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  • माचलपुर नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट में रोमांच, कई टीमों ने दिखाया दम

    माचलपुर नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट में रोमांच, कई टीमों ने दिखाया दम


    मध्य प्रदेश । राजगढ़ जिले के माचलपुर में चल रहे द्वितीय एमपीएल नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट में गुरुवार रात रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। चौकों-छक्कों की बारिश के बीच खेले गए तीन लीग मैचों में आरबीसी माचलपुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने दोनों मुकाबले जीत लिए, जबकि जय मातादी इलेवन ने भी बड़ी जीत दर्ज कर टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी मजबूत कर दी।

    रात के पहले मुकाबले में जय मातादी इलेवन और महाकाल इलेवन आमने-सामने थीं। पहले बल्लेबाजी करते हुए जय मातादी इलेवन ने 8 ओवर में 6 विकेट खोकर 120 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से ओपनर विनोदसिंह चौहान ने 41 रन की शानदार पारी खेली। टीम को अतिरिक्त रन और पेनल्टी के जरिए भी अहम बढ़त मिली।

    121 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी महाकाल इलेवन की टीम दबाव में नजर आई और 8 ओवर में 5 विकेट खोकर सिर्फ 69 रन ही बना सकी। इस तरह जय मातादी इलेवन ने मुकाबला 51 रन के बड़े अंतर से जीत लिया।

    दूसरे मुकाबले में महाकाल इलेवन का सामना आरबीसी माचलपुर से हुआ। पहले बल्लेबाजी करते हुए महाकाल इलेवन ने 8 ओवर में 7 विकेट पर 62 रन बनाए। जवाब में आरबीसी माचलपुर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 7 गेंद शेष रहते 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। मैच का अंत सुरेंद्र गुर्जर के विजयी छक्के के साथ हुआ और टीम ने 5 विकेट से जीत दर्ज की।

    तीसरे मुकाबले में जय मातादी इलेवन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 ओवर में 4 विकेट पर 79 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरबीसी माचलपुर की टीम ने आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 5 गेंद बाकी रहते 2 विकेट खोकर मैच जीत लिया।

    आरबीसी की जीत के हीरो ओपनर बल्लेबाज सोहेल पठान रहे, जिन्होंने सिर्फ 16 गेंदों पर नाबाद 34 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी तेज बल्लेबाजी की बदौलत टीम ने 8 विकेट से शानदार जीत दर्ज की।

    टूर्नामेंट में देर रात तक दर्शकों का उत्साह देखने लायक रहा। आसपास के गांवों और कस्बों से बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी मैच देखने पहुंचे।

  • सीहोर में 1.40 करोड़ की नल जल योजना 6 साल से अधूरी, लोग पानी को तरसे

    सीहोर में 1.40 करोड़ की नल जल योजना 6 साल से अधूरी, लोग पानी को तरसे



    मध्य प्रदेश । सीहोर जिले के मुंगावली गांव में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहरा गया है। करीब 3 हजार की आबादी वाला यह गांव आज भी पानी के लिए संघर्ष कर रहा है, जबकि यहां 1.40 करोड़ रुपए की नल-जल योजना छह साल पहले शुरू की गई थी। योजना अधूरी होने से ग्रामीणों को खेतों और दूसरे गांवों से पानी लाना पड़ रहा है।

    गांव में लगे अधिकांश सरकारी हैंडपंप जनवरी महीने में ही सूख चुके थे। गर्मी बढ़ने के साथ हालात और खराब हो गए हैं। पानी के लिए ग्रामीणों को दूर-दराज के खेतों में लगे ट्यूबवेलों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। कई परिवारों ने अपने खेतों से पाइपलाइन बिछाकर गांव तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की है।

    मुंगावली गांव में कुल 889 मकान हैं और लगभग 13 सरकारी हैंडपंप लगाए गए थे, लेकिन भूजल स्तर नीचे जाने के कारण अधिकांश हैंडपंप बंद हो चुके हैं। जिन परिवारों के पास खेत या निजी बोर नहीं हैं, वे दूसरों पर निर्भर होकर किसी तरह पानी जुटा रहे हैं।

    ग्रामीणों का आरोप है कि 1.40 करोड़ रुपए की पेयजल योजना भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ गई। योजना के तहत पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था, लेकिन घटिया निर्माण और अधूरे काम के कारण अब तक गांव में नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी।

    बताया जा रहा है कि पिछले छह वर्षों में दो ठेकेदार काम अधूरा छोड़कर भाग चुके हैं। गुणवत्ताहीन निर्माण और समय पर काम पूरा नहीं करने के कारण निर्माण कंपनियों अंबकेश्वर स्टील और राधिका अग्रवाल को ब्लैकलिस्ट भी किया गया था। इसके बाद लंबे समय तक योजना बंद पड़ी रही।

    फिलहाल टी एंड के कंस्ट्रक्शन देवास कंपनी को काम सौंपा गया है, लेकिन गांव वालों को अभी भी पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।

    पीएचई विभाग के ईई प्रदीप कुमार सक्सेना का कहना है कि पहले के ठेकेदारों की लापरवाही के कारण योजना में देरी हुई। अब नया ठेकेदार काम कर रहा है और जल्द ही योजना पूरी कर गांव में जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी।

  • तहसील फैसले के बाद कब्जे को लेकर दो पक्षों में खूनी झड़प, इछावर में तनाव

    तहसील फैसले के बाद कब्जे को लेकर दो पक्षों में खूनी झड़प, इछावर में तनाव


    मध्य प्रदेश । सीहोर जिले के इछावर में शुक्रवार को जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। सिर्फ 4 डिसमिल जमीन के कब्जे को लेकर दो पक्षों में चाकू और लाठी-डंडों से जमकर मारपीट हुई, जिसमें दोनों तरफ के कुल 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

    जानकारी के अनुसार, यह विवाद एक कॉलोनी के पास स्थित छोटे से भूखंड को लेकर लंबे समय से चल रहा था। मामला तहसील न्यायालय में विचाराधीन था और 30 अप्रैल को तहसीलदार ने रवि नामक व्यक्ति के पक्ष में फैसला सुनाया था।

    शुक्रवार को इसी फैसले के बाद जमीन पर कब्जे को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। शुरुआत में कहासुनी हुई, जो कुछ ही मिनटों में हिंसक झड़प में बदल गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों पक्ष लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर आए थे। अचानक हुए हमले में दोनों ओर से 3-3 लोग घायल हो गए। गंभीर चोटों और चाकू के घावों के कारण सभी घायलों को पहले इछावर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

    घटना की सूचना मिलते ही इछावर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

    पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार विवाद पूरी तरह जमीन के कब्जे और कोर्ट के फैसले को लेकर उत्पन्न हुआ है।

  • पीएम मोदी की अपील का असर, सिंधिया बोले—ईंधन की हर बूंद बचाना राष्ट्रीय कर्तव्य, समर्थकों से की खास अपील

    पीएम मोदी की अपील का असर, सिंधिया बोले—ईंधन की हर बूंद बचाना राष्ट्रीय कर्तव्य, समर्थकों से की खास अपील

    भोपाल। देश में ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक महत्वपूर्ण अपील जारी की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा बचत संबंधी अपील का समर्थन करते हुए क्षेत्रवासियों और अपने समर्थकों से पेट्रोल और डीजल वाहनों के उपयोग को कम करने का आग्रह किया है।

    सिंधिया ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए ईंधन की एक-एक बूंद की बचत करना केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक जीवन में सादगी, जिम्मेदारी और संसाधनों का समझदारी से उपयोग आज की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है। इसी भावना के तहत उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र गुना, अशोकनगर और शिवपुरी सहित भोपाल में समर्थकों से विशेष अपील की है कि उनके प्रवास के दौरान पेट्रोल-डीजल वाहनों का कम से कम उपयोग किया जाए।

    उनकी इस अपील को ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता की दिशा में एक प्रतीकात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है। सिंधिया ने अपने संदेश में कहा कि जनता का स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है, लेकिन देशहित में यदि ईंधन की बचत होती है तो यह हर नागरिक की जिम्मेदारी का भी परिचायक है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े राष्ट्रीय परिवर्तन का आधार बन सकते हैं और यही सोच देश को आगे ले जाती है।

    केंद्रीय मंत्री ने यह संदेश अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा किया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान के अनुरूप सभी नागरिकों को ऊर्जा बचत को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने इसे केवल एक प्रशासनिक या राजनीतिक पहल न मानकर सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने की बात कही।

    इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से विभिन्न मंचों पर संसाधनों के संतुलित उपयोग की अपील की थी। उन्होंने ऊर्जा संरक्षण, ईंधन की खपत कम करने और विदेशी मुद्रा बचाने जैसे विषयों पर नागरिकों को जागरूक करने का प्रयास किया था। इस दिशा में उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि जीवनशैली में छोटे बदलाव भी राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं।

    सिंधिया की इस अपील को उसी व्यापक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने पर जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नागरिक स्तर पर ईंधन की खपत में कमी आती है तो इसका सीधा असर न केवल आर्थिक बचत पर पड़ेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

    भोपाल और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में इस अपील को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, लेकिन कुल मिलाकर इसे एक जागरूकता संदेश के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भी इस तरह की पहल को सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जो जनता को संसाधनों के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाती है।

    फिलहाल यह संदेश ऊर्जा संरक्षण की दिशा में एक और प्रयास के रूप में सामने आया है, जो आने वाले समय में लोगों के व्यवहार और सोच में बदलाव लाने की क्षमता रखता है।

  • तहसील चौराहे पर लापरवाही पर सवाल: खस्ताहाल भवन से बढ़ा हादसे का डर

    तहसील चौराहे पर लापरवाही पर सवाल: खस्ताहाल भवन से बढ़ा हादसे का डर


    मध्य प्रदेश । सीहोर के तहसील चौराहे के पास स्थित एक पुरानी और जर्जर धर्मशाला अब गंभीर खतरे का कारण बन गई है। बारिश के मौसम को देखते हुए इसके कभी भी ढहने की आशंका जताई जा रही है, जिससे आसपास रहने वाले और आने-जाने वाले हजारों लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है।

    यह धर्मशाला शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक तहसील चौराहे के पास स्थित है, जहां दिनभर लोगों की भारी आवाजाही रहती है। कलेक्ट्रेट, तहसील और न्यायालय से जुड़े कामों के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आने वाले लोग इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। ऐसे में यह जर्जर भवन सीधे तौर पर आम लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गया है।

    स्थानीय लोगों के अनुसार भवन की दीवारें जगह-जगह से दरक चुकी हैं और छत का हिस्सा कमजोर हो चुका है। बारिश शुरू होते ही इसके गिरने की आशंका और बढ़ जाती है।

    समाजसेवी विवेक राठिया ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए इसे प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा बताया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस इमारत को सुरक्षित नहीं किया गया या हटाया नहीं गया, तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। राठिया ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। वहीं नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है और नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल यह जर्जर धर्मशाला लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है और मानसून से पहले कार्रवाई न होने पर बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।

  • सतना में लूटकांड का खुलासा: हमला कर 8 हजार रुपए लूटने वाला आरोपी पकड़ा गया

    सतना में लूटकांड का खुलासा: हमला कर 8 हजार रुपए लूटने वाला आरोपी पकड़ा गया


    मध्य प्रदेश । सतना के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में ट्रक ड्राइवर और क्लीनर पर चाकू से हमला कर लूट करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने वारदात के दौरान दोनों को घायल कर 8 हजार रुपए नकद लूट लिए थे। पुलिस ने उसके पास से बाइक और लूटी गई रकम भी बरामद कर ली है।

    घटना 19 मई की रात बगहा बाइपास स्थित पेट्रोल पंप के पास हुई थी। प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश) निवासी ड्राइवर मुजीबुद्दीन और क्लीनर मोहम्मद राशिद ईंट से भरे ट्रक को लेकर सतना आए थे। अनलोडिंग न होने के कारण उन्होंने ट्रक को सड़क किनारे खड़ा कर दिया और केबिन में सो गए।

    रात के समय अज्ञात बदमाश वहां पहुंचे और सोते हुए ड्राइवर व क्लीनर पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में दोनों घायल हो गए और बदमाश 8 हजार रुपए नकद लेकर फरार हो गए। घटना के बाद दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी आधार पर संदिग्ध की पहचान शाहिद खान (25), निवासी उदयसागर थाना कोठी के रूप में हुई। पुलिस ने उसे दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया।

    पूछताछ में आरोपी ने वारदात करना स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई बाइक और लूटी गई नकदी भी बरामद कर ली गई है। पुलिस के अनुसार आरोपी पहले से ही आपराधिक प्रवृत्ति का है और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

  • भीषण गर्मी से सतना में हालात गंभीर, दोपहर में घर से न निकलने की सलाह

    भीषण गर्मी से सतना में हालात गंभीर, दोपहर में घर से न निकलने की सलाह


    मध्य प्रदेश । सतना जिले में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को जिले के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए लोगों को लू से सतर्क रहने की चेतावनी दी है। पिछले 10 दिनों से तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।

    सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान कर दिया। दोपहर के समय बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर आम दिनों की तुलना में काफी कम भीड़ देखने को मिली। लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

    गुरुवार को जिले का अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 29.6 डिग्री रहा। हवा में नमी भी बेहद कम दर्ज की गई, जिससे गर्मी और ज्यादा तीखी महसूस हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राजस्थान की तरफ से आ रही शुष्क और गर्म हवाएं (लू) इस भीषण गर्मी की मुख्य वजह हैं।

    रात के समय भी तापमान में खास गिरावट नहीं हो रही है, जिसके कारण लोगों को लगातार असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। पंखे, कूलर और एसी पर बढ़ती निर्भरता के चलते बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ गई है।

    मौसम विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है। इस दौरान लू लगने का खतरा सबसे अधिक रहता है। लोगों को सलाह दी गई है कि यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को ढककर निकलें, हल्के सूती कपड़े पहनें और नियमित अंतराल पर पानी या शीतल पेय का सेवन करते रहें।

    स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से अपील की है कि हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए सावधानी बरतें और बुजुर्गों व बच्चों को दोपहर की गर्मी से दूर रखें।

  • संदिग्ध फूड पॉइजनिंग: एक मौत और तीन लोग बीमार, जांच में जुटा प्रशासन

    संदिग्ध फूड पॉइजनिंग: एक मौत और तीन लोग बीमार, जांच में जुटा प्रशासन


    मध्य प्रदेश । सतना जिले के उचेहरा ब्लॉक में फूड पॉइजनिंग का दर्दनाक मामला सामने आया है, जिसमें 7 साल के बच्चे की मौत हो गई, जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से बीमार हैं। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और स्वास्थ्य विभाग जांच में जुट गया है।

    परिजनों के मुताबिक, 20 मई की रात परिवार ने घर में बनी करेले की सब्जी और रोटी खाई थी। इसके बाद सभी ने बेल का शरबत भी पिया। कुछ ही घंटों बाद सभी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। सात साल के किशुन को तेज उल्टी-दस्त शुरू हुए और हालत इतनी बिगड़ गई कि सुबह अस्पताल ले जाने से पहले ही उसकी मौत हो गई।

    परिवार के अन्य सदस्य दादा बाबूलाल दहिया, दादी शांति बाई और भाई शिवम भी उल्टी-दस्त और चक्कर की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से दो की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।

    डॉक्टरों के अनुसार यह स्पष्ट रूप से फूड पॉइजनिंग का मामला है और सभी मरीजों में सीवियर डायरिया के लक्षण पाए गए हैं। वहीं प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि जहर किस वजह से फैला।

    जांच में तीन अलग-अलग संभावनाएं सामने आ रही हैं। पहली आशंका यह है कि घर के पीछे लगी बगिया में जिन करेले के पौधों पर हाल ही में कीटनाशक का छिड़काव किया गया था, उन्हीं सब्जियों का उपयोग खाना बनाने में किया गया। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यह सबसे मजबूत वजह हो सकती है।

    दूसरी तरफ परिजनों का कहना है कि सब्जी खाने के बाद बेल का शरबत पीने के तुरंत बाद सभी की हालत बिगड़ी, जिससे शरबत की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं गांव के कुछ लोग कुएं के दूषित पानी को भी संभावित कारण मान रहे हैं, हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने शुरुआती तौर पर इस थ्योरी को कम संभावना वाला बताया है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पीएचई और स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंच चुकी है। कुएं के पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और बचे हुए स्रोतों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने, पानी उबालकर पीने और कीटनाशक लगे खेतों की सब्जियों का उपयोग तुरंत बंद करने की सलाह दी है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारण की पुष्टि हो सकेगी।

  • भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती पर मायावती का सरकार को संदेश, लोगों की परेशानी पर तुरंत कार्रवाई की अपील

    भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती पर मायावती का सरकार को संदेश, लोगों की परेशानी पर तुरंत कार्रवाई की अपील

    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में इन दिनों भीषण गर्मी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी और हीटवेव की स्थिति के बीच राज्य के कई हिस्सों में बिजली कटौती की समस्या ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। इस स्थिति को लेकर राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, जहां बसपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की है और सरकार से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।

    मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और जनसंख्या वाले राज्य में भीषण गर्मी के समय बिजली की निर्बाध आपूर्ति बेहद जरूरी है, लेकिन मौजूदा स्थिति में आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब, मध्यम वर्ग, किसान और छोटे व्यापारी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, जिनके दैनिक जीवन पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। उनके अनुसार बिजली कटौती के कारण लोगों में असंतोष और आक्रोश बढ़ रहा है, जो कई जगहों पर सार्वजनिक रूप से भी सामने आ रहा है।

    उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को इस समस्या को केवल अस्थायी रूप से नहीं बल्कि दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए बिजली उत्पादन क्षमता को बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए और नए पावर प्लांट सहित अन्य संसाधनों पर ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि आपूर्ति व्यवस्था मजबूत हो सके।

    प्रदेश में लगातार बढ़ते तापमान और हीटवेव की चेतावनी के बीच स्वास्थ्य विभाग भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है। प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में कहा जा रहा है कि लोग अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न निकलें और पर्याप्त सावधानी बरतें। इसके बावजूद बिजली कटौती ने स्थिति को और अधिक कठिन बना दिया है, क्योंकि पंखे और कूलर जैसे साधनों पर निर्भरता के कारण आम लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है।

    स्थानीय स्तर पर कई जगहों से बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। गर्मी और बिजली संकट के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है और कई क्षेत्रों में लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन और नाराजगी भी देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती बिजली मांग और उत्पादन के बीच संतुलन बिगड़ने से यह स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिसे सुधारने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम जरूरी हैं।

    कुल मिलाकर, भीषण गर्मी के इस दौर में बिजली संकट ने जनता की परेशानियों को और बढ़ा दिया है, वहीं राजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर आवाजें तेज हो रही हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए किस तरह के ठोस कदम उठाती है, जिससे आम लोगों को राहत मिल सके

  • शाहपुर केस में पुलिस की सफलता: मारपीट कर हत्या करने वाले 3 आरोपी पकड़े गए

    शाहपुर केस में पुलिस की सफलता: मारपीट कर हत्या करने वाले 3 आरोपी पकड़े गए


    मध्य प्रदेश । Sagar जिले के शाहपुर क्षेत्र में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने फरार चल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला शराब बेचने के संदेह में हुई मारपीट से जुड़ा है, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोपियों को डिजिटल ट्रांजेक्शन और लोकेशन के आधार पर दबोचा है।

    पुलिस के अनुसार, 8 मई की रात नीरज प्रजापति अपने साथी सूरज अहिरवार के साथ गढ़ाकोटा से लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में बोलेरो सवार 10 से 12 लोगों ने उनकी गाड़ी रोककर हमला कर दिया। लाठी-डंडों और लात-घूंसों से की गई बेरहमी से पिटाई में नीरज गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि सूरज किसी तरह जान बचाकर भाग निकला। बाद में नीरज का शव बरेठा बाबा घाटी के पास सड़क किनारे मिला, जबकि सूरज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

    घटना को हादसा दिखाने की कोशिश, पुलिस जांच में खुलासा
    आरोपियों ने घटना को सड़क हादसा दिखाने के लिए शव को सड़क किनारे फेंक दिया था। मामले में पहले ही हत्या का केस दर्ज किया गया था, जिसके बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी।

    जांच के दौरान पुलिस ने पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जबकि तीन अन्य फरार चल रहे थे। अब मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भोपाल रोड जैसीनगर तिराहा के पास घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया।

    डिजिटल सबूत और बैंक ट्रांजेक्शन से खुली फरारी की साजि
    गिरफ्तार आरोपी सत्यपाल लोधी ने पूछताछ में खुलासा किया कि घटना में वह और उसके साथी शामिल थे। उसने बताया कि हत्या के बाद सभी फरार हो गए थे और बचने के लिए पैसों का ट्रांजेक्शन किया गया था।

    पुलिस जांच में सामने आया कि फरारी के दौरान शराब कंपनी के खाते से आरोपी ने अपने साथियों के खातों में रकम ट्रांसफर की थी। इसी डिजिटल ट्रेल के आधार पर पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली। इसके अलावा मुख्य आरोपी के मोबाइल फोन से भी अहम डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं, जो पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करते हैं।

    पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया
    तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाने लाया गया, जहां उनसे विस्तृत पूछताछ की गई। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश अभी जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।