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  • बाघ की खाल से भस्म तक… महादेव के ये 10 प्रतीक बताते हैं जीवन, मृत्यु और ब्रह्मांड के गहरे रहस्य

    बाघ की खाल से भस्म तक… महादेव के ये 10 प्रतीक बताते हैं जीवन, मृत्यु और ब्रह्मांड के गहरे रहस्य


    नई दिल्‍ली । महादेव जो कुछ भी धारण करते हैं उसका बड़ा अर्थ होता है. शिव जी का स्वरूप अन्य सभी देवी-देवताओं से अलग और विचित्र है. गले में सांप, जटा में गंगा और मस्तक पर चंद्रमा का होना अपने भीतर गहरे रहस्यों को छुपाए हुए है. लेकिन क्या आपको पता है कि महादेव की धारण की हुई 10 प्रतीकों का क्या मतलब है.

    ब्रह्मांड, जीवन और मृत्यु के गहरे रहस्यों को दर्शाने वाले डमरू से लेकर भस्म तक महादेव के इन 10 मुख्य प्रतीकों का क्या अर्थ है. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

    महादेव के 10 मुख्य प्रतीक
    1. जटाएं: शिव जी की जटाएं उसकी सबसे बड़ी पहचान है जो अंतरिक्ष को दर्शाता है.

    2. चंद्र: शिव जी के मस्तक पर स्थित चंद्रमा व्यक्ति के मन का प्रतीक है जो समय चक्र, मन के नियंत्रण, और शीतलता को दर्शाता है.

    3. त्रिनेत्र: शिव की तीन आंखें भौतिक संसार से परे दिव्य दृष्टि, सर्वज्ञान और संतुलन को दर्शाती हैं. मान्यता है कि महादेव के त्रिनेत्र तीन गुणों का भी प्रतीक है- सत्व, रज, तम. त्रिनेत्र तीन कालों को भी दर्शाता है- भूत, वर्तमान, भविष्य. तीनों लोकों के बारे में भी बताता है- स्वर्ग, मृत्यु पाताल.

    4. सर्पहार: सर्प जैसा हिंसक जीव महादेव के गले में विराजता है जो तमोगुणी व संहारक होकर भी शिव जी के वश में है और उनकी भक्ति में लीन है. नागराज वासुका का महादेव के गले में होना नियंत्रण और संतुलन को दर्शाता है.

    5. त्रिशूल: शिव के हाथ में एक शस्त्र भी है, वह मारक शस्त्र त्रिशूल है जो भौतिक, दैविक, आध्यात्मिक इन तीनों तापों को नष्ट करने की शक्ति रखता है.

    6. डमरू: शिव जी एक हाथ में डमरू धारण करते हैं जो तांडव के समय बजाते हैं. डमरू का नाद ब्रह्मा रूप माना गया है. यह डमरू सृष्टि के निर्माण, ब्रह्मांड की लय और चेतना का प्रतीक है.

    7. मुंडमाला: शिव जी के गले में मुंडमाला का होना सती के अटूट प्रेम और अमरता को दर्शाता है. यह मुंडमाला इस बात का प्रतीक है कि शिव जी ने मृत्यु को अपने वश में किया हुआ है.

    8. छाल: शिव जी अपने शरीर पर व्याघ्र चर्म यानी बाघ की खाल धारण करते हैं. बाघ एक हिंसक जानवर है जो अहंकार को भी दर्शाता है. जिसका मतलब है कि शिव ने हिंसा और अहंकार का दमन कर उसे अपने नीचे दबाया हुआ है. संसार के हर व्यक्ति को अपने भीतर की हिंसक भावना को अपने नीचे दबा देना चाहिए.

    9. भस्म: महादेव अपने शरीर पर भस्म लगाते हैं. शिवलिंग का अभिषेक भी भस्म करने का विधान है. भस्म जीवन के गहरे रहस्य को बताता है. यह भस्म बताता है कि संसार नश्वर है.

    10. वृषभ: शिव का वाहन वृषभ है यानी बैल दो शिव जी के साथ-साथ होता है. बैल धर्म का प्रतीक माना गया है जिस पर महादेव सवारी करते हैं. बैल के 4 पैर धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को बताता है जो महादेव की कृपा से प्राप्त होती है.

    (डिस्क्लेमर- यह सामग्री धार्मिक मान्यताओं, प्रचलित परंपराओं एवं उपलब्ध धार्मिक स्रोतों पर आधारित है. विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों और परंपराओं के अनुसार मान्यताओं में अंतर संभव है.)

  • सात राज्यों में होने वाले हैं विधानसभा चुनाव, बिना CM चेहरे के मैदान में उतरेगी BJP, जानिए क्‍या है नई रणनीति?

    सात राज्यों में होने वाले हैं विधानसभा चुनाव, बिना CM चेहरे के मैदान में उतरेगी BJP, जानिए क्‍या है नई रणनीति?


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश और गुजरात समेत अगले साल होने वाले सात राज्यों के विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी रणनीति पर मंथन शुरू कर दिया है। पार्टी चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के चेहरे की घोषणा करने से बचने की योजना बना रही है। इसके बजाय भाजपा सामूहिक नेतृत्व और मौजूदा संगठनात्मक ढांचे के साथ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।

    पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ चुनावों के अनुभवों को देखते हुए भाजपा नेतृत्व का मानना है कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा नहीं करने से कई बार राजनीतिक लाभ मिलता है। इससे पार्टी के भीतर संभावित गुटबाजी की आशंका कम रहती है और चुनाव अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने में मदद मिलती है।

    मौजूदा मुख्यमंत्रियों को मिल सकता है मौका
    भाजपा की रणनीति के अनुसार, जिन राज्यों में पार्टी की सरकार है, वहां मौजूदा मुख्यमंत्री को चुनाव अभियान में प्रमुख भूमिका दी जा सकती है। हालांकि, चुनाव से पहले यह स्पष्ट घोषणा नहीं की जाएगी कि वही नेता दोबारा मुख्यमंत्री पद के दावेदार होंगे। पार्टी के एक वर्ग का मानना है कि वर्तमान नेतृत्व के साथ चुनाव लड़ना फायदेमंद रहेगा, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर पहले से घोषणा करने से सत्ता विरोधी माहौल बनने और पार्टी के अंदर अलग-अलग धड़े सक्रिय होने की संभावना बढ़ सकती है।

    सत्ता वाले राज्यों को बचाने पर फोकस
    अगले साल देश के सात राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इनमें पांच राज्यों में फरवरी-मार्च के दौरान और दो राज्यों में दिसंबर में चुनाव होने हैं। भाजपा की सरकार उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर, गोवा और गुजरात में है, जबकि पंजाब और हिमाचल प्रदेश में पार्टी सत्ता में नहीं है। भाजपा का लक्ष्य अपने मौजूदा राज्यों में सरकार बनाए रखना और बाकी राज्यों में भी बेहतर प्रदर्शन करना है।

    नई रणनीति पर पार्टी में मंथन
    भाजपा नेतृत्व चुनावी रणनीति में नए बदलावों पर विचार कर रहा है। पार्टी का मानना है कि सामूहिक नेतृत्व के साथ चुनाव लड़ने से संगठन के सभी स्तरों को सक्रिय भूमिका मिलती है और विरोधियों को किसी एक चेहरे के खिलाफ अभियान चलाने का मौका कम मिलता है। आने वाले विधानसभा चुनावों में यह रणनीति भाजपा के लिए कितनी प्रभावी साबित होगी, इसका फैसला चुनावी नतीजों के बाद ही होगा।

  • E20 पेट्रोल विवाद को लेकर संजय राउत का दावा, बोले- गडकरी की छवि को खुद BJP पहुंचा रही नुकसान

    E20 पेट्रोल विवाद को लेकर संजय राउत का दावा, बोले- गडकरी की छवि को खुद BJP पहुंचा रही नुकसान


    नई दिल्‍ली । शिवसेना यूबीटी संजय राउत (Sanjay Raut) ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Union Minister Nitin Gadkari) को लेकर एक बड़ा दावा कर दिया है। संजय राउत के मुताबिक केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की छवि को खुद भारतीय जनता पार्टी (BJP) नुकसान पहुंचाना चाहती है क्योंकि गडकरी देश के अगले प्रधानमंत्री बनने के लिए एक मजबूत दावेदार हैं। संजय राउत ने कहा है कि नितिन गडकरी को बदनाम करने के पीछे कोई बाहरी ताकत नहीं, बल्कि खुद बीजेपी के ही कुछ बड़े नेता शामिल हैं।

    संजय राउत ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि गडकरी को लेकर जनता के बीच जो भी भ्रम फैलाया जा रहा है, उसके पीछे उनकी अपनी ही पार्टी के लोग हैं। राउत ने कहा, “गडकरी साहब को लेकर जो भ्रम फैला है, उसमें उनके ही पार्टी के लोगों का हाथ है। नितिन गडकरी को बदनाम करने में और कोई नहीं बल्कि भारतीय जनता पार्टी के ही लोग हैं…वे उन्हें किसी न किसी तरह से एक जाल में फंसाना चाहते हैं।”

    2014 से पहले का दिया हवाला
    राउत ने अतीत का जिक्र करते हुए कहा, “2014 से पहले भी जब गडकरी को पार्टी अध्यक्ष के रूप में दूसरे कार्यकाल देने की चर्चा चल रही थी, तब भी उन्हें इसी तरह फंसाने की कोशिशें हुईं।” उन्होंने दावा किया कि नितिन गडकरी की लोकप्रियता अच्छी है और वे पीएम पद के अगले दावेदार हो सकते थे इसलिए भाजपा खुद ही साजिश रच रही। राउत ने कहा, “वे पीएम पद के एक मजबूत दावेदार हैं, इसलिए उन्हें इतना बदनाम कर दो कि जनता के बीच उनकी छवि खराब हो जाए। ये उनकी ही पार्टी के लोग कह रहे हैं। उनको भी सब पता है।”

    नितिन गडकरी क्यों चर्चा में?
    गौरतलब है कि नितिन गडकरी केंद्रीय मंत्री इन दिनों E20 पेट्रोल (20% एथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल) को लेकर विवादों में हैं। दरअसल भारत सरकार ने देश में 20 फीसदी एथेनॉल मिले हुए पेट्रोल को अनिवार्य कर दिया है। सरकार के इस कदम का खूब विरोध हो रहा है। हालांकि नितिन गडकरी ने सार्वजनिक रूप से चुनौती दी है कि E20 फ्यूल से गाड़ियों में कोई खराबी नहीं आती है। इस चुनौती के बाद बहस और तेज हो गई है। वाहन मालिकों का आरोप है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों के माइलेज में गिरावट आ रही है, पुरानी गाड़ियों के इंजन को नुकसान पहुंच रहा है और लोगों को जबरन इसे अपनाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। आरोप हैं कि नितिन गडकरी के इसमें निजी हित भी हैं।

  • स्किन केयर में नींबू का सही उपयोग देगा प्राकृतिक निखार जानिए किन बातों का रखना चाहिए विशेष ध्यान

    स्किन केयर में नींबू का सही उपयोग देगा प्राकृतिक निखार जानिए किन बातों का रखना चाहिए विशेष ध्यान


    नई दिल्ली । स्किन केयर की दुनिया में नींबू का नाम लंबे समय से प्राकृतिक घरेलू उपायों में शामिल रहा है। विटामिन सी और साइट्रिक एसिड से भरपूर नींबू को कई लोग त्वचा की चमक बढ़ाने और अतिरिक्त तेल को कम करने के लिए उपयोग करते हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि नींबू हर व्यक्ति की त्वचा पर एक जैसा असर नहीं करता इसलिए इसका इस्तेमाल सोच समझकर और सावधानी के साथ करना चाहिए। सही तरीके से उपयोग करने पर यह त्वचा की देखभाल में सहायक हो सकता है जबकि गलत इस्तेमाल त्वचा में जलन और संवेदनशीलता बढ़ा सकता है।

    नींबू में मौजूद विटामिन सी त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकता है। यह कोलेजन बनने की प्रक्रिया में भी भूमिका निभाता है जिससे त्वचा अधिक स्वस्थ और ताजगी भरी दिखाई दे सकती है। कई लोग इसे त्वचा की रंगत को समान दिखाने और हल्के दाग धब्बों को कम करने के लिए घरेलू नुस्खों में शामिल करते हैं लेकिन इसके प्रभाव व्यक्ति की त्वचा और समस्या के अनुसार अलग अलग हो सकते हैं।

    यदि आपकी त्वचा सामान्य या तैलीय है तो नींबू का उपयोग हमेशा किसी अन्य प्राकृतिक सामग्री जैसे शहद दही एलोवेरा जेल या गुलाब जल के साथ मिलाकर करना बेहतर माना जाता है। सीधे नींबू का रस चेहरे पर लगाने से त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत प्रभावित हो सकती है और जलन या लालपन की समस्या पैदा हो सकती है। इसलिए किसी भी घरेलू फेस पैक में इसकी मात्रा सीमित रखना उचित माना जाता है।

    नींबू का उपयोग करने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना एक अच्छी आदत है। यदि कुछ घंटों तक किसी तरह की खुजली जलन या एलर्जी महसूस न हो तभी इसका सीमित उपयोग करना चाहिए। जिन लोगों की त्वचा बहुत अधिक संवेदनशील या पहले से किसी त्वचा रोग से प्रभावित है उन्हें बिना विशेषज्ञ सलाह के नींबू का प्रयोग करने से बचना चाहिए।

    एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि नींबू लगाने के तुरंत बाद धूप में नहीं निकलना चाहिए। नींबू में मौजूद कुछ प्राकृतिक तत्व त्वचा को सूर्य की किरणों के प्रति अधिक संवेदनशील बना सकते हैं जिससे जलन या दाग बनने का खतरा बढ़ सकता है। यदि दिन के समय इसका उपयोग किया जाए तो बाद में चेहरा अच्छी तरह धोकर सनस्क्रीन लगाना जरूरी माना जाता है।

    त्वचा की देखभाल केवल किसी एक घरेलू उपाय पर निर्भर नहीं करती। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन करना अच्छी नींद लेना नियमित रूप से चेहरा साफ रखना और धूप से बचाव करना भी स्वस्थ त्वचा के लिए उतना ही आवश्यक है। यदि मुंहासे पिगमेंटेशन या अन्य त्वचा संबंधी समस्याएं लंबे समय तक बनी रहें तो घरेलू उपायों के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना अधिक उचित रहता है।

    नींबू एक प्राकृतिक सामग्री है लेकिन प्राकृतिक होने का अर्थ यह नहीं कि वह हर व्यक्ति के लिए पूरी तरह सुरक्षित या उपयुक्त हो। इसलिए इसका उपयोग हमेशा संयम और सावधानी के साथ करना चाहिए। सही जानकारी और संतुलित स्किन केयर रूटीन अपनाकर ही त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ चमकदार और सुंदर बनाए रखा जा सकता है।

  • न्यूयॉर्क में AC पर 'बैन' का खतरा मंडराया, मेयर Mamdani ने दी चेतावनी, मचा हड़कंप

    न्यूयॉर्क में AC पर 'बैन' का खतरा मंडराया, मेयर Mamdani ने दी चेतावनी, मचा हड़कंप


    नई दिल्‍ली । New York इस समय इतिहास की सबसे भीषण गर्मी से जूझ रहा है. तापमान 100 डिग्री और हीट इंडेक्स 112 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है. इस बीच, शहर के नए मेयर ज़ोहरान मम्दानी (Zohran Mamdani) ने न्यू यॉर्कर्स के लिए एक बेहद जरूरी और कड़ा संदेश जारी किया है. यूरोप में हाल ही में आए AC नियमों के बाद अब न्यू यॉर्क का पावर ग्रिड भी खतरे में है. मेयर ने साफ कहा है कि अगर ग्रिड को बचाना है और लोगों की जान सुरक्षित रखनी है, तो AC चलाने के तरीकों में तुरंत बदलाव करना होगा.

    Europe का AC नियम और New York का संकट
    यूरोपियन कमीशन ने हाल ही में एक नया प्रस्ताव पेश किया है, जिसके तहत AC इंस्टॉल करने वालों को ग्राहकों को एनर्जी एफिशिएंसी की पूरी जानकारी देनी होगी. फ्रांस और स्पेन जैसे देशों में रिकॉर्ड गर्मी के कारण AC की बिक्री अचानक बहुत बढ़ गई है. अब ठीक वैसा ही संकट न्यू यॉर्क के सामने खड़ा हो गया है. न्यू यॉर्क का पावर ग्रिड इस समय शहर को ठंडा रखने के लिए अपनी क्षमता से ज्यादा काम कर रहा है.

    Mayor Mamdani का ’78 डिग्री रूल’
    मेयर ज़ोहरान मम्दानी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए लोगों से अपील की है. उन्होंने लिखा कि न्यू यॉर्क में बाहर बहुत गर्मी है और हमारा पावर ग्रिड ओवरटाइम काम कर रहा है. मेयर ने सभी नागरिकों से अपने AC को 78 डिग्री पर सेट करने की अपील की है. इसके साथ ही उन्होंने इस्तेमाल में न आने वाली लाइटों और इलेक्ट्रॉनिक्स को बंद करने और प्लग निकालने के लिए कहा है. मेयर का मानना है कि ग्रिड स्थिर रहेगा तो AC चलता रहेगा और लोगों की जान बचाई जा सकेगी.

    सरकार खुद कर रही है नियमों का पालन
    इस संकट से निपटने के लिए सिर्फ आम जनता ही नहीं, बल्कि खुद न्यू यॉर्क प्रशासन भी कड़े कदम उठा रहा है. मेयर ने बताया कि सभी सरकारी इमारतों में भी 78 डिग्री का नियम लागू कर दिया गया है. पीक ऑवर्स के दौरान सरकारी दफ्तरों की लाइटें डिम या पूरी तरह बंद की जा रही हैं. गैर-जरूरी उपकरणों को पावर डाउन किया जा रहा है. प्रशासन ने न्यू यॉर्क की प्राइवेट कंपनियों से भी अपील की है कि वे इस संकट में शहर का साथ दें और बिजली की खपत कम करें.

    112 डिग्री का टॉर्चर और हीट इमरजेंसी
    नेशनल वेदर सर्विस ने न्यू यॉर्क सिटी के लिए ‘एक्सट्रीम हीट वॉर्निंग’ जारी की है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह पिछले एक दशक की सबसे खतरनाक हीटवेव हो सकती है. गर्मी का अहसास (Heat Index) 112 डिग्री तक जा सकता है. इसके लिए शहर में ‘हीट इमरजेंसी प्लान’ एक्टिव कर दिया गया है. प्रशासन ने उन लोगों के लिए कूलिंग सेंटर्स खोले हैं, जिनके घरों में AC की सुविधा नहीं है. बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को घरों के अंदर ही रहने की सलाह दी गई है.

    मेयर की कार्यशैली पर खड़े हुए सवाल
    एक तरफ जहां मेयर मम्दानी शहर को गर्मी से बचाने में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ न्यू यॉर्क का बिजनेस माहौल गरमा गया है. दुनिया के सबसे अमीर कारोबारियों में शामिल जेफ बेजोस (Jeff Bezos) ने न्यू यॉर्क के स्कूल सिस्टम पर सवाल उठाए हैं, जिसके बाद मेयर के साथ उनकी बहस छिड़ गई है. शार्क टैंक के केविन ओ’लेरी ने भी बेजोस का समर्थन करते हुए न्यू यॉर्क को ‘कम्पलीट डिजास्टर’ करार दिया है. ब्लैकरॉक के लैरी फिंक ने भी चेतावनी दी है कि भारी टैक्स और खराब माहौल के कारण अमीर लोग न्यू यॉर्क छोड़ सकते हैं, जिससे शहर को बड़ा आर्थिक नुकसान होगा.

  • 'भारत आकर लगा जैसे अपने घर में हूं, हमारा डीएनए एक जैसा है', अफगान मंत्री ने की भारत की तारीफ

    'भारत आकर लगा जैसे अपने घर में हूं, हमारा डीएनए एक जैसा है', अफगान मंत्री ने की भारत की तारीफ


    नई दिल्ली। भारत दौरे पर आए अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई एवं पशुपालन मंत्री मौलवी अताउल्लाह ओमारी ने नई दिल्ली में आयोजित एक व्यापारिक कार्यक्रम के दौरान भारत के आतिथ्य और दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत पहुंचने के बाद उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वह अपने ही देश और अपने लोगों के बीच हों। साथ ही उन्होंने दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि “हमारा डीएनए एक है।”

    मौलवी अताउल्लाह ओमारी पहली बार भारत की यात्रा पर आए हैं। विदेश मंत्रालय के सहयोग से PHDCCI द्वारा आयोजित भारत-अफगानिस्तान व्यापार अवसर उद्योग इंटरैक्टिव सेशन में उन्होंने कहा कि भारत सरकार, विदेश मंत्री और यहां के लोगों ने उनका बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया। उनके अनुसार यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि पूरे अफगानिस्तान के लोगों के लिए सकारात्मक संदेश है।

    भारत-अफगानिस्तान संबंधों पर दिया जोर
    अपने संबोधन में ओमारी ने कहा कि भारत और अफगानिस्तान के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध हैं। उन्होंने कहा कि भारत में उन्हें अपनापन महसूस हुआ और दोनों देशों के लोगों के बीच गहरा जुड़ाव दिखाई देता है। उनके अनुसार यह रिश्ते भविष्य में भी सहयोग को नई मजबूती दे सकते हैं।

    कृषि क्षेत्र में भारत से मांगा सहयोग
    अफगान मंत्री ने कहा कि उनके देश की लगभग 80 प्रतिशत आबादी कृषि, पशुपालन और सिंचाई पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान अपने कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ना चाहता है और इस दिशा में भारत की विशेषज्ञता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण और तकनीकी सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

    संयुक्त समिति की बैठक के बाद आया बयान
    ओमारी का यह बयान भारत और अफगानिस्तान के बीच संयुक्त समिति की चौथी बैठक के अगले दिन सामने आया। नई दिल्ली में आयोजित इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव एम. आनंद प्रकाश और अफगानिस्तान की ओर से विदेश मंत्रालय के महानिदेशक शुएब बयारलाई ने की।

    कई अहम क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा
    विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में मानवीय सहायता, विकास साझेदारी, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, खेल, व्यापार, वीजा सुविधा और क्षेत्रीय संपर्क जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। भारत ने दोहराया कि वह अफगानिस्तान के विकास और वहां के लोगों के कल्याण के लिए सहयोग जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • सतना में खौफनाक कांड : पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की कर दी हत्या, 3 महीने बाद मिला कंकाल

    सतना में खौफनाक कांड : पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की कर दी हत्या, 3 महीने बाद मिला कंकाल


    सतना । सतना जिले के रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र से तीन महीने पहले लापता हुए युवक विपिन कुमार यादव की गुमशुदगी के मामले में पुलिस ने एक बेहद सनसनीखेज खुलासा किया है. पुलिस की सघन जांच में सामने आया कि युवक की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी अपनी ही पत्नी आंचल यादव ने अपने प्रेमी सुनील कुशवाहा के साथ मिलकर कराई थी. शादी से पहले से चल रहे प्रेम प्रसंग के कारण दोनों ने मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया.

    योजना के मुताबिक प्रेमी सुनील अपने साथी संदीप बहरोलिया के साथ मिलकर विपिन को घुमाने के बहाने ले गया और उसकी हत्या कर दी. आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से शव को पहले एक कुएं में फेंक दिया था, लेकिन जब पुलिस की जांच तेज हुई तो उन्होंने शव को कुएं से निकालकर जमीन में दफन कर दिया था. पुलिस ने कार्यपालक दंडाधिकारी की मौजूदगी में दफन किए गए स्थान की खुदाई करवाकर मृतक का शव बरामद कर लिया है. इस मामले में तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने आरोपी पत्नी आंचल यादव और उसके प्रेमी सुनील कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया है.

    पुलिस ने महिला और उसके प्रेमी को भेजा जेल
    दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया. जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है. पुलिस के मुताबिक युवक विपिन यादव 26 मार्च को गायब हो गया था. उसके पिता द्वारा उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी. गुम इंसान की जांच के दौरान थाना प्रभारी को यह तथ्य आए कि उसकी पत्नी टीकर की रहने वाली थी और उसका टीकर के ही एक व्यक्ति के साथ में अवैध संबंध थे.

    शक के आधार पर मृतक की पत्नी को हिरासत में ले लिया गया और कड़ाई से पूछताछ के बाद उसने पूरा राज उगल दिया. जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. मामले में पुलिस ने मजिस्ट्रेट से परमिशन लेकर शव उत्खनन की कार्रवाई की गई है. उत्खनन की कार्रवाई के दौरान कंकाल बरामद हुआ है. फिलहाल मामले में महिला और उसके प्रेमी को न्यायिक हिरासत में भेजने के बाद जेल भेज दिया गया है.

  • ढाका में भारत ने जताई कड़ी आपत्ति: सेमिनार में जम्मू-कश्मीर का गलत नक्शा दिखाए जाने पर किया विरोध

    ढाका में भारत ने जताई कड़ी आपत्ति: सेमिनार में जम्मू-कश्मीर का गलत नक्शा दिखाए जाने पर किया विरोध


    नई दिल्ली। बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के दौरान भारत ने जम्मू-कश्मीर को लेकर दिखाए गए कथित गलत नक्शे पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। यह मामला उस समय सामने आया जब एक प्रस्तुति के दौरान भारतीय मानचित्र में जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा दर्शाया गया।

    यह सेमिनार बांग्लादेश इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एंड स्ट्रैटेजिक स्टडीज (BIISS) में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का विषय था ‘सार्क को फिर से मजबूत बनाने के रास्ते’। सेमिनार में भारत में बांग्लादेश के पूर्व उच्चायुक्त रह चुके अहमद तारिक करीम प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान प्रदर्शित किए गए नक्शे पर भारतीय पक्ष ने आपत्ति जताई।

    ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग की सेकंड सेक्रेटरी पूजा कुमारी झा ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए कहा कि प्रस्तुत किया गया नक्शा गलत है और जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत इस तरह के चित्रण का विरोध करता है।

    करीम ने अपनी ओर से सफाई देते हुए कहा कि यह नक्शा केवल सांकेतिक (प्रतीकात्मक) उद्देश्य से इस्तेमाल किया गया था और इसमें वास्तविक सीमाओं को प्रदर्शित नहीं किया गया है। हालांकि, भारतीय अधिकारी ने इस स्पष्टीकरण से असहमति जताते हुए दोबारा भारत का आधिकारिक रुख दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है।

    बाद में करीम ने पूछा कि क्या पूजा झा भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। इस पर उन्होंने स्वयं को भारतीय उच्चायोग की अधिकारी बताया। इसके बाद करीम ने कहा कि उनकी आपत्ति को नोट कर लिया गया है और फिर अपनी प्रस्तुति जारी रखी।

    सेमिनार में बांग्लादेश की विदेश मामलों की राज्य मंत्री शमा ओबैद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। अपने संबोधन में उन्होंने दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने और सार्क को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने संगठन की कार्यक्षमता, वित्तीय मजबूती और बेहतर फॉलो-अप व्यवस्था को प्राथमिकता देने की बात कही।

    ओबैद ने यह भी संकेत दिया कि बांग्लादेश आने वाले महीनों में सार्क सदस्य देशों के बीच विश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से कुछ नई पहल पर विचार कर रहा है। इनमें ढाका में मौजूद सार्क देशों के राजदूतों के साथ बैठकें और काठमांडू स्थित सार्क सचिवालय के साथ समन्वय बढ़ाने जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।

    इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स ने पूजा कुमारी झा की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने मौके पर ही भारत का आधिकारिक पक्ष स्पष्ट रूप से सामने रखा।

  • 20 अगस्त से बदलेगी शनि की चाल, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान, जानें असर और उपाय

    20 अगस्त से बदलेगी शनि की चाल, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान, जानें असर और उपाय


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्मों का न्यायाधीश माना जाता है। उनकी चाल या राशि परिवर्तन का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ता है। 20 अगस्त 2026 को शनि एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय स्थिति में प्रवेश करेंगे। इस बदलाव का असर सभी राशियों पर दिखाई देगा, लेकिन मेष, कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह समय कुछ चुनौतियां लेकर आ सकता है।

    इन तीन राशियों पर रहेगा विशेष प्रभाव

    मेष राशि
    शनि की बदलती चाल का असर कार्यक्षेत्र में महसूस हो सकता है। नौकरी या व्यवसाय में दबाव बढ़ने के साथ सहकर्मियों से मतभेद और कार्यों में रुकावट आने की संभावना है। इस दौरान विवादों से दूरी बनाए रखना और धैर्य के साथ निर्णय लेना लाभदायक रहेगा।

    कर्क राशि
    कर्क राशि के जातकों को स्वास्थ्य संबंधी मामलों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। मानसिक तनाव, पारिवारिक मतभेद और आर्थिक लेनदेन में लापरवाही परेशानी का कारण बन सकती है। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले सोच-समझकर कदम उठाएं।

    वृश्चिक राशि
    वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय कार्यों में देरी और आर्थिक चुनौतियां ला सकता है। बड़े निवेश करने से फिलहाल बचना बेहतर रहेगा। साथ ही, वाणी पर संयम रखें और हर निर्णय धैर्य के साथ लें।

    शनि के अशुभ प्रभाव कम करने के उपाय
    ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, शनि देव की कृपा पाने और संभावित कठिनाइयों को कम करने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं—
    – प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें।
    – प्रतिदिन ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
    – शनिवार के दिन सरसों का तेल, काले तिल और उड़द की दाल का दान करना शुभ माना जाता है।
    – जरूरतमंद, निर्धन और असहाय लोगों की सेवा एवं सहायता करें।

    धैर्य और अनुशासन से मिलेगा लाभ
    ज्योतिष के अनुसार, शनि देव व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं। यदि कार्य ईमानदारी और निष्ठा से किए जाएं तो कठिन समय भी सकारात्मक परिणाम दे सकता है। ऐसे में घबराने के बजाय संयम, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना अधिक लाभकारी माना जाता है।

    शनि का यह परिवर्तन एक सामान्य ज्योतिषीय प्रक्रिया है। सावधानी, धैर्य और उचित उपायों के साथ इस अवधि की चुनौतियों का सामना अपेक्षाकृत सहज तरीके से किया जा सकता है।

  • शनि पूजा में तेल अर्पित करने का क्या है रहस्य जानिए धार्मिक मान्यता आध्यात्मिक महत्व और शुभ लाभ

    शनि पूजा में तेल अर्पित करने का क्या है रहस्य जानिए धार्मिक मान्यता आध्यात्मिक महत्व और शुभ लाभ


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में शनिवार का दिन भगवान शनि की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। देशभर के शनि मंदिरों में इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर सरसों का तेल अर्पित करते हैं और सुख शांति तथा समृद्धि की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शनि न्याय के देवता हैं जो प्रत्येक व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं। यही कारण है कि शनिवार को शनि पूजा और तेल अर्पित करने की परंपरा आज भी पूरे श्रद्धाभाव के साथ निभाई जाती है।

    धार्मिक कथाओं के अनुसार भगवान शनि पर सरसों का तेल चढ़ाने की परंपरा का संबंध भगवान हनुमान से भी जोड़ा जाता है। मान्यता है कि जब भगवान हनुमान ने शनि देव को संकट से मुक्त कराया तब शनि देव के शरीर पर लगी पीड़ा को शांत करने के लिए तेल लगाया गया। उसी समय से यह विश्वास प्रचलित हुआ कि शनिवार के दिन श्रद्धापूर्वक तेल अर्पित करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं। हालांकि यह एक धार्मिक मान्यता है और अलग अलग परंपराओं में इसकी व्याख्या भिन्न हो सकती है।

    ज्योतिष शास्त्र में भी शनिवार को तेल अर्पित करने का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि शनि ग्रह अनुशासन धैर्य न्याय और कर्म का प्रतीक है। श्रद्धा के साथ की गई पूजा व्यक्ति को आत्मसंयम और सकारात्मक सोच की ओर प्रेरित करती है। कई श्रद्धालु इस दिन सरसों के तेल का दीपक जलाकर शनि मंत्र का जाप करते हैं और शनि चालीसा का पाठ करते हैं। धार्मिक विश्वास है कि इससे मानसिक शांति प्राप्त होती है और जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है।

    शनिवार की पूजा में केवल तेल चढ़ाना ही पर्याप्त नहीं माना जाता बल्कि अच्छे कर्मों का पालन भी उतना ही आवश्यक बताया गया है। जरूरतमंद लोगों की सहायता करना बुजुर्गों का सम्मान करना सत्य और ईमानदारी के मार्ग पर चलना तथा किसी के साथ अन्याय न करना शनि देव की कृपा प्राप्त करने के महत्वपूर्ण उपाय माने जाते हैं। कई श्रद्धालु इस दिन काला तिल उड़द की दाल सरसों का तेल और भोजन का दान भी करते हैं जिसे पुण्यदायी माना जाता है।

    धार्मिक परंपराओं के अनुसार शनिवार को पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि भगवान हनुमान की उपासना से शनि देव प्रसन्न होते हैं और भक्तों के जीवन में आने वाली बाधाओं को कम करने का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। यही कारण है कि शनिवार को मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं।

    धार्मिक विशेषज्ञों का मानना है कि पूजा का वास्तविक उद्देश्य केवल अनुष्ठान करना नहीं बल्कि जीवन में अच्छे विचार और श्रेष्ठ कर्मों को अपनाना है। श्रद्धा विश्वास और सकारात्मक सोच के साथ भगवान शनि की आराधना करने वाला व्यक्ति अपने कर्तव्यों के प्रति अधिक जागरूक बनता है। इसलिए शनिवार को तेल अर्पित करने की परंपरा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं बल्कि कर्म अनुशासन सेवा और सदाचार का संदेश भी देती है।