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  • विदिशाः तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े डंपर में टकराई, तीन युवकों की मौत और तीन घायल

    विदिशाः तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े डंपर में टकराई, तीन युवकों की मौत और तीन घायल


    विदिशा।
    मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के कुरवाई थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े डंपर से जा टकराई। इस हादसे में कार सवार तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार, कुरवाई निवासी तन्मय शर्मा का रविवार को जन्मदिन था। वह अपने पांच दोस्तों के साथ शिवशंकर ढाबे में पार्टी करने गया था। सभी युवक दोस्त की जन्मदिन की पार्टी से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान रात्रि करीब 1.30 बजे कुरवाई रोड पर मेलुआ चौराहे पर कृष्णा ढाबा के पास उनकी कार सड़क किनारे खड़े डंपर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा डंपर के पिछले हिस्से में फंस गया और वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। हादसे के बाद शवों को बाहर निकालने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। जेसीबी मशीन का उपयोग किया गया और सीटें काटकर शवों को बाहर निकाला गया।।

    कुरवाई थाना प्रभारी शैलेंद्र नायक ने बताया कि मृतकों की पहचान 21 वर्षीय अंकित साहू, 19 वर्षीय तन्मय शर्मा और 30 वर्षीय जगदीश साहू के रूप में हुई। जगदीश साहू कार चला रहा था। अंकित साहू आगे की सीट पर और तन्मय शर्मा बीच की सीट पर बैठा था। हादसे में जगदीश गोंड, मोंटी अहिरवार और तन्मय श्रीवास्तव गंभीर रूप से घायल हैं। उन्हें पहले कुरवाई अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति के कारण विदिशा जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है और मामले को जांच में लिया है।

  • उत्तर-पूर्व दिशा में पौधे लगाने से बढ़ेगी शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि: वास्तु विशेषज्ञों की सलाह

    उत्तर-पूर्व दिशा में पौधे लगाने से बढ़ेगी शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि: वास्तु विशेषज्ञों की सलाह


    नई दिल्ली।भारतीय घरों में वास्तुशास्त्र का महत्व समय के साथ और अधिक बढ़ा है। खासकर शहरी जीवन में बढ़ते तनाव और अस्थिरता के बीच लोग ऐसे उपायों की तलाश कर रहे हैं, जो घर के वातावरण को संतुलित और सकारात्मक बनाए रखें। इस क्रम में उत्तर-पूर्व दिशा, जिसे वास्तु में ईशान कोण कहा जाता है, सबसे प्रभावशाली मानी जाती है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, इस दिशा में सही प्रकार के पौधे लगाने से घर में मानसिक शांति, पारिवारिक स्थिरता और आर्थिक संतुलन बन सकता है।उत्तर-पूर्व दिशा को ज्ञान, जल तत्व और आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़ा गया है। यह दिशा मानसिक शांति और स्पष्ट सोच का प्रतीक मानी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस स्थान को हल्का साफ और जीवंत रखा जाए तो घर में रहने वालों के निर्णय बेहतर होते हैं, अनावश्यक विवाद कम होते हैं और घर का वातावरण सकारात्मक रहता है। पौधे इस दिशा में जीवन तत्व और ऊर्जा को सक्रिय रखने का एक सरल और प्राकृतिक तरीका हैं।

    वास्तु विशेषज्ञ कुछ पौधों को विशेष रूप से उपयोगी मानते हैं। मोटे पत्तों वाला क्रासुला पौधा आर्थिक संतुलन से जुड़ा माना जाता है। इसे उत्तर-पूर्व या इसके आसपास रखने से घर में खर्च और आय के बीच संतुलन बन सकता है। अपराजिता का पौधा धार्मिक दृष्टि से पवित्र माना जाता है और इसे रखने से मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास बढ़ता है।मोगरे जैसे खुशबूदार पौधे घर के वातावरण को शांत रखते हैं और तनाव कम करने में सहायक होते हैं। शमी का पौधा अनुशासन और धैर्य का प्रतीक माना जाता है। इसे सही दिशा में रखने से घर में नकारात्मकता कम होती है। वहीं, गेंदे के फूल सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का प्रतीक हैं। वास्तुशास्त्र के अनुसार इसके फूल घर के वातावरण को हल्का और प्रसन्न बनाते हैं।

    विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है। पौधों की नियमित देखभाल, पर्याप्त धूप और स्वच्छ मिट्टी जरूरी है। सूखे या खराब पौधे ऊर्जा को बाधित कर सकते हैं। इसके अलावा उत्तर-पूर्व दिशा में भारी फर्नीचर या अव्यवस्था से बचना चाहिए। घर का यह क्षेत्र हमेशा हल्का खुला और साफ-सुथरा होना चाहिए।हाल के वर्षों में ग्रीन वास्तु की अवधारणा लोकप्रिय हुई है। अब लोग पौधों को सिर्फ सजावट के लिए नहीं बल्कि ऊर्जा संतुलन के लिए भी इस्तेमाल कर रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि पौधों के साथ जीवनशैली में भी संतुलन रखा जाए, तो इसके सकारात्मक परिणाम लंबे समय तक बनाए रखे जा सकते हैं।

    हालांकि, किसी भी वास्तु उपाय को अपनाने से पहले व्यक्तिगत परिस्थितियों, घर के आकार और परिवार की आवश्यकताओं को ध्यान में रखना जरूरी है। सही दिशा में पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने से घर का माहौल न केवल स्वस्थ और शांत रहेगा बल्कि आर्थिक और मानसिक स्थिरता भी बढ़ेगी।इस प्रकार उत्तर-पूर्व दिशा में हरियाली का संतुलित उपयोग आधुनिक शहरी घरों में न सिर्फ सौंदर्य बढ़ाता है बल्कि घर की सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि का माध्यम भी बन सकता है।

  • कांग्रेस में बयानबाज़ी से बढ़ा घमासान: दिग्विजय सिंह के इशारे पर रेवंत रेड्डी का सोनिया गांधी कार्ड

    कांग्रेस में बयानबाज़ी से बढ़ा घमासान: दिग्विजय सिंह के इशारे पर रेवंत रेड्डी का सोनिया गांधी कार्ड


    नई दिल्ली। कांग्रेस के भीतर एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है। वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के संगठन सुधार से जुड़े बयान ने पार्टी में अंदरूनी कलह को हवा दे दी है। RSS-BJP की कार्यशैली का उदाहरण देकर दिए गए उनके बयान पर कांग्रेस के कई नेताओं ने आपत्ति जताई, जिसके बाद यह मुद्दा खुलकर सियासी बहस में बदल गया।
    अब इस विवाद में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की एंट्री ने मामला और गरमा दिया है।

    रेवंत रेड्डी ने बिना नाम लिए दिग्विजय सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस की विरासत और सोनिया गांधी के नेतृत्व का मजबूती से बचाव किया। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी के फैसलों ने यह साबित किया है कि कांग्रेस ने हमेशा योग्यता और अनुभव को महत्व दिया।

    रेवंत रेड्डी ने याद दिलाया कि 1991 में तेलंगाना के एक छोटे से गांव से आने वाले पीवी नरसिम्हा राव को प्रधानमंत्री बनाना और 2004 व 2009 में प्रख्यात अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह को देश की कमान सौंपना सोनिया गांधी का ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय था।

    तेलंगाना सीएम ने यह भी कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आजादी की लड़ाई का नेतृत्व किया, संविधान निर्माण में अहम भूमिका निभाई और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत किया।

    विविधताओं से भरे आधुनिक भारत के निर्माण में कांग्रेस का योगदान हर पन्ने पर दर्ज है। राजनीतिक हलकों में रेवंत रेड्डी के इस बयान को दिग्विजय सिंह की उस सोशल मीडिया पोस्ट का सीधा जवाब माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने RSS और जनसंघ में जमीनी कार्यकर्ताओं को शीर्ष पदों तक पहुंचने का उदाहरण दिया था।

    गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लालकृष्ण आडवाणी की तस्वीर साझा करते हुए लिखा था कि RSS-BJP में सामान्य कार्यकर्ता भी मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बन सकता है। उन्होंने इस पोस्ट में राहुल गांधी को टैग कर संगठनात्मक सुधार की जरूरत पर इशारा किया था। इसी बयान के बाद कांग्रेस के भीतर नेतृत्व, संगठन और भविष्य की दिशा को लेकर बहस और तेज हो गई है।

  • 4,400 से 1.4 लाख तक: 25 साल में सोने ने दिया निवेशकों को सबसे शानदार रिटर्न

    4,400 से 1.4 लाख तक: 25 साल में सोने ने दिया निवेशकों को सबसे शानदार रिटर्न


    नई दिल्ली।पिछले 25 वर्षों में अगर किसी निवेश ने लगातार और मजबूत रिटर्न दिया है, तो वह सोना रहा है। वर्ष 1999 के अंत में सोने की कीमत लगभग ₹4,400 प्रति 10 ग्राम थी। दिसंबर 2025 तक यह बढ़कर ₹1.4 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर चुकी है। इस दौरान सोने ने औसतन 14.3% सालाना रिटर्न दिया, जो भारतीय शेयर बाजार और अन्य पारंपरिक निवेश विकल्पों से कहीं अधिक है।विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में यह तेजी कई कारणों से आई। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती ने सोने की मांग को बढ़ाया। ब्याज दरों में कमी से डॉलर कमजोर हुआ, जिससे डॉलर में कारोबार होने वाली कीमती धातुएँ अन्य मुद्राओं के लिए सस्ती पड़ीं। इसका सीधा असर सोने की कीमतों और मांग पर पड़ा।

    वर्ष 2025 सोने और चांदी दोनों के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। इस साल सोने की कीमतों में 70% से अधिक की तेजी आई, जबकि चांदी ने 160% तक का उछाल दिखाया। यह प्रदर्शन 1979 के बाद सबसे मजबूत सालाना बढ़त माना जा रहा है। न केवल भारत, बल्कि वैश्विक बाजारों में भी कीमती धातुओं ने निवेशकों को आकर्षित किया।इसी अवधि में भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। पिछले 25 वर्षों में सेंसेक्स और निफ्टी ने क्रमशः लगभग 11.5% और 11.7% का औसत सालाना रिटर्न दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सेंसेक्स को चांदी के बराबर रिटर्न देना होता, तो आज इसका स्तर लगभग 1.6 लाख अंक के आसपास होता, जबकि वास्तविकता में यह करीब 85,000 के स्तर पर है।

    चांदी की तेजी के पीछे भी विशेष कारण हैं। सिर्फ निवेश ही नहीं, बल्कि सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल EV और सेमीकंडक्टर जैसे तेजी से बढ़ते उद्योगों में इसकी बढ़ती मांग ने कीमतों को समर्थन दिया। द सिल्वर इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितता और औद्योगिक मांग के बीच चांदी की सप्लाई अपेक्षाकृत धीमी रही, जिससे कीमतों में और तेजी आई।भारत में सोना सिर्फ निवेश का साधन नहीं, बल्कि संस्कृति और बचत का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है। निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड से जुड़े विशेषज्ञ विक्रम धवन का कहना है कि सोने को पोर्टफोलियो में शामिल करना संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। गोल्ड ETF के जरिए निवेश करना आज एक सुरक्षित और आसान विकल्प बन चुका है।

    हालांकि विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि अल्पकाल में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है। फिर भी मौजूदा वैश्विक और घरेलू परिस्थितियों में ये दोनों धातुएँ निवेशकों के लिए मजबूत और भरोसेमंद विकल्प बनी हुई हैं।निवेशक इस तथ्य को भी ध्यान में रखें कि सोना और चांदी लंबे समय में पूंजी सुरक्षा और स्थिर रिटर्न का बेहतर माध्यम साबित हुए हैं। साथ ही, डिजिटल और म्यूचुअल फंड जैसे आधुनिक निवेश विकल्प ने इसे और भी सुलभ बना दिया है।

  • चोट का झटका: इंग्लैंड के तीसरे तेज गेंदबाज एटकिंसन सिडनी में नहीं खेलेंगे

    चोट का झटका: इंग्लैंड के तीसरे तेज गेंदबाज एटकिंसन सिडनी में नहीं खेलेंगे


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज गस एटकिंसन चोट के कारण एशेज 2025 की निर्णायक कड़ीसिडनी टेस्टसे बाहर हो गए हैं। बाएं जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव के चलते एटकिंसन 4 जनवरी से सिडनी में होने वाले मुकाबले में चयन के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। यह जानकारी इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने मेडिकल जांच के बाद साझा की।

    एटकिंसन को यह चोट मेलबर्न में खेले गए चौथे टेस्ट के दौरान लगी थी। ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में अपने पांचवें ओवर की अंतिम गेंद डालते समय उन्होंने असहजता महसूस की और तुरंत मैदान छोड़ दिया। अगले दिन कराए गए स्कैन में मांसपेशियों में खिंचाव की पुष्टि हुई। टीम मैनेजमेंट ने सुरक्षित विकल्प के तौर पर उन्हें सिडनी टेस्ट से बाहर रखने का फैसला किया।इस सीरीज में एटकिंसन चोटों के कारण बाहर होने वाले इंग्लैंड के तीसरे तेज गेंदबाज हैं। इससे पहले मार्क वुड घुटने की समस्या और जोफ्रा आर्चर साइड स्ट्रेन के कारण स्वदेश लौट चुके हैं। लगातार चोटों ने इंग्लैंड की तेज गेंदबाजी आक्रमण को कमजोर किया है। हालांकि टीम प्रबंधन का कहना है कि मौजूदा स्क्वॉड में पर्याप्त विकल्प मौजूद हैं।

    दिलचस्प बात यह है कि एटकिंसन की गैरमौजूदगी के बावजूद इंग्लैंड ने मेलबर्न टेस्ट में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। टीम ने ऑस्ट्रेलिया को दूसरी पारी में केवल 132 रन पर समेटा और 175 रनों का लक्ष्य चार विकेट शेष रहते हासिल किया। यह जनवरी 2011 के बाद विदेशी धरती पर इंग्लैंड की पहली एशेज टेस्ट जीत थीजिसने टीम का मनोबल काफी बढ़ाया।सिडनी टेस्ट के लिए टीम ने किसी नए खिलाड़ी को शामिल नहीं करने का निर्णय लिया है। टीम प्रबंधन के अनुसारमैथ्यू पॉट्स अब तक इस सीरीज में नहीं खेले हैं और तेज गेंदबाजी के विकल्प के तौर पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा मार्क वुड के बाहर होने के बाद मैथ्यू फिशर को पहले ही सीनियर स्क्वॉड में जोड़ा जा चुका है।

    स्पिन विभाग में भी रणनीतिक विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। यदि इंग्लैंड अतिरिक्त स्पिनर के साथ उतरने का फैसला करता हैतो शोएब बशीर को मौका मिल सकता है। हालांकि सिडनी की पिच को देखते हुए तेज गेंदबाजों पर निर्भरता बनाए रखने की संभावना अधिक मानी जा रही है।एटकिंसन के लिए चोटें नया विषय नहीं हैं। इससे पहले भी वह हैमस्ट्रिंग समस्या के कारण भारत के खिलाफ शुरुआती टेस्ट नहीं खेल पाए थे। हालांकि वापसी पर उन्होंने प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उनका प्रदर्शन औसत रहा और तीन टेस्ट में कुल छह विकेट लिए।अब निगाहें सिडनी टेस्ट पर हैंजहां इंग्लैंड चोटों के बावजूद सीरीज का समापन मजबूती से करने की कोशिश करेगा। यह मुकाबला न केवल सीरीज के नतीजे के लिएबल्कि इंग्लैंड के भविष्य के तेज गेंदबाजी संयोजन के लिए भी अहम माना जा रहा है।

  • CBI की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप, दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को अस्थायी रूप से स्थगित किया

    CBI की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप, दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को अस्थायी रूप से स्थगित किया


    नई दिल्ली।उन्नाव रेप केस में दोषी ठहराए गए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सोमवार को शीर्ष अदालत ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दीजिसमें सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित किया गया था। केंद्रीय जांच ब्यूरो CBI की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले से जुड़े अहम कानूनी सवालों पर अंतिम निर्णय होने तक हाईकोर्ट के आदेश को लागू नहीं किया जाएगा।इस फैसले की घोषणा चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कीजिसमें न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह शामिल थे। अदालत ने कहा कि यह मामला साधारण नहीं है और इसमें पीड़िता की उम्रअपराध की गंभीरता और आरोपी की स्थिति जैसे पहलुओं पर गंभीर विचार आवश्यक हैं।

    दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश

    दिल्ली हाईकोर्ट ने 23 दिसंबर को सेंगर की उम्रकैद सजा निलंबित कर दी थी। अदालत ने कहा कि सेंगर पहले ही करीब सात साल पांच महीने की सजा काट चुका है। हालांकिहाईकोर्ट के आदेश के बावजूद सेंगर जेल से बाहर नहीं आ सका क्योंकि वह पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में अलग से उम्रकैद की सजा भुगत रहा है।

    CBI की चुनौती

    CBI ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि अपराध के समय सेंगर लोक सेवक थे। एजेंसी का कहना है कि 2017 में घटना के समय सेंगर भारतीय जनता पार्टी के विधायक थे और उन्हें लोक सेवक की श्रेणी से बाहर मानना कानून की गलत व्याख्या होगी।सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुनवाई के दौरान जोर देकर कहा कि यह मामला नाबालिग पीड़िता से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि घटना के समय पीड़िता की उम्र मात्र 15 साल 10 महीने थी। इस आधार पर यह अपराध भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और पॉक्सो अधिनियम के तहत आता हैजिसमें सख्त सजा का प्रावधान है।

    सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

    शीर्ष अदालत ने कहा कि लोक सेवक की परिभाषा सहित कई कानूनी सवाल हैंजिन पर विस्तार से विचार किया जाएगा। हालांकिमौजूदा परिस्थितियों में हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाना जरूरी था। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सामान्य तौर पर अदालतें किसी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता में हस्तक्षेप से बचती हैंलेकिन इस मामले की गंभीरता अलग है।

    विरोध और जन प्रतिक्रिया

    दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद से ही पीड़िताउसके परिवार और कई सामाजिक संगठनों ने विरोध दर्ज कराया। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट परिसर के बाहर प्रदर्शन हुएजिसमें सजा निलंबन को पीड़िता के साथ अन्याय बताया गया। सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप अब पीड़िता के पक्ष में एक अहम कदम माना जा रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय न केवल कानून की गंभीरता को दर्शाता हैबल्कि नाबालिग पीड़िताओं के मामले में न्याय सुनिश्चित करने का संदेश भी देता है। इस फैसले के बाद अब दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा सेंगर की सजा निलंबन पर निर्णय स्थगित रहेगाऔर अंतिम फैसला आने तक वह पहले की तरह जेल में रहेंगे।
  • फ्लाइट कैंसिलेशन से इंडिगो को झटका, नवंबर में घटा मार्केट शेयर; एअर इंडिया और स्पाइसजेट को फायदा

    फ्लाइट कैंसिलेशन से इंडिगो को झटका, नवंबर में घटा मार्केट शेयर; एअर इंडिया और स्पाइसजेट को फायदा


    नई दिल्ली।देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के लिए नवंबर 2025 चुनौतियों से भरा रहा। लगातार फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के कारण कंपनी का घरेलू मार्केट शेयर घटकर 63.6% पर आ गया जो अक्टूबर में 65.6% था। इस गिरावट के चलते एयरलाइन उद्योग में प्रतिस्पर्धा और बढ़ गई है जबकि एअर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस ने इस अवसर का लाभ उठाया।

    नागर विमानन महानिदेशालय DGCA द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इंडिगो की मार्केट हिस्सेदारी में लगभग 2% की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान टाटा समूह की एअर इंडिया का संयुक्त मार्केट शेयर अक्टूबर के 25.7% से बढ़कर नवंबर में 26.7% पहुंच गया। वहीं, आर्थिक संकट से उबरने की कोशिश कर रही स्पाइसजेट की हिस्सेदारी 2.6% से बढ़कर 3.7% हो गई।नवंबर और दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो को बड़े पैमाने पर ऑपरेशनल समस्याओं का सामना करना पड़ा। DGCA द्वारा पायलटों की ड्यूटी और आराम से जुड़े नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट FDTL नियम लागू किए गए थे। इंडिगो इन नए नियमों के अनुसार समय पर अपने क्रू रोस्टर और संसाधनों का प्रबंधन नहीं कर सकी। इसका नतीजा यह हुआ कि नवंबर के अंतिम सप्ताह और दिसंबर के पहले हफ्ते में लगभग 5,000 उड़ानें या तो रद्द हुईं या तय समय से देरी से संचालित हुईं।

    लगातार उड़ान बाधित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और एयरलाइन की विश्वसनीयता पर असर पड़ा। हालात बिगड़ने के बाद DGCA ने सख्त कदम उठाते हुए इंडिगो को अपने विंटर शेड्यूल में 10% कटौती करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप दी है जिसमें एयरलाइन की योजना और प्रबंधन से जुड़ी खामियों का उल्लेख होने की संभावना है।विशेषज्ञों का मानना है कि इंडिगो के पास मजबूत नेटवर्क और बेड़े की क्षमता है, लेकिन नियामकीय बदलावों के अनुरूप तेजी से ढलना अब उसकी प्राथमिक चुनौती होगी। लगातार फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी से यात्रियों में असंतोष बढ़ा है। नवंबर में घरेलू उड़ानों में 1.53 करोड़ यात्रियों ने सफर किया जो पिछले साल की तुलना में करीब 7% अधिक था। इसी अवधि में कुल 1,196 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें आधे से अधिक उड़ान में देरी और कैंसिलेशन से संबंधित थीं, जबकि बैगेज और रिफंड की शिकायतें भी प्रमुख रही।

    इंडिगो के लिए यह समय रणनीतिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच ग्राहकों की संतुष्टि बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। दूसरी ओर, एअर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस के लिए यह अवसर है कि वे अपनी सेवाओं को बेहतर करके मार्केट में स्थायी बढ़त हासिल कर सकें। एअर इंडिया ने पिछले महीनों में अपने बेड़े और मार्ग नेटवर्क का विस्तार किया है, जबकि स्पाइसजेट ने नए रूट और प्रतिस्पर्धी कीमतें पेश कर अपनी स्थिति मजबूत की है विश्लेषकों का कहना है कि इंडिगो को भविष्य में नियामक बदलावों और ऑपरेशनल चुनौतियों से निपटने के लिए नई रणनीति अपनानी होगी। यात्रियों का भरोसा और समय पर उड़ान संचालन कंपनी की दीर्घकालिक सफलता के लिए अहम होंगे। एयरलाइन उद्योग में यह संकेत देता है कि बड़े ऑपरेटरों को भी समय-समय पर अपने प्रबंधन और संसाधन प्रबंधन में सुधार करना होगा, ताकि मार्केट में उनका प्रभुत्व बरकरार रहे।

  • चेन्नई एयरपोर्ट पर फिसले विजय थलापति, फैंस की भीड़ और सुरक्षा में चूक से अफरातफरी

    चेन्नई एयरपोर्ट पर फिसले विजय थलापति, फैंस की भीड़ और सुरक्षा में चूक से अफरातफरी


    नई दिल्ली। /चेन्नई।तमिल सिनेमा के सुपरस्टार और तमिलगा वेट्री कज़गम TVK के अध्यक्ष थलापति विजय रविवार रात चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फिसलकर गिर पड़े। यह घटना उस समय हुई जब विजय मलेशिया से लौटकर अपनी कार की ओर बढ़ रहे थे और एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में प्रशंसक उन्हें देखने के लिए जमा हो गए थे। अफरातफरी और भीड़ के बीच संतुलन बिगड़ने से अभिनेता जमीन पर गिर पड़े। हालांकि तुरंत मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें संभाल लिया और सुरक्षित रूप से कार में बैठाया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही विजय के चेन्नई पहुंचने की जानकारी फैली एयरपोर्ट परिसर में फैंस की भारी भीड़ जमा हो गई। सुरक्षा घेरा कमजोर होने के कारण प्रशंसक अभिनेता के काफी करीब आ गए। इसी दौरान आगे बढ़ते समय फर्श पर फिसलन के कारण विजय गिर पड़े। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर कुछ ही देर में वायरल हो गया। वीडियो में दिख रहा है कि गिरने के बाद विजय खुद को संभालते हैं और बिना किसी परेशानी के वाहन तक पहुँचते हैं। सूत्रों के मुताबिक उन्हें किसी तरह की गंभीर चोट नहीं आई है और उनकी तबीयत पूरी तरह ठीक है।

    विजय मलेशिया के कुआलालंपुर से लौट रहे थे जहां उन्होंने अपनी आगामी और बताई जा रही आखिरी फिल्म जननायकन के ऑडियो लॉन्च कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। 27 दिसंबर को बुकिट जलील स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग एक लाख लोग मौजूद थे। आयोजकों के अनुसार यह कार्यक्रम ऑडियो लॉन्च के लिए अब तक की सबसे बड़ी दर्शक संख्या के रूप में मलेशियाई बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया।इस ऑडियो लॉन्च के दौरान विजय ने सार्वजनिक जीवन को लेकर बड़ा बयान भी दिया था। उन्होंने संकेत दिए कि वह धीरे-धीरे सिनेमा से दूरी बनाकर सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। उनके इस बयान के बाद फैंस के बीच उत्साह और भावनात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली।

    चेन्नई एयरपोर्ट पर हुई यह घटना एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि बड़े सार्वजनिक व्यक्तित्वों की आवाजाही के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन कितना प्रभावी है। पिछले कुछ वर्षों में कई मौकों पर सितारों के साथ ऐसे हालात सामने आए हैं जहां प्रशंसकों की अत्यधिक भीड़ दुर्घटना का कारण बनी।वर्तमान में एयरपोर्ट प्रशासन या विजय की टीम की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। सूत्रों का कहना है कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा सकती है। इसके अलावा यह घटना उन व्यवस्थाओं पर भी ध्यान आकर्षित करती है जो सार्वजनिक कार्यक्रमों और एयरपोर्ट पर बड़े पैमाने पर भीड़ नियंत्रण सुनिश्चित करती हैं।

    इस घटना के बावजूद थलापति विजय अपने फैंस के लिए सुरक्षित हैं और उन्होंने किसी भी तरह की गंभीर चोट से बचाव किया। उनके फैंस सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर चिंतित हुए लेकिन वीडियो में देखा गया कि अभिनेता पूरी तरह से स्वस्थ हैं और उन्होंने आरामपूर्वक अपनी कार की ओर बढ़कर यात्रा जारी रखी।इस तरह चेन्नई एयरपोर्ट पर हुई यह अफरातफरी घटना फिल्म इंडस्ट्री और फैंस दोनों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है।

  • बॉलीवुड डायरेक्टर साजिद खान का एक्सीडेंट: सेट पर घायल हुए, बहन फराह खान ने बताई रिकवरी की जानकारी

    बॉलीवुड डायरेक्टर साजिद खान का एक्सीडेंट: सेट पर घायल हुए, बहन फराह खान ने बताई रिकवरी की जानकारी


    नई दिल्ली।बॉलीवुड के चर्चित डायरेक्टर और बिग बॉस के पूर्व प्रतियोगी साजिद खान फिर से सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनका एक्सीडेंट है। शनिवार को एकता कपूर के प्रोडक्शन की शूटिंग के दौरान साजिद खान का पैर फ्रैक्चर हो गया जिसके बाद उन्हें अगले दिन सर्जरी के लिए अस्पताल ले जाया गया।सर्जरी के सफल होने की पुष्टि साजिद की बहन फिल्म निर्माता और कोरियोग्राफर फराह खान ने की। फराह ने कहा सर्जरी हो गई है। अब वो बिल्कुल ठीक हैं चिंता की कोई बात नहीं है। उनकी रिकवरी हो रही है। हादसे के दौरान साजिद शूटिंग सेट पर मौजूद थे और अचानक हुए एक्सीडेंट से पूरे क्रू में हलचल मच गई।

    शूटिंग के दौरान हुआ हादसा

    सूत्रों के अनुसार साजिद खान उस समय एकता कपूर प्रोडक्शन की शूटिंग कर रहे थे। सेट पर कोई सुरक्षा चूक या तकनीकी समस्या होने की संभावना जताई जा रही है। इस दौरान उनका पैर गंभीर रूप से घायल हो गया और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। फराह खान ने सभी फैंस और मीडिया को आश्वस्त किया कि साजिद पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनकी रिकवरी अच्छी चल रही है।

    साजिद खान की फिल्मी यात्रा

    साजिद खान लंबे समय के ब्रेक के बाद निर्देशन में वापसी कर रहे हैं। उनकी पिछली फिल्म हमशकल्स 2014 में रिलीज हुई थी। इससे पहले उन्होंने 2005 में डरना जरूरी है के साथ निर्देशन की दुनिया में कदम रखा। यह एक हॉरर एंथोलॉजी थी जिसमें अमिताभ बच्चन और अर्जुन रामपाल जैसे बड़े सितारे थे।साजिद को 2007 में रिलीज हुई कॉमेडी फिल्म हे बेबी से पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने हाउसफुल 2010 और हाउसफुल 2 2012 जैसी हिट फिल्मों का निर्देशन किया। उनकी फिल्मों को दर्शकों ने खूब सराहा हालांकि उन्हें मीटू मूवमेंट के दौरान भी विवादों का सामना करना पड़ा।

    हालिया विवाद और चर्चाएं

    साजिद खान हमेशा किसी न किसी कारण से मीडिया में बने रहते हैं। कभी विवादों में तो कभी अपने फिल्मी प्रोजेक्ट्स की वजह से। पिछले साल भी उनके निर्देशन और प्रोडक्शन को लेकर कई रिपोर्ट्स सामने आई थीं। बावजूद इसके साजिद फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाए हुए हैं और उनके फैंस उन्हें लंबे समय से बड़े पर्दे पर वापस देखने का इंतजार कर रहे थे।

    रिकवरी और भविष्य की योजनाएं
    फराह खान ने यह भी बताया कि साजिद की रिकवरी तेजी से हो रही है और जल्द ही वह अपने फैंस के सामने वापसी करेंगे। साजिद के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स में उनकी लंबे अंतराल के बाद निर्देशन में वापसी शामिल है जिसे लेकर फिल्म इंडस्ट्री में काफी उत्साह है।साजिद खान का यह एक्सीडेंट उनके फैंस और फिल्म इंडस्ट्री के लिए चिंता का विषय जरूर है लेकिन उनकी सर्जरी सफल होने की खबर से सभी को राहत मिली है। इसके अलावा उनके काम और भविष्य की फिल्में देखने के लिए दर्शक उत्साहित हैं।
  • भूटान के सोनम येशे ने रचा इतिहास, T20I में 8 विकेट लेकर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

    भूटान के सोनम येशे ने रचा इतिहास, T20I में 8 विकेट लेकर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड




    नई दिल्ली।
    क्रिकेट का दायरा लगातार फैल रहा है और अब नए-नए देश भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। इसी कड़ी में भूटान क्रिकेट ने एक ऐसा ऐतिहासिक पल देखा, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया। म्यांमार के खिलाफ खेले गए T20 इंटरनेशनल मुकाबले में 22 वर्षीय युवा गेंदबाज सोनम येशे ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो इससे पहले किसी भी गेंदबाज ने नहीं किया था।

    इस मैच में भूटान की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 127 रन बनाए। टीम के लिए नामगांग चेजय ने शानदार अर्धशतक जड़ा।

    उन्होंने 45 गेंदों में 50 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और एक छक्का शामिल रहा। इसके अलावा नामगे थिनले ने 22 गेंदों में 27 रन और ताशी डोर्जी ने 17 रन जोड़कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी म्यांमार की टीम भूटान के गेंदबाजों के सामने पूरी तरह बिखर गई। खासतौर पर सोनम येशे की घातक गेंदबाजी ने म्यांमार की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

    सोनम ने अपने चार ओवर में महज 7 रन देकर 8 विकेट झटके और नया वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वह T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक मैच में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं।

    इससे पहले पुरुष T20I क्रिकेट में अधिकतम 7 विकेट लेने का रिकॉर्ड था। साल 2023 में मलेशिया के स्याजरुल इद्रस ने चीन के खिलाफ 7 विकेट लिए थे, जबकि बहरीन के अली दाऊद ने भूटान के खिलाफ 7 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा था। लेकिन सोनम येशे ने इन दोनों को पीछे छोड़ते हुए इतिहास रच दिया।

    म्यांमार की पूरी टीम सिर्फ 45 रन पर ढेर हो गई। टीम के लिए केवल हेट लिन ऊ (12 रन) और प्याए फ्यो वाई (10 रन) ही दोहरे अंक तक पहुंच सके। बाकी बल्लेबाज सोनम येशे की धारदार गेंदों के सामने टिक नहीं पाए।

    इस तरह सोनम येशे की ऐतिहासिक गेंदबाजी के दम पर भूटान ने म्यांमार को 82 रनों से करारी शिकस्त दी। यह जीत न सिर्फ भूटान क्रिकेट के लिए यादगार रही, बल्कि यह भी साबित कर गई कि उभरते क्रिकेट राष्ट्र अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़े रिकॉर्ड बनाने का माद्दा रखते हैं।