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  • छठी का जश्न बना मातम, देवर की गोली से भाभी की मौत; शव छिपाने की कोशिश नाकाम

    छठी का जश्न बना मातम, देवर की गोली से भाभी की मौत; शव छिपाने की कोशिश नाकाम


    मध्य प्रदेश । ग्वालियर में एक छठी समारोह उस समय मातम में बदल गया जब हर्ष फायरिंग के दौरान चली गोली से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना रविवार (31 मई) को थाटीपुर क्षेत्र के नदीपार टाल स्थित तृप्ति नगर में हुई, जहां एक परिवार में नवजात बच्चे के जन्म के छठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। लेकिन खुशी का यह माहौल कुछ ही पलों में त्रासदी में बदल गया।

    जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान परिवार का छोटा भाई योगेश कुशवाह अवैध कट्टे से हर्ष फायरिंग की तैयारी कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वह बार-बार हथियार को लोड और अनलोड कर रहा था, इसी दौरान अचानक ट्रिगर दब गया और गोली पास बैठी बच्चे की मां जाह्नवी उर्फ ज्योति कुशवाह (32) के सिर में जा लगी। गोली लगते ही महिला जमीन पर गिर पड़ी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

    घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने मामले को और गंभीर बना दिया। पुलिस के अनुसार, हादसे के बाद परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना देने के बजाय घटना को छिपाने का प्रयास किया। पति मनोज कुशवाह और देवर योगेश ने मिलकर महिला के शव को एक बड़े डीप फ्रीजर में रख दिया ताकि शव खराब न हो और अंतिम संस्कार बिना किसी को बताए किया जा सके।

    परिजनों ने आसपास के लोगों को यह बताया कि महिला की मौत बीमारी से हुई है, ताकि किसी को शक न हो। रात करीब 11 बजे दोनों आरोपी शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इसी दौरान एक पड़ोसी को उनकी गतिविधियों पर संदेह हो गया। उसने देखा कि घर में डीप फ्रीजर मंगवाया गया है और देर रात अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है, जिससे उसे शक हुआ और उसने तुरंत पुलिस को सूचना दे दी।

    सूचना मिलते ही थाटीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस को देखते ही आरोपी पति मनोज और देवर योगेश मौके से फरार हो गए। पुलिस ने घर से शव बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और फोरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया।

    पुलिस ने मामले में अवैध हथियार की भी तलाश शुरू कर दी है और यह जांच की जा रही है कि कट्टा कहां से लाया गया था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि यह घटना पूरी तरह लापरवाही और अवैध हथियार के उपयोग का परिणाम है।

    पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। शव को छिपाने और बिना सूचना अंतिम संस्कार की कोशिश को भी गंभीर अपराध माना जा रहा है।

    यह घटना एक बार फिर हर्ष फायरिंग की खतरनाक परंपरा और अवैध हथियारों के उपयोग पर सवाल खड़े करती है, जिसने एक खुशहाल परिवार को गहरे शोक में बदल दिया।

  • नंदी पूजन से लेकर भस्म अर्पण तक गूंजा जय महाकाल, श्रद्धालुओं ने लिए दर्शन लाभ

    नंदी पूजन से लेकर भस्म अर्पण तक गूंजा जय महाकाल, श्रद्धालुओं ने लिए दर्शन लाभ


    मध्य प्रदेश । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन में भक्ति और आस्था का अनुपम दृश्य उस समय देखने को मिला जब भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया। तड़के मंदिर के कपाट खुलते ही परंपरागत विधि-विधान के अनुसार सबसे पहले वीरभद्र जी को प्रणाम कर स्वस्तिवाचन किया गया और आज्ञा लेकर चांदी द्वार खोला गया।

    इसके बाद गर्भगृह के पट खोले गए और पुजारियों ने भगवान महाकाल का पूर्व श्रृंगार उतारकर विधिवत पूजन प्रारंभ किया। पंचामृत पूजन के बाद कर्पूर आरती की गई, जिसके उपरांत भगवान को भांग, चंदन, सिंदूर और विभिन्न आभूषणों से राजा स्वरूप में श्रृंगारित किया गया। यह दिव्य रूप भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

    नंदी हॉल में इस दौरान नंदी महाराज का स्नान, ध्यान और विधिवत पूजन किया गया। परंपरा के अनुसार भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया, जिसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से विशेष अभिषेक संपन्न हुआ। इसके बाद ड्रायफ्रूट, फल और मिठाई का भोग अर्पित किया गया।

    आरती के दौरान भगवान को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों से बनी मालाएं भी अर्पित की गईं। इसके बाद महा निर्वाणी अखाड़ा की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई, जो इस आरती का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण क्षण माना जाता है।

    मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। इसी भाव के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया।

    मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही और “जय महाकाल” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। यह आरती न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि उज्जैन की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।

  • उज्जैन में खौफनाक वारदात, युवक पर 26 सेकेंड में 60 लाठियां; वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

    उज्जैन में खौफनाक वारदात, युवक पर 26 सेकेंड में 60 लाठियां; वायरल वीडियो से मचा हड़कंप


    मध्य प्रदेश । उज्जैन जिले में सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। सोशल मीडिया पर 21 मई को एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक युवक को खेत में गिराकर बेरहमी से पीटा जा रहा है। महज 26 सेकेंड के इस वीडियो में 5 से 6 हमलावरों को युवक पर लगातार लाठियां बरसाते देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि इस दौरान उस पर 60 से अधिक वार किए गए।

    घटना के बाद सामने आए तथ्यों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। पीड़ित युवक का नाम संदीप कुमावत है, जो पिपलियाहाना गांव का रहने वाला है और डीजे चलाने का काम करता है। संदीप के अनुसार यह हमला 11 मई को हुआ था, जब वह उज्जैन से अपने गांव लौट रहा था। रास्ते में कुछ लोगों ने उसकी बाइक रोककर उसे जबरन खेत में ले जाकर हमला किया।

    पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने उससे हर महीने 5 हजार रुपए की रंगदारी (हफ्ता) मांगी थी। जब उसने पैसे देने से इनकार किया तो उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। संदीप का कहना है कि हमलावरों ने अपने चेहरे ढक रखे थे और पिटाई के दौरान उसका वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया।

    सबसे गंभीर बात यह है कि संदीप ने 11 मई को ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उसका आरोप है कि पुलिस ने समय पर कोई कार्रवाई नहीं की। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ा, जहां वह पांच दिनों तक भर्ती रहा। लगभग 10 दिन बाद मामला तब सामने आया जब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

    इस दौरान एक किसान को धमकी देने के लिए आरोपियों ने यही वीडियो भेजा था। आरोप है कि किसान से भी पैसे की मांग की गई और कहा गया कि अगर पैसा नहीं दिया गया तो उसका हाल भी संदीप जैसा होगा। डरने के बजाय किसान ने यह वीडियो आगे भेज दिया, जिसके बाद मामला वायरल हो गया और पुलिस हरकत में आई।

    वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि पुलिस का दावा है कि यह मामला रंगदारी का नहीं बल्कि डीजे बजाने को लेकर हुए विवाद का है। पुलिस के अनुसार कुछ समय पहले संदीप का आरोपियों से विवाद हुआ था, जिसके चलते यह हमला किया गया।

    वहीं पीड़ित और स्थानीय लोग इसे ‘ढाबा गैंग’ की दहशत बता रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में यह गिरोह हफ्ता वसूली और सूदखोरी के लिए कुख्यात है। लोगों में इस गैंग का इतना डर है कि वे खुलकर बोलने से भी डरते हैं।

    संदीप का कहना है कि हमले के बाद वह कई दिनों तक रिश्तेदारों के यहां छिपकर रहा क्योंकि उसे लगातार धमकियां मिल रही थीं। वह अब भी मानसिक रूप से इस घटना से उबर नहीं पाया है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अलग-अलग दावों की पुष्टि करने में जुटी है। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में सक्रिय कथित गैंग के आतंक की गंभीर तस्वीर भी सामने लाती है।

  • शुभेंदु अधिकारी सरकार का बड़ा कदम: मंत्रिमंडल विस्तार से राजनीतिक समीकरणों में बदलाव के संकेत

    शुभेंदु अधिकारी सरकार का बड़ा कदम: मंत्रिमंडल विस्तार से राजनीतिक समीकरणों में बदलाव के संकेत

    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल में सोमवार को हुए व्यापक कैबिनेट विस्तार ने राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत दिया है। मुख्यमंत्री Shubhendu Adhikari के नेतृत्व वाली सरकार में कुल 35 नए मंत्रियों को शामिल किया गया है, जिनमें 13 कैबिनेट मंत्री और 22 राज्य मंत्री शामिल हैं। इस बड़े फेरबदल के बाद प्रशासनिक ढांचे को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने की कोशिश के रूप में इसे देखा जा रहा है। राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल द्वारा सभी नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई, जिसके बाद राज्य में नई राजनीतिक ऊर्जा का माहौल बन गया है।

    मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में इस राजनीतिक घटनाक्रम की चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि इसे सरकार की रणनीतिक पुनर्संरचना के रूप में देखा जा रहा है। नए मंत्रियों की सूची में Arjun Singh, Tapas Roy, Shankar Ghosh, दीपक बर्मन, तापस रॉय और मनोज कुमार उरांव जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। इन सभी नेताओं को सरकार में अलग-अलग जिम्मेदारियों के लिए चुना गया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि आने वाले समय में विभागीय कार्यों का पुनर्गठन किया जाएगा। इस विस्तार के जरिए सरकार ने अनुभव और युवा नेतृत्व के बीच संतुलन साधने की कोशिश की है, जिससे नीति निर्माण और क्रियान्वयन दोनों में तेजी आने की उम्मीद है।

    राज्य मंत्रियों में भी कई नए चेहरों को जगह दी गई है, जिनमें स्वतंत्र प्रभार वाले तीन मंत्रियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन मंत्रियों के माध्यम से सरकार प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और तेज बनाने की योजना पर काम कर रही है। विभागीय स्तर पर निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि छोटे और प्रभावी मंत्रिमंडल के साथ-साथ व्यापक सहयोगी टीम से योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर तरीके से किया जा सकेगा। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति देने के लिए नए मंत्रियों को उनके-उनके क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा की जा रही है।

    राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस विस्तार का उद्देश्य केवल संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रशासनिक दक्षता को मजबूत करना भी है। सरकार पर बढ़ते काम के बोझ को देखते हुए विभागों का पुनर्वितरण जरूरी माना जा रहा था। अब नए मंत्रियों के शामिल होने से निर्णय प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है। साथ ही यह भी माना जा रहा है कि क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए यह मंत्रिमंडल तैयार किया गया है, जिससे विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। इससे सरकार को जमीनी स्तर पर अपनी नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी।

    राज्य में इस कैबिनेट विस्तार के बाद राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है क्योंकि जल्द ही विभागों का औपचारिक आवंटन किया जाएगा। इसके बाद सरकार की नई टीम अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यभार संभालकर विकास योजनाओं को आगे बढ़ाएगी। इस बदलाव को आने वाले समय में सरकार की कार्यशैली और नीति दिशा के लिए अहम माना जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर बेहतर समन्वय और तेज निर्णय प्रक्रिया की उम्मीद के साथ यह विस्तार राज्य की राजनीतिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।

  • उज्जैन में महाकाल के दरबार पहुंचे मधुर भंडारकर और जय भानुशाली, भक्ति में डूबे नजर आए सितारे

    उज्जैन में महाकाल के दरबार पहुंचे मधुर भंडारकर और जय भानुशाली, भक्ति में डूबे नजर आए सितारे


    मध्य प्रदेश । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन में सोमवार तड़के भक्ति और आस्था का विशेष नजारा देखने को मिला, जब फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर, टीवी और फिल्म अभिनेता जय भानुशाली तथा टीवी अभिनेत्री आरती सिंह दर्शन के लिए पहुंचे। तीनों श्रद्धालु तड़के करीब 3 बजे मंदिर परिसर में पहुंचे और भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया।

    मंदिर में प्रवेश के बाद तीनों ने नंदी हॉल में बैठकर भस्म आरती का दिव्य अनुभव लिया। इस दौरान वे पूरी तरह भक्ति भाव में डूबे नजर आए। लगभग दो घंटे तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान में उन्होंने श्रद्धा और आस्था के साथ भगवान महाकाल के दर्शन किए। आरती के पश्चात तीनों ने नंदी महाराज का विधिवत पूजन और अभिषेक किया और परंपरा के अनुसार नंदी के कान में अपनी मनोकामना भी कही।

    इसके बाद तीनों श्रद्धालुओं ने चांदी द्वार से भगवान महाकाल को जल अर्पित कर आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में मौजूद पुजारियों ने विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई। दर्शन के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया।

    फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर ने मंदिर दर्शन के बाद अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि वे पिछले 20 वर्षों से लगातार बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर बार की तरह इस बार भी उन्हें यहां आकर अद्भुत शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ। उन्होंने मंदिर समिति द्वारा की गई व्यवस्थाओं की भी सराहना की।

    उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी विशेष भस्म आरती और आस्था के लिए प्रसिद्ध है। हर साल यहां लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से पहुंचते हैं। फिल्मी और राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी इस पवित्र स्थल के महत्व को और भी बढ़ा देती है।

    सोमवार को हुई इस विशेष भेंट ने एक बार फिर उज्जैन को आस्था और श्रद्धा के केंद्र के रूप में सुर्खियों में ला दिया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी फिल्मी हस्तियों को देखकर उत्साह व्यक्त किया और पूरे माहौल में भक्ति का वातावरण और गहरा हो गया।

  • ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद भड़का तनाव, जवाबी कार्रवाई से मध्य पूर्व में फिर से संघर्ष की आशंका गहराई

    ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद भड़का तनाव, जवाबी कार्रवाई से मध्य पूर्व में फिर से संघर्ष की आशंका गहराई

    नई दिल्ली ।  अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है, जिससे मिडिल ईस्ट में बड़े सैन्य संघर्ष की आशंका तेज हो गई है। हालिया घटनाक्रम में दोनों देशों के बीच सीमित सैन्य हमलों और जवाबी कार्रवाइयों ने क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के कुछ रणनीतिक ठिकानों पर कार्रवाई की है, जिसे उसने अपने ड्रोन और सैन्य संपत्तियों की सुरक्षा से जुड़ी प्रतिक्रिया बताया है। इन हमलों में ईरान के तटीय और द्वीपीय क्षेत्रों में स्थित रडार और ड्रोन नियंत्रण प्रणाली को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है।

    इसके बाद स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई जब ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई। ईरानी सैन्य इकाइयों ने कथित तौर पर उन ठिकानों को निशाना बनाया, जहां से अमेरिकी सैन्य अभियान संचालित किए जा रहे थे। इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि दोनों देशों के बीच पहले से जारी असहमति अब खुले सैन्य टकराव की दिशा में बढ़ती दिखाई दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति को जल्द नियंत्रित नहीं किया गया तो यह संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।

    होर्मुज जलडमरूमध्य, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है, इस पूरे विवाद का केंद्र बना हुआ है। इस रणनीतिक क्षेत्र में किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधि का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। यही कारण है कि कई वैश्विक शक्तियां दोनों देशों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान अपनाने की अपील कर रही हैं।

    हालांकि दोनों पक्षों की ओर से अभी तक औपचारिक रूप से पूर्ण युद्ध की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सीमित हमलों और जवाबी कार्रवाइयों की श्रृंखला ने हालात को बेहद संवेदनशील बना दिया है। क्षेत्रीय देशों में भी इस स्थिति को लेकर चिंता का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।

    विश्लेषकों का यह भी मानना है कि यह टकराव केवल सैन्य स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके आर्थिक और राजनीतिक प्रभाव भी वैश्विक स्तर पर देखने को मिल सकते हैं। खासकर तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

    वर्तमान हालात को देखते हुए यह स्पष्ट है कि यदि दोनों देशों के बीच बातचीत और कूटनीति के रास्ते को मजबूत नहीं किया गया, तो मिडिल ईस्ट एक बार फिर बड़े संकट की ओर बढ़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब इस पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है और स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास तेज हो गए हैं।

  • ओटीपी शेयर करते ही महिला के उड़ गए 1.56 लाख, बिजली विभाग के नाम पर साइबर ठगी

    ओटीपी शेयर करते ही महिला के उड़ गए 1.56 लाख, बिजली विभाग के नाम पर साइबर ठगी


    मध्य प्रदेश । इंदौर के लसूड़िया क्षेत्र में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला से बिजली बिल अपडेट कराने के नाम पर 1 लाख 56 हजार रुपए की ठगी कर ली गई। आरोपी ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताकर महिला को फोन किया और ओटीपी हासिल कर उसके बैंक खाते से रकम निकाल ली। घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    पुलिस के अनुसार तुलसियाना रेजीडेंसी निवासी नीलम नागपाल के साथ यह घटना 25 मई की दोपहर हुई। महिला को एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने अपना नाम राकेश गुप्ता बताया और खुद को बिजली विभाग से जुड़ा कर्मचारी बताया। कॉल करने वाले ने महिला को बताया कि उसका बिजली बिल विभाग के रिकॉर्ड में अपडेट नहीं हुआ है, इसलिए ट्रांजेक्शन में समस्या आ रही है।

    आरोपी ने महिला को विश्वास में लेते हुए कहा कि उसके मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा, जिसे बताने पर उसका बिल अपडेट हो जाएगा और रिकॉर्ड सही हो जाएगा। इसी भरोसे में आकर महिला ने ओटीपी साझा कर दिया, जो उसके लिए भारी भूल साबित हुई।

    ओटीपी मिलते ही आरोपी ने महिला के बैंक खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए करीब 1 लाख 56 हजार रुपए निकाल लिए। इस राशि में महिला की एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) की रकम भी शामिल थी। जैसे ही खाते से पैसे कटे, महिला को ठगी का एहसास हुआ और उसने तुरंत अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी।

    घटना के बाद पीड़िता ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद लसूड़िया थाना पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस संबंधित मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जानकारी जुटाकर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या अन्य गोपनीय विवरण साझा न करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कोई भी बैंक, बिजली विभाग या सरकारी संस्था कभी भी फोन पर ओटीपी नहीं मांगती है।

    फिलहाल पुलिस साइबर ठगों के नेटवर्क की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस तरह की ठगी के पीछे कौन सा गिरोह सक्रिय है।

  • ईरान-डील विवाद के बीच ट्रंप का सख्त रुख: डेमोक्रेट्स पर निशाना, कहा- बातचीत में बाधा डालना बंद करें

    ईरान-डील विवाद के बीच ट्रंप का सख्त रुख: डेमोक्रेट्स पर निशाना, कहा- बातचीत में बाधा डालना बंद करें

    नई दिल्ली । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान ने ईरान के साथ चल रही कूटनीतिक बातचीत के बीच एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। मध्य पूर्व में पहले से ही तनावपूर्ण हालात के बीच ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान समझौता करना चाहता है और ऐसा समझौता अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में अनावश्यक राजनीतिक टिप्पणियां बातचीत को प्रभावित कर रही हैं और इससे कूटनीतिक प्रयासों में कठिनाई पैदा हो रही है। ट्रंप ने अपने बयान में विपक्षी डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि लगातार नकारात्मक बयानबाजी से स्थिति और जटिल हो जाती है। उनके अनुसार जब राजनीतिक वर्ग बार-बार यह कहता है कि तेज कार्रवाई होनी चाहिए या फिर रुक जाना चाहिए, तो इससे वास्तविक वार्ता प्रक्रिया प्रभावित होती है और निर्णय लेने में बाधाएं उत्पन्न होती हैं। उन्होंने लोगों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि अंततः परिणाम सकारात्मक होंगे और स्थिति नियंत्रण में रहेगी।

    इसी बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उसने ईरान के गोरुक शहर और केश्म द्वीप के पास आत्मरक्षा में कुछ सैन्य कार्रवाई की है। इस कार्रवाई को ईरान की कथित आक्रामक गतिविधियों के जवाब के रूप में बताया गया है। सेंट्रल कमांड के अनुसार ईरान द्वारा एक ड्रोन को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में गिराए जाने के बाद यह कदम उठाया गया। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने एयर डिफेंस सिस्टम, एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और कई ड्रोन को निष्क्रिय करने का दावा किया है, जिन्हें क्षेत्रीय समुद्री मार्गों के लिए खतरा बताया गया था।

    दूसरी ओर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा करते हुए कहा है कि उसने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। हालांकि ईरान ने इन ठिकानों के स्थान को स्पष्ट नहीं किया है। दोनों देशों की ओर से ऐसे दावे सामने आने के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

    विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान और जवाबी कार्रवाइयों से कूटनीतिक प्रयासों पर दबाव बढ़ सकता है। ईरान और अमेरिका के बीच पहले से चले आ रहे मतभेदों के बीच यह ताजा घटनाक्रम स्थिति को और जटिल बना रहा है। राजनीतिक और सैन्य दोनों स्तरों पर जारी यह तनाव आने वाले दिनों में वैश्विक कूटनीति के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बन सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बातचीत की प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या दोनों पक्ष किसी साझा समझौते की ओर बढ़ पाते हैं या नहीं।

  • भोपाल में ₹3116, इंदौर में ₹3222 तक पहुंची कीमत; होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर बढ़ा दबाव

    भोपाल में ₹3116, इंदौर में ₹3222 तक पहुंची कीमत; होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर बढ़ा दबाव


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ताजा बढ़ोतरी के बाद प्रदेश के प्रमुख शहरों में रेस्टोरेंट और होटल कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। भोपाल से लेकर इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर तक सिलेंडर के दामों में 44 रुपए तक की वृद्धि की गई है, जिससे व्यावसायिक रसोई की लागत और बढ़ गई है।

    नई दरों के अनुसार भोपाल में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 3116.50 रुपए हो गई है। वहीं इंदौर में यह 3222.50 रुपए, जबलपुर में 3290 रुपए, उज्जैन में 3250 रुपए और ग्वालियर में सबसे अधिक 3338.50 रुपए में उपलब्ध होगा। लगातार हो रही इस बढ़ोतरी ने होटल और रेस्टोरेंट उद्योग को चिंता में डाल दिया है।

    पिछले तीन महीनों के आंकड़े देखें तो कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में करीब 1300 रुपए तक का इजाफा हो चुका है। कारोबारियों का कहना है कि यह वृद्धि इतनी तेज है कि रोजमर्रा के संचालन खर्च पर सीधा असर पड़ रहा है। इससे न सिर्फ होटल और रेस्टोरेंट बल्कि कैटरिंग और इवेंट इंडस्ट्री भी प्रभावित हो रही है।

    होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि सिलेंडर के दाम बढ़ने से खाने-पीने की लागत में 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। भोपाल होटल एवं रेस्टोरेंट संघ के प्रतिनिधियों के अनुसार पिछले कुछ महीनों में ही मेन्यू की कीमतों में बदलाव करना पड़ा है। लगातार बढ़ती लागत के कारण आने वाले समय में और महंगाई देखने को मिल सकती है।

    कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों का भी कहना है कि बड़े आयोजनों की लागत तेजी से बढ़ रही है। टेंट और कैटरिंग एसोसिएशन के अनुसार पहले जहां 500 लोगों के आयोजन में निश्चित बजट लगता था, अब वही खर्च 45 से 50 हजार रुपए तक बढ़ गया है। इससे शादी और अन्य आयोजनों की लागत पर सीधा असर पड़ा है।

    नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के मध्य प्रदेश प्रतिनिधियों ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि पिछले तीन महीनों में चार बार कीमतें बढ़ चुकी हैं, जिससे रेस्टोरेंट उद्योग पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। कई छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसायों के लिए संचालन मुश्किल होता जा रहा है।

    उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रुझान जारी रहा तो आने वाले महीनों में खाने-पीने की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा।

    फिलहाल कमर्शियल एलपीजी की लगातार बढ़ती कीमतें प्रदेश में होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग सेक्टर के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आई हैं और व्यवसायी आगे की स्थिति को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।

  • गर्मी पर भारी पड़ी बारिश, एमपी में ठंडी हुई रातें; मानसून की दस्तक में हो सकती है देरी

    गर्मी पर भारी पड़ी बारिश, एमपी में ठंडी हुई रातें; मानसून की दस्तक में हो सकती है देरी


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई जिलों में आंधी, बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा रही है। भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे लोगों को अब राहत महसूस होने लगी है। हालांकि मौसम के इस बदले स्वरूप के साथ बिजली गिरने और तेज आंधी जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।

    रविवार और सोमवार की दरमियानी रात प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया। खंडवा में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो इस मौसम के लिए काफी कम माना जा रहा है। वहीं पचमढ़ी में रात का तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री, इंदौर में 26.4 डिग्री, ग्वालियर और जबलपुर में 24.7 डिग्री तथा उज्जैन में 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दमोह, रीवा, खरगोन और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में भी रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहीं।

    मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों में प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। सतना में सवा इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि दतिया में करीब आधा इंच बारिश हुई। शिवपुरी, गुना, ग्वालियर, श्योपुर, रीवा, सिवनी, बैतूल, सिंगरौली, मैहर और उमरिया सहित अनेक जिलों में बारिश का दौर जारी रहा। राजधानी भोपाल में सोमवार सुबह से तेज हवाएं चलती रहीं, जबकि शिवपुरी, टीकमगढ़ और गुना में रुक-रुककर बारिश होती रही।

    इस बीच मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। आगर-मालवा, शाजापुर, अशोकनगर, राजगढ़, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल और छिंदवाड़ा में बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, नीमच और मंदसौर सहित कई जिलों में तेज हवाएं चल सकती हैं।

    मौसम के इस बदले स्वरूप के बीच श्योपुर जिले से दुखद खबर भी सामने आई है। जिले के ओछापुरा गांव में रविवार देर रात आकाशीय बिजली गिरने से 32 वर्षीय राजेश श्रीवास की मौत हो गई। बताया गया कि वह अपने घर के आंगन में सो रहा था, तभी तेज गर्जना के साथ बिजली गिरी और वह उसकी चपेट में आ गया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

    मानसून को लेकर भी मौसम विशेषज्ञों ने अहम संकेत दिए हैं। सामान्य तौर पर मध्य प्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश करता है, लेकिन इस बार इसके आगमन में लगभग एक सप्ताह की देरी हो सकती है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि मानसून 20 से 22 जून के बीच प्रदेश में दस्तक दे सकता है।

    दिलचस्प बात यह है कि मई महीने में प्रदेश ने भीषण गर्मी और असामान्य बारिश दोनों का अनुभव किया। एक ओर खजुराहो में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, वहीं दूसरी ओर लगातार हुई बारिश और ओलावृष्टि ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मई में प्रदेश में सामान्य से करीब 56 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश में आंधी, बारिश और बादलों का प्रभाव बना रहेगा, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलती रहेगी। हालांकि बिजली गिरने और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की भी सलाह दी गई है।