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  • रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा का सनसनीखेज आरोप: भारतीय खिलाड़ियों पर विदेशों में ‘गलत काम’ करने का इल्जाम, क्रिकेट गलियारों में बवाल

    रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा का सनसनीखेज आरोप: भारतीय खिलाड़ियों पर विदेशों में ‘गलत काम’ करने का इल्जाम, क्रिकेट गलियारों में बवाल


    नई दिल्ली/ भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की पत्नी और गुजरात की शिक्षा मंत्री रिवाबा जडेजा के हालिया बयान ने क्रिकेट गलियारों में हलचल मचा दी है। रिवाबा ने भारतीय खिलाड़ियों पर विदेशों में अनुचित व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और टीम इंडिया तथा BCCI पर दबाव बढ़ा सकता है।

    पति की तारीफ, अन्य खिलाड़ियों पर आरोप

    रिवाबा जडेजा ने अपने पति की तारीफ करते हुए कहा कि रवींद्र जडेजा को अंतरराष्ट्रीय मैचों और टूर्नामेंटों के लिए विदेशों में कई बार जाना पड़ता है, लेकिन उन्होंने कभी गलत आदतों या अनुचित काम में नहीं पड़ने दिया। वहीं, उन्होंने कहा कि कई भारतीय खिलाड़ी विदेशी दौरे पर अनुचित व्यवहार करते हैं।

    रिवाबा ने कहा:
    ऐसा नहीं है कि मेरे पति को किसी ने रोक-टोक किया है। वह भी चाहें तो कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने जिम्मेदारी समझते हुए कभी गलत कदम नहीं उठाए।

    उन्होंने विशेष रूप से यह भी बताया कि उनके पति ने लंदन, दुबई, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में खेलते हुए भी कभी व्यसन या अनुचित काम नहीं किया।

    आईपीएल 2026 में जडेजा का हाई-प्रोफाइल ट्रेड

    वहीं, क्रिकेट के मैदान पर भी रवींद्र जडेजा सुर्खियों में हैं। IPL 2026 के लिए चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने जडेजा को राजस्थान रॉयल्स (RR) के साथ ट्रेड किया है। इस हाई-प्रोफाइल ट्रेंड में RR ने अपने कप्तान संजू सैमसन को CSK को सौंपा और इंग्लैंड के ऑलराउंडर सैम करन को RR में शामिल किया।

    रवींद्र जडेजा ने साल 2008 में राजस्थान रॉयल्स के लिए IPL में पदार्पण किया था और अब वह एक बार फिर अपनी पुरानी फ्रेंचाइजी के लिए खेलते नजर आएंगे।

    प्रतिक्रिया और बहस

    रिवाबा जडेजा के बयान पर टीम इंडिया और BCCI की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, उनके आरोपों ने क्रिकेट जगत और सोशल मीडिया पर बहस तेज कर दी है। विशेषज्ञ और फैंस इस मुद्दे पर गहन चर्चा कर रहे हैं और इसे संभावित विवाद के रूप में देख रहे हैं।

    रिवाबा के आरोप न केवल जडेजा के फैंस के बीच चर्चा का विषय बने हैं, बल्कि पूरे क्रिकेट प्रेमियों के लिए भी यह एक बड़ा विवाद बन सकते हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा क्रिकेट गलियारों में लगातार सुर्खियों में रह सकता है।

  • सत्ता का गुस्सा और सड़क की भाषा: अवैध निर्माण पर कार्रवाई के दौरान BJP विधायक का वीडियो वायरल, निगम कर्मियों को दी 'कूटने' की धमकी

    सत्ता का गुस्सा और सड़क की भाषा: अवैध निर्माण पर कार्रवाई के दौरान BJP विधायक का वीडियो वायरल, निगम कर्मियों को दी 'कूटने' की धमकी


    नई दिल्ली/ राजस्थान में राजनीतिक भाषा की मर्यादा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जयपुर की हवामहल विधानसभा सीट से भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें वे नगर निगम के एक कर्मी को “कूटने” की धमकी देते नजर आ रहे हैं। यह घटना मीणा कॉलोनी में अवैध निर्माण रोकने के दौरान हुई।

    सीज मकान पर जारी था निर्माण, विधायक का भड़का गुस्सा

    मीणा कॉलोनी में एक मकान को नगर निगम ने कुछ दिन पहले सीज किया था। नियमों के अनुसार निर्माण पर रोक थी, लेकिन स्थानीय लोगों ने शिकायत की कि सील के बावजूद निर्माण जारी है। शिकायत मिलते ही विधायक आचार्य मौके पर पहुंचे, जहां लोगों ने नगर निगम के कर्मियों की मिलीभगत का आरोप लगाया।

    इन आरोपों को सुनकर विधायक आचार्य का गुस्सा फूट पड़ा। उनका कहना था कि निगम की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण अवैध निर्माण रुक नहीं रहा।

    वायरल वीडियो: “मिला तो चौराहे पर कूट दूंगा!

    वायरल वीडियो में विधायक किसी महिला को निगम अधिकारी को फोन करते देखते हैं। जब फोन नहीं उठता, तो वे भड़क उठते हैं और कहते हैं-
    अगर वो मुझे मिला तो आज इसी चौराहे पर उसे कूटूंगा उसका वीडियो भी बनाऊंगा!

    कुछ देर बाद भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, तो विधायक ने और भी तीखी टिप्पणी कर दी-
    कोई बात नहीं, मर जाएगा साला… मेरा कहना नहीं मानेगा तो उसका यही हाल होगा।

    सार्वजनिक रूप से एक जनप्रतिनिधि की इस भाषा ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस छेड़ दी है।

    विपक्ष की आलोचना बनाम समर्थकों का बचाव

    विपक्ष व नागरिक समाज का कहना है कि अवैध निर्माण रोकना जरूरी है, लेकिन एक जनप्रतिनिधि के लिए हिंसक और अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करना अनुचित है।

    वहीं स्थानीय लोग और समर्थक का दावा है कि निगम की लापरवाही और भ्रष्टाचार ने विधायक को उकसाया। उनका तर्क है कि जब अधिकारी जानबूझकर कार्रवाई न करें, तो सख्त प्रतिक्रिया स्वाभाविक है।

    सवाल उठा: क्या गुस्सा ‘सड़क की भाषा’ को सही ठहराता है?

    यह घटना दो महत्वपूर्ण सवाल खड़े करती है-

    क्या अवैध निर्माण रोकने के नाम पर जनप्रतिनिधि को अभद्र भाषा का अधिकार मिल जाता है?

    क्या भाषा की आलोचना करते हुए निगम की कथित मिलीभगत और भ्रष्टाचार को नजरअंदाज़ किया जा रहा है?

    अब निगाहें निगम और BJP नेतृत्व पर

    यह वीडियो सोशल मीडिया पर जिस तेजी से वायरल हुआ है, उससे दबाव बढ़ रहा है कि

    क्या पार्टी विधायक पर कार्रवाई करेगी,
    या

    निगम कर्मियों की लापरवाही पर सख्त कदम उठाए जाएंगे?

    आगामी दिनों में इस मामले पर राजनीतिक हलचल तेज रहने की संभावना है।

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  • सर्दियों में घूमने के लिए भारत के 5 खूबसूरत और कम भीड़ वाले झरने

    सर्दियों में घूमने के लिए भारत के 5 खूबसूरत और कम भीड़ वाले झरने


    नई दिल्ली । भारत में सर्दियों के मौसम में घूमने के लिए झरने एक बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। ये झरने न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता से आकर्षित करते हैं बल्कि शांत वातावरण कम भीड़ और रोमांचक दृश्य भी प्रदान करते हैं। क्रिसमस और न्यू ईयर के दौरान जब छुट्टियों का माहौल होता है ऐसे में आपको ऐसे झरनों की तलाश होती है जहां आप प्रकृति के करीब हो और शांति का अनुभव कर सकें। यहाँ हम आपको भारत के 5 ऐसे झरनों के बारे में बता रहे हैं जो भीड़ से दूर और सर्दियों में अपने सौंदर्य के चरम पर होते हैं।

    नूरानांग फॉल्स अरुणाचल प्रदेश

    अरुणाचल प्रदेश के तवांग रूट पर स्थित नूरानांग फॉल्स लगभग 100 मीटर की ऊंचाई से गिरता है। यह झरना सर्दियों में धुंध और पहाड़ी ठंडक के कारण बेहद खूबसूरत लगता है। यहां का शांत वातावरण और कम भीड़ इस स्थान को विशेष बनाते हैं जो एडवेंचर प्रेमियों के लिए आदर्श है। नॉर्थ-ईस्ट भारत का यह झरना प्रकृति के प्रेमियों के लिए एक शांतिपूर्ण और अद्वितीय अनुभव प्रदान करता है।

     जोग फॉल्स कर्नाटक

    कर्नाटक का जोग फॉल्स भारत के सबसे ऊंचे और प्रसिद्ध झरनों में से एक है। शिमोगा जिले में स्थित यह झरना लगभग 253 मीटर की ऊंचाई से गिरता है। यह चार धाराओं में गिरता है जिसकी तेज आवाज और दृश्य रोमांचक होते हैं। सर्दियों में यहां हल्की धुंध से झरने का ‘स्मोक इफेक्ट’ उत्पन्न होता है जो इसे और भी रहस्यमय बना देता है। यहां तक पहुंचने के लिए 400-500 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं जो यात्रा को और रोमांचक बनाती हैं।

     नोहकलिकाई फॉल्स मेघालय

    मेघालय के चेरापूंजी में स्थित नोहकलिकाई फॉल्स एशिया का सबसे ऊंचा प्लंज फॉल है। इस झरने से गिरने वाली जलधारा एक नीले तालाब में गिरती है जो इसकी सुंदरता को और बढ़ाता है। सर्दियों में यहां का सफर आसान और आरामदायक होता है। हालांकि बारिश के मौसम में यहां का रास्ता चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यह झरना न केवल खूबसूरत है बल्कि इसके बारे में कई रोमांचक और रहस्यमयी कथाएँ भी जुड़ी हुई हैं।

     अठिराप्पिली फॉल्स केरल

    केरल के अठिराप्पिली फॉल्स को ‘भारत का नियाग्रा’ भी कहा जाता है। यह झरना घने जंगलों के बीच स्थित है और इसकी सुंदरता सर्दियों में और भी निखर जाती है। यहां पहुंचना काफी आसान है जो इसे परिवारों और कपल्स के बीच एक लोकप्रिय स्थल बनाता है। अठिराप्पिली फॉल्स की हरी-भरी वादियां और ताजगी से भरपूर हवा इसे सर्दियों में एक आदर्श पर्यटन स्थल बनाती हैं। कई फिल्मों की शूटिंग यहाँ हुई है जिससे इसकी प्रसिद्धि और भी बढ़ी है।

     दूधसागर वॉटरफॉल गोवा कर्नाटक सीमा

    दूधसागर फॉल्स गोवा और कर्नाटक की सीमा पर स्थित है और यह भारत के सबसे सुंदर झरनों में से एक माना जाता है। मांडवी नदी पर स्थित इस झरने का दृश्य बहुत ही अद्भुत होता है खासकर सर्दियों में जब यह सफेद झाग की तरह गिरता है जिससे इसका नाम ‘दूधसागर’ पड़ा। दूधसागर का दृश्य बहुत प्रसिद्ध है खासकर ट्रेन ट्रैक से इसका दृश्य देखने पर यह एक फिल्मी सीन जैसा लगता है। यह झरना उन यात्रियों के लिए आदर्श है जो प्राकृतिक सुंदरता और शांति का अनुभव करना चाहते हैं।

    अगर आप इस सर्दी में एक ऑफबीट ट्रिप पर जाना चाहते हैं तो भारत के इन झरनों का दौरा आपके सफर को रोमांचक और यादगार बना सकता है। इन झरनों के पास का शांत वातावरण ठंडी हवा और पहाड़ी नज़ारे आपके मन को शांति और सुकून देंगे। इन स्थानों पर जाकर न केवल आप प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकते हैं बल्कि उन झरनों के अद्भुत दृश्यों का भी अनुभव कर सकते हैं जो आपकी यात्रा को एक नई दिशा देंगे।

  • कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की मुश्किलें बढ़ीं, महिलाओं पर विवादित टिप्पणी को लेकर दूसरा केस दर्ज

    कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की मुश्किलें बढ़ीं, महिलाओं पर विवादित टिप्पणी को लेकर दूसरा केस दर्ज


    नई दिल्ली/ कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की महिलाओं और लड़कियों पर विवादित टिप्पणियों के चलते कानूनी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मथुरा कोर्ट में उनके खिलाफ दूसरा केस दर्ज किया गया है।

    इस नए मामले की शिकायत हिंदूवादी नेता गुंजन शर्मा ने दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि आचार्य की विवादित टिप्पणियाँ सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थीं और यह महिलाओं का अपमान करने वाला मामला है। उन्होंने कहा कि पहले प्रशासन और पुलिस से शिकायत की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए अदालत का सहारा लेना पड़ा।

    विवादित टिप्पणी का विषय
    शिकायत के अनुसार, अनिरुद्धाचार्य ने कथित तौर पर कहा था कि 14 साल की बेटियों की शादी कर देनी चाहिए, वरना उनका चरित्र प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणी की, जिसमें घरेलू महिलाओं से लेकर बच्चियों तक का ज़िक्र था।

    पहला केस और मीरा राठौड़ की भूमिका
    यह पहला मौका नहीं है जब आचार्य को विवादित बयानों के लिए कानूनी चुनौती मिली है। इससे पहले हिंदूवादी नेता मीरा राठौड़ ने उनके खिलाफ केस दर्ज कराया था। मीरा राठौड़ ने आचार्य की टिप्पणियों को महिलाओं के सम्मान का उल्लंघन बताया था और कोर्ट में सुनवाई शुरू होने तक अपनी चोटी न बांधने की प्रतीकात्मक प्रतिज्ञा रखी थी।

    कोर्ट में कानूनी प्रक्रिया
    मथुरा स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत ने गुंजन शर्मा की याचिका पर 10 दिसंबर 2025 को आधिकारिक रूप से परिवाद दर्ज किया। अगली सुनवाई 1 जनवरी 2026 तय की गई है, जिसमें वादी के बयान दर्ज होंगे और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू होगी।

    अनिरुद्धाचार्य का स्पष्टीकरण
    विवाद बढ़ने के बाद अनिरुद्धाचार्य ने वीडियो जारी कर माफी मांगी थी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया और उनका इरादा कभी भी महिलाओं का अपमान करने का नहीं था। उनका दावा है कि उनकी टिप्पणियाँ केवल कुछ लड़कियों के संदर्भ में थीं, पूरे महिला समाज के लिए नहीं।

    इस नए केस के साथ, कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं, और अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है।

  • शादी टूटने के बाद पहली बार पब्लिक में दिखीं स्मृति मंधाना, बोलीं -“क्रिकेट ही मेरा सबसे बड़ा प्यार”, हरमनप्रीत ने दिया भावनात्मक सहारा

    शादी टूटने के बाद पहली बार पब्लिक में दिखीं स्मृति मंधाना, बोलीं -“क्रिकेट ही मेरा सबसे बड़ा प्यार”, हरमनप्रीत ने दिया भावनात्मक सहारा


    नई दिल्ली/ भारतीय महिला क्रिकेट की स्टार ओपनर स्मृति मंधाना शादी टूटने के बाद पहली बार सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आईं। उनके साथ टीम इंडिया की कप्तान और करीबी साथी हरमनप्रीत कौर भी थीं, जिन्होंने मंधाना को भावनात्मक सहारा दिया।

    मंच पर पहुंचते ही मंधाना के चेहरे पर हल्की थकान और उदासी झलक रही थी। हरमनप्रीत कौर ने उन्हें तुरंत गले लगाया, जिससे इवेंट का माहौल भावुक हो गया।

    क्रिकेट ही सबसे बड़ा सहारा
    मंच पर मंधाना ने कहा, “क्रिकेट ही मेरा सबसे बड़ा प्यार है। इंडियन जर्सी पहनते ही बाकी सब पीछे छूट जाता है। देश को रिप्रेजेंट करने का एहसास हर परेशानी से ऊपर है। मैदान पर कदम रखते ही दो अरब लोगों की उम्मीदें मेरे साथ चलती हैं और यही एहसास मुझे हर चुनौती से लड़ने की ताकत देता है।”

    टीम के भीतर मतभेद पर दो-टूक बात
    हाल ही में टीम में मतभेद की खबरों पर मंधाना ने कहा, मतभेद होना कोई गलत बात नहीं। अगर बहसें नहीं होंगी, तो पैशन कहां दिखेगा? हमारी लड़ाई हमेशा एक ही चीज़ के लिए होती है – भारत को मैच जिताना।

    शादी टूटने के बाद पहली पब्लिक अपीयरेंस
    स्मृति मंधाना और संगीतकार पलाश मुच्छल की शादी 23 नवंबर को होने वाली थी, लेकिन पिता की तबीयत खराब होने के चलते इसे टाल दिया गया। बाद में 7 दिसंबर को दोनों ने शादी कैंसिल होने की घोषणा की। इस इवेंट में मंधाना की उपस्थिति ने यही संदेश दिया कि वह मुश्किल दौर से बाहर निकलने की कोशिश कर रही हैं और क्रिकेट ही उनका सबसे बड़ा सहारा है।

    टीम इंडिया का अगला पड़ाव
    भारतीय महिला क्रिकेट टीम अब श्रीलंका के खिलाफ टी20 सीरीज की तैयारी में जुटी है, जिसकी शुरुआत 21 दिसंबर से होगी। मंधाना बतौर उप-कप्तान टीम की जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हैं।

  • जेल से गैंग चला रहा था गुना का 'दाऊ': गवाहों को धमकाने के इनपुट पर चाचौड़ा जेल से रीवा शिफ्ट

    जेल से गैंग चला रहा था गुना का 'दाऊ': गवाहों को धमकाने के इनपुट पर चाचौड़ा जेल से रीवा शिफ्ट


    गुना/रीवा। गुना जिले के कुख्यात बदमाश और पुलिस विभाग के पूर्व सब-इंस्पेक्टर (SI) रामवीर सिंह कुशवाह उर्फ ‘दाऊ’ को अब गुना की चाचौड़ा जेल से हटाकर सेंट्रल जेल रीवा में शिफ्ट कर दिया गया है। यह बड़ा कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि इंटेलिजेंस इनपुट से यह खुलासा हुआ कि ‘दाऊ’ जेल के अंदर से ही अपना गैंग चला रहा था और अपने खिलाफ चल रहे मामलों के गवाहों और फरियादियों को धमका रहा था।

    जेल के भीतर से दबाव और साजिश
    गुना एसपी अंकित सोनी के अनुसार, मामले की विवेचना और साक्ष्यों को प्रभावित होने से बचाने के लिए भोपाल जेल मुख्यालय ने रामवीर को रीवा शिफ्ट करने का निर्णय लिया।
    इंटेलिजेंस सूत्रों से पता चला कि चाचौड़ा जेल में बंद रामवीर अपने खिलाफ केस लड़ रहे लोगों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था।इसी दबाव के चलते, 4 दिसंबर को ‘दाऊ’ के कुछ गुर्गे उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के नाराहट गांव पहुँचे। वहाँ उन्होंने ट्रक ड्राइवर माखन कुशवाह के परिजनों पर अपराध में राजीनामा करने का दबाव बनाया।

    ट्रक ड्राइवर माखन कुशवाह मर्डर केस: वर्दी पर लगा दाग
    रामवीर के आपराधिक इतिहास में सबसे गंभीर केस माखन कुशवाह की संदिग्ध मौत से जुड़ा है।घटना (जून 2015): उस समय थाना प्रभारी रहे रामवीर और उसके साथियों ने अवैध वसूली (एंट्री) के दौरान ट्रक ड्राइवर माखन को रोका, पैसे छीने और रूठियाई पुलिस चौकी से सटे एक पेट्रोल पंप पर खड़ा करा दिया।माखन से और पैसे की माँग करते हुए उसे दो दिन तक चौकी में बंद रखकर मारा-पीटा गया।20-21 जून 2015 की रात माखन पुलिस चौकी के ठीक सामने जली हुई अवस्था में मृत पाया गया था।इस गंभीर अपराध में रामवीर की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है।

    पूर्व एसआई और 1 लाख का इनामी बदमाश
    रामवीर सिंह कुशवाह का इतिहास उसे और भी कुख्यात बनाता है क्योंकि वह स्वयं पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर (एसआई) रह चुका है, जिसे बाद में आपराधिक कृत्यों के कारण बर्खास्त कर दिया गया।नौकरी के दौरान वर्दी को दागदार करने वाले रामवीर पर गुना जिले के तीन अलग-अलग थानों में हत्या, अपहरण, हत्या का प्रयास, सबूत मिटाने और धोखाधड़ी समेत 7 संगीन अपराध दर्ज हैं।वह हाईप्रोफाइल आत्माराम मर्डर केस में तीन साल तक फरार रहा था और उस पर एक लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था।
    रामवीर उस समय भी चर्चा में आया था जब हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद गुना आने पर उसके गुर्गों ने फूलों से उसका स्वागत किया था। हालांकि, पुलिस ने उसे दूसरे मामलों में वांछित होने के कारण उसी समय घर से गिरफ्तार कर लिया था।

    जेल से गैंग चलाने के इनपुट के बाद सेंट्रल जेल रीवा में शिफ्ट किया जाना रामवीर ‘दाऊ’ की आपराधिक गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।

  • जबलपुर हाईकोर्ट में आज होगी कोल्डड्रिंक कफ सिरप मामले की सुनवाई, डॉ. सोनी का दावा – बच्चों की मौत विभाग की जांच न होने से हुई

    जबलपुर हाईकोर्ट में आज होगी कोल्डड्रिंक कफ सिरप मामले की सुनवाई, डॉ. सोनी का दावा – बच्चों की मौत विभाग की जांच न होने से हुई


    जबलपुर । छिंदवाड़ा और बैतूल में कोल्डड्रिंक कफ सिरप पीने से 25 बच्चों की मौत के मामले में आरोपी शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी ने जबलपुर हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखा है।

    डॉ. सोनी ने अदालत में दस्तावेज पेश करते हुए दावा किया कि बच्चों की मौत उसी सॉल्वेंट के कारण हुई, जो श्रीसन फार्मा कंपनी ने बैच नंबर 13 में मिलाया था। उन्होंने कहा कि यदि औषधि विभाग समय पर उस बैच की जांच करता, तो यह दुखद घटना नहीं होती।

    डॉ. सोनी ने यह भी बताया कि वह पिछले 20 सालों से यह दवा लिख रहे हैं और कभी किसी दवा से प्रतिकूल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। उनका कहना है कि कंपनी द्वारा हुई गलती की सजा उन्हें भुगतनी पड़ रही है।

    सुनवाई और जमानत का मामला
    जस्टिस प्रमोद अग्रवाल की अदालत ने डॉ. सोनी की जमानत अर्जी पर गुरुवार को सुनवाई के निर्देश दिए हैं। छिंदवाड़ा के परासिया निवासी डॉ. प्रवीण सोनी को परासिया पुलिस ने 5 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। ये वही शिशु रोग विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने मृत बच्चों को कफ सिरप लिखी थी।

    पहले परासिया कोर्ट ने 8 अक्टूबर 2025 को उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद डॉ. सोनी ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए आवेदन किया। डॉ. सोनी अभी भी जेल में हैं। पुलिस ने उनकी पत्नी ज्योति सोनी को भी गिरफ्तार किया है। उनकी पत्नी के नाम पर वह मेडिकल स्टोर संचालित हो रहा था, जहां से विवादित कफ सिरप बेची गई थी।

    डॉ. सोनी की ओर से सीनियर एडवोकेट शशांक शेखर और एडवोकेट समरेश कटारे, तथा राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता सीएम तिवारी अदालत में मौजूद थे।

  • ग्वालियर में पति की चरित्र शंका बनी पत्नी के लिए जानलेवा, मोंगरी से हमला कर की हत्या

    ग्वालियर में पति की चरित्र शंका बनी पत्नी के लिए जानलेवा, मोंगरी से हमला कर की हत्या


    ग्वालियर । के खटीक मोहल्ले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां पति की चरित्र शंका के चलते पत्नी की हत्या कर दी गई। बुधवार देर रात हुए इस घटना में आरोपी पति फरार है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भेज दिया है और आरोपी की तलाश जारी है।

    मृतक महिला रेनू मौर्य थीं, जिनकी शादी 25 साल पहले धर्मेंद्र मौर्य से हुई थी। आर्थिक मजबूरी के चलते रेनू एक निजी स्कूल में नौकरी करती थीं। परिवार के मुताबिक, धर्मेंद्र को अक्सर पत्नी के चरित्र को लेकर शक होता था, जिस कारण उनके बीच नियमित रूप से विवाद होता रहता था।

    घटना की रात भी इसी शक के चलते झगड़ा बढ़ गया। आरोप है कि गुस्से में धर्मेंद्र ने पास रखी मोंगरी से रेनू के सिर पर हमला किया। मोंगरी के प्रहार से रेनू बिस्तर पर लहूलुहान होकर गिर गईं। इसके बाद धर्मेंद्र ने उनके ऊपर कंबल डाल दिया और मौके से फरार हो गया।

    घटना के समय उनकी 12 वर्षीय बेटी मानसी घर की पहली मंजिल पर अपनी दादी के साथ थीं। शोर सुनकर जब वह नीचे आईं, तो उन्होंने अपनी मां को खून में लथपथ देखा। बड़े बेटे तरुण ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके से हत्या में इस्तेमाल की गई मोंगरी जब्त कर ली गई है।

    रेनू के भाई राजेश जाटव ने बताया कि धर्मेंद्र अक्सर शराब पीकर विवाद करता था। उन्होंने कहा कि छोटी बहन की शादी में भी उसने दखल दिया और आर्थिक तकरार के कारण बहस होती रहती थी।

    इंदरगंज थाना प्रभारी दीप्ति तोमर ने कहा कि झगड़े की मुख्य वजह चरित्र शंका थी। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

  • इंडिगो का बड़ा फैसला: रद्द उड़ानों के यात्रियों को 10 हजार तक मुआवजा, अतिरिक्त 10 हजार का ट्रैवल वाउचर भी मिलेगा

    इंडिगो का बड़ा फैसला: रद्द उड़ानों के यात्रियों को 10 हजार तक मुआवजा, अतिरिक्त 10 हजार का ट्रैवल वाउचर भी मिलेगा


    नई दिल्ली। दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो की बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने के बाद यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लगातार शिकायतों और DGCA की कार्रवाई के बाद अब एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों के लिए राहत की घोषणा की है। कंपनी ने बताया कि 3, 4 और 5 दिसंबर को रद्द हुई फ्लाइट्स के यात्रियों को सरकार के नियमों के अनुसार 5,000 से 10,000 रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा।

    इंडिगो ने कहा कि दिसंबर के पहले हफ्ते में फ्लाइट कैंसिलेशन के कारण कई यात्रियों को आर्थिक नुकसान हुआ और यात्रा योजनाएं बाधित हुईं। इस स्थिति को देखते हुए कंपनी ने सबसे ज्यादा प्रभावित यात्रियों को 10,000 रुपये तक के अतिरिक्त ट्रैवल वाउचर देने का भी फैसला किया है। ऐसे यात्रियों में वे लोग शामिल हैं जिनकी फ्लाइट बार-बार रीशेड्यूल हुई, जिनकी यात्रा कई बार बदली गई या जिन्हें एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार करना पड़ा।

    कंपनी के अनुसार, ट्रैवल वाउचर अगले 12 महीनों तक वैध रहेगा और यात्री इसे किसी भी घरेलू या अंतरराष्ट्रीय इंडिगो फ्लाइट में इस्तेमाल कर सकते हैं। मुआवजा राशि DGCA की गाइडलाइन्स के आधार पर दी जाएगी, जिसमें फ्लाइट की दूरी, टिकट श्रेणी और यात्री को हुई परेशानी को ध्यान में रखा जाएगा।

    इंडिगो ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपने रजिस्टर्ड ईमेल और मोबाइल नंबर पर भेजे गए मैसेज चेक करें। मुआवजा और वाउचर क्लेम करने से संबंधित सभी जरूरी जानकारी वहीं भेजी गई है, जिससे पूरी प्रक्रिया आसान हो सके।

  • इंदौर: 8 माह की गर्भवती महिला से मारपीट, पति और सास पर FIR दर्ज—दादी ने अस्पताल पहुँचाकर बचाई जान

    इंदौर: 8 माह की गर्भवती महिला से मारपीट, पति और सास पर FIR दर्ज—दादी ने अस्पताल पहुँचाकर बचाई जान

    इंदौर । के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में 8 महीने की गर्भवती महिला के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने उसके पति और सास के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। महिला का आरोप है कि घरेलू विवाद के दौरान पति ने उसके पेट पर लात मारी और सास ने बाल पकड़कर उसे घसीटा, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई।

    अमर पैलेस कॉलोनी निवासी मुस्कान गायकवाड़ ने बताया कि बुधवार रात पुरानी बात को लेकर फिर बहस हो गई। उसने कहा कि कुछ दिनों पहले, 4 दिसंबर को, नौकरी पर जाने की बात को लेकर पति अरुण राणे से झगड़ा हुआ था और तब भी उसने मारपीट की थी। बुधवार को वही विवाद दोबारा निकल आया और गुस्से में पति ने उसके पेट पर लात मारी, जिससे तेज दर्द शुरू हो गया। इसी दौरान सास सोनू राणे ने उसका बाल पकड़कर खींचा और लगातार अपशब्द कहे।

    दर्द बढ़ने पर मुस्कान ने अपनी दादी मंगीबाई को फोन किया। दादी तुरंत घर पहुँचीं और उसे अस्पताल ले गईं। इलाज के बाद पीड़िता ने पुलिस में पति और सास के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। मुस्कान ने बताया कि लगभग डेढ़ साल पहले उसने अरुण राणे से कोर्ट मैरिज की थी, लेकिन शादी के बाद से ही विवाद और मारपीट की घटनाएँ बढ़ती जा रही थीं।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।