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  • मधुमक्खियों का हमला पड़ा भारी: जान बचाने मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक, घंटों बाद सुरक्षित उतारा गया

    मधुमक्खियों का हमला पड़ा भारी: जान बचाने मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक, घंटों बाद सुरक्षित उतारा गया


    ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक अनोखा लेकिन खतरनाक मामला सामने आया, जहां एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ने के बाद नीचे नहीं उतर सका। घटना पुरानी छावनी थाना क्षेत्र स्थित सम्राट मैरिज गार्डन के पास की है, जहां करीब 60 मीटर ऊंचे टावर पर युवक फंस गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया।

    मेंटेनेंस के दौरान हुआ हादसा

    युवक की पहचान बंटी रावत के रूप में हुई है, जो एक टेलीकॉम कंपनी में टावर मेंटेनेंस का काम करता है। वह नियमित जांच के लिए टावर पर चढ़ा था, लेकिन इसी दौरान एक अप्रत्याशित घटना ने उसे मुश्किल में डाल दिया।

    मधुमक्खियों के हमले से बढ़ी मुश्किल

    टावर पर काम करते समय अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। खुद को बचाने के प्रयास में वह और ऊपर चढ़ गया, लेकिन बाद में नीचे उतरने की हिम्मत नहीं जुटा पाया और वहीं फंस गया। स्थिति को देखकर आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी।

    एक घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

    मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने पहले स्थिति का जायजा लिया और फिर सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। समय रहते कार्रवाई होने से बड़ा हादसा टल गया।

    प्राथमिक उपचार के बाद हालत सामान्य

    नीचे उतारने के बाद युवक को प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस के अनुसार उसकी हालत अब सामान्य है और उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई है।

  • ग्वालियर में इंस्पेक्टर पर रेप का आरोप: फेसबुक दोस्ती के बाद शादी का झांसा, केस दर्ज

    ग्वालियर में इंस्पेक्टर पर रेप का आरोप: फेसबुक दोस्ती के बाद शादी का झांसा, केस दर्ज


    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक पुलिस इंस्पेक्टर पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगा है। झांसी रोड थाना में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, आरोपी इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा ने फेसबुक के जरिए महिला से दोस्ती कर उसे शादी का झांसा दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत करने वाली 38 वर्षीय महिला शहर में बुटीक चलाती है और वर्तमान में 9 महीने की गर्भवती बताई जा रही है।

    फेसबुक से शुरू हुई दोस्ती, खुद को बताया अविवाहित

    पीड़िता के अनुसार, जनवरी 2024 में सोशल मीडिया के जरिए उसकी पहचान रूपेश शर्मा से हुई। बातचीत बढ़ने के साथ दोनों के बीच नजदीकियां भी बढ़ीं। इस दौरान आरोपी ने खुद को अविवाहित बताया और महिला को भरोसे में लिया, जबकि हकीकत में वह पहले से शादीशुदा और दो बच्चों का पिता है।

    शादी का झांसा देकर बनाए संबंध

    महिला का आरोप है कि 2024 में ही आरोपी पहली बार उसके बुटीक पर आया, जहां उसने जबरन संबंध बनाए। विरोध करने पर उसने शादी का वादा कर मामला शांत कराया। इसके बाद भी वह लगातार शादी का आश्वासन देकर महिला के साथ संबंध बनाता रहा। जब महिला ने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी टालमटोल करने लगा।

    सच्चाई सामने आई तो दी धमकी

    शक होने पर महिला ने आरोपी के बारे में जानकारी जुटाई, जिसमें उसकी शादी और बच्चों की सच्चाई सामने आई। विरोध करने पर इंस्पेक्टर ने उसे धमकाया। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद देर रात आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया।

    ड्यूटी से गायब आरोपी, विभागीय कार्रवाई की तैयारी

    मामले के सामने आने के बाद आरोपी इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा का मोबाइल बंद है और वह बिना सूचना ड्यूटी से भी गायब बताया जा रहा है। अखिलेश रैनवाल (एसपी, पीटीएस तिघरा) ने कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।

    पुलिस जांच जारी, गिरफ्तारी की तैयारी

    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए बढ़ते अपराधों और भरोसे के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • विज्ञान भवन में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में पीएम मोदी ने महिला नेतृत्व को बताया देश की प्रगति का आधार

    विज्ञान भवन में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में पीएम मोदी ने महिला नेतृत्व को बताया देश की प्रगति का आधार


    नई दिल्ली। राजधानी के विज्ञान भवन में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला सशक्तिकरण और नेतृत्व की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि जब निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती है तो पूरा शासन तंत्र अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और जनहितकारी बनता है। उन्होंने कहा कि महिला नेतृत्व केवल सामाजिक बदलाव का प्रतीक नहीं है बल्कि यह एक मजबूत और प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था की नींव भी है, जिससे देश के विकास को नई दिशा मिलती है।

    प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2023 में इसे सभी राजनीतिक दलों की सहमति से पारित किया गया था, जो भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता और एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी और अधिक प्रभावी और निर्णायक बने, ताकि नीति निर्माण में उनका योगदान और मजबूत हो सके।

    अपने संबोधन में पीएम मोदी ने देश में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भारत की प्रगति का सबसे बड़ा आधार बताया। उन्होंने कहा कि आज देश के सर्वोच्च पदों से लेकर पंचायत स्तर तक महिलाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं और अपने दायित्वों को अत्यंत कुशलता और समर्पण के साथ निभा रही हैं। यह बदलाव न केवल शासन व्यवस्था को मजबूत कर रहा है बल्कि समाज की सोच में भी सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है।

    प्रधानमंत्री ने पंचायत स्तर पर महिलाओं की भागीदारी को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और कहा कि लाखों महिलाएं स्थानीय निकायों में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। कई राज्यों में पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी लगभग आधी तक पहुंच चुकी है, जो भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक सशक्त बना रही है।

    उन्होंने कहा कि विभिन्न अध्ययनों में यह स्पष्ट हुआ है कि जहां निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती है वहां व्यवस्था अधिक पारदर्शी और संवेदनशील बनती है। जल जीवन मिशन जैसी योजनाएं इसका सशक्त उदाहरण हैं, जहां महिलाओं की सक्रिय भूमिका ने ग्रामीण जीवन में बड़ा परिवर्तन लाया है।

    प्रधानमंत्री ने जनधन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले करोड़ों महिलाएं बैंकिंग व्यवस्था से दूर थीं, लेकिन अब करोड़ों बैंक खाते खुलने से उनकी आर्थिक भागीदारी में बड़ा बदलाव आया है। इससे महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता मिली है और वे देश की विकास यात्रा का मजबूत हिस्सा बनी हैं।

    उन्होंने मुद्रा योजना और स्टार्टअप क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में महिलाएं उद्यमिता और स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिल रही है।

    प्रधानमंत्री ने मातृत्व अवकाश को बढ़ाकर 26 सप्ताह किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह निर्णय महिलाओं के कार्यस्थल पर सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    उन्होंने स्किल इंडिया मिशन और ड्रोन दीदी जैसी पहलों को महिला सशक्तिकरण की नई पहचान बताते हुए कहा कि महिलाएं अब कृषि, तकनीक और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला नेतृत्व वाला विकास भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण आधार बन चुका है, जिससे न केवल महिलाओं का जीवन बदल रहा है बल्कि पूरे समाज की दिशा और सोच भी बदल रही है।

  • अप्रैल में बढ़ी गर्मी: ग्वालियर में 36 डिग्री के पार तापमान, आगे और चढ़ेगा पारा

    अप्रैल में बढ़ी गर्मी: ग्वालियर में 36 डिग्री के पार तापमान, आगे और चढ़ेगा पारा


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मौसम ने करवट ले ली है। अप्रैल की शुरुआत में हुई बारिश और ओलावृष्टि से मिली राहत अब खत्म हो चुकी है और गर्मी ने दोबारा जोर पकड़ लिया है। रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो करीब आठ दिन बाद 36 डिग्री के पार पहुंचा। वहीं सोमवार को न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    पश्चिमी हवाओं का असर, तेजी से बढ़ेगा तापमान

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले दिनों सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और नमी के कारण तापमान में गिरावट आई थी, लेकिन अब इसका असर खत्म हो गया है। वर्तमान में पश्चिमी हवाएं सक्रिय हैं, जिससे दिन और रात दोनों के तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में गर्मी और ज्यादा तीखी हो सकती है।

    अगले 24 घंटे में 2-3 डिग्री तक उछाल

    मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। दिन के समय गर्म हवाएं चलने का अनुमान है, जबकि रात का तापमान भी धीरे-धीरे 20 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है। इससे लोगों को दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी का अहसास होने लगेगा।

    अप्रैल में ग्वालियर का गर्मी ट्रेंड सबसे अलग

    ग्वालियर में अप्रैल महीने की गर्मी का ट्रेंड अन्य शहरों की तुलना में ज्यादा तीव्र रहता है। पिछले 10 वर्षों में यहां तापमान कई बार 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। ऐतिहासिक रूप से 28 अप्रैल 1958 को यहां 46.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था, जो अब तक का रिकॉर्ड है। हालांकि इस महीने में कभी-कभी बारिश भी होती है, जिससे अस्थायी राहत मिलती है।

    गर्मी से बचाव के लिए सावधानी जरूरी

    बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के और सूती कपड़े पहनने और शरीर को हाइड्रेट रखने की जरूरत बताई गई है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

  • ग्वालियर हादसा: घर में आग से ट्रैक्टर, स्कॉर्पियो, बाइक-स्कूटी जलीं; बोरिंग पंप से बुझाई गई आग

    ग्वालियर हादसा: घर में आग से ट्रैक्टर, स्कॉर्पियो, बाइक-स्कूटी जलीं; बोरिंग पंप से बुझाई गई आग


    ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर के मुरार इलाके में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात एक मकान में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना मुरार उपनगर में संकल्प हॉस्पिटल के पास प्रेमशंकर नारायण के बाड़े की है, जहां रात करीब 2:30 बजे अचानक आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास के मकानों तक लपटें पहुंच गईं और लोग दहशत में घर छोड़कर बाहर निकल आए।

    एक घंटे की मशक्कत के बाद काबू, रहवासियों ने खुद संभाली स्थिति

    मकान मालिक बल्ली कांदिल के अनुसार, घर के सामने निर्माण कार्य चल रहा था, जबकि पीछे परिवार रह रहा था। देर रात पड़ोसियों ने आग लगने की सूचना दी, जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई। फायर ब्रिगेड के समय पर न पहुंचने के कारण स्थानीय लोगों ने खुद मोर्चा संभाला। बोरिंग पंप चालू कर पाइप से पानी डाला गया और आसपास के घरों से भी पानी लाकर आग बुझाने की कोशिश की गई। करीब एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

    ट्रैक्टर-स्कॉर्पियो समेत कई वाहन जलकर खाक

    इस भीषण आग में एक ट्रैक्टर, एक स्कॉर्पियो कार, तीन बाइक और एक स्कूटी पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग से लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। आसपास के घरों की दीवारें भी आग की चपेट में आकर झुलस गईं।

    दमकल पर लापरवाही के आरोप

    मकान मालिक ने आरोप लगाया कि घटना की सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड समय पर मौके पर नहीं पहुंची। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर दमकल समय पर पहुंच जाती तो नुकसान कम हो सकता था।

    स्पार्किंग से लगी आग की आशंका

    घटना स्थल पर बिजली कनेक्शन नहीं होने के कारण शॉर्ट सर्किट की संभावना से इनकार किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में वाहनों में स्पार्किंग या पेट्रोल-डीजल के कारण आग लगने की आशंका जताई गई है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं।

    सिथौली फैक्ट्री में भी लगी आग, समय रहते पाया काबू

    इसी बीच सिथौली औद्योगिक क्षेत्र स्थित रेलवे स्प्रिंग फैक्ट्री में भी रविवार रात कोयले के ढेर में आग लग गई। हालांकि कर्मचारियों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए 10-15 मिनट में आग पर काबू पा लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। बाद में दमकल टीम ने पहुंचकर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित किया।

  • पुलिस विभाग में हड़कंप मचाने वाला टीआई पर दुष्कर्म का सनसनीखेज आरोप…

    पुलिस विभाग में हड़कंप मचाने वाला टीआई पर दुष्कर्म का सनसनीखेज आरोप…

    ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में पुलिस महकमे को झकझोर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक पुलिस प्रशिक्षण संस्थान से जुड़े टीआई पर विधवा महिला के साथ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने वाले विभाग पर भी सवाल उठने लगे हैं। पीड़िता की शिकायत के बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    जानकारी के अनुसार 38 वर्षीय विधवा महिला, जो बुटीक संचालन का कार्य करती है, की पहचान लगभग दो वर्ष पहले सोशल मीडिया के माध्यम से आरोपी से हुई थी। बातचीत की शुरुआत सामान्य परिचय के रूप में हुई थी, लेकिन धीरे धीरे आरोपी ने खुद को अविवाहित और कुंवारा बताकर महिला का विश्वास जीत लिया। इसी विश्वास का लाभ उठाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया गया है।

    पीड़िता का कहना है कि जब बाद में उसे यह जानकारी मिली कि आरोपी पहले से शादीशुदा है, तो उसके साथ धोखाधड़ी का अहसास हुआ। इस सच्चाई के सामने आने के बाद महिला ने साहस दिखाते हुए पुलिस से शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर संबंधित टीआई के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।

    यह घटना झांसी रोड थाना क्षेत्र के हरिशंकर पुरम इलाके की बताई जा रही है। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है और लोग पुलिस विभाग से निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। घटना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आरोपी अधिकारी की भूमिका की भी विस्तृत जांच की जा रही है।

  • MP में नया कानून: अब गांवों में भी बनेंगी कॉलोनियां, 15% मकान गरीबों के लिए रिजर्व

    MP में नया कानून: अब गांवों में भी बनेंगी कॉलोनियां, 15% मकान गरीबों के लिए रिजर्व


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही मप्र कॉलोनी एक्ट 2026 लागू करने जा रही है, जिसका मकसद शहरों के बढ़ते दबाव को कम करते हुए गांवों में भी व्यवस्थित कॉलोनियों का विकास करना है। इस प्रस्तावित कानून के तहत अब शहरों से सटे ग्रामीण इलाकों में भी कॉलोनी बनाने के लिए सख्त नियम लागू होंगे। सरकार का दावा है कि इससे अवैध कॉलोनियों पर रोक लगेगी और लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी।

    अवैध कॉलोनी पर कड़ा प्रहार, अफसर भी नहीं बचेंगे

    नए कानून में अवैध कॉलोनी बनाने वालों के खिलाफ सख्त प्रावधान किए गए हैं। बिना अनुमति कॉलोनी विकसित करने पर 7 से 10 साल तक की जेल और 50 लाख से 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, लापरवाही बरतने वाले सरकारी अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी और उन्हें 3 महीने तक की सजा हो सकती है। यह प्रावधान प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

    गरीबों के लिए 15% मकान आरक्षित, सस्ते दामों पर उपलब्ध होंगे घर

    इस एक्ट का सबसे अहम प्रावधान आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के लिए है। हर कॉलोनी में 15% क्षेत्र इन वर्गों के लिए आरक्षित रहेगा। इन मकानों या प्लॉट्स को कलेक्टर द्वारा तय बाजार मूल्य के 90% से अधिक कीमत पर नहीं बेचा जा सकेगा। साथ ही, खरीदार 15 साल तक इन संपत्तियों को बेच या ट्रांसफर नहीं कर पाएंगे।

    कॉलोनाइजर का रजिस्ट्रेशन और अनुमति अनिवार्य

    अब कोई भी व्यक्ति या संस्था बिना रजिस्ट्रेशन कॉलोनी विकसित नहीं कर सकेगी। कॉलोनाइजर को जिला या राज्य स्तर पर पंजीयन कराना होगा, जिसकी वैधता 5 साल होगी। इसके अलावा कॉलोनी डेवलप करने से पहले संबंधित प्राधिकरण से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। आवेदन के 60 दिन के भीतर फैसला नहीं होने पर 15 दिन बाद अनुमति स्वतः मान्य मानी जाएगी।

    बुनियादी सुविधाएं देना होगी अनिवार्य

    नई कॉलोनियों में सड़क, पानी, बिजली, सीवरेज, ड्रेनेज, पार्क और खेल मैदान जैसी सुविधाएं देना अनिवार्य होगा। साथ ही पाथ-वे (पैदल मार्ग) बनाना भी जरूरी होगा। कॉलोनाइजर को इन सुविधाओं की गारंटी के लिए बैंक गारंटी या संपत्ति गिरवी रखनी होगी, ताकि अधूरे प्रोजेक्ट्स पर रोक लग सके।

    पुरानी अवैध कॉलोनियों को मिलेगी राहत

    सरकार 2021 से पहले बनी करीब 7 हजार अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की तैयारी में है। इन कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रबंधन अपने हाथ में ले सकती है। इसके लिए निवासियों से विकास शुल्क भी लिया जा सकता है, हालांकि गरीब वर्ग को इसमें छूट दी जाएगी।

    क्यों जरूरी था नया कानून?

    शहरों में जहां कॉलोनी डेवलपमेंट के लिए सख्त नियम लागू हैं, वहीं ग्रामीण इलाकों में सिर्फ जमीन के बंटवारे के आधार पर कॉलोनियां बस रही थीं। इससे अव्यवस्थित विकास, संकरी सड़कें और सुविधाओं की कमी जैसी समस्याएं बढ़ रही थीं। नए कानून से इस असंतुलन को दूर करने की कोशिश की जा रही है।

    मेट्रोपॉलिटन रीजन को मिलेगा बढ़ावा

    सरकार ने मेट्रोपॉलिटन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट 2025 को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत भोपाल और इंदौर सहित 5 बड़े शहरों में मेट्रोपॉलिटन रीजन विकसित किए जाएंगे। इससे शहरी विस्तार को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।

  • अमेरिका-ईरान वार्ता फिर शुरू कराने में जुटा पाकिस्तान, शहबाज-मुनीर ने तेज की कूटनीतिक पहल

    अमेरिका-ईरान वार्ता फिर शुरू कराने में जुटा पाकिस्तान, शहबाज-मुनीर ने तेज की कूटनीतिक पहल

    नई दिल्ली। इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई शुरुआती बातचीत बेनतीजा रहने के बाद पाकिस्तान ने दोनों देशों को फिर से वार्ता की मेज पर लाने के लिए अपनी कूटनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। यह दावा पाकिस्तानी अखबार द न्यूज इंटरनेशनल ने सरकारी सूत्रों के हवाले से किया है।

    पहले दौर की बातचीत नहीं दे सकी ठोस नतीजा
    रिपोर्ट के मुताबिक, प्रारंभिक वार्ता में कोई औपचारिक समझौता नहीं हो पाया, हालांकि दोनों पक्षों ने अपने-अपने रुख स्पष्ट रूप से सामने रखे। इसके बावजूद पाकिस्तान को उम्मीद है कि आगे बातचीत के जरिए समाधान की दिशा में प्रगति हो सकती है।

    वॉशिंगटन और तेहरान से लगातार संपर्क
    पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान दोनों के संपर्क में बना हुआ है और जल्द से जल्द दूसरे दौर की बातचीत शुरू करने की कोशिश कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, 22 अप्रैल के आसपास समाप्त होने वाले संभावित सीजफायर से पहले किसी ठोस नतीजे तक पहुंचना प्राथमिक लक्ष्य है, ताकि क्षेत्र में तनाव दोबारा न बढ़े।

    डेडलाइन से पहले समाधान की कोशिश
    एक वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारी ने कहा कि तय समयसीमा के भीतर इस मुद्दे को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही, इसी अवधि में दूसरे दौर की वार्ता आयोजित कराने की दिशा में भी लगातार प्रयास जारी हैं।

    शहबाज शरीफ के निर्देश पर चल रही पहल
    यह पूरी कूटनीतिक कवायद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के निर्देश पर की जा रही है, जिससे स्पष्ट है कि इस्लामाबाद इस मामले को काफी अहम मान रहा है।

    डार और मुनीर कर रहे नेतृत्व
    पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री व विदेश मंत्री इसहाक डार और सेना प्रमुख आसिम मुनीर इस प्रक्रिया का नेतृत्व कर रहे हैं। पाकिस्तान दोनों देशों तक वार्ता फिर से शुरू करने का संदेश पहुंचा चुका है और अब उनके जवाब का इंतजार किया जा रहा है। पाकिस्तान को उम्मीद है कि जल्द ही सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलेगी, जिससे तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित किया जा सके और सीमित समय में कूटनीतिक समाधान निकाला जा सके।

  • उज्जैन में बदमाशों का तांडव: 12 से ज्यादा आरोपियों ने हिस्ट्रीशीटर का मकान जलाया, भागते वक्त दो झुलसे

    उज्जैन में बदमाशों का तांडव: 12 से ज्यादा आरोपियों ने हिस्ट्रीशीटर का मकान जलाया, भागते वक्त दो झुलसे


    नई दिल्ली।मध्य प्रदेश के उज्जैन में गैंगवार ने खौफनाक रूप ले लिया, जहां बदमाशों ने एक हिस्ट्रीशीटर के मकान को पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया। घटना ढांचा भवन क्षेत्र में 11 अप्रैल की रात हुई, जिसका सीसीटीवी वीडियो अब सामने आया है। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि 12 से ज्यादा बदमाश हथियारों के साथ मौके पर पहुंचे और सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।

    पेट्रोल डालते ही भड़की आग, कुछ ही सेकंड में जल उठा मकान

    सीसीटीवी में दिख रहा है कि बदमाश पहले मकान के सामने जमा होते हैं। कुछ आरोपी चाकू और अन्य हथियार लिए हुए हैं, जबकि उनके साथी दोपहिया वाहनों पर थोड़ी दूरी पर खड़े नजर आते हैं। इसी दौरान एक बदमाश बोतल में भरा पेट्रोल मकान पर डालता है और दूसरा उसमें आग लगा देता है। देखते ही देखते आग भड़क उठती है और पूरा मकान चपेट में आ जाता है।

    पुरानी रंजिश बनी वजह, दो बदमाश खुद भी झुलसे

    सूत्रों के अनुसार, यह हमला पुरानी गैंग रंजिश का नतीजा है। बताया जा रहा है कि हिस्ट्रीशीटर रौनक गुर्जर और यशवेंद्र उर्फ छम्बू बुंदेला गैंग के बीच पहले से विवाद चल रहा था। इसी के चलते विरोधी गैंग के करीब 12 बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया। आगजनी के दौरान सड़क पर फैले पेट्रोल की वजह से दो आरोपी खुद भी आग की चपेट में आ गए और झुलसते हुए भागते नजर आए।

    फायरिंग की भी आशंका, बाल-बाल बची 14 वर्षीय बच्ची

    घटना के दौरान फायरिंग किए जाने की भी बात सामने आई है। इसी बीच एक 14 वर्षीय बच्ची अपनी मां के साथ वहां से गुजर रही थी, जो बाल-बाल बच गई। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल बन गया है और लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

    पुलिस जांच में जुटी, CCTV से होगी पहचान

    मामले की जांच कर रहे विवेक कनोडिया (टीआई, चिमनगंज मंडी थाना) ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है, ताकि पूरे गिरोह का पता लगाया जा सके।