधिक जोखिम भरा बताते हुए ऑपरेशन से मना कर दिया था। लेकिन परिवार की उम्मीद और मां के दृढ़ संकल्प ने हालात बदल दिए।

    पति के निधन के बाद और कठिन हुआ जीवन

    इस संघर्ष के बीच वर्ष 2024 में कंचन के पति अमित आनंद असाटी का हृदय गति रुकने से निधन हो गया। इसके बाद वे पूरी तरह डायलिसिस पर निर्भर हो गईं और अपने दो बच्चों के साथ संघर्षपूर्ण जीवन जी रही थीं। बेटी की हालत को दिन-ब-दिन बिगड़ते देख मां ने निर्णय लिया कि अगर उनकी किडनी से बेटी की जान बच सकती है, तो वे यह जोखिम उठाने को तैयार हैं।

    डॉक्टरों ने बताया भावनात्मक और मेडिकल मिसाल

    बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अजीत आनंद असाटी ने इस केस को एक दुर्लभ और प्रेरक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक ऑपरेशन नहीं था, बल्कि मां के त्याग और प्रेम की सबसे बड़ी मिसाल है।

    अब दोनों स्वस्थ, नई जिंदगी की शुरुआत

    सफल ट्रांसप्लांट के बाद मां और बेटी दोनों स्वस्थ हैं। मनोरमा असाटी वर्तमान में दमोह में रह रही हैं, जबकि कंचन अपने बच्चों के साथ सामान्य जीवन की ओर लौट चुकी हैं।

  • निफ्टी की सीमित रेंज टूटते ही बाजार में आ सकता है बड़ा ट्रेंड, वोल्टास पर दबाव बरकरार और तेजस नेटवर्क में मजबूत रिकवरी के संकेत

    निफ्टी की सीमित रेंज टूटते ही बाजार में आ सकता है बड़ा ट्रेंड, वोल्टास पर दबाव बरकरार और तेजस नेटवर्क में मजबूत रिकवरी के संकेत

    नई दिल्ली । शेयर बाजार इस समय लगातार उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहा है, जहां निवेशक किसी स्पष्ट दिशा के इंतजार में नजर आ रहे हैं। बाजार की चाल फिलहाल सीमित दायरे में घूम रही है, जिससे यह समझना मुश्किल हो गया है कि अगली बड़ी मूव किस दिशा में होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक निफ्टी अपनी मौजूदा रेंज से बाहर नहीं निकलता, तब तक किसी मजबूत ट्रेंड की पुष्टि नहीं की जा सकती। उनका मानना है कि एक बार यह दायरा टूटने के बाद बाजार किसी एक दिशा में तेज और स्पष्ट रुख अपना सकता है, जो आने वाले दिनों में निर्णायक साबित होगा।

    इस समय बाजार की स्थिति को प्रभावित करने वाले कई वैश्विक कारण भी सामने हैं, जिनमें भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव प्रमुख हैं। इन वजहों से निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और खरीदारी में सतर्कता देखी जा रही है। इसके साथ ही आईटी और बैंकिंग जैसे बड़े सेक्टरों में कमजोरी ने भी बाजार की रफ्तार को सीमित कर दिया है, जिससे प्रमुख इंडेक्स ऊपर की ओर मजबूत बढ़त नहीं दिखा पा रहे हैं।

    इसी बीच वोल्टास के शेयरों पर दबाव लगातार बना हुआ है। यह स्टॉक पिछले कुछ समय से एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है और हाल के सत्रों में इसमें गिरावट का रुझान देखने को मिला है। तकनीकी संकेत भी इसकी कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं, जहां मोमेंटम में गिरावट और बिकवाली का दबाव साफ दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक यह स्टॉक एक निश्चित स्तर के ऊपर मजबूती नहीं दिखाता, तब तक इसमें सुधार की संभावना सीमित बनी रह सकती है।

    दूसरी ओर तेजस नेटवर्क के शेयरों में हाल के दिनों में मजबूत रिकवरी देखने को मिली है। यह स्टॉक अपने निचले स्तर से तेजी से उभरता हुआ दिखाई दिया है और इसमें बढ़ते वॉल्यूम के साथ खरीदारी भी बढ़ी है। तकनीकी रूप से यह अपने महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है, जो इसे सकारात्मक संकेत देता है। हालांकि, इस तेजी को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि स्टॉक मौजूदा स्तरों पर स्थिरता बनाए रखे, अन्यथा इसमें फिर से उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

    कुल मिलाकर बाजार की मौजूदा स्थिति यह दर्शाती है कि निफ्टी की अगली बड़ी दिशा उसके रेंज ब्रेकआउट पर निर्भर करेगी। वहीं स्टॉक स्तर पर वोल्टास में कमजोरी और तेजस नेटवर्क में सुधार के संकेत अलग-अलग अवसर और जोखिम दोनों को दर्शा रहे हैं। ऐसे माहौल में निवेशकों के लिए चयनात्मक और सतर्क रणनीति अपनाना अधिक उपयुक्त माना जा रहा है।

  • ईरान-यूएस टकराव चरम पर: IRGC की सीधी चेतावनी, अमेरिकी ठिकाने और जहाज निशाने पर 14-पॉइंट प्रस्ताव पर तनाव जारी

    ईरान-यूएस टकराव चरम पर: IRGC की सीधी चेतावनी, अमेरिकी ठिकाने और जहाज निशाने पर 14-पॉइंट प्रस्ताव पर तनाव जारी


    नई दिल्ली। मध्य पूर्व में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, जहां ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खुली चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि फारस की खाड़ी या होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया गया, तो जवाब में सीधे अमेरिकी सैन्य ठिकानों और युद्धपोतों पर हमला किया जाएगा।

    IRGC नौसेना कमांड ने सोशल मीडिया पोस्ट में साफ कहा है कि क्षेत्र में किसी भी तरह की “आक्रामक कार्रवाई” को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं एयरोस्पेस फोर्स ने दावा किया है कि उसके मिसाइल और ड्रोन पहले से ही अमेरिकी ठिकानों और संभावित लक्ष्यों पर लॉक हैं और केवल आदेश का इंतजार है।

    इस बीच, अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वॉशिंगटन ने ईरान के सामने 14 सूत्रीय प्रस्ताव रखा है, जिसमें परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने, यूरेनियम संवर्धन पर रोक और क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे को लेकर कई सख्त शर्तें शामिल हैं। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया था कि इस प्रस्ताव पर जल्द जवाब की उम्मीद है, लेकिन ईरान ने किसी समयसीमा को मानने से इनकार कर दिया है।

    ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि अमेरिकी प्रस्ताव अभी समीक्षा में है और इसका जवाब “उचित समय पर और राष्ट्रीय हितों को देखते हुए” दिया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि ईरान किसी बाहरी दबाव में निर्णय नहीं करेगा।

    तनाव के बीच खाड़ी क्षेत्र में स्थिति और भी संवेदनशील हो गई है। कतर के पास एक मालवाहक जहाज पर संदिग्ध प्रोजेक्टाइल से हमला और ईरान के खार्ग द्वीप के पास बड़े तेल रिसाव ने समुद्री सुरक्षा और पर्यावरणीय चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेल रिसाव 20 वर्ग मील तक फैल चुका है, जिससे क्षेत्रीय पारिस्थितिकी पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

    इसी बीच अमेरिका के प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि समझौते की स्थिति में ईरान पर लगे प्रतिबंध धीरे-धीरे हटाए जा सकते हैं और उसकी जमी हुई संपत्ति भी जारी की जा सकती है, लेकिन इसके बदले परमाणु गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण जरूरी होगा।

    क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए ब्रिटेन और फ्रांस ने भी अपनी नौसैनिक तैनाती बढ़ा दी है, जबकि रूस ने प्रस्ताव दिया है कि वह ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम को सुरक्षित रखने के लिए तैयार है।

    मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट अब वैश्विक ऊर्जा और व्यापार का सबसे संवेदनशील क्षेत्र बन गया है, जहां किसी भी टकराव का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

  • सागर के शाहपुर में हंगामा: दो मौतों के बाद सड़क पर शव रखकर आक्रोश, तनाव बढ़ा

    सागर के शाहपुर में हंगामा: दो मौतों के बाद सड़क पर शव रखकर आक्रोश, तनाव बढ़ा


    नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश के सागर जिले के शाहपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में हुई हिंसक वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया है। शराब माफियाओं की पिटाई में घायल दूसरे युवक सूरज अहिरवार ने भी रविवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले इसी घटना में नीरज प्रजापति की मौत हो चुकी थी।

    लगातार दो मौतों के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया और आक्रोशित परिजनों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मार्ग को जाम कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    बोलेरो से आए हमलावरों ने की थी बेरहमी से पिटाई

    जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार रात की है जब वार्ड क्रमांक-7 शाहपुर निवासी नीरज प्रजापति और सूरज अहिरवार गढ़ाकोटा से काम के बाद लौट रहे थे। रास्ते में बोलेरो सवार 10 से 12 लोगों ने उन्हें रोक लिया और शराब बेचने के संदेह में लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। हमले में नीरज गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया था, जबकि सूरज किसी तरह बचकर घर पहुंचा था। बाद में नीरज की मौत हो गई थी।

    सबूत मिटाने की कोशिश का आरोप

    शनिवार सुबह नीरज का शव बरेठा बाबा की घाटी के पास सड़क किनारे मिला था। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने हत्या को सड़क हादसा दिखाने के लिए शव को वहां फेंक दिया। इसी बीच सूरज को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार को उसकी भी मौत हो गई।

    मरने से पहले दिए आरोपियों के नाम

    अस्पताल में भर्ती सूरज ने पुलिस को दिए बयान में कई नामों का खुलासा किया था। उसने बताया कि अंशुल, छोटू, भगवत और नीलेश समेत कई लोगों ने मिलकर दोनों की पिटाई की थी। इसी बयान के आधार पर पुलिस ने हत्या समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है और आरोपियों की तलाश में टीमें गठित कर दी हैं।

    शाहपुर में तनाव, चक्काजाम और पुलिस पर सवाल

    दो मौतों के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों और ग्रामीणों ने शाहपुर में शव रखकर सड़क जाम कर दिया और प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और चौकी प्रभारी को हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने पहले ही मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे स्थिति बिगड़ गई।

    पुलिस की कार्रवाई जारी

    पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। प्रशासन ने इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है।

  • रविवार की भस्म आरती में Mahakaleshwar Jyotirlinga का अलौकिक रूप: रजत मुकुट और भस्म से हुआ भव्य श्रृंगार

    रविवार की भस्म आरती में Mahakaleshwar Jyotirlinga का अलौकिक रूप: रजत मुकुट और भस्म से हुआ भव्य श्रृंगार


    नई दिल्ली । विश्व प्रसिद्ध Shri Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple में रविवार तड़के भस्म आरती के दौरान अद्भुत आध्यात्मिक दृश्य देखने को मिला। सुबह करीब 4 बजे जैसे ही मंदिर के पट खुले, पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देव प्रतिमाओं का विधिवत पूजन किया और भगवान महाकाल का जलाभिषेक संपन्न कराया।
    इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया गया। इस दौरान त्रिशूल, त्रिपुंड और डमरू के साथ भांग अर्पित कर विशेष श्रृंगार किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
    भस्म अर्पण के साथ हुआ दिव्य श्रृंगार
    कपूर आरती के बाद हरिओम जल अर्पित किया गया और फिर भगवान महाकाल के ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर भस्म अर्पित की गई। भस्म अर्पण के बाद भगवान का दिव्य श्रृंगार और भी भव्य रूप में सामने आया।
    शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला के साथ सुगंधित पुष्पों की मालाएं बाबा महाकाल को अर्पित की गईं। मोगरे और गुलाब के फूलों से सजे भगवान महाकाल का स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
    भोग और आरती के बाद भक्तों को मिला दर्शन
    श्रृंगार पूर्ण होने के बाद भगवान को फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। भस्म आरती के दौरान महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।
    आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरा मंदिर परिसर “हर हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।
  • उज्जैन में आस्था का संगम: अर्जुन रामपाल ने किए महाकाल दर्शन, साथ दिखीं गायिका इशिता विश्वकर्मा

    उज्जैन में आस्था का संगम: अर्जुन रामपाल ने किए महाकाल दर्शन, साथ दिखीं गायिका इशिता विश्वकर्मा


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता Arjun Rampal रविवार तड़के मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे और बाबा महाकाल के दर्शन किए। वे सुबह करीब 4 बजे मंदिर पहुंचे और लगभग दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठकर भस्म आरती में शामिल हुए। इस दौरान उनका पूरा ध्यान शिव साधना में केंद्रित नजर आया। भस्म आरती के बाद उन्होंने चांदी द्वार पर विधिवत दर्शन किए और भगवान महाकाल के सामने माथा टेककर आशीर्वाद लिया। इसके बाद मंदिर के पुजारियों द्वारा उनका देहरी पूजन कराया गया।

    मंदिर प्रशासन ने किया पारंपरिक स्वागत

    मंदिर प्रशासन की ओर से उप प्रशासक एस.एन. सोनी ने अर्जुन रामपाल का ‘महाकाल’ लिखे दुपट्टे से स्वागत किया। अभिनेता ने मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां की व्यवस्था बेहद सुव्यवस्थित और आध्यात्मिक अनुभव देने वाली है। उन्होंने आगामी सिंहस्थ तैयारियों का भी उल्लेख किया। अर्जुन रामपाल इससे पहले भी मार्च 2025 में उज्जैन आ चुके हैं, जब उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान मंदिर में पूजा-अर्चना की थी।

    इशिता विश्वकर्मा ने जन्मदिन पर लिया महाकाल का आशीर्वाद

    इसी दौरान गायिका Ishita Vishwakarma भी महाकाल मंदिर पहुंचीं और भस्म आरती में शामिल होकर दर्शन किए। यह अवसर उनके 24वें जन्मदिन के साथ खास बन गया। इशिता ने बताया कि वे मध्यप्रदेश के जबलपुर की रहने वाली हैं और बाबा महाकाल में उनकी गहरी आस्था है। उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां आकर उन्हें आध्यात्मिक शांति मिलती है।

    भस्म आरती के दौरान उन्होंने भक्ति गीत “मन मेरा मंदिर, शिव मेरी पूजा, शिव से बड़ा नहीं कोई दूजा” भी प्रस्तुत किया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।

  • यूपी का मौसम फिर करवट लेने को तैयार, 12 मई से आंधी-बारिश का नया दौर शुरू होने के आसार

    यूपी का मौसम फिर करवट लेने को तैयार, 12 मई से आंधी-बारिश का नया दौर शुरू होने के आसार



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी मौसम का उतार-चढ़ाव फिलहाल थम गया है और रविवार सुबह से पूरे प्रदेश में आसमान साफ रहा। तेज धूप के साथ दिन में गर्मी का असर बढ़ा है, हालांकि हल्की हवाओं के चलते फिलहाल गर्मी थोड़ी संतुलित बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को प्रदेश में कहीं भी बारिश या आंधी का अलर्ट नहीं है, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम एक बार फिर बिगड़ने वाला है।

    मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ का असर पूरी तरह समाप्त हो चुका है, जिसके चलते तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। शनिवार को कई जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि झांसी सबसे गर्म जिला रहा। वहीं पिछले 24 घंटे में पूरे प्रदेश में बारिश दर्ज नहीं की गई। तापमान में अचानक आए इस बदलाव से कई इलाकों में गर्मी का असर साफ महसूस किया जा रहा है।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 12 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश में फिर से मौसम बदल जाएगा। इस दौरान पूर्वी और पश्चिमी यूपी में बादल छाने के साथ आंधी, तेज हवाएं और बारिश के आसार हैं। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने जैसी स्थिति भी बन सकती है। 13 और 14 मई को मौसम और ज्यादा सक्रिय रहने का अनुमान है, जबकि 15 मई तक कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश जारी रह सकती है।

    लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद और बरेली जैसे बड़े शहरों में भी तापमान लगातार बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में गर्मी और तेज होने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक पहाड़ी इलाकों में हो रहे मौसम बदलाव का सीधा असर यूपी पर पड़ रहा है, जिससे लगातार मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

    मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि अगले कुछ दिनों में बदलते मौसम को देखते हुए सतर्क रहें, खासकर तेज हवाओं और आंधी-बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।

  • कूनो से बाहर निकला KGP-1 चीता: मुरैना जिला की ओर मूवमेंट, वन विभाग अलर्ट पर

    कूनो से बाहर निकला KGP-1 चीता: मुरैना जिला की ओर मूवमेंट, वन विभाग अलर्ट पर


    नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश में चीतों के पुनर्वास कार्यक्रम के तहत कूनो नेशनल पार्क से लाया गया Kuno National Park का चीता KGP-1 अब लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है। पिछले करीब 60 दिनों से यह चीता ग्वालियर वन मंडल के तिघरा और घाटीगांव के जंगलों में सक्रिय था, लेकिन अब उसने मुरैना जिले की सीमा की ओर रुख कर लिया है।
    वन विभाग के अनुसार चीता ने हाल ही में आसन नदी पार कर नए जंगल क्षेत्र की ओर मूवमेंट किया है। यह बदलाव उसकी प्राकृतिक प्रवृत्ति और भोजन-पानी की तलाश का हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इंसानी गतिविधियों और शोर से दूरी बनाए रखने के लिए वह लगातार सुरक्षित जंगल क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है।
    GPS कॉलर से हर मूवमेंट पर नजर
    वन विभाग की टीमें चीते की निगरानी के लिए अत्याधुनिक GPS सैटेलाइट कॉलर का उपयोग कर रही हैं। इस कॉलर के जरिए उसकी लोकेशन लगातार ट्रैक की जा रही है ताकि वह सुरक्षित रहे और किसी भी मानव बस्ती में प्रवेश न करे।
    वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि KGP-1 का व्यवहार काफी बदलता रहता है। कभी वह लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में रहता है, तो कभी भोजन और पानी की तलाश में बड़े इलाके में घूमने लगता है।
    डेढ़ महीने से ग्वालियर में बना हुआ था सक्रिय
    पिछले लगभग डेढ़ से दो महीनों तक यह चीता ग्वालियर वन मंडल में लगातार मूवमेंट करता रहा, जिससे प्रशासन सतर्क था। इस दौरान ग्रामीण इलाकों में लोगों को जंगल की ओर न जाने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई थी।
    मुरैना सीमा पर बढ़ा अलर्ट
    अब जब चीता मुरैना सीमा की ओर बढ़ गया है, तो ग्वालियर और मुरैना दोनों वन मंडलों की संयुक्त टीमें अलर्ट मोड पर हैं। सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
    सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
    अधिकारियों का कहना है कि चीते की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उसे प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित रहने और मानव संपर्क से दूर रखने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मूवमेंट पूरी तरह प्राकृतिक है और इसका उद्देश्य नए क्षेत्र में शिकार और निवास की तलाश है।
  • यूपी में बिजली क्रांति की बड़ी योजना: 50% बढ़ेगी उत्पादन क्षमता, 4 पावर प्लांटों से जुड़ेगा 10,600 मेगावॉट का नया विस्तार

    यूपी में बिजली क्रांति की बड़ी योजना: 50% बढ़ेगी उत्पादन क्षमता, 4 पावर प्लांटों से जुड़ेगा 10,600 मेगावॉट का नया विस्तार



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में बिजली क्षेत्र को लेकर सरकार ने बड़ा और महत्वाकांक्षी विस्तार प्लान तैयार किया है, जिसके तहत राज्य की उत्पादन क्षमता में लगभग 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जाएगी। मौजूदा समय में प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता करीब 22,000 मेगावॉट है, जिसे बढ़ाकर 32,600 मेगावॉट करने का लक्ष्य रखा गया है। इस विस्तार योजना में ओबरा-डी, अनपरा-ई, मेजा और मिर्जापुर जैसे प्रमुख पावर प्लांटों को केंद्र में रखा गया है, जहां से कुल मिलाकर 10,600 मेगावॉट अतिरिक्त बिजली उत्पादन जोड़ा जाएगा। इससे न केवल औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि घरेलू उपभोक्ताओं को भी अधिक स्थिर और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

    ऊर्जा विभाग के अनुसार वर्ष 2017 में प्रदेश की उत्पादन क्षमता जहां 11,803 मेगावॉट थी, वहीं 2025 तक यह बढ़कर 22,000 मेगावॉट तक पहुंच चुकी है। अब इसे और आगे बढ़ाने के लिए थर्मल पावर के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार ने जालौन में 500 मेगावॉट का नया सोलर पावर प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई है। इसके अलावा प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत राज्य में सौर ऊर्जा इंस्टॉलेशन तेजी से बढ़ रहे हैं और अब तक करीब 4 लाख से अधिक सोलर कनेक्शन के जरिए लगभग 1400 मेगावॉट ऊर्जा उत्पादन किया जा रहा है।

    ऊर्जा मंत्री के मुताबिक यूपी बायो एनर्जी के क्षेत्र में भी देश में अग्रणी बन चुका है। अयोध्या को देश की पहली सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा चुका है और आने वाले समय में 11,000 मेगावॉट से अधिक सौर परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2034 तक प्रदेश की कुल बिजली उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 55,840 मेगावॉट तक पहुंचाया जाए।

    इसी बीच बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए भी बड़े स्तर पर काम हुआ है। पिछले कुछ वर्षों में लाखों नए पोल लगाए गए हैं, हजारों किलोमीटर पुराने तार बदले गए हैं और सैकड़ों नए उपकेंद्र स्थापित किए गए हैं। इससे बिजली वितरण व्यवस्था पहले की तुलना में काफी मजबूत हुई है और पीक डिमांड के दौरान आपूर्ति में सुधार देखने को मिला है।

    हालांकि इसी बीच ऊर्जा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। अब बिजली विभाग से जुड़े भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों की जांच स्टेट विजिलेंस को सौंपी जाएगी, जिससे जांच प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और प्रभावी हो सके।

    कुल मिलाकर यूपी सरकार का यह ऊर्जा रोडमैप राज्य को न केवल बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि इसे देश के सबसे मजबूत पावर हब के रूप में स्थापित करने की ओर भी इशारा करता है।