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  • कनाडा के टोरंटो में स्ट्रीट फेस्टिवल के दौरान फायरिंग, 2 की मौत, 3 घायल, हमलावर की तलाश जारी

    कनाडा के टोरंटो में स्ट्रीट फेस्टिवल के दौरान फायरिंग, 2 की मौत, 3 घायल, हमलावर की तलाश जारी


    नई दिल्ली। कनाडा के टोरंटो शहर में आयोजित वार्षिक स्ट्रीट फेस्टिवल के दौरान शनिवार शाम हुई अंधाधुंध गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

    टोरंटो पुलिस सर्विस के अनुसार, यह घटना शनिवार रात करीब 8 बजे मिडटाउन टोरंटो स्थित सेंट क्लेयर एवेन्यू वेस्ट और अर्लिंगटन एवेन्यू के पास हुई। उस समय वहां सालाना लैटिन सांस्कृतिक उत्सव ‘साल्सा ऑन सेंट क्लेयर’ आयोजित किया जा रहा था। गोलीबारी शुरू होते ही कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई।

    सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं। घटनास्थल पर पांच लोग गोली लगने से घायल मिले, जिनमें से दो को मृत घोषित कर दिया गया। बाकी तीन घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

    ‘एक्टिव शूटर’ अलर्ट जारी
    प्रारंभिक जांच के आधार पर टोरंटो पुलिस ने इस घटना को ‘एक्टिव शूटर’ मामला बताया है। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है और संदिग्ध की तलाश के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे फिलहाल इस इलाके से दूर रहें।

    हमले की वजह अब भी स्पष्ट नहीं
    फिलहाल पुलिस ने गोलीबारी के पीछे की वजह या हमलावर के मकसद को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है। अब तक किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी की पुष्टि भी नहीं हुई है। जांच टीम चश्मदीदों से पूछताछ कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर हमलावर की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

  • एमपी में अगले चार दिन होगी हल्की बारिश, इंदौर समेत 27 जिलों में आज बूंदाबांदी का अलर्ट

    एमपी में अगले चार दिन होगी हल्की बारिश, इंदौर समेत 27 जिलों में आज बूंदाबांदी का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज अगले चार दिनों तक लगभग ऐसा ही बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है, जबकि इंदौर सहित 27 जिलों में रविवार को हल्की बारिश और बूंदाबांदी का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन संभाग में दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज होने की संभावना है।

    मौसम विभाग के मुताबिक रविवार को भिंड, दतिया, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, खरगोन, धार, बड़वानी, झाबुआ और अलीराजपुर जिलों में हल्की बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है।

    इसके विपरीत ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, जबलपुर, कटनी, उमरिया, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर और नीमच जिलों में मौसम साफ रहने का अनुमान जताया गया है।

    पिछले तीन दिनों से प्रदेश में कहीं भी तेज बारिश दर्ज नहीं की गई है। इसके चलते अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई है। शनिवार को भी अधिकांश क्षेत्रों में उमस का असर बना रहा।

    प्रदेश में सामान्य से 8 प्रतिशत अधिक बारिश
    इस वर्ष जून महीने में प्रदेश में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने के बावजूद सामान्य कोटे से 30 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी। हालांकि जुलाई के शुरुआती नौ दिनों में हुई अच्छी बारिश ने यह कमी पूरी कर दी और वर्षा सामान्य से 10 प्रतिशत अधिक हो गई थी।

    मौसम विभाग के अनुसार, पिछले तीन दिनों से बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण यह बढ़त अब घटकर 8 प्रतिशत रह गई है। प्रदेश में अब तक औसतन 9.4 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस अवधि तक सामान्य रूप से 8.7 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस आधार पर प्रदेश में अब तक सामान्य से 8 प्रतिशत अधिक और सीजन के कुल कोटे की लगभग 25 प्रतिशत बारिश हो चुकी है।

  • बच्चा हर सवाल पर सिर्फ 'ठीक हूं' कहकर करता है बात खत्म? अपनाएं ये आसान तरीके, बढ़ेगा भरोसा और खुलकर होगा संवाद

    बच्चा हर सवाल पर सिर्फ 'ठीक हूं' कहकर करता है बात खत्म? अपनाएं ये आसान तरीके, बढ़ेगा भरोसा और खुलकर होगा संवाद

    नई दिल्ली ।बच्चों का मानसिक और भावनात्मक विकास केवल अच्छी शिक्षा या बेहतर सुविधाओं पर निर्भर नहीं करता, बल्कि परिवार के भीतर होने वाले संवाद पर भी काफी हद तक आधारित होता है। कई बार माता-पिता जब बच्चों से उनके दिन, स्कूल या मन की स्थिति के बारे में पूछते हैं, तो उन्हें केवल “ठीक हूं” या “सब ठीक है” जैसा छोटा-सा जवाब मिलता है। यह हमेशा किसी समस्या का संकेत नहीं होता, लेकिन कई परिस्थितियों में यह इस बात का संकेत हो सकता है कि बच्चा अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त नहीं कर पा रहा है। ऐसे में परिवार का वातावरण और बातचीत का तरीका महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को अपनी भावनाएं साझा करने के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल की आवश्यकता होती है। यदि उन्हें यह डर हो कि उनकी बात पर डांट मिलेगी, मजाक बनाया जाएगा या उन्हें गंभीरता से नहीं सुना जाएगा, तो वे धीरे-धीरे अपने मन की बातें छिपाने लगते हैं। इसलिए माता-पिता को ऐसा वातावरण तैयार करना चाहिए जहां बच्चा बिना झिझक अपनी खुशी, परेशानी या उलझन साझा कर सके।

    बच्चों से संवाद बेहतर बनाने के लिए सबसे पहले सवाल पूछने का तरीका बदलना उपयोगी हो सकता है। केवल “स्कूल कैसा था?” पूछने के बजाय ऐसे प्रश्न पूछे जा सकते हैं जिनका उत्तर विस्तार से दिया जा सके। उदाहरण के लिए, दिन की सबसे अच्छी घटना, किसी नई सीख या किसी ऐसी बात के बारे में पूछना जिससे बच्चा खुश या परेशान हुआ हो। इस तरह के प्रश्न बच्चों को सोचने और खुलकर बातचीत करने के लिए प्रेरित करते हैं।

    माता-पिता यदि अपनी छोटी-छोटी दैनिक घटनाएं, अनुभव या भावनाएं बच्चों के साथ साझा करते हैं, तो इससे भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जब बच्चा देखता है कि परिवार में भावनाओं पर सहजता से बातचीत होती है, तो वह भी धीरे-धीरे अपनी बातें साझा करने में अधिक सहज महसूस करने लगता है। यह तरीका आपसी विश्वास बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है।

    बातचीत के दौरान धैर्य रखना भी उतना ही आवश्यक है। अक्सर माता-पिता बच्चे की बात पूरी होने से पहले ही सलाह देने या उसकी गलती बताने लगते हैं। इससे बच्चा भविष्य में अपनी बात कहने से बच सकता है। बेहतर होगा कि पहले उसकी पूरी बात ध्यान से सुनी जाए, फिर उसकी भावनाओं को समझते हुए शांत तरीके से प्रतिक्रिया दी जाए। इससे बच्चे को यह महसूस होता है कि उसकी बात महत्वपूर्ण है और उसे गंभीरता से सुना जा रहा है।

    विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि परिवार रोजाना कुछ समय बिना मोबाइल, टीवी या अन्य स्क्रीन के साथ बिताए। केवल 15 से 20 मिनट का गुणवत्तापूर्ण समय, जिसमें साथ टहलना, खेलना, चित्र बनाना या सामान्य बातचीत करना शामिल हो, बच्चों और माता-पिता के रिश्ते को मजबूत बना सकता है। ऐसे शांत और सहज माहौल में बच्चे अक्सर अपनी भावनाएं अधिक खुलकर व्यक्त करते हैं।

    बच्चों के साथ मजबूत भावनात्मक रिश्ता एक दिन में नहीं बनता, बल्कि रोज होने वाली छोटी-छोटी बातचीत, विश्वास और सम्मान से धीरे-धीरे विकसित होता है। जब बच्चे यह महसूस करते हैं कि उनकी बात सुनी जाएगी और बिना किसी निर्णय के स्वीकार की जाएगी, तो वे अपनी खुशियां, चिंताएं और समस्याएं भी परिवार के साथ साझा करने लगते हैं। यही भरोसा उनके आत्मविश्वास, मानसिक स्वास्थ्य और स्वस्थ पारिवारिक संबंधों की मजबूत नींव बनता है।

  • सूर्यदेव की पूजा से खुलते हैं सुख समृद्धि और सफलता के द्वार जानिए सही पूजा विधि और अर्घ्य देने का शुभ तरीका

    सूर्यदेव की पूजा से खुलते हैं सुख समृद्धि और सफलता के द्वार जानिए सही पूजा विधि और अर्घ्य देने का शुभ तरीका


    नई दिल्ली। सूर्यदेव को प्रत्यक्ष देवता माना गया है क्योंकि वे प्रतिदिन सभी को अपने प्रकाश और ऊर्जा से जीवन प्रदान करते हैं। सनातन धर्म में सूर्य उपासना का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि जो व्यक्ति प्रतिदिन श्रद्धा और नियमपूर्वक सूर्यदेव की पूजा करता है उसके जीवन से नकारात्मकता दूर होती है और सुख समृद्धि स्वास्थ्य तथा सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य ग्रह आत्मबल नेतृत्व क्षमता मान सम्मान और सरकारी कार्यों का कारक माना जाता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य कमजोर हो तो उसे नियमित रूप से सूर्यदेव की आराधना करने की सलाह दी जाती है।

    सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना सूर्य पूजा का पहला नियम माना गया है। स्नान के बाद स्वच्छ और हल्के रंग के वस्त्र धारण करें। इसके बाद तांबे के लोटे में स्वच्छ जल भरें और उसमें लाल फूल अक्षत रोली तथा यदि संभव हो तो थोड़ा सा गुड़ या लाल चंदन मिलाएं। पूर्व दिशा की ओर मुख करके उगते हुए सूर्य को धीरे धीरे जल अर्पित करें। जल इस प्रकार चढ़ाएं कि उसकी धारा के बीच से सूर्य का दर्शन हो सके। ऐसा करना अत्यंत शुभ माना जाता है और इससे मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    अर्घ्य देने के बाद सूर्यदेव के मंत्रों का जाप करना विशेष फलदायी माना गया है। श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार आदित्य हृदय स्तोत्र गायत्री मंत्र या ॐ घृणि सूर्याय नमः मंत्र का जाप कर सकते हैं। इसके बाद लाल पुष्प अर्पित करें और अपने परिवार की सुख शांति उत्तम स्वास्थ्य तथा उन्नति की कामना करें। पूजा के अंत में भगवान सूर्य को प्रणाम करें और दिनभर सत्य ईमानदारी तथा परिश्रम के मार्ग पर चलने का संकल्प लें।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नियमित सूर्य पूजा करने से आत्मविश्वास बढ़ता है मानसिक तनाव कम होता है और कार्यों में सफलता मिलने की संभावना प्रबल होती है। यह पूजा स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी मानी जाती है क्योंकि सुबह की सूर्य किरणें शरीर को ऊर्जा प्रदान करती हैं। साथ ही व्यक्ति के व्यक्तित्व में तेज आता है और समाज में मान सम्मान बढ़ता है। विद्यार्थियों नौकरीपेशा लोगों व्यापारियों और प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए भी सूर्य उपासना को विशेष लाभकारी माना गया है।

    ध्यान रखने योग्य बात यह है कि सूर्यदेव की पूजा केवल विधि तक सीमित नहीं है बल्कि जीवन में अनुशासन समय का सम्मान सत्यनिष्ठा और कर्मशीलता को अपनाना भी सूर्य उपासना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। जब श्रद्धा के साथ नियमित रूप से सूर्यदेव को अर्घ्य दिया जाता है और सकारात्मक सोच के साथ दिन की शुरुआत की जाती है तब जीवन में नई ऊर्जा आत्मबल और सफलता का मार्ग स्वतः प्रशस्त होने लगता है। इसलिए यदि आप अपने जीवन में सुख समृद्धि उत्तम स्वास्थ्य और सम्मान की कामना करते हैं तो प्रतिदिन कुछ समय निकालकर सूर्यदेव की आराधना अवश्य करें।

  • गर्मी में वेट मैनेजमेंट के लिए अपनाएं जीरो ऑयल पालक-खीरा सूप, कम कैलोरी के साथ भरपूर पोषण देगा आसान हेल्दी विकल्प

    गर्मी में वेट मैनेजमेंट के लिए अपनाएं जीरो ऑयल पालक-खीरा सूप, कम कैलोरी के साथ भरपूर पोषण देगा आसान हेल्दी विकल्प


    नई दिल्ली ।
    गर्मियों के मौसम में हल्का, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला भोजन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। यदि आप संतुलित आहार के साथ वजन प्रबंधन की दिशा में प्रयास कर रहे हैं, तो पालक और खीरे से तैयार जीरो ऑयल सूप एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यह सूप कम कैलोरी वाला होने के साथ फाइबर, विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसे बनाने में तेल या क्रीम की आवश्यकता नहीं होती, जिससे यह हल्का और स्वास्थ्यवर्धक भोजन बन जाता है।

    पालक और खीरे का संयोजन शरीर को आवश्यक पोषण देने के साथ-साथ गर्मी के मौसम में हाइड्रेशन बनाए रखने में भी सहायक माना जाता है। खीरे में पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने में मदद करती है। वहीं पालक आयरन, फोलेट, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम तथा विटामिन ए और के जैसे पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है। यही कारण है कि यह सूप पोषण और ताजगी दोनों का संतुलित मेल माना जाता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, वजन घटाने का सबसे प्रभावी तरीका संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि और पर्याप्त नींद का संयोजन है। पालक-खीरा सूप इसमें सहायक भूमिका निभा सकता है क्योंकि इसमें कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है। फाइबर लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद करता है, जिससे बार-बार भूख लगने और अनावश्यक स्नैकिंग की आदत कम हो सकती है। हालांकि केवल इस सूप के सेवन से वजन कम होने की गारंटी नहीं दी जा सकती।

    पालक में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में सहायक माने जाते हैं। इसके अलावा यह पाचन तंत्र के बेहतर कार्य में योगदान दे सकता है और हड्डियों, आंखों तथा त्वचा के स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी माना जाता है। दूसरी ओर, खीरा शरीर को ठंडक पहुंचाने, पानी की कमी दूर करने और कम ऊर्जा में अधिक तृप्ति देने वाला खाद्य पदार्थ माना जाता है।

    इस सूप को घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है। इसके लिए ताजा पालक, खीरा, थोड़ा प्याज, लहसुन, जीरा, नमक, काली मिर्च, हरा धनिया और पानी या वेजिटेबल स्टॉक की आवश्यकता होती है। सबसे पहले जीरे को हल्का गर्म करें, फिर बिना तेल के प्याज और लहसुन को नरम होने तक पकाएं। इसके बाद पालक और खीरा डालकर कुछ मिनट पकाएं। पानी या स्टॉक मिलाकर मिश्रण को लगभग दस मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं। अंत में इसे ब्लेंड करके नमक और काली मिर्च मिलाएं तथा ऊपर से हरा धनिया डालकर परोसें।

    यह सूप सुबह, दोपहर या रात के हल्के भोजन के रूप में लिया जा सकता है। जिन लोगों को किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या, किडनी रोग या पोषण संबंधी चिकित्सीय प्रतिबंध हैं, उन्हें अपने आहार में बड़े बदलाव करने से पहले डॉक्टर या पंजीकृत डाइटिशियन की सलाह लेना उचित रहेगा। संतुलित जीवनशैली के साथ लिया गया पौष्टिक भोजन ही लंबे समय तक अच्छे स्वास्थ्य और स्वस्थ वजन बनाए रखने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।

  • 12 जुलाई 2026 का राशिफल: तुला राशि को सतर्क रहने की सलाह, इन राशियों पर बरसेगी किस्मत

    12 जुलाई 2026 का राशिफल: तुला राशि को सतर्क रहने की सलाह, इन राशियों पर बरसेगी किस्मत


    नई दिल्ली। 12 जुलाई 2026 का दैनिक राशिफल लेकर आया है करियर, कारोबार, धन, परिवार और स्वास्थ्य से जुड़े अहम संकेत। तुला राशि के जातकों को जोखिम भरे फैसलों से बचने की सलाह दी गई है।

    मेष:
    आज का दिन ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरपूर रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

    वृषभ: धैर्य और समझदारी से काम लें। किसी पुराने विवाद का समाधान निकल सकता है। नौकरी और व्यापार में लाभ के योग हैं। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।

    मिथुन: नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल है। मित्रों और सहयोगियों का पूरा साथ मिलेगा। विद्यार्थियों को सफलता मिल सकती है। यात्रा के योग बन रहे हैं।

    कर्क: पारिवारिक मामलों में संतुलन बनाए रखें। कार्यक्षेत्र में मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलेगा। आर्थिक मामलों में सोच समझकर निर्णय लें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

    सिंह: आत्मविश्वास बढ़ेगा और रुके हुए कार्य पूरे होंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे।

    कन्या: करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह आपके लिए फायदेमंद साबित होगी। सेहत अच्छी रहेगी।

    तुला: आज जोखिम भरे निवेश या बड़े आर्थिक फैसलों से बचें। किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले अच्छी तरह जांच कर लें। कार्यक्षेत्र में धैर्य रखें और विवादों से दूर रहें। परिवार का सहयोग मिलेगा और स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

    वृश्चिक: आत्मविश्वास के साथ किए गए कार्यों में सफलता मिलेगी। धन लाभ के योग हैं। नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी।

    धनु: भाग्य का साथ मिलेगा। नौकरी और व्यापार में प्रगति के संकेत हैं। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। यात्रा लाभदायक हो सकती है।

    मकर: मेहनत का पूरा फल मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार के साथ सुखद समय बिताएंगे। अनावश्यक तनाव से बचें।

    कुंभ: नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। करियर में आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे। खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें।

    मीन: दिन शुभ रहेगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। आर्थिक लाभ के अवसर मिलेंगे। परिवार में खुशियां बनी रहेंगी और किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है।

  • घर पर मिनटों में बनाएं टेस्टी पनीर सैंडविच, आसान रेसिपी से हर बाइट में मिलेगा लाजवाब स्वाद और भरपूर पोषण

    घर पर मिनटों में बनाएं टेस्टी पनीर सैंडविच, आसान रेसिपी से हर बाइट में मिलेगा लाजवाब स्वाद और भरपूर पोषण

    नई दिल्ली । शाम के समय हल्की भूख लगने पर अक्सर लोग स्वादिष्ट और झटपट तैयार होने वाले स्नैक्स की तलाश करते हैं। ऐसे में पनीर सैंडविच एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। यह न केवल स्वाद से भरपूर होता है, बल्कि प्रोटीन और अन्य जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत भी माना जाता है। खास बात यह है कि इसे तैयार करने में केवल 10 मिनट का समय लगता है, जिससे यह व्यस्त दिनचर्या वाले लोगों के लिए भी सुविधाजनक विकल्प बन जाता है।

    पनीर सैंडविच बनाने के लिए सबसे पहले ताजा कद्दूकस किया हुआ पनीर एक बाउल में लें। इसमें बारीक कटा प्याज, टमाटर, शिमला मिर्च, हरी मिर्च और हरा धनिया मिलाएं। इसके बाद स्वादानुसार नमक, काली मिर्च पाउडर, चाट मसाला और लाल मिर्च फ्लेक्स डालकर सभी सामग्री को अच्छी तरह मिला लें। ध्यान रखें कि तैयार मिश्रण बहुत अधिक गीला न हो, ताकि सैंडविच बनाते समय स्टफिंग बाहर न निकले।

    अब ब्रेड की स्लाइस पर हल्का मक्खन लगाएं और एक स्लाइस पर तैयार पनीर मिश्रण समान रूप से फैलाएं। इसके ऊपर दूसरी ब्रेड रखकर हल्के हाथों से दबा दें। इसी तरह सभी सैंडविच तैयार कर लें। इसके बाद तवा या सैंडविच मेकर को गर्म करें और दोनों तरफ हल्का मक्खन लगाकर मध्यम आंच पर सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेंक लें। यदि घर में ग्रिलर उपलब्ध है तो उसका उपयोग करके भी सैंडविच को अधिक क्रिस्पी बनाया जा सकता है।

    तैयार पनीर सैंडविच को तिरछा काटकर हरी चटनी, टोमैटो सॉस या पुदीने की डिप के साथ गर्मागर्म परोसें। यदि इसके साथ अदरक वाली चाय या मसाला चाय हो तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। चाहें तो परोसने से पहले ऊपर से थोड़ा चाट मसाला छिड़ककर इसे और अधिक स्वादिष्ट बनाया जा सकता है।

    पनीर सैंडविच केवल स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि पोषण के लिहाज से भी अच्छा विकल्प माना जाता है। पनीर में भरपूर मात्रा में प्रोटीन और कैल्शियम पाया जाता है, जो मांसपेशियों और हड्डियों के लिए लाभकारी होता है। वहीं इसमें इस्तेमाल होने वाली शिमला मिर्च, टमाटर और हरा धनिया शरीर को विटामिन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट उपलब्ध कराते हैं। यदि सफेद ब्रेड की जगह ब्राउन ब्रेड का उपयोग किया जाए तो यह रेसिपी और अधिक पौष्टिक बन जाती है।

    यह रेसिपी बच्चों के टिफिन, ऑफिस ले जाने वाले स्नैक या परिवार के साथ शाम की चाय के समय परोसने के लिए उपयुक्त मानी जाती है। कम समय में बनने वाली यह डिश स्वाद और पोषण का संतुलित मेल प्रदान करती है। नियमित रूप से बाहर के तले हुए स्नैक्स खाने की बजाय घर पर तैयार किया गया पनीर सैंडविच एक बेहतर और संतुलित विकल्प हो सकता है, जो पूरे परिवार को पसंद आएगा।

  • मीटू विवाद के बाद लाइमलाइट से दूर हुए आलोक नाथ, बचपन के दोस्त ने बताई अभिनेता की मौजूदा जिंदगी

    मीटू विवाद के बाद लाइमलाइट से दूर हुए आलोक नाथ, बचपन के दोस्त ने बताई अभिनेता की मौजूदा जिंदगी

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा और टेलीविजन में लंबे समय तक पारिवारिक और संस्कारी किरदारों के लिए पहचान बनाने वाले वरिष्ठ अभिनेता आलोक नाथ पिछले कई वर्षों से फिल्मी दुनिया और सार्वजनिक आयोजनों से लगभग पूरी तरह दूर हैं। वर्ष 2018 में उन पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपनी मौजूदगी काफी सीमित कर दी थी। अब उनके बचपन के मित्र और अभिनेता राजेश पुरी ने एक साक्षात्कार में उनके वर्तमान जीवन और बदल चुकी दिनचर्या के बारे में जानकारी साझा की है।

    राजेश पुरी के अनुसार, मीटू अभियान के दौरान लगे आरोपों के बाद आलोक नाथ के जीवन में बड़ा बदलाव आया। उन्होंने बताया कि उस दौर का अभिनेता पर गहरा मानसिक प्रभाव पड़ा और इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे फिल्म उद्योग तथा सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बना ली। उनके अनुसार, आलोक नाथ अब अधिकांश समय अपने घर पर ही बिताते हैं और बहुत कम सामाजिक गतिविधियों में शामिल होते हैं।

    राजेश पुरी ने यह भी कहा कि समय के साथ अभिनेता के स्वभाव में बदलाव आया है। उनके अनुसार, आलोक नाथ अब पहले की तुलना में अधिक शांत जीवन जी रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अभिनेता ने शराब का सेवन भी छोड़ दिया है और अब अपेक्षाकृत सादगीपूर्ण जीवनशैली अपनाई है। राजेश ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहले कुछ परिस्थितियों में उनका व्यवहार अलग हो जाता था, लेकिन अब उनमें काफी परिवर्तन दिखाई देता है।

    साक्षात्कार में राजेश पुरी ने यह भी बताया कि उन्होंने कई बार आलोक नाथ को अपने घर और फार्महाउस आने का निमंत्रण दिया, लेकिन अभिनेता ने अधिकांश अवसरों पर इनकार किया। हालांकि दोनों के बीच समय-समय पर फोन पर बातचीत होती रहती है। उनके अनुसार, आलोक नाथ अब लोगों से कम मिलना-जुलना पसंद करते हैं और निजी जीवन में ही अधिक समय बिताते हैं।

    राजेश पुरी के मुताबिक, आलोक नाथ को अभिनय से जुड़े नए प्रस्ताव भी मिलते रहे हैं, लेकिन उन्होंने उन्हें स्वीकार करने में रुचि नहीं दिखाई। उनका मानना है कि एक अनुभवी कलाकार होने के बावजूद आलोक नाथ फिलहाल मनोरंजन उद्योग में वापसी के लिए तैयार नहीं हैं। राजेश ने यह भी कहा कि उनके अनुसार अभिनेता अब भी अतीत की घटनाओं से प्रभावित हैं और संभवतः यही कारण है कि उन्होंने पेशेवर गतिविधियों से दूरी बनाए रखी है।

    उन्होंने यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों में आलोक नाथ की आध्यात्मिक विषयों में रुचि बढ़ी है। राजेश के अनुसार, दोनों एक ही आध्यात्मिक गुरु से जुड़े हुए हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों में आमंत्रित किए जाने के बावजूद आलोक नाथ अक्सर सार्वजनिक रूप से शामिल होने से बचते हैं और शांत तथा निजी जीवन को प्राथमिकता देते हैं।

    वर्ष 2018 में मीटू अभियान के दौरान आलोक नाथ पर कई महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद उनकी सार्वजनिक छवि और फिल्मी करियर दोनों पर व्यापक प्रभाव पड़ा। अभिनेता ने समय-समय पर अपने पक्ष में प्रतिक्रिया भी दी थी। तब से वह बहुत कम सार्वजनिक अवसरों पर दिखाई दिए हैं। वर्तमान में उनकी वापसी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है और उनके भविष्य की पेशेवर योजनाओं पर भी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।

  • अमेरिका से लाइसेंस मिलना बड़ी उपलब्धि, लेकिन यूक्रेन के लिए पैट्रियट मिसाइल उत्पादन की राह अभी भी लंबी और चुनौतीपूर्ण

    अमेरिका से लाइसेंस मिलना बड़ी उपलब्धि, लेकिन यूक्रेन के लिए पैट्रियट मिसाइल उत्पादन की राह अभी भी लंबी और चुनौतीपूर्ण

    नई दिल्ली । रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौरान अमेरिका द्वारा यूक्रेन को पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के उत्पादन का लाइसेंस देने की घोषणा को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम माना जा रहा है। इस फैसले से भविष्य में यूक्रेन की रक्षा उत्पादन क्षमता मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लाइसेंस मिलना और वास्तविक रूप से अत्याधुनिक मिसाइल प्रणाली का निर्माण शुरू करना दो अलग-अलग चरण हैं। तकनीकी, औद्योगिक और सुरक्षा संबंधी कई जटिल चुनौतियों के कारण इस परियोजना को पूरी तरह लागू होने में वर्षों लग सकते हैं।

    पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम दुनिया की सबसे उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों में शामिल माना जाता है। इसमें केवल मिसाइल ही नहीं, बल्कि अत्याधुनिक रडार, कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम, लॉन्चर और कई संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल होते हैं। इसलिए किसी देश के लिए इसका संपूर्ण उत्पादन शुरू करना केवल लाइसेंस प्राप्त करने से संभव नहीं हो जाता। इसके लिए व्यापक तकनीकी ज्ञान, विशेष विनिर्माण सुविधाएं और उच्च स्तर की औद्योगिक क्षमता की आवश्यकता होती है।

    रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार शुरुआती चरण में यूक्रेन को संभवतः मिसाइल के कुछ हिस्सों की असेंबली या बाहरी संरचना के निर्माण तक ही सीमित रखा जा सकता है। सबसे संवेदनशील तकनीक, जैसे एक्टिव रडार सीकर, गाइडेंस सिस्टम और कुछ विशेष इलेक्ट्रॉनिक मॉड्यूल, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े होने के कारण पूरी तरह हस्तांतरित किए जाने की संभावना कम मानी जाती है। ऐसे में यूक्रेन को लंबे समय तक कई महत्वपूर्ण पुर्जों के लिए विदेशी आपूर्ति पर निर्भर रहना पड़ सकता है।

    उत्पादन क्षमता विकसित करना भी एक बड़ी चुनौती है। किसी अत्याधुनिक रक्षा प्रणाली के निर्माण के लिए विशेष मशीनें, प्रशिक्षित इंजीनियर, गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली और सैन्य मानकों के अनुरूप उत्पादन ढांचा तैयार करना पड़ता है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि उत्पादन लाइन स्थापित करने, कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने और परीक्षण प्रक्रिया पूरी करने में कम से कम डेढ़ से दो वर्ष या उससे अधिक समय लग सकता है। इसके बाद भी उत्पादन की गति धीरे-धीरे ही बढ़ेगी।

    यूक्रेन के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षा की भी है। युद्ध के बीच यदि देश में किसी नई रक्षा उत्पादन इकाई की स्थापना होती है, तो उसके संभावित सैन्य लक्ष्य बनने की आशंका बनी रहेगी। इसलिए ऐसी फैक्ट्रियों को सुरक्षित क्षेत्रों, भूमिगत परिसरों या मजबूत सुरक्षा व्यवस्था वाले स्थानों पर स्थापित करना आवश्यक होगा। इससे परियोजना की लागत और समय दोनों बढ़ सकते हैं।

    दुनिया के कुछ अन्य देशों को भी पहले पैट्रियट प्रणाली के उत्पादन का लाइसेंस मिल चुका है, लेकिन वहां भी पूर्ण उत्पादन क्षमता विकसित करने में कई वर्ष लगे थे। इससे यह स्पष्ट होता है कि ऐसी उन्नत रक्षा तकनीक का स्थानीयकरण एक दीर्घकालिक प्रक्रिया है, जिसमें केवल तकनीकी सहयोग ही नहीं बल्कि औद्योगिक अनुभव, प्रशिक्षित मानव संसाधन और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    विश्लेषकों का मानना है कि यह पहल यूक्रेन की तत्काल मिसाइल आवश्यकता को पूरा नहीं करेगी, लेकिन भविष्य में उसकी रक्षा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। यदि यह परियोजना सफल रहती है, तो आने वाले वर्षों में यूक्रेन अपनी वायु रक्षा क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ सहयोगी देशों पर निर्भरता भी कम कर सकेगा। हालांकि इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए उसे तकनीकी, औद्योगिक और सुरक्षा से जुड़ी अनेक चुनौतियों का चरणबद्ध तरीके से समाधान करना होगा।

  • मानसून में महंगे जूतों को रखें सुरक्षित, बजट में मिलेंगे ये ट्रेंडी वाटर-रेसिस्टेंट फुटवियर विकल्प..

    मानसून में महंगे जूतों को रखें सुरक्षित, बजट में मिलेंगे ये ट्रेंडी वाटर-रेसिस्टेंट फुटवियर विकल्प..

    नई दिल्ली ।बरसात का मौसम जहां गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं यह रोजमर्रा की जीवनशैली के सामने कई व्यावहारिक चुनौतियां भी खड़ी कर देता है। सबसे अधिक असर फुटवियर पर पड़ता है, क्योंकि सड़क पर जमा पानी, कीचड़ और नमी के कारण सामान्य जूते जल्दी खराब हो सकते हैं। ऐसे में मानसून के दौरान ऐसे फुटवियर का चयन करना जरूरी हो जाता है जो पानी से प्रभावित न हों, जल्दी सूख जाएं और फिसलन वाली सतह पर बेहतर पकड़ भी प्रदान करें। सही विकल्प न केवल जूतों की उम्र बढ़ा सकते हैं, बल्कि चलने के दौरान सुरक्षा और आराम भी सुनिश्चित करते हैं।

    मानसून के लिए वाटर-रेसिस्टेंट या वाटरप्रूफ फुटवियर सबसे उपयुक्त माने जाते हैं। इनकी विशेषता यह होती है कि इनमें पानी कम प्रवेश करता है, सफाई आसान रहती है और इन्हें सूखने में भी कम समय लगता है। साथ ही इनमें इस्तेमाल होने वाला हल्का और टिकाऊ मटेरियल लंबे समय तक उपयोग के लिए उपयुक्त माना जाता है। यदि फुटवियर में अच्छी एंटी-स्लिप ग्रिप हो, तो बारिश के दौरान फिसलने का जोखिम भी काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    क्लॉग्स आजकल मानसून के सबसे लोकप्रिय विकल्पों में शामिल हैं। इनका आगे का हिस्सा बंद होने से पैर और उंगलियां कीचड़ से काफी हद तक सुरक्षित रहती हैं, जबकि पीछे का खुला डिज़ाइन हवा के बेहतर प्रवाह में मदद करता है। हल्के और जल्दी सूखने वाले मटेरियल से बने क्लॉग्स रोजमर्रा के उपयोग के लिए सुविधाजनक माने जाते हैं और विभिन्न डिज़ाइन व रंगों में उपलब्ध हैं।

    ऑफिस या औपचारिक अवसरों के लिए वाटरप्रूफ पीवीसी लोफर्स भी अच्छा विकल्प हो सकते हैं। इनका डिजाइन सादगी और स्टाइल का संतुलन बनाए रखता है। बारिश के दौरान ये सामान्य चमड़े या कपड़े के जूतों की तुलना में कम प्रभावित होते हैं और साफ करना भी आसान होता है। ऐसे फुटवियर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकते हैं जिन्हें रोजाना बाहर निकलना पड़ता है।

    यदि आपको स्पोर्टी और कैजुअल लुक पसंद है, तो सिंथेटिक या वाटर-रेसिस्टेंट मेश वाले स्नीकर्स उपयुक्त विकल्प हो सकते हैं। ये सामान्य कैनवास जूतों की तुलना में कम पानी सोखते हैं और इनमें हवा के बेहतर प्रवाह की सुविधा होने से लंबे समय तक पहनने पर भी अपेक्षाकृत आराम बना रहता है। हालांकि अत्यधिक जलभराव वाले क्षेत्रों में पूरी तरह वाटरप्रूफ मॉडल अधिक प्रभावी साबित हो सकते हैं।

    स्लिपर्स और फ्लिप-फ्लॉप भी मानसून में व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाते हैं। एंटी-स्लिप सोल वाले मॉडल फिसलन कम करने में मदद करते हैं और इन्हें साफ करना भी बेहद आसान होता है। रंग-बिरंगे डिज़ाइन और हल्के वजन के कारण ये दैनिक उपयोग के लिए सुविधाजनक विकल्प माने जाते हैं। हालांकि लंबे समय तक पैदल चलने या अधिक सुरक्षा की आवश्यकता होने पर बंद फुटवियर अधिक उपयुक्त हो सकते हैं।

    फुटवियर चुनते समय केवल कीमत या डिजाइन पर ध्यान देने के बजाय उसकी ग्रिप, मटेरियल, आराम और टिकाऊपन को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। बारिश के बाद जूतों को अच्छी तरह साफ करके छाया में सुखाना, उन्हें पूरी तरह सूखने के बाद ही दोबारा पहनना और समय-समय पर उनकी सफाई करना उनकी उम्र बढ़ाने में मदद कर सकता है। सही देखभाल और मौसम के अनुरूप फुटवियर का चयन करके मानसून में भी आराम, सुरक्षा और स्टाइल तीनों का संतुलन बनाए रखा जा सकता है।