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  • शिवपुरी के नरवर किले में खजाने की खोज का खेल, पुलिस को मिले औजार और कंबल

    शिवपुरी के नरवर किले में खजाने की खोज का खेल, पुलिस को मिले औजार और कंबल


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिला के ऐतिहासिक नरवर किला में एक बार फिर दफीनाखोरों की सक्रियता ने प्रशासन को चौंका दिया है। किले में स्थित मां पसर देवी मंदिर के पीछे खजाने की तलाश में करीब 20 फीट गहरी सुरंग खोदे जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। खास बात यह है कि सुरंग को बड़ी चालाकी से झाड़ियों से ढककर छिपाने की कोशिश की गई थी, ताकि किसी को इसकी भनक न लगे। सूचना मिलते ही नरवर पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। यहां से खुदाई में इस्तेमाल किए गए औजार, एरोसोल स्प्रे कैन और कंबल बरामद हुए हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि दफीनाखोर कई दिनों से सुनियोजित तरीके से इस काम को अंजाम दे रहे थे।

    आस्था और अफवाहों के बीच पनपी खजाने की लालसा

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, मां पसर देवी मंदिर की एक विशेष मान्यता है कि यहां माता की प्रतिमा लेटी हुई अवस्था में विराजमान है और उसके नीचे प्राचीन खजाना छिपा हुआ है। इसी आस्था और अफवाह ने दफीनाखोरों को लालच में डाल दिया। माना जा रहा है कि खजाने तक पहुंचने के लिए ही मंदिर के पीछे सुरंग खोदी जा रही थी। दफीनाखोर रात के अंधेरे में खुदाई करते और सुबह होने से पहले सुरंग को झाड़ियों से ढक देते थे, जिससे लंबे समय तक यह गतिविधि छिपी रही। मौके से मिले कंबल और अन्य सामान इस बात के संकेत देते हैं कि आरोपी रातभर वहीं रुककर काम करते थे। यह पूरा घटनाक्रम न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करता है।

    पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं, पुलिस ने तेज की जांच

    गौरतलब है कि नरवर किला में यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी खजाने की तलाश में अवैध खुदाई के कई मामले सामने आ चुके हैं। हर बार प्रशासन कार्रवाई करता है, लेकिन फिर भी दफीनाखोर नई चाल के साथ सक्रिय हो जाते हैं। इस बार मिली सुरंग और बरामद सामग्री को पुलिस ने जब्त कर लिया है और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की जा रही है और संदिग्धों की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। प्रशासन ने किले की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

  • आंखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक 8 पोषक खाद्य पदार्थ, गाजर के अलावा भी मिलते हैं कई प्राकृतिक विकल्प

    आंखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक 8 पोषक खाद्य पदार्थ, गाजर के अलावा भी मिलते हैं कई प्राकृतिक विकल्प


    नई दिल्ली:
    आज की जीवनशैली में आंखों पर पड़ने वाला दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। मोबाइल फोन, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन के अधिक उपयोग के कारण आंखों में थकान, सूखापन, जलन और धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं। ऐसे में आंखों की सेहत को बनाए रखना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है। आमतौर पर यह धारणा रही है कि आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए गाजर सबसे प्रभावी विकल्प है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि कई अन्य खाद्य पदार्थ भी आंखों को मजबूत बनाने और उनकी कार्यक्षमता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    शकरकंद को आंखों के लिए एक बेहद उपयोगी खाद्य पदार्थ माना जाता है क्योंकि इसमें विटामिन ए की प्रचुर मात्रा होती है। यह तत्व आंखों की सतह यानी कॉर्निया को स्वस्थ रखने में मदद करता है और दृष्टि क्षमता को बेहतर बनाए रखता है। इसके नियमित सेवन से आंखों की कार्यक्षमता लंबे समय तक संतुलित रह सकती है।

    हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी और अन्य हरी सब्जियां आंखों के स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होती हैं। इनमें मौजूद ल्यूटिन और ज़ीएक्सैंथिन जैसे पोषक तत्व रेटिना की सुरक्षा करते हैं और तेज रोशनी या स्क्रीन के हानिकारक प्रभाव से आंखों को बचाते हैं। ये तत्व उम्र बढ़ने के साथ होने वाली दृष्टि संबंधी समस्याओं को भी कम करने में सहायक होते हैं।

    अंडे आंखों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत माने जाते हैं। इनमें मौजूद तत्व आंखों की मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं और दृष्टि को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं। नियमित रूप से संतुलित मात्रा में अंडे का सेवन आंखों की सेहत को सपोर्ट कर सकता है।

    जिंक से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे दालें, बीन्स और नट्स आंखों की कोशिकाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह पोषक तत्व आंखों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाए रखने और उन्हें आंतरिक रूप से मजबूत करने में मदद करता है। इसी तरह बादाम भी विटामिन ई का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, जो आंखों को ऑक्सीडेटिव तनाव और फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाता है।

    ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर मछली आंखों के सूखेपन को कम करने में सहायक होती है और उन्हें प्राकृतिक रूप से नमी प्रदान करती है। यह आंखों की सतह को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती है और लंबे समय तक स्क्रीन देखने से होने वाली समस्याओं को कम कर सकती है। पपीता विटामिन सी का अच्छा स्रोत माना जाता है, जो आंखों के ऊतकों को मजबूती प्रदान करता है और उम्र के प्रभाव को धीमा करने में मदद करता है।

    इसके अलावा बीन्स और साबुत अनाज भी आंखों के लिए लाभकारी माने जाते हैं। ये शरीर में ऊर्जा संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ आंखों की समग्र सेहत को समर्थन देते हैं। संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली आंखों की रोशनी को लंबे समय तक बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पर्याप्त नींद, स्क्रीन टाइम में नियंत्रण और नियमित अंतराल पर आंखों को आराम देना भी आंखों की सुरक्षा के लिए आवश्यक माना जाता है।

  • आशा भोसले के निधन और अंतिम संस्कार की खबर अफवाह, आधिकारिक पुष्टि नहीं

    आशा भोसले के निधन और अंतिम संस्कार की खबर अफवाह, आधिकारिक पुष्टि नहीं


    नई दिल्ली। भारतीय संगीत की दिग्गज गायिका Asha Bhosle को आज पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जा रही है। 12 अप्रैल को 92 वर्ष की आयु में उनके निधन के बाद देशभर में शोक की लहर है।

    अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार

    Asha Bhosle के पार्थिव शरीर को मुंबई स्थित उनके आवास पर रखा गया है, जहां दोपहर 3 बजे तक अंतिम दर्शन किए जा रहे हैं।
    इसके बाद शाम 4 बजे उनका अंतिम संस्कार Shivaji Park श्मशान भूमि में किया जाएगा।

    🇮🇳 राजकीय सम्मान के साथ विदाई

    महान गायिका को तिरंगे में लपेटकर राजकीय सम्मान दिया गया। यह सम्मान भारतीय संगीत में उनके अतुलनीय योगदान के लिए है।

    हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि
    Riteish Deshmukh ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की
    Sachin Tendulkar भावुक नजर आए
    Tabu ने उनकी पोती को गले लगाकर सांत्वना दी
    A. R. Rahman ने भी अंतिम दर्शन किए
    परिवार का हाल

    उनकी पोती जिनाई भोसले का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार और करीबी लोग उन्हें संभालते नजर आए।

    खास श्रद्धांजलि

    सैंड आर्टिस्ट Manas Sahoo ने उनके सम्मान में एक विशेष सैंड एनीमेशन बनाकर श्रद्धांजलि दी।

    सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

    अत्यधिक भीड़ और वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक की खास व्यवस्था की है, ताकि अंतिम विदाई सम्मानजनक तरीके से हो सके।

    “एक युग का अंत”

    गायिका Maithili Thakur ने कहा— “हम सभी उनके गाने सुनते हुए बड़े हुए हैं, यह एक युग का अंत है।”

    Asha Bhosle की आवाज भले ही अब खामोश हो गई हो, लेकिन उनकी धुनें और विरासत हमेशा पीढ़ियों तक गूंजती रहेंगी।
    ओम शांति

  • भारतीय अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा ईरान युद्ध का असर… महंगे तेल ने बिगाड़ी हालत


    नई दिल्ली।
    ग्लोबल स्तर (Global Level) पर बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Prices) में तेज उछाल अब भारत की अर्थव्यवस्था (Indian Economy) पर भी असर दिखाने लगा है। हाल ही में आई मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) की रिपोर्ट में भी इसका संकेत साफ दिखाई देता है। रिपोर्ट के मुताबिक, महंगे तेल की वजह से भारत की आर्थिक ग्रोथ पर दबाव बढ़ गया है। यही वजह है कि FY2027 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान घटाकर 6.2% कर दिया गया है। आइए जरा विस्तार से समझते हैं कि कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का सीधा असर भारत पर कैसा पड़ेगा?

    आपको बता दें कि जब कच्चा तेल महंगा होता है, तो इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ता है। इससे ट्रांसपोर्ट, उत्पादन और रोजमर्रा की चीजें महंगी हो जाती हैं। इसका नतीजा यह होता है कि लोगों की जेब पर दबाव बढ़ता है और खर्च कम हो जाता है, जिससे डिमांड भी कमजोर पड़ने लगती है।


    95 डॉलर प्रति बैरल होंगी तेल की कीमतें

    रिपोर्ट के अनुसार, अगर तेल की कीमतें औसतन 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहती हैं, तो उद्योगों की लागत बढ़ेगी, कंपनियों का मुनाफा घटेगा और आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा, जो बढ़कर करीब 5.1% तक पहुंचने का अनुमान है।

    85% कच्चा तेल आयात
    भारत की एक बड़ी चुनौती यह भी है कि वह अपनी जरूरत का करीब 85% कच्चा तेल आयात करता है, जिससे तेल महंगा होने पर देश का आयात बिल बढ़ जाता है और चालू खाता घाटा (Current Account Deficit) भी बढ़कर 2.5% तक जा सकता है। इससे रुपये पर भी दबाव बन सकता है।

    किस-किस पर होगा असर?
    इसका असर आम लोगों से लेकर कंपनियों और सरकार तक सभी पर पड़ता है, जहां आम आदमी की खरीदारी घटती है, वहीं कंपनियों के खर्च बढ़ जाते हैं और सरकार को सब्सिडी बढ़ानी पड़ सकती है। हालांकि, RBI (Reserve Bank of India) फिलहाल ब्याज दरों को स्थिर रखते हुए स्थिति संभालने की कोशिश कर सकता है। अगर हालात और बिगड़ते हैं और तेल 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचता है, तो ग्रोथ 5.7% तक गिर सकती है और महंगाई 6% के पार जा सकती है। फिर भी मजबूत घरेलू मांग और सरकारी नीतियों की वजह से भारत की अर्थव्यवस्था इस चुनौती का सामना करने में सक्षम मानी जा रही है।

  • हेल्थ इंश्योरेंस सिस्टम को ज्यादा सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की तैयारी…


    नई दिल्ली।
    केंद्र सरकार (Central Government) ने हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) के क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत बीमा नियामक इरडा (Insurance Regulator IRDA) ने एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है, जो हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) के पूरे ढांचे की गहराई से जांच करेगी और ऐसे सुझाव देगी, जिससे सिस्टम ज्यादा सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद बन सके।

    इसका मकसद बीमा लेने वाले लोगों की परेशानियों को कम करना और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इसकी पहुंच बनाना है। विशेषज्ञों का कहना है कि देश में पिछले कुछ वर्षों में हेल्थ इंश्योरेंस लेने वालों की संख्या बढ़ी है, लेकिन इसके साथ ही समस्याएं भी बढ़ी हैं। लोग लगातार बढ़ते प्रीमियम, अस्पतालों की मनमानी बिलिंग, क्लेम में देरी और पॉलिसी की जटिल शर्तों से परेशान हैं।


    कम हुआ आम लोगों का भरोसा

    कई बार बीमा होने के बावजूद मरीज को बड़ी रकम अपनी जेब से खर्च करनी पड़ती है। यही वजह है कि आम लोगों का भरोसा इंश्योरेंस सिस्टम पर कुछ हद तक कम हुआ है। इन समस्याओं को देखते हुए बीमा ढांचे में व्यापक बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।


    अस्पतालों की मनमानी बिलिंग सबसे बड़ी समस्या

    अस्पतालों की मनमानी बिलिंग सबसे बड़ी समस्या है। एक ही बीमारी के इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में अलग-अलग खर्च लिया जाता है। इस गड़बड़ी को दूर करने के लिए अस्पतालों की फीस और टैरिफ सिस्टम की समीक्षा की जाएगी, ताकि इलाज की कीमतों में पारदर्शिता लाई जा सके।


    क्या करेगी समिति

    हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़े हर पहलू की समीक्षा करेगी। समिति यह भी देखेगी कि हेल्थ इंश्योरेंस कितने लोगों तक पहुंच रहा है, दावा निपटान की प्रक्रिया कैसी है, नए बीमा प्लान कैसे बनाए जाएं, लोगों की शिकायतों का समाधान कैसे तेज किया जाए। इसके अलावा फर्जी दावे, गलत बिलिंग और प्रशासनिक कमियों को दूर करने के उपाय भी सुझाएगी।

    इसके लिए बीमा कंपनियों और अस्पतालों के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश होगी। समिति यह भी देखेगी कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और निजी बीमा के बीच बेहतर तालमेल कैसे बनाया जाए। इससे लोगों को ज्यादा विकल्प मिलेंगे और बीमा का फायदा ज्यादा लोगों तक पहुंच सकेगा। साथ ही पॉलिसी को एक कंपनी से दूसरी कंपनी में ले जाना भी आसान हो सकता है।

  • ईरान अपने रुख पर कायम… संसद अध्यक्ष बोले- 'ट्रंप की धमकियों से नहीं पड़ता कोई असर

    ईरान अपने रुख पर कायम… संसद अध्यक्ष बोले- 'ट्रंप की धमकियों से नहीं पड़ता कोई असर


    तेहरान।
    ईरान (Iran) के संसद अध्यक्ष (Parliament Speaker) मोहम्मद बाकेर गालिबाफ (Mohammad Baqer Ghalibaf) ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) की हाल की धमकियों का ईरानी जनता पर कोई असर नहीं पड़ता। उन्होंने कहा, ये धमकियां बेअसर हैं और ईरान अपने रुख पर मजबूत रहेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में कुछ प्रगति हो रही है।

    ईरानी सरकारी मीडिया और अल-जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, गालिबाफ ने कहा कि तेहरान ने बातचीत के दौरान ‘बहुत अच्छे प्रस्ताव’ दिए हैं, जिससे बातचीत आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा, ट्रंप की हाल की धमकियों का ईरानी जनता पर कोई असर नहीं है।

    हम किसी भी धमकी के आगे नहीं झुकेंगे: गालिबाफ
    उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति को चेतावनी देते हुए कहा, अगर आप लड़ेंगे तो हम भी लड़ेंगे और अगर आप समझदारी से आएंगे तो हम भी समझदारी से बात करेंगे। उन्होंने आगे कहा, हम किसी भी धमकी के आगे नहीं झुकेंगे। उन्हें हमारी इच्छाशक्ति को फिर से परखने दीजिए, ताकि हम उन्हें बड़ा सबक सिखा सकें।

    बातचीत की मैच पर वापस आएगा ईरान: ट्रंप
    इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि उन्हें भरोसा है कि ईरान आखिरकार अमेरिका की शर्तें मान लेगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान वापस बातचीत की मेज पर आएगा। उन्होंने कहा, मैं चाहता हूं कि वे हमें सब कुछ दें। ईरान के पास कोई ताकत नहीं बची है। उनके पास कोई बढ़त नहीं हैं।

    उन्होंने अपनी हालिया सख्त बयानबाजी का बचाव भी किया और कहा कि यही बातचीत शुरू होने की वजह बनी। ट्रंप ने कहा कि ईरान के ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ जैसे नारे भी लगते हैं, इसलिए कड़ा जवाब जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी एक टिप्पणी ने ही ईरान को बातचीत की मेज पर ला दिया और वह अभी भी वहीं मौजूद हैं।

  • सफलता की ऊंचाइयों के बाद भी अधूरी रही ये ख्वाहिश, Asha Bhosle की भावुक कहानी

    सफलता की ऊंचाइयों के बाद भी अधूरी रही ये ख्वाहिश, Asha Bhosle की भावुक कहानी


    नई दिल्ली। भारतीय संगीत जगत की महान हस्ती Asha Bhosle के निधन ने पूरे देश को भावुक कर दिया है। 92 वर्ष की आयु में उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके जाने से न सिर्फ बॉलीवुड, बल्कि करोड़ों फैंस के दिलों में खालीपन आ गया है।

    रिकॉर्ड्स बनाए, लेकिन एक कमी रह गई

    अपने 70+ साल लंबे करियर में आशा ताई ने हजारों गाने गाकर अनगिनत रिकॉर्ड बनाए। हिंदी, मराठी, बंगाली से लेकर कई अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में गाकर उन्होंने अपनी आवाज का जादू बिखेरा। लेकिन इतनी बड़ी सफलता के बावजूद उनके मन में एक अधूरा सपना हमेशा रहा।

    पढ़ाई और अंग्रेजी न सीख पाने का अफसोस

    Asha Bhosle को इस बात का जीवनभर अफसोस रहा कि उन्हें पढ़ाई का पूरा मौका नहीं मिला। उन्होंने खुद एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि अगर उन्होंने अच्छी शिक्षा ली होती और अंग्रेजी भाषा सीखी होती, तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बड़ी पहचान बना सकती थीं। उन्होंने बताया था कि जब वे विदेश जाती थीं और अंग्रेजी गाने सुनती थीं, तो उन्हें यह महसूस होता था कि काश वे भी उस स्तर पर गा पातीं।

    उस दौर की सोच बनी रुकावट

    आशा ताई ने यह भी कहा था कि उनके समय में महिलाओं की शिक्षा को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता था। समाज की सोच के कारण उन्हें पढ़ाई का मौका नहीं मिला, जिसका असर उनके करियर के एक हिस्से पर पड़ा।

    युवाओं को दिया संदेश

    उन्होंने युवाओं को हमेशा यही संदेश दिया कि सफलता के लिए मेहनत और सीखना बेहद जरूरी है। उनका मानना था कि अगर उन्हें सही शिक्षा मिली होती, तो वे और भी ऊंचाइयों तक पहुंच सकती थीं।

  • खंडवा में मालगाड़ी के वैगन से एलपीजी गैस रिसाव, 3 घंटे चला रेस्क्यू, राजधानी समेत 6 ट्रेनें प्रभावित

    खंडवा में मालगाड़ी के वैगन से एलपीजी गैस रिसाव, 3 घंटे चला रेस्क्यू, राजधानी समेत 6 ट्रेनें प्रभावित


    खंडवा।
    मध्य प्रदेश के खंडवा रेलवे स्टेशन के आउटर पर रविवार रात एलपीजी गैस से भरी मालगाड़ी के एक वैगन में रिसाव होने से अफरा-तफरी मच गई। समय रहते रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से संभावित बड़ा हादसा टल गया।

    दरअसल महाराष्ट्र के पनवेल से जबलपुर (भिटौनी) जा रही भारत पेट्रोलियम की मालगाड़ी में 32 वैगन थे। रात करीब 9:30 बजे ट्रेन आउटर पर खड़ी थी, तभी स्टाफ बदलने के दौरान गैस की तेज गंध महसूस हुई। जांच में एक वैगन से एलपीजी गैस रिसाव की पुष्टि हुई।

    जानकारी के अनुसार, शिफ्ट खत्म होने पर ट्रैक चेक कर रहे एक रेलवे कर्मचारी ने पहले गैस की आवाज और फिर तेज गंध महसूस की। पास जाकर देखने पर एक वैगन से तेजी से गैस निकलती दिखाई दी। कर्मचारी ने तुरंत स्टेशन प्रबंधन को सूचना दी, जिसके बाद पूरे सिस्टम को अलर्ट कर दिया गया। सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी, स्टेशन प्रबंधक अरविंद साहा, आरपीएफ और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। कलेक्टर ऋषव गुप्ता और एसपी मनोज कुमार राय ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेराबंदी में लिया गया और आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई।


    तीन घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

    गंभीर स्थिति को देखते हुए रेलवे और डिजास्टर मैनेजमेंट टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। रेलवे और प्रशासनिक अधिकारियों ने 3 घंटे की मशक्कत के बाद लीकेज वाले 1 वैगन को बाकी 31 वैगन से अलग कर आइसोलेट किया। एहतियात के तौर पर लीकेज वाले वैगन को गीले बारदान (बोरियों) और गीली बालू रेत से ढंक दिया गया। लीकेज वैगन को अलग करने और स्थिति को सुरक्षित करने में प्रशासन को करीब 3 घंटे का समय लगा। स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित करने के लिए औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर से तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को बुलाया गया और बाकी 31 वैगन वाली ट्रेन को जबलपुर रवाना कर रात 12:30 बजे के बाद इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही बहाल कर दी गई है।


    3 घंटे प्रभावित रहा रेल यातायात

    रात 12:30 बजे अधिकारी मौके से रवाना हुए। इस पूरे घटनाक्रम के कारण रेलवे यातायात भी बाधित हुआ और राजधानी व मंगला एक्सप्रेस सहित कुल 6 ट्रेनें प्रभावित रहीं। कई ट्रेनों को आउटर और नजदीकी स्टेशनों पर रोकना पड़ा। करीब रात 12:30 बजे स्थिति नियंत्रण में आने के बाद ट्रेनों की आवाजाही बहाल की गई।


    कलेक्टर बोले— एक वैगन ही गंभीर खतरनाक था

    मौके पर पहुंचे कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि, “32 वैगन वाली ट्रेन में एलपीजी गैस भरी हुई थी। एक वैगन में लीकेज पाया गया। जिसे आइसोलेट करके फर्स्ट एड के रूप में गीली बोरियों से ढ़का गया हैं। औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर से टेक्निकल टीम को बुलाया गया है। टीम वहां से रवाना हो गई हैं। एक वैगन में इतनी गैस भरी रहती है कि, यदि हादसा होता तो पूरा शहर दहल सकता था।”

  • बोहरा धर्मगुरु सैयदना सैफुद्दीन बुरहानपुर पहुंचे, अनुयायियों ने किया स्वागत

    बोहरा धर्मगुरु सैयदना सैफुद्दीन बुरहानपुर पहुंचे, अनुयायियों ने किया स्वागत


    बुरहानपुर।
    दुनिया भर के दाऊदी बोहरा समुदाय के 53वें धर्मगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन रविवार की रात आठ बजे मध्य प्रदेश के बुरहानपुर पहुंचे। वे मुम्बई ट्रेन द्वारा बुरहानपुर आए। यहां रेलवे स्टेशन पर समुदाय के हजारों अनुयायियों ने उनका भव्य स्वागत किया।

    दाऊदी बोहरा जमात प्रो कमेटी के कोऑर्डिनेटर तफज्जुल हुसैन मुलायमवाला ने बताया कि सैयदना सैफुद्दीन अपने पूर्वज, सैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन साहब की पुण्यतिथि (उर्स) मनाने के लिए बुरहानपुर आए हैं। वे मंगलवार को बुरहानपुर स्थित दरगाह-ए-हकीमी की हकीमी मस्जिद में प्रवचन देंगे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश समेत देश के अन्य हिस्सों से हजारों बोहरा समुदाय के सदस्य शहर में मौजूद रहेंगे।

    मुलायमवाला ने बताया कि सैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन का जन्म 1665 में 34वें धर्मगुरु सैयदना बदरुद्दीन बिन मुल्ला राज के कार्यकाल में हुआ था। वे साहित्य प्रेमी और एक महान लेखक थे, जिन्होंने उर्दू, संस्कृत, फारसी और अरबी में कई पुस्तकें लिखी थीं। अपनी धर्मपरायणता, विनम्रता और विद्वत्ता के लिए प्रसिद्ध, सैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन का जीवन और विरासत आज भी दुनिया भर के हजारों दाऊदी बोहरा सदस्यों को प्रेरित करती है। उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर मंगलवार को बुरहानपुर स्थित दरगाह-ए-हकीमी की हकीमी मस्जिद में उर्स का आयोजन हो रहा है, जिसमें सैयदना सैफुद्दीन समाजजनों को संबोधित करेंगे।

  • Yuzvendra Chahal पर Taniya Chatterjee के आरोप, बोलीं-मैसेज कर ‘क्यूट’ कहा, सबूत भी दिखाए

    Yuzvendra Chahal पर Taniya Chatterjee के आरोप, बोलीं-मैसेज कर ‘क्यूट’ कहा, सबूत भी दिखाए


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका खेल नहीं बल्कि एक विवाद है। ‘उल्लू’ और ‘गंदी बात’ जैसी वेब सीरीज से पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस तानिया चटर्जी ने दावा किया है कि चहल ने उन्हें इंस्टाग्राम पर मैसेज किया और ‘क्यूट’ कहा। इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है और मामला तेजी से वायरल हो रहा है।

    क्या है पूरा मामला?

    तानिया चटर्जी ने एक वायरल वीडियो में पपराजी के सामने अपना इंस्टाग्राम डीएम दिखाते हुए कहा कि युजवेंद्र चहल ने उनके वीडियो पर रिएक्ट करते हुए उन्हें ‘क्यूट’ कहा। उन्होंने कैमरे के सामने यह भी कहा कि “क्यूट कहना तो आम बात है, बहुत लोग कहते हैं,” लेकिन इस खुलासे ने इंटरनेट पर हलचल जरूर मचा दी।

    क्या तानिया ने दिया जवाब?

    जब पपराजी ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने इस मैसेज का जवाब दिया, तो तानिया ने कहा कि उन्होंने मैसेज काफी देर से देखा और कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दी। इस बयान के बाद मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया।

    सोशल मीडिया पर लोगों का रिएक्शन

    इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ लोग युजवेंद्र चहल को ट्रोल कर रहे हैं, तो कुछ इसे एक सामान्य बातचीत बता रहे हैं। कई यूजर्स ने सवाल उठाए कि क्या सिर्फ ‘क्यूट’ कहना इतना बड़ा मुद्दा है, जबकि कुछ ने इसे अनुचित बताया।

    कौन हैं तानिया चटर्जी?

    तानिया चटर्जी कोलकाता की रहने वाली एक्ट्रेस, मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। उन्होंने गंदी बात और Ullu जैसे प्लेटफॉर्म की वेब सीरीज में काम किया है। अपने बोल्ड रोल्स और सोशल मीडिया प्रेजेंस के चलते उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है।