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  • WI vs NZ: दूसरे टेस्ट से पहले न्यूजीलैंड को बड़ा झटका, 3 दिग्गज खिलाड़ी हुए टीम से बाहर

    WI vs NZ: दूसरे टेस्ट से पहले न्यूजीलैंड को बड़ा झटका, 3 दिग्गज खिलाड़ी हुए टीम से बाहर


    नई दिल्ली।
    वेस्टइंडीज (West Indies) के खिलाफ जारी तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के दूसरे मुकाबले से पहले मेजबान न्यूजीलैंड (New Zealand) को 3 बड़े झटके लगे हैं। 3 खिलाड़ी वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। ऐसे में दो नए तेज गेंदबाजों को टीम में शामिल किया गया है। तेज गेंदबाज मैट हेनरी (Fast bowler Matt Henry) (काफ इंजरी) और नैथन स्मिथ (Nathan Smith.) (साइड स्ट्रेन) क्राइस्टचर्च में सीरीज के पहले टेस्ट के दौरान चोटिल हो गए थे। सीरीज का पहला मुकाबला ड्रॉ रहा था और अब ये दोनों धाकड़ खिलाड़ी सीरीज के आखिरी दो मैचों में नहीं खेल पाएंगे, जबकि ऑलराउंडर मिचेल सैंटनर अभी तक ग्रोइन इंजरी से उबर नहीं पाए हैं।

    न्यूजीलैंड वर्सेस वेस्टइंडीज पहले टेस्ट के पहले दिन फर्स्ट चॉइस विकेटकीपर बल्लेबाज टॉम ब्लंडेल को हैमस्ट्रिंग की समस्या हुई थी। इस वजह से वह दूसरे टेस्ट से बाहर हो गए हैं। ऐसे में कीवी टीम को अगले मैच से पहले खिलाड़ियों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। यह मैच बुधवार 10 दिसंबर से वेलिंगटन के बेसिन रिजर्व में खेला जाना है। विकेटकीपर बल्लेबाज मिच हे के ब्लंडेल की जगह लेने और टेस्ट डेब्यू करने की संभावना है, जबकि कीवी टीम ग्लेन फिलिप्स को भी टीम में शामिल करने के बारे में सोच सकती है।

    मैट हेनरी और नैथनस्मिथ की गैरमौजूदगी में न्यूजीलैंड की बॉलिंग लाइनअप में भी बदलाव देखने को मिलेंगे। बैकअप पेसप ब्लेयर टिकनर का वेलिंगटन में खेलना लगभग तय है, जबकि माइकल रे और क्रिस्टियन क्लार्क टीम में शामिल किए गए हैं, जो अनकैप्ड हैं। माइकल रे लंबे कम हैं और उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है। क्लार्क भी कमाल के दिखे हैं। इनमें से किसी एक गेंदबाज को खेलने का मौका मिल सकता है। काइल जैमीसन को अभी भी आराम दिया जा रहा है। वे इस सीरीज के लिए उपलब्ध नहीं होंगे।


    न्यूजीलैंड टीम इस प्रकार है

    टॉम लैथम (कप्तान), माइकल ब्रेसवेल, क्रिस्टियन क्लार्क, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, जैक फॉक्स, मिच हे, डेरिल मिचेल, माइकल रे, रचिन रवींद्र, ब्लेयर टिकनर, केन विलियमसन और विल यंग

    वेस्टइंडीज टीम:
    रोस्टन चेज (कप्तान), जोमेल वारिकन (उप-कप्तान), एलिक अथानैज, जॉन कैंपबेल, टैगेनारिन चंद्रपॉल, जस्टिन ग्रीव्स, केवम हॉज, शाई होप, टेविन इमलाच, ब्रैंडन किंग, जोहान लेयने, एंडरसन फिलिप, केमार रोच, जेडन सील्स और ओजे शील्ड्स

  • सोने की कीमतों में उछाल का दौर जारी… 2026 में भी जारी रहेगी जबरदस्त तेजी!

    सोने की कीमतों में उछाल का दौर जारी… 2026 में भी जारी रहेगी जबरदस्त तेजी!


    नई दिल्ली।
    सोने की कीमतों (Gold Price) में जबरदस्त तेजी का दौर 2026 में भी थमता नहीं दिख रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कीमती धातु अब एक और मजबूत ऊपरी रैली के लिए तैयार है। ब्रोक्रेज फर्म वेंचुरा (Brokerage firm Ventura) ने एक ताजा रिपोर्ट में कहा है कि केंद्रीय बैंकों (Central Banks) की खरीदारी, बनी रहने वाली मुद्रास्फीति (Inflation), अमेरिकी घाटे में बढ़ोतरी और अमेरिकी अर्थव्यवस्था व टैरिफ को लेकर चिंताओं से बना “एक कॉकटेल” सोने की कीमतों को आने वाले वर्ष में $4,600 से $4,800 के लक्षित सीमा में पहुंचा सकता है। नए साल 2026 में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा 75 बीपीएस की दरों में कटौती की उम्मीद से बोलीदाताओं की दिलचस्पी बनी रहेगी।


    सोने ने इस साल 67 प्रतिशत का मुनाफा दिया

    सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की चमक बरकरार है और इस साल घरेलू बाजार में इसने अबतक लगभग 67 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां और रुपये–डॉलर की दर लगभग समान बनी रहती है या रुपया कमजोर होता है, तो 2026 में सोने की कीमत पांच प्रतिशत से 16 प्रतिशत प्रति 10 ग्राम और चढ़ सकती हैं। उनका यह भी कहना है कि चूंकि सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब हैं, इसलिए अनुशासित और सोच-विचार कर निवेश करना जरूरी है।


    संस्थागत निवेशक बढ़ा रहे हैं दबाव

    वेंचुरा ने जोर दिया कि सोने का तेजी का चक्र “अभी खत्म होने से बहुत दूर” है क्योंकि संस्थागत निवेशक मुद्रास्फीति से बचाव के लिए इसे तेजी से चुन रहे हैं, जिसके बाद खुदरा और सट्टेबाजी भागीदारी बढ़ रही है। फर्म का कहना है कि मांग की यह स्तरित प्रकृति सोने की लंबे समय के लिए रैली की नींव को मजबूत कर रही है।


    ड्यूश बैंक और मॉर्गन स्टैनली का नजरिया

    पिछले महीने ड्यूश बैंक ने निवेशकों के स्थिर फंड फ्लो और केंद्रीय बैंकों की निरंतर खरीदारी का हवाला देते हुए अपना 2026 के सोने की कीमत का पूर्वानुमान पहले के $4,000 से बढ़ाकर $4,450 प्रति औंस कर दिया। बैंक अब अगले साल सोने के $3,950 से $4,950 की सीमा में कारोबार करने की उम्मीद करता है।

    मॉर्गन स्टैनली ने एक पहली रिपोर्ट में भविष्यवाणी की थी कि एक धुंधली वैश्विक आर्थिक आउटलुक के बीच ईटीएफ की सॉलिड फिजिकल डिमांड और केंद्रीय बैंकों की चल रही खरीदारी से सपेार्ट पाकर सोना मध्य-2026 तक $4,500 प्रति औंस तक बढ़ सकता है।


    निवेश पोर्टफोलियो में सोने की हिस्सेदारी

    एचडीएफसी सिक्योरिटीज का कहना है कि लगातार मुद्रास्फीति, वास्तविक ब्याज दरों के कम होने की उम्मीदों और फिएट मुद्राओं में विश्वास कमजोर होने के बीच सोने की निवेश अपील में काफी मजबूती आई है। ब्रोकरेज ने प्रमुख पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं में भू-राजनीतिक संघर्ष, बाजार की अस्थिरता और खराब हो रही वित्तीय स्थितियों के खिलाफ बचाव के लिए सोने की क्षमता पर जोर दिया है।

    एचडीएफसी सिक्योरिटीज निवेशकों को सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं में अपने पोर्टफोलियो का 5-10% आवंटित करने की सलाह देता है, जोखिम के आधार पर इसमें धीरे-धीरे वृद्धि की गुंजाइश के साथ।


    नौ लगातार तिमाहियों में रिकॉर्ड हाई

    वेंचुरा के अनुसार, गोल्ड ने लगातार नौ तिमाहियों (2025 की चौथी तिमाही सहित) में नए हाई लेवल दर्ज किए हैं। यह उछाल फिएट मुद्रा मूल्य में एक व्यवस्थित गिरावट का संकेत देता है, एक प्रवृत्ति जो इस तथ्य से और मजबूत होती है कि सोना अब वैश्विक केंद्रीय बैंकों के बीच दूसरी सबसे महत्वपूर्ण रिजर्व संपत्ति बन गया है।


    भारत में स्थिति और तकनीकी पहलू

    भारत में संरचनात्मक कारकों के कारण तेजी और भी तीव्र प्रतीत होती है। घरेलू सोने की कीमतें दुबई की तुलना में लगभग 15% अधिक हैं, यह अंतर आयात शुल्क और लगातार कमजोर रुपए से प्रेरित है।

    वेंचुरा ने यह भी जोर दिया कि वैश्विक अनिश्चितताएं ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जो निरंतर मांग का समर्थन करती हैं। 9 अक्टूबर, 2025 को $4,398 के अपने शिखर के बाद, सोने में $3,891 तक 11% की गिरावट देखी गई, फिर दिसंबर 2025 में $4,299 की ओर मजबूती से वापसी हुई। तकनीकी रूप से, वेंचुरा ने भविष्यवाणी की है कि मजबूत समर्थन $4,200 और $4,056 पर और प्रतिरोध स्तर $4,255–$4,300 के पास होने की उम्मीद है, और अगर ये स्तर टूटते हैं तो आगे $4,381–$4,441 तक की बढ़त हो सकती है।

  • 🇺🇸 रूस को 'खतरा' नहीं मानेगा अमेरिका: ट्रम्प प्रशासन की NSS में बड़ा बदलाव!

    🇺🇸 रूस को 'खतरा' नहीं मानेगा अमेरिका: ट्रम्प प्रशासन की NSS में बड़ा बदलाव!


    नई दिल्ली ट्रम्प प्रशासन ने अपनी नई नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटेजी NSSजारी की है जिसने अमेरिकी विदेश नीति की दिशा को पूरी तरह बदल दिया है। 29 पन्नों का यह दस्तावेज ट्रम्प के लचीले यथार्थवाद Flexible Realismसिद्धांत पर आधारित है। इसके तहत अब अमेरिका वैश्विक रिश्तों को सिर्फ एक पैमाने पर मापेगा जो अमेरिका के हित में है वही करो। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अमेरिका अब रूस को प्रत्यक्ष खतरा या दुश्मन नहीं कहेगा। रूसी प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने TASS को बताया कि अमेरिका की भाषा में यह नरमी एक सकारात्मक संकेत है।

    रूस पर नरमी यूक्रेन युद्ध जल्द खत्म करने पर जोर
    2014 में क्रीमिया पर कब्जे और 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद अमेरिका रूस को सबसे बड़ा खतरा मानता रहा था। लेकिन नई NSS में रूस के साथ रणनीतिक स्थिरता बहाल करने और कुछ मुद्दों पर सहयोग की बात कही गई है।दस्तावेज में कहा गया है कि यूक्रेन युद्ध को जल्द समाप्त करना अमेरिका की प्राथमिकता है ताकि परमाणु टकराव और यूरोप में बड़े युद्ध का खतरा कम हो सके।

    ट्रम्प ने यह बदलाव क्यों किया? 5 बड़े कारण

    1. अमेरिका का फायदा रूस से दुश्मनी बेकार
    ट्रम्प हमेशा मानते रहे हैं कि रूस से टकराव अमेरिका को कोई लाभ नहीं देता। वे कई बार कह चुके हैं कि वे पुतिन से डील करके 24 घंटे में युद्ध खत्म कर सकते हैं।

    2. युद्ध का खर्च अरबों डॉलर से छुटकारा
    ट्रम्प नहीं चाहते कि अमेरिका यूक्रेन को हथियार भेजते हुए लगातार अरबों डॉलर झोंकता रहे। इसलिए वे समझौता चाहते हैं।

    3. चीन पर फोकस
    नई रणनीति चीन को सबसे बड़ा और दीर्घकालिक खतरा बताती है। ट्रम्प का तर्क है कि रूस के साथ तनातनी चीन को मजबूत होने का मौका देती है।

    4. यूरोप को ‘सबक सिखाने की नीति
    ट्रम्प का आरोप है कि यूरोपीय देश अपनी रक्षा पर खर्च नहीं करते लेकिन अमेरिका से सुरक्षा की उम्मीद रखते हैं। उनके शब्दों में
    अगर यूक्रेन की इतनी चिंता है तो खुद लड़ो।

    5. व्यापारिक लाभ
    विश्लेषकों का मानना है कि युद्ध समाप्त होने के बाद यूक्रेन के पुनर्निर्माण में अमेरिकी कंपनियों को बड़े कॉन्ट्रैक्ट मिल सकते हैं। ट्रम्प के करीबी लोग खासकर रूस और खाड़ी देशों के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाना चाहते हैं।

    यूरोप पर ट्रम्प का सबसे कड़ा हमला: 20 साल में यूरोप का अस्तित्व मिट सकता है रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार नई NSS में यूरोप के लिए बेहद कठोर भाषा का इस्तेमाल किया गया है।
    दस्तावेज में चेतावनी दी गई है अगर यूरोप अपनी नीतियां नहीं बदलता तो 20 साल से भी कम समय में उसका अस्तित्व मिट जाएगा। 

    दस्तावेज में यूरोप के बारे में यह आरोप लगाए गए:

    अनियंत्रित आव्रजन जन्म दर में भारी गिरावट राष्ट्रीय पहचान कमजोर होना अभिव्यक्ति की आजादी पर बढ़ते प्रतिबंध यूरोपीय संघ और अन्य संस्थाओं द्वारा सदस्य देशों की संप्रभुता कमजोर करना साथ ही इसमें यूरोप में उभर रहे देशभक्त राजनीतिक दलों की तारीफ की गई है और कहा गया है कि अमेरिका अपने सहयोगियों से अपेक्षा करता है कि वे राष्ट्रीय भावना पुनर्जीवित करें।

    ट्रम्प का दावा: यह दस्तावेज अमेरिका को ‘मानव इतिहास का सबसे महान राष्ट्र बनाए रखेगा  ट्रम्प ने अपनी नई राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति को अमेरिका के भविष्य का रोडमैप बताया है। उनका कहना है हम ताकतवर हैं और जरूरत पड़े तो ताकत का इस्तेमाल करेंगे लेकिन बेवजह युद्ध नहीं लड़ेंगे।नई NSS स्पष्ट करती है कि आने वाले समय में अमेरिकी विदेश नीति का केंद्र होगा अमेरिका के हित अमेरिका की प्राथमिकताएं और अमेरिका की ताकत।

  • हनुमान अष्टमी 12 दिसंबर: बजरंगबली की पूजा से मिलता है ग्रहदोष और संकटों से छुटकारा

    हनुमान अष्टमी 12 दिसंबर: बजरंगबली की पूजा से मिलता है ग्रहदोष और संकटों से छुटकारा

    पौष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाने वाली हनुमान अष्टमी इस वर्ष 12 दिसंबर को देशभर में धूमधाम से मनाई जाएगी। इस दिन हनुमान भक्त विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक, आरती और भंडारे का आयोजन करते हैं। कई मंदिरों से चल समारोह भी निकाले जाते हैं।

    हनुमान अष्टमी से जुड़ी प्राचीन मान्यताएँ

    ज्योतिषाचार्य पं. हरिहर पंड्या बताते हैं कि हनुमान अष्टमी से अनेक पौराणिक कथाएँ जुड़ी हैं।
    सबसे प्रचलित कथा के अनुसार, त्रेतायुग में हनुमानजी ने पाताल लोक में अहिरावण का वध किया था और भगवान श्रीराम व लक्ष्मण को बंदीगृह से मुक्त कराया था। इस विजयोत्सव के कारण ही इस दिन को अत्यंत शुभ माना जाता है।

    एक अन्य मान्यता के अनुसार, अहिरावण का वध करने के बाद हनुमानजी पृथ्वी के नाभि केंद्र उज्जैन लौटे और यहीं विश्राम किया। संयोग से वह दिन पौष कृष्ण अष्टमी का था। तभी से उज्जैन में हनुमान अष्टमी उत्साहपूर्वक मनाई जाती है।

    उज्जैन में विशेष उत्सव और दर्शन का महत्व

    उज्जैन के नानाखेड़ा स्थित चाणक्यपुरी के श्री परशुराम मंदिर में विराजित भजनानंद हनुमानजी के दर्शन का इस दिन विशेष महत्व माना गया है। हर वर्ष बड़ी संख्या में भक्त यहां दर्शन, पूजा और आशीर्वाद के लिए पहुंचते हैं। इस बार भी मंदिर प्रांगण में विशेष अनुष्ठान, आरती और भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

    हनुमान पूजा से मिलता है ग्रहों के विपरीत प्रभाव से समाधान

    ज्योतिष के अनुसार, जिन लोगों की जन्मपत्री में शनि, मंगल, राहु या अन्य ग्रह प्रतिकूल प्रभाव में हों, उनके लिए हनुमानजी की उपासना अत्यंत फलदायी मानी गई है।

    विशेष रूप से-

    शनि की साढ़ेसाती

    शनि की ढैय्या

    मंगल या राहु के दोष

    से प्रभावित जातकों को हनुमान अष्टमी पर हनुमानजी को तेल और सिंदूर चढ़ाना चाहिए। साथ ही हनुमान चालीसा और हनुमान अष्टक का पाठ करने से संकटों से मुक्ति मिलती है।

    इसके अतिरिक्त, प्रत्येक शनिवार और मंगलवार को हनुमान मंदिर में दीपक लगाने, प्रसाद चढ़ाने और दर्शन करने से भी जीवन के कष्ट दूर होने की मान्यता है।

  • मार्केट चले ऊपर या नीचे, इन्वेस्टर रहें बेफिक्र! जानें 5 सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प

    मार्केट चले ऊपर या नीचे, इन्वेस्टर रहें बेफिक्र! जानें 5 सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प


    नई दिल्ली । शेयर बाजार की चाल कभी स्थिर नहीं रहती-कभी तेज़ी तो कभी भारी गिरावट देखने को मिलती है। ऐसे हालात में हर कोई ऐसे इन्वेस्टमेंट की तलाश करता है, जो बिना जोखिम के स्थिर और भरोसेमंद रिटर्न दे सके। अच्छी इन्वेस्टमेंट प्लानिंग में मार्केट-लिंक्ड और सेफ दोनों तरह के विकल्प शामिल होने चाहिए, ताकि रिस्क बैलेंस रहे और रिटर्न भी आता रहे।

    अगर आप भी मार्केट के उतार-चढ़ाव से घबराते हैं, तो PPF, FD, NSC, SCSS और NPS जैसी सरकारी व सुरक्षित स्कीमें आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती हैं। ये योजनाएं न सिर्फ स्थिर रिटर्न देती हैं, बल्कि टैक्स बचत भी कराती हैं। आइए इन 5 बेस्ट सुरक्षित निवेश विकल्पों को विस्तार से समझते हैं।

    क्यों जरूरी है सुरक्षित निवेश?

    पिछले कुछ समय से शेयर बाजार में भारी अस्थिरता देखने को मिली है। जोखिम बढ़ने के कारण कई निवेशक फिर से सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न वाली स्कीमों की ओर लौट रहे हैं। सरकारी योजनाओं और RBI समर्थित स्कीमों में निवेश सबसे सुरक्षित माना जाता है क्योंकि इनमें पैसा काफी हद तक सुरक्षित होता है।

    1. पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF)

    सबसे भरोसेमंद लॉन्ग-टर्म सुरक्षित योजना

    अवधि: 15 साल

    न्यूनतम निवेश: 500

    अधिकतम निवेश: 1.5 लाख प्रति वर्ष

    ब्याज दर: 7% से अधिक (सरकार द्वारा तय)

    टैक्स लाभ: ब्याज और मैच्योरिटी पूरी तरह टैक्स-फ्री

    7 साल बाद आंशिक निकासी की सुविधा

    PPF उन लोगों के लिए बेस्ट है जो लंबी अवधि के लिए सेविंग करना चाहते हैं। रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए यह एक शानदार विकल्प है क्योंकि इसमें सुरक्षित और टैक्स-फ्री रिटर्न मिलता है।

    2. फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)

    सबसे आसान और लोकप्रिय सेफ इन्वेस्टमेंट

    अवधि: 1 साल से 5 साल

    ब्याज दर: लगभग 6.5%–7.5%

    सीनियर सिटीजन को अतिरिक्त ब्याज

    5 साल की टैक्स सेविंग FD पर 80C का लाभ

    डीआईसीजीसी इंश्योरेंस के तहत 5 लाख तक सुरक्षित

    FD उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जो तय समय पर फिक्स्ड रिटर्न चाहते हैं। जरूरत पड़ने पर FD पर लोन भी मिल जाता है।

    3. नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)

    पोस्ट ऑफिस की भरोसेमंद योजना

    लॉक-इन अवधि: 5 साल

    मिनिमम निवेश: 100

    ब्याज दर: लगभग 7.7%

    80C में टैक्स छूट

    बच्चों और छोटे निवेशकों के लिए उपयुक्त

    NSC पूरी तरह मार्केट से अलग योजना है। जिन लोगों को निश्चित रिटर्न चाहिए और ज्यादा जोखिम नहीं लेना, उनके लिए यह बेहतर विकल्प है।

    4. सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)

    वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे सुरक्षित और हाई रिटर्न स्कीम

    पात्रता: 60 वर्ष से ऊपर

    अधिकतम निवेश: 30 लाख

    ब्याज: 8% से अधिक

    ब्याज तिमाही आधार पर मिलता है

    5 साल लॉक-इन, 3 साल का एक्सटेंशन संभव

    रिटायर लोगों के लिए यह सबसे अच्छी इनकम सोर्स है, जिसमें सुरक्षा, नियमित आय और अच्छा ब्याज-all in one मिलता है।

    5. नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)

    भविष्य की पेंशन प्लानिंग के लिए बेस्ट

    न्यूनतम निवेश: 1,000 प्रति वर्ष

    इक्विटी + डेब्ट का संतुलित मिश्रण

    टैक्स लाभ: 80C के अलावा 50,000 अतिरिक्त छूट

    60 साल पर पेंशन + एकमुश्त राशि

    NPS युवाओं और नौकरीपेशा लोगों के लिए शानदार है, क्योंकि यह कम खर्च में लॉन्ग-टर्म रिटर्न और पेंशन दोनों देता है।

    निवेश कैसे शुरू करें?

    बैंक या पोस्ट ऑफिस जाएं

    आधार-पैन के साथ KYC पूरी करें

    PPF, NSC, SCSS आदि ऑनलाइन भी ओपन हो सकते हैं

    अधिकांश स्कीमें बैंक ऐप और सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध हैं

    टैक्स लाभ क्या मिलते हैं?

    PPF, NSC, टैक्स सेविंग FD और SCSS पर 80C के तहत छूट

    NPS पर अतिरिक्त 50,000 की छूट

    PPF और NSC का ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री

    FD और SCSS का ब्याज टैक्स के दायरे में

    सुरक्षित निवेश = सुरक्षित भविष्य

    बाजार की चाल चाहे कितनी भी तेज या कमजोर क्यों न हो, ये पांच सुरक्षित स्कीमें हमेशा स्थिर और भरोसेमंद रिटर्न देती हैं। सही उम्र और लक्ष्य के अनुसार इनमें निवेश करके आप अपना वित्तीय भविष्य मजबूत बना सकते हैं।

  • 12 दिसंबर को हनुमान अष्टमी बजरंगबली की पूजा से ग्रहों के विपरीत प्रभाव से मिलेगी मुक्ति

    12 दिसंबर को हनुमान अष्टमी बजरंगबली की पूजा से ग्रहों के विपरीत प्रभाव से मिलेगी मुक्ति


    उज्जैन ।
    हनुमान अष्टमी 12 दिसंबर को मनाई जाएगी। यह दिन विशेष रूप से हनुमानजी के भक्तों के लिए महत्वपूर्ण होता है। मान्यता है कि त्रेतायुग में हनुमानजी ने पाताल लोक में अहिरावण का वध करके भगवान राम और लक्ष्मण को मुक्त किया था। इस वजह से यह दिन विजय उत्सव के रूप में मनाया जाता है। हनुमानजी की पूजा से न केवल भक्तों को मानसिक शांति और शक्ति मिलती है बल्कि ग्रहों के विपरीत प्रभाव से मुक्ति भी मिलती है।

    हनुमानजी की पूजा का महत्व

    हनुमान अष्टमी के दिन देशभर के मंदिरों में विशेष पूजा आरती और भंडारे आयोजित किए जाते हैं। हनुमानजी का अभिषेक पूजन सुबह होता है जबकि शाम को महाआरती होती है। इस दिन कई मंदिरों में चल समारोह भी निकलते हैं जिनमें श्रद्धालु अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। उज्जैन में हनुमान अष्टमी विशेष रूप से धूमधाम से मनाई जाती है क्योंकि यहाँ हनुमानजी ने पाताल लोक से लौटने के बाद विश्राम किया था। यह विश्राम पृथ्वी के नाभि केंद्र पर स्थित उज्जैन में हुआ था और यह संयोग था कि उस दिन पौष कृष्ण अष्टमी तिथि थी।

    हनुमानजी की पूजा से प्राप्त लाभ

    इस दिन हनुमानजी की पूजा करने से भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। विशेष रूप से उन लोगों के लिए हनुमान अष्टमी का दिन बहुत शुभ होता है जिनकी जन्म पत्रिका में शनि मंगल या राहु की विपरीत स्थिति है। ऐसे व्यक्तियों को हनुमानजी की आराधना करने से नकारात्मक ग्रहों के प्रभाव से मुक्ति मिलती है। अगर किसी व्यक्ति पर शनि की साढ़े साती या ढैया का प्रभाव हो तो वह इस दिन हनुमानजी को तेल और सिंदूर चढ़ाएं हनुमान चालीसा और हनुमान अष्टक का पाठ करें। यह उन्हें संकटों से मुक्त कर सकता है।

    शनि और मंगल की अनुकूलता के लिए विशेष उपाय

    ज्योतिषाचार्य पं. हरिहर पंड्या के अनुसार हनुमान अष्टमी का दिन शनि और मंगल के अनुकूल होने के लिए विशेष रूप से लाभकारी है। यदि किसी की जन्म पत्रिका में इन ग्रहों की विपरीत स्थिति है तो हनुमानजी की पूजा से ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है। प्रत्येक शनिवार और मंगलवार को हनुमानजी की पूजा करने और दीपक लगाने से भी व्यक्ति को जीवन में आ रही समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है।

    उज्जैन में हनुमान अष्टमी का विशेष महत्व

    उज्जैन में हनुमान अष्टमी का पर्व और भी अधिक महत्व रखता है क्योंकि यहाँ हनुमानजी ने पाताल लोक से लौटने के बाद विश्राम किया था। इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होती है और भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। विशेष रूप से नानाखेड़ा चाणक्यपुरी स्थित श्री परशुराम मंदिर में हनुमानजी के दर्शन का विशेष महत्व है। यहाँ पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं और विशेष पूजा करते हैं। इस बार भी हनुमान अष्टमी पर यहाँ विशेष उत्सव का आयोजन किया जाएगा।
    हनुमान अष्टमी का पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि यह मानसिक और शारीरिक शांति सुख और समृद्धि की प्राप्ति का भी एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस दिन हनुमानजी की पूजा से न केवल व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है बल्कि वह ग्रहों के विपरीत प्रभाव से भी मुक्त होता है। तो इस हनुमान अष्टमी आप भी बजरंगबली की आराधना करें और अपनी जीवन यात्रा को और भी सफल बनाएं।

  • 31 दिसंबर से पहले निपटा लें ये 4 जरूरी काम: पैन-आधार लिंक और एडवांस टैक्स की डेडलाइन!

    31 दिसंबर से पहले निपटा लें ये 4 जरूरी काम: पैन-आधार लिंक और एडवांस टैक्स की डेडलाइन!


    नई दिल्ली  /साल 2025 का अंतिम महीना दिसंबर शुरू हो चुका है। इस महीने टैक्स और दस्तावेज़ से जुड़े कई महत्वपूर्ण कामों की लास्ट डेट है। अगर आपने इन्हें समय पर पूरा नहीं किया, तो भारी जुर्माना, पैन निष्क्रिय होने जैसी दिक्कतें सामने आ सकती हैं। ये हैं वो 4 जरूरी काम, जो आपको दिसंबर में हर हाल में पूरे कर लेने चाहिए-

    1. टैक्स ऑडिट वालों के लिए ITR भरने की अंतिम तारीख – 10 दिसंबर जिन करदाताओं का केस टैक्स ऑडिट के अंतर्गत आता है, उनके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 10 दिसंबर 2025 है। इस तारीख तक फाइल किया गया ITR समय पर दाखिल माना जाएगा।इस पर कोई लेट फीस या पेनाल्टी नहीं लगेगी।

    2. एडवांस टैक्स भरने का आखिरी मौका – 15 दिसंबरएडवांस टैक्स भुगतान की अंतिम तारीख 15 दिसंबर 2025 है। यह टैक्स उन सभी लोगों को देना होता है।  जिनकी कुल अनुमानित कर देनदारी TDS कटने के बाद ₹10,000 से अधिक हो। समय पर एडवांस टैक्स न भरने पर ब्याज और जुर्माना लग सकता है, इसलिए इसे ड्यू डेट पर भरना जरूरी है।

    3. बिलेटेड ITR की अंतिम तारीख – 31 दिसंबरयदि आपने वित्त वर्ष 2024–25 का ITR अभी तक फाइल नहीं किया है, तो आप इसे लेट फीस के साथ 31 दिसंबर 2025 तक भर सकते हैं।

    लेट फीस इस प्रकार है-

    ₹1,000 -यदि आय 5 लाख रुपए से कम है ₹5,000 -यदि आय 5 लाख या उससे अधिक है
    31 दिसंबर के बाद बिलेटेड रिटर्न फाइल नहीं किया जा सकेगा और आगे आपको नोटिस व पेनाल्टी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

    4. आधार–पैन लिंक करना अनिवार्य -आखिरी तारीख 31 दिसंबर यदि आपने 1 अक्टूबर 2024 या उससे पहले आधार कार्ड बनवाया है, तो इसे 31 दिसंबर 2025 तक PAN से लिंक करना अनिवार्य है।

    आधार–पैन लिंक न करने पर-

    आपका PAN निष्क्रिय हो जाएगा
    बैंकिंग, निवेश, स्टॉक मार्केट, म्यूचुअल फंड और ITR फाइलिंग सभी में दिक्कत आएगी

    लिंकिंग की प्रक्रिया सरल है-
    आप इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर PAN नंबर, आधार नंबर और OTP डालकर इसे पूरा कर सकते हैं। इसके साथ निर्धारित जुर्माना भी चुकाना होगा। दिसंबर 2025 में ये चारों काम समय पर पूरे करना बेहद जरूरी हैं। थोड़ी सी लापरवाही भारी पेनाल्टी, आर्थिक नुकसान और दस्तावेज़ों के निष्क्रिय होने जैसी समस्याएं खड़ी कर सकती है।

  • शेयर मार्केट में इन 5 शेयरों ने मचाई धूम दिलाया तगड़ा मुनाफा

    शेयर मार्केट में इन 5 शेयरों ने मचाई धूम दिलाया तगड़ा मुनाफा


    नई दिल्‍ली ।
    पिछले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार ने नई ऊंचाइयां छुईं जहां BSE सेंसेक्स और Nifty 50 दोनों ने नए ऑल-टाइम हाई बनाए। सेंसेक्स 85,712.37 अंक पर बंद हुआ हालांकि सप्ताह के दौरान 86,159.02 तक पहुंचा। इसी तरह निफ्टी ने 26,325.80 का रिकॉर्ड तोड़ा और 26186.45 पर क्लोजिंग दी। इस उछाल के बीच कुछ किफायती शेयरों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया जो 5 दिनों में 57% तक का मुनाफा दे गए।

    परमेश्वर मेटल

    परमेश्वर मेटल के शेयर में पिछले हफ्ते जबरदस्त तेजी आई। इसका शेयर 81.18 रुपये से बढ़कर 127.79 रुपये तक पहुंच गया जिससे निवेशकों को 57.42% का रिटर्न मिला। हालांकि शुक्रवार को इसमें 5% की गिरावट आई और यह 127.79 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी की मार्केट वैल्यू 195.60 करोड़ रुपये है। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि इस शेयर में बड़े उतार-चढ़ाव हो रहे हैं जिससे निवेशकों को अच्छी कमाई का मौका मिला।

    ओरटिन ग्लोबल

    ओरटिन ग्लोबल के शेयर में पिछले हफ्ते 33.39% का उछाल देखने को मिला। इसका शेयर 11.53 रुपये से बढ़कर 15.38 रुपये तक पहुंचा। शुक्रवार को इसमें 10% की वृद्धि हुई और यह 15.38 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 12.95 करोड़ रुपये है। इस शेयर की तेजी के पीछे इसके कारोबार और संभावित वृद्धि को लेकर निवेशकों का सकारात्मक दृष्टिकोण हो सकता है।

    मोहित इंडस्ट्रीज

    मोहित इंडस्ट्रीज के शेयर ने भी शानदार प्रदर्शन किया। इसका शेयर 2.79 रुपये से बढ़कर 3.73 रुपये तक पहुंचा और 5 दिनों में 32.26% का रिटर्न दिया। शुक्रवार को इसमें 9.82% की बढ़त दर्ज हुई और यह 3.69 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी की मार्केट कैप 71.15 करोड़ रुपये है और यह शेयर निवेशकों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया है।

    आदि इंडस्ट्रीज

    आदि इंडस्ट्रीज के शेयर ने भी 31.75% का रिटर्न दिया। इसका शेयर 5.04 रुपये से बढ़कर 6.64 रुपये तक पहुंच गया। शुक्रवार को इसमें 9.93% की वृद्धि देखी गई और यह 6.64 रुपये पर बंद हुआ। इस शेयर की वृद्धि कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और कारोबार के विस्तार के संकेत देती है।

    फार्मासिया

    फार्मासिया के शेयर में भी शानदार तेजी आई। इसका शेयर 79.90 रुपये पर 4.99% की वृद्धि के साथ बंद हुआ और पिछले हफ्ते में 31.75% का रिटर्न दिया। कंपनी की मार्केट कैप 54.55 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। फार्मासिया के शेयरों में निवेशकों को पिछले सप्ताह अच्छे मुनाफे का मौका मिला।

    इन शेयरों की बढ़ती कीमतें और निवेशकों को मिलने वाला अच्छा रिटर्न दर्शाते हैं कि सही समय पर निवेश करने से अच्छी कमाई की जा सकती है। हालांकि इस तरह की तेजी बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण अस्थिर हो सकती है इसलिए निवेशकों को सतर्क रहते हुए अपने निवेश निर्णय लेने चाहिए। वर्तमान में बाजार के आंकड़े और कंपनियों के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए यह समय उन निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है जो जोखिम लेने के लिए तैयार हैं।

  • सर्दियों में फटे होंठ? अपनाएं ये घरेलू और आयुर्वेदिक तरीके, होंठ रहेंगे मुलायम और स्वस्थ

    सर्दियों में फटे होंठ? अपनाएं ये घरेलू और आयुर्वेदिक तरीके, होंठ रहेंगे मुलायम और स्वस्थ


    नई दिल्ली। सर्दियों का मौसम आते ही कई लोग होंठ फटने, सूखने और दरारों जैसी समस्याओं से परेशान हो जाते हैं। खासकर महिलाओं के लिए यह समस्या और अधिक परेशान करने वाली होती है, क्योंकि इससे होंठों का रंग और खूबसूरती प्रभावित होती है। ज्यादातर लोग इस समस्या का समाधान ढूंढने के लिए घरेलू और प्राकृतिक उपायों की ओर रुख करते हैं। आइए जानते हैं कुछ आसान, प्रभावी और आयुर्वेदिक तरीके, जिनसे आप सर्दियों में होंठों को मुलायम और स्वस्थ रख सकते हैं।

    घरेलू उपाय

    1. घी और मक्खन
    घी और मक्खन प्राकृतिक मॉइस्चराइजर की तरह काम करते हैं। सर्दियों में सोने से पहले थोड़ी मात्रा में घी या मक्खन अपने होंठों पर लगाएं। यह होंठों को नमी प्रदान करता है और फटने से बचाता है।

    2. शहद
    शहद न केवल होंठों को हाइड्रेट करता है, बल्कि इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण भी मौजूद हैं। इसे सीधे होंठों पर लगाएं और कुछ देर बाद हल्के गुनगुने पानी से धो लें। शहद नियमित रूप से लगाने से होंठ मुलायम और स्वस्थ बने रहते हैं।

    3. नारियल तेल
    नारियल तेल में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। यह सूखे और फटे होंठों को जल्दी ठीक करता है। दिन में कई बार नारियल तेल लगाने से होंठ नरम और हाइड्रेटेड रहते हैं।

    4. एलोवेरा जेल
    एलोवेरा जेल होंठों की जलन और सूजन को कम करता है। इसमें ठंडक देने वाले गुण मौजूद हैं, जो फटे होंठों को राहत देते हैं। इसे दिन में या रात में सोने से पहले इस्तेमाल किया जा सकता है।

    5. पानी
    पर्याप्त मात्रा में पानी पीना पूरे शरीर की नमी बनाए रखता है और होंठों के फटने की समस्या को काफी हद तक कम करता है।

    आयुर्वेदिक उपाय

    1. तिल का तेल
    आयुर्वेद में तिल का तेल होंठों के लिए बेहद उपयोगी माना गया है। यह गहरी नमी प्रदान करता है और फटी त्वचा को ठीक करता है। सर्दियों में नियमित रूप से तिल का तेल लगाने से होंठ सुखी और फटने से बचते हैं।

    2. बादाम तेल
    बादाम तेल में विटामिन E और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। यह होंठों को मुलायम बनाता है और ठंड से बचाता है। रात को सोने से पहले इसे होंठों पर लगाना सबसे अच्छा तरीका है।

    3. गुलाब जल
    गुलाब जल में त्वचा को ठंडक और नमी देने वाले गुण हैं। इसे रुई की मदद से होंठों पर लगाएं। यह होंठों को हाइड्रेटेड रखेगा और सूजन को भी कम करेगा।

    4. नीम का तेल
    नीम का तेल एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुणों से भरपूर होता है। यह फटे होंठों में संक्रमण के जोखिम को कम करता है और उन्हें स्वस्थ बनाने में मदद करता है।

    5. कपूर और सरसों का तेल
    कपूर और सरसों के तेल का मिश्रण होंठों को नमी और आराम देता है। कपूर की ठंडक जलन को कम करती है, जबकि सरसों का तेल होंठों को मुलायम बनाता है। यह एक प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार माना जाता है।

    निष्कर्ष

    सर्दियों में होंठों का फटना सामान्य है, लेकिन घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय अपनाकर इसे आसानी से रोका जा सकता है। घी, मक्खन, शहद, नारियल तेल, एलोवेरा जेल, तिल और बादाम तेल जैसे उपाय होंठों को नमी, पोषण और सुरक्षा प्रदान करते हैं। गुलाब जल, नीम का तेल और कपूर-सरसों का मिश्रण होंठों को ठंड और संक्रमण से बचाता है। साथ ही पर्याप्त पानी पीना भी बेहद जरूरी है। इन सरल उपायों को अपनाकर आप सर्दियों में भी अपने होंठों को मुलायम, चमकदार और स्वस्थ रख सकते हैं।

  • रिलायंस पावर पर ED का शिकंजा! कस्टम सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी ,चांदी-सोना हुआ महंगा

    रिलायंस पावर पर ED का शिकंजा! कस्टम सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी ,चांदी-सोना हुआ महंगा


    नई दिल्ली ।शनिवार का दिन देश की अर्थव्यवस्था, कॉर्पोरेट सेक्टर और कीमती धातुओं के बाजार के लिहाज से बेहद अहम रहा। जहां एक ओर प्रवर्तन निदेशालय ने अनिल अंबानी की रिलायंस पावर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की, वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कस्टम सिस्टम में बड़े बदलावों का संकेत देते हुए व्यापार जगत में हलचल पैदा कर दी। इसके अलावा सोना–चांदी की रिकॉर्ड तेजी और टॉप कंपनियों के मार्केट कैप में उतार–चढ़ाव भी सुर्खियों में रहे।

    आज की प्रमुख सुर्खियों में यह शामिल है कि रविवार होने के चलते शेयर बाजार बंद रहेगा और पेट्रोल–डीजल के दाम भी स्थिर बने हुए हैं। अब नज़र डालते हैं कल की 5 सबसे बड़ी खबरों पर-
    1. रिलायंस पावर के खिलाफ ED ने दाखिल की चार्जशीट -₹68 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी का मामला  अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस पावर लिमिटेड और 10 अन्य लोगों के खिलाफ ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला 68.2 करोड़ रुपए की फर्जी बैंक गारंटी का है, जिसे सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया SECI के एक टेंडर को हासिल करने के लिए जमा किया गया था। जांच एजेंसी के अनुसार, रिलायंस ग्रुप के अधिकारी इस फर्जी गारंटी से पूरी तरह वाकिफ थे। इससे 24 घंटे पहले ही ED ने मामले से जुड़ी ₹1120 करोड़ की संपत्तियां भी जब्त की थीं। यह पूरा मामला 2024 में दर्ज किए गए कथित फंड हेरफेर से संबंधित है।

    2. वित्त मंत्री का बड़ा बयान -कस्टम सिस्टम में जल्द बदलाव, नियम होंगे सरल
    आगामी बजट से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संकेत दिया है कि सरकार कस्टम सिस्टम में व्यापक सुधारों की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि- प्रक्रिया को सरल किया जाएगा ट्रांसपेरेंसी बढ़ाई जाएगी व्यापारियों और उद्योगों के लिए कंप्लायंस आसान होगा वित्त मंत्री के अनुसार, बीते दो वर्षों में कस्टम ड्यूटी को कई चरणों में कम किया गया है। अब सरकार उन वस्तुओं पर ध्यान केंद्रित करेगी, जिन पर अभी भी उच्च दरें लागू हैं। इस कदम से निर्यात को बढ़ावा मिलने और समग्र इकोनॉमी को गति मिलने की उम्मीद है।

    3. सोना–चांदी ने तोड़ा रिकॉर्ड -एक हफ्ते में चांदी ₹13,851 और सोना ₹2,001 महंगा
    कीमती धातुओं में पिछले दो सप्ताह से लगातार तेजी देखी जा रही है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार: 28 नवंबर: सोना 1,26,591 रुपये प्रति 10 ग्राम, 5 दिसंबर: 2,001 रुपये बढ़कर 1,28,592 रुपये,17 अक्टूबर को सोना अब तक के सर्वाधिक 1,30,874 रुपये/10 ग्राम तक पहुंच चुका है। चांदी के दामों में इस सप्ताह सबसे ज्यादा उछाल आया।28 नवंबर: 1,64,359 रुपये/किलो  5 दिसंबर: 13,851 रुपये बढ़कर 1,78,210 रुपये/किलो यह इसकी अब तक की उच्चतम कीमत है। पूरे साल में सोने ने 69% और चांदी ने 107% रिटर्न दिया जो निवेशकों के लिए रिकॉर्ड लाभ है।

    4. भारतीय दिग्गज कंपनियों का मार्केट कैप -5 कंपनियों की वैल्यू ₹72,286 करोड़ बढ़ी
    देश की टॉप–10 कंपनियों में से पाँच ने इस सप्ताह अपनी वैल्यू में बड़ा इजाफा दर्ज किया।
    सबसे बड़ी बढ़त TCS को मिली जिसका मार्केट कैप ₹35,910 करोड़ बढ़कर ₹11.72 लाख करोड़ हो गया। इसके अलावा- इंफोसिस: +₹23,405 करोड़ अब ₹6.71 लाख करोड़ बजाज फाइनेंस: ₹6,720 करोड़ एयरटेल: +₹3,792 करोड़ वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज को बड़ी गिरावट झेलनी पड़ी और उसकी वैल्यू ₹35,117 करोड़ कम हो गई।

    5. नया फोन खरीद रहे हैं? इन 9 फीचर्स पर दें ध्यान
    आज स्मार्टफोन खरीदने के लिए बाजार में अनगिनत विकल्प मौजूद हैं। केवल ब्रांड देखकर फोन खरीद लेना अक्सर गलत साबित होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, नया फोन खरीदने से पहले इन 9 फीचर्स को जरूर देखें- प्रोसेसर – फोन की स्पीड और परफॉर्मेंस यहीं से तय होती है।रैम – मल्टीटास्किंग के लिए कम से कम 6GB बेहतर।स्टोरेज -128GB बेस स्टोरेज आज की जरूरत है।

    डिस्प्ले क्वालिटी -AMOLED या OLED बेहतर अनुभव देते हैं।

    कैमरा सेंसर – सिर्फ मेगापिक्सल नहीं, सेंसर और ऑप्टिक्स महत्वपूर्ण। बैटरी लाइफ – 5000mAh आज का मानक है। चार्जिंग स्पीड – फास्ट चार्जिंग सपोर्ट अनिवार्य। 5G सपोर्ट – भविष्य के लिए आवश्यक। ब्रांड आफ्टर–सेल्स सर्विस -लंबे समय के उपयोग में सबसे महत्वपूर्ण।