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  • क्रिकेट में नाम अब पुलिस सेवा में सम्मान बिहार के आकाशदीप और मुकेश कुमार को मिला डीएसपी का पद

    क्रिकेट में नाम अब पुलिस सेवा में सम्मान बिहार के आकाशदीप और मुकेश कुमार को मिला डीएसपी का पद


    नई दिल्ली। बिहार के खेल जगत के लिए एक ऐतिहासिक दिन तब बना जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर आकाशदीप और मुकेश कुमार को राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में उप पुलिस अधीक्षक यानी डीएसपी पद पर नियुक्त किया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह के दौरान दोनों खिलाड़ियों सहित कुल 21 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। यह नियुक्तियां मेडल लाओ नौकरी पाओ योजना के तहत दी गईं जिसका उद्देश्य उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानजनक सरकारी सेवा प्रदान कर खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना है।

    समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का यह कदम खिलाड़ियों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि पहली बार बिहार में किसी खिलाड़ी को डीएसपी जैसे उच्च पद पर नियुक्त किया गया है और इससे युवा खिलाड़ियों को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की नई प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बिहार के खिलाड़ी ओलंपिक एशियन गेम्स कॉमनवेल्थ गेम्स विश्व कप और आईपीएल जैसे बड़े मंचों पर देश और राज्य का गौरव बढ़ाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने खेलों के विकास को लेकर सरकार की योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आगामी 15 सितंबर से पंचायत स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान अभियान शुरू किया जाएगा। चयनित खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि नालंदा में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना और राज्य में खेल अधोसंरचना के विस्तार पर लगातार काम किया जा रहा है।

    सरकार ने यह भी घोषणा की कि पटना के मोइनुल हक स्टेडियम का पुनर्विकास कराया जा रहा है और इसके संचालन की जिम्मेदारी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को सौंपी गई है। साथ ही पूरे बिहार में पिछले दो वर्षों के दौरान पांच हजार खेल मैदानों का निर्माण पूरा किया जा चुका है ताकि गांव स्तर तक खेल सुविधाएं पहुंचाई जा सकें।

    नियुक्ति पत्र प्राप्त करने के बाद तेज गेंदबाज आकाशदीप ने इसे अपने जीवन का गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि वह रोहतास जिले के एक छोटे से गांव से आते हैं और शुरुआती दिनों में सीमित संसाधनों के बीच क्रिकेट खेलते थे। उस समय खेल को करियर के रूप में ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता था लेकिन अब सरकार की ऐसी योजनाओं से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा। उन्होंने सासाराम में आधुनिक मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करने की इच्छा भी जताई ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

    भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने भी बिहार सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला खिलाड़ियों के लिए बेहद प्रेरणादायक है। उनके अनुसार बिहार में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है बल्कि जरूरत केवल उचित अवसर और बेहतर प्रशिक्षण की है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार की नई नीति आने वाले वर्षों में राज्य से बड़ी संख्या में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    बिहार सरकार की यह पहल केवल सरकारी नियुक्ति तक सीमित नहीं है बल्कि यह संदेश भी देती है कि खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मान और सुरक्षित भविष्य दोनों मिल सकते हैं। इससे राज्य के हजारों युवा खेलों को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित होंगे और बिहार खेलों के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाएगा।

  • त्वचा को लंबे समय तक रखना है स्वस्थ और चमकदार तो अपनाएं ये आसान स्किन केयर टिप्स रोजाना मिलेगी नेचुरल ग्लो

    त्वचा को लंबे समय तक रखना है स्वस्थ और चमकदार तो अपनाएं ये आसान स्किन केयर टिप्स रोजाना मिलेगी नेचुरल ग्लो


    नई दिल्ली । स्वस्थ और चमकदार त्वचा हर किसी की चाहत होती है लेकिन इसके लिए केवल महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना जरूरी नहीं होता। सही जीवनशैली संतुलित खानपान और नियमित स्किन केयर रूटीन अपनाकर भी त्वचा को लंबे समय तक सुंदर और स्वस्थ बनाए रखा जा सकता है। बदलते मौसम धूल प्रदूषण तेज धूप और तनाव का सबसे ज्यादा असर हमारी त्वचा पर पड़ता है इसलिए रोजाना कुछ आसान आदतों को अपनाना बेहद जरूरी है।

    त्वचा की देखभाल की शुरुआत सफाई से होती है। दिन में कम से कम दो बार चेहरे को अपनी त्वचा के अनुसार हल्के फेसवॉश से साफ करें ताकि धूल तेल और गंदगी हट सके। चेहरा बार बार साबुन से धोने से बचें क्योंकि इससे त्वचा का प्राकृतिक तेल कम हो सकता है और रूखापन बढ़ सकता है।

    चेहरे की सफाई के बाद मॉइस्चराइजर लगाना कभी न भूलें। चाहे आपकी त्वचा ऑयली हो या ड्राई हर प्रकार की त्वचा को नमी की जरूरत होती है। सही मॉइस्चराइजर त्वचा को मुलायम बनाए रखने के साथ उसकी प्राकृतिक चमक भी बनाए रखता है।

    धूप से बचाव भी स्किन केयर का सबसे अहम हिस्सा है। घर से बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन जरूर लगाएं। तेज धूप की अल्ट्रावायलेट किरणें त्वचा को समय से पहले बूढ़ा बना सकती हैं और टैनिंग पिगमेंटेशन जैसी समस्याओं का कारण बन सकती हैं। हर दो से तीन घंटे में जरूरत के अनुसार सनस्क्रीन दोबारा लगाना भी फायदेमंद माना जाता है।

    त्वचा की खूबसूरती केवल बाहर से नहीं बल्कि अंदर से भी आती है। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है। पर्याप्त पानी शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में मदद करता है और त्वचा को हाइड्रेट रखता है जिससे चेहरा ताजा और चमकदार दिखाई देता है।

    संतुलित आहार भी स्वस्थ त्वचा की सबसे बड़ी जरूरत है। भोजन में मौसमी फल हरी सब्जियां सूखे मेवे दही और प्रोटीन से भरपूर चीजें शामिल करें। विटामिन सी विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर आहार त्वचा की कोशिकाओं को मजबूत बनाते हैं और प्राकृतिक चमक बनाए रखते हैं। जंक फूड अत्यधिक मीठे और तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना बेहतर रहता है।

    रोजाना पर्याप्त नींद लेना भी त्वचा के लिए बेहद जरूरी है। जब शरीर आराम करता है तब त्वचा खुद को रिपेयर करती है। लगातार कम नींद लेने से डार्क सर्कल चेहरे की थकान और समय से पहले झुर्रियां दिखाई देने लगती हैं। इसलिए हर दिन सात से आठ घंटे की अच्छी नींद लेने का प्रयास करें।

    तनाव भी त्वचा की समस्याओं का बड़ा कारण बन सकता है। अधिक तनाव से मुंहासे दाग धब्बे और त्वचा की चमक कम हो सकती है। योग ध्यान और नियमित व्यायाम तनाव कम करने के साथ शरीर और त्वचा दोनों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

    सप्ताह में एक या दो बार हल्का एक्सफोलिएशन करना भी लाभदायक होता है। इससे त्वचा की मृत कोशिकाएं हटती हैं और नई कोशिकाओं को बढ़ने का अवसर मिलता है। हालांकि जरूरत से ज्यादा स्क्रब करने से त्वचा को नुकसान भी हो सकता है इसलिए संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

    यदि त्वचा पर लगातार एलर्जी खुजली दाग धब्बे या अन्य गंभीर समस्याएं बनी रहें तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है। सही समय पर उचित उपचार से बड़ी समस्याओं से बचा जा सकता है।

    अगर इन आसान और नियमित आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया जाए तो त्वचा लंबे समय तक स्वस्थ साफ और प्राकृतिक रूप से चमकदार बनी रह सकती है। सुंदर त्वचा का सबसे बड़ा रहस्य नियमित देखभाल स्वस्थ खानपान और सकारात्मक जीवनशैली में ही छिपा है।

  • जो डर गया वो मर गया सलमान खान के क्रिप्टिक पोस्ट ने बढ़ाई फैंस की बेचैनी सोशल मीडिया पर मचा बवाल

    जो डर गया वो मर गया सलमान खान के क्रिप्टिक पोस्ट ने बढ़ाई फैंस की बेचैनी सोशल मीडिया पर मचा बवाल


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने अपने आधिकारिक अकाउंट पर जिम में वर्कआउट करते हुए एक तस्वीर साझा की जिसके साथ लिखा कि सलमान खान डर गया हम्म जो डर गया वो मर गया। इस छोटे से संदेश ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त हलचल मचा दी और कुछ ही समय में यह पोस्ट तेजी से वायरल होने लगा। प्रशंसकों ने इस पोस्ट के अलग अलग मायने निकाले और कमेंट सेक्शन में प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।

    सलमान खान पिछले कुछ दिनों से लगातार अपने सोशल मीडिया पोस्ट के कारण चर्चा में बने हुए हैं। इससे पहले उन्होंने छात्रों से जुड़े मुद्दे पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए युवाओं के समर्थन में संदेश साझा किया था। उस पोस्ट में उन्होंने परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों की परेशानियों पर सहानुभूति जताई थी और न्यायपूर्ण व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया था। इसके बाद उन्होंने एक और पोस्ट में आंदोलन कर रहे छात्रों से संयम बनाए रखने और सकारात्मक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील भी की थी।

    अब उनके नए पोस्ट ने लोगों की जिज्ञासा और बढ़ा दी है। जिम में पसीना बहाते हुए साझा की गई तस्वीर के साथ लिखा गया संदेश कई लोगों को प्रेरणादायक लगा तो कुछ ने इसे एक रहस्यमयी संकेत के रूप में देखा। हालांकि सलमान खान ने इस पोस्ट के पीछे किसी विशेष संदर्भ का उल्लेख नहीं किया है लेकिन उनके प्रशंसकों ने इसे अपने अपने अंदाज में समझा।

    पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर हजारों यूजर्स ने प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने लिखा कि भाईजान को कोई रिप्लेस नहीं कर सकता जबकि कुछ ने कहा कि सलमान खान हमेशा अपने अंदाज से लोगों का ध्यान खींच लेते हैं। कई प्रशंसकों ने उन्हें बॉलीवुड का सबसे दमदार स्टार बताते हुए लिखा कि उनका आत्मविश्वास और अंदाज ही उन्हें सबसे अलग बनाता है। अभिनेत्री राखी सावंत ने भी इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए भाई लिखकर अपना समर्थन जताया।

    सलमान खान का सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रभाव माना जाता है। उनके हर पोस्ट पर लाखों लाइक्स और हजारों कमेंट्स आते हैं। यही वजह है कि उनका कोई भी संदेश कुछ ही मिनटों में इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन जाता है। फैंस उनके हर नए पोस्ट के पीछे छिपे संदेश को समझने की कोशिश करते रहते हैं और यही बात उन्हें सोशल मीडिया पर सबसे चर्चित सितारों में शामिल करती है।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान खान आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाले हैं। उनकी फिल्म मातृभूमि को लेकर दर्शकों में पहले से ही काफी उत्साह है। इसके अलावा वह साउथ फिल्म इंडस्ट्री की एक बड़ी परियोजना की शूटिंग में भी व्यस्त हैं जिसमें उनके साथ अभिनेत्री नयनतारा मुख्य भूमिका निभाती दिखाई देंगी। यह फिल्म अगले वर्ष ईद के अवसर पर रिलीज होने की संभावना है।

    सलमान खान का नया पोस्ट चाहे प्रेरणादायक संदेश हो या सिर्फ एक स्टाइलिश कैप्शन लेकिन इतना तय है कि उन्होंने एक बार फिर अपने फैंस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सोशल मीडिया पर उनके इस रहस्यमयी संदेश को लेकर चर्चाओं का दौर लगातार जारी है और प्रशंसक अब उनके अगले पोस्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

  • शनि वास्तु दोष बन सकता है आर्थिक संकट और मानसिक तनाव का कारण जानिए संकेत कारण और धार्मिक मान्यताएं

    शनि वास्तु दोष बन सकता है आर्थिक संकट और मानसिक तनाव का कारण जानिए संकेत कारण और धार्मिक मान्यताएं


    नई दिल्ली । वास्तु शास्त्र और ज्योतिष में शनि देव को न्याय कर्म और अनुशासन का प्रतीक माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि यदि घर में वास्तु संबंधी कुछ विशेष प्रकार की अव्यवस्थाएं लंबे समय तक बनी रहती हैं तो उनका संबंध शनि दोष से जोड़ा जाता है। हालांकि वास्तु और ज्योतिष आस्था और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित विषय हैं और इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाता। फिर भी देशभर में बड़ी संख्या में लोग इन मान्यताओं का पालन करते हैं और अपने घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए वास्तु नियमों का ध्यान रखते हैं।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि घर के दक्षिण या पश्चिम दिशा में लगातार गंदगी फैली रहती है टूटा फूटा सामान वर्षों तक रखा रहता है या लोहे का कबाड़ जमा रहता है तो इसे शुभ नहीं माना जाता। कहा जाता है कि ऐसी स्थिति घर के वातावरण को नकारात्मक बना सकती है और व्यक्ति के जीवन में मानसिक तनाव आर्थिक चुनौतियां तथा कार्यों में बार बार रुकावट जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए इन दिशाओं को हमेशा साफ सुथरा और व्यवस्थित रखने की सलाह दी जाती है।

    वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार घर में अंधेरा और सीलन भी नकारात्मकता का कारण मानी जाती है। यदि लंबे समय तक किसी हिस्से में धूप नहीं पहुंचती या वहां हमेशा अव्यवस्था बनी रहती है तो परिवार के सदस्यों के मनोबल और सकारात्मक सोच पर भी उसका प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए घर में पर्याप्त रोशनी स्वच्छता और खुलापन बनाए रखना आवश्यक माना गया है।

    शनि वास्तु दोष की चर्चा के दौरान मुख्य द्वार का भी विशेष महत्व बताया जाता है। यदि घर के प्रवेश द्वार के आसपास कचरा गंदा पानी या टूटी हुई वस्तुएं पड़ी रहती हैं तो इसे शुभ नहीं माना जाता। धार्मिक मान्यता है कि स्वच्छ और व्यवस्थित प्रवेश द्वार सकारात्मक ऊर्जा के आगमन का प्रतीक होता है जबकि गंदगी और अव्यवस्था नकारात्मकता को बढ़ावा दे सकती है।

    शनिवार के दिन शनि देव की पूजा करने सरसों के तेल का दीपक जलाने काले तिल अर्पित करने और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने की परंपरा भी शनि दोष से राहत के उपायों में शामिल मानी जाती है। इसके साथ ही गरीबों को भोजन कराना श्रमिकों का सम्मान करना बुजुर्गों की सेवा करना और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करना शनि देव को प्रसन्न करने का सबसे श्रेष्ठ मार्ग बताया गया है। धार्मिक मान्यता यह भी कहती है कि केवल पूजा करने से अधिक महत्वपूर्ण अपने व्यवहार और कर्मों में सुधार लाना है।

    ज्योतिषाचार्यों के अनुसार पीपल के वृक्ष के नीचे शनिवार की शाम दीपक जलाना शमी के पौधे की सेवा करना और नियमित रूप से शनि स्तोत्र या शनि चालीसा का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। हालांकि इन उपायों को आस्था के रूप में अपनाने की सलाह दी जाती है और किसी भी समस्या का व्यावहारिक समाधान भी समान रूप से आवश्यक माना जाता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तु का मूल उद्देश्य घर को स्वच्छ व्यवस्थित और संतुलित रखना है। जब घर में साफ सफाई अनुशासन सकारात्मक वातावरण और परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और सम्मान का भाव होता है तो जीवन में भी सकारात्मक परिवर्तन महसूस किए जा सकते हैं। शनि देव का संदेश भी यही माना जाता है कि व्यक्ति अपने कर्मों को श्रेष्ठ बनाए और ईमानदारी के मार्ग पर चलते हुए धैर्य और परिश्रम से आगे बढ़े। इसलिए शनि वास्तु दोष का सबसे प्रभावी उपाय केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि अच्छा आचरण स्वच्छ जीवनशैली और सकारात्मक सोच को अपनाना भी माना जाता है।

  • अनकिस्ड गर्ल ऑफ इंडिया बनीं निम्मी एक फैसले ने दिलाई दुनिया भर में पहचान हॉलीवुड के ऑफर भी लौटाए

    अनकिस्ड गर्ल ऑफ इंडिया बनीं निम्मी एक फैसले ने दिलाई दुनिया भर में पहचान हॉलीवुड के ऑफर भी लौटाए


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर की चर्चित अभिनेत्री निम्मी ने अपने अभिनय और मासूमियत से करोड़ों दर्शकों का दिल जीता। ब्लैक एंड व्हाइट फिल्मों के दौर से लेकर रंगीन सिनेमा तक उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। दिलीप कुमार राज कपूर और भारत भूषण जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ काम करने वाली निम्मी उस दौर की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिनी जाती थीं। उनकी खूबसूरती और सादगी के किस्से आज भी फिल्म प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बने रहते हैं।

    निम्मी का असली नाम नवाब बानो था। फिल्म निर्माता और निर्देशक राज कपूर ने उन्हें अपनी चर्चित फिल्म बरसात के जरिए फिल्मी दुनिया में मौका दिया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक कई यादगार फिल्मों में अपने अभिनय का जादू बिखेरा। उनकी सहज अदायगी और भावपूर्ण अभिनय ने उन्हें उस दौर की सबसे पसंदीदा अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया।

    निम्मी के करियर का एक बेहद चर्चित किस्सा फिल्म आन से जुड़ा है। इस फिल्म का प्रीमियर लंदन के रियाल्टो थिएटर में आयोजित किया गया था जहां कई अंतरराष्ट्रीय मेहमान और हॉलीवुड से जुड़े कलाकार भी मौजूद थे। इसी कार्यक्रम के दौरान हॉलीवुड अभिनेता एरल फ्लिन ने पश्चिमी परंपरा के अनुसार निम्मी का हाथ चूमने की कोशिश की। लेकिन भारतीय संस्कारों में विश्वास रखने वाली निम्मी ने विनम्रता से ऐसा करने से इनकार कर दिया। उनका यह व्यवहार वहां मौजूद लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गया।

    इस घटना के बाद विदेशी मीडिया ने निम्मी को अनकिस्ड गर्ल ऑफ इंडिया का नाम दिया। देखते ही देखते यह उपनाम पूरी दुनिया में उनकी पहचान बन गया। उस दौर में यह खबर अंतरराष्ट्रीय अखबारों की सुर्खियां बनी और निम्मी की लोकप्रियता भारत के बाहर भी तेजी से बढ़ गई।

    लंदन प्रीमियर के बाद निम्मी के सामने हॉलीवुड से चार फिल्मों के प्रस्ताव आए। किसी भी भारतीय अभिनेत्री के लिए उस समय यह बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी। हालांकि निम्मी ने बिना किसी हिचकिचाहट के इन सभी प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया। इसकी वजह केवल एक थी। वह अपनी व्यक्तिगत मर्यादाओं और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से समझौता नहीं करना चाहती थीं। उस समय हॉलीवुड फिल्मों में किसिंग और अंतरंग दृश्यों का होना सामान्य माना जाता था जबकि निम्मी ऐसे दृश्य करने के पक्ष में नहीं थीं।

    निम्मी का मानना था कि सफलता तभी सार्थक है जब वह अपने सिद्धांतों और आत्मसम्मान के साथ मिले। उन्होंने कभी लोकप्रियता या बड़े अवसरों के लिए अपने मूल्यों से समझौता नहीं किया। यही कारण है कि आज भी उन्हें केवल एक सफल अभिनेत्री ही नहीं बल्कि मजबूत व्यक्तित्व वाली कलाकार के रूप में भी याद किया जाता है।

    अपने फिल्मी सफर में निम्मी ने बरसात दीदार आन दाग कुंदन भाई भाई उड़नखटोला और बसंत बहार जैसी कई यादगार फिल्मों में काम किया। उनकी फिल्मों और अभिनय ने हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक अमिट छाप छोड़ी। निम्मी का जीवन इस बात का उदाहरण है कि सच्ची पहचान केवल सफलता से नहीं बल्कि अपने सिद्धांतों और मूल्यों पर अडिग रहने से भी बनती है। यही वजह है कि दशकों बाद भी उनका नाम सम्मान और गर्व के साथ लिया जाता है।

  • दिलजीत की फिल्म विवाद के बीच रवि किशन का बयान इतिहास और समाज के प्रति जिम्मेदार रहें फिल्म निर्माता

    दिलजीत की फिल्म विवाद के बीच रवि किशन का बयान इतिहास और समाज के प्रति जिम्मेदार रहें फिल्म निर्माता


    नई दिल्ली। भोजपुरी और हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता तथा सांसद रवि किशन ने फिल्मों में सेंसरशिप को लेकर चल रही बहस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि फिल्मों पर सेंसर बोर्ड की आपत्तियां या बदलाव की मांग कोई नई बात नहीं है बल्कि यह प्रक्रिया वर्षों से चली आ रही है। रवि किशन का कहना है कि किसी भी फिल्म निर्माता और कलाकार की जिम्मेदारी केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होती बल्कि समाज और इतिहास के प्रति भी उसकी जवाबदेही होती है।

    हाल ही में एक बातचीत के दौरान रवि किशन से अभिनेता दिलजीत दोसांझ की फिल्म को लेकर उठे विवाद और सेंसरशिप पर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने साफ कहा कि उन्हें उस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्हें सिर्फ इतना पता है कि एक फिल्म रिलीज हुई और बाद में उसे हटाया गया लेकिन बिना पूरी जानकारी के किसी विवाद पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

    हालांकि सेंसरशिप के मुद्दे पर उन्होंने खुलकर अपनी राय रखी। रवि किशन ने कहा कि जब भी कोई फिल्म बनाई जाती है तब उसके निर्माता निर्देशक और कलाकारों को यह ध्यान रखना चाहिए कि उनकी प्रस्तुति से किसी समुदाय की भावनाएं आहत न हों और किसी ऐतिहासिक घटना को गलत तरीके से प्रस्तुत न किया जाए। उनके अनुसार फिल्मों का समाज पर गहरा प्रभाव पड़ता है और युवा पीढ़ी भी उनसे काफी प्रभावित होती है इसलिए जिम्मेदारी के साथ कंटेंट तैयार करना बेहद जरूरी है।

    उन्होंने कहा कि कलाकारों का काम केवल मनोरंजन करना नहीं बल्कि समाज के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाना भी है। यदि किसी फिल्म या कहानी में तथ्यों को तोड़ मरोड़कर पेश किया जाता है या झूठी जानकारी दिखाई जाती है तो उसका असर लंबे समय तक लोगों की सोच पर पड़ सकता है। इसलिए लेखन से लेकर निर्माण तक हर स्तर पर सावधानी बरतनी चाहिए।

    रवि किशन ने यह भी कहा कि अगर कभी उनकी किसी फिल्म पर सेंसर बोर्ड की ओर से आपत्ति जताई जाती है तो वह सबसे पहले यह जानने की कोशिश करेंगे कि आखिर समस्या क्या है। यदि किसी दृश्य या संवाद से किसी वर्ग की भावनाएं आहत होती हैं या इतिहास को गलत तरीके से दिखाया गया है तो उसमें सुधार करने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी। उनका कहना था कि फिल्मों के निर्माण में काफी समय मेहनत और धन लगता है इसलिए विवाद की जगह समाधान तलाशना बेहतर होता है।

    सेंसरशिप को लेकर उन्होंने इतिहास का भी जिक्र किया। रवि किशन ने कहा कि फिल्मों पर कट्स लगना या रचनात्मक अभिव्यक्ति पर सवाल उठना पहले भी होता रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई चर्चित फिल्मों को भी सेंसर बोर्ड की आपत्तियों का सामना करना पड़ा था। उनके अनुसार यह केवल आज की स्थिति नहीं है बल्कि पहले की सरकारों के समय भी ऐसी घटनाएं होती रही हैं।

    रवि किशन का मानना है कि रचनात्मक स्वतंत्रता और सामाजिक जिम्मेदारी दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग को ऐसे विषयों पर काम करते समय संवेदनशीलता और तथ्यों की सटीकता का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि मनोरंजन के साथ समाज में सकारात्मक संदेश भी पहुंचे।

  • रामायण में भगवान राम का किरदार निभाने से पहले रणबीर कपूर ने किया ध्यान योग और शास्त्रों का गहन अध्ययन

    रामायण में भगवान राम का किरदार निभाने से पहले रणबीर कपूर ने किया ध्यान योग और शास्त्रों का गहन अध्ययन


    नई दिल्ली। नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण को लेकर दर्शकों का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। फिल्म का ट्रेलर सैन डिएगो कॉमिक कॉन में प्रदर्शित किया गया जहां अभिनेता रणबीर कपूर ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि भगवान श्रीराम के किरदार को निभाने के लिए उन्होंने करीब दो वर्षों तक विशेष तैयारी की। उन्होंने कहा कि किसी भी पौराणिक चरित्र को निभाना केवल अभिनय का विषय नहीं होता बल्कि उसके विचारों आदर्शों और जीवन दर्शन को आत्मसात करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।

    रणबीर कपूर ने कहा कि किसी एक्शन फिल्म या सामान्य किरदार के लिए शरीर बनाना डांस सीखना या नई तकनीक अपनाना अपेक्षाकृत आसान होता है लेकिन भगवान श्रीराम जैसा चरित्र निभाने के लिए मन और विचारों को भी उसी दिशा में ढालना जरूरी था। उन्होंने महसूस किया कि यदि श्रीराम के आदर्शों को समझे बिना केवल बाहरी रूप अपनाया जाए तो यह किरदार अधूरा रह जाएगा।

    अभिनेता ने बताया कि उन्होंने इस भूमिका के लिए नियमित योग और ध्यान का अभ्यास किया। उनके साथ एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक भी रहे जिन्होंने घंटों तक उन्हें ध्यान कराया और श्रीराम के जीवन मूल्यों तथा शिक्षाओं को विस्तार से समझाया। रणबीर ने कहा कि इन सत्रों ने उन्हें केवल अभिनय के स्तर पर नहीं बल्कि व्यक्तिगत जीवन में भी काफी बदल दिया। उन्होंने धैर्य संयम करुणा और कर्तव्य जैसे मूल्यों को गहराई से समझने की कोशिश की।

    रणबीर कपूर ने यह भी बताया कि उन्होंने इस दौरान अनेक धार्मिक ग्रंथों और विभिन्न विद्वानों की व्याख्याओं का अध्ययन किया। उन्होंने कई विशेषज्ञों से मुलाकात कर भगवान श्रीराम के व्यक्तित्व को अलग अलग दृष्टिकोण से समझा ताकि पर्दे पर उनका अभिनय स्वाभाविक और प्रभावशाली दिखाई दे। उनके अनुसार भगवान श्रीराम का चरित्र केवल एक राजा या योद्धा का नहीं बल्कि आदर्श पुत्र आदर्श भाई आदर्श पति और आदर्श शासक का भी प्रतीक है।

    उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी कोशिश यही रही कि आठ साल के बच्चे से लेकर अस्सी वर्ष के बुजुर्ग तक हर दर्शक उनके अभिनय में भगवान श्रीराम की सहजता और मर्यादा महसूस कर सके। यही कारण है कि उन्होंने इस भूमिका के लिए मानसिक और आध्यात्मिक तैयारी को सबसे अधिक महत्व दिया। रणबीर का मानना है कि ऐसे किरदार निभाने वाले कलाकार के भीतर भी विनम्रता और सादगी होना आवश्यक है।

    सैन डिएगो कॉमिक कॉन में फिल्म के ट्रेलर को दर्शकों ने जबरदस्त प्रतिक्रिया दी। सोशल मीडिया पर भी ट्रेलर की खूब चर्चा हो रही है और प्रशंसक फिल्म के रिलीज होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस मौके पर फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा निर्देशक नितेश तिवारी और अभिनेता यश भी मौजूद रहे।

    रामायण दो भागों में रिलीज होगी। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी। यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा सनी देओल हनुमान रवि दुबे लक्ष्मण और अरुण गोविल राजा दशरथ के किरदार में दिखाई देंगे। भव्य विजुअल इफेक्ट्स विशाल सेट और दमदार स्टारकास्ट के कारण यह फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक मानी जा रही है। दर्शकों को उम्मीद है कि यह फिल्म केवल मनोरंजन ही नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।

  • EU पर ट्रंप का बड़ा वार, व्यापारिक नीतियों की जांच के आदेश, बोले- 'अमेरिका यूरोप की गुल्लक नहीं'

    EU पर ट्रंप का बड़ा वार, व्यापारिक नीतियों की जांच के आदेश, बोले- 'अमेरिका यूरोप की गुल्लक नहीं'


    वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय संघ (EU) की व्यापारिक नीतियों की औपचारिक जांच शुरू करने का ऐलान किया है। ट्रंप का आरोप है कि यूरोपीय संघ ने गूगल, एप्पल, मेटा और अमेजन जैसी अमेरिकी टेक कंपनियों पर अरबों डॉलर के जुर्माने लगाकर उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया है।

    यह फैसला ऐसे समय आया है, जब एक दिन पहले ही यूरोपीय संघ ने डिजिटल प्रतिस्पर्धा (एंटीट्रस्ट) नियमों के उल्लंघन के मामले में गूगल पर 89 करोड़ यूरो (करीब एक अरब डॉलर) का जुर्माना लगाया था। ईयू का आरोप है कि गूगल ने अपने प्ले स्टोर और सर्च इंजन के जरिए अपनी सेवाओं और ऐप्स को प्राथमिकता देकर निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को प्रभावित किया।

    ‘अमेरिका किसी का गुल्लक नहीं’
    डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने पहले भी यूरोपीय संघ को अमेरिकी कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाने को लेकर चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा, “अमेरिका यूरोप की गुल्लक नहीं है। हम अपनी कंपनियों को लूटने नहीं देंगे।”

    ट्रंप ने आरोप लगाया कि यूरोपीय संघ का रवैया “अवैध और अनैतिक” है और इसके लिए उसे बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी कंपनियों से वसूले गए जुर्माने अंततः वापस लिए जाएंगे।

    टैरिफ बढ़ाने के भी दिए संकेत
    अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिए कि उनकी सरकार जल्द ही यूरोपीय संघ से आयात होने वाले उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाने की दिशा में भी कदम उठा सकती है। उनका कहना है कि अमेरिकी कारोबारों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक सभी विकल्पों पर विचार किया जाएगा।

    पहले भी बढ़ाए जा चुके हैं आयात शुल्क
    ट्रंप की यह घोषणा ऐसे समय हुई है, जब व्हाइट हाउस हाल ही में 60 से अधिक देशों से आने वाले आयातित उत्पादों पर दोहरे अंकों वाले नए टैरिफ लागू करने का ऐलान कर चुका है। अमेरिका का आरोप है कि कई देश जबरन श्रम (Forced Labour) से बने उत्पादों पर प्रतिबंधों को प्रभावी ढंग से लागू नहीं कर रहे हैं।

    ये नए शुल्क पहले से लागू अस्थायी 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ की जगह लेंगे। ट्रंप प्रशासन इन कदमों को ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 के तहत आगे बढ़ा रहा है, जो अमेरिका को किसी देश की कथित अनुचित या भेदभावपूर्ण व्यापारिक नीतियों के जवाब में आयात शुल्क और अन्य व्यापारिक प्रतिबंध लगाने का अधिकार देती है।

  • MP में 20 IAS अधिकारियों का ट्रांसफर…. ASC मंडलोई को 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की जिम्मेदारी

    MP में 20 IAS अधिकारियों का ट्रांसफर…. ASC मंडलोई को 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की जिम्मेदारी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में 20 आईएएस अधिकारियों (20 IAS officers) का तबादला किया गया है। राज्य के मुख्य सचिव का पद संभालने के बाद अशोक बरनवाल (Ashok Barnwal) ने मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) से सलाह-मशविरा के बाद यह फैसला लिया।

    एक अधिकारी ने बताया कि इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) नीरज मंडलोई को ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027’ के आयोजन की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारी ने शुक्रवार देर रात हुए इस बदलाव के बारे में बताया कि मुख्यमंत्री के ACS होने के साथ-साथ मंडलोई उद्योग और MSME विभागों की भी कमान संभालेंगे। वे राघवेंद्र सिंह की जगह लेंगे, जिनका तबादला वन विभाग के प्रधान सचिव के पद पर कर दिया गया है।

    अधिकारी के अनुसार, राघवेंद्र सिंह ने संदीप यादव की जगह ली है। संदीप यादव को जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव के तौर पर अहम ‘केन-बेतवा’ और ‘पार्वती-कालीसिंध’ प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण और राजस्व विभाग की कमान ई. रमेश कुमार को सौंपी गई है। यादव और कुमार दोनों ही सबसे सीनियर आईएएस अधिकारी डॉ. राजेश राजोरा की जगह ले रहे हैं, जिन्हें RCPV नरोन्हा एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट का डायरेक्टर जनरल नियुक्त किया गया है।

    लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुखवीर सिंह को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा विभागों की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन विभागों का काम पहले बरनवाल देखते थे, जिन्हें बाद में मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव अजय कटेसरिया को उनकी कड़ी मेहनत के लिए पुरस्कृत किया गया है। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार में आठ साल के अंतराल के बाद प्रमोशन नियमों को सफलतापूर्वक लागू करने में अहम भूमिका निभाई और रतलाम के कलेक्टर के तौर पर यूनिफॉर्म सिविल कोड को भी लागू किया।

    अधिकारी ने बताया कि इंदौर डिवीजन के कमिश्नर के तौर पर काम कर रहे सीनियर आईएएस अधिकारी सुदाम खाड़े को मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव के पद पर तैनात किया गया है। कुमार पुरुषोत्तम को मंडी बोर्ड की जिम्मेदारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री कार्यालय में उप-सचिव नियुक्त किया गया है। भास्कर लक्ष्यकार अब इंदौर के नए डिविजनल कमिश्नर होंगे।

    केसी गुप्ता को कृषि उत्पादन आयुक्त के साथ-साथ बागवानी विभाग का प्रभार भी सौंपा गया है, जबकि प्रधान सचिव मनीष सिंह अब ऊर्जा विभाग का कार्यभार संभालेंगे। सचिन सिन्हा को लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में ACS के पद पर तैनात किया गया है। वह RCPV नरोन्हा एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट के महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे।

    जॉन किंग्सले एआर को औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें MSME विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वह बागवानी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग के सचिव थे। अधिकारी ने बताया कि उज्जैन के एडिशनल कमिश्नर के तौर पर काम कर रहे रत्नाकर झा को अनूपपुर का कलेक्टर बनाया गया है। वह हर्षल पंचोली की जगह लेंगे, जिनका तबादला भोपाल में एनवायरनमेंट प्लानिंग एंड कोऑर्डिनेशन ऑर्गनाइजेशन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर किया गया है।

    शहडोल के कलेक्टर के तौर पर काम कर रहे केदार सिंह को भोपाल में पीडब्ल्यूडी का एडिशनल सेक्रेटरी बनाया गया है। सिंह की जगह मिशा सिंह लेंगी जो अभी रतलाम की कलेक्टर हैं। मंदसौर की कलेक्टर रहीं अदिति गर्ग को भोपाल में खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग का कमिश्नर बनाया गया है। गर्ग की जगह दिव्यांक सिंह लेंगे, जो अभी भोपाल नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर हैं।

    अधिकारी ने बताया कि मुख्य सचिव के ऑफिस में डिप्टी सेक्रेटरी के तौर पर काम कर रहे गुरु प्रसाद को खरगोन का कलेक्टर बनाया गया है। सतना नगर निगम के कमिश्नर शेर सिंह मीणा को आगर-मालवा का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। उनकी जगह प्रीति यादव को भेजा गया है, जिन्हें एमपी औद्योगिक विकास निगम इंदौर का एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाया गया है।

    इंदौर जिला पंचायत के सीईओ सिद्धार्थ जैन को भोपाल में मुख्य सचिव के कार्यालय में डिप्टी सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। अधिकारी ने बताया कि जैन की जगह एमपी औद्योगिक विकास निगम के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हिमांशु प्रजापति को इंदौर जिला पंचायत का सीईओ बनाया गया है।

  • मानसून की सक्रियता से देशभर में हो रही झमाझम बारिश, 29 जुलाई तक कई राज्यों में अलर्ट

    मानसून की सक्रियता से देशभर में हो रही झमाझम बारिश, 29 जुलाई तक कई राज्यों में अलर्ट


    नई दिल्ली।
    देश में मानसून (Monsoon) की सक्रियता बढ़ने से बारिश की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 16 से 22 जुलाई के दौरान देश में लगभग सामान्य बारिश (Normal Rainfall) दर्ज की गई, जिससे 1 जून से शुरू हुए दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) सीजन में वर्षा की कुल कमी घटकर 17 प्रतिशत रह गई है। हालांकि, भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल नीनो (El Niño) के लगातार मजबूत होने से मानसून के शेष सीजन को लेकर चिंता बरकरार है।


    देश के किन हिस्सों में कितनी बारिश हुई?

    आईएमडी के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम, मध्य तथा पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में वर्षा सामान्य के आसपास रही, जबकि दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में सामान्य से 26 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। 1 जून से 23 जुलाई तक देश में सामान्य 370.9 मिलीमीटर के मुकाबले 306.9 मिलीमीटर वर्षा हुई है। इस तरह मानसून सीजन में अब भी 17 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। क्षेत्रवार देखें तो पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है, जहां अब तक सामान्य से 32 प्रतिशत कम बारिश हुई है। दक्षिण भारत में यह कमी 26 प्रतिशत है। इसके मुकाबले उत्तर-पश्चिम भारत में 10 प्रतिशत और मध्य भारत में केवल 6 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।


    किन राज्यों में सामान्य से ज्यादा और किनमें कम बारिश हुई?

    लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं पंजाब, हरियाणा, गुजरात, गोवा, बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में सामान्य से 20 से 58 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।


    अल नीनो को लेकर मौसम विभाग की चिंता क्यों बढ़ी हुई है?

    आईएमडी के अनुसार, भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्री सतह का तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है और अल नीनो लगातार मजबूत हो रहा है। मौसम संबंधी विभिन्न मॉडल इसके आगे और प्रभावी होने के संकेत दे रहे हैं। अल नीनो का असर आमतौर पर भारतीय मानसून को कमजोर करने और बारिश के क्षेत्रीय वितरण में असंतुलन पैदा करने के रूप में देखा जाता है। इसलिए मानसून के बाकी सीजन में इसकी स्थिति बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


    24 से 29 जुलाई के बीच मौसम का मिजाज कैसा रहेगा?

    24 से 29 जुलाई के दौरान देशभर में एक साथ कई मौसम प्रणालियां सक्रिय रहने का अनुमान है। इसके कारण पश्चिम भारत में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। दक्षिण-पूर्व राजस्थान, गुजरात, उत्तर कोंकण और उत्तर मध्य महाराष्ट्र में भारी से बहुत भारी तथा कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। वहीं पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के साथ-साथ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भी व्यापक वर्षा होने का अनुमान है।


    गुजरात में बारिश ने कितनी तबाही मचाई?

    गुजरात में पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण 38 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा 352 से अधिक लोगों का सुरक्षित बचाव किया गया है। राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों गांवों का संपर्क बाकी क्षेत्रों से टूट गया है।


    असम में बाढ़ की स्थिति कितनी गंभीर है?

    असम में लगातार बारिश और बाढ़ के कारण मृतकों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है। राज्य में सात लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव कार्य जारी है।


    जम्मू-कश्मीर में यात्रा व्यवस्था पर क्या असर पड़ा है?

    जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा बालटाल मार्ग से फिर शुरू कर दी गई है। हालांकि, भूस्खलन के कारण श्री मचैल माता यात्रा फिलहाल बंद है। वहीं वैष्णो देवी यात्रा भी शनिवार से दोबारा बहाल किए जाने की तैयारी की जा रही है।