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  • US ट्रंप का इल्हान उमर पर तीखा हमला: “सोमालिया से आकर हमें सिखाती हैं अमेरिका कैसे चले”, निजी जीवन पर भी उठाए सवाल

    US ट्रंप का इल्हान उमर पर तीखा हमला: “सोमालिया से आकर हमें सिखाती हैं अमेरिका कैसे चले”, निजी जीवन पर भी उठाए सवाल


    नई दिल्ली। अमेरिका की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाजी देखने को मिली है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेटिक सांसद इल्हान उमर पर जोरदार हमला बोलते हुए उन्हें “पाखंडी” बताया और उनके बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई।अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेटिक सांसद इल्हान उमर पर तीखा हमला बोलते हुए उनके बयानों और पृष्ठभूमि को लेकर विवादित टिप्पणी की है। ट्रंप के बयान के बाद अमेरिका की सियासत में नई बहस शुरू हो गई है।

    ट्रंप का विवादित बयान
    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक रैली/बयान में इल्हान उमर को निशाना बनाते हुए कहा, वह सोमालिया से आकर हमें बताती हैं कि अमेरिका कैसे चलाया जाए।ट्रंप ने आगे कहा कि इल्हान उमर अमेरिकी संविधान का हवाला देकर अधिकारों की मांग करती हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने उनके रवैये पर सवाल उठाते हुए तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया।

    निजी जीवन पर भी टिप्पणी
    ट्रंप ने अपने बयान में इल्हान उमर के निजी जीवन को लेकर भी टिप्पणी की और उनके परिवार को लेकर विवादित दावे किए। उन्होंने यह भी कहा कि, वह खुद को कानून और अधिकारों की बात करने वाली बताती हैं, लेकिन उनका व्यवहार विरोधाभासी है।इन बयानों के बाद राजनीतिक गलियारों में नया विवाद खड़ा हो गया है।

    🇺🇸 इल्हान उमर का जवाब
    दूसरी ओर, डेमोक्रेटिक सांसद इल्हान उमर ने ट्रंप के इन आरोपों और टिप्पणियों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी केवल राजनीतिक माहौल को खराब करने के लिए की जा रही है।इल्हान उमर ने ट्रंप की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनके बयान तथ्यों पर आधारित नहीं होते।

    अमेरिका की राजनीति में बढ़ता टकराव
    यह विवाद अमेरिका की पहले से ही विभाजित राजनीतिक स्थिति को और अधिक गर्म कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि, चुनावी माहौल में इस तरह के बयान तेज हो सकते हैं। इमिग्रेशन और पहचान की राजनीति फिर केंद्र में आ सकती हैडेमोक्रेटिक रिपब्लिकन पार्टी के बीच तनाव और बढ़ेगा।

    इमिग्रेशन और पहचान की बहस फिर तेज
    इल्हान उमर, जो सोमालिया में जन्मी थीं और बाद में अमेरिका आईं, अक्सर इमिग्रेशन और मानवाधिकार मुद्दों पर मुखर रहती हैं। ऐसे में ट्रंप का यह बयान एक बार फिर अमेरिका में “इमिग्रेंट बनाम नेशनल पॉलिटिक्स” की बहस को हवा दे रहा है।डोनाल्ड ट्रंप और इल्हान उमर के बीच यह ताजा विवाद केवल व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप नहीं है, बल्कि यह अमेरिका की गहरी राजनीतिक और सामाजिक खाई को भी उजागर करता है।

  • अमेरिकी AI लैब्स पर चीन की नजर? Anthropic ने ट्रंप सरकार से की शिकायत, डेटा चोरी के आरोपों से मचा हड़कंप

    अमेरिकी AI लैब्स पर चीन की नजर? Anthropic ने ट्रंप सरकार से की शिकायत, डेटा चोरी के आरोपों से मचा हड़कंप


    नई दिल्ली। अमेरिका और चीन के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी एआई स्टार्टअप Anthropic ने आरोप लगाया है कि कुछ चीनी कंपनियां उसकी AI तकनीक और डेटा का गलत तरीके से उपयोग कर रही हैं। इस मामले ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है।

    डीपसीक और अन्य कंपनियों पर गंभीर आरोप
    Anthropic का आरोप है कि चीनी कंपनियां जैसे:
    DeepSeek
    Moonshot AI
    MiniMax
    उसके AI चैटबॉट Claude से अवैध रूप से डेटा निकालने (data extraction) और उसे अपने मॉडल को ट्रेन करने में इस्तेमाल कर रही हैं।
    कंपनी का दावा है कि यह प्रक्रिया “डिस्टिलेशन” तकनीक के जरिए की जा रही है, जिससे AI मॉडल के अंदर की जानकारी चुपचाप कॉपी की जा सकती है।

    ट्रंप सरकार से की गई शिकायत
    Anthropic ने इस मामले को गंभीर बताते हुए अमेरिका की ट्रंप सरकार से आधिकारिक शिकायत की है और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
    कंपनी का कहना है कि यदि इस तरह की गतिविधियां नहीं रोकी गईं, तो यह अमेरिका की AI तकनीक और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं।

    अमेरिकी विदेश विभाग का बड़ा कदम
    इस पूरे मामले के बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने भी सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने वैश्विक स्तर पर एक मुहिम शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
    शुक्रवार को दुनिया भर में अमेरिकी राजनयिक और कांसुलर मिशनों को एक केबल भेजा गया, जिसमें कहा गया कि:
    विदेशी सरकारों के साथ AI डेटा चोरी का मुद्दा उठाया जाए
    अमेरिकी AI मॉडल से जानकारी निकालने की कोशिशों पर चिंता जताई जाए
    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस पर सहयोग बढ़ाया जाए

    AI तकनीक को लेकर बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धा
    यह मामला सिर्फ एक तकनीकी विवाद नहीं, बल्कि AI नेतृत्व की वैश्विक होड़ का हिस्सा माना जा रहा है। अमेरिका और चीन दोनों ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में वर्चस्व स्थापित करने की दौड़ में हैं।विशेषज्ञों के अनुसार, AI मॉडल से डेटा निकालना और उसे दूसरे मॉडल को ट्रेन करने में इस्तेमाल करना अब एक बड़ा साइबर और टेक्नोलॉजी सुरक्षा मुद्दा बन चुका है।

    क्या है ‘डिस्टिलेशन’ तकनीक?
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस प्रक्रिया पर आरोप लगे हैं उसे “मॉडल डिस्टिलेशन” कहा जाता है।
    इसमें बड़े AI मॉडल से आउटपुट लिया जाता है
    फिर उसे छोटे या नए मॉडल को ट्रेन करने में इस्तेमाल किया जाता है
    इससे बिना मूल डेटा के भी AI को “कॉपी जैसा ज्ञान” मिल सकता है

    बढ़ता तनाव और आगे की राह
    इस विवाद ने अमेरिका-चीन टेक संबंधों में नई दरार पैदा कर दी है। अब यह देखना अहम होगा कि़, क्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई नियम बनते हैंया AI को लेकर यह प्रतिस्पर्धा और तेज होती है आरोपों और अमेरिकी सरकार की प्रतिक्रिया के बाद AI डेटा सुरक्षा और तकनीकी गोपनीयता का मुद्दा एक बार फिर वैश्विक चर्चा के केंद्र में आ गया है। यह मामला आने वाले समय में AI नीति और अंतरराष्ट्रीय टेक नियमों को भी प्रभावित कर सकता है।

  • ट्रम्प की ईरान को सख्त चेतावनी: गलती की तो फिर सैन्य कार्रवाई, 14-पॉइंट प्रस्ताव पर संशय बरकरार

    ट्रम्प की ईरान को सख्त चेतावनी: गलती की तो फिर सैन्य कार्रवाई, 14-पॉइंट प्रस्ताव पर संशय बरकरार



    नई दिल्ली। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को एक बार फिर कड़ी चेतावनी दी है। फ्लोरिडा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान किसी तरह की “गलती” करता है तो उस पर दोबारा सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।ट्रम्प ने कहा कि मौजूदा स्थिति में अमेरिका मजबूत स्थिति में है, जबकि ईरान दबाव में दिख रहा है और बातचीत की ओर झुकाव बढ़ा है।

    पाकिस्तान की मध्यस्थता और 14-पॉइंट प्रस्ताव
    ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि पाकिस्तान की मध्यस्थता के जरिए ईरान की ओर से एक 14-पॉइंट प्रस्ताव अमेरिका को मिला है।उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव का विस्तृत ड्राफ्ट अभी समीक्षा में है, लेकिन शुरुआती संकेतों के आधार पर उन्हें नहीं लगता कि यह स्वीकार्य होगा।ट्रम्प के मुताबिक,ईरान ने पिछले कई दशकों में जो रवैया अपनाया है, उसकी अभी तक पूरी कीमत नहीं चुकाई गई है।

    क्या है ईरान का प्रस्ताव?
    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान का यह 14-पॉइंट प्रस्ताव अमेरिका के 9-पॉइंट प्लान के जवाब में तैयार किया गया है। इसमें कई प्रमुख शर्तें शामिल हैं
    30 दिनों के भीतर सभी विवादों का समाधान
    भविष्य में हमले न होने की गारंटी
    ईरान से अमेरिकी सैन्य बलों की वापसी
    फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों की रिहाई
    ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाना
    युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा
    होर्मुज स्ट्रेट के लिए नया मैकेनिज्म
    समुद्री नाकेबंदी खत्म करने की मांग
    परमाणु कार्यक्रम पर अलग से बातचीत

    मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ा
    ईरान और अमेरिका के बीच तनाव केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी हालात भी तेजी से बदल रहे हैं।
    ईरान ने अमेरिका के साथ फिर से युद्ध की आशंका जताई है और अपनी सेना को तैयार बताया है
    अमेरिका का दावा है कि पिछले कुछ हफ्तों में कई जहाजों ने ईरानी जलक्षेत्र से दूरी बनाई है
    ईरान होर्मुज स्ट्रेट को लेकर नया कानून लाने की तैयारी में है
    क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा को लेकर तनाव बढ़ा है

    तेल और वैश्विक बाजार पर असर
    तेल उत्पादक देशों के संगठन OPEC+ की बैठक में उत्पादन बढ़ाने पर चर्चा हो रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्पादन में प्रतिदिन लगभग 1.88 लाख बैरल की बढ़ोतरी संभव है।वहीं UAE के OPEC से अलग होने के फैसले ने वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है।

    समुद्री रास्तों और सुरक्षा पर दबाव
    अमेरिका ने मिडिल ईस्ट देशों को 8.6 अरब डॉलर के हथियार सौदों को मंजूरी दी है
    इजराइल, कुवैत, कतर और UAE को एडवांस डिफेंस सिस्टम मिलेंगे
    ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में विदेशी जहाजों पर नियंत्रण बढ़ाने का संकेत दिया है
    एक ईरानी टैंकर के अमेरिकी नाकेबंदी को चकमा देने का दावा भी सामने आया है

    बढ़ता तनाव और अनिश्चित भविष्य
    ईरान और अमेरिका के बीच चल रही इस खींचतान में कूटनीति और टकराव दोनों समानांतर चलते दिखाई दे रहे हैं। जहां एक ओर बातचीत के प्रस्ताव सामने आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सैन्य तैयारियां और सख्त बयानबाजी भी तेज हो गई है।डोनाल्ड ट्रम्प की चेतावनी और ईरान के प्रस्ताव ने वैश्विक राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह मामला बातचीत की ओर बढ़ता है या टकराव और गहराता है।
    ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि गलती होने पर सैन्य कार्रवाई हो सकती है और 14-पॉइंट प्रस्ताव पर भी उन्होंने संदेह जताया है।मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कूटनीतिक और सैन्य दोनों स्तर पर स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है

  • गोवा ट्रैवल गाइड: शानदार बीच, ऐतिहासिक चर्च और रंगीन नाइटलाइफ का परफेक्ट प्लान

    गोवा ट्रैवल गाइड: शानदार बीच, ऐतिहासिक चर्च और रंगीन नाइटलाइफ का परफेक्ट प्लान


    नई दिल्ली। अगर आप छुट्टियों में किसी ऐसी जगह की तलाश कर रहे हैं जहां प्राकृतिक सुंदरता, एडवेंचर, इतिहास और मस्ती सब कुछ एक साथ मिले, तो गोवा आपके लिए बेस्ट डेस्टिनेशन है। अरब सागर के किनारे बसा यह छोटा सा राज्य हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है।

    गोवा के बीचेज इसकी सबसे बड़ी पहचान हैं। उत्तर गोवा में स्थित Baga Beach और Calangute Beach अपनी वॉटर स्पोर्ट्स एक्टिविटीज और बीच पार्टीज़ के लिए मशहूर हैं। यहां पैरासेलिंग, जेट स्कीइंग और बनाना राइड जैसे एडवेंचर टूरिस्ट्स को रोमांच से भर देते हैं। वहीं, शांत वातावरण चाहने वालों के लिए अंजुना और वागाटोर बीच बेहतरीन विकल्प हैं।

    इतिहास और संस्कृति की बात करें तो गोवा में कई शानदार चर्च और किले मौजूद हैं। Basilica of Bom Jesus यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट है, जहां सेंट फ्रांसिस जेवियर के अवशेष रखे गए हैं। यह जगह न सिर्फ धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि इसकी वास्तुकला भी पर्यटकों को आकर्षित करती है। इसके अलावा Fort Aguada अरब सागर के किनारे स्थित एक ऐतिहासिक किला है, जहां से समुद्र का नजारा बेहद मनमोहक दिखाई देता है। गोवा की राजधानी Panaji भी घूमने लायक जगहों में से एक है।

    यहां की रंग-बिरंगी गलियां, पुर्तगाली वास्तुकला और नदी किनारे का शांत वातावरण पर्यटकों को एक अलग अनुभव देता है।

    अगर आप नाइटलाइफ के शौकीन हैं, तो गोवा आपके लिए जन्नत से कम नहीं है। बीच शैक, क्लब्स और ओपन एयर पार्टियों में रातभर मस्ती का माहौल रहता है। संगीत, डांस और समुद्री हवा का संगम गोवा की नाइटलाइफ को खास बनाता है।

    गोवा ट्रिप का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप 4 से 5 दिन का प्लान बनाएं। पहले दो दिन बीच और वाटर स्पोर्ट्स के लिए रखें, एक दिन चर्च और किले घूमने के लिए, और बाकी समय नाइटलाइफ और लोकल मार्केट्स एक्सप्लोर करने के लिए रखें। यहां की लोकल फूड, खासकर सी-फूड और गोअन फिश करी, ट्रिप को और यादगार बना देती है।

    गोवा सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि एक अनुभव है जहां हर मोड़ पर आपको नई ऊर्जा, आज़ादी और खुशी का एहसास होता है।

  • MP: आधी रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 62 IPS अधिकारियों का तबादला, 19 जिलों के एसपी बदले

    MP: आधी रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 62 IPS अधिकारियों का तबादला, 19 जिलों के एसपी बदले


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में शनिवार देर रात बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए राज्य सरकार ने 62 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। गृह विभाग द्वारा जारी इस जंबो आदेश में एडीजी, डीआईजी, एसपी और डीसीपी स्तर तक व्यापक फेरबदल किया गया है। यह लंबे समय से लंबित सूची मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और डीजीपी कैलाश मकवाणा के बीच चर्चा के बाद जारी हुई।

    सिंगरौली में हाल ही में हुए बैंक डकैती कांड के बाद एसपी मनीष खत्री को हटा दिया गया है। उन्हें एआईजी पीएचक्यू बनाया गया है। सिवनी जिले में सामने आए हवाला कांड के चलते एसपी सुनील मेहता को भी हटा दिया गया है। उन्हें डीसीपी इंदौर बनाया गया है। एडीजी प्रशिक्षण राजा बाबू सिंह को एडीजी रेल बनाया गया है। छह जिलों के पुलिस अधीक्षकों को दोबारा कप्तानी मिली है। जिन पुलिस अधीक्षकों को बदल गया है, उन में कुछ ऐसे भी हैं जिनमें तीन वर्ष पूरे हो गए थे। साथ ही 13 पुलिस अधीक्षक डीआईजी के पद पर पदोन्नति होने के कारण उनकी जगह नई पदस्थापना की गई है।


    किसे कहां से कहां भेजा

    रवि कुमार गुप्ता स्पेशल डीजी रेल से स्पेशल डीजी प्रशिक्षण ,राजा बाबू सिंह एडीजी प्रशिक्षण से एडीजी रेल , डीपी गुप्ता एडीजी शिकायत से एडीजी सामुदायिक पुलिसिंग, सोलोमन यश कुमार मिंज एडीजी पुलिस मुख्यालय से एडीजी शिकायत लेखा एवं कल्याण, अमित सिंह अतिरिक्त पुलिस आयुक्त इंदौर से डीआईजी बिस्वाल इंदौर, अवधेश गोस्वामी अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भोपाल से डीआइजी पुलिस मुख्यालय ,अमित सांघी डीआइजी ग्वालियर रेंज से डीआइजी होमगार्ड , बीरेंद्र कुमार सिंह ,डीआईजी चयन से डीआइजी नर्मदापुरम, प्रशांत खरे डीआइजी नर्मदापुरम से-डीआइजी पुलिस मुख्यालय

    मनीष अग्रवाल डीआईजी होमगार्ड से डीआईजी पुलिस मुख्यालय ,मनोज कुमार राय -एसपी खंडवा से डीआईजी पुलिस मुख्यालय, रियाज इकबाल एसएसपी रेडियो से डीआईजी पुलिस मुख्यालय, राहुल कुमार लोढ़ा एसपी रेल भोपाल से डीआइजी पुलिस मुख्यालय, सिमाला प्रसाद एसपी रेल जबलपुर से डीआईजी पुलिस मुख्यालय, असित यादव पुलिस अधीक्षक भिंड से डीआईजी ग्वालियर, विवेक सिंह पुलिस उपायुक्त भोपाल से डीआईजी शहडोल,

    शैलेंद्र सिंह चौहान पुलिस अधीक्षक रीवा से अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भोपाल, कुमार प्रतीक पुलिस उपायुक्त इंदौर से डीआईजी नारकोटिक्स इंदौर, शिवदयाल एसपी झाबुआ से डीआईजी पुलिस मुख्यालय, मयंक अवस्थी एसपी धार से अतिरिक्त पुलिस आयुक्त इंदौर,

    अरविंद तिवारी सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय से सेनानी 34वीं वाहिनी विशसबल , सूरज कुमार वर्मा पुलिस अधीक्षक दतिया से पुलिस अधीक्षक भिंड, यांगचीन भूरिया पुलिस अधीक्षक देहात इंदौर से पुलिस अधीक्षक शिवपुरी, गुरुकरण सिंह सेनानी 24वी वाहिनी से पुलिस अधीक्षक रीवा, दीपक कुमार शुक्ला पुलिस अधीक्षक सीहोर से सेनानी 32 में वाहिनी,

    अमन सिंह राठौड़ पुलिस अधीक्षक शिवपुरी से पुलिस उपायुक्त इंदौर, अनुराग सुजानिया सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय से पुलिस अधीक्षक सागर, सचिन शर्मा संयुक्त आवासीय आयुक्त मध्य प्रदेश भवन नई दिल्ली से पुलिस अधीक्षक धार, वाहिनी सिंह पुलिस अधीक्षक डिंडोरी से पुलिस अधीक्षक पीटीसी इंदौर,

    विकास कुमार सहवाल पुलिस अधीक्षक सागर से पुलिस उपायुक्त भोपाल, धर्मराज मीणा सेनानी 32वीं वाहिनी से पुलिस अधीक्षक मुरैना, समीर सौरभ पुलिस अधीक्षक मुरैना से एसएसपी रेडियो भोपाल, रजत सकलेचा पुलिस अधीक्षक मंडला से पुलिस अधीक्षक छतरपुर, आगम जैन पुलिस अधीक्षक छतरपुर से पुलिस अधीक्षक खंडवा, मनीष खत्री पुलिस अधीक्षक सिंगरौली से सहायक पुलिस महानिदेशक पुलिस मुख्यालय भोपाल,

    सुनील कुमार मेहता पुलिस अधीक्षक सिवनी से पुलिस उपयुक्त इंदौर, देवेंद्र कुमार पाटीदार पुलिस अधीक्षक बुरहानपुर से पुलिस अधीक्षक झाबुआ, रामशरण प्रजापति पुलिस अधीक्षक देहात भोपाल से सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय, सुंदर सिंह कनेस पुलिस अधीक्षक पांढुर्णा से पुलिस अधीक्षक रेल जबलपुर, राजेश व्यास पुलिस उपायुक्त इंदौर से पुलिस अधीक्षक नीमच,

    विनोद कुमार सिंह पुलिस अधीक्षक आगर मालवा से सेनानी 24वी वाहिनी, पंकज कुमार पांडेय सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय से पुलिस से अधीक्षक देहात भोपाल, प्रकाश चंद्र परिहार पुलिस उपायुक्त इंदौर से पुलिस अधीक्षक पांढुरना, दिलीप कुमार सोनी पुलिस अधीक्षक मऊगंज से पुलिस से अधिक आगर मालवा, राजेंद्र कुमार वर्मा पुलिस अधीक्षक पीटीसी इंदौर से पुलिस अधीक्षक देहात इंदौर, विक्रांत मुराब सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय से पुलिस से अधीक्षक अनूपपुर,

    सुरेंद्र कुमार जैन पुलिस अधीक्षक पीटीएस रीवा से पुलिस से अधीक्षक मऊगंज, आशीष खरे जोनल पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा जबलपुर से पुलिस अधीक्षक डिंडोरी, अंकित जायसवाल पुलिस अधीक्षक नीमच से पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल, राजेश रघुवंशी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खंडवा से पुलिस अधीक्षक मंडला, मोतिउर रहमान पुलिस अधीक्षक अनूपपुर से सेनानी 9वी वाहिनी रीवा, श्रुति कीर्ति सोमवंशी पुलिस अधीक्षक जिला दमोह से सेनानी 13वीं वाहिनी ग्वालियर, मयूर खंडेलवाल पुलिस उपायुक्त भोपाल से पुलिस अधीक्षक दतिया, सोनाक्षी सक्सेना पुलिस उपायुक्त भोपाल से पुलिस अधीक्षक सीहोर,

    सियाज के एम सेनानी हाकफोर्स बालाघाट से पुलिस अधीक्षक सिंगरौली, आनंद कलगी पुलिस उपायुक्त इंदौर से पुलिस अधीक्षक दमोह, कृष्ण लालचंदानी पुलिस उपायुक्त इंदौर से पुलिस अधीक्षक सिवनी, आयुष गुप्ता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जबलपुर से पुलिस उपायुक्त जोन 3 भोपाल, आदर्श कांत शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जबलपुर से पुलिस उपायुक्त जोन 4 भोपाल, नरेंद्र रावत, राज्यपाल के परिसहाय से पुलिस उपायुक्त जोन एक इंदौर, अभिषेक रंजन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उज्जैन से पुलिस उपायुक्त जोन 3 इंदौर और राहुल देशमुख सीएसपी कोतवाली उज्जैन से राज्यपाल के परिसहाय।

  • कुवैत ने अप्रैल माह में नहीं किया तेल का निर्यात…. 35 साल में पहली बार हुआ ऐसा

    कुवैत ने अप्रैल माह में नहीं किया तेल का निर्यात…. 35 साल में पहली बार हुआ ऐसा


    दुबई।
    एक रिपोर्ट में दावा (Report Claim) किया गया है कि अप्रैल माह (April) में कुवैत (Kuwait) ने तेल (Crude oil) का निर्यात नहीं (Not Export ) किया है। तीन दशकों में पहली बार ऐसा हुआ है, जब कुवैत ने किसी माह में तेल निर्यात नहीं किया। इससे पहले खाड़ी युद्ध के समय ऐसा हुआ था। टैंकर ट्रैकर वेबसाइट ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है।

    दुनिया के बड़े तेल प्रोड्यूसर में से एक कुवैत ने 35 बरस में पहली बार ऐसा फैसला लिया है, जिससे पूरी दुनिया हैरान हर रह गई है. इस फैसले से दुनिया में कच्चे तेल की कीमतों में और इजाफा देखने को मिल सकता है। TankerTrackers वेबसाइट के अनुसार, कुवैत ने अप्रैल के दौरान कच्चे तेल का निर्यात नहीं किया. यह तीन दशकों से भी ज़्यादा समय में पहली बार है जब इस खाड़ी उत्पादक देश ने शून्य मासिक कच्चे तेल के निर्यात का रिकॉर्ड बनाया है. X पर एक पोस्ट में, इस मॉनिटरिंग ग्रुप ने कहा कि ब्रेकिंग: अप्रैल 2026 के दौरान, कुवैत ने खाड़ी युद्ध I की समाप्ति के बाद पहली बार शून्य बैरल कच्चे तेल का निर्यात किया।


    1991 के बाद पहली बार

    अगर इस बात की पुष्टि हो जाती है, तो यह 1991 के खाड़ी युद्ध की समाप्ति के बाद कुवैत का पहला ऐसा महीना होगा जिसमें उसने कच्चे तेल का निर्यात नहीं किया है. TankerTrackers ने कहा कि जहां एक ओर कुवैत तेल का उत्पादन जारी रखे हुए है, वहीं दूसरी ओर कच्चे तेल का निर्यात पूरी तरह से रुक गया है. फर्म ने आगे कहा कि यह रुकावट क्षेत्रीय शिपिंग रूट्स को प्रभावित करने वाली स्थितियों से जुड़ी हुई प्रतीत होती है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट में मौजूद बाधाएं भी शामिल हैं. यह देश OPEC का एक प्रमुख उत्पादक बना हुआ है, और इसका तेल निर्यात ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चेन में एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इस देश का तेल विशेष रूप से एशिया और यूरोप में एक्सपोर्ट होता है।


    कतर ने ईरान से किया आग्रह

    इस बीच, शनिवार को कतर ने ईरान से आग्रह किया कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के प्रावधानों का पालन करे, और पश्चिम एशिया में मौजूदा सुरक्षा स्थिति के मद्देनज़र क्षेत्र के हितों को प्राथमिकता दे. साथ ही तनाव को कम करने के प्रयासों का समर्थन करने की आवश्यकता पर भी जोरर दिया. X पर एक पोस्ट में इन विवरणों को साझा करते हुए, कतर के विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल-थानी को इस्लामिक गणराज्य ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का फोन आया था. प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि नेविगेशन की आजादी एक स्थापित और गैर-समझौता योग्य सिद्धांत है, और होर्मुज स्ट्रेट को बंद करना या इसे सौदेबाजी के हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना संकट को और बढ़ाएगा और इस क्षेत्र के देशों के अहम हितों को खतरे में डाल देगा।


    कतर की ईरान को सलाह

    बयान में कहा गया कि उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि ग्लोबल एनर्जी और फूड सप्लाई पर, साथ ही बाजार और सप्लाई चेन की स्थिरता पर इसके क्या संभावित नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं. इसमें आगे कहा गया कि प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के प्रावधानों का पालन करने की जरूरत पर जोर दिया, और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करने में योगदान देने के लिए, तथा तनाव कम करने के प्रयासों का समर्थन करने के लिए क्षेत्र और वहां के लोगों के हितों को प्राथमिकता देने की बात कही।


    कच्चे तेल की कीमत

    शुक्रवार को इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें करीब 3 फीसदी तक की गिरावट के साथ बंद हुई. आंकड़ों को देखें तो अमेरिकी क्रूड ऑयल डब्ल्यूटीआई के दाम करीब 3 फीसदी की गिरावट के साथ 101.94 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुए. जबकि खाड़ी देशों का कच्चा तेल अब भी काफी हाई बना हुआ है. आंकड़ों के अनुसार ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम 2 फीसदी की गिरावट के साथ 108.17 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ है. जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें अमेरिका और ईरान के फैसले तय करेंगे. क्या दोनों देश शांति की ओर बढ़ना चाहते हैं या नहीं।

  • बिहार में एक और एनकाउंटर…. पूर्व बीजेपी MLC के भांजे की हत्या के मुख्य आरोपी को किया ढेर

    बिहार में एक और एनकाउंटर…. पूर्व बीजेपी MLC के भांजे की हत्या के मुख्य आरोपी को किया ढेर


    सीवान
    । बिहार पुलिस (Bihar Police) अपराधियों पर लगातार कहर बनकर टूट रही है। अब पुलिस ने रविवार की सुबह-सुबह एक और एनकाउंटर (Another Encounter) कर दिया है। सीवान जिले (Siwan district) में हाल ही में पूर्व बीजेपी एमएलसी मनोज सिंह (Former BJP MLC Manoj Singh) के भांजे की हुई हत्या के मामले के मुख्य आरोपी को अब पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया है।भाजपा नेता व पूर्व एमएलसी मनोज सिंह के भांजे हर्ष सिंह की गत 29 अप्रैल को गोली मारकर हत्या करनेवाले मुख्य आरोपित सोनू यादव को पुलिस के साथ मुठभेड़ में रविवार की अहले सुबह ढेर कर दिया गया है। वह हुसैनगंज थाना क्षेत्र के सरेया का रहनेवाला है। गाड़ी सटने के विवाद में पूर्व एमएलसी के भांजा व बहनोई को गोली मार दी गई थी।

    इस गोलीबारी में बीजेपी नेता मनोज सिंह के भांजे हर्ष सिंह की मौत हो गई थी। भाजपा नेता के बहनोई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी और इस गोलीबारी का एक वीडियो भी सामने आया था। इस वीडियो में आरोपी गोली चलाता नजर आ रहा था। पुलिस ने इस मामले के एक अन्य आरोपी छोटू यादव का भी कुछ दिनों पहले हाफ एनकाउंटर किया था। पुलिस ने छोटू यादव के पैर में गोली मारी थी।


    हर्ष के आरोपितों की कार बरामद, चालक गिरफ्तार

    बहरहाल आपको बता दें कि सीवान जिले के चर्चित हर्ष हत्याकांड में नगर थाना पुलिस ने घटना में प्रयुक्त वाहन कार और उसके चालक को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार चालक की पहचान हुसैनगंज थाना क्षेत्र के खरसंडा गांव निवासी दिलीप यादव के पुत्र सुनील यादव के रूप में हुई है। बता दें कि बीते 29 अप्रैल को कार से धक्का लगने के बाद पिता-पुत्र को गोली मार दी गई थी। इस हमले में पुत्र हर्ष सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि पिता गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

    घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले भर में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इसी क्रम में गुप्त सूचना मिली कि वारदात में इस्तेमाल गाड़ी जामो थाना क्षेत्र के मझौलिया गांव में देखी गई है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और वाहन सहित चालक को गिरफ्तार कर लिया था।

    नगर थाना पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार चालक को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में शामिल अन्य अपराधियों को भी पकड़ लिया जाएगा।

  • बीमा सेक्टर में ऑटोमेटिक रूट से 100 फीसदी FDI को मंजूरी… अधिसूचना जारी

    बीमा सेक्टर में ऑटोमेटिक रूट से 100 फीसदी FDI को मंजूरी… अधिसूचना जारी


    नई दिल्ली।
    वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने बीमा क्षेत्र (Insurance sector) में ऑटोमेटिक रूट से 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) (100% Foreign Direct Investment – FDI) को मंजूरी देने वाले नियम को शनिवार को अधिसूचित कर दिया। अधिसूचना के अनुसार विदेशी मुद्रा प्रबंधन (फेमा) नियम, 2026 के अनुसार, ऑटोमेटिक रूट (Automatic Route) से बीमा कंपनियों और उससे जुड़े मध्यस्थों, जिनमें ब्रोकर भी शामिल हैं, में अब 100 प्रतिशत विदेशी निवेश की अनुमति होगी। हालांकि भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) (Life Insurance Corporation of India – LIC) के लिए यह सीमा 20 प्रतिशत निर्धारित की गई है।

    संसद ने दिसंबर, 2025 में ‘सबका बीमा सबकी रक्षा’ विधेयक, 2025 पारित किया था, जिसके जरिये बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा को स्वचालित मार्ग के तहत पहले के 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने की मंजूरी दी गई। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह विधेयक कानून बन गया। इसके बाद फरवरी, 2026 में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को अधिसूचित किया था। अब इस फैसले को अधिसूचित कर दिए जाने के बाद विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बीमा कंपनियों में पैसा लगाना आसान हो जाएगा।

    भारत का बीमा क्षेत्र विश्व के सबसे तेजी से बढ़ते बीमा क्षेत्रों में एक है। यह वैश्विक स्तर पर 10वें स्थान पर है और इसकी सालाना विकास दर लगभग 15-20 फीसदी है। जागरूकता में वृद्धि, डिजिटल तकनीक को अपनाने और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा पहले 74 फीसदी तक किए जाने के बाद इस क्षेत्र में तेज वृद्धि देखने को मिली थी। अब विदेशी निवेश सीमा को 100 फीसदी कर दिए जाने से इसकी वृद्धि की रफ्तार और तेज होने की उम्मीद है। बीमा नियामक आईआरडीएआई द्वारा शासित इस क्षेत्र में अभी 57 से अधिक कंपनियां शामिल हैं, जिनमें सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी का बड़ा हिस्सा है। हालांकि अब निजी क्षेत्र की बाजार हिस्सेदारी भी लगातार बढ़ रही है।

  • MP: उज्जैन में फिर गरजा प्रशासन का बुलडोजर… महाकाल मंदिर मार्ग में बाधा बनी 5 इमारतें जमींदोज

    MP: उज्जैन में फिर गरजा प्रशासन का बुलडोजर… महाकाल मंदिर मार्ग में बाधा बनी 5 इमारतें जमींदोज


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन (Ujjain) में विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) के पास स्थित बेगम बाग क्षेत्र में शनिवार को एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस दौरान 5 बहुमंजिला इमारतों को जमींदोज कर दिया गया। ये सभी इमारतें महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग पर बनी थीं और इनकी लीज खत्म हो चुकी थी, साथ ही इनमें अवैध रूप से व्यवसायिक गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था।

    कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए प्रशासन ने बताया कि जिस भूमि पर ये सभी इमारतें बनी हुई थीं, वो जमीन उज्जैन विकास प्राधिकरण की है, और जिसे 30 वर्ष की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए दिया गया था, लेकिन यहां रहने वाले लोगों ने नियम विरुद्ध जाकर इसका व्यावसायिक उपयोग शुरू कर दिया था। जिसके चलते लीज समाप्ति के बाद उसका नवीनीकरण नहीं किया गया। वहीं जब उज्जैन विकास प्राधिकरण ने इस बारे में लोगों को नोटिस जारी किए तो संबंधित लोग न्यायालय पहुंच गए। हालांकि लोअर कोर्ट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से स्टे खारिज होने के बाद अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ अब यह कार्रवाई की गई।


    कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने नहीं किया विरोध

    अधिकारियों ने बताया कि शनिवार सुबह 9 बजे शुरू हुई कार्रवाई में स्थानीय लोगों द्वारा किसी प्रकार का कोई विरोध देखने को नही मिला। इससे पहले जब यहां इसी प्रकार से बनी 58 इमारतों पर बुलडोजर कार्रवाई की जा रही थी, तब जरूर लोगों ने विरोध किया था, हालांकि शनिवार को हुई कार्रवाई शांतिपूवक चलती रही।


    संवेदनशील इलाका होने की वजह से थी कड़ी सुरक्षा

    प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि जिस जगह पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है, वह महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग है और मुस्लिम बाहुल्य इलाका होने के कारण अति संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए इस रास्ते से वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह बन्द कर दिया गया और केवल श्रद्धालुओं को पैदल जाने की अनुमति दी गई।


    यह है पूरा मामला, UDA की है जमीन

    उज्जैन विकास प्राधिकरण ने सन् 1985 में बेगम बाग क्षेत्र में 30 साल की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए भूखंड दिए थे। लेकिन भूखंड धारकों ने इनका उपयोग आवासीय तौर पर करने की बजाय पूरी तरह व्यावसायिक तौर पर करना शुरू कर दिया। जो कि पूरी तरह नियम विरुद्ध था। इसके बाद वर्ष 2014-15 में 30 वर्षीय लीज भी खत्म हो गई और प्राधिकरण द्वारा उसका नवीनीकरण नहीं किया गया।


    आवासीय जमीन का हो रहा था व्यवसायिक उपयोग

    इसके बाद भूखंड के दुरुपयोग को लेकर उज्जैन विकास प्राधिकरण ने लगातार नोटिस दिए। फिर आगे चलकर वर्ष 2023-24 में उज्जैन विकास प्राधिकरण ने भूखंड धारकों की लीज भी समाप्त कर दी। जिसको लेकर भूखंड धारक न्यायालय पहुंच गए और जहां से उन्हें स्टे मिल गया। इसके बाद अलग-अलग न्यायालय में इन भूखंडों का मामला विचाराधीन रहा। न्यायालय का स्टे हटते ही तोड़ने की कार्यवाही शुरू कर दी गई।


    सालभर के दौरान 58 इमारतों को गिराया जा चुका

    अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक साल के दौरान यहां छह चरणों में इस तरह अवैध रूप से बनी 58 बिल्डिंगों को गिराया जा चुका है। खास बात यह है कि उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा आवंटित इन भूखंडों में से 45 भूखंड ऐसे थे, जिनमें प्रत्येक का साइज करीब 2400 स्क्वेयर फीट था, लेकिन भूखंड धारकों ने इनके अलग-अलग टुकड़े कर करीब 90 बिल्डिंगें बना ली थीं। और इन 90 इमारतों में से 63 बिल्डिंग्स को जमीदोंज किया जा चुका है, शेष 27 बिल्डिंगों को भी जल्द ही कानूनी प्रक्रिया के तहत तोड़ा जाएगा।


    दो भूखंडों पर बना दी गई, छह इमारतें

    प्रशासन ने बताया कि शनिवार को जिन 5 बिल्डिंगों पर कार्रवाई की जा रही है, वो कुल दो भूखंड थे, जिन पर छह इमारतें बना दी गई थीं और न्यायालय ने इनका स्टे खारिज कर दिया था। इसके बाद विकास प्राधिकरण की ओर से नोटिस दिया गया था, जिनकी समय सीमा समाप्त हो गई है। भवन मालिकों से बातचीत की गई और उन्हें न्यायालयीन प्रक्रिया के बारे में समझाया गया। इसके बाद उन्होंने स्वतः अपनी बिल्डिंग खाली करना शुरू कर दिया। इसी वजह से यह कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है।

    उधर इस बारे में जानकारी देते हुए उज्जैन विकास प्राधिकरण सीईओ संदीप कुमार सोनी ने बताया कि माननीय न्यायालय से स्टे खारिज होने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है। भूखंड धारक को भूखंड आवासीय तौर पर दिए गए थे, जिसका उन्होंने व्यावसायिक उपयोग किया। इसके अलावा लीज समाप्त होने के बाद लीज नवीनीकरण भी नहीं हो सका, इसलिए यह कार्रवाई की गई। जिस जगह यह कार्यवाही चल रही है यहां आगामी सिहंस्थ 2028 में ब्रिज निर्माण प्रस्तावित है।

  • पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज भी कोई बदलाव नहीं…. 5 रुपये तक की बढ़ोतरी के आसार

    पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज भी कोई बदलाव नहीं…. 5 रुपये तक की बढ़ोतरी के आसार


    नई दिल्ली।
    आज एक बार फिर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol Diesel Price) में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (Oil Marketing Companies) ने कोई बढ़ोतरी नहीं की है। 2022 से ही सरकारी तेल कंपनियों ने कीमतों को स्थिर रखा है। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों की वजह से आने वाले दिनों में कीमतों में इजाफा हो सकता है। सरकार से जुड़े सूत्रों के अनुसार पेट्रोल और डीजल के रेट (Petrol Diesel Price) को 4 से 5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाया जा सकता है। इस पर आने वाले कुछ दिनों में फैसला हो जाएगा।


    1 अप्रैल को इंडियन ऑयल ने बढ़ाया था प्रीमियम पेट्रोल का रेट

    इंडियन ऑयल ने 1 अप्रैल को प्रीमियम पेट्रोल का रेट 11 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दिया था। जिसके बाद प्रीमियम पेट्रोल का रेट 149 रुपये से बढ़कर 160 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, प्रीमियम डीजल का रेट 91.49 रुपये से बढ़कर 92.99 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है।

    आपके शहर में पेट्रोल का क्या है रेट? (Petrol Price in Your City)

    नई दिल्ली – 94.72 रुपये
    मुंबई – 104.21 रुपये
    कोलकाता – 103.94 रुपये
    चेन्नई – 100.75 रुपये
    अहमदाबाद – 94.49 रुपये
    बेंगलुरू – 102.92 रुपये
    हैदराबाद – 107.46 रुपये
    जयपुर – 104.72 रुपये
    लखनऊ – 94.69 रुपये
    पुणे – 104.04 रुपये
    चंडीगढ़ – 94.30 रुपये
    इंदौर – 106.48 रुपये
    पटना – 105.58 रुपये
    सूरत – 95 रुपये
    नासिक – 95.50 रुपये


    डीजल का रेट (Diesel Price in Your city)

    नई दिल्ली – 87.62 रुपये
    मुंबई – 92.15 रुपये
    कोलकाता – 90.76 रुपये
    चेन्नई – 92.34 रुपये
    अहमदाबाद – 90.17 रुपये
    बेंगलुरू – 95.70 रुपये
    जयपुर – 90.21 रुपये
    पुणे – 90.57 रुपये
    चंडीगढ़ – 82.45 रुपये
    इंदौर – 91.88 रुपये
    पटना – 93.80 रुपये
    सूरत – 89 रुपये
    नासिक – 89.50 रुपये


    प्राइवेट कंपनियों ने किया है पेट्रोल और डीजल के रेट में इजाफा

    1 अप्रैल को ही शेल इंडिया ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया था। तब कंपनी ने 7.41 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल और 25.01 रुपये प्रति लीटर डीजल का इजाफा किया था। इससे पहले मार्च के महीने में नायरा एनर्जी ने पेट्रोल का रेट 5 रुपये और डीजल का रेट 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाया था। इन कंपनियों ने भी इसके बाद कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की थी।

    मौजूदा परिस्थितियों में कच्चे तेल का रेट सातवें आसमान पर है। यह लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर ट्रेड कर रहा है। जिसकी वजह से कंपनियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।