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  • ग्वालियर व्यापार मेले में इस बार इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर में भी दिखेगी 'चमक', जीएसटी कटौती से बढ़ेगी बिक्री की उम्मीद

    ग्वालियर व्यापार मेले में इस बार इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर में भी दिखेगी 'चमक', जीएसटी कटौती से बढ़ेगी बिक्री की उम्मीद


    ग्वालियर । देश के सबसे बड़े और 120 साल से अधिक पुराने ग्वालियर व्यापार मेले में इस साल कारोबार के रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद है। इस बार मेला केवल ऑटोमोबाइल सेक्टर तक ही सीमित नहीं रहेगा बल्कि इलेक्ट्रॉनिक सामानों सहित अन्य सेक्टरों में भी जबरदस्त बिक्री होने की संभावना है। यह मेला अपनी अनूठी परंपरा के लिए जाना जाता है जहाँ घर में उपयोग होने वाली छोटी सुई से लेकर मोटर कार तक हर चीज़ छूट के साथ उपलब्ध होती है। यही कारण है कि देश भर से खरीदार इस मेले का इंतज़ार करते हैं।

    जीएसटी लागू होने के बाद बदला परिदृश्य

    1 जुलाई 2017 को जब वस्तु एवं सेवा कर GST लागू हुआ उत्पादों पर 50% वाणिज्यकर में छूट मिलती थी। जीएसटी लागू होने के बाद सरकार ने केवल ऑटोमोबाइल सेक्टर को रोड टैक्स में 50% की छूट देकर राहत दी। इस छूट के कारण ऑटोमोबाइल सेक्टर में तो शानदार कारोबार होता रहा 2024-25 मेले में ₹900 करोड़ से अधिक का कारोबार लेकिन इलेक्ट्रॉनिक और अन्य सेक्टरों को वह फायदा नहीं मिला।

    इस बार इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर क्यों चमकेगा

    इस वर्ष, स्थिति बदलने की उम्मीद है। सरकार ने 22 सितंबर से जीएसटी की दरों में कमी की है, जिसका असर कारोबार के सभी सेक्टरों पर दिख रहा है और चीजें सस्ती हुई हैं।दोहरी छूट का फायदा: ऑटोमोबाइल सेक्टर को तो पहले से ही रोड टैक्स में 50% की छूट मिल रही है।इलेक्ट्रॉनिक और अन्य सेक्टर: जीएसटी दरों में कमी आने से इस बार इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों पर भी अपने प्रोडक्ट्स पर तगड़ी छूट देने का दबाव और अवसर दोनों हैं। उपभोक्ताओं को लाभजीएसटी कम होने के कारण चीज़ें पहले ही सस्ती हुई हैं और अब कंपनियों की अतिरिक्त छूट से खरीदारी करने वालों को बड़ा फायदा होगा।

    पिछले 2024-25 के मेले में कुल ₹3327 करोड़ से अधिक का कारोबार हुआ था। जानकारों का मानना है कि इस बार इलेक्ट्रॉनिक और अन्य सेक्टरों के चमकने से यह कारोबार का आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता है। यह उम्मीद है कि इस साल का मेला ग्राहकों और व्यापारियों दोनों के लिए बेहद लाभदायक साबित होगा।

  • कटनी महानदी के घाट पर मिला युवक का शव, हाथ-पैर रस्सी से बंधे हत्या कर फेंके जाने की आशंका

    कटनी महानदी के घाट पर मिला युवक का शव, हाथ-पैर रस्सी से बंधे हत्या कर फेंके जाने की आशंका


    कटनी । मध्य प्रदेश के कटनी जिले में रविवार की सुबह एक सनसनीखेज घटना सामने आई है जहाँ विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र के सिघनपुरी गांव के नजदीक महानदी के गुडेहा घाट पर एक युवक का शव मिला है। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है क्योंकि शव के हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए थे, जो साफ़ तौर पर हत्या की ओर इशारा करता है।

    हत्या कर शव फेंके जाने की आशंका

    जानकारी के अनुसार रविवार की सुबह गुडेहा घाट के पास महानदी में लोगों ने एक अज्ञात युवक का शव उतराते हुए देखा। स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची विजयराघवगढ़ थाना पुलिस ने शव को नदी से बाहर निकलवाया।

    शव की जांच करने पर पाया गया कि मृतक युवक के हाथ और पैर कसकर रस्सी से बंधे हुए थे। पुलिस के अनुसार युवक की उम्र लगभग 30 वर्ष के आसपास है। शव की इस हालत को देखते हुए पुलिस ने प्राथमिक तौर पर यह माना है कि युवक की हत्या करने के बाद पहचान छुपाने या सबूत मिटाने के उद्देश्य से उसके शव को रस्सी से बांधकर महानदी में फेंक दिया गया था।

    जांच शुरू, पहचान नहीं हो पाई

    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई पूरी की और उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मामला प्रथम दृष्टया दर्ज कर लिया है और गहराई से जांच शुरू कर दी है।फिलहाल मृतक युवक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के थाना क्षेत्रों और पड़ोसी जिलों से गुमशुदा व्यक्तियों की जानकारी जुटा रही है ताकि शव की पहचान की जा सके। यह मामला अब पुलिस के लिए एक चुनौती बन गया है, जो हत्या के पीछे के कारणों और अपराधियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

  • दिल्ली-NCR में प्रदूषण का कहर: GRAP 4 लागू, AAP ने केंद्र और दिल्ली सरकार को घेरा

    दिल्ली-NCR में प्रदूषण का कहर: GRAP 4 लागू, AAP ने केंद्र और दिल्ली सरकार को घेरा


    नई दिल्ली। दिल्ली में प्रदूषण लगातार उच्च स्तर पर बना हुआ है। आज राजधानी में AQI 500 के पार पहुंच गया है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया है और विजिबिलिटी भी काफी कम हो गई है। स्थिति के मद्देनजर नेशनल कैपिटल में GRAP 4 लागू कर दिया गया है।

    AAP ने उठाया केंद्र और दिल्ली सरकार पर सवाल
    AAP के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि “यह सरकार लगभग एक साल से सत्ता में है, लेकिन प्रदूषण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बंद कमरे में भी धुंध दिखाई दे रही है। CM को यह नहीं पता कि AQI क्या होता है। एक्सपर्ट्स को आगे आना चाहिए और मुख्यमंत्री को पीछे हट जाना चाहिए।”

    GRAP 4: क्या है नियम
    GRAP-IV के तहत राज्य और केंद्रीय एजेंसियों को NCR में हवा की गुणवत्ता सुधारने के उपाय तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

    बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में क्लास 5 तक हाइब्रिड मोड में पढ़ाई अनिवार्य कर दी गई है।

    क्लास 6 से 11 तक फिजिकल क्लास बंद करने का विकल्प भी राज्य सरकारों को दिया गया है।

    प्रदूषण का स्वास्थ्य पर असर
    दिल्ली-NCR में लोगों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, गले में खराश और खांसी जैसी समस्याएं हो रही हैं।

    डॉक्टरों ने सलाह दी है कि अगर संभव हो तो अगले कुछ हफ्तों तक दिल्ली से बाहर जाने पर विचार किया जाए।

    दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण GRAP 4 लागू किया गया है, लेकिन विपक्ष और AAP का कहना है कि केंद्र और दिल्ली सरकार इस गंभीर समस्या को गंभीरता से नहीं ले रही हैं। राजधानीवासियों के लिए फिलहाल सफर और बाहरी गतिविधियों में सावधानी बरतना आवश्यक है।

  • सस्ते धान को छत्तीसगढ़ में खपाने की साजिश नाकाम, बिचौलियों पर सरकार की बड़ी कार्रवाई

    सस्ते धान को छत्तीसगढ़ में खपाने की साजिश नाकाम, बिचौलियों पर सरकार की बड़ी कार्रवाई


    अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने पड़ोसी राज्यों से सस्ते धान को अपने यहां खपाने की बिचौलियों की सुनियोजित साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। उत्तर प्रदेश, झारखंड और मध्यप्रदेश की सीमाओं से लगे बलरामपुर जिले में प्रशासन की सख्ती के चलते अब तक 11,300 क्विंटल धान और 48 वाहन जब्त किए जा चुके हैं। जब्त किए गए धान की अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ 50 लाख रुपये बताई जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, यदि यह धान जब्त नहीं किया जाता तो इसे छत्तीसगढ़ के सरकारी उपार्जन केंद्रों में बेच दिया जाता। इससे बिचौलियों को भारी मुनाफा होता और राज्य सरकार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता।

    समर्थन मूल्य का अंतर बना वजह
    इस पूरे मामले की जड़ राज्यों के बीच न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP का अंतर है। झारखंड में धान की खरीद 2,450 रुपये प्रति क्विंटल उत्तर प्रदेश में 2,369 रुपये प्रति क्विंटल जबकि छत्तीसगढ़ में सरकार 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है यानी छत्तीसगढ़ में प्रति क्विंटल लगभग 700 रुपये अधिक का लाभ मिल रहा है। इसी अंतर का फायदा उठाने के लिए बिचौलिये यूपी और झारखंड से धान खरीदकर छत्तीसगढ़ में बेचने की तैयारी कर रहे थे।

    सीमावर्ती इलाकों में कड़ी निगरानी

    बलरामपुर जिला तीन राज्यों की सीमा से लगा होने के कारण बिचौलियों के लिए आसान रास्ता बनता रहा है। लेकिन इस बार प्रशासन ने पहले से ही सतर्कता बरतते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी शुरू कर दी थी। धान की अवैध ढुलाई में लगे ट्रकों, पिकअप वाहनों और ट्रैक्टरों की जांच की गई। इसी दौरान बड़ी मात्रा में धान जब्त किया गया और 48 वाहनों को कब्जे में लिया गया।

    किसानों के हक की रक्षा
    प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई केवल सरकारी नुकसान रोकने के लिए नहीं, बल्कि स्थानीय किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए भी बेहद जरूरी थी। यदि बाहरी राज्यों का धान उपार्जन केंद्रों तक पहुंच जाता, तो असली किसानों को अपनी उपज बेचने में दिक्कत होती। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ सरकार की नीति है कि समर्थन मूल्य का लाभ केवल राज्य के वास्तविक किसानों को ही मिले। बिचौलियों या बाहरी धान की किसी भी सूरत में अनुमति नहीं दी जाएगी।

    आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
    प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। सीमावर्ती जिलों में पुलिस, राजस्व और खाद्य विभाग की संयुक्त टीमें लगातार गश्त और जांच करेंगी। उपार्जन केंद्रों पर भी सख्त सत्यापन व्यवस्था लागू की गई है, ताकि बाहरी धान की पहचान की जा सके।सरकार का मानना है कि ऐसी सख्ती से न केवल बिचौलियों पर लगाम लगेगी, बल्कि किसानों में भी भरोसा बढ़ेगा कि उनकी फसल सही दाम पर सुरक्षित रूप से खरीदी जाएगी।इस पूरे अभियान के जरिए छत्तीसगढ़ सरकार ने साफ संदेश दिया है कि धान खरीदी व्यवस्था से किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। MSP का फायदा गलत तरीके से उठाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

  • विदिशा बस हादसा: 48 छात्रों से भरी स्कूल बस नदी में गिरी 28 घायल; बड़ा हादसा टला

    विदिशा बस हादसा: 48 छात्रों से भरी स्कूल बस नदी में गिरी 28 घायल; बड़ा हादसा टला


    विदिशा ।मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से मंगलवार सुबह एक बड़ी दुर्घटना की ख़बर सामने आई जहाँ एक निजी स्कूल बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह हादसा विदिशा जिले के नटेरन थाना क्षेत्र अंतर्गत जोहद गांव में हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार बंगला चौराहा स्थित एक निजी स्कूल के छात्रों को सांची पिकनिक पर ले जा रही यह बस सगड़ नदी पुल को पार करते समय अनियंत्रित हो गई और पुल से नीचे जा गिरी। यह घटना सुबह लगभग दस बजे के आसपास की बताई जा रही है।

    48 छात्र थे सवार 28 घायल

    हादसे के समय बस में करीब 48 छात्र सवार थे। पुल से गिरने के बाद बस नदी के सूखे तल पर पत्थरों पर गिरी। स्थानीय लोगों और बचाव दल की तत्परता से छात्रों को तुरंत बस से बाहर निकाला गया। शुक्र है कि नदी में पानी नहीं था जिसके चलते कोई जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा होने से टल गया। हालांकि पत्थरों पर गिरने के कारण लगभग 28 छात्र घायल हुए हैं। इनमें से कुछ छात्रों को मामूली खरोंचें आई हैं जबकि कुछ को गंभीर चोटें भी लगी हैं।

    राहत और बचाव कार्य

    दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया। सभी घायल छात्रों को तत्काल प्रभाव से प्राथमिक उपचार के लिए राजीव गांधी शासकीय जन चिकित्सालय गंजबासौदा ले जाया गया है। अस्पताल में घायलों का उपचार जारी है और उनके माता-पिता को घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जाँच शुरू कर दी है कि बस किस वजह से अनियंत्रित हुई।

  • एमएससी नर्सिंग प्रवेश में हाई कोर्ट सख्त, काउंसिल के अधिवक्ता को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश

    एमएससी नर्सिंग प्रवेश में हाई कोर्ट सख्त, काउंसिल के अधिवक्ता को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश


    भोपाल। मध्य प्रदेश में एमएससी नर्सिंग प्रवेश प्रक्रिया को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। याचिकाकर्ता एनएसयूआइ उपाध्यक्ष रवि परमार एवं अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के अधिवक्ता को 15 दिसंबर 2025 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
    हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
    सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता अभिषेक पांडेय ने न्यायालय को बताया कि काउंसिल ने एमएससी नर्सिंग और पोस्ट-बीएससी काउंसलिंग की समय-सारणी जारी की है, लेकिन काउंसिल की वेबसाइट पूरी तरह से कार्यशील नहीं है। इसका सीधा असर हजारों छात्रों पर पड़ा है, जो प्रवेश प्रक्रिया में भाग लेने में असमर्थ हो रहे हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले में काउंसिल की लापरवाही पर कड़ा सवाल उठाया और आदेश दिया कि अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर छात्र हितों और प्रवेश प्रक्रिया की स्थिति की व्याख्या करें।

    वेबसाइट और तकनीकी खामियां

    याचिकाकर्ताओं के अनुसार, काउंसिल की वेबसाइट में लगातार तकनीकी खामियां हैं। कई छात्र पंजीकरण या आवेदन फॉर्म भरने में असफल हो रहे हैं। समय पर प्रवेश न मिलने की स्थिति में छात्रों की पढ़ाई और करियर प्रभावित होने की आशंका है। वर्तमान में कई छात्र इस समस्या के कारण परीक्षा और काउंसलिंग की तारीखों को लेकर असमंजस में हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी तकनीकी लापरवाही के कारण छात्रों के अधिकार प्रभावित नहीं होने चाहिए।

    काउंसिल की जिम्मेदारी

    हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रेशन काउंसिल को चेतावनी दी कि छात्रों के प्रवेश और करियर से जुड़ी प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता या विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अदालत ने निर्देश दिया कि अधिवक्ता को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर वेबसाइट की स्थिति और प्रवेश प्रक्रिया की व्याख्या करनी होगी। इस कदम से यह संदेश गया है कि छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा सर्वोपरि है और सरकारी संस्थानों की जिम्मेदारी है कि डिजिटल और प्रशासनिक प्रक्रियाएं समय पर और सुचारु रूप से पूरी हों।

    छात्रों की बढ़ती परेशानियां
    एमएससी नर्सिंग में दाखिले की प्रक्रिया पर तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं के कारण छात्रों में चिंता और असमंजस बढ़ गया है। कई छात्र बार-बार वेबसाइट पर लॉग इन करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन लगातार त्रुटि संदेश और फॉर्म अपलोड न होने की समस्याएं उन्हें बाधित कर रही हैं।हाईकोर्ट की सख्ती के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि काउंसिल जल्द ही वेबसाइट और प्रवेश प्रक्रिया को सुचारु बनाएगी। इससे छात्रों का समय बचेगा और वे बिना बाधा के काउंसलिंग में भाग ले सकेंगे। 

    आगे की प्रक्रिया
    15 दिसंबर 2025 को अधिवक्ता की व्यक्तिगत पेशी के बाद अदालत स्थिति का व्यापक आकलन करेगी और आवश्यक निर्देश जारी कर सकती है। यह सुनवाई मध्य प्रदेश में नर्सिंग प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

  • पाकिस्तान के खिलाफ तालिबान का बड़ा कदम, वैश्विक मंच पर बेनकाब करने की तैयारी

    पाकिस्तान के खिलाफ तालिबान का बड़ा कदम, वैश्विक मंच पर बेनकाब करने की तैयारी


    नई दिल्‍ली । पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच तालिबान सरकार अब इस्लामाबाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा डिप्लोमैटिक अभियान शुरू करने की तैयारी में है। अफगानिस्तान का दावा है कि पाकिस्तान उसकी सीमा के भीतर अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करते हुए सैन्य हमले कर रहा है और आम नागरिकों को निशाना बना रहा है। इसी को लेकर तालिबान प्रशासन दुनिया के अलग-अलग देशों में अपने प्रतिनिधि भेजने की योजना बना रहा है।

    तालिबान की ओर से तैयार किए गए एक विस्तृत डोजियर में पाकिस्तान पर आतंकवाद को समर्थन देने, मानवाधिकारों के उल्लंघन और अफगान नागरिकों व शरणार्थियों पर दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस डोजियर में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान आर्थिक दबाव और जबरन निर्वासन के जरिए अफगानिस्तान को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, अफगान विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने मिलकर यह दस्तावेज तैयार किया है, जिसे तालिबान के सर्वोच्च नेता मुल्ला हिबतुल्लाह अखुंदज़ादा की मंजूरी के बाद प्रभावशाली और पड़ोसी देशों को सौंपा जाएगा। इसमें पाकिस्तान को “आतंकवादियों के लिए सुविधा केंद्र” बताया गया है और आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां ISIS और अन्य आतंकी संगठनों को लॉजिस्टिक और वित्तीय सहायता दे रही हैं।

    अफगानिस्तान का दावा है कि पाकिस्तान इन आतंकी संगठनों का इस्तेमाल अफगानिस्तान, भारत और ईरान जैसे देशों को अस्थिर करने के लिए कर रहा है और उसके पास इन आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत मौजूद हैं। वहीं दूसरी ओर, पाकिस्तान लगातार अफगान तालिबान पर टीटीपी को समर्थन देने का आरोप लगाता रहा है। दोनों देशों के बीच सीमा बंद है और हाल के महीनों में तनाव अपने चरम पर पहुंच चुका है।

    इस डिप्लोमैटिक अभियान के जरिए तालिबान का उद्देश्य पाकिस्तान की कथित नीतियों को वैश्विक मंच पर उजागर करना और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान अपनी ओर खींचना बताया जा रहा है।

  • शिल्पा शेट्टी के पब में बिल चुकाने को लेकर जमकर हंगामा बेंगलुरु पुलिस ने VIDEO वायरल होने पर शुरू की जाँच

    शिल्पा शेट्टी के पब में बिल चुकाने को लेकर जमकर हंगामा बेंगलुरु पुलिस ने VIDEO वायरल होने पर शुरू की जाँच


    नई दिल्ली ।बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के स्वामित्व वाले बेंगलुरु स्थित एक हाई-प्रोफाइल पब में देर रात ग्राहकों के बीच बिल को लेकर हुए हंगामे ने सुर्खियां बटोरी हैं। यह घटना बेंगलुरु के सेंट मार्क्स रोड पर स्थित बैस्टियन पब की है जिसे शिल्पा शेट्टी ने साल 2019 में रेस्टोरेंट बिजनेसमैन रंजीत बिंद्रा के साथ पार्टनरशिप में शुरू किया था।

    क्या है पूरा मामला

    जानकारी के अनुसार यह घटना 11 दिसंबर की देर रात लगभग 1:30 बजे की बताई जा रही है। पब के अंदर हुए इस हंगामे का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।वायरल फुटेज में ग्राहकों के एक गुट को आपस में तीखी बहस करते हुए साफ तौर पर देखा जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक यह बहस पब के बिल का भुगतान बिल चुकाने या किसी अन्य मामूली बात पर शुरू हुई थी जो जल्द ही एक बड़ी कहा-सुनी में बदल गई। हालांकि जो सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक हुआ है उसमें किसी भी तरह की शारीरिक हाथापाई या तोड़फोड़ की पुष्टि नहीं होती है लेकिन ग्राहकों के बीच हुई तीखी नोकझोंक और हंगामे ने पब के माहौल को प्रभावित किया।

    पुलिस ने शुरू की जाँच

    पब के अंदर हुए इस हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस ने औपचारिक रूप से कोई शिकायत दर्ज होने का इंतज़ार किए बिना ही वायरल फुटेज के आधार पर घटना की जाँच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हंगामे का सटीक कारण क्या था और क्या यह मामला केवल तीखी बहस तक सीमित था या इसमें कोई अन्य गैरकानूनी गतिविधि शामिल थी। इस घटना ने एक बार फिर देर रात तक चलने वाले पब और रेस्टोरेंट में सुरक्षा और व्यवस्था को बनाए रखने की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित किया है।

  • भोपाल IHM ने बनाया 269.9 फीट लंबा सैंडविच, लिम्का बुक रिकॉर्ड के लिए पेश किया दावा

    भोपाल IHM ने बनाया 269.9 फीट लंबा सैंडविच, लिम्का बुक रिकॉर्ड के लिए पेश किया दावा


    भोपाल। भोपाल ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (IHM) भोपाल के छात्रों और फैकल्टी ने रविवार को 269.9 फीट (लगभग 82 मीटर) लंबा और 8 इंच चौड़ा सैंडविच तैयार किया। इस अनोखे प्रयास को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने के लिए दावा पेश किया गया है।

    सबसे खास बात यह है कि यह विशाल सैंडविच मात्र 7 मिनट 26 सेकंड में तैयार किया गया। लिम्का बुक की टीम की निगरानी में पूरी प्रक्रिया हुई और प्रारंभिक रिकॉर्ड दर्ज कर लिया गया है। अंतिम अप्रूवल के लिए लगभग 2 से 2.5 महीने का इंतजार करना होगा।

    इस रिकॉर्ड अटेम्प्ट में छात्रों ने टीमवर्क और क्रिएटिविटी का शानदार प्रदर्शन किया। सैंडविच बनाने की सामग्री में ब्रेड, वेजिटेबल्स, सॉस और चीज शामिल थे। छात्रों ने पहले से ब्रेड स्लाइस तैयार की और फिर मिलकर लेयरिंग की। IHM डायरेक्टर ने कहा कि यह छात्रों की क्रिएटिविटी और अनुशासन का प्रमाण है और इससे भोपाल का नाम दुनिया में चमकेगा।

    आयोजन का मकसद सिर्फ रिकॉर्ड बनाना नहीं बल्कि छात्रों में टीमवर्क, टाइम मैनेजमेंट और क्रिएटिविटी बढ़ाना भी था। भोपाल पहले से ही झीलों और हेरिटेज के लिए प्रसिद्ध है और इस प्रयास से शहर की शैक्षिक और क्रिएटिव क्षमता भी उजागर हुई।

  • लिंक्डइन पर निकली अनोखी ‘फुलटाइम हाइब्रिड गर्लफ्रेंड’ की जॉब! यूजर्स पूछ रहे- सैलरी कितनी मिलेगी

    लिंक्डइन पर निकली अनोखी ‘फुलटाइम हाइब्रिड गर्लफ्रेंड’ की जॉब! यूजर्स पूछ रहे- सैलरी कितनी मिलेगी


    नई दिल्ली । सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आए दिन कुछ न कुछ नया और अजीब वायरल होता रहता है लेकिन इस बार एक शख्स ने प्रोफेशनल नेटवर्किंग साइट लिंक्डइन को ही डेटिंग का मंच बना डाला है। एक यूजर ने लिंक्डइन पर गर्लफ्रेंड के पद के लिए बाकायदा एक आधिकारिक ‘वेकेंसी पोस्ट’ की है जो इंटरनेट पर तेज़ी से वायरल हो गई है।

    यह पोस्ट करने वाले यूजर का नाम दिनेश बताया जा रहा है जिनका प्रोफाइल बताता है कि वह पहले टेक महिंद्रा जैसी कंपनी में सीनियर एसोसिएट के तौर पर काम कर चुके हैं। दिनेश ने इस वेकेंसी को ‘फुलटाइम हाइब्रिड गर्लफ्रेंड’ का नाम दिया है जिसने प्रोफेशनल जगत में इस्तेमाल होने वाले शब्द हाइब्रिड वर्क मॉडल का इस्तेमाल व्यक्तिगत रिश्ते के लिए किया है।

    जॉब डिस्क्रिप्शन लंबी योग्यता लिस्ट

    दिनेश ने इस पोस्ट में गर्लफ्रेंड की भूमिका के लिए जरूरी योग्यताओं और खूबियों की एक लंबी-चौड़ी लिस्ट साझा की है। इस लिस्ट में संभावित रूप से ऐसे गुण शामिल हैं जो वे अपने आदर्श साथी में देखना चाहते हैं और जिसके आधार पर ‘सही उम्मीदवार’ का चुनाव किया जाएगा। यह पोस्ट किसी कॉर्पोरेट जॉब वेकेंसी की तरह डिज़ाइन की गई है जिससे इसकी हास्यास्पद अपील और बढ़ गई है।

    यूजर्स की प्रतिक्रिया और मुख्य सवाल
    यह अनोखी जॉब पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई और लिंक्डइन के साथ साथ अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी चर्चा का विषय बन गई। प्रोफेशनल यूजर्स ने इसे मज़ाकिया अंदाज़ में लिया और इस पर मजेदार प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया।

    सबसे ज़्यादा जो सवाल पूछा गया वह था इस फुलटाइम हाइब्रिड गर्लफ्रेंड की सैलरी कितनी मिलेगी यह प्रतिक्रिया दर्शाती है कि यूजर्स ने इस पोस्ट को एक ‘प्रोफेशनल’ ऑफर के रूप में लेते हुए इसके सबसे महत्वपूर्ण जॉब क्राइटेरिया’ यानी पारिश्रमिक के बारे में जानने की उत्सुकता दिखाई। कुछ यूजर्स ने यह भी पूछा कि क्या इस जॉब में वर्क फ्रॉम होम की सुविधा उपलब्ध है और इसमें ईयरली बोनस मिलेगा या नहीं।

    इस तरह की पोस्ट यह दिखाती है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की सीमाएं अब धुंधली हो रही हैं और लोग प्रोफेशनल साइट्स पर भी अपने व्यक्तिगत या मनोरंजक विचारों को खुलकर साझा कर रहे हैं। हालांकि दिनेश की इस वेकेंसी का उद्देश्य स्पष्ट रूप से मनोरंजन और ध्यान आकर्षित करना ही रहा होगा।