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  • ‘मैंने प्यार किया’ में Salman Khan नहीं, अमाल के पिता बनने वाले थे हीरो! सिंगर का बड़ा खुलासा

    ‘मैंने प्यार किया’ में Salman Khan नहीं, अमाल के पिता बनने वाले थे हीरो! सिंगर का बड़ा खुलासा


    नई दिल्ली। म्यूजिक कंपोजर Amaal Mallik ने हाल ही में एक ऐसा खुलासा किया है, जिसने बॉलीवुड फैंस को चौंका दिया है। उन्होंने बताया कि सुपरहिट फिल्म Maine Pyar Kiya में शुरुआत में Daboo Malik को हीरो के तौर पर कास्ट किया गया था, न कि Salman Khan को।

    फिल्म की शूटिंग भी कर चुके थे डब्बू मलिक
    एक इंटरव्यू में अमाल ने बताया कि उनके पिता डब्बू मलिक ने फिल्म के शुरुआती शेड्यूल में हीरो के रूप में शूटिंग भी कर ली थी। उस समय फिल्म के निर्देशक Sooraj Barjatya और उनके परिवार ने उन्हें यह मौका दिया था।
    फोटोशूट और कुछ सीन पूरे हो चुके थे, और फिल्म का काम आगे बढ़ रहा था। लेकिन इसी बीच कहानी में अचानक बड़ा मोड़ आ गया।

    अचानक हुई एंट्री और बदल गया फैसला
    अमाल मलिक के मुताबिक, इसी दौरान एक नए चेहरे की एंट्री हुई—जो बाद में सुपरस्टार बने Salman Khan।
    उन्होंने बताया कि उनके पिता ने खुद उस दिन को याद करते हुए कहा था कि ऑफिस की सीढ़ियों पर उन्हें एक हैंडसम लड़का दिखा, जो बाद में फिल्म का नया हीरो बना।

     बिना बताए कर दिया गया रिप्लेस
    सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि डब्बू मलिक को उनके रिप्लेस होने की जानकारी सीधे तौर पर नहीं दी गई। अमाल के अनुसार, उनके पिता को यह बात एक सिक्योरिटी गार्ड से पता चली।
    यह घटना उनके लिए काफी झटका देने वाली थी। उस समय वे मानसिक रूप से परेशान भी हुए, लेकिन हालात को स्वीकार करने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं था।

    सालों बाद सलमान को बताई थी सच्चाई
    अमाल ने यह भी बताया कि बाद में जब Daboo Malik ने Sohail Khan की फिल्म के लिए गाना बनाया, तब उन्होंने यह पूरी कहानी Salman Khan को खुद सुनाई थी।

    सलमान के करियर की बनी टर्निंग प्वाइंट
    गौरतलब है कि Maine Pyar Kiya सलमान खान के करियर की पहली बड़ी हिट फिल्म थी, जिसने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज वे इंडस्ट्री के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में गिने जाते हैं।

    आगे भी व्यस्त हैं सलमान खान
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, Salman Khan जल्द ही नई फिल्मों में नजर आने वाले हैं, जिनमें एक बड़ा प्रोजेक्ट इस साल और एक अगली ईद पर रिलीज हो सकता है।

  • तेज धूप में नंगे पैर Vrindavan पहुंचे Virat Kohli-Anushka Sharma, सादगी ने जीता दिल

    तेज धूप में नंगे पैर Vrindavan पहुंचे Virat Kohli-Anushka Sharma, सादगी ने जीता दिल


    नई दिल्ली। क्रिकेट और बॉलीवुड की चर्चित जोड़ी Virat Kohli और Anushka Sharma एक बार फिर अपनी आध्यात्मिक यात्रा को लेकर सुर्खियों में हैं। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर यह कपल Vrindavan पहुंचा, जहां उन्होंने प्रसिद्ध संत Premanand Maharaj के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया।

     आम श्रद्धालुओं की तरह सुना प्रवचन
    विराट और अनुष्का ने किसी वीआईपी की तरह नहीं, बल्कि आम भक्तों की तरह बैठकर प्रवचन सुना। दोनों पूरी तरह भक्ति में लीन नजर आए और Radha Krishna की आराधना में डूबे दिखे। उनकी सादगी और समर्पण ने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया।

    नंगे पैर गलियों में चलते दिखे ‘विरुष्का’
    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कपल को वृंदावन की गलियों में नंगे पैर चलते देखा गया। भीषण गर्मी के बावजूद दोनों ने किसी तरह की विशेष सुविधा नहीं ली और पूरी श्रद्धा के साथ गुरु के दरबार तक पहुंचे।
    लोगों ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा— “सच्ची भक्ति वही है, जहां दिखावा नहीं, सिर्फ समर्पण होता है।”

     राधिका वाटिका में किए दर्शन
    कपल राधिका वाटिका भी गया, जहां उन्होंने बड़े महाराज के दर्शन किए। जैसे ही लोग उन्हें पहचान पाए, फोटो और वीडियो बनाने की होड़ लग गई। इसके बावजूद दोनों शांत भाव से पूजा-पाठ में लगे रहे।

     एयरपोर्ट पर दिखे संस्कार
    एक और वीडियो में अनुष्का शर्मा एक व्यक्ति के पैर छूकर आशीर्वाद लेती नजर आईं, फिर उन्हें गले लगाया। इस व्यवहार ने फैंस को खासा प्रभावित किया।
    बताया जा रहा है कि यह शख्स Premanand Maharaj के आश्रम से जुड़े संत हो सकते हैं, जो कपल को रिसीव करने एयरपोर्ट पहुंचे थे।

    पारंपरिक लुक में दिखा अलग अंदाज
    इस दौरान विराट और अनुष्का ट्रेडिशनल पहनावे में नजर आए। गले में तुलसी की माला और माथे पर तिलक लगाए दोनों पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंगे दिखे।

     5 महीनों में तीसरी बार दर्शन
    गौरतलब है कि पिछले 5 महीनों में यह तीसरा मौका है, जब विराट-अनुष्का Premanand Maharaj के दर्शन करने पहुंचे हैं। व्यस्त शेड्यूल, खासकर आईपीएल 2026 के बीच विराट का इस तरह आध्यात्म की ओर झुकाव लोगों को काफी प्रभावित कर रहा है।

  • ग्‍लोबल मार्केट में Crude Oil की कीमत में गिरावट… ट्रंप की चेतावनी भी बेअसर

    ग्‍लोबल मार्केट में Crude Oil की कीमत में गिरावट… ट्रंप की चेतावनी भी बेअसर


    नई दिल्ली।
    इंटरनेशनल मार्केट (International Market) में क्रूड ऑयल के दाम (Crude Oil Price) में उथल-पुथल मची हुई है. एक द‍िन पहले ज‍िस क्रूड के दाम में ग‍िरावट देखी जा रही थी, अगले द‍िन उसी में तेजी देखी जा रही है. दो द‍िन पहले की ही बात है जब ईरान ने कहा कि होर्मुज स्‍ट्रेट (Strait of Hormuz) को कमर्श‍ियल श‍िप के लि‍ए पूरी तरह खोल द‍िया गया है. इसके बाद क्रूड के दाम 9 प्रत‍िशत तक टूट गए. लेक‍िन डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump.) की तरफ से जब यह बयान आया क‍ि अमेरिकी नौसेना ने ईरानी झंडे वाला कार्गो जहाज को जब्‍त कर ल‍िया है. इसके बाद तेल की कीमत में तेजी देखी गई. अब फ‍िर क्रूड ऑयल के दाम में ग‍िरावट देखी जा रही है।

    मंगलवार सुबह क्रूड ऑयल के दाम में फ‍िर से ग‍िरावट देखी जा रही है. WTI क्रूड के रेट में 0.87 डॉलर प्रत‍ि बैरल की ग‍िरावट देखी गई और यह 86.63 डॉलर प्रत‍ि बैरल पर पहुंच गया. ब्रेंट क्रूड के दाम में भी नरमी देखी जा रही है और यह टूटकर 95.09 डॉलर प्रत‍ि बैरल पर पहुंच गया. ईरान और इजरायल के बीच 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद सीजफायर के बीच क्रूड के दाम में उठा-पटक बनी हुई है. आने वाले समय में तेल की कीमत में अस्थिरता बनी रहने उम्मीद है. होर्मुज बंद होने के बाद ग्लोबल सप्लाई चेन टूट चुकी है. दुन‍ियाभर के ऑयल मार्केट का 20 फीसदी इसी रास्ते से होकर गुजरता है।


    ट्रंप ने दी चेतावनी

    इससे पहले अमेर‍िका और ईरान की पाक‍िस्‍तान में सोमवार को होने वाली बातचीत से ईरान ने यह कहकर क‍िनारा कर ल‍िया क‍ि यूएस की लगातार बढ़ती मांगों और धमकी के आगे वह नहीं झुकेगा. इसके बाद दोनों देशों का तनाव फिर से चरम पर पहुंच गया है. दोनों पक्षों के बीच 8 अप्रैल को शुरू हुआ सीजफायद 22 अप्रैल को खत्म होने जा रहा है. ईरान के बातचीत से क‍िनारा क‍िये जाने से नाराज ट्रंप ने कहा कि यद‍ि सीजफायर बिना किसी समझौते के मंगलवार शाम को खत्म हो जाता है तो फिर बहुत सारे बम फटने लगेंगे।


    भारतीय बाजार में पेट्रोल-डीजल का हाल

    क्रूड के दाम में उठा-पटक का असर सीधे तौर पर पेट्रोल-डीजल के रेट पर देखा जाता है. प‍िछले द‍िनों क्रूड के दाम में तेजी आई तो तेल कंपन‍ियों के प्रॉफ‍िट पर सीधा असर पड़ा. इसे मैनेज करने के लि‍ए सरकार ने आम आदमी को राहत देते हुए एक्‍साइज ड्यूटी में कटौती कर तेल कंपन‍ियों के दबाव को कम क‍िया. अगर क्रूड के दाम लंबे समय तक 100 डॉलर के आसपास बने रहे तो इसका असर आम आदमी पर देखने को म‍िल सकता है।


    पेट्रोल-डीजल के रेट

    > दिल्ली : पेट्रोल 94.77, डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर
    > मुंबई: पेट्रोल 103.54, डीजल 90.03 रुपये प्रति लीटर
    > चेन्नई: पेट्रोल 100.84, डीजल 92.48 रुपये प्रति लीटर
    > कोलकाता: पेट्रोल 105.45, डीजल 91.81 रुपये प्रति लीटर

  • संघ प्रमुख मोहन भागवत की Z प्लस सिक्योरिटी को लेकर HC में याचिका… जानें क्या की गई डिमांड?

    संघ प्रमुख मोहन भागवत की Z प्लस सिक्योरिटी को लेकर HC में याचिका… जानें क्या की गई डिमांड?


    नई दिल्ली।
    RSS यानी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) को मिली Z प्लस सुरक्षा को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court.) में याचिका दाखिल हुई। इस याचिका के जरिए मांग की गई थी कि सुरक्षा पर हो रहे खर्च का भुगतान संघ की तरफ से ही किया जाना चाहिए। हालांकि, उच्च न्यायालय ने याचिका को खारिज कर दिया है। साथ ही याचिकाकर्ता की मंशा पर भी सवाल उठाए हैं।


    40 से 45 लाख रुपये महीने का खर्च

    उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ के समक्ष दायर जनहित याचिका में दावा किया गया कि सुरक्षा कवर की लागत कथित तौर पर 40 लाख से 45 लाख रुपये प्रति माह बताई गई है, जो सार्वजनिक धन का दुरुपयोग और राज्य के खजाने का नुकसान है क्योंकि आरएसएस एक पंजीकृत संगठन नहीं है।

    याचिका को खारिज करते हुए मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर और जस्टिस अनिल किलोर की पीठ ने याचिका दायर करने के पीछे याचिकाकर्ता के मकसद और इरादे पर सवाल उठाए। याचिकाकर्ता के वकील ने यह जानकारी दी।


    याचिका में क्या

    नागपुर निवासी ललन सिंह द्वारा अपने वकील अश्विन इंगोले के माध्यम से दायर याचिका में यह दलील दी गई कि करदाताओं के पैसे का दुरुपयोग ऐसे व्यक्ति को ‘जेड-प्लस’ श्रेणी की वीवीआईपी सुरक्षा प्रदान करने के लिए किया जा रहा है, जिसका संगठन ‘पंजीकृत’ नहीं है। याचिकाकर्ता ने सरकार की तरफ से भागवत को दी गई उच्च स्तरीय सुरक्षा के लिए उनसे शुल्क की भरपाई का अनुरोध किया था।


    मुकेश अंबानी केस का दिया हवाला

    उन्होंने 2023 में उच्चतम न्यायालय द्वारा उद्योगपति मुकेश अंबानी से संबंधित एक मामले में दिए गए फैसले का हवाला दिया, जिसमें शीर्ष अदालत ने भारत सरकार की नीति के अनुसार उन्हें ‘जेड-प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया था। साथ ही इसका पूरा खर्च उनके परिवार द्वारा उठाया जाना था।


    मोहन भागवत को कब मिली थी जेड प्लस सिक्योरिटी

    जून 2015 में संघ प्रमुख भागवत की सुरक्षा को बढ़ाकर जेड प्लस श्रेणी का कर दिया गया था। इसके साथ ही उनके सुरक्षा घेरे को संभालने का जिम्मा CISF यानी सेंट्रल आर्म्ड इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्सेज के पास आ गया था। इससे पहले उनकी सुरक्षा में महाराष्ट्र पुलिस की टुकड़ियां तैनात थीं। खास बात है कि पहली बार साल 2012 में यूपीए सरकार के दौरान भागवत को जेड प्लस सिक्योरिटी देने के आदेश दिए गए थे। तब सुशील कुमार शिंदे देश के गृहमंत्री थे।

  • हॉर्मुज में भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर ईरानी फायरिंग के बाद ऐक्शन में भारत…

    हॉर्मुज में भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर ईरानी फायरिंग के बाद ऐक्शन में भारत…


    नई दिल्ली।
    भारत (India) ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) में दो भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (Islamic Revolutionary Guard Corps.- IRGC) के सैनिकों द्वारा की गई गोलीबारी की घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। यह घटना 18 अप्रैल को हुई थी। सरकार ने तत्काल कूटनीतिक कदम उठाते हुए ईरानी राजदूत को तलब किया और इस घटना पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। अभी भी हॉर्मुज में करीब 14 भारतीय जहाज फंसे हैं जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए भारत ने प्रयास तेज कर दिए हैं। दूसरी ओर भारतीय नौसेना ने 7 युद्धपोत तैनात कर जहाजों को एस्कॉर्ट करना शुरू कर दिया है।


    कूटनीतिक प्रतिक्रिया और भारत का रुख

    गोलीबारी की घटना के बाद भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ईरानी दूत से मुलाकात कर भारत की गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट रूप से इस क्षेत्र से गुजरने वाले भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पुष्टि की है कि भारत ने राजनयिक चैनलों के माध्यम से तेजी से कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा- हम भारतीय जहाजों की सुरक्षा के संबंध में ईरानी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं और उन्हें सुरक्षित रास्ता दिलाने के लिए प्रयासरत हैं।

    यह फायरिंग ईरानी अधिकारियों और स्थानीय IRGC यूनिट के बीच ‘संचार की कमी’ का नतीजा प्रतीत होती है। राहत की बात ये है कि जहाजों को कोई बड़ा ढांचागत नुकसान नहीं पहुंचा है। घटना के दौरान जहाजों के कुछ हिस्सों में शीशे (कांच) टूटने की सूचना मिली है।


    UKMTO की रिपोर्ट और हमलों का विवरण

    यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने भी अपनी रिपोर्ट में इस घटना का जिक्र किया है। रिपोर्ट के अनुसार, 18 अप्रैल को कुल तीन जहाजों को निशाना बनाया गया, जिनमें से दो भारतीय थे।

    पहली घटना: एक भारतीय ध्वज वाले तेल टैंकर के पास दो ईरानी सैन्य गनबोट (हथियारबंद नावें) आईं और बिना किसी पूर्व चेतावनी या रेडियो संपर्क के फायरिंग शुरू कर दी। गनीमत रही कि चालक दल पूरी तरह सुरक्षित बच गया।

    दूसरी घटना: इसके कुछ ही समय बाद, ओमान के तट के पास एक अन्य भारतीय सुपरटैंकर को निशाना बनाया गया। इस जहाज पर एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल (गोला/मिसाइल) टकराने की खबर है, जिससे इस अहम समुद्री मार्ग में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

    इस गंभीर घटना के बीच, भारतीय नौसेना ने क्षेत्र में 7 युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। फंसे जहाजों को लारक आइलैंड से दूर रहने और केवल अनुमति मिलने पर आगे बढ़ने की एडवाइजरी जारी की गई है। नौसेना जहाजों को एस्कॉर्ट कर रही है।


    वर्तमान स्थिति और भारतीय जहाजों की मौजूदगी

    इस समय स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है। हॉर्मुज स्ट्रेट में कम से कम 14 भारतीय ध्वज वाले जहाज अभी भी लंगर डाले हुए हैं, जिनमें तीन बड़े तेल टैंकर और एक एलपीजी (LPG) कैरियर शामिल हैं। 28 फरवरी को मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के बाद से भारत पहले ही 10 भारतीय एलपीजी और तेल टैंकरों को इस क्षेत्र से सुरक्षित निकाल चुका है। अब बाकी बचे 14 जहाजों की सुरक्षित वापसी के प्रयास किए जा रहे हैं। ईरान में भारी संख्या में भारतीय नागरिक भी मौजूद हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना नई दिल्ली की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। भारत लगातार ईरान पर कूटनीतिक दबाव बना रहा है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति न हो और भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही की गारंटी मिल सके।

  • तेज प्रताप के बयान से बिहार के सियासी गलियारों में हलचल…. बोले- कभी भी बिखर सकती है RJD

    तेज प्रताप के बयान से बिहार के सियासी गलियारों में हलचल…. बोले- कभी भी बिखर सकती है RJD


    पटना।
    लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) ने एक बार फिर अपने बेबाक बयानों से बिहार के सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। एक मीडिया चैनल पर खास बात-चीत करते हुए तेज प्रताप ने न केवल पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Former Chief Minister Nitish Kumar.) के कामकाज की जमकर सराहना की, बल्कि अपने छोटे भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के नेतृत्व वाली राजद (RJD) के भविष्य पर भी बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया।


    “मेरे अलग होने से कमजोर हुई राजद”

    तेज प्रताप यादव ने राजद की वर्तमान स्थिति पर कड़ा प्रहार करते हुए दावा किया कि पार्टी अब बिखरने की कगार पर है। उन्होंने साफ लहजे में कहा, “जब से हम राजद से अलग हुए हैं, पार्टी कमजोर हुई है।” उन्होंने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वह जनता से दूरी बनाए हुए हैं। तेज प्रताप ने यहाँ तक चेतावनी दे डाली कि राजद की स्थिति फिलहाल ऐसी है कि उसके विधायकों पर अन्य दलों की नजर बनी हुई है और पार्टी कभी भी टूट सकती है। उनके बचे हुए 25 विधायकों को कोई भी कभी भी तोड़ सकता है।

    नीतीश कुमार को 10 में से 9 नंबर
    जब तेज प्रताप से पूछा गया कि वह नीतीश कुमार के कार्यकाल को कैसे देखते हैं, तो उन्होंने बेहद बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार हमारे पिता लालू प्रसाद यादव के पुराने साथी रहे हैं। वह हमारे चाचा के समान हैं और राजनीति में बहुत सीनियर हैं। हम लोग तो अभी उनके सामने बच्चे हैं।” दिलचस्प बात यह रही कि जब उन्हें याद दिलाया गया कि उनकी माता राबड़ी देवी को हटाकर ही नीतीश सीएम बने थे, तो तेज प्रताप ने कहा कि राजनीति में उलटफेर चलते रहते हैं, लेकिन व्यक्तिगत संबंध अपनी जगह हैं। उन्होंने मजाकिया लहजे में नीतीश कुमार की एक खूबी भी गिनाई और कहाँ कि “चाचा काम के दौरान न्यूट्रल रहते थे और जिस तरह वह अपना पेट सहलाते हैं, वह मुझे बहुत अच्छा लगता है।”


    बदलते सियासी समीकरण के संकेत?

    बता दें कि नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल को राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा था। इसके बाद 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। तेज प्रताप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार की राजनीति एक नए दौर से गुजर रही है। भाई तेजस्वी यादव पर तंज और चाचा नीतीश की इतनी बड़ी रेटिंग, कहीं न कहीं बिहार में एक नए सियासी समीकरण की आहट दे रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेज प्रताप का यह ‘नंबर गेम’ आने वाले दिनों में राजद के लिए मुश्किल पैदा कर सकता है।

  • ब्रह्मा जी के आंसुओं से बना दिव्य फूल: ब्रह्म ऊर्जा और धन का स्रोत, जानें सही दिशा और नियम

    ब्रह्मा जी के आंसुओं से बना दिव्य फूल: ब्रह्म ऊर्जा और धन का स्रोत, जानें सही दिशा और नियम

    नई दिल्ली। कल्पना कीजिए एक ऐसे फूल की, जो साल में सिर्फ एक बार खिले, वह भी आधी रात को… और सुबह होते ही मुरझा जाए। यही अद्भुत विशेषता ब्रह्म कमल को सामान्य फूलों से अलग बनाती है। हिमालय की ऊंचाइयों में पाया जाने वाला यह दुर्लभ पुष्प न केवल अपनी सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसकी धार्मिक और आध्यात्मिक महत्ता भी बहुत गहरी है। मान्यता है कि यह फूल घर में हो तो सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और वातावरण पवित्र बना रहता है।

     आस्था और पौराणिक महत्व से जुड़ा फूल

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान ब्रह्मा का संबंध कमल से है और इसी कारण ब्रह्म कमल को अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह फूल भगवान शिव, भगवान विष्णु और नंदा देवी को भी प्रिय बताया गया है। उत्तराखंड के प्रसिद्ध धाम केदारनाथ मंदिर और बद्रीनाथ मंदिर में इसे प्रसाद के रूप में अर्पित किया जाता है।

    ऐसी मान्यता है कि ब्रह्म कमल के दर्शन मात्र से व्यक्ति की एक मनोकामना अवश्य पूरी होती है। यही वजह है कि इसे शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

     घर में ब्रह्म कमल लगाने के चमत्कारी लाभ

    ब्रह्म कमल को घर में लगाना आसान नहीं होता, लेकिन जहां यह स्थापित हो जाता है, वहां कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं।

    घर का वातावरण शुद्ध और शांत रहता है
    नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
    मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ती है
    परिवार में सामंजस्य और आध्यात्मिक उन्नति होती है
    धन और समृद्धि के योग मजबूत होते हैं
    धार्मिक मान्यता के अनुसार यह फूल चंद्र ऊर्जा से जुड़ा होता है, जिससे घर के लोगों का मन शांत और संतुलित रहता है।

    वास्तु और ज्योतिष के अनुसार महत्व

    वास्तु शास्त्र के अनुसार, ब्रह्म कमल को सही दिशा में रखने से घर में सुख-समृद्धि आती है। ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को सबसे शुभ माना गया है। यहां रखने से घर की नकारात्मकता खत्म होती है और धन के रास्ते खुलते हैं।
    ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह फूल बेहद खास है। माना जाता है कि इसके घर में होने से ग्रह दोष, खासकर चंद्र और शनि से जुड़े दोष कम होते हैं और जीवन में उन्नति के मार्ग प्रशस्त होते हैं।

    ब्रह्म कमल लगाने की सही दिशा और नियम

    ब्रह्म कमल की ऊर्जा का पूरा लाभ लेने के लिए इसे सही स्थान पर लगाना जरूरी है—

    घर का केंद्र (ब्रह्म स्थान) सबसे उत्तम माना गया है
    उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में रखना शुभ होता है
    पूजा घर या ध्यान स्थल के पास रखना लाभकारी है
    पूर्व दिशा में लगाने से नए अवसर और सफलता मिलती है

    वहीं, इसे दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे बाधाएं और आर्थिक समस्याएं बढ़ सकती हैं।

    देखभाल से जुड़े जरूरी नियम
    ब्रह्म कमल ठंडे और छायादार वातावरण में ही पनपता है
    तेज धूप से इसे बचाना चाहिए
    पौधे को साफ-सुथरी जगह पर रखें
    नियमित रूप से हल्का पानी देना जरूरी है

  • लोगों को खूब भा रहा PM मोदी का झालमुड़ी वीडियो….इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ और फेसबुक पर 9 करोड़ व्यूज़

    लोगों को खूब भा रहा PM मोदी का झालमुड़ी वीडियो….इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ और फेसबुक पर 9 करोड़ व्यूज़


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के रविवार को पश्चिम बंगाल (West Bengal.) में चार जनसभाओं के बीच झालमुड़ी (Jhalmuri) की एक दुकान पर जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है। इंस्टाग्राम पर 24 घंटे के भीतर इसे 10 करोड़ बार और फेसबुक पर लगभग नौ करोड़ बार देखा जा चुका है। सूत्रों ने यह भी बताया कि “झालमुड़ी” के लिए गूगल सर्च पिछले 22 वर्षों में सबसे अधिक है। पीएम मोदी रविवार को पश्चिम बंगाल में अपने चुनाव प्रचार दौरे के दौरान अचानक रुके और झाड़ग्राम में लोकप्रिय बंगाली स्ट्रीट फूड झालमुड़ी का स्वाद लिया। झालमुड़ी मुरमुरे, हरी मिर्च और अन्य मसालों से बनाया जाती है।

    एक सूत्र ने बताया, ”प्रधानमंत्री मोदी के पश्चिम बंगाल में झालमुड़ी की एक दुकान पर जाने के वीडियो को इंस्टाग्राम पर 24 घंटे के भीतर 10 करोड़ बार और फेसबुक पर लगभग नौ करोड़ बार देखा गया।” मोदी ने झालमुड़ी का स्वाद लिया और बाद में उसकी तस्वीर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट की। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर तीन पोस्ट किये जिसमें उन्होंने अपने दौरे का एक वीडियो भी पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, ”एक व्यस्त रविवार को पश्चिम बंगाल में चार सार्वजनिक सभाओं के बीच, मैंने झाड़ग्राम में स्वादिष्ट मसालेदार मुरमुरे (झालमुड़ी) का आनंद लिया।”


    ममता बोलीं- ये नौटंकी था

    दूसरी तरफ, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को आरोप लगाया कि झाड़ग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अचानक “झालमुरी” खरीदने के लिए रुकना सिर्फ एक “नौटंकी” था। बीरभूम जिले के मुरारई विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ममता ने कहा, “चुनाव प्रचार के दौरान जब प्रधानमंत्री बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अचानक झालमुरी खरीदने के लिए रुके थे, तो उस समय वहां कैमरे कैसे मौजूद थे?” उन्होंने कहा कि ये पूरा घटनाक्रम पहले से तय था।


    पीएम ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया था

    प्रधानमंत्री ने रविवार को अपने आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह झाड़ग्राम की एक साधारण-सी दुकान से ‘झालमुरी’ खरीदते दिखाई दे रहे थे। इस दौरान उनके सुरक्षाकर्मी भी साथ थे। वीडियो में देखा जा सकता है कि मोदी ‘झालमुरी’ के लिए दुकानदार को भुगतान करते हैं और जब ​​दुकानदार रुपये लेने से इनकार करता है, तो वह जोर देकर कहते हैं कि उसे रुपये स्वीकार करने चाहिए। पूरे घटनाक्रम की सहजता पर सवाल उठाते हुए ममता ने कहा, “वहां कैमरे पहले से ही लगा दिए गए थे। एसपीजी (प्रधानमंत्री को निकट सुरक्षा प्रदान करने वाला बल) ने पूरी व्यवस्था की थी।”


    जेब में 10 रुपये का नोट रखे देखा गया था

    उन्होंने दावा किया, “प्रधानमंत्री को अपनी जेब में 10 रुपये का नोट रखे देखा गया था। क्या यह विश्वास करने लायक है? यह सब नौटंकी है।” ममता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर “विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में अल्पसंख्यक समुदाय से निर्दलीय उम्मीदवारों को मैदान में उतारने में कुछ गद्दारों की गुप्त रूप से मदद करने” का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मेरे इलाके भाबानीपुर में भी ऐसा ही हुआ है। वे मुर्शिदाबाद और मालदा से आए हैं।” ममता ने कहा, “उन्होंने (भाजपा नेताओं) धर्म का व्यवसायीकरण कर दिया है। मैं मानवता का सम्मान करती हूं। मैं धर्मनिरपेक्षता में विश्वास रखती हूं। मैं हर धर्म, जाति, पंथ और भाषा का सम्मान करती हूं। लेकिन जिन्होंने अपने ही लोगों के साथ विश्वासघात किया है, हमारी पार्टी के साथ विश्वासघात किया है, उन्हें जनता अस्वीकार कर देगी।”

  • ‘ये मेरी आखिरी फिल्म…’ David Dhawan का बड़ा इशारा, बेटे Varun Dhawan को लेकर हुए इमोशनल

    ‘ये मेरी आखिरी फिल्म…’ David Dhawan का बड़ा इशारा, बेटे Varun Dhawan को लेकर हुए इमोशनल


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के मशहूर फिल्ममेकर David Dhawan इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में वे एक बार फिर अपने बेटे Varun Dhawan के साथ काम कर रहे हैं। लेकिन इसी बीच उनके एक बयान ने फैंस को भावुक कर दिया है। डेविड धवन ने संकेत दिया है कि यह फिल्म उनके करियर की आखिरी फिल्म हो सकती है। उनका कहना है कि अब वे धीरे-धीरे काम से दूरी बनाकर परिवार के साथ समय बिताना चाहते हैं।

    बेटे वरुण के साथ खास बॉन्डिंग, सेट पर सिर्फ एक्टर-डायरेक्टर रिश्ता

    एक इंटरव्यू में डेविड धवन ने अपने और वरुण के रिश्ते को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच शानदार समझ और तालमेल है। “डायरेक्टर को सबसे पहले एक अच्छा एक्टर चाहिए होता है। वरुण सिर्फ मेरा बेटा नहीं, बल्कि एक समझदार कलाकार है, जो हर चीज को गहराई से समझता है।”
    डेविड ने यह भी बताया कि सेट पर वे वरुण को बेटे की तरह नहीं, बल्कि एक प्रोफेशनल एक्टर की तरह देखते हैं। उनका मानना है कि काम के दौरान रिश्तों को अलग रखना जरूरी होता है, ताकि बेहतर रिजल्ट मिल सके।

    पुराने दौर को किया याद, बदले फिल्म बनाने के तरीके

    डेविड धवन ने फिल्म इंडस्ट्री के पुराने दौर को याद करते हुए बताया कि पहले फिल्मों के काम करने का तरीका बिल्कुल अलग था। उन्होंने कहा कि उस समय पूरी स्क्रिप्ट सुनाने का चलन नहीं था। Salman Khan, Govinda और Sanjay Dutt जैसे बड़े स्टार्स भी कई बार पूरी स्क्रिप्ट नहीं सुनते थे।
    सीन-टू-सीन समझाकर फिल्म बनाई जाती थी और भरोसे के आधार पर काम होता था। हालांकि आज का दौर बदल चुका है, लेकिन डेविड आज भी उसी पुराने अंदाज को पसंद करते हैं।

    वरुण के काम की तारीफ, बोले- अब कंप्लीट एक्टर बन चुका है

    डेविड धवन ने वरुण के काम की जमकर सराहना की। उन्होंने खासतौर पर Border 2 में उनके रोल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि “उस फिल्म में वरुण ने शानदार काम किया है। उसका किरदार इमोशनल है, जिसमें उसने दर्शकों को हंसाया भी और रुलाया भी।”
    डेविड के मुताबिक, वरुण अब एक ‘कंप्लीट एक्टर’ बन चुका है, जो हर तरह के रोल में फिट बैठता है।

    शूटिंग के दौरान बिगड़ी तबीयत, बेटे ने संभाली जिम्मेदारी

    इस दौरान डेविड धवन ने अपनी सेहत को लेकर भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान वे काफी बीमार पड़ गए थे और उन्हें अस्पताल जाना पड़ा। उस समय वरुण ने एक जिम्मेदार बेटे की तरह उनका पूरा ख्याल रखा। डॉक्टरों से लगातार संपर्क में रहकर उन्होंने हर स्थिति को संभाला।

    3 दशक का शानदार सफर, अब संतुष्ट नजर आए डेविड

    करीब 30 साल के करियर में 45 से ज्यादा फिल्में बनाने वाले डेविड धवन अपने सफर से संतुष्ट नजर आते हैं। उन्होंने कहा, “मैंने बहुत अच्छा सफर देखा है, अब मुझे और कुछ नहीं चाहिए।” उन्होंने अपने गुरु Manmohan Desai को भी याद किया और बताया कि उन्होंने उनसे ही मसाला एंटरटेनमेंट सिनेमा की बारीकियां सीखी हैं।

    12 जून को रिलीज होगी फिल्म, फैंस को बड़ी उम्मीद

    अब Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai 12 जून को रिलीज होने जा रही है, जिसमें वरुण धवन के साथ Pooja Hegde और Mrunal Thakur नजर आएंगी।
    फैंस इस फिल्म को लेकर काफी उत्साहित हैं और यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह फिल्म डेविड धवन की पिछली कॉमेडी फिल्मों की तरह बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा पाएगी या वाकई यह उनके शानदार करियर का आखिरी पड़ाव साबित होगी।

  • दर्शकों की बदलती पसंद: कंटेंट, संस्कृति और भव्यता का नया संगम रच रहा सिनेमा

    दर्शकों की बदलती पसंद: कंटेंट, संस्कृति और भव्यता का नया संगम रच रहा सिनेमा


    नई दिल्ली। पिछले कुछ वर्षों में दर्शकों की पसंद में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पहले जहां दर्शक सिर्फ मनोरंजन के लिए कॉमेडी या एक्शन फिल्में देखते थे, वहीं अब वे ऐसी कहानियों की ओर आकर्षित हो रहे हैं जो दिल को छू जाएं और लंबे समय तक याद रहें। अब फिल्मों में इमोशन, गहराई और सच्चाई की मांग बढ़ गई है। यही कारण है कि फिल्म इंडस्ट्री भी अब कंटेंट-ड्रिवन फिल्मों पर ज्यादा फोकस कर रही है, जहां कहानी और प्रस्तुति को प्राथमिकता दी जा रही है।
    माइथोलॉजी और लोककथाएं भारतीय समाज का अहम हिस्सा रही हैं। इन कहानियों में हमारी संस्कृति, परंपराएं और आस्था की झलक मिलती है। जब इन्हें आधुनिक अंदाज में फिल्मों या वेब सीरीज के जरिए पेश किया जाता है, तो दर्शकों के साथ एक गहरा भावनात्मक जुड़ाव बनता है। यही वजह है कि आजकल फिल्ममेकर्स इन विषयों को बड़े स्तर पर प्रस्तुत करने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
    इस ट्रेंड को मजबूत करने में Kantara का बड़ा योगदान रहा है। Rishab Shetty की इस फिल्म ने दिखाया कि जड़ों से जुड़ी सच्ची कहानी भाषा की सीमाओं को पार कर सकती है। फिल्म में लोकदेवता, परंपरा और प्रकृति के रिश्ते को बेहद प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिसे पूरे देश के दर्शकों ने सराहा। इसकी सफलता ने फिल्म इंडस्ट्री का नजरिया बदल दिया और कंटेंट की ताकत को फिर साबित किया।इसी सफलता के बाद फिल्ममेकर्स का भरोसा मजबूत हुआ है और अब वे बड़े सितारों के बजाय दमदार कहानियों पर ध्यान दे रहे हैं। पौराणिक और सांस्कृतिक विषयों पर आधारित कई नई फिल्में और वेब सीरीज बन रही हैं, जिनमें सिर्फ आस्था ही नहीं, बल्कि इंसानी रिश्तों और समाज की सच्चाई को भी दिखाया जा रहा है। दर्शकों को यही ईमानदारी पसंद आ रही है।
    इसी कड़ी में Ramayana जैसे बड़े प्रोजेक्ट पर भी तेजी से काम चल रहा है। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है। इसे भव्य सेट्स, आधुनिक वीएफएक्स और नई तकनीक के साथ पेश करने की तैयारी है, ताकि हर वर्ग के दर्शकों को एक अलग और यादगार अनुभव मिल सके।
    आज के दौर में फिल्मों की भव्यता भी दर्शकों को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा रही है। इंटरनेशनल स्तर के विजुअल्स, शानदार बैकग्राउंड म्यूजिक और दमदार प्रेजेंटेशन से फिल्म का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। हालांकि, केवल भव्यता ही काफी नहीं होतीकहानी में भावनात्मक गहराई और सच्चाई भी उतनी ही जरूरी है, तभी फिल्म दिलों में जगह बना पाती है।
    अब माइथोलॉजी फिल्मों का क्रेज युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा है। पहले जहां इन्हें सिर्फ बड़े उम्र के लोगों तक सीमित माना जाता था, वहीं अब युवा भी इन कहानियों को पसंद कर रहे हैं। नए अंदाज, तेज रफ्तार कहानी और हाई-क्वालिटी विजुअल्स के कारण उन्हें इसमें एक्शन, ड्रामा और इमोशन का बेहतरीन मिश्रण मिलता है।
    इस बदलाव में OTT platforms का भी बड़ा योगदान है। ओटीटी ने फिल्ममेकर्स को ज्यादा स्वतंत्रता दी है, जिससे वे अपनी कहानियों को विस्तार से दिखा पा रहे हैं। खासकर पौराणिक और ऐतिहासिक कहानियां वेब सीरीज के रूप में दर्शकों तक बेहतर तरीके से पहुंच रही हैं। धीरे-धीरे आगे बढ़ने वाली इन कहानियों से दर्शकों का जुड़ाव भी मजबूत होता है।
    कुल मिलाकर, दर्शकों की बदलती पसंद ने फिल्म इंडस्ट्री को एक नई दिशा दी है, जहां कंटेंट, संस्कृति और भव्यता का संतुलन बनाकर ऐसी कहानियां पेश की जा रही हैं, जो सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि एक यादगार अनुभव बन जाती हैं।