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  • यूपी में बिजली क्रांति की बड़ी योजना: 50% बढ़ेगी उत्पादन क्षमता, 4 पावर प्लांटों से जुड़ेगा 10,600 मेगावॉट का नया विस्तार

    यूपी में बिजली क्रांति की बड़ी योजना: 50% बढ़ेगी उत्पादन क्षमता, 4 पावर प्लांटों से जुड़ेगा 10,600 मेगावॉट का नया विस्तार



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में बिजली क्षेत्र को लेकर सरकार ने बड़ा और महत्वाकांक्षी विस्तार प्लान तैयार किया है, जिसके तहत राज्य की उत्पादन क्षमता में लगभग 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जाएगी। मौजूदा समय में प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता करीब 22,000 मेगावॉट है, जिसे बढ़ाकर 32,600 मेगावॉट करने का लक्ष्य रखा गया है। इस विस्तार योजना में ओबरा-डी, अनपरा-ई, मेजा और मिर्जापुर जैसे प्रमुख पावर प्लांटों को केंद्र में रखा गया है, जहां से कुल मिलाकर 10,600 मेगावॉट अतिरिक्त बिजली उत्पादन जोड़ा जाएगा। इससे न केवल औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि घरेलू उपभोक्ताओं को भी अधिक स्थिर और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

    ऊर्जा विभाग के अनुसार वर्ष 2017 में प्रदेश की उत्पादन क्षमता जहां 11,803 मेगावॉट थी, वहीं 2025 तक यह बढ़कर 22,000 मेगावॉट तक पहुंच चुकी है। अब इसे और आगे बढ़ाने के लिए थर्मल पावर के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार ने जालौन में 500 मेगावॉट का नया सोलर पावर प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई है। इसके अलावा प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत राज्य में सौर ऊर्जा इंस्टॉलेशन तेजी से बढ़ रहे हैं और अब तक करीब 4 लाख से अधिक सोलर कनेक्शन के जरिए लगभग 1400 मेगावॉट ऊर्जा उत्पादन किया जा रहा है।

    ऊर्जा मंत्री के मुताबिक यूपी बायो एनर्जी के क्षेत्र में भी देश में अग्रणी बन चुका है। अयोध्या को देश की पहली सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा चुका है और आने वाले समय में 11,000 मेगावॉट से अधिक सौर परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2034 तक प्रदेश की कुल बिजली उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 55,840 मेगावॉट तक पहुंचाया जाए।

    इसी बीच बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए भी बड़े स्तर पर काम हुआ है। पिछले कुछ वर्षों में लाखों नए पोल लगाए गए हैं, हजारों किलोमीटर पुराने तार बदले गए हैं और सैकड़ों नए उपकेंद्र स्थापित किए गए हैं। इससे बिजली वितरण व्यवस्था पहले की तुलना में काफी मजबूत हुई है और पीक डिमांड के दौरान आपूर्ति में सुधार देखने को मिला है।

    हालांकि इसी बीच ऊर्जा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। अब बिजली विभाग से जुड़े भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों की जांच स्टेट विजिलेंस को सौंपी जाएगी, जिससे जांच प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और प्रभावी हो सके।

    कुल मिलाकर यूपी सरकार का यह ऊर्जा रोडमैप राज्य को न केवल बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि इसे देश के सबसे मजबूत पावर हब के रूप में स्थापित करने की ओर भी इशारा करता है।

  • ग्वालियर में सनसनी: पानी की टंकी में मरा सांप मिलने से 19 हजार लोगों की सुरक्षा पर चिंता

    ग्वालियर में सनसनी: पानी की टंकी में मरा सांप मिलने से 19 हजार लोगों की सुरक्षा पर चिंता


    नई दिल्ली। ग्वालियर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वार्ड क्रमांक 10 के घासमंडी मिर्जापुर मस्जिद इलाके में स्थित पानी की टंकी में मरा हुआ सांप मिलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। यह वही टंकी है जिससे करीब 19 हजार लोगों को पेयजल की सप्लाई होती है।
    स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस टंकी की लंबे समय से सफाई नहीं की गई थी, जिसके कारण अंदर गंदगी जमा हो गई और अंततः मरा हुआ सांप पानी में पाया गया। हैरान करने वाली बात यह है कि लोग कई दिनों से इसी पानी का उपयोग कर रहे थे, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा होने की आशंका जताई जा रही है।
    वीडियो सामने आने के बाद बढ़ा विवाद
    इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें एक युवक लकड़ी की मदद से टंकी के अंदर से मरा हुआ सांप बाहर निकालता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि यह घटना शनिवार की है, लेकिन इसका वीडियो रविवार को सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया।
    वीडियो वायरल होते ही स्थानीय लोगों में गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ लापरवाही के आरोप लगाए।
    नगर निगम पर गंभीर सवाल
    रहवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार टंकी की सफाई और पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का आरोप है कि निगम की लापरवाही के कारण वे दूषित पानी पीने को मजबूर थे, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
    हालांकि इस मामले पर अभी तक नगर निगम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे लोगों की नाराजगी और बढ़ गई है।
    स्थानीय प्रतिनिधियों को भी नहीं जानकारी
    वार्ड क्रमांक 10 के पार्षद शकील मंसूरी ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में उन पर हमला हुआ था और वे फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं। इसलिए वे क्षेत्र की स्थिति पर पूरी तरह अपडेट नहीं हैं।
    पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी लापरवाहियां
    यह पहली बार नहीं है जब ग्वालियर में पानी की टंकी को लेकर सवाल उठे हों। दो महीने पहले भी मानपुर क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनी टंकी में पांच मरी हुई छिपकलियां मिलने का मामला सामने आया था, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए थे।
    लोगों की मांग: जिम्मेदारों पर हो कार्रवाई
    घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों ने टंकी की तुरंत सफाई, पानी की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
  • MP में NH-52 का बड़ा अपग्रेड: 4 लेन से 6 लेन बनेगा इंदौर-खलघाट कॉरिडोर, NHAI ने शुरू किया काम

    MP में NH-52 का बड़ा अपग्रेड: 4 लेन से 6 लेन बनेगा इंदौर-खलघाट कॉरिडोर, NHAI ने शुरू किया काम

    इंदौर । मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-52 (NH-52) के इंदौर-खलघाट-सेंधवा-महाराष्ट्र सेक्शन को 4-लेन से 6-लेन में बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस अहम हिस्से के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पर काम शुरू कर दिया है। यह हिस्सा आगरा-मुंबई कॉरिडोर का महत्वपूर्ण भाग है, जिसकी लंबाई लगभग 160 किलोमीटर है।

    इस अपग्रेड के बाद क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और बढ़ते ट्रैफिक दबाव को नियंत्रित करना आसान हो जाएगा। परियोजना के तहत भेरू घाट, बाकनेर घाट और बिजासन घाट जैसे कठिन पहाड़ी क्षेत्रों को भी 6-लेन में बदला जाएगा।

    DPR तैयार होने के बाद शुरू होगा निर्माण
    NHAI के अनुसार फिलहाल DPR तैयार करने का काम जारी है। रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के बाद निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को लंबे समय के ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षित यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा रहा है।

    नर्मदा पर बनेगा नया पुल
    खलघाट क्षेत्र में नर्मदा नदी पर एक नया समानांतर पुल बनाने का भी प्रस्ताव है। इससे मौजूदा पुल पर दबाव कम होगा और 6-लेन कॉरिडोर पर निर्बाध यातायात सुनिश्चित किया जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना से यात्रा का समय घटेगा, ट्रैफिक फ्लो बेहतर होगा और मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र के बीच संपर्क और मजबूत होगा।

    सुरक्षा और सड़क सुधार पर जोर
    NHAI ने बताया कि पहले हुए 4-लेन कार्यों के दौरान सड़क का रिअलाइनमेंट, चौड़ीकरण और ढलान सुधार जैसे कई कदम उठाए गए थे, जिससे सुरक्षा में सुधार हुआ। अब 6-लेन विस्तार में इन सुधारों को और मजबूत किया जाएगा। इस परियोजना में भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बाईपास, सर्विस रोड, फ्लाईओवर और अंडरपास बनाने की योजना भी शामिल है। खासकर बिजासन घाट जैसे दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैकस्पॉट) को सुरक्षित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    रोजाना 40 हजार वाहनों का दबाव
    NH-52 का यह हिस्सा आगरा से मुंबई को जोड़ने वाले प्रमुख कॉरिडोर का हिस्सा है, जिससे इंदौर और मुंबई जैसे बड़े आर्थिक केंद्र भी जुड़े हैं। इस मार्ग से रोजाना लगभग 40,000 वाहन गुजरते हैं, जिनमें भारी मालवाहन भी शामिल हैं। 6-लेन बनने के बाद यह मार्ग अधिक सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद होगा, साथ ही यात्रा समय में भी कमी आएगी।

    औद्योगिक विकास को मिलेगा फायदा
    इस परियोजना से NH-47 और प्रस्तावित इंदौर-वेस्टर्न बायपास को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही मध्य भारत के औद्योगिक केंद्र पीथमपुर को बड़ा लाभ मिलेगा, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और सप्लाई चेन और बेहतर होगी।

  • MP हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: प्रमुख सचिव समेत 3 अधिकारियों पर 25-25 हजार का जमानती वारंट

    MP हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: प्रमुख सचिव समेत 3 अधिकारियों पर 25-25 हजार का जमानती वारंट


    नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अवमानना मामले में सख्त रुख अपनाते हुए प्रमुख सचिव सहित तीन अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। मामला रीवा जिला उद्योग केंद्र में पदोन्नति से जुड़ा है, जहां कोर्ट के पहले आदेश के बावजूद पालन नहीं किया गया था।

    मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम सुनवाई में आदेश की अवमानना को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार के प्रमुख सचिव सहित तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ 25-25 हजार रुपये के जमानती वारंट जारी कर दिए हैं। यह कार्रवाई उस मामले में की गई है, जिसमें कोर्ट के पहले आदेश के बावजूद पदोन्नति से जुड़े निर्देशों का पालन नहीं किया गया था।

    यह पूरा मामला रीवा जिला उद्योग केंद्र से जुड़ा है, जहां पदस्थ असिस्टेंट मैनेजर जयप्रकाश तिवारी की पदोन्नति पर निर्णय लंबित था। याचिकाकर्ता का कहना था कि वे मैनेजर पद पर पदोन्नति के लिए पूरी तरह पात्र हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर लगातार टालमटोल की जा रही थी।

    कोर्ट के पहले आदेश के बावजूद नहीं हुआ पालन

    इस मामले में हाईकोर्ट ने 4 नवंबर 2024 को स्पष्ट आदेश जारी करते हुए संबंधित विभाग को 90 दिनों के भीतर पदोन्नति पर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी आदेश का पालन नहीं किया गया, जिसके बाद याचिकाकर्ता ने अवमानना याचिका दायर की।

    तीन वरिष्ठ अधिकारी बने पक्षकार

    इस अवमानना याचिका में एमएसएमई विभाग के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र सिंह, आयुक्त दिलीप कुमार सिंह और जिला उद्योग केंद्र रीवा के जनरल मैनेजर राहुल दुबे को पक्षकार बनाया गया था। अदालत में यह भी सामने आया कि तीनों अधिकारियों को नोटिस विधिवत रूप से तामील कर दिए गए थे, इसके बावजूद वे सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं हुए।

    कोर्ट की नाराजगी और कड़ा रुख

    सुनवाई के दौरान जस्टिस विशाल मिश्रा की सिंगल बेंच ने अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई और इसे कोर्ट के आदेश की गंभीर अवमानना माना। इसके बाद अदालत ने भोपाल और रीवा के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वे संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जारी वारंट को तामील कराएं।

    कोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेशों की अनदेखी को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसी के साथ तीनों अधिकारियों के खिलाफ 25-25 हजार रुपये के जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया गया।

    अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद

    मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद निर्धारित की गई है। इस दौरान अदालत यह भी तय करेगी कि आगे की कार्रवाई क्या होगी। यह मामला एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही और न्यायालय के आदेशों के अनुपालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

  • बरसात से पहले अलर्ट मोड में जबलपुर: आपदा प्रबंधन ट्रेनिंग में 51 जवानों को मिला रेस्क्यू अभ्यास

    बरसात से पहले अलर्ट मोड में जबलपुर: आपदा प्रबंधन ट्रेनिंग में 51 जवानों को मिला रेस्क्यू अभ्यास


    नई दिल्ली । बरसात के मौसम में संभावित बाढ़ और जल आपदाओं से निपटने के लिए मध्यप्रदेश होमगार्ड विभाग ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। भोपाल मुख्यालय के निर्देश पर जबलपुर संभाग में चार दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जवानों को आपदा प्रबंधन और रेस्क्यू ऑपरेशन की बारीकियां सिखाई गईं।
    यह प्रशिक्षण जबलपुर के प्रसिद्ध गौरीघाट क्षेत्र में नर्मदा नदी के किनारे आयोजित किया गया, जहां जवानों को वास्तविक परिस्थितियों में अभ्यास कराया गया। 7 मई से 9 मई तक चले इस प्रशिक्षण में कुल 51 होमगार्ड जवानों ने हिस्सा लिया, जो जबलपुर, कटनी, मंडला और नरसिंहपुर जैसे जिलों से चयनित किए गए थे।
    बाढ़ और जल आपदा से निपटने का व्यावहारिक अभ्यास
    प्रशिक्षण के दौरान जवानों को तेज बहाव वाली नदी में सुरक्षित तैरने, फंसे हुए लोगों को निकालने और आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षा तकनीकों का अभ्यास कराया गया। इसके साथ ही उन्हें यह भी सिखाया गया कि आपदा के समय कैसे तेजी और सावधानी के साथ राहत कार्य किया जाए।
    जवानों को आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों के उपयोग की भी जानकारी दी गई। इसमें बोट संचालन, चप्पू और ओअर का सही उपयोग, तथा आउटबोर्ड मोटर (OBM) हैंडलिंग जैसी महत्वपूर्ण तकनीकें शामिल थीं। इन अभ्यासों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी आपदा की स्थिति में टीम तेजी से और प्रभावी ढंग से कार्रवाई कर सके।
    SDRF की टीम भी रही शामिल
    इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) के जवानों ने भी हिस्सा लिया, जिससे प्रशिक्षण और अधिक प्रभावी बन गया। विशेषज्ञों की निगरानी में जवानों को वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप तैयार किया गया।
    डिवीजनल कमांडेंट और जिला सेनानी व प्रशिक्षण प्रभारी नीरज सिंह ठाकुर की देखरेख में यह पूरा प्रशिक्षण संपन्न हुआ। अधिकारियों के अनुसार इस तरह के अभ्यास से जवानों की क्षमता बढ़ती है और आपदा के समय राहत कार्यों में तेजी आती है।
    मानसून से पहले तैयारी तेज
    मौसम विभाग द्वारा मानसून के सामान्य रहने के अनुमान के बीच प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहता है। इसी के तहत प्रदेशभर में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।

  • फिल्मों से लेकर जननायक बनने तक: कैसे बने तमिलनाडु के नए ‘थलापति’ विजय, जानिए पूरी कहानी

    फिल्मों से लेकर जननायक बनने तक: कैसे बने तमिलनाडु के नए ‘थलापति’ विजय, जानिए पूरी कहानी

    नई दिल्ली । फिल्मों की दुनिया से निकलकर राजनीति के शिखर तक पहुंचने की कहानी अक्सर कल्पना जैसी लगती है, लेकिन तमिल सुपरस्टार विजय थलापति के जीवन में यह सच बनती दिख रही है। आमिर खान की फिल्म ‘3 इडियट्स’ का गाना “जैसा फिल्मों में होता है, हो रहा है हूबहू…” जैसे उनके सफर पर बिल्कुल फिट बैठता है। पर्दे पर कई बार नेता बनकर जनता का दिल जीतने वाले विजय अब असल जीवन में तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा नाम बन चुके हैं।

    विजय को फिल्मी दुनिया की प्रेरणा उनके परिवार से मिली। उनके पिता एस.ए. चंद्रशेखर निर्देशक हैं, जबकि मां शोभा चंद्रशेखर प्लेबैक सिंगर रही हैं। घर में कला और संगीत के माहौल ने उन्हें बचपन से ही अभिनय की ओर खींचा। अभिनय के साथ-साथ उन्हें गायन का भी शौक है।

    बाल कलाकार से शुरुआत
    22 जून 1974 को जन्मे जोसेफ विजय चंद्रशेखर ने 1984 में फिल्म ‘वेट्री’ से बाल कलाकार के रूप में शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने ‘कुडुम्बम’, ‘नान सिगप्पू मणिथन’, ‘वसंत रागम्’, ‘सत्तम ओरु विलायाट्टू’ और ‘इधु एंगळ नीति’ जैसी फिल्मों में काम किया। इन फिल्मों का निर्देशन उनके पिता ने ही किया था।

    हीरो बनने की राह में संघर्ष
    18 साल की उम्र में उन्होंने फिल्म ‘नालया थीरपू’ से बतौर लीड हीरो शुरुआत की, लेकिन फिल्म असफल रही और उनके लुक की आलोचना भी हुई। इसके बाद उनके पिता ने अभिनेता विजयकांत के साथ ‘सेंथूरपांडी’ (1993) बनाई, जो हिट रही और यहीं से विजय के करियर ने रफ्तार पकड़ी।

    हिट फिल्मों से सुपरस्टार तक
    अपने करियर में उन्होंने अब तक 69 फिल्में की हैं। ‘थेरी’, ‘राजविन परवैयिले’, ‘मिन्सरा कन्ना’, ‘बीस्ट’, ‘शाहजहां’, ‘लियो’ और ‘द ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम’ जैसी फिल्मों ने उन्हें बड़ी सफलता दिलाई। 2023 की ‘लियो’ ने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड तोड़े। बताया जाता है कि वह एक फिल्म के लिए करीब 250 करोड़ रुपये तक फीस लेते हैं।

    ‘थलापति’ नाम कैसे मिला
    फैंस ने उन्हें प्यार से ‘थलापति’ यानी कमांडर का नाम दिया। 1994 की फिल्म ‘रसिगन’ की सफलता के बाद उन्हें ‘इलाया थलापति’ (छोटा कमांडर) कहा गया। 2017 में फिल्म ‘मार्सल’ की बड़ी सफलता के बाद वे पूरी तरह ‘थलापति’ बन गए।

    फिल्मों में विवाद भी साथ-साथ
    उनकी फिल्मों ने कई बार विवाद भी झेले। 2013 की ‘थलाइवा’ और 2018 की ‘सरकार’ पर राजनीतिक विवाद हुए। हाल ही में उनकी फिल्म ‘जन नायकन’ भी सेंसर और कानूनी अड़चनों में फंसी रही और रिलीज नहीं हो सकी।

    राजनीति में एंट्री और बड़ा बदलाव
    फरवरी 2024 में विजय ने राजनीति में कदम रखते हुए अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) बनाई। इसके बाद उनकी पार्टी ने तमिलनाडु की राजनीति में तेजी से मजबूत पकड़ बनाई और सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई।

    करूर रैली हादसा
    27 सितंबर 2025 को करूर में हुई रैली के दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद विजय ने पीड़ितों के लिए मुआवजे की घोषणा की और गहरा दुख जताया। इस मामले में जांच भी आगे बढ़ी और पुलिस केस दर्ज हुआ।

    निजी जीवन भी चर्चा में
    विजय ने 1999 में अपनी एक फैन से शादी की थी। हाल ही में उनके निजी जीवन को लेकर तलाक की खबरें सामने आई हैं। उनका नाम अभिनेत्री तृषा कृष्णन के साथ भी जोड़ा जाता रहा है।

    नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत
    आज 10 मई 2026 को विजय का राजनीतिक सफर एक नए मोड़ पर पहुंचने वाला है। बड़े पर्दे पर निभाए गए उनके नेता के किरदार अब असल जिंदगी में भी आकार लेते दिख रहे हैं। उनके समर्थक इस बदलाव को एक ऐतिहासिक शुरुआत के रूप में देख रहे हैं।

  • मध्य प्रदेश मौसम अपडेट: तेज गर्मी की दस्तक, 12 मई से लू चलने की चेतावनी जारी

    मध्य प्रदेश मौसम अपडेट: तेज गर्मी की दस्तक, 12 मई से लू चलने की चेतावनी जारी


    नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला अब थमने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में अब धीरे-धीरे मौसम साफ हो रहा है और इसके साथ ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। रविवार से ही प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और आने वाले दिनों में यह तेजी से ऊपर जाएगा।

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 12 मई से प्रदेश में लू का असर शुरू हो सकता है। खासकर पश्चिमी मध्यप्रदेश के जिलों में इसका प्रभाव ज्यादा देखने को मिलेगा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में दिन का तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना जताई गई है।

    शनिवार को हालांकि प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की राहत देखने को मिली थी। एक ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण भोपाल, बैतूल, सिवनी, पांढुर्णा, डिंडौरी, अनूपपुर, रायसेन, गुना, विदिशा, राजगढ़, सागर, जबलपुर, दमोह, बालाघाट, मंडला, उमरिया, शहडोल और छिंदवाड़ा में बारिश और तेज हवाओं ने मौसम को ठंडा बनाए रखा। लेकिन यह राहत अब खत्म होती नजर आ रही है।

    रतलाम में शनिवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन में तेज गर्मी की शुरुआत का संकेत है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मई के पहले सप्ताह में लगातार पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात के कारण बारिश का दौर बना रहा, जिससे तापमान सामान्य से नीचे रहा। लेकिन अब सिस्टम कमजोर पड़ चुका है और गर्म हवाएं प्रदेश में प्रवेश कर रही हैं।

    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार 10 मई से प्रदेश में मौसम साफ होने लगा है और 12-13 मई के बीच कई जिलों में लू चलने की पूरी संभावना है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में तापमान में लगातार वृद्धि होगी और लोगों को दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

    विशेषज्ञों का कहना है कि मई के मध्य से जून तक प्रदेश में गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को हिदायत दी है कि दोपहर 12 से 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और पर्याप्त पानी का सेवन करें।

    मौसम के इस बदलाव ने जहां एक ओर बारिश से राहत पाने वालों को झटका दिया है, वहीं अब लू और तपती धूप से जूझने की तैयारी शुरू हो गई है। आने वाले दिन मध्यप्रदेश के लिए गर्मी की बड़ी चुनौती लेकर आ रहे हैं।

  • एमपी में थमेगा बारिश-आंधी का दौर, बढ़ेगी गर्मी, 12 मई से कई जिलों में लू चलने की चेतावनी

    एमपी में थमेगा बारिश-आंधी का दौर, बढ़ेगी गर्मी, 12 मई से कई जिलों में लू चलने की चेतावनी

    भोपाल। मध्यप्रदेश में अब मौसम का मिजाज बदलने वाला है। पिछले कई दिनों से जारी आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के बाद प्रदेश में तेज गर्मी की वापसी होने जा रही है। मौसम विभाग (IMD) ने 12 मई से कई जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। रविवार से ही तापमान में बढ़ोतरी महसूस होने लगेगी।

    भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। रतलाम में शनिवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    शनिवार को प्रदेश में ट्रफ लाइन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय रहने के कारण कई इलाकों में बादल छाए रहे। शाम के समय भोपाल, बैतूल, सिवनी, पांढुर्णा, डिंडौरी, अनूपपुर, रायसेन, गुना, विदिशा, राजगढ़, सागर, जबलपुर, दमोह, बालाघाट, मंडला, उमरिया, शहडोल और छिंदवाड़ा में बारिश के साथ तेज आंधी चली।

    प्रदेश में 30 अप्रैल से लगातार मौसम बदला हुआ था। 9 मई तक कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहा। इस दौरान कभी पश्चिमी विक्षोभ तो कभी ट्रफ और चक्रवातीय गतिविधियों का असर देखने को मिला, जिसके चलते मई के शुरुआती दिनों में गर्मी से राहत बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार, 10 मई के बाद मौसम साफ होने लगेगा और तापमान तेजी से बढ़ेगा। 12 और 13 मई को प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों के कुछ जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह भी दी है। विभाग के अनुसार, गर्मी के दौरान पर्याप्त पानी पीते रहें, शरीर को हाइड्रेट रखें और दोपहर में लंबे समय तक धूप में निकलने से बचें। हल्के रंग और सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

  • इंदौर: बीजेपी नेता की कार में आग लगने से हड़कंप, शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की संभावना

    इंदौर: बीजेपी नेता की कार में आग लगने से हड़कंप, शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की संभावना


    नई दिल्ली । इंदौर के प्रजाप्रत नगर स्थित राम टेकरी इलाके में शनिवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक खड़ी कार में अचानक आग लग गई। यह कार बीजेपी नेता शिवेंद्र सिंह गौड़ की बताई जा रही है। घटना रात करीब 11 बजे की है, जब स्थानीय लोगों ने कार से धुआं और आग की लपटें निकलते देख तुरंत इसकी सूचना दमकल विभाग को दी।

    सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। दमकल कर्मियों ने करीब 5 हजार लीटर पानी का इस्तेमाल कर आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक आग कार के आगे के हिस्से को पूरी तरह अपनी चपेट में ले चुकी थी और वाहन को काफी नुकसान हो चुका था।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद स्थानीय लोगों ने भी अपने स्तर पर पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैलती गई और उसे रोकना मुश्किल हो गया। कुछ ही मिनटों में कार का अगला हिस्सा पूरी तरह जलकर खाक हो गया।

    प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि फायर विभाग और पुलिस दोनों ही इस मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं ताकि असल वजह सामने आ सके। अभी तक किसी तरह की साजिश या अन्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है।

    जानकारी के मुताबिक, यह कार बीजेपी नेता शिवेंद्र सिंह गौड़ की है, जो द्वारकापुरी क्षेत्र के निवासी हैं और सुदामा नगर से जुड़े हुए हैं। वे प्रदेश युवा मोर्चा से भी जुड़े रहे हैं। इसके अलावा उनका संबंध क्षेत्रीय विधायक मालिनी गौड़ के परिवार से भी बताया जाता है।

    घटना के बाद इलाके में कुछ देर तक दहशत का माहौल रहा। स्थानीय लोगों ने राहत की सांस तब ली जब दमकल विभाग ने समय रहते आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। प्रशासन ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वाहन में आग लगने के पीछे तकनीकी खराबी थी या कोई अन्य वजह। वहीं फायर ब्रिगेड की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • इंदौर हादसा: भारी पार्सल गिरा, सफाईकर्मी घायल-प्रशासन ने गोदाम किया सील

    इंदौर हादसा: भारी पार्सल गिरा, सफाईकर्मी घायल-प्रशासन ने गोदाम किया सील


    नई दिल्ली । इंदौर के राजमोहल्ला इलाके में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जिसने पूरे क्षेत्र को हिला दिया। नगर निगम की सफाईकर्मी सुनीता बाली, जो वार्ड क्रमांक 69 में नियमित सफाई कार्य कर रही थीं, उस समय गंभीर रूप से घायल हो गईं जब उनके ऊपर लगभग 1 क्विंटल वजन का भारी पार्सल गिर गया।
    यह हादसा उस समय हुआ जब हंसचाल ट्रेवल्स की बस पर सामान चढ़ाया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस की छत पर रखा भारी लगेज चढ़ाते समय एक व्यक्ति के हाथ से फिसल गया और सीधे नीचे काम कर रही सफाईकर्मी पर गिर पड़ा। अचानक हुए इस हादसे में सुनीता बाली गंभीर रूप से घायल हो गईं और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
    स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद करते हुए घायल महिला को उठाया और वर्मा यूनियन अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद कंधे और पसली में फ्रैक्चर की पुष्टि की है। फिलहाल महिला का इलाज जारी है और उनकी हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
    हादसे के बाद इलाके में मौजूद लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि बसों पर सामान लोड करने के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जाती है, जिसकी वजह से इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं।
    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। शुरुआती जांच में सामने आया कि इंडियन ट्रांसपोर्ट के गोदाम से यह पार्सल बस पर लोड किया जा रहा था। लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित गोदाम को सील कर दिया है।
    नगर निगम अधिकारियों ने भी इस घटना की पुष्टि की है। अधिकारियों के अनुसार, प्रातःकालीन सफाई अभियान के दौरान यह हादसा हुआ है। एआरओ स्तर के अधिकारी को मौके पर भेजा गया और पूरी स्थिति का निरीक्षण किया गया। साथ ही सुरक्षा मानकों की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
    फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर इतनी भारी वस्तु को बिना उचित सुरक्षा उपायों के कैसे लोड किया जा रहा था। जिम्मेदार लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
    यह हादसा एक बार फिर शहर में ट्रांसपोर्ट और लोडिंग अनलोडिंग के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच पूरी होने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।