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  • बंगाल चुनाव रुझानों में बड़ा सियासी उलटफेर: भाजपा बहुमत की ओर, 192 सीटों पर बढ़त; वोट शेयर में 6% उछाल से बदला पूरा समीकरण

    बंगाल चुनाव रुझानों में बड़ा सियासी उलटफेर: भाजपा बहुमत की ओर, 192 सीटों पर बढ़त; वोट शेयर में 6% उछाल से बदला पूरा समीकरण


    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय बड़ा सियासी भूचाल देखने को मिल रहा है। 293 विधानसभा सीटों पर जारी मतगणना के शुरुआती रुझानों ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया है। एक सीट फालता पर 21 मई को पुनर्मतदान होना है, जबकि बाकी सीटों की गिनती जारी है।

    ताजा रुझानों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 192 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि सत्ताधारीअखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) 92 सीटों पर आगे चल रही है। शुरुआती आंकड़ों में भाजपा को लगभग 45% और टीएमसी को करीब 42% वोट शेयर मिलता दिख रहा है।

    रुझानों ने इस बार चुनावी तस्वीर को काफी बदल दिया है। पिछले चुनाव की तुलना में भाजपा के वोट प्रतिशत में लगभग 6% की बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसी बढ़त का सीधा असर सीटों पर भी पड़ा है, जहां भाजपा को लगभग 115 सीटों का फायदा मिलता दिख रहा है, जबकि टीएमसी को उतना ही नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

    हाई-प्रोफाइल सीटों पर कांटे की टक्कर
    राज्य की सबसे चर्चित सीट भवानीपुर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आगे चल रही हैं। यह सीट हमेशा से बंगाल की राजनीति का केंद्र मानी जाती रही है और इस बार भी यहां मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा।वहीं, नंदीग्राम से जुड़े प्रमुख नेता सुवेंदु अधिकारी पीछे बताए जा रहे हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    इसके अलावा झाड़ग्राम, बिनपुर, गोपीबल्लभपुर और नयाग्राम जैसी सीटों पर भाजपा मजबूत स्थिति में दिख रही है। इन इलाकों में पार्टी का प्रदर्शन खासा चर्चा का विषय बना हुआ है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी सभाओं और रैलियों का असर माना जा रहा है।

    जश्न का माहौल और कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया
    कई जगहों से भाजपा कार्यकर्ताओं के जश्न की तस्वीरें सामने आई हैं। नादिया और दुर्गापुर जैसे इलाकों में समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी जताई। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह परिणाम “बदलाव की शुरुआत” है और जनता ने इस बार बड़ा संदेश दिया है।कुछ कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि पहले जहां चुनावी माहौल तनावपूर्ण होता था, अब वहां जीत की खुशी दिखाई दे रही है।

    प्रशासनिक सफाई भी सामने आई
    इस बीच राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतगणना के दौरान कूड़े में मिलीं VVPAT पर्चियों पर सफाई दी है। उन्होंने बताया कि ये पर्चियां मॉक पोल की थीं और इनका वास्तविक मतदान से कोई संबंध नहीं है। साथ ही जांच की प्रक्रिया भी जारी है ताकि किसी तरह की गलतफहमी न रहे।

    एक और बड़ा अपडेट
    आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले से जुड़ी भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ भी अपने क्षेत्र में 2763 से अधिक वोटों से आगे चल रही हैं। यह नतीजा भी इस चुनावी रुझान को और ज्यादा सुर्खियों में ला रहा है।

    राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज
    भाजपा नेताओं का कहना है कि जनता का रुझान स्पष्ट है और वोट शेयर में बढ़ोतरी इसका प्रमाण है। वहीं टीएमसी खेमे में अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे बेहद अहम और निर्णायक रुझान मान रहे हैं।

    कुल मिलाकर, बंगाल चुनाव के शुरुआती रुझानों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव दिखाया है। हालांकि अंतिम नतीजों तक तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होना बाकी है, लेकिन फिलहाल मुकाबला बेहद रोचक और कांटे का बना हुआ है।

  • होर्मुज में बड़ा खेल? अमेरिका ने ईरानी जहाज छोड़कर पाकिस्तान को क्यों सौंपा, ट्रम्प के ‘रेस्क्यू मिशन’ से बढ़ा समुद्री तनाव

    होर्मुज में बड़ा खेल? अमेरिका ने ईरानी जहाज छोड़कर पाकिस्तान को क्यों सौंपा, ट्रम्प के ‘रेस्क्यू मिशन’ से बढ़ा समुद्री तनाव


    नई दिल्ली। मध्य पूर्व में तनाव के बीच एक बड़ा और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी सेना ने जब्त किए गए ईरानी जहाज ‘टूस्का’ को अब पाकिस्तान को सौंप दिया है। यह जहाज पहले चीन से लौटते समय अमेरिकी कार्रवाई में पकड़ा गया था।

    यह जानकारी अमेरिकी सेंट्रल कमांड United States Central Command (CENTCOM) के प्रवक्ता ने दी है। बताया जा रहा है कि जहाज को उसके क्रू के साथ आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत ईरान वापस भेजने की तैयारी की जा रही है।

    क्यों पकड़ा गया था जहाज?
    अमेरिकी अधिकारियों का दावा था कि यह जहाज ऐसे सामान लेकर जा रहा था जो हथियार निर्माण से जुड़े हो सकते हैं। इसी आधार पर 21 अप्रैल को इसे जब्त किया गया था। हालांकि ईरान ने इस कार्रवाई को “समुद्री डकैती” बताते हुए कड़ी आलोचना की थी।

    होर्मुज स्ट्रेट में नया अभियान
    इसी बीच अमेरिका ने Donald Trump के नेतृत्व में होर्मुज स्ट्रेट में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए एक नया रेस्क्यू अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। यह इलाका वैश्विक तेल व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है।

    ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि कई देशों के जहाज वहां फंस गए हैं और अमेरिका उन्हें सुरक्षित रास्ता देगा ताकि वे बिना खतरे के अपना संचालन जारी रख सकें।

    ईरान को चेतावनी
    अमेरिकी प्रशासन ने साफ किया है कि यह रेस्क्यू ऑपरेशन सोमवार सुबह से शुरू होगा। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि ईरान ने इस अभियान में कोई बाधा डाली तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

    बढ़ता तनाव
    जहाज को पाकिस्तान को सौंपे जाने और रेस्क्यू मिशन की घोषणा के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान संबंधों पर बड़ा असर डाल सकता है।

  • शराब पीकर पंजाब चला रहे भगवंत मान, इन्हें हटाएं; भाजपा की राज्यपाल से मांग

    शराब पीकर पंजाब चला रहे भगवंत मान, इन्हें हटाएं; भाजपा की राज्यपाल से मांग

    नई दिल्‍ली। भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पद से हटाए जाने की मांग की है। राज्यपाल से मुलाकात के दौरान भाजपा की पंजाब इकाई के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री मान शराब पीकर पंजाब चला रहे हैं।
    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के विधानसभा में क​थित तौर पर शराब पीकर आने पर सियासत अभी भी गर्म है। पंजाब भाजपा के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। भाजपा नेताओं ने राज्यपाल के सामने मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने राज्य का मुख्यमंत्री बदलने की मांग की। उन्होंने कहा कि शराबी आदमी को कोई कार नहीं चलाने देता, भगवंत मान पंजाब चला रहे हैं। यह ऐसा है जैसे किसी ने कलंक के ऊपर मुहर लगाई है। आप विधायकों द्वारा विधानसभा में विश्वासमत पर बाबा साहिब और संविधान की बेअदबी की जाखड़ ने कहा कि असली फ्लोर टेस्ट राज्यपाल के पास ही होगा, क्योंकि ‘आप’ के कई विधायक अपनी सरकार के खिलाफ जल्द ही राजभवन आएंगे।

    भाजपा ने मांग की कि पंजाब के मुख्यमंत्री को इलाज के लिए डी-एडिक्शन सेंटर भेज देना चाहिए। जाखड़ ने आरोप लगाया कि विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान का आचरण उन्हें पंजाब जैसे संवेदनशील सीमावर्ती राज्य का नेतृत्व करने के लिए अयोग्य बनाता है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि वे सत्ताधारी पार्टी के नेतृत्व से बात कर नया नेता चुनने के लिए कहें, क्योंकि भगवंत मान ने मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है।

    मीडिया से बातचीत करते हुए जाखड़ ने कहा कि पार्टी ने राज्यपाल से पंजाब के मुख्य सचिव को बुलाकर यह पता लगाने की मांग की है कि कहीं वे किसी दबाव में तो काम नहीं कर रहे। 1 मई को विधानसभा सत्र से पहले हुई कैबिनेट बैठक में दो मंत्रियों के अलावा मुख्य सचिव को भी कथित रूप से धमकाया और अपमानित किया गया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को बुलाकर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वे बिना किसी डर के, कानून के अनुसार काम कर सकें और उन्हें यह भरोसा दिलाया जाए कि नियमों के तहत काम करने पर संविधान और केंद्र सरकार उनकी सुरक्षा करेगी।

    जाखड़ ने कहा कि मजदूर दिवस के अवसर पर बुलाया गया विधानसभा सत्र केवल एक बहाना था और वास्तव में मुख्यमंत्री ने इसे अपनी कुर्सी बचाने के लिए बुलाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्र के बाद भ्रष्टाचार के मामले में जेल जा चुके विधायक रमन अरोड़ा को पुलिस सुरक्षा दी गई, जो यह दर्शाता है कि सरकार भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दे रही है और अपने विधायकों को भ्रष्टाचार करने की खुली छूट दे रही है। उन्होंने इसे एक खतरनाक प्रवृत्ति बताया और कहा कि मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी खोने के डर में फैसले ले रहे हैं, जो उनकी शपथ के विपरीत है।
    विधायकों पर एफआईआर का डर दिखाकर डरा रहे

    जाखड़ ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि केजरीवाल खुद शराब नीति मामले में जेल रहकर आए हैं, ऐसे में वह भगवंत भगवंत मान को कैसे बदलेंगे? उन्होंने आरोप लगाया कि संदीप पाठक के जरिए विधायकों पर एफआईआर का डर दिखाकर उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है ताकि वो पार्टी न छोड़ें। सांसद संदीप पाठक के खिलाफ दर्ज एफ.आई.आर. के सवाल पर जाखड़ ने कहा कि भाजपा ऐसी कार्रवाइयों से डरने वाली नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला सत्ताधारी पार्टी के भीतर लोगों को डराने और उन्हें पार्टी छोड़ने से रोकने के लिए दर्ज किया गया है।

  • ओंकारेश्वर में अनोखी पहल: आटे के दीपकों से दीपदान, नर्मदा संरक्षण के साथ महिलाओं को मिल रहा रोजगार

    ओंकारेश्वर में अनोखी पहल: आटे के दीपकों से दीपदान, नर्मदा संरक्षण के साथ महिलाओं को मिल रहा रोजगार


    नई दिल्ली।  मध्यप्रदेश के ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी के संरक्षण और स्वच्छता को लेकर एक अनूठी पहल शुरू की गई है। अब यहां नर्मदा महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा प्लास्टिक या थर्माकोल के दीपों के बजाय आटे से बने पर्यावरण अनुकूल दीपकों से दीपदान किया जा रहा है। यह कदम नदी में प्रदूषण को रोकने और नर्मदा को स्वच्छ बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

     हर शाम होती है भव्य नर्मदा महाआरती, बढ़ रही श्रद्धालुओं की भागीदारी
    ओंकारेश्वर में हर शाम मां नर्मदा के तट पर भव्य महाआरती का आयोजन किया जा रहा है, जो अब हरिद्वार और ऋषिकेश की गंगा आरती की तर्ज पर प्रसिद्ध हो रहा है।
    देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु इस आध्यात्मिक आयोजन में शामिल होकर आस्था व्यक्त करते हैं और आटे के दीपकों से दीपदान करते हैं।

    आटे के दीपक बने पर्यावरण संरक्षण का माध्यम
    प्रशासन के अनुसार, आटे से बने दीपकों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि दीपक जलने के बाद उनका अवशेष पानी में घुल जाता है। इससे नदी में कोई प्रदूषण नहीं होता।
    इसके अलावा यह आटा जलीय जीवों के लिए भोजन का भी काम करता है, जिससे नर्मदा के पारिस्थितिकी तंत्र को भी लाभ मिलता है।

    महिलाओं को मिल रहा रोजगार, आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
    इस पहल का सामाजिक प्रभाव भी बेहद सकारात्मक है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्थानीय स्व-सहायता समूहों की महिलाएं इन आटे के दीपकों का निर्माण कर रही हैं। इससे न केवल उन्हें रोजगार मिल रहा है, बल्कि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी बन रही हैं।

    पर्यावरण और आस्था का संगम बना ओंकारेश्वर का प्रयास
    खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता के अनुसार, यह पहल धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं में स्वच्छता और प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

    अन्य धार्मिक स्थलों के लिए बन सकता है मॉडल
    प्रशासन का मानना है कि ओंकारेश्वर में शुरू हुई यह पहल अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है, जहां बड़े पैमाने पर नदी प्रदूषण की समस्या देखी जाती है।

  • इंदौर जैन मंदिर में बड़ी चोरी: 10 लाख से अधिक की चांदी व अष्टधातु की मूर्तियां गायब, CCTV में कैद हुए चोर

    इंदौर जैन मंदिर में बड़ी चोरी: 10 लाख से अधिक की चांदी व अष्टधातु की मूर्तियां गायब, CCTV में कैद हुए चोर


    नई दिल्ली। इंदौर के सुपर कॉरिडोर क्षेत्र स्थित ग्रेटर बाबा जैन मंदिर में सोमवार तड़के बड़ी चोरी की घटना सामने आई। अज्ञात चोर रात करीब 2:18 बजे मंदिर परिसर में दाखिल हुए और लगभग 42 मिनट तक अंदर रहे। इसके बाद वे 3 बजे के आसपास वहां से फरार हो गए। चोरों ने मंदिर की रेकी पहले से की थी, जिससे उन्हें वारदात को अंजाम देने में आसानी हुई।

     चांदी और अष्टधातु की मूर्तियां सहित धार्मिक सामग्री चोरी
    चोर मंदिर से भारी मात्रा में धार्मिक सामान लेकर फरार हुए। चोरी गए सामान में शामिल हैं-

    5 चांदी की मूर्तियां
    1 मिश्र धातु की मूर्ति
    1 शिला
    2 शांति धारा पात्र
    28 कलश
    पूरे सामान की कीमत 10 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।

    चौकीदार को नहीं लगी भनक, सुबह खुला मामला
    मंदिर के चौकीदार राकेश त्रिवेदी ने बताया कि रोज की तरह रात 10:30 बजे मंदिर बंद किया गया था। सुबह 5 बजे जब मंदिर खोला गया, तब गर्भगृह से मूर्तियां गायब मिलीं।
    उन्होंने बताया कि रात में किसी तरह की हलचल का पता नहीं चला और न ही उन्हें चोरी की कोई भनक लगी।

     CCTV में कैद हुई पूरी वारदात, पुलिस जांच में जुटी
    एरोड्रम थाना पुलिस के अनुसार, चोर बाइक से मंदिर परिसर पहुंचे थे। इनमें से एक आरोपी ने दीवार फांदकर अंदर प्रवेश किया और चोरी की घटना को अंजाम दिया।
    पूरी वारदात मंदिर में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान और तलाश में जुट गई है।

    फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, समाज में आक्रोश
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र किए। जैन समाज के लोगों ने घटना पर नाराजगी जताई और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की। स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि हाल के दिनों में जैन मंदिरों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जिससे चिंता बढ़ रही है।

    पुलिस का दावा: जल्द होगी गिरफ्तारी
    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि CCTV फुटेज के आधार पर जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • राष्ट्रपति के पास जा रहे राघव चड्ढा समेत 3 सांसद, 5 मई को होगी मुलाकात; निशाने पर पंजाब सरकार

    राष्ट्रपति के पास जा रहे राघव चड्ढा समेत 3 सांसद, 5 मई को होगी मुलाकात; निशाने पर पंजाब सरकार


    नई दिल्‍ली। आम आदमी पार्टी (AAP) से हाल ही में नाता तोड़ने वाले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अब अपनी पुरानी पार्टी और पंजाब सरकार के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। सांसद चड्ढा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय मांगा था, जिसे राष्ट्रपति भवन द्वारा मंजूर कर लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, यह अहम मुलाकात 5 मई को सुबह 10:40 बजे होगी। इस दौरान राघव चड्ढा के साथ तीन अन्य सांसद भी मौजूद रहेंगे, जिन्होंने हाल ही में AAP का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है।
    क्या है मुलाकात का मुख्य एजेंडा?

    समाचार एजेंसी के हवाले से लिखा है कि इस प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रपति को पंजाब की भगवंत मान सरकार की कथित ‘बदले की राजनीति’ से अवगत कराना है। राघव चड्ढा और अन्य बागी सांसदों का आरोप है कि पंजाब सरकार अपनी शक्तियों और सरकारी मशीनरी का घोर दुरुपयोग कर रही है। उनका दावा है कि जिन नेताओं ने हाल ही में AAP से इस्तीफा देकर BJP के साथ विलय किया है, पंजाब सरकार अब उन्हें जानबूझकर ‘टार्गेट’ कर रही है और उन पर अनुचित कार्रवाई कर रही है। इस मुलाकात में ये सांसद राष्ट्रपति से पंजाब सरकार की इन कथित दमनकारी नीतियों और राजनीतिक प्रतिशोध के खिलाफ हस्तक्षेप करने की मांग करेंगे।
    आप छोड़ भाजपा में गए राघव चड्ढा

    यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पंजाब में राजनीतिक घमासान चरम पर है। 24 अप्रैल 2026 को राघव चड्ढा समेत सात AAP राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़कर भाजपा में विलय का ऐलान किया था। इनमें छह पंजाब से चुने गए सांसद शामिल हैं। AAP ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए इन सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है, जबकि चड्ढा गुट ने पंजाब सरकार पर दमनकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।

    AAP छोड़ने वालों में राघव चड्ढा के अलावा, संदीप पाठक, अशोक कुमार मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी तथा स्वाति मालीवाल शामिल हैं। चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि AAP मूल सिद्धांतों से भटक गई है। दो-तिहाई बहुमत होने के कारण इन सांसदों का भाजपा में विलय राज्‍यसभा सभापति ने स्वीकार भी कर लिया है।
    संदीप पाठक के खिलाफ मुकदमा

    बता दें कि आम आदमी पार्टी छोड़कर हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब पुलिस ने प्राथमिकियां दर्ज की हैं। सूत्रों ने बताया कि पाठक के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

    हालांकि, प्राथमिकी के बारे में अब तक कोई अन्य जानकारी सामने नहीं आई है। पाठक उन सात राज्यसभा सदस्यों में शामिल हैं, जिन्होंने ‘आप’ छोड़कर भाजपा का दामन थामा है।

    पंजाब पुलिस की एक टीम दिल्ली गई लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही पाठक एक एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल) में सवार होकर अपने घर से निकल चुके थे। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में पाठक अपने घर से निकलते हुए दिख रहे हैं और कुछ संवाददाता उनसे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया के बारे में संपर्क करने की कोशिश रहे हैं।

    दिल्ली स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के पूर्व प्रोफेसर पाठक को आम आदमी पार्टी (आप) की चुनाव एवं प्रचार रणनीति तैयार करने और पार्टी संगठन को मजबूत करने का श्रेय दिया जाता है। कभी ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के करीबी माने जाने वाले पाठक ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

    यह घटनाक्रम 30 अप्रैल को पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा ट्राइडेंट लिमिटेड के परिसर पर की गई छापेमारी के तुरंत बाद सामने आया है। राज्यसभा सदस्य राजेंद्र गुप्ता इस कंपनी के मानद चेयरमैन हैं। गुप्ता उन सात सांसदों में से एक हैं जिन्होंने पिछले महीने ‘आप’ छोड़ दी थी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए थे। इससे पहले पंजाब पुलिस ने सांसद और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस ले ली थी।
  • एक ही मां, एक ही जन्म… फिर भी अलग-अलग पिता! DNA टेस्ट ने खोला अनोखा राज

    एक ही मां, एक ही जन्म… फिर भी अलग-अलग पिता! DNA टेस्ट ने खोला अनोखा राज

    नई दिल्ली। यूनाइटेड किंगडम से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने मेडिकल साइंस को भी हैरान कर दिया। 49 वर्षीय जुड़वा बहनों ने जब अपना डीएनए टेस्ट कराया, तो खुलासा हुआ कि एक ही मां की कोख से जन्म लेने के बावजूद उनके बायोलॉजिकल पिता अलग-अलग हैं।

    यह दुर्लभ घटना विज्ञान में हेटरोपैटरनल सुपरफेकंडेशन (Heteropaternal Superfecundation) कहलाती है, जिसमें एक महिला के दो अंडों का निषेचन अलग-अलग पुरुषों के शुक्राणुओं से होता है।

    कैसे सामने आई सच्चाई?
    मिशेल और लवीनिया ऑस्बॉर्न नाम की इन बहनों को लंबे समय से अपने पिता की पहचान को लेकर संदेह था। मिशेल को शक था कि जिन जेम्स को वह अपना पिता मानती हैं, उनसे उनकी शक्ल नहीं मिलती। इसी संदेह को दूर करने के लिए उन्होंने घर पर डीएनए टेस्ट कराया।

    रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया—जेम्स उनके बायोलॉजिकल पिता नहीं हैं। इसके बाद लवीनिया ने भी टेस्ट कराया, जिससे पता चला कि दोनों बहनों के पिता अलग-अलग व्यक्ति हैं।

    49 साल तक छुपा रहा सच
    दोनों बहनों की मां ने यह राज जीवनभर छुपाए रखा। साल 2022 में जब डीएनए रिपोर्ट सामने आई, उसी दौरान उनकी मां का निधन हो गया। बाद में BBC Radio 4 के कार्यक्रम “The Gift” में बहनों ने अपनी कहानी साझा की।

    मिशेल के असली पिता एलेक्स निकले, जबकि लवीनिया के पिता आर्थर हैं। दोनों बहनों ने अपने-अपने जैविक पिताओं को खोज लिया है और उनसे मुलाकात भी कर चुकी हैं।

    ‘हम किसी चमत्कार से कम नहीं’
    इस अनोखे खुलासे के बाद भी बहनों के रिश्ते में कोई बदलाव नहीं आया। उनका कहना है कि भले ही उनके पिता अलग हों, लेकिन उनके बीच का प्यार और जुड़ाव पहले जैसा ही मजबूत है।

    यह मामला न सिर्फ इंसानी रिश्तों की जटिलता को दिखाता है, बल्कि विज्ञान के उन दुर्लभ पहलुओं को भी सामने लाता है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।

  • Delhi AC Blast Alert: कब एयर कंडीशनर बन सकता है ‘मौत का बम’? जानें कारण और बचाव के उपाय

    Delhi AC Blast Alert: कब एयर कंडीशनर बन सकता है ‘मौत का बम’? जानें कारण और बचाव के उपाय

    नई दिल्ली। दिल्ली के विवेक विहार में इमारत में लगी भीषण आग की घटना ने राजधानी को झकझोर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस कठिन समय में प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है।

    घटना के बाद स्थानीय प्रशासन, डीडीएमए, दिल्ली फायर सर्विस और दिल्ली पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गईं। अधिकारियों के अनुसार स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधि भी प्रभावित लोगों की मदद में सक्रिय हैं।

    कब और क्यों फट सकता है एसी?
    विशेषज्ञों के अनुसार एयर कंडीशनर में ब्लास्ट की सबसे बड़ी वजह कंप्रेसर के अंदर अत्यधिक प्रेशर बनना होता है। जब सिस्टम सही तरीके से काम नहीं करता—जैसे ओवरहीटिंग, एयरफ्लो बाधित होना या तकनीकी खराबी—तो यूनिट के भीतर दबाव खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। यदि यह दबाव समय पर रिलीज न हो, तो विस्फोट का खतरा बढ़ जाता है।

    एसी ब्लास्ट से बचाव के 11 जरूरी उपाय
    – हर 6 से 12 महीने में एसी की सर्विस जरूर कराएं।
    – एक ही पावर लाइन में कई भारी उपकरण न चलाएं।
    – आउटडोर यूनिट के आसपास हवा का अच्छा प्रवाह सुनिश्चित करें।
    – जलने की गंध, स्पार्क या अजीब आवाज आने पर तुरंत बंद करें।
    – लंबे समय तक घर से बाहर रहने पर मेन स्विच या एमसीबी बंद रखें।
    – एसी को लगातार 8–10 घंटे से ज्यादा न चलाएं।
    – तापमान 24–26 डिग्री सेल्सियस पर रखना सुरक्षित माना जाता है।
    – आउटडोर यूनिट को ढके हुए या बंद स्थान में न रखें।
    – कमजोर एक्सटेंशन बोर्ड या ढीली वायरिंग से एसी न चलाएं।
    – गैस लीकेज को नजरअंदाज न करें, यह ब्लास्ट का बड़ा कारण हो सकता है।
    – नियमित सर्विसिंग न कराने से धूल जमकर कंप्रेसर पर दबाव बढ़ाती है।

    तकनीकी सावधानी बेहद जरूरी
    विशेषज्ञों का कहना है कि एसी को समय-समय पर प्रोफेशनल तकनीशियन से जांच कराना जरूरी है। साथ ही हर 4–5 घंटे के उपयोग के बाद 15–20 मिनट का ब्रेक देना कंप्रेसर के लिए सुरक्षित माना जाता है। वोल्टेज स्टेबलाइजर का उपयोग भी जरूरी है ताकि बिजली के उतार-चढ़ाव से नुकसान न हो। अगर एसी से लगातार जलने की गंध, असामान्य आवाज या बार-बार ट्रिपिंग जैसी समस्या दिखे तो तुरंत उसे बंद कर तकनीकी जांच करानी चाहिए।

  • सोने-चांदी को लेकर एक्सपर्ट्स ने दी बड़ी चेतावनी! बताई अगले हफ्ते की चाल

    सोने-चांदी को लेकर एक्सपर्ट्स ने दी बड़ी चेतावनी! बताई अगले हफ्ते की चाल


    नई दिल्‍ली। आने वाले हफ्ते में सोना और चांदी की कीमतें सीमित दायरे में रह सकती हैं, क्योंकि बाजार की दिशा कई बड़े फैक्टर्स पर निर्भर करेगी। खासकर US-Iran तनाव, वैश्विक आर्थिक डेटा (जैसे PMI, US जॉब डेटा) और रुपये की चाल कीमतों को प्रभावित करेंगे।

    अगले हफ्ते सोना और चांदी की कीमतों में बड़ी तेजी या गिरावट की बजाय सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक, ग्लोबल लेवल पर चल रहे US-ईरान कॉन्फ्लिक्ट और उससे जुड़े घटनाक्रम की दिशा ही बाजार का मूड तय करेगी।

    निवेशक इस समय काफी सतर्क हैं और किसी भी बड़े फैसले से पहले वैश्विक संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। खासतौर पर सप्ताह की शुरुआत में अलग-अलग देशों के PMI डेटा और अंत में आने वाले अमेरिकी रोजगार आंकड़े, जैसे नॉन-फार्म पेरोल, सोने-चांदी की कीमतों पर सीधा असर डाल सकते हैं। ये आंकड़े यह तय करने में मदद करते हैं कि केंद्रीय बैंक आगे क्या रुख अपनाएंगे, जिससे बुलियन की मांग प्रभावित होती है।
    पिछले हफ्ते की बात करें तो मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (Multi Commodity Exchange-MCX) पर सोना लगभग 1% गिरकर 1.51 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जबकि चांदी ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 2.50 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचकर मजबूती दिखाई। हालांकि, सोने में गिरावट रही, लेकिन इसमें निचले स्तर से रिकवरी भी देखने को मिली, जिसकी एक बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में मुनाफावसूली रही, जिससे महंगाई का दबाव थोड़ा कम हुआ और सोने को सहारा मिला।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी दोनों पर दबाव देखने को मिला। इसकी वजह यह रही कि निवेशक धीरे-धीरे इक्विटी जैसे जोखिम वाले एसेट्स की ओर झुक रहे हैं। साथ ही ऊंचे कच्चे तेल के दामों के चलते महंगाई को लेकर केंद्रीय बैंकों की सख्ती का डर बना हुआ है, जो बुलियन की चमक को थोड़ा फीका कर रहा है।

    ETF निवेशकों ने भी पिछले हफ्ते बिकवाली की, जिससे कीमतों पर असर पड़ा।

    घरेलू स्तर पर एक और अहम फैक्टर रुपये की चाल है। अगर रुपया मजबूत होता है, तो भले ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना स्थिर रहे, भारत में इसकी कीमतों पर दबाव आ सकता है। वहीं, कमजोर रुपया कीमतों को सहारा दे सकता है। इसके अलावा आने वाले राज्य चुनावों के नतीजे भी बाजार में हलचल पैदा कर सकते हैं, जिससे सोना-चांदी प्रभावित हो सकते हैं।

    अगले हफ्ते निवेशकों को बड़े ट्रेंड की बजाय सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए। बाजार फिलहाल पूरी तरह डेटा, वैश्विक तनाव और करेंसी मूवमेंट पर निर्भर रहेगा, ऐसे में जल्दबाजी में बड़े निवेश से बचना ही समझदारी होगी।

  • उमरिया में मौसम का बड़ा बदलाव: बारिश-ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट, आम की फसल को नुकसान

    उमरिया में मौसम का बड़ा बदलाव: बारिश-ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट, आम की फसल को नुकसान


    नई दिल्ली। उमरिया जिले में पिछले दो दिनों से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। गुरुवार और शुक्रवार को जिले के कई इलाकों में हल्की से तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया।
    मौसम में इस बदलाव के चलते भीषण गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ गई है।

    तापमान में करीब 5 डिग्री की गिरावट, गर्मी से मिली राहत
    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इन दो दिनों में कुल 7.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इससे पहले 25 से 28 अप्रैल के बीच अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ था।

    बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और 1 मई को अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 20.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे जिले में गर्मी से कुछ राहत महसूस की जा रही है।

     ओलावृष्टि का असर, आम की फसल को नुकसान की आशंका
    इस मौसमी बदलाव का सबसे ज्यादा असर कृषि पर पड़ा है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. धनंजय सिंह के अनुसार, बारिश और ओलावृष्टि के कारण आम की फसल को नुकसान पहुंचा है।

    कई इलाकों में बागवानी फसलों पर ओलों की मार देखी गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में नुकसान का आकलन किया जाएगा।

     मौसम सामान्य होने के बाद फिर लौटी दिनचर्या
    मौसम खुलने के बाद जिले में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। सुबह के समय लोग सब्जी और अन्य जरूरतों के लिए मंडियों में पहुंचने लगे हैं।
    फिलहाल उमरिया में धूप और छांव का मिश्रित दौर जारी है, जिससे मौसम सुहावना बना हुआ है।

     आगे भी मौसम में उतार-चढ़ाव की संभावना
    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।