Blog

  • देशव्यापी छात्र प्रदर्शन से पहले हाई अलर्ट, गृह मंत्रालय सतर्क, सोशल मीडिया और एआई आधारित प्रचार सामग्री पर नजर

    देशव्यापी छात्र प्रदर्शन से पहले हाई अलर्ट, गृह मंत्रालय सतर्क, सोशल मीडिया और एआई आधारित प्रचार सामग्री पर नजर


    नई दिल्ली । देशव्यापी छात्र प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की पुलिस को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को भी किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। सुरक्षा एजेंसियां विशेष रूप से सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रही सामग्री पर नजर बनाए हुए हैं।

    अधिकारियों के अनुसार, खुफिया एजेंसियों के पास ऐसे इनपुट हैं कि बड़े प्रदर्शनों के दौरान कुछ असामाजिक या बाहरी तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। विशेष रूप से सीमावर्ती राज्यों और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।

    सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली विभिन्न प्रकार की सामग्री की निगरानी कर रही हैं। इसमें एआई आधारित प्रचार सामग्री भी शामिल है, जिसकी प्रामाणिकता और संभावित प्रभाव का आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी ऑनलाइन सामग्री को लेकर कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार की जाएगी।

    खुफिया एजेंसियों ने राज्यों को भीड़ प्रबंधन और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा मजबूत करने की सलाह दी है। राष्ट्रीय राजमार्गों, प्रमुख चौराहों और बड़े शहरों के महत्वपूर्ण इलाकों में निगरानी बढ़ाने के लिए सीसीटीवी नेटवर्क का प्रभावी उपयोग करने पर जोर दिया गया है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की भी तैयारी रखी गई है।

    केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की इकाइयों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी राज्य से अतिरिक्त सुरक्षा बल की मांग आती है तो आवश्यक कार्रवाई तुरंत की जा सके। इसका उद्देश्य कानून व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।

    हाल के दिनों में विभिन्न राज्यों में छात्र संगठनों द्वारा आयोजित प्रदर्शनों में कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी भाग लिया था। कुछ स्थानों पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव तथा झड़प की घटनाएं भी सामने आई थीं। इन्हीं अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत रखने की तैयारी की गई है।

    प्रशासन ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और कानून का पालन करने की अपील की है। साथ ही अफवाहों या अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करने और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही विश्वास करने की सलाह दी गई है।

    Tags: Student Protest, Home Ministry, Security Alert, Intelligence Agencies, India News

  • सड़क सुरक्षा पर बड़ा अलर्ट, मध्य प्रदेश में हादसे कम हुए लेकिन मौतें बढ़ीं, लोकसभा में चौंकाने वाले आंकड़े

    सड़क सुरक्षा पर बड़ा अलर्ट, मध्य प्रदेश में हादसे कम हुए लेकिन मौतें बढ़ीं, लोकसभा में चौंकाने वाले आंकड़े


    भोपाल । मध्य प्रदेश की सड़कों पर तेज रफ्तार अब लगातार जानलेवा साबित हो रही है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा लोकसभा में पेश ताजा आंकड़ों ने राज्य में सड़क सुरक्षा की चिंताजनक तस्वीर सामने रख दी है। आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में हर दिन औसतन 142 सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें करीब 40 लोगों की जान चली जाती है। यही वजह है कि सड़क हादसों के मामले में मध्य प्रदेश देश के सबसे प्रभावित राज्यों में शामिल हो गया है और जानलेवा दुर्घटनाओं को लेकर तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।

    रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2021 से 2024 के बीच सड़क दुर्घटनाओं और मौतों दोनों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि वर्ष 2025 में कुल सड़क हादसों की संख्या घटकर 52 हजार 125 रह गई, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 56 हजार 669 था। इसके बावजूद राहत की बात नहीं है, क्योंकि दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हजार 842 पहुंच गई। इसका सीधा मतलब है कि हादसों की संख्या भले कम हुई हो, लेकिन वे पहले से कहीं अधिक घातक साबित हो रहे हैं।

    देशव्यापी आंकड़ों पर नजर डालें तो सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में तमिलनाडु पहले स्थान पर है। वहीं उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों में सबसे अधिक लोगों की मौत हो रही है। उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 136 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन इनमें करीब 75 लोगों की जान चली जाती है। दूसरी ओर मध्य प्रदेश में प्रतिदिन होने वाले हादसों की संख्या उत्तर प्रदेश से अधिक है, लेकिन मौतों का औसत 40 प्रतिदिन दर्ज किया गया है। यह स्थिति राज्य में सड़क सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चुनौती को उजागर करती है।

    बढ़ते हादसों और मौतों को रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने 4E रणनीति पर काम तेज किया है। इसके तहत पहला कदम एजुकेशन एंड अवेयरनेस है, जिसमें ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना, सड़क सुरक्षा अभियान और जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं ताकि लोग यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित ड्राइविंग की आदत विकसित हो।

    दूसरा महत्वपूर्ण पहलू इंजीनियरिंग है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स को चिन्हित कर सुधार किया जा रहा है। नए और पुराने हाईवे का थर्ड पार्टी रोड सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य किया गया है। वहीं वाहनों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए फ्रंट एयरबैग, एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS), ओवरस्पीड वार्निंग, रिवर्स पार्किंग सेंसर और सीट बेल्ट रिमाइंडर जैसी सुविधाएं अनिवार्य कर दी गई हैं। साथ ही भारत एनकैप क्रैश टेस्ट रेटिंग व्यवस्था भी लागू की गई है।

    तीसरे चरण इन्फोर्समेंट एंड टेक्नोलॉजी के तहत मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 2019 के प्रावधानों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। शहरों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, स्पीड रडार और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम के जरिए निगरानी बढ़ाई गई है तथा ई-चालान व्यवस्था को पारदर्शी बनाया गया है।

    चौथा और सबसे अहम हिस्सा इमरजेंसी केयर है। प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाकर कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। वहीं राह-वीर (गुड समैरिटन) योजना के तहत दुर्घटना पीड़ित की मदद करने वाले व्यक्ति को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि 5 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी गई है। इसके अलावा हिट एंड रन मामलों में गंभीर चोट पर मुआवजा 50 हजार रुपये और मृत्यु की स्थिति में 2 लाख रुपये तक बढ़ाया गया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नियम बनाना पर्याप्त नहीं होगा। तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाना, शराब पीकर ड्राइविंग और यातायात नियमों की अनदेखी पर प्रभावी नियंत्रण के साथ सड़क सुरक्षा के प्रति जनभागीदारी बढ़ाना भी जरूरी है। तभी मध्य प्रदेश समेत देशभर में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

  • भोपाल में कानून के रखवालों की शर्मनाक करतूत: मासूम छात्रा को बंधक बनाकर SAF जवान ने किया रेप, साथी आरक्षक बाहर देता रहा पहरा

    भोपाल में कानून के रखवालों की शर्मनाक करतूत: मासूम छात्रा को बंधक बनाकर SAF जवान ने किया रेप, साथी आरक्षक बाहर देता रहा पहरा


    भोपाल । राजधानी भोपाल में कानून की रक्षा का दम भरने वाली पुलिस की साख को बट्टा लगाने वाला एक बेहद सनसनीखेज और शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ विशेष सशस्त्र बल (SAF) में तैनात दो जवानों ने हैवानियत और आपराधिक साजिश की सारी हदें पार करते हुए एक 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा को अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया। वारदात को अंजाम देने के लिए मुख्य आरोपी आरक्षक ने अपनी ही बेटी के जन्मदिन की पार्टी का झांसा देकर छात्रा का भरोसा जीता और फिर उसे बंधक बनाकर दुष्कर्म किया। हैरान करने वाली बात यह है कि इस घिनौने कृत्य में उसका साथी पुलिसकर्मी भी बराबर का साझेदार रहा, जो वारदात के दौरान अपने 3-4 साल के मासूम बेटे को साथ लेकर घर के बाहर पहरा देता रहा ताकि किसी को शक न हो। पीड़िता की आपबीती सुनने के बाद हरकत में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया है।

    मिली जानकारी के मुताबिक मुख्य आरोपी संतोष सेन धार में आरक्षक के पद पर पदस्थ है और पीड़िता का पड़ोसी भी है। बीते 22 जुलाई की शाम आरोपी संतोष ने एक परिचित महिला के मोबाइल से किशोरी को फोन किया और अपनी बेटी के जन्मदिन का हवाला देते हुए उसे लाल परेड मैदान के पास मिलने के लिए बुलाया। मासूम छात्रा पड़ोसी पर भरोसा करके शाम करीब 6:30 बजे तय जगह पर पहुँच गई। वहाँ संतोष सेन अपने साथी आरक्षक जितेंद्र राजपूत के साथ कार में मौजूद था, जो ग्वालियर में पदस्थ है। जितेंद्र की कार में उसका छोटा बेटा भी बैठा हुआ था। आरोपी संतोष ने बेहद चालाकी से छात्रा का विश्वास हासिल किया और उसे झांसा देकर एमपी नगर स्थित एक मकान में ले गया।

    मकान में पहुँचते ही मुख्य आरोपी संतोष ने कमरा अंदर से बंद कर लिया और छात्रा को बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान साथी आरक्षक जितेंद्र राजपूत अपने मासूम बच्चे के साथ बाहर खड़ा होकर पहरा देता रहा ताकि कोई अचानक वहाँ न आ पहुँचे। हैवानियत का शिकार होने के बाद जब पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुँची, तो उसने अपने परिजनों को इस खौफनाक घटना की पूरी जानकारी दी। परिजनों के होश उड़ गए और वे तुरंत पीड़िता को लेकर कमला नगर थाने पहुँचे।

    घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए कमला नगर थाने में तुरंत जीरो एफआईआर दर्ज की गई, जिसके बाद मामले को जहांगीराबाद थाने स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपी जवानों को हिरासत में लिया और गहन पूछताछ के बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत कड़ा मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और पीड़िता के बयानों के आधार पर निष्पक्ष व कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

  • डेंगू मच्छर से बचाव के लिए बरसात में रखें विशेष सावधानी जानिए कैसे करें खुद और परिवार की सुरक्षा

    डेंगू मच्छर से बचाव के लिए बरसात में रखें विशेष सावधानी जानिए कैसे करें खुद और परिवार की सुरक्षा


    नई दिल्ली । बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत लेकर आता है वहीं कई संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है। इनमें डेंगू सबसे गंभीर बीमारियों में से एक माना जाता है। हर साल मानसून के दौरान डेंगू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिलती है। इसका सबसे बड़ा कारण घरों और आसपास जमा होने वाला साफ पानी है जहां एडीज मच्छर आसानी से पनपता है। यही मच्छर डेंगू वायरस फैलाने का काम करता है। ऐसे में थोड़ी सी सतर्कता और सही आदतें अपनाकर इस बीमारी से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है।

    डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर दिन के समय अधिक सक्रिय रहता है। यह सुबह और शाम के समय सबसे ज्यादा काटता है। इसलिए केवल रात में ही नहीं बल्कि दिन में भी मच्छरों से बचाव करना जरूरी है। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें और बच्चों को भी फुल स्लीव्स के कपड़े पहनाएं ताकि मच्छरों के काटने का खतरा कम हो सके।

    घर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें। कूलर गमले टायर बाल्टी पानी की टंकी और पुराने बर्तनों में जमा पानी को नियमित रूप से खाली करें या बदलें। यदि पानी लंबे समय तक जमा रहेगा तो मच्छर तेजी से अंडे देंगे और उनकी संख्या बढ़ जाएगी। घर की छत बालकनी और आंगन की नियमित सफाई भी बेहद जरूरी है।

    मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग करें। साथ ही मच्छर भगाने वाली क्रीम स्प्रे या इलेक्ट्रिक वेपराइजर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगवाना भी एक प्रभावी उपाय माना जाता है जिससे मच्छर घर के अंदर प्रवेश नहीं कर पाते।

    यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार सिरदर्द आंखों के पीछे दर्द शरीर और जोड़ों में तेज दर्द कमजोरी या त्वचा पर लाल चकत्ते दिखाई दें तो इसे सामान्य वायरल बुखार समझकर नजरअंदाज न करें। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और आवश्यक जांच कराएं। शुरुआती पहचान और समय पर इलाज से डेंगू के गंभीर खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    डेंगू होने पर पर्याप्त मात्रा में पानी नारियल पानी नींबू पानी और अन्य तरल पदार्थ लेते रहना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दर्द निवारक दवा लेने से बचें क्योंकि कुछ दवाएं रक्तस्राव का खतरा बढ़ा सकती हैं। केवल चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही दवा का सेवन करें।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डेंगू से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों को पनपने से रोकना है। यदि हर व्यक्ति अपने घर और आसपास सफाई बनाए रखे तथा पानी जमा न होने दे तो डेंगू के मामलों में बड़ी कमी लाई जा सकती है। बरसात के मौसम में थोड़ी सी जागरूकता और नियमित सावधानी न केवल आपको बल्कि पूरे समाज को इस खतरनाक बीमारी से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

  • देश के कई हिस्सों में भारी बारिश से बिगड़े हालात… असम में बाढ़ से 47 मौतें, लाखों लोग प्रभावित

    देश के कई हिस्सों में भारी बारिश से बिगड़े हालात… असम में बाढ़ से 47 मौतें, लाखों लोग प्रभावित


    नई दिल्ली ।
    देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश (Monsoon Rain) का कहर लगातार जारी है। सबसे गंभीर स्थिति असम (Assam) में है, जहां बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 47 हो गई है। पिछले 24 घंटों में छह और लोगों की जान गई है। वहीं, बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 7.21 लाख से अधिक हो गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, राज्य के 11 जिलों के 37 राजस्व सर्किलों और 883 गांवों में बाढ़ (Flood) का असर है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई प्रमुख नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और हालात और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है।


    कौन से जिले बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं?

    एएसडीएमए (ASDMA) के अनुसार, सबसे अधिक प्रभावित शिवसागर जिला है, जहां करीब 3.75 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। इसके बाद चराइदेव में 1.86 लाख और जोरहाट में 1.15 लाख लोग प्रभावित हैं। गोलाघाट, होजाई, कामरूप, डिब्रूगढ़, नगांव, कामरूप (मेट्रो), कार्बी आंगलोंग और तिनसुकिया समेत कुल 11 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। पिछले दिन तक 10 जिलों में 6.43 लाख लोग प्रभावित थे, लेकिन लगातार बारिश के कारण स्थिति और गंभीर हो गई।


    राहत और बचाव कार्य कहां तक पहुंचा?

    राज्य में 103 राहत शिविरों में 24,124 विस्थापित लोगों को आश्रय दिया गया है, जबकि 255 राहत वितरण केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं। सेना, वायुसेना, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियां राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं। दूरदराज के इलाकों में फंसे लोगों तक ड्रोन के जरिए भोजन, पेयजल और दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं। बाढ़ के कारण 25,375.44 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। साथ ही कई स्थानों पर सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।

    कौन-कौन सी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं?
    बाढ़ की स्थिति इसलिए भी चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि डिब्रूगढ़ के खोवांग में बुर्हीदिहिंग, शिवसागर में दिखो और देसांग, गोलाघाट के नुमालीगढ़ में धनसिरी तथा श्रीभूमि में कुशियारा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

    गुजरात में बारिश ने कैसी तबाही मचाई?
    गुजरात के वलसाड, नवसारी, सूरत और तापी जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। सबसे अधिक प्रभावित वलसाड जिले के उमरगाम तालुका में बुधवार सुबह से गुरुवार सुबह तक महज 16 घंटे में 1,100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। राज्य सरकार के अनुसार, अब तक 1,200 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। सूरत में 1,500 और नवसारी के 11 गांवों से 200 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। तापी जिले में बारिश से जुड़ी एक व्यक्ति की मौत हुई है। 300 से अधिक सड़कें अस्थायी रूप से बंद हैं और राज्य परिवहन निगम की 200 से ज्यादा बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं।


    सूरत में बारिश से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बंद

    गुजरात के सूरत में भारी बारिश के कारण अंबिका नदी उफान पर आ गई है। नदी का पानी पुल के खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। सुरक्षा के लिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (नेशनल एक्सप्रेसवे 4) पर ईएनए (पलसाना) और खरेल (नवसारी) के बीच वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। प्रशासन स्थिति पर नज़र रखे हुए है। पानी का स्तर कम होते ही यातायात फिर से शुरू कर दिया जाएगा।


    जम्मू-कश्मीर में बारिश से हालात कितने गंभीर हैं?

    जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश के कारण तवी, चिनाब और झेलम समेत कई नदियां उफान पर हैं। भूस्खलन और सड़क धंसने की घटनाओं के चलते जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार दूसरे दिन भी बंद रहा। बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है। खराब मौसम के कारण अमरनाथ, वैष्णो देवी और शिवखोड़ी यात्राएं लगातार पांचवें दिन भी स्थगित रहीं। कटड़ा में लगभग 15 हजार श्रद्धालु फंसे हुए हैं। कश्मीर विश्वविद्यालय ने 24 और 25 जुलाई को होने वाली परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं।


    राजस्थान में मौसम विभाग ने क्या चेतावनी जारी की है?

    मौसम विभाग ने 24 और 25 जुलाई के बीच अजमेर, कोटा, जोधपुर और उदयपुर संभाग में भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं, जयपुर, भरतपुर और बीकानेर संभाग में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।


    हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से क्या असर पड़ा?

    हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला समेत कांगड़ा, चंबा, मंडी, कुल्लू और ऊना में गुरुवार को तेज बारिश हुई। चंबा जिले के साच जोत क्षेत्र में बादल फटने से चुराह उपमंडल के सतरूंडी नाला, रानीकोट और कार्थ नाला में अचानक बाढ़ आ गई। इससे कई मार्गों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें सड़कों पर आ गईं। प्रदेश में 136 सड़कें बंद हैं, जबकि कई इलाकों में बिजली और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।

  • MP: स्टेट हाईवे पर बना नया पुल पहली ही बारिश में धंसा…., MPRDC के घटिया निर्माण की खुली पोल!

    MP: स्टेट हाईवे पर बना नया पुल पहली ही बारिश में धंसा…., MPRDC के घटिया निर्माण की खुली पोल!


    रायसेन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रायसेन जिले (Raisen district) में मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों के घटिया स्तर का एक और शर्मनाक मामला सामने आया है. स्टेट हाईवे 19 बरेली-पिपरिया मार्ग (State Highway 19: Bareilly-Pipariya Road) पर स्थित नयागांव के नए पुल की एप्रोच रोड पहली ही मूसलाधार बारिश में धंस गई हैं।

    निर्माण कार्य में भर्राशाही और लापरवाही का आलम यह है कि नए पुल से आवागमन बाधित होने के बाद नीचे बनाया गया डायवर्जन भी नाले के उफान में पूरी तरह डूब चुका है. इसके बावजूद मौके पर न तो सुरक्षा के कोई इंतजाम हैं और न ही प्रशासन ने रूट डायवर्ट कर वाहनों की आवाजाही को रोका है।


    जवान की मौत के बाद बना था नया पुल

    बता दें कि इसी नयागांव पुल पर 1 दिसंबर 2025 को मरम्मत कार्य के दौरान 50 साल पुराना जर्जर पुल अचानक ढह गया था. उस दर्दनाक हादसे में बाइक सवार सेना के एक जवान की असमय मौत हो गई थी।

    इस मुद्दे को मीडिया ने प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद MPRDC ने आनन-फानन में यहां नए पुल का निर्माण कराया था.लेकिन पहली ही बारिश ने पुल कंस्ट्रक्शन क्वालिटी, तकनीकी मजबूती और दावों की हवा निकाल दी है।

    उफनते नाले के बीच से वाहन निकालने को मजबूर लोग
    नया पुल धंसने और एप्रोच रोड कट जाने के कारण पुल पर वाहनों की आवाजाही बंद है. वहीं, नीचे बना कच्चा डायवर्जन मार्ग पानी में डूब चुका है. इसके बावजूद यात्री, बसें और बाइक सवार अपनी जान हथेली पर रखकर नाले के तेज बहाव के बीच से वाहन निकालने को मजबूर हैं।

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि MPRDC के कराए जा रहे सभी कार्य बेहद निचले स्तर के साबित हो रहे हैं. अगर समय रहते प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया या आवागमन को पूरी तरह सुरक्षित नहीं किया, तो यहां एक बार फिर 1 दिसंबर 2025 जैसी बड़ी त्रासदी दोहराई जा सकती है।

  • फ्रांस में भीषण गर्मी का कहर…. मात्र 16 दिन में ही 21 हजार से ज्यादा लोगों की मौत

    फ्रांस में भीषण गर्मी का कहर…. मात्र 16 दिन में ही 21 हजार से ज्यादा लोगों की मौत


    नई दिल्ली।
    फ्रांस (France) में 2026 की भीषण गर्मी (Scorching Heat) ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. जून के आखिरी दिनों और जुलाई की शुरुआत के बीच देश में 21 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई. फ्रांस की पब्लिक हेल्थ एजेंसी (Public Health Agency) के मुताबिक, 17 जून से 2 जुलाई के बीच 21674 लोगों की मौत हुई, जबकि इस समय में आमतौर पर करीब 15910 मौतें होती हैं. यानी इस बार सामान्य से 5764 ज्यादा मौतें हुईं।

    इन आंकड़ों से पता चलता है कि तेज गर्मी अब सिर्फ मौसम की परेशानी नहीं रह गई है, बल्कि यह लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन रही है. अधिकारियों का कहना है कि सभी मौतें सीधे गर्मी की वजह से नहीं हुईं. ज्यादा तापमान ने कई लोगों की पहले से मौजूद बीमारियों को और गंभीर कर दिया, जिससे मौतों की संख्या बढ़ गई।

    फ्रांस में सामने आए नए आंकड़ों ने 2026 की हीटवेव के असर की गंभीर तस्वीर दिखाई है. शुरुआत में मौतों का अनुमान कम था, लेकिन बाद में मिले आंकड़ों से पता चला कि गर्मी का असर पहले से ज्यादा बड़ा था. इस दौरान अस्पतालों और देखभाल केंद्रों पर भी लोगों का दबाव बढ़ गया।

    किसी भी आपदा या घटना का असर समझने के लिए स्वास्थ्य एजेंसियां अतिरिक्त मौतों का आंकड़ा देखती हैं. इसमें किसी खास समय में हुई मौतों की तुलना सामान्य समय में होने वाली मौतों से की जाती है. फ्रांस में 17 जून से 2 जुलाई के बीच सामान्य से करीब 36 प्रतिशत ज्यादा मौतें दर्ज हुईं. हालांकि, इनमें से हर मौत की वजह सिर्फ गर्मी नहीं थी. लेकिन तेज तापमान ने बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों की परेशानी बढ़ा दी।

    अतिरिक्त मौतों में करीब दो-तिहाई लोग 75 साल या उससे ज्यादा उम्र के थे. ज्यादा उम्र के लोगों के लिए तेज गर्मी ज्यादा खतरनाक होती है, क्योंकि उनका शरीर तापमान को आसानी से नियंत्रित नहीं कर पाता. इस दौरान करीब आधी मौतें अस्पतालों में हुईं. कई मौतें नर्सिंग होम और लोगों के घरों में भी दर्ज की गईं. पेरिस और आसपास के इलाकों में इसका असर सबसे ज्यादा देखने को मिला, जहां करीब 2000 अतिरिक्त मौतें हुईं।

    बहुत ज्यादा गर्मी शरीर पर दबाव बढ़ा देती है. इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है और दिल, फेफड़ों और किडनी पर असर पड़ सकता है. जिन लोगों को पहले से कोई बीमारी होती है, उनके लिए तेज गर्मी और ज्यादा खतरनाक हो सकती है. इसी वजह से हीटवेव में सिर्फ तापमान बढ़ना ही चिंता की बात नहीं होती, बल्कि इसका असर लोगों की सेहत और मौतों के आंकड़ों में भी दिखाई देता है।

    वैज्ञानिकों का कहना है कि क्लाइमेट चेंज की वजह से यूरोप में हीटवेव ज्यादा बार आने लगी हैं और ज्यादा लंबे समय तक रह रही हैं. साल 2003 में यूरोप में आई भीषण गर्मी में 70 हजार से ज्यादा लोगों की मौत का अनुमान लगाया गया था.

    फ्रांस की 2026 की हीटवेव एक बार फिर दिखाती है कि बढ़ती गर्मी अब सिर्फ मौसम की घटना नहीं है. यह लोगों की सेहत से जुड़ी बड़ी चुनौती बन चुकी है. आने वाले समय में गर्मी से बचाव के लिए बेहतर तैयारी, समय पर अलर्ट और लोगों को जागरूक करना जरूरी होगा।

  • क्रिमिनल केस के बावजूद मिला भोपाल का वीआईपी थाना, टीआई के निलंबन के बाद पोस्टिंग सिस्टम पर उठे बड़े सवाल

    क्रिमिनल केस के बावजूद मिला भोपाल का वीआईपी थाना, टीआई के निलंबन के बाद पोस्टिंग सिस्टम पर उठे बड़े सवाल


    भोपाल । भोपाल के चर्चित अरेरा हिल्स थाना प्रभारी सुनील शर्मा के निलंबन के बाद अब केवल उनके खिलाफ लगे आरोप ही चर्चा का विषय नहीं हैं, बल्कि पुलिस विभाग की पोस्टिंग व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सुनील शर्मा के खिलाफ पहले से एक आपराधिक मामला न्यायालय में लंबित है। इसके बावजूद उन्हें राजधानी भोपाल के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील थानों में गिने जाने वाले अरेरा हिल्स थाने का प्रभारी बनाया गया। इस खुलासे के बाद पुलिस मुख्यालय के दिशा-निर्देशों के पालन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

    पूरा मामला तब सामने आया जब एक युवक ने पुलिस आयुक्त से शिकायत कर आरोप लगाया कि अरेरा हिल्स थाना प्रभारी सुनील शर्मा के उसकी पत्नी से अनैतिक संबंध हैं। शिकायत में यह भी कहा गया कि थाने में पदस्थ आरक्षक नंदकिशोर इस पूरे मामले में टीआई का सहयोग कर रहा था और महिला पर दबाव बनाने में उसकी भूमिका थी। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद दोनों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस आयुक्त ने तत्काल प्रभाव से टीआई सुनील शर्मा और आरक्षक नंदकिशोर को निलंबित कर दिया।

    मामले की जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि सुनील शर्मा के खिलाफ गुना कोतवाली में पहले से एक आपराधिक प्रकरण दर्ज है और यह मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त 2026 को निर्धारित है। इसके बावजूद उन्हें भोपाल जैसे संवेदनशील जिले के वीआईपी थाने का प्रभार सौंपा गया, जिसने विभागीय प्रक्रिया और नियमों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    पुलिस मुख्यालय ने वर्षों पहले ही ऐसे मामलों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए थे। 15 अक्टूबर 2014 को जारी आदेश में कहा गया था कि जिन अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामले, विभागीय जांच, भ्रष्टाचार अथवा लोकायुक्त संबंधी प्रकरण लंबित हों, उन्हें थानों या अन्य संवेदनशील पदों पर पदस्थ नहीं किया जाएगा। इसके बाद 17 जून 2025 को भी पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस आयुक्तों और जिला पुलिस अधीक्षकों को दोबारा निर्देश जारी कर कहा था कि जिन पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण, नैतिक अधःपतन या अवैध निरोध जैसे गंभीर आरोप लंबित हों, उन्हें थानों, क्राइम ब्रांच या किसी महत्वपूर्ण कार्यालय में पदस्थ नहीं किया जाए।

    इन स्पष्ट निर्देशों के बावजूद सुनील शर्मा की नियुक्ति ने कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पोस्टिंग से पहले उनके सेवा रिकॉर्ड और लंबित मामलों की जांच की गई थी। यदि जांच हुई थी तो नियमों के बावजूद उन्हें संवेदनशील जिम्मेदारी क्यों सौंपी गई। वहीं यदि जांच नहीं हुई तो यह प्रशासनिक प्रक्रिया में बड़ी चूक मानी जा सकती है।

    इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस विभाग की जवाबदेही पर भी बहस तेज हो गई है। अब यह सवाल उठ रहा है कि यदि पोस्टिंग नियमों के विपरीत हुई है तो क्या केवल संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई होगी या फिर ऐसे अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी जिन्होंने नियमों के बावजूद यह पदस्थापना की।

    डीसीपी जोन-3 विकास सेहवाल ने बताया कि महिला के पति की शिकायत मिलने के बाद मामले की प्रारंभिक जांच कराई गई। जांच में भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस आयुक्त के निर्देश पर टीआई सुनील शर्मा और आरक्षक नंदकिशोर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल यह मामला केवल एक थाना प्रभारी के निलंबन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पुलिस विभाग की पारदर्शिता, पोस्टिंग प्रक्रिया और नियमों के पालन को लेकर भी गंभीर बहस का विषय बन चुका है।

  • बारिश और बादलों का डबल अटैक शुक्रवार को कई राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

    बारिश और बादलों का डबल अटैक शुक्रवार को कई राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट


    मध्यप्रदेश । देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और शुक्रवार को भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार उत्तर मध्य पूर्व और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है जबकि कुछ इलाकों में भारी से अति भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार हो रही बारिश से नदियों और बांधों का जलस्तर बढ़ रहा है वहीं कई शहरों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश राजस्थान उत्तर प्रदेश छत्तीसगढ़ बिहार झारखंड पश्चिम बंगाल ओडिशा और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में शुक्रवार को तेज बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर गरज चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

    मध्य प्रदेश में लगातार सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण कई जिलों में अच्छी बारिश का दौर जारी रह सकता है। भोपाल इंदौर उज्जैन जबलपुर सिवनी मंडला छिंदवाड़ा रायसेन नर्मदापुरम और आसपास के क्षेत्रों में कहीं कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार वर्षा के चलते निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्ग प्रभावित हो सकते हैं। प्रशासन ने भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

    उत्तर भारत में दिल्ली एनसीआर के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और पहाड़ी रास्तों पर फिसलन का खतरा बना रह सकता है इसलिए यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी मानसून सक्रिय रहेगा। बिहार झारखंड पश्चिम बंगाल असम मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं दक्षिण भारत के केरल कर्नाटक तमिलनाडु और तेलंगाना के कुछ क्षेत्रों में भी गरज चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिलने के कारण अगले कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां मजबूत बनी रहेंगी। इसके चलते कई राज्यों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है लेकिन अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है।

    विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चलाते समय सावधानी रखें और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों तथा पेड़ों के नीचे खड़े न हों। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर रखना भी जरूरी है ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते बचाव किया जा सके।

  • दिल्ली प्रदर्शन की आड़ में देश का माहौल बिगाड़ने का प्रयास…. 150 को दबोचा, पिस्टल-चाकू बरामद

    दिल्ली प्रदर्शन की आड़ में देश का माहौल बिगाड़ने का प्रयास…. 150 को दबोचा, पिस्टल-चाकू बरामद


    नई दिल्ली।
    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) (Cockroach Janata Party -CJP) के बैनर तले जंतर-मंतर पर प्रदर्शन (Jantar Mantar Protest) पर बैठे प्रदर्शनकारी छात्रों की आड़ में दिल्ली व देश का माहौल बिगाड़ने की एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। दक्षिण व दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने छात्रों के भेष में जंतर-मंतर जा रहे 150 से ज्यादा आरोपियों को पकड़ा है। बल्लभगढ़ निवासी दो लड़कों नवीन वत्स, सौरभ के बैग से पिस्टल, चाकू मिला है। बदरपुर थाना पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया है।

    दक्षिण रेंज के कई थाना पुलिस को इनपुट मिले थे कि कुछ लोग माहौल खराब करने के लिए के छात्र बनकर जंतर-मंतर जा रहे थे। इन लोगों ने पीछे छात्रों की तरह बैग लटकाया हुआ है। इन इनपुट के बाद बदरपुर, सनलाइट कॉलोनी, निजामुद्दीन, लोधी कॉलोनी, लाजपत नगर आदि थाना इलाकों में पिकेट लगाकर चेकिंग की गई।

    पुलिस बाइक से जा रहे आरोपियों को रोका। इनके बैग से आपत्तिजनक सामग्री जैसे स्प्रे व पत्थर आदि बरामद किए गए। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि कुछ के मोबाइल फोन में वॉट्सएप पर आपत्तिजनक चैट मिली है। आरोपी वॉट्सएप पर ज्यादा बातें कर रहे हैं। इन चैट में जिक्र है कि जैसे…तैसे जंतर-मंतर इस सामान को पहुंचाओ। जंतर-मंतर पर छात्र बनकर और बैग लटकाकर जाना है। पुलिस इन मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेज रही है।

    इससे निजामुद्दीन, लाजपत नगर, सनलाइट व लोधी कॉलोनी आदि थाना पुलिस ने 20 से 25 से ज्यादा आरोपियों ने रात को पकड़ा था। पुलिस ने सभी को हिरासत में लिया हुआ है और उनसे पूछताछ की जा रही है। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह प्रदर्शन में भाग लेने के लिए जा जंतर-मंतर जा रहे थे। जिले के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी जामिया नगर, शाहीनबाग, सनलाइट, फरीदाबाद व नोएडा के रहने वाले हैं।


    कई छात्रों को समझा बुझाकर किया वापस

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए 150 छात्रों में से कई छात्रों को समझा बुझाकर वापस कर दिया गया है जबकि कुछ से पूछताछ जारी है। इनके बैग से आपत्तिजनक सामान मिला था। पुलिस का कहना है कि 15 अगस्त नजदीक है। इस प्रदर्शन की आड़ में कुछ आसामाजिक तत्व भी आ सकते हैं जो राजधानी में अपनी नापाक हरकत से देश का माहौल कर सकते हैं। ऐसे में सभी से अपील है कि सतर्क रहें और कोई भी संदिग्ध नजर आने पर पुलिस को 112 पर सूचित करें।

    दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने 100 से ज्यादा संदिग्ध को पकड़ा है। बदरपुर थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान दो आरोपियों को पकड़ा है। तलाशी लेने पर उनके बैग से पिस्टल व चाकू बरामद किए गए हैं। इनको गिरफ्तार कर लिया गया है। कुछ के बैग से स्प्रे आदि सामान बरामद किया गया है। आरोपियों से पूछताछ जारी है। -डॉ. हेमंत तिवारी पुलिस उपायुक्त दक्षिण-पूर्व जिला

    पुलिस ने काफी संदिग्धों को पकड़ा है और उनके बैग से आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। पूरी साजिश को पर्दाफाश करने के लिए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। – विजय कुमार संयुक्त पुलिस आयुक्त, दक्षिणी रेंज