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  • भीषण गर्मी में बढ़ा प्रेग्नेंसी रिस्क, समय से पहले डिलीवरी और लो बर्थ वेट का खतरा तेज..

    भीषण गर्मी में बढ़ा प्रेग्नेंसी रिस्क, समय से पहले डिलीवरी और लो बर्थ वेट का खतरा तेज..

    नई दिल्ली।
    भीषण गर्मी का असर अब सिर्फ सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका गंभीर प्रभाव गर्भवती महिलाओं और उनके अजन्मे बच्चों पर भी देखने को मिल रहा है। देश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है, जिससे गर्म हवाएं और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है।

    चिकित्सकों के अनुसार, इस तरह की अत्यधिक गर्मी शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालती है, जिससे गर्भवती महिलाओं में कई प्रकार की जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। शरीर में पानी की कमी और गर्मी से होने वाला तनाव कई बार समय से पहले प्रसव का कारण बन सकता है। यह स्थिति मां और बच्चे दोनों के लिए जोखिम भरी मानी जाती है।

    गर्मी का असर केवल प्रसव प्रक्रिया तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि यह गर्भ में पल रहे शिशु के विकास को भी प्रभावित करता है। जब शरीर में पर्याप्त पोषण और रक्त प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता, तो बच्चे का वजन जन्म के समय सामान्य से कम हो सकता है। यह स्थिति आगे चलकर नवजात के स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है।

    इसके अलावा, लंबे समय तक तेज धूप और गर्म वातावरण में रहने से गर्भवती महिलाओं में रक्तचाप बढ़ने का खतरा भी रहता है। यह स्थिति शरीर में कमजोरी, थकान और अन्य जटिलताओं को जन्म दे सकती है, जो प्रेग्नेंसी के दौरान अधिक खतरनाक साबित हो सकती हैं।

    विशेषज्ञ इस समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। गर्भवती महिलाओं को दिन के सबसे गर्म समय में बाहर निकलने से बचना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर शरीर को हाइड्रेट रखना चाहिए। हल्का और संतुलित आहार तथा ठंडे वातावरण में आराम इस दौरान बेहद जरूरी माना जा रहा है।

  • 13 मई से चमक सकती है इन 5 राशियों की किस्मत, बुध कृत्तिका नक्षत्र में करेंगे प्रवेश

    13 मई से चमक सकती है इन 5 राशियों की किस्मत, बुध कृत्तिका नक्षत्र में करेंगे प्रवेश

    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, संवाद और व्यापार का प्रमुख कारक माना गया है। जब बुध अपनी चाल बदलते हैं या किसी नए नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका असर व्यक्ति की सोच, निर्णय क्षमता और करियर पर साफ दिखाई देता है। मई 2026 में बुध का प्रवेश कृत्तिका नक्षत्र में होने जा रहा है, जिसका स्वामी सूर्य है। इस परिवर्तन के प्रभाव से आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और स्पष्ट सोच में बढ़ोतरी हो सकती है। यह समय नए अवसर, आर्थिक लाभ और सामाजिक प्रतिष्ठा में सुधार लेकर आ सकता है।

    द्रिक पंचांग के अनुसार, बुध का यह नक्षत्र परिवर्तन 13 मई 2026 को होगा। इसका असर सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकता है।

    वृषभ राशि
    वृषभ राशि के जातकों के लिए यह बदलाव सकारात्मक परिणाम दे सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं और रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। व्यापार में नए अवसर सामने आएंगे और पुराने कार्यों से भी लाभ होगा। नौकरीपेशा लोगों को उनके काम के लिए सराहना मिल सकती है। आपकी बातों का प्रभाव बढ़ेगा, जिससे सम्मान में वृद्धि होगी। परिवार में भी सुख-शांति बनी रहेगी।

    मिथुन राशि
    मिथुन राशि वालों के लिए यह समय नई संभावनाओं से भरा रहेगा। अचानक धन लाभ के योग बन सकते हैं। आपकी कम्युनिकेशन स्किल मजबूत होगी, जिससे नए संपर्क बनेंगे। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है। समाज में आपकी पहचान बेहतर होगी और परिवार का सहयोग भी मिलेगा।

    सिंह राशि
    सिंह राशि के लिए यह गोचर करियर में उन्नति के संकेत देता है। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में सफलता दिलाएंगी। आय के नए स्रोत खुल सकते हैं और निवेश से भी लाभ होगा। आपकी लीडरशिप क्वालिटी मजबूत होगी और समाज में सम्मान बढ़ेगा। रुके हुए कार्य पूरे होने लगेंगे।

    कन्या राशि
    कन्या राशि के जातकों के लिए यह समय बेहद शुभ माना जा रहा है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आय के नए स्रोत बनेंगे। मेहनत का पूरा फल मिलेगा और कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। आपकी वाणी में प्रभाव बढ़ेगा, जिससे रिश्तों में सुधार आएगा। पढ़ाई और मानसिक कार्यों में सफलता के योग हैं।

    मकर राशि
    मकर राशि के लिए यह गोचर स्थिर लेकिन सकारात्मक प्रगति लेकर आएगा। करियर में मेहनत रंग लाएगी और अधिकारियों से सराहना मिल सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और रुके हुए कार्य पूरे होंगे। निवेश से लाभ के संकेत हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा और समाज में पहचान मजबूत होगी।

  • एमपी में आज 34 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 6 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी

    एमपी में आज 34 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 6 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी

    भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले चार दिनों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। तेज गर्मी की जगह अब आंधी, बारिश और कई इलाकों में ओलावृष्टि देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के अनुसार, यह स्थिति अगले चार दिनों यानी 7 मई तक बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए प्रदेश के 34 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि 6 जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और रीवा में आज ओले गिरने की आशंका है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना और दमोह में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी दी गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार, आंधी की रफ्तार 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश में ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जिसके चलते यह बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी कारण कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, आमतौर पर मई में भीषण गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार महीने की शुरुआत ही बदले हुए मौसम के साथ हुई है। फिलहाल अगले कुछ दिनों तक इसी तरह के हालात बने रहने की संभावना है।

  • 2 महीने की साजिश, नकली लाश का डर: IAS एकेडमी डायरेक्टर किडनैप केस का चौंकाने वाला खुलासा

    2 महीने की साजिश, नकली लाश का डर: IAS एकेडमी डायरेक्टर किडनैप केस का चौंकाने वाला खुलासा


    नई दिल्ली। भोपाल में IAS कोचिंग डायरेक्टर के अपहरण और फिरौती मामले ने सनसनी फैला दी है। दिल्ली की प्रतिष्ठित कोचिंग से जुड़ी डायरेक्टर को 29 अप्रैल को 9 बदमाशों ने किडनैप कर लिया और करीब 4 घंटे तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान पिस्टल के दम पर उनसे करीब 1 करोड़ 87 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए।

    इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड प्रियंक शर्मा निकला, जो खुद यूपीएससी की तैयारी कर चुका था। तीन बार असफल रहने के बाद उसने भोपाल में कोचिंग शुरू की, लेकिन कोविड के दौरान उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा। इसी नुकसान की भरपाई के लिए उसने खौफनाक प्लान तैयार किया।

     2 महीने तक रची गई साजिश

    प्रियंक ने करीब दो महीने तक अपहरण की पूरी स्क्रिप्ट तैयार की। उसने अपने भरोसेमंद साथियों को अलग-अलग भूमिकाएं दीं और बाकायदा रिहर्सल करवाई। यहां तक कि एक आरोपी दीपक को “मरा हुआ दिखने” की एक्टिंग भी सिखाई गई, ताकि पीड़ित को मानसिक रूप से डराया जा सके।

    नकली लाश से बनाया खौफ

    जब डायरेक्टर को फ्लैट में बंधक बनाया गया, तब एक आरोपी पहले से “मृत” होने का नाटक कर रहा था। उसे बॉक्स में डालते हुए बाकी आरोपी आपस में बात करते रहे कि जिसने उनकी बात नहीं मानी, उसका यही हाल हुआ। इस ड्रामे का मकसद साफ था बिना ज्यादा हिंसा के पीड़ित को इतना डरा देना कि वह तुरंत पैसे ट्रांसफर कर दे।

    डर के माहौल में डायरेक्टर ने तीन किस्तों में बड़ी रकम आरोपियों के खातों में भेज दी।

    भोपाल बुलाकर दिया वारदात को अंजाम

    मास्टरमाइंड ने पहले ही प्लान के तहत डायरेक्टर को भोपाल बुलाया। उनके ठहरने की व्यवस्था एक होटल में की गई और फिर बहाने से उन्हें बागसेवनिया स्थित फ्लैट पर ले जाया गया। फ्लैट को घटना से दो दिन पहले ही किराए पर लिया गया था, जिससे किसी को शक न हो।

     ICU से गिरफ्तारी

    वारदात के बाद प्रियंक विदेश भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस की सख्ती से बच नहीं सका। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह अस्पताल के ICU में भर्ती हो गया। लेकिन पुलिस ने वहां से भी उसे गिरफ्तार कर लिया।

    अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 3 अभी फरार हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और पैसे की रिकवरी की कोशिश कर रही है।

    यह मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित मानसिक दबाव और धोखे का उदाहरण है। आर्थिक नुकसान और असफलता से उपजी हताशा किस तरह अपराध में बदल सकती है, यह इस केस से साफ झलकता है।

  • सोमवार शिव पूजा विधि: आसान तरीका, सही नियम और जरूरी सावधानियां

    सोमवार शिव पूजा विधि: आसान तरीका, सही नियम और जरूरी सावधानियां


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस दिन व्रत, जलाभिषेक और सच्चे मन से पूजा करने से शिवजी जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। साथ ही माता पार्वती का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है, जिससे दांपत्य जीवन, संतान सुख और आर्थिक स्थिति में सुधार आता है।

    सोमवार का महत्व
    सोमवार को ‘सोम’ यानी चंद्रमा का दिन कहा जाता है, और चंद्रमा भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान हैं। इसलिए यह दिन मानसिक शांति, संयम और आध्यात्मिक उन्नति के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन पूजा करने से-

    मन शांत रहता है
    विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं
    परिवार में सुख-शांति बढ़ती है
    आर्थिक परेशानियां कम होती हैं

    पूजा की सरल विधि

    सोमवार को शिव पूजा करने के लिए आप यह आसान विधि अपना सकते हैं-
    सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ (सफेद या पीले) वस्त्र पहनें
    घर में शिवलिंग स्थापित करें या मंदिर जाएं
    गंगाजल या साफ जल से शिवलिंग का अभिषेक करें
    इसके बाद पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से स्नान कराएं
    फिर पुनः स्वच्छ जल से अभिषेक करें
    बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, भांग, चावल और सफेद फूल अर्पित करें
    फल, मिठाई, मिश्री या गुड़ का भोग लगाएं
    घी का दीपक जलाएं
    रुद्राक्ष माला से “ॐ नमः शिवाय” या महामृत्युंजय मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें
    अंत में आरती करें और प्रसाद बांटें

     पूजा का सही सम

    ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4 से 7 बजे (सबसे पवित्र समय)
    प्रदोष काल: सूर्यास्त से पहले और बाद का समय (लगभग शाम 5:30–7:30 बजे)
    प्रदोष काल में पूजा करने से विशेष फल मिलता है क्योंकि इस समय शिवजी भक्तों की पुकार शीघ्र सुनते हैं।

     क्या बिल्कुल नहीं करें

    पूजा के दौरान कुछ गलतियों से बचना बेहद जरूरी है-

    तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस, शराब) का सेवन न करें
    क्रोध, झूठ और निंदा से दूर रहें
    काले कपड़े पहनने से बचें
    टूटा बेलपत्र या सूखे फूल न चढ़ाएं
    लोहे के बर्तन से अभिषेक न करें
    आलस्य और दिन में सोने से बचें
    ब्रह्मचर्य का पालन करें
    पूजा में जल्दबाजी न करें

    अगर आप श्रद्धा और नियम के साथ सोमवार को भगवान शिव की पूजा करते हैं, तो जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं। नियमित व्रत और पूजा से सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग खुलता है।

  • सोमवार व्रत कथा: भोलेनाथ की कृपा से पूरी होती हैं हर मनोकामनाएं

    सोमवार व्रत कथा: भोलेनाथ की कृपा से पूरी होती हैं हर मनोकामनाएं


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस दिन व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा करने और सोमवार व्रत कथा सुनने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि सच्चे मन से किए गए इस व्रत से भोलेनाथ जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी इच्छाएं पूरी करते हैं।

    सोमवार व्रत कथा

    प्राचीन समय में एक नगर में एक साहूकार रहता था। उसके पास धन-धान्य की कोई कमी नहीं थी, लेकिन संतान न होने के कारण वह बेहद दुखी रहता था। संतान प्राप्ति की इच्छा से वह हर सोमवार व्रत रखता और माता पार्वती के साथ शिवजी की पूजा करता था।

    उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर माता पार्वती ने भगवान शिव से उसकी मनोकामना पूर्ण करने का आग्रह किया। पहले तो शिवजी ने कर्म और भाग्य का तर्क दिया, लेकिन माता पार्वती के आग्रह पर उन्होंने साहूकार को पुत्र-प्राप्ति का वरदान दिया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह पुत्र केवल 12 वर्ष तक ही जीवित रहेगा।

    समय बीता और साहूकार के घर पुत्र का जन्म हुआ। जब वह 11 वर्ष का हुआ तो उसे शिक्षा के लिए काशी भेजा गया। रास्ते में एक नगर में राजकुमारी का विवाह हो रहा था। परिस्थितियों के कारण साहूकार के पुत्र का विवाह राजकुमारी से करा दिया गया, लेकिन वह आगे पढ़ाई के लिए काशी चला गया।

    काशी में जब वह बालक 12 वर्ष का हुआ, तभी उसकी मृत्यु हो गई। उसके मामा का रो-रोकर बुरा हाल था। तभी वहां से भगवान शिव और माता पार्वती गुजरे। माता पार्वती ने करुणा वश शिवजी से उस बालक को जीवित करने का आग्रह किया। अंततः शिवजी ने प्रसन्न होकर उसे पुनः जीवनदान दे दिया।

    बालक शिक्षा पूरी कर जब वापस लौटा, तो उसका परिवार उसे जीवित देखकर अत्यंत प्रसन्न हुआ। उसी रात भगवान शिव ने साहूकार को स्वप्न में दर्शन देकर कहा कि उसके सोमवार व्रत और कथा के प्रभाव से ही उसके पुत्र को लंबी आयु प्राप्त हुई है।

    व्रत का महत्व

    सोमवार व्रत और कथा का पाठ करने से-

    जीवन के कष्ट दूर होते हैं
    संतान सुख की प्राप्ति होती है
    वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है
    मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं

    सच्चे मन, श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया सोमवार व्रत व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाता है। भगवान शिव अपने भक्तों पर हमेशा कृपा बनाए रखते हैं और उनकी हर इच्छा पूर्ण करते हैं।

  • आज का राशिफल 4 मई 2026: किस राशि को मिलेगा लाभ, किसे बरतनी होगी सावधानी?

    आज का राशिफल 4 मई 2026: किस राशि को मिलेगा लाभ, किसे बरतनी होगी सावधानी?


    नई दिल्ली।  4 मई 2026, सोमवार का दिन ग्रह-नक्षत्रों की जटिल स्थिति के कारण मिला-जुला प्रभाव लेकर आया है। सूर्य और बुध मेष राशि में विराजमान हैं, जबकि चंद्रमा वृश्चिक राशि में अनुराधा नक्षत्र में स्थित है। मंगल और शनि का प्रभाव कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां बना सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत हाल-
    मेष राशि
    आज का दिन थोड़ा कठिन रह सकता है। चोट या किसी परेशानी के संकेत हैं। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। हालांकि व्यापार के लिहाज से समय अनुकूल है। लाल वस्तु पास रखना लाभकारी रहेगा।
     वृषभ राशि
    जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। व्यापार और स्वास्थ्य दोनों ही पक्षों में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। लाल वस्तु का दान शुभ रहेगा।
     मिथुन राशि
    शत्रुओं पर आपका दबदबा रहेगा और बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। स्वास्थ्य थोड़ा कमजोर रह सकता है। व्यापार अच्छा रहेगा। काली जी की पूजा करना लाभकारी रहेगा।
     कर्क राशि
    भावनाओं में बहकर निर्णय लेने से बचें। महत्वपूर्ण फैसलों को फिलहाल टालना बेहतर होगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा और व्यापार में स्थिरता बनी रहेगी।
     सिंह राशि
    घर-परिवार में तनाव या विवाद के संकेत हैं। शांत और संयमित रहकर स्थितियों को संभालें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा और व्यापार में लाभ संभव है। पीली वस्तु पास रखें।
     कन्या राशि
    आपका पराक्रम और मेहनत सफलता दिलाएंगे। आज का दिन करियर और व्यापार के लिए शुभ है। प्रेम और पारिवारिक जीवन भी अच्छा रहेगा।
     तुला राशि
    धन आगमन के योग हैं, लेकिन निवेश से बचना चाहिए। वाणी पर नियंत्रण रखें, वरना रिश्तों में खटास आ सकती है। स्वास्थ्य और व्यापार सामान्य रहेंगे।
     वृश्चिक राशि
    ऊर्जा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य में सुधार होगा। हालांकि प्रेम जीवन थोड़ा प्रभावित रह सकता है, लेकिन व्यापार में लाभ मिलेगा।
     धनु राशि
    मन थोड़ा अशांत रह सकता है। खर्चों में वृद्धि और कर्ज की स्थिति बन सकती है। सोच-समझकर निर्णय लें। व्यापार सामान्य रहेगा।
     मकर राशि
    आय के नए स्रोत बनेंगे और शुभ समाचार मिल सकता है। यात्रा के योग हैं। करियर और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
    कुंभ राशि
    व्यवसाय में सफलता मिलेगी और कानूनी मामलों में जीत के संकेत हैं। स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन संतुलित रहेगा।
    मीन राशि
    भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और यात्रा के योग बनेंगे। व्यापार और प्रेम जीवन अच्छा रहेगा।
    आज का दिन कुछ राशियों के लिए प्रगति और सफलता का संकेत दे रहा है, जबकि कुछ को संयम और सतर्कता बरतने की जरूरत है। सही निर्णय और सकारात्मक सोच से आप दिन को बेहतर बना सकते हैं
  • ठंडई: गर्मी में ठंडक, स्वाद और सेहत का परफेक्ट संगम

    ठंडई: गर्मी में ठंडक, स्वाद और सेहत का परफेक्ट संगम


    नई दिल्ली। देशभर में बढ़ती गर्मी के बीच शरीर को ठंडा और तरोताजा रखने के लिए पारंपरिक पेय ठंडई एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभर रहा है। जहां एक ओर बाजार में मिलने वाले कोल्ड ड्रिंक्स तुरंत राहत का दावा करते हैं, वहीं दूसरी ओर घर में बनी ठंडई स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी ख्याल रखती है। यही वजह है कि विशेषज्ञ भी गर्मियों में प्राकृतिक पेय पदार्थों को प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं।

    गर्मी के दिनों में शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ-साथ एनर्जी बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। ठंडई इस जरूरत को पूरी तरह पूरा करती है। इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री जैसे बादाम, सौंफ, खसखस, गुलाब की पंखुड़ियां और केसर न केवल स्वाद बढ़ाते हैं बल्कि शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी देते हैं। यह पेय पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, शरीर की गर्मी को शांत करता है और थकान को दूर करने में मदद करता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में मिलने वाले पैकेज्ड ड्रिंक्स में अक्सर अधिक मात्रा में चीनी और कृत्रिम तत्व होते हैं, जो लंबे समय में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं। इसके विपरीत, घर की बनी ठंडई पूरी तरह प्राकृतिक होती है और इसमें किसी प्रकार का केमिकल या आर्टिफिशियल रंग नहीं होता। यही कारण है कि यह न केवल प्यास बुझाती है बल्कि शरीर को भीतर से पोषण भी देती है।

    ठंडई के नियमित सेवन से कई फायदे मिलते हैं। यह शरीर को तुरंत ठंडक पहुंचाती है, मानसिक तनाव को कम करती है और मूड को बेहतर बनाती है। साथ ही, इसमें मौजूद सूखे मेवे और मसाले इम्युनिटी बढ़ाने में भी मददगार होते हैं। त्वचा को निखारने और शरीर को हाइड्रेट रखने में भी यह पेय काफी प्रभावी माना जाता है।

    अगर बनाने की बात करें, तो ठंडई तैयार करना बेहद आसान है। इसके लिए सौंफ, खसखस, काली मिर्च, इलायची, तरबूज-खरबूज और कद्दू के बीज (मगज), बादाम, काजू, पिस्ता, केसर और गुलाब की पंखुड़ियों को साफ करके कुछ घंटों या रातभर पानी में भिगो दिया जाता है। इसके बाद इन सभी को पीसकर एक स्मूद पेस्ट तैयार किया जाता है। इस पेस्ट को ठंडे दूध में मिलाकर स्वादानुसार चीनी या गुड़ डाला जाता है। ऊपर से केसर, गुलाब की पंखुड़ियां और ड्राई फ्रूट्स डालकर इसे ठंडा-ठंडा परोसा जाता है।

    इस गर्मी, अगर आप खुद को तरोताजा और ऊर्जावान रखना चाहते हैं, तो बाजार के पेय छोड़कर घर की बनी ठंडई को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। यह न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है, बल्कि सेहत के लिए भी एक संपूर्ण पैकेज है।

  • बड़ा झटका: साइवर-ब्रंट वनडे सीरीज से बाहर, डीन के हाथों में इंग्लैंड की कमान

    बड़ा झटका: साइवर-ब्रंट वनडे सीरीज से बाहर, डीन के हाथों में इंग्लैंड की कमान


    नई दिल्ली।  इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम को विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम की नियमित कप्तान नैट साइवर-ब्रंट बाईं पिंडली में खिंचाव के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज से बाहर हो गई हैं। यह फैसला एहतियातन लिया गया है ताकि वह बड़े टूर्नामेंट से पहले पूरी तरह फिट हो सकें।

    इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने बयान जारी कर बताया कि साइवर-ब्रंट को यह चोट 29 अप्रैल को वारविकशायर के खिलाफ ‘द ब्लेज’ के लिए खेलते समय लगी थी। शुरुआती तौर पर चोट मामूली लगी, लेकिन बाद में असहजता बढ़ने पर स्कैन कराया गया, जिससे स्थिति स्पष्ट हुई। मेडिकल टीम की सलाह पर उन्हें आराम दिया गया है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    साइवर-ब्रंट की अनुपस्थिति में उप-कप्तान चार्ली डीन टीम की कप्तानी संभालेंगी। ऑफ-स्पिन ऑलराउंडर डीन के पास नेतृत्व का अच्छा अनुभव है और यह सीरीज उनके लिए खुद को साबित करने का बड़ा मौका मानी जा रही है। वहीं, बल्लेबाजी को मजबूती देने के लिए मैया बाउचियर को टीम में शामिल किया गया है।

    इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत 10 मई से होगी। पहला मुकाबला चेस्टर-ली-स्ट्रीट में खेला जाएगा, इसके बाद 13 मई को नॉर्थम्प्टन और 16 मई को कार्डिफ में अगले मैच होंगे। इस सीरीज के बाद दोनों टीमों के बीच 20 से 25 मई के बीच टी20 मुकाबले भी खेले जाएंगे, जो वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम होंगे।

    ईसीबी के अनुसार, साइवर-ब्रंट ने चोट लगने के बावजूद घरेलू मैच में हिस्सा लिया था, लेकिन मैच के बाद उन्हें परेशानी महसूस हुई। इसके बाद उन्होंने किसी भी शारीरिक गतिविधि से दूरी बना ली, खासकर ब्रिटिश सेना के साथ आयोजित लीडरशिप प्रोग्राम के दौरान। डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है।

    अब सबकी नजर इस बात पर है कि साइवर-ब्रंट कब तक फिट होकर मैदान पर वापसी कर पाती हैं। खासतौर पर न्यूजीलैंड और भारत के खिलाफ होने वाली आगामी टी20 सीरीज में उनकी उपलब्धता पर फैसला उनकी रिकवरी पर निर्भर करेगा।

    इंग्लैंड टीम मैनेजमेंट किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है, क्योंकि जून-जुलाई में होने वाला वर्ल्ड कप टीम के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है। ऐसे में साइवर-ब्रंट को पूरी तरह फिट रखना टीम की रणनीति का अहम हिस्सा बन गया है।

  • सुदर्शन-सुंदर का कमाल: टाइटंस ने किंग्स को हराकर दर्ज की रोमांचक जीत

    सुदर्शन-सुंदर का कमाल: टाइटंस ने किंग्स को हराकर दर्ज की रोमांचक जीत


    नई दिल्ली। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के 46वें मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने दमदार प्रदर्शन करते हुए पंजाब किंग्स को 4 विकेट से मात दी। इस जीत के साथ टाइटंस ने 10 मैचों में अपनी छठी जीत दर्ज कर अंक तालिका में पांचवें स्थान पर खुद को मजबूती से बनाए रखा, जबकि पंजाब किंग्स लगातार दूसरी हार के बावजूद शीर्ष स्थान पर कायम है।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पंजाब किंग्स की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। पहले ही ओवर में टीम ने प्रियांश आर्य और कूपर कोनोली के विकेट गंवा दिए, जिससे दबाव शुरुआती क्षणों में ही बढ़ गया। कप्तान श्रेयस अय्यर ने प्रभसिमरन सिंह के साथ मिलकर पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन यह साझेदारी ज्यादा देर टिक नहीं सकी। जल्द ही विकेटों का पतन जारी रहा और टीम 47 रन तक आधी सिमट गई।

    ऐसे मुश्किल समय में मार्कस स्टोइनिस और युवा बल्लेबाज सूर्यांश शेडगे ने मोर्चा संभाला। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 79 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई, जिसने टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। सूर्यांश ने आक्रामक अंदाज में 57 रन बनाए, जबकि स्टोइनिस ने 40 रनों का योगदान दिया। अंत में मार्को यानसेन ने 20 रन जोड़कर टीम का स्कोर 163 तक पहुंचाया।

    गुजरात की ओर से जेसन होल्डर ने घातक गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके, जबकि मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा ने 2-2 विकेट लेकर पंजाब को बड़ा स्कोर बनाने से रोका।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस को शुरुआत में ही झटका लगा जब कप्तान शुभमन गिल सस्ते में आउट हो गए। इसके बाद साईं सुदर्शन ने जोस बटलर के साथ मिलकर पारी को स्थिरता दी। बटलर के आउट होने के बाद सुदर्शन ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेते हुए शानदार बल्लेबाजी जारी रखी।

    सुदर्शन ने निशांत सिंधु और फिर वॉशिंगटन सुंदर के साथ अहम साझेदारियां निभाईं। उन्होंने 57 रनों की संयमित और प्रभावशाली पारी खेलकर टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। अंत में सुंदर ने 40 रनों की नाबाद पारी खेलते हुए गुजरात को 19.5 ओवरों में जीत दिला दी।

    पंजाब की ओर से अर्शदीप सिंह और विजयकुमार वैशाक ने 2-2 विकेट लिए, लेकिन वे टीम को हार से नहीं बचा सके।

    यह मुकाबला पूरी तरह संतुलित रहा, लेकिन अंत में गुजरात के बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का सही मिश्रण दिखाते हुए मैच अपने नाम कर लिया। सुदर्शन और सुंदर की पारियां इस जीत की सबसे बड़ी वजह साबित हुईं, जिसने टाइटंस के अभियान को नई मजबूती दी।