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  • शुक्र गोचर 2026: शनिश्चरी अमावस्या से पहले शुक्र का राशि परिवर्तन, 12 राशियों पर दिखेगा बड़ा असर

    शुक्र गोचर 2026: शनिश्चरी अमावस्या से पहले शुक्र का राशि परिवर्तन, 12 राशियों पर दिखेगा बड़ा असर

    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार शनिश्चरी अमावस्या 16 मई को पड़ रही है, लेकिन उससे दो दिन पहले यानी 14 मई को शुक्र ग्रह राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। द्रिक पंचांग के मुताबिक, 14 मई सुबह 10:35 बजे शुक्र अपनी स्वराशि वृषभ से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे।

    ज्योतिषीय दृष्टि से शुक्र का यह गोचर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं और बुध-शुक्र के बीच मित्रता का संबंध है। ऐसे में यह परिवर्तन कई राशियों के लिए प्रेम, वैवाहिक जीवन, आर्थिक स्थिति और सुख-सुविधाओं के लिहाज से शुभ संकेत लेकर आ सकता है। आइए जानते हैं कि शुक्र के मिथुन राशि में प्रवेश का असर सभी 12 राशियों पर कैसा रहेगा।

    मेष
    शुक्र का गोचर मेष राशि के तीसरे भाव में होगा। मित्रों और भाई-बहनों के साथ संबंध मजबूत होंगे। प्रेम जीवन में मधुरता बढ़ेगी। करियर में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा और आय बढ़ाने के नए अवसर सामने आ सकते हैं।

    वृषभ
    वृषभ राशि के दूसरे भाव में शुक्र का प्रवेश धन और समृद्धि बढ़ाने वाला रहेगा। बचत में वृद्धि होगी और आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी। व्यापार में लाभ मिलने के संकेत हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ सकती है।

    मिथुन
    शुक्र का गोचर आपकी ही राशि में होने जा रहा है। व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ेगा और लोग आपकी ओर प्रभावित होंगे। मानसिक संतोष मिलेगा। वाहन, संपत्ति या संतान सुख के योग बन रहे हैं। विदेश से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है।

    कर्क
    कर्क राशि के द्वादश भाव में शुक्र का प्रवेश खर्च बढ़ा सकता है। मानसिक तनाव और असहजता महसूस हो सकती है। कुछ मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत रहेगी।

    सिंह
    सिंह राशि वालों के लिए शुक्र का गोचर आमदनी बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। प्रेम जीवन और शिक्षा के लिहाज से भी समय अनुकूल रहेगा।

    कन्या
    कन्या राशि के दशम भाव में शुक्र का प्रवेश करियर में सफलता और नई उपलब्धियां दिला सकता है। रुके हुए काम पूरे होंगे। नौकरीपेशा लोगों को पद और प्रतिष्ठा मिलने के योग हैं।

    तुला
    तुला राशि वालों के लिए यह गोचर भाग्यवृद्धि और अचानक धन लाभ का संकेत दे रहा है। लंबे समय से रुका पैसा वापस मिल सकता है। परिवार और रिश्तों में सहयोग बढ़ेगा।

    वृश्चिक
    वृश्चिक राशि के अष्टम भाव में शुक्र का गोचर आकस्मिक लाभ दे सकता है। निवेश से फायदा होने की संभावना है। हालांकि प्रेम संबंधों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

    धनु
    धनु राशि वालों के सप्तम भाव में शुक्र का प्रवेश वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ाएगा। जीवनसाथी के साथ समय अच्छा बीतेगा। सेहत को लेकर थोड़ी सतर्कता जरूरी रहेगी।

    मकर
    मकर राशि वालों को स्वास्थ्य और खर्च दोनों मामलों में सावधानी रखनी होगी। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं। हालांकि शिक्षा और करियर में अच्छे अवसर मिल सकते हैं।

    कुंभ
    कुंभ राशि के पंचम भाव में शुक्र का गोचर प्रेम संबंधों को मजबूत करेगा। बुद्धिमत्ता और समझने की क्षमता बढ़ेगी। धन लाभ और संपत्ति से जुड़े मामलों में फायदा मिलने के योग हैं। आध्यात्मिक रुचि भी बढ़ सकती है।

    मीन
    मीन राशि के चौथे भाव में शुक्र का प्रवेश पारिवारिक मामलों में कुछ तनाव पैदा कर सकता है। छोटी बातों पर विवाद की स्थिति बन सकती है। हालांकि ससुराल पक्ष से सहयोग मिलने के संकेत हैं।

  • MP: आज ग्वालियर समेत 11 जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में बढ़ेगी गर्मी

    MP: आज ग्वालियर समेत 11 जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में बढ़ेगी गर्मी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवातीय परिसंचरण और ट्रफ लाइन के असर से पिछले एक सप्ताह से प्रदेश में कहीं आंधी तो कहीं बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने गुरुवार को ग्वालियर सहित 11 जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है।

    अलर्ट वाले जिलों में ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण अगले दो दिन तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। वहीं दूसरी ओर भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत प्रदेश के 44 जिलों में गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। कई शहरों में दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, रतलाम, नीमच और मंदसौर में तापमान में अधिक बढ़ोतरी हो सकती है।

    अगले 4 दिन मौसम रहेगा बदला-बदला
    मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार दिन तक प्रदेश में मौसम अस्थिर बना रहेगा। अगले दो दिन कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि 9 और 10 मई को गर्मी का प्रभाव पूरे प्रदेश में बढ़ जाएगा।

    लगातार सातवें दिन भी बारिश
    बुधवार को प्रदेश में लगातार सातवें दिन भी कई जिलों में बारिश और आंधी का असर देखने को मिला। धार सहित कई क्षेत्रों में मौसम बदला रहा। मई की शुरुआत में लगातार हुई बारिश से फिलहाल गर्मी से राहत बनी हुई है और अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया जा रहा है।

    10 मई से फिर बदलेगा मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार 10 मई से एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर अगले दो दिनों में दिखाई दे सकता है। वर्तमान में प्रदेश के मध्य और ऊपरी हिस्से में दो चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय हैं, जबकि पूर्वी हिस्से से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसी वजह से प्रदेश में मौसम में लगातार बदलाव बना हुआ है।

  • दही के साथ ये चीजें खाना पड़ सकता है भारी, पेट की गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है

    दही के साथ ये चीजें खाना पड़ सकता है भारी, पेट की गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है


    नई दिल्ली। दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन तंत्र के लिए बेहद लाभकारी होते हैं। यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ आंतों के स्वास्थ्य को भी सुधारता है। लेकिन इसका लाभ तभी मिलता है जब इसे सही तरीके से और सही खाद्य पदार्थों के साथ खाया जाए।

    दूध और दही साथ में खाने से बचें
    दूध और दही दोनों ही डेयरी उत्पाद हैं, लेकिन इन्हें एक साथ या एक ही समय पर खाने से पाचन पर असर पड़ सकता है। इससे गैस, एसिडिटी और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं क्योंकि दोनों अलग-अलग तरीके से पचते हैं।

    मछली और दही का कॉम्बिनेशन भी नुकसानदायक
    आयुर्वेद और एक्सपर्ट्स के अनुसार मछली और दही को साथ में नहीं खाना चाहिए। दोनों ही प्रोटीन से भरपूर होते हैं और इन्हें एक साथ लेने पर पाचन तंत्र पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे अपच और त्वचा संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं।

    तला-भुना और ऑयली खाना बढ़ा सकता है परेशानी
    दही के साथ ज्यादा तला-भुना या ऑयली फूड लेने से पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है। इससे पेट में भारीपन, सुस्ती और अपच जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

    अचार और फर्मेंटेड फूड्स से दूरी रखें
    दही को अचार या अन्य फर्मेंटेड फूड्स के साथ खाना भी सही नहीं माना जाता। दोनों में बैक्टीरिया की मात्रा अधिक होती है, जिससे आंतों का संतुलन बिगड़ सकता है और पेट खराब हो सकता है।

    कुछ फलों के साथ भी न खाएं दही
    तरबूज, खरबूजा जैसे अधिक पानी वाले फलों के साथ दही का सेवन भी नुकसान पहुंचा सकता है। इससे डाइजेस्टिव सिस्टम प्रभावित होता है और गैस या फर्मेंटेशन की समस्या हो सकती है।

    एक्सपर्ट्स की सलाह
    विशेषज्ञों का कहना है कि दही को हमेशा हल्के और संतुलित भोजन जैसे रोटी, खिचड़ी या सब्जियों के साथ ही खाना चाहिए। सही फूड कॉम्बिनेशन अपनाकर ही दही के पूरे स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं और पाचन संबंधी समस्याओं से बचा जा सकता है।

  • 10 लाख की डील, 5 लाख में ‘सेटलमेंट’ का आरोप; होटल में बंधक बनाकर तस्करों से वसूली का खुलासा

    10 लाख की डील, 5 लाख में ‘सेटलमेंट’ का आरोप; होटल में बंधक बनाकर तस्करों से वसूली का खुलासा


    नई दिल्ली।  इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में तस्कर आरिफ और उसके साथी वसीम को होटल में बंधक बनाकर मारपीट और अवैध वसूली के आरोप सामने आए हैं। जांच रिपोर्ट के मुताबिक दोनों को एक होटल में रखा गया, जहां पूछताछ के दौरान मारपीट की गई और माल के बारे में सवाल किए गए। आरिफ ने आरोप लगाया कि उससे जब्त माल और आपूर्ति को लेकर पूछताछ की गई और दबाव बनाया गया।

    10 लाख की डील, 5 लाख में ‘छुट्टी’ का दावा
    तस्कर आरिफ के बयान के अनुसार उसे छोड़ने के लिए पहले 10 लाख रुपए की मांग की गई थी। बाद में मामला 5 लाख रुपए में तय होने की बात सामने आई। आरोप है कि पैसे देने के बाद ही उसे छोड़ा गया।
    रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इस पूरी बातचीत में पुलिस अधिकारियों और उनके संपर्कों की भूमिका सामने आई है।

    फाइव स्टार होटल में रखकर पूछताछ का आरोप
    रिपोर्ट के अनुसार आरिफ और वसीम को एक होटल में रखा गया था, जहां उनसे लगातार पूछताछ की गई। इसी दौरान कथित रूप से मारपीट और धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। आरिफ ने यह भी दावा किया कि उसके एक कस्टमर को बुलाकर भी पुलिस कार्रवाई की गई और बाद में पैसे लेकर छोड़ दिया गया।

    मोबाइल में नकली नोटों का वीडियो, फिर कार्रवाई का दावा
    रिपोर्ट में बताया गया कि एक आरोपी के मोबाइल में नकली नोटों से जुड़े वीडियो मिले थे। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ने और पूछताछ करने की प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान कई लेन-देन और वसूली के आरोप सामने आए।

    पत्नी ने गोल्ड लोन लेकर चुकाए पैसे
    आरिफ ने अपने बयान में दावा किया कि पैसे जुटाने के लिए उसकी पत्नी ने गोल्ड लोन लिया। इसके बाद कथित रूप से 1 लाख रुपए देकर उसे छोड़ा गया।

    जांच रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप
    12 पेज की जांच रिपोर्ट में एएसआई, प्रधान आरक्षक और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ मामलों में नियंत्रण और प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
    हालांकि, अभी तक रिपोर्ट पर अंतिम कार्रवाई लंबित है और मामला विभागीय स्तर पर जांच के घेरे में है।

    विभाग में मचा हड़कंप
    मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। जांच रिपोर्ट को लेकर कई स्तरों पर समीक्षा की जा रही है और आगे की कार्रवाई का इंतजार है।

  • आंगन की सही दिशा में पौधे लगाने से मिल सकती है सांपों से राहत..

    आंगन की सही दिशा में पौधे लगाने से मिल सकती है सांपों से राहत..

    नई दिल्ली।
    बरसात और गर्मी के मौसम में कई इलाकों में सांपों के घरों की ओर आने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। मौसम में बदलाव के कारण जब उनके प्राकृतिक ठिकाने प्रभावित होते हैं, तो वे सूखी और सुरक्षित जगह की तलाश में मानव बस्तियों की ओर बढ़ सकते हैं। ऐसे समय में लोग अक्सर चिंता में आ जाते हैं और सुरक्षा के उपाय ढूंढने लगते हैं।

    वास्तु शास्त्र में ऐसे कुछ पौधों का उल्लेख मिलता है जिन्हें घर के आसपास लगाने से वातावरण संतुलित रहता है और कई प्रकार के जीवों से दूरी बनाए रखने में मदद मिलती है। इन्हें सही दिशा में लगाने पर घर के चारों ओर एक तरह का प्राकृतिक सुरक्षा घेरा बनने की बात कही जाती है।

    इनमें एक प्रमुख पौधा स्नेक प्लांट माना जाता है, जो अपने लंबे और नुकीले पत्तों के कारण अलग पहचान रखता है। इसे घर के दक्षिण या दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार यह पौधा न केवल वातावरण को शुद्ध करने में मदद करता है, बल्कि घर के आसपास नमी को नियंत्रित रखने में भी सहायक होता है, जिससे अनचाहे जीवों के आने की संभावना कम मानी जाती है।

    दूसरा महत्वपूर्ण पौधा गेंदा है, जिसे आमतौर पर सजावट और धार्मिक कार्यों में उपयोग किया जाता है। इसकी तेज सुगंध और रंग-बिरंगे फूल इसे खास बनाते हैं। वास्तु के अनुसार इसे घर की उत्तर या पूर्व दिशा में लगाना बेहतर माना जाता है। कई लोग इसे घर की सीमा या बाउंड्री पर भी लगाते हैं ताकि इसका प्रभाव पूरे क्षेत्र में बना रहे।

    मान्यता है कि इन पौधों की गंध और बनावट कुछ जीवों के लिए असहज वातावरण पैदा करती है, जिससे वे उस स्थान से दूर रहना पसंद करते हैं। हालांकि यह पूरी तरह वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है, फिर भी पारंपरिक रूप से इसे एक सरल और प्राकृतिक उपाय के रूप में अपनाया जाता रहा है।

    वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी जरूरी होती है। पौधों को सही मात्रा में पानी देना, उन्हें साफ-सुथरी और धूप वाली जगह पर रखना आवश्यक माना गया है। इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि पौधों के आसपास गंदगी, लकड़ियां या कबाड़ जमा नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे उनका प्रभाव कम हो सकता है और अनचाहे जीव वहां छिप सकते हैं।

    यह भी माना जाता है कि सूखे या मुरझाए पौधे घर के वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं, इसलिए उन्हें समय पर बदल देना चाहिए।

    कुल मिलाकर, सही दिशा में लगाए गए ये सामान्य पौधे घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ एक सुरक्षित और संतुलित वातावरण बनाने में भी सहायक माने जाते हैं। हालांकि किसी भी गंभीर स्थिति में विशेषज्ञ सलाह लेना हमेशा जरूरी होता है।

  • 17 मई से शुरू अधिक मास: 27 साल बाद खास संयोग, जानें क्या करें और क्या बिल्कुल न करें

    17 मई से शुरू अधिक मास: 27 साल बाद खास संयोग, जानें क्या करें और क्या बिल्कुल न करें

    नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार 17 मई से अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) की शुरुआत हो रही है, जो 15 जून तक चलेगा। इस बार खास बात यह है कि यह ज्येष्ठ मास में लग रहा है, जिससे पूरा महीना 60 दिनों का हो गया है। धार्मिक मान्यताओं में भगवान विष्णु को समर्पित इस मास को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है, लेकिन इसमें शुभ मांगलिक कार्यों पर रोक रहती है।

    क्या करें
    अधिक मास को भक्ति और साधना का महीना कहा गया है। इस दौरान

    भगवान विष्णु की रोज पूजा-अर्चना करें

    “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करें

    विष्णु सहस्त्रनाम, गीता या श्रीमद्भागवत का पाठ करें

    जरूरतमंदों को वस्त्र, फल, जल और अन्न का दान करें

    पवित्र नदी में स्नान करें या घर पर ही शुद्ध जल से स्नान कर पुण्य अर्जित करें

    माना जाता है कि इस महीने किए गए जप-तप और दान का फल कई गुना बढ़ जाता है।

    क्या न करें 
    इस पूरे मास में कुछ कामों से बचना जरूरी माना गया है

    शादी-विवाह, गृह प्रवेश, सगाई जैसे शुभ कार्य न करें

    नया बिजनेस या बड़ा काम शुरू करने से बचें

    तामसिक भोजन (लहसुन, प्याज) से दूरी रखें

    झूठ बोलने और किसी का अपमान करने से बचें

    अधिक मास क्यों लगता है?
    हिंदू पंचांग चंद्र गणना पर आधारित है, जो सौर वर्ष से करीब 11 दिन छोटा होता है। यह अंतर हर साल बढ़ता जाता है और करीब 32 महीने बाद एक अतिरिक्त महीना जोड़ना पड़ता है इसी को अधिक मास कहा जाता है। कुल मिलाकर, अधिक मास को आत्मशुद्धि, भक्ति और दान-पुण्य का विशेष समय माना जाता है, जहां सांसारिक कार्यों की बजाय आध्यात्मिक साधना को महत्व दिया जाता है।

  • आटे में छिपे बम से 4 गायों का जबड़ा लटका, 2 की मौत; बैतूल की घटना ने झकझोरा

    आटे में छिपे बम से 4 गायों का जबड़ा लटका, 2 की मौत; बैतूल की घटना ने झकझोरा


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक दर्दनाक और हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। शाहपुर के कोयलारी गांव में आटे में छिपाकर रखे गए विस्फोटक को गायों ने खा लिया, जिससे हुए धमाके में 2 गायों की मौत हो गई और 4 गायें व एक बैल गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।

    घटना 5 मई की है जब कोयलारी गांव के तालाब के पास गायें पानी पीने पहुंचीं। वहां खेत किनारे आटे और दाल में लिपटे विस्फोटक गोले रखे गए थे। भूखी गायों ने उन्हें चारा समझकर खा लिया। जैसे ही उन्होंने इन्हें चबाया, जोरदार धमाका हुआ और मवेशियों के जबड़े बुरी तरह फट गए।
    धमाके में दो गायों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि 4 गायें और एक बैल गंभीर रूप से घायल हो गए।

    गंभीर हालत: जबड़ा लटका, खाना-पानी बंद
    घायल पशुओं की स्थिति बेहद गंभीर है। उनका निचला जबड़ा पूरी तरह टूटकर लटक गया है। कई पशुओं के गले और आहार नली तक पत्थर पहुंच गए हैं, जिससे वे न तो खाना खा पा रहे हैं और न ही पानी पी पा रहे हैं।
    पशु चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत नाजुक है और अगले 48 घंटे बेहद अहम हैं। बचने की संभावना बहुत कम बताई जा रही है।

    मौके से मिले और विस्फोटक, बम स्क्वॉड की कार्रवाई
    सूचना मिलने पर पुलिस और पशु चिकित्सा टीम मौके पर पहुंची। जांच में सामने आया कि खेत के पास और भी 9 विस्फोटक गोले छिपाए गए थे। नर्मदापुरम से बम स्क्वॉड बुलाकर इन्हें सुरक्षित तरीके से नष्ट किया गया।

    आरोपी गिरफ्तार, ‘सूअर मारने के लिए रखा बम’ बताया
    पुलिस जांच में पता चला कि विस्फोटक कोयलारी गांव निवासी राकेश चौहान के खेत के पास रखे गए थे। घटना के बाद वह फरार हो गया था, जिसे बाद में इटारसी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया।

    पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि उसने जंगली सूअरों से फसल बचाने के लिए ये “सूअर मार बम” रखे थे और उन पर आटा-दाल चिपका दी थी, ताकि जानवर उन्हें खा लें। पुलिस ने उसके खिलाफ विस्फोटक अधिनियम और बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज किया है।

    डॉक्टरों की चेतावनी: हालत बेहद नाजुक
    पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विस्फोटक में छोटे पत्थर भी भरे थे, जो मवेशियों के मुंह और आहार नली तक पहुंच गए हैं। इससे अंदरूनी चोटें गंभीर हो गई हैं और जीवित बचने की संभावना बहुत कम है।

    वन्यजीवों के लिए भी खतरा
    वन विभाग ने मामले की जांच वन्यजीव एंगल से भी शुरू कर दी है, क्योंकि यह क्षेत्र सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से सटा हुआ है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसे “चारा बम” न केवल मवेशियों बल्कि हिरण, नीलगाय और अन्य वन्यजीवों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकते हैं।

    सुरक्षा पर सवाल
    विशेषज्ञों का कहना है कि आटे में छिपे ऐसे विस्फोटक ग्रामीणों, बच्चों और जानवरों सभी के लिए बड़ा खतरा हैं। पुलिस और प्रशासन ने जांच तेज कर दी है।

  • आगरा–मुंबई एनएच पर कांग्रेस का बड़ा चक्काजाम: 7 जगहों पर हाईवे ठप, किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन तेज

    आगरा–मुंबई एनएच पर कांग्रेस का बड़ा चक्काजाम: 7 जगहों पर हाईवे ठप, किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन तेज


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने किसानों की समस्याओं को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। पार्टी ने आगरा–मुंबई नेशनल हाईवे-52 पर 7 अलग-अलग स्थानों पर चक्काजाम करने का ऐलान किया है। इस आंदोलन की शुरुआत इंदौर के पिगडंबर से सुबह 10:30 बजे हुई, जहां प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जीतू पटवारी और हरीश चौधरी मौजूद रहे। कांग्रेस का कहना है कि यह आंदोलन किसानों के हितों की अनदेखी और खरीदी व्यवस्था में खामियों के खिलाफ किया जा रहा है।

    7 जगहों पर हाईवे जाम, एबी रोड पर असर

    कांग्रेस ने रणनीति के तहत पूरे हाईवे पर अलग-अलग पॉइंट्स पर प्रदर्शन तय किया है। इंदौर–आगरा–मुंबई मार्ग यानी एबी रोड पर इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है। पार्टी का दावा है कि बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, किसानों को सरकार की नीतियों और गेहूं खरीदी व्यवस्था से भारी नुकसान हो रहा है, जिसके विरोध में यह कदम उठाया गया है।

    किसानों की भागीदारी, गांवों में पीले चावल बांटकर अपील

    आंदोलन को सफल बनाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण इलाकों में भी अभियान चलाया है। कई जगहों पर किसानों को पीले चावल बांटकर प्रदर्शन में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया। मनावर क्षेत्र के 15 से अधिक गांवों में यह अभियान चलाया गया। कांग्रेस का दावा है कि किसानों में सरकार के प्रति नाराजगी और आक्रोश दोनों हैं, और वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

    पुलिस अलर्ट, भारी ट्रैफिक डायवर्जन लागू

    प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक ट्रैफिक प्लान लागू किया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए कई वैकल्पिक रूट तय किए गए हैं।

    चार पहिया वाहनों को राऊ सर्कल, पीथमपुर, भंवरकुआ और विशालत चौराहा से डायवर्ट किया गया है भारी वाहनों के लिए उज्जैन, बदनावर, लेबड़ और महेश्वर–कसरावद मार्ग सुझाए गए हैं प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जाम वाले क्षेत्रों से बचें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।

    कांग्रेस का आरोप: खरीदी व्यवस्था पूरी तरह विफल

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सरकार की गेहूं खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बार-बार स्लॉट बुकिंग और तारीख बढ़ाने से सिस्टम की कमजोरी सामने आ गई है।
     कांग्रेस के अनुसार, शुरुआती दिनों में अपेक्षित खरीदी नहीं हो पाई, जिससे किसानों को भुगतान और प्रक्रिया में लगातार परेशानी हो रही है।

    11 जिलों में असर, राजनीतिक तापमान बढ़ा

    कांग्रेस के इस चक्काजाम आंदोलन से करीब 11 जिलों में यातायात और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। पार्टी इसे किसानों के अधिकारों की लड़ाई बता रही है, जबकि प्रशासन इसे कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की चुनौती मानकर तैयारियों में जुटा है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के प्रथम जत्थे को हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के प्रथम जत्थे को हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज गुरुवार को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 1 से ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ के प्रथम जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह गौरवशाली यात्रा ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अंतर्गत निकाली जा रही है। भारत की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व–2026 (8 से 11 जनवरी 2026) का शुभारंभ ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर से किया गया है।

    मध्यप्रदेश से पहली बार निकलने वाली इस विशेष यात्रा में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से 1,100 श्रद्धालुओं का दल सम्मिलित होगा। यह रेलगाड़ी भोपाल और उज्जैन रेलवे स्टेशनों से भी तीर्थयात्रियों को अपने साथ लेकर सोमनाथ की ओर प्रस्थान करेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालु सोमनाथ की पावन धरा पर आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, दर्शन और आध्यात्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता करेंगे।

    संचालक संस्कृति एन.पी. नामदेव ने बताया कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का उद्देश्य देशभर के राज्यों के माध्यम से भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान, हजार वर्षों के संघर्ष और आस्था का स्मरण करना है। यह उत्सव राष्ट्र की गौरवमयी विरासत के उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। यह पर्व केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना के पुनरुत्थान और राष्ट्रीय अस्मिता का महाकुंभ है। इसका उद्देश्य देशवासियों को उन हजार वर्षों के लंबे संघर्ष और आस्था की याद दिलाना है, जिसने विपरीत परिस्थितियों में भी भारतीय सांस्कृतिक ज्योति को बुझने नहीं दिया। सोमनाथ मंदिर, जो हमारे राष्ट्रीय गौरव और अडिग श्रद्धा का प्रतीक है, वहीं से इस पावन पर्व की प्रेरणा ली गई है जिससे भावी पीढ़ी अपनी विरासत पर गर्व कर सके।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में निकाली जा रही यह यात्रा प्रदेश की सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय भावना को और अधिक सशक्त करेगी। श्रद्धा और भक्ति के इस अनूठे संगम का समापन 11 मई, 2026 को होगा, जब यह दल सोमनाथ महादेव का आशीर्वाद और सांस्कृतिक गौरव की स्मृतियां लेकर वापस लौटेगा। यह यात्रा जन-जन के मन में स्वाभिमान और श्रद्धा का नया संचार करेगी।

  • मध्यप्रदेश में 3000+ सरकारी नौकरियों का बड़ा मौका, हेल्थ विभाग में 1200 पदों पर भर्ती शुरू

    मध्यप्रदेश में 3000+ सरकारी नौकरियों का बड़ा मौका, हेल्थ विभाग में 1200 पदों पर भर्ती शुरू


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के तहत अस्पताल सहायकों के 1200 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आज से शुरू कर दी गई है। इच्छुक उम्मीदवार 21 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इन पदों पर चयन लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया होगी।
    भर्ती में अनारक्षित वर्ग के लिए 324 पद, ईडब्ल्यूएस के लिए 120 पद, अनुसूचित जाति के लिए 192, अनुसूचित जनजाति के लिए 240 और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 324 पद आरक्षित किए गए हैं। दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए 72 पद निर्धारित हैं।

    40 हजार से ज्यादा तक वेतन और प्रमोशन के अवसर
    चयनित उम्मीदवारों को 7वें वेतनमान के तहत 15,500 से 49,000 रुपए तक (लेवल-1) वेतन मिलेगा। इसके साथ महंगाई भत्ता और अन्य सरकारी सुविधाएं भी दी जाएंगी। प्रारंभिक वेतन पोस्टिंग और नियमों के अनुसार तय होगा, जबकि अनुभव के साथ वेतन में वृद्धि होती रहेगी।
    यह पद नियमित श्रेणी का है, जिससे भविष्य में प्रमोशन और करियर ग्रोथ के अवसर भी मिलेंगे।

    आयु सीमा और आरक्षण नियम
    इस भर्ती के लिए आयु सीमा 18 से 40 वर्ष तय की गई है। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिला उम्मीदवारों और सरकारी कर्मचारियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष निर्धारित की गई है।

    आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी। सभी अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले नियमों का ध्यानपूर्वक अध्ययन करने की सलाह दी गई है।

    आवेदन शुल्क और चयन प्रक्रिया
    सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 500 रुपए है, जबकि एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 250 रुपए निर्धारित किए गए हैं। ऑनलाइन कियोस्क से आवेदन करने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा। बैकलॉग पदों के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

    चयन प्रक्रिया में पहले लिखित परीक्षा होगी, उसके बाद मेरिट सूची तैयार की जाएगी और अंत में दस्तावेज सत्यापन के बाद अंतिम चयन सूची जारी की जाएगी।

    6 महीने में 3000 से ज्यादा भर्तियों की तैयारी
    मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने वर्ष 2026 के लिए 10 भर्ती परीक्षाओं का फाइनल शेड्यूल भी जारी कर दिया है। इसके अनुसार, अगले 6 महीनों में 3000 से अधिक पदों पर नियुक्तियां होने की संभावना है, जो आगे और बढ़ भी सकती हैं। कुछ परीक्षाओं की तारीखें आगे बढ़ाई गई हैं, जिससे अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

    नर्सिंग क्षेत्र में भी बड़ी भर्ती
    इसी बीच लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत नर्सिंग ऑफिसर और सिस्टर ट्यूटर के 2646 पदों पर भी भर्ती निकाली गई है। इसके लिए आवेदन 6 अप्रैल से 20 अप्रैल तक किए जा सकते हैं और परीक्षा 15 मई 2026 से प्रस्तावित है।