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  • वाटर पार्क में दर्दनाक हादसा: गोता लगाते समय युवक गंभीर रूप से घायल, इंदौर रेफर

    वाटर पार्क में दर्दनाक हादसा: गोता लगाते समय युवक गंभीर रूप से घायल, इंदौर रेफर



    शाजापुर। गर्मी से राहत पाने के लिए वाटर पार्क में मस्ती करने पहुंचे एक युवक के साथ बुधवार को दर्दनाक हादसा हो गया। जिले के पनवाड़ी गांव स्थित ड्रीम फन वैली वाटर पार्क में नहाते समय गोता लगाते हुए युवक का सिर किसी कठोर सतह से जोरदार टकरा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया और पानी में डूबने की स्थिति में पहुंच गया। समय रहते मौजूद दोस्तों और वाटर पार्क कर्मचारियों ने उसे बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया।

    घटना बुधवार दोपहर करीब 2 बजे की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पूल में अन्य लोगों के साथ मस्ती कर रहा युवक अचानक गहरे हिस्से में गोता लगाने लगा। इसी दौरान उसका सिर किसी सख्त हिस्से या तल से टकरा गया, जिससे उसे गंभीर चोट आई और वह पानी में ही अचेत हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत हरकत में आते हुए उसे बाहर निकाला और प्राथमिक सहायता देने की कोशिश की।

    राजगढ़ का युवक, दोस्तों के साथ आया था घूमने
    घायल युवक की पहचान राजगढ़ जिले के भेसवा माताजी निवासी सुनील के रूप में हुई है। सुनील अपने दो दोस्तों के साथ गर्मी से राहत पाने और मनोरंजन के लिए वाटर पार्क पहुंचा था। बताया जा रहा है कि सभी लोग सामान्य रूप से पूल में मस्ती कर रहे थे, लेकिन कुछ ही पलों में यह खुशी का माहौल दर्दनाक हादसे में बदल गया। दोस्तों के अनुसार, सुनील ने जैसे ही गोता लगाया, वैसे ही उसका सिर किसी कठोर सतह से टकराया और वह तुरंत नीचे की ओर डूबने लगा। इस दौरान कुछ सेकंड की देरी भी उसकी जान पर भारी पड़ सकती थी, लेकिन सतर्कता के चलते उसे समय पर बचा लिया गया।

    शाजापुर जिला अस्पताल से इंदौर रेफर
    घटना के बाद घायल युवक को तत्काल शाजापुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार दिया। डॉक्टरों के अनुसार, सिर में गहरी चोट लगने और बेहोशी की स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे इंदौर रेफर कर दिया गया।

    फिलहाल युवक का इलाज इंदौर के अस्पताल में जारी है और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है, जिसके बाद परिवार में चिंता का माहौल है।

    प्रशासनिक जांच की संभावना
    इस हादसे के बाद वाटर पार्क की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, घटना कैसे हुई और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था, इसको लेकर संबंधित स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि अभी तक किसी आधिकारिक जांच की पुष्टि नहीं हुई है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में वाटर पार्क में भीड़ बढ़ जाती है, ऐसे में सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत करने की जरूरत है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

  • नई ऊंचाइयों की ओर भारत-नेपाल रिश्ते, प्रधानमंत्री मोदी ने रबि लामिछाने से मुलाकात कर मजबूत साझेदारी का दिया संदेश

    नई ऊंचाइयों की ओर भारत-नेपाल रिश्ते, प्रधानमंत्री मोदी ने रबि लामिछाने से मुलाकात कर मजबूत साझेदारी का दिया संदेश

    नई दिल्ली । भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुलाकात हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रबि लामिछाने से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच सहयोग, विकास और क्षेत्रीय साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। इस मुलाकात को भारत-नेपाल संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है, क्योंकि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे पारंपरिक संबंधों को और व्यापक बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

    बैठक के दौरान साझा समृद्धि, आर्थिक सहयोग, क्षेत्रीय स्थिरता और भविष्य की विकास योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल को भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति का महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के संबंध केवल कूटनीतिक दायरे तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के नागरिकों के बीच गहरे सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध भी मौजूद हैं।

    मुलाकात के दौरान इस बात पर भी जोर दिया गया कि बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय परिदृश्य में भारत और नेपाल को विकास, व्यापार, निवेश और संपर्क बढ़ाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, सड़क संपर्क, रेलवे, शिक्षा, पर्यटन और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि इन क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग दोनों देशों की अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय विकास को नई गति दे सकता है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि नेपाल की नई राजनीतिक परिस्थितियों और नेतृत्व के साथ भारत के संबंध और अधिक मजबूत होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच दशकों से चली आ रही मित्रता आने वाले समय में नई उपलब्धियों का आधार बनेगी। भारत लगातार नेपाल के विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सहयोग करता रहा है, जिसका सकारात्मक प्रभाव दोनों देशों के संबंधों पर देखा गया है।

    रबि लामिछाने की भारत यात्रा के दौरान कई वरिष्ठ भारतीय नेताओं के साथ भी उनकी मुलाकातें हुई हैं। इन बैठकों में लोकतांत्रिक व्यवस्था, सुरक्षा सहयोग, राजनीतिक संवाद और आपसी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। माना जा रहा है कि इन मुलाकातों से दोनों देशों के राजनीतिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूती मिलेगी।

    भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा, सांस्कृतिक समानताएं और लोगों के बीच गहरे संबंध दोनों देशों की साझेदारी को विशेष बनाते हैं। हर वर्ष लाखों लोग धार्मिक, व्यापारिक और सामाजिक कारणों से दोनों देशों के बीच आवागमन करते हैं। यही कारण है कि द्विपक्षीय संबंधों को केवल राजनीतिक दृष्टि से नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण एशिया में बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच भारत और नेपाल के बीच बढ़ता संवाद क्षेत्रीय स्थिरता और विकास के लिए सकारात्मक संकेत है। दोनों देशों की नेतृत्व स्तर की यह मुलाकात भविष्य में सहयोग के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर सकती है और पारंपरिक मित्रता को और अधिक मजबूत आधार प्रदान कर सकती है।

  • संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, शाजापुर जिला अस्पताल की सेवाएं प्रभावित

    संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, शाजापुर जिला अस्पताल की सेवाएं प्रभावित


    मध्यप्रदेश । शाजापुर जिला अस्पताल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने नियमित कार्यों का बहिष्कार करते हुए अस्पताल परिसर में धरना प्रदर्शन किया, जिससे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक असर देखने को मिला।

    हड़ताल के कारण खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो गई हैं। मरीजों को इलाज और नियमित स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    टीकाकरण, पंजीयन और दवाइयों पर असर
    कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से एएनसी पंजीयन, टीकाकरण, जन्म प्रमाण पत्र जारी करने और ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्य प्रभावित हो गए हैं। इसके अलावा एनसीडी, टीबी, हाइपरटेंशन और डायबिटीज जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को नियमित दवाइयां मिलने में भी कठिनाई हो रही है। सीएम हेल्पलाइन से जुड़े मामलों के निराकरण का काम भी बाधित बताया जा रहा है, जिससे आम लोगों की समस्याएं और बढ़ गई हैं।

    आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन
    संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इनमें नियमितीकरण, एनपीएस और स्वास्थ्य बीमा का लाभ, 10 प्रतिशत वार्षिक वेतनवृद्धि, महंगाई भत्ता, समान कार्य के लिए समान वेतन और नियमित कर्मचारियों के समान अवकाश जैसी कुल आठ प्रमुख मांगें शामिल हैं। संघ के अनुसार, पहले चरण में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया गया था, जिसके बाद 2 जून से ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार के साथ अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की गई।

    आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
    संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो 8 जून को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें जायज हैं और लंबे समय से लंबित होने के कारण अब आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

    प्रशासन पर बढ़ा दबाव
    हड़ताल के चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने से प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब सभी की नजरें सरकार और कर्मचारी संघ के बीच होने वाली आगे की बातचीत पर टिकी हैं।

  • अंजुमन स्कूल-अस्पताल के पास शराब दुकान खुलने पर विवाद: ओबीसी महासभा ने जताया विरोध, SP को सौंपा ज्ञापन

    अंजुमन स्कूल-अस्पताल के पास शराब दुकान खुलने पर विवाद: ओबीसी महासभा ने जताया विरोध, SP को सौंपा ज्ञापन


    कटनी । कटनी शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत फूल मंडी के सामने संचालित एक शराब दुकान को लेकर विवाद गहरा गया है। स्थानीय संगठन ओबीसी महासभा ने इस दुकान को नियमों के विरुद्ध बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है और मंगलवार को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।

    महासभा का आरोप है कि जिस स्थान पर यह शराब दुकान खोली गई है, वह संवेदनशील और भीड़भाड़ वाला क्षेत्र है, जहां शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थान स्थित हैं। संगठन का कहना है कि इस तरह के स्थान पर शराब दुकान का संचालन सामाजिक माहौल को प्रभावित कर सकता है और यह नियमों के अनुरूप नहीं है।

    स्कूल और अस्पताल के बीच दुकान, उठे सवाल
    ओबीसी महासभा के जिलाध्यक्ष रामरतन नामदेव ने बताया कि दुकान के ठीक पास अंजुमन स्कूल स्थित है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययन के लिए आते हैं। इसके अलावा मुख्य शासकीय जिला अस्पताल भी नजदीक ही है, जहां दिन-रात मरीजों, महिलाओं और बच्चों का आना-जाना लगा रहता है। संगठन का कहना है कि ऐसे क्षेत्र में शराब दुकान खोलना न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि इससे स्थानीय माहौल पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

    भीड़भाड़ वाले इलाके का मुद्दा
    महासभा ने यह भी बताया कि आसपास शहर की प्रमुख चौपाटी स्थित है, जहां परिवार देर शाम तक आते हैं। साथ ही यह क्षेत्र रेलवे स्टेशन जाने वाले मुख्य मार्ग पर भी आता है, जहां यात्रियों की लगातार आवाजाही रहती है। संगठन ने इस पूरे मामले में आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना उचित जमीनी जांच के अनुमति देना गंभीर लापरवाही है।

    सुरक्षा और सामाजिक माहौल पर चिंता
    ओबीसी महासभा ने ज्ञापन में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि पहले भी इस क्षेत्र में कई आपत्तिजनक घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि इस शराब दुकान को तुरंत हटाया जाए या किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि क्षेत्र का शैक्षणिक और सामाजिक माहौल सुरक्षित रह सके।

  • कटनी में स्कूटी से 7 पेटी अवैध शराब जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार कर भेजे गए जेल

    कटनी में स्कूटी से 7 पेटी अवैध शराब जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार कर भेजे गए जेल


    कटनी । कटनी जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एनकेजे थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से कुल 63 लीटर देशी प्लेन और मसाला शराब बरामद की है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई जा रही है। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही स्कूटी को भी जब्त कर लिया गया है।

    यह कार्रवाई उस समय हुई जब पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि दो युवक स्कूटी पर भारी मात्रा में अवैध शराब लेकर झलवारा से हिरवारा की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उपनिरीक्षक रूपेन्द्र राजपूत के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई और बताए गए रूट पर घेराबंदी की गई।

    घेराबंदी कर पकड़े गए आरोपी
    पुलिस टीम ने संदिग्ध स्कूटी को आते देख रोक लिया और दोनों युवकों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान स्कूटी के आगे पैरदान और पीछे सीट पर रस्सी से बंधे कुल 7 कार्टून मिले, जिनमें अवैध देशी शराब भरी हुई थी।  दोनों आरोपी किसी भी प्रकार के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया।

    पूछताछ में सामने आई पहचान
    कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान सतीष चौधरी (27) और विकास चौधरी (27), निवासी झर्रा टिकुरिया, कटनी के रूप में बताई। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इसके बाद 63 लीटर शराब और स्कूटी को जब्त कर लिया गया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जिला जेल कटनी भेज दिया गया।

    अवैध शराब पर सख्ती जारी
    पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिले में अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है ताकि अवैध कारोबार पर रोक लगाई जा सके।

  • आमलाबे वॉरियर्स बनी एमपीएल-2 की चैंपियन, फ्रेंड्स इलेवन को 6 विकेट से हराकर जीता खिताब

    आमलाबे वॉरियर्स बनी एमपीएल-2 की चैंपियन, फ्रेंड्स इलेवन को 6 विकेट से हराकर जीता खिताब


    मध्यप्रदेश । राजगढ़ जिले के माचलपुर स्थित रावणबल्डी क्रिकेट ग्राउंड पर मंगलवार रात खेले गए एमपीएल-2 नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला एकतरफा साबित हुआ। इस खिताबी भिड़ंत में आमलाबे वॉरियर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फ्रेंड्स इलेवन छापीहेड़ा को 6 विकेट से हराकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। मैच के बाद मैदान में खिलाड़ियों और समर्थकों ने जमकर जश्न मनाया। आतिशबाजी और तालियों की गूंज के बीच जीत का उत्सव देर रात तक चलता रहा। बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी इस रोमांचक फाइनल मुकाबले के गवाह बने।

    पहले ही ढह गई फ्रेंड्स इलेवन की पारी
    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी फ्रेंड्स इलेवन छापीहेड़ा की टीम शुरुआत से ही दबाव में दिखी। आमलाबे वॉरियर्स के गेंदबाजों ने सटीक लाइन और लेंथ से लगातार विकेट निकालते हुए विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। पूरी टीम 10 ओवर में 9 विकेट खोकर सिर्फ 55 रन ही बना सकी, जो इस फाइनल मुकाबले का सबसे कमजोर प्रदर्शन साबित हुआ।

    गेंद और बल्ले दोनों से चमके आमलाबे के खिलाड़ी
    लक्ष्य का पीछा करने उतरी आमलाबे वॉरियर्स ने आक्रामक अंदाज में शुरुआत की और मैच को एकतरफा बना दिया। टीम ने मात्र 4.5 ओवर में 4 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। गेंदबाजी में जीवन आमलाबे ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और 2 ओवर में सिर्फ 14 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट झटके। वहीं बल्लेबाजी में अभिषेक जावा ने 12 गेंदों पर नाबाद 26 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर जीत की औपचारिकता पूरी कर दी।

    विजेताओं पर इनामों की बरसात
    समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री और जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रियव्रत सिंह मौजूद रहे। उन्होंने विजेता टीम को ट्रॉफी के साथ 51 हजार रुपए का चेक प्रदान किया, जबकि उपविजेता फ्रेंड्स इलेवन को 25,551 रुपए और ट्रॉफी दी गई। कार्यक्रम में खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए खेल भावना और अनुशासन पर जोर दिया गया। साथ ही आयोजन समिति की भी सराहना की गई।

    व्यक्तिगत प्रदर्शन को भी मिला सम्मान
    टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। संजय पंवार को ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ और सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज चुना गया, जबकि देव यादव को सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज का पुरस्कार मिला। सभी विजेताओं को ट्रॉफी के साथ नकद पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

  • इंडोनेशिया ओपन से सात्विक-चिराग का सफर खत्म, कंधे की चोट से पहले राउंड में ही हुए बाहर

    इंडोनेशिया ओपन से सात्विक-चिराग का सफर खत्म, कंधे की चोट से पहले राउंड में ही हुए बाहर


    नई दिल्ली । भारत की स्टार पुरुष बैडमिंटन जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी का इंडोनेशिया ओपन 2026 में सफर बेहद निराशाजनक तरीके से समाप्त हो गया। पहले ही राउंड में कंधे की चोट के कारण सात्विक को मुकाबले से हटना पड़ा, जिसके बाद भारतीय जोड़ी को टूर्नामेंट से नाम वापस लेना पड़ा।

    यह मुकाबला मलेशिया की जोड़ी कांग खाई जिंग और एरॉन ताई के खिलाफ खेला जा रहा था, जहां भारतीय जोड़ी पहले गेम में 6-11 से पीछे चल रही थी। इसी दौरान सात्विक ने अपने दाहिने कंधे में दर्द की शिकायत की और खेल जारी नहीं रख सके। स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें वॉकओवर देना पड़ा।

    चोट ने रोकी लय, लगातार संघर्ष के बाद बड़ा झटका
    सात्विक के कंधे की समस्या कोई नई नहीं है। इससे पहले भी इसी तरह की परेशानी के चलते इस जोड़ी ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप से नाम वापस लिया था। लगातार चोट की वजह से उनकी लय प्रभावित हो रही है, जो भारत के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने बयान जारी करते हुए कहा कि सात्विक की रिकवरी और रिहैबिलिटेशन पर पूरा ध्यान दिया जाएगा, ताकि वह जल्द कोर्ट पर वापसी कर सकें।

    हालिया जीत के बाद मिला था आत्मविश्वास
    गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही इस भारतीय जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंडोनेशिया की मजबूत जोड़ी फजर अल्फियन और मुहम्मद शोहिबुल फिकरी को हराया था। तीन गेम तक चले इस मुकाबले में उन्होंने 18-21, 21-17, 21-16 से जीत दर्ज की थी। यह जीत उनकी हालिया फॉर्म और मजबूती का संकेत थी। इतना ही नहीं, यह जोड़ी सिंगापुर ओपन जीतने वाली पहली भारतीय पुरुष डबल्स टीम भी बनी थी, जिसने देश के बैडमिंटन इतिहास में नया अध्याय जोड़ा था।

    अन्य भारतीय खिलाड़ियों का मिला-जुला प्रदर्शन
    इंडोनेशिया ओपन में भारत के अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी मिश्रित रहा। रोहन कपूर और रुथविका गड्डे ने शानदार शुरुआत करते हुए शीर्ष 20 ताइवान जोड़ी को हराकर अगले दौर में जगह बनाई। वहीं लक्ष्य सेन को पहले ही राउंड में हार का सामना करना पड़ा और वे टूर्नामेंट से बाहर हो गए। पुरुष युगल में हरिहरन अम्साकारुनन और एम.आर. अर्जुन की जोड़ी ने मलेशिया की अनुभवी जोड़ी को हराकर भारत को राहत दी।

    भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ा झटका
    सात्विक-चिराग की जोड़ी भारत की सबसे भरोसेमंद डबल्स टीम मानी जाती है। उनकी अचानक चोट से बाहर होना भारत के अभियान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अब सभी की नजरें उनकी फिटनेस और आगामी टूर्नामेंट में वापसी पर टिकी हैं।

  • सौरव गांगुली की सुरक्षा में कटौती, अब ‘Z’ से घटकर ‘Y’ श्रेणी में मिली सुरक्षा

    सौरव गांगुली की सुरक्षा में कटौती, अब ‘Z’ से घटकर ‘Y’ श्रेणी में मिली सुरक्षा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। उन्हें अब ‘Z’ श्रेणी की सुरक्षा से घटाकर ‘Y’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। यह निर्णय पश्चिम बंगाल सरकार की सुरक्षा इकाइयों द्वारा की गई विस्तृत समीक्षा के बाद लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, राज्य प्रशासन ने हाल ही में वीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की थी, जिसके आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि सौरव गांगुली के लिए अब उच्चतम स्तर की ‘Z’ श्रेणी सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है। इसी कारण उनकी सुरक्षा को कम कर ‘Y’ श्रेणी में परिवर्तित किया गया है।

    2023 में बढ़ी थी सुरक्षा, अब हुआ संशोधन
    गौरतलब है कि वर्ष 2023 में सौरव गांगुली की सुरक्षा को ‘Y’ श्रेणी से बढ़ाकर ‘Z’ श्रेणी किया गया था। उस समय राज्य सरकार ने उनकी लोकप्रियता, सार्वजनिक भूमिका और संभावित सुरक्षा जोखिमों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया था। हालांकि, ताजा समीक्षा के बाद सुरक्षा स्तर में यह कटौती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय किसी विशेष घटना के कारण नहीं, बल्कि राज्य भर में सभी वीआईपी सुरक्षा व्यवस्थाओं के पुनर्मूल्यांकन का हिस्सा है।

    बंगाल की राजनीति और प्रशासनिक निर्णयों के बीच चर्चा
    पश्चिम बंगाल में सौरव गांगुली एक बेहद लोकप्रिय चेहरा हैं। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी वे खेल प्रशासन और विभिन्न सार्वजनिक भूमिकाओं में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने भारतीय क्रिकेट को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई है और उनके प्रशंसकों की संख्या पूरे देश में काफी बड़ी है। इस सुरक्षा बदलाव को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा भी तेज हो गई है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह सुरक्षा विश्लेषण पर आधारित तकनीकी निर्णय है।

    भारतीय क्रिकेट में गांगुली का योगदान
    सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली कप्तानों में गिना जाता है। उनके नेतृत्व में टीम इंडिया ने विदेशों में जीत की नई संस्कृति विकसित की। उन्होंने हरभजन सिंह, जहीर खान, वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, मोहम्मद कैफ और एमएस धोनी जैसे कई खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई।

    कप्तानी के बाद उन्होंने बीसीसीआई अध्यक्ष के रूप में भी भारतीय क्रिकेट के प्रशासन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्तमान में वे क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।

  • कार्लसन पर जीत के बाद प्रज्ञानंद की जमकर तारीफ, सोशल मीडिया पर चर्चा

    कार्लसन पर जीत के बाद प्रज्ञानंद की जमकर तारीफ, सोशल मीडिया पर चर्चा


    नई दिल्ली । नॉर्वे चेस टूर्नामेंट 2026 एक बार फिर भारतीय शतरंज के लिए यादगार बन गया है, जहां युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानंद ने दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को दूसरी बार मात देकर सबको चौंका दिया। यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि प्रज्ञानंद ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पहले सफेद मोहरों से और अब काले मोहरों से कार्लसन को हराया है। उनके इस शानदार प्रदर्शन ने न केवल शतरंज की दुनिया में हलचल मचा दी है, बल्कि भारत में भी उन्हें लेकर उत्साह चरम पर पहुंच गया है।

    आनंद  महिंद्रा की प्रतिक्रिया, कहा- “अब अभेद्य लगने लगे हैं प्रज्ञानंद”
    उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने इस जीत के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रज्ञानंद की जमकर तारीफ की। उन्होंने लिखा कि अब प्रज्ञानंद “अभेद्य” यानी लगभग अजेय लगने लगे हैं। महिंद्रा ने यह भी कहा कि मैग्नस कार्लसन ने इस हार पर किसी तरह की निराशा नहीं दिखाई, जो यह संकेत देता है कि वह अब प्रज्ञानंद के साथ ऐसे परिणामों के आदी होते जा रहे हैं। उनकी यह टिप्पणी तेजी से वायरल हो गई और खेल प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गई।

    राइवलरी ने पकड़ी रफ्तार, लगातार दूसरी बड़ी जीत
    प्रज्ञानंद और कार्लसन के बीच यह मुकाबला अब एक मजबूत राइवलरी का रूप ले चुका है। इस टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ी ने पहले भी कार्लसन को हराया था और अब दूसरी जीत ने उनकी स्थिति और मजबूत कर दी है। खेल के अंतिम चरण तक मुकाबला बेहद संतुलित रहा, लेकिन समय की कमी में कार्लसन दबाव में आ गए और प्रज्ञानंद ने इसका पूरा फायदा उठाते हुए निर्णायक बढ़त हासिल कर ली।

    भारतीय शतरंज का बढ़ता दबदबा
    इस टूर्नामेंट में अन्य भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी मिला-जुला रहा। वर्ल्ड चैंपियन गुकेश डोमराजू को हार का सामना करना पड़ा, जबकि दिव्या देशमुख भी अपने मुकाबले में पीछे रह गईं। वहीं राउंड 8 के बाद वेस्ली सो 14 अंकों के साथ शीर्ष पर पहुंच गए हैं, अलीरेजा फिरौजा 13 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं और प्रज्ञानंद 12 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर बने हुए हैं।

    टाइटल की रेस में मजबूत दावेदारी
    हालांकि प्रज्ञानंद अभी शीर्ष पर नहीं हैं, लेकिन लगातार दो जीत ने उन्हें खिताबी दौड़ में मजबूती से खड़ा कर दिया है। उनकी रणनीतिक समझ, धैर्य और दबाव में प्रदर्शन ने उन्हें इस समय दुनिया के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है। शतरंज विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उनका यह प्रदर्शन जारी रहा तो वह जल्द ही किसी बड़े विश्व खिताब के सबसे मजबूत दावेदार बन सकते हैं।

  • “जीत से सिर्फ 1 विकेट दूर रह गए” – इंग्लैंड से हार के बाद बोलीं हरमनप्रीत कौर, वर्ल्ड कप पर नजर

    “जीत से सिर्फ 1 विकेट दूर रह गए” – इंग्लैंड से हार के बाद बोलीं हरमनप्रीत कौर, वर्ल्ड कप पर नजर


    नई दिल्ली । भारतीय महिला क्रिकेट टीम को इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से गंवा दी। हालांकि मैच में एक समय मजबूत स्थिति में होने के बावजूद मिली हार ने टीम को निराश जरूर किया, लेकिन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने आगे के टूर्नामेंट को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया।

    मैच के बाद हरमनप्रीत कौर ने कहा कि टीम जीत के बेहद करीब थी, लेकिन निर्णायक मौके पर एक विकेट नहीं ले पाने की वजह से मैच हाथ से निकल गया। उन्होंने माना कि शुरुआती ओवरों में तीन विकेट लेकर भारत ने अच्छी पकड़ बनाई थी, लेकिन इंग्लैंड की साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया।

    भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 180 रन बनाए थे। कप्तान हरमनप्रीत ने नाबाद 56 रन की अहम पारी खेली, जबकि यास्तिका भाटिया और दीप्ति शर्मा ने 32-32 रन का योगदान दिया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही और टीम ने 38 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे, जिससे भारत मजबूत स्थिति में था।

    लेकिन इसके बाद एलिस कैप्सी और हेदर नाइट के बीच 127 रनों की साझेदारी ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण पर दबाव बना दिया। कैप्सी ने 43 गेंदों में 82 रन की विस्फोटक पारी खेली, जबकि नाइट 70 रन बनाकर नाबाद रहीं। इंग्लैंड ने 18.3 ओवर में 4 विकेट पर लक्ष्य हासिल कर लिया।

    हार के बावजूद कप्तान ने कहा कि टीम में कई सकारात्मक पहलू हैं और यह सीरीज वर्ल्ड कप की तैयारी के लिहाज से उपयोगी रही है। उन्होंने बताया कि टीम संयोजन को लेकर काफी स्पष्टता है और आने वाले अभ्यास मैचों में कुछ नए खिलाड़ियों को आजमाया जाएगा।

    भारतीय टीम अब टी20 वर्ल्ड कप से पहले अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है, जहां टीम का लक्ष्य मजबूत वापसी करना रहेगा।