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  • दिल्ली हाईकोर्ट ने WFI से मांगा जवाब, विनेश फोगाट केस में बढ़ी हलचल

    दिल्ली हाईकोर्ट ने WFI से मांगा जवाब, विनेश फोगाट केस में बढ़ी हलचल


    नई दिल्ली। भारतीय महिला कुश्ती की स्टार पहलवान Vinesh Phogat को अयोग्य घोषित किए जाने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए Wrestling Federation of India को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने साफ कहा कि भारत जैसे देश में मातृत्व का सम्मान सर्वोपरि माना जाता है और ऐसे समय में किसी खिलाड़ी के साथ संवेदनशीलता और न्यायपूर्ण व्यवहार होना चाहिए। हाईकोर्ट की यह टिप्पणी उस समय आई जब विनेश फोगाट ने मातृत्व अवकाश के बाद वापसी करते हुए एशियन गेम्स ट्रायल में शामिल होने की अनुमति मांगी थी, लेकिन डब्ल्यूएफआई ने उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया था।

    दिल्ली हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार को निर्देश दिए कि विनेश फोगाट के मामले की निष्पक्ष समीक्षा के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित की जाए। साथ ही अदालत ने कहा कि आगामी एशियन गेम्स चयन ट्रायल में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाए ताकि उन्हें खुद को साबित करने का निष्पक्ष अवसर मिल सके। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि डब्ल्यूएफआई द्वारा पुराने चयन मानदंडों के आधार पर फैसला लेना कई सवाल खड़े करता है।

    दरअसल, डब्ल्यूएफआई ने विनेश फोगाट को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उन पर अनुशासनहीनता और डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए थे। इसके साथ ही फेडरेशन ने उन्हें 26 जून 2026 तक किसी भी घरेलू प्रतियोगिता में भाग लेने से रोक दिया था। यही कारण रहा कि वह नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकीं। विनेश ने ट्रायल में खेलने की अनुमति के लिए कई बार फेडरेशन से संपर्क किया, लेकिन उनकी अपील को नजरअंदाज कर दिया गया।

    डब्ल्यूएफआई ने अपने फैसले के पीछे वाडा के नियम 5.6.1 का हवाला दिया था। फेडरेशन का कहना था कि संन्यास या लंबे ब्रेक के बाद वापसी करने वाले खिलाड़ियों को किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले छह महीने का नोटिस पीरियड पूरा करना जरूरी होता है। हालांकि, विनेश की ओर से यह दलील दी गई कि वह मातृत्व अवकाश के बाद वापसी कर रही हैं और इस स्थिति को सामान्य नियमों से अलग दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए।

    जब फेडरेशन ने उनकी मांग नहीं मानी, तब विनेश फोगाट ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया कि उन्हें 30 और 31 मई को होने वाले एशियन गेम्स ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दी जाए। शुरुआती सुनवाई में अदालत ने तत्काल राहत देने से इनकार करते हुए कहा था कि बिना डब्ल्यूएफआई का पक्ष सुने कोई आदेश जारी नहीं किया जा सकता। लेकिन बाद की सुनवाई में कोर्ट ने फेडरेशन के रवैये पर सवाल उठाए और स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों के अधिकारों और सम्मान की अनदेखी नहीं की जा सकती।

    इस मामले ने भारतीय खेल जगत में खिलाड़ी अधिकार, मातृत्व और खेल संस्थाओं की संवेदनशीलता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट और आगे की सुनवाई में क्या फैसला सामने आता है।

  • डिजिटल पॉलिटिक्स में बड़ा विवाद, वायरल ‘कॉकरोच पार्टी’ के पीछे AAP लिंक के दावे से मचा हड़कंप

    डिजिटल पॉलिटिक्स में बड़ा विवाद, वायरल ‘कॉकरोच पार्टी’ के पीछे AAP लिंक के दावे से मचा हड़कंप

    नई दिल्ली। देश की राजनीति और सोशल मीडिया की दुनिया में इन दिनों एक अनोखा डिजिटल अभियान चर्चा का केंद्र बना हुआ है, जिसका नाम है ‘कॉकरोच जनता पार्टी’। मीम्स और व्यंग्य के सहारे शुरू हुआ यह अभियान अचानक इतना वायरल हो गया कि इसने बड़े राजनीतिक दलों की ऑनलाइन मौजूदगी को भी पीछे छोड़ दिया। लेकिन अब यही अभियान राजनीतिक विवादों के घेरे में आ गया है और इसके कथित राजनीतिक संबंधों को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

    यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को लेकर यह चर्चा तेज हो गई कि इसके पीछे आम आदमी पार्टी से जुड़े कुछ पुराने संबंध हो सकते हैं। अभियान के संस्थापक अभिजीत दीपके का नाम सामने आने के बाद यह बहस और तेज हो गई, क्योंकि बताया जा रहा है कि उनका अतीत में आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया और चुनावी कैंपेन से जुड़ाव रहा है। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह सवाल उठने लगे कि क्या यह पूरी तरह स्वतंत्र डिजिटल प्रयोग है या इसके पीछे किसी राजनीतिक दल का अप्रत्यक्ष प्रभाव मौजूद है।

    इस विवाद ने तब और तूल पकड़ लिया जब पूर्व नौकरशाह आशीष जोशी ने इस अभियान को शुरू में समर्थन देने के बाद अपना रुख बदल लिया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह सवाल उठाया कि क्या यह अभियान वास्तव में स्वतंत्र है या किसी राजनीतिक संगठन से जुड़ा हुआ है। स्पष्ट जवाब न मिलने के बाद उन्होंने खुद को इस अभियान से अलग कर लिया और कहा कि वे किसी ऐसे मंच का हिस्सा नहीं बनना चाहते जिसकी राजनीतिक स्वतंत्रता पर संदेह हो।

    इसी बीच, सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की लोकप्रियता तेजी से बढ़ती रही और इसके फॉलोअर्स की संख्या लाखों से आगे बढ़कर करोड़ों में पहुंच गई। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसकी मौजूदगी ने इसे एक नए तरह के राजनीतिक व्यंग्य और ऑनलाइन आंदोलन के रूप में स्थापित कर दिया है, जहां मीम्स के जरिए पारंपरिक राजनीति पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

    विवाद तब और गहरा गया जब आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया द्वारा इस अभियान के समर्थन में एक वीडियो साझा किया गया। इस कदम के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा और तेज हो गई कि क्या यह डिजिटल अभियान किसी राजनीतिक नैरेटिव का हिस्सा है। इसके बाद पुराने सोशल मीडिया पोस्ट भी सामने आने लगे, जिनमें संस्थापक के राजनीतिक संबंधों को लेकर नए सवाल खड़े किए गए।

    हालांकि, अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि यह पूरी तरह एक व्यंग्यात्मक और स्वतंत्र डिजिटल पहल है, जिसका उद्देश्य राजनीतिक व्यवस्था पर सवाल उठाना है, न कि किसी दल विशेष का समर्थन करना। उनका दावा है कि इसे केवल एक मीम-आधारित आंदोलन के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि किसी औपचारिक राजनीतिक संगठन के रूप में।

    इस पूरे घटनाक्रम ने डिजिटल राजनीति की नई परिभाषा पर बहस छेड़ दी है, जहां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अब केवल मनोरंजन या संवाद का माध्यम नहीं रहे, बल्कि राजनीतिक प्रभाव और जनमत निर्माण के नए केंद्र बनते जा रहे हैं।

    फिलहाल, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ विवाद और लोकप्रियता दोनों के बीच फंसी नजर आ रही है। एक ओर इसकी बढ़ती फैन फॉलोइंग इसे डिजिटल पॉलिटिकल ट्रेंड का बड़ा उदाहरण बना रही है, वहीं दूसरी ओर इसके राजनीतिक संबंधों को लेकर उठ रहे सवाल इसकी पारदर्शिता पर लगातार बहस को जन्म दे रहे हैं।

  • ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे जंग के लिए तैयार पाकिस्तान, रऊफ की वापसी से मजबूती

    ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे जंग के लिए तैयार पाकिस्तान, रऊफ की वापसी से मजबूती


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली बहुप्रतीक्षित वनडे सीरीज के लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपनी 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। इस बार टीम की कमान तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी को सौंपी गई है, जबकि सलमान अली आगा को उपकप्तान बनाया गया है। पाकिस्तान टीम में कई बड़े खिलाड़ियों की वापसी हुई है, जिससे टीम पहले से अधिक संतुलित और मजबूत नजर आ रही है। खास तौर पर बाबर आजम, हारिस रऊफ, शादाब खान और नसीम शाह की वापसी ने पाकिस्तानी फैंस की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।

    पीसीबी द्वारा घोषित इस टीम में अनुभव और युवा जोश का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिला है। बाबर आजम की वापसी बल्लेबाजी क्रम को मजबूती देगी, जबकि हारिस रऊफ और नसीम शाह की तेज गेंदबाजी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। स्पिन विभाग में शादाब खान और अबरार अहमद टीम के अहम हथियार होंगे। वहीं, बांग्लादेश के खिलाफ पिछली वनडे सीरीज में टीम का हिस्सा नहीं रहे सूफियान मुकीम को भी इस बार मौका दिया गया है।

    पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने युवा खिलाड़ियों पर भी भरोसा जताया है। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर चुके अहमद दानियाल, अराफात मिन्हास और रोहेल नजीर को पहली बार वनडे टीम में जगह मिली है। चयनकर्ताओं का मानना है कि युवा खिलाड़ियों को बड़े मंच पर मौका देने से टीम को भविष्य के लिए मजबूत आधार मिलेगा। विकेटकीपर के तौर पर मुहम्मद गाजी गोरी और रोहेल नजीर को टीम में शामिल किया गया है।

    हालांकि, टीम चयन में कुछ बड़े नामों की गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। पीसीबी ने बताया कि उस्मान खान बीमारी की वजह से चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे। वहीं, फखर जमां और सैम अयूब अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं और फिलहाल मेडिकल टीम की निगरानी में अपना रिहैब पूरा कर रहे हैं। ऐसे में पाकिस्तान टीम को इन खिलाड़ियों की कमी जरूर खलेगी, लेकिन चयनकर्ताओं को उम्मीद है कि बाकी खिलाड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे।

    ऑस्ट्रेलिया की टीम 23 मई को पाकिस्तान पहुंचेगी, जबकि दोनों देशों के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत 30 मई से रावलपिंडी में होगी। दूसरा मुकाबला 2 जून और तीसरा व अंतिम वनडे 4 जून को लाहौर में खेला जाएगा। पाकिस्तान की नजर इस सीरीज में अपने हालिया शानदार रिकॉर्ड को बरकरार रखने पर होगी। दोनों टीमों के बीच आखिरी द्विपक्षीय सीरीज 2024 में खेली गई थी, जहां पाकिस्तान ने 22 साल बाद ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से हराकर इतिहास रचा था। इससे पहले 2022 में ऑस्ट्रेलिया के पाकिस्तान दौरे पर भी मेजबान टीम ने वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम की थी।

    ऐसे में एक बार फिर दोनों टीमों के बीच रोमांचक मुकाबले की उम्मीद की जा रही है। शाहीन अफरीदी की कप्तानी में पाकिस्तान टीम अपनी घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर ऑस्ट्रेलिया को चुनौती देने के लिए तैयार नजर आ रही है।

  • बांसुरी, मोर पंख और देसी अंदाज: कान्स में सान्या ठाकुर ने भारतीय परंपरा को बनाया ग्लोबल आकर्षण

    बांसुरी, मोर पंख और देसी अंदाज: कान्स में सान्या ठाकुर ने भारतीय परंपरा को बनाया ग्लोबल आकर्षण


    नई दिल्ली । दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों में शामिल कान्स फिल्म फेस्टिवल में इस बार भारतीय संस्कृति की एक अनोखी और आध्यात्मिक झलक देखने को मिली, जब बिहार की अभिनेत्री सान्या ठाकुर ने ‘राधा रानी’ से प्रेरित अपने विशेष लुक के साथ रेड कार्पेट पर कदम रखा। ग्लैमर और फैशन से भरे इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर सान्या का यह पारंपरिक और सांस्कृतिक अंदाज हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचता नजर आया।

    सान्या ठाकुर का यह लुक केवल फैशन तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें भारतीय परंपरा, कृष्ण भक्ति और सांस्कृतिक सौंदर्य का गहरा समावेश दिखाई दिया। जैसे ही उन्होंने रेड कार्पेट पर एंट्री ली, उनका देसी अंदाज विदेशी मेहमानों और फैशन प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गया। बांसुरी, मोर पंख और पारंपरिक श्रृंगार के साथ सान्या ने ऐसा प्रभाव छोड़ा, जिसने उनके लुक को साधारण फैशन से कहीं आगे पहुंचा दिया।

    सान्या ने इस खास मौके के लिए भारी कढ़ाई वाला पारंपरिक लहंगा चुना, जिसमें भारतीय कला और शिल्प की खूबसूरत झलक दिखाई दी। उनके लहंगे में ऑफ-व्हाइट और क्रीम बेस के साथ पेस्टल रंगों की बारीक कढ़ाई की गई थी। फ्लोरल और ट्रेडिशनल मोटिफ्स से सजा यह परिधान बेहद आकर्षक और शाही नजर आ रहा था। सिल्वर थ्रेड, मिरर वर्क और सेक्विन डिटेलिंग ने पूरे आउटफिट को और अधिक भव्य बना दिया।

    लहंगे के साथ उन्होंने मैचिंग ब्लाउज और हल्के डिजाइन वाला नेट दुपट्टा कैरी किया, जिसने उनके लुक में संतुलन और ग्रेस जोड़ दिया। सान्या की स्टाइलिंग में हर छोटी डिटेल पर विशेष ध्यान दिया गया था। माथा पट्टी, बड़े झुमके, रंग-बिरंगी चूड़ियां और हाथों में आलता उनके पारंपरिक रूप को और निखार रहे थे। वहीं नथ और हल्के नेकलेस ने पूरे लुक को एक शास्त्रीय और पौराणिक स्पर्श दिया।

    हालांकि उनके पूरे लुक की सबसे बड़ी खासियत रही बांसुरी और मोर पंख की डिटेलिंग, जिसने ‘राधा रानी’ की थीम को जीवंत कर दिया। बालों को सॉफ्ट कर्ल्स के साथ स्टाइल करते हुए उसमें गजरा लगाया गया था, जबकि हाथ में थामी बांसुरी और उस पर सजा मोर पंख उनके कृष्ण भक्ति वाले रूप को और प्रभावशाली बना रहा था।

    मेकअप को भी बेहद सॉफ्ट और पारंपरिक रखा गया। ग्लॉसी पिंक लिप्स, हल्के रंगों का प्रयोग और माथे पर कुमकुम से बनाई गई फूलों जैसी बिंदी ने उनके चेहरे की सुंदरता को और उभार दिया। यह पूरा अंदाज किसी पौराणिक चित्र या सांस्कृतिक प्रस्तुति जैसा प्रतीत हो रहा था, जिसने रेड कार्पेट पर मौजूद लोगों को खासा प्रभावित किया।

    कुल मिलाकर, सान्या ठाकुर का यह कान्स डेब्यू केवल एक फैशन स्टेटमेंट नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का अंतरराष्ट्रीय मंच पर खूबसूरत प्रदर्शन बन गया। आधुनिक ग्लैमर की भीड़ में उनका यह एथनिक और सांस्कृतिक रूप सबसे अलग और यादगार नजर आया।

  • आईपीएल 2026: सुदर्शन ने छीनी ऑरेंज कैप, वैभव पीछे हुए

    आईपीएल 2026: सुदर्शन ने छीनी ऑरेंज कैप, वैभव पीछे हुए


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 अब अपने सबसे रोमांचक दौर में पहुंच चुका है। प्लेऑफ की जंग के साथ-साथ ऑरेंज और पर्पल कैप की लड़ाई भी हर मैच के साथ और दिलचस्प होती जा रही है। टूर्नामेंट के 66वें मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने चेन्नई सुपर किंग्स को 89 रनों से करारी शिकस्त देकर न सिर्फ अपनी ताकत दिखाई, बल्कि व्यक्तिगत प्रदर्शन के मामले में भी कई बड़े बदलाव कर दिए। इस मुकाबले के सबसे बड़े हीरो रहे गुजरात टाइटंस के स्टार बल्लेबाज साई सुदर्शन, जिन्होंने 53 गेंदों में 84 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर एक बार फिर ऑरेंज कैप अपने नाम कर ली।

    सुदर्शन इस पूरे सीजन में शानदार लय में दिखाई दिए हैं। उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता, आत्मविश्वास और आक्रामकता साफ नजर आई है। चेन्नई के खिलाफ खेली गई उनकी पारी ने यह साबित कर दिया कि वह इस सीजन गुजरात की बल्लेबाजी की सबसे मजबूत कड़ी हैं। 14 मैचों में अब उनके कुल 638 रन हो चुके हैं और इसी के साथ उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को पीछे छोड़ दिया है। वैभव ने इस सीजन अपनी बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया, लेकिन सुदर्शन की निरंतरता ने उन्हें फिर शीर्ष पर पहुंचा दिया।

    हालांकि, ऑरेंज कैप की यह जंग अभी खत्म नहीं हुई है। गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल भी इस रेस में बेहद करीब पहुंच चुके हैं। गिल ने इस सीजन 13 मैचों में 616 रन बनाए हैं और वह दूसरे स्थान पर मौजूद हैं। ऐसे में आने वाले मुकाबलों में गुजरात की सलामी जोड़ी के बीच ही सबसे बड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। वहीं लखनऊ सुपर जायंट्स के मिचेल मार्श, सनराइजर्स हैदराबाद के हेनरिक क्लासेन और विराट कोहली भी इस दौड़ में बने हुए हैं।

    दूसरी तरफ गेंदबाजों की पर्पल कैप रेस भी अब बेहद रोमांचक हो चुकी है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार अब तक पर्पल कैप अपने पास बनाए हुए हैं, लेकिन गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने उनकी बादशाहत को बड़ी चुनौती दे दी है। चेन्नई के खिलाफ रबाडा ने घातक गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट झटके और अब वह 24 विकेट के साथ भुवनेश्वर की बराबरी पर पहुंच गए हैं।

    भुवनेश्वर ने जहां 13 मैचों में 24 विकेट हासिल किए हैं, वहीं रबाडा ने यह उपलब्धि 14 मुकाबलों में हासिल की है। इसके अलावा सीएसके के अंशुल कंबोज 21 विकेट लेकर तीसरे स्थान पर मौजूद हैं। गुजरात के स्टार स्पिनर राशिद खान भी 19 विकेट के साथ तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। वहीं जोफ्रा आर्चर और कार्तिक त्यागी भी इस रेस को और कड़ा बना रहे हैं।

    आईपीएल 2026 के अंतिम चरण में अब हर रन और हर विकेट बेहद अहम हो चुका है। बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच यह व्यक्तिगत मुकाबला फैंस के उत्साह को लगातार बढ़ा रहा है। आने वाले मैचों में ऑरेंज और पर्पल कैप की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।

  • देश में बिजली की खपत ऑल टाइम हाई पर, रोज बन रहे नए रिकॉर्ड, नौतपा से पहले ऊर्जा व्यवस्था पर दबाव बढ़ा

    देश में बिजली की खपत ऑल टाइम हाई पर, रोज बन रहे नए रिकॉर्ड, नौतपा से पहले ऊर्जा व्यवस्था पर दबाव बढ़ा


    नई दिल्ली। देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी का असर अब बिजली व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। लगातार बढ़ते तापमान के बीच बिजली की मांग रोज नए रिकॉर्ड बना रही है और स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि इस बार मांग सरकारी अनुमान से भी आगे निकल गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि अभी नौतपा की शुरुआत होना बाकी है, जिसे साल का सबसे गर्म दौर माना जाता है।

    गुरुवार को देश में बिजली की अधिकतम मांग 270 गीगावॉट के आंकड़े को पार करते हुए 270.82 गीगावॉट तक पहुंच गई। यह पहली बार है जब बिजली की खपत सरकार द्वारा लगाए गए अनुमान से ऊपर चली गई है। इससे पहले ऊर्जा मंत्रालय ने इस गर्मी में अधिकतम मांग 270 गीगावॉट तक रहने का अनुमान जताया था, लेकिन लगातार बढ़ती गर्मी और एयर कंडीशनर, कूलर व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अधिक इस्तेमाल ने खपत को और ऊपर पहुंचा दिया।

    पिछले चार दिनों से बिजली की मांग लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। सोमवार को जहां मांग 257 गीगावॉट से अधिक दर्ज की गई थी, वहीं मंगलवार और बुधवार को भी इसमें लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली। गुरुवार को यह अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई, जिसने ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और विभागों की चिंता बढ़ा दी है।

    देश के कई हिस्सों में तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में गर्म हवाओं और तेज धूप ने लोगों का जीवन प्रभावित कर दिया है। इसी वजह से घरों, दफ्तरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बिजली की खपत तेजी से बढ़ रही है। दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी कम नहीं होने के कारण कूलिंग उपकरण लगातार चल रहे हैं, जिससे बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि असली चुनौती अभी बाकी है, क्योंकि नौतपा की शुरुआत 25 मई से होने जा रही है। यह वह अवधि होती है जब सूर्य की तीव्रता अपने चरम पर पहुंच जाती है और देश के कई हिस्सों में लू का प्रकोप बढ़ जाता है। ऐसे में आने वाले दिनों में बिजली की मांग और अधिक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

    ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान समय में बिजली आपूर्ति का सबसे बड़ा हिस्सा थर्मल पावर से आ रहा है, जबकि सौर, पवन और जल विद्युत भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। सरकार और ऊर्जा एजेंसियां लगातार आपूर्ति की निगरानी कर रही हैं ताकि बढ़ती मांग के बीच किसी प्रकार की बड़ी समस्या उत्पन्न न हो।

    हालांकि अभी तक देशभर में मांग के अनुसार बिजली आपूर्ति बनाए रखने का दावा किया जा रहा है, लेकिन लगातार बढ़ते लोड ने आने वाले दिनों के लिए चिंता बढ़ा दी है। यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो ऊर्जा क्षेत्र पर दबाव और अधिक बढ़ सकता है। फिलहाल पूरे देश की नजर इस बात पर टिकी है कि नौतपा के दौरान बिजली व्यवस्था इस रिकॉर्डतोड़ मांग को कितनी प्रभावी तरीके से संभाल पाती है।

  • रोनाल्डो के दम पर अल नासर बना चैंपियन, जीता सऊदी प्रो लीग खिताब

    रोनाल्डो के दम पर अल नासर बना चैंपियन, जीता सऊदी प्रो लीग खिताब


    नई दिल्ली । Cristiano Ronaldo ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Al Nassr FC को सऊदी प्रो लीग 2025-26 का चैंपियन बना दिया। अल नासर ने सीजन के आखिरी मुकाबले में Damac FC को 4-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया।

    जनवरी 2023 में क्लब से जुड़ने के बाद रोनाल्डो का यह पहला बड़ा खिताब है। अल नासर ने अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी Al Hilal SFC को दो अंकों से पीछे छोड़ते हुए क्लब इतिहास का 11वां लीग टाइटल जीता।

    मैच में पहले हाफ के अंत में Sadio Mane ने गोल कर अल नासर को बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में Kingsley Coman ने स्कोर 2-0 कर दिया। इसके बाद रोनाल्डो ने अपने अनुभव और क्लास का शानदार प्रदर्शन किया।

    रोनाल्डो ने 60वें मिनट में बेहतरीन फ्री-किक से गोल दागा, जबकि 81वें मिनट में गोलकीपर को छकाते हुए दूसरा गोल कर मैच पूरी तरह अल नासर के नाम कर दिया। यह इस सीजन में उनके 27वें और 28वें गोल रहे।

    Joao Felix भी इस मुकाबले में अल नासर की ओर से खेले। वहीं दमैक की टीम सिर्फ एक गोल ही कर सकी।

    मैच खत्म होने से तीन मिनट पहले रोनाल्डो को स्टैंडिंग ओवेशन के साथ मैदान से बाहर बुलाया गया। यह पल स्टेडियम में मौजूद फैंस के लिए बेहद भावुक रहा।

    पांच बार के बैलन डी’ओर विजेता रोनाल्डो अब पुर्तगाल, इंग्लैंड, स्पेन, इटली और सऊदी अरब में लीग खिताब जीतने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। अब उनकी नजर FIFA World Cup 2026 पर होगी, जो उनके करियर का छठा विश्व कप होगा।

  • आईपीएल में गुजरात टाइटंस का जलवा, विरोधी टीम को दी करारी शिकस्त

    आईपीएल में गुजरात टाइटंस का जलवा, विरोधी टीम को दी करारी शिकस्त


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के 66वें मुकाबले में Gujarat Titans ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Chennai Super Kings को 89 रन से करारी शिकस्त दी। रनों के लिहाज से यह गुजरात टाइटंस की आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी जीत बन गई।

    अहमदाबाद में खेले गए मुकाबले में गुजरात ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट पर 229 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम को कप्तान शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने दमदार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 125 रन की साझेदारी की।

    शुभमन गिल ने 37 गेंदों में 64 रन बनाए, जिसमें 7 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। वहीं साई सुदर्शन ने 53 गेंदों पर 84 रन की शानदार पारी खेली। अंत में Jos Buttler ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 27 गेंदों पर नाबाद 57 रन ठोक दिए।

    230 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स की शुरुआत बेहद खराब रही। संजू सैमसन पहली ही गेंद पर आउट हो गए, जबकि कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ 16 रन बनाकर पवेलियन लौटे। लगातार विकेट गिरने से टीम कभी मुकाबले में वापसी नहीं कर सकी।

    Shivam Dube ने 17 गेंदों पर 47 रन की विस्फोटक पारी खेलकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें किसी बल्लेबाज का साथ नहीं मिला। पूरी टीम 140 रन पर सिमट गई।

    गुजरात की ओर से मोहम्मद सिराज, कगिसो रबाडा और Rashid Khan ने शानदार गेंदबाजी की। तीनों गेंदबाजों ने 3-3 विकेट अपने नाम किए।

    इस जीत के साथ गुजरात टाइटंस ने प्लेऑफ की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत कर ली, जबकि चेन्नई सुपर किंग्स की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई।

  • संसद में दो-तिहाई बहुमत की तैयारी! डीएमके को NDA में लाने की रणनीति पर तेज हुई हलचल

    संसद में दो-तिहाई बहुमत की तैयारी! डीएमके को NDA में लाने की रणनीति पर तेज हुई हलचल


    नई दिल्ली । तमिलनाडु की राजनीति में हाल ही में हुए बड़े बदलाव का असर अब राष्ट्रीय राजनीति पर भी साफ दिखाई देने लगा है। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद जहां राजनीतिक समीकरण तेजी से बदले हैं, वहीं केंद्र की राजनीति में भी नए गठबंधन और रणनीतियों की चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी की नजर अब द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) पर टिक गई है, जिसे संसद में दो-तिहाई बहुमत के लक्ष्य से जोड़कर देखा जा रहा है।

    तमिलनाडु में नई सरकार बनने के बाद कांग्रेस और डीएमके के बीच वर्षों पुराना राजनीतिक रिश्ता कमजोर पड़ता नजर आया। बदले राजनीतिक माहौल में कांग्रेस ने नई सत्ता के साथ जाने का फैसला किया, जिससे डीएमके को बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। इसके बाद डीएमके ने विपक्षी गठबंधन से दूरी बनानी शुरू कर दी, जिसने राष्ट्रीय राजनीति में नई अटकलों को जन्म दे दिया।

    राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, बीजेपी अब डीएमके को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के करीब लाने की संभावनाओं पर काम कर रही है। हालांकि औपचारिक गठबंधन को लेकर अभी कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन संसद में मुद्दों के आधार पर समर्थन हासिल करने की रणनीति पर चर्चा तेज बताई जा रही है। माना जा रहा है कि बीजेपी का मुख्य फोकस डीएमके के लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के समर्थन पर है, जिससे बड़े संवैधानिक विधेयकों को पारित कराने में मदद मिल सकती है।

    संसद में कई महत्वपूर्ण विधेयकों और संवैधानिक संशोधनों के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है। ऐसे में केंद्र सरकार की कोशिश है कि भविष्य में “वन नेशन-वन इलेक्शन”, परिसीमन और न्यायिक सुधार जैसे बड़े प्रस्तावों को बिना किसी बड़ी बाधा के पारित कराया जा सके। इसी वजह से राजनीतिक रणनीतिकार उन दलों के समर्थन की संभावनाएं तलाश रहे हैं, जो औपचारिक रूप से गठबंधन का हिस्सा न होते हुए भी मुद्दों के आधार पर सहयोग दे सकते हैं।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डीएमके और बीजेपी की विचारधाराएं कई मुद्दों पर अलग रही हैं, खासकर सनातन धर्म और सांस्कृतिक राजनीति को लेकर। इसके बावजूद वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियां दोनों पक्षों को व्यावहारिक राजनीति की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकती हैं। यह भी याद दिलाया जा रहा है कि अतीत में डीएमके राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा रह चुकी है, इसलिए भविष्य में किसी प्रकार के सहयोग की संभावना को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता।

    बीजेपी की रणनीति केवल प्रत्यक्ष गठबंधन तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि पर्दे के पीछे समर्थन जुटाने पर भी जोर दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि यदि डीएमके के सांसद संसद में कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार का समर्थन करते हैं, तो केंद्र सरकार को अपने बड़े राजनीतिक और संवैधानिक एजेंडे को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण ताकत मिल सकती है।

    तमिलनाडु की राजनीति में आए इस बदलाव ने राष्ट्रीय स्तर पर नए समीकरणों की संभावनाओं को जन्म दिया है। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि यह केवल राजनीतिक चर्चा बनकर रह जाती है या फिर भारतीय राजनीति में एक नया गठबंधन अध्याय शुरू होता है।

  • आईएसएल 2025-26: ईस्ट बंगाल ने 22 साल बाद जीता खिताब

    आईएसएल 2025-26: ईस्ट बंगाल ने 22 साल बाद जीता खिताब


    नई दिल्ली East Bengal FC ने इंडियन सुपर लीग 2025-26 का खिताब जीतकर 22 साल का लंबा इंतजार खत्म कर दिया। कोलकाता के किशोर भारती क्रीड़ांगन में खेले गए रोमांचक मुकाबले में ईस्ट बंगाल ने Inter Kashi को 2-1 से हराया। टीम का यह 2004 के बाद पहला बड़ा राष्ट्रीय खिताब है।

    मैच की शुरुआत इंटर काशी के पक्ष में रही। 14वें मिनट में अल्फ्रेड प्लानास ने शानदार वॉली गोल कर इंटर काशी को 1-0 की बढ़त दिलाई। शुरुआती झटके के बाद ईस्ट बंगाल ने लगातार आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन पहले हाफ तक बराबरी नहीं कर सका।

    दूसरे हाफ में ईस्ट बंगाल पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। 50वें मिनट में यूसुफ एज्जारी ने बेहतरीन गोल दागकर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद टीम ने दबाव बनाए रखा और 72वें मिनट में मोहम्मद राशिद ने निर्णायक गोल कर टीम को 2-1 की बढ़त दिला दी। यही गोल खिताबी जीत का आधार बना।

    इस जीत के साथ ईस्ट बंगाल ने 13 मैचों में 26 अंक हासिल कर लीग तालिका में शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया। Mohun Bagan Super Giant भी बराबर अंकों पर रहा, लेकिन ईस्ट बंगाल का गोल अंतर बेहतर होने के कारण ट्रॉफी उसके नाम रही।

    आखिरी सीटी बजते ही पूरा स्टेडियम जश्न में डूब गया। खिलाड़ी मैदान पर भावुक नजर आए, जबकि हजारों समर्थकों ने “ईस्ट बंगाल” के नारों से पूरा एरीना गूंजा दिया। यह जीत क्लब के इतिहास में सबसे यादगार पलों में शामिल हो गई है।