Blog

  • BJP में स्वागत है… CM मोहन यादव ने RSS की तारीफ पर दिग्विजय सिंह को दिया ऑफर

    BJP में स्वागत है… CM मोहन यादव ने RSS की तारीफ पर दिग्विजय सिंह को दिया ऑफर


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने भाजपा (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) (Rashtriya Swayamsevak Sangh – RSS) की संगठनात्मक शक्ति की प्रशंसा करने के लिए वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) को बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने दिग्विजय को राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री ने ठुकरा दिया।

    दिग्विजय सिंह ने शनिवार को आरएसएस-भाजपा की संगठनात्मक शक्ति की सराहना करते ‘एक्स’ पर एक पुरानी तस्वीर साझा की थी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) आगे की तरफ नीचे बैठे हुए हैं तथा उनके पीछे भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं।

    दिग्विजय सिंह ने पोस्ट में कहा था, ‘‘कोरा वेबसाइट पर मुझे यह फोटो मिला। बहुत ही प्रभावशाली है। किस प्रकार आरएसएस का जमीनी स्वयंसेवक व जनसंघ भाजपा का कार्यकर्ता नेताओं के चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री व देश का प्रधानमंत्री बना। यह संगठन की शक्ति है। जय सियाराम।’’

    विवाद खड़ा होने पर सिंह ने कहा था कि उन्होंने केवल संगठन और इसकी शक्ति की तारीफ की है, अन्यथा वह आरएसएस और मोदी के घोर विरोधी हैं। दिग्विजय सिंह की ओर से आरएसएस-भाजपा की संगठनात्मक शक्ति की सराहना किए जाने के बारे में एक समाचार चैनल से बातचीत में मोहन यादव ने रविवार को इंदौर में कहा कि भाजपा है ही इस लायक कि उसकी तारीफ की जाए। उन्होंने कहा, ‘‘दिग्विजय सिंह जी को भी बधाई। आइए, भाजपा में आपका स्वागत है।’’

    कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में शामिल होने के बाद रविवार शाम भोपाल पहुंचे दिग्विजय सिंह से जब मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर से भाजपा में शामिल होने को लेकर दिए गए प्रस्ताव के बारे में पूछा गया तो वह ‘अरे छोड़िए’ कहकर आगे बढ़ गए। राजनीतिक हलकों में दिग्विजय सिंह की इस टिप्पणी को सीधे तौर पर मुख्यमंत्री के प्रस्ताव को ठुकराए जाने के रूप में देखा जा रहा है।

  • IndW vs SLW : पांचवां और आखिरी T20I मैच आज…. जानें कैसा रहेगा पिच का मिजाज

    IndW vs SLW : पांचवां और आखिरी T20I मैच आज…. जानें कैसा रहेगा पिच का मिजाज


    नई दिल्ली।
    इंडिया वर्सेस श्रीलंका (India Women vs Sri Lanka Women) 5 मैच की टी20 सीरीज का पांचवां और आखिरी टी20 (5th T20I) मुकाबला आज तिरुवनंतपुरम में खेला जाना है। इस सीरीज में जीत का चौका लगाने वाली हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) की अगुवाई वाली टीम इंडिया की नजरें आज मेहमानों का सूपड़ा साफ करने पर होगी। भारत ने आज तक श्रीलंका को 5 मैच की सीरीज में क्लीन स्वीप नहीं किया है, ऐसे में टीम इंडिया की नजरें इस मुकाम को भी हासिल करने पर होगी। तिरुवनंतपुरम में यह सीरीज का लगातार तीसरा मैच है। पिछले मुकाबले में रनों की खूब बरसात हुई थी। दोनों टीमों ने मिलकर 412 रन बनाए थे। आईए एक नजर आज के मैच की पिच रिपोर्ट (Pitch report) पर डालते हैं-

    तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में अभी तक खेले दोनों टी20 मुकाबलों में भारत ने जीत दर्ज की है। पहले मुकाबले में भारत ने रेणुका सिंह ठाकुर की कातिलाना गेंदबाजी के दम पर जीता। रेणुका ने 4 ओवर में 21 रन खर्च कर 4 विकेट चटकाए, जिसके दम पर भारत श्रीलंका को 112 के स्कोर पर रोकने में कामयाब रहा। इस स्कोर का पीछा टीम इंडिया ने 13.2 ओवर में ही कर लिया था। शेफाली वर्मा ने 79 रनों की धमाकेदार पारी खेली। वहीं दूसरे मैच में टीम इंडिया ने टी20 में अपना सबसे बड़ा स्कोर बनाते हुए श्रीलंका के सामने 222 रनों का टारगेट रखा था, इस स्कोर का पीछा करते हुए श्रीलंका 191 पर ही रुक गया था। इन दोनों ही मैचों में भारतीय बल्लेबाजों ने कहर बरपाया। ऐसे में कहा जा सकता है कि आज के मैच में भी पिच बल्लेबाजों को फेवर कर सकती है। टॉस जीतने वाले कप्तान की नजरें पहले फील्डिंग करने पर होगी।


    इंडिया वर्सेस श्रीलंका स्क्वॉड

    भारत महिला टीम: स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, ऋचा घोष (डब्ल्यू), हरमनप्रीत कौर (सी), हरलीन देयोल, दीप्ति शर्मा, अमनजोत कौर, अरुंधति रेड्डी, वैष्णवी शर्मा, रेणुका सिंह ठाकुर, श्री चरणी, जेमिमा रोड्रिग्स, जी कमलिनी, क्रांति गौड़, स्नेह राणा

    श्रीलंका महिला टीम: हासिनी परेरा, चमारी अथापथु (कप्तान), इमेशा दुलानी, हर्षिता समरविक्रमा, कविशा दिलहारी, नीलाक्षिका सिल्वा, रश्मिका सेवंडी, कौशानी नुथ्यांगना (डब्ल्यू), मालशा शेहानी, काव्या कविंदी, निमाशा मदुशानी, मल्की मदारा, शशिनी गिम्हानी, विशमी गुणरत्ने, इनोका राणावीरा

  • MP: अशोकनगर में कुख्यात सट्टा किंग के 3 मंजिला होटल पर चला प्रशासन का बुलडोजर

    MP: अशोकनगर में कुख्यात सट्टा किंग के 3 मंजिला होटल पर चला प्रशासन का बुलडोजर

    अशोकनगर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के अशोकनगर (Ashoknagar) में प्रशासन ने होटल आजाद पैलेस (Hotel Azad Palace) पर बुलडोजर (Bulldozer) चला दिया। बिना अनुमति निर्माण और नियमों के उल्लंघन के कारण तीन मंजिला होटल के अगले और पिछले हिस्से को जमींदोज कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद रही। मौके पर ड्रोन भी तैनात किए गए थे। यह होटल आजाद खान नाम के शख्स का बताया जाता है। आजाद खान जेल में बंद है। इससे पहले उसके फार्म हाउस पर भी कार्रवाई की जा चुकी है।


    क्या आरोप?

    आजाद खान पर ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क चलाने का आरोप है। उसका नाम कई आपराधिक मामलों में भी सामने आया है। ये सारे प्रकरण जांच की केंद्र और न्यायिक दायरे में हैं। प्रशासन की मुख्य कार्रवाई उसके तीन मंजिला होटल आजाद पैलेस पर हुई। नगर पालिका की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर होटल के अवैध हिस्सों को जमींदोज कर दिया। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए होटल के आसपास की दुकानों को बंद करा दिया गया था।


    क्या बोला प्रशासन?

    एसडीएम सुब्रत त्रिपाठी ने कहा- होटल आजाद पैलेस, आजाद खान और शाहिद खान का है जिन पर 5 लाख रुपये बकाया भी है। यह होटल नगर निगम की मंजूरी के बिना अवैध रूप से चलाया जा रहा था। नगर निगम ने उन्हें तीन नोटिस जारी किए थे। अब होटल के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों का कोलुआ में एक और फार्महाउस भी था, जिसे बिना इजाजत के बनाया गया था।


    100 पुलिसकर्मी रहे तैनात, ड्रोन से निगरानी

    साथ ही आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई थी। मौके पर लगभग 100 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। ड्रोन और वीडियो कैमरों की निगरानी में जेसीबी ने होटल के अगले और पिछले हिस्सों को जमींदोज कर दिया।


    वित्तीय गड़बड़ी का भी आरोप

    बताया जाता है कि आजाद खान की भूमिका कथित सट्टा नेटवर्क तब उजागर हुई थी जब गुना और अशोकनगर पुलिस ने कुछ सटोरियों के बैंक ट्रांजैक्शन की जांच की। जांच में सामने आया कि आरोपी सट्टा के साथ ही एक कोऑपरेटिव सोसाइटी की आड़ में कथित तौर पर वित्तीय अनियमितताएं भी कर रहा था। आरोपी आजाद खान की मुश्किलें तब बढ़ गईं जब देहात थाना क्षेत्र में दो भाइयों की आत्महत्या के मामले में उस पर उकसाने का आरोप लगा।


    आलीशान फार्म हाउस पर भी हो चुका है ऐक्शन

    इसके बाद पुलिस ने आजाद खान को गिरफ्तार कर के उसे जेल भेज दिया। आजाद खान की गिरफ्तारी के समय वह घायल अवस्था में लंगड़ाते हुए देखा गया था। इससे पहले प्रशासन ने कोलुआ गांव के पास स्थित उसके दो मंजिला आलीशान फार्म हाउस पर भी कार्रवाई की थी। प्रशासन का कहना था कि वह बिना मंजूरी के सड़क के बहुत करीब बना था। अब सारे आरोप न्यायिक कार्यवाही और जांच के दायरे में बताए जाते हैं।


    भाई पर भी आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप

    इतना ही नहीं, आजाद खान के भाई राशिद खान उर्फ चिन्ना पर भी आरोप है कि उसने आत्महत्या करने वाले भाइयों के परिवार को धमकाया और राजीनामे का दबाव बनाया। मौजूदा वक्त में सरकार ने आजाद खान की केबीएन साख सहकारी संस्था के सभी लेनदेन पर रोक लगा दी है। मंत्री विश्वास सारंग ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई ने शहर में खलबली मचा दी है।

  • MP: नर्मदा तट पर पेशाब… भड़के IAS अफसर ने युवक को जड़े थप्पड़, जमीन में गाड़ने की दी धमकी

    MP: नर्मदा तट पर पेशाब… भड़के IAS अफसर ने युवक को जड़े थप्पड़, जमीन में गाड़ने की दी धमकी


    नरसिंहपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के नरसिंहपुर जिले (Narsinghpur district) में नर्मदा नदी (Narmada River) पर बने एक घाट से कुछ दूरी पर एक युवक को पेशाब करता देख एक IAS अधिकारी का पारा इतना चढ़ गया कि उन्होंने उसे दो थप्पड़ रसीद कर दिए। इतना ही नहीं उनकी देखादेखी उनके गार्ड ने भी युवक को एक चांटा जड़ दिया। हाथ उठाने वाले अधिकारी की पहचान गजेंद्र नागेश (Gajendra Nagesh) के रूप में हुई है, और इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हो गया है, जिसमें नागेश उस युवक को गालियां देते और थप्पड़ मारते नजर आ रहे हैं।

    घटना के वक्त वहां मौजूद लोगों ने बताया कि युवक घाट के पीछे पेशाब करने के लिए गया था, तभी वहां आरोपी अधिकारी आ पहुंचे और उसे समझाने की बजाय उस पर हाथ उठाया शुरू कर दिया। एक रिपोर्ट के अनुसार अधिकारी ने जिस युवक को सरेआम थप्पड़ मारे उसकी पहचान बृजेश नौरिया के रूप में हुई है, जो कि घाट के पास एक जनरल स्टोर्स चलाता है।


    अधिकारी ने कहा- इधर आ लौंडे

    घटना का जो वीडियो सामने आया है, उसमें वह अधिकारी कहते दिखाई दे रहे हैं, ‘नर्मदाजी के घाट क्या पेशाब करने के लिए हैं। इधर आओ लौंडे।’ इसी बीच वहां खड़ा एक बुजुर्ग पुजारी अपनी परेशानी बताते हुए IAS अधिकारी से कहता है, ‘क्या करें सर, कहां जाएं, कोई व्यवस्था नहीं है।’ तब वह अधिकारी कहते हैं, ‘तो कहीं दूर जाकर करोगे या नर्मदा के घाट पर ही करोगे।’


    ‘हटवाओ इसकी दुकान, फिंकवाओ इसके यहां से’

    इसके बाद अधिकारी उस युवक के पास जाते हैं और कहते हैं, ‘साले वहां पेशाब करने गया था’, इतना कहते ही वे उस पर हाथ उठा देते हैं, और इसके बाद उसका नाम पूछते हुए एकबार फिर उसे जोरदार थप्पड़ मार देते हैं और कहते हैं साले वहां पेशाब करने गया था, इसके बाद वह अपने साथ आए अमले से कहते हैं हटवाओ इसकी दुकान कहां है, फिंकवाओ इसको यहां से, क्या नाम है इसका, ये मुझे दिखना नहीं चाहिए एक महीने तक।’ इसके बाद जब वहां खड़े बुजुर्ग उस अधिकारी को समझाने की कोशिश करते हैं, तो अधिकारी गुस्से में उनसे कहता है, ‘मैं तुम्हें रेत में गड़वा दूंगा, जितना ऊपर दिख रहे हो ना, उतना ही अंदर करवा दूंगा।’

    प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना शहर के बरमान रेत घाट पर शनिवार को हुई थी, और इसका वीडियो सोमवार को वायरल हो गया। जिसके बाद लोगों में गुस्सा भी फैल गया और वे उस अधिकारी पर युवक का अपमान, पद का दुरुपयोग और दुर्व्यवहार करने जैसे आरोप लगाने लगे।

    उधर अधिकारी ने जिस बुजुर्ग पुजारी को जमीन में गाड़ने की धमकी दी, उनकी पहचान कैलाश चंद्र मिश्रा के रूप में हुई है, जिन्होंने वहां सार्वजनिक शौचालय नहीं होने को लेकर शिकायत की तो अधिकारी ने उन्हें भी डपट दिया था। इसके बाद मिश्रा ने यह भी दावा किया कि उसे वहां सजा भी दी गई और बतौर सजा उठक-बैठक लगाने के लिए मजबूर भी किया गया।

    इस घटना को लेकर जिले के पुजारियों और ब्राह्मण समुदाय के लोगों में भारी नाराजगी है और इसे लेकर उन्होंने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को एक लिखित शिकायत भी कर दी है। वहीं इलाके के एक पुलिस अधिकारी ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ब्राह्मण समुदाय के 25-30 लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल आया था और उन्होंने IAS अधिकारी के संबंध एक ज्ञापन भी सौंपा है। उधर IAS अधिकारी ने अपने किए का बचाव करते हुए कहा कि उनका इरादा सिर्फ नदी की पवित्रता की रक्षा करना था।

  • यूक्रेन ने पुतिन के आवास के आसपास दागे 91 ड्रोन…, ट्रंप के शांति डील के प्रयासों पर फिर सकता है पानी

    यूक्रेन ने पुतिन के आवास के आसपास दागे 91 ड्रोन…, ट्रंप के शांति डील के प्रयासों पर फिर सकता है पानी


    मास्को।
    रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध (Russia and Ukraine war) को खत्म करने की कोशिशों के बीच एक बार फिर हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं. रूस ने सोमवार को आरोप लगाया कि यूक्रेन (Ukraine) ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (President Vladimir Putin) के उत्तरी रूस में स्थित एक आवास पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला करने की कोशिश की. रूस का दावा है कि इस कथित हमले में कुल 91 ड्रोन इस्तेमाल किए गए, जिन्हें रूसी एयर डिफेंस सिस्टम ने समय रहते मार गिराया. शांति समझौतों पर बातचीत के बीच हुए इस हमले से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप खासा नाराज हैं. उनकी पुतिन से बात भी हुई है।

    यूक्रेन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इसे रूस की ओर से “झूठ का एक और दौर” बताया और कहा कि ऐसे बयान शांति वार्ता को कमजोर करने के लिए दिए जा रहे हैं. इस आरोप-प्रत्यारोप के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव और गहरा गया है।

    इस पूरे मामले में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी बीच में आना पड़ा. ट्रंप ने बताया कि खुद राष्ट्रपति पुतिन ने उन्हें फोन कर इस कथित ड्रोन हमले की जानकारी दी. फ्लोरिडा में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात से पहले ट्रंप ने मीडिया से कहा कि पुतिन ने सुबह-सुबह उन्हें बताया कि उन पर हमला हुआ है. ट्रंप ने कहा कि वह इस बात से नाराज हैं, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि यह दावा गलत भी हो सकता है।

    राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “एक बात युद्ध के दौरान हमला करने की होती है और दूसरी बात किसी नेता के घर पर हमला करने की. यह ऐसा करने का सही समय नहीं है.” उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर यह घटना सच साबित होती है, तो यह तनाव को और बढ़ा सकती है.

    बीते 24 घंटों में ट्रंप ने पुतिन से दो बार बात की है. इससे एक दिन पहले उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से भी मुलाकात की थी. ट्रंप के मुताबिक, पुतिन के साथ उनकी बातचीत “काफी सकारात्मक” रही और कुछ जटिल मुद्दों के बावजूद शांति की उम्मीद अभी खत्म नहीं हुई है.

    हालांकि, इसी बीच राष्ट्रपति पुतिन ने अपने सैन्य बलों को यूक्रेन के जापोरिज़िया क्षेत्र पर पूरा नियंत्रण हासिल करने के अभियान को तेज करने के निर्देश दिए हैं. क्रेमलिन ने एक बार फिर मांग की है कि यूक्रेन अपने सैनिकों को डोनबास के उन इलाकों से हटा ले, जहां अब भी उसकी मौजूदगी है.

    विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ड्रोन हमले का यह दावा सच साबित होता है, तो यह रूस-यूक्रेन युद्ध में एक और बड़ा तनावपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, जिससे पहले से नाजुक शांति प्रयासों को गंभीर झटका लग सकता है.

  • ट्रंप को शांति पुरस्कार से सम्मानित करेगा इस्राइल …. नेतन्याहू बोले- इनके लिए हम तोड़ रहे परंपरा

    ट्रंप को शांति पुरस्कार से सम्मानित करेगा इस्राइल …. नेतन्याहू बोले- इनके लिए हम तोड़ रहे परंपरा


    वॉशिंगटन।
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) को इस्राइल के सर्वोच्च नागरिक सम्मान (Israel’s highest civilian honor) इस्राइल शांति पुरस्कार (Israel Peace Prize) से सम्मानित किया जाएगा। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Prime Minister Benjamin Netanyahu) ने सोमवार को फ्लोरिडा में राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये एलान किया। नेतन्याहू ने एलान करते हुए कहा कि इस्राइली सरकार ने फैसला किया है कि राष्ट्रपति ट्रंप को इस्राइल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जाए। 80 साल में यह पुरस्कार किसी भी गैर इस्राइली नागरिक को नहीं दिया गया है और पहली बार है कि शांति श्रेणी में यह पुरस्कार दिया जाएगा।

    अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इस एलान पर खुशी जताई और कहा कि यह सम्मान उनके लिए अनापेक्षित था। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस्राइली प्रधानमंत्री ने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप ने लोगों को चौंकाने के लिए कई परंपराएं तोड़ी हैं, इसलिए हमने भी तय किया है कि हम भी एक परंपरा तोड़ेंगे और नई बनाएंगे। वो ये है कि इस्राइल सम्मान, जो 80 साल से किसी गैर इस्राइली नागरिक को नहीं दिया गया है, उससे राष्ट्रपति ट्रंप को सम्मानित किया जाएगा। भोजन के दौरान हमारे शिक्षा मंत्री ने इसका एलान किया था और यह पुरस्कार राष्ट्रपति ट्रंप के इस्राइली और यहूदी लोगों की भलाई में दिए गए योगदान के लिए दिया जाएगा।’

    इस्राइली प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आपने इस्राइली लोगों के लिए जो किया, हमारी आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई में जो मदद की, उसके लिए हम लोग आपके शुक्रगुजार हैं।’


    इस्राइस के स्वतंत्रता दिवस समारोह में किया जाएगा सम्मानित

    इस्राइल पुरस्कार, इस्राइल का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो पारंपरिक रूप से विज्ञान, कला और मानविकी जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम करने के लिए इस्राइली नागरिकों को दिया जाता है। शांति श्रेणी में यह पुरस्कार पहले कभी नहीं दिया गया था। जुलाई 2025 में, इस्राइल ने पुरस्कार नियमों में संशोधन किया ताकि यह सम्मान किसी विदेशी नागरिक को भी दिया जा सके, जिससे ट्रंप के चयन का रास्ता साफ हो गया। ट्रंप पुरस्कार लेने के लिए इस्राइल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल हो सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी संकेत दिया कि वह समारोह में शामिल होने पर विचार करेंगे।

  • शीतलहर की चपेट में पूरा उत्तर भारत, 600 उड़ानें रद्द…. देरी से चल रहीं 100 से ज्यादा ट्रेनें

    शीतलहर की चपेट में पूरा उत्तर भारत, 600 उड़ानें रद्द…. देरी से चल रहीं 100 से ज्यादा ट्रेनें


    नई दिल्ली।
    पूरे उत्तर भारत (North India) में भीषण शीतलहर (Severe Cold wave) जारी है। घने कोहरे (Fog) का असर यातायात संसाधनों पर भी देखने को मिला है। भीषण कोहरे के चलते 600 उड़ानें प्रभावित हुईं और 100 से अधिक ट्रेनें लेट (100 trains delayed) हुई हैं। इंडिगो ने सोमवार को खराब मौसम और ऑपरेशनल कारणों के चलते 118 उड़ानें रद्द (118 Indigo flights cancelled) कर दीं। इनमें से छह उड़ानें ऑपरेशनल कारणों के चलते रद्द की गईं, जबकि बाकी अलग-अलग हवाईअड्डे पर खराब मौसम की वजह से कैंसिल हुई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ जगहों पर मंगलवार को दिन के तापमान में सामान्य से 4-5 डिग्री की गिरावट हो सकती है।


    दिल्ली हवाईअड्डे पर 128 उड़ानें रद्द

    घने कोहरे के कारण अकेले दिल्ली हवाईअड्डे पर 128 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिनमें आगमन और प्रस्थान की 64-64 उड़ानें शामिल थीं। आठ उड़ानों को दूसरे शहरों में डायवर्ट करना पड़ा। लगभग 470 उड़ानें विलंबित हुईं। इनमें प्रत्येक उड़ान के प्रस्थान में औसतन 24 मिनट की देरी हुई।

    इंडिगो एयरलाइन ने कहा खराब मौसम के कारण उसे अपने नेटवर्क में 80 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, इनमें से लगभग आधी दिल्ली हवाईअड्डे से थीं। इंडिगो की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू, कोच्चि, हैदराबाद, कोलकाता, अमृतसर, चंडीगढ़, जयपुर, देहरादून, इंदौर, पटना और भोपाल समेत कई जगहों पर उड़ान सेवाएं रद्द की गई हैं। एयरलाइन ने सुबह 11.20 बजे एक यात्रा सलाह में कहा, दिल्ली और उत्तरी भारत के कई हवाई अड्डों पर कोहरे की स्थिति बनी हुई है और दृश्यता में अभी पूरी तरह से सुधार नहीं हुआ है।

    इसे अलावा पंजाब के अमृतसर, आदमपुर, हलवारा, पठानकोट, चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन, सहरानपुर और आगरा में एयरफोर्स स्टेशन और मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कई क्षेत्रों में दृश्यता शून्य मीटर रही। जिसका असर उड़ानों पर देखने को मिला। इससे पहले 25 दिसंबर को इंडिगो ने मौसम की स्थिति का हवाला देते हुए कई हवाई अड्डों के लिए 67 उड़ानें रद्द कर दी थीं, जबकि शनिवार को उसने खराब मौसम का हवाला देते हुए कई एयरपोर्ट से 57 और उड़ानें रद्द की थीं।


    इंडिगो की 118 उड़ानें रद्द

    इंडिगो ने सोमवार को खराब मौसम और परिचालन कारणों से 118 उड़ानें रद्द कर दी। इंडिगो की वेबसाइट से यह जानकारी मिली। वेबसाइट से मिली जानकारी के मुताबिक, इनमें से छह उड़ान सेवाएं परिचालन कारणों से रद्द की गईं जबकि बाकी विभिन्न हवाई अड्डों पर खराब मौसम की स्थिति के कारण रद्द कर दी गईं। इंडिगो की वेबसाइट के अनुसार, मुंबई, बेंगलुरु, कोचिन, हैदराबाद, कोलकाता, अमृतसर, चंडीगढ़, जयपुर, देहरादून, इंदौर, पटना और भोपाल जैसे अन्य हवाई अड्डों से आने-जाने वाली उड़ानें भी रद्द की गई हैं। इंडिगो की वेबसाइट के मुताबिक, इन 80 फ्लाइट्स में से आधी दिल्ली एयरपोर्ट से कैंसिल की गईं और बाकी में मुंबई, बेंगलुरु, कोचीन, हैदराबाद, कोलकाता, अमृतसर, चंडीगढ़, जयपुर, देहरादून, इंदौर, पटना और भोपाल जैसे एयरपोर्ट से आने-जाने वाली फ्लाइट्स शामिल थीं।


    रेल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित

    साल के आखिरी सप्ताह में पड़ रहे घने कोहरे के कारण ट्रेनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। तेजस से राजधानी एक्सप्रेस तक देर से चल रही हैं। यह देरी 16-16 घंटों तक की हो रही है। आनंद विहार सैरंग राजधानी एक्सप्रेस 12.30 घंटे लेट चल रही थी। नई दिल्ली राजेंद्र नगर तेजस राजधानी एक्सप्रेस 15.30 घंटे, नई दिल्ली हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस 16 घंटे और नई दिल्ली सियालदह राजधानी 16 घंटे 30 मिनट की देरी से चल रही थीं। संपूर्ण क्रांति, मगध एक्सप्रेस, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल और अमृत भारत जैसी ट्रेनों का भी यही हाल है। 100 से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। ट्रेनें औसतन 8-10 घंटे की देरी से चल रही हैं। आम यात्रियों को सर्दी में परेशानी झेलनी पड़ी।

    10 फरवरी तक के लिए अलर्ट
    विमानन नियामक, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने 10 दिसंबर से 10 फरवरी के बीच की अवधि को इस सर्दी में आधिकारिक कोहरे की अवधि घोषित किया है।दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (डीआईएएल) ने सोमवार सुबह जारी यात्री परामर्श में कहा, लगातार घने कोहरे के कारण, उड़ान संचालन श्रेणी तीन के अंतर्गत बना हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप उड़ानों में देरी हो सकती है। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि नवीनतम उड़ान जानकारी के लिए आप अपनी संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें या हमारी वेबसाइट देखें। श्रेणी-तीन एक उन्नत नेविगेशन प्रणाली है जो विमान को कोहरे की स्थिति में उतरने में सक्षम बनाती है।

    भीषण ठंड से कांपा उत्तर भारत, अलर्ट जारी
    दिल्ली में इस बार नए साल पर भी मौसम खराब रह सकता है। हिमालयी क्षेत्रों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इस वजह से दिल्ली में 31 दिसंबर को बादल छाऐंगे और एक जनवरी को हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में अगले तीन दिनों यानी 31 दिसंबर तक घना कोहरा पड़ने के आसार हैं।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, जम्मू मंडल, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और चंडीगढ़ के कुछ हिस्सों में रविवार रात से सोमवार सुबह तक अत्यधिक घना कोहरा छाया रहा। वहीं पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में सोमवार को कई जगह घना से अधिक घना कोहरा रहा और लोग ठंड से कांपते नजर आए। ऐसा ही मौसम मंगलवार को भी रहने के आसार हैं और संभाग में कई जगह शीत दिवस की चेतावनी भी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को दिन के तापमान में सामान्य से 4-5 डिग्री की गिरावट के आसार हैं। कई जिलों में घने कोहरे के साथ शीत दिवस की चेतावनी भी जारी की गई है।

  • हिंदू पंचांग 2026: मकर संक्रांति से दिवाली तक, जानें सालभर के प्रमुख पर्व और व्रत

    हिंदू पंचांग 2026: मकर संक्रांति से दिवाली तक, जानें सालभर के प्रमुख पर्व और व्रत


    नई दिल्ली।साल 2026 की शुरुआत के साथ ही लोगों में व्रत और त्योहारों की तारीखों को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। हिंदू धर्म में व्रत और पर्व न केवल धार्मिक अनुष्ठानों का हिस्सा हैं, बल्कि ये सामाजिक और सांस्कृतिक एकता के प्रतीक भी माने जाते हैं। मकर संक्रांति, होली, दिवाली जैसी प्रमुख खुशियों से जुड़ी तिथियों का जानना इसलिए जरूरी होता है, ताकि पारिवारिक आयोजनों और धार्मिक अनुष्ठानों की योजना पहले से बनाई जा सके।हिंदू पंचांग के अनुसार अधिकांश त्योहार सूर्य और चंद्रमा की गति पर आधारित होते हैं। इसी वजह से हर साल इनकी तिथियों में बदलाव होता है।

    मकर संक्रांति 2026

    साल 2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी, बुधवार को मनाई जाएगी। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। मकर संक्रांति को विशेष रूप से दान-पुण्य और उत्सव के रूप में माना जाता है। इसी दिन पोंगल, उत्तरायण और षटतिला एकादशी भी पड़ रही हैं। यह पर्व किसानों और सूर्य के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर होता है।

    होली 2026

    फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर मनाई जाने वाली होली इस साल 4 मार्च, बुधवार को है। होली से एक दिन पहले, 3 मार्च को होलिका दहन होगा। यह पर्व रंगों का उत्सव और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। पूरे देश में इस दिन लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर और मिठाई बांटकर भाईचारे और प्रेम का संदेश देते हैं।

    दिवाली 2026

    दीपों का त्योहार दिवाली इस साल 8 नवंबर को है। इसके अगले दिन 9 नवंबर को दिवाली अमावस्या पड़ रही है। दिवाली से जुड़ी अन्य प्रमुख तिथियां इस प्रकार हैं: 6 नवंबर – धनत्रयोदशी, 10 नवंबर – बलिपद्यमी। यह त्योहार अंधकार पर प्रकाश की जीत और घर में खुशहाली लाने का प्रतीक माना जाता है।

    नवरात्रि और राम नवमी

    चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत 19 मार्च से होगी। इसी दिन घटस्थापना, उगाड़ी और गुड़ी पड़वा भी मनाए जाएंगे। 26 मार्च को राम नवमी और 27 मार्च को नवरात्रि पारणा होगी। वहीं शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर को दशहरा के साथ समाप्त होगी।

    महाशिवरात्रि और अन्य प्रमुख व्रत

    साल 2026 में महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी। इसके अलावा पूरे साल नियमित रूप से एकादशी, प्रदोष व्रत, संकष्टी चतुर्थी और पूर्णिमा-अमावस्या पड़ेंगे। ये व्रत न केवल धार्मिक जीवन में महत्वपूर्ण हैं, बल्कि परिवार और समाज में पारंपरिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने में मददगार हैं।धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार व्रत और त्योहार हमारे जीवन में आस्था, अनुशासन और सामाजिक संबंधों को बनाए रखने का मार्ग दिखाते हैं। इसलिए साल 2026 की व्रत-त्योहार सूची हर परिवार के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।
  • घूमना तो बहाना, असली मज़ा है खाने में! जानें क्यों ट्रेंड में है Snack Tourism

    घूमना तो बहाना, असली मज़ा है खाने में! जानें क्यों ट्रेंड में है Snack Tourism


    नई दिल्ली।पर्यटन के नए रुझान अब सिर्फ घूमने तक सीमित नहीं रह गए हैं। एडवेंचर, एस्ट्रो, हेरिटेज या बायो-टूरिज्म के बाद अब ट्रेंड में है Snack Tourism, यानी खाने के शौकीनों के लिए यात्रा। इसमें मुख्य उद्देश्य छोटे-छोटे व्यंजनों का अनुभव करना और स्थानीय, मशहूर या अति-स्थानीय स्नैक्स का आनंद लेना होता है।इस ट्रेंड के पीछे वजह है भारत की समृद्ध और विविध स्ट्रीट फूड संस्कृति। चाहे शांत गलियों में घूमना हो या चहल-पहल वाले बाज़ारों में जाना, हर जगह आपको कोई न कोई स्नैक मिलेगा, जो उस क्षेत्र की सांस्कृतिक और पाक परंपराओं की कहानी बताएगा।

    भारत के मशहूर स्नैक डेस्टिनेशन- इंदौर

    मध्यप्रदेश का इंदौर स्नैक टूरिज्म के लिए पहला स्टॉप माना जाता है। यहाँ पोहा-जलेबी, भुट्टे की कीस और साबूदाना खिचड़ी बेहद लोकप्रिय हैं। इन्हें स्वाद लेने के लिए सराफा बाजार और चप्पन दुकान जैसे जगहें सबसे ज़्यादा जानी जाती हैं। शाम के समय ये बाज़ार हलचल और खुशबू से भर जाते हैं।

    अमृतसर

    पंजाब के अमृतसर में कुल्चा, आलू टिक्की, पनीर पकोड़ा और ताज़ी लस्सी खाने के शौकीनों को दूर-दूर से खींच लाते हैं। यहाँ के हर स्ट्रीट फूड में पंजाबी स्वाद और मसालों की खास पहचान होती है।

    कोलकाता

    पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्नैक प्रेमियों के लिए जन्नत है। यहाँ पुचका, काठी रोल, झालमुरी और तेल बाझा जैसे स्नैक्स बेहद प्रसिद्ध हैं। यहाँ का स्ट्रीट फूड स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक तरीकों को बचाए रखता है।

    अहमदाबाद

    गुजरात का अहमदाबाद स्नैक टूरिज्म में अपनी अलग पहचान बनाता है। यहाँ के खाखरा, फाफड़ा-जलेबी, खांडवी और ढोकला देशभर में पसंद किए जाते हैं। शाकाहारी स्नैक्स का यह केंद्र अपने स्वाद और विविधता के लिए प्रसिद्ध है।

    बेंगलुरु

    दक्षिण भारत के बेंगलुरु में डोसा, मेदू वडा, इडली-सांभर, चटनी पुड़ी और मंगलौर बन जैसे स्नैक्स लोकप्रिय हैं। यहाँ के स्वाद में कर्नाटक की पारंपरिक और मॉडर्न स्वाद शैली का अनोखा मिश्रण देखने को मिलता है।

    Snack Tourism का महत्व

    Snack Tourism केवल खाने का अनुभव नहीं है। यह स्थानीय संस्कृति, इतिहास और पाक कला को जानने का एक तरीका भी है। हर शहर और हर स्नैक अपनी अलग कहानी बयान करता है। यह यात्रा के अनुभव को और मजेदार बनाता है और पर्यटकों को छोटे-छोटे व्यंजनों के माध्यम से उस स्थान की असली पहचान से परिचित कराता है।यह ट्रेंड खासतौर पर उन लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है, जो यात्रा के साथ-साथ खाने का भी शौक रखते हैं। चाहे वह कोलकाता का पारंपरिक स्ट्रीट फूड हो या अहमदाबाद का शाकाहारी स्नैक, हर शहर में अलग स्वाद, खुशबू और अनुभव मिलता है।स्नैक टूरिज्म की बढ़ती लोकप्रियता से यह स्पष्ट हो गया है कि अब सिर्फ पर्यटन स्थल देखने से संतोष नहीं मिलता, बल्कि वहां के स्थानीय स्वाद को चखना और अनुभव करना भी यात्रा का अहम हिस्सा बन गया है।

  • शिमला-मनाली की भीड़ से परेशान हैं? चंडीगढ़ के पास इन शांत हिल स्टेशनों पर बिताएं सुकून भरी छुट्टियां

    शिमला-मनाली की भीड़ से परेशान हैं? चंडीगढ़ के पास इन शांत हिल स्टेशनों पर बिताएं सुकून भरी छुट्टियां


    नई दिल्ली।सर्दियों की छुट्टियां शुरू होते ही देशभर के पर्यटक पहाड़ों की ओर रुख करने लगते हैं। बर्फ से ढकी वादियां, ठंडी हवा और पहाड़ों की खूबसूरती हर किसी को आकर्षित करती है। लेकिन बीते कुछ समय से शिमला, मनाली और मसूरी जैसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों पर हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बर्फीली सड़कों पर लंबा ट्रैफिक जाम, घंटों फंसे वाहन और टूरिस्ट स्पॉट्स पर भारी भीड़ साफ देखी जा सकती है।ऐसे में अगर आप भी छुट्टियों में पहाड़ों का मजा लेना चाहते हैं, लेकिन भीड़ और ट्रैफिक से बचना चाहते हैं, तो कुछ ऑफबीट हिल स्टेशन आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। खास बात यह है कि ये जगहें चंडीगढ़ के पास स्थित हैं और यहां आपको प्रकृति के बीच शांति और सुकून दोनों मिलेंगे।

    शोजा, हिमाचल प्रदेश

    हिमाचल प्रदेश में स्थित शोजा एक बेहद खूबसूरत लेकिन कम चर्चित पहाड़ी गांव है। यह जगह तीर्थन वैली के पास बसी हुई है और अब भी बड़े पैमाने के पर्यटन से दूर है। जब मनाली और शिमला में होटल फुल हो जाते हैं और सड़कों पर जाम लगता है, तब शोजा शांति की मिसाल बन जाता है।यहां न तो बड़े-बड़े रिसॉर्ट्स हैं और न ही तेज म्यूजिक या पार्टी कल्चर। चारों ओर देवदार और चीड़ के घने जंगल, लकड़ी से बने छोटे-छोटे घर और पहाड़ों की ठंडी हवा इस जगह को खास बनाती है। सुबह की हल्की धुंध, पक्षियों की आवाज और प्राकृतिक नज़ारे शोजा को नेचर लवर्स के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन बनाते हैं।

    कनाताल, उत्तराखंड

    उत्तराखंड में मसूरी के पास स्थित कनाताल उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है, जो शांति के साथ पहाड़ों का अनुभव लेना चाहते हैं। समुद्र तल से करीब 8,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह हिल स्टेशन भीड़-भाड़ से काफी हद तक दूर है।कनाताल में चौड़ी और खुली सड़कें, साफ हवा और शांत वातावरण मिलता है। यहां बड़े टूरिस्ट हब्स की तरह ट्रैफिक जाम या शोरगुल नहीं होता। यही वजह है कि परिवार, कपल्स और सोलो ट्रैवलर्स के बीच इसकी लोकप्रियता धीरे-धीरे बढ़ रही है। यहां से हिमालय की बर्फीली चोटियों का नज़ारा बेहद मनमोहक दिखाई देता है।

    पंगोट, उत्तराखंड

    पंगोट नैनीताल से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित एक छोटा और शांत पहाड़ी गांव है। नैनीताल में जब नए साल और छुट्टियों के दौरान होटल फुल हो जाते हैं और सड़कों पर जाम लगता है, तब पंगोट सुकून का अहसास कराता है।यह जगह खासतौर पर नेचर और बर्ड लवर्स के लिए जानी जाती है। घने जंगल, पहाड़ों की गोद में बसे छोटे घर और शांत माहौल पंगोट को भीड़ से दूर एक आदर्श डेस्टिनेशन बनाते हैं। यहां आपको नैनीताल जैसी चहल-पहल नहीं, बल्कि शांति और प्राकृतिक सुंदरता मिलेगी।

    क्यों चुनें ऑफबीट हिल स्टेशन

    पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि ऑफबीट डेस्टिनेशन न सिर्फ ट्रैफिक और भीड़ से राहत देते हैं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और प्रकृति को करीब से देखने का मौका भी देते हैं। इसके साथ ही ये जगहें मानसिक सुकून और असली छुट्टियों का अनुभव प्रदान करती हैं।अगर आप इस सर्दी पहाड़ों में भीड़ से दूर, शांति और खूबसूरती के साथ समय बिताना चाहते हैं, तो शिमला-मनाली की जगह इन ऑफबीट हिल स्टेशनों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल करें।