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  • Twisha Sharma Case: गिरिबाला सिंह की जमानत पर हुई सुनवाई, कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

    Twisha Sharma Case: गिरिबाला सिंह की जमानत पर हुई सुनवाई, कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला


    भोपाल।
    राजधानी भोपाल (Bhopal) के बहुचर्चित त्विषा शर्मा संदिग्ध मृत्यु मामले (Twisha Sharma case) में जेल में बंद सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह (Giribala Singh) की जमानत अर्जी पर शुक्रवार को जिला न्यायालय में तीखी बहस हुई। सीबीआई (CBI) की विशेष अदालत और परिजनों के अधिवक्ताओं का पक्ष सुनने के बाद अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है।

    शनिवार को इस पर फैसला आने की संभावना है। मामले की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इससे पहले तीन न्यायाधीश अलग-अलग व्यक्तिगत कारणों से इस याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर चुके हैं। शुक्रवार को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ने भी यह कहते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया कि उन्होंने आरोपी गिरिबाला सिंह के अधीन न्यायिक प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इसके पश्चात मामला प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामप्रताप मिश्र की अदालत में स्थानांतरित किया गया, जहां विस्तृत सुनवाई हुई।


    बचाव पक्ष ने दिया बुजुर्ग मां का हवाला

    बचाव पक्ष के वक्ताओं ने तर्क दिया कि गिरिबाला सिंह की मां लगभग 100 वर्ष की हैं और वे पूरी तरह अपनी बेटी की देखभाल पर निर्भर हैं। याचिकाकर्ता स्वयं भी कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं और जेल में उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इसके अलावा, आरोपी को नियमित पेंशन एवं युद्ध वीरांगना पेंशन मिलती है। आर्थिक रूप से पूरी तरह सक्षम होने के कारण उन पर दहेज प्रताड़ना का आरोप स्वाभाविक प्रतीत नहीं होता। बचाव पक्ष ने दावा किया कि आरोपी जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं और उनके जेल में रहने के दौरान उनके घर पर चोरी भी हो चुकी है।


    सीबीआई और त्विषा के परिजनों ने किया विरोध

    सीबीआई की ओर से उपस्थित अधिवक्ता अंकुर पांडेय ने जमानत याचिका का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि केवल महिला होना या आर्थिक रूप से संपन्न होना जमानत का आधार नहीं बन सकता। सीबीआई ने अदालत में जेल प्रशासन की मेडिकल रिपोर्ट पेश कर आरोपी के स्वास्थ्य को सामान्य बताया। साथ ही ध्यान दिलाया कि उच्च न्यायालय पहले ही उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुका है और जांच के दौरान आरोपी ने अपना वॉइस सैंपल देने से भी साफ इनकार कर दिया था।

    सीबीआई ने खुलासा किया कि आरोपी ने सीसीटीवी तकनीशियन और एक सैलून संचालक से संपर्क कर निजी प्रतिनिधि के माध्यम से फुटेज हासिल करने का प्रयास किया था। जमानत मिलने पर गवाहों और साक्ष्यों को प्रभावित करने की प्रबल संभावना है। त्विषा शर्मा के परिजनों के अधिवक्ता ने मां की देखभाल वाले तर्क को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी की बुजुर्ग मां कभी उनके साथ नहीं रही हैं। वे केवल जेल से बाहर निकलने के लिए मां का सहारा ले रही हैं ताकि बाहर आकर मामले की निष्पक्ष जांच को प्रभावित कर सकें। अदालत ने दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के उपरांत अदालत ने मामले का फैसला सुरक्षित रख लिया है। संभावना है कि शनिवार को जमानत याचिका पर अदालत अपना फैसला सुनाएगी।

  • देवशयनी एकादशी आज, इन 3 राशियों को अगले 4 महीने रहना होगा सावधान

    देवशयनी एकादशी आज, इन 3 राशियों को अगले 4 महीने रहना होगा सावधान


    नई दिल्‍ली । आज 25 जुलाई 2026, शनिवार को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पावन देवशयनी एकादशी मनाई जा रही है. इसी के साथ चार महीनों के लिए चातुर्मास का आरंभ हो गया है और सृष्टि के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु योग निद्रा में लीन हो गए हैं. धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से यह दिन बेहद खास माना जाता है, क्योंकि इस दिन बनने वाले कुछ खास योग और ग्रहों की स्थिति का प्रभाव सभी 12 राशियों पर देखने को मिलता है.

    जहां एक ओर यह एकादशी कई राशियों के लिए शुभ फल लेकर आई है, वहीं ज्योतिषीय गणना के अनुसार कुछ ऐसी राशियां भी हैं जिन्हें आज और चातुर्मास के इन चार महीनों के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. आज उदया तिथि, ब्रह्म योग और ज्येष्ठा नक्षत्र का संयोग है. इसकी वजह से तीन राशियों के लिए अगले चार महीने थोड़े चुनौती भरे हो सकते हैं.

    आइए जानते हैं कि आज देवशयनी एकादशी से अवसर पर किन राशियों को संभलकर चलने की आवश्यकता है:

    1. कर्क राशि (Cancer)
    कर्क राशि के जातकों के लिए यह समय मानसिक उथल-पुथल और संभलकर चलने वाला हो सकता है. चातुर्मास के दौरान आपको अपने पेशेवर और पारिवारिक जीवन में तालमेल बिठाने में कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है.

    चुनौतियां: आर्थिक मामलों में किसी भी तरह का बड़ा जोखिम लेने से बचें. निवेश करने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें अन्यथा नुकसान उठाना पड़ सकता है. परिवार में किसी बात को लेकर अनबन या गलतफहमी पैदा हो सकती है, इसलिए अपनी वाणी पर संयम रखें.

    बचाव और उपाय: मानसिक शांति बनाए रखने के लिए भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना करें, उन्हें माखन-मिश्री का भोग लगाएं.

    2. वृश्चिक राशि (Scorpio)
    वृश्चिक राशि के जातकों को इस अवधि में स्वास्थ्य और पैतृक मामलों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है. ग्रहों की स्थिति आपके पक्ष में थोड़ी प्रतिकूल हो सकती है, जिससे बनते हुए कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं.

    चुनौतियां: गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें और दफ्तर में किसी भी प्रकार के वाद-विवाद या बहस में पड़ने से बचें. पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद लंबा खींच सकते हैं. इसके अलावा, खानपान में लापरवाही के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं परेशान कर सकती हैं.

    बचाव और उपाय: नकारात्मकता से दूर रहने के लिए भगवान विष्णु के मंदिर जाएं और पीली मिठाई या केसर का दान करें.

    3. धनु राशि (Sagittarius)
    धनु राशि के जातकों के लिए आज से शुरू हो रहा चातुर्मास खर्चों में बढ़ोतरी लेकर आ सकता है. आर्थिक संतुलन बनाए रखना इस दौरान आपके लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी.

    चुनौतियां: आमदनी के मुकाबले फिजूलखर्ची और अनावश्यक खर्चे बढ़ सकते हैं, जिससे आपका बजट बिगड़ सकता है. पेशेवर जीवन में सहकर्मियों या वरिष्ठों के साथ वैचारिक मतभेद होने की संभावना है. जल्दबाजी में लिया गया कोई भी निर्णय आपको भारी पड़ सकता है.

    बचाव और उपाय: आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाए रखने और बाधाओं को दूर करने के लिए केले के वृक्ष की पूजा करें . उसमें जल व चना दाल अर्पित करें.

  • इंस्टाग्राम पर पीएम मोदी का जलवा रिकॉर्ड व्यूज के बाद युवाओं के लिए जारी किया खास धन्यवाद संदेश

    इंस्टाग्राम पर पीएम मोदी का जलवा रिकॉर्ड व्यूज के बाद युवाओं के लिए जारी किया खास धन्यवाद संदेश


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए देश के युवाओं और नागरिकों से संवाद स्थापित किया है। हाल ही में जारी उनके वीडियो संदेश को मिली अभूतपूर्व प्रतिक्रिया के बाद उन्होंने नया वीडियो साझा कर सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। खास तौर पर युवाओं और जेन जी का धन्यवाद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों का स्नेह और सकारात्मक सुझाव उन्हें लगातार प्रेरित करते हैं तथा भविष्य में भी यह संवाद और अधिक मजबूती के साथ जारी रहेगा।

    अपने नए वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली रात देशवासियों से संवाद का अवसर मिला और जिस तरह लोगों ने वीडियो को देखा उस पर अपनी प्रतिक्रिया दी तथा सकारात्मक सुझाव साझा किए उसके लिए वह सभी के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास और स्नेह उनके लिए सबसे बड़ी ताकत है और आने वाले समय में भी यह रिश्ता लगातार मजबूत होता रहेगा। वीडियो के साथ साझा किए गए संदेश में भी प्रधानमंत्री ने युवाओं को विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए लिखा कि जिन्होंने उनका वीडियो देखा और उस पर अपनी प्रतिक्रिया दी उनके प्रति वह आभार व्यक्त करते हैं।

    प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय आया है जब उनका पिछला इंस्टाग्राम वीडियो सोशल मीडिया पर रिकॉर्ड व्यूज हासिल कर सुर्खियों में बना हुआ है। बताया जा रहा है कि वीडियो को पहले चौबीस घंटे के भीतर 30 करोड़ से अधिक बार देखा गया। इस असाधारण प्रतिक्रिया ने इसे इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा देखे जाने वाले वीडियो में शामिल कर दिया। बड़ी संख्या में लोगों ने वीडियो पर अपनी राय और सुझाव भी साझा किए जिससे यह सोशल मीडिया पर चर्चा का प्रमुख विषय बन गया।

    वीडियो की लोकप्रियता का असर प्रधानमंत्री के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी दिखाई दिया। रिकॉर्ड व्यूज के साथ उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर बड़ी संख्या में नए फॉलोअर्स जुड़े। इससे यह साफ हो गया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री की पहुंच लगातार मजबूत बनी हुई है और युवाओं के बीच उनकी सक्रिय मौजूदगी पहले की तरह प्रभावी है।

    आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ऐसे वैश्विक राजनेता हैं जिन्होंने इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स का आंकड़ा पार किया है। सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता लंबे समय से चर्चा का विषय रही है और विभिन्न राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर उनके वीडियो और संदेशों को बड़ी संख्या में लोग देखते और साझा करते हैं।

    सोशल मीडिया विश्लेषकों का मानना है कि डिजिटल माध्यम अब नेताओं और नागरिकों के बीच सीधे संवाद का सबसे प्रभावी मंच बन चुका है। प्रधानमंत्री का ताजा वीडियो भी इसी बदलते दौर की एक मिसाल माना जा रहा है जहां कुछ ही घंटों में करोड़ों लोगों तक संदेश पहुंच गया। बड़ी संख्या में युवाओं ने वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कर यह संकेत दिया कि सोशल मीडिया अब केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि जनसंवाद का भी महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बन चुका है।

    प्रधानमंत्री के नए धन्यवाद संदेश को भी लोगों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। उनके समर्थकों का कहना है कि जनता से सीधे संवाद की यह शैली लोकतांत्रिक सहभागिता को मजबूत बनाती है जबकि बड़ी संख्या में युवाओं ने इसे प्रेरणादायक पहल बताया है। रिकॉर्ड व्यूज और लगातार बढ़ती डिजिटल पहुंच के बीच प्रधानमंत्री का यह नया संदेश सोशल मीडिया पर एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गया है।

  • इंस्टाग्राम पर फिर आए पीएम मोदी, युवाओं का जताया आभार, कहा- 'थैंक यू फ्रेंड्स'

    इंस्टाग्राम पर फिर आए पीएम मोदी, युवाओं का जताया आभार, कहा- 'थैंक यू फ्रेंड्स'


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार देर रात इंस्टाग्राम पर एक और वीडियो साझा कर युवाओं और सोशल मीडिया यूजर्स का आभार जताया। उन्होंने एक दिन पहले पोस्ट किए गए अपने वीडियो पर मिले सकारात्मक सुझावों और समर्थन के लिए लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनका यह स्नेह और जुड़ाव आगे भी बना रहेगा।

    वीडियो में प्रधानमंत्री ने कहा, “थैंक यू फ्रेंड्स। कल देर रात आपसे जुड़ने का मौका मिला। मैंने जो वीडियो साझा किया था, उस पर आपने जिस तरह प्रतिक्रिया दी और सकारात्मक सुझाव दिए, उसके लिए आप सभी का धन्यवाद। आपका यह प्यार आगे भी बना रहेगा और हमारा संवाद लगातार मजबूत होता रहेगा। थैंक यू, थैंक यू दोस्तों।”

    वीडियो पोस्ट होने के महज 20 मिनट के भीतर इसे 10 लाख से अधिक बार देखा गया, जिससे सोशल मीडिया पर इसकी तेजी से चर्चा होने लगी।

    मंत्रियों को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने की सलाह
    हाल ही में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रिपरिषद के सदस्यों को सोशल मीडिया, विशेष रूप से इंस्टाग्राम पर अधिक सक्रिय रहने की सलाह दी थी। सूत्रों के अनुसार उन्होंने बैठक में यह भी पूछा कि कितने मंत्री नियमित रूप से इंस्टाग्राम का उपयोग करते हैं।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा इस प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हैं, इसलिए सरकार को उनसे सीधे संवाद स्थापित करने और सरकारी योजनाओं व संदेशों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का अधिक उपयोग करना चाहिए।

    NEET मुद्दे पर भी दिया था संदेश
    इससे पहले गुरुवार रात करीब 11:52 बजे प्रधानमंत्री मोदी ने एक सेल्फी वीडियो जारी कर छात्रों से सीधा संवाद किया था। उन्होंने NEET पेपर लीक विवाद का जिक्र करते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार छात्रों के साथ खड़ी है और पेपर लीक जैसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    उन्होंने कहा था कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में सरकार फास्ट-ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था और परीक्षा संबंधी अपराधों पर कड़ी सजा के प्रावधान वाले प्रस्तावित कानून पर भी विचार कर रही है।

  • क्या सच में तेल और काले तिल चढ़ाने से शांत होते हैं शनि देव जानिए इस परंपरा का धार्मिक महत्व और मान्यताएं

    क्या सच में तेल और काले तिल चढ़ाने से शांत होते हैं शनि देव जानिए इस परंपरा का धार्मिक महत्व और मान्यताएं


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में शनिवार का दिन न्याय के देवता और कर्मफलदाता भगवान शनि को समर्पित माना जाता है। इस दिन देशभर के शनि मंदिरों में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या दर्शन के लिए पहुंचती है और श्रद्धा भाव से शनि देव को सरसों का तेल तथा काले तिल अर्पित करती है। वर्षों से चली आ रही यह परंपरा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे गहरी आध्यात्मिक मान्यताएं और जीवन को सही दिशा देने वाला संदेश भी छिपा हुआ है।

    धार्मिक ग्रंथों और लोकमान्यताओं के अनुसार शनि देव व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं। वे किसी के साथ पक्षपात नहीं करते बल्कि अच्छे कर्म करने वालों को सम्मान और सफलता तथा गलत कार्य करने वालों को उनके कर्मों के अनुसार परिणाम देते हैं। यही कारण है कि उन्हें न्याय का देवता कहा जाता है। शनिवार के दिन उनकी पूजा कर लोग अपने जीवन में सुख शांति और संतुलन की कामना करते हैं।

    शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करने की परंपरा के पीछे एक प्रसिद्ध धार्मिक कथा भी प्रचलित है। मान्यता है कि जब भगवान हनुमान और शनि देव के बीच युद्ध हुआ तब शनि देव को गंभीर चोटें आई थीं। उस समय भगवान हनुमान ने उनके शरीर पर तेल लगाया जिससे उन्हें राहत मिली। तभी से शनि देव को तेल अर्पित करने की परंपरा शुरू हुई और माना जाने लगा कि श्रद्धा से तेल चढ़ाने पर शनि देव प्रसन्न होते हैं तथा जीवन की कठिनाइयों को कम करने का आशीर्वाद देते हैं।

    इसी प्रकार काले तिल भी शनि देव को अत्यंत प्रिय माने जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र में काले तिल को शनि ग्रह का प्रतीक माना गया है। शनिवार को पूजा के दौरान काले तिल अर्पित करना नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने आत्मविश्वास बढ़ाने और मन को स्थिर रखने का प्रतीक माना जाता है। कई लोग काले तिल का दान भी करते हैं जिसे जरूरतमंदों की सहायता और पुण्य प्राप्ति का माध्यम माना गया है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार के दिन केवल पूजा करना ही पर्याप्त नहीं माना जाता बल्कि अपने व्यवहार और कर्मों को भी बेहतर बनाना आवश्यक बताया गया है। जरूरतमंदों की सहायता करना गरीबों को भोजन कराना बुजुर्गों का सम्मान करना और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करना शनि देव की कृपा प्राप्त करने का सबसे प्रभावी मार्ग माना गया है। ऐसा माना जाता है कि केवल बाहरी पूजा नहीं बल्कि अच्छे कर्म ही वास्तविक उपासना हैं।

    आध्यात्मिक दृष्टि से भी शनि देव का संदेश बेहद महत्वपूर्ण है। उनका स्वरूप मनुष्य को यह सिखाता है कि जीवन में धैर्य अनुशासन परिश्रम और सत्य का मार्ग अपनाने वाला व्यक्ति अंततः सफलता प्राप्त करता है। कठिन समय भी व्यक्ति को मजबूत बनाने का माध्यम बनता है और वही अनुभव भविष्य में उसकी सबसे बड़ी ताकत बन जाते हैं।

    धार्मिक विशेषज्ञों का कहना है कि तेल और काले तिल अर्पित करने की परंपरा को अंधविश्वास के रूप में नहीं बल्कि आस्था और आत्मचिंतन के प्रतीक के रूप में देखना चाहिए। पूजा के साथ यदि व्यक्ति अपने विचारों और कर्मों में सकारात्मक बदलाव लाता है तो उसका जीवन अधिक संतुलित और सफल बन सकता है। शनिवार की पूजा हमें यह याद दिलाती है कि भाग्य से अधिक महत्व हमारे कर्मों का है और न्याय अंततः उसी के पक्ष में होता है जो सत्य और ईमानदारी के मार्ग पर चलता है।

  • शनि देव की पूजा का सही तरीका क्या है जानिए शनिवार की संपूर्ण पूजा विधि धार्मिक महत्व और जरूरी नियम

    शनि देव की पूजा का सही तरीका क्या है जानिए शनिवार की संपूर्ण पूजा विधि धार्मिक महत्व और जरूरी नियम


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में शनिवार का दिन कर्मफलदाता और न्याय के देवता भगवान शनि को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि विधान से शनि देव की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और व्यक्ति को अपने अच्छे कर्मों का शुभ फल प्राप्त होता है। शनि देव को अनुशासन सत्य परिश्रम और न्याय का प्रतीक माना गया है। इसलिए उनकी पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि जीवन में अच्छे आचरण और जिम्मेदारी निभाने का संदेश भी देती है।

    शनिवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ और गहरे रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। इसके बाद घर के मंदिर या शनि मंदिर में भगवान शनि का स्मरण करते हुए पूजा आरंभ की जाती है। पूजा स्थल को साफ रखने के बाद एक दीपक जलाएं। परंपरा के अनुसार सरसों के तेल का दीपक शनि देव के समक्ष प्रज्वलित किया जाता है। इसके बाद काले तिल नीले या काले पुष्प और यदि उपलब्ध हो तो शमी के पत्ते श्रद्धापूर्वक अर्पित किए जाते हैं। कई स्थानों पर पीपल के वृक्ष के नीचे भी दीपक जलाने की परंपरा प्रचलित है।

    पूजा के दौरान शनि देव का ध्यान करते हुए शनि स्तोत्र शनि चालीसा अथवा शनि मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि नियमित रूप से मंत्र जाप करने से मन को शांति मिलती है और व्यक्ति में धैर्य तथा आत्मविश्वास का विकास होता है। पूजा के बाद भगवान से अपने और परिवार के सुख शांति तथा सद्बुद्धि की प्रार्थना की जाती है। यह भी माना जाता है कि पूजा करते समय मन में किसी के प्रति द्वेष या छल का भाव नहीं होना चाहिए क्योंकि शनि देव कर्म और नीयत दोनों को महत्व देते हैं।

    शनिवार के दिन दान का भी विशेष महत्व बताया गया है। जरूरतमंद लोगों को काले तिल उड़द की दाल काला वस्त्र लोहे का पात्र या भोजन दान करना पुण्यदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता करना शनि देव को प्रसन्न करने का सबसे श्रेष्ठ उपाय माना गया है। इसके साथ ही गौ सेवा पक्षियों को दाना खिलाना और श्रमिकों तथा बुजुर्गों का सम्मान करना भी शुभ माना जाता है।

    ज्योतिषीय मान्यताओं में शनिवार के दिन संयम और सादगी से जीवन बिताने की सलाह दी जाती है। इस दिन झूठ बोलने किसी का अपमान करने अन्याय करने या क्रोध में गलत निर्णय लेने से बचने की बात कही गई है। माना जाता है कि शनि देव व्यक्ति के कर्मों के अनुसार ही फल प्रदान करते हैं इसलिए केवल पूजा करने से अधिक महत्वपूर्ण अच्छे आचरण और ईमानदारी को माना गया है।

    धार्मिक विशेषज्ञों का कहना है कि शनि पूजा का वास्तविक उद्देश्य भय पैदा करना नहीं बल्कि व्यक्ति को अपने जीवन और कर्मों के प्रति जागरूक बनाना है। जब इंसान सत्य पर चलता है मेहनत करता है दूसरों के अधिकारों का सम्मान करता है और जरूरतमंदों की सहायता करता है तब वही सबसे बड़ी पूजा बन जाती है। शनिवार का दिन आत्ममंथन का अवसर भी माना जाता है जहां व्यक्ति अपने व्यवहार और कार्यों का मूल्यांकन कर उन्हें बेहतर बनाने का संकल्प ले सकता है।

    इस प्रकार यदि श्रद्धा विश्वास और सकारात्मक सोच के साथ शनिवार को शनि देव की पूजा की जाए तथा जीवन में सत्य अनुशासन और सेवा का मार्ग अपनाया जाए तो यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आत्मिक उन्नति और बेहतर जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बन सकता है।

  • एमपी में मानसून का जोर बरकरार, आज भोपाल-इंदौर समेत 35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में मानसून का जोर बरकरार, आज भोपाल-इंदौर समेत 35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को भोपाल, इंदौर समेत 35 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं करीब 20 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। अब तक राज्य में औसतन 13 इंच वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जो इस मानसून सीजन के कुल औसत कोटे का लगभग 35 प्रतिशत है।

    अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से मिल रही लगातार नमी
    मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के साथ मानसून ट्रफ भी मध्यप्रदेश से होकर गुजर रही है। इसके चलते हवा में नमी का स्तर 80 से 95 प्रतिशत तक बना हुआ है, जिससे कई इलाकों में तेज बारिश की परिस्थितियां बनी हुई हैं।

    इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
    मौसम विभाग ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    इसके अलावा पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में भी कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना है।

    लगातार बारिश से सुधरे आंकड़े
    बीते चार दिनों से हो रही लगातार बारिश का असर प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर भी दिखाई दिया है। 20 जुलाई तक जहां राज्य में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, वहीं अब यह कमी घटकर 11 प्रतिशत रह गई है। वर्तमान में प्रदेश में औसतन 330.4 मिमी (करीब 13 इंच) वर्षा हो चुकी है, जबकि इस अवधि तक 370.9 मिमी (करीब 14.6 इंच) बारिश सामान्य मानी जाती है।

    14 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा
    देवास, भोपाल, इंदौर, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मंदसौर सहित 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें देवास सबसे आगे है, जहां अब तक 19.6 इंच वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। वहीं प्रदेश के 41 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

  • आज का राशिफल 25 जुलाई: किन राशियों को मिलेगा भाग्य का साथ, कौन बरते सावधानी, जानें अपना भविष्यफल

    आज का राशिफल 25 जुलाई: किन राशियों को मिलेगा भाग्य का साथ, कौन बरते सावधानी, जानें अपना भविष्यफल


    नई दिल्ली । शनिवार का दिन ग्रह-नक्षत्रों की चाल के अनुसार सभी 12 राशियों के लिए अलग-अलग परिणाम लेकर आ सकता है। किसी राशि के जातकों को नौकरी और कारोबार में सफलता मिलने के संकेत हैं, तो कुछ लोगों को आर्थिक मामलों, रिश्तों और स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की जरूरत होगी। आइए जानते हैं शनिवार का विस्तृत राशिफल।

    मेष राशि: मित्रों का सहयोग मिलेगा और व्यापार में लाभ के अच्छे योग बन रहे हैं। यात्रा लाभदायक साबित हो सकती है। शिक्षा और करियर से जुड़े लोगों को सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं।

    वृषभ राशि: भावनाओं पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। खर्च बढ़ने से आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है, लेकिन प्रेम संबंधों और वैवाहिक जीवन में मधुरता बनी रहेगी। स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा।

    मिथुन राशि: रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। निवेश से लाभ मिल सकता है, लेकिन परिवार में छोटी-छोटी बातों पर विवाद से बचें। धैर्य और समझदारी से लिए गए फैसले सफलता दिलाएंगे।

    कर्क राशि: भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। हालांकि जीवनसाथी की भावनाओं की अनदेखी करने से बचें।

    सिंह राशि: व्यापारियों के लिए दिन शुभ रहेगा। आर्थिक लाभ के अवसर मिलेंगे, लेकिन बड़े निवेश से फिलहाल दूरी बनाकर रखें। दांपत्य जीवन में रिश्ते मजबूत होंगे और स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा।

    कन्या राशि: कार्यस्थल और परिवार में कुछ तनाव की स्थिति बन सकती है। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद प्रयास सफल रहेंगे। व्यापार में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे और परिवार का सहयोग प्राप्त होगा।

    तुला राशि: खरीदारी और छोटी यात्रा के योग हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी, लेकिन अनावश्यक खर्च से बचना होगा। योग और ध्यान मानसिक शांति प्रदान करेंगे।

    वृश्चिक राशि: प्रियजनों के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। व्यापार और नौकरी में अनुकूल परिणाम मिलेंगे। यात्रा के योग हैं और मानसिक संतुलन बना रहेगा। जल्दबाजी में आर्थिक फैसले लेने से बचें।

    धनु राशि: करियर में सफलता और सम्मान मिलने की संभावना है। आपके विचारों की सराहना होगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी, लेकिन किसी भी विवाद से दूर रहना बेहतर रहेगा।

    मकर राशि: प्रभावशाली लोगों से मुलाकात भविष्य के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। दिन की शुरुआत में आर्थिक चिंता रह सकती है, लेकिन शाम तक स्थिति में सुधार होगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

    कुंभ राशि: नौकरी और कारोबार में प्रगति के योग हैं। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। धन उधार देने से बचें। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा और यात्रा के भी संकेत हैं।

    मीन राशि: आराम और स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और पारिवारिक सहयोग मिलेगा। आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव संभव है, जबकि जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है।

    ज्योतिष के अनुसार, शनिवार का दिन संयम, सकारात्मक सोच और सोच-समझकर निर्णय लेने वालों के लिए अधिक लाभदायक रहेगा। किसी भी बड़े आर्थिक फैसले से पहले सावधानी बरतना और रिश्तों में संवाद बनाए रखना दिन को बेहतर बना सकता है।

  • मानसून में बढ़ा जानलेवा खतरा मच्छर के काटने से हो सकती है दिमाग में सूजन जानिए जापानी इंसेफेलाइटिस के लक्षण और बचाव

    मानसून में बढ़ा जानलेवा खतरा मच्छर के काटने से हो सकती है दिमाग में सूजन जानिए जापानी इंसेफेलाइटिस के लक्षण और बचाव


    नई दिल्ली । मानसून का मौसम जहां ठंडक और राहत लेकर आता है वहीं अपने साथ कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है। आमतौर पर लोग मच्छरों से होने वाली बीमारियों में डेंगू और मलेरिया को सबसे बड़ा खतरा मानते हैं लेकिन एक ऐसी बीमारी भी है जो इन दोनों से कहीं ज्यादा गंभीर साबित हो सकती है। इस बीमारी का नाम जापानी इंसेफेलाइटिस है। यह एक वायरल संक्रमण है जो सीधे दिमाग को प्रभावित करता है और गंभीर मामलों में मरीज की जान तक ले सकता है। कई बार इस बीमारी से बच जाने वाले लोगों को भी जीवनभर न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

    जापानी इंसेफेलाइटिस जापानी इंसेफेलाइटिस वायरस के कारण होता है। यह वायरस फ्लैविवायरस परिवार का सदस्य है जिसमें डेंगू और वेस्ट नाइल वायरस भी शामिल हैं। संक्रमण मुख्य रूप से क्यूलेक्स प्रजाति के संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलता है। ये मच्छर बारिश के मौसम में धान के खेतों तालाबों दलदली क्षेत्रों और लंबे समय तक जमा पानी वाली जगहों पर तेजी से पनपते हैं। डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के विपरीत क्यूलेक्स मच्छर शाम से लेकर सुबह तक सबसे अधिक सक्रिय रहते हैं इसलिए रात के समय विशेष सावधानी जरूरी होती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार जब संक्रमित मच्छर किसी व्यक्ति को काटता है तो वायरस सबसे पहले रक्त में प्रवेश करता है। इसके बाद यह ब्लड ब्रेन बैरियर को पार करके मस्तिष्क तक पहुंच सकता है। दिमाग में संक्रमण फैलने के बाद सूजन की स्थिति बनती है जिसे मेडिकल भाषा में इंसेफेलाइटिस कहा जाता है। यही कारण है कि यह बीमारी बेहद खतरनाक मानी जाती है क्योंकि इसका असर सीधे मस्तिष्क की कार्यप्रणाली पर पड़ता है।

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया भर में हर वर्ष लगभग 68000 लोग जापानी इंसेफेलाइटिस से संक्रमित होते हैं। दक्षिण पूर्व एशिया और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र इसके सबसे बड़े प्रभावित इलाके हैं। भारत में भी हर वर्ष इसके मामले सामने आते हैं। बच्चों में इसका खतरा सबसे अधिक माना जाता है। विशेष रूप से 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग धान के खेतों में काम करने वाले किसान और ऐसे यात्री जिन्होंने टीकाकरण नहीं कराया है उनके संक्रमित होने की संभावना अधिक रहती है।

    इस बीमारी की शुरुआत सामान्य वायरल संक्रमण जैसी दिखाई देती है। शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार सिरदर्द उल्टी कमजोरी और अत्यधिक थकान शामिल हो सकते हैं। लेकिन यदि वायरस दिमाग तक पहुंच जाए तो स्थिति तेजी से गंभीर हो सकती है। मरीज में तेज बुखार के साथ भ्रम की स्थिति बेहोशी दौरे पड़ना गर्दन में अकड़न चलने में कठिनाई और चेतना खोने जैसे लक्षण विकसित हो सकते हैं। ऐसे संकेत दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी होता है क्योंकि इलाज में देरी जानलेवा साबित हो सकती है।

    डॉक्टरों का कहना है कि केवल सीटी स्कैन से हर बार इस बीमारी की पुष्टि नहीं हो पाती। आवश्यकता पड़ने पर एमआरआई रक्त जांच और सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड की जांच के जरिए संक्रमण की पुष्टि की जाती है। फिलहाल इस बीमारी का कोई विशेष एंटीवायरल इलाज उपलब्ध नहीं है। उपचार के दौरान मरीज की स्थिति को स्थिर रखना संक्रमण से होने वाली जटिलताओं को नियंत्रित करना और शरीर के महत्वपूर्ण अंगों की कार्यप्रणाली बनाए रखना ही मुख्य उद्देश्य होता है।

    विशेषज्ञ मानते हैं कि इस बीमारी से बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय है। मच्छरों से बचने के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें रात में मच्छरदानी का उपयोग करें घर और आसपास पानी जमा न होने दें तथा जरूरत पड़ने पर मच्छर भगाने वाले रिपेलेंट का इस्तेमाल करें। जिन क्षेत्रों में जापानी इंसेफेलाइटिस का खतरा अधिक है वहां स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले टीकाकरण का लाभ अवश्य लेना चाहिए। थोड़ी सी सावधानी इस गंभीर बीमारी से सुरक्षा का सबसे मजबूत कवच बन सकती है।

  • ऑनलाइन शॉपिंग में बड़ी लापरवाही iPhone की जगह मिला Beard Oil उपभोक्ता अदालत ने Flipkart को सुनाया बड़ा फैसला

    ऑनलाइन शॉपिंग में बड़ी लापरवाही iPhone की जगह मिला Beard Oil उपभोक्ता अदालत ने Flipkart को सुनाया बड़ा फैसला


    नई दिल्ली । ऑनलाइन शॉपिंग आज लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है। घर बैठे महंगे स्मार्टफोन से लेकर घरेलू सामान तक आसानी से ऑर्डर किए जा सकते हैं। हालांकि कई बार ऑनलाइन खरीदारी के दौरान ऐसी घटनाएं सामने आती हैं जो ग्राहकों के भरोसे को झटका देती हैं। मुंबई में सामने आया एक ऐसा ही मामला अब चर्चा का विषय बन गया है जहां एक ग्राहक ने लाखों रुपये का प्रीमियम स्मार्टफोन मंगाया लेकिन पार्सल खोलने पर उसमें दाढ़ी बढ़ाने वाला तेल निकला। मामला उपभोक्ता अदालत तक पहुंचा और अदालत ने ग्राहक के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया।

    जानकारी के अनुसार मुंबई के एक ग्राहक ने ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म Flipkart से लगभग एक लाख ग्यारह हजार रुपये की कीमत वाला iPhone 14 Pro खरीदा था। ग्राहक को उम्मीद थी कि उसे नया स्मार्टफोन मिलेगा लेकिन जब उसने डिलीवरी के बाद पैकेट खोला तो उसके अंदर iPhone की जगह Beard Growth Oil मौजूद था। महंगे स्मार्टफोन के स्थान पर पूरी तरह अलग उत्पाद मिलने से ग्राहक हैरान रह गया।

    घटना के बाद ग्राहक ने सबसे पहले ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म और विक्रेता से शिकायत की लेकिन उसे संतोषजनक समाधान नहीं मिला। कई बार संपर्क करने के बावजूद समस्या का निपटारा नहीं होने पर ग्राहक ने उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाया और न्याय की मांग की।

    मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि ग्राहक ने निर्धारित राशि का पूरा भुगतान किया था और सही उत्पाद की डिलीवरी सुनिश्चित करना विक्रेता और ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म दोनों की जिम्मेदारी थी। अदालत ने कहा कि ऑनलाइन मार्केटप्लेस केवल बिक्री का माध्यम होने का दावा कर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता क्योंकि ग्राहक का लेनदेन उसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से पूरा हुआ है।

    उपभोक्ता अदालत ने अपने फैसले में Flipkart को ग्राहक की जमा राशि वापस करने का निर्देश दिया। साथ ही अदालत ने मुआवजे और मुकदमे के खर्च के रूप में अतिरिक्त सत्तर हजार रुपये का भुगतान करने का भी आदेश दिया। अदालत ने यह भी माना कि ग्राहक की शिकायतों का उचित समाधान न करना सेवा में स्पष्ट कमी का मामला है।

    अदालत ने विक्रेता को भी जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि ग्राहक की बार बार की गई शिकायतों के बावजूद सही उत्पाद उपलब्ध नहीं कराया गया और न ही प्रभावी समाधान दिया गया। इसलिए ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म और विक्रेता दोनों को संयुक्त रूप से जवाबदेह माना गया।

    यह फैसला ऑनलाइन खरीदारी करने वाले उपभोक्ताओं के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश देता है। यदि किसी ग्राहक को ऑर्डर से अलग सामान मिलता है या शिकायत का समाधान नहीं किया जाता तो वह उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत अपने अधिकारों का उपयोग कर सकता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ग्राहकों का विश्वास बनाए रखना ई कॉमर्स कंपनियों की जिम्मेदारी है और लापरवाही की स्थिति में उन्हें जवाबदेह ठहराया जा सकता है।

    ऑनलाइन शॉपिंग करते समय ग्राहकों को भी कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। महंगे उत्पादों की डिलीवरी लेते समय पैकेज की स्थिति जांचें यदि संभव हो तो अनबॉक्सिंग का वीडियो रिकॉर्ड करें और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज कराएं। इससे विवाद की स्थिति में जरूरी साक्ष्य उपलब्ध रहते हैं।

    यह मामला याद दिलाता है कि डिजिटल खरीदारी जितनी सुविधाजनक है उतनी ही सतर्कता भी मांगती है। वहीं उपभोक्ता अदालत का यह फैसला ई कॉमर्स कंपनियों के लिए भी स्पष्ट संदेश है कि ग्राहक सेवा और सही डिलीवरी में लापरवाही की कीमत उन्हें चुकानी पड़ सकती है।