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  • नोएडा: निजी कंपनी में आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार..

    नोएडा: निजी कंपनी में आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार..


    नोएडा।
    यूपी (UP) के नोएडा (Noida) में प्राइवेट कंपनियों (Private Companies) के कर्मचारियों के आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा में पुलिस का एक्शन जारी है. नोएडा पुलिस (Noida Police) ने हिंसा में शामिल दो और आरोपियों (Two more accused) को गिरफ्तार किया है।

    दोनों आरोपी हिमांशु ठाकुर और सत्यम वर्मा बिगुल मजदूर दस्ता के एक्टिव सदस्य हैं. हिमांशु लगातार हिंसा के मुख्य आरोपी आदित्य आनंद के संपर्क में था. हिंसा के दिन वह नोएडा में ही मौजूद था. हिमांशु और सत्यम के खिलाफ पुलिस को भड़काऊ गतिविधियों को अंजाम देने के सबूत मिले हैं।

    इससे पहले पुलिस ने नोएडा हिंसा के मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी आदित्य आनंद उर्फ रस्ती को तमिलनाडु के तिरुचापल्ली रेलवे स्टेशन से अरेस्ट किया था. पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसे रिमांड पर लेकर पूरे नेटवर्क और साजिश के अन्य पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है।


    पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है आदित्य आनंद

    पुलिस जांच में सामने आया है कि पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर आदित्य आनंद ने श्रमिक प्रदर्शन को हिंसा में बदलने की साजिश रची. उसने पूरे घटनाक्रम को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया. थाना फेज-2 में उसके खिलाफ पहले ही गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है।

    जांच में सामने आया कि बिहार के हाजीपुर का रहने वाला 28 वर्षीय आदित्य आनंद पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है. वह इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड है. आरोपी के खिलाफ 16 अप्रैल को कोर्ट से वारंट जारी हुआ था, जिसके बाद वह फरार होकर चेन्नई और फिर तिरुचिरापल्ली भाग गया था।

    पुलिस का मानना है कि यह मामला केवल स्थानीय हिंसा तक सीमित नहीं, बल्कि बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा है. एसटीएफ अब इस बात की जांच कर रही है कि इस साजिश के लिए फंडिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट कहां से मिल रहा था. आने वाले दिनों में इस केस में कई और बड़े संगठनों के नाम सामने आ सकते हैं।

  • देश में LPG की खपत में गिरावट, मार्च में 13 प्रतिशत घटकर 24 लाख टन पहुंची

    देश में LPG की खपत में गिरावट, मार्च में 13 प्रतिशत घटकर 24 लाख टन पहुंची


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया संकट (West Asia Crisis) के चलते आपूर्ति शृंखला (Supply) में आई रुकावटों के चलते भारत (India) में एलपीजी (LPG) की खपत मार्च में तेजी से घटी। इस दौरान एलपीजी की खपत करीब 13% घटकर 23.79 लाख टन रह गई, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने यह 27.29 लाख टन थी।

    पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) के अनुसार, मार्च में घरेलू एलपीजी आपूर्ति 8.1 फीसदी घटकर 22.19 लाख टन रह गई, जबकि गैर-घरेलू उपभोक्ताओं को दी जाने वाली आपूर्ति में लगभग 48 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई। थोक एलपीजी बिक्री 75% कम हुई। इस बीच, 39,000 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर किए हैं।


    मार्च में स्थिर ही विमानन ईंधन की खपत

    विमानन ईंधन की खपत मार्च में लगभग स्थिर रही और यह करीब 8.07 लाख टन दर्ज की गई, जो पिछले साल के लगभग बराबर है। दूसरी ओर, पेट्रोल और डीजल की मांग मजबूत रही। मार्च में पेट्रोल की खपत 7.6 फीसदी बढ़कर 37.8 लाख टन हो गई, जबकि डीजल की खपत 8.1 फीसदी बढ़कर 87.27 लाख टन हो गई।

    भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का लगभग 60 फीसदी आयात के जरिए पूरा करता है, जिसका बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता है। सैन्य तनाव के कारण इस अहम समुद्री मार्ग में बाधा आई, जिससे सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से आपूर्ति प्रभावित हुई। स्थिति को संभालने के लिए सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए होटल, उद्योग और अन्य वाणिज्यिक क्षेत्रों के लिए एलपीजी आपूर्ति में कटौती की।

  • बंगाल में रैलियों के बीच देसी अंदाज में दिखे PM मोदी…. स्ट्रीट फूड झालमुड़ी का लुत्फ उठाया

    बंगाल में रैलियों के बीच देसी अंदाज में दिखे PM मोदी…. स्ट्रीट फूड झालमुड़ी का लुत्फ उठाया


    नई दिल्ली।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) में चुनावी रैलियों (Election Rallies) के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का देसी अंदाज देखने को मिला. पीएम मोदी ने रविवार को झाड़ग्राम में अपना काफिला रुकवाया और वहां के मशहूर स्ट्रीट फूड ‘झालमुड़ी’ (Famous street food ‘Jhalmuri’) का लुत्फ उठाया.

    जब पीएम मोदी का काफिला झाड़ग्राम की एक छोटी सी दुकान के पास रुका और खुद प्रधानमंत्री गाड़ी से उतरकर झालमुड़ी के स्टाल की ओर बढ़े, तो वहां मौजूद लोगों ने उन्हें घेर लिया.

    प्रधानमंत्री ने इस पल की तस्वीरें और वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर भी शेयर किए. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘रविवार की व्यस्तता के बीच पश्चिम बंगाल में चार जनसभाओं के दौरान, मैंने झाड़ग्राम में कुछ स्वादिष्ट मसालेदार झालमुड़ी का स्वाद चखा.’


    पीएम मोदी और दुकानदार के बीच हुई बातचीत

    पीएम मोदी- भाई, हमें अपना झालमुड़ी खिलाओ. कितने का होता है आपका झालमुड़ी
    दुकानदार- आप कितने का खाएंगे?
    पीएम मोदी- अच्छे वाला कितने का होता है?
    दुकानदार- 10 या 20 रुपए.
    पीएम मोदी- हां जो भी है बना दो.
    दुकानदार- झाल थोड़ा खाएंगे आप?
    पीएम मोदी- हां खाएंगे बिल्कुल खाएंगे. कितना, 10 रुपए देना है, नहीं भाई ऐसा नहीं.
    दुकानदार- प्याज खाते हैं सर आप?
    पीएम मोदी- हां प्याज खाते हैं, बस दिमाग नहीं खाते.
    दुकानदार- आपसे मिलकर हमें बहुत खुशी हुई।

    प्रधानमंत्री ने अपनी जेब से पैसे निकाले और दुकानदार को दिए तो दुकानदार हिचक रहा था. लेकिन पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि वो पैसे ले. इसके बाद पीएम मोदी ने वहां मौजूद लोगों के साथ मिलकर झालमुड़ी खाई।


    नमक नहीं खाते प्रधानमंत्री

    दुकानदार ने जब पूछा कि क्या वो झालमुड़ी में सबकुछ डालें, तो पीएम मोदी ने अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए जवाब दिया, ‘निमक (नमक) को छोड़कर सब कुछ.’ उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कारणों से वो नमक नहीं खा रहे हैं।

    बता दें कि पीएम मोदी ने आज बंगाल के पुरुलिया, मेदिनीपुर और बांकुड़ा में विशाल जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्हें टीएमसी पर जमकर निशाना साधा और दावा किया कि इस बार बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने जा रही है।

  • MP: शिवपुरी में पत्नी ने मारा थप्पड़ तो पति ने बेरहमी से पीटा… गला दबाकर उतारा मौत के घाट

    MP: शिवपुरी में पत्नी ने मारा थप्पड़ तो पति ने बेरहमी से पीटा… गला दबाकर उतारा मौत के घाट


    शिवपुरी।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के शिवपुरी जिले (Shivpuri district) के करैरा (Karaira) में शादी के बाद एक 23 साल की विवाहिता (Married Woman) की उसके ही पति ने पहले मारपीट की और फिर गला दबाकर हत्या कर दी। घटना के वक्त घर में देवर और देवरानी भी मौजूद थे, जिन्हें पुलिस ने सहआरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के एक 4 साल का बेटा भी है।

    नंदनी साहू की शादी करीब 5 साल पहले टीला रोड निवासी संदीप साहू से हुई थी। बाहर से सामान्य दिखने वाले इस परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोपी पति संदीप साहू अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था ।इसी शक के चलते दोनों के बीच आए दिन झगड़े होते थे। घटना से दो दिन पहले भी दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि गुस्से में संदीप ने पत्नी का मोबाइल तोड़ दिया था। इस घटना की जानकारी मिलने पर नंदनी के मायके पक्ष के लोग उसे समझाने के लिए ससुराल भी पहुंचे थे, लेकिन हालात नहीं सुधरे।

    दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि नंदनी घर छोड़कर जाने लगी। इसी दौरान संदीप ने उसे रोकने की कोशिश की, जिस पर दोनों के बीच हाथापाई हो गई। बताया जा रहा है कि नंदनी ने गुस्से में पति को थप्पड़ मार दिया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। गुस्से में बेकाबू हुए संदीप साहू ने पहले पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट की। इसके बाद कमरे में बिस्तर पर उसे दबोचकर गला दबा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के दौरान घर में देवर और देवरानी भी मौजूद थे।


    चेहरे और गले पर नाखून के निशान

    परिजनों के अनुसार नंदनी के गले और चेहरे पर नाखून के कई निशान मिले हैं, जबकि पीठ पर भी चोट के निशान पाए गए। वहीं आरोपी पति के हाथों पर काटने के निशान थे, जिससे साफ है कि घटना के दौरान दोनों के बीच जोरदार संघर्ष हुआ। घटना के बाद आरोपी संदीप साहू ने खुद नंदनी के भाई मदन साहू को फोन कर हत्या की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, जहां नंदनी का शव कमरे में पलंग पर पड़ा मिला। आरोपी ने परिजनों के सामने भी अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

    घटना के समय घर में मौजूद देवर मोनू साहू और देवरानी रूचि साहू को भी पुलिस ने आरोपी बनाया है। पुलिस का मानना है कि घटना के दौरान उनकी भूमिका संदिग्ध है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने महिला के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल पैनल से कराया है। एसडीओपी आयुष जाखड़ के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है।फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

  • बढ़ते तापमान और डिहाइड्रेशन के खतरे में छाछ साबित हो रही है सेहत का अमृत, पाचन से लेकर ऊर्जा तक हर समस्या में असरदार

    बढ़ते तापमान और डिहाइड्रेशन के खतरे में छाछ साबित हो रही है सेहत का अमृत, पाचन से लेकर ऊर्जा तक हर समस्या में असरदार


    नई दिल्ली। गर्मियों की शुरुआत के साथ ही तेज धूप, लू और बढ़ती उमस ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी के कारण शरीर में पानी की कमी, थकान और कमजोरी जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। ऐसे समय में लोग ठंडे और मीठे पेय पदार्थों की ओर आकर्षित होते हैं, लेकिन ये कई बार सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। ऐसे में छाछ को एक प्राकृतिक, सस्ता और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प माना जा रहा है, जो शरीर को ठंडक देने के साथ कई तरह के लाभ प्रदान करता है।

    छाछ दही को मथकर और उसमें पानी मिलाकर तैयार किया जाता है, जिससे यह हल्का और पचने में आसान पेय बन जाता है। गर्मियों में इसका सेवन शरीर को तुरंत राहत देता है और डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करता है। आयुर्वेद में छाछ को एक महत्वपूर्ण पेय माना गया है, जिसे नियमित रूप से लेने पर शरीर की आंतरिक गर्मी नियंत्रित रहती है और पाचन तंत्र बेहतर काम करता है।

    गर्म मौसम में पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस, एसिडिटी, अपच और भारीपन अक्सर देखने को मिलती हैं। छाछ इन समस्याओं को कम करने में सहायक होती है क्योंकि इसमें प्राकृतिक प्रोबायोटिक्स पाए जाते हैं, जो आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं। इससे पाचन प्रक्रिया मजबूत होती है और पेट साफ रखने में मदद मिलती है। साथ ही यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में भी उपयोगी है, जिससे थकान और कमजोरी कम होती है।

    छाछ का नियमित सेवन शरीर को ठंडा रखने के साथ त्वचा के लिए भी लाभकारी माना जाता है। यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करती है, जिससे त्वचा में निखार आता है और मुंहासों जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं। इसके अलावा इसमें मौजूद कैल्शियम और प्रोटीन हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं। कम कैलोरी होने के कारण यह वजन नियंत्रण में भी मदद करती है, जिससे यह हर आयु वर्ग के लोगों के लिए उपयुक्त पेय बन जाती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों में बाजार में मिलने वाले शीतल पेय पदार्थों की तुलना में छाछ कहीं अधिक सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प है। इन पेय पदार्थों में अधिक मात्रा में चीनी और कृत्रिम तत्व हो सकते हैं, जो लंबे समय में शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके विपरीत छाछ प्राकृतिक रूप से तैयार होती है और शरीर को बिना किसी दुष्प्रभाव के लाभ पहुंचाती है।

    छाछ बनाना भी बेहद सरल है। ताजी दही को अच्छे से मथकर उसमें स्वच्छ पानी मिलाया जाता है। स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें सेंधा नमक, भुना जीरा, काली मिर्च और पुदीना मिलाया जा सकता है। ठंडा करके इसका सेवन करने से गर्मी में अधिक राहत मिलती है और शरीर में ताजगी बनी रहती है।

    गर्मियों के मौसम में छाछ का सेवन दिन के किसी भी समय किया जा सकता है, विशेषकर भोजन के बाद इसका सेवन पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है। नियमित रूप से छाछ को आहार में शामिल करने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है और गर्मी से होने वाली समस्याओं से बचाव होता है।

  • कॉमेडी नाइट्स से कपिल शर्मा शो तक दादी बनकर छा जाने वाले अली असगर ने क्यों किया शो छोड़ने का फैसला,

    कॉमेडी नाइट्स से कपिल शर्मा शो तक दादी बनकर छा जाने वाले अली असगर ने क्यों किया शो छोड़ने का फैसला,


    नई दिल्ली। टेलीविजन की दुनिया में कॉमेडी का एक बड़ा नाम द कपिल शर्मा शो लंबे समय से दर्शकों का मनोरंजन करता आ रहा है। इस शो में कई कलाकारों ने अपने किरदारों से जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की, जिनमें अभिनेता अली असगर का नाम खास तौर पर शामिल है। उन्होंने शो में दादी के किरदार को निभाकर दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाई और घर घर में मशहूर हो गए।

    हालांकि साल 2017 में अली असगर ने अचानक शो छोड़ने का फैसला किया, जिससे दर्शक हैरान रह गए। बाद में उन्होंने अपने इस निर्णय के पीछे की वजहों का खुलासा किया और बताया कि यह फैसला उनके व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों से जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि लगातार फीमेल किरदार निभाने के कारण उनकी एक स्थायी छवि बन रही थी, जिससे वे आगे अन्य प्रकार की भूमिकाओं में खुद को सीमित महसूस करने लगे थे।

    अली असगर ने यह भी बताया कि दादी के किरदार की वजह से उनके बच्चों को स्कूल और सामाजिक स्तर पर कई बार चिढ़ाने जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ा। यह उनके लिए भावनात्मक रूप से कठिन अनुभव था और इसी कारण उन्होंने अपने करियर को नई दिशा देने का निर्णय लिया। उनका कहना था कि वे नहीं चाहते थे कि उनकी व्यक्तिगत और पारिवारिक जिंदगी पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़े।

    उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उस समय लगातार एक ही तरह के किरदार निभाने से उनकी रचनात्मकता सीमित हो रही थी। वे चाहते थे कि उन्हें अलग अलग तरह के किरदार निभाने का अवसर मिले ताकि एक अभिनेता के रूप में उनका विकास हो सके। इसी वजह से उन्होंने शो से दूरी बनाने का फैसला किया।

    अली असगर ने अपने करियर की शुरुआत कई टेलीविजन धारावाहिकों से की थी और धीरे धीरे कॉमेडी जगत में अपनी मजबूत पहचान बनाई। कॉमेडी नाइट्स विद कपिल और बाद में द कपिल शर्मा शो ने उन्हें व्यापक लोकप्रियता दिलाई, लेकिन समय के साथ उन्होंने अपने करियर में बदलाव की आवश्यकता महसूस की।

    उनका कहना था कि एक कलाकार के रूप में हर व्यक्ति को नए प्रयोग करने और अलग अलग भूमिकाओं को अपनाने का अवसर मिलना चाहिए। लगातार एक ही छवि में बंधे रहना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो रहा था, इसलिए उन्होंने आगे बढ़ने का निर्णय लिया।

    शो छोड़ने के बाद भी अली असगर ने अभिनय की दुनिया से दूरी नहीं बनाई और अन्य प्रोजेक्ट्स में काम करना जारी रखा। उनका यह फैसला उस समय काफी चर्चा में रहा, लेकिन उन्होंने इसे अपने और अपने परिवार के हित में लिया गया एक महत्वपूर्ण निर्णय बताया।

  • रणवीर सिंह और दीपिका की जोड़ी फिर सुर्खियों में सोशल मीडिया पर बधाइयों का दौर

    रणवीर सिंह और दीपिका की जोड़ी फिर सुर्खियों में सोशल मीडिया पर बधाइयों का दौर


    नई दिल्ली।बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की हाल ही में साझा की गई एक सोशल मीडिया पोस्ट ने उनके निजी जीवन को लेकर नई अटकलों को जन्म दे दिया है। इस पोस्ट में उनकी बेटी दुआ की एक तस्वीर दिखाई गई है जिसमें वह एक प्रेग्नेंसी टेस्ट किट पकड़े हुए नजर आ रही है और परिणाम पॉजिटिव प्रतीत हो रहा है। इस रचनात्मक प्रस्तुति के बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि दीपिका और रणवीर सिंह अपने दूसरे बच्चे की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि इस विषय पर कपल की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    पोस्ट के सामने आते ही फैंस के बीच उत्साह और जिज्ञासा दोनों बढ़ गए। कई लोगों ने इसे परिवार में नए सदस्य के आने का संकेत मान लिया और कपल को बधाइयां देना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर लगातार प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं और फैंस दुआ को बड़ी बहन बनने की संभावनाओं पर अपनी खुशी व्यक्त कर रहे हैं। इस पोस्ट ने देखते ही देखते इंटरनेट पर चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।

    मनोरंजन जगत से जुड़े कई लोगों ने भी इस पोस्ट पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और शुभकामनाएं साझा कीं। कई सेलेब्रिटी ने दिल और बधाई संदेशों के माध्यम से अपनी खुशी व्यक्त की जिससे यह चर्चा और अधिक तेज हो गई। इस तरह का उत्साह इस बात को दर्शाता है कि यह जोड़ी फैंस के बीच कितनी लोकप्रिय और प्रिय है।

    दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह बॉलीवुड की सबसे चर्चित जोड़ियों में से एक हैं। दोनों ने अपने करियर में कई सफल फिल्मों में साथ काम किया है और उनकी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब सराहा है। वर्ष 2018 में दोनों ने विवाह किया था और तब से उनकी निजी जिंदगी हमेशा चर्चा में रहती है।

    पिछले वर्ष उनके घर बेटी दुआ का जन्म हुआ था जिसने उनके जीवन में नई खुशियां जोड़ी थीं। अब इस नई पोस्ट के बाद दूसरे बच्चे को लेकर उठी अटकलों ने उनके परिवार को लेकर उत्सुकता और बढ़ा दी है। हालांकि अभी तक किसी प्रकार की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन पोस्ट के क्रिएटिव अंदाज ने लोगों की कल्पनाओं को जरूर बढ़ा दिया है।

    फिलहाल यह पोस्ट लगातार सोशल मीडिया पर चर्चा में बनी हुई है और फैंस किसी आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। कपल की ओर से प्रतिक्रिया न आने तक यह विषय केवल अटकलों और उत्साह के बीच ही बना हुआ है।

  • टीवी की पौराणिक जोड़ी लव-कुश की 38 साल पुरानी यादें आज भी जिंदा, लेकिन असल जिंदगी में दोनों ने चुने अलग-अलग रास्ते

    टीवी की पौराणिक जोड़ी लव-कुश की 38 साल पुरानी यादें आज भी जिंदा, लेकिन असल जिंदगी में दोनों ने चुने अलग-अलग रास्ते

    नई दिल्ली। भारतीय टेलीविजन इतिहास में रामायण को एक ऐसा धारावाहिक माना जाता है जिसने दर्शकों की सोच और भावनाओं पर गहरी छाप छोड़ी। इसके बाद आए उत्तर रामायण ने भगवान राम के पुत्र लव और कुश की कथा को दर्शकों तक पहुंचाया, जिसे लोगों ने बेहद भावनात्मक रूप से स्वीकार किया। इस शो के प्रसारण के बाद दोनों बाल कलाकारों को घर घर में पहचान मिली और उनकी मासूम अदाकारी ने उन्हें विशेष स्थान दिलाया।

    समय के साथ अब लगभग चार दशक से अधिक बीत चुके हैं और इन किरदारों को निभाने वाले कलाकारों की जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी है। लव का किरदार निभाने वाले मयूरेश क्षेत्रमाडे ने अभिनय की दुनिया को छोड़कर व्यापार और कॉर्पोरेट क्षेत्र में कदम रखा। धीरे धीरे उन्होंने बिजनेस की दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बनाई और आज वे एक सफल उद्यमी के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर को एक अलग दिशा देते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम किया और वर्तमान में कॉर्पोरेट नेतृत्व से जुड़े महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं।

    दूसरी ओर कुश का किरदार निभाने वाले स्वप्निल जोशी ने अभिनय के क्षेत्र में अपनी यात्रा जारी रखी। बाल कलाकार के रूप में शुरुआत करने के बाद उन्होंने टेलीविजन और मराठी मनोरंजन उद्योग में कई सफल प्रोजेक्ट्स किए और एक स्थापित अभिनेता के रूप में पहचान बनाई। समय के साथ उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता को और निखारा और मनोरंजन जगत में लगातार सक्रिय बने रहे।

    रामायण और उत्तर रामायण के इन किरदारों ने उस दौर में दर्शकों के दिलों में गहरी जगह बनाई थी, जब टेलीविजन सीमित साधनों के बावजूद परिवारों को एक साथ जोड़ने का सबसे बड़ा माध्यम हुआ करता था। लव और कुश की भूमिका ने पौराणिक कथाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया, जिससे यह शो आज भी याद किया जाता है।

    आज इन दोनों कलाकारों की जिंदगी अलग अलग दिशाओं में आगे बढ़ चुकी है। एक ने व्यापार और कॉर्पोरेट दुनिया में सफलता हासिल की, जबकि दूसरे ने अभिनय की दुनिया में अपनी पहचान को और मजबूत किया। हालांकि दोनों की राहें अलग हो गई हैं, लेकिन लव और कुश के रूप में उनकी यादें आज भी दर्शकों के दिलों में ताजा बनी हुई हैं।

  • भूत बंगला बॉक्स ऑफिस पर धीमी रफ्तार, अक्षय कुमार की फिल्म दो दिन में 50 करोड़ के आंकड़े से रह गई दूर, वीकेंड पर टिकी उम्मीदें

    भूत बंगला बॉक्स ऑफिस पर धीमी रफ्तार, अक्षय कुमार की फिल्म दो दिन में 50 करोड़ के आंकड़े से रह गई दूर, वीकेंड पर टिकी उम्मीदें


    नई दिल्ली। अक्षय कुमार की नई हॉरर कॉमेडी फिल्म भूत बंगला ने बॉक्स ऑफिस पर शुरुआती दो दिनों में मध्यम रफ्तार से प्रदर्शन किया है। फिल्म को लेकर रिलीज से पहले काफी चर्चा थी, लेकिन शुरुआती कमाई उम्मीद के मुकाबले संतुलित मानी जा रही है। दर्शकों की शुरुआती प्रतिक्रिया मिली जुली रही है, जिसका असर कलेक्शन पर साफ दिखाई दे रहा है।

    फिल्म ने पहले दिन करीब 21.60 करोड़ की कमाई दर्ज की, जबकि दूसरे दिन इसमें हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली और आंकड़ा लगभग 25.65 करोड़ तक पहुंच गया। इस तरह दो दिनों में कुल कमाई लगभग 47 करोड़ के आसपास रही है। हालांकि यह शुरुआत खराब नहीं कही जा सकती, लेकिन फिल्म अभी 50 करोड़ का महत्वपूर्ण आंकड़ा पार नहीं कर सकी है।

    फिल्म के कारोबार पर नजर रखने वाले मानते हैं कि वीकेंड के चलते रविवार को कलेक्शन में और उछाल देखने को मिल सकता है। यदि दर्शकों की भीड़ बनी रहती है तो फिल्म कुल मिलाकर 60 करोड़ के करीब पहुंच सकती है। लेकिन इसके बाद के दिनों में गिरावट आई तो फिल्म की लंबी दौड़ प्रभावित हो सकती है।

    भूत बंगला को खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि इसमें लंबे समय बाद अक्षय कुमार और निर्देशक प्रियदर्शन की जोड़ी एक साथ नजर आई है। दोनों ने पहले भी कॉमेडी फिल्मों के जरिए दर्शकों को बड़ा मनोरंजन दिया है, जिससे इस फिल्म से भी उम्मीदें जुड़ी हुई थीं। फिल्म में तब्बू समेत अन्य कलाकारों की मौजूदगी ने भी इसे चर्चा में बनाए रखा है।

    हालांकि दर्शकों की राय पूरी तरह एक जैसी नहीं है। कुछ लोग फिल्म के हल्के-फुल्के मनोरंजन और कॉमेडी को पसंद कर रहे हैं, जबकि कुछ दर्शकों को कहानी और प्रस्तुति अपेक्षा के अनुसार प्रभावी नहीं लगी। यही वजह है कि फिल्म की कमाई में स्थिरता दिखाई दे रही है।

    अब फिल्म का पूरा भविष्य वीकेंड के प्रदर्शन और आने वाले दिनों की पकड़ पर निर्भर करेगा। अगर सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ मजबूत हुआ तो फिल्म लंबी रेस में अच्छा प्रदर्शन कर सकती है, अन्यथा शुरुआती गति ही इसका सर्वोच्च स्तर साबित हो सकती है।

  • जहरीली गैस बनी काल टैंकर के अंदर काम कर रहे दो मजदूरों की थमी सांसें

    जहरीली गैस बनी काल टैंकर के अंदर काम कर रहे दो मजदूरों की थमी सांसें

    छतरपुर । मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में एक दर्दनाक हादसे ने मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं जहां एक साधारण दिखने वाला काम दो मजदूरों के लिए जानलेवा साबित हो गया। गढ़ीमलेहरा क्षेत्र स्थित एक कारखाने में पानी के टैंकर की पेंटिंग के दौरान दो मजदूरों की दम घुटने से मौके पर ही मौत हो गई जिससे पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल बन गया है।

    जानकारी के अनुसार कारखाने में एक बड़े पानी के टैंकर पर रंगाई पुताई का काम चल रहा था। इसी दौरान मजदूर अरमान और गुलाब अनुरागी टैंकर के अंदर जाकर पेंटिंग कर रहे थे। काम के दौरान अचानक दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी और देखते ही देखते वे बेहोश होकर गिर पड़े। वहां मौजूद अन्य लोगों को पहले समझ ही नहीं आया कि आखिर क्या हुआ लेकिन कुछ ही क्षणों में स्थिति गंभीर हो गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टैंकर के भीतर पेंटिंग के दौरान जहरीली गैस और केमिकल की गंध तेजी से फैल गई थी जिससे मजदूरों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। बंद जगह होने के कारण उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका और दम घुटने से उनकी हालत बिगड़ती चली गई। घटना के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई और कारखाने के अन्य कर्मचारियों ने तुरंत दोनों को बाहर निकालने की कोशिश की।

    कारखाने के मालिक द्वारा तत्काल दोनों मजदूरों को अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक तौर पर डॉक्टरों ने मौत की वजह दम घुटना बताया है हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। दोनों शवों का पंचनामा तैयार कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

    यह हादसा औद्योगिक कार्यस्थलों पर सुरक्षा उपायों की अनदेखी की गंभीर तस्वीर पेश करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बंद टैंकर या सीमित स्थानों में काम करते समय पर्याप्त वेंटिलेशन और सुरक्षा उपकरणों का होना बेहद जरूरी है लेकिन अक्सर इन नियमों की अनदेखी की जाती है जो इस तरह की घटनाओं को जन्म देती है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित सुरक्षा इंतजाम किए जाते तो शायद इन मजदूरों की जान बचाई जा सकती थी। यह घटना एक चेतावनी है कि काम के दौरान लापरवाही और सुरक्षा की अनदेखी किस तरह घातक साबित हो सकती है।